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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर भारत की संस्कृति से परिपूर्ण और वैश्विक ज्ञान से भरपूर पाठ्य पुस्तकें करें तैयार : मंत्री सिंह

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर भारत की संस्कृति से परिपूर्ण और वैश्विक ज्ञान से भरपूर पाठ्य पुस्तकें करें तैयार : मंत्री सिंह

 भोपाल : स्‍कूल शि‍क्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोमवार को अरेरा हिल्‍स स्थित उद्यमिता भवन, भोपाल में आयोजित पांच दिवसीय पाठ्यपुस्तक लेखन कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि पाठ्य पुस्‍तकें विद्यार्थियों के भविष्‍य का निर्माण करती हैं। इसलिए हमारा दायित्‍व है कि हम ऐसी पाठ्य पुस्‍तकों का निर्माण करें जो भविष्‍य के प्रति समर्पित हों। राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर भारत की संस्‍कृति से परिपूर्ण और वैश्विक ज्ञान से भरपूर पाठ्य पुस्‍तकें तैयार करें।

मंत्री सिंह ने कहा कि, मैं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने हमें मैकाले की शिक्षा पद्धति से बाहर निकालकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया और भारतीय शिक्षा को नई दिशा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना अनुसार संस्‍कृत, वैदिक, यौगिक, आयुर्वेदिक एवं अन्य ज्ञानपरक विषयों से जुड़े संस्थानों का निर्माण कर रहे हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण बौद्धिक, नैतिक एवं शारीरिक विकास सुनिश्चित हो सके।

मंत्री सिंह ने स्‍थानीय और आचंलिक ज्ञान पर जोर देते हुए कहा कि हमें डॉ. हरिसिंह गौर, महाराजा सूरजमल, परमार वंश के शासक राजा भोज सहित अन्य महान हस्तियों को आज के पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी को भारत के समृद्ध इतिहास, सामाजिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान की सही जानकारी मिल सके। कार्यशाला गुणवत्तापूर्ण एवं समकालीन पाठ्यपुस्तकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

23 जनवरी तक होगा कार्यशाला का आयोजन

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष्‍य में पाठ्यपुस्‍तकों के पुर्ननिर्माण की दिशा में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला 23 जनवरी तक संचालित होगी। कार्यशाला में कक्षा 1, 3, 5 एवं 7 की नवीन पाठ्य पुस्‍तकों के निर्माण के लिए विचार विमर्श किया जाएगा।

कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) के पूर्व अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् गोविंद प्रसाद शर्मा, फीस नियामक आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति प्रो. रवींद्र कान्हेरे, मध्‍यप्रदेश पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के अध्यक्ष अल्केश चतुर्वेदी, पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के सदस्य एवं म.प्र. माध्यमिक शिक्षा मंडल के पूर्व उपाध्यक्ष भागीरथ कुमरावत, पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. प्रकाश बरतुनिया, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह सहित पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के सदस्यगण, राज्य शिक्षा केन्द्र के विषय समन्वयक, विषय शिक्षक एवं लेखकगण भी उपस्थित रहे।

BREAKING : कौन हैं नितिन नबीन? निर्विरोध चुने गए बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

BREAKING : कौन हैं नितिन नबीन? निर्विरोध चुने गए बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

 नई दिल्ली। नितिन नबीन निर्विरोध बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। उनके समर्थन में 37 नामांकन दाखिल हुए। भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व के अंतर्गत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई। संगठन चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण के अनुसार, 36 में से 30 राज्यों की संगठनात्मक प्रक्रिया के बाद केवल नितिन नबीन का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित हुआ। उन्हें 37 नामांकन और देशभर से मिले विश्वास और समर्थन के साथ निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

कौन हैं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन?

सियासी परिवार से संबंध रखने वाले नितिन नबीन के पिता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा बीजेपी के बड़े नेता थे। वह पटना वेस्ट विधानसभा सीट से चार बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए। नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को रांची में हुआ था। उन्होंने साल 1996 में पटना के एक CBSE स्कूल से दसवीं की पढ़ाई की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली आगे गए। उन्होंने दिल्ली के एक स्कूल से 1998 में 12वीं पास की।

नितिन नबीन के परिवार में कितने लोग?

नितिन नबीन की पत्नी का नाम दीपमाला श्रीवास्तव है और इनके दो बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी।

BJP में नया युग: Nitin Nabin ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भरा नामांकन, निर्विरोध चुनाव की संभावना

BJP में नया युग: Nitin Nabin ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भरा नामांकन, निर्विरोध चुनाव की संभावना

 नई दिल्ली:  बिहार के युवा नेता और पूर्व मंत्री नितिन नबीन (Nitin Nabin nomination news) ने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आज अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और जेपी नड्डा भी मौजूद रहे।

BJP के हेडक्वार्टर में चल रही नामांकन प्रक्रिया के तहत अगले 24 घंटे में कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन पत्र जमा किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय समेत अन्य राज्य इकाइयों के अध्यक्ष और सांसदों ने भी नितिन नवीन का समर्थन किया।

नामांकन कार्यक्रम में जेपी नड्डा, हरदीप पुरी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सांसद और पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

नितिन नबीन ही राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार हैं। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। कल यानी 20 जनवरी को बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा।

BJP के वरिष्ठ पदाधिकारी और राज्य इकाईयों के अध्यक्षों ने नितिन नबीन के कर्तव्यनिष्ठ और युवा नेतृत्व की तारीफ की और उनका समर्थन किया। बिहार के लिए यह गौरव की बात है कि पहली बार कोई बिहार का नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहा है।

