लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |
जहां कभी डर था, वहां अब विकास की नई पहचान, पुवर्ती बना सुकमा जिले का पहला पूर्ण जनगणना गांव

जहां कभी डर था, वहां अब विकास की नई पहचान, पुवर्ती बना सुकमा जिले का पहला पूर्ण जनगणना गांव

 00 प्रगणक जवाराम को कलेक्टर ने किया सम्मानित

रायपुर। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला यह गांव अब प्रशासन और जनता के मजबूत विश्वास का प्रतीक बन गया है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड का ग्राम पुवर्ती अब बदलाव और विकास की नई मिसाल बनकर सामने आया है। जनगणना कार्य के प्रथम चरण में पुवर्ती सुकमा जिले का पहला ऐसा गांव बना, जहां सबसे पहले जनगणना कार्य पूरा किया गया। इस उपलब्धि पर कलेक्टर  अमित कुमार ने कलेक्टर कक्ष में प्रगणक एवं सहायक शिक्षक जवाराम पटेल को सम्मानित किया।  पटेल ने मात्र तीन दिनों में गांव का जनगणना कार्य सफलता पूर्वक पूरा कर एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।
जवाराम पटेल ने बताया कि उनके कार्यक्षेत्र में लगभग 950 से अधिक आबादी और 234 मकान शामिल थे। गांव में 2 आंगनबाड़ी केंद्र और 1 स्कूल संचालित है। जनगणना के दौरान स्थानीय गोंडी भाषा समझने में कठिनाई आई, लेकिन उन्होंने इसे चुनौती नहीं बल्कि सेवा का अवसर मानते हुए कार्य जारी रखा। उन्होंने स्थानीय शिक्षकों के सहयोग से गांव की सामाजिक व्यवस्था को समझा और हर परिवार तक पहुंचकर सर्वे कार्य पूरा किया। सीमित संसाधनों और भाषा संबंधी कठिनाइयों के बावजूद उनकी मेहनत और समर्पण से कार्य समय पर पूर्ण हो सका।

कलेक्टर ने कहा कि  जवाराम पटेल का समर्पण, साहस और जिम्मेदारी के प्रति निष्ठा अन्य जनगणना कर्मियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि पुवर्ती में जनगणना कार्य का सफलतापूर्वक पूरा होना इस बात का संकेत है कि अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी शासन की योजनाएं प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं और लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी जगरगुण्डा ग्रामीण  योपेंद्र पात्रे भी उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार में पीतांबर सिंह का सपना हुआ साकार, मिला पक्के मकान की चाबी

सुशासन तिहार में पीतांबर सिंह का सपना हुआ साकार, मिला पक्के मकान की चाबी

  00 प्रधानमंत्री आवास योजना से चार बच्चों के परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 आम नागरिकों के सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी निवासी  पीतांबर सिंह के लिए यह अभियान जीवन की बड़ी सौगात लेकर आया। जनसमस्या निवारण शिविर में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के मकान की चाबी सौंपी गई।

चाबी प्राप्त करते ही भावुक हुए पीतांबर सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका अपना पक्का मकान होगा। अब उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल गया है, जिससे उनके बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
कच्चे मकान की परेशानी से मिली राहत
 पीतांबर सिंह ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहा था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, जिससे रहने में काफी कठिनाई होती थी। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें दो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पक्का मकान बनने से अब बच्चों की पढ़ाई और परिवार के जीवनयापन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी
उन्होंने कहा कि सीमित आय के कारण स्वयं पक्का मकान बनाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनका वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। सुशासन तिहार के दौरान मकान की चाबी मिलने से उनकी खुशी और बढ़ गई।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
 पीतांबर सिंह ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से गरीब परिवारों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल पर आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को गांव में ही योजनाओं का लाभ मिल रहा है। पीतांबर सिंह जैसे हजारों परिवारों के चेहरे पर आई मुस्कान राज्य सरकार के अंत्योदय और सुशासन के संकल्प को साकार कर रही है।

कल घरजियाबथान और कुसुमताल में आयोजित होंगे जनसमस्या निवारण शिविर

कल घरजियाबथान और कुसुमताल में आयोजित होंगे जनसमस्या निवारण शिविर

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन निरंतर जारी है। इस अभियान के माध्यम से शासन और प्रशासन ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और मांगों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहा है।

इसी क्रम में 20 मई 2026 को जशपुर जिले के पत्थलगांव जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम घरजियाबथान तथा कांसाबेल जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम कुसुमताल में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आसपास के ग्रामीण अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। घरजियाबथान शिविर में खरकट्टा, खारढोढ़ी, घरजियाबथान, चंदागढ़, चंदरपुर, डुमरबहार, तमता, तिरसोंठ, सुरजगढ़, शेखरपुर, रघुनाथपुर, बिलडेगी, बटुराबहार, बनगांव-बी, बालाझर, कुड़केलखजरी एवं पंडरीपानी के ग्रामीण शामिल होंगे।

इसी प्रकार कुसुमताल शिविर में नकबार, बटईकेला, साजापानी, चिडोरा, कुसुमताल, खुटेरा, खारपानी, सागीभावना, कोडलिया, डांडपानी, सिहारबुड़, लमडांड, पोंगरो एवं कांसाबेल के ग्रामीण अपनी मांगों और समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्र मामलों का मौके पर निराकरण किया जाएगा तथा शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में समाधान हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा।

कलेक्टर  रोहित व्यास ने सभी विभागीय अधिकारियों को शिविरों के सुचारू संचालन और प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत करें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को नहीं मिली राहत: हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को नहीं मिली राहत: हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

 बलौदा बाजार: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। छ्त्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। बलौदा बाजार आगजनी कांड में गिरफ्तार होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला ?

बता दें कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को बलौदा बाजार कोतवाली पुलिस ने बलौदा बाजार आगजनी कांड में संलिप्तता पाये जाने के बाद अलग-अलग मामलों में विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अमित बघेल ने जमानत याचिका लगाई थी। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब हाईकोर्ट से भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।

कब, क्यों और कैसे हुआ बलौदा बाजार अग्नीकांड ?

