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PMModi: दुनिया में बढ़ते ईंधन संकट पर PM मोदी अलर्ट, देशवासियों से बोले- अब ये करना होगा

PMModi: दुनिया में बढ़ते ईंधन संकट पर PM मोदी अलर्ट, देशवासियों से बोले- अब ये करना होगा

 PMModi: पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से राष्ट्रहित में कई बड़े संकल्प लेने की अपील की है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय लगातार संकटों से गुजर रही है। पहले कोरोना महामारी और उसके बाद यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया, जिसका असर आज भी खाद्यान्न, ईंधन और खाद की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करते हैं, उन्हें अब अतिरिक्त सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं। भारत के पास तेल के पर्याप्त भंडार नहीं हैं, इसलिए बड़ी मात्रा में ईंधन विदेशों से खरीदना पड़ता है। इससे देश की विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। ऐसे समय में हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह ईंधन की बचत कर देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दे। पीएम मोदी ने कहा कि अगर हर व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा प्रयास करे तो देश अरबों रुपये की विदेशी मुद्रा बचा सकता है।
पीएम मोदी ने कोरोना काल की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय लोगों ने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को तेजी से अपनाया था। इससे न सिर्फ समय की बचत हुई बल्कि यात्रा कम होने से ईंधन की खपत भी घटी थी। उन्होंने कहा कि अब समय की मांग है कि इन व्यवस्थाओं को फिर से प्राथमिकता दी जाए। जिन कामों को ऑनलाइन किया जा सकता है, उन्हें अनावश्यक यात्रा के बजाय डिजिटल माध्यम से पूरा किया जाए।

प्रधानमंत्री ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध है, वहां निजी वाहनों की जगह मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए। यदि कार से सफर जरूरी हो तो कार पूलिंग अपनाई जाए ताकि कम ईंधन खर्च हो। इसके साथ ही उन्होंने रेलवे फ्रेट सेवाओं के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रेनों से माल परिवहन करने पर डीजल की खपत काफी कम होती है। जिन लोगों के पास इलेक्ट्रिक वाहन हैं, उन्हें भी अधिक से अधिक उनका उपयोग करना चाहिए।

पीएम मोदी ने देशवासियों से कम से कम एक साल तक विदेश यात्रा टालने की भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि आजकल मध्यम वर्ग में डेस्टिनेशन वेडिंग, विदेशी टूर और विदेशों में छुट्टियां मनाने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में ही कई खूबसूरत पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जहां लोग घूमने जा सकते हैं और इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने सोने की खरीदारी को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पहले जब देश संकट में होता था तो लोग राष्ट्रहित में सोना दान करते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में यह संकल्प जरूर लिया जा सकता है कि अगले एक साल तक कोई नया सोने का आभूषण नहीं खरीदा जाएगा। इससे अनावश्यक आयात कम होगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में देश को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतवासी अगर जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ छोटे-छोटे संकल्प लें, तो देश हर चुनौती का मजबूती से सामना कर सकता है।

PF Money via ATM: अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा! करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

PF Money via ATM: अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा! करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

 PF Money via ATM: देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब जल्द ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य ATM और UPI के जरिए अपने PF खाते से रियल टाइम में पैसे निकाल सकेंगे। लंबे समय से कर्मचारी इस सुविधा का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में PF का पैसा निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम करना पड़ता है और रकम खाते में आने में कई बार 7 से 15 दिन तक लग जाते हैं। अब EPFO अपने सिस्टम को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है, जिससे PF निकासी पहले से कहीं ज्यादा आसान और फास्ट हो जाएगी।

जानकारी के मुताबिक EPFO इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है और संभावना जताई जा रही है कि मई 2026 के आखिर तक ATM और UPI के जरिए PF निकासी की सुविधा शुरू हो सकती है। इस सुविधा के लागू होने के बाद कर्मचारियों को इमरजेंसी में पैसों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खासतौर पर मेडिकल इमरजेंसी, अस्पताल खर्च या किसी जरूरी जरूरत के समय कर्मचारी सीधे ATM या UPI के जरिए तुरंत पैसा निकाल सकेंगे।

फिलहाल PF निकालने की प्रक्रिया काफी लंबी मानी जाती है। कर्मचारी को EPFO पोर्टल पर क्लेम फाइल करना होता है, फिर दस्तावेजों का वेरिफिकेशन होता है और उसके बाद रकम बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। कई बार तकनीकी दिक्कतों या अधूरे दस्तावेजों की वजह से क्लेम रिजेक्ट भी हो जाता है। ऐसे में नई सुविधा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार PF खाताधारक अपने कुल जमा PF अमाउंट का केवल 50 प्रतिशत हिस्सा ही ATM या UPI के जरिए निकाल सकेंगे। बाकी रकम के लिए पुराने पोर्टल सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा। इस सुविधा का लाभ वही कर्मचारी उठा पाएंगे जिनका UAN एक्टिव होगा, आधार लिंक होगा, मोबाइल नंबर अपडेट होगा और नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी होगी। EPFO ने ऐसे कर्मचारियों से जल्द जरूरी अपडेट पूरा करने की अपील की है।

सुरक्षा को लेकर भी EPFO विशेष तैयारी कर रहा है। एक्सपर्ट्स के सवालों के बीच संगठन मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। इसमें आधार आधारित OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसे सेफ्टी फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं, ताकि खाताधारकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे।नई सुविधा शुरू होने के बाद करोड़ों कर्मचारियों को अपने PF पैसे के लिए दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और जरूरत पड़ते ही वे ATM या UPI के जरिए तुरंत रकम निकाल सकेंगे।