Nitin Nabin आज राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भरेंगे नामांकन, PM मोदी, गृहमंत्री रहेंगे मौजूद

Nitin Nabin आज राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भरेंगे नामांकन, PM मोदी, गृहमंत्री रहेंगे मौजूद

 नई दिल्ली / पटना:  बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आज (सोमवार, 19 जनवरी) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नितिन नबीन ने 15 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभाला था और अब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का मार्ग तय माना जा रहा है। यह बिहार के लिए गौरव की बात है, क्योंकि पहली बार किसी बिहार के नेता का चयन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में हो सकता है।

बीजेपी ने इस जिम्मेदारी के लिए 45 वर्षीय युवा नेता नितिन नबीन को चुना है। नितिन नबीन (Nitin Nabin Bihar leader) के नामांकन समारोह में बीजेपी के सभी मुख्यमंत्री, राज्य इकाई अध्यक्ष और कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह समेत शीर्ष नेताओं ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद शाम 4 से 5 बजे के बीच नामांकन की जांच होगी, और 5 से 6 बजे तक नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बता दें कि नितिन नबीन बिहार से पांच बार विधायक रह चुके हैं और उनकी राजनीतिक यात्रा काफी सशक्त मानी जाती है।

रिश्ते हुए शर्मसार : पिता ने नाबालिग बेटी से मिटाई हवस, गिरफ्तार

रिश्ते हुए शर्मसार : पिता ने नाबालिग बेटी से मिटाई हवस, गिरफ्तार

 गुना : समाज में पिता का साया बेटी के लिए सबसे सुरक्षित ढाल माना जाता है, लेकिन गुना जिले के बमोरी थाना क्षेत्र से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है जिसने बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। एक कलयुगी पिता ने अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बना डाला।

पुलिस सूत्रों से जानकारी सामने आई है कि पीड़िता बमौरी थाना क्षेत्र निवासी है। 15 जनवरी को उसका पिता उसे यह कहकर अपने साथ ले गया कि जमीन के कुछ रुपयों के सिलसिले में उन्हें गुना जाना है। पिता पर अटूट विश्वास कर मासूम बेटी उसके साथ चल दी। उसे क्या पता था कि जिस हाथ को थामकर उसने चलना सीखा, वही हाथ आज उसकी मयार्दा छीनने के लिए आगे बढ़ेंगे। आरोपी पिता बेटी को गुना ले जाने के बजाय रास्ते में एक सुनसान जंगल की ओर ले गया। वहां उसने डरा-धमका कर अपनी ही मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म किया।

इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपी ने लोक-लाज और पुलिस के डर से पीड़िता को कंचनपुरा में एक रिश्तेदार के घर छोड़ दिया और फरार हो गया। हताश और डरी हुई पीड़िता ने पूरी आपबीती अपनी मां और मामा को सुनाई। मामा ने बिना देर किए साहस दिखाया और पीड़िता को लेकर कैंट थाने पहुंचे।

वही मामले की गंभीरता को देखते हुए शून्य पर ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की गई। मामला दर्ज होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और एफआईआर दर्ज होने के महज 6 घंटे के भीतर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और पीड़िता को उचित संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

 
100 से अधिक लोगों की मौत... दक्षिणी अफ्रीका में भारी बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही

100 से अधिक लोगों की मौत... दक्षिणी अफ्रीका में भारी बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही

नेशनल डेस्क: दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक और जिम्बाब्वे में भारी बारिश तथा बाढ़ के कारण 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि दक्षिणी अफ्रीका के कई देशों में मौसम के और खराब होने की आशंका है। दक्षिण अफ्रीका में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के बाद उसके उत्तरी प्रांतों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई।

पड़ोसी देश मोजाम्बिक में आपदा प्रबंधन संस्था ने बताया कि देश में अब तक बारिश के कारण 103 लोगों की मौत हो चुकी है। उसने बताया कि ये मौतें बिजली गिरने, बाढ़ में डूबने, बुनियादी ढांचे के ढहने और हैजा से हुईं। विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार, मोजाम्बिक में सबसे भीषण बाढ़ मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में आई है, जहां दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

जिम्बाब्वे की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि साल की शुरुआत से भारी बारिश के कारण 70 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

Delhi Accident 2025: सड़क हादसों में 1600 से अधिक लोगों ने गंवाई जान, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

Delhi Accident 2025: सड़क हादसों में 1600 से अधिक लोगों ने गंवाई जान, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

 दिल्ली - पिछले वर्ष दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में 1,600 से अधिक लोगों की जान चली गई, जो पिछले सात वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज की गई मौतों की सबसे अधिक संख्या है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। पिछले वर्ष 31 दिसंबर तक संकलित सड़क दुर्घटना आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली में 2025 में 1,578 घातक दुर्घटनाओं में 1,617 मौतें दर्ज की गईं।

यह 2019 के बाद से सबसे अधिक मृत्यु की संख्या है और 2024 की तुलना में स्पष्ट बढ़ोतरी को दर्शाती है, जब 1,504 घातक दुर्घटनाओं में 1,551 लोगों की मौत हुई थी। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो, पिछले वर्ष की तुलना में घातक दुर्घटनाओं में 4.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मौत की संख्या में 4.26 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

आंकड़ों से पता चला कि सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या में 0.57 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई, जो 2024 के 5,657 से बढ़कर 2025 में 5,689 हो गई। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की संख्या 2024 के 5,224 से बढ़कर 2025 में 5,314 हो गई, जो 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसके विपरीत, ऐसी दुर्घटनाएं जिसमें किसी को चोट नहीं लगी, उसमें 27.4 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जो 2024 में 84 मामलों से घटकर 2025 में 61 रह गईं। मामूली चोट लगने वाली दुर्घटनाओं में भी 0.5 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई, जो 4,069 मामलों से घटकर 4,050 मामले हो गईं।

