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‘5 जनवरी से मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस’ CWC की बैठक के बाद बोले राहुल गांधी

‘5 जनवरी से मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस’ CWC की बैठक के बाद बोले राहुल गांधी

 केंद्र सरकार द्वारा MGNREGA का नाम बदलकर उसे VB-G RAM G Act में बदलने के फैसले पर कांग्रेस ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। शनिवार को दिल्ली के नए कांग्रेस मुख्यालय 'इन्दिरा भवन' में हुई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में फैसला लिया गया कि पार्टी 5 जनवरी 2026 से पूरे देश में 'मनरेगा बचाओ आंदोलन' शुरू करेगी।

यह फैसला नोटबंदी जैसा विनाशकारी

राहुल गांधी बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "यह फैसला ठीक वैसा ही विनाशकारी है जैसे नोटबंदी थी। मोदी सरकार ने गरीबों की पीठ में छुरा घोंपा है। मनरेगा सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों के 'काम के अधिकार' की ढाल है। इसे खत्म करना ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को तबाह करने जैसा है।"

सड़क से संसद तक संघर्ष का संकल्प

 कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर 'अलोकतांत्रिक' होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कानून बिना किसी स्टडी या राज्य सरकारों से सलाह मशविरे के लाया गया है। खरगे ने कहा, "कोविड के संकट काल में इसी मनरेगा ने करोड़ों लोगों का चूल्हा जलाया था। हम इस कानून को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से विरोध करेंगे और 5 जनवरी से हमारा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर इस 'साजिश' का पर्दाफाश करेगा।"

ग्रेटर नोएडा में चौकाने वाला मामला! प्रसव के दौरान पेट में रह गया आधा मीटर सर्जिकल कपड़ा—महिला ने डॉक्टर और अधिकारियों पर दर्ज कराई FIR

ग्रेटर नोएडा में चौकाने वाला मामला! प्रसव के दौरान पेट में रह गया आधा मीटर सर्जिकल कपड़ा—महिला ने डॉक्टर और अधिकारियों पर दर्ज कराई FIR

 Greater Noida: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक महिला ने अपने पेट में सर्जिकल कपड़ा रह जाने का आरोप लगाते हुए निजी अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि यह घटना वर्ष 2023 की है, जब महिला का प्रसव हुआ था। कथित लापरवाही के कारण महिला को डेढ़ साल तक लगातार गंभीर पेट दर्द सहना पड़ा।

कौन-कौन शामिल हैं FIR में
नॉलेज पार्क थाने में 24 दिसंबर 2025 को छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इसमें शामिल हैं:
- चिकित्सक अंजना अग्रवाल और मनीष गोयल
- गौतम बुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) नरेंद्र कुमार
- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चंदन सोनी और आशा किरण चौधरी
- पुलिस के अनुसार, अदालत के निर्देशों के बाद कार्रवाई की गई है।

घटना का विवरण
शिकायतकर्ता अंशुल वर्मा, ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन सेक्टर की निवासी हैं। वह घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं और सिलाई-कढ़ाई से आजीविका चलाती हैं। महिला ने FIR में कहा कि 14 नवंबर 2023 को तुगलकपुर के ‘बैक्सन हॉस्पिटल’ में डॉ. अंजना अग्रवाल ने उनका प्रसव ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान कथित लापरवाही के कारण लगभग आधा मीटर लंबा सर्जिकल कपड़ा उसके पेट में रह गया, लेकिन उसे छुट्टी दे दी गई। इसके बाद महिला की तबियत बिगड़ने लगी और पेट में लगातार दर्द होने लगा।महिला ने कई अस्पतालों में चिकित्सकीय जांच कराई, लेकिन किसी ने भी पेट में कपड़े होने का संदेह नहीं जताया। 22 मार्च 2025 को उसे तेज बुखार और पेट में दर्द के कारण यथार्थ सिटी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कारण पता नहीं चला। अंततः अप्रैल 2025 में कैलाश अस्पताल में जांच के बाद उसके पेट में गांठ पाई गई और 22 अप्रैल 2025 को सर्जरी कर कपड़ा निकाला गया। महिला का आरोप है कि यह वही कपड़ा था जो 2023 में प्रसव के दौरान अंदर रह गया था। महिला ने कपड़े की तस्वीरें और वीडियो भी सबूत के रूप में पेश किए।

महिला ने लगाए गंभीर आरोप
- जांच में देरी की गई
- पेट से निकाले गए कपड़े को फोरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा गया
- चिकित्सकों और अधिकारियों ने महिला और उसके पति को चुप रहने की धमकी दी
- कथित लापरवाही के कारण महिला को दो बड़ी सर्जरी करानी पड़ीं और दूसरी सर्जरी के दौरान 8 यूनिट खून चढ़ाया गया
- महिला का आरोप है कि भविष्य में गर्भधारण की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है

पुलिस और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
थाना प्रभारी सर्वेश चंद्र ने कहा कि FIR दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार ने कहा कि अदालत के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने देरी के आरोप से इनकार किया और बताया कि कपड़ा समय पर जांच अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराया गया था।

जिंदा मरीज को मृत बता दिया! पुलिस पहुंची तो चल रही थी सांस—हैलेट अस्पताल में खौफनाक लापरवाही उजागर

जिंदा मरीज को मृत बता दिया! पुलिस पहुंची तो चल रही थी सांस—हैलेट अस्पताल में खौफनाक लापरवाही उजागर

 Kanpur News: कानपुर जिले के हैलेट अस्पताल से बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां अस्पताल के वार्ड नंबर-12 में भर्ती एक मरीज को जूनियर डॉक्टरों ने बिना पूरी जांच किए मृत घोषित कर दिया, जबकि वह जिंदा था। डॉक्टरों ने ना तो मरीज की नब्ज जांची, ना ही उसकी सांस या अन्य जरूरी मेडिकल जांच की पुष्टि की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई और पुलिस को सूचना दे दी गई।

पुलिस पहुंची तो जिंदा मिला मरीज
जब नगर थाना पुलिस अस्पताल की इमरजेंसी में शव लेने पहुंची, तो वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। मरीज बेड पर लेटा हुआ था और उसकी छाती ऊपर-नीचे हो रही थी, जिससे साफ था कि वह सांस ले रहा है और जिंदा है। पुलिस ने तुरंत इस गंभीर लापरवाही की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी। इसके बाद पूरे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई।

