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नही थम रहा राधा-रानी पर उठा विवाद… पंडित प्रदीप म‍िश्रा के ख‍िलाफ महापंचायत का बड़ा फैसला, ‘क‍िसी भी मंदिर में नही मिलेगा प्रवेश’

नही थम रहा राधा-रानी पर उठा विवाद… पंडित प्रदीप म‍िश्रा के ख‍िलाफ महापंचायत का बड़ा फैसला, ‘क‍िसी भी मंदिर में नही मिलेगा प्रवेश’

 मथुरा। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा(pandit pradeep mishra) द्वारा ‘राधा रानी'(radha rani ) को लेकर दिए गए बयान पर खड़ा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बयान को लेकर सोमवार को मथुरा(mathura) में ब्रज के संतों व लोगों के द्वारा एक महापंचायत आयोजित की गई. इस बैठक में प्रदीप मिश्रा से चार दिनों के अंदर मांफी मांगने के लिए कहा गया. साथ ही अगर प्रदीप मिश्रा के द्वारा माफी नहीं मांगी जाती तो ब्रज मंडल में उनके प्रवेश पर रोक लगा दी जायेगी.

कथावाचक प्रदीप मिश्रा( pandit pradeep mishra) के खिलाफ बरसाना में सोमवार को महापंचायत का आयोजन हुआ. बरसाना के मान मंदिर में पद्मश्री संत रमेश बाबा की अध्यक्षता में यह महापंचायत हुई. सैकड़ों की संख्या में लोगों ने महापंचायत में भाग लिया. इस दौरान ब्रज के प्रमुख मंदिरों के गोस्वामी और महंत मौजूद रहे. प्रदीप मिश्रा(pradeep mishra) के खिलाफ एक सप्ताह से अधिक समय से ब्रज में विरोध हो रहा है. करीब एक हफ्ता व्यतीत होने के बावजूद कथा वाचक प्रदीप मिश्रा ने माफी नहीं मांगी है. महापंचायत में निर्णय लिया गया कि प्रदीप मिश्रा को ब्रज की सीमा में घुसने नहीं दिया जाएगा, जब तक वह ब्रज में आकर सभी लोगों से माफी नहीं मांग लेते हैं. साधु संतों ने प्रदीप मिश्रा को चार दिन का और समय दिया है कहा है कि अगर वह 4 दिन में ब्रज में आकर माफी नहीं मांगते हैं तो उन्हें ब्रज के 84 कोस में भागवत कथा नहीं करने दिया जाएगा।

 
 
मानवता शर्मसार: देर रात नवजात और प्रसूता को रोड पर छोड़कर भागी एम्बुलेंस, तड़पती रही प्रसूता

मानवता शर्मसार: देर रात नवजात और प्रसूता को रोड पर छोड़कर भागी एम्बुलेंस, तड़पती रही प्रसूता

 मध्य प्रदेश : बैतूल जिला अस्पताल में रात 2 बजे एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसका वीडियो देखकर ही मानवता शर्मसार हो जाएगी। मामला है देर रात 2 बजे लगभग चिचोली से एक नवजात और प्रसूता मीना सुरजाहे पति विजय सुरजाय निवासी माडंवदा चिरापाटला को बैतूल जिला अस्पताल रेफर किया गया।

2 बजे रात लगभग बैतूल जिला अस्पताल पहुंचे जहां एम्बुलेंस कर्मी प्रसूता और नवजात शिशु को रोड पर ही छोड़कर भाग खड़ा हुआ। प्रसूता की हालत गंभीर होने पर प्रसूता रोड पर पड़ी रही, वहीं नवजात बच्चा भी तड़पता रहा, पर किसी भी अस्पताल स्टॉफ या सिक्योरिटी गार्ड की निगाह उन पर नहीं पड़ी।

बैतूल जिला अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड रात में बिस्तर डालकर फर्राटे की नींद सोते नजर आते हैं। जिला अस्पताल परिसर या बिल्डिंग में क्या हो रहा है उनको उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आखिर में लोगों के द्वारा प्रसूता को बमुश्किल उठाकर वार्ड में ले जाया गया और शिशु को SNCU वार्ड में ले जाया गया और भर्ती कराया गया है।

इधर बैतूल कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा है कि, इस मामले में एसडीएम द्वारा जांच की जाएगी और जिस भी व्यक्ति ने इसमें लापरवाही की है उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

Crime : दिनदहाड़े तीन हत्याओं से दहला दमोह, पिता का काटा गला और दो बेटोें को पर चलाई गोली…

Crime : दिनदहाड़े तीन हत्याओं से दहला दमोह, पिता का काटा गला और दो बेटोें को पर चलाई गोली…

 दमोह। जिले के देहात थाना क्षेत्र के ग्राम गांसा तारखेड़ा में सोमवार सुबह तीन लोगों की हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुबह-सुबह हुई इन हत्याओं के बाद बड़ी संख्या में जिले का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं और मामले की जांच की जा रही है।

बता दें कि ग्राम बांसा में जमीनी विवाद को लेकर होमगार्ड जवान रमेश विश्वकर्मा का अपने ही परिजनों से विवाद चल रहा था। इस विवाद के चलते दोनों में दूरियां बढ़ीं और बाद में समझौते के प्रयास भी चले। बताया जाता है कि सोमवार को रमेश विश्वकर्मा को समझौते के लिए बुलाया गया। पुलिस के मुताबिक, रमेश विश्वकर्मा जब अपने ही परिजनों के पास जमीनी विवाद का समझौता करने पहुंचा तो उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया।