सड़क सुरक्षा के रुझानों के दीर्घकालिक विश्लेषण से पता चलता है कि 2025, 2019 के बाद से दिल्ली की सड़कों पर सबसे घातक वर्ष के रूप में उभरा है। वर्ष 2019 में 1,433 घातक दुर्घटनाओं और 1,463 मौतों के बाद, कोविड-19 लॉकडाउन के कारण 2020 में आंकड़ों में गिरावट आई, जिसमें दिल्ली में 1,163 घातक दुर्घटनाएं और 1,196 मौतें दर्ज की गईं - जो लगभग दो दशकों में सबसे कम थी। तब से, घातक दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

वर्ष 2021 में घातक दुर्घटनाओं की संख्या 1,206 थी, जो 2022 में बढ़कर 1,428 और 2023 में 1,432 हो गई। इसके बाद, यह संख्या 2024 में बढ़कर 1,504 हो गई और 2025 में 1,578 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसी प्रकार, मौतों की संख्या 2021 में 1,239 से बढ़कर 2022 में 1,461, 2023 में 1,457, 2024 में 1,551 और अंततः 2025 में 1,617 हो गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बढ़ती मृत्यु दर यातायात घनत्व में वृद्धि, वाहनों की औसत गति में वृद्धि और शराब पीकर गाड़ी चलाना, ओवरस्पीडिंग, लाल बत्ती जंप करना और हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने जैसे लगातार उल्लंघनों को दर्शाती है। 

SBI ग्राहकों को बड़ा झटका, अब ATM से पैसा निकालना होगा महंगा और बैलेंस चेक करने पर लगेगी इतनी फीस

SBI ग्राहकों को बड़ा झटका, अब ATM से पैसा निकालना होगा महंगा और बैलेंस चेक करने पर लगेगी इतनी फीस

 नेशनल डेस्क : अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं, तो आपके लिए महत्वपूर्ण खबर है। बैंक ने अपने ATM ट्रांजैक्शन चार्जेस में बदलाव किया है। अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म होने के बाद पैसे निकालने और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (जैसे बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट) पर शुल्क बढ़ा दिया गया है।

नए चार्जेस कितने हैं?

  • दूसरे बैंक के ATM से कैश निकालने पर फ्री लिमिट के बाद अब 23 रुपये (GST समेत) देना होगा।
  • बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए 11 रुपये (GST समेत) लगेंगे।

पहले यह शुल्क क्रमशः 21 रुपये और 10 रुपये था।

कौन से अकाउंट्स पर लागू नहीं होंगे बदलाव?

बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट, SBI ATM का इस्तेमाल करने वाले SBI डेबिट कार्ड होल्डर्स और किसान क्रेडिट कार्ड अकाउंट पर यह नया चार्ज लागू नहीं होगा।

बदलाव क्यों किए गए?

SBI ने यह कदम इंटरबैंक एक्सचेंज फीस में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के कारण उठाया है। नए नियमों के तहत, SBI के सेविंग्स अकाउंट धारकों को पहले की तरह दूसरे बैंकों के ATM पर हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते रहेंगे। इस लिमिट के बाद हर कैश विदड्रॉल पर 23 रुपये और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 11 रुपये देना होंगे।

ग्राहकों के लिए असर

जो लोग अक्सर ATM का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब अधिक शुल्क देना पड़ सकता है। बैंक ने लंबी कतारों से बचने और सुविधाजनक ट्रांजैक्शन के लिए ATM इस्तेमाल बढ़ाने वालों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया है। ऐसे में, SBI ग्राहक अपनी ATM ट्रांजैक्शन लिमिट और शुल्क के बारे में पहले से जागरूक रहें।

Railway New Trains: पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च, 4 अमृत भारत ट्रेनें भी शुरू, इन 7 राज्यों को फायदा- PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी

Railway New Trains: पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च, 4 अमृत भारत ट्रेनें भी शुरू, इन 7 राज्यों को फायदा- PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी

 नेशनल डेस्क: भारतीय रेलवे के इतिहास में आज का दिन बेहद खास है। 17 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्व भारत को बड़ी सौगात देते हुए वंदे भारत स्लीपर और 4 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा में इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह स्लीपर वंदे भारत ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी और लंबी दूरी के यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगी।

रेलवे बोर्ड के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में RAC की कोई व्यवस्था नहीं होगी। ट्रेन में यात्रियों के लिए एसी-1, एसी-2 और एसी-3 श्रेणियों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही 1 जनवरी 2026 से हावड़ा–गुवाहाटी मार्ग पर इन श्रेणियों के लिए संभावित किरायों की जानकारी साझा की थी।

अमृत भारत एक्सप्रेस: आम आदमी के लिए 'हाई-टेक' सफर

अमृत भारत ट्रेनें विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए डिजाइन की गई हैं जो बिना एसी (Non-AC) के किफायती दाम में लंबी दूरी तय करना चाहते हैं।

इन 4 नए रूट्स पर चलेंगी ट्रेनें:

  1. न्यू जलपाईगुड़ी — नागरकोइल: यह ट्रेन बंगाल को सीधे तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले से जोड़ेगी।

  2. न्यू जलपाईगुड़ी — तिरुचिरापल्ली: उत्तर बंगाल और दक्षिण भारत के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

  3. अलीपुरद्वार — SMVT बेंगलुरु: आईटी राजधानी बेंगलुरु जाने वाले छात्रों और पेशेवरों के लिए बड़ी राहत।