15 और 16 मई 2024 की दरमियानी रात कुछ असामाजिक तत्वों ने गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के धार्मिक स्थल के पूज्य जैतखाम में तोड़फोड़ की थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की इस कार्रवाई से समाज के लोग असंतुष्ट थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे, जिसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की। वहीं 10 जून को जैतखाम में तोड़फोड़ के विरोध में हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए और जमकर हंगामा किया। जहां प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद उपद्रवियों ने तांडव मचाते हुए कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसक घटना में सरकारी संपत्तियों को 12.53 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचा था। मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 43 मामलों में 187 लोगों को गिरफ्तार किया था।

CG – तेज रफ्तार का कहर, अलग-अलग सड़क हादसों ने 4 लोगों की ली जान

CG – तेज रफ्तार का कहर, अलग-अलग सड़क हादसों ने 4 लोगों की ली जान

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों में चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गयी। वहीं तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पहली घटना बालको थाना क्षेत्र में हुई, जहां पिकनिक से लौट रहे युवकों से भरी ऑटो पलट गई। दूसरी घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र की है, जहां बाइक सवार दो युवकों को अज्ञात वाहन ने चपेट में लेकर टक्कर मार दी।

जानकारी के मुताबिक पहली घटना बालको थाना क्षेत्र के ग्राम अजगरबहार के पास घटित हुई। बताया जा रहा है कि 10 युवक झोराघाट से पिकनिक मनाकर एक ऑटो में वापस लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान सोनू यादव और सत्यम यादव के रूप में हुई है। दुर्घटना में कई अन्य युवक घायल हुए, जिन्हें स्थानीय लोगों और साथियों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्च्युरी में भेज दिया है। दूसरी घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के जवाली-चाकाबुड़ा मार्ग की है। यहां अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। इस हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान प्रकाश और बबलू के रूप में हुई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

CG – चाकूबाजी से दहला राजधानी का ये इलाका! इस वजह से बदमाशों ने उतारा मौत के घाट…..

CG – चाकूबाजी से दहला राजधानी का ये इलाका! इस वजह से बदमाशों ने उतारा मौत के घाट…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में आए दिन चाकूबाजी की घटनाएं सामने आते रहती है, जिसमें कई मामले में घायलों की मौत हो जाती, इसी बीच रायपुर में फिर खूनी वारदात को अंजाम दिया गया है, यहां आमासिवनी बस्ती में एक युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई।

जानकारी के मुताबिक, पैसे की लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद तीन बदमाशों ने मिलकर युवक सुकृत खांडे की बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए राकेश गुप्ता उर्फ पानी, देवदास उर्फ हड्डी, विनोद उर्फ विक्की और एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

CG Train Cancelled : भीषण गर्मी में रेल यात्रियों को बड़ा झटका, बिलासपुर-गेवरा और कोरबा मेमू ट्रेन इतने दिनों तक रहेगी रद्द…..

CG Train Cancelled : भीषण गर्मी में रेल यात्रियों को बड़ा झटका, बिलासपुर-गेवरा और कोरबा मेमू ट्रेन इतने दिनों तक रहेगी रद्द…..

 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में 21 से 24 मई तक बिलासपुर-गेवरा और बिलासपुर-कोरबा मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया है। चांपा-गेवरारोड सेक्शन के मड़वारानी स्टेशन पर नॉन-इंटरलाकिंग कार्य होना है,इसके चलते ट्रेन को रद्द करने का निर्णय लिया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, मड़वारानी स्टेशन पर अधोसंरचना विकास के तहत अप और डाउन अतिरिक्त लूप लाइन की कमीशनिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलाकिंग कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के दौरान ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित होगा।

ये ट्रेनें रद्द रहेंगी

21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से सेवानिवृत्त शिक्षक की मौत, रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा

दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से सेवानिवृत्त शिक्षक की मौत, रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा

 भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में आज तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां ट्रेन की चपेट में आने से एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र की है।

कब और कैसे हुई घटना ?

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान हीरामणि साहू (80) के रूप में हुई है, जो कि सेवानिवृत्त शिक्षक थे। आज सुबह 5 बजे के आसपास हीरामणि रेलवे पटरी पार कर रहे थे, तभी वो भानुप्रतापपुर से रायपुर जा रही ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि गंभीर चोटें आने के कारण हीरामणि साहू की मौके पर ही मौत हो गई।

मातम में बदली शादी की खुशियां

बताया जा रहा है कि मृतक शिक्षक के परिवार में हाल ही में एक विवाह संपन्न हुआ था। घर में अभी शादी की बधाइयों और खुशियों का माहौल था, लेकिन सुबह-सुबह आई इस खबर ने शादी के जश्न को पल भर में गहरे मातम में बदल दिया।

मर्ग कायम कर जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही भानुप्रतापपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया है और पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है।

UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे बस्तर: CM साय ने किया स्वागत,मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में होंगे शामिल 

UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे बस्तर: CM साय ने किया स्वागत,मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में होंगे शामिल 

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया।

बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

CG : डंडे से पीट-पीटकर बेटे ने की मां की हत्या, बेटी पर भी किया हमला, आरोपी गिरफ्तार

CG : डंडे से पीट-पीटकर बेटे ने की मां की हत्या, बेटी पर भी किया हमला, आरोपी गिरफ्तार

 रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चिकटवानी मुडाडीपा में 70 वर्षीय मेरीना लकड़ा की घर में सिर पर गंभीर चोटें आने से हुई दर्दनाक हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी बेटे संदीप लकड़ा को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर मामला सुलझा लिया।

जानकारी के अनुसार मृतिका के सिर, माथा और कान के पास चोटों के निशान मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना स्थल से गंभीर हालत में मिली 10 वर्षीय नातिन अगोस्टिना लकड़ा को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपी बेटे संदीप ने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि वह नशे में था। घर में कहासुनी और विवाद के बाद वह घर में रखी लकड़ी के डंडे से अपनी मां पर ताबड़तोड़ वार करने लगा। बीच-बचाव करने आई बेटी अगोस्टिना पर भी उसने हमला किया, जिससे वह घायल होकर दूसरे घर में भागकर जान बचा सकी।

आरोपी ने बताया कि 11 मई को परिवार के साथ मेडिकल कॉलेज रायगढ़ गए थे और 14 मई को वापसी पर विवाद हुआ था। पुलिस ने आरोपी के बयान के आधार पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा जप्त कर लिया है। धरमजयगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर संदेह के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि घरेलू हिंसा और हत्या जैसे अपराधों पर जिला पुलिस की शून्य सहनशीलता नीति जारी रहेगी। मामले की आगे की विवेचना और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
कार की सीट के नीचे छिपा था 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 का सोना, 3 गुजराती गिरफ्तार

कार की सीट के नीचे छिपा था 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 का सोना, 3 गुजराती गिरफ्तार

 महासमुंद। सीमावर्ती क्षेत्रों से हो रहे अवैध परिवहन पर रोक लगाने चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान सिंघोड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वोक्सवैगन कार से 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये के सोने के आभूषण के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो गुजरात के अलग-अलग जिलों के रहने वाले है।

पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देश पर एनएच-353 स्थित रेहटीखोल नाका में 17 मई 2026 को वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही वोक्सवैगन वरटस कार क्रमांक जीजे 03 एनपी 4230 को रोककर जांच की गई। कार में सवार तीन व्यक्तियों ने अपना नाम जयेश अकबरी (32 वर्ष), सुनीत कारेना (22 वर्ष) एवं रूशी अग्रावत (26 वर्ष), निवासी राजकोट (गुजरात) बताया। पूछताछ के दौरान कार की पिछली सीट में बनाए गए चेंबर में दो पीठू बैग में सोने के आभूषण परिवहन करना स्वीकार किया। तलाशी लेने पर छह प्लास्टिक बॉक्स में विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषण बरामद हुए, जिनका कुल वजन 7512.488 ग्राम पाया गया।

बरामद सोने की अनुमानित कीमत 9 करोड़ 17 लाख 84 हजार 220 रुपये बताई गई है। पुलिस ने परिवहन में प्रयुक्त वोक्सवैगन कार,जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है, को भी जब्त कर लिया। इस प्रकार कुल जब्ती की कीमत 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये रही। कार में बैठे व्यक्तियों को सोने के आभूषणों के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु धारा 94 बीएनएस के तहत नोटिस दिया गया, लेकिन वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने धारा 106 बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्त कर ली। मामले की अग्रिम जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए आयकर विभाग और राजस्व सूचना निदेशालय, छत्तीसगढ़ को सूचित कर प्रकरण अग्रेषित किया गया है।

 

 

 

बंदूक छोड़ थामा ट्रैक्टर का स्टीयरिंग: नारायणपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों की नई शुरुआत

बंदूक छोड़ थामा ट्रैक्टर का स्टीयरिंग: नारायणपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों की नई शुरुआत

 00 साइकिल न छूने वाले अब सीख रहे ट्रैक्टर चलाना और मरम्मत
00 लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़े 40 पुनर्वासित
नारायणपुर।
जिले का लाइवलीहुड कॉलेज (पुनर्वास केंद्र) आज उन हाथों को नई जिंदगी दे रहा है, जो कभी भटककर बंदूक थाम चुके थे। जिला प्रशासन की अनूठी पहल से आत्मसमर्पित नक्सली अब न केवल समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं, बल्कि सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
​वोटर आईडी कार्ड से मिली 'नई पहचान'
पुनर्वासित लोगों को शासकीय सेवाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में ​8 पुनर्वासित लोगों को नए वोटर आईडी कार्ड बनाकर वितरित किए गए हैं। इसी तरह ​25 लोगों का ऑनलाइन पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) पूरा किया जा चुका है। लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने ​40 लोगों से फॉर्म-6 भरवाए गए हैं।​
कभी साइकिल नहीं चलाई, अब चलाना है ट्रैक्टर
​हाल ही में कलेक्टर ने पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां रह रहे 40 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उनके सामने एक विशेष इच्छा जाहिर की। वे ट्रैक्टर चलाना सीखने के साथ-साथ उसकी मरम्मत और रखरखाव (मेन्टेनेंस) का प्रशिक्षण पाना चाहते थे। यह मांग इसलिए भी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि इनमें से कई लोग ऐसे थे जिन्होंने जीवन में कभी साइकिल तक नहीं चलाई थी। ​कलेक्टर ने इस मांग की संवेदनशीलता और उनके उत्साह को भांपते हुए बिना किसी देरी के तत्काल कार्रवाई की। नतीजतन, सोमवार से ही लाइवलीहुड कॉलेज में ट्रैक्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई।
​बदलाव की नई इबारत
अब ये सभी पुनर्वासित लोग नियमित रूप से ट्रैक्टर चलाने की बारीकियां सीख रहे हैं। प्रशिक्षण में उन्हें ड्राइविंग के साथ-साथ ट्रैक्टर की तकनीकी जानकारी और रिपेयरिंग के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। ​यह प्रशिक्षण केवल एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम नहीं है, बल्कि इन परिवारों के लिए आजीविका का एक मजबूत जरिया बनने जा रहा है।
खौफ के साए से उम्मीद की धूप तक
आज नारायणपुर के इस पुनर्वास केंद्र में रहने वालों के चेहरों पर अतीत की अस्थिरता और डर की जगह भविष्य के प्रति आत्मविश्वास और संतोष साफ देखा जा सकता है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर ये लोग अब एक सामान्य नागरिक की तरह देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं। नारायणपुर का यह केंद्र अब महज एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि परिवर्तन, विश्वास और एक नई शुरुआत का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है।

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ 140 पुलिसकर्मियों के तबादले

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ 140 पुलिसकर्मियों के तबादले

 बेमेतरा :- छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग के भीतर लगातार प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच बेमेतरा जिले में एक साथ 140 पुलिसकर्मियों के तबादले ने पूरे महकमे का ध्यान खींच लिया है। DIG रामकृष्ण साहू के निर्देश पर जारी इस बड़े ट्रांसफर आदेश में सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर तक के कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। लंबे समय बाद हुए इस बड़े फेरबदल को पुलिस व्यवस्था मजबूत करने और फील्ड लेवल पर कामकाज में तेजी लाने की कोशिश माना जा रहा है।

बेमेतरा जिले में वर्षों बाद बड़ा ट्रांसफर आदेश

बेमेतरा पुलिस विभाग में जारी तबादला सूची को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है। आदेश के तहत जिले के अलग-अलग थानों और शाखाओं में तैनात 140 कर्मचारियों की नई पदस्थापना की गई है। पुलिस विभाग का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक संतुलन और बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। सूची जारी होने के बाद पुलिस महकमे में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा।

ASI से लेकर आरक्षक तक बदले गए

जारी आदेश में कई रैंक के कर्मचारी शामिल हैं। इनमें सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर तक के पुलिसकर्मी शामिल बताए गए हैं। ट्रांसफर सूची में कर्मचारियों के नाम, वर्तमान पदस्थापना और नई तैनाती का पूरा विवरण जारी किया गया है। कई कर्मचारियों को लंबे समय बाद नए थानों और शाखाओं में भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ संवेदनशील इलाकों में पुलिसिंग मजबूत करने के लिए भी यह बदलाव किए गए हैं।

