BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
ममता बनर्जी ने मोदी पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के साथ लगाया ये भी आरोप, पढ़े पूरी खबर

ममता बनर्जी ने मोदी पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के साथ लगाया ये भी आरोप, पढ़े पूरी खबर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दो दिवसीय बांग्लादेश दौरे का शनिवार को दूसरा दिन है. पीएम मोदी ने वहां पर ओरकांडी में मतुआ समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की. इस दौरान उनके साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला भी मौजूद थे. पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय का करीब 30 से 40 विधानसभा सीटों पर असर माना जाता है. उधर, विधानसभा चुनाव के लिए हो रही वोटिंग के बीच प्रधानमंत्री मोदी का बांग्लादेश दौरा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बिल्कुल भी रास नहीं आई. उन्होंने इसे आचार संहिता का सरासर उल्लंघन करार दिया.


टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की सीएम ने खड़गपुर में कहा- "यहां पर चुनाव हो रहा है और वे (पीएम) बांग्लादेश गए हैं और बंगाल पर व्याख्यान दे रहे हैं. यह पूरी तरह से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है." ममता ने आगे कहा- कभी-कभी वे कहते हैं कि ममता बांग्लादेश से लोगों को लेकर आई हैं और घुसपैठ कराया है. लेकिन वह खुद वोट मार्केटिंग करने के लिए बांग्लादेश चले गए.
 

जानिए किसने कहा : यह वर्ष भारतीय रेल के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ष रहा

जानिए किसने कहा : यह वर्ष भारतीय रेल के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ष रहा

नईदिल्ली।  रेल, वाणिज्य एवं उद्योग एवं उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भविष्य में भारतीय रेल की सफलता ही देश की सफलता को परिभाषित करेगी। उन्होंने यहां रेलवे बोर्ड के सदस्यों, जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों और रेल प्रखंडों के प्रखंडीय प्रबंधकों के साथ एक समीक्षा बैठक में यह टिप्पणी की। श्री गोयल ने कहा, “यह वर्ष भारतीय रेल के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ष रहा। एक साल का लॉकडाउन हुआ। कोविड-19 ने भारतीय रेल के ‘संघर्ष करो और मजबूत होकर उभरो’ संकल्प को प्रदर्शित किया। रेलवे की मानसिकता में बदलाव आ गया है। अब रेलवे के लिए यह सामान्य काम नहीं रहा है। नई प्रौद्योगिकी और नवाचारों ने नए मानक और मानदंड तय कर दिए हैं।” श्री गोयल ने कहा कि यह समय रेलवे की नियति और भविष्य की रूपरेखा के पुनर्लेखन का है। वह रेलवे जो टिकाऊ, आधुनिक, यात्री अनुकूल, समय की पाबंद, सुरक्षित और व्यवसायियों की पहली पसंद बने। उन्होंने कहा कि 1223 मीट्रिक टन की उच्चतम माल ढुलाई क्षमता देश के लिए एक सकारात्मक संदेश है। इस वर्ष 5900 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया। यह भारतीय रेल द्वारा विद्युतीकरण के क्षेत्र में अब तक हासिल सर्वोच्च आंकड़ा है। श्री पीयूष गोयल ने महामारी के दौरान उच्चतम माल ढुलाई क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा की और कहा कि यह अतुलनीय प्रयास थे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सुरक्षा उपायों को अपनाया जाए और इस संदर्भ में उन्होंने रेल अधिकारियों को अति सक्रियता के साथ काम करने का निर्देश दिया। यह देखने वाली बात है कि भारतीय रेल ने माल की ढुलाई, आमदनी और गति के मामले में मार्च 2021 में माल ढुलाई के आंकड़ों में पर्याप्त उछाल दर्ज किया। ऐसा अनुमान है कि यह आंकड़ा पिछले साल के कुल माल ढुलाई आंकड़े को पार कर जाएगा। माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व मार्च 2020-21 में बढ़कर 114652.47 करोड़ रुपए हो गया, जोकि पिछले वर्ष 112358.83 करोड़ रुपए था। यह +2 प्रतिशत की प्रगति दर्शाता है। 

29 मार्च से 3 अप्रैल तक भारत के इस हिस्से में भारी बारिश होने की संभावना है, क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं

29 मार्च से 3 अप्रैल तक भारत के इस हिस्से में भारी बारिश होने की संभावना है, क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं

सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उसके कारण उठने वाली चक्रवाती स्थिति के चलते 22 मार्च से 24 मार्च, 2021 तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और पंजाब में काफी बड़े पैमाने पर बारिश/हिमपात/आंधी-तूफान आया। इसी दौरान उत्तर-पश्चिमी और उससे लगने वाले मध्य भारत के अन्य इलाकों में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हुई/आंधी-तूफान आया। 22 से 24 मार्च के दौरान एक या दो दिन तक राजस्थान में भी कहीं-कहीं ओले पड़े/धूल भरी आंधी आई।
चक्रवाती स्थिति के कारण देश के मध्य भाग में पिछले सप्ताह (18 से 24 मार्च, 2021) कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हुई/आंधी-तूफान आया।
बंगाल की खाड़ी से चलने वाली दक्षिण-पश्चिमी तेज और निचली हवाओं के कारण 29 मार्च से 3 अप्रैल, 2021 की अवधि में उत्तर-पूर्वी भारत में काफी व्यापक रूप से लेकर व्यापक रूप से बारिश होने और कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। इस अवधि में इस क्षेत्र में बाढ़ के हालात बनने की भी आशंका है।
25 से 27 मार्च, 2021 के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ तथा कोंकण और गोवा में और 27 और 28 मार्च, 2021 को उत्तरी गुजरात क्षेत्र में कुछ इलाकों में तेज गरम हवाएं चलने की संभावना है।
अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान

पहले सप्ताह (25 से 31 मार्च, 2021) और दूसरे सप्ताह (1 से 7 अप्रैल, 2021) के दौरान मौसम व्यवस्था और उससे संबद्ध अवक्षेपण

पहले सप्ताह (25 से 31 मार्च, 2021) में वर्षा के हालात

28-29 मार्च, 2021 को ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कहीं-कहीं छिटपुट से लेकर काफी बड़े इलाके में बारिश होने/बर्फ पड़ने की संभावना है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बिजली कड़कने और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुज्जफराबाद में भारी आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और ओले पड़ने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी से उठने वाली तेज निचली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण 29 मार्च से 3 अप्रैल, 2021 के बीच पूर्वोत्तर भारत में काफी बड़े पैमाने से लेकर बड़े पैमाने तक आंधी-तूफान के साथ बारिश होने/गरज के साथ बारिश होने/बिजली कड़कने और कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके कारण इस अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर भूस्खलन होने और सैलाब आने की आशंका है।
पहले सप्ताह के ज्यादातर दिनों में तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और करैकल, तेलंगाना, केरल और माहे तथा कर्नाटक के तटवर्ती और दक्षिणी भीतरी इलाकों में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने और आंधी-तूफान आने की संभावना है। (परिशिष्ट-IV)
उत्तर-पूर्वी राज्य और केरल के कुछ इलाकों में सामान्य और सामान्य से अधिक बारिश होने तथा देश के अन्य भागों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। (परिशिष्ट-V)
दूसरा सप्ताह (1 से 7 अप्रैल, 2021) में बारिश की स्थिति

बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मजबूत निचली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण उत्तर-पूर्वी राज्यों में दूसरे हफ्ते के पहले भाग में काफी व्यापक से व्यापक पैमान पर बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके फलस्वरूप इस क्षेत्र में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।
किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति में उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश के सामान्य से कम रहने की संभावना है, इसके देश के अन्य भागों में भी सामान्य से कम से लेकर सामान्य रहने की संभावना है।
पहले और दूसरे सप्ताह (25 मार्च से 7 अप्रैल, 2021) में तापमान

पहले सप्ताह के पूर्वार्द्ध में उत्तर-पश्चिमी भारत में अधिकतम तापमान क्रमशः 4-6 डिग्री सेल्सियस बढ़ने का अनुमान है। इस अवधि में मध्य भारत के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान में क्रमशः 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने और पूर्वी, पश्चिमी और प्रायद्वीपीय भारत के ज्यादातर हिस्सों में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
अगले 4-5 दिनों में देश के सौराष्ट्र और कच्छ तथा गोवा और कोंकण इलाकों को छोड़कर शेष हिस्सों में गरम हवाएं चलने की कोई संभावना नहीं है। सौराष्ट्र और कच्छ तथा कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में 25 से 27 मार्च के दौरान और उत्तरी गुजरात क्षेत्र में 27-28 मार्च, 2021 को गरम हवाएं चलने की बहुत अधिक संभावना है।
दूसरे सप्ताह के दौरान, उत्तर-पूर्वी भारत को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में सूखा मौसम होने के कारण अधिकतम तापमान क्रमशः बढ़ने की संभावना है। इसलिए उत्तर-पश्चिम, पूर्वी भारत और देश के पूर्वी तटवर्ती हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इसके उत्तरी प्रायद्वीप क्षेत्र और उससे लगते मध्य भारत में सामान्य से 1-2 डिग्री सेल्सियस कम रहने की संभावना है।  

फोन टैपिंग मामले में मुख्य सचिव ने मुख्यंत्री को सौंपी रिपोर्ट

फोन टैपिंग मामले में मुख्य सचिव ने मुख्यंत्री को सौंपी रिपोर्ट

मुंबई । महाराष्ट्र में तबादला रैकेट के मामले में नया मोड़ आ गया है। मुख्य सचिव सीताराम कुंटे ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सौंप दिया। रिपोर्ट में राज्य खुफिया विभाग की तत्कालीन आयुक्त रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा गया है कि उन्होंने गलत आधार पर फोन टैपिंग की इजाजत ली और निजी व्यक्तियों के फोन टैप कर सरकार की आंख में धूल झोंका। पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने पिछले दिनों राज्य खुफिया विभाग की तत्कालीन आयुक्त रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट के आधार पर तबादलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव से मिलकर जांच की मांग की है। इससे महाविकास आघाड़ी सरकार में हलचल मच गई थी। मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे को इससे संबंधित रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। कुंटे ने अपनी रिपोर्ट कहा है कि 2020 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के कुल 167 तबादले किए गए, जिसमें से चार अपवाद रहे। शेष सभी तबादले पुलिस आस्थापना बोर्ड-1 की सिफारिश के अनुसार किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन डीजीपी सुबोध कुमार जायसवाल ने तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सीताराम कुंटे को यह रिपोर्ट सौंपी थी। कुंटे अब राज्य के मुख्य सचिव हैं।
 कानून-व्यवस्था को खतरा बता मांगी थी फोन टैपिंग की अनुमति
रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया विभाग की तत्कालीन आयुक्त रश्मि शुक्ला ने जुलाई 2020 में यह कह कर फोन टैपिंग की अनुमति मांगी थी कि कुछ व्यक्तियों से सार्वजनिक कानून-व्यवस्था को खतरा पहुंच सकता है। कानून-व्यवस्था को खतरे के तहत आतंकवाद व दंगे भड़कने जैसे मामले आते हैं। इसके आधार पर शुक्ला ने कुछ लोगों के फोन टैप किए, जिसमें कुछ अधिकारियों के तबादले को लेकर बातचीत टैप की गई थी।
25 अगस्त को उन्होंने अपनी रिपोर्ट राज्य के पुलिस महानिदेशक सुबोध कुमार जायसवाल को सौंपी थी। जायसवाल ने यह रिपोर्ट 26 अगस्त 2020 को तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के सुपुर्द किया था। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री ठाकरे को दी गई तो उन्होंने इसकी छानबीन के निर्देश दिए। 31 अगस्त, 2020 को इस रिपोर्ट से संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई, जिसमें कहा गया कि रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट में तबादले को लेकर कोई ठोस सबूत नहीं हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि शुक्ला ने फोन टैपिंग के लिए मिली अनुमति का गलत इस्तेमाल किया। इस मामले में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बाद रश्मि शुक्ला ने व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और मुझसे (कुंटे) मिलकर माफी मांगी थी। उन्होंने कैंसर से पति की मौत और बच्चों की पढ़ाई का हवाला देते हुए माफ करने की गुजारिश की थी। शुक्ला ने कहा था कि मुझसे गलती हुई है। मुझे यह रिपोर्ट वापस लेने की अनुमति दी जाए। उनके माफी मांगने के बाद शुक्ला पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
 

अब पढ़ना हुआ और आसान सीबीएसई स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर तैयार किया...

अब पढ़ना हुआ और आसान सीबीएसई स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर तैयार किया...

नई दिल्ली । केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को 100 से ज्यादा कॉमिक बुक्स ल़ॉन्च की। इन्हें सीबीएसई स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर तैयार किया है, और एनसीईआरटी ने संशोधित और प्रकाशित किया है। ये कॉमिक्स सभी के लिए ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इन्हें दीक्षा वेब पोर्टल (diksha.gov.in) या फोन पर दीक्षा एप डाउनलोड कर कोई भी पढ़ सकता है। इन्हें चैटबोट के नये व्हाट्सएप के जरिए भी एक्सेस किया जा सकता है। बुक्स के लॉन्च के मौके पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए 3-12 ग्रेड में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के अनुरूप कॉमिक बुक्स शुरू की हैं। इस अभिनव पहल से ना सिर्फ बच्चों के ज्ञान में वृद्धि होगी, बल्कि उनकी सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना बढ़ाने में भी मदद मिलेगी । ये कॉमिक्स एनसीईआरटी की किताबों में मौजूद टॉपिक्स से संबंधित हैं और इनकी कहानी और कैरेक्टर ऐसे हैं जिनसे शिक्षक और छात्र आसानी से जुड़ सकें। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि बच्चों को बेसिक कन्सेप्ट जल्द समझ में आ जाए और उनके सीखने के अंतराल को कम करने में मदद मिले। इन कॉमिक बुक्स में अकादमिक सामग्री के साथ-साथ, बच्चों में लैंगिक संवेदनशीलता, महिला सशक्तिकरण और जीवन से जुड़े अन्य कौशल के विकास से संबंधित मुद्दों का भी ख्याल रखा गया है।
 

इस राज्य  में शुरू हुआ “हुनर हाट” का 28वां संस्करण, जानिए क्या रहेगा खास

इस राज्य में शुरू हुआ “हुनर हाट” का 28वां संस्करण, जानिए क्या रहेगा खास

गोवा । कारीगरों और शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादों के हुनर ​​हाट के 28वें संस्करण का आयोजन गोवा के पणजी में कला अकादमी में किया जा रहा है। यह इवेंट 26 मार्च से शुरू किया गया था और 4 अप्रैल, 2021 तक चलेगा। इसकी थीम “Vocal for Local” है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) के अनुसार “हुनर हाट” (Hunar Haat) देश भर में स्वदेशी कलात्मकता और शिल्प को लोकप्रिय बनाने के लिए एक “सही, लोकप्रिय और गर्वित मंच” है। इस आयोजन का औपचारिक उद्घाटन 27 मार्च, 2021 को होगा। हुनर हाट का आयोजन केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है, जहां 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 500 से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों ने भाग लिया है। असम, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, बिहार, चंडीगढ़, झारखंड, गुजरात, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के कारीगरों और शिल्पकारों ने इस कार्यक्रम में प्रदर्शन, बिक्री और प्रदर्शन के लिए स्वदेशी शानदार हस्तनिर्मित उत्पादों को पेश किया है। वे बिदरीवेयर, कलामकारी, मधुबनी पेंटिंग, उदयगिरी वुडन कटलरी, बेंत-बांस-जूट से बने उत्पाद, तुसार सिल्क, मूंगा सिल्क, मार्बल उत्पाद, चमड़े के उत्पाद, ब्लैक पॉटरी, हैंडलूम आदि जैसे उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन में पर्यटक गोवा, मुगलई, दक्षिण भारतीय, पंजाबी, मलयाली, बंगाली भोजन का आनंद ले सकेंगे। “हुनर हाट” का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है। इसे प्रोत्साहन मिला है क्योंकि 5 लाख 50 हजार से अधिक कारीगरों, शिल्पकारों और अन्य संबद्ध लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।

अगला “हुनर हाट”
देहरादून में इसका आयोजन 16 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच, सूरत में 26 अप्रैल से 5 मई तक किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन मुंबई, कोटा, हैदराबाद, पटना, जयपुर, प्रयागराज, गुवाहाटी, रांची आदि में भी किया जाएगा। 

NBFID बिल, 2021 जाने क्या है इसके वित्तीय उद्देश्य

NBFID बिल, 2021 जाने क्या है इसके वित्तीय उद्देश्य

25 मार्च, 2021 को राज्यसभा द्वारा इसे मंजूरी देने के बाद संसद ने “नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट बिल, 2021” (National Bank for Financing Infrastructure and Development Bill, 2021 or NBFID Bill) को पारित कर दिया। 24 मार्च 2021 को लोकसभा में यह बिल पारित किया गया था। इस बिल में देश भर में ‘बुनियादी ढाँचे के वित्तपोषण’ का समर्थन करने के लिए बुनियादी ढाँचे और विकास के लिए एक नेशनल बैंक की स्थापना की व्यवस्था की गई है। NBFID एक प्रमुख विकास वित्तीय संस्थान (DFI) के रूप में काम करेगा। इसमें बांड और डेरिवेटिव बाजारों का विकास शामिल है जो बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के लिए आवश्यक हैं

नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (National Bank for Financing Infrastructure and Development – NBFID)

NBFID एक कॉर्पोरेट वैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसमें वित्तीय और विकासात्मक उद्देश्यों के साथ एक लाख करोड़ रुपये की अधिकृत शेयर पूंजी होगी। यह बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा। NBFID संसद के प्रति जवाबदेह होगा। यह अध्यक्ष और बोर्ड नामित पेशेवरों द्वारा प्रबंधित किया जाएगा जिन्हें सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा। NBFID के शेयरों को केंद्र सरकार, वित्तीय संस्थानों, पेंशन फंड्स, बीमाकर्ताओं, बहुपक्षीय संस्थानों, बैंकों, संप्रभु धन कोषों, और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अन्य संस्थान द्वारा लिया जा सकता है।

NBFID के वित्तीय उद्देश्य
वित्तीय उद्देश्यों में भारत में बुनियादी परियोजनाओं के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उधार देना, निवेश करना शामिल है।

NBFID के विकासात्मक उद्देश्य
विकास के उद्देश्यों में शामिल हैं- बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के लिए बांड, ऋण और डेरिवेटिव के लिए बाजार का विकास करना।

विकास वित्तीय संस्थान (Development Financial Institution – DFI)
Development Financial Institution का गठन अर्थव्यवस्था के उन क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक वित्त प्रदान करने के लिए किया जाता है जहां शामिल जोखिम वाणिज्यिक बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों की स्वीकार्य सीमा से परे हैं। Development Financial Institution लोगों से जमा स्वीकार नहीं करते हैं। इसके बजाय, वे बाजार, सरकार और बहु-पार्श्व संस्थानों से फण्ड प्राप्त हैं।

 

कोरोना संक्रमण पर  स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के शोधकर्ताओं ने जताई आशंका, जानिए क्या कहा

कोरोना संक्रमण पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के शोधकर्ताओं ने जताई आशंका, जानिए क्या कहा

नई दिल्ली । कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश के तमाम हिस्सों में पैर फैलाना शुरू कर दिया है। इस बीच विशेषज्ञों ने दूसरे लहर के पीक को लेकर लोगों को सचेत किया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शोधकर्ताओं की टीम ने आशंका जताई है कि अप्रैल के मध्य में दूसरे लहर की पीक आ सकती है। इतना ही नहीं करीब 25 लाख लोग इस लहर की चपेट में आ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक यह लहर कम से कम 100 दिनों की हो सकती है, यानी इसकी शुरुआत अगर फरवरी से मानें तो इसका असर मई-जून तक देखने को मिल सकता है।
 टीकाकरण से ही उम्मीद
विशेषज्ञों ने बताया है कि अब तक इसके प्रभावों को कम करने के लिए जो लॉकडाउन और प्रतिबंध लगाए गए हैं उनसे कोई विशेष फायदा नजर नहीं आ रहा है। ऐसी स्थिति में टीकाकरण से ही उम्मीद शेष बची है। टीकाकरण के अभियान को और तेज करके ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित करने का यही एकमात्र तरीका नजर आ रहा है। रोजाना 34 लाख से बढ़ाकर 40-45 लाख लोगों को टीका दिए जाने की आवश्यकता है।
फिर बढ़ने लगे हैं मामले
देश में कोरोना के मामलों में पिछले दिनों तेजी से उछाल देखने को मिली है। अब तक एक करोड़ 17 लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रिमत हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के रिपोर्ट के मुताबिक 22 अक्टूबर के बाद देश में पहली बार एक दिन में 53 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। गुरुवार को 53,476 मामले दर्ज किए गए, इससे पहले 22 अक्टूबर 2020 को यह आंकड़ा 54,366 था। पिछले 24 घंटे में 251 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
आईसीएमआर ने लोगों से की अपील
आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने लोगों से मास्क लगाकर रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है इसलिए टीकाकरण कार्यक्रम को और तेज करने की जरूरत है। कोरोना की जांच, मास्क और टीकाकरण ही इस बीमारी से बचने के उपाय हैं।
 

कोरोना : इन राज्यों का प्रतिदिन नए मामलों के बढ़ोतरी मे 81 प्रतिशत योगदान

कोरोना : इन राज्यों का प्रतिदिन नए मामलों के बढ़ोतरी मे 81 प्रतिशत योगदान

नईदिल्ली।  छह राज्यों - महाराष्ट्र, पंजाब, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और गुजरात में प्रतिदिन कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटों में दर्ज किए नए मामलों में इनका योगदान 80.63 प्रतिशत रहा है। पिछले 24 घंटों में 53,476 नए मामले सामने आए है। महाराष्ट्र में प्रतिदिन दर्ज किए जाने वाले नए मामलों की संख्‍या अभी भी सबसे अधिक 31,855 (59.57 प्रतिशत) है। इसके बाद पंजाब में 2,613 और केरल में 2,456 नए मामले सामने दर्ज किए गए हैं। दस राज्यों में अभी भी कोरोना के दैनिक नए मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। देश में कोरोना के सक्रिय मामलों (केस लोड) आज यह 3.95 लाख (3,95,192) है।यह कुल पॉजिटिव मामलों का 3.35 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में कुल सक्रिय मामलों (केस लोड) में 26,735 मामलों की बढ़ोतरी हुई है। देश में कोरोना के कुल सक्रिय मामलों में तीन राज्यों महाराष्ट्र, केरल और पंजाब का योगदान 74.32 प्रतिशत है तथा देश के कुल सक्रिय मामलों में महाराष्ट्र का हिस्सा 62.91 प्रतिशत है।

 

इस देश ने पश्चिमी तट से दो क्रूज मिसाइलें दागीं

इस देश ने पश्चिमी तट से दो क्रूज मिसाइलें दागीं

दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के अनुसार,उत्तर कोरिया ने 21 मार्च, 2021 को पश्चिमी तट से दो क्रूज मिसाइलें दागीं। यह 14 अप्रैल, 2020 के बाद प्योंगयांग का पहला मिसाइल परीक्षण है। दो क्रूज मिसाइलों की फायरिंग को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन प्रशासन के परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है। उत्तर कोरिया ने वर्ष 2017 से परमाणु और लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण पर एक आत्म-नियोजित रोक लगा रखी है 14 अप्रैल, 2020 को उत्तर कोरिया ने दिवंगत राष्ट्रीय संस्थापक के जन्मदिन को चिह्नित करने के लिए पूर्वी सागर में अपनी कई छोटी दूरी की क्रूज मिसाइलें लॉन्च की थीं।

उत्तर कोरिया-अमेरिका संबंध
कोरियाई युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच राजनीतिक और राजनयिक संबंध ऐतिहासिक रूप से शत्रुतापूर्ण रहे हैं। उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के लिए उत्तर कोरिया के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों से अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच वर्तमान संबंध काफी हद तक परिभाषित किये है। दोनों देशों ने “नो फर्स्ट यूज़ न्यूक्लियर वेपन्स पॉलिसी” को नहीं अपनाया है।

उत्तर कोरिया का परमाणु हथियार कार्यक्रम
उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम में परमाणु हथियारों के छह परीक्षण और लंबी दूरी की मिसाइलों का विकास शामिल है जो हजारों मील दूर से लक्ष्य पर वार करने की क्षमता रखते हैं। इसमें उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों और पारंपरिक शक्ति की मदद से अमेरिका और दक्षिण कोरिया पर हमले का खतरा भी शामिल है।

अमेरिका के परमाणु हथियार कार्यक्रम
अमेरिका ने गुआम द्वीप में अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम शुरू किया जिसमें बी 1-बी बमवर्षक और बी 2 स्पिरिट बमवर्षक शामिल हैं। नागासाकी पर गिराए गए बम की तुलना में ये परमाणु हथियार 60 गुना अधिक विनाशकारी हैं। 

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा बंद कर दिए गए संवाद, जो बाईडेन प्रशासन में  फिर स्थापित जानिए क्या होगा लाभ

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा बंद कर दिए गए संवाद, जो बाईडेन प्रशासन में फिर स्थापित जानिए क्या होगा लाभ

जो बाईडेन प्रशासन ने भारत के साथ “होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग” को फिर से स्थापित करने का फैसला किया है। यह संवाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा बंद कर दिया गया था। होमलैंड सिक्योरिटी के सचिव एलेजांद्रो मयोरकास ने 22 मार्च, 2021 को अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू के साथ वार्ता के बाद यह निर्णय लिया। होमलैंड के सुरक्षा सचिव ने दोनों पक्षों की साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए अपना समर्थन दिया। हाल की बैठक में, संधू और मयूरकास भारत और अमेरिका के बीच ‘होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग’ को फिर से स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने इस दौरान साइबर सुरक्षा, उभरती तकनीक और हिंसक उग्रवाद को संबोधित करने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग बराक ओबामा के प्रशासन की पहल थी। होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी जेनेट नेपोलिटानो और भारत के तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम के बीच मई, 2011 में पहला होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग आयोजित किया गया था। दूसरी सुरक्षा वार्ता वाशिंगटन डीसी में 2013 में भारतीय गृह मंत्री सुशील कुमार और गृह सचिव नेपोलिटानो के बीच हुई थी।

होमलैंड सुरक्षा विभाग (United States Department of Homeland Security – DHS)
DHS अमेरिकी संघीय कार्यकारी विभाग है जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। इस विभाग के घोषित अभियानों में सीमा सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी, साइबर सुरक्षा, आव्रजन और सीमा शुल्क, आपदा रोकथाम और प्रबंधन शामिल हैं। 

श्रीनगर में एशिया के सबसे बड़े इस गार्डन को आम जनता और पर्यटकों के लिए खोला गया

श्रीनगर में एशिया के सबसे बड़े इस गार्डन को आम जनता और पर्यटकों के लिए खोला गया

जम्मू कश्मीर। जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन 25 मार्च, 2021 से आम जनता और पर्यटकों के लिए खोला गया। यह ट्यूलिप गार्डन रंगों का एक स्पेक्ट्रम है जिसमें लाखों ट्यूलिप हैं। श्रीनगर शहर में डल झील के किनारे ज़बरवान हिल्स की गोद में यह फूल खिले हुए हैं। इस बगीचे में आजकल 64 किस्मों से अधिक के लगभग 15 लाख फूल पूरी तरह से खिल रहे हैं।

इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन (Indira Gandhi Memorial Tulip Garden)
बगीचे को पहले मॉडल फ्लोरिकल्चर सेंटर (Model Floriculture Center) के रूप में जाना जाता था। यह 74 एकड़ के क्षेत्र में फैला एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है। यह श्रीनगर की डल झील में ज़बरवान रेंज की तलहटी में स्थित है। इस ट्यूलिप गार्डन का उद्घाटन 2007 में कश्मीर घाटी में फूलों की खेती और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें फूलों की कई प्रजातियां जैसे डैफोडिल्स, हाइसिंथ, और रेनकुंकल इत्यादि हैं।

ट्यूलिप त्योहार (Tulip Festival)
यह एक वार्षिक उत्सव है जो राज्य सरकार के पर्यटन प्रयासों के एक भाग के रूप में ट्यूलिप गार्डन में फूलों का प्रदर्शन करता है। इस महोत्सव का आयोजन कश्मीर घाटी में वसंत के मौसम की शुरुआत में किया जाता है।

ट्यूलिप (Tulips)
ट्यूलिप वसंत मेंखिलने वाले बारहमासी herbaceous bulbiferous geophytes का एक जीनस है। ट्यूलिप आमतौर पर बड़े और चमकीले रंग के होते हैं। यह फूल लिलीसी (Liliaceae) नामक लिली परिवार का एक सदस्य है।

ज़बरवान रेंज (Zabarwan Range)
यह कश्मीर घाटी के मध्य भाग में स्थित पीर पंजाल और ग्रेट हिमालयन रेंज के बीच 32 किमी लंबी उप-पर्वत श्रृंखला है। यह कश्मीर घाटी के पूर्व में मध्य भाग में स्थित है। यह उत्तर में सिंध घाटी, दक्षिण में लिद्दर घाटी, पूर्व में ज़ांस्कर रेंज और पश्चिम में जेहलम घाटी से घिरी हुई है। शंकराचार्य मंदिर ज़बरवान रेंज के मध्य भाग के किनारे पर बनाया गया है। सबसे ऊंची चोटी महादेव शिखर है। 

इस नए कोस्ट गार्ड शिप को भारतीय तटरक्षक बल में कमीशन किया गया, पढ़िए इसकी उपयोगिता

इस नए कोस्ट गार्ड शिप को भारतीय तटरक्षक बल में कमीशन किया गया, पढ़िए इसकी उपयोगिता

नईदिल्ली।   इंडियन कोस्ट गार्ड शिप ‘वज्र’ को चेन्नई के कट्टुपल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत द्वारा कमीशन किया गया। आईएनएस वज्र सात ऑफशोर पैट्रोल वेसल की श्रृंखला में छठे स्थान पर है और इसका निर्माण मैसर्स लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (M/s Larsen & Toubro Ltd) ने कट्टुपल्ली में किया था। यह 98 मीटर लम्बा जहाज है और अत्याधुनिक नेविगेशन और संचार उपकरण, मशीनरी और सेंसर से सुसज्जित है। इसे एक ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टर और चार उच्च गति वाली नावों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें स्विफ्ट बोर्डिंग ऑपरेशंस के लिए दो हार्ड हल इन्फ्लैटेबल बोट्स भी हैं।

महत्व
‘वज्र’ का उपयोग खोज एवं बचाव कार्यों, कानून प्रवर्तन और समुद्री गश्ती में किया जा सकता है। यह जहाज समुद्र में तेल रिसाव की प्रतिक्रिया के लिए प्रदूषण प्रतिक्रिया उपकरण ले जाने में भी सक्षम है। यह भारतीय तटीय क्षेत्र के विशेष आर्थिक क्षेत्रों में निगरानी करने के लिए तैनात किया जाएगा।

विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone – EEZ)
EEZ समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, 1982 द्वारा निर्धारित किया गया है। यह समुद्र का एक क्षेत्र है जिसमें संप्रभु देश समुद्री संसाधनों की खोज, उपयोग, पानी और हवा से ऊर्जा का उपयोग करने के विशेष या ‘संप्रभु’ अधिकारों का उपयोग करते हैं। EEZ देश के तट से 200 समुद्री मील (nmi) तक फैला होता है। इसे समुद्री महाद्वीपीय मार्जिन भी कहा जाता है।

समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (United Nations Convention on the Law of the Sea – UNCLOS)
यह 1973 और 1982 के दौरान समुद्र के कानून पर तीसरे संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है। यह कन्वेंशन दुनिया के महासागरों, पर्यावरण के उपयोग, व्यवसायों और समुद्री प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए दिशानिर्देशों की स्थापना के बारे में राष्ट्रों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को परिभाषित करता है। यह 1994 में लागू हुआ था। 2016 तक, 167 देश और यूरोपीय संघ इस कन्वेंशन में शामिल हो गए। 

सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: आपत्तिजनक हालत में होटल से गिरफ्तार हुए 16 युवक-युवतियां

सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: आपत्तिजनक हालत में होटल से गिरफ्तार हुए 16 युवक-युवतियां

कानपुर शहर की हरबंस मोहाल थाना क्षेत्र में होटल राज रतन में मुखबिर की सूचना पर पुलिस की छापेमारी पड़ी जिसके दौरान पुलिस ने आपत्तिजनक स्थिति में 16 लड़के और लड़कियों को आपत्तिजनक वस्तुओं के साथ बरामद छापेमारी के दौरान तीन थानों का पुलिस मौजूद रहे कलेक्टर गंज हरबंस मोहाल और कोतवाली जिस तरीके से कानपुर में लगातार होटल की आड़ में सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है. उसी के मद्देनजर पुलिस टीम में जिओ कोतवाली के कुशल निर्देशन में छापेमारी की जिसमें युवक और युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया बहरहाल पुलिस की पूछताछ जारी है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि लगातार इन होटलों में बिना आईडी प्रूफ के आखिर कमरा कैसे दिया जाता है सूत्रों की माने तो पुलिस के संरक्षण में जिस्मफरोशी का अवैध धंधा फल-फूल रहा था यह कोई पहला मामला नहीं है.
इससे पहले भी तमाम होटलों में पुलिस की रेट में आपत्तिजनक स्थिति में लड़के लड़कियों को पकड़ा है अब देखना होगा पुलिस की पूछताछ में क्या निकल के सामने आता है और आखिर कब जिस्मफरोशी का गोरखधंधा बंद होगा क्योंकि कानपुर में लगातार जिस्मफरोशी का धंधा फल-फूल रहा था लगातार पुलिस की रेट पड़ती है लेकिन 4 दिन बाद ढाक के तीन पात वाली स्थिति उत्पन्न होती है और जिस्मफरोशी का गोरखधंधा फलता फूलता रहता है आखिर पूर्णतया लगाम कब लगेगी जिस्मफरोशी के धंधे पर यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
 

महाराष्ट्र में पहली बार आए कोरोना के 31855 नए मामले, अकेले मुंबई में 5185 केस की पुष्टि

महाराष्ट्र में पहली बार आए कोरोना के 31855 नए मामले, अकेले मुंबई में 5185 केस की पुष्टि

मुंबई, आज महाराष्ट्र में रिकॉर्ड 31,855 नए कोरोना संक्रमण के मामले सामने आये है, वही 15098 स्वस्थ होकर घर लौटे है और 95 मौतों की पुष्टि हुई है ।
एक नजर कोरोना महाराष्ट्र में
कुल मामले 25,64,881
कुल वसूली 22,62,593
मृत्यु टोल 53,684

सक्रिय मामले 2,47,299

 

महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु में प्रतिदिन नए मामलों में 81 प्रतिशत योगदान

महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु में प्रतिदिन नए मामलों में 81 प्रतिशत योगदान

नईदिल्ली। छह राज्यों - महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु में प्रतिदिन कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और पिछले 24 घंटों में दर्ज किए नए मामलों (40,715) में इनका योगदान 80.90 प्रतिशत रहा है। महाराष्ट्र में प्रतिदिन दर्ज किए जाने वाले नए मामलों की संख्‍या अभी भी सबसे अधिक 24,645 (60.53 प्रतिशत) है। इसके बाद पंजाब में 2,299 और गुजरात में 1,640 नए मामले सामने दर्ज किए गए हैं। दस राज्यों में अभी भी कोरोना के दैनिक नए मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इस वर्ष फरवरी के मध्य माह में कोरोना के मामले सबसे कम दर्ज किए गए थे। लेकिन अब कोरोना के सक्रिय मामलों (केस लोड) में वृद्धि दर्ज की जा रही है और आज यह 3.45 लाख (3,45,377) है। पिछले 24 घंटों में कुल सक्रिय मामलों (केस लोड) में 10,731 मामलों की बढ़ोतरी हुई है। देश में कोरोना के कुल सक्रिय मामलों में तीन राज्यों महाराष्ट्र, केरल और पंजाब का योगदान 75.15 प्रतिशत है तथा देश के कुल सक्रिय मामलों में महाराष्ट्र का हिस्सा 62.71 प्रतिशत है। 

 

विश्य क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संदेश

विश्य क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संदेश

नईदिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर अपने विचार साझा किए हैं। ये दिवस हर वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। उन्होंने कहा:- मुझे यह जानकर खुशी हुई कि 24 मार्च 2021 को विश्व क्षय रोग दिवस मनाया जा रहा है ताकि जनता में क्षय रोग के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके। 1882 में इसी दिन डॉ. रॉबर्ट कोच ने उस बैक्टिरिया की खोज की थी जिसके चलते टीबी की बीमारी होती है। इसी ने आगे चलकर इस जानलेवा बीमारी के ईलाज का मार्ग प्रशस्त किया। भारत के साथ-साथ दुनिया भर की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए साल 2020 बेहद महत्वपूर्ण समय था। कोविड-19 महामारी ने हर इंसान की पहुंच तक अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। समूचा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम कोविड-19 महामारी के खिलाफ सामने से लड़ा। टीबी की बीमारी से लड़ते हुए कोरोना जैसी महामारी का सामना करने का प्रयास काफी सराहनीय रहा है। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भारत सरकार सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इसे लागू किया जा रहा है। यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। मैं राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को मुश्किल वक्त में उनकी बेहतरीन उपलब्धियों के लिए बधाई देता हूं। इस अवसर पर हमें 'सभी के लिए स्वास्थ्य' के मकसद पर अपने प्रयासों को और तेज करना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करना चाहिए। 

जानिए किसे गांधी शांति पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया

जानिए किसे गांधी शांति पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया

संस्कृति मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार ने बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान (Bangabandhu Sheikh Mujibur Rahman) को वर्ष 2020 के लिए गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया है। वर्ष 2019 के लिए शांति पुरस्कार ओमान के दिवंगत सुल्तान कबूस बिन सैद अल सैद (Sultan Qaboos bin Said Al Said) को प्रदान किया गया। 26 मार्च, 2021 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ढाका की यात्रा से ठीक पहले यह शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है। वह स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती और बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती समारोह में शामिल होंगे। बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान पहले राष्ट्रपति थे और बाद में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री भी बने। उन्हें “राष्ट्रपिता” या “मुजीब” कहा जाता है। 15 अगस्त, 1975 को उनकी हत्या कर दी गई थी। गांधी शांति पुरस्कार 2019 के विजेता सुल्तान कबूस आधुनिक अरब दुनिया के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेता थे। जनवरी, 2020 में उनका निधन हो गया था।

गांधी शांति पुरस्कार (Gandhi Peace Prize)
यह एक अंतर्राष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार है जिसे महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया है। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। इसे गांधीवादी विचार को श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 1995 में मोहनदास गांधी की 125वीं वर्षगांठ के अवसर पर लॉन्च किया गया था । यह वार्षिक पुरस्कार व्यक्तियों और संस्थानों को अहिंसा और अन्य गांधीवादी आदर्शों के माध्यम से राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन में उनके योगदान के लिए दिया जाता है। इसमें एक करोड़ रुपये नकद राशी, एक पट्टिका और एक प्रशस्ति पत्र शामिल है। 

जानिए क्या है विश्व मौसम विज्ञान दिवस का महत्व

जानिए क्या है विश्व मौसम विज्ञान दिवस का महत्व

हर साल 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस (World Meteorological Day) मनाया जाता है। यह 1950 में स्थापित किया गया था। इस दिन को विश्व मौसम संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी मनाया जा रहा है। 23 मार्च को इसलिए चुना गया है क्योंकि 1950 में उस दिन विश्व मौसम संगठन (World Meteorological Organization) की स्थापना हुई थी।

थीम: The Ocean, Our Climate and Weather


WMO की स्थापना को चिह्नित करने के लिए यह दिन मनाया जाता है, जिसमें 193 सदस्य देश और क्षेत्र हैं। यह संगठन अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन (IMO) से उत्पन्न हुआ है, जिसका विचार वियना अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान कांग्रेस 1873 में निहित है। WMO को 1950 में WMO सम्मेलन के अनुसमर्थन द्वारा स्थापित किया गया था, जिसके बाद यह संगठन संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी बन गई। WMO का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में स्थित है।

विश्व मौसम विज्ञान दिवस का महत्व
यह दिन दुनिया भर में बहुत महत्व रखता है क्योंकि यह समाज की सुरक्षा और भलाई के लिए राष्ट्रीय मौसम विज्ञान और जल विज्ञान सेवाओं के आवश्यक योगदान को प्रदर्शित करता है। इस दिवस का उद्देश्य पृथ्वी पर विभिन्न चिंताओं के बारे में दुनिया भर में जागरूकता फैलाना है।

 

केन-बेतवा: पहली रिवर लिंकिंग परियोजना, जानिए फायदे और नुकसान के बारे में

केन-बेतवा: पहली रिवर लिंकिंग परियोजना, जानिए फायदे और नुकसान के बारे में

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केन-बेतवा नदियों की इंटरलिंकिंग परियोजना के बारे में अपनी आशंका व्यक्त की है। मंत्री ने कहा कि नदियों के परस्पर संपर्क से मध्य प्रदेश राज्य में स्थित पन्ना टाइगर रिजर्व नष्ट हो जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि, उन्होंने 10 साल पहले नदी को आपस में जोड़ने के विकल्प सुझाए थे, लेकिन उन सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया गया था।

केन बेतवा रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट (Ken Betwa River Linking Project)
इस रिवर इंटरलिंकिंग परियोजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश में केन नदी से उत्तर प्रदेश में बेतवा नदी तक अधिशेष जल को मोड़ना है। यह उत्तर प्रदेश में झांसी, ललितपुर, बांदा और महोबा जिलों के जिलों और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों को सिंचित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

इंटरलिंकिंग की क्या आवश्यकता है?
भारत को वार्षिक वर्षा के माध्यम से 80% पानी प्राप्त होता है, जबकि सतही जल प्रवाह जून से सितंबर तक 4 महीने की अवधि के लिए होता है। इस प्रकार, प्राकृतिक पानी की उपलब्धता की कमी रहती है। यह समस्या नदियों की इंटरलिंकिंग से सुलझाई जा सकती है।

इंटरलिंक करने के फायदे
नदी को जोड़ने से खे को रोकने और बुंदेलखंड क्षेत्र में भूजल पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी। इस प्रकार यह किसानों की आत्महत्या की दर को स्थिर आजीविका सुनिश्चित करके कम करने में मदद करेगा। यह दो राज्यों में 13 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ 75 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा।

चिंताएं
दौधन बांध के निर्माण से पन्ना टाइगर रिजर्व के महत्वपूर्ण बाघ निवास का 10% जलमग्न हो जाएगा। यह बदले में बाघ संरक्षण प्रयासों को प्रभावित करेगा। बांध की ऊंचाई का गिद्धों के घोंसले वाले स्थानों पर प्रभाव पड़ेगा।