  4. अलीपुरद्वार — मुंबई (पनवेल): उत्तर बंगाल और बिहार के लोगों के लिए सपनों के शहर मुंबई का सफर आसान होगा।

प्रमुख विशेषताएं:

  • 7 राज्यों को फायदा: इन ट्रेनों से पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

  • पुश-पुल तकनीक: ट्रेन के दोनों सिरों पर इंजन होने से यह जल्दी रफ्तार पकड़ती है और समय बचाती है।

  • आधुनिक सुविधाएं: यात्रियों को झटके रहित सफर के लिए सेमी-सील्ड गैंगवे, सीसीटीवी कैमरे, सेंसर वाले नल और चार्जिंग पॉइंट्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

 देश की पहली 'वंदे भारत स्लीपर' का आगाज

आज एक बड़ा मील का पत्थर तब स्थापित हुआ जब पीएम मोदी ने हावड़ा और गुवाहाटी के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

  • कम समय में सफर: 958 किलोमीटर की दूरी अब मात्र 14 घंटे में तय होगी।

  • कोच और क्षमता: इसमें कुल 16 कोच हैं (1 फर्स्ट एसी, 4 सेकंड एसी और 11 थर्ड एसी), जिनमें 823 यात्री सफर कर सकते हैं।

  • किराया: लंबी दूरी के हिसाब से किराया ₹2,300 से ₹3,800 के बीच रहने की उम्मीद है।

 बंगाल में अन्य बड़े रेल प्रोजेक्ट्स

ट्रेनों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया गया है:

  • नई रेल लाइन: बालुरघाट से हिली के बीच नई पटरी बिछाने का काम शुरू।

  • मेंटेनेंस हब: न्यू जलपाईगुड़ी और सिलीगुड़ी में ट्रेनों के रखरखाव के लिए आधुनिक सेंटर बनाए गए हैं।

  • कनेक्टिविटी: राधिकापुर और बालुरघाट से बेंगलुरु के लिए दो नई एलएचबी (LHB) कोच वाली ट्रेनें भी शुरू की गई हैं।

7 साल की बच्ची से भयानक दुष्कर्म, प्राइवेट पार्ट में डाली थी 5 इंच लोहे की रॉड; कोर्ट ने को सुनाई फांसी की सजा

7 साल की बच्ची से भयानक दुष्कर्म, प्राइवेट पार्ट में डाली थी 5 इंच लोहे की रॉड; कोर्ट ने को सुनाई फांसी की सजा

 Rajkot rape case: गुजरात के राजकोट जिले में 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में विशेष अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी का नाम रामसिंह तेरसिंह दुडवा (30) है, और वह मध्य प्रदेश का निवासी है। बता दें कि युवक ने दरिंदगी की हदें पार करते हुए बच्ची के प्राइवेट पार्ट में 5 इंच लंबी रॉड डाल दी थी।

जानें पूरा मामला 

दरअसल, यह दर्दनाक घटना 4 दिसंबर 2025 को कानपार गांव, अटकोट, राजकोट में हुई। दोपहर के समय बच्ची अपने भाई-बहनों के साथ खेल रही थी। तभी आरोपी मोटरसाइकिल पर आया और बच्ची को उठाकर पास के पेड़ के पास ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ भयानक दुष्कर्म किया और उसके शरीर में लोहे की छड़ डाल दी। 

बच्ची की चीखें सुनकर उसकी चाची दौड़ी, लेकिन आरोपी पहले ही फरार हो गया। बच्ची की हालत गंभीर थी और खून बह रहा था। उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में राजकोट जनाना अस्पताल में इलाज हुआ। डॉक्टरों ने कड़ी मेहनत करके बच्ची की जान बचाई। 

पुलिस ने आरोपी को पकड़ा 

बच्ची के पिता ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को शक के आधार पर आरोपी रामसिंह को गिरफ्तार किया। जांच में पुलिस को घटनास्थल से खून से सनी लोहे की छड़ और आरोपी के बाल मिले। DNA जांच में साबित हुआ कि आरोपी ने ही यह अपराध किया था।

अदालत का फैसला 

पुलिस ने 11 दिनों में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की। 12 जनवरी 2026 को अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। इसके बाद 17 जनवरी 2026 को राजकोट विशेष अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि यह अपराध बहुत ही गंभीर और अमानवीय है, इसलिए आरोपी को सबसे कड़ी सजा दी गई।

लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना जरुरी: योगी

लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना जरुरी: योगी

 वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है कि हमारी न्यायपालिका उतनी ही सशक्त हो। आम आदमी को सरलता और सहजता के साथ न्याय प्राप्त हो, इसके लिए उतना ही उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर भी आवश्यक है। सरकार के पास न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कोई भी कार्य आते हैं तो व्यवस्था में कोई देर नहीं लगती।

उन्होंने कहा, 'मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले चरण में छह जनपदों के लिए धनराशि भेज दी है। डिजाइन स्वीकृत हो चुका है तथा सभी औपचारिकताएँ पूरी हो चुकी हैं। आज मुख्य न्यायाधीश द्वारा जैसे ही भूमि-पूजन हो जाएगा, वैसे ही एलएंडटी जैसी विश्व-विख्यात संस्थाओं द्वारा निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।'

मुख्यमंत्री ने कहा, ' एक छत के नीचे कोटर् कॉम्प्लेक्स तो होगा ही, साथ ही अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, स्पोट्र्स सुविधा, पाकिर्ंग और कैंटीन की व्यवस्था भी होगी। अब ऐसा नहीं होगा कि न्याय के लिए संघर्ष करने वाले हमारे अधिवक्ता दिन की रोशनी में भी चैंबर में सूरज के दर्शन करते रहें। टूटे-फूटे चैंबर नहीं, बल्कि बेहतरीन सुविधाओं वाला एकीकृत कॉम्प्लेक्स होगा।'