वहीं दूसरी ओर मोटरसाइकिल से आ रहे रमेश के पुत्र उमेश और विक्की को आरोपियों ने रास्ते में रोका और उन पर गोलियां बरसा दी। गोलियां लगने पर उमेश और विक्की दोनों की ही मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि जमीनी विवाद के चलते तीन लोगों की हत्या हुई है। सोमवार को समझौते के लिए एक परिवार के ही सदस्य के घर पर बुलाया गया था और इसी दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस सक्रिय है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के नाम पुलिस को बता दिए हैं। पुलिस आगे की कार्रवाई में लगी हुई है।

शराब घोटाले में अरविन्द केजरीवाल को झटका, याचिका पर 26 जून को सुनवाई करेगा SC ……

शराब घोटाले में अरविन्द केजरीवाल को झटका, याचिका पर 26 जून को सुनवाई करेगा SC ……

 नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत पर अंतरिम रोक लगाने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका पर सुनवाई 26 जून तक टाल दी है.जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस एसवीएन भट्टी की अवकाशकालीन बेंच ने कहा, इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए. सुनवाई के दौरान जब केजरीवाल की ओर से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने हाईकोर्ट द्वारा जमानत पर रोक लगाने के फैसले पर सवाल उठाया तो बेंच ने कड़ी टिप्पणी की.

दरअसल, सुनवाई के दौरान सिंघवी ने कहा, एक बार बेल मिलने के बाद हाईकोर्ट को रोक नहीं लगनी चाहिए थी. उन्होंने कहा, हाई कोर्ट आदेश पलट देता तो केजरीवाल दोबारा जेल चले जाते. लेकिन अंतरिम आदेश के जरिए बाहर आने से ही रोक दिया गया.अगर ED की याचिका खारिज होती है तो मेरे (सीएम केजरीवाल) समय की भरपाई कैसे होगी?

सिंघवी की दलीलों पर कोर्ट ने क्या कहा?

जब सिंघवी हाई कोर्ट की अंतरिम रोक का विरोध कर रहे थे, तब सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि जमानत पर रोक को लेकर फैसला तुरंत आता है, उसे लंबित नहीं रखा जाता. यह असामान्य है. बेंच ने कहा, हाईकोर्ट ने साफ किया है कि आदेश जल्द आएगा. सिंघवी ने कहा, जब तक मुझे बाहर होना चाहिए था. इस दौरान ED ने जजों को बताया कि हाईकोर्ट का आदेश कल या परसों तक आ जाएगा.

ईडी ने अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. ईडी ने पिछले दिनों केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए 2 जून तक अंतरिम राहत दी थी. साथ ही कोर्ट ने जमानत के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया था. इसके बाद केजरीवाल ने 2 जून को सरेंडर कर दिया था. अभी वे तिहाड़ जेल में बंद हैं.

केजरीवाल को निचली अदालत ने दी जमानत, हाईकोर्ट ने लगाई रोक

केजरीवाल की याचिका पर निचली अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी. हालांकि, ईडी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने इस मामले में अंतरिम रोक लगा दी थी. केजरीवाल ने हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

18वीं लोकसभा के पहले संसद सत्र का आगाज आज से, नए सांसदों के शपथ से लेकर, स्पीकर के चुनाव और विपक्ष के एक्शन पर रहेगी नजर

18वीं लोकसभा के पहले संसद सत्र का आगाज आज से, नए सांसदों के शपथ से लेकर, स्पीकर के चुनाव और विपक्ष के एक्शन पर रहेगी नजर

24 जून 2024 Parliament Session:- मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अठारहवीं लोकसभा का पहला सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र में नए सांसदों के शपथ से लेकर, स्पीकर के चुनाव और विपक्ष के एक्शन पर नजर रहेगी।

विपक्ष की ताकत भी बढ़ी है तो ऐसे में सदन के भीतर का नजारा भी बदला-बदला होगा। दस दिनों का यह सत्र होगा और सत्र शुरू होने से पहले ही प्रोटेम स्पीकर को लेकर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। संसद सत्र 24 जून से शुरू होकर 3 जुलाई तक चलेगा। दस दिन के इस सत्र में कुल 8 बैठकें होंगी। 29 और 30 जून को अवकाश रहेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को राष्ट्रपति भवन में भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर (लोकसभा के अस्थाई अध्यक्ष) के रूप में शपथ दिलाएंगी। इसके बाद महताब संसद भवन पहुंचेंगे और सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू करेंगे।

 

प्रोटेम स्पीकर राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त अध्यक्षों की समिति को शपथ दिलाएंगे

