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मनीष सिसोदिया का बड़ा ऐलान: अरविंद केजरीवाल के बाद अब सिसोदिया भी नहीं जाएंगे कोर्ट, जज को लिखी चिट्ठी

मनीष सिसोदिया का बड़ा ऐलान: अरविंद केजरीवाल के बाद अब सिसोदिया भी नहीं जाएंगे कोर्ट, जज को लिखी चिट्ठी

 आम आदमी पार्टी के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के पदचिन्हों पर चलते हुए अब पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी बड़ा मोर्चा खोल दिया है। सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत का पूर्ण बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सिसोदिया ने जज को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने साफ कह दिया है कि अब न तो वे खुद और न ही उनका कोई वकील अदालत की कार्यवाही में हिस्सा लेगा। दिल्ली की राजनीति में मचे इस घमासान का असर अब देशभर के सियासी हलकों में देखा जा रहा है

क्या है पूरा मामला? क्यों भड़के सिसोदिया?

मामला कथित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें केजरीवाल और सिसोदिया समेत 23 लोगों को क्लीन चिट मिल गई थी। अब इस मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में हो रही है। सिसोदिया का कहना है कि उन्हें इस अदालत से न्याय की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। उन्होंने इसे अपनी लड़ाई का अगला चरण बताते हुए सत्याग्रह का नाम दिया है।

जज पर लगाए गंभीर आरोप, हितों के टकराव का दिया हवाला

मनीष सिसोदिया ने अपने पत्र में जो बातें लिखी हैं, उसने कानूनी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। सिसोदिया ने सीधे तौर पर जज के बच्चों के करियर और केंद्र सरकार के कनेक्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पत्र में दावा किया कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के बच्चों का भविष्य उन लोगों के हाथों में है जो केंद्र सरकार के पैनल में हैं। सिसोदिया ने कड़े शब्दों में लिखा, जब बच्चों का भविष्य तुषार मेहता जी के हाथों में हो, तो कोई निष्पक्ष फैसले की उम्मीद कैसे कर सकता है?

केजरीवाल ने पहले ही कर दिया था किनारा

आपको बता दें कि एक दिन पहले ही अरविंद केजरीवाल ने भी इसी तरह का कदम उठाया था। केजरीवाल ने एक वीडियो जारी कर स्पष्ट किया था कि जब न्यायपालिका की निष्पक्षता पर ही सवाल हों, तो महात्मा गांधी के बताए सत्याग्रह के रास्ते पर चलना ही एकमात्र विकल्प बचता है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने हालांकि केजरीवाल की उस याचिका को पहले ही खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने जज से खुद को केस से अलग करने की मांग की थी। कोर्ट ने इसे न्यायिक संस्था पर हमला बताया था।

अब आगे क्या होगा?

प्रशासन और कानूनी जानकार अब इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आरोपियों और वकीलों की गैरमौजूदगी में अदालत की कार्यवाही कैसे आगे बढ़ेगी। सत्याग्रह के इस नए पैंतरे ने जांच एजेंसियों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिल्ली से लेकर रायपुर तक इस खबर ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में भी आप कार्यकर्ता इसे केंद्र की तानाशाही के खिलाफ बड़ी लड़ाई बता रहे हैं।

बटाला में अंधाधुंध फायरिंग, 2 युवकों की मौत व एक घायल

बटाला में अंधाधुंध फायरिंग, 2 युवकों की मौत व एक घायल

 गरदासपुर : बटाला (जिला गुरदासपुर) के पुलिस स्टेशन घुमान के अधीन आते गांव भोमा में अंधाधुंध फखबरसामने आई है। इस दौरान 2 व्यक्तियों की मौत हो जाने की पुलिस द्वारा पुष्टि की गई है और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

दिल्ली में 5 दिन बंद रहेंगी शराब दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी की ‘ड्राई डे’ लिस्ट

दिल्ली में 5 दिन बंद रहेंगी शराब दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी की ‘ड्राई डे’ लिस्ट

 राजधानी दिल्ली में 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पूरे शहर में शराब की दुकानें बंद रहेंगी। इस संबंध में दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया है। सरकार के फैसले के अनुसार, सिर्फ 1 मई ही नहीं बल्कि आने वाले महीनों में भी कई तारीखों पर शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। मई से सितंबर तक कुछ विशेष दिनों को ‘ड्राई डे’ घोषित किया गया है, जिन दिनों राजधानी में किसी भी प्रकार की शराब की बिक्री नहीं होगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी लाइसेंसधारकों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित दिनों में अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

दिल्ली सरकार ने लाइसेंस धारकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा। सरकार के आदेश के अनुसार, ड्राई डे वाले दिन न केवल शराब की दुकानें बंद रहेंगी, बल्कि बार, क्लब और रेस्टोरेंट में भी शराब की बिक्री और सर्विस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यानी इन दिनों किसी भी रूप में शराब की बिक्री या सप्लाई नहीं की जा सकेगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी दिल्ली सरकार ने विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और महत्वपूर्ण अवसरों को ध्यान में रखते हुए ड्राई डे घोषित किए हैं। इन तारीखों पर एक्साइज नियमों के तहत सख्ती से निगरानी की जाएगी।

कब-कब बंद रहेंगी शराब की दुकानें?

यह निर्णय दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम, 2010 के नियम 52 के प्रावधानों के तहत लागू किया गया है। आबकारी विभाग के अनुसार, तय तारीखों पर राजधानी में शराब की बिक्री, सप्लाई और सर्विस पूरी तरह बंद रहेगी। घोषित ‘ड्राई डे’ में प्रमुख तौर पर बुद्ध पूर्णिमा – 1 मई ,ईद-उल-जुहा – 27 मई ,मुहर्रम – 26 जून ,स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त ,जन्माष्टमी – 9 सितंबर  इन सभी तारीखों पर शराब की दुकानें बंद रहेंगी और बार, क्लब तथा रेस्टोरेंट में भी शराब नहीं परोसी जाएगीa

Assembly Election 2026 : शाम 5 बजे तक बंपर वोटिंग…बंगाल में 89% और तमिलनाडु में 82% मतदान दर्ज

Assembly Election 2026 : शाम 5 बजे तक बंपर वोटिंग…बंगाल में 89% और तमिलनाडु में 82% मतदान दर्ज

 Assembly Election 2026 LIVE : पश्चिम बंगाल की 152 और तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर आज वोटिंग हो रही है। बंगाल में दो चरण में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसमें आज यानी 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग हो रही है। पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। वहीं, तमिलनाडु की बात करें तो यहां सभी सीटों पर एक चरण में ही वोटिंग हो रही है। बीजेपी इन दोनों ही राज्यों में सत्ता में आने के लिए पूरा दमखम लगा रही है। वहीं, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी के लिए सत्ता बचाए रखना बड़ी चुनौती है। तमिलनाडु में एमके स्टालिन के लिए भी एक बार फिर सरकार में आना आसान नहीं होगा।

शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल में 89% मतदान

विधानसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बंपर वोटिंग हुई है। शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल में 89.93 प्रतिशत मतदान हुआ है। वहीं, तमिलनाडु में 82.24 फीसदी मतदान शाम 5 बजे तक हुआ है। दोनों ही राज्यों में वोटिंग को लेकर खासा उत्साह दिखा है।

सुबह 7 बजते ही दोनों राज्यों में वोटिंग शुरू हो गई जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। सुबह 9 बजे तक पश्चिम बंगाल में 18.76% और तमिलनाडु में 17.69% मतदान हुआ। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल समेत पूरे उत्तर और मध्य भारत में लू की चेतावनी जारी की है। ऐसे में ज्यादातर मतदाता सुबह और शाम के समय ही मतदान कर सकते हैं। दोपहर में तेज गर्मी के कारण मतदान कम रह सकता है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 5.73 करोड़ से ज्यादा वोटर 4,023 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

चुनाव आयोग ने लगाई पाबंदी
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे 23 अप्रैल को सुबह छह बजे से मतदान समाप्त होने तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर नहीं जाएं। पहले चरण के चुनाव में गुरुवार को राज्य के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। यहां कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में है। 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता लगभग 44,376 बूथों पर वोट डालेंगे। इनमें 1.84 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिला और 465 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक दिशानिर्देश के अनुसार, उम्मीदवारों को मतदान के समय अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहना चाहिए और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचना चाहिए जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती है। उन्होंने कहा, ”सभी उम्मीदवारों से यह सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जाती है कि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और मतदाता बिना किसी भय या बाधा के अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग कर सकें।” मतदान का दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी।


Petrol Diesel Price : क्या चुनाव के बाद बढ़ जाएगा पेट्रोल-डीजल...मोदी सरकार ने किया साफ, जानें क्या कहा?

Petrol Diesel Price : क्या चुनाव के बाद बढ़ जाएगा पेट्रोल-डीजल...मोदी सरकार ने किया साफ, जानें क्या कहा?

 Petrol Diesel Price In India: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में लगातर अपडेट आ रहा है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जो हालात बन रहे हैं, उन्होंने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज स्ट्रेट पर बन रहे हालात से दुनियाभर में टेंशन का माहौल है। क्योंकि यही वो समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस सप्लाई होता है। ऐसे में तेल के डैम बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भारत में तेल पर अब तक बहुत बड़ा असर देखने को नहीं मिला है, लेकिन इस बात की आशंका जताई जा रही है कि पांच राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद तेल के दाम बढ़ सकते हैं। इसपर अब सरकार ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की है।

सरकार ने क्या कहा?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन तमाम अटकलों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि फिलहाल ईंधन की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक, जो खबरें चल रही हैं, वे पूरी तरह भ्रामक हैं और लोगों में बेवजह डर पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भी मंत्रालय ने इसी बात को दोहराया। वहां साफ लिखा गया कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने को लेकर सरकार कोई विचार नहीं कर रही है। यानी फिलहाल आम लोगों को राहत की ही खबर है।

पिछले चार सालों में ईंधन की कीमतों में स्थिरता-सरकार
मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां पिछले चार सालों में ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनी रही है। सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने कोशिश की है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चाहे जितनी भी उथल-पुथल हो, उसका सीधा असर आम जनता की जेब पर न पड़े। हालांकि, यह भी सच है कि ग्लोबल हालात पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किए जा सकते। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ता है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट जैसी अहम जगह पर, तो उसका असर दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर पड़ सकता है। और ऐसे में कीमतों पर दबाव आना स्वाभाविक है।

अभी भारत में क्या हैं पेट्रोल के दाम?

भारत में पेट्रोल-डीजल रेट की बात करें तो दिल्ली में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है। वहीं मुंबई की बात करें तो वहां 87.67 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल का दाम है।

होर्मुज में एक के बदले 2 जहाज ईरान ने किए जब्त, मित्र देश के जहाजों पर भी एक्शन!

होर्मुज में एक के बदले 2 जहाज ईरान ने किए जब्त, मित्र देश के जहाजों पर भी एक्शन!

 ईरान ने 48 घंटे बाद इजराइल और अमेरिका से अपना बदला ले लिया है. 2 दिन पहले अमेरिका ने ईरान के एक जहाज पर हमला कर दिया था.

ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल से जुड़े 2 जहाजों को अपने कंट्रोल में ले लिया है. इन सभी जहाजों पर बोट के जरिए अटैक किया गया है. ईरानी मीडिया का कहना है कि ग्रीक के एक जहाज पर भी हमला किया गया है, लेकिन यह तय नहीं है कि इसे अभी जब्त किया गया है या नहीं.

जिन जहाजों को ईरान ने कंट्रोल में लिया है, उसका नाम MSC- FRANCESCA और EPAMINODES है. तीसरे जहाज के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है. इन जहाजों पर क्या लदा था, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. सरकारी बयान में आईआरजीसी ने इन जहाजों का कनेक्शन यहूदी शासन से जोड़ा है.

ईरान ने बुधवार को संसद में 12 प्वॉइंट वाला एक प्लान को अमल में लाने की बात कही गई है. इसके तहत होर्मुज से किसी भी इजराइली जहाजों को नहीं गुजरने देने की बात कही गई है. इसके अलावा उसके मित्र देश के जहाजों पर भी ईरान ने एक्शन लेने की बात कही है.

मरीन ट्रैफिक के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने नाव के जरिए ओमान के पास दो जहाजों को घेर लिया. इन जहाजों पर पहले फायरिंग की गई और फिर इसे कब्जे में ले लिया. इसके बाद होर्मुज के पास ग्रीक के एक और जहाज को ईरान ने कब्जे में लिया है.

ईरान संसद में पेश बिल के मुताबिक जो भी होर्मुज में नियमों का पालन नहीं करने वाले जहाजों को पहले जब्त किया जाएगा. इसके बाद उस पर लदे माल से 20 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर वसूला जाएगा.

बताते चले कि इससे पहले रविवार (20 अप्रैल) को ईरान के एक जहाज पर अमेरिकी सेना ने हमला किया था. हमले के बाद अमेरिकी सेना ने इस जहाज को जब्त कर लिया था. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक जहाज पर चीन से मिसाइल बनाने का सामान लदा था. सेंटकॉम ने इस जहाज को अभी तक अपने कंट्रोल में ले रखा है.

परिसीमन पर दक्षिण के राज्यों से पीएम नरेंद्र मोदी ने किया वादा, जानिए भाषण की बड़ी बातें

परिसीमन पर दक्षिण के राज्यों से पीएम नरेंद्र मोदी ने किया वादा, जानिए भाषण की बड़ी बातें

 पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में परिसीमन के अनुपात में कोई बदलाव नहीं होने का आश्वासन देते हुए गुरुवार को लोकसभा में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो भी इसका विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर अपने विचार रखते हुए यह भी कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए और इसका श्रेय वह विपक्षी दलों को भी देने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा, ”हमारे देश में जबसे महिला आरक्षण को लेकर चर्चा शुरू हुई है और जब-जब चुनाव आया है, जिस दल ने महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का विरोध किया है, देश की महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया।” पीएम मोदी ने कहा, ”2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ क्योंकि सब ने (2023 में) सहमति से इसे (महिला आरक्षण विधेयक) पारित किया था। किसी का राजनीतिक फायदा नहीं हुआ, किसी का नुकसान नहीं हुआ।”

आइए जानते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की बड़ी बातें

  1. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ”अगर हम सब साथ में रहेंगे तो इतिहास गवाह है कि यह किसी के राजनीतिक पक्ष में नहीं जाएगा, देश के लोकतंत्र और सामूहिक निर्णय के पक्ष में जाएगा। जिन्हें इसमें राजनीति की बू आ रही है। वे खुद के 30 साल के परिणामों को देख लें। उनका इसमें ही फायदा है। नुकसान से बच जाएंगे। राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं। जो विरोध करेंगे उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
  2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण और परिसीमन के लिए विधेयक एक साथ लाने पर और कुछ राज्यों के साथ भेदभाव होने संबंधी कुछ विपक्षी सदस्यों की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा, ”संविधान ने हमें यहां बैठकर देश को टुकड़ों में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है। ना टुकड़ों में सोच सकते हैं, न टुकड़ों में निर्णय ले सकते हैं। निराधार बात है, इसमें रत्ती भर सचाई नहीं है।”
  3. उन्होंने कहा, ”केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए बवंडर खड़ा किया जा रहा है। मैं बड़ी जिम्मेदारी से आज सदन में कहना चाहता हूं कि दक्षिण हो, उत्तर हो, पूरब हो पश्विम हो, छोटे राज्य हों, बड़े राज्य हों….. निर्णय प्रकिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी। यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी।”
  4. पीएम मोदी ने कहा, ”अतीत में जो सरकारें रहीं, जिनके कालखंड में परिसीमन हुआ और जो अनुपात उस समय से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा और वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी।”
  5. जब तमिलनाडु की एक सांसद ने गारंटी देने की बात कही तो प्रधानमंत्री ने कहा, ”अगर गारंटी शब्द चाहिए तो मैं गारंटी देता हूं, वादा शब्द चाहें ते इसका इस्तेमाल करता हूं। तमिल में केोई अच्छा शब्द हो तो उसका इस्तेमाल करता हूं। नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की कोई जरूरत नहीं है।”
  6. उन्होंने कहा कि जब 25-30 साल पहले महिला आरक्षण का विचार आया था तभी इसे लागू कर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, ”हम सब भाग्यवान हैं कि हमें देश की आधी आबादी को इस राष्ट्र निर्माण की नीति निर्धारण प्रक्रिया में हिस्सा बनाने का सौभाग्य मिला है।” पीएम मोदी ने कहा कि ”हम सभी को इस अहंकार में नहीं रहना चाहिए कि हम नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं। यह उसका अधिकार है।”
  7. उन्होंने कुछ विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि समय-समय पर सभी ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का समर्थन तो किया लेकिन किसी न किसी बहाने से इसे रोकने का प्रयास करते रहे। उन्होंने कहा तरह-तरह की बहानेबाजी और चीजों को उलझाना अब नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ”यहां कुछ लोगों को लगता है कि इसमें मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। अगर आप इसका विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि मुझे इसका राजनीतिक लाभ होगा। लेकिन साथ चलेंगे तो किसी को इसका लाभ नहीं होगा।”
दुश्मन की हर चाल पर ‘अजीत’ की नजर, सेना को मिले 500 हाई-टेक स्वदेशी ड्रोन

दुश्मन की हर चाल पर ‘अजीत’ की नजर, सेना को मिले 500 हाई-टेक स्वदेशी ड्रोन

  नई दिल्ली। भारत की रक्षा ताकत को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चेन्नई की जुप्पा जिओ नेविगेशन टेक्नोलॉजी ने पिछले तीन महीनों में भारतीय सेना को 500 से ज्यादा ‘अजीत’ सीरीज के हाई-टेक ड्रोन सौंपे हैं। ये ड्रोन सेना की फ्रंटलाइन यूनिट्स के लिए तैयार किए गए हैं और दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखने, रियल टाइम जानकारी जुटाने और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

‘अजीत’ ड्रोन छोटे, हल्के और पोर्टेबल हैं, जिन्हें सैनिक आसानी से अपने साथ ले जा सकते हैं। कुछ ड्रोन इतने कॉम्पैक्ट हैं कि बैकपैक में भी रखे जा सकते हैं। इनमें दिन और रात दोनों समय काम करने वाले कैमरे लगे हैं, जिससे हर परिस्थिति में निगरानी संभव है। बड़े मॉडल करीब एक घंटे तक उड़ान भर सकते हैं और कई किलोमीटर तक की दूरी कवर कर सकते हैं।

इन ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत इनकी साइबर सुरक्षा है। आधुनिक युद्ध में ड्रोन हैकिंग, सिग्नल जैमिंग और गलत सिग्नल देकर सिस्टम को भ्रमित करने का खतरा बढ़ गया है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इन्हें तैयार किया गया है। इनमें ‘नवगति’ नाम का ऑटो पायलट सिस्टम लगा है, जो बिना GPS के भी काम कर सकता है। यानी जहां सिग्नल उपलब्ध नहीं होते या इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर की स्थिति होती है, वहां भी ये ड्रोन अपना मिशन पूरा करने में सक्षम हैं।

सेना के जवानों को इन ड्रोन के संचालन और रखरखाव की ट्रेनिंग भी दी गई है। साथ ही एक साथ कई ड्रोन उड़ाने यानी स्वॉर्म ऑपरेशन की भी ट्रेनिंग दी गई है, जिससे बड़े इलाके की निगरानी और ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। ये ड्रोन STQC से प्रमाणित हैं और सुरक्षा व गुणवत्ता के सभी मानकों पर खरे उतरे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहले भारत विदेशी और खासकर चीनी ड्रोन सिस्टम पर निर्भर था, लेकिन अब स्वदेशी तकनीक के जरिए देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ‘अजीत’ सीरीज के ड्रोन इसी बदलाव का बड़ा उदाहरण हैं, जो भारतीय सेना को आधुनिक युद्ध के लिए और अधिक सक्षम बना रहे हैं।

 
संसद के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू, लोकसभा में पेश हुआ परिसीमन बिल

संसद के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू, लोकसभा में पेश हुआ परिसीमन बिल

 नई दिल्ली। आज से संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र शुरू हो चुका है। जिसमें कई अहम विधायी प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इसमें 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण कानून को लागू करना और लोकसभा की सदस्य संख्या को बढ़ाकर 850 तक करना है।

वहीं वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश कर दिया है। इसी के साथ ही आज दोपहर करीब 3 बजे पीएम मोदी सदन को संबोधित करेंगे।

BREAKING : बिहार कैबिनेट के विभागों में बंटवारा, CM चौधरी के पास 29 विभाग, जानिए किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

BREAKING : बिहार कैबिनेट के विभागों में बंटवारा, CM चौधरी के पास 29 विभाग, जानिए किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

 डेस्क। बिहार कैबिनेट का विभागों का बंटवारा किया गया है। CM सम्राट चौधरी ने 29 विभाग अपने पास रखे हैं, जिनमें गृह, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन, कला एवं संस्कृति और खेल शामिल हैं।

वहीं, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जनसंपर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण सहित कुल 10 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है. इन विभागों को सरकार के लिए अहम माना जाता है, जिससे उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है. दूसरे उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन सहित कुल 8 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

 

सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए CM, BJP विधायक दल की बैठक में लगी मुहर, कल लेंगे शपथ

सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए CM, BJP विधायक दल की बैठक में लगी मुहर, कल लेंगे शपथ

 पटना: सम्राट चौधरी बिहार के नए CM होंगे. उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है. कल 15 अप्रैल को लोकभवन में शपथग्रहण समारोह होगा. आज नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया. वे सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ एक ही गाड़ी से राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा. इस्तीफे के बाद उन्होंने X पर लिखा- 'अब नई सरकार यहां का काम देखेगी. नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग रहेगा. आगे भी बहुत अच्छा काम होगा, बिहार बहुत आगे बढ़ेगा. '

सम्राट चौधरी न राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पाठशाला से निकले हैं और न ही बीजेपी से अपनी सियासी पारी की आगाज किया है. इसके बाद भी बीजेपी की मिट्टी में सम्राट इस तरह फले फूले के बिहार के चौधरी बनकर उभरे हैं.
 
राबड़ी देवी की आरजेडी सरकार में सम्राट सबसे युवा मंत्री रहे तो मांझी की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने, लेकिन सियासी बुलंदी बीजेपी में मिली. बीजेपी में आए हुए सम्राट चौधरी को सिर्फ 8 साल ही हुए हैं, लेकिन राजनीतिक पिच पर उन्होंने तमाम दिग्गज नेताओं को पीछे छोड़ दिया है.
सम्राट चौधरी को सियासत अपने पिता शकुनी चौधरी से विरासत में मिली है. शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति के दिग्गज नेता रहे हैं, जो कांग्रेस से लेकर समता पार्टी और आरजेडी तक में रहे. विधायक से लेकर सांसद तक का सफर तय किया, बिहार की सियासत में ओबीसी चेहरा माने जाते थे. सम्राट चौधरी अपने पिता शकुनी चौधरी के राजनीतिक ताकत के सहारे सियासी पिच पर उतरे और फिर पलटकर नहीं देखा.
 
 
 
सम्राट चौधरी (राकेश कुमार) बिहार की राजनीति में एक प्रमुख भाजपा नेता हैं, जिन्होंने 1990 के दशक में आरजेडी से अपने सियासी सफर की शुरुआत की. दिग्गज नेता शकुनी चौधरी के बेटे, सम्राट 19 साल की उम्र में मंत्री बने थे. 1999 में राबड़ी देवी सरकार में सबसे युवा मंत्रियों में से एक बने, उनके पिता समता पार्टी छोड़कर लालू यादव के साथ आए थे. इसके बदले में लालू ने सम्राट चौधरी को एमएलसी बनाकर मंत्री बनाया था, लेकिन उम्र को लेकर सियासी विवाद छिड़ा, जिसके बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.
 
 
सम्राट चौधरी ने आरजेडी छोड़कर जेडीयू में शामिल हो गए. 2014 में नीतीश कुमार ने सीएम पद छोड़ा तो जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया गया था. सम्राट चौधरी बिहार में मांझी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने. मांझी के बाद नीतीश दोबारा से सीएम बने तो सम्राट चौधरी को कैबिनेट में जगह नहीं मिल सकी. जेडीयू में बहुत ज्यादा राजनीतिक तवज्जे नहीं मिलने से सम्राट कुमार का नीतीश कुमार से सियासी मोहभंग हो गया, जिसके चलते उन्होंने जेडीयू को अलविदा कह दिया.
 
जेडीयू छोड़ने के बाद सम्राट चौधरी ने साल 2018 में बीजेपी का दामन थाम लिया. सम्राट चौधरी भले ही कई दलों से होते हुए बीजेपी में आए हों, लेकिन उन्हें सियासी बुलंदी बीजेपी में ही मिली है. बीजेपी की मिट्टी में खूब फले फूले. 2017 में सम्राट चौधरी बीजेपी में एंट्री करते हैं और आज प्रदेश भाजपा के नंबर वन पोजीशन पर विराजमान हो गए. 2019 में नित्यानंद राय जब प्रदेश अध्यक्ष थे तो सम्राट चौधरी को उपाध्यक्ष बनाया गया.
 
सम्राट चौधरी बीजेपी में शामिल हुए तो उस वक़्त एनडीए की सरकार में उन्हें पंचायती राज मंत्री भी बनाया गया था. 2020 में बीजेपी से विधान परिषद पहुंचते हैं. अगस्त 2022 में जब नीतीश कुमार ने बीजेपी से नाता तोड़कर आरजेडी के साथ महागठबंधन सरकार बनाई थी, तब सम्राट चौधरी को सियासी पहचान मिली. सम्राट चौधरी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बने. साल 2023 में सम्राट चौधरी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने और इसके बाद नीतीश कुमार दोबारा से एनडीए में वापसी की तो डिप्टीसीएम की कुर्सी सौंप दी गई.
 
2025 के विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों के के निशाने पर सबसे ज्यादा सम्राट चौधरी की रहे, जिसका नतीजा था कि एनडीए की वापसी हुई तो फिर डिप्टीसीएम बनाए गए. अब मुख्यमंत्री की कुर्सी चंद कदम दूर रह गई है. बीजेपी उनके कोइरी समाज के सियासी ताकत को देखते हुए राजनीतिक अहमियत देने का काम किया.

 

17 अप्रैल को होगा राज्यसभा उपसभापति का चुनाव, सुबह 11 बजे से प्रक्रिया शुरू

17 अप्रैल को होगा राज्यसभा उपसभापति का चुनाव, सुबह 11 बजे से प्रक्रिया शुरू

 डेस्क। राज्यसभा सचिवालय ने घोषणा की है कि उपसभापति पद के लिए चुनाव शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा। यह चुनाव सदन में आवश्यक कागजात और रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद संपन्न होगा।

उपसभापति पद के लिए यह चुनाव संसद के उच्च सदन में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें विभिन्न दलों के बीच सहमति या मुकाबला देखने को मिल सकता है। चुनाव प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय पर सदस्यों द्वारा मतदान किया जाएगा और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाने की संभावना है।

 
ACCIDENT:-वैन और सीमेंट मिक्सर गाड़ी की जोरदार टक्कर, 11 लोगों की मौत, दो घायल

ACCIDENT:-वैन और सीमेंट मिक्सर गाड़ी की जोरदार टक्कर, 11 लोगों की मौत, दो घायल

 ठाणे।  महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोमवार को भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। जानकारी के अनुसार वैन और सीमेंट मिक्सर गाड़ी की टक्कर होने से 11 लोगों की मौत हो गई। जबकि हादसे में दो लोग घायल हुए हैं।

यह घटना सुबह करीब 11:30 बजे मुरबाड के गोविली गांव में रैता पुल पर हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विपरीत दिशा से आ रहे एक सीमेंट मिक्सर से वैन की सीधी टक्कर हो गई। इस टक्कर की भयावहता इतनी अधिक थी कि वैन में सवार 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

शांति वार्ता फेल हुई तो ट्रंप ने किया होर्मुज स्ट्रेट नाकेबंदी का ऐलान, कच्चे तेल की कीमतों में आएगी भारी उछाल!

शांति वार्ता फेल हुई तो ट्रंप ने किया होर्मुज स्ट्रेट नाकेबंदी का ऐलान, कच्चे तेल की कीमतों में आएगी भारी उछाल!

 US Iran War Update:  शनिवार 11 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर शांति वार्ता बुलाई गई थी। लेकिन 21 घंटे तक चली शांति वार्ता बिना किसी नतीजे पर पहुंचे खत्म हो गई। इससे अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की संभावनाएं भी धुंधली हो गईं। वहीं इस शांति वार्ता के फेल होने से पाकिस्तान की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी बेइज्जती हो रही है। तो वहीं दूसरी ओर ईरान ने होर्मुज खोलने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि अमेरिका सोमवार से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों पर नाकाबंदी (ब्लॉकेड) लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर नजर रखी जाएगी और उन्हें रोका जा सकता है। शांति वार्ता के असफल होने से डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान की सैन्य मदद की, तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगा देगा।

बता दें कि, मिडिल ईस्ट का बड़ा हिस्सा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। ईरान का दावा है कि, होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके कंट्रोल में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना जरूरी होगा। अगर  होर्मुज में पूरी तरह नाकेबंदी होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इसी वजह से अमेरिकी नौसेना ने ईरानी टैंकरों को पूरी तरह रोकने से बचा हुआ था, ताकि बाजार में तेल की सप्लाई बनी रहे और कीमतें ज्यादा न बढ़ें।

19 या 20 अप्रैल कब है अक्षय तृतीया…? यहां देखें क्या है इसकी सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

19 या 20 अप्रैल कब है अक्षय तृतीया…? यहां देखें क्या है इसकी सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

 Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में तीज त्योहारों का विशेष महत्व होता है। ठीक वैसे ही अक्षय तृतीया का भी खास महत्व होता है। इसे आखा तीज और अक्ती के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया जप, तप व दान कभी व्यर्थ नहीं जाता है। ऐसा करने से युगों-युगों तक इनका पुण्य फल प्राप्त होता है। तो चलिए जानते हैं इस बार अक्षय तृतीया कब मनाई जाएगी।

पंचांग के अनुसार, 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 45 मिनट से लेकर 20 अप्रैल को  7 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। इस समय में देवी मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना गया है। इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती है। मसलन विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय, संपत्ति क्रय और मांगलिक कार्य इस दिन बिना मुहूर्त के किए जा सकते हैं।

पूजा विधि

अक्षय तृतीया वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहने और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं और रोली, चंदन, फूल और फल अर्पित करें। इसके बाद मिठाई का भोग लगाकर तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करें
इस पूजा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।

 बता दें कि, अक्षय तृतीया का दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन संपत्ति और निवेश से जुड़े कार्य करना अत्यंत शुभ माना गया जाता है. सोना-चांदी खरीदना, भूमि या भवन खरीदना, नया व्यवसाय शुरू करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया दान, जप और खरीदारी अक्षय फलदायी मानी जाती है। कई लोग इस दिन नए कार्य, व्यापार या निवेश की शुरुआत को भी शुभ मानते हैं।

पंचतत्व में विलीन हुई सुरों की मल्लिका आशा भोसले, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

पंचतत्व में विलीन हुई सुरों की मल्लिका आशा भोसले, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

  मुंबई। भारत की मशहूर और सुरों की मल्लिका आशा भोसले का कल रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से पूरा देश शोक में डूबा हुआ है और संगीत का एक स्वर्णिम युग हमेशा के लिए यादों में बदल गया है। वहीं आज सोमवार को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान और विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे आनंद ने उन्हें नम आंखों से मुखाग्नि दी।

बता दें कि, मशहूर सिंगर आशा भोसले के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया। लोग मुंबई में उनके घर पर उन्हें आखिरी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। उनके अंतिम दर्शन के लिए सिनेमा, खेल और राजनीति जगत की दिग्गज हस्तियां पहुंचीं।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, एआर रहमान, शबाना आजमी, रणवीर सिंह, तब्बू, जैकी श्रॉफ, फरहान अख्तर, सचिन तेंदुल्कर, मोहम्मद शिराज, विक्की कौशल, हेलन और अनुराधा पौडवाल जैसे कलाकारों और खेल जगत के दिग्गजों ने उन्हें नमन किया।

सैलरी की मांग को लेकर भारी बवाल, कर्मचारियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ कर लगाई आग, भारी पुलिस बल तैनात

सैलरी की मांग को लेकर भारी बवाल, कर्मचारियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ कर लगाई आग, भारी पुलिस बल तैनात

  नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा के फेज-2 इलाके में बीते कुछ दिनों से भारी बवाल देखने को मिल रही है। जहां वेतन वृद्धि को लेकर कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन देखते ही देखते इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। जिसके बाद पुलिस और कर्मचारियों के बीच झड़प हो गई। आक्रोशित भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ की। जिसका वीडियो भी सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, आज सुबह एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी वेतन की मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे। । इस दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और कुछ स्थानों पर गाड़ियों और संपत्ति में तोड़फोड़ तथा पथराव की घटनाएं सामने आईं। हालात बिगड़ने के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।  आक्रोशित भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। कंपनी में भी तोड़फोड़ की गई। इस दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

बता दें कि, कर्मचारी नोएडा की कंपनी में काम करते हैं और काफी समय से सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि, उन्हें 9 से 13 हजार की सैलरी में 10-10 घंटे काम करवाया जाता है, जबकि वे बेहतर वेतन और कार्य समय में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है की 8 घंटे की ड्यूटी हो और सैलरी 20 हजार हो। तीन दिन से मजदूरों की पुलिस और प्रशासन से बातचीत चल रही थी लेकिन आज अचानक से मजदूर उग्र हुए और तोड़फोड़ शुरू कर दी।

वहीं हालात बिगड़ते देख डीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाइश देते हुए आश्वासन दिया की उनकी सैलरी से जुड़ी सभी समस्याएं सुलझा ली जाएंगी। हंगामे के कारण राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है।

 
नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में बोले पीएम मोदी : सामाजिक न्याय सिर्फ नारा नहीं रहेगा

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में बोले पीएम मोदी : सामाजिक न्याय सिर्फ नारा नहीं रहेगा

 नई दिल्ल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। इस कार्यक्रम का आयोजन ऐसे समय में किया जा रहा है जब सरकार ने आगामी 16-18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम के गायन के साथ हुई।  


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोलते हुए और महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, '' देश की विकास यात्रा के अहम पड़ावों के बीच भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक निर्णय लेने जा रहा है। यह फैसला नारी शक्ति को और नारी शक्ति वंदन को समर्पित है। हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। यह इतिहास अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।'' 

सामाजिक न्याय सिर्फ नारा नहीं रहेगा : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, ''यह एक ऐसे समतामूलक भारत के निर्माण का संकल्प है, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ नारा नहीं हो। लेकिन हमारी कार्यसंस्कृति, हमारी निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हो। राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय 16, 17 और 18 अप्रैल है।''

उन्होंने आगे कहा, ''2023 में नई संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में प्रथम कदम उठाया था। वह समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे, इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है। आज इस कार्यक्रम के जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं-बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।''
महिलाओं को एक नए युग के आगमन की बधाई : प्रधानमंत्री
उन्होंने कहा कि मैं भारत की सभी महिलाओं को एक नए युग के आगमन की बधाई देता हूं। लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा है। इश विमर्श को चार दशक यानी चालीस साल बीत गए। इसमें सभी पार्टियों के और कई पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था, तब सभी दलों ने एक सुर में इसे पारित कराया था।

इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान महिलाओं को लेकर जमीनी स्तर पर कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में विदेश मंत्री से लेकर वित्त मंत्री तक के बड़े पदों पर महिलाएं रहीं। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि मोदी सरकार के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे भी काम करने का मौका मिला है। सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम राष्ट्रीय निर्माण की नई और प्रेरक गाथा का उत्सव है। यह वह पावन क्षण है, जब संकल्प, समर्पण और सफलता का संगम हमारे सामने साकार हो रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम हमारी मातृशक्ति के वर्षों के संघर्ष और साधना की लोकतांत्रिक सिद्धि का महापर्व है।

शासन और नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भूमिका
इस सम्मेलन के आयोजन का मकसद पंचायतों से लेकर संसद तक, सभी स्तरों पर शासन और नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करना है। महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधन पर चर्चा के लिए बुलाए गए विशेष संसद सत्र से पहले पीएम नरेंद्र मोदी विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में शिरकत करते हुए महिला आरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराएंगे।

बंगाल की जनता ने दीदी को टाटा-बाय-बाय कहने का निर्णय ले लिया : अमित शाह

बंगाल की जनता ने दीदी को टाटा-बाय-बाय कहने का निर्णय ले लिया : अमित शाह

  कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बीरभूम में गृहमंत्री अमित शाह ने एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने टीएमसी पर कड़ा प्रहार किया। शाह ने कहा बंगाल में पांच मई को भाजपा की सरकार बनने वाली है। मैं पूरे बंगाल में घूमता हुआ बीरभूम आया हूं। दीदी को टाटा-बाय-बाय कहने का निर्णय बंगाल की जनता ने ले लिया है। शाह ने कहा कि इस बार बीरभूम को एक रिकॉर्ड बनाना है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सभी 11 सीटें भाजपा को दें और राज्य में भाजपा सरकार बनाएं। 
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, 'दीदी, आपके गुंडों के बम धमाकों से बंगाल की जनता अब नहीं डरेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की जनता बम का जवाब बैलेट से देगी और भय का जवाब भरोसे से देगी। उन्होंने लोगों से कहा कि आप बैलेट मशीन पर कमल का निशान दबाइए, ममता के सारे गुंडों को ढूंढने का काम भाजपा की सरकार करेगी।

 

 

गृहमंत्री ने कटमनी और सिंडिकेट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जनता इससे बहुत परेशान है। अगर किसी गरीब को घर बनाने के लिए ईंट या सीमेंट लाना है, तो ममता के सिंडिकेट वाले पैसे मांगते हैं। शाह ने वादा किया कि आप ममता को यहां से निकाल दो, कटमनी और सिंडिकेट वालों को उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम भाजपा की सरकार करेगी।

अमित शाह ने कहा कि बंगाल में चार मई के बाद डबल इंजन सरकार बनने वाली है। इसके साथ ही बंगाल के अंदर विकास का नया दौर शुरू होने वाला है। उन्होंने टीएमसी पर हमला करते हुए कहा कि इस पार्टी ने मयूरेश्वर को बम और बारूद की खदान बना दिया है। शाह ने आरोप लगाया कि 2013 से लेकर 2021 तक भाजपा कार्यकर्ताओं को बहुत परेशान किया गया है।

 

 

उन्होंने टीएमसी के गुंडों को सख्त चेतावनी दी। शाह ने कहा, 'मैं आज टीएमसी के गुंडों को कहकर जाता हूं कि 23 अप्रैल को अपने घर में बंद रहना, वरना पांच मई को चुन-चुनकर जेल की सलाखों के पीछे डालने का काम हम करेंगे।' उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि 23 अप्रैल को ममता दीदी का कोई भी गुंडा उनका बाल भी बांका नहीं कर पाएगा। शाह ने सुरक्षा व्यवस्था पर जानकारी देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने यहां 800 से ज्यादा कंपनियां भेजी हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं, इसलिए किसी भी नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है।

 

अमित शाह ने कहा कि यह चुनाव घुसपैठियों को बाहर निकालने का चुनाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता दीदी और भतीजा उनको नहीं निकाल सकते। वे तो बीएसएफ (BSF) को बाड़ लगाने के लिए जमीन भी नहीं देते हैं। शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनते ही 45 दिन के अंदर बंगाल की पूरी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन दे दी जाएगी।


उन्होंने आगे कहा कि भाजपा न केवल बंगाल, बल्कि पूरे देश से चुन-चुनकर घुसपैठियों को बाहर निकालेगी। महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए शाह ने कहा कि ममता दीदी कहती हैं कि महिलाओं को शाम सात बजे के बाद बाहर नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर ऐसा बंगाल बनेगा, जहां रात 1 बजे भी छोटी बच्ची स्कूटी पर सुरक्षित निकल सकेगी। शाह ने कहा भाजपा के शासन में संदेशखाली, आरजी कर, दुर्गापुर लॉ कॉलेज या साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज जैसी घटनाएं फिर कभी नहीं होंगी।

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सोमवार को राज्य में पांच बड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अमित शाह सबसे पहले बीरभूम जिले में दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पहली सभा दोपहर सैंथिया में होगी। इसके बाद वह दोपहर एक बजकर 15 मिनट खैरासोल में दूसरी सभा करेंगे। दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर वह पश्चिम बर्धमान जिले के रानीगंज में एक और जनसभा को संबोधित करेंगे। शाम चार बजे वह दुर्गापुर के स्टील सिटी में एक भव्य रोडशो करेंगे। उनके दिन का आखिरी कार्यक्रम रात आठ बजे दुर्गापुर में होगा। यहां वह एक सांगठनिक बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

 

 

 

अमित शाह के इन कार्यक्रमों के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में एक बहुत जरूरी सुनवाई भी होनी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच यह तय करेगी कि क्या 27 लाख लोग वोट डाल पाएंगे या नहीं। इन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। अब कोर्ट को फैसला करना है कि क्या ये लोग 23 और 29 अप्रैल को होने वाले चुनाव में मतदान कर सकेंगे। 

 

 

पीएम ने सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स को लिखा पत्र, किया ये अनुरोध

पीएम ने सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स को लिखा पत्र, किया ये अनुरोध

 PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक पत्र लिखा, जिसमें उनसे सहायता के लिए अनुरोध किया। 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ी एक ऐतिहासिक चर्चा होने वाली है… काफी सोच-विचार के बाद, हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि अब समय आ गया है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पूरे देश में सही मायने में लागू किया जाए।

यह ज़रूरी है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और असेंबली चुनाव महिला रिज़र्वेशन के साथ कराए जाएं… मैं यह लेटर इसलिए लिख रहा हूं ताकि हम सब एक आवाज़ में इस अमेंडमेंट को पास कर सकें। यह बहुत अच्छा होगा अगर कई पार्लियामेंट मेंबर पार्लियामेंट में इस विषय पर अपने विचार रखें। यह किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर का पल है… मुझे पूरा भरोसा है कि हम सब एक साथ आएंगे और संसद में यह ऐतिहासिक कामयाबी हासिल करेंगे। जो पार्लियामेंट मेंबर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में योगदान देंगे, उन्हें इस ऐतिहासिक कोशिश का हिस्सा होने पर हमेशा गर्व होगा।