उन्होंने कहा कि चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया-इन छह जनपदों के एकीकृत न्यायालय परिसर का शुभारंभ आज होगा। शेष चार अन्य जनपदों की सभी औपचारिकताएँ कुछ ही महीनों में पूरी कर ली जाएँगी। भारत के न्यायिक इतिहास में यह कार्य स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा। इसकी शुरुआत मुख्य न्यायाधीश के कर-कमलों से आज होने जा रही है।

Heavy Rain Alert: 72 घंटे बाद बारिश तय! IMD ने इस राज्य में जारी किया हाई अलर्ट

Heavy Rain Alert: 72 घंटे बाद बारिश तय! IMD ने इस राज्य में जारी किया हाई अलर्ट

 मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिन के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, जिससे ठंड से कुछ राहत मिली है, लेकिन रात के समय सर्दी अभी भी तेज बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 जनवरी से हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दिख सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले 72 घंटों के बाद महाकौशल अंचल और जबलपुर संभाग में बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इसके पहले तीन दिनों तक जबलपुर संभाग के सभी जिलों में मौसम शुष्क रह सकता है। सुबह और शाम हल्का कोहरा छाने के साथ ठंडी हवाएं चलने से ठिठुरन बनी रहने के आसार हैं।

शुक्रवार को दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान बढ़कर 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब एक डिग्री अधिक रहा। वहीं रात के समय ठंडी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान गिरकर 8.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। इस दौरान हवा में नमी का स्तर करीब 85 फीसदी दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मकर संक्रांति के बाद जबलपुर और आसपास के जिलों में बादल छाने और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 1919 में जबलपुर में करीब आठ इंच बारिश दर्ज की गई थी, जिसे अब तक एक बड़ी मौसमी घटना माना जाता है।

बंगाल में BJP की सरकार बनने वाली है, विकास की नई धारा बहेगी : पीएम मोदी

बंगाल में BJP की सरकार बनने वाली है, विकास की नई धारा बहेगी : पीएम मोदी

 मालदा (पश्चिम बंगाल): मिशन-बंगाल के तहत मालदा में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय से कुशासन से जूझ रहा है और अब बंगाल को इससे मुक्ति दिलाने का समय आ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''भाजपा का लक्ष्य “विकसित भारत–विकसित बंगाल” का संकल्प पूरा करना है। देश के युवा भाजपा के विकास मॉडल पर भरोसा कर रहे हैं और पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भी पार्टी के साथ है।''

बंगाल के लोग भाजपा को जीत दिलाएंगे

मोदी ने कहा, "भाजपा ने पूरे देश में सुशासन और विकास का नया मॉडल विकसित किया है, आज पूरे देश में जनता इसे अपना आशीर्वाद दे रही है। कल ही महाराष्ट्र में शहरी निकाय चुनाव के नतीजे आए हैं जिसमें भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली है, खासतौर पर महाराष्ट्र की राजधानी और दुनिया के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक BMC में पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड विजय मिली है। कुछ दिन पहले तिरुवनंतपुरम में भी पहली बार भाजपा के मेयर बने हैं यानि जहां कभी भाजपा के लिए चुनाव जीतना असंभव माना जाता था वहां भी आज भाजपा को अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है, यह दिखाता है कि देश का वोटर, देश की जेन Z भाजपा के विकास मॉडल पर कितना विश्वास करती है। मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि इस बार बंगाल के लोग भी भाजपा को भारी बहुमत से विजय बनाएंगे।"

मोदी ने कहा, "ओडिशा में पहली बार भाजपा ने सरकार बनाई है, त्रिपुरा ने भाजपा पर विश्वास किया है, असम ने भी बीते चुनाव में भाजपा को ही समर्थन दिया है और कुछ दिन पहले बिहार में भी एक बार फिर भाजपा-NDA की सरकार बनी है यानि बंगाल की हर दिशा में भाजपा के सुशासन की सरकार है। अब बंगाल में सुशासन की बारी है, इसलिए मैंने बिहार चुनाव की जीत के बाद ही कह दिया था कि अब बंगाल में भी विकास की गंगा बहेगी और भाजपा यह काम करके रहेगी।"

क्या PM किसान योजना की 22वीं किस्त बजट से पहले आएगी या नहीं? जानिए नियम

क्या PM किसान योजना की 22वीं किस्त बजट से पहले आएगी या नहीं? जानिए नियम

 नेशनल डेस्क : देश में 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश होने वाला है। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े करोड़ों किसानों की नजर अब 22वीं किस्त पर टिकी हुई है। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी होने के बाद से ही किसान यह जानना चाहते हैं कि अगली किस्त बजट से पहले आएगी या फिर फरवरी के बाद उनका इंतजार खत्म होगा।

22वीं किश्त को लेकर क्या है मौजूदा स्थिति

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 22वीं किस्त की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पीएम किसान योजना के नियमों के अनुसार, किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की एक किस्त मिलती है। चूंकि पिछली किस्त नवंबर 2025 में आई थी, इसलिए चार महीने की अवधि फरवरी 2026 में पूरी हो रही है। इसी वजह से माना जा रहा है कि फरवरी के पहले या बजट सत्र के दौरान किसानों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं

क्या बढ़ सकती है पीएम किसान की रकम?