कार्यवाही की शुरुआत में कुछ क्षणों के लिए मौन रखा जाएगा। इसके बाद लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह निचले सदन के लिए निर्वाचित सदस्यों की सूची सदन के पटल पर रखेंगे। इसके बाद, महताब लोकसभा के नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सदन की सदस्यता की शपथ लेने का आग्रह करेंगे।प्रोटेम स्पीकर राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त अध्यक्षों की समिति को शपथ दिलाएंगे जो 26 जून को लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होने तक सदन की कार्यवाही चलाने में उनकी सहायता करेगी। अध्यक्षों की समिति के बाद प्रोटेम स्पीकर मंत्रिपरिषद के सदस्यों को लोकसभा सदस्य के तौर पर शपथ दिलाएंगे। इसके बाद दूसरे लोकसभा सदस्य नाम के पहले अक्षर के क्रम में अगले दो दिनों में शपथ लेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव बुधवार 26 जून को
लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव बुधवार 26 जून को होगा। इस बार स्पीकर पद को लेकर भी काफी चर्चा है। स्पीकर पद को लेकर आम सहमति बन पाती है या नहीं यह भी देखने वाली बात होगी।राष्ट्रपति 27 जून को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। जिसमें अगले पांच वर्षों के लिए नई सरकार का रोडमैप बताया जाएगा।राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा 28 जून को शुरू होगी। प्रधानमंत्री द्वारा दो या तीन जुलाई को इस चर्चा पर अपना जवाब देने की उम्मीद है। संसद का सत्र तीन जुलाई को संपन्न होगा। केंद्रीय बजट पेश करने के लिए, संसद के दोनों सदनों की बैठक जुलाई के तीसरे सप्ताह में फिर से बुलाए जाने की उम्मीद है।

GST News: GST के दायरे में आएगा पेट्रोल और डीजल ! वित्त मंत्री ने दिया बड़ा संकेत…

GST News: GST के दायरे में आएगा पेट्रोल और डीजल ! वित्त मंत्री ने दिया बड़ा संकेत…

 नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 53वीं जीएसटी (GST) परिषद की बैठक में कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहती है, लेकिन इसका निर्णय राज्यों को करना है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग में सीतारमण ने कहा, “यह राज्यों पर निर्भर है कि वे मिलकर फैसला करें और पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाएं. केंद्र सरकार की मंशा साफ है, हम चाहते हैं कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए.”

राज्य एक साथ आकर तय करें रेट’

उन्होंने कहा, “पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल और डीजल को जीएसटी कानून में शामिल करने का प्रावधान पहले ही कर दिया है. अब बस राज्यों को एक साथ आकर दर तय करने के लिए चर्चा करनी है.” पेट्रोल और डीजल पर अभी तक जीएसटी के तहत टैक्स नहीं लगाया गया है. पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें हर राज्य में अलग-अलग होती है.

 GST परिषद की बैठक बोलीं वित्त मंत्री

 GST परिषद की बैठक पर केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “आज 53वीं जीएसटी परिषद की बैठक में करदाताओं को राहत देने के लिए कई निर्णय लिए गए हैं. इससे व्यापारियों, एमएसएमई (MSME) और करदाताओं को लाभ होगा. जीएसटी परिषद ने GST अधिनियम की धारा 73 के तहत जारी किए गए डिमांड नोटिसों पर ब्याज और जुर्माना माफ करने की सिफारिश की है, जिसमें धोखाधड़ी या गलत बयानी से जुड़े मामले शामिल नहीं हैं.”

पेपर लीक मामले में जारी विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, अब CBI करेगी मामले की जांच

पेपर लीक मामले में जारी विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, अब CBI करेगी मामले की जांच

 नई दिल्ली :- NEET (UG) पेपर लीक मामले में जारी विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया है। मंत्रालय ने NEET (UG) परीक्षा 2024 में कथित अनियमितताओं का मामला व्यापक जांच के लिए CBI को सौंप दिया है। इससे पहले UGC-NET एग्जाम की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

 
पेपर लीक मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, हटाए गए NTA के महानिदेशक...प्रदीप सिंह होंगे नए DG

पेपर लीक मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, हटाए गए NTA के महानिदेशक...प्रदीप सिंह होंगे नए DG

BREAKING NEWS : NEET पेपर लीक और UGC-NET की परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर NTA पर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे, अब सरकार ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (DG) सुबोध कुमार को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह रिटायर्ड IAS प्रदीप सिंह खरोला NTA के महानिदेशक होंगे। प्रदीप सिंह खरोला कर्नाटक कैडर के IAS रहे हैं. हाल के NEET पेपर लीक और UGC-NET की परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर NTA पर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे. अब सरकार ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है. पेपर लीक को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल खड़े कर रहा था, साथ ही देशभर में छात्रों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

NTA का गठन इसलिए किया गया था, ताकि प्रवेश परीक्षाओं को दोषमुक्त किया जा सके, लेकिन NTA का मॉडल बार-बार फेल हो रहा है. 21 जून (शुक्रवार) की रात CSIR-UGC-NET की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया. ये परीक्षा 25 से 27 जून के बीच होनी थी. परीक्षा आगे बढ़ाने की वजह संसाधनों की कमी बताई गई है.

उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, असम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर… ये देश के वो 15 राज्य हैं जहां पिछले 5 साल में 41 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए. सभी बड़े राज्यों के करोड़ों छात्र इससे पीड़ित हैं. NEET की परीक्षा में गड़बड़ी के बाद हो रहे इस विरोध ने तो बस इस आक्रोश को आवाज दी है.

