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सतत् सीखने से ही जनप्रतिनिधियों की भूमिका होगी प्रभावी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सतत् सीखने से ही जनप्रतिनिधियों की भूमिका होगी प्रभावी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: हम सभी के बीच मतभेद हो सकते है लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए और छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों में यह बात हमेशा से कायम है। छत्तीसगढ़ का विकास हमारा मूल उद्देश्य है और जनप्रतिनिधि के रूप में हमें प्रदेशवासियों के हित में सदैव समर्पित होकर काम करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में आज आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।

सीखने की कोई उम्र नहीं होती, नेतृत्व क्षमता में निरंतर निखार जरूरी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम में हमेशा सीखते रहने की बात करते है और निश्चित रूप से सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। यहां कई ऐसे विधायक मौजूद है, जिनका जनप्रतिनिधि के रूप में लंबा अनुभव है, लेकिन वे भी इस कार्यक्रम को लेकर बहुत अधिक उत्साहित है। श्री साय ने कहा कि आप सभी सदस्यों की मौजूदगी यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर आप कितने चिंतित भी है और उत्साहित भी है।

श्री साय ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में आमजनों से आपका व्यवहार सबसे बड़ी पूंजी है और यह लोगों के मन में आपके और संसदीय व्यवस्था के प्रति विश्वास को अधिक मजबूत करेगा।

नवीन समाधानों को साझा करने और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पाने में प्रशिक्षण कार्यक्रम उपयोगी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम नवीन समाधानों को साझा करने का मजबूत मंच है और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पाने में यह उपयोगी और सार्थक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन की संकल्पना को स्थापित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ई ऑफिस की व्यवस्था से प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हमें प्रदेश को आगे ले जाना है तो सभी प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिए समान रूप से तैयार रहना होगा। उन्होंने सार्वजनिक हित में तकनीक के सदुपयोग पर विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय प्रबंध संस्थान में पिछले वर्ष आयोजित चिंतन शिविर को भी अत्यधिक उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर में हमने जो कुछ सीखा था, छत्तीसगढ़ के नीति निर्माण में हमने इसका भरपूर उपयोग किया है। विजन डॉक्यूमेंट से लेकर बजट तैयार करने में भी हमें इससे बड़ी मदद मिली। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के सभी सदस्यों से दो दिवसीय सत्र का भरपूर लाभ लेने को कहा और प्रबंध संस्थान को सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लीडरशिप प्रोग्राम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सभी सदस्य लगभग 1 महीने तक सक्रियता के साथ शामिल रहे और इसके तुरंत बाद इस दो दिवसीय आयोजन में आप सभी की उपस्थिति प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा आप लोग सोच रहे होंगे कि जीतने के बाद हमारा प्रशिक्षण क्यों? जीतने के बाद हमारी जिम्मेदारी और भूमिका बढ़ जाती है, इसलिए हमें लगातार सीखते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें केवल अपने क्षेत्र के लिए नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की बेहतरी के लिए कार्य करना है।

डॉ. सिंह ने कहा कि हम अपने आसपास के परिवेश और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के प्रति कितने सजग है, जनप्रतिनिधि के रूप में आपको सफल बनाने में यह तथ्य महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि आपके पास अपने विधानसभा क्षेत्र की छोटी से छोटी जानकारी होनी चाहिए। डॉ. सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल से जुड़े कई अनुभव साझा किए और जनता से व्यवहार, जुड़ाव और उनका भरोसा जीतने को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास मंहत ने कहा विधायक बनते ही हम लीडर बन गये, ऐसा सोचना गलत धारण होगी। लीडर बनना एक प्रक्रिया है और हमें यह सीखना होगा। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों से निकलकर जशपुर का एक आदिवासी बेटा आज मुख्यमंत्री बना है, यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती और ताकत है। हम सभी का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की उन्नति है और इसी को लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यगण, नीति आयोग के सीईओ श्री बीवीआर सुब्रमण्यम, आईआईएम रायपुर के निदेशक श्री राम कुमार, आईआईएम के प्रोफेसर श्री सुमीत गुप्ता, प्रोफेसर श्री संजीव पराशर, प्रोफेसर श्रीमती अर्चना पराशर उपस्थित थे।

महापौर मीनल चौबे और सभापति सूर्यकान्त राठौड़ ने महिला स्वसहायता समूहों का किया सम्मान

महापौर मीनल चौबे और सभापति सूर्यकान्त राठौड़ ने महिला स्वसहायता समूहों का किया सम्मान

 रायपुर – आज केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के आयोजन के अंतर्गत अटलजी की जन्म शताब्दी और वर्षगांठ समारोह में भारत गणराज्य के पूर्व प्रधानमंत्री यशस्वी जननायक  अटल बिहारी वाजपेयी को सांस्कृतिक श्रद्धांजलि देने स्थानीय छत्तीसगढ़ कलेवा भवन रायपुर में संक्षिप्त कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने महिला स्वसहायता समूहों की महिलाओं का मंच पर नवीन अंकुर महिला मण्डल रायपुर के तत्वावधान में मण्डल की पदाधिकारियों की उपस्थिति में श्रीफल, शाल और स्मृतिचिन्ह देकर सम्मान किया.

आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की समस्त योजनाओं का मिले समुचित लाभ – विजय शर्मा

आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की समस्त योजनाओं का मिले समुचित लाभ – विजय शर्मा

 रायपुर : बीजापुर जिले के सबसे सुदूर क्षेत्र तेलंगाना के सीमा से लगे पामेड़ सहित पालागुड़ा, मारूड़बाका, भैरमगढ़ के 28 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास के तहत राजमिस्त्री एवं अन्य प्रशिक्षण प्रदाय कराया जा रहा है। विगत तीन माह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का स्वागत भारत माता की जय घोष करते हुए किया।

इस अवसर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री से सीधा संवाद करते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जिसमें रामलू भंडारी, अर्जुन मड़काम, सोमारू माड़वी, सुखराम हेमला सहित अन्य साथियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के पुनर्वास नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले के नक्सल संगठन का जीवन एक भटका हुआ और गुमराह से भरा जीवन था।

उस खोखली विचारधारा को त्याग कर समाज के मुख्यधारा से जुड़कर बहुत ही बेहतर जीवन मिला लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की जानकारी के अभाव में हम रास्ता भटक गए थे किन्तु शासन के पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर एक बेहतर जीवन जी रहे हैं। आज शासन-प्रशासन द्वारा हमें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिससे हम आत्मनिर्भर बनकर समाज के मुख्यधारा में शामिल हो सके।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उनके अनुभवों को गंभीरतापूर्वक सुना और आाधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता सहित सभी प्रकार आवश्यक दस्तावेज पुनर्वास केन्द्र में ही बनवाकर केन्द्र और राज्य शासन के समस्त योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने। वहीं पुनर्वास केन्द्र में उनके दैनिक दिनचर्या से अवगत होकर प्रार्थना, पूजा-अर्चना को शामिल कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने आवश्यक पहल करने, एक्सपोजर विजिट कराकर बाहरी दुनिया का भ्रमण कराने रायपुर, जगदलपुर जैसे शहर ले जाने के निर्देश दिए।

ज्यादातर लोग पढ़ाई नहीं किए है उनको साक्षर बनाने के लिए आवश्यक पहल करते हुए दिनचर्या में शामिल कर खेलकूद, मनोरंजन, देशभक्ति फिल्में दिखाने सहित उनको नियमित आमदनी के स्त्रोत हासिल हो सके उस दिशा विशेष प्रयास करने के निर्देश कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत को दिए। राज मिस्त्री के कार्य सीखने पर कुछ लोगों ने उत्साहित होकर कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत सिविल कार्य करेंगे ताकि व्यवसाय एवं आमदनी का स्त्रोत मिल सके

