गुवाहाटी। असम की धरती इन दिनों लगातार भूकंप से कांप रही हैं। शुक्रवार की सुबह एक बार फिर असम में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, इस भूकंप की तीव्रता बहुत ज्यादा नहीं थी। इस वजह किसी को भी ज्यादा नुकसान होने की खबर नहीं है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई है। 4 दिन में यह तीसरा मौका है जब असम में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले 5 मई और 3 मई के दिन भी असम में भूकंप आया था। इससे पहले 5 मई को भूकंप की तीव्रता 3.5 थी, जब कि 3 मई को रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई थी।
मुंबई। नागपुर से हैदराबाद जा रही एक एयर एंबुलेंस का टेकऑफ करते ही पहिया टूट गया। हालांकि पायलट की सूझबूझ से पांच लोगों की जान बच गई। अधिकारियों ने इस एयर एंबुलेंस में पांच लोग सवार थे। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, नॉन-शेड्यूल्ड विमान वीटी-जेआईएल एक मरीज, 2 चालक दल के सदस्यों, एक डॉक्टर और एक पैरामेडिक स्टॉफ को लेकर जा रहा था।
एयर एंबुलेस ने जैसे ही नागपुर से टेकऑफ किया तो उसका एक पहिया खुलकर गिर गया। पालयट ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी घोषित कर दी और इसके बाद आनन-फानन में विमान की मुंबई एयरपोर्ट पर लैंडिंग की गई। विमान की इमरजैंसी लैंडिग की बात सुनते ही एयरपोर्ट के अधिकारियों ने रन वे पर फोम बिछा दी गई थी ताकि जमीन पर विमान ज्यादा न घिसे और किसी को कोई नुकसान न हो। इतना ही नहीं फायर ब्रिगेड, सीआईएसएफ और मेडिकल टीम मौके पर तैनात की गई। गनीमत रही कि किसी को कुछ नहीं हुआ और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
जयपुर। राजस्थान सरकार ने बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए पूरे राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसके तहत 10 मई की सुबह 5 बजे से 24 मई की सुबह 5 बजे तक कड़ी पाबंदी रहेगी। राजस्थान में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए 24 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया जा है। इस दौरान जरूरी सेवाएं छोड़कर बाकी सब बंद रहेगा।
राज्य में 10 मई सुबह पांच बजे से 24 मई सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन लगने के साथ ही विवाह समारोह 31 मई के बाद ही आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सभी प्रकार के धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे, बारात एवं निकासी तथा प्रीतिभोज आदि की अनुमति 31 मई तक नहीं होगी। विवाह घर पर ही अथवा कोर्ट मैरिज के रूप में ही करने की अनुमति होगी, जिसमें केवल 11 व्यक्ति ही अनुमत होंगे। इसकी सूचना वेब पोर्टल पर देनी होगी।
इनकी अनुमति नहीं होगी
निर्णय के अनुसार विवाह में बैण्ड-बाजे, हलवाई, तंबू या इस प्रकार के अन्य किसी भी व्यक्ति के सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होगी। शादी के लिए टेंट हाउस एवं हलवाई से संबंधित किसी भी प्रकार के सामान की होम डिलीवरी भी नहीं की जा सकेगी।
मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल एवं होटल परिसर शादी-समारोह के लिए बंद रहेंगे। विवाह स्थल मालिकों, टेंट व्यवसायियों, कैटरिंग संचालकों और बैण्ड-बाजा वादकों आदि को अग्रिम बुकिंग राशि आयोजनकर्ता को लौटानी होगी या बाद में आयोजन करने पर समायोजित करनी होगी।
निर्णय के अनुसार किसी भी प्रकार के सामूहिक भोज की अनुमति नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों के संक्रमित होने के मामले सामने आए हैं, इसे देखते हुए मनरेगा के कार्य स्थगित रहेंगे।
चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त सभी प्रकार के निजी एवं सरकारी परिवहन के साधन जैसे- बस, जीप आदि पूरी तरह बंद रहेंगे। बारात के आवागमन के लिए बस, ऑटो, टेम्पो, ट्रैक्टर, जीप आदि की अनुमति नहीं होगी।
मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार अन्तरराज्यीय एवं राज्य के भीतर माल का परिवहन करने वाले भारी वाहनों का आवागमन, माल उतारने-चढ़ाने तथा इस कार्य के लिए नियोजित व्यक्ति अनुमत होंगे। राज्य में चिकित्सा, अन्य आपातकालीन एवं अनुमत श्रेणियों को छोड़कर एक जिले से दूसरे जिले, एक शहर से दूसरे शहर, शहर से गांव, गांव से शहर और एक गांव से दूसरे गांव में सभी प्रकार के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य
राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को 72 घंटे के भीतर करवाई गई आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि कोई यात्री नेगेटिव जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसे 15 दिन के लिए पृथक-वास में रखा जाएगा।