क्या आप भी बोर्ड एग्जाम में अच्छे नंबर लाना चाहते हैं ? तो अपनाएं ये टिप्स, बन जाएंगे टॉपर

क्या आप भी बोर्ड एग्जाम में अच्छे नंबर लाना चाहते हैं ? तो अपनाएं ये टिप्स, बन जाएंगे टॉपर

22 जून 2024 10th and 12th board exam :- बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के जीवन में एक इम्पोर्टेन्ट पार्ट होता हैं। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए तैयारी जोरों पर है। हर छात्र चाहता है कि वह अच्छे नंबर लाए और अपने सपनों को साकार करे। यहां हम आपको कुछ ऐसे टिप्स दे रहे हैं जो आपकी परीक्षा की तैयारी को बेहतर बना सकते हैं और आपको अच्छे नंबर लाने में मदद कर सकते हैं।

1. समय सारणी बनाएं और उसका पालन करें
एक प्रभावी समय सारणी बनाएं जो आपके सभी विषयों को कवर करे। समय का प्रबंधन करना परीक्षा की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। एक बार समय सारणी बन जाने के बाद, उसका कड़ाई से पालन करें।

2. नियमित रूप से पढ़ाई करें
नियमित अध्ययन से विषयों की बेहतर समझ विकसित होती है। हर दिन थोड़ी-थोड़ी पढ़ाई करें, इससे आप परीक्षा के समय तनाव मुक्त रहेंगे।

3. महत्वपूर्ण विषयों और टॉपिक्स पर ध्यान दें
परीक्षा के सिलेबस के अनुसार महत्वपूर्ण विषयों और टॉपिक्स को पहले कवर करें। पिछले सालों के प्रश्न पत्र देखें और समझें कि किस प्रकार के प्रश्न अधिक आते हैं।

4.नोट्स बनाएं और रिविजन करें
पढ़ाई करते समय महत्वपूर्ण बिंदुओं के नोट्स बनाएं। परीक्षा के समय यह नोट्स आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगे। नियमित रिविजन से जानकारी याद रखने में आसानी होगी।

5. मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस पेपर हल करें

मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस पेपर हल करने से परीक्षा का अनुभव मिलता है और समय प्रबंधन में भी मदद मिलती है। इससे आप अपनी कमजोरियों को पहचान सकते हैं और उन पर काम कर सकते हैं।

6. स्वास्थ्य का ध्यान रखें
पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। संतुलित आहार लें, पर्याप्त नींद लें और नियमित व्यायाम करें। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए जरूरी है।

7. सकारात्मक सोच रखें
खुद पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोच रखें। तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान करें। परीक्षा के समय खुद को शांत और केंद्रित रखें।

8. शंकाओं का समाधान करें

यदि किसी विषय में कोई शंका हो तो उसे तुरंत अपने शिक्षक या दोस्तों से समाधान करें।

देश में आधी रात लागू हुआ एंटी पेपर लीक कानून, पकड़े गए तो इतने साल की सजा का प्रावधान

देश में आधी रात लागू हुआ एंटी पेपर लीक कानून, पकड़े गए तो इतने साल की सजा का प्रावधान

 नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शुक्रवार आधी रात को लोक परीक्षा कानून, 2024 की अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी किया। इस कानून को देश में 21 जून से लागू कर दिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में पेपर लीक को रोकना है। अब पेपर लीक करने वाले दोषियों को तीन साल की सजा का प्रावधान किया गया है।बता दें कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक दिन पहले ही कहा था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून जल्द ही लागू किया जाएगा। इसके अगले ही दिन यह अधिसूचना जारी कर दी गई। यह कानून देशभर में आयोजित होने वाली सभी सरकारी और लोक परीक्षाओं पर लागू होगा।

कार्मिक विभाग ने देश में इस कानून को 21 जून से लागू करने की घोषणा की है। सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों को इस कानून के प्रावधानों के बारे में सूचित कर दिया गया है। परीक्षा संचालन करने वाली संस्थाओं को भी इसके तहत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

जानें क्या है इस नए कानून में सजा के प्रावधान

1.लोक परीक्षा कानून, 2024 के तहत पेपर लीक के दोषी पाए जाने वाले दोषियों पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
2.इस कानून के तहत, पेपर लीक करने या उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ करने वालों को कम से कम तीन साल की जेल और ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। सजा पांच साल तक भी बढ़ाई जा सकती है।
3.इस कानून में सर्विस प्रोवाडर को भी दायरे में लाया गया है। कानून के मुताबिक कोई सर्विस प्रोवाइडर जिसे पेपर लीक या नकल के बारे में जानकारी है, लेकिन वह इसकी रिपोर्ट नहीं करता, उस पर 1 करोड़ रुपए तक तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
4’अगर जांच के दौरान यह साबित हो जाता है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी ने अपराध की इजाजत दी या उसमें शामिल था, तो उसे कम से कम तीन साल की जेल और ₹1 करोड़ का जुर्माना हो सकता है। सजा 10 साल तक बढ़ाई जा सकती है।

पुरी में देवस्नान पूर्णिमा आज,’सोने के कुएं’ के जल से स्‍नान करेंगे प्रभु जगन्‍नाथ, फिर 15 दिन रहेंगे बीमार

पुरी में देवस्नान पूर्णिमा आज,’सोने के कुएं’ के जल से स्‍नान करेंगे प्रभु जगन्‍नाथ, फिर 15 दिन रहेंगे बीमार

 हिंदू धर्म में जगन्नाथ रथ यात्रा  बहुत विशेष मानी जाती है। यह त्योहार भगवान कृष्ण के साथ-साथ भाई बलभद्र और उनकी छोटी बहन सुभद्रा की पूजा के लिए समर्पित है। यह दिव्य उत्सव पूर्णिमा से शुरू होता है। इस उत्सव के दौरान मुख्य रूप से तीन रथ आकर्षण के केंद्र होते हैं। सदियों पुरानी यह परंपरा सभी भक्तों के लिए खास है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रथ को खींचने से भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को अपार सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं और उनकी सभी बाधाओं का नाश करते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि इसमें शामिल होने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

सालभर आईना रखकर प्रभु की छवि को स्नान कराने की परंपरा
सालभर भगवान को गर्भगृह में ही स्नान कराते हैं, लेकिन प्रक्रिया अलग है। इसमें मूर्ति के सामने बड़े आईने रखते हैं, फिर आईनों पर दिख रही भगवान की छवि पर धीरे-धीरे जल डाला जाता है। लेकिन, देवस्नान पूर्णिमा के लिए मंदिर प्रांगण में मंच तैयार होता है।तीन बड़ी चौकियों पर भगवानों को विराजित करते हैं। भगवान पर कई तरह के सूती वस्त्र लपेटते हैं, ताकि उनकी काष्ठ काया पानी से बची रहे। फिर महाप्रभु को 35, बलभद्र जी को 33, सुभद्राजी को 22 मटकी जल से नहलाते हैं। शेष 18 मटकी सुदर्शन जी पर चढ़ाई जाती हैं।

जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभ तिथि और मुहूर्त क्या है?

जगन्नाथ रथ यात्रा 07 जुलाई को सुबह 08 बजकर 05 मिनट से से लेकर सुबह 09 बजकर 27 मिनट तक निकाली जाएगी। उसके बाद दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से लेकर 01 बजकर 37 मिनट तक निकाली जाएगी। उसके बाद फिर शाम 04 बजकर 39 मिनट से लेकर 06 बजकर 01 मिनट तक निकाली जाएगी।

जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत भगवान कृष्ण के समय से मानी जाती है

पौराणिक कथा के अनुसार जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत भगवान कृष्ण के समय से मानी जाती है। कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने अपनी बहन सुभद्रा और बलराम जी को रथ पर बिठाकर रथ यात्रा निकाली थी। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। वहीं रथ यात्रा का उल्लेख 12वीं शताब्दी के साहित्य में मिलता है। 15वीं शताब्दी में, राजा कपिल देव ने जगन्नाथ मंदिर का निर्माण करवाया और रथ यात्रा को और भी भव्य बनाया। 18वीं शताब्दी में, रथ यात्रा को अंग्रेजों ने भी संरक्षण दिया। आज, जगन्नाथ रथ यात्रा भारत के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। यह हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है।

  • बलराम जी का रथ (तालध्वज) – यह रथ सबसे पहले निकलता है। इसका रंग लाल और हरा होता है।
  • देवी सुभद्रा का रथ (दर्पदलन या पद्म रथ) – यह रथ बीच में निकलता है। इसका रंग काला या नीला और लाल होता है।
  • भगवान जगन्नाथ का रथ (नंदीघोष या गरुड़ध्वज) – यह रथ सबसे पीछे निकलता है। इसका रंग लाल और पीला होता है।
 
BREAKING : जेल में ही रहेंगे सीएम केजरीवाल, HC ने जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा

BREAKING : जेल में ही रहेंगे सीएम केजरीवाल, HC ने जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा

 दिल्ली :- शराब घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Chief Minister Arvind Kejriwal) की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। केजरीवाल को अभी जेल में ही रहना होगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत के सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।बता दें कि बीते दिन गुरुवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी थी। लेकिन, शुक्रवार को ईडी ने केजरीवाल की जमानत के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दी जिसकी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है।

सात विधायकों की बढ़ी मुश्किलें, दगा करने वाले को बीजेपी भी नहीं दे रही भाव, पढ़िए राजनीतिक खबरें

सात विधायकों की बढ़ी मुश्किलें, दगा करने वाले को बीजेपी भी नहीं दे रही भाव, पढ़िए राजनीतिक खबरें

  नई दिल्ली: सात विधायकों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। वहीं दगा करने वाले को बीजेपी भी भाव नहीं दे रही है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि पार्टी इन सभी विधायकों के खिलाफ विधानसभा स्पीकर्स के समक्ष शिकायत दर्ज कराएगी और उनकी सदस्यता रद्द कराई जाएगी।

सपा का कहना है कि इन विधायकों की स्थिति खराब है क्योंकि ये फायदे के लिए बीजेपी में गए थे लेकिन बीजेपी ने वो फायदा नहीं हुआ, और लोकसभा चुनाव के बाद बदले समीकरणों के बीच अब बीजेपी द्वारा भी इन विधायकों को महत्व नहीं दिया जा रहा है।

सात विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

फरवरी में हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के 7 विधायकों से क्रॉस वोटिंग करवाकर अपने सभी प्रत्याशी जितवा दिए थे। क्रॉस वोटिंग पर तो किसी भी तरह की कोई कार्रवाई का प्रावधान नहीं होता है और न ही कोई व्हिप जारी होता है।

