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तालाब में मिला नर कंकाल : रस्सी से बंधा था शव, इलाके में फैली सनसनी

तालाब में मिला नर कंकाल : रस्सी से बंधा था शव, इलाके में फैली सनसनी

 नगरी। छत्तीसगढ़ केधमतरी जिले के नगरी में एक तालाब में नर कंकाल मिला। इससे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह नर कंकाल दो लकड़ी के खूंटे से बंधा हुआ है और उसपर दो सीमेंट का फेसिंग पोल रखा गया है। इस वजह से शव तालाब में डूबा हुआ था। गर्मी के कारण तालाब का पानी कम हुआ तब लोगों की नजर इस पर पड़ी। 

हत्यारे ने हत्या के बाद बड़ी ही चालाकी से लाश को छुपाने के लिए ऐसा किया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। अभी नर कंकाल की पहचान नहीं हुई है। पुलिस के लिए इसकी शिनाख्ति बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। पहचान के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।

एक दिन पहले धरसींवा में मिली थी युवती की लाश

वहीं सोमवार (24 मार्च) को धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में चार दिन पहले गुम हुई एक महिला की लाश सड़क किनारे खेत में मिली। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सप्ताहभर के अंदर महिला की लाश मिलने की यह दूसरी घटना है। इस मामले में पुलिस अब तक चुप्पी साधे हुए है। बता दें कि, औद्योगिक क्षेत्र मोहदी-टाढ़ा सड़क मार्ग में खेत किनारे एक 24 वर्षीय महिला की सड़ी-गली अर्धनग्न लाश मिली। शव देखकर लग रहा है कि, जानवरों ने भी उसे नोच खाया है। जब आसपास बदबू आने लगी तो लोगों ने शव देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच की तो पास ही एक आधार कार्ड मिला, जिसमें सरिता यादव नाम लिखा हुआ था। 

परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी

पुलिस ने बताया कि, दो दिन पहले ही युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ग्राम नरदाह निवासी लखेश्वर यादव (28), मृतका के पति ने रिपोर्ट दर्ज कराया था। उसने बताया कि, 20 मार्च को रात 12 बजे वह घर से निकलकर कहीं चली गई। पुलिस उसकी तलाश कर ही रही थी कि, रविवार शाम उसकी सड़ी-गली लाश मिली। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 

फिर शर्मशार हुई मानवता : बाल्टी में मिला नवजात का शव, मामले की जांच कर रही पुलिस

फिर शर्मशार हुई मानवता : बाल्टी में मिला नवजात का शव, मामले की जांच कर रही पुलिस

 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से मानवता को शर्मशार करने का मामला सामने आया है। एक बाल्टी में नवजात का शव मिला है। प्रसव के बाद नवजात को बाल्टी में रखकर प्रसूता और साथी फरार हो गए हैं। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 

मिली जानकारी के अनुसार, बौरीपारा स्थित सुभाष कान्वेंट स्कूल के पास किराये के मकान कैंपस में एक बाल्टी में नवजात का शव मिला है। प्रसव के बाद नवजात को बाल्टी में रखकर प्रसूता और साथी फरार हो गए हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात का शव बरामद किया फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

घर के सामने बरामदे में मिली राज मिस्त्री की लाश 

वहीं सोमवार को रायगढ़ जिले के एक घर के बरामदे में संदिग्ध परिस्थितियों में राज मिस्त्री की लाश मिली है। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। राज मिस्त्री की लाश को देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। 

बेटा-बहू गायब, उन्हीं पर हत्या का आरोप 

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक का नाम ओमप्रकाश गोंड था। ग्राम कोरबा जिले का रहने वाला था। वह राज मिस्त्री का काम करता था। बताया जा रहा है कि, ग्राम बरौद गांव के औरामुड़ा में अपने बेटा और बहु के साथ किराये के मकान में रहता था। ग्रामीणों ने घर के सामने बरामदे में ओमप्रकाश की लाश संदिग्ध परिरिथतियों में देखी। इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। वहीं घटना वाले दिन बेटा और बहु घर से गायाब थे।  ग्रामीण बेटा और बहु पर हत्या कर भाग जाने की आशंका जता रहे है। 

दंतेवाड़ा में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, 5 नक्सली ढेर, सर्च अभियान जारी

दंतेवाड़ा में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, 5 नक्सली ढेर, सर्च अभियान जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर-नारायणपुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। अब तक 5 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मौके से 3 शव और इंसास राइफल बरामद की गई है। नक्सलियों के बड़े कैडर्स की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने कोर इलाके में घेराबंदी की। करीब 500 जवान इस अभियान में शामिल हैं। फायरिंग सुबह 8 बजे से जारी है।

इंद्रावती नदी के पार ऑपरेशन

पुलिस को जानकारी मिली थी कि इंद्रावती नदी के पार भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसी आधार पर एक दिन पहले दंतेवाड़ा और बीजापुर से जवानों को अभियान के लिए रवाना किया गया था। 25 मार्च की सुबह नक्सलियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई।

सूत्रों के मुताबिक, फोर्स ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय और एएसपी आरके बर्मन ने बताया कि मुठभेड़ जारी है। पूरी स्थिति सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

चार दिन पहले इसी इलाके में 30 नक्सली मारे गए थे

चार दिन पहले इसी इलाके में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 30 नक्सलियों को मार गिराया था। दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर 26 और कांकेर में 4 नक्सली ढेर हुए थे। यह नक्सलियों के लिए उनके TCOC (टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) माह में सबसे बड़ा नुकसान माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह हमला हाल ही में सरेंडर किए नक्सली दिनेश मोड़ियाम की सूचना के आधार पर किया गया था।

नहीं थम रहा रफ्तार का कहर : 3 बाइक और कार में जोरदार भिड़ंत, 3 की मौत, तीन घायल

नहीं थम रहा रफ्तार का कहर : 3 बाइक और कार में जोरदार भिड़ंत, 3 की मौत, तीन घायल

 गरियाबंद :-  छत्तीसगढ़ के राजिम-गरियाबंद 130 सी में आज भीषण सड़क हादसा हो गया. यहां तीन बाइक और तेज रफ्तार कार के बीच जबरदस्त भिंड़त में 3 लोगों की मौत हो गई. हादसे में तीन लोग बुरी तरह से घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है. घटना राजिम-गरियाबंद मुख्यमार्ग पर स्थित सुरसाबांधा मोड़ की है.

जानकारी के अनुसार, सूरसाबांधा मोड़ पर तीन मोटरसाइकिल और तेज रफ्तार ऑल्टो कार की आमने-सामने से भिड़ंत हो गई. घटना के बाद बाइकें एक के ऊपर एक ढेर हो गई. हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इलाज के दौरान दो लोगों ने दम तोड़ दिया. सभी मृतक जेंजरा गांव के रहने वाले थे. वहीं दुर्घटना में तीन लोग घायल है, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. यहां प्राथमिक इलाज के बाद स्थिति को देखते हुए घायलों को रायपुर रेफर किया गया है.

घटना के बाद प्रमुख मार्ग पर जाम स्थिति निर्मित हो गई. हालांकि सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थित को नियंत्रित कर जाम क्लिर कराया.

CG : ‘मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत से बनेगा समरस छत्तीसगढ़ – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

CG : ‘मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत से बनेगा समरस छत्तीसगढ़ – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

 रायपुर : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Draupadi Murmu) ने आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेते हुए प्रदेशवासियों को 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा की बधाई दी और विधान सभा की उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ‘मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत से छत्तीसगढ समरस ़प्रदेश बनेगा।

राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के असाधारण मार्गदर्शन का परिणाम बताया और उनके प्रति सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा, जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। उन्होंने अपने विधायक काल की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना जनसेवा की भावना से प्रेरित व्यक्तियों के लिए एक सौभाग्य होता है। उन्होंने विधान सभा को संस्कृति की संवाहक और नीति निर्धारण की दिशा देने वाला केंद्र बताया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा अपनाई गई अनुशासित और मर्यादित परंपराओं की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने ‘स्वयमेव निलंबन‘ जैसे नियमों की सराहना की और इस बात को ऐतिहासिक बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा।

राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ को मातृशक्ति का साक्षात प्रतीक बताते हुए राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को नमन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिला विभूति मिनी माता को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। साथ ही उन्होंने इस बात की सराहना की कि आज विधान सभा में 19 महिला विधायक हैं और राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे राज्य की अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को धरातल पर उतारने की अपील की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है।उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावना है। उन्होंने पर्यावरण-संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक लोक शिल्प की देश-विदेश में सराहना होती है। यह सुंदर राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों तथा अन्य प्राकृतिक वरदानों से समृद्ध है। छत्तीसगढ़ को महानदी, हसदेव, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति को अद्वितीय और प्रेरणादायक बताते हुए राज्य की जनता की ओर से उनका हृदय से स्वागत किया। उन्होंने भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जन-आकांक्षाओं की गहरी समझ का परिणाम था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसमें अधोसंरचना विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यपाल श्री डेका ने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को गर्व और सम्मान की यात्रा बताया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाला मंच है। राज्यपाल ने विधानसभा की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना की, जिनसे राज्य को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया गया। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास के निरंतर प्रयासों से बस्तर अंचल के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है।

राज्यपाल ने राज्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की।उन्होंने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नमन करते हुए कई महापुरुषों का स्मरण किया, जिनमें माता शबरी, गुरु घासीदास, स्वामी विवेकानंद, वीर नारायण सिंह, मिनीमाता आदि प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद के किशोर जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छत्तीसगढ़ में बीते, जिसने उनके आत्मिक विकास में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष हमें एक नई ऊर्जा देता है, और यह हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए कि ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया‘ की पहचान को बनाए रखते हुए राज्य को समान अवसर, सर्वांगीण समृद्धि और सांस्कृतिक गरिमा से युक्त विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में आगे ले जाएँ।

समारोह को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी संबोधित किया। राज्यपाल रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के ‘रजत जयंती समारोह के अवसर पर विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तक का विमोचन किया और उसकी प्रथम प्रति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेंट की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के सभी सदस्यगण, विधानसभा के सभी विधायकगण उपस्थित थे।

TRANSFER BREAKING : राज्य वित्त सेवा संवर्ग के अधिकारियों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…!!

TRANSFER BREAKING : राज्य वित्त सेवा संवर्ग के अधिकारियों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…!!

रायपुर : राज्य शासन ने राज्य वित्त सेवा संवर्ग के अधिकारयों की पदस्थापना का आदेश जारी किया है. एक दर्जन से ज्यादा अधिकारियों का तबादला किया गया है. वहीं आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है. 

मानवता हुई शर्मसार: प्रेमी से मिलने गई प्रेमिका, ब्वॉयफ्रेंड के दोस्तों ने डरा-धमका कर किया गैंगरेप, आरोपी गिरफ्तार…

मानवता हुई शर्मसार: प्रेमी से मिलने गई प्रेमिका, ब्वॉयफ्रेंड के दोस्तों ने डरा-धमका कर किया गैंगरेप, आरोपी गिरफ्तार…

 सरगुजा: छत्तीसगढ़ में आज फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. सरगुजा में 3 दरिंदों ने एक 15 साल की किशोरी को 4 दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप के घिनौने वारदात को अंजाम दिया है. पीड़िता ने घटना की शिकायत दरिमा थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

जानकारी के मुताबिक, आरोपी प्रेमी ने पीड़िता को अपने दोस्त के घर पर मिलने बुलाया था. पीड़िता अपने प्रेमी से मिलने पहुंची ही थी, कि इसी बीच प्रेमी के अन्य दो दोस्त सुरेंद्र सिंह और यशवंत सिंह भी वहां पहुंच गए. इसके बाद दरिंदो ने पीड़िता को बदनाम करने की धमकी देते हुए लगातार 4 दिन तक सामूहिक दुष्कर्म करते रहे.

पीड़िता जब घर लौटी तो उसने परिजनों से अपनी पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद परिजनों ने पीड़िता के साथ दरिमा थाने में शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल आरोपियों के खिलाफ पास्को अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और नाबालिक प्रेमी सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायीक रिमांड पर जेल भेज दिया है

Chhattisgarh : आम लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब छुट्टी के दिन भी खुलेगा यह ऑफिस…

Chhattisgarh : आम लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब छुट्टी के दिन भी खुलेगा यह ऑफिस…

 रायपुर :- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से शासकीय प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत है।

इसी कड़ी में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के स्पष्ट निर्देश पर जनसुविधा को सर्वाेपरि रखते हुए महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा आज ही सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर यह निर्देशित किया गया है कि मार्च माह के सार्वजनिक अवकाश के दिनों 25, 29, 30 एवं 31 मार्च को भी सभी रजिस्ट्री कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त, नागरिकों की सुविधा हेतु रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट का समय सायं 5 बजे से बढ़ाकर सायं 7 बजे तक कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि आज दिनांक 24 मार्च को रजिस्ट्री विभाग के सॉफ्टवेयर एन.जी.डी.आर.एस. (NGDRS) में तकनीकी समस्या आने के कारण सर्वर अस्थायी रूप से डाउन हो गया, जिससे कुछ समय के लिए रजिस्ट्री कार्य बाधित हुआ। एन.जी.डी.आर.एस. सॉफ्टवेयर का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), पुणे द्वारा किया जाता है। जैसे ही सर्वर डाउन होने की सूचना प्राप्त हुई, तुरंत एनआईसी पुणे और एनआईसी रायपुर की तकनीकी टीम से समन्वय स्थापित कर तत्काल सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई। अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप सायं 6 बजे तक सर्वर सुचारू रूप से कार्य करने लगा और रजिस्ट्री कार्य पुनः प्रारंभ हो गया। आगे ऐसी कोई तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए एनआईसी के साथ लगातार तकनीकी समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।

राष्ट्रपति मुर्मु का छत्तीसगढ़ विधान सभा में आह्वान: नारी सशक्तीकरण और समरसता से बनेगा श्रेष्ठ छत्तीसगढ़

राष्ट्रपति मुर्मु का छत्तीसगढ़ विधान सभा में आह्वान: नारी सशक्तीकरण और समरसता से बनेगा श्रेष्ठ छत्तीसगढ़

‘मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत से बनेगा समरस छत्तीसगढ़ -  द्रोपदी मुर्मु

लोकतांत्रिक परंपराओं में छत्तीसगढ़ विधानसभा एक आदर्श उदाहरण - राज्यपाल  रमेन डेका

 रायपुर, 24 मार्च 2025/भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेते हुए प्रदेशवासियों को 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा की बधाई दी और विधान सभा की उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के असाधारण मार्गदर्शन का परिणाम बताया और उनके प्रति सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा, जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। उन्होंने अपने विधायक काल की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना जनसेवा की भावना से प्रेरित व्यक्तियों के लिए एक सौभाग्य होता है। उन्होंने विधान सभा को संस्कृति की संवाहक और नीति निर्धारण की दिशा देने वाला केंद्र बताया।

*छत्तीसगढ़ विधान सभा: अनुकरणीय संसदीय आचरण का प्रतीक

 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा अपनाई गई अनुशासित और मर्यादित परंपराओं की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने 'स्वयमेव निलंबन' जैसे नियमों की सराहना की और इस बात को ऐतिहासिक बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ को मातृशक्ति का  साक्षात प्रतीक बताते हुए  राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को नमन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिला विभूति मिनी माता को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। साथ ही उन्होंने इस बात की सराहना की कि आज विधान सभा में 19 महिला विधायक हैं और राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे राज्य की अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को धरातल पर उतारने की अपील की।

समावेशी समाज की दिशा में छत्तीसगढ़ की नीतिया

 राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा पारित 565 विधेयकों को समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक बताया। विशेष रूप से महिलाओं को रूढ़ियों पर आधारित प्रताड़ना से मुक्त कराने वाले अधिनियम का उल्लेख करते हुए डॉ. रमन सिंह जी के कार्यकाल में इसे विधान सभा का महत्वपूर्ण योगदान बताया।

प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है।उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावना है। उन्होंने पर्यावरण-संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक लोक शिल्प की देश-विदेश में सराहना होती है। यह सुंदर राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों तथा अन्य प्राकृतिक वरदानों से समृद्ध है। छत्तीसगढ़ को महानदी, हसदेव, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है। छत्तीसगढ़ को आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। राज्य के आप सब नीति-निर्माताओं पर विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की ज़िम्मेदारी है। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास-यात्रा से जोड़ना भी सभी जनप्रतिनिधियों का उत्तरदायित्व है।

वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति की ओर निर्णायक प्रगति

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा।

सामाजिक समरसता का मूलमंत्र : ‘मनखे-मनखे एक समान’

 गुरु घासीदास जी के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को उद्धृत करते हुए राष्ट्रपति ने सामाजिक समानता और समरसता के आदर्श छत्तीसगढ़ के निर्माण की बात कही। राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा को आदर्श लोकतांत्रिक संस्थान बताते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सभी जनप्रतिनिधियों से श्रेष्ठ छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति को अद्वितीय और प्रेरणादायक बताते हुए राज्य की जनता की ओर से उनका हृदय से स्वागत किया। उन्होंने  भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जन-आकांक्षाओं की गहरी समझ का परिणाम था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसमें अधोसंरचना विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यपाल श्री डेका ने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को गर्व और सम्मान की यात्रा बताया। 

 राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा अपनाए गए ‘स्वयमेव निलंबन’ नियम को अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इसे पूरे देश की विधानसभाओं के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे राष्ट्रभर में सराहा गया है।
 उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाला मंच है। राज्यपाल ने विधानसभा की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना की, जिनसे राज्य को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया गया। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास के निरंतर प्रयासों से बस्तर अंचल के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है।

खनिज संपदा से औद्योगिक शक्ति बनने की यात्रा

 राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख स्टील और ऊर्जा उत्पादक राज्य बताते हुए उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। राज्यपाल ने जानकारी दी कि वर्तमान विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं, जो कुल सदस्यों का 21.11 प्रतिशत हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तिकरण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया और राज्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की।उन्होंने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नमन करते हुए कई महापुरुषों का स्मरण किया, जिनमें माता शबरी, गुरु घासीदास, स्वामी विवेकानंद, वीर नारायण सिंह, मिनीमाता आदि प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद के किशोर जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छत्तीसगढ़ में बीते, जिसने उनके आत्मिक विकास में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष हमें एक नई ऊर्जा देता है, और यह हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की पहचान को बनाए रखते हुए राज्य को समान अवसर, सर्वांगीण समृद्धि और सांस्कृतिक गरिमा से युक्त विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में आगे ले जाएँ।
चैत्र नवरात्र 30 मार्च से, श्री शनिदेव मंदिर में नवग्रह शांति मनोकामना ज्योत की जा जाएगी प्रज्जवलित

चैत्र नवरात्र 30 मार्च से, श्री शनिदेव मंदिर में नवग्रह शांति मनोकामना ज्योत की जा जाएगी प्रज्जवलित

रायपुर :- चैत्र नवरात्र 30 मार्च से श्री शनिदेव मंदिर मारुति लाइफस्टाइल के सामने मेन रोड कोटा रायपुर में शनि पुजारी विकास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रि व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 30 मार्च को है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होंगी  नवरात्र पर्व के उपलक्ष्य पर भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने हेतु नवग्रह शांति मनोकामना ज्योत प्रज्जवलित की जा रही है,एवं मंदिर में विशेष साज सज्जा श्रृंगार व मंदिर को जगमग रौशनी से सजावट की जायेगी ज्योति पंजीयन भक्तगण मंदिर परिसर पर करा सकते हैं। इस वर्ष *चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से 05 अप्रैल तक मनाई जाएगी।

ट्रांसफर ब्रेकिंग : TI, ASI सहित 80 से ज्यादा पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला…देखिए लिस्ट..!!

ट्रांसफर ब्रेकिंग : TI, ASI सहित 80 से ज्यादा पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला…देखिए लिस्ट..!!

 बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार जिले में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया गया है। SSP विजय अग्रवाल ने निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित हेड कांस्टेबल और 66 कांस्टेबलों का ट्रांसफर आदेश जारी किया है। जारी हुए आदेश में बलौदाबाजार जिले के जिन 86 पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ है, उसमें 4 निरीक्षक, 6 सहायक उपनिरीक्षक (ASI), 10 प्रधान आरक्षक और 66 आरक्षकों के नाम शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी 30 मार्च को रहेंगे छत्तीसगढ़ के दौरे पर : 55 एकड़ में बन रहा विशाल सभा स्थल

प्रधानमंत्री मोदी 30 मार्च को रहेंगे छत्तीसगढ़ के दौरे पर : 55 एकड़ में बन रहा विशाल सभा स्थल

 बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभठ्ठा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। मोहभठ्ठा में प्रधानमंत्री मोदी की आमसभा के लिए 55 एकड़ का विशाल सभा स्थल तैयार किया जा रहा है। इसके नजदीक ही तीन हेलीपेड और 9 पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं।

तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सचिव पी दयानन्द ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी आवश्यक तैयारियां 25 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम साय के सचिव पी.दयानन्द ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम है। बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग पीएम को सुनने पहुंचेंगे। सभा में शामिल होने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाये।

सचिव दयानन्द ने सभास्थल पर मुख्य मंच, हेलीपेड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने सभास्थल के समीप बनाये गये पार्किंग स्थलों का भी जायजा लिया और वहां जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बाइक सहित नाले में मिला युवक का शव, हत्या या हादसा जाँच में जुटी पुलिस!

बाइक सहित नाले में मिला युवक का शव, हत्या या हादसा जाँच में जुटी पुलिस!

 रायपुर :- राजधानी रायपुर के शंकर एक्सप्रेस-वे के नाले में एक युवक की संदिग्ध अवस्था में लाश मिली है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर जांच में जुट गई है. प्रथम दृष्ट्या युवक की हत्या कर शव फेंकने की आशंका जताई जा रही है.यह मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र का है.

मिली जानकारी के मुताबिक मृतक के पास से एक यामाहा मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जिसे घटनास्थल से पुलिस ने जब्त किया है.

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए FSL और डॉग स्कॉड की टीम को भी मौके पर बुलाया है. वहीं पुलिस ने शव की शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू की और मृतक की पहचान 25 वर्षीय मेघराज के रूप में हुई, जो चंपारण का निवासी था. मृतक के पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई है. फिलहाल, पुलिस ने शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है.

CG: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को एयरपोर्ट पर दी गई विदाई

CG: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को एयरपोर्ट पर दी गई विदाई

 रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होने के पश्चात ओडिशा के लिए रवाना हुई। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें विदाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव, विजय शर्मा सहित अधिकारी उपस्थित थे।

यूनिवर्सिटी को नोटिस, प्रोफेसर भर्ती पर लगी रोक

यूनिवर्सिटी को नोटिस, प्रोफेसर भर्ती पर लगी रोक

 बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी में यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर प्रोफेसर की भर्ती का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही, मामले में यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर (कॉमर्स) के पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। डा. राजेश कुमार शुक्ला ने भी भर्ती के लिए आवेदन किया। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें बताया गया कि भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी रेगुलेशन 2018 का उल्लंघन किया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने योग्यता नहीं रखने वाले उम्मीदवारों के आवेदन का त्रुटिपूर्ण सत्यापन किया है। साथ ही, उन्हें साक्षात्कार के लिए योग्य घोषित कर दिया है, जो नियमों के खिलाफ है। याचिका में बताया गया है कि प्राध्यापक पद के लिए यूजीसी रेगुलेशन 2018 में स्पष्ट नियम निर्धारित है। इसके अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर प्रोफेसर पद के लिए आवेदन तभी मान्य होगा, जब उसका कुल मासिक वेतन 7वें वेतनमान में नियुक्त सहायक प्राध्यापक या सह-प्राध्यापक के वेतन से कम न हो।

वर्तमान में 7वें वेतनमान के अनुसार सहायक प्राध्यापक का कुल वेतन 1,30,000/- रुपए से अधिक होना चाहिए। सत्यापन के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आइटीआर) या फार्म-16 की जांच आवश्यक है। याचिका के अनुसार अगर कोई आवेदक निजी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय से है, तो उसका शैक्षणिक अनुभव तभी मान्य होगा जब उसकी नियुक्ति संवैधानिक चयन समिति के माध्यम से हुई हो। लेकिन, यूनिवर्सिटी ने बिना नियम के प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर को भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर लिया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में किया कदम्ब का पौधरोपण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में किया कदम्ब का पौधरोपण

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

 रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। राष्ट्रपति मुर्मू छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल हुईं। विधानसभा पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस मौके पर राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मौजूद थे। उन्होंने विधायकों के साथ फोटो भी खिंचाई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी अभिवादन जय जोहार के साथ किया। उन्होंने छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया कहते हुए सभी को रजत जंयती वर्ष की गाड़ा-गाड़ा बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस विधानसभा में आकर ये मान्यता और भी मजबूत हो जाती है कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति के आगमन पर कृतज्ञता ज्ञापन करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ विधानसभा का रजत जयंती दिवस मना रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण किया था। लोकतंत्र की जड़ें भारत में वैदिक काल से मजबूत रही है। विधानसभा के सदस्य सत्र के लिए बहुत मेहनत करते हैं। एक अच्छे वातावरण में सदन का काम बेहतर चल रहा है। हाल में विधानसभा सदस्यों के लिए आइआइएम रायपुर पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया चलते रहने चाहिए। सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। आज राष्ट्रपति महोदय को हम सुनेंगे। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

बड़े सौभाग्य की बात होती है विधायक की जिम्मेदारी निभाना : राष्ट्रपति मुर्मू

बड़े सौभाग्य की बात होती है विधायक की जिम्मेदारी निभाना : राष्ट्रपति मुर्मू

 रायपुर। राष्ट्रपति मुर्मू छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल हुईं। विधानसभा पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस मौके पर राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मौजूद थे। उन्होंने विधायकों के साथ फोटो भी खिंचाई। मुर्मु ने संबोधन की शुरुआत जय जोहार के साथ की। उन्होंने कहा कि आपको देखकर मुझे ओडिशा विधानसभा में अपने पुराने दिनों की याद आ गई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह की बधाई दी। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुई थी। विधायक की जिम्मेदारी निभाना जनसेवक के भावना से बड़े सौभाग्य की बात होती है। इस विधानसभा की इतिहास को जानकर ये मान्यता मजबूत हुई है कि छत्तीसगढ़िया, सबले बढ़िया। छत्तीसगढ़ राज्य को मातृशक्ति का रूप कहा जा सकता है। जैसा यहां शबरी माता का उल्लेख किया गया। यहां छत्तीसगढ़ की महतारी के बारे में गाया जाता है। ये राज्य भारत माता का साक्षात प्रतीक है। नारी शक्ती के रूप में ये राज्य स्थापित है। भारत के संसदीय परंपरा में उनका सम्मानीय स्थान है।

राष्ट्रपति ने कहा कि वंचित वर्ग से आने वाली मिनीमाता ने समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य किया। इस सदन में महिलाओं की संख्या 19 है। इस सदन में महिलाओं को विशेष समर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने महिला विधायकों से अनुरोध किया कि वे अपने क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम करें। जब सभी बहनें एक-दूसरे को सशक्त बनाएंगी तो हमारा समाज और सशक्त होगा। महिला सदस्यों को प्रयास करना चाहिए कि आने वाले समय में यहां महिला सदस्यों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वामपंथी लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने आप जल्द सफल हों। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है। यहां खनिज, उद्योग, हरे-भरे जंगलों सहित ये राज्य प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। यहां महानदी, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदी का आशीर्वाद प्राप्त है। यहां के सदस्यों को प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की जिम्मेदारी है।

जिस रास्ते से गुजरेगा राष्ट्रपति का काफिला, वहां हुआ सड़क हादसा, अधिकारियों में मचा हड़कंप …

जिस रास्ते से गुजरेगा राष्ट्रपति का काफिला, वहां हुआ सड़क हादसा, अधिकारियों में मचा हड़कंप …

रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से ठीक पहले रायपुर में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है. उनके तय रूट पर रिंग रोड नंबर 3 पर दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिससे सड़क पर पेंट फैल गया है. हादसा मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में हुआ, जहां रेत से भरे डंपर और पेंट लदे ट्रक की जबरदस्त टक्कर हो गई.

हादसे के चलते सड़क पर चारों तरफ पेंट फैल गया, जिससे ट्रैफिक बाधित हो गया. प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रिंग रोड नंबर 3 का एक साइड आम ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया और राष्ट्रपति के काफिले के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई. घटना के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची और रास्ते को जल्द से जल्द क्लियर करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ विधानसभा में राज्यपाल, विस अध्यक्ष, सीएम, मंत्रियों सहित विधायकगणों ने ली ग्रुप फोटो

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ विधानसभा में राज्यपाल, विस अध्यक्ष, सीएम, मंत्रियों सहित विधायकगणों ने ली ग्रुप फोटो

 रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ राज्यपाल रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय, मंत्रियों सहित विधायकगणों ने विधानसभा परिसर में समूह फोटो खिंचाई।

 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ आगमन: स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ आगमन: स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

रायपुर:-  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आज छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में राज्यपाल  रमेन डेका, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय  अरुण साव एवं  विजय शर्मा, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे,  रमेश बैस, सुश्री सरोज पाण्डे, गौरीशंकर अग्रवाल, शिवरतन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया।

 

 आईएएस पदोन्नत, नए चयनित, सेवानिवृत्त और नव निर्वाचित के सम्मान में आयोजित हुआ छत्तीसगढ़ प्रशासनिक संघ सम्मेलन

आईएएस पदोन्नत, नए चयनित, सेवानिवृत्त और नव निर्वाचित के सम्मान में आयोजित हुआ छत्तीसगढ़ प्रशासनिक संघ सम्मेलन

बतौर मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री अरुण साव और मुख्य वक्ता पत्रकार सौरभ द्विवेदी सम्मिलित हुए
 
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (CASA) की ओर से शनिवार को मायरा रिजॉर्ट में सम्मान समारोह और सुफी नाइट आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य- नए चयनित अधिकारियों, आईएएस पदोन्नत अधिकारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों का सम्मान करना और निर्वाचन के माध्यम से नए पदाधिकारियों को संघ का दायित्व सौंपना था। बतौर मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सम्मेलन को संबोधित किया और बतौर वक्ता लल्लनटॉप के संपादक श्री सौरभ द्विवेदी ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। सुफी नाइट संध्या का सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने सपरिवार आनंद लिया।

मुख्य अतिथि  उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि शासन की योजनाओं को हर वर्ग तक पहुंचाने में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी राज्य के प्रशासनिक अधिकारी कुशल हैं। हमेशा मुस्कुराते हुए चुनौतियों का सामना करने की आदत होनी चाहिए, क्योंकि प्रशासनिक तंत्र का स्वरुप ऐसा है कि टीम जब काम करती है तब सफलता निश्चित है। राज्य के अधिकारियों की विशेषता है कि इन्हें क्षेत्रीय आवश्यकताओं की समझ है और योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतर भूमिका निभाते हैं। आप सभी के लिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है क्योंकि किसी भी परिस्थिति में औचक निरीक्षण-परीक्षण का कार्य आप करते हैं।

बतौर वक्ता पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने व्याख्यान के दौरान कहा कि प्रशासनिक अधिकारी तक अगर पहुंच सहज और सुलभ हो तो फरियादी का आधा दर्द वहीं खत्म हो जाता है, उसे सहारा मिल जाता है। यदि फरियादी की समस्या ध्यान से सुनकर उन्हें नीतिगत और वैधानिक तथ्यों को समझाया जाए तो दोनों ही पक्ष के लिए काम करना आसान हो जाता है। प्रशासन में दायित्व संभाल रही महिलाओं पर दोहरी जिम्मेदारी है इसलिए समय पर अपने खानपान और आराम का विशेष ध्यान रखें। दबावों के बीच कार्य करना आपकी विशेषता है लेकिन भरपुर सांस लेते रहिए, यह एक कला है जो आपके आत्मविश्वास और सुखद अनुभव के लिए आवश्यक है।

आईएएस पदोन्नत ये अधिकारी हुए सम्मानित-
संतोष कुमार देवांगन, आशुतोष पांडेय, हीना अनिमेश नेताम, लोकेश चंद्राकर, रीता यादव, प्रकाश कुमार सर्वे

निर्वाचन से नियुक्त नए पदाधिकारी-
अध्यक्ष- अजय त्रिपाठी, महासचिव- उमाशंकर बंदे, सहसचिव- धनंजय नेताम, कोषाध्यक्ष- नवीन भगत

सेवानिवृत्त ये अधिकारी सम्मानित-
प्रमोद शांडिल्य, ओंकार यदु, संजय दीवान, अशोक कुमार घृतलहरे, जोगेंद्र नायक

नए चयनित ये डिप्टी कलेक्टर्स सम्मानित हुए-
2024 बैच की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे शुभांगी गुप्ता और शुभम देव सम्मानित हुए।
 
इस दौरान छत्तीसगढ़ पीएससी से डिप्टी कलेक्टर बने सभी बैच के लिए कोऑर्डिनेटर्स नियुक्त किए गए हैं, ये संघ के कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में अपने बैच के अन्य अधिकारियों सूचित करेंगे और संघ के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। इसी तरह अन्य दायित्वों के लिए अधिकारियों का मनोनयन किया गया है।
 
 
 
"रजत जयंती वर्ष" कार्यक्रम में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु...देखें लाइव वीडियो

"रजत जयंती वर्ष" कार्यक्रम में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु...देखें लाइव वीडियो

 रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु "रजत जयंती वर्ष" में शामिल हुईं। सदन में राज्यपाल रामेन डेका, स्पीकर रमन के साथ पक्ष-विपक्ष के सदस्य मौजूद हैं। इससे पहले वे एयरफोर्स के विशेष विमान से रायपुर पहुंचीं थी। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत में छत्तीसगढ़ी कलाकारों ने नृत्य किया।

विधानसभा के 25 साल पूरे होने के मौके पर रजत जयंती वर्ष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू विधानसभा परिसर में विधायकों-मंत्रियों को संबोधित भी करेंगी। राष्ट्रपति दोपहर 1 बजे तक रायपुर में रह सकती हैं।

इस वजह से एयरपोर्ट पर आम यात्रियों के लिए बदलाव किए गए हैं। रिंग-रोड 3 पर भारी वाहनों की एंट्री बैन है। विधानसभा की ओर जाने वाली सड़क का दोपहर 2 बजे के बाद ही इस्तेमाल करें।

 

आत्मसमर्पण एवं पीड़ित पुनर्वास नीतिः सरेंडर करने वाले नक्सलियों को जमीन, वित्तीय सहयोग देगी सरकार

आत्मसमर्पण एवं पीड़ित पुनर्वास नीतिः सरेंडर करने वाले नक्सलियों को जमीन, वित्तीय सहयोग देगी सरकार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में एक नई आत्मसमर्पण और पीड़ित पुनर्वास नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत माओवादी हिंसा के शिकार लोगों को भूमि और नक्सल रोधी अभियानों में सुरक्षा बलों की सहायता से मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत-पुनर्वास नीति 2025’ का उद्देश्य नक्सली हिंसा के प्रभावितों को बेहतर मुआवजा, मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और नौकरी के अवसर प्रदान करना है।

साथ ही, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास और नया जीवन शुरू करने के लिए कानूनी सहायता भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि आत्मसमर्पण करने वाले अविवाहित नक्सलियों या जिनके पति या पत्नी अब जीवित नहीं हैं, उन्हें आत्मसमर्पण के तीन साल के भीतर विवाह करने के लिए एक लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा हाल ही में मंजूर की गई इस नीति में माओवादी हिंसा के शिकार व्यक्तियों को ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि या शहरी क्षेत्रों में आवासीय भूमि देने का भी प्रावधान है। इसका मुख्य उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों की सहायता करना और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज में पुनः समाहित करना है।

अधिकारियों के अनुसार, सरकार का मानना है कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए सख्त कार्रवाई और पुनर्वास के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

नई नीति के तहत, नक्सल रोधी अभियानों में पुलिस की विशेष सहायता करने वाले मुखबिरों की मृत्यु पर मुआवजे की राशि को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही, नक्सली हिंसा में स्थायी विकलांगता के मामलों में मुआवजा राशि को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है।

यदि नक्सलियों द्वारा किसी को हत्या, गंभीर चोट या स्थायी विकलांगता पहुंचाई जाती है, तो प्रभावित व्यक्ति या उसके परिवार को शहरी क्षेत्रों में 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि या 1,742 वर्ग फुट आवासीय भूमि दी जाएगी। यदि भूमि उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में चार लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों में आठ लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

यदि पीड़ित का परिवार घटना के तीन साल के भीतर कृषि भूमि खरीदता है, तो उसे अधिकतम दो एकड़ भूमि पर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट मिलेगी।

नक्सल हिंसा में जान गंवाने के मामलों में, यदि पीड़ित के परिवार को सरकारी नौकरी नहीं मिलती, तो उन्हें 15 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी (पति/पत्नी और बच्चों को 10 लाख रुपये, जबकि माता-पिता को पांच लाख रुपये)।

नई नीति में नक्सली हिंसा से पीड़ित लोगों के पुनर्वास की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, यदि राज्य के बाहर किसी व्यक्ति या परिवार को नक्सली हिंसा का शिकार बनाया जाता है, तो वे भी इस नीति के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे।

टीबी के खिलाफ जनजागरण और सहभागिता से ही बनेगा स्वस्थ छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

टीबी के खिलाफ जनजागरण और सहभागिता से ही बनेगा स्वस्थ छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विश्व क्षय (टीबी) दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से टीबी जैसे संक्रामक रोग के उन्मूलन के लिए एकजुट होकर कार्य करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न करने वाली चुनौती है, जिससे हमें मिलकर लड़ना है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि टीबी, जिसे तपेदिक भी कहा जाता है, एक संक्रामक रोग है, जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है और यह विश्वभर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। लोगों को इसके लक्षणों, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष 24 मार्च को ‘विश्व क्षय दिवस’ मनाया जाता है, ताकि इस बीमारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को गति दी जा सके।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में टीबी की रोकथाम के लिए प्रभावी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा है, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिल रहा है

मुख्यमंत्री  साय ने आमजन से अपील की कि यदि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत जांच कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते समय पर जांच हो और दवाएं नियमित रूप से ली जाएं। स्वस्थ जीवनशैली और सावधानी से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।