इस बार बजट को लेकर किसानों की उम्मीदें कुछ ज्यादा हैं। गांवों और सोशल मीडिया पर चर्चा है कि सरकार सालाना मिलने वाली 6,000 रुपये की राशि बढ़ा सकती है। हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर सरकार ऐसा कोई बड़ा फैसला लेती है, तो उसका ऐलान सीधे बजट भाषण में ही किया जाएगा। फिलहाल पीएम किसान पोर्टल पर राशि बढ़ाने या 22वीं किस्त को लेकर कोई नया अपडेट नहीं दिख रहा है।

किस्त अटकने से बचने के लिए क्या करें किसान

हर बार की तरह इस बार भी कई किसानों की किस्त छोटी-छोटी गलतियों की वजह से अटक सकती है। अगर आप चाहते हैं कि 22वीं किस्त समय पर आपके खाते में पहुंचे, तो इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है -

  • ई-केवाईसी पूरी होनी चाहिए, बिना इसके पैसा जारी नहीं होता।
  • भूमि रिकॉर्ड सही और अपडेटेड होना चाहिए।
  • बैंक खाते में आधार लिंक और डीबीटी एक्टिव होना जरूरी है।
  • यह भी जांच लें कि लाभार्थी सूची में आपका नाम मौजूद है या नहीं।

पीएम किसान स्टेटस कैसे चेक करें

किसान घर बैठे आसानी से अपना स्टेटस देख सकते हैं - 

  • pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
  • 'Beneficiary Status' या 'Beneficiary List' विकल्प पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालकर जानकारी चेक करें।
अब PF से पैसा निकालना होगा आसान, UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में मिलेगा पैसा

अब PF से पैसा निकालना होगा आसान, UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में मिलेगा पैसा

 EPFO UPI Withdrawal : अगर आप नौकरी करते हैं, तो पीएफ (EPF) का पैसा निकालने के चक्कर में ऑनलाइन पोर्टल पर बार-बार क्लेम स्टेटस चेक करना आपके लिए कोई नई बात नहीं होगी। लेकिन अब यह सिरदर्दी हमेशा के लिए खत्म होने वाली है। सरकार एक ऐसा सिस्टम ला रही है जिससे आपके पीएफ का पैसा किसी बैंक खाते की तरह आपके इशारों पर चलेगा।

ताजा जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही UPI के जरिए सीधे पैसे निकालने की सुविधा शुरू करने जा रहा है। माना जा रहा है कि इस साल अप्रैल तक यह सिस्टम पूरी तरह काम करने लगेगा।

आखिर कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम?
अभी तक होता यह है कि जब भी हमें पीएफ के पैसों की जरूरत होती है, तो हमें विड्रॉल क्लेम फाइल करना पड़ता है। इसमें वक्त लगता है और कई बार क्लेम रिजेक्ट भी हो जाता है।

नए सिस्टम में आपके पीएफ फंड का एक बड़ा हिस्सा अवेलेबल बैलेंस के रूप में दिखाई देगा। आप जैसे ही अपने बैंक खाते से जुड़े UPI पिन का इस्तेमाल करेंगे, वह पैसा तुरंत आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। इसके बाद आप उस पैसे को एटीएम से निकालें या ऑनलाइन शॉपिंग में खर्च करें, यह पूरी तरह आप पर निर्भर होगा।

नियमों में हुआ है बड़ा बदलाव

EPFO ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अपने बरसों पुराने और पेचीदा नियमों में बड़ी काट-छांट की है। अक्टूबर 2025 में हुई बैठक में बोर्ड ने 13 अलग-अलग जटिल नियमों को खत्म कर उन्हें सिर्फ 3 आसान कैटेगेरी में बांट दिया है।

जरूरी काम: जैसे बीमारी, बच्चों की पढ़ाई या शादी।

आवास: घर खरीदने या बनवाने से जुड़ी जरूरतें।

विशेष परिस्थितियां।
सबसे अच्छी बात यह है कि अब सदस्य अपनी पात्रता के हिसाब से 100% तक पैसा निकाल सकेंगे। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों का हिस्सा शामिल होगा।

25% बैलेंस रखना क्यों है जरूरी?
यहां एक छोटा सा पेंच है, जो असल में आपके फायदे के लिए ही है। सरकार ने तय किया है कि आपके कुल फंड का 25% हिस्सा हमेशा खाते में जमा रहेगा। इसके पीछे दो बड़े कारण हैं।

रिटायरमेंट की बचत: ताकि बुढ़ापे के लिए भी कुछ पैसा बचा रहे।

शानदार ब्याज: पीएफ पर मिलने वाला 8.25% का ब्याज आपको इस बचे हुए बैलेंस पर मिलता रहेगा, जो कि ज्यादातर बैंकों के सेविंग अकाउंट से कहीं ज्यादा है।

क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत?

दरअसल, EPFO हर साल करीब 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम प्रोसेस करता है। इनमें से ज्यादातर क्लेम एडवांस पैसे निकालने के ही होते हैं। सॉफ्टवेयर की कुछ दिक्कतों को दूर करने के बाद जब यह UPI सिस्टम लागू हो जाएगा, तो न केवल 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स का काम आसान होगा, बल्कि EPFO के ऊपर से भी कागजी कार्रवाई का बोझ कम हो जाएगा।

फिलहाल ऑटो-सेटलमेंट के जरिए 5 लाख रुपये तक का क्लेम 3 दिन में निपटाया जा रहा है, लेकिन नया UPI सिस्टम इस समय को घटाकर कुछ सेकंड्स में बदल देगा।

अप्रैल से पहले निपटा लें ये 3 जरूरी काम
UPI के जरिए पैसा निकालना सुनने में जितना आसान है, उसके लिए आपका डिजिटल रिकॉर्ड उतना ही दुरुस्त होना चाहिए। अगर आप भी अप्रैल में इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं, तो ये चीजें अभी चेक कर लें।