अज्ञात हालत में कराया गया था भर्ती
जानकारी के अनुसार, मरीज को गोविंद नगर पुलिस ने अज्ञात नाम-पते के साथ इलाज के लिए हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया था। वह सीनियर डॉक्टर ब्रजेश कुमार की देखरेख में इलाजरत था। कुछ दिनों से उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद बिना पूरी जांच के उसे मृत घोषित कर देना अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

परिजनों और तीमारदारों में गुस्सा
घटना की जानकारी फैलते ही अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजन और तीमारदार नाराज हो गए। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पहले ही डॉक्टरों और स्टाफ की कमी है और लापरवाही की शिकायतें आम हैं, लेकिन जिंदा मरीज को मृत घोषित कर देना बेहद डराने वाली गलती है। परिजनों ने दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल प्रशासन ने मानी बड़ी चूक
मामले की गंभीरता को देखते हुए हैलेट अस्पताल के एसआईसी डॉ. आर.के. सिंह और मेडिकल कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. ऋचा गिरी ने मौके पर पहुंचकर वार्ड का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने माना कि यह बहुत बड़ी लापरवाही है और इसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

48 घंटे में जांच रिपोर्ट देगी कमेटी
डॉ. आर.के. सिंह के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी को 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने साफ किया है कि जांच में जो भी डॉक्टर या स्टाफ दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मरीज की हालत स्थिर, इलाज जारी
फिलहाल राहत की बात यह है कि मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। उसे विशेष निगरानी में रखा गया है और लगातार इलाज किया जा रहा है। वहीं पुलिस ने भी पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है। यह घटना सिर्फ हैलेट अस्पताल ही नहीं, बल्कि पूरी सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिंदा मरीज को मृत घोषित करने जैसी गलती किसी की जान भी ले सकती थी। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

भाजपा नेता की कार से 5 लोग कुचले गए, दो की मौत, गुस्साई महिलाओं ने थाना प्रभारी का कॉलर पकड़ा

भाजपा नेता की कार से 5 लोग कुचले गए, दो की मौत, गुस्साई महिलाओं ने थाना प्रभारी का कॉलर पकड़ा

 मुरैना। जिले में शुक्रवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। पोरसा थाना क्षेत्र के जौंटई चौराहे पर तेज रफ्तार कार ने पांच लोगों को कुचल दिया। बताया जा रहा है कि कार भाजपा नेता दीपेंद्र भदौरिया चला रहे थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल सभी लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

घटना के तुरंत बाद आक्रोशित भीड़ ने मौके पर ही कार चालक भाजपा नेता दीपेंद्र भदौरिया को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, शनिवार को दो लोगों की मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा और भड़क उठा।

पोरसा में चक्काजाम, पुलिस पर लापरवाही के आरोप

घटना से नाराज लोगों ने पोरसा में चक्काजाम कर दिया और पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने हादसे के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की। इस दौरान आंदोलन कर रही महिलाओं ने पोरसा थाना प्रभारी का कॉलर पकड़ लिया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

जाम की सूचना मिलते ही जिले के एक दर्जन से अधिक थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। हालात पर काबू पाने के लिए जौंटई चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

 
31 दिसंबर से पहले करवा लें पैन और आधार कार्ड लिंक, वरना हो जाएगा डिएक्टिवेट

31 दिसंबर से पहले करवा लें पैन और आधार कार्ड लिंक, वरना हो जाएगा डिएक्टिवेट

 PAN-Aadhaar Card Link: आज के समय में आधार कार्ड और पैन कार्ड जरूरी दस्तावेज माना जाता है। किसी भी काम के लिए इन दोनों दस्तावेज का होना जरूरी हो गया है। जिसे लेकर समय-समय पर सरकार भी कई तरह के अपडेट्स करती रहती है। वहीं एक बार फिर पैन और आधार कार्ड को लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिसकी आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। अगर इसके बाद कोई पैन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं होता है तो उसे 1 जनवरी, 2026 से, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उन सभी पैन कार्ड को इनऑपरेटिव घोषित कर देगा।

दरअसल, आयकर विभाग द्वारा 3 अप्रैल, 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन लोगों का आधार-पैन लिंक नहीं होगा, उनका पैन इस तारीख के बाद निष्क्रिय हो जाएगा। जिन लोगों को पैन 1 अक्टूबर, 2024 के बाद आवंटित किए गए हैं, उन्हें भी इस साल के अंत 31 दिसंबर तक पैन को आधार से लिंक करना अनिवार्य है।

 बता दें कि, इससे पहले इसकी आखिरी तारीख 31 मई, 2024 थी। ऐसे में 31 दिसंबर के बाद भी कोई पैन को आधार से लिंक करता है, तो उसे 1,000 रुपये का जुर्माना देना होगा, क्योंकि लिंक करने की वास्तविक तिथि पहले ही निकल चुकी है।

रीवा में कृषक सम्मेलन: गृहमंत्री शाह और CM मोहन ने प्राकृतिक खेती को बताया फायदे का रास्ता, किसानों को भी किया सम्मानित

रीवा में कृषक सम्मेलन: गृहमंत्री शाह और CM मोहन ने प्राकृतिक खेती को बताया फायदे का रास्ता, किसानों को भी किया सम्मानित

 रीवा: माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज रीवा स्थित बसामन मामा गौ-वंश वन्य विहार में आयोजित कृषक सम्मेलन में सहभागिता की। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती में नवाचार और विशिष्ट योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों  विवेक सिंह भदौरिया एवं भूपेंद्र सिंह को संकल्प-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

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शाह ने किसानों से की प्राकृतिक खेती की अपील...
कृषक सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि रीवा क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। रीवा से जबलपुर तक सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार हो रहा है, वहीं रीवा एयरपोर्ट से इंदौर और दिल्ली के लिए 24 घंटे हवाई सेवा उपलब्ध होने से क्षेत्र को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 400 से अधिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। ये प्रयोगशालाएं किसानों को प्राकृतिक खेती के आधुनिक तरीकों से जोड़ेंगी, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। शाह ने कहा कि रीवा के किसानों के लिए “निदर्शन फार्म” एक सशक्त मार्गदर्शक बनेगा, जिससे क्षेत्र के किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सहकारिता के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ MoU किया गया है।