जांजगीर-चांपा में भी पुलिस महकमे में हलचल

बेमेतरा के साथ-साथ जांजगीर-चांपा जिले में भी पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने कई थाना प्रभारियों और अन्य पुलिसकर्मियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि इसका मकसद फील्ड मैनेजमेंट को बेहतर करना और कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण मजबूत करना है। इस फैसले के बाद जिले के कई थानों में नई जिम्मेदारियां तय हो गई हैं।

कई थाना प्रभारियों को नई जिम्मेदारी

आदेश के मुताबिक निरीक्षक कमलेश कुमार शेण्डे को थाना नवागढ़ से हटाकर रक्षित केंद्र जांजगीर भेजा गया है। वहीं, यातायात शाखा में पदस्थ निरीक्षक मणीकांत पांडेय को नवागढ़ थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा सहायक उपनिरीक्षक सियाराम यादव को नवागढ़ से स्थानांतरित कर बम्हनीडीह भेजा गया है। पुलिस विभाग का मानना है कि नए पदस्थापन से स्थानीय स्तर पर कामकाज और निगरानी व्यवस्था में सुधार होगा।

CG POLICE TRANSFER : 2 थाना प्रभारियों समेत 3 पुलिसकर्मियों के तबादले...देखें लिस्ट...!!

CG POLICE TRANSFER : 2 थाना प्रभारियों समेत 3 पुलिसकर्मियों के तबादले...देखें लिस्ट...!!

 जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस विभाग में फेरबदल हुआ है, एसपी विजय पांडेय ने तबादला आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, निरीक्षक कमलेश कुमार शेण्डे थाना प्रभारी नवागढ़ को रक्षित केन्द्र जांजगीर भेजा गया है। निरीक्षक मणीकांत पाण्डेय यातायात शाखा को थाना प्रभारी नवागढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सउनि सियाराम यादव को थाना नवागढ़ से थाना बम्हनीडीह भेजा गया है।

वहीं जिले में अवैध रेत उत्खन्न एवं परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही एवं अंकुश लगाने की दृष्टि से “Illegal Mining Task Force” का गठन किया गया है, जिसके पर्यवेक्षण अधिकारी उमेश कुमार कश्यप अति. पुलिस अधीक्षक जिला जांजगीर-चांपा को बनाए गए हैं। टास्क फोर्स का मुख्यालय जांजगीर रहेगा, जिसमें रिस्पॉस टीम में कई अधिकारी-कर्मचारी हैं। इसका भी आदेश एसपी ने जारी किया है।

 

छत्तीसगढ़ व्यापम की पी.पी.एच.टी. एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परिक्षा 21 मई को

छत्तीसगढ़ व्यापम की पी.पी.एच.टी. एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परिक्षा 21 मई को

 रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा पी.पी.एच.टी. (PPHT-26) एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग (PBN-26) की परीक्षा का आयोजन 21 मई 2026, गुरूवार को किया जाएगा।

यह परीक्षाएं जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी। पी.पी.एच.टी. की परिक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 01ः15 बजे तक एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परीक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 12ः15 बजे तक तक संचालित होगी। इसमें कुल 1 हजार 954 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 21 मई 2026 को प्रातः 7ः30 बजे जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से किया जाएगा।
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर रायपुर श्री उपेन्द्र किण्डो को नोडल अधिकारी तथा रोजगार अधिकारी, विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
IPL सट्टे का बड़ा खेल उजागर! 5 करोड़ ट्रांजेक्शन, 13 आरोपी गिरफ्तार

IPL सट्टे का बड़ा खेल उजागर! 5 करोड़ ट्रांजेक्शन, 13 आरोपी गिरफ्तार

 दुर्ग । दुर्ग जिले में पुलिस ने आईपीएल मैचों के दौरान चल रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य आरोपी कुणाल वर्मा शामिल है जो कभी सब्जी बेचता था लेकिन अब ‘सेट स्पोर्ट बुक’ और ‘लोटस एप’ के जरिए करोड़ों के सट्टा कारोबार का मास्टरमाइंड बन चुका था। पुलिस को समन्वय पोर्टल से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए पहले चरोदा निवासी जावेद अख्तर और आभास जायसवाल को पकड़ा गया, जिनकी निशानदेही पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आया कि गिरोह स्लम एरिया के लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके पासबुक, एटीएम, सिम कार्ड और चेकबुक खरीदता था, जिन्हें बाद में सट्टे में इस्तेमाल किया जाता था और एक पासबुक के बदले करीब 25 हजार रुपये दिए जाते थे। पुलिस को म्युल खातों के जरिए करीब 5 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है।
 
पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क की जड़ें हैदराबाद तक फैली हुई हैं, जहां अल्फापुरम और शमशाबाद में बैठकर ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 2.57 लाख रुपये नकद, 9 लैपटॉप, 46 मोबाइल, 23 पासबुक, 146 एटीएम कार्ड और 20 सिम कार्ड बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क के बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन की जांच में जुटी है।
जनगणना 2027 में तहसील खडग़वां की बड़ी उपलब्धि 44 ग्रामों में 17 दिनों में 100 प्रतिशत एचएलबी कार्य पूर्ण

जनगणना 2027 में तहसील खडग़वां की बड़ी उपलब्धि 44 ग्रामों में 17 दिनों में 100 प्रतिशत एचएलबी कार्य पूर्ण

 00 प्रशासनिक दक्षता, मजबूत समन्वय और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बना खडग़वां

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। जनगणना 2027 के अंतर्गत तहसील खडग़वां, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने प्रशासनिक प्रतिबद्धता और टीमवर्क का शानदार उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हाउस लिस्टिंग एवं भवन गणना (एचएलबी) कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया है। तहसील अंतर्गत 44 ग्रामों में यह महत्वपूर्ण कार्य मात्र 17 दिनों में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया, जो क्षेत्रीय प्रशासन की दक्षता, समर्पण और योजनाबद्ध कार्य प्रणाली को दर्शाता है। यह उपलब्धि केवल एक सांख्यिकीय सफलता नहीं, बल्कि शासन की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन, मैदानी अमले और ग्रामीण नागरिकों की प्रभावी साझेदारी का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।

