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धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को मिली बड़ी राहत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को मिली बड़ी राहत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मप्र में 51.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान उपार्जित, किसानों से उपार्जित धान का समय पर भुगतान भी हुआ सुनिश्चित

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अन्नदाताओं को समर्थ बनाना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का संकल्प है कि किसानों को बगैर बाधा के उनकी उपज का पूरा मूल्य, समय पर मिले। खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को बड़ी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन 2025-26 में 51.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन हुआ। उपार्जन के आंकड़े नीतियों की सफलता दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में धान उपार्जन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारु और किसान-हितैषी बनाया गया है। इसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान (कॉमन) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई यह वृद्धि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का ठोस प्रयास है। पिछले खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल था। गत सत्र में तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 6 लाख 69 हज़ार 272 धान उत्पादक किसानों से कुल 43 लाख 52 हज़ार 905 मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ सत्र में प्रदेश में 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों (करीब 92 प्रतिशत) ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में भाग लिया। इन किसानों में से 7 लाख 62 हज़ार 620 किसान (89 प्रतिशत) धान विक्रेता के रूप में उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे। इस वर्ष धान उपार्जन के लिए प्रदेश में 1,436 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। इन केंद्रों के जरिए इस सीजन में 51 लाख 74 हज़ार 792 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। उपार्जित धान में से 48 लाख 38 हज़ार 637 मीट्रिक टन से अधिक धान का परिवहन भी पूरा कर लिया गया है। परिवहन किए गए धान में से 46 लाख 30 हज़ार 21 मीट्रिक टन धान गुणवत्ता परीक्षण के उपरांत स्वीकार कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपये आंकलित किया गया। इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपार्जन मूल्य से किसानों को आर्थिक संबल मिला है और वे अगली फसल से जुड़े कार्यों की तैयारी भी बड़े आत्मविश्वास के साथ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धान उपार्जन की संपूर्ण प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें शासन की योजनाओं का पूरा लाभ भी समय पर प्राप्त हो सके।

मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में रेल मंत्री वैष्णव से की सौजन्य भेंट

मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में रेल मंत्री वैष्णव से की सौजन्य भेंट

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से संसद भवन में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मध्य प्रदेश में रेल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित एवं प्रगतिरत रेलवे परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन से भी सौजन्य भेंट की।

मणिपुर में लगभग एक वर्ष से लागू राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से हटा,बीजेपी सरकार संभालेगी कमान

मणिपुर में लगभग एक वर्ष से लागू राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से हटा,बीजेपी सरकार संभालेगी कमान

नई दिल्ली। मणिपुर में लगभग एक वर्ष से लागू राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है, जिसके बाद भाजपा के युम्नाम खेमचंद सिंह को नए मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया गया है। यह निर्णय राज्य में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहाँ नई सरकार में कुकी और नागा समुदायों के उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की अधिसूचना जारी की। भारत के राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित एक 'घोषणा' के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मणिपुर राज्य के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 356(2) के तहत जारी की गई घोषणा को निरस्त कर दिया है। पिछली घोषणा 13 फरवरी, 2025 को जारी की गई थी। राष्ट्रपति द्वारा बुधवार (4 फरवरी, 2026) को हस्ताक्षरित नई घोषणा में कहा गया है कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन वापस ले लिया गया है।

घोषणा में लिखा है कि संविधान के अनुच्छेद 356 के खंड (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, द्रौपदी मुर्मू, भारत के राष्ट्रपति, उक्त अनुच्छेद के तहत 13 फरवरी, 2025 को मणिपुर राज्य के संबंध में मेरे द्वारा जारी की गई घोषणा को 4 फरवरी, 2026 से निरस्त करता/करती हूं। यह कदम भाजपा द्वारा मंगलवार को दो बार के विधायक युम्नाम खेमचंद सिंह को संघर्षग्रस्त मणिपुर में विधायक दल का नेता घोषित करने और उन्हें राज्य का अगला मुख्यमंत्री नामित करने के एक दिन बाद उठाया गया है। यह निर्णय भाजपा मुख्यालय में पार्टी के विधायकों की बैठक में लिया गया। शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को होगा।

सिंह के दो उपमुख्यमंत्री होंगे, एक कुकी-ज़ो समुदाय से और दूसरा नागा समुदाय से। कांगपोकपी विधायक नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। गठबंधन सहयोगी नागा पीपुल्स फ्रंट द्वारा जल्द ही नागा उपमुख्यमंत्री के नाम की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। 62 वर्षीय खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय के सदस्य और एक इंजीनियर हैं। वे पूर्व बीरेन सिंह सरकार में नगर प्रशासन मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। 2022 में, वे मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक के रूप में उभरे थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पिछले साल 13 फरवरी को मणिपुर के राज्यपाल से संवैधानिक शासन व्यवस्था के टूटने का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। यह निर्णय 9 फरवरी, 2025 को मणिपुर के मुख्यमंत्री पद से एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के कुछ दिनों बाद लिया गया। उनका इस्तीफा राज्य में लगभग दो वर्षों से व्याप्त जातीय हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच आया था।

 

मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, एयर इंडिया और इंडिगो के विमानों के विंग्स आपस में टकराए

मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, एयर इंडिया और इंडिगो के विमानों के विंग्स आपस में टकराए

 मुंबई।  मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एयर इंडिया और इंडिगो के दो विमानों के विंग्स जमीन पर एक-दूसरे से टकरा गए।

घटना उस समय हुई जब दोनों विमानों में यात्री सवार थे और विमान टैक्सीवे पर थे, जिससे एयरपोर्ट प्रशासन और यात्रियों में दहशत फैल गई। गनीमत यह रही कि इस टक्कर में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं आई, लेकिन सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना के बाद दोनों विमानों को तुरंत रोक दिया गया और यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया, जबकि एयरपोर्ट अथॉरिटी और संबंधित एयरलाइंस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

भारत-अमेरिका ऐतिहासिक ट्रेड डील क्यों है खास, जानें भारतीय निर्यात-निवेश और रोजगार को कैसे मिलेगा लाभ ?