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CM मोहन ने किसानों को दी सौगात...
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री लगातार अच्छे कार्यों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि निराश्रित गौवंश के बेहतर प्रबंधन के लिए नगरीय निकायों में संचालित गौशालाओं को दी जाने वाली सहायता राशि को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गौमाता प्रतिदिन करने का निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम के दौरान गौशाला भ्रमण भी किया गया, जहाँ जैविक खेती के सफल प्रयोगों को देखकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की और किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
खूनी नेशनल हाईवे: ट्रक से टक्कर के बाद बस बनी आग का गोला, जिंदा जले 9 यात्री, मची चीख-पुकार

खूनी नेशनल हाईवे: ट्रक से टक्कर के बाद बस बनी आग का गोला, जिंदा जले 9 यात्री, मची चीख-पुकार

 कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में बुधवार देर रात एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर एक प्राइवेट स्लीपर बस और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते वह धू-धू कर जलने लगी। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 9 यात्रियों की जलकर मौत हो गई।

ट्रक से टकराते ही भड़की लपटें

हादसा उस वक्त हुआ जब प्राइवेट स्लीपर बस बेंगलुरु से शिवमोग्गा की ओर जा रही थी। हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मारी। टक्कर लगते ही बस के डीजल टैंक या शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर सो रहे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि बस में सवार कुछ यात्री खिड़की तोड़कर और दरवाजा खोलकर समय रहते बाहर निकलने में कामयाब रहे जिससे उनकी जान बच गई।

राहत और बचाव कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस बल और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद बस में लगी भीषण आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी।घायल यात्रियों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया है जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि गलती ट्रक चालक की थी या बस ड्राइवर की।

अयोध्या में 31 दिसंबर का रहस्य! राम मंदिर बंद या खुला? प्रतिष्ठा द्वादशी पर होगा भगवान राम का भव्य अभिषेक—जानिए पूरा सच!

अयोध्या में 31 दिसंबर का रहस्य! राम मंदिर बंद या खुला? प्रतिष्ठा द्वादशी पर होगा भगवान राम का भव्य अभिषेक—जानिए पूरा सच!

 Ayodhya News: प्रभु राम की नगरी अयोध्या में राम मंदिर में प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर 28 दिसंबर से 2 जनवरी तक 5 दिवसीय सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम भगवान राम के मंदिर में विराजमान होने की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार, प्रभु राम का विराजमान पौष शुक्ल द्वादशी तिथि को हुआ था। पहली वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को मनाई गई थी। इस वर्ष दूसरी वर्षगांठ 31 दिसंबर 2025 को पड़ रही है। इस अवसर पर राम भक्तों के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था की गई है।

दर्शन और अभिषेक की जानकारी
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, 31 दिसंबर को प्रातः 9:30 बजे भगवान राम का अभिषेक होगा। इस दिन राम भक्त मंदिर परिसर में आकर प्रतिदिन की तरह दर्शन कर सकते हैं। यदि किसी कारणवश भक्त अयोध्या नहीं आ पाते हैं, तो घर बैठे भी दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण के माध्यम से भगवान राम का अभिषेक और श्रृंगार देख सकेंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और कलाकारों की भागीदारी
प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर राम मंदिर के निकासी मार्ग यानी अंगद टीला पर विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में देशभर के बड़े कलाकार भी शामिल होंगे। मालिनी अवस्थी और अनूप जलोटा जैसे प्रसिद्ध गायक भजन प्रस्तुत करेंगे और राम भक्तों के लिए वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि इस पांच दिवसीय महोत्सव में आने वाले श्रद्धालु न केवल भगवान राम के दर्शन और अभिषेक का लाभ उठा पाएंगे, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग ले सकेंगे। इस प्रकार, प्रतिष्ठा द्वादशी का यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि अयोध्या को सांस्कृतिक रूप से भी जीवंत बनाए रखता है।

 बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल! एक साथ 7 IAS और 22 PCS अधिकारियों का ट्रांस्फर, ​​​​​​​मिली नई जिम्मेदारी; कौन क्या बना- यहां देखें पूरी लिस्ट

बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल! एक साथ 7 IAS और 22 PCS अधिकारियों का ट्रांस्फर, ​​​​​​​मिली नई जिम्मेदारी; कौन क्या बना- यहां देखें पूरी लिस्ट

 लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए सात आईएएस और 22 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस क्रम में देवरिया के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रत्यूष पांडेय को समन्वय विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें यूपी डास्प (उत्तर प्रदेश विविध कृषि सहायता परियोजना) में अपर परियोजना समन्वयक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं, सुल्तानपुर के सीडीओ अंकुर कौशिक को सीईओ, उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (यूपीआरआरडीए) बनाया गया है।


प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में शनिवार को ये बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। योगी सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से कई जिलों में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अचानक हुए इन तबादलों को सरकार की प्रशासनिक सख्ती और कार्यप्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सरकार की तरफ़ से जारी की गई सूची इस प्रकार है :- 

IAS अफसरों का तबादला 

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PCS अधिकारियों का ट्रांस्फर

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सुंदर लड़की की फोटो आई… फिर खाते से उड़ गए पैसे! MP में बड़ा शादी स्कैम बेनकाब

सुंदर लड़की की फोटो आई… फिर खाते से उड़ गए पैसे! MP में बड़ा शादी स्कैम बेनकाब

 ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस ने फर्जी मैरिज कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 2 संचालिकाओं समेत 20 युवतियों को हिरासत में लिया है। यह गिरोह गूगल से सुंदर लड़कियों की फोटो निकालकर लोगों को शादी का सपना दिखाता था और फिर मेंबरशिप के नाम पर लाखों की ठगी करता था।

कहां चल रहा था ठगी का खेल?