86 प्रगणक और 15 पर्यवेक्षकों की मेहनत लाई रंग
एचएलबी चरण को सफल बनाने में कुल 86 प्रगणकों एवं 15 पर्यवेक्षकों ने जिम्मेदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य किया। कठिन मैदानी परिस्थितियों के बावजूद टीम ने गांव-गांव पहुंचकर भवनों और परिवारों का सुव्यवस्थित सर्वेक्षण किया। इस दौरान ग्रामीण नागरिकों ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया, जिससे कार्य निर्धारित समय में बिना किसी बाधा के पूरा हो सका।
वरिष्ठ अधिकारियों की सतत निगरानी रही सफलता की कुंजी
इस महत्वपूर्ण अभियान की प्रगति पर अपर कलेक्टर अनिल सिदार एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विजेंद्र सिंह सारथी द्वारा लगातार निगरानी रखी गई। समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश, समीक्षा और मार्गदर्शन के माध्यम से कार्य की गुणवत्ता एवं गति सुनिश्चित की गई। वहीं फील्ड स्तर पर जगदीश सिंह एवं राकेश सिंह द्वारा प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप भ्स्ठ चरण समयबद्ध, व्यवस्थित और त्रुटिरहित रूप से पूर्ण किया जा सका।
जिला प्रशासन की सक्रियता से बिना बाधा पूरा हुआ कार्य
जिला प्रशासन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग, समन्वय और समस्या समाधान की प्रभावी व्यवस्था के चलते जनगणना का यह चरण बिना किसी प्रशासनिक या तकनीकी व्यवधान के पूरा किया गया। अधिकारियों ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई देते हुए आगामी चरणों में भी इसी प्रतिबद्धता, सटीकता और जनसहभागिता के साथ कार्य जारी रखने की अपेक्षा जताई है।
विकास योजनाओं की मजबूत नींव है जनगणना
जनगणना 2027 देश की भावी नीतियों, विकास योजनाओं, संसाधन वितरण और सामाजिक-आर्थिक रणनीतियों के निर्माण का आधार है। ऐसे में तहसील खडग़वां द्वारा एचएलबी चरण में प्राप्त यह सफलता न केवल जिले बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। तहसील खडग़वां की यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति, प्रशिक्षित टीम और जनसहयोग एक साथ आते हैं, तो राष्ट्रीय महत्व के लक्ष्य भी समयसीमा में उत्कृष्टता के साथ प्राप्त किए जा सकते हैं। यह सफलता आने वाले जनगणना चरणों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित होगी।

छत्तीसगढ़ में लोक सेवा केन्द्र बने सेवा-सेतु केन्द्र, अब 442 डिजिटल सेवाएं एक ही छत के नीचे

छत्तीसगढ़ में लोक सेवा केन्द्र बने सेवा-सेतु केन्द्र, अब 442 डिजिटल सेवाएं एक ही छत के नीचे

 रायपुर। राज्य शासन ने नागरिकों को डिजिटल सेवाएं देने की व्यवस्था को बड़ा विस्तार देते हुए प्रदेश में संचालित सभी लोक सेवा केन्द्रों को उन्नत कर सेवा-सेतु केन्द्र के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के साथ अब नागरिकों को 73 की जगह 442 प्रकार की डिजिटल नागरिक सेवाएं एकीकृत मंच पर उपलब्ध होंगी।
73 से 442 तक पहुंचा सेवा विस्तार
पहले लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से प्रमाण पत्र, पंजीयन, आवेदन और शासकीय योजनाओं से जुड़ी 73 सेवाएं दी जाती थीं। उन्नयन के बाद सेवा-सेतु केन्द्रों पर यह संख्या बढ़कर 442 हो गई है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही मंच पर त्वरित और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी।
पूरे प्रदेश में एक समान पहचान और ब्रांडिंग
राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी सेवा-सेतु केन्द्रों की पहचान एक समान हो। इसके तहत हर केन्द्र के मुख्य द्वार पर नया बोर्ड और नाम पट्टिका लगाई जाएगी। सभी प्रचार सामग्री, पोर्टल और पावती पर अब लोक सेवा केन्द्र के स्थान पर श्सेवा-सेतु केन्द्रश् शब्द और निर्धारित लोगो का उपयोग अनिवार्य होगा।
सेवा प्रदाताओं को मिला सेवा-सेतु प्रबंधक का पदनाम
पोर्टल संचालन के लिए अधिकृत सेवा प्रदाताओं को अब सेवा-सेतु प्रबंधक कहा जाएगा। इससे नई व्यवस्था को संस्थागत पहचान और स्पष्टता मिलेगी।
15 दिन में मांगी गई कार्यवाही रिपोर्ट
सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि 15 दिवस के भीतर केन्द्रों के परिवर्तित स्वरूप, बोर्ड, नाम पट्टिका और अन्य सुधारों की कार्यवाही पूरी कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट भेजी जाए। जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी को स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और वेबसाइटों पर सूचना प्रसारित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
डिजिटल सुशासन को मिलेगा नया बल
राज्य शासन का मानना है कि यह कदम प्रदेश में ई-गवर्नेंस को नई ऊंचाई देगा। सेवा-सेतु केन्द्र न केवल नाम परिवर्तन हैं, बल्कि नागरिक सेवाओं के विस्तार, तकनीकी सशक्तिकरण और सुशासन की नई कार्य संस्कृति की शुरुआत हैं। इससे डिजिटल इंडिया की अवधारणा जमीनी स्तर पर और मजबूत होगी।

घबराने की जरूरत नहीं: छत्तीसगढ़ में 3.29 करोड़ लीटर पेट्रोल तथा 7.76 करोड़ लीटर डीजल उपलब्ध

घबराने की जरूरत नहीं: छत्तीसगढ़ में 3.29 करोड़ लीटर पेट्रोल तथा 7.76 करोड़ लीटर डीजल उपलब्ध

 00 बढ़ी मांग के बीच सरकार अलर्ट, प्रदेशभर में हो रही पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताते हुए कहा है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य में वर्तमान में 3 करोड़ 28 लाख 68 हजार लीटर पेट्रोल तथा 7 करोड़ 75 लाख 71 हजार लीटर डीजल उपलब्ध है। खाद्य विभाग के संचालक आज सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन पेट्रोल पंपों तक जहां स्टॉक की कमी की स्थिति बन रही हो वहां प्राथमिकता में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों या भ्रम से प्रभावित होकर पैनिक बाइंग अथवा अनावश्यक भंडारण न करें। सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि उपभोक्ताओं को आवश्यकता अनुसार सुगमता से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हो सके।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हैं। बीते 13 और 14 मई को अचानक मांग बढ़ने के कारण पेट्रोल की खरीद में 43 प्रतिशत तथा डीजल की खरीद में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कृषि कार्यों के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की मांग भी लगातार बढ़ रही है।

अधिकारियों ने बताया कि बढ़ी हुई मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिरहसौद (रायपुर) तथा गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से लगातार जिलों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जा रही है। स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए रविवार अवकाश के दिन भी डिपो संचालित किए गए और लगभग 370 टैंकरों के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति विभिन्न जिलों तक पहुंचाई गई। अधिकारियों ने बताया कि ऑयल कंपनियों के सभी डिपो से प्रतिदिन दो शिफ्टों में मांग के अनुरूप ईंधन भेजा जा रहा है।

सुशासन तिहार बस्तर मुन्ने शिविर में गर्भवती महिलाओें का गोदभराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार: मंत्री लखन लाल देवागंन….