भारत-अमेरिका ऐतिहासिक ट्रेड डील क्यों है खास, जानें भारतीय निर्यात-निवेश और रोजगार को कैसे मिलेगा लाभ ?

International Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संपन्न ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को भारत की आर्थिक कूटनीति में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किया गया नौवां व्यापार समझौता है, जो भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति के अनुरूप है। इस समझौते से भारतीय निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, खासकर उन श्रम-प्रधान क्षेत्रों में जो रोजगार सृजन की रीढ़ माने जाते हैं। इस समझौते का एक प्रमुख पहलू निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी बढ़ने से सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।

भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बढ़ेगी भूमिका
इससे भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत को केवल एक विनिर्माण केंद्र ही नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद वैश्विक नवाचार साझेदार के रूप में भी स्थापित करेगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ जैसे अभियानों को भी गति मिलेगी। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किया गया नौवां प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता है। इससे पहले भारत ने यूरोपीय संघ सहित कई प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ महत्वपूर्ण व्यापार और आर्थिक सहयोग समझौते किए हैं, जिससे भारत की वैश्विक आर्थिक मौजूदगी लगातार मजबूत हुई है।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई ऊंचाई  
सरकारी हलकों का कहना है कि यह भारत-अमेरिका व्यापार समझौता न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी नई ऊंचाई देगा। दोनों देशों के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग रोजगार, निवेश और नवाचार के  जरिए दीर्घकालिक विकास का आधार तैयार करेगा। नीतिनिर्माताओं और उद्योग संगठनों ने इस समझौते को भारत की विकास यात्रा में एक निर्णायक कदम बताते हुए इसके व्यापक प्रभाव को सामने लाने और वैश्विक मंचों पर भारत की इस उपलब्धि को प्रमुखता से प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

निर्यात-रोजगार और टेक्नोलॉजी सहयोग पर असर

  • सरकारी और उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार, इस व्यापार समझौते से कपड़ा, चमड़ा, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद, कृषि-आधारित उद्योग और लघु-मध्यम उद्यमों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
  • अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों के लिए शुल्क में कमी से प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे।
  • भारत-अमेरिका के बीच हुआ नया व्यापार समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुआयामी लाभ लेकर आने वाला माना जा रहा है।
  •  इस समझौते का एक अहम पहलू निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग है।
  • सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी से भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका और मजबूत होने की संभावना है।
  • विश्लेषकों के अनुसार, यह समझौता भारत को केवल एक लो-कॉस्ट मैन्युफैक्चरिंग हब ही नहीं, बल्कि उच्च-मूल्य नवाचार और तकनीक-आधारित उत्पादन केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा।

 भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्यों अहम ?
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ऐसे समय हुआ है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं पुनर्गठित हो रही हैं। यह समझौता भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर देता है और भारत को वैश्विक विनिर्माण व नवाचार केंद्र के रूप में मजबूत करता है। श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मिलने वाला लाभ रोजगार सृजन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत की आर्थिक कूटनीति में एक निर्णायक मोड़ है।
  • यह डील भारतीय निर्यात और रोज़गार को वैश्विक मंच पर नई ताक़त देती है।
  • श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मिला यह समर्थन समावेशी विकास का आधार बनेगा।
  • निवेश और तकनीक सहयोग से भारत एक भरोसेमंद वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनेगा।
  • यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक गति प्रदान करता है।
  • भारत अब केवल बाज़ार नहीं, बल्कि रणनीतिक आर्थिक साझेदार है।
  • पीएम मोदी के नेतृत्व में यह नौवां बड़ा व्यापारिक मील का पत्थर है।
  • भारत की आत्मनिर्भरता अब वैश्विक विश्वास में बदल रही है।
  • यह डील भारत की आर्थिक शक्ति और रणनीतिक दृढ़ता का प्रमाण है।
Brazil : श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, 15 लोगों की मौत, मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल

Brazil : श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, 15 लोगों की मौत, मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल

इंटरनेशनल डेस्कः ब्राजील के उत्तर-पूर्वी राज्य अलागोआस में मंगलवार को एक भीषण बस हादसा हुआ, जिसमें कम से कम 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। यह बस एक धार्मिक मेले से लौट रही थी, तभी सड़क के मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई।

कैसे हुआ हादसा?

अधिकारियों के अनुसार, बस में करीब 60 लोग सवार थे। यह बस ग्रामीण इलाके से गुजर रही थी, तभी तेज मोड़ पर ड्राइवर का नियंत्रण बिगड़ गया और बस सड़क से नीचे उतरकर पलट गई। दुर्घटना इतनी भयानक थी कि कई यात्री बस से बाहर गिर गए, जबकि कुछ लोग मलबे के नीचे दब गए. बचाव दल को उन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मृतकों की संख्या और पहचान

अलागोआस की क्षेत्रीय सरकार ने पुष्टि की है कि अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें शामिल हैं:

  • 5 पुरुष

    • 7 महिलाएं

    • 3 बच्चे

    धार्मिक मेले से लौट रहे थे यात्री

    स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बस ‘Our Lady of Candelaria’ (अवर लेडी ऑफ कैंडेलारिया) नामक धार्मिक उत्सव से लौट रही थी. यह त्योहार हर साल 2 फरवरी को पड़ता है और ब्राज़ील के सेआरा राज्य में हजारों श्रद्धालु इसमें हिस्सा लेते हैं।

    बचाव अभियान कैसे चला?

    अलागोआस एविएशन विभाग के निदेशक कर्नल आंद्रे मदीरो ने बताया कि उनकी टीम ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने कहा :“बस मोड़ पर सड़क से उतरकर पलट गई और कई लोग बाहर फेंके गए. कुछ लोग बस के नीचे फंस गए थे। यह बहुत भयानक और असामान्य दुर्घटना थी।” घायल यात्रियों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. इनमें एक बच्चा गंभीर रूप से घायल है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

    तीन दिन का राजकीय शोक

    अलागोआस के गवर्नर पाउलो डांटास ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए राज्य में तीन दिन के शोक की घोषणा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा: “इस दुख की घड़ी में मैं पीड़ित परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.”

    ब्राज़ील में सड़क हादसे आम

    ब्राज़ील में इस तरह के घातक सड़क हादसे अक्सर होते रहते हैं। पिछले साल अक्टूबर में भी उत्तर-पूर्वी राज्य पर्नाम्बुको में एक बस पलटने से 17 लोगों की मौत हो गई थी।

सीबीआई ने आयकर विभाग के स्टेनोग्राफर को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

सीबीआई ने आयकर विभाग के स्टेनोग्राफर को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

 नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चेन्नई में आयकर विभाग में तैनात एक स्टेनोग्राफर को 1.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उस पर 19 लाख रुपये के बकाया आयकर को समाप्त कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।

सीबीआई के अनुसार स्टेनोग्राफर अभिनंदन सिंह ने आकलन वर्ष 2020-21 के तहत लंबित 19 लाख रुपये के आयकर बकाये को शून्य कराने के लिए कुल राशि का 10 प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगा था। इस संबंध में 02 फरवरी को शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज किया। एजेंसी ने जाल बिछाकर शिकायतकर्ता से 1.50 लाख रुपये की अवैध राशि स्वीकार करते हुए पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम स्टेनोग्राफर के कब्जे से बरामद की गई। सीबीआई ने उसके आवासीय परिसर की तलाशी भी ली, जहां से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अभिनंदन सिंह को आज चेन्नई की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एजेंसी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

यात्रीगण सावधान! प्रयागराज, काशी विश्वनाथ, ब्रह्मपुत्र और हमसफर सहित 100 के करीब ट्रेनें लेट — देखें पूरी लिस्ट

यात्रीगण सावधान! प्रयागराज, काशी विश्वनाथ, ब्रह्मपुत्र और हमसफर सहित 100 के करीब ट्रेनें लेट — देखें पूरी लिस्ट

UP Desk: उत्तर भारत में घने कोहरे के चलते यात्री मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार लगभग 100 ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जिनमें हमसफर, काशी विश्वनाथ, ब्रह्मपुत्र और बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। इसके साथ ही कई एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन भी प्रभावित हुआ है।

रेलवे: सुरक्षा के चलते धीमी रफ्तार
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर ने बताया कि कोहरे के कारण ट्रेनें धीमी गति से चल रही हैं। रात में घना कोहरा कई जगहों पर विजिबिलिटी जीरो तक पहुंच गया था, जिसके कारण ट्रेनों को रोका भी गया। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता है, इसलिए ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

प्रमुख देरी से चल रही ट्रेनें
कोहरे की वजह से प्रभावित प्रमुख ट्रेनें हैं:
- हमसफर एक्सप्रेस (02569, 02563) – 7 घंटे तक देरी
- काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस (15127)
- ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस (15658)
- आम्रपाली एक्सप्रेस (15707)
- बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12565)
- महाबोधि एक्सप्रेस (12397)
- वैशाली एक्सप्रेस (12555)
-शताब्दी एक्सप्रेस (22221)
- दुरंतो एक्सप्रेस (12273, 12269)
- राजधानी एक्सप्रेस (12301, 12313, 12423)
- पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12801)

और अन्य कई ट्रेनें
ये ट्रेनें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम को जोड़ती हैं।

फ्लाइट पर भी असर
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी घने कोहरे के कारण उड़ानों में देरी हो रही है। एयरलाइंस ने यात्रियों से समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी है। फ्लाइट देरी की वजह से एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी लाइनें और परेशानियां देखी जा रही हैं।

यात्रियों के लिए सुझाव
- ट्रेन यात्रा के लिए रेलवे की लाइव स्टेटस चेक करें।
- फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट समय से पहले पहुंचें।
- कोहरे के कारण रफ्तार धीमी है, इसलिए धैर्य रखें।

उत्तर प्रदेश दवा क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार: सीएम योगी

उत्तर प्रदेश दवा क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार: सीएम योगी

 लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि राज्य दवा क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। योगी आदित्यनाथ ने यहां वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के आयोजन 'उत्तर प्रदेश दवा सम्मेलन- एक' की शुरुआत की। इस मौके पर केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्रतिभागियों को ऑनलाइन संबोधित किया। योगी आदित्‍यनाथ ने उत्तर प्रदेश के व्यापक संसाधन और संभावनाओं को गिनाते हुए कहा, ''हमारे पास राष्‍ट्रीय स्‍तर की चार प्रयोगशालाएं मौजूद हैं। तमाम केन्द्र पहले से मौजूद हैं और उत्तर प्रदेश दवा क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। सबसे बड़ा कार्यबल भी राज्य में मिल सकता है।'' 

'उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू' राज्य नहीं रहा'
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की अपराध के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस' नीति के कारण राज्य दंगों, जबरन वसूली और अराजकता के केंद्र से बदलकर निवेश के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक जगह बन गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू' राज्य नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा राज्य बन गया है जहां कानून का राज है और कोई राजनीतिक दखल नहीं है। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा, ''आप 2012 और 2017 के बीच उत्तर प्रदेश की कल्पना कर सकते हैं। उस दौरान 900 से ज़्यादा दंगे हुए थे। शायद ही कोई ऐसा शहर था जहां कर्फ्यू न लगा हो।'' 

सीएम योगी ने लगाया आरोप 
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि उन सालों में व्यापारियों, डॉक्टरों और उद्यमियों को ''गुंडा टैक्स'' देने के लिए मजबूर किया जाता था और सरकार की कोई स्पष्ट नीति न होने के कारण युवाओं के पास भविष्य की कोई योजना नहीं थी। स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति आभार प्रकट करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बजट सत्र के कारण वह सीधे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाए, लेकिन उन्होंने अपना शुभकामना संदेश दिया है, जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। योगी ने निवेशकों के मन में उम्मीद जगाते हुए कहा कि हम आपके स्वागत के लिए तैयार हैं। 

'आज राज्य में मजबूत आधारभूत ढांचा है'
ललितपुर में शुरू की गई एक परियोजना का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''यह कहावत है कि ललितपुर को न छोडियो। वहां पहले फार्मा के लिए भूमि आवंटित की और अब कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।'' चिकित्सा उपकरण पार्क के लिए सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए मुख्‍यमंत्री ने कहा कि नोएडा के जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इसी माह प्रधानमंत्री जी देश को समर्पित करेंगे और इसके निकट 300 एकड़ क्षेत्र में चिकित्सा उपकरण पार्क की स्थापना की जा रही है। योगी ने कहा कि आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर 'मेडटेक सेंटर' 1200 करोड़ रुपये की लागत और राज्‍य सरकार के सहयोग से विकसित हो रहा है। एसजीपीजीआई भी दूसरे सेंटर के रूप में विकसित हो रहा है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में मजबूत आधारभूत ढांचा है। देश के 55 फीसदी एक्सप्रेस वे उप्र में हैं। राज्य का हर जिला मुख्यालय फोर लेन और तहसील मुख्यालय फोर लेन या टू लेन से जुड़ा है। 

 
मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले: नर्मदा विस्थापितों को राहत, 600 करोड़ का बोझ, 620 करोड़ की सिंचाई परियोजनाएं मंजूर

मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले: नर्मदा विस्थापितों को राहत, 600 करोड़ का बोझ, 620 करोड़ की सिंचाई परियोजनाएं मंजूर

 भोपाल: भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित परिवारों को आवंटित आवासीय भूखंडों का पंजीयन नि:शुल्क कराने का निर्णय लिया है। पंजीयन शुल्क और स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी। इस फैसले से 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा और राज्य सरकार पर करीब 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।

कैबिनेट ने मैहर और कटनी जिलों में दो सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना पर 53.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे 3500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और 9 गांवों के 2810 किसान लाभान्वित होंगे। वहीं कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 566.92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 27 गांवों के 11,500 किसानों को लाभ मिलेगा और 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

इसके अलावा मंत्रि-परिषद ने 6 विभागों की 10 योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी है। इनमें संबल 2.0 योजना, पशुपालन और गौ संवर्धन योजनाएं, विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना, महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजनाएं शामिल हैं।

फिर कर्जा लेने जा रही है मोहन सरकार,अब लेगी 5200 करोड़ रुपया, एक वित्तीय वर्ष का ऋण पहुंचा 62 300 करोड़

फिर कर्जा लेने जा रही है मोहन सरकार,अब लेगी 5200 करोड़ रुपया, एक वित्तीय वर्ष का ऋण पहुंचा 62 300 करोड़

 (भोपाल) : मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर लोन लेने जा रही है। इस बार प्रदेश की बीजेपी सरकार  5200 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। आपको बता दें कि मोहन सरकार साल 2026 में दूसरी बार ऋण लेने जा रही है। गौर करने वाली बात है कि चालू वित्तीय वर्ष में कर्ज 57,100 करोड़ लिया जा चुका हैं। इस नए कर्ज के साथ ही चालू वित वर्ष में कुल कर्जा  62,300 करोड़ रुपए का हो जाएगा। जो काफी भारी भरकम ऋण है।

मोहन सरकार लेने जा रही 5200 करोड़ रुपये का कर्जा

मोहन सरकार को ये दूसरा बार का कर्ज 7 फरवरी को मिलेगा। इसके तहत पहली किस्त 1200 करोड़ रुपए 7 साल के लिए है और  ब्याज समेत भुगतान की तारीख 4 फरवरी 2033 है। जबकि 2000 करोड़ का कर्ज 17 साल के लिए लिया जाएगा जो 4 फरवरी 2043 तक के लिए होगा। वहीं  तीसरी किस्त 2000 करोड़ रुपए 22 साल की अवधि में लिए होगी।

एक चालू वित्तिय वर्ष में हो गया 62,300 करोड़ का कर्ज

गौर करने वाली बात है कि  प्रदेश सरकार ने  इस चालू वित्त वर्ष में 57,100 करोड़ का कर्ज ले चुकी है। अब 5200 करोड़ का कर्ज लेने के बाद यह आंकड़ा 62,300 करोड़ रुपए तक  पहुंच जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने  07 मई 2025 को 5000 करोड़ रुपए कर्ज से ऋण लेना शुरु किया था जो सिलसिला लगातार जारी ही रहा। मई के बाद जून और जुलाई में तो 2 बार कर्जा लिया गया। फिर अगस्त में भी 2 बार और सितंबर में तो तीन बार ऋण लिया गया। ये सिलसिला 30 दिसंबर 2025 तक जारी रहा। नए साल की शुरुआत के साथ ही 7 जनवरी 2026 को 4000 करोड़ रुपए कर्ज लिया और अब सरकार 5200 करोड़ का कर्जा फिर सरकार लेने जा रही है।

 
CRIME : 9 साल की मोहब्बत, 62 दिन की शादी और फिर कत्ल—पत्नी ने गला घोंटकर की पति की हत्या, सुसाइड का रचा खौफनाक नाटक

CRIME : 9 साल की मोहब्बत, 62 दिन की शादी और फिर कत्ल—पत्नी ने गला घोंटकर की पति की हत्या, सुसाइड का रचा खौफनाक नाटक

 बरेली (उत्तर प्रदेश)। बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की कैलाशपुरम कॉलोनी में 26 जनवरी को आईवीआरआई के संविदाकर्मी जितेंद्र यादव का शव घर के वेंटिलेटर से लटका मिला था, जिसे शुरुआत में आत्महत्या माना गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या (स्ट्रैंगुलेशन) की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई;

पुलिस की गहन जांच में खुलासा हुआ कि 9 साल तक चले प्रेम संबंध के बाद 25 नवंबर 2025 को शादी करने वाली पत्नी ज्योति ने ऑनलाइन जुए में 20 हजार रुपये हारने और पैतृक संपत्ति को लेकर हुए विवाद के बाद पति जितेंद्र का गला घोंटकर कत्ल कर दिया और फिर अपने पिता कालीचरन व मां चमेली के साथ मिलकर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को मफलर के सहारे लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या लगे, लेकिन मौके पर शव की हालत, स्टूल पर टिके पैर, बाहर निकली जीभ और फॉरेंसिक जांच ने सच्चाई उजागर कर दी;

कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह भी सामने आया कि हत्या के तुरंत बाद ज्योति ने पुलिस या ससुराल वालों को नहीं बल्कि अपने मायके वालों को फोन किया था, जिससे शक और गहरा गया, सख्ती से पूछताछ में ज्योति ने जुर्म कबूल कर लिया;

पुलिस के मुताबिक शादी के बाद से ही ज्योति पति पर पैतृक संपत्ति बेचकर उसके नाम पर मकान और कार खरीदने का दबाव बना रही थी और मांग पूरी न होने पर दहेज केस में फंसाने की धमकी देती थी, एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पहले आत्महत्या के उकसावे में दर्ज एफआईआर को हत्या की धाराओं में बदला गया और 31 जनवरी को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।

2018 में जिस महिला की मौत हुई, अचानक 7 साल बाद हुई FIR में जिंदा... जानें पूरा मामला

2018 में जिस महिला की मौत हुई, अचानक 7 साल बाद हुई FIR में जिंदा... जानें पूरा मामला

 नेशनल डेस्कः राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। धनाऊ थाना क्षेत्र की पुलिस ने एक ऐसी महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है, जिसकी मौत साल 2018 में ही हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस की जांच प्रक्रिया और कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला बाड़मेर जिले के चौहटन उपखंड के धनाऊ थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले केवा राम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने करीब 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिनमें एक मृत महिला का नाम भी शामिल है।एफआईआर में जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनमें शामिल हैं: मूलाराम, केसाराम, हेमाराम, भीखाराम, भिखी देवी (मृत महिला), लाछी देवी, धर्माराम, रूपादेवी, दुदाराम और दुदाराम की पत्नी दौली।

आरोप क्या लगाए गए?
शिकायतकर्ता केवा राम ने पुलिस को बताया कि इन लोगों ने उनके प्लॉट पर कब्जा करने की कोशिश की। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की, प्लॉट में तोड़फोड़ की और बीच-बचाव करने वालों के साथ बदसलूकी की। इसके अलावा जाति सूचक गालियां दीं और विरोध करने पर जानलेवा हमला किया। इस हमले में केवा राम के परिवार के कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

सबसे बड़ा सवाल — मृत महिला कैसे आरोपी बनी?
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि भिखी देवी नाम की जिस महिला पर आरोप लगाया गया है, उसकी मौत 2018 में हो चुकी है। अब बड़ा सवाल यह है कि 7 साल पहले मर चुकी महिला 2026 में मारपीट और कब्जे की कोशिश में कैसे शामिल हो सकती है? इस खुलासे के बाद लोगों ने पुलिस की जांच और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

भारत-अमेरिका रिश्तों को नई गति, टैरिफ में कटौती और सहयोग बढ़ाने पर जोर

भारत-अमेरिका रिश्तों को नई गति, टैरिफ में कटौती और सहयोग बढ़ाने पर जोर

 नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से हुई हालिया फोन वार्ता को उपयोगी और सौहार्दपूर्ण बताया है। सोशल मीडिया पर साझा संदेश में उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान द्विपक्षीय व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने खुशी जताई कि “मेक इन इंडिया” उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% किए जाने की घोषणा भारतीय निर्यात के लिए फायदेमंद होगी। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने वाला कदम बताया और इसके लिए अमेरिकी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

संदेश में यह भी रेखांकित किया गया कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और प्रमुख लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं तो इससे जनता को लाभ और आपसी सहयोग के नए अवसर पैदा होते हैं। भारत ने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रयासों में अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

प्रधानमंत्री ने भविष्य में द्विपक्षीय साझेदारी को “अभूतपूर्व ऊंचाइयों” तक ले जाने की उम्मीद जताई। विश्लेषकों का मानना है कि टैरिफ में संभावित राहत और बढ़ता आर्थिक सहयोग आने वाले समय में व्यापार, तकनीक और निवेश के क्षेत्रों में नए अवसर खोल सकता है।

कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री

कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साेमवार काे सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने पुलिस और प्रशासन को आम जनता के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।

सोमवार शाम सचिवालय में मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए कानून व्यवस्था, सुरक्षा, पर्यटन प्रबंधन, नशा मुक्ति, अभियोजन व्यवस्था और जनशिकायत निवारण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव सहित सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।

पुलिस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों से लेकर फील्ड स्तर तक पुलिस के वर्क कल्चर में तत्काल सुधार किया जाए। आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और निर्दोष लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई हो। रात्रि गश्त बढ़ाने और निरंतर पेट्रोलिंग के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या में तेज़ वृद्धि होगी। इसे देखते हुए होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त की जाएं। उन्होंने बताया कि कैंची धाम बाईपास जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।

लैंड फ्रॉड के मामलों पर मुख्यमंत्री ने सख्त कानून बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि भूमि से जुड़े अपराधों में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही अभियोजन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते हुए अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जनशिकायत निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए 1905 हेल्पलाइन पर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने, मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन करने और योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।

घर की सीढ़ियों पर खून से लथपथ मिली लाश, लापता महिला की हत्या कर मकान के बाहर फेंका शव; में फैली सनसनी

घर की सीढ़ियों पर खून से लथपथ मिली लाश, लापता महिला की हत्या कर मकान के बाहर फेंका शव; में फैली सनसनी

 Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जहां थाना सदर क्षेत्र के रोहता गांव में 36 वर्षीय महिला नीलम की हत्या कर उसके शव को एक घर के बाहर सीढ़ियों के किनारे फेंक दिया गया।

परिवार में मचा कोहराम
घटना की जानकारी नीलम की बेटी ने सबसे पहले दी। बेटी ने सुबह खून के निशान देखे और चीख-पुकार मचाई। इसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में सनसनी फैल गई।

नीलम का पेशा और अचानक लापता होना
मृतका नीलम घर पर जूते की हील बनाने का काम करती थी और इसी से परिवार का पालन-पोषण करती थी। परिजनों के अनुसार, रविवार रात अचानक नीलम लापता हो गई थी। रातभर उसकी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम
- नीलम का शव सीढ़ियों के पास खून से लथपथ पड़ा मिला।
- मौके पर परिजन पहुंचकर शव की पहचान की।
- थाना सदर पुलिस, फोरेंसिक टीम और डीसीपी सिटी अली अब्बास भी मौके पर पहुंचे।
- पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।

भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा : मुख्यमंत्री योगी

भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर से तेजी से आगे बढ़ा है। केंद्रीय बजट की विशेषताओं को लेकर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने ''दूरदर्शी'' बजट प्रस्तुत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन से तैयार होकर सामने आया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह बजट हर भारतीय को अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और इसमें भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश की 25 करोड़ से अधिक आबादी गरीबी रेखा से बाहर निकलकर भारत की प्रगति में अपना योगदान दे रही है। उन्होंने कहा, ''इसी का परिणाम है कि भारत आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है।'' 

मुख्यमंत्री ने कहा, ''2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया था और उनका निरंतर आग्रह रहा है कि हमें 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों पर भी राष्ट्रव्यापी चर्चा का आह्वान किया था।'' योगी ने कहा, ''हम मौलिक अधिकारों की तो बात करते हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों पर चर्चा नहीं करते। राष्ट्र और समाज के प्रति प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यों को समझना और निभाना आवश्यक है।'' 

मप्र में किसानों की आय बढ़ाना ही सरकार का मूल ध्येय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मप्र में किसानों की आय बढ़ाना ही सरकार का मूल ध्येय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 कृषि वर्ष आयोजन के लिए सरकार ने तय की रूपरेखा

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की आय में हर तरीके से वृद्धि करना ही हमारा मूल लक्ष्य है और यह उनकी फसल का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने से ही संभव है। मध्य प्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के हित में 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' के समावेशी मॉडल/थीम पर हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष (कृषि वर्ष) के रूप में मना रहे हैं। इस दौरान कृषि उत्पादों का मजबूत विपणन तंत्र स्थापित किया जाएगा, साथ ही खाद्य प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एक बयान में कहा कि किसानों को उच्च उत्पादकता वाली फसल किस्मों/बीजों का वितरण, डिजिटलीकृत एवं नवीन कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन, कृषि स्टार्टअप एवं एफपीओ जैसी कृषि आधारित रोजगार श्रृंखला को बढ़ावा, कृषि से संबद्ध सभी क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए जिला-आधारित क्लस्टर्स का विकास तथा खेती-किसानी में फसल चक्र में बदलाव (विविधीकरण) को प्रोत्साहन देना कृषि वर्ष के प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों का कल्याण हमारे लिए एक मिशन है। इनके समग्रहित में इसके लिए कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कृषि केबिनेट भी की जाएगी। कृषि केबिनेट की शुरूआत निमाड़ अंचल से की जाएगी। किसान हित के सभी जरूरी निर्णय फील्ड में होने वाली कृषि कैबिनेट में ही लिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खेती-किसानी से पर्यावरण में भी व्यापक सुधार आता है। उन्होंने कहा कि निमाड़ क्षेत्र में खेती-किसानी से बढ़ते लाभ और दिनों-दिन सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से दूसरे किसान भी खेती की तरफ बढ़े हैं। इससे निमाड़ अंचल में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है और इस हरियाली का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि पूरे निमाड़ अंचल का तापमान पहले से चार डिग्री कम हो गया है। यह उपलब्धि हमें किसानों की बेहतरी के लिए और अधिक प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

कृषि में तकनीक के उपयोग पर रहेगा जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के किसानों के लिए कृषि तकनीक के उपयोग पर विशेष फोकस किया जाएगा। यह तय किया जाएगा कि किसानों को उनके सभी प्रकार के हितलाभ एग्री स्टैक के जरिए ही दिए जाएं। इसके लिए किसानों के बैंक खातों को समग्र आई.डी. के साथ जोड़ दिया जाएगा। साथ ही मोबाईल एवं क्यू.आर कोड आधारित तकनीक के उपयोग से कृषि आदानों की उपलब्धता (ट्रेसबिलिटी) भी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्नत पशुपालन तकनीक सीखने के लिए ब्राजील जाएंगे मप्र के पशुपालक

उन्होंने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान सरकार का एक लक्ष्य दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर इसे वर्तमान से दुगना करना भी है। इसके लिए प्रदेश के पशुपालकों को उन्नत पशुपालन की नई-नई तकनीकें सीखने के लिए ब्राजील भेजा जाएगा। राज्य के पशुपालक उन्नत तकनीक से पशुपालन करेंगे तथा नई विधियों और पद्धतियों से उन्नत नस्लों के पशुओं से दुग्ध उत्पादन के लिए तैयार करेंगे। नई तकनीक से पशुपालकों के दुग्ध उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी।

पैक्स समितियों के जरिए किसानों को दिलाएंगे अधिकतम सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान किसानों को अधिकतम सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्ष के दौरान राजस्व विभाग द्वारा ऐसे किसान, जो किसी वजह से अबतक केसीसी धारक नहीं हैं, उनकी सूची निकटतम प्राथमिक सहकारी साख समितियों (पैक्स) को उपलब्ध कराई जाएगी। पैक्स समितियां किसानों से सम्पर्क कर पात्र किसानों से तय प्रारूप में आवेदन लेंगी और बैंक स्तर पर केसीसी मंजूर कराने की कार्यवाही भी करेंगी। मंजूरी वाले प्रकरणों को एकत्रित कर कैम्प लगाकर किसानों को केसीसी वितरित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में 4500 से अधिक पैक्स समितियां कार्यरत हैं और करीब 23 लाख से अधिक किसान इन पैक्स समितियों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।

भोपाल में होगा 'आम महोत्सव'

किसान कल्याण वर्ष आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के संबंध में बताया गया कि आगामी मई माह में भोपाल में आम महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में आम उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों और विशेषज्ञों की सहभागिता होगी। महोत्सव के दौरान आम की खेती से संबंधित नई तकनीक पर मार्गदर्शन और प्रेजेन्टेशन दिया जाएगा। साथ ही आम की सभी किस्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का होगा लोकार्पण

मध्य प्रदेश सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा भोपाल में तैयार की जा रही राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का लोकार्पण भी कृषि वर्ष के दौरान किया जाएगा। लगभग 12.65 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित हो रही इस बड़ी प्रयोगशाला की सुविधा मिल जाने से पेस्टीसाइड, रसायन, भारी खनिज, वेजीटेबल आइल, शर्करा तथा दुग्ध उत्पादों और दूध में मिलावट की गहन जांच अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी। इससे दीर्घ अवधि में मिलावटी दूध एवं दूध से बने उत्पादों पर अंकुश लगेगा। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन मिलने से उपभोक्ताओं में सांची ब्रांड से बने उत्पादों की साख भी बढ़ेगी।

सितम्बर में बालाघाट में होगा 'सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव'

किसान कल्याण वर्ष में सितम्बर के संभवत: पहले सप्ताह में बालाघाट जिले में 'सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव' आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में सिंघाड़ा उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों एवं फसल विशेषज्ञों द्वारा सहभागिता की जाएगी। सिंघाड़ा और मखाना कैश क्राप की तरह हैं। इनका सेवन स्वाथ्यवर्धक होता है। यह महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। क्षेत्रीय किसानों को सिंघाड़े और मखाने की खेती से जोड़ने के लिए महोत्सव में किसानों के बीच इनकी खेती से मिलने वाले लाभों से जुड़ी जानकारियों का वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। महोत्सव में इन दोनों फसलों की खेती से संबंधित नई तकनीकों के बारे में किसानों को बताया जाएगा। साथ ही सिंघाड़े और मखाने की सभी प्रकार की किस्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

नवम्बर में नरसिंहपुर में होगा 'गन्ना महोत्सव'

कृषि वर्ष में नवम्बर के संभवत: पहले सप्ताह में ही नरसिंहपुर जिले में राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन सह गन्ना महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में शक्कर कारखाना मालिक, गन्ना उत्पादक किसान सहित निर्यातक एवं विशेषज्ञ भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

मध्य प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में स्थापित होगा युवा शक्ति मिशन : मंत्री सारंग

मध्य प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में स्थापित होगा युवा शक्ति मिशन : मंत्री सारंग

 भोपाल। मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को मंत्रालय में केंद्रीय बजट वर्ष 2026-27 के संदर्भ में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मंत्री सारंग ने केंद्रीय बजट वर्ष 2026-27 में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए स्वीकृत प्रावधानों एवं निर्धारित लक्ष्यों को तय समय-सीमा में हासिल करने के लिए एक पृथक एवं ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ हर खिलाड़ी और युवाओं तक पहुँचे इसके लिए सतत निगरानी और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाई जाए। साथ ही उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में युवा शक्ति मिशन की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग श्री मनीष सिंह, उप-संचालक श्री बी.एस. यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री सारंग ने प्रदेश के युवाओं को संगठित, सशक्त एवं नेतृत्वशाली बनाने के उद्देश्य से हर विधानसभा क्षेत्र में युवा शक्ति मिशन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मिशन के माध्यम से युवाओं को नेतृत्व विकास, कौशल प्रशिक्षण एवं खेल गतिविधियों से जोड़ा जाएगा जिससे प्रदेश का युवा वर्ग विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।

युवा केंद्रित गतिविधियों को संभाग स्तर पर करें आयोजितमंत्री सारंग ने युवा कल्याण गतिविधियों को और अधिक सशक्त एवं व्यापक बनाने के उद्देश्य से संभाग स्तरीय कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर प्राप्त होंगे तथा उनकी प्रतिभाओं को उचित मंच मिलेगा।

उपलब्धियों, नवाचारों एवं सफल मॉडलों का हो प्रभावी प्रचार-प्रसारमंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचों एवं तकनीकी विशेषज्ञों के सतत कौशल उन्नयन और क्षमता विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने खेलों में नवाचार को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए निर्देश दिए कि विभाग की उपलब्धियों, नवाचारों एवं सफल मॉडलों का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़े और मध्यप्रदेश की सकारात्मक छवि राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो।

मंत्री सारंग ने खेल अधोसंरचना के विकास हेतु पीपीपी मॉडल को प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

यूएस टैरिफ की चिंता नहीं, मेक इन इंडिया' पर फोकसॆ-निर्मला सीतारमन

यूएस टैरिफ की चिंता नहीं, मेक इन इंडिया' पर फोकसॆ-निर्मला सीतारमन

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि बजट में घोषित सीमा शुल्क संशोधन दो साल से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है और इस पर अमेरिकी टैरिफ का कोई प्रभाव नहीं है, जिसका मुख्य उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का सीमा शुल्क संशोधन पर कोई प्रभाव नहीं है। सीतारमण ने राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से केंद्रीय बजट 2026-27 में कुछ उत्पादों पर सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती के प्रस्तावों के संदर्भ में कहा कि पिछले दो वर्षों से सीमा शुल्क संशोधन का काम चल रहा है। अमेरिकी मुद्दे का बजट पर 'कोई प्रभाव नहीं' पड़ा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव का कोई आकलन नहीं किया।

सीतारमण ने कल अपने बजट भाषण में कुछ उत्पादों पर सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती का प्रस्ताव रखा था, जिसका उद्देश्य टैरिफ संरचना को और सरल बनाना, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, निर्यात प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना और शुल्क में होने वाले असंतुलन को दूर करना है। जिन उत्पादों/क्षेत्रों पर शुल्क में संशोधन किया गया है, उनमें समुद्री, चमड़ा और वस्त्र उत्पाद; ऊर्जा क्षेत्र; और महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुएं शामिल हैं। नागरिक, प्रशिक्षण और अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक घटक और पुर्जे भी इसमें शामिल हैं। इनमें 17 दवाएं भी शामिल हैं।

विनिवेश पर, सीतारमण ने कहा कि सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं है और आईडीबीआई बैंक का विनिवेश जल्द ही आगे बढ़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि विनिवेश की गति और दिशा राजस्व सृजन का आधार तय करेगी, और हम निश्चित रूप से विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण पर और अधिक विचार करेंगे।" निवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव, अरुणिश चावला ने बजट के बाद एएनआई से बातचीत में कहा था कि आईडीबीआई बैंक का रणनीतिक विनिवेश "तीसरे चरण में पहुंच गया है और अब तकनीकी और वित्तीय बोलियां आमंत्रित की जाएंगी।

मई 2021 में, आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ-साथ आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। बैंकिंग क्षेत्र के लिए रोडमैप पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक आज मजबूत स्थिति में हैं और परिसंपत्तियों की गुणवत्ता उच्च है। लेकिन हम यहीं नहीं रुकना चाहते, भविष्योन्मुखी बैंकों की आवश्यकता है। सीतारामन ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में घोषित उच्च स्तरीय समिति बैंक समेकन पर विचार करेगी और उच्च स्तरीय समिति के लिए कार्यक्षेत्र का मसौदा शीघ्र ही तैयार किया जाएगा।