मोबाइल नंबर का मिलान: सबसे जरूरी बात यह है कि आपका वही मोबाइल नंबर EPFO में रजिस्टर्ड होना चाहिए जिससे आपका UPI (Google Pay, PhonePe, आदि) चलता है। अगर दोनों नंबर अलग-अलग हैं, तो अभी ई-सेवा पोर्टल पर जाकर इसे अपडेट कर लें।

KYC और बैंक सीडिंग: पक्का करें कि आपका UAN आपके उस बैंक खाते से लिंक (Seed) है जिसे आप सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अगर बैंक खाता पुराना है या बंद हो चुका है, तो नया खाता तुरंत अपडेट करें, वरना ट्रांजैक्शन फेल हो सकता है।

आधार लिंकिंग अनिवार्य: बिना आधार लिंक हुए पीएफ का कोई भी काम अब संभव नहीं है। चेक कर लें कि आपकी आधार डिटेल, जैसे नाम और जन्मतिथि, पीएफ रिकॉर्ड से हूबहू मिलती हो।

कब निकालें और कब नहीं?

भले ही पैसा निकालना अब आसान हो जाएगा, लेकिन एक बात याद रखिएगा आपके पीएफ पर 8.25% का सालाना ब्याज मिलता है। यह किसी भी बचत खाते (Savings Account) या एफडी (FD) से अक्सर ज्यादा होता है।

इसलिए जरूरत पड़ने पर ही निकालें: सुविधा आसान होने का मतलब यह नहीं कि बिना वजह फंड खाली किया जाए। इसे अपने रिटायरमेंट के लिए बढ़ने दें।

सुरक्षा का रखें ध्यान: EPFO कभी भी आपसे कॉल पर UPI पिन या ओटीपी (OTP) नहीं मांगता। पैसे निकालने के लिए हमेशा आधिकारिक ऐप या पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।

कुल मिलाकर, अब आपको अपने ही पैसों के लिए हफ्तों इंजतार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस अपना UPI पिन याद रखिएगा, अप्रैल से आपकी जेब और पीएफ के बीच की दूरी खत्म होने वाली है।

POLITICS NEWS: 45 साल बाद भगवा लहर, बीएमसी पर BJP गठबंधन का ऐतिहासिक कब्जा

POLITICS NEWS: 45 साल बाद भगवा लहर, बीएमसी पर BJP गठबंधन का ऐतिहासिक कब्जा

 मुंबई। सियासी इतिहास बदल गया है, जहां 25 सालों तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दबदबा रहने वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर अब बीजेपी गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बना ली है और 45 साल के राजनीतिक सफर में पहली बार बीजेपी मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में पहुंच गई है;

227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है, जबकि रुझानों में बीजेपी को 90 और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 28 सीटें मिलती दिख रही हैं, यानी महायुति के खाते में कुल 118 सीटें आ रही हैं, वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) 63, कांग्रेस 12, मनसे 6, अजित पवार की एनसीपी 1 और अन्य दल 9 सीटों पर सिमटते नजर आ रहे हैं;

मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में से 23 में बीजेपी गठबंधन की बढ़त ने विपक्ष को लगभग साफ कर दिया है; 2017 में जहां बीजेपी 82 सीटों पर थी और शिवसेना 84 पर, वहीं इस बार तस्वीर पूरी तरह पलट गई है और मुंबई पूरी तरह भगवामय होती दिख रही है;

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बीजेपी मुंबई का मेयर किसे बनाएगी—पार्टी साफ कर चुकी है कि मेयर मराठी समुदाय से होगा और पार्षद चुने गए कई बड़े चेहरों में तेजस्वी घोसालकर और नील सोमैया जैसे नाम चर्चा में हैं; चार साल बाद मुंबई को नया मेयर मिलने जा रहा है और बीएमसी की राजनीति में यह बदलाव न सिर्फ शहर बल्कि महाराष्ट्र की सियासत के लिए भी एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

BREAKING NEWS : बीजेपी अध्यक्ष चुनाव की तारीख का ऐलान, नितिन नबीन की ताजपोशी की तैयारी पूरी...जानें पूरा कार्यक्रम

BREAKING NEWS : बीजेपी अध्यक्ष चुनाव की तारीख का ऐलान, नितिन नबीन की ताजपोशी की तैयारी पूरी...जानें पूरा कार्यक्रम

 BREAKING NEWS : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर तैयारी पूरी हो गई है। अगले हफ्ते बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन 19 जनवरी को होगा. 20 जनवरी को चुनाव होगा।

सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन 19 जनवरी को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरेंगें। उनके लिए नामांकन पत्र के कई सेट दाखिल किए जाएंगे। इन नामांकन पत्रों पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं के हस्ताक्षर होंगे। पार्टी के SC, ST और महिला नेताओं की तरफ से भी नामांकन पत्र दाखिल कराए जाएंगे।

78वें सेना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बड़ा संदेश—भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और पराक्रम को किया नमन

78वें सेना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बड़ा संदेश—भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और पराक्रम को किया नमन

 Sena Diwas:  78वें #सेनादिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय सेना के शूरवीर जवानों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों को प्रेरणादायक एवं हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा, सम्मान और संप्रभुता के लिए भारतीय सैनिक जिस निष्ठा, साहस और त्याग के साथ डटे रहते हैं,

उस पर हर भारतीय को गर्व है; प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय सेना ने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और व्यावसायिक दक्षता से राष्ट्र सेवा के उच्चतम मानक स्थापित किए हैं, चाहे वह सीमाओं की रक्षा हो, प्राकृतिक आपदाओं में राहत-बचाव कार्य हो,