सुशासन तिहार बस्तर मुन्ने शिविर में गर्भवती महिलाओें का गोदभराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार: मंत्री लखन लाल देवागंन….

 रायपुर: विकास खण्ड केशकाल ग्राम पंचायत आडे़ंगा में सुशासन शिविर स्थापित करने एवं आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने हेतु चलाए जा रहे सुशासन तिहार के अन्तर्गत 15 मई 2026 को ग्राम पंचायत आड़ेंगा में वृहद जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री  लखन लाल देवागंन मुख्य अतिथि के रूप सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में सांसद  भोजराज नाग, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, कलेक्टर  नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीमाल, जनपद अध्यक्ष  नंदनी पोटाई उपस्थित थे। मुख्य अतिथि द्वारा जल संसाधन विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, राजस्व विभाग, समाज कल्याण विभाग, उद्यानिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित सभी विभागों द्वारा लगाये गये स्टॉलों का गहन निरीक्षण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पहूंचकर टोकरीयों में रखें सुपोषण आहारों के बारे में जानकारी लेते हुए गर्भवती महिलाओें का गोदभराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन्न किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेनू प्रकाश, महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा विभाग में संचालित महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृध्दि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना एवं अन्य सभी योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।

जिला महिला सशक्तिकरण टीम द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के अन्तर्गत जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार हेतु बैनर पोस्टर चस्पा कर महिलाओं एवं बालिकाओं के वैधानिक/संवैधानिक अधिकारों के प्रति प्रतिद्धिता, उनके समानता के अधिकार को स्थापित करने, महिलाओं एवं बालिकाओें के खिलाफ होने वाले हिंसा का विरोध तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने तथा महिला संरक्षण एवं सशक्तिकरण, बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, लैंगिक समानता पर जागरूकता फैलाना, समाज में महिलाओं की भागीदारी एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करना। बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत जिले में किशोरी बालिकाओं की सुरक्षा करना, भु्रणहत्या, कन्या शिशु हत्या जैसे अमानवीय कृत्यों के प्रति जागरूक करना, बालक-बालिका के शिक्षा का बढ़ावा देना, लैंगिक पूर्वाग्रह के खिलाफ जागरूकता फैलाना, लड़कियों के लिए कल्याणकारी सेवाओं को बेहतर बनाना, शिशु लिंगानुपात में कमी को रोकना, महिलाओं के सशक्तिकरण मुद्दो के प्रति जागरूक करना, महतारी स्वच्छता प्रबंधन के प्रति जागरूकता पोषण के महत्व एवं सही पोषण की जानकारी देते हुए एनीमिया से कैसे बचाव किया जा सकता है इसकी भी जानकारी दी गयी। ग्राम पंचायत में महिलाओं एवं किशोरियांे को महिलाओं एवं बच्चो से संबन्धित कानूनी अधिकारो से जागरूक करने हेतु भारतीय न्याय सहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता कार्य स्थल पर यौन प्रतिषेध नियम, टोन्ही प्रताड़ना अधिनियम, लैंगिक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम, चाइल्ड हेल्प लाईन नंबर 1098, महिला हेल्प लाईन नंबर 181, एम्बुलेंस सेवा 108, स्वास्थ्य सेवा 102 के बारे में जानकारी देने के साथ ही बालिकाओं को शिक्षा, पोषण, चिकित्सा देखभाल, भेदभाव, हिंसा एवं बाल विवाह से सुरक्षा में आने वाली असमानताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु शिविर में उपस्थित ग्रामीणजनों को योजनाओं से संबंधित ब्रोसर वितरण किया गया।

शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग से जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेनू प्रकाश,ज्ञाना मण्डावी प्रभारी परियोजना अधिकारी केशकाल, सेक्टर सुपरवाईजर,  रीना सिंह ठाकुर जिला मिशन समन्वयक, जेण्डर विशेषज्ञ माधुरी उसेण्डी, आ.बा.कार्यकर्ताएं, अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज रायपुर इकाई की बैठक संपन्न

छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज रायपुर इकाई की बैठक संपन्न

अग्रवाल समाज के अपमान पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति  गिरीश चंदेल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव हुआ पारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज की आज एक आवश्यक बैठक पुरानी बस्ती स्थित  अग्रवाल भवन में आयोजित की गई।  जिसमें छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंदेल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया । 
छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल ने बताया कि  अभी कुछ दिन पहले कृषि विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था जिसमें दाऊ अग्रवाल समाज की अपेक्षा कृषि विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंदेल द्वारा की गई, ज्ञात हो दाऊ कल्याण सिंह जी द्वारा कृषि विश्वविद्यालय को लगभग 1800 एकड़ जमीन दी गई थी। उनके दान से ही कृषि विश्वविद्यालय को उसका दर्जा प्राप्त हुआ है। जहां छत्तीसगढ़ के किसानों के विकास के नित्य नए प्रयोग होते हैं। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के महान दानदाता दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल के वंशजों की कृषि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर चंदेल द्वारा उपेक्षा करना उचित प्रतीत नहीं होता है। पूर्व में भी उनके द्वारा ऐसा किया गया था जिस पर समाज ने उन्हें वस्तु स्थिति अवगत कराई थी और उनके द्वारा आश्वासन दिया गया था कि भविष्य में इस तरह की की गलती नहीं होगी लेकिन इस वर्ष हुए दीक्षांत समारोह में पुनः समाज को आमंत्रित ना कर उन्होंने पूरे दाऊ अग्रवाल समाज का अपमान किया। इसे पूरा समाज आक्रोशित है। केंद्रीय अध्यक्ष भवन राघव अग्रवाल ने कहा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिलों की इकाइयों में कुलपति चंदेल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया जाएगा।
  छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने स्पष्ट कहा है कि 7 दिनों के अंदर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर चंदेल जी समाज से  सार्वजनिक माफी मांग ले।अन्यथा समाज द्वारा मुख्यमंत्री,  राज्यपाल, कृषि मंत्री समेत सभी स्थानों पर प्रोफेसर गिरीश चंदेल जी के खिलाफ शिकायत किया जाएगा। 
 

