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बारात जाने को थी तैयार, घुड़चढ़ी से पहले ब्लेड लेकर दूल्हे के घर पहुंच गई प्रेमिका और फिर...

बारात जाने को थी तैयार, घुड़चढ़ी से पहले ब्लेड लेकर दूल्हे के घर पहुंच गई प्रेमिका और फिर...

घुड़चढ़ी से पहले दूल्हे के घर पहुंची उसकी प्रेमिका ने हाईवोल्टेज ड्रामा किया। बारात जाने की तैयारी में जुटे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। भीड़ जमा हो गई। प्रेमिका ने ब्लेड से हाथ की नस काटने की धमकी दी। लोगों ने किसी तरह उसे शांत कर कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद दूल्हा बारात लेकर जा सका। दोपहर तक प्रेमिका को कमरे में ही बंद रखा गया। घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है।

शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक के पड़ोस में ही किराये पर रहने वाली युवती से प्रेम संबंध हो गए थे। बताया जाता है कि युवती अपनी मां के साथ वहां किराए पर रहती है। इस बीच युवक की हसनपुर में शादी तय हो गई। युवती ने इसका विरोध किया तो युवक ने उसे समझा-बुझाकर किसी तरह शांत करा दिया। युवक सोमवार को दूल्हा बनकर बारात लेकर हसनपुर जा रहा था। इससे पहले कि उसके घर पर घुड़चढ़ी का कार्यक्रम शुरू होता तभी युवती हाथ में ब्लेड लेकर वहां धमक पड़ी।

युवती ने हंगामा करते हुए हाथ की नस काटकर जान देने की धमकी देने लगी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। युवक की घुड़चढ़ी भी रुक गई। तभी कुछ लोगों ने युवती को समझाकर उसके हाथ से ब्लेड छीना और उसी के कमरे में बंद कर दिया। आनन-फानन में बारात हसनपुर के लिए रवाना की गई। दोपहर तक युवती कमरे में ही बंद रही। घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। प्रभारी निरीक्षक आरपी शर्मा ने ऐसी किसी घटना की जानकारी से इनकार किया। तहरीर मिलने पर जांच और कार्रवाई करने की बात कही। 

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में सत्ता को लेकर चल रही खींचतान के बीच आज प्रधानमंत्री ओली विश्वासमत, पढ़े पूरी खबर

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में सत्ता को लेकर चल रही खींचतान के बीच आज प्रधानमंत्री ओली विश्वासमत, पढ़े पूरी खबर

काठमांडू, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली संसद के निचले सदन में विश्वासमत हार गए हैं. ओली को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में विश्वासमत जीतने के लिए 136 मतों की जरूरत थी. निचले सदन में कुल 232 वोट डाले गए. 93 सांसदों ने ओली के पक्ष में मत किया. वहीं 124 सांसदों ने उनके खिलाफ वोट किया. 15 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. प्रतिनिधि सभा के विशेष सत्र में आज ओली ने औपचारिक रूप से विश्वास प्रस्ताव पेश किया और सभी सदस्यों से इसके पक्ष में मतदान करने की अपील की. बता दें कि पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' नीत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद ओली की सरकार अल्पमत में आ गई थी. इसके बाद उन्हें निचले सदन में बहुमत साबित करना था. बता दें कि नेपाल में राजनीति संकट पिछले साल 20 दिसंबर को तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति भंडारी ने प्रधानमंत्री ओली की अनुशंसा पर संसद को भंग कर 30 अप्रैल और 10 मई को नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया. ओली ने यह अनुशंसा सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में सत्ता को लेकर चल रही खींचतान के बीच की थी.

 

अच्छी खबर : ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने एक दिन में रिकॉर्ड इतने मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्‍सीजन की आपूर्ति की

अच्छी खबर : ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने एक दिन में रिकॉर्ड इतने मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्‍सीजन की आपूर्ति की

भारतीय रेलवे वर्तमान समय में मौजूद चुनौतियों का सामना करते हुए और नए उपायों की तलाश के साथ देश के विभिन्न राज्यों की मांग पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति के अपने अभियान को निरंतर जारी रख लोगों को राहत पहुंचा रहा है। रेलवे ने अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 295 टैंकरों में 4700 मीट्रिक टन से अधिक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति की है।

ऑक्सीजन एक्‍सप्रेस द्वारा कल एक दिन में रिकॉर्ड 831 मीट्रिक टन ऑक्‍सीजन की ढुलाई की गई।

इस अभियान के अंतर्गत अब तक 75 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है।

भारतीय रेलवे, राज्यों की मांग पर यथासंभव मात्रा और कम से कम समय में तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है और इस पर लगातार काम कर रहा है।

अब तक महाराष्ट्र को 293 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश को 1334 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश को 306 मीट्रिक टन, हरियाणा को 598 मीट्रिक टन, तेलंगाना को 123 मीट्रिक टन, राजस्थान को 40 मीट्रिक टन और दिल्ली को 2011 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई।

कर्नाटक के लिए पहली ऑक्सीजन एक्‍सप्रेस अपने मार्ग पर है। झारखण्‍ड के टाटानगर से निकली यह ऑक्सीजन एक्‍सप्रेस 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की बंगलूरू में डिलीवरी करेगी।

रेलवे द्वारा की जा रही ऑक्सीजन की ढुलाई एक जटिल प्रक्रिया है और ढुलाई से जुड़े आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं। कुछ और ऑक्सीजन एक्सप्रेस देर रात अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकती हैं।

 

यह कहना गलत है कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण पर खर्च का कोई प्रावधान नहीं किया है: वित्त मंत्रालय

यह कहना गलत है कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण पर खर्च का कोई प्रावधान नहीं किया है: वित्त मंत्रालय

यह ‘द प्रिंट’ में आयी खबर“मोदी सरकार के टीकाकरण वित्त पोषण का सच: राज्यों का खर्च 35,000 करोड़ रुपए, केंद्र का शून्य’’ के संदर्भ में है।

यह कहना तथ्यात्मक रूप से गलत है कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण पर खर्च के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है। 'राज्यों को हस्तांतरण' शीर्षक के साथ अनुदान संख्या 40 के लिए मांग के तहत35,000 करोड़ रुपये कीराशि दिखायी गयी है। टीके वास्तव में इस खाते के माध्यम से केंद्र द्वारा हासिल किए और खरीदे जा रहे हैं। इस अनुदान की मांग के उपयोग के कई प्रशासनिक फायदे हैं। सबसे पहले, क्योंकि टीका पर खर्च स्वास्थ्य मंत्रालय की केंद्र द्वारा प्रायोजित सामान्य योजनाओं के बाहर होने वाला एक-व्यय है, अलग-अलग धन इन कोषों की आसान निगरानी और प्रबंधन सुनिश्चित करता है। साथ ही, इस अनुदान को अन्य मांगों पर लागू होने वाले तिमाही व्यय नियंत्रण प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है।

इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि टीकाकरण कार्यक्रम में कोई बाधा न आए। टीकाकरण के लिए ‘राज्यों को हस्तांतरण’ के तहत प्रदान की गई राशि वास्तव में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है। राज्यों को अनुदान के रूप में टीके दिए जाते हैं और राज्यों द्वारा टीकों का वास्तविक प्रशासन किया जाता है। इसके अलावा, अनुदान के प्रकार और अन्य रूपों में अनुदान के बीच योजना की प्रकृति को बदलने के लिए पर्याप्त प्रशासनिक लचीलापन है।

इसलिए, जैसा कि खबर में ही बताया गया है, टीकाकरण के लिए धन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए "बजट वर्गीकरण वास्तव में कोई मायने नहीं रखता है।" ‘राज्यों को हस्तातंरण' शीर्षक वाली मांग के उपयोग का अर्थ यह नहीं है कि केंद्र द्वारा व्यय नहीं किया जा सकता है। 

 मुख्यमंत्री ने की तारीफ, गांव में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए ग्रामीणों ने  बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगाई सख्ती

मुख्यमंत्री ने की तारीफ, गांव में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए ग्रामीणों ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगाई सख्ती

इंदौर, मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के करीब 7,000 की आबादी वाले ढाबली गांव में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर कड़ी नाकाबंदी के जरिये बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती कर रखी है. सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार के एक मंत्री और जिलाधिकारी तक ने अपने दौरे में इस गांव के भीतर प्रवेश नहीं किया और ग्रामीणों की जागरूकता का सम्मान करते हुए वापस लौट गए. जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर ढाबली गांव में रविवार को सामने आई इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं. इनमें राज्य के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और जिलाधिकारी मनीष सिंह गांव के प्रवेश द्वार पर लगे बैरिकेड के दूसरी ओर खड़े होकर ग्रामीणों से चर्चा करते नजर आ रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि मंत्री और जिलाधिकारी जनता कर्फ्यू (आंशिक लॉकडाउन) के दौरान महामारी की स्थिति का जायजा लेने ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे पर गए थे, लेकिन ढाबली गांव में महामारी से बचाव के लिए ग्रामीणों की जागरूकता को देखते हुए उन्होंने बैरिकेड हटवाकर गांव में प्रवेश करना उचित नहीं समझा और वे बैरिकेड पर तैनात ग्रामीणों से चर्चा कर लौट गए. ढाबली गांव के सरपंच महेश परिहार ने सोमवार को कहा, "कोरोना वायरस संक्रमण के चलते गांव के दो-तीन लोगों की मौत के बाद हमने बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती करने के लिए बैरिकेड लगा दिया है. गांव के युवा इस बैरिकेड पर बारी-बारी तैनात होते हैं. वे गांव में घुसने वाले बाहरी लोगों से उनके आने का कारण पूछते हैं." सरपंच ने कहा, "हम नाकाबंदी के जरिये अपने गांव को कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाना चाहते हैं."


मुख्यमंत्री ने की तारीफ


इस बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महामारी से बचाव की जागरूकता के लिए ढाबली के ग्रामवासियों की तारीफ की है . उन्होंने सोमवार को ट्वीट कर कहा, "मैं ढाबली के लोगों के साथ ही उन समस्त ग्रामवासियों एवं नगरवासियों का अभिनंदन करता हूं, जो संकल्पित भाव से कोविड-19 के विरुद्ध लड़ रहे हैं."

 

दो साल तक दोस्ती, शारीरिक संबंध..फिर ऐसा क्या हुआ कि महिला सिपाही ने साथी पर दर्ज कराया केस?

दो साल तक दोस्ती, शारीरिक संबंध..फिर ऐसा क्या हुआ कि महिला सिपाही ने साथी पर दर्ज कराया केस?

लखनऊ के आशियाना थाने में तैनात सिपाही के खिलाफ महिला सिपाही ने रेप करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता के मुताबिक सिपाही अश्वनी प्रताप सिंह की उससे दोस्ती थी। आरोपी ने शादीशुदा होने के बाद भी महिला से जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जिसके बाद वह महिला सिपाही के साथ शादी करने का दावा करने लगा। यह सिलसिला दो साल तक चलता रहा।

शादी के लिए दबाव बनाने पर अश्वनी उसके साथ मारपीट करता था। परेशान होकर पीड़िता ने आशियाना थाने में शिकायत की थी। मगर, उसकी सुनवाई नहीं हुई। थाने में ही तैनात एक सिपाही ने पीड़िता को मुकदमा दर्ज कराने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। 20 अप्रैल को महिला ने थाने पहुंच कर हंगामा किया था। जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए थे। रविवार को इस मामले में सिपाही अश्वनी प्रताप सिंह के खिलाफ रेप समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। डीसीपी महिला अपराध ने मामले की जांच एसीपी कैंट डॉ. अर्चना सिंह को सौंपी है। 

कोरोना वायरस से संक्रमित सपा सांसद आजम खान की तबियत बिगड़ी, बेटे सहित लखनऊ के अस्पताल में भेजा गया

कोरोना वायरस से संक्रमित सपा सांसद आजम खान की तबियत बिगड़ी, बेटे सहित लखनऊ के अस्पताल में भेजा गया

सीतापुर जेल में ही इलाज कराने पर अड़े रामपुर से सपा सांसद आजम खां और बेटा अब्दुल्ला को कड़ी मशक्कत के बाद लखनऊ के मेदांता अस्पताल रवाना किया गया है। आजम के लखनऊ न जाने की जिद पर जेल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। हंगामे की सूचना पर एडीएम विनय पाठक, एसडीएम अमित भट्ट और कई थानों की पुलिस भी जेल परिसर में पहुंच गई। पूरा जेल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासन के काफी समझाने के बाद आजम खां और बेटा अब्दुल्ला लखनऊ जाने के लिए तैयार हुए। सुरक्षा में कई थानों की पुलिस के साथ एस्कार्ट को भी लगाया गया। उधर परिवार वालों ने आजम खां और अब्दुल्ला का स्वास्थ्य पहले से बेहतर बताया है।

आपको बता दें कि कोरोना पॉजिटिव सांसद आजम खां और बेटा अब्दुला के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन ने पहले भी दोनों को लखनऊ के कोविड अस्पताल में शिफ्ट करने का प्रयास किया था, लेकिन दोनों राजी नहीं थे। रविवार को फिर दोनों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें लखनऊ के कोविड अस्पताल भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी। इसकी जानकारी होते ही आजम फिर से न नुकुर करने लगे। प्रशासन ने कोरोना पॉजिटिव सांसद आजम और बेटा अब्दुल्ला को लखनऊ भेजने के लिए जेल परिसर में एंबुलेस के साथ पुलिस और प्रशासनिक अमला तैनात कर दिया था। सांसद आजम खां के मामले को लेकर जब प्रशासन से सवाल किया गया तो प्रशासन ने कैमरे के सामने बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि डिप्टी जेलर ओमकार पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आजम और उनके बेटे को जेल से कोविड अस्पताल शिफ्ट का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन सांसद तैयार नहीं थे।
उधर आजम खां और अब्दुल्ला को लखनऊ कोविड अस्पताल में शिफ्ट किए जाने की बात जब परिवार वालों को पता चली तो उन्होंने चिंता जताई। आज़म खां के पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक आज़म खां की तबीयत ठीक है। एहतियात के तौर पर सीतापुर जेल प्रशासन उन्हें लखनऊ मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर रहा है। साथ में बेटा अब्दुल्लाह आज़म भी जा रहा है। आज़म खान को कोरोना पॉजिटिव हुए 10 दिन हो गए हैं। आज़म खान के स्वास्थ्य को लेकर परिवार वाले चिंतित हैं।

पहले भी लखनऊ जाने से मना कर चुके हैं आजम और उनका बेटा
आजम और बेटा अब्दुल्ला जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद से जेल प्रशासन उनके इलाज के लिए उन्हें लखनऊ रेफर करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन रामपुर सांसद आजम खां को लखनऊ मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कराने के लिए कई घण्टे अधिकारियों को पसीना बहाना पड़ा था। आलम यह था कि घण्टों की मशक्कत के बाद भी इन्हें सीतापुर जेल से ले जाया नहीं जा सका था। सांसद ने लखनऊ मेडिकल कॉलेज में दी जाने वाली सुविधाओं से इंकार कर दिया था। इसके बाद से कोरोना संक्रमित सांसद और उनके पुत्र दोनों सीतापुर कारागार में ही बंद थे। 

लॉकडाउन का पालन कराने अभियान के तहत,  एक दिन में ही 75 शादियां स्थगित कराई

लॉकडाउन का पालन कराने अभियान के तहत, एक दिन में ही 75 शादियां स्थगित कराई

कोटा,  राजस्थान में कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए लागू लॉकडाउन का अनुपालन कराने के अभियान के तहत कोटा ग्रामीण जिले की पुलिस ने उन परिवारों से संपर्क किया जहां शादी होनी थी और एक दिन में ही 75 शादियां स्थगित कराई।

पुलिस उपाधीक्षक और इटावा के सीओ विजयशंकर शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) रविदत्त गौड़ के इलाके के दौरे के दौरान आश्रम दिगोड पुलिस थाने के दो बीट सिपाहियों और कैथुन पुलिस थाने के नवनीत ने बताया कि उन्होंने तीन परिवारों से संपर्क किया और इस महीने होने वाली शादी को स्थगित करने के लिए मनाया।

उन्होंने बताया कि उक्त सिपाहियों को 1,100 रुपये का पुरस्कार दिया गया है।

शर्मा ने बताया कि डीआईजी ने इसके बाद अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रभावशाली लोगों और जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में परिवारों के साथ बैठक करने और उनके यहां होने वाली शादी को स्थगित करने के लिए मनाने का निर्देश दिया।

पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि कोटा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी के मार्गदर्शन में शनिवार सुबह ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान चलाया गया जिसमें बीट कांस्टेबल और थाना प्रभारियों ने परिवारों से संवाद किया और एक दिन में ही 75 शादियां स्थगित कराई।

गौरतलब है कि राजस्थान मंत्रिमडल ने बृहस्पतिवार को 10 मई से 24 मई के बीच राज्य में सख्त लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। इसके मुताबिक अधिकतम 11 लोगों की उपस्थिति में ही अदालत या घर में शादी समारोह आयोजित करने की अनुमति दी गई है। 

इस कांग्रेस नेता के पिता की कोरोना से मौत, उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव

इस कांग्रेस नेता के पिता की कोरोना से मौत, उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव

अहमदाबाद: गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल के पिता का अहमदाबाद के एक अस्पताल में कोरोना संक्रमण के कारण रविवार को निधन हो गया. पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी है.
एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि बाद में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पटेल से फोन पर बात की और संवेदनाएं व्यक्त कीं. भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष निखिल सवानी ने बताया, “हार्दिक पटेल के पिता भरत पटेल का शहर के यूएन मेहता अस्पताल में रविवार को निधन हो गया, जहां उनका कोरोना वायरस का इलाज चल रहा था.” आपको बता दें कि हार्दिक पटेल भी इस वक्त कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं. 2 मई को हार्दिक पटेल ने अपने संक्रमित होने की जानकारी ट्वीट के ज़रिए दी थी. उन्होंने लिखा था, "आज मैं कोरोना पॉज़िटिव आया हूं. डॉक्टर की सलाह अनुसार घर पर ही उपचार चल रहा है. आपके प्रेम और प्रार्थना से जल्द ठीक हो जाऊंगा."

 

केंद्र ने 25 राज्यों में पंचायतों को इतने  करोड़ रुपये जारी किए

केंद्र ने 25 राज्यों में पंचायतों को इतने करोड़ रुपये जारी किए

वित्‍त मंत्रालय के व्यय विभाग ने कल ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को अनुदान उपलब्ध कराने के लिए 25 राज्यों में पंचायतों को 8923.8 करोड़ रुपये की राशि जारी की। ये अनुदान पंचायती राज संस्थानों की सभी तीन श्रेणियों-गांव, प्रखंड और जिला के लिए हैं शनिवार को जारी राशि वर्ष 2021-22 के लिए ‘ मुक्त अनुदान‘ की पहली किस्त है। इसका उपयोग आरएलबी द्वारा अन्य चीजों के अतिरिक्त, कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए आवश्यक विभिन्न रोकथाम संबंधी तथा राहत उपायों के लिए किया जा सकता है। इस प्रकार, यह इस महामारी से लड़ने के लिए पंचायतों की तीनों श्रेणियों के संसाधनों को बढ़ाएगा। जारी अनुदान की राज्य वार राशि संलग्न है।

15वें वित्‍त आयोग की सिफारिशों के अनुसार, मुक्त अनुदान की पहली किस्त राज्यों को जून, 2021 में जारी की जानी थी। बहरहाल, वर्तमान में जारी कोविड-19 महामारी की स्थिति तथा पंचायती राज्य मंत्रालय की अनुशंसाओं को देखते हुए, वित्‍त मंत्रालय ने सामान्य कार्यक्रम से पहले ही अनुदान जारी करने का फैसला किया है।

इसके अतिरिक्त, 15वें वित्‍त आयोग ने मुक्त अनुदान जारी करने के लिए कुछ शर्तें भी लगाई थीं। इन शर्तों में ग्रामीण स्थानीय निकायों के एक निश्चित प्रतिशत खातों की सार्वजनिक क्षेत्र में ऑनलाइन उपलब्धता शामिल है। लेकिन व्याप्त परिस्थितियों को देखते हुए, मुक्त अनुदान की पहली किस्त के जारी होने के लिए इस शर्त को छोड़ दिया गया है। 

 बड़ी खबर : असम में सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप, अब इन्हे चुना गया अगला मुख्यमंत्री

बड़ी खबर : असम में सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप, अब इन्हे चुना गया अगला मुख्यमंत्री

गुवाहाटी। असम में ऐतिहासिक जीत पाने के छह दिन बाद भी राज्य में ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की कशमकश से गुजर रही भाजपा की गुत्थी आज सुलझ गई है। असम के अगले सीएम पद के चेहरे को लेकर लगाए जा रहे कयासों के बीच मौजूदा मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यपाल जगदीश मुखी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद हिमंत बिस्व सरमा को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इससे तय हो गया कि वह ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। बता दें कि असम के मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के लिए आज विधायकों की बैठक हुई, जिसमें शामिल होने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और सर्बानंद सोनोवाल पहुंचे।
बता दें कि शनिवार को दोनों वरिष्ठ नेताओं सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा को दिल्ली तलब कर बातचीत की गई। पार्टी के अधिकृत सूत्रों ने बताया कि चार दौर की बातचीत के बाद देर रात हिमंत को नया मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बन गई।
सूत्रों का दावा था कि रविवार को गुवाहाटी में विधायक दल की बैठक के दौरान मौजूदा मुख्यमंत्री सोनोवाल ही हिमंत के नाम का प्रस्ताव रखेंगे। बदले में सोनोवाल को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। सोनोवाल पहले भी केंद्रीय खेल मंत्री रह चुके हैं। दोनों शनिवार रात में एक साथ चार्टर्ड विमान से गुवाहाटी के लिए रवाना हो गए। देर रात भाजपा नेतृत्व ने इस बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पार्टी महासचिव अरुण सिंह को केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर भेजने की घोषणा की।
इससे पहले पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने आवास पर गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी में दोनों नेताओं से मुलाकात की। पहले राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य व वित्त मंत्री हिमंत पहुंचे। उनसे बातचीत के बाद पहुंचे सोनोवाल के साथ भी केंद्रीय नेताओं ने अकेले में बात की। इसके बाद तीसरे दौर की बातचीत में दोनों को एकसाथ बैठाकर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया गया। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व ने दोनों को अलग-अलग केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। लेकिन दोनों नेताओं ने इस प्रस्ताव पर अपनी असहमति जाहिर की।
इसके बाद रविवार को विधायक दल की बैठक बुलाने का फैसला किया गया। देर शाम अचानक दोनों नेताओं को एक बार फिर बुलाया गया और चौथी दौर की बैठक हुई। सूत्रों का कहना है कि बैठक में हिमंत के नाम पर सहमति बन गई। हालांकि इससे पहले तीसरे दौर की बैठक के बाद हिमंत ने कहा था कि मुख्यमंत्री कौन होगा, इसकी जानकारी रविवार को विधायक दल के बैठक के बाद सार्वजनिक हो जाएगी।
सोनोवाल असम के मूल आदिवासी समुदाय सोनोवाल-काछरी से आते हैं, जबकि सरमा उत्तर पूर्व लोकतांत्रिक गठबंधन के समन्वयक हैं, जो भाजपा की उत्तर पूर्वी राज्यों में सफलता का आधार है। ऐसे में दोनों का ही दावा मजबूत माना जा रहा था।
00 सोनोवाल के पक्ष में थे संघ व क्षेत्रीय प्रभारी, हिमंत के साथ ज्यादातर विधायक
इससे पहले बृहस्पतिवार को अमित शाह के निवास पर भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्यों की अनौपचारिक बैठक हुई थी। बैठक में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में असम के क्षेत्रीय प्रभारी के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वोत्तर प्रभारी ने सोनोवाल का समर्थन किया था। साथ ही संसदीय बोर्ड के दो वरिष्ठ सदस्यों ने भी सोनोवाल का पक्ष लिया। उधर, हिमंत के पक्ष में इस बार जीतने वाले कम से कम तीस विधायकों के अलावा दोनों सहयोगी दल एजीपी और यूपीपीएल खड़े हैं। साथ ही पूर्वोत्तर के तीन अन्य राज्यों में हिमंत की गहरी पकड़ को देखते हुए भी पार्टी नेतृत्व उन्हें नाराज करने की स्थिति में नहीं है।
00 सीएम पद का चेहरा नहीं घोषित करने से फंसा पेंच
दरअसल 2016 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पहले ही सोनोवाल को सीएम पद का दावेदार घोषित किया था। उन्होंने जीत हासिल कर पहली बार किसी उत्तर पूर्वी राज्य में भगवा सरकार गठित की थी। इस बार गुटबाजी खत्म करने के लिए पार्टी नेतृत्व ने किसी को सीएम पद का उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके चलते इससे यह संकेत गया कि चुनाव के बाद सोनोवाल की जगह हिमंत को भी मौका दिया जा सकता है। इस बार चुनाव में भाजपा ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 60 सीट जीती हैं, जबकि उसके सहयोगी दलों एजीपी को 9 और यूपीपीएल को छह सीट हासिल हुई हैं।
 

हिंद महासागर में गिरा चीन के रॉकेट का मलबा, NASA ने बताया गैर-जिम्मेदार

हिंद महासागर में गिरा चीन के रॉकेट का मलबा, NASA ने बताया गैर-जिम्मेदार

चीन के अनियंत्रित हुए रॉकेट लॉन्ग मार्च का मलबा रविवार को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर गया और इसके मालदीव के पास हिंद महासागर में गिरने की खबर है। इसके बाद से अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष मलबे को लेकर 'जिम्मेदार मानकों' को पूरा करने में विफल रहने के लिए चीनी प्रशासन को फटकार लगाई है। पूर्व सीनेटर और नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा, "यह स्पष्ट है कि चीन अपने अंतरिक्ष मलबे के बारे में जिम्मेदार मानकों को पूरा करने में विफल हो रहा है।"

चीन के 'मैन्ड स्पेस इंजीनियरिंग कार्यालय ने बताया कि चीन के लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट के अवशेष बीजिंग के समयानुसार सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश कर गए और वे 72.47 डिग्री पूर्वी देशांतर और 2.65 डिग्री उत्तरी अक्षांश में समुद्र के एक खुले क्षेत्र में गिरे।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने बताया कि ज्यादातर अवशेष पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश के दौरान ही जल गए। चीन ने इस रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में बनाए जाने वाले अपने तियांगोंग स्‍पेस स्‍टेशन का पहला हिस्‍सा भेजा था। इस रॉकेट में 29 अप्रैल को दक्षिणी द्वीपीय प्रांत हैनान में विस्फोट हो गया था।

इससे पहले पेंटागन ने मंगलवार को कहा थाा कि वह चीन के उस विशाल रॉकेट का पता लगा रहा है जो नियंत्रण से बाहर हो गया और उसके इस सप्ताहांत तक पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करने की संभावना है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने इस हफ्ते मीडिया को बताया था कि रॉकेट के अवशेष जब पृथ्वी की वायुमंडल में प्रवेश करेंगे तो वे जल जाएंगे।चीन आगामी हफ्तों में अपने अंतरिक्ष केंद्र कार्यक्रम के लिए और रॉकेट भेज सकता है क्योंकि उसका उद्देश्य अगले साल तक इस परियोजना को पूरा करने का है। 

इस राज्य में भी लगा 15 दिन का कोरोना कर्फ्यू, जानें क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद

इस राज्य में भी लगा 15 दिन का कोरोना कर्फ्यू, जानें क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद

पणजी। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर खतरनाक रूप ले चुकी है, हालांकि अभी तक इसकी पीक नहीं आई है। लेकिन पिछले कई दिनों से कोरोना वायरस के चार लाख दैनिक मामले सामने आ रहे हैं, जो चिंताजनक हैं। यही नहीं देश के सबसे छोटे राज्य गोवा में कोरोना का कहर तेजी से फैल रहा है।
गोवा में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने वहां 15 दिन का लॉकडाउन लगाने का एलान कर दिया है। ये लॉकडाउन रविवार से शुरू हो जाएगा और 23 मई तक जारी रहेगा। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा कर्फ्यू का एलान किया गया है।
शनिवार को गोवा में एक दिन में कोरोना वायरस के 3751 मामले सामने आए। जबकि कुल संक्रमित मामलों का आंकड़ा बढ़कर 1.16 लाख पहुंच गया है। वहीं एक दिन में गोवा में 55 लोगों की कोरोना वायरस से मृत्यु हो गई और रिकवर मामलों की बात करें तो एक दिन में 3025 मरीजों ने इस वायरस को मात दी और सुरक्षित अपने घर वापस लौटे। गोवा में मृतकों की संख्या 1612 हो गई है तो वहीं सक्रिय मामले 32,387 हैं। आइए जानते हैं कि इस कर्फ्यू के दौरान क्या बंद रहेगा और क्या खुला रहेगा...

कर्फ्यू के दौरान क्या खुला रहेगा?
-मेडिकल की दुकानें
-ग्रॉसरी शॉप
-स्टैंडअलोन शराब की दुकानें
-अस्पताल और मेडिकल सुविधाएं
-बैंक, इंश्योरेंस, कस्टम क्लीयरेंस, एटीएम
खुलने का समय सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक

कर्फ्यू के दौरान क्या बंद रहेगा?
-कसीनो, बार, रेस्त्रां, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स
-ऑडिटोरियम, कम्यूनिटी हॉल, क्रूज, वाटरपार्क
-जिम, पार्लर, सैलून, सिनेमा हॉल, थिएटर
-स्वीमिंग पूल, स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक स्थान और बाजार
 

इंतजार होगा खत्म: असम के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं ये!

इंतजार होगा खत्म: असम के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं ये!

असम में चुनावी नतीजों के बाद से मुख्यमंत्री के नाम को लेकर ऊहापोह की स्थिति आज स्पष्ट हो जाएगी। असम का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका आधिकारिक ऐलान कुछ देर बाद विधायक दलों की बैठक में होगा। मगर अब तक की रेस में हेमंत हिमंत बिस्वा सरमा, सर्बानंद सोनोवाल से आगे चल रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स को मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर जो मंथन हुआ है, उसके हिसाब से भारतीय जनता पार्टी हेमंत बिस्वा सरमा को असम का अगला मुख्यमंत्री बना सकती है। वहीं, सर्बानंद सोनोवाल को बाद में दिल्ली लाया जा सकता है।
असम में बीते छह दिनों से नए मुख्यमंत्री को लेकर भाजपा नेतृत्व में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। इसका हल निकालने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने शनिवार को निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हेमंत बिस्वा सरमा, को दिल्ली बुलाकर उनसे व्यापक चर्चा की है। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के आवास पर लगभग तीन घंटे तक मुलाकातों का यह दौर चला। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी एल संतोष भी मौजूद रहे। संकेत है कि पार्टी ऐसे कोई संकेत नहीं देना चाहती है जिससे कि पार्टी में मतभेद या केंद्रीय नेतृत्व पर दबाब सामने आए। यही वजह है कि रविवार को गुवाहाटी में होने वाली विधायक दल की बैठक के बाद नए नेता की घोषणा की जाएगी।
इस मामले की जानकारी रखने वाले भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री के तौर पर आज दोपहर में हेमंत बिस्वा सरमा के नाम का ऐलान हो सकता है। बता दें कि असम में भाजपा विधायक दल की बैठक रविवार को 11 बजे से शुरू होगी, जिसमें राज्य के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव होगा। एक सप्ताह पहले स्पष्ट बहुमत के साथ राज्य के विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत गठबंधन ने जीत हासिल की थी।
यह बैठक दिन में 11 बजे शुरू होगी और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर तथा पार्टी महासचिव अरुण सिंह केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर भाजपा के असम प्रभारी बैजयंत पांडा भी मौजूद रहेंगे। भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने विधायक दल की बैठक के इंतजाम के लिए शनिवार शाम विधानसभा का दौरा किया।
शनिवार को दिल्ली में हुई बैठक में सबसे पहले हेमंत विश्व सरमा को बुलाकर उनसे बात की। इसके बाद सर्बानंद सोनोवाल को बुलाया गया और उनसे बात की। इन दोनों नेताओं से अलग-अलग मुलाकातों के बाद भाजपा नेतृत्व ने आपस में चर्चा की और फिर दोनों नेताओं को एक साथ बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के सामने पार्टी ने पूरी बात रखी और नए नेता को लेकर सहमति बना ली गई है, लेकिन अभी इसका खुलासा नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि भाजपा नेतृत्व में विधानसभा चुनाव में निवर्तमान मुख्यमंत्री सोनोबाल के चेहरे को आगे नहीं किया गया था और सामूहिक नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरी थी।इसके पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सर्बानंद सोनोवाल को अपना भावी मुख्यमंत्री घोषित किया था। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री होने के बावजूद उनको चेहरा नहीं बनाया गया था। तभी से यह अटकलें लगाई जा रही थी कि सत्ता में आने पर नेतृत्व परिवर्तन होगा।
हेमंत विश्व सरमा भी मुख्यमंत्री पद के लिए प्रबल दावेदारी करते रहे हैं। सूत्रों का पार्टी नेतृत्व ऐसा कोई संकेत नहीं देना चाहता है जिससे कि यह यह लगे कि नेतृत्व दबाब में फैसला कर रहा है। इसलिए इस बात की भी संभावना है यह कुछ समय के लिए सोनोवाल को मुख्यमंत्री बनाए रखा जाए। हालांकि विधायकों की राय देखने पर फैसला होने पर हेमंत का पलड़ा भारी माना जा रहा है। राज्य में 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के अपने साठ विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी दल असम गण परिषद के नौ और यूपीपीएल के छह विधायक चुने गए हैं। इस तरह राजग के साथ 75 विधायकों का समर्थन है।

 

बिहार में मरीजों की बजाय रेती ढोने के काम आ रही BJP सांसद की एंबुलेंस, पप्पू यादव ने वीडियो जारी कर किया दावा

बिहार में मरीजों की बजाय रेती ढोने के काम आ रही BJP सांसद की एंबुलेंस, पप्पू यादव ने वीडियो जारी कर किया दावा

बिहार की जनअधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने एंबुलेंस कांड का भंडाफोड़ किया है। इसका वीडियो पप्पू यादव ने ट्वीट किया है। वीडियो में दिख रहा है कि एक एबुलेंस पर रेती से भरी बोरियां लादी जा रही हैं। एंबुलेंस पर सारण से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी का नाम लिखा हुआ है।
पप्पू यादव ने कसा तंज
सारण (छपरा) से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के अमनौर ऑफिस कैंपस में दर्जनों एंबुलेंस खड़ी मिली थी। इसके बाद से पप्पू यादव और बीजेपी सांसद के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। इस मामले में यादव के खिलाफ राजन कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसी बीच पप्पू यादव ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए रूडी पर तंज कसा है।
 रेती ढोने में हो रहा एंबुलेंस का उपयोग
पूर्व सांसद ने वीडियो ट्वीट कर कहा, 'एंबुलेंस का राजीव प्रताप रूडी जी रेती ढोने में बहुत बेहतरीन उपयोग कर रहे थे। इसके लिए उनके पास ड्राइवर भी उपलब्ध था। लेकिन बीमारों की मदद के लिए एंबुलेंस चलाने के लिए ड्राइवर नहीं था।' इससे पहले रूडी ने अपने कैंपस में खड़ी एबुंलेंस के लिए ड्राइवर न होने की बात कही थी।
रूडी की चुनौती पर पप्पू यादव ने खड़े कर दिया 40 ड्राइवर
पूर्व मंत्री राजीव प्रताप रूडी के प्रशिक्षण केंद्र पर खड़ी एंबुलेंस मामले में उनसे मिली चुनौती का करारा जवाब देते हुए पप्पू यादव ने आज 40 लाइसेंस धारी ड्राइवर खड़े कर दिए और कहा कि बिहार सरकार जहां भी एंबुलेंस को ड्राइवर की जरूरत हो, वे लें जाएं। इसके लिए उन्होंने जाप के राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद सिंह का नंबर 9334123702 जारी किया और कहा कि सरकार इन ड्राइवर को सरकारी नौकरी भी दे। साथ ही उन्होंने महामारी एक्ट के तहत भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी पर मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की।
 

सात लाख रुपये देकर  थाईलैंड से बुलाई कॉल गर्ल, दो दिन बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल में कोरोना से मौत

सात लाख रुपये देकर थाईलैंड से बुलाई कॉल गर्ल, दो दिन बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल में कोरोना से मौत

कोरोना महामारी के बीच राजधानी लखनऊ से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई। यहां थाईलैंड से आई एक कॉल गर्ल की कोरोना से मौत हो गई। पुलिस ने जांच की तो एक के बाद एक कई खुलासे हुए। मालूम चला कि इस कॉल गर्ल को अभी 10 दिन पहले ही लखनऊ के एक टॉप व्यापारी के बेटे ने 7 लाख रुपए खर्च करके थाईलैंड से बुलाया था। 2 दिन बाद ही वह बीमार पड़ गई तो उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 3 मई को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले थाईलैंड एंबेसी में संपर्क करके उसके परिजनों को डेडबॉडी हैंडओवर करने की कोशिश की, लेकिन जब नहीं हो पाया तो शनिवार को एजेंट सलमान की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसी एजेंट के सहारे वह भारत आई थी।

राजस्थान से जुड़े तार
कॉल गर्ल की मौत के बाद पुलिस अब राजधानी में पांव पसार रहे इंटरनेशनल सेक्स रैकेट के बारे में पता करने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि ये भी ट्रेस किया जा रहा है कि इस कॉल गर्ल के संपर्क में और कौन-कौन आया है। पुलिस के अनुसार ये कॉल गर्ल राजस्थान के रहने वाले एक ट्रैवेल एजेंट के संपर्क में थी। उसी ने इसे लखनऊ भेजा था। पुलिस अब इस एजेंट को भी तलाश कर रही है।

लड़के ने खुद थाईलैंड एंबेसी से भी संपर्क किया
पुलिस की जांच में सामने आया है कि व्यापारी के बेटे ने कॉल गर्ल की तबियत बिगड़ने पर खुद थाईलैंड एंबेसी को फोन करके इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद एंबेसी ने भारत के विदेश मंत्रालय की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। 

भारत के इस पड़ोसी देश की पुलिस ने नकली रेमडेसिविर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया

भारत के इस पड़ोसी देश की पुलिस ने नकली रेमडेसिविर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया

अररिया, भारत के पड़ोसी देश नेपाल की पुलिस ने नकली रेमडेसिविर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह के सदस्य नेपाल में 90 रुपये में मिलने वाले एंटीबायोटिक इंजेक्शन ‘स्टासेफ’ की बोतलों में रेमडेसिविर का लेबल लगा कर सात से 35 हजार रुपये में बेचने का काम करते थे. सीमावर्ती इलाका होने के कारण ये गिरोह बिहार के अररिया समेत अन्य जिलों में भी फैला हुआ था. भारत और नेपाल के लोग मिलकर कोरोना काल में ये गोरखधंधा कर रहे थे.


दो दवा दुकानदारों को किया गिरफ्तार


दरअसल, नेपाल के विराटनगर नगर पुलिस की विशेष शाखा को सूचना मिली थी कि दवा दुकानदार नकली दवा का कारोबार कर रहे हैं. सूचना के आधार पर दो दवा दुकानदार सोनू आलम और श्रवण यादव की गिरफ्तारी की गई. उनके पास से नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन भी बरामद किए गए हैं. मोरंग जिले के एसपी संतोष खड़का ने बताया कि विराटनगर में नकली रेमडेसिविर की बिक्री की सूचना मिलने पर कुछ दवा दुकानों में छापेमारी की गई थी. इस दौरान कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.


वायल के एक ही साइज होने का उठाया फायदा


एंटीबायोटिक दवा स्टासेफ और कोरोना के इलाज में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन के डब्बे का साइज एक होने का फायदा ये नकली दवा के कारोबारी उठा रहे थे. ये कोरोना मरीजों को सात से 35 हजार रुपये लेकर नकली रेमडेसिविर देते थे. एसपी खड़का ने बताया कि गिरफ्तार फॉर्मेसी संचालक सोनू आलम यह नकली रेमडेसिविर कहां से लाता था, इसकी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही मिल पाएगी. वहीं, पुलिस सूत्रों की मानें तो भारी मात्रा में स्टासेफ इंजेक्शन की खरीददारी विराटनगर की होलसेल दवा दुकान गणेश ड्रग्स हाउस से की गई थी.


बता दें कि पकड़े गए नकली दवा कारोबारियों का नाम पहले भी दवा तस्करी में आ चुका है. इससे पूर्व टिकुलिया से सटे नेपाल के दरहिया से श्रवण यादव को भारत से रेमडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी में दवा के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था. लेकिन राजनीतिक दबाव के बाद जमानत पर वह रिहा हो गया था.


जोगबनी के रास्ते पूर्णिया तक फैला है जाल


विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस नकली दवा गिरोह के कुछ माफिया अररिया जिले के बथनाहा में भी बैठे हैं, जिसके माध्यम से सम्पर्क स्थापित कर नकली रेमडेसिविर को अस्पताल में भर्ती मरीजों तक सप्लाई किया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो इनके द्वारा इस्लामपुर में बनाये गए अवैध रास्ते और टिकुलिया के रास्ते दवा की तस्करी पुलिस को चकमा देकर की जाती है. 

सुप्रीम कोर्ट ने बनाया नेशनल टास्क फोर्स, इतनी संख्या में मशहूर डॉक्टर शामिल होंगे इस फोर्स में, ये होगा काम

सुप्रीम कोर्ट ने बनाया नेशनल टास्क फोर्स, इतनी संख्या में मशहूर डॉक्टर शामिल होंगे इस फोर्स में, ये होगा काम

नई दिल्ली, देश में ऑक्सीजन के आवंटन, ज़रूरी दवाओं की उपलब्धता और कोविड से निपटने की भविष्य की तैयारियों पर सुझाव देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 12 सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स बनाया है. इस टास्क फोर्स में 10 प्रसिद्ध डॉक्टर होंगे. कैबिनेट सेक्रेट्री या उनकी तरफ से मनोनीत अधिकारी संयोजक और स्वास्थ्य सचिव भी सदस्य होंगे.


कौन हैं इस टास्क फोर्स के मेम्बर


इस टास्क फोर्स में कोर्ट ने वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. भाबातोष बिस्वास, श्री गंगाराम अस्पताल के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के चेयरपर्सन डॉ. देवेंदर सिंह, बेंगलुरू के नारायणा हेल्थकेयर के चेयरपर्सन और एग्जक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी, तमलिनाडू में वेल्लोर के क्रश्चियन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. गगनदीन कांग और इसी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. जेवी पीटर, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहान, मुंबई के फोर्टिस अस्पताल में आईसीयू और क्रिटिकल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. राहुल पंडित को शामिल किया गया है.


इसके अलावा टास्क फोर्स में सर गंगाराम अस्पताल के सर्जिकल विभाग गैस्ट्रोइंटेरोलोजी और लिवर ट्रांस्प्लांट की हेड और चेयरपर्सन डॉ. सौमित्रा रावत, आईएलबीएस दिल्ली के डायरेक्टर और हेपाटोलोजी विभाग के हेड सीनियर प्रोफेसर डॉ. शिव कुमार सरीन, मुंबई के पारसी जनरल अस्पताल और ब्रीच कैंडी अस्पताल और हिंदुजा अस्पताल के कंसल्टेंट चेस्ट फीज़िशियन डॉ ज़रीफ एफ उदवादिया, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के एक्स ऑफिसियो मेम्बर और भारत सरकार के कैबिनेट सेक्रेट्री भी इस टास्क फोर्स का हिस्सा होंगे. कैबिनेट सेक्रेट्री इस टास्क फोर्स के कनवीनर भी होंगे.

 

असम के बाद अब इस राज्य में आया भूकंप...

असम के बाद अब इस राज्य में आया भूकंप...

शिमला। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शनिवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3 रही। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि भूकंप से किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है।
इससे पहले पांच मई को असम के सोनितपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.5 रही। असम में 28 अप्रैल को भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप की तीव्रता 6.4 तीव्रता मापी गई थी।

क्यों आता है भूकंप
धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती हैं। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपन हो जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है।

जानिए भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है?
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से धरती हिलने लगती है। इस स्थान पर या इसके आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा होता है। अगर रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है।
 

बड़ी खबर: अब इस राज्य में दो हफ्ते संपूर्ण लॉकडाउन, 10 से 24 मई तक सबकुछ रहेगा बंद

बड़ी खबर: अब इस राज्य में दो हफ्ते संपूर्ण लॉकडाउन, 10 से 24 मई तक सबकुछ रहेगा बंद

चेन्नई, कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने 10 मई से दो हफ्ते के लिए संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है. 10 से 24 मई तक तमिलनाडु में पूर्ण लॉकडाउन रहेगा. किराना, राशन, मांस की दुकानें दोपहर 12 बजे तक खोलने की अनुमति है. अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को पहले ई-रजिस्ट्रेशन कराना होगा. पर्यटन स्थलों की यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा.


तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. शुक्रवार को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 26,465 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 13 लाख 23 हजार 965 हो गई. बीते 24 घंटे में 197 मरीजों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 15,171 तक पहुंच गई है. बीते दिन 22,381 लोगों को छुट्टी दे दी गई. राज्य में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 1 लाख 35 हजार 355 है. चेन्नई में संक्रमण के 6,738 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 3 लाख 77 हजार 42 हो गई है. शहर में अब तक 5081 मरीजों की मौत हो चुकी है.


तमिलनाडु में कोविड मरीजों का खर्च उठाएगी सरकार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा है कि उनकी सरकार निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों का सारा खर्च उठाएगी. मुख्यमंत्री ने एक आदेश में कहा, राज्य स्वास्थ्य बीमा कवर निजी अस्पतालों में कोविड के इलाज का खर्च वहन करेगा. स्टालिन ने एक और आदेश जारी किया जिसमें तमिलनाडु के हर चावल कार्ड धारकों को 2,000 रुपये देगी. राज्य में लगभग 2.07 करोड़ चावल कार्ड धारक हैं.


स्टालिन ने सार्वजनिक क्षेत्र के 'आविन' दूध ब्रांड की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कमी करने के आदेश पर भी हस्ताक्षर किए. इसके अलावा, साधारण टाउन बसों में महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति देने वाला एक आदेश भी जारी किया गया था. सरकार परिवहन निगमों को सब्सिडी के रूप में 1,200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करेगी.