POLITICAL NEWS: तमिलनाडु के नए CM विजय को PM मोदी का फोन, सरकार गठन पर दी बधाई

POLITICAL NEWS: तमिलनाडु के नए CM विजय को PM मोदी का फोन, सरकार गठन पर दी बधाई

 POLITICAL NEWS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को फोन कर राज्य में नई सरकार बनने पर बधाई दी है। तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख विजय ने रविवार सुबह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे टेलीफोन पर बातचीत कर आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच राज्य के विकास और केंद्र-राज्य सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सी. जोसेफ विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर राज्य के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।

विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही अपने मंत्रिमंडल का भी गठन किया। उनके साथ 9 विधायकों ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु और सेल्वी एस कीर्तना शामिल हैं। विजय की नई कैबिनेट में युवा चेहरों और अनुभवी नेताओं का संतुलन देखने को मिला है।

तमिलनाडु की राजनीति में विजय के मुख्यमंत्री बनने को बड़ा राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है। फिल्म इंडस्ट्री से राजनीति में आए विजय ने कम समय में मजबूत जनसमर्थन हासिल कर राज्य की सत्ता तक पहुंच बनाई है। अब उनकी सरकार से जनता को कई बड़े फैसलों और नई योजनाओं की उम्मीदें हैं।
POLITICAL : तमिलनाडु में आज से TVK सरकार, CM विजय के साथ 9 मंत्री भी लेंगे शपथ

POLITICAL : तमिलनाडु में आज से TVK सरकार, CM विजय के साथ 9 मंत्री भी लेंगे शपथ

 तमिलनाडु। तमिलनाडु की राजनीति में आज नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। अभिनेता से नेता बने तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय रविवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में होने वाला यह भव्य शपथ ग्रहण समारोह पूरे देश की नजरों में बना हुआ है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बहुमत समर्थन पत्र सौंपे जाने के बाद विजय को औपचारिक रूप से सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था।

विजय के साथ उनकी नई कैबिनेट के 9 विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक विजय गृह, पुलिस और सामान्य प्रशासन जैसे अहम विभाग अपने पास रख सकते हैं। वहीं संभावित मंत्रियों की सूची भी सामने आ गई है। इसमें के.ए. सेंगोट्टैयन, आधव अर्जुन, राज मोहन, निर्मल कुमार, आनंद राज मोहन, डॉ. टीके प्रभु, पी. वेंकटरमण, कीर्तन और अरुण राज के नाम शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार के.ए. सेंगोट्टैयन को लोक निर्माण विभाग (PWD), आधव अर्जुन को खेल विकास विभाग और राज मोहन को आदि द्रविड़ कल्याण विभाग मिल सकता है। वहीं निर्मल कुमार को बिजली विभाग, अरुण राज मोहन को वाणिज्यिक कर और पंजीयन विभाग तथा आनंद को नगर प्रशासन विभाग दिए जाने की चर्चा है। इसके अलावा पी. वेंकटरमण को स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि कांग्रेस को भी नई सरकार में जगह मिल सकती है। कांग्रेस नेताओं राजेश कुमार और विश्वनाथन को मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन अकेले बहुमत से थोड़ा पीछे रह गई। इसके बाद कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन से विजय गठबंधन ने 120 विधायकों का आंकड़ा पार कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। अब विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है।

पश्चिम बंगाल में आज इतिहास रचेगी BJP, शुभेंदु अधिकारी लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, कोलकाता में जुटेंगे देशभर के दिग्गज नेता

पश्चिम बंगाल में आज इतिहास रचेगी BJP, शुभेंदु अधिकारी लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, कोलकाता में जुटेंगे देशभर के दिग्गज नेता

 कोलकाता।  पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय लिखे जाने जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन के बाद पहली बार भारतीय जनता पार्टी राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी आज 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। सुबह 11 बजे होने वाला यह समारोह सिर्फ एक शपथ ग्रहण कार्यक्रम नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में बड़े सत्ता परिवर्तन का प्रतीक माना जा रहा है। भाजपा इस आयोजन को ‘सोनार बांग्ला’ की नई शुरुआत के तौर पर पेश कर रही है।

इस हाई-प्रोफाइल समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह विशेष रूप से शामिल होंगे। उनके अलावा भाजपा अध्यक्ष, कई केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी और NDA शासित राज्यों के 20 से अधिक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कोलकाता पहुंच चुके हैं या पहुंच रहे हैं।

एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो, मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य एवं बृजेश पाठक सहित कई बड़े नेता कार्यक्रम में शामिल होंगे।

भाजपा ने इस समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। कार्यक्रम स्थल पर करीब 50 हजार कुर्सियां लगाई गई हैं, जबकि लाखों समर्थकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

भीड़ प्रबंधन के लिए 20 से ज्यादा एंट्री गेट बनाए गए हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब 4 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। कोलकाता पुलिस ने वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए कई रूट डायवर्ट किए हैं और ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है।

समारोह में सिर्फ राजनीतिक हस्तियां ही नहीं, बल्कि उद्योग, संस्कृति, साहित्य, फिल्म और न्यायपालिका से जुड़े कई बड़े चेहरे भी शामिल होंगे। उद्योग जगत से संजय बुधिया और सज्जन भजंका जैसे कारोबारी, सांस्कृतिक क्षेत्र से अभिनेत्री और नृत्यांगना ममता शंकर समेत कई कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा तृणमूल शासन के दौरान हुई राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले 200 से अधिक लोगों के परिवारों को भी विशेष निमंत्रण भेजा गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब 10:30 बजे कोलकाता पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचेंगे। शपथ ग्रहण के बाद नई भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक विधानसभा में आयोजित होने की संभावना है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में भाजपा की यह जीत राज्य की राजनीति में लंबे समय तक असर डाल सकती है और आने वाले लोकसभा चुनावों पर भी इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है।

सीएम सम्राट कैबिनेट का हुआ विस्तार, निशांत समेत 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी भी रहे मौजूद