 उपरोक्त बैठक में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल रायपुर इकाई अध्यक्ष अमित अग्रवाल केंद्रीय सचिव डॉक्टर जेपी अग्रवाल केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अजय दानी केंद्रीय उपाध्यक्ष श्याम अग्रवाल रायपुर इकाई संरक्षक उमेश अग्रवाल श्री सी के अग्रवाल प्रकाश अग्रवाल रायपुर इकाई सचिव शिशिर अग्रवाल कोषाध्यक्ष नीरज अग्रवाल रायपुर इकाई प्रभारी एवं केंद्रीय कोषाध्यक्ष  अजय अग्रवाल , महिला मंडल अध्यक्ष मिथिला अग्रवाल, अग्रशक्ति सचिव सुषमा अग्रवाल समेत अनेक गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।
मोदी की गारंटी से बदल रहा छत्तीसगढ़, हर वादा तेजी से हो रहा पूरा- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

मोदी की गारंटी से बदल रहा छत्तीसगढ़, हर वादा तेजी से हो रहा पूरा- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

 रायपुर : सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  रायगढ़ शहर में विकसित ‘सिंदूर पार्क’ का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि रायगढ़वासियों के लिए स्वच्छ वातावरण, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने इसे शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए रायगढ़वासियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंदूर पार्क रायगढ़वासियों के लिए एक सुंदर और आधुनिक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यहां बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि कभी अव्यवस्थित रहने वाला यह क्षेत्र अब शहर का आकर्षण बन गया है। पार्क में चौपाटी, मनोरंजन क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था, सामाजिक गतिविधियों के लिए स्थान और हरियाली विकसित की गई है, जिससे लोगों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर सार्वजनिक सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के लिए वित्त मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्री ओ.पी.चौधरी की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए लगातार नए कार्य किए जा रहे हैं और सिंदूर पार्क उसी सोच का परिणाम है। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड और संबंधित अधिकारियों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि लगभग 4 एकड़ 30 डिसमिल क्षेत्र में विकसित यह पार्क शहर के सौंदर्य और नागरिक सुविधाओं को नई पहचान देगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार जनता से किए गए हर वादे को तेजी से पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में किए गए वादों को “मोदी की गारंटी” के रूप में जनता के सामने रखा गया था और सरकार उन सभी गारंटियों को प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि “मोदी की गारंटी मतलब गारंटी पूरा होने की गारंटी” और सरकार बिना किसी देरी के योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इसके तहत सरकार गांव-गांव पहुंचकर आम जनता की समस्याएं सुन रही है और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रही है।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि गांवों में चौपाल लगाकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति और विकास की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी आतंक और भय के कारण विकास से वंचित था, वहां अब तेजी से बदलाव दिखाई दे रहा है।

 

वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि रायगढ़ शहर में जहां-जहां बेहतर विकास कार्य किए जा सकते हैं, वहां सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और आशीर्वाद में रायगढ़ के विकास कार्य रॉकेट की गति से” आगे बढ़ रहे हैं। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जिस स्थान पर आज सिंदूर पार्क बना है, वहां पहले गंदगी, अव्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों की स्थिति बनी रहती थी। इतवारी बाजार क्षेत्र में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था और आसपास रहने वाले नागरिक लंबे समय से यहां बेहतर विकास की मांग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि लगभग 9 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से इस परियोजना को विकसित किया गया, जिसके माध्यम से पूरे क्षेत्र को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप दिया गया है। पार्क में प्रवेश के साथ ही विशाल पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है ताकि लोगों को वाहनों की पार्किंग में परेशानी न हो।

इसके साथ ही आसपास की सड़कों का चौड़ीकरण भी किया गया है ताकि मोहल्लेवासियों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि यहां एक आधुनिक फूड कोर्ट भी तैयार किया जा रहा है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है। यह क्षेत्र आने वाले समय में रायगढ़ का प्रमुख पारिवारिक और मनोरंजन केंद्र बनेगा। सिंदूर पार्क में पहली बार “स्टैंप कंक्रीट” तकनीक का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टाइल्स की तुलना में अधिक मजबूत, आकर्षक और टिकाऊ होता है तथा लंबे समय तक बेहतर स्थिति में बना रहता है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता के लिए हाउसिंग बोर्ड और इंजीनियरों की सराहना भी की। वित्त मंत्री ने कहा कि पार्क परिसर में यादव समाज और देशभक्ति की भावना से जुड़ा “रेजांगला स्मारक” भी बनाया गया है। यह स्मारक वीर सैनिकों की शौर्यगाथा और बलिदान की याद दिलाएगा।

वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  साय की मंशा थी कि पहलगाम की घटना के बाद देश की वीर सेना द्वारा आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” की स्मृति को स्थायी रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारतीय सेना की वीरता को सम्मान देने के उद्देश्य से इस पार्क का नाम “सिंदूर पार्क” रखा गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की इच्छा थी कि ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ तक इस पार्क का निर्माण पूर्ण कर उसका लोकार्पण किया जाए, जिसे समय पर पूरा किया गया।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि आने वाले समय में रायगढ़ में लगातार बड़े विकास कार्य किए जाएंगे और हर दो-तीन महीने में किसी न किसी महत्वपूर्ण परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रायगढ़ को आधुनिक, सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाने के संकल्प के साथ सरकार लगातार कार्य कर रही है। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद  राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद  देवेंद्र प्रताप सिंह, हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अनुराग सिंह देव, नगर निगम महापौर  जीवर्धन चौहान, धमतरी के महापौर  जगदीश रोहरा, सभापति  डिग्री लाल साहू, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि गण सहित बड़ी संख्या में शहर के नागरिकगण मौजूद रहे।

इसके साथ मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक 

अर्बन फॉरेस्ट के रूप में विकसित होगा सिंदूर पार्क

उल्लेखनीय है कि सिंदूर पार्क का सबसे प्रमुख आकर्षण यहां विकसित किया गया विशाल हरित क्षेत्र है। पार्क में कदम सहित विभिन्न प्रजातियों के लगभग 450 बड़े पेड़ लगाए गए हैं। आने वाले तीन से चार वर्षों में यह क्षेत्र एक समृद्ध “अर्बन फॉरेस्ट” के रूप में विकसित होगा, जो शहरवासियों को स्वच्छ वातावरण, हरियाली और भरपूर ऑक्सीजन उपलब्ध कराएगा। विशेष बात यह है कि पार्क निर्माण के दौरान पुराने पेड़ों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है और एक भी पेड़ नहीं काटा गया।

पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलित समावेश के साथ विकसित इस पार्क में चिल्ड्रन प्ले एरिया, ओपन एयर जिम, पगोडा, आकर्षक पाथवे तथा ओपन एयर थिएटर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। पार्क में निर्मित ओपन एयर थिएटर को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि शहर के युवा, कलाकार एवं सामाजिक संगठन यहां कम खर्च में सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत संध्या, कला प्रदर्शन और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का आयोजन कर सकें।

सुशासन तिहार 2026 : 19 मई को कुरडेग और रेमने में आयोजित होंगे जनसमस्या निवारण शिविर…..