श्रमिकों के पलायन को रोकने के लिए उद्योगों एवं निर्माण से संबंधित सभी इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी। श्रमिकों को आवागमन में असुविधा नहीं हो, इसके लिए इन इकाइयों द्वारा पहचान पत्र जारी किया जाएगा।
बैठक में प्रदेश में ऑक्सीजन के ‘अपर्याप्त आवंटन’ पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। मंत्रिमंडल ने कहा कि राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की बड़ी संख्या के अनुपात में केंद्र सरकार द्वारा किया गया आवंटन नाकाफी है।
इसने कहा कि जामनगर से अनावंटित 200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मात्रा में से राजस्थान को अधिकतम आवंटन किया जाए क्योंकि वर्तमान में कोविड रोगियों के लिए प्रदेश में ऑक्सीजन की आवश्यकता 600 मीट्रिक टन से अधिक पहुंच गई है और 15 मई तक इसके लगभग 795 मीट्रिक टन तक हो जाने का अनुमान है।
बैठक में कहा गया कि केंद्र सरकार राज्य की आवश्यकता के अनुरूप जल्द-से-जल्द ऑक्सीजन का आवंटन बढ़ाए।
9 जिलों में 61.5% रोगी और 70% मौतें
राजस्थान के 9 जिलों- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर में 61.5% मरीज और 70% मौतें हुई हैं। अगर सरकार इन नौ जिलों में पाबंदियां और सख्त कर दे तो महामारी से आधी जंग जीती जा सकती है।
नौ जिलों में ही नए पाॅजिटिव 16,815 के 61.5% यानी 10341 रोगी मिले हैं। इन्हीं जिलों में 73% मौतें हो रही हैं। बुधवार को प्रदेश में कुल 155 मौतें हुईं। इन नौ जिलों में 114 मौतें हुईं। जयपुर में 43, जोधपुर में 20, उदयपुर में 19, बीकानेर में 8, अलवर में 7, कोटा में 6, डूंगरपुर में 5, सीकर और श्रीगंगानगर में 3-3 की मौत हुई।
मॉस्को/नई दिल्ली। रूस की वैक्सीन स्तूपनिक का नया वर्जन लॉन्च किया गया है। स्तूपनिक लाइट नाम की इस वैक्सीन के 80 प्रतिशत तक प्रभावी होने दावा किया गया है। इस वैक्सान की सिर्फ एक डोज ही कोविड-19 से सुरक्षा देने में बताई जा रही है।
इस वैक्सीन की फंडिंग करने वाले रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष आडीआईएफ ने एक बयान में कहा कि दो शॉट वाली स्तूपनिक वी वैक्सीन की तुलना में सिंगल डोज वाली स्तूपनिक लाइट ज्यादा प्रभावी है। स्तूपनिक V 91.6 प्रतिशत तक प्रभावी है, जबकि स्तूपनिक लाइट 79.4 प्रतिशत तक प्रभावी है।
Read Also:- कोरोना अपडेट: प्रदेश में आज 10894 ने जीती कोरोना से जंग, कुल 13846 नए मरीज मिले 212 मृत्यु भी, देखे जिलेवार आकड़े
परिणाम में कहा गया है कि, 5 दिसंबर 2020 से 15 अप्रैल 2021 के बीच रूस में चले व्यापक टीकाकरण अभियान में ये वैक्सीन दी गई जिसके 28 दिन बाद इसका डाटा लिया गया था। बता दें 60 देशों में रूस की वैक्सीन को इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा चुकी है। लेकिन इसे अभी तक यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) और यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने इसे अभी तक मंजूरी नहीं दी है।
नईदिल्ली, दिल्ली और दूसरे राज्यों में ऑक्सीजन की मांग, केंद्र से हो रही आपूर्ति और अस्पतालों तक पहुंचाने में आ रही दिक्कत को समझने के लिए सुप्रीम कोर्ट एक ऑडिट कमिटी बनाएगा. कोर्ट ने यह बात तब कही जब केंद्र सरकार ने दिल्ली की वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए. केंद्र ने कहा कि दिल्ली शायद अपनी मांग को बढ़ाकर बता रहा है. केंद्र से आ रहे ऑक्सीजन को दिल्ली सरकार सही समय पर उठा नहीं रही, जबकि दिल्ली को अधिक सप्लाई देने के लिए दूसरे राज्यों से कटौती करनी पड़ रही है.
दिल्ली के ऑडिट की मांग
सुप्रीम कोर्ट ने कल केंद्र से कहा था कि वह रात 12 बजे तक दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध करवाए. आज सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि दिल्ली को 730.7 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली को ज़्यादा ऑक्सीजन तो मिल जा रहा है, पर वह उसे अनलोड नहीं कर पा रहा. दिल्ली के अस्पतालों में कुल स्टोरेज की क्षमता भी 400 मीट्रिक टन के आस पास ही है.
तुषार मेहता ने आगे कहा, "हम दूसरे राज्यों का ऑक्सीजन भी दिल्ली को दे रहे हैं. फिर भी दिल्ली में ज़रूरतमंदों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच रहा. दिल्ली के वितरण सिस्टम की समीक्षा होनी चाहिए. हम दूरदराज के गांवों को लेकर भी चिंतित हैं. दिल्ली का ऑक्सीजन ऑडिट होना चाहिए. किसी को सिर्फ इसलिए तकलीफ नहीं मिलनी चाहिए कि वह दिल्ली की तरह ज़ोर से नहीं बोल पा रहा.
कोरोना की तीसरी लहर की चिंता
इस पर 2 जजों की बेंच के अध्यक्ष जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि घर पर इलाज करा रहे लोगों को भी ऑक्सीजन की ज़रूरत है. सरकार का ऑक्सीजन की ज़रूरत आंकने का फॉर्मूला गलत है. उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट को पूरे देश के लिए सोचना है. आज तैयारी की गई तो कोविड का तीसरा फेज आने पर उससे तरीके से बेहतर निपटा जा सकेगा. उन्होंने कहा, "यह चिंता की बात है कि वैज्ञानिक तीसरी लहर की बात भी कह रहे हैं. उस लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका है. टीकाकरण अभियान में बच्चों के लिए भी सोचा जाना चाहिए."
जस्टिस चंद्रचूड़ ने आगे कहा, "हमें इलेक्ट्रॉनिक ICU पर भी विचार करना चाहिए. ज़रूरत के मुताबिक स्वास्थ्यकर्मी हमारे पास नहीं हैं. लाखों की संख्या में डॉक्टर और नर्स खाली हैं. हमें कोरोना की आने वाली लहर की आशंका को सोच कर चलना चाहिए." बेंच के सदस्य जस्टिस एम आर शाह ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "बहुत से डॉक्टर चिकित्सा की बजाय प्रशासनिक काम कर रहे हैं. उनसे काम लिया जाना चाहिए."
एमबीबीएस छात्रों को मिले अतिरिक्त अंक
सॉलिसीटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि राज्यों से यह कहा गया है कि वह एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों, मेडिकल पीजी कर रहे डॉक्टरों और नर्सिंग के अंतिम वर्ष के छात्रों से काम ले सकते हैं. इस पर एमिकस क्यूरी जयदीप गुप्ता ने कहा, "मैंने कहीं पढ़ा कि मध्य प्रदेश में एमबीबीएस छात्रों को सिर्फ 1500 से 3000 रुपए दिए जा रहे हैं." मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह अफवाह है. ऐसा नहीं हो रहा. इस पर जजों ने कहा कि कोविड के दौरान काम कर रहे एमबीबीएस छात्रों का उत्साह पैसों से नहीं बढ़ेगा. उन्हें NEET की परीक्षा में अतिरिक्त अंक देना चाहिए. केंद्र के वकील ने इस सुझाव पर विचार की बात कही.
दिल्ली ने किया ऑडिट का विरोध
इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली के वकील राहुल मेहरा से सवाल किया, "केंद्र कह रहा है कि आप ऑक्सीजन उठा नहीं रहे. इससे टैंकर भी दिल्ली में ही फंस जा रहे हैं. आपका क्या जवाब है? मेहरा ने कहा कि दिल्ली के कई अधिकारी ऑक्सीजन वितरण देख रहे हैं. लेकिन ऑक्सीजन लिफ्ट कर हॉस्पिटल तक पहुंचाना सप्लायर का काम होता है. मेहरा ने आगे कहा, "हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है. ऑक्सीजन वितरण में समय लगता है. जो टैंकर खाली हैं, उन्हें भी केंद्र नहीं उठा रहा."
दिल्ली के वकील ने ऑक्सीजन ऑडिट की मांग का विरोध किया. कहा, "पंजाब, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र समेत कई राज्य हैं, जिन्हें उनकी मांग के बराबर या ज़्यादा ऑक्सीजन दिया जा रहा है. दिल्ली के बारे में कहा जा रहा कि उसे ऑक्सीजन देने के लिए दूसरे राज्यों से कटौती करनी पड़ रही है. कोर्ट केंद्र से इस पर लिखित हलफनामा ले. अगर ऑडिट होना है तो पूरे देश का हो."
भविष्य की तैयारी का सुझाव
एमिकस क्यूरी जयदीप गुप्ता और मीनाक्षी अरोड़ा ने भविष्य के हिसाब से तैयारी का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन और दूसरी ज़रूरतों का सटीक पूर्वानुमान लगाने की व्यवस्था बननी चाहिए. अभी सारी बहस 30 अप्रैल को जारी हुए मांग अनुमान के हिसाब से हो रही है. स्थिति लगातार बदल रही है. कल मुंबई को ऑक्सीजन की अधिक ज़रूरत थी. आज दिल्ली को है. कल किसी और शहर को होगी. हो सकता है अचानक किसी दवा की बढ़ी हुई मांग सामने आए. इसलिए, भविष्य के अनुमान और उसके आधार पर कदम उठाने पर ज़ोर दिया जाए.
वेबसाइट पर अपलोड होगा आदेश
जयदीप गुप्ता ने यह सुझाव भी दिया कि कोर्ट अभी केंद्र को दिल्ली में 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति बनाए रखने को कहे. जजों ने गुप्ता को थोड़ी देर तक इस पहलू पर भी सुना कि ऑक्सीजन ऑडिट कमिटी क्या काम करेगी. जजों ने सॉलिसीटर जनरल से विशेषज्ञों के नाम सुझाने को कहा. जजों ने यह भी कहा कि उनके मन में भी कुछ नाम हैं. करीब 4 घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि आदेश बाद में वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा. सोमवार को मामले पर आगे की सुनवाई होगी.
भोपाल। मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ताड़का बताया। ममता बनर्जी ने तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
मुमताज लोकतंत्र,हिंदुओं @BJP4Bengal के कार्यकर्ताओं की निर्मम,हत्या,बलात्कार
— Sadhvi Pragya singh thakur (@SadhviPragya_MP) May 5, 2021
हे कलंकिनी..बस्स्स्
शठे शाठ्यम समाचरेत,टिट फॉर टैट करना ही होगा।राष्ट्रपति शासनऔर NRCबस यही उपाय हैं।संतोऔर वीरोंकी भूमि पर ताड़का का शासन हो गया।अबतो "राम" बनना ही होगा।
जय श्री राम @BJP4India @RSSorg
प्रज्ञा ने ट्वीट किया, मुमताज लोकतंत्र। हिंदुओं, भाजपा के बंगाल के कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या, बलात्कार। हे कलंकिनी... बस्स्स।उन्होंने आगे लिखा, शठे शाठ्यम समाचरेत, टिट फॉर टैट करना ही होगा। राष्ट्रपति शासन और एनआरसी (राष्ट्रीय नागिरक पंजी) बस यही उपाय हैं।प्रज्ञा ने बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, संतों और वीरों की भूमि पर ताड़का का शासन हो गया। अब तो 'राम' बनना ही होगा। जय श्री राम।
जोधपुर। राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे आसाराम बापू को कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद बुधवार रात को अस्पताल शिफ्ट किया गया। यहां महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर लिया गया।
आसाराम का तीन दिन पहले कोरोना टेस्टत हुआ था और बुधवार शाम उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। इसके बाद 80 साल के आसाराम ने बेचैनी की शिकायत की थी। यही नहीं, कोरोना वायरस के चलते ऑक्सीजन लेवल बहुत कम होने पर उनको अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया। जबकि आसाराम की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनकर उनके कई समर्थक अस्पोताल पहुंच गए। यही नहीं, हालत बिगड़ते देख अब आसाराम को जोधपुर एम्स भेजने की तैयारी की जा रही है।
बहरहाल, पिछले दिनों जोधपुर की सेंट्रल जेल में करीब एक दर्जन कैदी कोरोना पॉजिटिव पाये गये थे। इसके बाद सभी कोरोना पॉजिटिव कैदियों को जेल की डिस्पेंसरी में ही आइसोलेट किया गया था। इसी बीच अब अन्य कैदियों में भी कोरोना संक्रमण के लक्षण देखने को मिले थे, तब आसाराम का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था।
इसके बाद बुधवार शाम कोरोना रिपार्ट पॉजिटिव आने के बाद आसाराम की तबीयत खराब हो गयी।हालांकि यह पहली बार नहीं है जब आसाराम को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इसी साल फरवरी में उनको तबीयत खराब होने की शिकायत के बाद महात्मास गांधी अस्पाताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था।
सरकार का विवादित फैसला- एसेंशियल की लिस्ट में अल्कोहल शामिल, अब लॉक डाउन में खुलेंगी शराब की दुकानें
चडीगढ़, कोरोना संक्रमण के बीच पंजाब में शराब के शौकीनों के लिए राज्य सराकर ने राहत भरी खबर दी है. पंजाब सरकार ने अल्कोहल को एसेंशियल की लिस्ट में रखा है. सरकार के इस फैसले के बाद मिनी लॉकडाउन के दौरान शराब के ठेके खोले जाएंगे. पंजाब सरकार ने इस संबंध में मंगलवार दोपहर को ही नोटिफेकेशन जारी कर दिया था. हालांकि नोटिफिकेशन में देरी के कारण एक दिन बाद से ठेके खुलने लगे.
बता दें कि पंजाब सरकार ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए 15 मई तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की थी. लॉकडाउन के दौरान जरूरी सेवाओं को इससे छूट दी गई थी.
पंजब सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा 2 मई को की थी. इस दौरान बताया था कि जरूरी वस्तुओं की दुकानें जैसे- दवा, दूध, सब्जी, मीट आदि की ही खोलने के आदेश थे. उस दौरान शराब के ठेकों सहित अन्य गैर-जरूरी दुकानों खोलने की अनुमति नहीं दी गई थी.
लॉकडाउन के दौरान शादी समारोह और अंतिम संस्कार में केवल 10 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी. सराकर के इस एलान के बाद शराब ठेकेदारों की ओर से शराब के ठेके खोलने की लगातार मांग उठाई जा रही थी. सरकार के इस आदेश के बाद राज्य में बंद सभी ठेके खोल दिए जाएंगे.
सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक अब राज्य में किसी को बिना कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट के एंट्री नहीं मिलेगी. पंजाब सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हवाई रास्ते, रेल या फिर सड़क के जरिए पंजाब आने वाले लोगों को बिना कोरोना नेगेटिव सर्टिफिकेट या फिर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के प्रदेश में एंट्री नहीं दी जाएगी.
राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के मुखिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह का निधन हो गया है। दिग्गज राजनेता अजित सिंह कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से बीते दिनों गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने 86 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौर गई है। उनकी गिनती बड़े जाट नेताओं में होती थी।
रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह और उनकी पोती 24 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। हालत खराब होने पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर वे पिछले चार-पांच दिन से वेंटिलेटर पर थे। मगर गुरुवार की सुबह उनका निधन हो गया। राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजित सिंह का जन्म 12 फरवरी 1939 को मेरठ में हुआ था। इनके निधन पर समाजवादी पार्टी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

कौन थे चौधरी अजित सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे चौधरी अजित सिंह राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत से 7 बार सांसद रह चुके हैं। वह मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री रह चुके हैं। वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि मंत्री भी रह चुके थे। उनके बेटे का नाम जयंत चौधरी है, जो 15वीं लोकसभा में मथुरा से सांसद रह चुके हैं।
बमाको (माले), माले की राजधानी बमाको से मिल जानकारी के अनुसार 25 वर्षीय एक महिला ने एकसाथ 9 बच्चों को जन्म दिया। हालांकि डॉक्टरों को गर्भाशय में केवल 7 बच्चों की जानकारी थी जबकि महिला ने 9 बच्चों को जन्म दिया। सभी ठीक हैं। हलीमा सिसे नामक महिला की गर्भावस्था ने पश्चिम अफ्रीकी राष्ट्र में सनसनी फैला दी और वहां के नेताओं का ध्यान आकर्षित किया। मार्च में डॉक्टरों ने कहा कि सीसे को विशेषज्ञों की देखभाल की आवश्यकता है, इसके बाद अधिकारी उसे मोरक्को ले जाया, जहां उसने जन्म दिया। माली के स्वास्थ्य मंत्री फांटा सिबी ने एक बयान में कहा, 'नवजात शिशु (5 लड़कियां और 4 लड़के) और मां सभी अच्छे हैं।Óमोरक्को और माली में किए गए अल्ट्रासाउंड के अनुसार, 7 बच्चों में से 2 बच्चों के जिंदा रहने की उम्मीद थी। सभी को सीजेरियन द्वारा अलग किया गया था।
उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर में लव, सेक्स, धोखा, बाद में तीन तलाक का मामला सामने आया है. थाना शिकारपुर क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने 6 साल पहले फेसबुक के जरिए छत्तीसगढ़ राज्य की एक युवती को प्रेम जाल में फंसा कर निकाह कर लिया था. निकाह के कुछ साल बाद परदेसी प्रेमिका के 2 बच्चे हुए जिन्हें बेरहम बुजदिल पिता ने मां की ममता से बच्चों को छीन लिया और मां से अलग रखने लगा.
इसके बाद लगाता परदेसी महिला का शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न हुआ. साथ ही उसे व्हाट्सऐप के जरिए उसे 3 तलाक दे दिया, जिसके बाद आज परदेसी प्रेमिका आत्महत्या करने को मजबूर है. न्याय के लिए सालों से एसएसपी दफ्तर के चक्कर काट रही है और न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने वाली परदेसी प्रेमिका प्यार के साथ-साथ अपने बच्चों को अपने साथ रखना चाहती ह. वहीं प्रेमी की बुजदिली उसकी मां की ममता को झकझोर रही है. आज बच्चों से उसकी मां की ममता को उनके ही पिता ने छीन लिया है.
एसएसपी दफ्तर के साथ-साथ कोतवाली शिकारपुर पुलिस से भी न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन कोतवाली के कोतवाल ने भी परदेसी महिला को कानून का पाठ पढ़ाते हुए महिला परामर्श केंद्र में जाने को कहा है. पीड़िता जगह-जगह थाने, चौकी, कोर्ट, कचहरी सभी जगह चक्कर लगाते-लगाते थक गई है, लेकिन पीड़िता का कहना है कि मरते दम तक इंसाफ के लिए लड़ती रहूंगी. वहीं पीड़िता की आंखों में आंसू और हाथों में शिकायत पत्र लेकिन एसएसपी से लेकर और थाना पुलिस तक परदेसी महिला की मदद करने वाला कोई नहीं है
महाराष्ट्र सरकार की ओर से दिए गए मराठा आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने आरक्षण पर सुनवाई करते हुए कहा है कि इसकी सीमा को 50 फीसदी से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने 1992 के इंदिरा साहनी केस में दिए गए फैसले की समीक्षा करने से भी इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण को खत्म करते हुए कहा कि यह 50 फीसदी की सीमा का उल्लंघन करता है। अदालत ने कहा कि यह समानता के अधिकार का हनन है। इसके साथ ही अदालत ने 2018 के राज्य सरकार के कानून को भी खारिज कर दिया है।
दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने 50 फीसदी सीमा से बाहर जाते हुए मराठा समुदाय को नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का ऐलान किया था। राज्य सरकार की ओर से 2018 में लिए गए इस फैसले के खिलाफ कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं, जिन पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यह फैसला सुनाया है। फैसला सुनाते हुए जस्टिस भूषण ने कहा कि वह इंदिरा साहनी केस पर दोबारा विचार करने का कोई कारण नहीं समझते। अदालत ने मराठा आरक्षण पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकारों की ओर से रिजर्वेशन की 50 पर्सेंट लिमिट को नहीं तोड़ा जा सकता।
जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने केस की सुनवाई करते हुए कहा कि मराठा आरक्षण देने वाला कानून 50 पर्सेंट की सीमा को तोड़ता है और यह समानता के खिलाफ है। इसके अलावा अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह बताने में नाकाम रही है कि कैसे मराठा समुदाय सामाजिक और आर्थिक तौर पर पिछड़ा है। इसके साथ ही इंदिरा साहनी केस में 1992 के शीर्ष अदालत के फैसले की समीक्षा से भी कोर्ट ने इनकार कर दिया है।
बता दें कि 1992 में 9 जजों की संवैधानिक बेंच ने आरक्षण की 50 फीसदी की सीमा तय की थी। इसी साल मार्च में 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने इस पर सुनवाई पर सहमति जताई थी कि आखिर क्यों कुछ राज्यों में इस सीमा से बाहर जाकर रिजर्वेशन दिया जा सकता है। हालांकि अब अदालत ने इंदिरा साहनी केस के फैसले की समीक्षा से इनकार किया है। 5 जजों की बेंच में अशोक भूषण के अलावा जस्टिस एल. नागेश्वर राव, एस. अब्दुल नजीर, हेमंत गुप्ता और एस. रवींद्र भट शामिल थे।
असम के सिलचर में एक शख्स को अपनी बेटी को प्रताड़ित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सिलचर में नाबालिग लड़की को प्रताड़ित करने का कथित वीडियो सामने आने के बाद यह एक्शन हुआ है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर आरोपी शख्स अपनी नाबालिग बेटी को प्रताड़ित करते, बंदूक की नोक पर कपड़े उतरवाते, बांस की छड़ी और बेल्ट से लगातार पीटते देखा गया।
इस वायरल वीडियो में देखा गया कि जब आरोपी पिता लगातार बच्ची को पीट रहा था तो उसकी मां ने बचाने की कोशिश भी की। इसके बाद एक पड़ोसी ने आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज करवाया और उसकी गिरफ्तारी हुई। स्थानीय पुलिस ने बच्ची को रेस्क्यू किया है।
स्थानीय पुलिस अधिकारी दितूमोनी गोस्वामी ने कहा कि उन्होंने बच्ची को रेस्क्यू किया है और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा, 'हमने उसके खिलाफ केस दर्ज की है। प्रारंभिक जांच का हवाला देकर गोस्वामी ने कहा कि आरोपी पिता को बच्ची को प्रताड़ित करते पाया गया है। आरोपी को बच्ची पर शक था कि उसने कुछ कीमती जीच चुराई है।
उन्होंने आगे कहा कि आरोपी खुद विभिन्न अवैध गतिविधियों में शामिल है और वीडियो में हमने देखा है कि वह एक बंदूक दिखा रहा है। हालांकि, हमें अभी तक बंदूक नहीं मिली है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद हम अदालत के समक्ष इसे पेश करने जा रहे हैं।
गोस्वामी ने कहा कि उस व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा, जिसने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया है। उन्होंने कहा कि वीडियो अपलोड करने वाला व्यक्ति बस इसे पुलिस के साथ साझा कर सकता था और पिता के खिलाफ कार्रवाई हो जाती। मगर इसे सोशल मीडिया पर शेयर करके व्यक्ति ने अपराध किया है। वीडियो कई लोगों द्वारा कई बार अपलोड किया गया है। हम प्राथमिक स्रोत प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने इसे साझा किया था।
पुलिस अधीक्षक भंवर लाल मीणा ने कहा कि उन्होंने लड़की की मां से बात की है। उन्होंने कहा कि हम उस मानसिक आघात से भी चिंतित हैं जो नाबालिग लड़की ने झेला है। हम उनका समर्थन करने की कोशिश कर रहे हैं
लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी गई है. इसको लेकर पुलिस के डायल 112 कंट्रोल रूम के वाट्सएप नंबर पर मैसेज किया गया है. मैसेज मिलते ही आलाधिकारियों ने अलर्ट जारी कर दिया है.
सुशांत गोल्फ सिटी थाने में कंट्रोल रूम मुख्यालय 112 के ऑपरेशन कमांडर अंजुल कुमार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. इसके बाद से सर्विलांस समेत पुलिस की कई टीम जिस फोन नंबर से मैसेज आया था उसकी लोकशन ट्रेस करने में लग गई हैं. जानकारी के अनुसार सीएम योगी को जान से मारने की धमकी का मैसेज 29 अप्रैल देर शाम 7.58 पर आया था.
मैसेज में सीएम योगी को पांचवे दिन जान से मारने की धमकी देते हुए लिखा गया कि चार दिन के अंदर जो मेरा कर सकते हो कर लो. मैसज आते ही पुलिस कर्मियों ने इसके बारे में ऑपरेशन कमांडर मुख्यालय अंजुम कुमार को बताया. इसके बाद अंजुल ने इसके बारे में आलाथिकारियों को बताया.
पता लगते ही एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने एडीसी सुरक्षा मुख्यालय को इसकी जानकारी दी. बता दें कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को साल 2020 के मई, सितंबर और दिसंबर में भी जान से मारने की धमकी दी गई थी.
बिहार में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए नीतीश सरकार ने 15 मई तक लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। कहा कि विस्तृत मार्ग निर्देशिका आपदा प्रबंधन समूह को जारी करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि सोमवार को कोरोना संक्रमण में वृद्धि और उपचार को लेकर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए महाधिवक्ता से कहा कि राज्य सरकार से बात करें और मंगलवार यानी चार मई को बताएं कि राज्य में लॉकडाउन लगेगा या नहीं। साथ ही कहा कि अगर आज निर्णय नहीं आता है तो हाईकोर्ट कड़े फैसले ले सकता है। कोरोना मरीजों के उपचार के संबंध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने यह सवाल पूछा था। हाईकोर्ट ने कहा कि आदेश के बाद भी कोरोना मरीजों के उपचार की सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं। राज्य के अस्पतालों में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति की ठोस कार्ययोजना नहीं बनी है। केंद्रीय कोटा से मिले रोजाना 194 टन की जगह मात्र 160 टन ऑक्सीजन का उठाव हो रहा है। राज्य में एडवाइजरी कमेटी तक नहीं बनी, जो इस कोरोना विस्फोट से निपटे, कोई वार रूम तक नहीं बना है।
कल सहयोगी मंत्रीगण एवं पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद बिहार में फिलहाल 15 मई, 2021 तक लाॅकडाउन लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके विस्तृत मार्गनिर्देशिका एवं अन्य गतिविधियों के संबंध में आज ही आपदा प्रबंधन समूह (Crisis management Group) को कार्रवाई करने हेतू निदेश दिया गया है।
— Nitish Kumar (@NitishKumar) May 4, 2021
नई दिल्ली: ऑनलाइन क्लास के दौरान भी छात्रों से पूरा ट्यूशन फीस वसूल रहे स्कूलों पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश दिया है. हालांकि, यह आदेश राजस्थान के स्कूलों से जुड़ा है. लेकिन इसके आधार पर दूसरे राज्यों के अभिभावक भी राहत की मांग कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऑनलाइन क्लास के चलते स्कूलों का जो खर्चा बच रहा है, उसका फायदा छात्रों को मिलना चाहिए.
राजस्थान के निजी स्कूलों से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है. राज्य सरकार ने स्कूलों से 30 प्रतिशत कम ट्यूशन फीस लेने के लिए कहा था. इसके खिलाफ स्कूल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. सुप्रीम कोर्ट ने अब कहा है कि स्कूल फीस में 15 प्रतिशत की कटौती करें.
स्कूलों को कोर्ट ने फीस वसूलने लेने की अनुमति दी, लेकिन...
स्कूलों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी की बेंच ने माना है कि राज्य सरकार का स्कूलों से फीस में कटौती करने के लिए कहना कानूनी तौर पर सही नहीं था. लेकिन साथ ही बेंच ने यह भी कहा है की स्कूलों ने पिछले 1 साल में पेट्रोल-डीजल, बिजली, पानी, मेंटेनेंस, स्टेशनरी आदि के खर्चे में काफी बचत की है. अगर इससे छात्रों को लाभ नहीं दिया जाता तो यह स्कूलों की अनुचित मुनाफाखोरी होगी.
जजों ने फैसले में कहा है कि न तो स्कूल, न ही अभिभावक इस बात का सही आंकड़ा दे पाए कि स्कूलों ने जो बचत की है, वह वसूली जा रही फीस का कितना प्रतिशत है. फिर भी ऐसा नहीं लगता कि यह बचत 15 प्रतिशत से कम होगी. साल 2019-20 के लिए फीस में कटौती के राजस्थान सरकार के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे स्कूलों को अब कोर्ट ने फीस वसूलने की अनुमति दे दी है. लेकिन यह कहा है कि फीस में हर स्कूल कम से कम 15 प्रतिशत की कटौती करे. यह फीस 6 किश्तों में चुकाने की सुविधा दी है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि फीस न दे पाने के चलते अभी किसी भी छात्र को ऑनलाइन क्लास या फिजिकल क्लास में शामिल होने से न रोका जाए.
नंदीग्राम । बंगाल में ममता बनर्जी भले ही सियासी दंगल जीत गईं लेकिन अपनी सीट नहीं बचा सकीं। कल देर रात चुनाव आयोग ने नंदीग्राम से भाजपा के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के जीतने का एलान किया तो वहीं आज सुबह नंदीग्राम में कई घरों और दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ की गई। यही नहीं भाजपा कार्यालय में भी तोड़फोड़ की कोशिश की गई। भाजपा ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर इसका आरोप लगाया है। इसके अलावा भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि तोड़फोड़ करने के बाद जब पुलिस वहां पहुंची तो हंगामा करने वाले वहां से भाग गए। इस घटना के बाद से नंदीग्राम इलाके में तनाव बढ़ गया है।
इसे लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एक ट्वीट में कहा, राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और हत्याओं की रिपोर्ट्स को लेकर चिंतित हूं। पार्टी कार्यालयों, घरों और दुकारों पर हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल के गृह विभाग, बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से तुरंत कार्रवाई के लिए कहा है। एक अन्य ट्वीट में राज्यपाल ने कहा कि चुनाव बाद हिंसा में नौ लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। इस तरह की राजनीतिक हिंसा और अव्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य के डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर राज्यपाल के समन पर पेश हुए। राज्यपाल ने उनसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।
नतीजों के बाद कई इलाकों में भड़की हिंसा
पश्चिम बंगाल में चुनावों के बाद कई जगहों पर हिंसा भड़की। रविवार से लेकर अबतक इन हिंसा की घटनाओं में तकरीबन चार लोगों की मौत हो गई है। इसमें दक्षिण 23 परगना, नदिया में भाजपा कार्यकर्ता, वर्धमान में टीएमसी और उत्तर 24 परगना में आईएसएफ के कार्यकर्ता की जान चली गई है।
वहीं बीती रात कोलकाता के उल्टाडांगा इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता को पीटकर मारे जाने का आरोप है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष शाम चार बजे राज्यपाल को चुनाव बाद हिंसा को लेकर एक ज्ञापन सौपेंगे। बता दें कि नतीजों के बाद से ही कई इलाकों में हिंसा की खबरें आने लगी थीं।
दुर्गापुर में भाजपा के कार्यालय पर आग लगाने की घटना सामने आई थी। यहां से भाजपा के उम्मीदवार लखन ने आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने पूरी रात यहां बाइक के चक्कर काट कर बवाल काटा और भाजपा के कार्यकर्ताओं को नुकसान पहुंचाया।
इसके अलावा रविवार को हुगली के आरामबाग में राजनीतिक हिंसा की खबरें थीं। यहां टीएमसी के समर्थकों ने भाजपा के कार्यकर्ताओं के घर और दुकानों पर हमला बोला था। इस दौरान कई जगह लूटपाट हुई और तोड़फोड़ की गई।
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली । भारत में कोरोना की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी है। इस बीच अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर ने भारत को मदद देने की घोषणा की है। वैश्विक दवा विनिर्माता फाइजर के चेयरमैन और सीईओ अल्बर्ट बूर्ला ने कहा कि कंपनी अपने अमेरिका, यूरोप और एशिया स्थित वितरण केंद्रों से सात करोड़ डॉलर (करीब 510 करोड़ रुपये) की दवाएं भारत के लिए भेज रही है। उन्होंने फाइजर इंडिया के कर्मचारियों को भेजे मेल में कहा, `हम भारत में कोविड-19 के हालात से अत्यधिक चिंतित हैं, और दिल से आपके, आपके प्रियजनों और भारत के सभी लोगों के साथ हैं।` उन्होंने यह मेल लिंक्डइन पर पोस्ट किया है।
बूर्ला ने कहा, `हम इस बीमारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपनी कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ी मानवीय राहत के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।` उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका, यूरोप और एशिया के वितरण केंद्रों में फाइजर के सहयोगी इन दवाओं को तेजी से भारत भेजने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
बूर्ला ने कहा, `हम ये दवाइयां दान कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि देश के हर सार्वजनिक अस्पताल में प्रत्येक जरूरतमंद कोविड-19 रोगी को फाइजर की दवाएं मिल सकें।` उन्होंने कहा कि सात करोड़ अमरीकी डॉलर से अधिक मूल्य की इन दवाओं को तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा और `हम सरकार तथा अपने एनजीओ साझेदारों के साथ मिलकर काम करेंगे।`
कोलकाता: टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी पांच मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी. उन्हें आज विधायक दल का नेता गया है. नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ छह मई को होगा. टीएमसी नेता और मंत्री पार्था चटर्जी ने ये जानकारी दी है. ममता बनर्जी आज शाम सात बजे राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश करेंगी. बता दें की तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है और लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता अपने पास बरकरार रखी है. टीएमसी ने 292 विधानसभा सीटों में से 213 पर जीत हासिल की है. वहीं, इस विधानसभा चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक देने वाली बीजेपी 77 सीटों पर विजयी रही.
इसके साथ ही राष्ट्रीय सेकुलर मजलिस पार्टी के चिह्न पर चुनाव लड़ने वाली आईएसएफ को एक सीट मिली है और एक निर्दलीय प्रत्याशी भी जीत दर्ज करने में सफल रहा है. कांग्रेस और लेफ्ट खाता खोलने में भी नाकामयाब रहा. तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार 2016 के विधानसभा चुनाव से भी बेहतर रहा जब इसे 211 सीट मिली थीं.
बड़ी जीत के बाद भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हार का सामना करना पड़ा. ममता अपने पूर्व सहयोगी शुभेन्दु अधिकारी से 1,956 मतों के अंतर से हार गईं.