इसके चलते उन एमएलएस के खिलाफ सपा ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। बीजेपी के साथ आए इन सपा विधायकों को अब काम पूरा हो जाने के बाद बीजेपी भी भाव नहीं दे रही है, वहीं अखिलेश यादव इन विधायकों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।

बता दें कि अगर अभी इन विधायकों की सदस्यता जाती है तो फिर उन्हें बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि अभी राज्य में विधानसभा चुनाव हुए महज दो साल ही हुए हैं और तीन साल का कार्यकाल बाकी है।

खास बात यह है कि इनमें से किसी भी विधायक को बीजेपी ने लोकसभा के लिए टिकट नहीं दिया था। अब अगर सदस्यता जाती है, तो फिर वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं रहेंगे। संकट यह भी होगा कि अगर बीजेपी से इन लोगों को उपचुनाव में टिकट नहीं मिला तो इनके राजनीतिक भविष्य पर भी खतरा हो सकता है।

गौरतलब है कि सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय पार्टी के चीफ व्हिप थे, और वह रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधानसभा के सदस्य हैं। रायबरेली सीट पर बीजेपी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करारी हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा पूजा पाल से लेकर लेकर राकेश पांडेय, विनोद चतुवेर्दी, आशुतोष वर्मा, और अभय सिंह भी लोकसभा की अपनी क्षेत्रीय सीटों पर बीजेपी को कुछ फायदा नहीं पहुंचा पाए थे। चुनाव नतीजों के बाद से बीजेपी इन विधायकों से दूरी बनाए हुए हैं, जबकि इनके खिलाफ अब सपा बड़ा एक्शन ले सकती है।

अखिलेश भी दे चुके हैं झटका

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पहले ही इन विधायकों को लेकर कहा था कि धोखा देने वालों को किसी भी कीमत में माफी नहीं दी जाएगी। सपा का कहना है कि गलतियों का माफी हो सकती है लेकिन षडयंत्र करने की कोई माफी नहीं हो सकती है। ऐसे में सपा अपने इन बागी विधायकों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने में फिलहाल तो कोई कोताही बरतने के संकेत नहीं दे रही है।

विपक्षी दलों से नेताओं का बीजेपी में आना

बता दें कि लोकसभा चुनावों में यूपी से बीजेपी का प्रदर्शन काफी खराब रहा है, पार्टी राज्य में महज 33 सीटें ही जीत सकी है। बीजेपी की इस स्थिति का कारण विपक्षी दलों से नेताओं का बीजेपी में आना भी माना जा रहा है, जिसके चलते यह भी दावा किया जा रहा है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता नाराज होकर अपने घरों में भी बैठ गए। ऐसे में पार्टी फिलहाल नुकसान की समीक्षा कर रही है और फिलहाल उसने इन बागी विधायकों से दूरी बना रखी है।

दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट से मिली जमानत

दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट से मिली जमानत

 दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है। उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट से मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत मिल गई। कोर्ट ने एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत मंजूर की है। इससे पहले बुधवार को सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब नीति में अरविंद केजरीवाल की ओर से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगे जाने का दावा किया था। सुनवाई के दौरान केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पेश हुए थे।

इस आधार पर जमानत का ईडी ने किया था विरोध
केजरीवाल की जमानत याचिका का विरोध करते हुए जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि रिश्वत के आरोप केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तरफ से लगाए गए थे। ईडी ने अदालत को बताया कि केजरीवाल ने आप पार्टी के लिए साउथ ग्रुप से रिश्वत की मांग की। अगर आम आदमी पार्टी (आप) को मामले में आरोपी बनाया गया है तो पार्टी के प्रभारी व्यक्ति को दोषी ठहराया जाएगा। ईडी ने अदालत को बताया कि जब इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आरोपी बनाया गया था, तो उस वक्त आम आदमी पार्टी को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया था।

20 हजार करोड़ के बैंक लोन हेराफेरी मामले में ED की इन शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी….

20 हजार करोड़ के बैंक लोन हेराफेरी मामले में ED की इन शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी….

 दिल्ली:- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को एक कंपनी और उसके प्रमोटर के खिलाफ धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र -दिल्ली, मुंबई और नागपुर में करीब 35 परिसरों में छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी और उसके प्रमोटर के खिलाफ 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक लोन की हेराफेरी करने का आरोप है। भाषा की खबर के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि एमटेक समूह और इसके निदेशकों- अरविंद धाम, गौतम मल्होत्रा और अन्य के खिलाफ छापेमारी की जा रही है। इतनी बड़ी राशि के स्कैम मामले में ईडी काफी सक्रिय हो गई है। उम्मीद की जा रही है, जल्द ही ईडी को इसमें बड़ी सफलता मिलेगी।

खबर के मुताबिक, दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, मुंबई और नागपुर में गुरुवार सुबह से करीब 35 व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा एमटेक सूमह की एसीआईएल लिमिटेड कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद ईडी इस मामले में धनशोधन की जांच कर रही है। सीबीआई की प्राथमिकी में कई सूचीबद्ध कंपनियों पर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक ऋण की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले की प्रवर्तन निदेशालय से जांच की बात कही है। सूत्रों ने कहा कि ईडी के अनुसार इस धोखाधड़ी से सरकारी खजाने को लगभग 10,000-15,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ईडी का मानना है कि बैंक से ली गई कर्ज राशि को रियल एस्टेट, विदेशी निवेश और नए उद्यमों में लगाया गया। सूत्रों ने बताया कि अधिक लोन हासिल करने के लिए समूह की कंपनियों में फर्जी बिक्री, पूंजीगत संपत्ति, देनदारी और लाभ दिखाया गया ताकि इसे गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का तमगा न मिले।

Big News : पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, 4 कुख्यात नक्सली गिरफ्तार

Big News : पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, 4 कुख्यात नक्सली गिरफ्तार

 गया। बिहार के गया में पूर्व नक्सली की हत्या मामले में चार माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. अलग-अलग स्थान से यह गिरफ्तारी की गई. ये गया और औरंगाबाद की सीमा क्षेत्र में काफी सक्रिय थे. कहा जा रहा है कि पूर्व नक्सली हीरा यादव उर्फ जितेंद्र यादव की हत्या, पुलिस मुखबिरी और नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के द्वारा प्रतिबंधित की गई जमीन खरीद बिक्री को लेकर की गई.

बता दें कि, कोच थाना क्षेत्र में बीते 14 जून को नक्सलियों ने कमल बीघा गांव में दालान में सो रहे हीरा यादव उर्फ जितेंद्र यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी. नक्सलियों ने हीरा यादव को दो गोली मारी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी. घटना करने के बाद नक्सली भाकपा माओवादी संगठन के संबंध में नारे लगाते हुए भाग निकले थे. अब इस मामले में गया पुलिस की विशेष टीम ने चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में चार नक्सलियों को दबोचा गया है. गया एसएसपी आशीष भारती ने बताया कि मामले में विशेष टीम का गठन किया गया था. इसके बाद घटना में संलिप्तों को चिन्हित करने का काम शुरू किया गया. इस क्रम में सामने आया कि कुछ नक्सली गया-औरंगाबाद की सीमा पर सक्रिय हैं. सूचना के बाद गुरारू थाना अंतर्गत डबूर गांव में छापामारी की गई, जहां से दो नक्सलियों को दबोचा गया.

 

गिरफ्तार नक्सलियों में अमरजीत यादव उर्फ जितेंद्र यादव और अलखदेव यादव शामिल हैं. एसएसपी ने बताया कि अपराधियों के पास से चार मोबाइल की बरामदगी की गई है. इन्होंने हीरा यादव की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकारी है. बताया है कि पूर्व में उक्त व्यक्ति के द्वारा पुलिस को सूचना देकर उन्हें पकड़वाया गया था. इस मामले को लेकर और नक्सलियों की प्रतिबंधित जमीन की खरीद बिक्री को लेकर इसकी हत्या की गई. गिरफ्तार दोनों अपराधियों की निशानदेही पर संजय यादव और सुखेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया है. वहीं अन्य की तलाश जारी है. गिरफ्तार नक्सली काफी सक्रिय थे.

”कमल बीघा गांव में हीरा यादव की हत्या की घटना हुई थी. इस मामले में चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. चारों नक्सली गया-औरंगाबाद की सीमा पर सक्रिय थे. यह पिछले कई दिनों से एक्टिव थे. विभिन्न स्थानों पर धमकी वाला पत्र भी चिपकाया था. इनकी गिरफ्तारी गया पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है.

कांग्रेस को तगड़ा झटका...किरण चौधरी ने बेटी श्रुति संग पार्टी से दिया इस्तीफा, BJP में हो सकती हैं शामिल

कांग्रेस को तगड़ा झटका...किरण चौधरी ने बेटी श्रुति संग पार्टी से दिया इस्तीफा, BJP में हो सकती हैं शामिल

 हरियाणा :- में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है. हरियाणा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता किरण चौधरी और उनकी बेटी एवं पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने आज मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस्तीफे देने की जानकारी दी. इसके साथ ही किरण चौधरी और श्रुति चौधरी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी अपना त्यागपत्र भेज दिया है. वही यह भी माना जा रहा है कि दोनों ही बुधवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकती हैं.

सोशल मीडिया पर दी जानकारी

किरण चौधरी वर्तमान में हरियाणा की तोशाम सीट से विधायक हैं. वहीं श्रुति चौधरी हरियाणा कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष थीं. किरण चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना त्यागपत्र शेयर करते हुए लिखा, ”मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है. हरियाणा के जनक चौ. बंसीलाल जी के संस्कारों व विचारधारा को हरियाणा में प्रसारित करना और क्षेत्र एवं प्रदेश का ईमानदारी से विकास करना मेरी हमेशा प्राथमिकता रहेगी.”

किरण चौधरी ने त्यागपत्र में लिखा, “मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र देती हूं. मैं पिछले 4 दशकों से कांग्रेस पार्टी की एक निष्ठावान और दृढ़ सदस्य रही हूं और इन वर्षों में मैंने अपना जीवन पार्टी और उन लोगों के लिए समर्पित कर दिया है, जिसका मैं प्रतिनिधित्व करती आई हूं. हरियाणा में, मैं आधुनिक हरियाणा के निर्माता स्वर्गीय चौ. बंसीलाल और अपने दिवंगत पति चौ. सुरेन्द्र सिंह की समृद्ध विरासत का भी प्रतिनिधित्व करती हूं. हालांकि, यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है कि हरियाणा में कांग्रेस पार्टी को व्यक्तिगत जागीर के रूप में चलाया जा रहा है, जिसमें मेरी जैसी ईमानदार आवाजों के लिए कोई जगह नहीं है, जिन्हें बहुत ही सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से दबाया और अपमानित किया गया है.”

वहीं उन्होंने आगे लिखा कि शुरू से ही मेरा लक्ष्य और उद्देश्य अपने राज्य और अपने देश के लोगों की सेवा करना रहा है. मैं अब ऐसी बाधाओं के कारण ऐसा करने में असमर्थ हूं.” वहीं उनकी बेटी और पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने अपना इस्तीफा साझा करते हुए लिखा, ”मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है. चौधरी बंसी लाल और चौधरी सुरेंद्र सिंह जी की विचारधारा पर चल क्षेत्र एवं प्रदेश का विकास करना मेरी हमेशा प्राथमिकता रहेगी.” श्रुति चौधरी ने लिखा, “मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य के रूप में और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष के पद से भी अपना त्यागपत्र देती हूं. मैं ऐसे लोगों की लंबी परंपरा से आती हूं, जिन्हें निःस्वार्थ भाव से देश की सेवा करने का सौभाग्य मिला है. मैंने भी निःस्वार्थ सेवा की उस महान विरासत को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कायम रखने का प्रयास किया है.”

राहुल गांधी का इस्तीफा स्पीकर ने किया स्वीकार, अब इस सीट से रहेंगे सांसद

राहुल गांधी का इस्तीफा स्पीकर ने किया स्वीकार, अब इस सीट से रहेंगे सांसद

 Rahul Gandhi Resign: वायनाड सीट छोड़ने का फैसला करने के बाद मंगलावर सुबह राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है। लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार की देर शाम यह जानकारी सार्वजनिक तौर पर साझा की है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने केरल की वायनाड लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है और उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट अपने पास रखी है । लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। लोकसभा बुलेटिन में कहा गया है कि उनका इस्तीफा 18 जून से स्वीकार कर लिया गया है।बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘केरल और उत्तर प्रदेश के क्रमशः वायनाड और रायबरेली संसदीय क्षेत्रों से लोकसभा के निर्वाचित सदस्य राहुल गांधी ने केरल के वायनाड संसदीय क्षेत्र से इस्तीफा दे दिया है और उनका त्यागपत्र अध्यक्ष द्वारा स्वीकार कर लिया गया है जो 18 जून से प्रभावी माना जाएगा।”

 

Post Office Act 2023: डाकघर अधिनियम 2023 हुआ लागू, जानें क्या कुछ बदला

Post Office Act 2023: डाकघर अधिनियम 2023 हुआ लागू, जानें क्या कुछ बदला

 दिल्ली :-  भारत में नया डाक कानून मंगलवार से लागू हो गया है। भारत सरकार ने डाकघर अधिनियम, 2023 के प्रावधानों को प्रभावी करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।इस अधिनियम का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक नागरिक केंद्रित सेवाओं, बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ प्रदान करने के लिए एक सरल विधायी ढांचा तैयार करना है, जिससे जीवनयापन में आसानी हो। अधिनियम व्यापार करने में आसानी और जीवन को आसान बनाने के लिए पत्रों के संग्रह, प्रोसेसिंग और वितरण के विशेष विशेषाधिकार जैसे प्रावधानों को समाप्त करता है। अधिकतम शासन और न्यूनतम सरकार की भावना को बढ़ावा देने के लिए अधिनियम में कोई दंडनीय प्रावधान नहीं किए गए हैं। यह वस्तुओं, पहचानकर्ताओं और पोस्टकोड के उपयोग के बारे में निर्धारित मानकों के लिए प्रारूप उपलब्ध करता है। इस अधिनियम ने भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898 का स्थान लिया है।

जानें डाकघर अधिनियम 2023 के प्रावधान

मंत्रालय के मुताबिक, डाकघर अधिनियम 2023 वस्तुओं, पहचानकर्ताओं और पोस्टकोड के उपयोग के बारे में निर्धारित मानकों के लिए प्रारूप उपलब्ध करता है. ये अधिनियम व्यापार करने में आसानी और जीवन को आसान बनाने के लिए पत्रों के संग्रह, प्रोसेसिंग और वितरण के विशेष विशेषाधिकार जैसे प्रावधानों को समाप्त करता है. अधिनियम में कोई दंडनीय प्रावधान नहीं किए गए हैं. बता दें, डाकघर विधेयक, 2023 को पिछले साल 10 अगस्त को राज्यसभा में पेश किया गया था और 4 दिसंबर 2023 को राज्यसभा ने इसे पारित किया था. इसके बाद विधेयक पर लोकसभा द्वारा 13 दिसंबर 2023 और 18 दिसंबर 2023 को विचार किया गया. इसके बाद इसे पारित किया गया.

BREAKING : राज्य में विभिन्न पदों पर कार्यरत 28 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, आदेश जारी

BREAKING : राज्य में विभिन्न पदों पर कार्यरत 28 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, आदेश जारी

  TRANSFER BREAKING : तेलंगाना सरकार ने राज्य में विभिन्न पदों पर कार्यरत 28 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। यह आदेश तेलंगाना सरकार की मुख्य सचिव शांति कुमारी ने जारी किया है।