सुशासन तिहार 2026 : 19 मई को कुरडेग और रेमने में आयोजित होंगे जनसमस्या निवारण शिविर…..

 रायपुर :  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन लगातार जारी है। इस अभियान के माध्यम से शासन और प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहा है।

इसी क्रम में 19 मई 2026 को बगीचा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम कुरडेग तथा मनोरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम रेमने में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आसपास के ग्रामीण अपनी मांगों और समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
कुरडेग शिविर में कुरडेग, सामरबार, मैनी, दुर्गापारा, सरडीह, बिमड़ा, नटकेला, झगरपुर, पेटा, जुरगुम, बगडोल, खंताडांड, जुजगु और पसिया के ग्रामीण शामिल होंगे।

वहीं रेमने शिविर में करडीह, अलोरी, तालासिली, ओरकेला, पटिया, रेमने, पंडरसिली, सोनक्यारी, गीधा, अंधरझर, बहेरना, बेंजोरा, खम्हली, कारादरी और अजधा के ग्रामीण अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्र मामलों का मौके पर निराकरण किया जाएगा तथा शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में समाधान हेतु संबंधित विभागों को भेजा जाएगा।

कलेक्टर  रोहित व्यास ने सभी विभागीय अधिकारियों को शिविरों के सुचारू संचालन और आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत करें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

’बस्तर में सुशासन का सफर : अब गाँव की चौखट तक पहुँची बस सेवा’…..

’बस्तर में सुशासन का सफर : अब गाँव की चौखट तक पहुँची बस सेवा’…..

 रायपुर : छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी नैसर्गिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां के कई गांव दशकों से मुख्यधारा से कटे हुए थे। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने इस दूरी को पाटते हुए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ के जरिए विकास का एक नया अध्याय शुरू किया है।

शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

अब बस्तर के सुदूर वनांचलों में विकास की एक नई बयार बह रही है। वहीं दशकों के इंतजार के बाद, अब गांवों की पगडंडियों पर भी अब बस के पहिए थिरकने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार ‘अंत्योदय‘ के संकल्प को चरितार्थ कर रही है।

’दशकों का सपना, अब हुआ साकार’

आजादी के बाद से जिन 425 गांवों के ग्रामीणों ने केवल पैदल चलने या निजी साधनों पर निर्भर रहने की नियति चुनी थी, आज वहां नियमित बसों की आवाज और उनके हॉर्न गूंज रही हैं। बस्तर संभाग के 50 विभिन्न मार्गों पर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की  52 बसों का सफल संचालन किया जा रहा है। यह मात्र एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि उन ग्रामीणों की उम्मीदों की उड़ान है, जो अब अपने घर की दहलीज से सीधे शहर की ओर जुड़ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के सक्रिय प्रयासों और परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश के मार्गदर्शन से इन मार्गों का चयन बहुत ही व्यावहारिक तरीके से किया गया है। इस योजना का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को हाट-बाजार, अस्पताल और शिक्षण संस्थानों तक पहुँचने में कोई बाधा न आए। परिवहन विभाग अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि श्अंतिम छोर के व्यक्तिश् तक सेवा पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।

’बदलाव के तीन प्रमुख स्तंभ‘:

’शिक्षा की नई रोशनी’ 

सुदूर क्षेत्रों के छात्र अब उच्च शिक्षा के लिए शहरों के कॉलेजों तक आसानी से आ-जा पा रहे हैं। परिवहन की सुविधा ने युवाओं के सपनों को नई गति दी है।

’बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं’

स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच अब सुलभ हो गई है। आपातकालीन स्थिति हो या नियमित जाँच, ग्रामीणों को अब निजी वाहनों के भारी खर्च और असुरक्षित सफर से मुक्ति मिली है।

’आर्थिक सशक्तिकरण’

बस्तर की आर्थिक रीढ़ यहाँ की लघु वनोपज और कृषि उत्पाद हैं। बस सेवा शुरू होने से ग्रामीण अपनी उपज को कम लागत में बड़े बाजारों तक पहुँचा पा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।

’विकास और विश्वास का संगम’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विश्वास है कि श्जब तक गाँव नहीं जुड़ेंगे, तब तक विकास की गति अधूरी है। यह मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना कठिन भौगोलिक बाधाओं को पार कर शासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत कर रही है। पथरीले रास्तों पर बने पक्के सड़क और घने जंगलों के बीच चलती ये बसें इस बात का प्रमाण हैं कि यदि इच्छाशक्ति दृढ़ हो, तो विकास का मार्ग हर बाधा को पार कर गांव-गांव तक पहुंच ही जाता है।

आज  ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ ने बस्तर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी है। यह सुशासन का वह सफर है, जहां सरकार खुद जनता के द्वार-द्वार तक पहुंच रही है। अब बस्तर थमेगा नहीं, बल्कि विकास की राह पर तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा।

शिक्षक गिरफ्तार : गुरु बना हैवान, बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार, शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित……

शिक्षक गिरफ्तार : गुरु बना हैवान, बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार, शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित……

 लरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पदस्थ एक शिक्षक को दुष्कर्म के गंभीर मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी शिक्षक के खिलाफ जशपुर जिले के थाना दुलदुला में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी और न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के बाद विभाग ने सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन को आधार बनाते हुए कार्रवाई की है। घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

कुसमी विकासखंड अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोपातू में पदस्थ शिक्षक धन सिंह राम को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी शिक्षक के खिलाफ थाना दुलदुला, जिला जशपुर में गंभीर आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।

जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक के खिलाफ थाना दुलदुला में अपराध क्रमांक 25/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(n) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

पुलिस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आया। संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, सरगुजा संभाग अंबिकापुर द्वारा आरोपी शिक्षक के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा गया है कि आरोपी का आचरण शासकीय सेवा की गरिमा और कर्मचारी आचरण नियमों के खिलाफ है।

विभागीय आदेश के अनुसार, शिक्षक धन सिंह राम का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का गंभीर उल्लंघन माना गया है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान आरोपी शिक्षक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शंकरगढ़ निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।