सीएम सम्राट कैबिनेट का हुआ विस्तार, निशांत समेत 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी भी रहे मौजूद

 पटना। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक मैदान में आज सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दो उप मुख्यमंत्रियों विजय कुमार चौधरी व बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 15 अप्रैल को लोकभवन में शपथ ली थी। (Bihar Cabinet Expansion) इसके बाद आज मंत्रिमंडल विस्तार का हो गया है। जहां निशांत कुमार, विजय सिन्हा श्रवण कुमार और लेसी सिंह जैसे 32 मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार की मौजूदगी में शपथ ग्रहण की।

बता दें कि, शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार, निशान्त कुमार और लेसी सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह में मंत्रियों ने समूहों में एक साथ शपथ ली. रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, दामोदर रावत, संजय सिंह टाइगर, अशोक चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली. इसके अलावा मदन सहनी, भगवान सिंह कुशवाहा, अरुण शंकर प्रसाद, संतोष कुमार सुमन, रमा निषाद भी सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं. रत्नेश सदा, कुमार शैलेंद्र, शीला कुमार, केदार प्रसाद गुप्ता, लखेंद्र कुमार रौशन ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली है।

 सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड से 16-16 मंत्रियों ने शपथ ली। NDA सरकार में शामिल बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी(आर) और HAM के कोटे से कुल 32 विधायकों को आज मंत्री पद की शपथ लेने की सूचना दी गई थी। बताया जा रहा है कि एनडीए सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार में संतुलन और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखा गया है। मालूम हो की पिछले महीने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद भाजपा के नेतृत्व में बिहार में पहली बार सरकार बनी और सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

WEST BENGAL: इस दिन होगा मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण, बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने दी जानकारी

WEST BENGAL: इस दिन होगा मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण, बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने दी जानकारी

   

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत 9 मई को होने जा रही है. भारतीय जनता पार्टी राज्य में नई सरकार का शपथ‑ग्रहण समारोह टैगोर जयंती (रवींद्र जयंती) के दिन यानी 9 मई को आयोजित करेगी. इसे बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक बदलाव दोनों के संगम के रूप में देखा जा रहा है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा.’PM मोदी ने पहले ही दे दिया था संकेतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तारीख का संकेत पहले ही अपने अंतिम चुनावी भाषण में दे दिया था. बैरकपुर की रैली में उन्होंने कहा था, ‘4 मई को नतीजों के बाद मैं फिर बंगाल आऊंगा, भाजपा के शपथ‑ग्रहण समारोह में शामिल होने.’

बंगाल में भाजपा की जीत पर बोले पीएम मोदीसोमवार को ऐतिहासिक जनादेश सामने आने के बाद, मोदी ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रवींद्रनाथ टैगोर के आदर्शों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भाजपा का संकल्प ऐसा बंगाल बनाना है ‘जहां मन भयमुक्त हो और मस्तक ऊंचा रहे’, जो गुरुदेव टैगोर की अमर पंक्तियों की भावना को दर्शाता है।

औपचारिक काम जारीइस बीच, चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी प्रिंसिपल सेक्रेटरी एस.बी. जोशी और सेक्रेटरी सुजीत कुमार मिश्रा आज (5 मई) दिल्ली से कोलकाता पहुंचेंगे. वे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को चुनाव नतीजों की आधिकारिक गजट अधिसूचना सौंपेंगे. इसके बाद 6 मई को सीईओ, राज्यपाल आर. एन. रवि को औपचारिक रूप से जानकारी देंगे। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्यपाल, निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस्तीफा देने के लिए आमंत्रित करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद राज्यपाल उनसे शपथ‑ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने का भी अनुरोध कर सकते हैं, ताकि प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे।

यूं ही नहीं चुना गया 9 मई का दिन
सूत्रों का कहना है कि पोइला बैशाख के बाद 25 बैशाख (पोचिशे बोइशाख) यानी रवींद्र जयंती पर शपथ‑ग्रहण की तारीख तय करना केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि गहरे भावनात्मक और सांस्कृतिक अर्थ भी रखता है. टैगोर वह व्यक्तित्व हैं जिनकी कविता, संगीत और मानवतावादी दर्शन बंगाली अस्मिता की आत्मा माने जाते हैं. यही कारण है कि यह दिन बंगाल में एक त्योहार की तरह मनाया जाता है।

चार दशकों से अधिक समय तक वाम मोर्चा और फिर तृणमूल कांग्रेस के शासन के बाद, भाजपा की सरकार का गठन बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। टैगोर जयंती के दिन होने वाला शपथ‑ग्रहण समारोह न सिर्फ सत्ता परिवर्तन, बल्कि “नए बंगाल” की प्रतीकात्मक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सरकारी स्तर पर औपचारिक घोषणा शीघ्र होने की उम्मीद है, जबकि शपथ‑ग्रहण की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
Vidhan Sabha Chunav Parinaam 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी आगे, जानिए बाकी राज्यों के हाल

Vidhan Sabha Chunav Parinaam 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी आगे, जानिए बाकी राज्यों के हाल

 Vidhan Sabha Chunav Parinaam 2026 LIVE: विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना जारी है। बीजेपी पश्चिम बंगाल और असम में अभी तक के रुझानों में आगे है। तमिलनाडु में टीवीके अच्छा प्रदर्शन करती दिख रही है। केरल के रुझानों में लेफ्ट को कांग्रेस का यूडीएफ गठबंधन झटका देता नजर आ रहा है।

 

देश के 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश (असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल) में हुए विधानसभा चुनाव के तहत मतगणना जारी है। पश्चिम बंगाल में मतगणना के रुझानों में बीजेपी को बड़ी सफलता मिल रही है और पूर्ण बहुमत मिलने की संभावना है, जबकि टीएमसी सत्ता से बाहर होती दिख रही है। असम की बात करें तो यहां भी बीजेपी को रुझानों में प्रचंड बहुमत की बढ़त है। तमिलनाडु में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है, जबकि डीएमके के सत्ता से बाहर जाने के संकेत मिल रहे हैं। केरल के रुझानों में कांग्रेस के यूडीएफ गठबंधन को बड़ी सफलता मिलने की संभावना है। विधानसभा चुनाव नतीजों के एक दिन पहले ही राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अपने एक्स बायो से ‘सीएम’ हटा लिया था।
पश्चिम बंगाल, असम और केरल में कांटे का मुकाबला

तीन चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल, असम और केरल के विधानसभा चुनाव में मुकाबला काफी दिलचस्प होने का अनुमान है। केरल में पिछले दस साल से एलडीएफ की सरकार है और कांग्रेस नीत यूडीएफ सत्ता में आने की उम्मीद कर रहा है। वहीं, असम की बात करें तो वहां मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। बीजेपी पिछले दस साल से सरकार में है। वहीं पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की बात करें तो टीएमसी के नेतृत्व में ममता बनर्जी पिछले 15 साल से सत्ता पर काबिज है। बीजेपी पिछले चुनाव में 77 सीट जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी बनी थी और इस बार एक बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है, जबकि ममता बनर्जी सामने किला बचाने की कठिन चुनौती है।

पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के रुझान

 

क्रम संख्या पार्टी सीटें (रुझान)
1 BJP 180
2 TMC 107
3 OTH 03

असम चुनाव नतीजों के रुझान

क्रम संख्या पार्टी सीटें (रुझान)
1 BJP 95
2 INC। 25
3 OTH 03

केरल चुनाव नतीजों के रुझान

क्रम संख्या पार्टी सीटें (रुझान)
1 LDF 45
2 UDF 82
3 OTH 13

दस साल बाद केरल की सत्ता पर लौटेगी कांग्रेस

केरल में पिछले दस साल से केरल की सरकार है। अभी तक के केरल चुनाव के नतीजों के रुझानों में कांग्रेस की लीडरशिप वाले यूडीएफ गठबंधन पूर्ण बहुमत की ओर है। वहीं एलडीएफ सत्ता से बाहर हो रही है।

UDF – 82
LDF – 45
OTH – 13

नंदीग्राम और भवानीपुर से आगे सुवेंदु, ममता को झटका
पश्चिम बंगाल में मतगणना के रुझानों में भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर बीजेपी प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी आगे चल रहे हैं, जबकि ममता बनर्जी की इस बार सत्ता से विदाई के संकेत मिल रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी 170 पार
पश्चिम बंगाल में मतगणना के रुझानों में बीजेपी 170 सीटों पर आगे निकल गई है, जबकि टीएमसी 110 सीटों अटकी है, जो कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं।

CHUNAV PARINAM 2026: बंगाल के रुझानों में BJP ने पार किया बहुमत का आंकड़ा, TMC को बुरी तरह पछाड़ा

CHUNAV PARINAM 2026: बंगाल के रुझानों में BJP ने पार किया बहुमत का आंकड़ा, TMC को बुरी तरह पछाड़ा

 पश्चिम बंगाल :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आंधी चलती दिख रही है. बीजेपी ने 10 बजे तक बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। बीजेपी 149 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि 293 विधानसभा सीटों वाले पश्चिम बंगाल में बहुमत का आंकड़ा 148 है. सीएम ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 92 सीटों पर लीड कर रही है ।

सोमवार 4 मई, 2026 को बंगाल की 293 विधानसभा सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग हुई थी, जबकि 2 मई को दक्षिण 24 परगना की कुछ सीटों पर गड़बड़ी की शिकायत के बाद 15 पोलिंग बूथों पर फिर से वोटिंग करवाई गई थी। आज सिर्फ 293 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती की जा रही है, जबकि एक सीट फालता पर बाद में चुनाव होगा. चुनाव आयोग ने यहां हुई वोटिंग को रद्द कर दिया है. चुनाव आयोग ने गंभीर अनियमितताओं, ईवीएस के साथ छेड़छाड़ के आरोपों और हिंसा की शिकायतों के चलते यहां चुनाव रद्द कर दिया है।

बंगाल-असम से लेकर केरल-तमिलनाडु तक, किसकी हो रही जीत?

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर सभी की नजरें हैं। भवानीपुर पर ममता बनर्जी और बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि, यहां दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर नजर आ रही है। रुझानों में कभी शुभेंदु अधिकारी तो कभी ममता बनर्जी लीड करते नजर आ रहे हैं. पहले ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन अब शुभेंदु अधिकारी लीड कर रहे हैं, जबकि नंदीग्राम में भी शुभेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए हैं.

बंगाल में बिधाननगर काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा! TMC-BJP समर्थकों में हुई झड़प

बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि भवानीपुर से बीजेपी चुनाव जीतेगी। उन्होंने कहा, ’10 राउंड के बाद हम आगे हो जाएंगें। हिंदू ने एकतरफा मतदान किया है. नंदीग्राम को भवानीपुर में दोहराया जाएगा मुस्लिम वोट बंटा है। इस बार पिछले बार जैसे नहीं किया गया है। एंटी इनकबेंसी की लहर चल रही है ।
TAMILNADU ELECTION 2026: तमिलनाडु में छह दशक बाद बड़ा सियासी उलटफेर, विजय थलापति की पार्टी TVK ने बदली राजनीति की दिशा

TAMILNADU ELECTION 2026: तमिलनाडु में छह दशक बाद बड़ा सियासी उलटफेर, विजय थलापति की पार्टी TVK ने बदली राजनीति की दिशा

 तमिलनाडु।  तमिलनाडु लगभग छह दशक बाद तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है। फ़िल्म स्टार विजय थलापती ने वो कर डाला जो कांग्रेस और भाजपा नहीं कर सके। 1967 के बाद TVK के रूप में पहले ऐसे राजनीतिक दल का उदय हुआ जिनसे DMK और AIADMK की बुनियाद हिला दी है।अभिनेता से राजनेता बने विजय थलापती मुख्यमंत्री की कुर्सी की तरफ़ निरंतर बढ़त बनाये हुए हैं।

तमिलनाडु में 1967 से ही सत्ता मुख्य रूप से द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के बीच बंटी हुई है। इन दोनों पार्टियों ने द्रविड़ राजनीति के दम पर राज्य पर पिछले करीब 6 दशक से राज किया है। तमिलनाडु में चुनावी रुझानों के बीच थलापति विजय के घर पर उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।शुरुआती आंकड़ों में उनकी पार्टी TVK करीब 110 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे समर्थकों में जोश बढ़ गया है। लगातार मिल रही बढ़त के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज है कि विजय राज्य की सत्ता तक पहुंच सकते हैं और मुख्यमंत्री पद की दौड़ में मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं।
West Bengal Elections Result Live : बंगाल में बीजेपी की आंधी में उड़ी टीएमसी ! ममता बनर्जी ने वोटों में गड़बड़ी समेत लगाए कई गंभीर आरोप

West Bengal Elections Result Live : बंगाल में बीजेपी की आंधी में उड़ी टीएमसी ! ममता बनर्जी ने वोटों में गड़बड़ी समेत लगाए कई गंभीर आरोप

  West Bengal Elections Result Live : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद आज 4 मई को वोटों की गिनती शुरू हो गई है। अब तक सामने आए रूझानों में बीजेपी ने टीएमसी और बीजेपी में कांटे की टक्कर चल रही है। फिलहाल 293 सीटों के रूझानों मे बीजेपी 187 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 98 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं कांग्रेस ने भी एक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं भवानीपुर में ममता बन

ममता बनर्जी का बड़ा दावा- ‘हताश नहीं होना है, हम शाम तक जीत जाएंगे

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी चाल है, ताकि शुरुआती राउंड में BJP को आगे दिखाया जा सके। ममता बनर्जी का दावा है कि कई जगहों पर वोटों की गिनती रोक दी गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों का इस्तेमाल करके तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और पार्टी दफ्तरों में तोड़फोड़ की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि वोटों में गड़बड़ी के लिए SIR का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जुटे हुए हैं और माहौल पूरी तरह राजनीतिक गतिविधियों से भरा हुआ है। ममता बनर्जी के मुताबिक, उनकी पार्टी करीब 70 से 100 सीटों पर आगे चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक केवल लगभग 13% वोटों की ही गिनती हुई है और चुनाव आयोग (EC) जानबूझकर गिनती की रफ्तार धीमी कर रहा है। अंत में उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कहा कि वे निराश न हों, क्योंकि जीत उनकी ही होगी। उनका कहना है कि शाम तक सभी राउंड की गिनती पूरी हो जाएगी और तस्वीर साफ हो जाएगी।

ममता बनर्जी का बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी रणनीति है, जिसके तहत शुरुआती कुछ राउंड के नतीजे BJP के पक्ष में दिखाने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा की रेखा पात्रा आगे

चुनाव आयोग (EC) के आधिकारिक रुझानों के मुताबिक, 19 में से 2 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद हिंगलगंज विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रेखा पात्रा 2808 वोटों से आगे चल रही हैं। रेखा पात्रा वही हैं, जो साल 2024 की संदेशखाली घटना की पीड़ितों में शामिल रही थीं। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित नेता शेख शाहजहां पर आरोप लगाए गए थे।

आसनसोल कॉलेज में तनाव

पश्चिम बंगाल में बीजेपी, टीएमसी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। अब तक सामने आए रूझानों में बीजेपी ने बहुमत के आंकड़े का काफी आगे चल रही है। फिलहाल 293 सीटों के रूझानों मे बीजेपी 180 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 106 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं मतगणना के बीच आसनसोल कॉलेज के बाहर तनाव की खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उसके कैंप कार्यालय में भाजपा समर्थकों ने तोड़फोड़ की।

असम-बंगाल में बड़ी जीत की ओर बीजेपी, शाम 6 बजे पार्टी मुख्यालय पहुंचेंगे पीएम मोदी, मनाएंगे जीत का जश्न

असम-बंगाल में बड़ी जीत की ओर बीजेपी, शाम 6 बजे पार्टी मुख्यालय पहुंचेंगे पीएम मोदी, मनाएंगे जीत का जश्न

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी :- आज शाम भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यालय पहुंचकर विधानसभा चुनावों में पार्टी की भारी जीत का जश्न मनाएंगे। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी शाम 6 बजे नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे।

इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय नितिन नबीन सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। बता दें कि अभी तक आए रुझानों के मुताबिक, भाजपा असम और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। इस संभावित जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और मुख्यालय पर जश्न की तैयारियां जोरों पर हैं। गौरतलब है कि चुनावी जीत के बाद पार्टी मुख्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करना प्रधानमंत्री मोदी की पारंपरिक परंपरा रही है।बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव परिणाम के लिए चल रही मतगणना में दोपहर साढ़े बारह बजे के रूझानों के अनुसार 278 सीटों पर रूझान मिल चुके हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी ने कुल 183 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है जबकि तृणमूल कांग्रेस को केवल 91  सीटों पर बढ़त हासिल हुई है। भवानीपुर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने निकटतम विरोधी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से 19393 मतों से आगे चल रही हैं।
AC BLAST: AC ब्लास्ट से धधकी 4 मंजिला इमारत, 9 लोगों की दर्दनाक मौत

AC BLAST: AC ब्लास्ट से धधकी 4 मंजिला इमारत, 9 लोगों की दर्दनाक मौत

 नई दिल्ली। दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार सुबह एक चार मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। इसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से कई की जान दम घुटने की वजह से गई है। आग बुझाने के दौरान करीब 10 से 15 लोगों बिल्डिंग से सुरक्षित निकाला गया। इनमें दो लोग घायल भी हुए हैं। इस हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट की वजह से एसी में ब्लास्ट को माना जा रहा है।

हादसे में 9 लोगों की मौत

बताया जा रहा है कि इमारत में इलेक्टॉनिक लॉक वाले दरवाजे लगे हैं, जो हादसे के वक्त खुले ही नहीं, इस वजह से दम घुटने और जलने से 9 लोगों की जान चली गई। हादसे वाली बिल्डिंग पीछे से पुरी ग्रील लगाकर बंद किया हुआ है। खुले स्थान को भी इस बिल्डिंग में लोहे की जाली से बंद कर दिया गया है। जिससे आपात स्थिति रेस्क्यू मुश्किल हो गया।

तेजी से फैल गया आग

प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, आग बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से शुरू हुई और कुछ ही देर में लपटों ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। आशंका है कि ऐसी का कंप्रेसर फटने से भी आग भड़की। चश्मदीदों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का अवसर ही नहीं मिला। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां रविवार तड़के लगभग 3:35 बजे घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। इस बिल्डिंम में चार सामने और चार पीछे की ओर कुल आठ फ्लैट हैं। पीछे स्थित फ्लैटों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, क्योंकि वहां से बाहर निकलने का रास्ता सीमित था।

आग लगने के बाद कमरों में धुआं भर गया, इससे लोगों का दम घुट गया। कुछ दरवाजे इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम के कारण बंद थे और सीढ़ियां भी संकरी होने से लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके। शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीना ने बताया कि सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और भवन के प्रत्येक हिस्से की गहनता से जांच की जा रही है। दमकल कर्मियों के साथ पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं।

Government Survey: जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, 6 राज्यों में घर-घर सर्वे

Government Survey: जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, 6 राज्यों में घर-घर सर्वे

  Government Survey: जनगणना 2027 के प्रथम चरण की औपचारिक शुरुआत आज से देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हो गई है, जिसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। इस चरण में मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) का कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत प्रशिक्षित प्रगणक 30 मई 2026 तक घर-घर जाकर लोगों से जानकारी जुटाएंगे। इससे पहले 15 दिन की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें देशभर के करीब 82 लाख परिवारों ने ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद दर्ज कराई, जो इस बार की डिजिटल-प्रथम पहल की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

सरकार ने इस बार जनगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए लोगों को खुद ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प दिया है। se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से लोग सुरक्षित और आसान तरीके से अपनी जनगणना कर सकते हैं। जिन लोगों ने पहले ही स्व-गणना पूरी कर ली है, उन्हें अब केवल अपनी SE ID तैयार रखनी होगी, जिसे प्रगणक के आने पर दिखाना होगा। वहीं, जिन्होंने ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं अपनाई है, उनके घर प्रगणक पहुंचकर पूरी जानकारी एकत्र करेंगे।

आज से ही दिल्ली (MCD क्षेत्र), राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में भी स्व-गणना सुविधा शुरू हो गई है, जो 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक इन राज्यों में घर-घर सर्वे किया जाएगा। वहीं बिहार में स्व-गणना की अवधि समाप्त हो चुकी है और 2 मई से 31 मई तक फील्ड सर्वे चलेगा। इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पहले से जारी है।

इस चरण के दौरान प्रगणक 33 निर्धारित सवालों के जरिए घरों की स्थिति, परिवार के सदस्यों, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़ी अहम जानकारी जुटाएंगे। इसमें मकान का प्रकार, पानी-बिजली की सुविधा, शौचालय, इंटरनेट, वाहन, घरेलू सामान और परिवार के सदस्यों की बुनियादी जानकारी शामिल होगी। यह डेटा आगे होने वाली जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगा और सरकार को विकास योजनाएं बनाने में मदद करेगा।

खास बात यह है कि इस बार प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डेटा दर्ज करेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज, सटीक और पारदर्शी बनेगी। साथ ही जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय और विकासात्मक उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। जनगणना 2027 को देश की सबसे बड़ी डेटा संग्रह प्रक्रिया माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों की नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करेगी।

संसद की अहम समितियों में नए चेयरमैन नियुक्त, ओम बिरला का बड़ा फैसला

संसद की अहम समितियों में नए चेयरमैन नियुक्त, ओम बिरला का बड़ा फैसला

 नई दिल्ली । संसद की महत्वपूर्ण समितियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है, जहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रमुख संसदीय समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। इस फैसले के तहत भाजपा सांसद बैजयंत जय पांडा को सार्वजनिक उपक्रम समिति (Committee on Public Undertakings) का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल को लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee – PAC) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संसद की ये दोनों समितियां बेहद अहम मानी जाती हैं, जो सरकारी खर्च, नीतियों और सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यप्रणाली की गहन जांच और निगरानी करती हैं।

 
Exit Poll में बड़ा उलटफेर, पुडुचेरी से असम और बंगाल तक सियासी हलचल तेज

Exit Poll में बड़ा उलटफेर, पुडुचेरी से असम और बंगाल तक सियासी हलचल तेज

 नई दिल्ली। Exit Poll : विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद जारी एग्जिट पोल के नतीजों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक कई राज्यों में सत्तारूढ़ दलों को चुनौती मिलती दिख रही है, जबकि कुछ जगहों पर सत्ता में वापसी के संकेत भी मिल रहे हैं।

पुडुचेरी में भाजपा की बढ़त का अनुमान
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। एग्जिट पोल के अनुसार पार्टी को 16 से 20 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है, जो उसे सत्ता के करीब ला सकता है।

असम में NDA की वापसी के संकेत
Exit Poll : पूर्वोत्तर के अहम राज्य असम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। विभिन्न एग्जिट पोल NDA को 80 से 100 सीटों के बीच आंक रहे हैं, जबकि कांग्रेस को 24 से 36 सीटों तक सीमित रहने का अनुमान है। इससे राज्य में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर, भाजपा को बढ़त
सबसे ज्यादा दिलचस्प मुकाबला पश्चिम बंगाल में नजर आ रहा है। यहां कुल 6 एग्जिट पोल सामने आए हैं, जिनमें से 5 भाजपा के पक्ष में सरकार बनने का संकेत दे रहे हैं, जबकि एक पोल तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बढ़त देता है।

-प्रजा पोल: TMC 85-110, भाजपा 178-200
– पी-मार्क: TMC 118-138, भाजपा 150-175
– पोल डायरी: TMC 99-127, भाजपा 142-171
– मैट्रिज: TMC 125-140, भाजपा 146-161
– चाणक्य स्ट्रैटीज: TMC 130-140, भाजपा 150-160
– पीपुल्स पल्स: TMC 177-187, भाजपा 95-110

Supreme Court: ब्रेन डेथ घोषित करने की प्रक्रिया पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से मांगी रिपोर्ट

Supreme Court: ब्रेन डेथ घोषित करने की प्रक्रिया पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से मांगी रिपोर्ट

   Supreme Court:  ब्रेन डेथ घोषित करने की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है. अदालत ने एम्स को निर्देश दिया है कि मेडिकल विशेषज्ञों की एक समिति गठित कर इस विषय पर वैज्ञानिक, पारदर्शी और भरोसेमंद प्रक्रिया को लेकर रिपोर्ट पेश की जाए. यह आदेश जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया. अदालत ने कहा कि इस संवेदनशील विषय पर स्पष्ट और विश्वसनीय मानकों की जरूरत है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों के अधिकार सुरक्षित रह सकें.

यह मामला केरल के डॉक्टर एस. गणपति द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है. याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि कई मामलों में मरीज की प्रत्यक्ष जांच किए बिना ही उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया जाता है. उनका आरोप है कि मौजूदा प्रक्रिया में कई खामियां हैं और कई बार जल्दबाजी में निर्णय लिए जाते हैं. उन्होंने अदालत के सामने एक मामले का उदाहरण रखते हुए कहा कि एक मरीज को बिना शारीरिक परीक्षण के ब्रेन डेड घोषित किया गया और अंगदान के लिए दबाव बनाया गया.

डॉ. गणपति ने कहा कि वर्तमान में इस्तेमाल होने वाला एप्निया टेस्ट पूरी तरह विश्वसनीय नहीं माना जा सकता. उनके अनुसार ब्रेन एंजियोग्राम और ईईजी जैसे परीक्षण अधिक वैज्ञानिक और भरोसेमंद हैं, क्योंकि ये सीधे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह और उसकी गतिविधि को मापते हैं. उन्होंने अदालत से मांग की कि ब्रेन डेथ घोषित करने के लिए आधुनिक तकनीकों को अनिवार्य किया जाए.

सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि कानून में पहले से एक निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है, जिसमें एप्निया टेस्ट और वीडियो रिकॉर्डिंग शामिल है. यदि तय प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा है तो वह अलग मुद्दा है. अदालत के सामने मुख्य सवाल यह है कि ब्रेन डेथ घोषित करने के लिए सबसे उपयुक्त, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीका कौन सा होना चाहिए.
 
केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने बताया कि अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत राज्यों को मेडिकल बोर्ड गठित करने का अधिकार है और वर्तमान प्रक्रिया पहले से तय है. इसके बाद अदालत ने डॉ. गणपति को अपने सुझाव लिखित रूप में देने को कहा. साथ ही एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग प्रमुख को 3 से 5 विशेषज्ञों की समिति बनाने का निर्देश दिया गया है. यह समिति सुझाए गए परीक्षणों की सुरक्षा, उपयोगिता और व्यवहार्यता पर अपनी रिपोर्ट देगी. रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत में पेश की जाएगी. मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी.
इस बीच डॉ. गणपति ने एक अलग याचिका भी दायर की है, जिसमें एक मरीज को ब्रेन डेड घोषित किए जाने को चुनौती दी गई है. उस मामले की सुनवाई फिलहाल स्थगित है और वर्तमान याचिका पर निर्णय के बाद ही आगे सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट के इस कदम को मेडिकल सिस्टम और अंगदान प्रक्रिया में पारदर्शिता की दिशा में अहम माना जा रहा है.
अनिल अंबानी की 3034 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति हुई कुर्क, आंकड़ा 19,344 करोड़ पार, जानिए क्या-क्या हुआ जब्त

अनिल अंबानी की 3034 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति हुई कुर्क, आंकड़ा 19,344 करोड़ पार, जानिए क्या-क्या हुआ जब्त

 नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप (Reliance Group) पर एक और बड़ा एक्शन लिया है। बैंक धोखाधड़ी के मामले में ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (RInfra) की 3,034 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति कुर्क कर ली है। इस ताजा कार्रवाई के बाद अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का आंकड़ा 19,344 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

 

ईडी ने कौन-कौन सी संपत्तियां कुर्क की हैं?
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में प्रमोटर ग्रुप की कई अहम संपत्तियों का खुलासा हुआ है, जिन्हें अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 5 के तहत अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया गया है। इनमें मुंबई का उषा किरण बिल्डिंग, मुंबई में स्थित एक लग्जरी फ्लैट, खंडाला (पुणे) में एक फार्महाउस और साणंद, अहमदाबाद में जमीन का एक बड़ा हिस्सा शामिल है।

इसके अलावा ‘रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ के 7.71 करोड़ शेयर शामिल हैं। ये शेयर ‘राइजी इनफिनिटी प्राइवेट लिमिटेड’ (Risee) के पास थे, जो अनिल अंबानी के परिवार के एक प्राइवेट ट्रस्ट ‘राइजी ट्रस्ट’ (RiseE Trust) के तहत काम करने वाली कंपनी है।

CRIME : बेड पर मिली मां और दो मासूमों की लाश, बारात से लौटा पति देख रह गया सन्न

CRIME : बेड पर मिली मां और दो मासूमों की लाश, बारात से लौटा पति देख रह गया सन्न

 मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पानापुर करियात थाना क्षेत्र के शाहबाजपुर मठ के पास सोमवार देर रात एक 30 वर्षीय महिला और उसके दो छोटे बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में मां रीता देवी, दो साल की बेटी वैष्णवी और महज तीन महीने का बेटा कन्हैया शामिल है।

आधी रात को पसरा मातम: पति ने देखा मंजर
मृतका के पति मिठाई लाल शाह कैटरिंग का काम करते हैं। सोमवार रात वह एक बारात में गए हुए थे। जब वे तड़के करीब 3:30 बजे घर लौटे, तो मुख्य दरवाजा बाहर से बंद मिला। किसी तरह घर के अंदर दाखिल होने पर उन्होंने जो देखा वह भयावह था। कमरे के बेड पर पत्नी और दोनों बच्चों के शव पड़े थे। शवों के पास ही एक रस्सी पड़ी मिली, जिससे गला घोंटे जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना के समय परिवार के अन्य दो बच्चे अपनी दादी के साथ दूसरे कमरे में सो रहे थे, जिससे उनकी जान बच गई।

परिजनों का आरोप: “जमीन विवाद में दी गई सजा”
मृतका की सास उर्मिला देवी ने गांव के ही कुछ रिश्तेदारों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि काफी समय से परिवार का जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। परिजनों का मानना है कि इसी रंजिश के कारण इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया है ताकि पूरे परिवार को खत्म किया जा सके।

पुलिस की कार्रवाई: फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी पश्चिमी सुचित्रा कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
फॉरेंसिक जांच: सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम (FSL) को मौके पर बुलाया गया है।
पोस्टमार्टम: तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सटीक समय और तरीके का पता चल सके।
गहन जांच: पुलिस जमीन विवाद के एंगल के साथ-साथ अन्य संभावित पहलुओं पर भी छापेमारी और पूछताछ कर रही है।

डीएसपी सुचित्रा कुमारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह सुनियोजित हत्या का मामला लग रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और शोक का माहौल है।

15 साल साथ रहने के बाद नहीं कह सकते यौन शोषण! सुप्रीम कोर्ट ने महिला की याचिका खारिज करते हुए सुनाया ये फैसला

15 साल साथ रहने के बाद नहीं कह सकते यौन शोषण! सुप्रीम कोर्ट ने महिला की याचिका खारिज करते हुए सुनाया ये फैसला

 लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला लिए बहुत जरूरी है। एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिश्तों को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगर कोई जोड़ा आपसी सहमति से सालों तक साथ रहता है और बाद में पार्टनर रिश्ता तोड़कर चला जाता है, तो इसे अपराध नहीं माना जा सकता। राजधानी रायपुर के युवा वर्ग और कानूनी जानकारों के बीच इस फैसले को लेकर अब बहस छिड़ गई है।

15 साल का साथ और 7 साल का बच्चा, फिर भी अपराध नहीं?

मामला मध्य प्रदेश का है, जो अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। एक महिला ने अपने पूर्व लिव-इन पार्टनर पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि उसके पति की मौत के बाद आरोपी ने शादी का वादा किया और 15 साल तक उसके साथ रहा। इस दौरान उनका एक 7 साल का बच्चा भी हुआ। जब पार्टनर उसे छोड़कर चला गया, तो महिला ने FIR दर्ज कराई। हालांकि, जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने महिला से तीखे सवाल पूछे।

शादी से पहले साथ रहने में जोखिम तो रहता ही है

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दो-टूक लहजे में कहा, जब रिश्ता आपसी मर्जी से बना हो, तो उसमें अपराध का सवाल ही कहां उठता है? कोर्ट ने पूछा कि जब महिला को पता था कि कोई कानूनी बंधन (शादी) नहीं है, तो वह उस पुरुष के साथ रहने क्यों गई? जजों ने स्पष्ट किया कि लिव-इन रिलेशनशिप में हमेशा यह जोखिम रहता है कि कोई भी पार्टनर किसी भी दिन रिश्ता तोड़ सकता है। कोर्ट के अनुसार, पार्टनर का रिश्ता तोड़कर चले जाना कोई जुर्म नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने महिला को दिया ये सुझाव

महिला के वकील ने दलील दी कि आरोपी ने अपनी पहली शादी छिपाई थी। इस पर बेंच ने कहा कि अगर शादी हुई होती, तो आप दूसरी शादी (Bigamy) या गुजारा-भत्ते का केस कर सकते थे। चूंकि शादी नहीं हुई थी, इसलिए अब जेल भेजने से कुछ हासिल नहीं होगा। कोर्ट ने महिला को बच्चे के भविष्य के लिए कुछ अन्य रास्ते सुझाए हैं जिसके तहत महिला बच्चे के लिए गुजारा-भत्ता (Maintenance) की मांग कर सकती है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी सुलह (Mediation) के लिए जाने की सलाह दी। 7 साल के बच्चे के लिए आर्थिक मुआवजे के इंतजाम पर विचार करने को कहा।