थाठीपुर इलाके के मयूर प्लाजा के पीछे द्वारकाधीश मंदिर के सामने ,इन दो ठिकानों पर बाकायदा ऑफिस सेटअप कर फर्जी मैरिज कॉल सेंटर चलाए जा रहे थे।

ऐसे फंसाते थे शिकार को

mypartnerindia.com और uniquerishtey.com नाम की वेबसाइट रजिस्ट्रेशन करते ही ग्राहक का डेटा पहुंचता था कॉल सेंटर महिला कर्मचारी कॉल कर बात करती। गूगल से डाउनलोड की गई सुंदर लड़की की फोटो WhatsApp पर भेजी जाती जाति, उम्र और इनकम के अनुसार रिश्ता दिखाकर मेंबरशिप लेने का बनाया जाता था दबाव।

मेंबरशिप के बाद शुरू होता था ‘खेल’

मेंबरशिप लेते ही ग्राहक को लड़की का नंबर दिया जाता असल में वही कॉल सेंटर की युवतियां लड़की बनकर बात करती, कभी मिलने का झांसा, कभी शादी की बात अलग-अलग “सर्विस चार्ज” के नाम पर लगातार पैसे वसूले जाते थे।

1500 लोग बने शिकार, लाखों की कमाई

अब तक करीब 1500 लोगों से ठगी

हर महीने 3 लाख रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई

प्यार और शादी की आड़ में साइबर फ्रॉड का बड़ा नेटवर्क

क्या-क्या बरामद हुआ?

45 मोबाइल फो

12 ATM कार्ड

2 कंप्यूटर

सिम कार्ड और कई अहम दस्तावेज

कौन गिरफ्तार, कौन फरार?

गिरफ्तार संचालिकाएं: राखी गॉड और शीतल चौहान

मास्टरमाइंड तिलेश्वर पटेल फरार

पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटीं

 पुलिस की अपील

ऑनलाइन मैरिज साइट्स पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच करें, किसी भी अनजान नंबर या वेबसाइट को पैसे भेजने से बचें।

CM मोहन के नवविवाहित बेटा-बहू पहुंचे ओंकारेश्वर, मां नर्मदा की पावन परिक्रमा का लिया संकल्प,भक्ति में दिखे लीन

CM मोहन के नवविवाहित बेटा-बहू पहुंचे ओंकारेश्वर, मां नर्मदा की पावन परिक्रमा का लिया संकल्प,भक्ति में दिखे लीन

 खंडवा: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नवविवाहित पुत्र अभिमन्यु अपनी धर्मपत्नी इशिता ओंकारेश्वर पहुंचे हैं। इस मौके पर पति और पत्नी धार्मिक आस्था में रंगे नजर आए हैं। 

डाक्टर अभिमन्यु और उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने माँ नर्मदा की पावन परिक्रमा का लिया संकल्प

तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नवविवाहित पुत्र डॉ अभिमन्यु एवं उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने माँ नर्मदा की पावन परिक्रमा का संकल्प लिया। परिक्रमा आरंभ करने से पूर्व दोनों ने संत विवेक गुरुजी से आशीर्वाद प्राप्त किया।

दोनों ने दर्शन करके विधिवत पूजा-अर्चना की

इसके बाद दोनों ने  परिवारजनों के साथ भगवान के दर्शन करके विधिवत पूजा-अर्चना की। उल्लेखनीय है कि हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव का विवाह संपन्न हुआ था। विवाह उपरांत धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के क्रम में अभिमन्यु यादव एवं डॉ. इशिता यादव ने माँ नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ करने का संकल्प लिया।

बोले- यात्रा में नर्मदा जी को समझने का मौका मिलेगा

इस संकल्प के लिए नवदंपति यहां पहुंचे है । इस अवसर पर पारिवारिक शुभचिंतकों ने नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर डाक्टर अभिमन्यु एवं उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने बताया कि धर्म में आस्था रखते हुए उन्होंने यात्रा का संकल्प लिया है। मां नर्मदा के आशीर्वाद से इसे पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहे है। इस यात्रा में नर्मदा जी को समझने का मौका मिलेगा।

निकल पड़ा ISRO का ‘बाहुबली’, LVM3 से दुनिया का सबसे भारी कमर्शियल सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक लॉन्च

निकल पड़ा ISRO का ‘बाहुबली’, LVM3 से दुनिया का सबसे भारी कमर्शियल सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक लॉन्च

 श्रीहरिकोटा।  LVM3:भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर अंतरिक्ष की दुनिया में भारत का परचम लहराते हुए अपने शक्तिशाली रॉकेट LVM3 से अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल के दुनिया के सबसे भारी कमर्शियल संचार सैटेलाइट ब्लूबर्ड को सफलतापूर्वक लो अर्थ ऑर्बिट में लॉन्च कर दिया।

LVM3-M6 मिशन के तहत किया गया यह लॉन्च इस रॉकेट की छठी ऑपरेशनल उड़ान है और अब तक का सबसे भारी पेलोड माना जा रहा है, जिसने ISRO की हेवी-लिफ्ट क्षमता को वैश्विक मंच पर मजबूती से साबित किया है। न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड और AST स्पेसमोबाइल के बीच हुए समझौते के तहत इस मिशन को अंजाम दिया गया, जिसके जरिए करीब 600 किलोमीटर ऊंचाई पर ब्लूबर्ड सैटेलाइट को स्थापित किया गया है।

यह सैटेलाइट सीधे सामान्य स्मार्टफोन को स्पेस से हाई-स्पीड 4G और 5G ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे दूरदराज के इलाकों, समुद्रों और पहाड़ी क्षेत्रों तक भी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच संभव होगी।

विशाल फेज्ड-एरे एंटीना से लैस यह सैटेलाइट प्रति कवरेज क्षेत्र में 120 एमबीपीएस तक की डेटा स्पीड देने में सक्षम है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ISRO ने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल स्पेस मार्केट में अपनी साख और मजबूत की है, बल्कि भारत को भविष्य की वैश्विक स्पेस कम्युनिकेशन क्रांति का अहम केंद्र भी बना दिया है।

Traffic fines: खुशखबरी! माफ होगें सभी ट्रैफिक चालान, इस राज्य की सरकार ला रही नई स्कीम

Traffic fines: खुशखबरी! माफ होगें सभी ट्रैफिक चालान, इस राज्य की सरकार ला रही नई स्कीम

 दिल्ली - दिल्ली सरकार ट्रैफिक चालानों को लेकर एक बड़ी राहत देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। सरकार एमनेस्टी स्कीम के तहत दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट द्वारा कटे पुराने चालानों को माफ करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव से जुड़ी फाइल उपराज्यपाल (LG) के पास मंजूरी के लिए भेजी जा चुकी है और जल्द ही इसे दिल्ली कैबिनेट की बैठक में रखा जा सकता है। अगर कैबिनेट से हरी झंडी मिलती है, तो लाखों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिल सकती है।