आंतरिक सुरक्षा की चुनौती हो या संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, हर परिस्थिति में सेना ने अद्वितीय समर्पण का परिचय दिया है; उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सहित विभिन्न अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सेना आज विश्व की सबसे सम्मानित सेनाओं में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है;

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बीते वर्षों में सेना और सुरक्षा बलों को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं, जिनमें अत्याधुनिक हथियार, तकनीकी उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को बढ़ावा देना शामिल है;

उन्होंने विश्वास जताया कि जवानों का शौर्य और पराक्रम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा और एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में भारतीय सेना की भूमिका हमेशा निर्णायक बनी रहेगी; अंत में प्रधानमंत्री ने मां भारती की सेवा में सर्वस्व अर्पित करने वाले वीर शहीदों, वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और सेवारत जवानों के साहस, त्याग और बलिदान को देशवासियों की ओर से नमन किया।

कल से होने जा रहा ‘श्रीमहाकाल महोत्सव’ का भव्य आयोजन, 12 ज्योर्तिलिंग प्रमुख, 7 राज्यों के CM होंगे शामिल

कल से होने जा रहा ‘श्रीमहाकाल महोत्सव’ का भव्य आयोजन, 12 ज्योर्तिलिंग प्रमुख, 7 राज्यों के CM होंगे शामिल

 उज्जैन।  महादेव की नगरी उज्जैन में पहली बार महाकाल महोत्सव का आयोजन होगा। यह 14 से 18 जनवरी तक  पांच दिवसीय इस महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव करेंगे। इसमें महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श होगा। यह आयोजन सोमनाथ महोत्सव की तर्ज पर आयोजित होने वाला है।

बता दें कि, इस पांच दिवसीय आयोजन में देश-विदेश के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। महोत्सव में भाग लेने के लिए देश के सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित विभिन्न ज्योतिर्लिंग मंदिरों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है। महोत्सव के पहले दिन 14 जनवरी को प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम के साथ शाम 7 बजे महाकाल महालोक में “शिवोहम” की विशेष प्रस्तुति देंगे।

 वहीं 15 जनवरी को मुंबई की प्रसिद्ध टीम द ग्रेट इंडियन क्वायर शिव संगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी और 16 जनवरी को जानी-मानी पार्श्व गायिका सोना महापात्रा महाकाल लोक में प्रस्तुति देंगी। वहीं 17 जनवरी को इंदौर के श्रेयस शुक्ला एवं बैंड तथा मुंबई के विपिन अनेजा एवं बैंड द्वारा सुगम प्रस्तुती देंगे। जबकि, 18 जनवरी महोत्सव के समापन में इंडोनेशिया के कोकोरदा पुत्रा और श्रीलंका के अरियारन्ने कालूराच्ची द्वारा प्रस्तुत शिव-केंद्रित नृत्य नाट्य से होगा। पांच दिनों तक होने वाले इस कार्यक्रम में उज्जैन नगरी को भव्य रूप से सजाया गया है। इस दौरान हर कोई महादेव की भक्ति में लीन दिखेगा।

CRIME : दोस्ती बना कत्ल की वजह: पहले इंजेक्शन, फिर आरी से शव के टुकड़े—मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा

CRIME : दोस्ती बना कत्ल की वजह: पहले इंजेक्शन, फिर आरी से शव के टुकड़े—मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा

  पंजाब। लुधियाना में सामने आया यह हत्याकांड न सिर्फ क्रूरता की हदें पार करता दिख रहा है, बल्कि हर नई जांच के साथ इसकी कहानी और ज्यादा खौफनाक होती जा रही है। जालंधर बाईपास के पास एक खाली प्लॉट में ड्रम के अंदर मिले युवक के शव ने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया था, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शुरुआती खुलासों ने पुलिस जांच को और भी गंभीर मोड़ पर ला खड़ा किया है। तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने साफ संकेत दिए हैं कि हत्या से पहले युवक के बाएं हाथ में किसी संदिग्ध पदार्थ का इंजेक्शन दिया गया था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वारदात से पहले उसे बेहोश या कमजोर किया गया, ताकि वह किसी तरह का विरोध न कर सके।

मृतक की पहचान भारती कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय दविंदर कुमार के रूप में हुई है। दविंदर हाल ही में मुंबई से लुधियाना लौटा था, जहां वह एक प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग की दुकान में काम करता था। परिवार को उम्मीद थी कि वह यहां आकर नया जीवन शुरू करेगा, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि उसका अंत इतनी बेरहमी से होगा। पोस्टमार्टम के लिए जब शव अस्पताल लाया गया, तो वह छह टुकड़ों में कटा हुआ था, जबकि दाहिना हाथ अब तक गायब है। पुलिस को शक है कि शव के कुछ हिस्से अलग-अलग जगहों पर फेंके गए हैं, इसी वजह से कई इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

दोस्ती से दुश्मनी तक का सफर

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी शमशेर उर्फ शेरा है, जो पेशे से बढ़ई (कारपेंटर) है और दविंदर का पुराना दोस्त था। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी, लेकिन समय के साथ पैसों को लेकर विवाद शुरू हो गया। पुलिस का मानना है कि यही विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ा कि उसने हिंसक रूप ले लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे अपराध में शमशेर की पत्नी भी शामिल थी और दोनों ने मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

हत्या के बाद सबूत मिटाने की साजिश

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से शव को आरी की मदद से काटा, फिर शरीर के टुकड़ों को एक ड्रम में भर दिया और उसे सलेम टाबरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत जालंधर बाईपास के पास एक खाली प्लॉट में फेंक दिया। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक राहगीर की नजर उस ड्रम पर पड़ी और उसने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब ड्रम खोला, तो अंदर का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया।