31 मार्च, 2021 को भारत को तीन राफेल लड़ाकू विमान की तीसरी खेप मिली। ये राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायु सेना के गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन में शामिल किये जायेंगे। यह फ्रांस से राफेल की चौथी डिलीवरी है। भारत ने 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस सौदे की कुल लागत 59,000 करोड़ रुपये है। इन तीन राफेल लड़ाकू विमानों के साथ, IAF की सूची में राफेल की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। यह लड़ाकू विमान अंबाला में स्थित वायुसेना के एकमात्र राफेल स्क्वाड्रन की ताकत में वृद्धि करेंगे। राफेल जेट का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयरबेस से चालू होगा, दूसरा एयरएस पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में स्थित होगा, ताकि चीनी खतरे का मुकाबला किया जा सके। 5 राफेल जेट की पहली खेप 29 जुलाई, 2020 को अंबाला एयरबेस पर पहुंची थी। जबकि 3 राफेल सेनानियों की दूसरी खेप नवंबर 2020 में पहुंची। इन राफेल विमानों का निर्माण फ्रांसीसी विमान निर्माता डसॉल्ट एविएशन द्वारा किया गया है।
प्रसिद्ध मराठी लेखक डॉ. शरणकुमार लिंबाले (Dr. Sharankumar Limbale) को उनकी पुस्तक ‘सनातन’ (Sanatan) के लिए सरस्वती सम्मान, 2020 से सम्मानित किया जायेगा। डॉ. लिंबाले की पुस्तक ‘सनातन’ को 2018 में प्रकाशित किया गया था। इस पुरस्कार में पंद्रह लाख रुपये, एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका प्रदान की है। के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा 1991 में स्थापित सरस्वती सम्मान को देश में सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार के रूप में मान्यता प्राप्त है।
सरस्वती सम्मान पुरस्कार (Saraswati Samman)
सरस्वती सम्मान पुरस्कार की शुरुआत के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा वर्ष 1991 में की गई थी। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष किसी भी आधिकारिक भारतीय भाषा में लिखे गए उत्कृष्ट साहित्यिक कार्य के लिए दिया जाता है। इसमें एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका के अलावा, 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
बिड़ला फाउंडेशन द्वारा गठित अन्य लोकप्रिय साहित्यिक पुरस्कार व्यास सम्मान (हिंदी के लिए) और बिहारी पुरस्कार (हिंदी और राजस्थान के राजस्थानी लेखकों के लिए) हैं। पिछले वर्ष यह पुरस्कार वासदेव मोहि को प्रदान किया गया था। 1991 में हरिवंश राय बच्चन इस पुरस्कार के पहले विजेता थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2024 तक देश के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी घरों में पाइप से पेयजल पहुंचाने के लिए 15 अगस्त 2019 को की गई घोषणा के बाद से अबतक जलजीवन मिशन के अंतर्गत चार करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में पाइप (नल) से पेयजल आपूर्ति का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। इस समय कुल ग्रामीण घरों के 1/3 से अधिक (38प्रतिशत) अर्थात 07 करोड़ 24 लाख ग्रामीण घरों में नल का पानी उपलब्ध हो गया है। गोवा देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां शत प्रतिशत ग्रामीण घरों में पाइप से पीने का पानी मिल रहा है। इसके बाद तेलंगाना एवं अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह आते हैं। इन राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के अनथक प्रयासों से जलजीवन मिशन को 56 जिलों के 86,000 से अधिक गावों में रह रहे प्रत्येक परिवार को पेयजल आपूर्ति करना सुनिश्चित हो सका है। अब सभी राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश आपस में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए अपने[अपने लक्ष्यों पर ध्यान केन्द्रित कर रहे है कि देश में हर व्यक्ति को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके और ‘कोई भी छूटे नहीं।
आंध्र प्रदेश के वेलीरपद मंडल में दूरस्थ गांव काकीसनूर में घने वनों के बीच 200 से अधिक लोग रहते हैं। यह पहाड़ी क्षेत्र है और सड़क से दूर होने के साथ-साथ यहाँ बिजली भी नहीं है। किन्तु, इस गांव को हाल में ही राज्य /केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता से भारत सरकार के जलजीवन मिशन के अंतर्गत सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे पीने का पानी मिल रहा है। ये सभी प्रयास सभी ग्रामीण घरों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के भारत सरकार के उस संकल्प के अनुरूप हैं जिसमें लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उनका जीवन सुगम बनाने पर जोर दिया गया है। काकीसनूर गांव में स्वच्छ पेयजल मिलने का प्रभाव ग्रामीण समाज के निरंतर बेहतर होते स्वास्थ्य में परिलक्षित होता है। इस गांव में हर घर तक पेयजल के चालू नल का संयोजन पहुंचाना निसंदेह एक दुष्कर कार्य था। गोदावरी नदी के किनारे 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद आने वाले इस दूरस्थ गांव में हर घर जल योजना लागी करने में जिला प्रशासन के सामने बहुत कठिनाइयाँ आईं । इसके लिए नाव से हाथ से चलने वाली ड्रिलिंग मशीनों को ले जाया गया। स्थानीय जलधाराओं के निकट बोरवेल बनाए गए और सौर उर्जा से चलने वाले दोहरे पम्प लगाए गए। इतना सब करने के बाद ही पूरे गांव को पेयजल आपूर्ति सम्भव हो पाई।
केरल में त्रिशूर जिले के ओरुमनाईयूर गांव की सात वर्षीय वैष्णवी को उस समय अकेले पीने का पानी लाने का काम करना पड़ा जब उसके माता-पिता और दादी कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आ गए और उन्हें संगरोध में (क्वारंटाइन) होना पड़ा। तीनों बच्चों में सबसे बड़ी होने के कारण उसे अचानक से ही बड़े होने की भूमिका में आना पड़ा। हालांकि उसे और उसके भाई बहनों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था क्योंकि उन्हें भी स्थानीय गांव वालों ने संभावित संक्रमण का वाहक मान लिया था। किन्तु उनके अचरज का तब ठिकाना न रहा जब अगले दिन ही उनके घर में पाइप डलने के साथ ही पीने के पानी के लिए नल भी लग गया। समय पर नल से पानी मिल जाने के कारण इस परिवार को उसके कठिन समय में कठिनाइयों से उबरने में बड़ी सहायता मिली।
ग्रामीण क्षेत्रों से ऐसी कई गाथाएं मिली हैं जिनसे यह पता चलता है कि कैसे जल जीवन मिशन –हर घर जल लोगों के जीवन में बदलाव ले आया है। जल जीवन मिशन को राज्यों के सहयोग से लागू किया जा रहा है और इसका उद्देश्य नियमित एवं दीर्घ-कालिक आधार पर निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता का पेयजल पर्याप्त मात्र में उपलब्ध करवाना है। ‘नीचे से शुरुआत’ की अवधारणा को अपनाते हुए राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश इसके लिए व्यापक योजनाएं बना रहे है। तदनुसार ही उन्होंने प्रत्येक ग्रामीण आवास में पाइप के साथ ही नल लगा कर पेयजल आपूर्ति के लिए कार्य योजनाएं बनाई हैं। इन्हें लागू करते समय राज्य जल की गुणवत्ता से प्रभावित क्षेत्रों, सूखा सम्भावित एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति बहुल गाँवों, आकान्क्षीय जिलों और सांसद आदर्श ग्राम योजना वाले गाँवों को वरीयता दे रहे हैं।
चूंकि दूषित जल से सबसे अधिक बच्चों के रोगग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है,इसलिए देशभर के विद्यालयों और आश्रमशालाओं एवं आँगनवाड़ियों में नल से पानी पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया है ताकि जब भी विद्यालय दुबारा खुलें, बच्चों को पीने के लिए सुरक्षित स्वच्छ पेयजल मिल सके। नल के इस पानी का प्रयोग मध्याह्न भोजन तैयार करने, हाथ धोने की सुविधा और शौचालय में किया जा सकेगा।
पानी की गुणवत्ता से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति करना जलजीवन मिशन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। दूषित पानी विशेषकर आर्सेनिक और फ्लोराइड युक्त पानी की उपलब्धता वाले गाँवों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जलजीवन मिशन पीने का पानी वास्तव में पीने योग्य हो, को सबसे अधिक प्राथमिकता देता है। ऐसा होने से पानी से होने वाली बीमारियों में कमी आएगी और लोगों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। राज्य/ केन्द्रशासित प्रदेश अब पानी की गुणवत्ता की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं को अद्यतन और उच्चीकृत करने के साथ ही आम लोगों के लिए खोल रहे हैं ताकि लोग नाममात्र का शुल्क देकर अपने यहाँ के पानी के नमूनों की जांच करवा सकें।
प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद अब जलजीवन मिशन का प्रयास यह है कि हर व्यक्ति पानी से जुड़े अर्थात यह एज जन आन्दोलन बन जाए । प्रधानमंत्रीजी ने 22 मार्च 2021 को विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘कैच द रेन’ अभियान शुरू करने के साथ ही लोगों से आह्वान किया था कि वे वर्षा के पानी की हर बूँद को सहेजें । अतः इसी को आगे बढाते हुए इस काम में सभी हितधारकों को शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बंगाल की खाड़ी से चलीनिचलीसतह की तेज दक्षिण- पश्चिमी हवाओं के प्रभाव के कारण 29 मार्च से लेकर 2 अप्रैल, 2021 के बीच, खासकर 30 और 31 मार्च, 2021 के दौरान अधिकतम सक्रियता के साथ पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग स्थानों पर गरज / बिजली चमकने के साथ काफी व्यापक रूप से लेकर व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।
दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुराऔर मिजोरम में 29 मार्च एवं 1 अप्रैल को कहीं – कहीं भारी वर्षा और 30 एवं 31 मार्च को कहीं – कहीं भारी से लेकर बहुत भारी वर्षा होने कीकाफी संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 1 अप्रैल कोकहीं – कहीं भारी वर्षाहोने की संभावना है।
इसकी वजह से 30 मार्च से लेकर 01 अप्रैल, 2021 के दौरान दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरमके कुछ स्थानों पर निचले इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतराहो सकता है।
विस्तृत पूर्वानुमान और चेतावनियां अगले पृष्ठ में दी गई हैं:
सब - डिवीज़न
29-Mar-21
30-Mar-21
31-Mar-21
01-April-21
02- April-21
असम एवं मेघालय
कई स्थानों पर छिटपुट आंधी, गरज और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा।दक्षिणअसम, एवं मेघालय में कहीं – कहीं भारी वर्षा
अधिकतर स्थानों पर आंधी, गरज और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। दक्षिण असम, एवं मेघालय में कहीं – कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा
अधिकतर स्थानों पर आंधी, गरज और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। दक्षिण असम, एवं मेघालय में कहीं – कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा
कई स्थानों पर छिटपुट आंधी, गरज और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। दक्षिण असम, एवं मेघालय में कहीं – कहीं भारी वर्षा
कई स्थानों पर वर्षा
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा
कई स्थानों पर छिटपुट आंधी, गरज और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। मिजोरम एवं त्रिपुरामें कहीं – कहीं भारी वर्षा
अधिकतर स्थानों पर आंधी, गरज और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा।मिजोरम एवं त्रिपुरामेंकहीं – कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा
अधिकतर स्थानों पर आंधी, गरज और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा। मिजोरम एवं त्रिपुरा में कहीं – कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा
कई स्थानों पर छिटपुट आंधी, गरज और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ वर्षा।मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरामें कहीं – कहीं भारी वर्षा
कई स्थानों पर वर्षा
अरुणाचल प्रदेश
कुछ स्थानों पर छिटपुट आंधी औरगरज के साथ वर्षा
कई स्थानों पर छिटपुट आंधी और गरज के साथ वर्षा
कई स्थानों पर छिटपुट आंधी और गरज के साथ वर्षा
कई स्थानों पर छिटपुट रूप से भारी वर्षा
कई स्थानों पर वर्षा
असम एवं मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 29 मार्च से लेकर 1 अप्रैल, 2021 के दौरान आंधी, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे तक की गति) के कारण होने वाले अपेक्षित प्रभाव और सुझाये गये कदम।
अपेक्षित प्रभाव:
तेज हवाओं से वृक्षारोपण, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।
तेज हवाएं खुली जगहों पर लोगों और मवेशियों को घायल कर सकती हैं।
सुझाये गये कदम:
घरों के अंदर रहें, खिड़कियों एवं दरवाजों को बंद रखें और यदि संभव हो, तो यात्रा से बचें।
सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें।
कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों पर न लटकें।
इलेक्ट्रिकल / इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें।
बिजली संचालित करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
बारिश के दौरान खेती के कार्यों को स्थगित किया जा सकता है।
दक्षिण असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 मार्च से लेकर 1 अप्रैल, 2021 के दौरान भारी वर्षा के कारण होने वाले अपेक्षित प्रभाव और सुझाये गये कदम।
अपेक्षित प्रभाव
सड़कों पर स्थानीय स्तर पर बाढ़, निचले इलाकों में जल -जमाव और उपरोक्त इलाकों के मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में अंडरपासों का बंद होना।
भारी वर्षा / बर्फबारी के कारणकभी-कभी दृश्यता में कमी।
बर्फबारी।
सड़कों पर जल -जमाव से होने वाले यातायात में व्यवधानके कारण यात्रा के समय में वृद्धि।
कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान।
कमजोर संरचना को नुकसान की संभावनाएं।
स्थानीय स्तर पर भूस्खलन / कीचड़ धंसना।
सुझाये गये कदम:
अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अपने मार्ग पर यातायात संबंधी अवरोध के बारे में पता कर लें।
इस संबंध में जारी किए गए यातायात संबंधी सलाह का पालन करें।
अक्सर जल – जमाव की समस्या से ग्रस्त रहने वालेइलाकों में जाने से बचें।
कमजोर संरचना के नीचे रहने से बचें।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यहां के सभी सरकारी कार्यालयों में तिरंगा झंडा फहराने के आदेश दिए हैं। सरकारी दफ्तरों में अगले 15 दिनों में यह झंडे फहरा देने को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। इस बाबत संभागीय आयुक्त कार्यालय जम्मू ने सभी उपायुक्तों और विभागाध्यक्षों को अगले 15 दिनों के भीतर सभी सरकारी कार्यालयों में झंड़ा फहराने को कहा है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आयुक्तों, जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की थी। बैठक में राज्य के 20 जिलों के सरकारी इमारतों और कार्यालयों पर झंडा फहराने का निर्देस जारी किया है साथ ही इसका सख्ती से पालन हो यह भी सुनिश्चित करने को कहा है।
नई दिल्ली् । पूरे देश में आज होली का त्योाहार कोविड-19 के डर के बीच मनाई जा रही है। कई राज्यों में घरों के भीतर ही होली खेलने की ताकीद की गई है। बाहर निकलकर होली भले न खेल सकें, पुरानी होलियों की यादें तो ताजा कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर लोग पुरानी होलियों की तस्वीकरें शेयर कर रहे हैं। इनमें एक तस्वीहर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी की भी है।
इस तस्वीऔर में वाजपेयी के साथ मोदी ढोल की थाप पर थिरकते नजर आ रहे हैं। साथ में कुछ और लोग भी दिख रहे हैं। वाजपेयी के घर पर हर साल होली के मौके पर बड़ा मजमा लगता था। पक्ष-विपक्ष के नेताओं की भीड़ जुटती थी और जमकर होली खेली जाती थी। वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे तो वह अपने निवास पर होली मिलन का कार्यक्रम जरूर रखते थे। तब प्रधानमंत्री निवास को 7, रेसकोर्स रोड के नाम से जाना जाता था।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों (UN Peacekeepers) को COVID-19 टीकों (AstraZeneca वैक्सीन) की 2,00,000 खुराक भेज दी है। फरवरी 2021 में संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों को 2,00,000 कोविड-19 खुराक देने की घोषणा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की थी। यह निर्णय इस बात को मध्यनजर रख कर लिया गया था कि संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिक कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं।
दुनिया भर में योगदान
2,00,000 खुराकों का भारत का उपहार संयुक्त राष्ट्र के सभी शांति सैनिकों के लिए COVID-19 टीकों की दोहरी खुराक की आवश्यकता को पूरा करेगा। संयुक्त राष्ट्र पीसकीपिंग के अनुसार 31 जनवरी, 2021 तक दुनिया भर में शांति अभियानों के नेतृत्व में 12 शांति अभियानों में कुल 85,782 व्यक्ति सेवाएं दे रहे हैं। कुल 121 देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा अभियानों के लिए सैन्य कर्मियों का योगदान दे रहे हैं। भारत शांति अभियानों के लिए सबसे बड़ा सैन्य योगदान देने वाला देश है।
संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना (UN Peacekeeping)
यूएन पीसकीपिंग शांति संचालन विभाग (Department of Peace Operations) द्वारा आयोजित एक भूमिका है। यह एक अद्वितीय और गतिशील उपकरण है जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थायी-शांति की स्थिति बनाने के लिए एक संघर्ष से प्रभावित देशों की मदद करने के लिए विकसित किया गया है।
शांति सैनिक संघर्ष के बाद के क्षेत्रों में शांति प्रक्रियाओं की निगरानी और निरीक्षण करते हैं। वे शांति समझौते को लागू करने के लिए पूर्व-लड़ाकों की सहायता करते हैं संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों को उनके हल्के नीले रंग के हेल्मेट के कारण ब्लू बेरेट (Blue Berets) या ब्लू हेल्मेट (Blue Helmets) भी कहा जाता है। उनमें पुलिस अधिकारी, सैनिक, पुलिस अधिकारी और नागरिक कर्मचारी शामिल होते हैं।
भारत और अमेरिका ने बंगाल की खाड़ी में दो दिवसीय नौसैनिक अभ्यास शुरू कर दिया है, यह दोनों देशों की रक्षा और सैन्य साझेदारी में बढ़ती साझेदारी को दर्शाता है। भारतीय नौसेना ने अपने युद्धपोत शिवालिक (Shivalik) और लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान P8I को ‘PASSEX’ अभ्यास में तैनात किया, जबकि अमेरिकी नौसेना की ओर से यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट (USS Theodore Roosevelt) कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने इसमें भाग लिया। यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप एक विशाल नौसैनिक बेड़ा है जिसमें एक एयरक्राफ्ट कैरियर शामिल है, जिसमें बड़ी संख्या में डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट और अन्य जहाज शामिल हैं। पहली बार, भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के लड़ाकू विमानों को भी इस अभ्यास में शामिल किया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन (Lloyd Austin) के भारत दौरे के एक हफ्ते बाद यह अभ्यास शुरू हुआ, जिसने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में अपने करीबी सहयोगियों के साथ संबंधों को बढ़ावा देने के लिए जो बाईडेन प्रशासन की मजबूत प्रतिबद्धता का संकेत दिया। इस यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों ने सैन्य साझेदारी के माध्यम से अपने मजबूत रक्षा सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
नई दिल्ली: केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों ने आज होलिका दहन के मौके पर किसान कानून कानूनों प्रतियां जलाईं. इस दौरान गाज़ीपुर बॉर्डर पर मौजूद भारतीय किसान यनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा.
किसान कानूनों की प्रतियां जलाकर राकेश टिकैत ने कहा, "हम एमएसपी की बात कर रहे हैं. हम पूरे देश में जाकर किसानों को संगठित कर रहे हैं. आंदोलन जारी रहेगा."
पांच अप्रैल को मनाया जाए ‘एफसीआई बचाओ दिवस’
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले किसानों ने रविवार को ‘होलिका दहन’ के दौरान केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं. मोर्चा ने बयान में कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों ने सीमाओं पर होली मनाई और यह सुनिश्चित किया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता.
मोर्चे ने कहा कि पांच अप्रैल को ‘एफसीआई बचाओ दिवस’ मनाया जायेगा और देशभर में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के कार्यालयों को घेराव किया जायेगा.
बयान में कहा गया, ‘‘सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को समाप्त करने के लिए कई प्रयास किए हैं. पिछले कुछ वर्षों में एफसीआई का बजट भी घटा है. हाल ही में, एफसीआई ने फसलों की खरीद के नियमों में भी बदलाव किया है.’’
एसकेएम ने हरियाणा विधानसभा में सार्वजनिक संपत्ति क्षतिपूर्ति वसूली विधेयक-2021 को पारित किये जाने की निंदा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आंदोलनों को दबाना है.
मुंबई | महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में बहुंत तेजी से वृद्धि हो रहा है | इसी के मद्देनज़र रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने संबंधित अधिकारियों के साथ कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर एक अहम बैठक की | इस बैठक में सीएम उद्धव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि अगर लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो लॉकडाउन का रोडमैप तैयार किया जाए |
राज्य में एक बार फिर लॉकडाउन लगाने की ओर इशारा करते हुए सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी नियमों का कड़ाई से पालन हो, अगर फिर भी लोग नहीं मान रहे हैं तो लॉकडाउन के लिए रोडमैप तैयार करें |
उद्धव ठाकरे ने बैठक में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर चिंता ज़ाहिर की | उन्होंने कहा कि बढ़ते मामलों के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं कम पड़ने लगी हैं | बैठक में सरकार ने फैसला किया कि अब मंत्रालयों सहित सभी सरकारी ऑफिस में विजिटर पर अगले आदेश तक रोक रहेगी |
महाराष्ट्र: वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों और कोविड टास्क फोर्स के साथ बैठक में उद्धव ठाकरे ने निर्देश दिए हैं कि अगर लोग कोविड से संबंधित नियमों का उल्लंघन करना जारी रखते हैं तो लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों के लिए तैयार रहें। #COVID19 pic.twitter.com/z6TXTVTS2p
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 28, 2021
मुंबई | उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास मिली विस्फोटक वाली कार और इसके मालिक मनसुख हिरेन की हत्या को लेकर गिरफ्तार एपीआई सचिन वाझे के कई राज मीठी नदी से बाहर आ गए हैं। एनआईए ने गोताखोरों की मदद से रविवार को मीठी नदी से दो नंबर प्लेट, कंप्यूटर सीपीयू, हार्ड डिस्क और डीवीआर बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि वाझे ने सबूतों को मिटान के लिए इन्हें मीठी नदी में फेंक दिया था। जांच एजेंसी वाझे को भी मौके पर ले गई है।
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माना जा रहा है कि ये नंबर प्लेट एंटीलिया केस में इस्तेमाल हुई स्कॉर्पियो और इनोवा का है। वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों गाड़ियों के नंबर प्लेट को बदल दिया गया था। डीवीआर साकेत कॉम्पेलक्स ठाणे का हो सकता है, जहां सचिन वाझे का घर है। वाझे ने विस्फोटक वाली कार की बरामदगी के बाद अपनी सोसायटी के सीसीटीवी फुटेज को नष्ट करने के लिए अपने सहयोगियों को भेजकर डीवीआर हासिल कर लिया था। बताया जा रहा है कि वाझे ने सबूतों को नष्ट करने के लिए इन्हें मीठी नदी में फेंक दिया था।
महाराष्ट्र: मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में मीठी नदी से गोताखोरों ने एक लैपटॉप, 2 नंबर प्लेट और अन्य सामान बरामद किया, जो मनसुख हिरेन मामले में जांच का हिस्सा है। https://t.co/c1OjeC7Rc2 pic.twitter.com/Qi3DcUzz9p
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 28, 2021
#WATCH | Maharashtra: Divers of NIA recover computer CPUs, two number plates carrying the same registration number, and other items from Mithi river in Mumbai's Bandra Kurla Complex as the agency probes the death of Mansukh Hiren.
— ANI (@ANI) March 28, 2021
Accused Sachin Waze is also present at the spot pic.twitter.com/RXq2d4cCMP
नईदिल्ली । उपराष्ट्ररपति एम. वेंकैया नायडू ने सार्वजनिक जीवन में मूल्योंत को बनाए रखने की आवश्यिकता पर बल दिया है और संसद के कामकाज में बार-बार रूकावट डाले जाने और चर्चा के गिरते स्ततर पर चिंता व्यंक्त की है। जाने-माने शिक्षाविद् और राज्ययसभा के पूर्व सदस्यच एन. नरोत्ताम रेड्डी की जयंती के शताब्दीज समारोहों के सिलसिले में हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्ररपति ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में रुकावट का मतलब है - चर्चा, लोकतंत्र और देश को रोकना। श्री रेड्डी ने संसद में नरोत्तकम रेड्डी की चर्चाओं का उदाहरण देते हुए सुझाव दिया कि जन प्रतिनिधियों के कार्यों में जनता की अपेक्षाएं प्रतिबिंबित होनी चाहिए। उपराष्ट्र पति ने नैतिक मूल्योंर, राष्ट्री यता और सावर्जनिक जीवन में सत्यानिष्ठाद को बढ़ावा देने में शिक्षा की भूमिका पर जोर दिया और कहा कि चहुंमुखी विकास तथा व्यंक्ति के समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका महत्वरपूर्ण है। उन्होंखने नई शिक्षा नीति के संदर्भ में संस्था नों को अपने को पुनर्गठित करने और शिक्षा के प्रति समग्र तथा बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने को कहा।
गुरुग्राम। रविवार की सुबह द्वारका एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा हो गया। दौलताबाद गांव चौक के पास द्वारका एक्सप्रेस वे निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो स्लैब रविवार सुबह 7.30 बजे के करीब ढह गए। टूटा हुआ हिस्सा 29 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य खेरकी दौला को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस्वे पर महिपालपुर के पास शिव मूर्ति से जोड़ना है।
पुलिस के अनुसार, विशाल कंक्रीट के स्लैब गिरने से तीन व्यक्ति घायल हो गए। घायल मजदूरों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में इलाके की घेराबंदी कर दी गई। दीपक शरण, डीसीपी (पश्चिम) के साथ एक पुलिस टीम स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंची। एक सिविल डिफेंस टीम भी वहां पहुंची। लार्सन एंड टुब्रो के इंजीनियर भी मौके पर मौजूद थे। बाद में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया और जांच शुरू की।
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा, हम अभी भी फ्लाईओवर के ढहने के पीछे का कारण पता करने की कोशिश कर रहे हैं। एक्सप्रेसवे का निर्माण एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है। डीसीपी ने कहा, मलबे को हटाने का काम शुरू होने के दौरान हमने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। घटना में तीन मजदूर घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फ्लाईओवर का निर्माण सड़क के बीच में किया जा रहा है, इसलिए सड़के के दोनों तरफ यातायात प्रभावित नहीं हुआ। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और सिविल डिफेंस टीमों को मौके पर तैनात किया गया है।
इस बीच, एक चश्मदीद ने पुलिस को बताया कि सड़क पर कंक्रीट स्लैब गिरने पर उन्हें तेज आवाज सुनाई दी। उन्होंने कहा कि एक बड़ा हादसा टल गया क्योंकि होली के त्योहार के कारण घटना स्थल पर बहुत अधिक लोग नहीं थे।
घटनास्थल पर मौजूद एक स्थानीय शख्स ने कहा, इस हिस्से में, लगभग 60 से 70 श्रमिक काम करते थे, लेकिन होली के त्योहार के कारण उनमें से केवल कुछ ही लोग घटना स्थल पर मौजूद थे और उनमें से तीन घायल हो गए।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर का अनुरोध करते हुए कहा, प्रारंभिक रिपोर्टों ने दर्शाया कि दो पिलर के बीच लगे कुछ गर्डर अचानक गिर गए, जिसके कारण हादसा हुआ और इसके पीछे का कारण कुछ मैकेनिकल समस्या हो सकती है।
हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने परियोजना की स्थिति का आकलन करने के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की समीक्षा की थी और एनएचएआई अधिकारियों को सुधार के उपाय सुझाए थे।
एनएचएआई 2008 से इस परियोजना पर काम कर रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत 7,000 करोड़ रुपये है। राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए द्वारका एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम मूल रूप से 2014 में पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण, इस परियोजना को 2016 में एनएचएआई को ट्रांसफर कर दिया गया था।
एक बार परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यातायात की भीड़ और वाहनों के प्रदूषण की समस्याओं का समाधान होगा। द्वारका एक्सप्रेसवे परियोजना दिल्ली-गुरुग्राम से दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (एनएच-48) के लिए बाईपास है।
इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (International Union for Conservation of Nature – IUCN) की रेड लिस्ट में हाल ही में पता चला है कि, जंगलों और सवाना में रहने वाले अफ्रीकी हाथियों के विलुप्त होने का खतरा है। जिसके बाद, संरक्षणवादियों ने अवैध शिकार को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया है। IUCN द्वारा किए गए नए आकलन उन दबावों को रेखांकित करते हैं जिनका अफ्रीका में हाथियों की दो प्रजातियों को हाथी दांत (ivory) के लिए अवैध शिकार और मानव अतिक्रमण (human encroachment) के कारण सामना करना पड़ रहा हैं। इस सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि, सवाना हाथी (Savanna Elephant) “लुप्तप्राय” था, जबकि छोटे, हल्के जंगली हाथी “गंभीर रूप से लुप्तप्राय” थे। इससे पहले, IUCN ने हाथियों की दोनों प्रजातियों को “कमजोर” (Vulnerable) माना था।
सवाना हाथियों की आबादी (Population of Savanna Elephants)
IUCN के आंकड़ों ने बताया कि अफ्रीका से सवाना के हाथियों की आबादी कई प्रकार के आवासों में पाई जाती है जो पिछले 50 वर्षों में लगभग 60% कम हो गई थी। मध्य अफ्रीका में पाए जाने वाले जंगली हाथियों की संख्या भी 31 वर्षों में 86% कम हो गई है। IUCN के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के कवांगो-ज़ाम्बज़ी ट्रांसफ्रंटियर संरक्षण क्षेत्र (Kavango–Zambezi Transfrontier Conservation Area) में, सवाना हाथियों की संख्या स्थिर या बढ़ रही थी।
अफ्रीकी हाथी (African Elephant)
यह दो जीवित हाथी प्रजातियों के साथ एक जीनस है, जो अफ्रीकी झाड़ी हाथी (African Bush Elephant) और छोटा अफ्रीकी वन हाथी (African Forest elephant) है। उन्हें IUCN रेड लिस्ट में विलुप्त होने के भारी जोखिम पर माना जाता है।
नई दिल्ली । कुछ दिन पहले जीटीबी अस्पताल से फरार गैंगस्टर कुलदीप फज्जा को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। मुठभेड़ रोहिणी के सेक्टर 14 में एक फ्लैट में हुई। मुठभेड़ में फज्जा घायल हो गया था। उसे आंबेडकर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार फज्जा 25 मार्च को अपने साथियों की मदद से जीटीबी अस्पताल से भाग गया था।
बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े जीटीबी अस्पताल कैंपस में तकरीबन आठ बदमाश पुलिस से भिड़ गए और उनकी आंखों में मिर्च झोंककर फायरिंग करते हुए कुलदीप मान उर्फ फज्जा को भगा ले गए थे।
हरियाणा की मशहूर सिंगर हर्षिता दहिया हत्याकांड में शामिल जितेंद्र उर्फ गोगी गैंग के बदमाश कुलदीप को पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन के पांच जवान बृहस्पतिवार को कुलदीप को मंडोली जेल से इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल ले गए थे। अस्पताल परिसर में 12: 30 बजे स्कॉर्पियों सवार बदमाशों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च झोंककर कुलदीप को छुड़ाने के लिए फायरिंग की।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इससे रवि की मौत हो गई और अंकेश घायल हो गया। गोलीबारी से मची अफरातफरी के बीच बाकी बदमाश कुलदीप को लेकर पैदल ही अस्पताल परिसर से बाहर चले गए। वहां बदमाशों ने एक युवक से बाइक लूटी और कुलदीप को बैठाकर फरार हो गए।
इससे पहले पुलिस ने दावा किया था कि जीटीबी अस्पताल परिसर से जितेंद्र मान उर्फ गोगी गिरोह के बदमाश कुलदीप मान उर्फ फज्जा को भागने की साजिश हरियाणा के कुख्यात बदमाश दीपक बॉक्सर ने रची थी।
कानपुर । आज सुबह कानपुर में कार्डियोलॉजी अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से हड़कंप मच गया। अस्पताल के पहले माले में स्थित आईसीयू में आग लगने के बाद सभी मरीजों को बाहर निकाला लिया गया। हालांकि आग लगने के बाद मची अफरातफरी के बीच एक मरीज की मौत हो गई। मरीज की सुबह 9:20 पर मौत हुई, उसे पेसमेकर लगा था।
कार्डियोलॉजी निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा ने बताया कि स्थिति पर काबू पा लिया गया है। सभी मरीजों को शिफ्ट करा दिया गया है। वहीं, सूचना पर दमकर की सात गाड़ियां मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। कमिश्नर डॉ राजशेखर ने बताया कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। एक गंभीर रोगी की आग लगने से पहले सुबह 6:30 बजे मौत हो गई थी। एक अन्य रोगी की सुबह 9:20 पर मौत हुई है, उसे पेसमेकर लगा था।
एसीपी महेंद्र सिंह ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर के सभी मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। पहली मंजिल पर 9 मरीजों के फंसे होने की सूचना मिली है। उन्हें उसी मंजिल पर ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। खिड़कियों के शीशे तोड़कर वेंटीलेशन की व्यवस्था कर दी गई है। धुआं कम होने पर ग्राउंड फ्लोर चेक किया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर अभी किसी के फंसे होने की सूचना नहीं है।
एसीपी महेंद्र सिंह ने आगे बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि ग्राउंड फ्लोर पर स्थित स्टोर में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। फायर सर्विस के लोग जांच कर बताएंगे कि आग लगने की क्या वजह रही। वहीं, इस हादसे के बाद कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण भी मौके पर पहुंचे गए हैं।
पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग में करीब 140 मरीज थे। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बिल्डिंग की जांच की जा रही है अभी तक किसी के फंसे होने की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि आग की वजह से किसी की मौत और जख्मी होने की सूचना नहीं मिली है। एहतियात के तौर पर 10 एंबुलेंस लगाई गई हैं। नई बिल्डिंग में अस्थाई तौर पर मरीजों को शिफ्ट कर दिया गया है। ऑक्सीजन स्कोप एंड सिस्टम भी पहुंचा दिए गए हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दुर्घटना को तत्काल संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन से सभी घायलों को समुचित इलाज कराने तथा इस संबंध में तथ्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिया है। इसके साथ-साथ जांच के लिए उन्होंने एक उच्च स्तरीय समिति डी. जी.फायर सर्विस, आयुक्त कानपुर मंडल और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की गठित की है, जो तत्काल मौके पर जाकर संपूर्ण तथ्यों की जांच करेगी। सीएम ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जैसे पूर्व में सभी अस्पतालों में अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए थे पर पुनः से सभी अस्पतालों में जांच करा ली जाए ताकि इस तरह की दुर्घटना कहीं अन्य अस्पताल में न हो।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है। ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले छत्रधर महतो को राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है। महतो को 2009 में भुवनेश्वर-नई दिल्ली एक्सप्रेस को हाईजैक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
ऐसा आरोप है कि छत्रधर महतो ने अपने साथियों के साथ गोलीबारी करके इस ट्रेन को कब्जाने की कोशिश की थी। बता दें कि शनिवार देर रात तीन बजे छत्रधर महतो को उनके लालगढ़ स्थित घर से गिरफ्तार किया गया है। महतो को ममता बनर्जी का दूत भी कहा जाता है। इस विधानसभा चुनाव में महतो टीएमसी के लिए लगातार चुनाव प्रचार कर रहे थे।
बंगाल के आदिवासी इलाकों में महतो की इतनी अच्छी पकड़ है कि 2016 विधानसभा चुनाव में जेल में रहते हुए महतो ने टीएमसी को यहां से जीत दिला दी थी। बता दें कि महतो ममता बनर्जी के कोर समिति के सदस्य भी हैं।
छत्रधर महतो को यूएपीए के तहत साल 2009 के राजधानी एक्सप्रेस मामले में गिरफ्तार किया गया है। आज छत्रधर महतो को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, महतो को पहले भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन जेल से छूटने के बाद उन्हें टीएमसी ने अपनी पार्टी में शामिल कर लिया।
पिछले साल छत्रधर महतो ने माओवादी पार्टी का दामन छो़ड़कर तृणमूल कांग्रेस का हाथ पकड़ लिया था। बता दें कि लालगढ़ आंदोलन के दौरान ममता बनर्जी ने नेता छत्रधर महतो के साथ मंच साझा किया था, उस वक्त ममता बनर्जी पर आरोप लगाया गया था कि वो माओवादियों का समर्थन ले रही हैं।
छत्रधर महतो पिछले साल फरवरी में ही जेल से छूटे हैं, दस साल तक वो जेल में रहे। जेल से छूटने के बाद टीएमसी ने महतो को जिला समिति में शामिल कर लिया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस अपहरण मामले की जांच करने का आदेश दिया था। 2009 में इस ट्रेन का अपहरण हुआ था और इसका आरोप पीसीएपीए पर लगाया गया था। जो माओवादी इस घटना में शामिल थे, वो महतो की रिहाई की मांग करते रहे।
नेल्लोर । आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले से एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जिले के दमरमादुगु गांव के पास रविवार तड़के सुबह एक टेंपो और लॉरी की आमने-सामने की टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में छह लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार यह घटना बुचिरदीपलेम मंडल के दमरमादुगु में हाईवे पर हुई, जब एक तेज रफ्तार टेंपो व लॉरी में भिड़ंत हो गई। बताया जा रहा है कि टेंपो में तमिलनाडु के 15 लोग सवार थे, जो श्रीशैलम की यात्रा के दौरान नेल्लोर जा रहे थे।
इस हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। स्थानीय पुलिस का कहना है कि मरने वालों में पांच महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं।
हादसे के बाद सूचना मिलते ही बुचिरदीपलेम पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलसि ने घटना के बाद मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
रांची । झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी पुलिस स्टेशन की सीमा में एक घर में विस्फोट के कारण एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हालांकि विस्फोट के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। प्रथम दृष्टया यह सिलेंडर ब्लास्ट प्रतीत हो रहा है। गिरिडीह की एसपी अमित रेणु ने इसकी जानकारी दी है। दूसरी तरफ इस घटना से क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त है। अभी पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है। गैस सिलेंडर और बम विस्फोट दोनों एंगल पर पुलिस जांच कर रही है। ग्रामीणों के मुताबिक रात करीब नौ बजे गांव के अधिकांश घरों के लोग खाना खाकर सोने ही गए थे तभी अचानक लोगों को जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। विस्फोट इतनी जोरदार थी कि दो किलोमीटर दूर तक के लोगों ने इसकी आवाज सुनी।
इस घटना को लेकर गांव के कुछ लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर फटने से हादसा हुआ जबकि कुछ का कहना है कि विस्फोटक लगाकर घर को उड़ाया गया है। हालांकि अब पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक कारण का पता लग पाएगा।
लखनऊ , रेलवे की फर्जी वेबसाइट बना नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश पुलिस ने किया। इस गिरोह के खिलाफ गुजरात की क्राइम ब्रांच ने लखनऊ मध्य के डीसीपी सोमेन वर्मा को सूचना दी थी। इसके बाद गुजरात व लखनऊ पुलिस ने संयुक्त रूप से गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच इनके पास से रेलवे से संबंधित कई दस्तावेज व कंप्यूटर बरामद किया है। सर्विलांस सेल स्वाट टीम सेंट्रल प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक गुजरात राजकोट की क्राइम ब्रांच टीम से सूचना मिली थी कि कुछ लोग लखनऊ में बैठकर रेलवे की फर्जी वेबसाइट के जरिये युवाओं से लाखों की ठगी कर रहे हैं। इस जानकारी के बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि शुक्रवार को सूचना मिली कि कुछ लोग पुरानी रेलवे बिल्डिंग में युवक व युवतियों को रेलवे में भर्ती करवाने के लिए ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस पर दोनों टीमों ने मौके पर घेराबंदी कर तीन आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए जालसाजों ने अपना नाम सुशांत गोल्फ सिटी निवासी हिमांशु पांडेय, पारा निवासी शशी प्रकाश गुप्ता व सूरज मौर्या बताया है। इसके साथ ही पुलिस ने वहां से तीन कंप्यूटर, दो उपस्थिति रजिस्टर, ट्रेनिंग की टीचिंग सामग्री, 10 विभिन्न प्रकार की रेलवे की फर्जी मुहरें, विभिन्न बैंकों की पासबुक व रेलवे का मानचित्र बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक जालसाजों ने बताया कि वे लोग रेलवे की फर्जी वेबसाइट के माध्यम से बेरोजगार युवकों व युवतियों का आवेदन पत्र स्वीकार कर लेते थे। प्रति व्यक्ति से 15 लाख रुपये लेकर उन्हें नौकरी देने का वादा करते थे। रकम मिलने के बाद उनका फर्जी रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड कर देते थे, जिससे उन्हें नौकरी मिलने का पूरा विश्वास हो जाए। इतना ही नहीं इसके बाद जालसाज उन लोगों को बुलाकर आलमबाग स्थित रेलवे कॉलोनी की एक पुरानी बिल्डिंग में प्रतिदिन ट्रेनिंग भी देते थे। अब गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।