सरकार का मानना है कि लंबे समय से लंबित ट्रैफिक चालान न केवल आम लोगों के लिए बोझ बन चुके हैं, बल्कि सिस्टम पर भी दबाव डाल रहे हैं। एमनेस्टी स्कीम के माध्यम से एक ही बार में पुराने मामलों का निपटारा किया जा सकता है, जिससे लोग नियमों का पालन करते हुए सिस्टम में दोबारा लौट सकें।

क्या है एमनेस्टी स्कीम
दिल्ली की एमनेस्टी स्कीम एक प्रस्तावित सरकारी योजना है, जिसके तहत पुराने ट्रैफिक चालानों को माफ किया जाएगा। इसका उद्देश्य उन लाखों पेंडिंग चालानों का बोझ खत्म करना है, जो सालों से सिस्टम में अटके हुए हैं और जिनकी वसूली लगभग नामुमकिन हो चुकी है। इस योजना के तहत आम लोगों को पुराने चालान क्लियर करने का मौका मिलेगा, बिना अतिरिक्त जुर्माना भरे या सीमित शर्तों पर। इससे न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि सरकार अपने रिकॉर्ड को भी साफ कर सकेगी। फिलहाल यह प्रस्ताव फाइल स्तर पर है और इसे उपराज्यपाल और दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जा सकता है।

Delhi Pollution: दिल्ली की हवा बनी सांसों पर आफत, प्रदूषण के डर से राजधानी छोड़ने को मजबूर हुए लोग

Delhi Pollution: दिल्ली की हवा बनी सांसों पर आफत, प्रदूषण के डर से राजधानी छोड़ने को मजबूर हुए लोग

 दिल्ली :- राजधानी दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण एक चिंता विषय बन गया है। यहां का AQI 400 के आसपास बना हुआ है, जो ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस स्तर पर सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा खांसी, आंखों में जलन और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

8 साल तक घट सकती है लोगों की उम्र

दिली एन.सी जार में वायु प्रदूषण अब सिर्फ सर्दियों को स्मॉग तक सीमित नहीं रहा किसने गंभीर समस्या बन चुका है। एक की की एक नई स्टडी में बताया गया है कि खराब हवा लोगों के स्वास्थ्य के लिए, शिक्षा और शहर में रहने की क्षमता पर गहरा असर डाल रही है। इस स्टडी के लिए 17,000 लोगों का किया गया जिसमें 40% लोगों ने कहा कि वे प्रदूषित हवा और इससे होने वाली बीमारियों के कारण दिल्ली छोड़ना चाहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिकक यह शहर के भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से दिल्ली के लोगों की औसत 8.2 साल तक कम हो सकती है।

लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर
वाय प्रदूषण से स्ट्रोक, दिल की बीमारी और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों के अनुसार ज्यादा प्रदूषण वाले महीनों में स्ट्रोक के मामले साफ तौर पर बढ़ जाता है।
डाँकारों ने यह भी चेतावनी दी कि वायु प्रदूषण का असर दिमाग पर पड़ रहा है, जिससे डिमेंशिया और आपदमा जैसी बीमारियो का खतरा बढ़ सकता है। स्मॉग के समय अस्पतालों में सांस और दिल की बीमारी से जुड़े मरीजों की संख्या करीब 25% तक बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि तथा में मौजूद बहुत बारीक कण बिना दिखाई दिए शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं।

हर साल अरबों डॉलर का नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण से भारत की हर साल अरबों डॉलर का नुकसान होता है। केवल दिल्ली में ही इससे सालाना करीब 64,250 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। जो शहर की सकल घरेलू उत्पाद यानि जी.डी.पी. का लगभग 6% है। प्रदूषण के कारण लोगों का बाहर निकलना कम हो जाता है जिससे रिटेल, दुरिजम और होटल कारोबार प्रभावित होते हैं। हर साल गंभीर प्रदूषण के कारण 10 से 15 दिन तक स्कूल बंद करने पड़ते हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और माता पिता पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

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दिल्ली की बनावट कटोरे जैसी, ठंडी हवा फंस जाती है नीचे
एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली की बनावट कहारे जैसी है। सदियों में ठंडी हवा नीचे फेस जाती है और ऊपर गर्म हाउस के बहुत पास रहता है। इससे गंदी हवा बाहर नहीं जा पाती। सर्दी के महीनें में प्रदूषण जमीन के बहुत पास रहता है। हवा कम चलती हैं और नमी भी बहुत कम होती है जिससे प्रदूषण और बढ़ता है। हाल ही में दीवाली के समय दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की इजाजत दी गई थी।  

 

इससे सदियों में प्रदूषण और बढ़ने का खतरा है। इसके अलावा अरावली पहाड़ियों को लेकर नए फैसले से ज्यादातर हिस्से से हट गई है। इससे खनन बढ़ सकता है और हरियाली कम हो सकती है। अरावली पहाड़ियां रेगिस्तान की धूल और प्रदूषण को रोकने में मदद करती हैं। इनके नुक्सान से दिल्ली की हवा और खराब हो सकती है। आज स्थिति यह है कि स्थानीय प्रदूषण और खराब मौसम मिलकर लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं और जलवायु बदलान का असर भी बढ़ा रहे हैं।


दिल्ली में प्रदूषण के बड़े कारण   
वाहन- 32%,  निर्माण कार्य और सड़क की धूल 28%, उद्दयोग 17%, पराली जलाना 9%, थर्मल पावर प्लांट 8%, घरेलू स्त्रोत 6% हैं।
समाधान की जरुरत
इन्हीं स्थायी कारणों की वजह से केवल आपातकालीन कदम जैसे ग्रैप, पूरी तरह असरदार नहीं हो पा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली को लंदन बीजिंग और पेरिस जैसे शहरों से सीख लेनी चाहिए। निष्कर्ष यह है कि अब अस्थायी उपाय काफी नहीं है। दिल्ली के लोगों को साफ हवा में सांस दिलाने के लिए साल भर चलने वाले ठोस और स्थायी सुधार जरुरी हैं।

दो पक्षों में खूनी संघर्ष: पुरानी रंजिश व जमीन विवाद को लेकर आपस में भिड़े दो परिवार, जांच शुरु

दो पक्षों में खूनी संघर्ष: पुरानी रंजिश व जमीन विवाद को लेकर आपस में भिड़े दो परिवार, जांच शुरु

 सिंगरौली : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में लगभग आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष के लोग एक दूसरे पर लाठी डंडे से वार करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस मामला दर्ज कर लिया है।

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घटना सोमवार को दो साकेत परिवार के बीच हुई। शासन चौकी प्रभारी संदीप नामदेव ने जानकारी देते हुए बताया कि डायल 112 पर दो पक्षों में विवाद होने की सूचना प्राप्त हुई थी जिसके बाद मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के घायलों को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले मामला शांत हो चुका था।

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चौकी प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्ष के लोगों को मारपीट में चोटें आई हैं। सिटी स्कैन रिपोर्ट के मुताबिक आवश्यक धाराएं जोड़ी जाएंगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना की वजह जमीनी विवाद और पुरानी रंजिश है। पुलिस दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है।

 
मोहन कैबिनेट के एक फैसले ने मचाई सनसनी, 3 लाख से ज्यादा आउटसोर्ट कर्मचारियों और अधिकारियों की उड़ी नींद

मोहन कैबिनेट के एक फैसले ने मचाई सनसनी, 3 लाख से ज्यादा आउटसोर्ट कर्मचारियों और अधिकारियों की उड़ी नींद

 (भोपाल): सीएम मोहन यादव कैबिनेट के एक फैसले के बाद वित्त विभाग का नया आदेश जारी हुआ है, इसमें आउटसोर्स श्रेणी पर निर्देश दिए गए हैं।कैबिनेट के फैसले के बाद वित्त विभाग ने नया आदेश जारी कर दिया है।

नए नियमों और दिशा-निर्देशों में आउट सोर्स कर्मचारी श्रेणी को खत्म करने का जिक्र

इस आदेश के तहत  इसमें राज्य सरकार के कर्मचारियों, अधिकारियों, अस्थायी, संविदा, आउटसोर्स, कार्यभारित, आकस्मिकता निधि और अंशकालिक श्रेणियों में बांटा गया है। नए नियमों और दिशा-निर्देशों में आउट सोर्स कर्मचारी श्रेणी को खत्म करने का जिक्र है आउटसोर्स श्रेणी को मार्च 2027 तक समाप्त करने की तैयारी है।

सरकार के इस फैसले से आउटसोर्स अधिकारियों, कर्मचारियों में खलबली मच गई है और विरोध के सुर भी उभरने लग गए हैं। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में सरकारी विभागों में कर्मचारियों और अधिकारियों की कई श्रेणिया हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इसे दूर करने के लिए प्रदेश में कर्मचारियों की श्रेणी तय करने का फैसला लिया था।

आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ये है नया नियम

आदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कहा गया है कि उनके लिए कोई पद सृजित नहीं माना जाएगा। उनकी नियुक्ति निजी एजेंसियों के माध्यम से होगी । इसके साथ ही आउट सोर्स सेवाएं चरणबद्ध तरीके  से मार्च 2027 तक समाप्त कर दी जाएंगी। अगर जरूरत हुई तो इनके स्थान पर नियमित कर्मचारियों की ही भर्ती की जाएगी।  गौर करने वाली बात है कि प्रदेश के अधिकतर विभागों में आउट सोर्स कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति रेगुलर पोस्टों को खिलाफ ही की गई है।

फैसले का विरोध शुरु

वही कैबिनेट के इस फैसले का आउटसोर्स अधिकारी और कर्मचारी संगठनों ने विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी तक दे दी है।

मध्य  प्रदेश में विभिन्न विभागों में 3 लाख से ज्यादा हैं आउटसोर्स कर्मचारी

वहीं गौर करने वाली बात है कि मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी और अधिकारी सेवाएं दे रहे हैं। लाजमी है कि कैबिनेट के इस फैसले जहां हलचल बढ़ गई है वहीं ये विरोध के सुर भी उठने लग गए हैं

Air Pollution: सांस लेना हुआ मुश्किल! दिल्ली की हवा फेफड़ों के लिए कितनी घातक, एक्सपर्ट्स ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Air Pollution: सांस लेना हुआ मुश्किल! दिल्ली की हवा फेफड़ों के लिए कितनी घातक, एक्सपर्ट्स ने किया चौंकाने वाला खुलासा

 दिल्ली - में रिकॉर्ड स्तर पर वायु प्रदूषण का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के आसपास बना हुआ है, जो ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस स्तर पर सांस लेना मुश्किल हो जाता है, खांसी, आंखों में जलन और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। भले ही सरकार यह कह रही हो कि AQI और फेफड़ों की बीमारियों के बीच सीधा संबंध साबित करने वाले ठोस आंकड़े नहीं हैं, लेकिन मेडिकल और वैज्ञानिक रिपोर्ट्स इस दावे को पूरी तरह खारिज करती हैं।

रिपोर्ट्स क्या कहती हैं?
मेडिकल जर्नल ऑफ एडवांस्ड रिसर्च इंडिया के मुताबिक खराब हवा फेफड़ों की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है। वहीं, द लैंसेट और ICMR की 2019 की रिपोर्ट ‘इंडिया स्टेट-लेवल डिजीज बर्डन इनिशिएटिव’ बताती है कि भारत में उस साल हुई कुल मौतों में करीब 18 प्रतिशत यानी लगभग 16.7 लाख मौतें वायु प्रदूषण से जुड़ी थीं। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट 2024 के आंकड़े और भी चिंताजनक हैं, जिनके अनुसार भारत में हर साल करीब 21 लाख लोगों की मौत का कारण वायु प्रदूषण बन रहा है।

उम्र पर भी पड़ रहा है असर
वायु प्रदूषण सिर्फ बीमारियां ही नहीं बढ़ा रहा, बल्कि लोगों की उम्र भी कम कर रहा है। ICMR के आंकड़ों के अनुसार औसत भारतीय की उम्र लगभग 1.7 साल घट रही है। शिकागो यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट इससे भी आगे जाती है, जिसमें दावा किया गया है कि प्रदूषण के कारण औसत भारतीय की उम्र 3.5 साल तक कम हो सकती है। दिल्ली-NCR में रहने वालों पर इसका असर सबसे ज्यादा है, जहां लोगों की औसत आयु 7.8 से 10 साल तक घटने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा, प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के चलते भारत को अपनी GDP का करीब 1.36 प्रतिशत आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

सरकारी आंकड़े और जमीनी हकीकत
हालांकि पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह का कहना है कि प्रदूषण और फेफड़ों की बीमारियों के बीच संबंध पर ठोस डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े अलग कहानी बताते हैं। 3 दिसंबर को राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच दिल्ली के छह बड़े सरकारी अस्पतालों में सांस से जुड़ी बीमारियों के 2,04,758 मामले सामने आए। इनमें से करीब 35 हजार मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, और मंत्रालय ने वायु प्रदूषण को इसका प्रमुख कारण माना है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स की चेतावनी
हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इस खतरे को लेकर आगाह कर रहे हैं। वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप शर्मा का कहना है कि प्रदूषण धीरे-धीरे फेफड़ों को खराब कर रहा है और इससे जीवन प्रत्याशा 5 से 10 साल तक कम हो सकती है। वहीं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीतू जैन बताती हैं कि अब सिर्फ बीमार लोग ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत हो रही है और दिल्ली में रहने वालों के फेफड़े लगातार कमजोर हो रहे हैं।

सरकार की कोशिशें, लेकिन सवाल बरकरार
दिल्ली भले ही गैस चैंबर जैसी स्थिति में पहुंच गई हो और अस्पतालों में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की भीड़ बढ़ गई हो, फिर भी सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रयास करती दिख रही है। हाल के दिनों में उठाए गए कुछ कदमों से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन ये प्रयास कितने कारगर साबित होंगे, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, विशेषज्ञों की राय साफ है। दिल्ली की हवा फेफड़ों और जिंदगी दोनों के लिए बेहद खतरनाक बन चुकी है।

युवाओं ने निभाई देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

युवाओं ने निभाई देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  इंदौर में रविवार को गाँधी हाल में आयोजित मालवा के सांस्कृतिक कार्यक्रम लिट चौक टॉक शो में शामिल हुए। टॉक-शो में चर्चा का विषय था – “मोहन का धर्म : राजधर्म”। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ पत्रकार और एंकर श्री अनंत विजय द्वारा कला, साहित्य, विकास, फिल्म आदि के बारे में पूछे गये सवालों का सिलसिलेवार उत्तर दिया। इस दौरान उपस्थित युवा जन मुख्यमंत्री की हाजिर जवाबी और विषय विशेषज्ञता के कायल हो गये। 'लिट चौक' के आयोजक श्री निखिल दुबे और सुश्री धरा पाण्डे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया।

एंकर श्री अनंत विजय ने सबसे पहला सवाल किया कि आपकी नजर में कुटुम्ब प्रबोधन क्या है? इस प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संयुक्त परिवार भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। संयुक्त परिवार में अमरता होती है। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि संयुक्त परिवार में रहने से आपसी प्रेम, सहयोग और संस्कारों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के सभी जीव, पेड़-पौधे सभी संयुक्त परिवार ही हैं, जो एक-दूसरे के सहारे अपना जीवन यापन करते हैं। जिस प्रकार पेड़ हमसे कार्बन डाईऑक्साइड लेते हैं और हमें ऑक्सीजन देते हैं, उसी तरह प्रकृति में सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त परिवार में बड़ों से संस्कार, अनुभव और जीवन मूल्यों की सीख मिलती है। उन्होंने संयुक्त परिवार प्रणाली को समाज को जोड़ने वाली परंपरा बताते हुए इसे बनाए रखने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और एंकर श्री अनंत विजय के मध्य सवाल-जवाबों का सिलसिला लगातार चलता रहा। श्री अनंत ने मुख्यमंत्री से अपने बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में करने, प्रदेश में सिनेमा नीति और रंगमंच को लेकर किये जा रहे कार्य, राजनीति में युवाओं की भूमिका, युवाओं में देशभक्ति की भावना, विकास में युवाओं से अपेक्षाएं जैसे कई विषयों पर सवाल किये। जिनके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेबाकी से जवाब दिये।

रोजगार मांगने वाले नहीं,  देने वाले बनें युवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि युवा अपनी कर्मठता, क्षमता और बुद्धिमता के बल पर जिस क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, आगे बढ़े और प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें। प्रदेश में औद्योगिक विकास युवाओं को नौकरी देने वाला युवा बनाने की दिशा में किया जा रहा है। प्रदेश सरकार हर कदम युवाओं के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति स्वरोजगार, उद्योग स्थापना के लिये सहयोगी हैं। शिक्षा वही जो भविष्य को संवारे, इसलिये नीति में कौशल ज्ञान को संवारने के सभी प्रबंध किये गये हैं, क्योंकि स्वाभिमान के साथ जीवन जीना सबका हक है।

राजनीति में युवाओं को आगे आने की जरूरत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज युवाओं से पूछने पर हर कोई कहता है कि वह डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर बनना चाहता है, परंतु कोई यह नहीं कहता कि वह राजनीति में आना चाहता है। देश को आजादी दिलाने में सबसे अधिक युवाओं ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का उदाहरण देते हुए बताया कि वे पहले युवा थे जिन्होंने आईएएस की परीक्षा प्रावीण्य सूची में उत्तीर्ण की थी। इसके बाद भी उन्होंने देशसेवा को चुना। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि राजनीति में युवाओं को आना पड़ेगा, तभी देश के लोकतंत्र को मजबूत और सुरक्षित रखा जा सकता है।

कोई भी कार्य आनंद और निडरता से करें

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि जो भी काम करें, उसे पूरी ईमानदारी और तन्मयता से करें, उस कार्य में डूब जायें। किसी भी काम को आनंद लेकर किया जाये तो निश्चित ही सफलता मिलती है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह श्रीकृष्ण ने निडरता और आनंद के साथ कालिया नाग को परास्त किया था।

मित्र के लिये जीवन भर रखना चाहिये समान भाव

इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के मित्रता का भी अद्भुत उदाहरण बताकर युवाओं को मित्रता के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मित्र के लिये जीवन भर सम्मान भाव रखना चाहिये। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं परंतु मित्र की हमेशा मदद करना चाहिये। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान श्रीकृष्ण के लिये द्वारका, मथुरा का महत्व है, उसी तरह भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित प्रदेश में स्थित समस्त स्थलों को श्रीकृष्ण पाथेय के नाम से तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है।

फिल्म निर्माताओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

सिनेमा नीति पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से राज्य में सिनेमा नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सिनेमा नीति के तहत फिल्म निर्माताओं को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से शूटिंग की अनुमतियाँ सरल और समयबद्ध रूप से प्रदान की जा रही हैं। शूटिंग स्थलों पर प्रशासनिक सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे फिल्म निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आये। उन्होंने कहा कि सरकार फिल्म निर्माताओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी फिल्म निर्माण स्थलों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में आज भारत ने वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ आर्थिक नीतियों, सतत सुधारों और समावेशी विकास के परिणामस्वरूप भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो गया है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने जापान जैसे विकसित देश को भी पीछे छोड़ दिया है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और मजबूत शासन व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के आह्वान पर “यह देश है वीर जवानों का, अलबेलों का, मस्तानों का” गीत गाकर युवाओं को देशभक्ति के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे।

 

रेलवे ने बढ़ाया किराया, लंबी दूरी की यात्रा महंगी : AC और मेल-एक्सप्रेस के टिकट के दामों में भी बढ़ोत्तरी

रेलवे ने बढ़ाया किराया, लंबी दूरी की यात्रा महंगी : AC और मेल-एक्सप्रेस के टिकट के दामों में भी बढ़ोत्तरी

  नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों बड़ा झटका दिया है। नए साल से ठीक पहले भारतीय रेलवे ने अपने किराए में बढ़ोत्तरी का एलान किया है। रेलवे के इस घोषणा के तहत जनरल, मेल/एक्सप्रेस और एसी (AC) श्रेणियों के टिकट महंगे हो जाएंगे।

भारतीय रेलवे द्वारा जारी घोषणा के अनुसार, किराए की ये बढ़ी हुई दरें 26 दिसंबर 2025 से लागू कर दी जाएंगी। हालांकि, रेलवे ने राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि लोकल ट्रेनों और मासिक सीजन टिकट (MST) के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

26 दिसंबर से किराए में होने वाले बढ़ोत्तरी का असर लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ेगा। साधारण श्रेणी में 215 किमी तक किराया नहीं बढ़ाया गया। लेकिन उससे अधिक की दूरी पर 1 पैसा और मेल-एक्सप्रेस व एसी में 2 पैसे प्रति किमी अतिरिक्त बढ़ोत्तरी की गई है।

वहीं, 500 किमी की नॉन-एसी यात्रा करने वाले यात्रियों को 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इस बदलाव से अनुमानित राजस्व लाभ 600 करोड़ रुपये होगा। रेलवे द्वारा किराए में बढ़ोत्तरी का फैसला सीधे तौर पर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के बजट को प्रभावित करेगा।

रेलवे को होगी 600 करोड़ की अतिरिक्त कमाई

गौरतलब है कि फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य रेलवे की आय में वृद्धि करना है, किराए में होने वाली इस बढ़ोत्तरी से भारतीय रेलवे को 600 करोड़ की अतिरिक्त कमाई होगी। यह राशि रेलवे के परिचालन और रखरखाव के खर्चों को संतुलित करने में मदद करेगी।

इसमें रेलवे स्टेशन की सुविधाएं, कोचों का रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। पिछले दस वर्षों में, रेलवे ने अपने नेटवर्क और ऑपरेशन को काफी बढ़ाया है और देश के दूर-दराज के कोनों तक भी पहुंच गया है।

47 करोड़ का फ्लाईओवर बना ‘गड्ढों का ट्रैक’, 6 महीने में ही उखड़ा!

47 करोड़ का फ्लाईओवर बना ‘गड्ढों का ट्रैक’, 6 महीने में ही उखड़ा!

 इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर, राऊ सर्कल में कुछ महीने पहले ही खुले फ्लाईओवर की हालत देखकर कोई विश्वास नहीं करेगा कि इसकी लागत 47 करोड़ रुपये थी। सिर्फ 6 महीने में ही डामर उखड़ चुका था और फ्लाईओवर अब गड्ढों की सड़क बन गया है।

गाड़ियां मुश्किल में:

फ्लाईओवर पर चलते हुए वाहन मालिक डर के मारे रुकते हैं।

बीच-बीच में गहरे गड्ढे, जो सीधे हादसों का कारण बन रहे हैं।

पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें एक युवक की मौत हो चुकी है।

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दोनों तरफ खस्ता हाल:

इंदौर से पीथमपुर महू की ओर जाने पर फ्लाईओवर की शुरुआत में ही डामर उखड़ चुका है।

बीच में छोटे और बड़े गड्ढे मौजूद हैं, जिन्हें पहले भरा गया था लेकिन फिर से उखड़ गया।

पीथमपुर महू से आने वाली दिशा में भी स्थिति इतनी बुरी है कि वाहन चालक रुक-रुक कर चलने को मजबूर हैं।

कांग्रेस ने की सीधी शिकायत:

कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मांग की है कि:

फ्लाईओवर पर हुए गड्ढों की निष्पक्ष जांच की जाए। निर्माण करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए।

पृष्ठभूमि:

यह फ्लाईओवर NHAI ने 8 अप्रैल 2022 को रीवा की एक कंपनी को बनवाने का ठेका दिया था। उद्देश्य था राऊ सर्कल पर लगने वाले ट्रैफिक जाम और हादसों को कम करना, लेकिन घटिया निर्माण के चलते फ्लाईओवर अब खतरनाक साबित हो रहा है।

हकीकत:

महंगे फ्लाईओवर के सपने पर पानी फिर गया और इंदौर के लोग अब गड्ढों में फंसी जिंदगी जी रहे हैं। सड़क इतनी खराब कि कई वाहन मालिक रास्ता बदलने को मजबूर हैं। लोग सोशल मीडिया पर फ्लाईओवर की हालत की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर सरकार पर दबाव डाल रहे हैं।

कुल मिलाकर:

47 करोड़ की लागत वाला फ्लाईओवर अब सिस्टम और निर्माण की नाकामी की पहचान बन चुका है। क्या यह सिर्फ इंदौर की समस्या है, या पूरे देश में ऐसे घटिया निर्माण प्रोजेक्ट्स आम हो रहे हैं? कांग्रेस और नागरिकों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसे हादसे रोके जाएं।