उप मुख्यमंत्री से मिलकर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी पी सुंदरराज, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, डीएफओ श्री रंगानाथा रामाकृष्णा वाय, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार, उप निदेशक इन्द्रावती टाईगर रिजर्व श्री संदीप बल्गा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति आपस में गहराई से जुड़ी है – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति आपस में गहराई से जुड़ी है – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 ० मुख्यमंत्री भिलाई में “बिहार-तिहार स्नेह मिलन” कार्यक्रम में हुए शामिल, सर्व समाज प्रमुखों का किया सम्मान

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराएं, त्योहार और पारिवारिक मूल्य – सबकुछ एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। ये रिश्ता केवल भूगोल का नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कारों का है। वे आज भिलाई में “बिहार-तिहार स्नेह मिलन” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” अभियान के तहत बिहार स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिहार और छत्तीसगढ़ के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता केवल कहावत नहीं, अब सामाजिक हकीकत बन चुकी है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी माता जी भी अविभाजित बिहार से थीं और उनका झारखंड से पुराना संबंध रहा है।

छठ पूजा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब छठ पर्व छत्तीसगढ़ में भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। राज्य भर के तालाबों और नदियों पर सुंदर छठ घाटों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी जशपुर जिले के कुनकुरी में एक करोड़ की लागत से छठ घाट बनवाया है।

मुख्यमंत्री साय ने बिहार के गौरवशाली इतिहास को नमन करते हुए कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार से थे। नालंदा विश्वविद्यालय, जिसने भारत को विश्वगुरु बनाया, बिहार की देन है। आर्यभट्ट, जिन्होंने शून्य की खोज की, बिहार की महान विभूति हैं। कर्पूरी ठाकुर जैसे सामाजिक न्याय के पुरोधा यहीं की धरती से निकले।

मोदी की गारंटी: वादा नहीं, संकल्प है – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर भरोसा किया और हमें सेवा का अवसर मिला। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार ने बीते सवा साल में जनहित की कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख से अधिक विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने ₹1000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सम्मान में वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कह कि तीर्थ यात्रा योजना को नए वित्तीय वर्ष से पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर फिर से सुलभ हो सके।

“एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की संकल्पना को मिल रहा समर्थन

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से भाषायी, सामाजिक और सांस्कृतिक दूरियाँ कम होती हैं। आज का यह समारोह दो राज्यों के बीच भाईचारे और सांस्कृतिक समझ का सेतु बना है।

सर्व समाज प्रमुखों का सम्मान, नई पीढ़ी को प्रेरणा

मुख्यमंत्री साय ने मंच से सर्व समाज प्रमुखों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाजसेवियों का सम्मान हमारी परंपरा है, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेती हैं।

लिट्टी-चोखा से लेकर तीजा-छठ तक – संस्कृति की साझी विरासत

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिहार की लिट्टी-चोखा हो या छत्तीसगढ़ का चीला-फरा, तीजा हो या छठ – दोनों राज्यों की संस्कृति में गहरा साम्य है। खमरछठ और छठ पूजा, दोनों ही पर्व मातृशक्ति और प्रकृति के प्रति आभार के प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री साय ने सभी बिहारी भाइयों और बहनों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि हम सब मिलकर प्रधानमंत्री मोदी जी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएँ।यह आयोजन आपसी प्रेम, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की मिसाल है।

बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि बिहार दिवस का उद्देश्य हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में बिहार में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

इस अवसर पर विधायक रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार एवं अन्य जनप्रतिनिधि, और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भिलाई में "बिहार-तिहार स्नेह मिलन" कार्यक्रम में हुए शामिल, सर्व समाज प्रमुखों का किया सम्मान

मुख्यमंत्री भिलाई में "बिहार-तिहार स्नेह मिलन" कार्यक्रम में हुए शामिल, सर्व समाज प्रमुखों का किया सम्मान

रायपुर, 22 मार्च 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराएं, त्योहार और पारिवारिक मूल्य – सबकुछ एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। ये रिश्ता केवल भूगोल का नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कारों का है। वे आज भिलाई में "बिहार-तिहार स्नेह मिलन" कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान के तहत बिहार स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिहार और छत्तीसगढ़ के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता केवल कहावत नहीं, अब सामाजिक हकीकत बन चुकी है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी माता जी भी अविभाजित बिहार से थीं और उनका झारखंड से पुराना संबंध रहा है।

छठ पूजा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब छठ पर्व छत्तीसगढ़ में भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। राज्य भर के तालाबों और नदियों पर सुंदर छठ घाटों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी जशपुर जिले के कुनकुरी में एक करोड़ की लागत से छठ घाट बनवाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बिहार के गौरवशाली इतिहास को नमन करते हुए कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार से थे। नालंदा विश्वविद्यालय, जिसने भारत को विश्वगुरु बनाया, बिहार की देन है। आर्यभट्ट, जिन्होंने शून्य की खोज की, बिहार की महान विभूति हैं। कर्पूरी ठाकुर जैसे सामाजिक न्याय के पुरोधा यहीं की धरती से निकले।

मोदी की गारंटी: वादा नहीं, संकल्प है – मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी पर भरोसा किया और हमें सेवा का अवसर मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार ने बीते सवा साल में जनहित की कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख से अधिक विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने ₹1000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सम्मान में वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कह कि तीर्थ यात्रा योजना को नए वित्तीय वर्ष से पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर फिर से सुलभ हो सके।

"एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की संकल्पना को मिल रहा समर्थन

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से भाषायी, सामाजिक और सांस्कृतिक दूरियाँ कम होती हैं। आज का यह समारोह दो राज्यों के बीच भाईचारे और सांस्कृतिक समझ का सेतु बना है।

सर्व समाज प्रमुखों का सम्मान, नई पीढ़ी को प्रेरणा

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच से सर्व समाज प्रमुखों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाजसेवियों का सम्मान हमारी परंपरा है, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेती हैं।


लिट्टी-चोखा से लेकर तीजा-छठ तक – संस्कृति की साझी विरासत

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिहार की लिट्टी-चोखा हो या छत्तीसगढ़ का चीला-फरा, तीजा हो या छठ – दोनों राज्यों की संस्कृति में गहरा साम्य है। खमरछठ और छठ पूजा, दोनों ही पर्व मातृशक्ति और प्रकृति के प्रति आभार के प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी बिहारी भाइयों और बहनों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि हम सब मिलकर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएँ।यह आयोजन आपसी प्रेम, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की मिसाल है।

बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नबीन ने कहा कि बिहार दिवस का उद्देश्य हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में बिहार में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

इस अवसर पर विधायक श्री रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार एवं अन्य जनप्रतिनिधि, और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बदले कई जिलाध्यक्ष, चुनावों में कारारी हार के बाद लिया फैसला, देखें पूरी लिस्ट

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बदले कई जिलाध्यक्ष, चुनावों में कारारी हार के बाद लिया फैसला, देखें पूरी लिस्ट

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने प्रदेश के 11 जिलों के अध्यक्ष को बदल दिया है। हाल ही में हुए नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में करारी हार के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है।
पार्टी ने राज्य के 11 जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। इस संबंध में दिल्ली से आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।
नए जिलाध्यक्षों की सूची इस प्रकार है:

कोंडागांव – बुधराम नेताम

कोरबा (शहर) – नत्थूलाल यादव

कोरबा (ग्रामीण) – मनोज चौहान

बलौदा बाजार – सुमित्रा घृतलहरे

सारंगढ़ – ताराचंद देवांगन

सरगुजा – बालकृष्ण पाठक

बलरामपुर – कृष्ण प्रताप सिंह

बेमेतरा – आशीष छाबड़ा

बालोद – चंद्रेश हिरवानी

दुर्ग – राकेश ठाकुर

नारायणपुर – बिसेल नाग

 


 

आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की समस्त योजनाओं का मिले समुचित लाभ -उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की समस्त योजनाओं का मिले समुचित लाभ -उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

रायपुर, 22 मार्च 2025- बीजापुर जिले के सबसे सुदूर क्षेत्र तेलंगाना के सीमा से लगे पामेड़ सहित पालागुड़ा, मारूड़बाका, भैरमगढ़ के 28 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास के तहत राजमिस्त्री एवं अन्य प्रशिक्षण प्रदाय कराया जा रहा है। विगत तीन माह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का स्वागत भारत माता की जय घोष करते हुए किया।
इस अवसर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री से सीधा संवाद करते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जिसमें रामलू भंडारी, अर्जुन मड़काम, सोमारू माड़वी, सुखराम हेमला सहित अन्य साथियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के पुनर्वास नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले के नक्सल संगठन का जीवन एक भटका हुआ और गुमराह से भरा जीवन था। उस खोखली विचारधारा को त्याग कर समाज के मुख्यधारा से जुड़कर बहुत ही बेहतर जीवन मिला लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की जानकारी के अभाव में हम रास्ता भटक गए थे किन्तु शासन के पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर एक बेहतर जीवन जी रहे हैं। आज शासन-प्रशासन द्वारा हमें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिससे हम आत्मनिर्भर बनकर समाज के मुख्यधारा में शामिल हो सके।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उनके अनुभवों को गंभीरतापूर्वक सुना और आाधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता सहित सभी प्रकार आवश्यक दस्तावेज पुनर्वास केन्द्र में ही बनवाकर केन्द्र और राज्य शासन के समस्त योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने। वहीं पुनर्वास केन्द्र में उनके दैनिक दिनचर्या से अवगत होकर प्रार्थना, पूजा-अर्चना को शामिल कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने आवश्यक पहल करने, एक्सपोजर विजिट कराकर बाहरी दुनिया का भ्रमण कराने रायपुर, जगदलपुर जैसे शहर ले जाने के निर्देश दिए। ज्यादातर लोग पढ़ाई नहीं किए है उनको साक्षर बनाने के लिए आवश्यक पहल करते हुए दिनचर्या में शामिल कर खेलकूद, मनोरंजन, देशभक्ति फिल्में दिखाने सहित उनको नियमित आमदनी के स्त्रोत हासिल हो सके उस दिशा विशेष प्रयास करने के निर्देश कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत को दिए। राज मिस्त्री के कार्य सीखने पर कुछ लोगों ने उत्साहित होकर कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत सिविल कार्य करेंगे ताकि व्यवसाय एवं आमदनी का स्त्रोत मिल सके।
उप मुख्यमंत्री से मिलकर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी पी सुंदरराज, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, डीएफओ श्री रंगानाथा रामाकृष्णा वाय, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार, उप निदेशक इन्द्रावती टाईगर रिजर्व श्री संदीप बल्गा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ में ‘‘बिहार दिवस’’ भाजपा का राजनैतिक इवेंट और प्रभारी नीतिन नवीन की चाटुकारिता मात्र है

छत्तीसगढ़ में ‘‘बिहार दिवस’’ भाजपा का राजनैतिक इवेंट और प्रभारी नीतिन नवीन की चाटुकारिता मात्र है

रायपुर/ 22 मार्च 2025। भारतीय जनता पार्टी के द्वारा छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाया जाने पर निशाना साधते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज कहा है बिहार की स्थापना अभी नहीं हुई है, बिहार का अस्तित्व भारतीय जनता पार्टी की स्थापना से पहले है और जहां तक छत्तीसगढ़ की बात है तो पिछले 25 साल में 16 साल से अधिक समय भाजपा की सरकारे रही है, छत्तीसगढ़ में 2003 से 2018 तक लगातार भाजपा की सरकार थी, पिछले साल भी इनकी ही सरकार थी तब भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ इकाई को बिहार दिवस याद नहीं रहा आज यह बिहार दिवस मना रहे हैं मतलब साफ है कि भाजपा का हर इवेंट चुनावी लाभ पर केंद्रित होता है। आने वाले दिनों में बिहार में चुनाव होने वाले हैं तो भाजपा यहां रहने वाले बिहार के लोगों को प्रभावित करने के लिए बिहार दिवस मनाने का पाखंड कर रही है जबकि हकीकत यह है कि हाल ही में कुछ दिन पूर्व आधी रात को लगभग 2500 लोगों को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग थानों में बैठाया गया था उसमें से अधिसंख्यक लोग बिहार से थे, जिन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताकर अपमानित किए, प्रताड़ित किए आज राजनैतिक स्वार्थ में भाजपाईयों को उनकी याद आ रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि कांग्रेस को किसी प्रदेश या वहां के नागरिकों से कोई गुरेज नहीं लेकिन जिस नितिन नवीन ने पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के जिला मुख्यालयों में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति लगाने का विरोध किया, जिन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि हम क्षेत्रीय राष्ट्रवाद और छत्तीसगढ़ियावाद को नहीं मानते उसी नीति नबीन की चाटुकारिता में भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार इस छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मना रही है? पूर्व प्रदेश के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने न केवल छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा रीति रिवाज और खान-पान के संरक्षण और संवर्धन का काम किया बल्कि छत्तीसगढ़िया स्वाभीमान और आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना की। न केवल हरेली, तिजापोरा, गोवर्धन पूजा, विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश, देवगुड़ी और घोटुल के सरकारी आयोजन हुए इसके साथ ही छठ पूजा घाटों का निर्माण भी किया गया। भाजपा की सरकार में तो आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी विश्व आदिवासी दिवस के दिन कोई आयोजन तक नहीं हुआ, लेकिन अब एक बिहारी प्रभारी जिसने छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान किए उसके लिए बिहार दिवस मनाया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बिहार दिवस को नवाचार बताने का कुतर्क करने वाले भाजपाई बताएं कि देश में 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश है, इसी महीने राजस्थान दिवस भी है, जहां भाजपा की ही सरकार है, क्या इन राज्यों का स्थापना दिवस भी छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा? भाजपा की सरकार आने के बाद से सरकारी आयोजनों में राज गीत अरपा पैरी के धार का गायन बंद है। भाजपा को छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढीया से इतनी हिकारत है कि यहां के प्रथा, परंपरा, संस्कृति और खान पान को भी अपमानित करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते, बोरे बासी को छप्पन भोग बताते हैं लेकिन अपने आकाओं को खुश करने छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस का आयोजन कर रहे हैं। 

आपकी भुजाओं की ताकत के कारण ही आज मैं सड़क मार्ग से बीजापुर आ पाया-उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

आपकी भुजाओं की ताकत के कारण ही आज मैं सड़क मार्ग से बीजापुर आ पाया-उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

रायपुर, 22 मार्च 2025/ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज बीजापुर पहुँचकर गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत अंडरी के जंगलों में पुलिस और माओवादियों के साथ हुए मुठभेड़ में शामिल सुरक्षा बलों के जांबाज जवानों से बीजापुर जिले के रक्षित केंद्र में मुलाकात की और उनके साहसिक और सफल ऑपरेशन की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों की भुजाओं की ताकत के बदौलत आज मैं सड़क मार्ग से बीजपुर आया हु। इसके पूर्व कोई भी गृहमंत्री सड़क मार्ग से बीजापुर नही आये।गौरतलब है कि 20 मार्च को हुए इस मुठभेड़ में 14 महिला माओवादी सहित कुल 26 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद । शिनाख्त माओवादियों में डिवीसीएम, एसीएम, पीपीसीएम और पीएलजीए सदस्य शामिल थे। इस मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में एके 47, एसएलआर, इंसास रायफल, 303 रायफल, रॉकेट लॉचंर, बीजीएल लांचर हथियार समेत विस्फोटक पदार्थ, दवाईया, माओवादी वर्दी, साहित्य एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुआ। बस्तर रेंज में तैनात डीआरजी, एसटीएफ, बस्तर फाइटर, कोबरा, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी सीएएफ और अन्य समस्त सुरक्षा बल सदस्यों द्वारा मजबूत मनोबल एवं स्पष्ट लक्ष्य के साथ बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा व विकास हेतु समर्पित होकर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2025 में बस्तर संभाग अंतर्गत सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावी रूप से प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के विरूद्ध माओवादी विरोधी अभियान संचालित किये जाने के परिणाम स्वरूप विगत 80 दिनों में कुल 97 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किये गये l जिसमें जिला- बीजापुर में विगत 80 दिनों में 82 माओवादियों का शव बरामद हुआ है ।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की ओर सभी जवानों के लिए शुभकामना संदेश लेकर आया हूँ, आपके अदभूत पराक्रम और शौर्य से बस्तर में सुख-शांति फिर से लौटेगी। इस अभियान से आपने देश और दुनिया की सोच बदली है।भीषण मुठभेड़ में हमारे एक जांबाज जवान शहीद हुए उसको मैं श्रद्धांजलि देता हूं। बस्तर शांति का टापू रहा है, परन्तु कुछ दिग्भ्रमित लोगों के कारण यह की शांति भंग हुई है। हमारे सुरक्षा बल और पुलिस के जवान ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद करके ही रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ऑपरेशन रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम मिले है।
इस अवसर पर बस्तर आईजी सुंदरराज पी,डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस बल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। 

 ब्रेकिंग- 20 लाख की लूट: दिनदहाड़े कार सवार व्यापारी को लूटा, पहले स्कार्पियो से मारी टक्कर, फिर …

ब्रेकिंग- 20 लाख की लूट: दिनदहाड़े कार सवार व्यापारी को लूटा, पहले स्कार्पियो से मारी टक्कर, फिर …

 22 मार्च 2025 धमतरी:-  दिनदहाड़े एक बड़ी लूट की वारदात हुई है। व्यापारी से 20 लाख रुपये लूटकर बदमाश फरार हो गये हैं। घटना धमतरी की बतायी जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक कार सवार तीन आरोपियों ने लूट की इस वारदात को अंजाम दिया है। घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र की बतायी जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक कार सवार व्यापारी कलेक्शन के 20 लाख रुपये लेकर लौट रहा था।

इसी दौरान जैसे ही व्यापारी धमतरी शहर के पोटिया डीही गांव के पास पहुंचा। स्कार्पियो सवार तीन लूटेरों ने उसकी कार को टक्कर मार दी। इस दौरान स्कार्पियो सवार तीन युवकों ने व्यापारी की कार में तोड़फोड़ भी की और फिर कार में रखे 20 लाख रुपये लेकर फरार हो गये। इस मामले में व्यापारी ने अर्जुनी थाने में मामला दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि राजनांदगांव का व्यापारी अपनी कार से धमतरी आ रहा था। इसी दौरान ये पूरी वारदात हुई है।

पीड़ित व्यापारी पहुंचा अर्जुनी थाने में शिकायत दर्ज करायी है। शिकायत में बताया गया है कि कार में रखे 20 लाख रुपए लेकर तीनों आरोपी दुर्ग रोड की तरफ भाग निकले। घटना की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।

 
ब्रेकिंग: दुर्ग, कोरबा, सरगुजा सहित 11 जिलाध्यक्ष बदले, कांग्रेस की हार के बाद संगठन में बड़ी सर्जरी

ब्रेकिंग: दुर्ग, कोरबा, सरगुजा सहित 11 जिलाध्यक्ष बदले, कांग्रेस की हार के बाद संगठन में बड़ी सर्जरी

 रायपुर: कांग्रेस संगठन में हार के बार सर्जरी शुरू हो गयी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कुछ दिन पहले ही ये संकेत दिये थे कि कांग्रेस संगठन में बदलाव किया जायेगा। अब कांग्रेस ने अपने 11 जिलाध्यक्ष बदल दिये हैं। बालोद, दुर्ग, कोरबा, सरगुजा सहित कई जिलों के जिलाध्यक्ष बदले गये हैं। देखिये लिस्ट..

रायपुर में शाहरुख खान के खिलाफ केस दर्ज, इस दिन होगी मामले की सुनवाई

रायपुर में शाहरुख खान के खिलाफ केस दर्ज, इस दिन होगी मामले की सुनवाई

 Shahrukh Khan: फिल्म स्टार शाहरुख खान को धमकी देने के आरोप में में गिरफ्तार हो चुके वकील फैजान खाने ने फिर किंग खान को भ्रामक मामले में नोटिस जारी किया है। उन्होंने शाहरुख सहित पांच अन्य लोगों को भ्रामक विज्ञापन करने और इसे प्रसारित करने के मामले में नोटिस जारीकर 29 मार्च को सुनवाई के लिए उपस्थित होने कहा है।

व्यवहार न्यायाधीश प्रीति कुजूर की अदालत में 11 मार्च को फैजान खान द्वारा अपने अधिवक्ता विराट वर्मा के जरिए आवेदन लगाया है। इसमें बताया गया है कि शाहरुख खान भ्रामक विज्ञापन कर आम जनता को गुमराह कर रहे हैं। उनके द्वारा विमल पान मसाला, फेयर एंड हैंडसम और रमी के विज्ञापन कर रहे हैं। यह मामला भ्रामक विज्ञापनों से जुड़ा एक कानूनी विवाद है। मिसलीडिंग एक्ट के इस तरह के विज्ञापनों को करने से आम जनता पर प्रभाव पड़ता है।
इन विज्ञापनों के जरिए देश के युवाओं और बच्चों को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है, जिससे कैंसर और गरीबी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उनका दावा है कि इन कंपनियों द्वारा प्रसारित विज्ञापन न केवल भ्रामक हैं, बल्कि समाज पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। इन विज्ञापनों को कैंसर जैसी घातक बीमारियों और सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा देने का जिम्मेदार ठहराया गया है। इसे लेकर लगाए गए आवेदन पर कोर्ट ने संज्ञान में लेते हुए 29 मार्च को उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
इनको नोटिस
फिल्म स्टार शाहरुख खान, गूगल इंडिया (यूट्यूब इंडिया), अमेजन इंडिया (प्राइम वीडियो), नेटफ्लिक्स इंडिया, मैसर्स इमामी लिमिटेड (फेयर एंड हैंडसम), आईटीसी लिमिटेड (विमल पान मसाला), और हेड डिजिटल वर्क्स (ए23 रमी) को नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन में रोक की मांग
आवेदनकर्ता फैजान खान के अधिवक्ता विराट वर्मा की दलीलों के बाद सिविल केस नंबर 99/2025 दर्ज किया गया। कोर्ट ने इस मामले में मानहानि, उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन, और बौद्धिक संपत्ति से जुड़े आरोपों को शामिल किया है। बता दे की कथित रूप से शाहरुख खान को धमकी देने के बाद फैजान खान को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हालांकि पूछताछ के दौरान मुंबई पुलिस को फैजान ने बताया था कि उनका मोबाइल चोरी हो गया था लेकिन वह पुख्ता साक्ष्य पेश नहीं कर पाए थे इसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
हड़तालियों को अल्टीमेटम: पंचायत सचिव को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का आदेश, नहीं तो शुरू होगी बर्खास्तगी

हड़तालियों को अल्टीमेटम: पंचायत सचिव को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का आदेश, नहीं तो शुरू होगी बर्खास्तगी

 रायपुर। हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिवों को राज्य सरकार ने अल्टीमेटम जारी कर दिया है। अगर 24 घंटे के भीतर काम पर नहीं लौटे, तो बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की जायेगी। दरअसल नियमितिकरण सहित अन्य मांगों कोलेकर पंचायत सचिव पिछले पांच दिनों से हड़ताल पर हैं।

वहीं पंचायत संचानालय संचालक ने जिला पंचायत CEO को पत्र लिखकर हड़ताली पंचायत सचिवों को तत्काल काम पर लौटने का निर्देश दिाय है। आदेश में कहा गया है कि ग्राम पंचायत सचिवों ने हड़ताल खत्म कर 24 घंटे के भीतर काम पर वापसी नहीं की, तो कार्रवाई की जायेगी। निर्देश का पालन नहीं करने पर ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है।

आपको बता दें कि 17 मार्च से शासकीयकरण की मांग को लेकर सचिव हड़ताल कर रहे हैं। इधर, ग्राम पंचायत सचिवों ने आदेश की कॉपी जलाई है। पंचायत संचालनालय संचालक ने 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने की बात कही थी, लेकिन काम पर लौटने के बजाय पंचायत सचिवों ने आदेशों  की कॉपी जलाई है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का समापन: सीएम विष्णुदेव साय ने अपने भाषण में कहा- सत्र में मिले विपक्ष के सकारात्मक सुझाव से छत्तीसगढ़ के हित में होगा काम…

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का समापन: सीएम विष्णुदेव साय ने अपने भाषण में कहा- सत्र में मिले विपक्ष के सकारात्मक सुझाव से छत्तीसगढ़ के हित में होगा काम…

 रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का समापन हुआ. समापन भाषण में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा, यह इस सदन का अंतिम बजट सत्र हो सकता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ विधानसभा शीघ्र ही अपने नए भवन में स्थानांतरित होगी. इस भवन और इस सदन के साथ हमारी अनेक सुखद स्मृतियां जुड़ी हुई हैं, जो जीवन पर्यंत हमें इस भवन का स्मरण दिलाती रहेंगी. वहीं सीएम विष्णुदेव साय ने अपने भाषण में कहा, सत्र में मिले विपक्ष के सकारात्मक सुझाव से छत्तीसगढ़ के हित में काम होगा.

समापन भाषण में डॉ. रमन ने कहा, आप सभी ने परिणाममूलक चर्चा की. अजय चंद्राकर हमारे सदन के जसप्रीत बुमराह हैं. उनकी बोलिंग से बहुत लोग आहत होते हैं. उन्होंने कहा, बजट सत्र में कुल 111 घंटे चर्चा हुई. तारांकित और अतारांकित 2504 प्रश्न लगाए गए. 582 याचिकाएं पेश की गई. 562 ध्यानाकर्षण सूचना प्राप्त हुई थी. 98 % प्रश्नों पर चर्चा की गई.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थापना का यह रजत जयंती वर्ष है, मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की वर्तमान षष्ठम विधानसभा अपने अतीत में स्थापित संसदीय मूल्यों को निरंतर मजबूती देने का प्रयास कर रही है और इस कार्य में आप सभी की सहभागिता प्रशंसनीय है. हमारे लिए यह उपलब्धि है कि इस बजट सत्र में राज्य के विकास से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण विषयों पर सभी ने व्यापक, विस्तृत और परिणाम मूलक चर्चा की है. इसका प्रभाव भविष्य में अवश्य रूप से छत्तीसगढ़ के विकास में परिलक्षित होगा.

’24 को राष्ट्रपति के प्रेरक संबोधन से हम सभी होंगे लाभान्वित’

विधानसभा अध्यक्ष ने आगे कहा, 24 मार्च को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का छत्तीसगढ़ विधानसभा आगमन हो रहा है. यहां वे छत्तीसगढ़ विधानसभा सदन को अपने प्रेरक उद्बोधन से अनुग्रहित करेंगी. राष्ट्रपति का सानिध्य और उनके प्रेरक संबोधन से हम लाभान्वित होंगे. वर्तमान बजट सत्र में सदस्यों की सदन में उपस्थिति और अपने विचारों की अभिव्यक्ति आपने जिस ढंग से प्रदर्शित की है, वह आपके कार्य और विचार में उत्तरोत्तर परिपक्वता को परिभाषित करता है.

‘प्रत्येक सदस्य के काम, व्यवहार से संसदीय संपदा अनवरत हो रही समृद्ध’

उन्होंने कहा, सदन के प्रत्येक सदस्य का आचार, कार्य, विचार और व्यवहार से हमारी संसदीय संपदा अनवरत समृद्ध हो रही है. इस बजट सत्र में लोक कल्याण से संबंधित सभी विषयों पर चर्चा इस सत्र की सफलता का प्रतीक है. नए सदस्यों में भावना बोहरा, हर्षिता स्वामी बघेल, चातुरी नंद, राघवेन्द्र सिंह, सुशांत शुक्ला एवं किरण देव आदि सदस्यों, वहीं वरिष्ठ एवं अनुभवी सदस्य धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, अजय चन्द्राकर, धर्मजीत सिंह, उमेश पटेल, संगीता सिन्हा ने अपने उत्कृष्ट संसदीय ज्ञान एवं कौशल से सदन में विभिन्न विषयों के माध्यम से अपनी प्रभावी भूमिका को स्थापित किया. आप सभी सदस्यों से आग्रह है कि आप अपने क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए निरंतर इसी तरह प्रतिबद्ध हों.

‘चर्चा का निष्कर्ष विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में होगा सहायक सिद्ध’

स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा, इस सत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वन, महिला सशक्तिकरण, खेल एवं युवा कल्याण सहित विविध विषयों पर चर्चा के विभिन्न माध्यमों के अंतर्गत सार्थक सम्यक चर्चा को आपने अत्यंत उत्कृष्टता के साथ प्रदर्शित किया. मेरा यह विश्वास है कि इस सत्र में सम्पादित हुई चर्चा से प्राप्त निष्कर्ष खुशहाल छत्तीसगढ़, विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के प्राप्ति में हमें सहायक सिद्ध होगा.

सुशासन स्थापना की दिशा में काम कर रही सरकार : सीएम साय

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के समापन भाषण में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, बजट सत्र सौहाद्रपूर्ण वातावरण में खत्म हुआ. इसके लिए सदन के सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं. सुशासन स्थापना की दिशा में सरकार काम कर रही है. सत्र में विपक्ष के सकारात्मक सुझाव मिले हैं. मिले सुझाव से छत्तीसगढ़ के हित में काम होगा.

CG – SDM का एक्शन 33 कर्मचारियों को थमाया नोटिस, यहां लापरवाही बरतने पर हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…..

CG – SDM का एक्शन 33 कर्मचारियों को थमाया नोटिस, यहां लापरवाही बरतने पर हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…..

 बिलासपुर। एसडीएम कोटा नितिन तिवारी ने अपने सबडिवीजन के 3 बड़े कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान देर से आने वाले 33 अधिकारी और कर्मचारियों को शो कॉज नोटिस जारी किया है।

जनपद कार्यालय कोटा, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, तहसील कार्यालय एवं विकासखण्ड स्त्रोत कार्यालय कोटा का निरीक्षण किया गया, जिसमें जनपद कार्यालय कोटा के 14 कर्मचारी व अधिकारी, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास कोटा के 15 कर्मचारी एवं बीआरसी के 04 कर्मचारियों को समय पर उपस्थित नहीं होने के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए निर्देशित किया गया है।

वहीं अगर इन कर्मचारियों के जवाब संतोषजनक नहीं मिले तो उनके एक दिन का वेतन काटा जाएगा पिछले दिनों ही कलेक्टर ने निर्देश जारी कर सभी शासकीय विभागों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने के निर्देश दिए थे ऐसे में अब समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों पर की गई है कार्रवाई निश्चित तौर पर शासकीय कार्यालय में अनुशासन लाने में महत्वपूर्ण होगी

Rain Alert : छत्तीसगढ़ के फिर बदला मौसम का मिजाज, इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम…

Rain Alert : छत्तीसगढ़ के फिर बदला मौसम का मिजाज, इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट बदल ली है। तेज धूप और गर्मी के बीच अब बारिश होने लगी है। इससे वातावरण ठंडा हो गया है। मौसम विभाग ने राज्यभर में अंधड़ और हल्की बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार रात देर तक बस्तर में भारी बारिश हुई, साथ ही ओले भी गिरे। सरगुजा संभाग के कई इलाकों में भी बारिश हुई और ओले गिरे।

12 जिलों में बारिश का अलर्ट

मौमस विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम में बदलाव आया है। विभाग ने बताया कि कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। वहीं, तेज आंधी भी चल सकती है। विभाग ने शनिवार को 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, राजनांदगांव समेत 12 जिलों में बारिश की संभावना है। विभाग ने कहा कि कुछ जिलों में तेज-आंधी, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं, जशपुर में रेड, उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में ऑरेंज अलर्ट और मध्य छत्तीसगढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

प्रदेश में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 3.1 किमी ऊंचाई पर 70° पूर्व और 30° उत्तर अक्षांश के साथ मध्य क्षोभमंडल में स्थित है। इसके अलावा, एक द्रोणिका दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से ओडिशा तक 0.9 किमी ऊंचाई तक फैली हुई है।

इन मौसमी गतिविधियों के कारण छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर मौसम प्रभावित होगा। पूरे छत्तीसगढ़ में 22 और 23 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि हो सकती है। 23 मार्च से मेघ गर्जन की गतिविधि में कमी आने की संभावना है, जिससे मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा।

छत्तीसगढ़: रानू साहू की मुश्किलें बढ़ीं, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज

छत्तीसगढ़: रानू साहू की मुश्किलें बढ़ीं, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज

 बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी दो अग्रिम जमानत याचिकाओं पर शुक्रवार को अपना सुरक्षित फैसला सुनाते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट के जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि रानू साहू कोल लेवी घोटाले के आरोप में रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी और 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए उनके वकील द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने 31 जनवरी 2025 को फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।

आय से अधिक संपत्ति और कोयला सिंडिकेट से संबंधों के आरोप

रानू साहू के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज शिकायत के अनुसार, उनके और उनके परिवार के पास आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप है। इसके अलावा, उन पर आरोप है कि उन्होंने सूर्यकांत तिवारी के कोयला लेवी सिंडिकेट की सहायता की। यह सिंडिकेट कोयला डिलीवरी ऑर्डर पर परमिट जारी करने के लिए प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली करता था।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि 2015 से अक्टूबर 2022 तक रानू साहू और उनके परिवार ने 24 अचल संपत्तियां खरीदीं। वर्ष 2011 से 2022 तक उन्हें वेतन के रूप में 92 लाख रुपये प्राप्त हुए, जबकि उन्होंने 3.93 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं। इस आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

कोर्ट का फैसला और आगे की संभावनाएं

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद रानू साहू की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब उन्हें आगे राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ सकता है। वहीं, राज्य में इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो सकती है, क्योंकि कोयला घोटाले को लेकर पहले से ही कई बड़े अधिकारियों और राजनेताओं पर जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है।

CG : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को जल संसाधन विभाग का नोटिस...जानिए क्या है पूरा मामला.!!

CG : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को जल संसाधन विभाग का नोटिस...जानिए क्या है पूरा मामला.!!

 बिलासपुर :- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर वैसे तो यात्री और मालगाड़ी ट्रेन चलाकर करोड़ों रुपए की आय अर्जित कर रहा है लेकिन पानी का टैक्स पटाने में फिसड्डी साबित हो रहा है। जल संसाधन विभाग ने रेलवे के अधिकारियों को नोटिस भेज कर 16 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया बताया है। जलकर का यह बकाया भी कोई एक दो साल का नहीं बल्कि 14 से 15 सालों के बीच का है। जब भी जल संसाधन विभाग रेलवे के अधिकारियों को नोटिस भेजते हैं थोड़ा बहुत पैसा चुकाकर मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया जाता है।

रेलवे के अधिकारियों का रवैया पानी का टैक्स पटाने में फेल है यही कारण है की आम लोग सवाल कर रहे हैं कि जब केंद्र की इतनी बड़ी संस्था रेलवे रॉयल्टी के तौर पर पानी का टैक्स जमा नहीं कर रही है तो आखिर सरकारी विभाग आम लोगों से पानी टैक्स पटाने को लेकर हमेशा दबाव क्यों बनता है और सबसे जो बड़ी बात है कि जब कभी लोग अपनी टैक्स नहीं पटाते तो उन्हें पेयजल आपूर्ति बाधित होने की बात कहते हुए कई तरह से नोटिस भेजा जाता है।

दरअसल राज्य सरकार की जल संसाधन विभाग ने रेलवे को जो नोटिस पानी टैक्स को लेकर भेजा है वह कमर्शियल उपयोग को लेकर है। जल संसाधन विभाग रेलवे और नगर निगम यानी दो सरकारी विभागों से पानी का टैक्स लेता है। रेलवे अपने उद्योगों के अलावा ट्रेनों को धुलने और बाकी चीजों के लिए राज्य सरकार के पानी का इस्तेमाल करता है। इसके लिए बड़ी-बड़ी वाशिंग लाइन बनाई गई है। जानकारों की माने तो लगभग हर दिन बिलासपुर में 50 ट्रेन इन वाशिंग लाइन पर धुलती है और लगभग 3500 लीटर पानी खपत होता है कुल मिलाकर समझा जा सकता है कि किस तरह रेलवे पानी का इस्तेमाल करता आ रहा है।जिसका ही जलकर पटाना दायित्व है। लेकिन पिछले 14 सालों से यह जलकर नहीं चुकाया गया है और यही वजह है कि समय-समय पर दिखावे के लिए जल संसाधन विभाग रेलवे को नोटिस जारी करता है रेलवे भी इसकी खानापूर्ति करता आ रहा है।

यह तो रही रेलवे की बात अब नगर निगम का हाल देखिए। पानी के टैक्स के रूप में जल संसाधन विभाग को नगर निगम के अधिकारी 4571 लाख रुपए नहीं दे सके हैं। इनका भी बकाया 10 साल पुराना है। नगर निगम शहर और कॉलोनी में जमीन से पानी निकाल कर लोगों को उपलब्ध करवाता है यह पैसा उसी का है। नगर निगम इसके नाम पर लोगों से टैक्स ले रहा है लेकिन वह जल संसाधन विभाग को खुद का टैक्स नहीं दे रहा है समझ सकते हैं कि आखिर जल संसाधन विभाग को राजस्व की कितनी बड़ी हानि हो रही है। यही हाल उन 32 से ज्यादा औद्योगिक संस्थाओं का है जिन्होंने धंधे के रूप में जल संसाधन से पानी का रजिस्ट्रेशन तो कराया है लेकिन करोड़ों रुपए पानी टैक्स का नहीं चुकाया कुल मिलाकर हालात ऐसे ही है और लोगों को पानी की दिक्कत होती जा रही है।

 
encounter : कांकेर मुठभेड़ में ढेर हुए 4 नक्सलियों की हुई शिनाख्त, दो खूंखार माओवादी पर था 10 लाख का इनाम

encounter : कांकेर मुठभेड़ में ढेर हुए 4 नक्सलियों की हुई शिनाख्त, दो खूंखार माओवादी पर था 10 लाख का इनाम

  कांकेर : कांकेर और नारायणपुर बॉर्डर पर 20 मार्च को हुए भीषण मुठभेड़ में जवानों ने 4 नक्सलियों को ढेर कर दिया था, सफल ऑपरेशन के बाद आज सुबह जवानों की टीम ने मारे गए नक्सलियों के शव बरामद कर लिए है, वही भारी मात्रा में हथियार जब्त किया गया है।

मारे गए नक्सलियों में दो नक्सलियों की शिनाख्त कर ली गई है। मारे गए नक्सलियों में मिल्ट्री कंपनी नंबर 5 का सदस्य 8 लाख का ईनामी लोकेश हेमला और प्लाटून नंबर 10का सदस्य 2 लाख के ईनामी गगन शामिल है, मौके से कुल 5 हथियार बरामद किए गए है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि एक अन्य मृत नक्सली का शव नक्सली अपने साथ ले जाने में सफल हुए है, वही दो अन्य मृत नक्सलियों के शिनाख्त की कोशिश जारी है। मौके से एक एसएलआर, एक थ्री नॉट थ्री, दो भरमार, एक देशी पिस्टल समेत बीजिएल भी बरामद किए गए है।

 एसपी आई के एलिसेला ने बताया कि मौके पर विजय रेड्डी, राजमन की टीम मौजूद थी जो कि SZC मेंबर है, जिनकी सुरक्षा में नक्सल कमांडर राजू सलाम की टीम भी मौजूद थी, एसपी ने दावा किया कि जिस तरह से लंबे समय तक मुठभेड़ चली है और भी नक्सली इसमें घायल हुए है या मारे गए है।

ऑक्सीजोन की तरह पूरे देश को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है छत्तीसगढ़ : CM विष्णुदेव साय

ऑक्सीजोन की तरह पूरे देश को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है छत्तीसगढ़ : CM विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री साय विश्व वानिकी दिवस पर विधानसभा में आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल

फॉरेस्ट्स एण्ड फूड्स थीम पर आधारित है वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विश्व वानिकी दिवस संगोष्ठी में शामिल होकर प्रदेशवासियों को वन संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘ऑक्सिजोन’ बनकर पूरे भारत को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस ‘फारेस्ट एंड फूड’ थीम पर आधारित है, जो इस बात पर बल देता है कि वन केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि पोषण, रोजगार और संस्कृति का भी स्रोत हैं। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वाइल्ड एडिबल प्लांट्स इन छत्तीसगढ़ स्टेट’ पुस्तक का विमोचन किया तथा पुदीना-मिंट फ्लेवर के बस्तर काजू प्रोडक्ट को लॉन्च भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय भाई बहनों की है जो वनों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वनों में निवासरत जनजातीय भाई-बहनों को वनाधिकार पट्टे प्रदान कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और खेती की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि बस्तर की इमली, जशपुर का महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसे सैकड़ों लघु वनोत्पाद छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, वनवासी संस्कृति और समृद्ध जैव विविधता पूरे देश के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बस्तर का धूड़मारास अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थान बना चुका है। पर्यटन का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगभग चार करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपल कार्यक्रम के अंतर्गत हर चौराहे पर पीपल का रोपण किया गया है, जो भविष्य में शुद्ध ऑक्सीजन का सशक्त स्रोत बनेंगे। पीपल का पेड़ वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला वृक्ष है, और यह पहल शहरी हरियाली की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर वनों में गिने जाते हैं। साल और सागौन के वृक्ष यहां की प्राकृतिक शोभा हैं। साल के वनों में एक अनूठा सम्मोहन है और यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जंगल हैं, तब तक जीवन है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों का पूरा जीवन वनों पर आधारित है। उनका जीवनस्तर ऊँचा उठाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, और इसका सबसे कारगर उपाय वन क्षेत्र का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों के पास प्रकृति का अनुभवजन्य ज्ञान है – उसका समुचित उपयोग कर हम विकास और संरक्षण दोनों को संतुलित कर सकते हैं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायकगण धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह,  योगेश्वर राजू सिन्हा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

PPT Exam 2025 : पीपीटी परीक्षा के लिए 11 अप्रैल तक कर सकेंगे ऑनलाईन आवेदन, जानें डिटेल्स

PPT Exam 2025 : पीपीटी परीक्षा के लिए 11 अप्रैल तक कर सकेंगे ऑनलाईन आवेदन, जानें डिटेल्स

चॉईस सेंटर, लोक सेवा केन्द्रों में भी फॉर्म भरने की सुविधा मिलेगी

पॉलीटेक्निक कॉलेज धमतरी में भी भर सकते हैं फॉर्म

धमतरी : छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आयोजित की जाने वाली प्री पॉलीटेक्निक टेस्ट (पीपीटी) परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यार्थी 11 अप्रैल तक मण्डल की आधिकारिक वेबसाईट vyapamcg.cgstate.gov.in पर ऑनलाईन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। इस परीक्षा के लिए चॉईस सेंटरों और लोकसेवा केन्द्रां में भी फॉर्म भरने की सुविधा दी गई है। धमतरी जिले के विद्यार्थी 11 अप्रैल तक भोपाल राव पवार शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में भी परीक्षा के फॉर्म भर सकते हैं।-

इस परीक्षा के लिए छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। राज्य के शासकीय और निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है। पॉलीटेक्निक के तीन साल के इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए विज्ञान और गणित विषय के साथ दसवीं परीक्षा पास होना अनिवार्य किया गया है। चालू शैक्षणिक सत्र में दसवीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थी भी पीपीटी परीक्षा के लिए फॉर्म भर सकते हैं। बारहवीं कक्षा पास और चालू शैक्षणिक सत्र में बारहवीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थी भी पीपीटी की इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीपीटी परीक्षा की संभावित तिथि एक मई 2025 है। इसके लिए प्रवेश पत्र 22 अप्रैल से व्यावसायिक परीक्षा मण्डल की आधिकारिक वेबसाईट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। यह परीक्षा छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी।
ऐसे करें ऑनलाईन आवेदन- vyapamcg.cgstate.gov.in
प्रोफाईल रजिस्ट्रेशन में जाकर नया प्रोफाईल और पासवर्ड बनाएं, रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर एवं पासवर्ड एंटर कर लॉगिन करें, व्यक्तिगत जानकारी (पर्सनल डिटेल) दर्ज कर स्वयं का फोटो एवं हस्ताक्षर (50-100 केबी) अपलोड करें, प्रोफाईल में Pre Polytechnic Entrance Exam (PPT 2025)  मे एप्लाई करें, प्रवेश के लिए शैक्षणिक अर्हता को Yes करें एवं सेव और सबमिट करें। आवेदन का प्रिंट आउट लें।

अब नक्सली WhatsApp पर दे सकते हैं सरेंडर की सूचना, SP ने जारी किया मोबाइल नंबर

अब नक्सली WhatsApp पर दे सकते हैं सरेंडर की सूचना, SP ने जारी किया मोबाइल नंबर

 गरियाबंद : छत्तीसगढ़ में अब नक्सली सीधे WhatsApp पर कॉल, मैसेज करके सरेंडर कर सकते हैं. जिसके लिए मोबाइल नंबर भी जारी कर दिया गया हैं. सुरक्षाबलों ने आओ खुशहाल जिंदगी की ओर वापस लौट आए इस नाम से पोस्टर जारी किए गए हैं. साथ ही आत्मसमर्पण किए नक्सलियों ने अपने साथियों से अपील की है. माओवादी चंगुल में फंसे साथियों से घर लौटने के लिए कहा है.

गरियाबंद एसपी ने मोबाइल नंबर जारी किया है. ये नंबर 9479190067 है. इसके आलावा 9179987988, 9131897730, 8103062326, 6260754858 पर आप कॉल, मैसेज, WhatsApp करके सरेंडर कर सकते हैं.

CG Naxalite Surrender : अब नक्सली WhatsApp पर दे सकते हैं सरेंडर की सूचना, SP ने जारी किया मोबाइल नंबर जारी 

नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलेगा ये लाभ
छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति और नियद नेल्लानार योजना के कारण कई माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं. इस योजना के तहत, सरेंडर करने वाले माओवादियों को पुनर्वास, रोजगार और शिक्षा. इसके अलावा, नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए भी राहत और पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है.

Weather Update: छत्तीसगढ़ में मौसम का बड़ा अलर्ट, कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश, इन इलाकों में जमकर हुई ओलावृष्टि

Weather Update: छत्तीसगढ़ में मौसम का बड़ा अलर्ट, कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश, इन इलाकों में जमकर हुई ओलावृष्टि

 Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में बारिश की चेतावनी जारी की गयी है। राजधानी रायपुर सहित छत्तीसढ़ के सरगुजा संभाग के भी कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होगी। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए ये चेतावनी दी है। जारी चेतावनी के मुताबिक प्रदेश के उपर एक सिस्टम बना हुआ है, जिसकी वजह से प्रदेश के मौसम में ये बदलाव आया है।

इस वजह से मौसम में बदलाव

मिली जानकारी के अनुसार एक द्रोणिका ओडिशा के मध्यम भागों में दक्षिणी छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक द्रोणिका फैली हुई है। एक चक्रवाती परिसंचरण अफगानिस्तान के ऊपर बना हुआ है। जिसकी वजह से एक सिस्टम बना है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

इसके अलावा न्यूनतम तापमान में भी कमी आ सकती है। ओलावृष्टि से किसानों की फसलों पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई है। अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। उत्तर छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह से बदल गया है

ओलावृष्टि से मौसम में ठंडक

बलरामपुर सहित सरगुजा जिले के कई इलाकों में छिटपुट बारिश हुई थी। अगले 24 घन्टे मौसम विभाग ने संभाग के कई स्थानों पर बारिश के साथ ही ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। गुरुवार शाम को बारिश के दौरान बलरामपुर जिले के गणेशमोड़ में बिजली गिरने से एक बुजुर्ग इरफान खान (60) की मौत हो गई एवं उसका साथी हसनात खान (45) घायल हो गया।

दोनों चादों के कंदरी से बलरामपुर आ रहे थे। मौसम खराब होने पर वे झोपड़ीनुमा घर में बारिश से बचने रुके थे। इसी दौरान गाज गिरने से दोनों चपेट में आ गए। जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है, वहां आम, महुआ के साथ सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ है।

आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी

विक्षोभ के प्रभाव से कई क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। एक व्यक्ति झुलस गया है।बलरामपुर जिले के शंकरगढ और बलरामपुर जिले के सीमावर्ती लहसुनपाट में शुक्रवार सुबह जमकर ओलावृष्टि हुई। करीब आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि के बाद लहसुनपाट का इलाका बर्फ की सफेद चादरों से ढंका नजर आया।ओले सड़क, खेत खलिहान में बिछ गए।

ओलावृष्टि के कारण लहसुनपाट का नजारा कश्मीर की तरह नजर आने लगा। ओलावृष्टि एवं बारिश के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई है। बलरामपुर के कुछ अन्य इलाकों में भी ओले गिरे हैं और कुछ स्थानों पर बारिश भी हुई है। उत्तर छत्तीसगढ़ में गुरुवार से मौसम का मिजाज बदला है।

न्यायधानी में यहां धर्मांतरण चल रहा था काला खेल : प्रार्थना सभा की आड़ में ऐसे किया जा रहा ब्रेनवाश, तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज…

न्यायधानी में यहां धर्मांतरण चल रहा था काला खेल : प्रार्थना सभा की आड़ में ऐसे किया जा रहा ब्रेनवाश, तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज…

 बिलासपुर। जिले से एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। जहां प्रार्थना सभा की आड़ में हिंदुओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था। हिंदू संगठनों के विरोध और शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

दरअसल, मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर का है, जहां एक भवन में मसीही समाज ने प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। बताया जा रहा है, इसमें हिंदुओं को भी आमंत्रित किया गया था। यहां ईसाई धर्म के प्रचार के साथ निजी कारणों से परेशान लोगों का प्रार्थना के नाम पर ब्रेनवाश कर धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा था।

इधर, हिन्दू संगठनों को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद हिन्दू संगठनों ने मौके पर दबिश दी। बाद में पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। टिकरापारा निवासी महिला के शिकायत पर पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। धार्मिक स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत FIR की कार्रवाई की गई है।

CG ब्रेकिंग : सुकमा में 2 लाख की ईनामी महिला नक्सली समेत 4 माओवादियों ने किया सरेंडर

CG ब्रेकिंग : सुकमा में 2 लाख की ईनामी महिला नक्सली समेत 4 माओवादियों ने किया सरेंडर

 सुकमा :  सुकमा में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर, पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय 1 महिला सहित 4 नक्सलियों ने लाल आतंक का साथ छोड़ आत्मसर्पण किया है। उपरोक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राषिएवं अन्य सुविधायें प्रदान करोये जायेंगे।

सरेंडर करने वाले माओवादियों में –

01.कलमू आयते पति भीमा उर्फ कुहराम (केएएमएस अध्यक्ष, दुलेड़ आरपीसी, जिसपर 2 लाख रूपये ईनाम है,  2. नुप्पो रघु मिलिषिया सदस्य, मोरपल्ली आरपीसी 3. मड़कम कोना मिलिशिया सदस्य, मोरपल्ली आरपीसी 4. सोड़ी लच्छा मिलिशिया सदस्य,मोरपल्ली आरपीसी के द्वारा नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में निरीक्षक रोशन सिंह राजपूत, प्रभारी नक्सल सेल, निरीक्षक अरपर्ण गोगोई, 50 वाहिनी सीआरपीएफ, निरीक्षक सुजीत कुमार, 223 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया।