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Prayagraj Magh Mela: बसंत पंचमी पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में लगाई आस्था की डुबकी

Prayagraj Magh Mela: बसंत पंचमी पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में लगाई आस्था की डुबकी

 प्रयागराज: प्रयागराज में जारी माघ मेले में बसंत पंचमी स्नान पर्व पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात 12 बजे से ही लोगों का संगम क्षेत्र में आगमन व स्नान जारी है और शुक्रवार को बसंत पंचमी पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई। मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मेला क्षेत्र के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब मौजूद रहा। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन पर नजर रखी गई। 

बसंत पंचमी स्नान का होता है विशेष महत्व
पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक कैमरे क्रियाशील हैं। उन्होंने कहा कि साथ ही रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों की भी निगरानी की गई तथा सभी जगहों पर पुलिस प्रशासन के कर्मचारी अधिकारी तैनात हैं। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि बसंत पंचमी पर्व पर प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की अतिरिक्त आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 22 मेला विशेष गाड़ियों का संचालन किया गया। तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि चूंकि प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का वास है, इसलिए यहां बसंत पंचमी स्नान का विशेष महत्व है। 

पीली वस्तुओं का दान करने का विधान
बसंत पंचमी पर पीला वस्त्र धारण करने, पीली वस्तुओं का दान करने का विधान है। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के दिन से ही ऋतु परिवर्तन का एहसास जनमानस को होने लगता है और लोग गुलाल आदि लगाकर इसे उत्सव के रूप में मनाते हैं। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में लगाया गया है। मेला क्षेत्र में 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि छोटी अवधि का कल्पवास करने के इच्छुक लोगों के लिए माघ मेला में टेंट सिटी बनाई गई है जहां ध्यान व योग आदि की सुविधाएं मौजूद हैं। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 
पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन एवं सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस बार 42 अस्थायी पार्किंग हैं जिनमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन खड़े हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। 

स्पेस टेक नीति-2026: MP बनेगा भारत का अगला अंतरिक्ष और AI हब, उज्जैन में खगोल विज्ञान R&D केंद्र का निर्माण

स्पेस टेक नीति-2026: MP बनेगा भारत का अगला अंतरिक्ष और AI हब, उज्जैन में खगोल विज्ञान R&D केंद्र का निर्माण

 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 राज्य की वैज्ञानिक और खगोलीय विरासत को  फ्यूचर रेडी टेक्नॉलोजिकल लीडरशिप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नीति नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेगी। इससे मध्यप्रदेश भारत की नई अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में सशक्त भूमिका निभाएगा।

 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक जैसे उभरते सेक्टर्स में निवेश को प्रोत्साहित करना, उच्च-कौशल रोजगार सृजित करना और मध्यप्रदेश को एक अग्रणी स्पेस टेक हब के रूप में स्थापित करना है। ऐतिहासिक रूप से “प्राचीन भारत का ग्रीनविच” कहे जाने वाले उज्जैन (डोंगला) की खगोलीय विरासत को आधुनिक विज्ञान और एआई तकनीक से जोड़कर राज्य को अंतरिक्ष अनुसंधान के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्पेस टेक नीति-2026

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 का शुभारंभ हाल ही में मध्यप्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 में किया था। यह नीति राज्य को अंतरिक्ष और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। स्पेस टेक नीति-2026 एक समग्र और एंड-टू-एंड तकनीकी ढांचा प्रदान करती है, जिसमे अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के अपस्ट्रीम, मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम सभी चरणों का विकास किया जाएगा। नीति में उपग्रह एवं प्रक्षेपण यान निर्माण, प्रणोदन प्रणाली, एवियोनिक्स, उन्नत सामग्री, असेंबली-इंटीग्रेशन-टेस्टिंग,मिशन संचालन, ग्राउंड स्टेशन, स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस एवं एआई-आधारित उपग्रह डेटा विश्लेषण को शामिल किया गया है।

नीति में इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और अनुसंधान एवं विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत स्पेस टेक मैन्युफैक्चरिंग पार्क, पर्यावरणीय एवं ईएमआई/ईएमसी परीक्षण सुविधाएँ, प्रणोदन एवं वाइब्रेशन परीक्षण प्रयोगशालाएँ, क्लीन रूम तथा सैटेलाइट सिमुलेशन, एआई मॉडलिंग और बिग-डेटा एनालिटिक्स के लिए उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पात्र स्पेस-ग्रेड अधोसंरचना के लिए 40 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान और फोकस सेक्टर्स के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है।

नीति के अंतर्गत डिज़ाइन-लिंक्ड इंसेंटिव, प्रोटो टाइप विकास अनुदान, बौद्धिक संपदा (आईपी) प्रतिपूर्ति सहायता और स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संरचित मैचिंग-फंड मॉडल शामिल किया गया है। इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष नीति और IN-SPACe सुधारों के अनुरूप निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। नीति की विशेष उपलब्धि उज्जैन में खगोल भौतिकी एवं अंतरिक्ष विज्ञान के लिए अनुसंधान एवं विकास केंद्र की स्थापना है। इस केंद्र से उज्जैन की समृद्ध खगोलीय विरासत को आधुनिक विज्ञान और एआई तकनीक से जोड़ा जाएगा।

नीति का क्रियान्वयन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जाएगा, जिसमें एमपीएसईडीसी नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी। निवेशकों, स्टार्ट-अप्स और अनुसंधान संस्थानों को सिंगल-विंडो सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक समर्पित सुविधा प्रकोष्ठ भी स्थापित किया जाएगा। स्पेस टेक नीति से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी टियर-2 स्पेस टेक हब के रूप में उभरेगा।

गरीबों के पौने 2 करोड़ डकार गए कर्मचारी ! ‘गांव की बेटी छात्रवृति योजना’ घोटाले का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार

गरीबों के पौने 2 करोड़ डकार गए कर्मचारी ! ‘गांव की बेटी छात्रवृति योजना’ घोटाले का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार

 बैतूल : मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सामने आए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने आज तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रकाश बंजारे जेएच कॉलेज बैतूल में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ था। ये घोटाला ‘गांव की बेटी योजना' के तहत दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि में 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपये के गबन से जुड़ा है। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर दीपेश डहेरिया और सहायक ग्रेड-3 रिंकू पाटिल को गिरफ्तार कर चुकी है। यह मामला अगस्त-सितंबर 2024 में महालेखाकार ग्वालियर की ऑडिट जांच के दौरान सामने आया था। जांच के बाद 17 दिसंबर 2024 को तत्कालीन प्राचार्य विजेता चौबे ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और बिल बनाकर छात्रवृत्ति की राशि 95 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की। इन खातों में करीब 3240 बार लेनदेन किया गया, जो आरोपियों के रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर थे। पुलिस ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। एसडीओपी सुनील लाटा ने बताया कि दो पूर्व प्राचार्य भी आरोपी हैं, जिनकी गिरफ्तारी अभी शेष है। जांच जारी है।

पुलिस कांस्टेबल हत्याकांडः नैनीताल हाईकोर्ट ने दोषी की सजा घटाई... जानिए क्या है पूरा मामला

पुलिस कांस्टेबल हत्याकांडः नैनीताल हाईकोर्ट ने दोषी की सजा घटाई... जानिए क्या है पूरा मामला

 नैनीतालः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिले की मुखानी पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह की हत्या के दोषी राजेंद्र कुमार आर्य की आजीवन कारावास की सजा को घटाकर 'जेल में पहले ही बिताई जा चुकी अवधि' तक कर दिया है। अदालत ने इस मामले को हत्या की धारा 302 के बजाय हत्या की धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या मानते हुए कहा कि आरोपी को केवल उतने समय के लिए दंडित किया जाना चाहिए जो वह पहले ही जेल में बिता चुका है। आर्य, मई 2014 से लगभग 11 वर्षों से जेल में है। इस मामले की सुनवाई करने वाली न्यायमूर्ति रविंद्र मैंठाणी और न्यायमूर्ति आलोक माहरा की अवकाशकालीन पीठ ने आर्य की तत्काल रिहाई के आदेश दिए।

इस मामले के अनुसार, 28 मई 2014 को आर्य को चोरी के एक मामले में हल्द्वानी के मुखानी पुलिस चौकी में हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, सुबह होने से पहले आर्य ने हिरासत से भागने की कोशिश की और जब ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आर्य ने वहीं पड़ी लोहे की एक छड़ से उनकी छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट के कारण कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वर्ष 2017 में, हल्द्वानी स्थित प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने राजेंद्र कुमार आर्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और हिरासत से भागने की कोशिश के लिए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।

पुलिस ने दावा किया था कि आरोपी ने हथकड़ी खोलने के बाद भागने की कोशिश की, लेकिन उच्च न्यायालय ने इस पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस यह साबित करने में विफल रही है कि आरोपी को चाबियां कहां से मिलीं। अदालत का मानना था कि शायद आरोपी को हथकड़ी नहीं लगाई गई थी। उच्च न्यायालय ने माना कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी। आरोपी केवल भागने की कोशिश कर रहा था और हाथापाई के दौरान उसने पास में पड़ी एक छड़ उठाकर कांस्टेबल पर वार कर दिया।

न्यायालय ने कहा कि यह मामला अचानक हुए झगड़े के दौरान हुई घटना की श्रेणी में आता है। इसी के अनुरूप, न्यायालय ने दोषसिद्धि को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 से बदलकर धारा 304 कर दिया। चूंकि आरोपी 28 मई 2014 से लगातार जेल में है, इसलिए न्यायालय ने उसे जेल में बिता चुके समय के बराबर सजा सुनाई। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि यदि आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल रिहा कर दिया जाए। आर्य पर निचली अदालत द्वारा लगाया गया जुर्माना बरकरार रखा गया है।

आज खरगे-राहुल की हाईलेवल मीटिंग, केरल से बिहार तक कांग्रेस की सियासत पर होगा बड़ा मंथन!

आज खरगे-राहुल की हाईलेवल मीटिंग, केरल से बिहार तक कांग्रेस की सियासत पर होगा बड़ा मंथन!

 दिल्ली: कांग्रेस पार्टी संगठन को नए सिरे से मजबूती देने और आने वाले चुनावों की तैयारी को धार देने में जुट गई है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी भारत तक अपनी राजनीतिक रणनीति को धार दे रही है। इसी कड़ी में 23 जनवरी (शुक्रवार) को कांग्रेस के लिए बेहद अहम दिन माना जा रहा है, जब पार्टी दो बड़े और निर्णायक कार्यक्रमों को अंजाम देने जा रही है।

केरल विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में मंथन

केरल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को कांग्रेस बेहद अहम मान रही है। पार्टी का आकलन है कि राज्य में माहौल उसके पक्ष में है और सही रणनीति के साथ सत्ता में वापसी संभव है। 23 जनवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे दिल्ली में खरगे और राहुल गांधी केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इस मीटिंग में चुनावी रोडमैप, संगठनात्मक मजबूती, सीटों की रणनीति और गठबंधन की दिशा पर विस्तार से चर्चा होगी। बैठक के बाद केरल कांग्रेस के नेता सीधे मैदान में उतरकर प्रचार अभियान को तेज करेंगे। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में पश्चिम बंगाल में संभावित गठबंधन, खासकर TMC के साथ तालमेल को लेकर भी अनौपचारिक चर्चा हो सकती है, जिस पर कांग्रेस नेतृत्व का रुख अहम माना जा रहा है।

बिहार में कांग्रेस की सियासी चिंता: विधायकों को दिल्ली तलब

बिहार में कांग्रेस की स्थिति पहले से ही कमजोर मानी जा रही है। विधानसभा में पार्टी के केवल 6 विधायक हैं, जिनके पार्टी छोड़ने की अटकलों ने हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है। चर्चाएं हैं कि ये विधायक JD(U) या NDA का रुख कर सकते हैं, जिससे बिहार विधानसभा में कांग्रेस की मौजूदगी खत्म हो सकती है। पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी 6 विधायकों को दिल्ली बुलाया है। 23 जनवरी शाम 4:30 बजे राहुल गांधी दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में विधायकों से सीधे बातचीत करेंगे। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद रहेंगे।

बैठक में शामिल होने वाले विधायकों में मनोहर प्रसाद सिंह, अवधीर रहमान, कमरुल होदा, सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, अभिषेक रंजन और मनोज विश्वास शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक एकता बनाए रखने, असंतोष दूर करने और भविष्य की रणनीति तय करने पर फोकस करेगा।

24 जनवरी को मनाया जाएगा यूपी दिवस, प्रदेशभर में गूंजेगा जन जागरण का स्वर, नुक्कड़ नाटकों के जरिये होगा जनता से सीधा संवाद

24 जनवरी को मनाया जाएगा यूपी दिवस, प्रदेशभर में गूंजेगा जन जागरण का स्वर, नुक्कड़ नाटकों के जरिये होगा जनता से सीधा संवाद

 लखनऊ : उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर इस वर्ष 24 जनवरी को राज्य के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी। बयान के मुताबिक इसका उद्देश्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों को एक सरल, प्रभावी और संवादात्मक माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाना है। 

चौबीस जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के उपलक्ष्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नामित ‘ए' श्रेणी के नुक्कड़ नाटक दलों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में व्यापक स्तर पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश दिवस पर यह सांस्कृतिक पहल न केवल प्रदेश की समृद्ध लोकनाट्य परंपरा को सशक्त करेगी, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का सेतु भी बनेगी। नुक्कड़ नाटक जैसे प्रभावी माध्यम के जरिए जनजागरण का यह अभियान उप्र दिवस को एक अर्थपूर्ण, जीवंत और जनभागीदारी से जुड़ा उत्सव बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

बयान के मुताबिक, प्रदेश के सभी 18 मंडलों के अंतर्गत चयनित जनपदों में यह अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक मंडल में तीन-तीन स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा जिससे कुल 54 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। इन नाटकों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूकता, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। 

संतों का अपमान हुआ तो सपा साथ खड़ी रहेगी: अखिलेश यादव

संतों का अपमान हुआ तो सपा साथ खड़ी रहेगी: अखिलेश यादव

 लखनऊ: छोटे लोहिया के नाम से विख्यात समाजवादी विचारक डॉ. जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र पार्क जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रयागराज माघ मेले में साधु-संतों के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी साधु-संत का अपमान होगा तो समाजवादी पार्टी उनके सम्मान की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।        

'सपा पीडीए की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है'
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा पीडीए की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है। जनेश्वर मिश्र ने जो सिद्धान्त, जो आंदोलन दिया, उसे आगे बढ़ने का हम संकल्प लेते हैं।  अखिलेश यादव ने नोएडा में इंजीनियर की मौत के प्रकरण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भी सरकारी तंत्र समय रहते पीड़ति की जान नहीं बचा सका। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कई घंटे तक इसलिए कारर्वाई नहीं की गई क्योंकि यह कहकर टाल दिया गया कि पानी ठंडा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता बताते हुए कहा कि सरकार बताए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं सम्भल प्रकरण में सीओ समेत अन्य पर केस दर्ज कराने का आदेश देने वाले जज के ट्रांसफर पर सपा अध्यक्ष ने कहा कि 'सच्चाई को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।' 

'सरकार सच सामने आने से घबराती है'
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार सच सामने आने से घबराती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में पूंजीवादी ताकतें हावी हो रही हैं। ऐसे में समाजवादियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे जनेश्वर मिश्र, डॉ. लोहिया, बाबा साहब और नेताजी के विचारों को आगे बढ़ाकर समाजवादी आंदोलन को मजबूती दें। इस दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा कि हम सभी ने देखा है कि जब वह योग कर रहे थे तो एक टांग पर लड़खड़ा रहे थे, क्या आप लोग उन्हें योगी कहेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग, वे लोग हैं जब उन्हें लगता है कि धर्म के आधार पर वोट नहीं मिल सकता है, सनातन के रास्ते से वोट नहीं मिल सकता है तो इस तरह का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन का रास्ता सत्य का रास्ता है, धर्म का रास्ता, न्याय का रास्ता है। हम सबको साथ लेकर चले, वही सनातनी रास्ता है। हमारे साधु संत और जितने भी पूजनीय लोग हैं उनका सम्मान करें। उनके पास समय-समय पर जाकर राय मशविरा करें। यही सनातन है।        

'सतुआ बाबा को नहीं जानते हैं'
इस दौरान सतुआ बाबा के बारे में पूछने पर अखिलेश यादव ने कहा कि सतुआ बाबा को नहीं जानते हैं, हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। सतुआ बाबा को देखा है, वह हमारे आजम साहब से कान में क्या कहते थे मुझे पता है। तमाम साधु संतों से कहूंगा कि सरकार को ना भड़काएं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने तंज कसा कि उप मुख्यमंत्री को 'दंडवत होकर माफी मांगनी चाहिए।' उन्होंने प्रेरणा स्थल का नाम लिए बिना कहा कि 'तीन प्रतिमाओं की तरह खड़ा होना पड़ेगा न हिलो, न डुलो।'उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार में वह डिप्टी सीएम हैं, वहां उन्हें कई बार 'डपट' भी पड़ जाती है।  

दावोस में बड़ी डील: CM मोहन की मौजूदगी में मप्र और DP World के बीच ऐतिहासिक MOU

दावोस में बड़ी डील: CM मोहन की मौजूदगी में मप्र और DP World के बीच ऐतिहासिक MOU

 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बुधवार को दावोस में मध्यप्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने एवं डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी अनिल मोहता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष सुल्तान अहमद बिन सुलायेम उपस्थित रहे। इस एमओयू के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर सहमति बनी, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण एवं बुनियादी ढांचे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

MP में शिक्षकों के लिए नए निर्देश जारी, 500 शिक्षकों का अटैचमैंट खत्म, दफ्तरों में बाबूगिरी पर लगाम

MP में शिक्षकों के लिए नए निर्देश जारी, 500 शिक्षकों का अटैचमैंट खत्म, दफ्तरों में बाबूगिरी पर लगाम

भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए नए निर्देश जारी हुए हैं। इन निर्देशों के तहत शिक्षकों की बाबूगिरी पर ब्रेक लगेगी और वो अपने मूल काम कि और लौटेंगे।दरअसल जिला शिक्षा विभाग ने राजधानी में पांच सौ शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म कर दिया है। इससे अब ये शिक्षक स्कूलों का रुख करेंगें।

दरसअल शिक्षकों की कमी के बीच दफ्तरों में शिक्षक तैनात होने का मामला काफी जोर-शोर से उठा था, क्योंकि  ये अपने काम के बजाय दूसरे और कामों में लगे हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी और कक्षाएं खाली है। बच्चों ने भी इस संबंध में शिकायत की थी और इसका हवाला दिया था। इसी के बाद यह कार्रवाई की गई है।

स्कूलों मे पढ़ाई कराने की बजाय दफ्तरों में बाबूगिरी कर रहे ये शिक्षक  अब स्कूलों में लौटेंगे और बच्चों को पढ़ाएंगे। दरअसल अगले महीने स्कूलों में परीक्षा हैं और शिक्षकों की काफी कमी है। इसकी के चलते ये निर्देश जारी हुए हैं। परीक्षा में दो लाख से ज्यादा स्टूडेंट हिस्सा लेंगे।

गौर करने वाली बात है कि  परीक्षाओं का समय पास है और इस समय शिक्षकों की काफी जरुरत है। जिसके चलते निर्देश दिए गए हैं  कि दूसरी जगह संलग्न शिक्षक  स्कूलों में वापिस  लौटें। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं

आपको बता दें कि बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होगी। पांचवीं और आठवीं की परीक्षा इसी माह कराई जा रही है। राजधानी में साढ़े तीन हजार शिक्षक हैं। ये पहली से बारहवीं तक की पढ़ाई करा रहे है। लिहाजा शिक्षा विभाग के इस निर्देश से स्कूलों को शिक्षक मिलेंगे।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बड़ा हादसा, खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान शहीद, 10 घायल

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बड़ा हादसा, खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान शहीद, 10 घायल

 जम्मू-कश्मीर- जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक भयावह घटना घटी है. यहां से गुजरते हुए सेना की कैस्पर गहरी खाई में गिर गई, जिसकी वजह से 10 जवान शहीद हो गए और 10 अन्य घायल हुए हैं. सेना का ये कैस्पर डोडा में भद्रवाह चंबा रोड से जा रहा था, जिसकी हालत पहले से काफी खस्ता है. कैस्पर करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर खाई में गिरा है. जवानों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है और रेस्क्यू टीम अपना काम तेजी से कर रही है.

एक अधिकारी ने बताया कि अज्ञात कारणों से गाड़ी सड़क से फिसल गई. घटना के तुरंत बाद, बचाव और राहत टीमों को मौके पर भेजा गया. घायल सैनिक को दुर्घटनास्थल से निकालकर पास के मेडिकल सेंटर में ले जाया गया है. सेना का वाहन एक ऊंची पहाड़ी पोस्ट की ओर जा रहा था, तभी ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया और गाड़ी सड़क से फिसल गई, जिसके बाद वह 200 फुट गहरी खाई में गिर गई.

 हादसे पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तरफ से कहा गया है कि डोडा में हुए दुखद सड़क हादसे में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों की जान जाने से बहुत दुख हुआ है. हम अपने बहादुर सैनिकों की बेहतरीन सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. इस गहरे दुख की घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता और समर्थन में खड़ा है. 10 घायल सैनिकों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल पहुंचाया गया है. उनका सबसे अच्छा इलाज हो इसका निर्देश दिया गया है. उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूं.

संवेदनशील बने हुई डोडा की स्थिति

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सुरक्षा की स्थिति हाल में संवेदनशील बनी हुई है. यहां हाल के दिनों में आतंकवादी गतिविधियों और सुरक्षा बलों के ऑपरेशन बढ़े हुए हैं. डोडा जिले में आतंकवादियों की मौजूदगी की आशंका बनी हुई है, खासकर पहाड़ी और जंगली इलाकों में. खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक डोडा और पड़ोसी किश्तवाड़ जिले में 30-35 पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी सक्रिय हो सकते हैं, जो जंगल में छिपे हुए हैं.

Uttarakhand : 23 जनवरी को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि होगी घोषित !

Uttarakhand : 23 जनवरी को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि होगी घोषित !

 टिहरीः उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक माने जाने वाले श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने का निर्णय बसंत पंचमी के पावन अवसर पर 23 जनवरी को लिया जाएगा। कपाट खुलने की तिथि का निर्धारण नरेंद्रनगर स्थित ऐतिहासिक टिहरी राज दरबार में पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए आयोजित होने वाला यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूर्वाह्न 10:30 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में टिहरी राजपरिवार के प्रतिनिधि, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारी, राजपुरोहित, धर्माचार्य एवं पंचांग गणना करने वाले विद्वान शामिल होंगे। वैदिक मंत्रोच्चार और पंचांग के आधार पर शुभ तिथि और समय की घोषणा की जाएगी। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। इसके साथ ही प्रशासन, मंदिर समिति और पर्यटन विभाग की तैयारियां भी तेज हो जाती हैं।

हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से भगवान बद्रीविशाल के दर्शन के लिए बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं, ऐसे में कपाट खुलने की तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। गौरतलब है कि परंपरा के अनुसार बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल में बंद रहते हैं और बसंत पंचमी पर शुभ मुहूर्त तय कर ग्रीष्मकालीन यात्रा का मार्ग प्रशस्त किया जाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक द्दष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

शराब प्रेमियों के लिए अलर्ट! 5 दिन नहीं मिलेगी शराब, बिक्री पर रहेगा पूरी तरह बैन, पुलिस रखेगी कड़ी नजर

शराब प्रेमियों के लिए अलर्ट! 5 दिन नहीं मिलेगी शराब, बिक्री पर रहेगा पूरी तरह बैन, पुलिस रखेगी कड़ी नजर

 नेशनल डेस्क: दिल्ली में रहने वाले शराब पीने वालों के लिए यह खबर जानना बेहद जरूरी है। राजधानी में आने वाले महीनों में कुछ खास दिनों पर शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने 26 जनवरी से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल 5 दिन ड्राई डे घोषित किए हैं। इन तारीखों पर दिल्ली की सभी शराब की दुकानें, ठेके और वेंड पूरी तरह बंद रहेंगे। सरकार ने यह फैसला त्योहारों, धार्मिक अवसरों और राष्ट्रीय पर्वों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया है।

आबकारी विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ड्राई डे के दिन पूरे शहर में शराब की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी। इन दिनों किसी भी दुकान या विक्रेता को शराब बेचने की इजाजत नहीं होगी।

 ये हैं ड्राई डे की तारीखें:
26 जनवरी – गणतंत्र दिवस
15 फरवरी – महाशिवरात्रि
21 मार्च – ईद-उल-फितर
26 मार्च – राम नवमी
31 मार्च – महावीर जयंती

होटलों को मिली सीमित छूट
सरकार ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ होटलों को आंशिक राहत दी गई है। एल-15 लाइसेंस वाले होटल केवल अपने यहां ठहरे विदेशी मेहमानों और होटल में रुके ग्राहकों को उनके कमरों में शराब परोस सकेंगे। हालांकि, होटल के बार, रेस्तरां या बाहरी लोगों को शराब पिलाने या बेचने की अनुमति नहीं होगी।

नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई दुकान, बार या वेंड ड्राई डे के दिन चोरी-छिपे शराब बेचता पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इन दिनों पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें पूरे शहर में कड़ी निगरानी रखेंगी। दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

प्रेम विवाह का खौफनाक अंत ! 6 माह की गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़ा... और फिर जो हुआ..

प्रेम विवाह का खौफनाक अंत ! 6 माह की गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़ा... और फिर जो हुआ..

 देहरादूनः उत्तराखंड के देहरादून में से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक 6 माह की गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़कर उसका पति फरार हो गया है। बताया गया कि दोनों में 2024 में प्रेम विवाह किया था। इस दौरान महिला सेहत संबंधी और खान-पान की परेशानी से अकेली जूझ रही है। पीड़िता ने वसंत विहार थाना पुलिस में आरोपी पति और सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि वह वसंत विहार क्षेत्र में किराए के कमरे में रहती है। उसकी शादी मूल निवासी खटीमा ऊधम सिंह नगर मोहम्मद शैफ से सितंबर 2024 में हुई थी। दोनों ने प्रेम विवाह किया था। बताया गया कि शादी के बाद दोनों कुछ समय के लिए खटीमा में ही रहे। जबकि बाद में देहरादून में आकर एक किराए के कमरे में रहने लगे। तभी वह गर्भवती हो गई।

आरोप है कि मोहम्मद शैफ की मां 10 जून 2025 को देहरादून आई थी। इस दौरान युवक की मां ने बहू के साथ झगड़ा किया और बेटे को साथ ले गई। पति भी उसे किराए के कमरे में अकेला छोड़कर चला गया। महिला ने बताया कि अब वह 6 माह 23 दिन की गर्भवती है। उसे सेहत संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही खान-पान में भी मुश्किल आ रही है।  

इस पूरी घटना की जानकारी पर वसंत विहार थाना पुलिस ने आरोपी पति व सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच के बाद केस ऊधम सिंह नगर थाने को स्थानांतरित किया गया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

 वंदे भारत एक्सप्रेस के टाइम में बदलाव, 9 मार्च से लागू होगी नई Timing

वंदे भारत एक्सप्रेस के टाइम में बदलाव, 9 मार्च से लागू होगी नई Timing

 फिरोजपुर : रेलवे विभाग ने यात्रियों की सुविधा और कुछ जरूरी संचालन कारणों को मुख्य रखते हुए दिल्ली-फिरोजपुर रूट पर चलने वाली मशहूर वंदे भारत एक्सप्रेस के फरीदकोट स्टेशन पर रुकने के समय में बदलाव किया गया है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार यह बदलाव 19 मार्च 2026 से लागू होगा। टाइम टेबल में किए गए बदलाव की नई जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 26461 (दिल्ली जंक्शन-फिरोजपुर कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस) अब अपने पुराने समय की बजाय कुछ मिनट पहले फरीदकोट स्टेशन पर पहुंचेगी।  

उन्होंने बताया कि ट्रेन के फरीदकोट स्टेशन रुकने का पुराना समय रात 10.03 बजे था जो अब 9.58 बजे होगा और रवागनी का पुराना समय रात 10.05 बजे था जो अब रात 10 बजे का है। इस दौरान ट्रेन फरीदकोट स्टेशन पर पहले की तरह 2 मिनट रुकेगी पर इसके आने-जाने का समय 5 मिनट पहले कर दिया गया है।

रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वह अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इस नए समय का खास ध्यान रखें। खासकर वे यात्री जो फरीदकोट से फिरोजपुर जाने के लिए इस ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब तय समय से पहले स्टेशन पहुंचना होगा ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि ज्यादा जानकारी के लिए यात्री रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट या पूछताछ नंबर 139 का इस्तेमाल कर सकते हैं।

पंजाब में 3 IAS अधिकारियों के तबादले, आदेश तुरंत प्रभाव से लागू

पंजाब में 3 IAS अधिकारियों के तबादले, आदेश तुरंत प्रभाव से लागू

 पंजाब डेस्क : पंजाब सरकार द्वारा आई.ए.एस. अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। बता दें कि 3 आई.ए.एस. अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस दौरान अनिंदिता मित्रा को पंजाब की मुख्य चुनाव अफसर नियुक्त किया गया है। इन आदेशों को तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है। जिन अधिकारियों के तबादले किए गए हैं उनकी सूची निम्न है।

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Prayagraj Magh Mela: मौनी अमावस्या पर उमड़ा सैलाब, त्रिवेणी में 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

Prayagraj Magh Mela: मौनी अमावस्या पर उमड़ा सैलाब, त्रिवेणी में 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

 प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर रविवार शाम पांच बजे तक चार करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु त्रिवेणी में पावन डुबकी लगा चुके थे। कल सुबह चार बजे से ही मौनी अमावस्या का स्नान शुरू हो गया था। जैसे जैसे सूरज निकला उसी रफ़्तार से श्रद्धांलुओं की भीड़ भी बढ़ने लगी भीड़ क़ा आलम ये था कि 11 बजे सुबह तक ही एक करोड़ लोगो ने स्नान कर लिया था। श्रद्धालुओं की भीड़ क़ो देखते हुए पुलिस ने भी अपनी योजना मे बदलाव करते हुए दूसरे रास्ते से स्नान घाट तक पहुंचाया। 

श्रद्धालुओं पर हुई पुष्प वर्षा
मौसम ने भी श्रद्धालुओं का साथ दिया और खिली खिली धूप मे लोग स्नान करते रहें। प्रशासन की तरफ से बताया गया कि कल शाम पांच बजे तक चार करोड़ से ज्यादा लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान करने वाले लोगो पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। मौनी अमावस्या का स्नान सबसे बड़ा स्नान पर्व होता हैं। मेला प्राधिकरण का अनुमान था कि आज के दिन तीन से साढ़े तीन करोड़ लोग स्नान करेंगे, लेकिन दो बजे तक ही तीन करोड़ लोगो नें स्नान कर लिया था। लिहाज़ा ये आकड़ा और बढ़ेगा, श्रद्धालुओं की भीड़ क़ो देखते हुए पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार कल देर रात 12 बजे से ही घाट पर डटे रहें और खुद ही पूरी व्यवस्था की निगरानी करते रहे।   

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 
श्रद्धालुओं की भीड़ एक जगह एकत्र न हो, शहर के अंदर भी पुलिस ने खास इंतज़ाम किये हैं। जानसेन गंज चौराहे से रेलवे स्टेशन जाने वाली रोड क़ो बंद कर दिया गया था। बिजली घर से सिविल लाइन्स जाने वाले रास्ते पर भी बैरिकेटिंग की गई हैं। इसके अलावा सिविल लाइन्स रेलवे स्टेशन साइड पर पैदल ही श्रद्धालुओं क़ो जाने दिया जा रहा हैं। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार और उनकी टीम ने जिस तरह से ट्रैफ़िक प्लान तैयार किया हैं उससे काफी अच्छा असर पड़ा है। श्रद्धालु स्नान कर रहें हैं और शहर मे जाम भी नही लगा।

बड़ी वारदात! 4 मर्डर से दहला राज्य, दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या, ईंटों से कुचलकर मार डाला

बड़ी वारदात! 4 मर्डर से दहला राज्य, दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या, ईंटों से कुचलकर मार डाला

 Etah News : एटा जिला मुख्यालय के कोतवाली नगर क्षेत्र में सोमवार को कथित रूप से हमला करके एक ही परिवार की तीन महिलाओं समेत चार सदस्यों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार कोतवाली नगर थानाक्षेत्र के सुनहरी नगर नगला प्रेमी मोहल्ले में अज्ञात हत्यारों ने एक घर में घुसकर तीन महिलाओं समेत चार लोगों को ईंटों से कुचलकर मार डाला। वैसे यह घटना कब और कैसे हुई इसका रहस्य बना हुआ है। बाद में मौके पर सैकड़ों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान गंगा सिंह (70), उनकी पत्नी श्यामा देवी (65) और उनकी बेटी ज्योति (23) तथा कमल सिंह की पत्नी रत्ना सिंह के रूप में हुई है। 

पुलिस का कहना है कि हमले में रत्ना सिंह गंभीर रूप से घायल हो गई और एटा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय निवासी अभिलाख सिंह ने बताया कि गंगा सिंह कैंसर से पीड़ित थे। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्वेताभ पांडे ने बताया कि कई थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंचीं और इलाके को सुरक्षित कर लिया, जबकि फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने ईंट से हमला कर वारदात को अंजाम दिया लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पायेगी। 

एएसपी ने बताया कि घटना स्थल के सीसीटीवी कैमरे के सहारे हत्यारों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिजनों की तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि हत्यारों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। एएसपी के मुताबिक क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है एवं शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। 

मुझे नोबेल नहीं दिया, अब शांति मेरी जिम्मेदारी नहीं......ग्रीनलैंड चाहिए, ट्रंप की चिट्ठी हो गई लीक

मुझे नोबेल नहीं दिया, अब शांति मेरी जिम्मेदारी नहीं......ग्रीनलैंड चाहिए, ट्रंप की चिट्ठी हो गई लीक

 वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर अपनी नाराजगी नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे को लिखे पत्र में जाहिर की है। पत्र के लीक होने से पता चला कि ट्रंप ने लिखा कि नोबेल पुरस्कार न मिलने के बाद अब उन्हें दुनिया में शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी महसूस नहीं होती। उन्होंने साफ किया कि शांति महत्वपूर्ण है, लेकिन अब उनकी प्राथमिकता अमेरिका का हित होगा। ट्रंप ने स्वीकार किया कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की उनकी कोशिश इसी झुंझलाहट से प्रेरित है।
नॉर्वे के पीएम को लिखे पत्र में ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क, जिसका ग्रीनलैंड स्वायत्त क्षेत्र है, रूस या चीन से इस क्षेत्र को सुरक्षित नहीं रख सकता, इसलिए उनके पास इस पर मालिकाना हक क्यों है। उन्होंने कहा, “सैकड़ों साल पहले नावें वहां पहुंचीं, लेकिन अमेरिकी नावें भी पहुंची थीं।” ट्रंप ने अपने पत्र में संकेत दिया कि नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने के बाद उनका वैश्विक दृष्टिकोण बदल गया है और अब वे अमेरिका के रणनीतिक हितों पर अधिक ध्यान देने वाले है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे ने पत्र की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब्ब के साथ मिलकर ट्रंप को एक पत्र भेजा था जिसमें नॉर्वे और अन्य देशों पर टैरिफ लगाने का विरोध किया गया था। ट्रंप के पत्र को उन्होंने उसी संदर्भ में प्राप्त किया। इसके अलावा, रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने इस तरह के पत्र कई यूरोपीय राजदूतों को भी भेजे हैं। ट्रंप ने कई बार कहा कि वे ग्रीनलैंड पर अमेरिकी स्वामित्व के अलावा किसी और विकल्प को स्वीकार नहीं करने वाले है। उन्होंने डेनमार्क पर आर्कटिक क्षेत्र में कथित “रूसी खतरे” से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया। ट्रंप ने लिखा कि नाटो ने पिछले 20 वर्षों से डेनमार्क को ग्रीनलैंड में सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा, लेकिन डेनमार्क कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक वे यूरोपीय सहयोगियों पर बढ़ते टैरिफ लगाएंगे। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने ट्रंप के रुख को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है और इस अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना है। यूरोपीय अधिकारी इस बात पर भी जोर देते हैं कि ग्रीनलैंड पहले से ही नाटो की सामूहिक रक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। ट्रंप का तर्क है कि चीन और रूस की बढ़ती उपस्थिति के कारण ग्रीनलैंड अमेरिकी सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन डेनमार्क और यूरोप इसे बेचने या हस्तांतरण की अनुमति देने को तैयार नहीं हैं। पत्र से यह भी पता चलता है कि ट्रंप की वैश्विक नीतियों में व्यक्तिगत प्रेरणाएँ और पुरस्कारों की उम्मीदें भी प्रभाव डालती हैं। नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने की प्रतिक्रिया में उन्होंने सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय विवाद और रणनीतिक संपत्ति पर अमेरिकी दबाव की बात की। यह घटनाक्रम अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव को दर्शाता है और दिखाता है कि ट्रंप प्रशासन वैश्विक मामलों में अपने दृष्टिकोण को कैसे व्यक्तिगत महत्व और राष्ट्रीय हितों के आधार पर आकार देता है।

नवाज शरीफ की बहू ने पहने इंडियन फैशन डिजाइनर के कपड़े, पाक में हो रही आलोचना

नवाज शरीफ की बहू ने पहने इंडियन फैशन डिजाइनर के कपड़े, पाक में हो रही आलोचना

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी नेता मरियम नवाज़ के बेटे और पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के पोते जुनैद सफदर की शादी की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। जहां एक तरफ दुल्हन शांजेह अली रोहेल के ब्राइडल आउटफिट्स की खूब तारीफ हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी फैशन कंटेंट क्रिएटर और स्टाइलिस्ट मोईद शाह ने दुल्हन की आलोचना की है। उन्हें इंडियन फैशन डिजाइनर के कपड़े पहनने के लिए खरी खोटी सुनाई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोईद ने अपने कैप्शन में लिखा- तो बारात के लुक्स सामने आ गए और मैं कन्फ्यूज हो गया... उनके लिए मुख्य दिक्कत यह थी कि शांज़ेह ने अपनी बारात के लिए तरुण तहिलियानी की साड़ी चुनी थी। स्टाइलिस्ट ने निराशा जताई कि दुल्हन ने एक ऐसी लाल साड़ी चुनी जो पहले ही एक इंडियन सेलिब्रिटी पहन चुकी थी। वीडियो में उन्होंने समझाया- दुल्हन, शांज़ेह अली रोहेल का यह लुक बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा,। यह फीका पड़ गया। इसमें वाह फैक्टर की कमी थी। हमें कुछ अलग, कुछ यादगार उम्मीद थी। और हमें क्या मिला? दोहराव और बोरियत? शांज़ेह ने तरुण तहिलियानी की साड़ी पहनी थी, जिसे अनन्या पांडे पहले ही किसी इवेंट में पहन चुकी हैं।
मोईद ने तर्क दिया कि इतनी बड़ी शादी के लिए नवाज शरीफ और शेख रोहेल असगर के परिवारों के बीच एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक मिलन फैशन दोहराव वाला होने के बजाय यादगार होना चाहिए था। शांज़ेह के वेडिंग लुक के रीसायकल एस्थेटिक के अलावा, मोईद ने पाकिस्तानी कारीगरी को नज़रअंदाज़ करने के फैसले की भी आलोचना की है। यह देखते हुए कि शांज़ेह ने अपनी मेहंदी में पहले ही एक इंडियन डिज़ाइनर के कपड़े पहने थे, उन्होंने शादी के दिन लोकल रिप्रेजेंटेशन की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बारात के लिए मुझे सच में लगा कि किसी पाकिस्तानी डिजाइनर के कपड़े पहने जा सकते थे, यह इस सीजन की सबसे बड़ी पॉलिटिकल शादी है, लाखों लोग इसे देश और विदेश में देख रहे हैं। आप कम से कम लोकल फैशन को तो प्रमोट कर सकते थे।
मोईद ने शांज़ेह के शादी के फंक्शन में दिखने के एक जैसेपन की भी आलोचना करते हुए कहा कि उनकी मेहंदी और बारात के लुक में कोई फर्क नहीं था। वही बाल, वही ग्लैमर, वही एनर्जी... मूड बदलने के लिए कुछ भी नहीं था। बारात में दुल्हनों को सबसे ज़्यादा करने की छूट होती है। मोईद ने कहा कि दूल्हे की मां ने दुल्हन को पूरी तरह से फीका कर दिया। पाकिस्तानी डिज़ाइनर इक़बाल हुसैन के गोल्डन सूट में सजी मरियम नवाज़ की पाकिस्तानी शादी की पारंपरिक भावना को अपनाने के लिए तारीफ़ हुई। नवाज शरीफ के पोते जुनैद सफदर और शानज़े अली रोहेल की शादी सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

जनजाति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम राज्यों की संस्कृति जानने का सशक्त माध्यम : मंत्री सारंग

जनजाति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम राज्यों की संस्कृति जानने का सशक्त माध्यम : मंत्री सारंग

 भोपाल : खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम राज्यों की संस्कृति से एक-दूसरे को अवगत कराने का सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। इसके जरिए एक-दूसरे की ऐतिहासिक धरोहर, संस्कार, जनजाति, विरासत आदि को युवा जान सकेंगे। सोमवार को भोपाल में गृह मंत्रालय भारत सरकार प्रायोजित एवं माय भारत भोपाल (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय) के तत्वावधान में विगत 7 दिवस से आयोजित कार्यक्रम के समापन समारोह को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने संबोधित किया।

मंत्री सारंग ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा युवाओं को देश की मुख्य धारा से जुड़कर कार्य करने की अपील की एवं युवाओं को रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी द्वारा जनजाति वर्ग के युवाओं को अपने नेतृत्व क्षमता एवं अपने कॅरियर बनाने की अपील की गई। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं विजेताओं को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी पीयूष दुबे उपस्थित थे।

कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जिला अधिकारी माय भारत भोपाल प्राजंल अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन 13 से 19 जनवरी तक हुआ। कार्यक्रम में 5 राज्यों झारखंड, उड़ीसा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के कुल 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इन्हें सीआरपीएफ, बीएसएफ एवं आईटीबीपी के एस्कॉर्ट द्वारा अपने नेतृत्व में कार्यक्रम स्थल तक लाया गया। कार्यक्रम में जनजाति वर्ग के युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। साथ ही इन्हें भोपाल के ऐतिहासिक स्थल जैसे ट्रॉइबल म्यूजियम, भारत भवन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग, सीआरपीएफ प्रदेश मुख्यालय भोपाल की बड़ी लेक एवं अन्य स्थलों का भ्रमण कराया गया। इसके अलावा समय-समय पर अतिथि विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तित्व विकास, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता विकास, ग्रुप डिस्कशन, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, योग, भाषण प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और उत्साह का सृजन करना और देश की मुख्य धारा से जुड़कर देश हित में कार्य करना है।