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IND vs ENG 1st Test: टीम इंडिया के लिए 'विलेन' बनी बारिश, ड्रॉ रहा पहला टेस्ट

England vs India 1st Test: भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पांचवें और आखिरी दिन का खेल बारिश की भेंट चढ़ गया और लंबे इंतजार के बाद भी मैच शुरू नहीं किया जा सका और फिर अंत में यह टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ.

दरअसल, ट्रेंट ब्रिज में लगातार हो रही बारिश की वजह से पहले टेस्ट के पांचवें दिन का पहला और दूसरा सेशन बारिश में धुल गया और टी ब्रेक की घोषणा की गई, लेकिन लगभग साढ़े पांच घंटे के इंतजार के बाद आखिरी दिन के खेल को रद्द करने की घोषणा की गई और मैच का नतीजा नहीं निकल सका.

भारत ने इस मैच में पकड़ बनाई हुई थी, लेकिन बारिश ने खेल का रुख मोड़ दिया और भारत की जीत की संभावना पर पानी फेर दिया. ऐसे में बारिश भारतीय टीम के लिए विलेन साबित हुई.
इससे पहले इंग्लैंड की दूसरी पारी शनिवार को 303 रनों पर ऑल आउट हो गई थी और भारत को जीत के लिए 209 रनों का लक्ष्य मिला था. भारत ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट पर 52 रन बना लिए थे और उसे जीत के लिए 157 रनों की जरूरत थी और उसके नौ विकेट शेष थे.

भारत की दूसरी पारी में केएल राहुल 38 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 26 रन बनाकर आउट हुए जबकि रोहित शर्मा 34 गेंदों पर 12 रन और चेतेश्वर पुजारा 13 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 12 रन बनाकर नाबाद रहे. इंग्लैंड की ओर से स्टुअर्ट ब्रॉड को एक विकेट मिला.

इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने इस टेस्ट की पहली पारी में 64 और दूसरी पारी में 109 रनों की पारी खेली. उनके इस प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें मैन ऑफ द मैच का अवार्ड मिला. भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 12 अगस्त से खेला जाएगा.

 

XUV-700 से लेकर एक साल की फ्री हवाई टिकट, नीरज चोपड़ा पर इनामों की बरसात...

नई दिल्ली, भारत के भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। सफलता भले ही व्यक्तिगत रूप से नीरज को मिली हो लेकिन उनकी जीत का जश्न पूरा देश और सरकारें मना रही हैं। नीरज को स्वर्णिम सफलता हासिल करने के लिए देश भऱ से बधाई संदेश दिए जा रहे है। ओलंपिक में उनकी इस ऐतिहासिक जीत पर नीरज के लिए बड़े-बड़े इनाम देने की घोषणा की गई है। आइए हम आपको बताते हैं कि नीरज गोल्ड मेडल जीतने के बाद किसने कितना इनाम देने का एलान किया है।

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टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीते के बाद हरियाणा सरकार ने सबसे पहले नीरज के लिए इनाम की घोषणा की। राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नीरज को 6 करोड़ रूपये पुरस्कार के रूप मे देने का एलान किया। इसके अलावा उन्हें क्लास 1 की नौकरी से भी नवाजा जाएगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी नीरज की स्वर्णिम सफलता से बेहद खुश हुए और उन्होंने उऩकी जीत का जश्न भी मनाया। उनके मुताबिक नीरज का पंजाब से गहरा नाता है और उनके गोल्ड मेडल जीतने पर पूरे पंजाब को गर्व है। सीएम अमरिंदर सिंह ने नीरज को 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का एलान किया।
टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक स्पर्धा में नीरज के गोल्ड मेडल जीतने के बाद मणिपुर सरकार ने उन्हें एक करोड़ रुपये देने का एलान किया। नीरज को इनाम के तौर पर एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे इसका फैसला कैबिनेट मीटिंग में लिया गया।

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भी नीरज को एक करोड़ रुपये पुरस्कार के तौर पर देने का एलान किया है। इसके अलावा बीसीसीआई टोक्यो में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीटों को भी पुरस्कृत करेगा। बोर्ड ने रजत पदक जीतने वाली मीराबाई चानू और रवि दहिया को 50-50 लाख रुपये जबकि पीवी सिंधु और बजरंग पुनिया को कांस्य पदक जीतने के लिए 2-25 लाख रुपये इनाम के तौर पर देने की घोषणा की।
आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स ने भी नीरज चोपड़ा को इनाम के रूप में एक करोड़ रूपये देने की घोषणा की। सीएसके की तरफ से कहा गया कि भारतीय होने के नाते हमें नीरज चोपड़ा पर गर्व है। इसके अलावा चेन्नई सुपर किंग्स 8758 नंबर की स्पेशल जर्सी जर्सी बनाएगा। स्मरण रहे नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर दूर भाला फेंका था। यह दूरी उनके स्वर्ण पदक जीतने का आधार बनी।
नीरज के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद इंडिगो ने उन्हें खास तोहफा दिया है। कंपनी ने नीरज को पूरे एक साल के लिए फ्री टिकट देने का एलान किया है। जेवलिन थ्रोअर नीरज के लिए यह स्कीम 8 अगस्त 2021 से लेकर 7 अगस्त 2022 तक लागू रहेगी।

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ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा के ग्रुप चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने नीरज चोपड़ा को XUV700 इनाम के तौर पर देने की घोषणा की है। दरअसल एक ट्विटर यूजर ने आनंद महिंद्रा से नीरज को XUV700 देने को कहा। जिसके बाद ग्रुप चेयरमैन ने हामी भर ली। आनंद महिंद्रा ने रिप्लाई में लिखा, हां, वास्तव में हमारे गोल्डन एथलीट को एक एक्सयूवी 700 पूरस्कार के रूप में देना हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी। इसके बाद उन्हें कंपनी को टैग कर कहा कि वह एक एक्सयूवी 700 तैयार रखे।
 

आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने लाकर दिया था 7.5 हजार रुपए का जैवलिन, ऐसी रही है नीरज चोपड़ा के संघर्ष की कहानी

टोक्यो ओलंपिक 2020 खेलों में शुरू से ही पदक के सशक्त दावेदार माने जाने वाले हरियाणा में पानीपत के गांव खंडरा निवासी जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने आज भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता वह भी एथलेटिक्स ने। पहले प्रयास में ही 87 मीटर दूर भाला फेंक चुके नीरज ने दूसरे प्रयास में भी 87.58 तक भाला फेंका जो आज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
इससे पहले बुधवार को ख्याति अनुरूप खेल का प्रदर्शन करके अपने आपको साबित करते हुए पहले ही प्रयास में सबसे अधिक 85.65 मीटर जैवलिन फेंक कर सीधे फाइनल में प्रवेश कर लिया। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए खेल प्रेमियों को उम्मीद ही नहीं वरन पूरा भरोसा था कि वह देश को ओलंपिक की एथलेटिक्स स्पर्धा का अवश्य पहला पदक दिलाएंगे।

बचपन में नीरज चोपड़ा बहुत मोटे थे

सेना में सूबेदार 23 वर्षीय नीरज चोपड़ा की सफलता की कहानी ओलंपिक खेलों से शुरू नहीं हुई बल्कि इसके लिए लंबा संघर्ष करके इस मुकाम तक पहुंचे हैं। नीरज पानीपत के छोटे से गांव खंडरा के संयुक्त परिवार से आते हैं। बचपन में वह अन्य बच्चों की तुलना में काफी मोटे थे। फिटनेस के लिए घरवालों ने उन्हें जिम भेजना शुरू कर दिया। इसी बीच जिज्ञासावश वह एक दिन पास के ही मैदान में जैवलिन थ्रो कर रहे खिलाडिय़ों को देखने चले गए। उन्होंने भी आग्रह कर खिलाडिय़ों से जैवलिन लेकर शानदार थ्रो किया तो वहां पर मौजूद कोच उनकी प्रतिभा के कायल हो गए। कोच ने उनके परिवार से बात कर उन्हें जैवलिन थ्रो के खेल को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कोच की सलाह को मानते हुए इस खेल में हाथ आजमाने का फैसला कर लिया।

आर्थिक स्थिती के कारण नहीं खरीद सकते थे 1.5 लाख का जैवलिन
महंगा खेल होने की वजह से नीरज के सामने आर्थिक हालत आड़े आ गई। उनके संयुक्त परिवार में उनके माता-पिता के अलावा तीन चाचा के परिवार भी शामिल हैं। एक ही छत के नीचे रहने वाले 19 सदस्यीय परिवार में चचेरे 10 भाई बहनों में नीरज सबसे बड़े हैं। ऐसे में वह परिवार के लाड़ले भी हैं। परिवार की हालत ठीक नहीं थी और उसे 1.5 लाख रुपये का जैवलिन नहीं दिला सकते थे।

उनके पिता सतीश चोपड़ा और चाचा भीम ने जैसे तैसे सात हजार रुपये जोड़े और उन्हें अभ्यास के लिए एक जैवलिन लाकर दिया। एक बार खेल मैदान में उतरने के बाद नीरज ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा और एक के बाद एक सफलता हासिल करते चले गए।

बिना कोच वीडियो देख दूर की कमियां

जीवन में उतार चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा और एक समय ऐसा भी आया जब नीरज के पास कोच नहीं था। मगर नीरज ने हार नहीं मानी और यूट्यूब चैनल से विशेषज्ञों की टिप्स पर अमल करते हुए अभ्यास के लिए मैदान में पहुंच जाता। वीडियो देखकर अपनी कई कमियों को दूर किया। इसे खेल के प्रति उनका जज्बा कहें कि जहां से भी सीखने का मौका मिला उन्होंने झट से लपक लिया।
वर्ष 2016 में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में 86.48 मीटर का थ्रो कर रिकॉर्ड बनाया। बाद में दक्षिण एशिया खेलों में गुवाहटी में 82.23 मीटर थ्रो कर राष्ट्रीय रिकार्ड की बराबरी की। कॉमनवैल्थ खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 2018 में जर्काता में एशिया खेलों में 88.06 मीटर का थ्रो कर नया रिकार्ड बनाया। हाल ही में पटियाला में 88.07 मीटर जैवलीन फेक कर अपना नया रिकार्ड बनाया।

 

टोक्यो ओलंपिक : नीरज चोपड़ा ने जीता गोल्ड मेडल, भारत को ओलंपिक इतिहास में पहली बार एथलेटिक्स में सोना मिला

नई दिल्ली: भारतीय भालाफेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुये गोल्ड मेडल जीत लिया है. भारत को ओलंपिक इतिहास में पहली बार एथलेटिक्स में सोना मिला वहीं, भारत के बजरंग पूनिया ने कजाखस्तान के दौलत नियाजबेकोव को हराकर टोक्यो ओलंपिक की कुश्ती प्रतियोगिता में पुरुषों के 65 किग्रा भार वर्ग का ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है. इसी के साथ भारत के खाते में कुल सात मेडल आ गए हैं. भारत ने भारत ने लंदन ओलंपिक के अपने 6 मेडल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. वहीं, गोल्फर अदिति अशोक ओलंपिक खेलों की गोल्फ इवेंट में पदक से मामूली अंतर से चूक गई और चौथे दौर में तीन अंडर 68 का स्कोर करके चौथे स्थान पर रहीं. अदिति का कुल स्कोर 15 अंडर 269 रहा और वह दो स्ट्रोक्स से चूक गई. ओलंपिक में ऐतिहासिक पदक के करीब पहुंची अदिति ने सुबह दूसरे नंबर से शुरुआत की थी लेकिन वह पिछड़ गई. सौ बरस बाद गोल्फ की वापसी वाले रियो ओलंपिक में 41वें स्थान पर रही अदिति ने हालांकि उम्दा प्रदर्शन किया है.

टोक्यो ओलंपिक : बजरंग ने कुश्ती में जीता पदक, कजाकिस्तान को 8-0 से दी शिकस्त

नई दिल्ली: टोक्यो ओलिंपिक में भारत ने शनिवार को एक और उपलब्धि हासिल की भारत ने छठा मेडल जीत लिया है। भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया (65 किग्रा भार वर्ग) ने कजाकिस्तान के पहलवान नियाजबेकोव दौलत को 8-0 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। भारत ने इसके साथ ही सबसे सफल रहे 2012 लंदन ओलिंपिक के मेडल रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। सेमीफाइनल की हार के बाद बजरंग के ऊपर पदक जीतने का बड़ा दबाव था लेकिन उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए पदक जीत लिया.

क्वार्टर फाइनल में शानदार शुरुआत करने के बाद बजरंग सेमीफाइनल मुकाबला हार गए थे। बजरंग के पिता का कहना है कि बेटा आज तक कभी खाली हाथ नहीं लौटा है। पूरे देश की दुआएं उसके साथ हैं। एक महीना पहले उसके घुटने में चोट लग गई थी, फिर भी वह सेमीफाइनल तक पहुंचा। चोट की वजह से वह अटैकिंग नहीं खेल पाया।


पहला अंक तकनीकी दक्षता के आधार पर मिला और इसके बाद उन्होंने मुड़कर नहीं देखा और लगातार अंक हासिल करते रहे. पहले तीन मिनट में उन्हें 2-0 की बढ़त हासिल हो गई थी लेकिन इसके बाद उन्होंने लय को बनाए रखा और शानदार खेल दिखाते हुए अंतिम तीन मिनट में 6 अंक बटोरे और 8-0 के अंतर से मैच अपने नाम कर लिया.


2012 के बाद सबसे सफल ओलंपिक
भारत ने टोक्यो ओलिंपिक में अब तक 5 मेडल जीते हैं। मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर, पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में ब्रॉन्ज और लवलिना बोरगोहेन ने बॉक्सिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इसके अलावा गुरुवार को भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज और कुश्ती में रवि दहिया ने सिल्वर मेडल जीता। यह 2012 लंदन ओलिंपिक के बाद भारत का दूसरा सबसे सफल ओलिंपिक बन गया है ।

टोक्यो ओलंपिक : इतिहास रचने उतरेंगे नीरज, बजरंग से भी होगी पदक की उम्मीद

टोक्यो/नई दिल्ली: खेलों के महाकुंभ टोक्यो ओलंपिक को समाप्त होने में सिर्फ दो दिन बाकी हैं। अगर भारतीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो 16वां दिन काफी महत्वपूर्ण है। 15 दिन की समाप्ति होने के बाद भारत ने टोक्यो ओलंपिक में दो रजत और तीन कांस्य सहित कुल 5 पदक जीते हैं। 15वां दिन भारत के लिए अच्छा नहीं रहा। भारतीय महिला हॉकी टीम और ग्रेट ब्रिटेन के बीच खेले गए कांस्य पदक मुकाबले में भारत को 4-3 से हार का सामना करना पड़ा।

अब भारत के लिए 16वां दिन शानदार और यादगार हो सकता है। भारत के भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा पदक के लिए अपनी चुनौती पेश करेंगे। इसके अलावा बजरंग पुनिया कांस्य पदक के लिए अपना दमखम दिखाएंगे। पुरुष फ्रीस्टाइल 65 किग्रा, कांस्य पदक के लिए दोपहर 3.55 बजे भिड़ेंगे बजरंग पुनिया।

पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भारत के एथलीट नीरज चोपड़ा फाइनल में पदक के लिए अपनी चुनौती पेश करेंगे, दोपहर बाद 4.30 बजे।

रेफरी पर हमला करने के आरोप में दीपक पुनिया के कोच गेड्रोव ओलंपिक से निष्कासित

टोक्यो/नई दिल्ली: भारतीय पहलवान दीपक पुनिया के कोच मोराड गेड्रोव को ओलंपिक से बाहर दिया गया है। उन पर आरोप है कि कांस्य पदक मुकाबले में दीपक की हार के बाद उन्होंने रेफरी के रूम में जाकर मैच में निर्णय देने वाले रेफरी पर हमला किया था। 86 किलो भार वर्ग के इस मुकाबले में दीपक पुनिया को नाजेम मायलेस ने शिकस्त दी थी। दोनों पहलवानों के बीच यह कांस्य पदक के लिए मुकाबला हुआ था।

खबरों के मुताबिक यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिेंग ने तुरंत इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समित से शिकायत की। यूडब्ल्यू डब्ल्यू ने इस मामले में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से तुरंत कार्रवाई करने की बात कही है। जिसके बाद रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने गेड्रोव को निष्कासित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने पहले गेड्रोव को चेतावनी देकर छोड़ दिया। लेकिन इसके बाद यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने जब डब्ल्यूएफआई से पूछा कि उसने गेड्रोव के खिलाफ क्या कार्रवाई की है। इसके बाद रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने गेड्रोव को निष्कासित करने का फैसला लिया।

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से कहा कि गेड्रोव के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यूडब्ल्यूडब्ल्यू के मुताबिक वह पूर्व में भी लगातार ऐसी हरकतें करते रहे हैं। उनकी इन हरकतों के लिए उन्हें पहले भी चेतावनी दी जा चुकी है। गेड्रोव अपने समय के जाने माने पहलवान रहे हैं उन्होंने बीजिंग ओलंपिक में 74 किग्रा भार वर्ग में रजत पदक जीता था।

इससे पहले साल 2004 में एथेंस ओलंपिक के दौरान गेड्रोव को डिस्क्वालीफाई कर दिया गया था। तब उन्होंने क्वार्टर फाइनल में हारने के बाद अपने प्रतिद्वंदी खिलाड़ी पर हमला कर दिया था। वहीं टोक्यो ओलंपिक में इस घटना के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने उनकी मान्यता खत्म कर दी और इसके बारे में भारत को भी अवगत करा दिया। आईओसी ने गेड्रोव को तुरंत खेल गांव छोड़ने का फरमान भी जारी कर दिया।

टोक्यो ओलंपिक : गोल्फ में पदक से चूकीं अदिति, हासिल किया चौथा स्थान

टोक्यो/नई दिल्ली: भारत की महिला गोल्फर अदिति अशोक शानदार प्रदर्शन करते हुए टोक्यो ओलंपिक में महिलाओं की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले इवेंट में चौथे स्थान पर रहीं। चौथे अंतिम राउंड के अंतिम क्षणों में की गई कुछ गलतियां अदिति को पदक से दूर ले गईं। वह तीन राउंड तक पदक की दौड़ में बनी हुई थीं।

चौथा स्थान भी अदिति के लिए हर मायने में सराहनीय कहा जाएगा। अपना दूसरा ओलंपिक खेल रहीं अदिति रियो ओलंपिक में 41वें स्थान पर रही थीं। लेकिन टोक्यो में अदिति ने शुरू से ही शानदार प्रदर्शन किया तीसरे राउंड की समाप्ति तक टॉप-3 में बनी रहीं।

चार राउंड में 15-अंडर स्कोर 269 जुटाने वाली अदिति से पहले यह मुकाम कोई भारतीय हासिल नहीं कर सका है। भारत के लिए खेलों में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा, जिमनास्ट दीपा करमाकर निशानेबाज जॉयदीप कर्माकर ने जो मुकाम हासिल किया है, अदिति का प्रदर्शन हर लिहाज से उससे मेल खाता है।

विश्व की नम्बर-1 अमेरिका की एलपीजीए चैम्पियन नेली कोर्डा ने17-अंडर स्कोर 267 के स्कोर के साथ इस इवेंट का स्वर्ण जीता जबकि रजत जापान की मोने इनामी के खाते में गया। मोने ने तीसरे स्थान के लिए हुए प्लेऑफ मुकाबले में न्यूजीलैंड की लीडिया को हराया।

भारत की एक अन्य गोल्फर दीक्षा डागर हालांकि प्रभावित नहीं कर सकीं। दीक्षा 60 गोल्फरों के बीच संयुक्त रूप से 50वें स्थान पर रहीं।

VIDEO: हार के बाद पीएम मोदी से बात करते हुये भावुक हुई महिला हॉकी टीम

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानि शुक्रवार को टोक्योक ओलिंपिक खेलों में चौथे स्थाेन पर रही भारतीय महिला हॉकी टीम से फोन पर बात की. रानी रामपाल की टीम से बात करते हुए पीएम ने महिला हॉकी प्लेियर्स का हौसला बढ़ाया. उन्होंनने तीसरे और चौथे स्थातन के लिए हुए मैच में ब्रिटेन से मिली हार के बाद दुखी प्लेहयर्स का हौसला बढ़ाते हुए कहा, 'रोइए मत, आपका पसीना देश की करोड़ों बेटियों की प्रेरणा बन गया है.' पीएम ने जब महिला हॉकी टीम को फोन किया तो कप्तातन रानी रामपाल ने उन्हें नमस्काणर किया. रानी ने हौसला बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्य वाद भी दिया.टोक्योह ओलिंपिक में तीसरे और चौथे स्था न के लिए आज हुए मुकाबले में भारत को ब्रिटेन की महिला टीम से 3-4 की हार का सामना करना पड़ा.

पीएम मोदी ने फोन पर बात करते हुए कहा, 'बेटी..आप लोग बहुत अच्छाल खेले.आपने बहुत पसीना बहाया पिछले पांच-छह साल से सब छोड़कर आप इसी में साधना कर रहे थे. आपका पसीना पदक नहीं ला सका लेकिन यह देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गया है.' प्रधानमंत्री ने कहा, 'मै टीम के सभी साथियों को बधाई देता हूं. मैं देख रहा था नवनीत की आंख पर कुछ चोट आई है.' इस पर कप्ताेन ने उन्हें बताया कि नवनीत की आंख पर स्टिच आए हैं, इस पर पीएम ने चोटिल खिलाड़ी के हालचाल के बारे में पूछा.प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदना और अन्यइ खिलाड़ी सबने अच्छाक खेला. सलीमा बहुत बढि़या करती है. उन्‍होंने कहा, 'मुझे आप लोगों के रोने की आवाज सुनाई दे रही है. आप रोना बंद करिए...देश आप पर गर्व कर रहा है. बिल्कु'ल भी निराश नहीं होना है. आप लोगों की मेहनत से हॉकी, जो देश की पहचान है, पुनर्जीवित हो रही है.' पीएम ने कोच और सपोर्टिंग स्टााफ से भी बात की और कहा कि आप सभी ने अपनी ओर से हरसंभव प्रयास किया.
इससे पहले, पीएम ने एक ट्वीट करके भी हॉकी टीम के प्रदर्शन पर गर्व जताया था. उन्होंिने ट्वीट में लिखा-हम बारीक अंतर से मेडल चूक गए लेकिन यह टीम इंडिया की भावना को दर्शाता है, जहां हम अपना सर्वश्रेष्ठव प्रदर्शन देते हैं. यह सफलता देश की बेटियों को हॉकी को अपनाने और इसमें उत्कृेष्टि प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी. इस टीम पर हमें गर्व है.

 

बड़ी खबर: खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदला मेजर ध्यानचंद के नाम पर होगा अवॉर्ड

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल दिया है। अब इसे मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के नाम से जाना जाएगा। इससे पहले यह अवॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम हुआ करता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी।


उन्होंने कहा कि मुझे पूरे भारत के नागरिकों से खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए कई अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। उनकी भावना का सम्मान करते हुए, खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा।

 

 

टोक्यो ओलंपिक : भारत ने मैच हारकर भी दिल जीता, रियो गोल्ड मेडलिस्ट ब्रिटेन को दी कड़ी टक्कर

टोक्यो/नई दिल्ली: ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम को कांस्य पदक के मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन के हाथों 3-4 से करारी हार का सामना करना पड़ा। गुरुवार को भारतीय पुरुष टीम ने जर्मनी को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया था। महिला टीम के पास भी आज इतिहास रचने का मौका था, लेकिन वह ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाई।

हालांकि, भारतीय टीम ने ब्रिटेन को कड़ी टक्कर दी। 2016 के रियो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली ग्रेट ब्रिटेन को भारत के खिलाफ मैच जीतने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक वक्त 3-2 पिछड़ रही ब्रिटेन आखिरी क्वार्टर में बढ़त बना पाई। इसलिए भारत मैच हारकर भी लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहा।

टीम इंडिया भले ही कांस्य पदक नहीं जीत पाई हो, लेकिन उसने टोक्यो में अपने अभियान का अंत चौथे स्थान पर रहकर किया। इससे पहले 1980 में भी भारतीय महिला हॉकी टीम चौथे स्थान पर रही थी। उस वक्त मुकाबले राउंड रोबिन आधार पर हुए थे और टॉप की दो टीमों के बीच फाइनल खेला गया था।

कांस्य पदक के मुकाबले में शुरुआती 15 मिनट के खेल में भारतीय टीम अपनी लय पाने की कोशिश करती दिखी। इस वजह से टीम इंडिया खराब डिफेंस एक फिर सामने आया। इसका पूरा फायदा ब्रिटेन ने उठाया और 2-0 की बढ़त के साथ टीम इंडिया को दबाव में डाल दिया।

इसके बाद टीम इंडिया ने शानदार वापसी की और हाफ टाइम में 3-2 की बढ़त के साथ ब्रिटेन को बैकफुट पर ला दिया। इसके बावजूद ब्रिटेन ने लगातार अपने अटैक के जरिए भारत की परीक्षा ली। यहीं, टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी जीत के रास्ते में रोड़ बन गई। आइए जानते हैं भारत की हार के 5 कारण...

पहले क्वार्टर से ही डिफेंस कमजोर दिखा
पहले क्वार्टर में टीम इंडिया का कमजोर डिफेंस मुश्किलें खड़ी करता रहा। हालांकि, ग्रेट ब्रिटेन के खिलाड़ी इसका फायदा नहीं उठा सके। भारतीय खिलाड़ी की खराब डिफेंस का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले क्वार्टर में ब्रिटेन के खिलाड़ी भारतीय टीम के डी में बॉल पहुंचाने में कामयाब हो रहा था।

ब्रिटेन के अटैक का तोड़ नहीं निकाल पाए
पहले क्वार्टर के बाद ब्रिटेन ने अपना अटैकिंग खेल दिखाया और एक के बाद एक कई गोल शॉट लगाए। इस क्वार्टर के शुरू होने के तुरंत बाद 16वें मिनट में ब्रिटेन ने अपना पहला गोल किया। इससे पहले भारत इसे बराबर करने की कोशिश करता, ब्रिटेन ने 24वें मिनट में गोल दागकर अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। जब भारत ने ब्रिटेन पर बढ़त ली, उसके बाद उनका अटैक और तेज हो गया। भारत के पास इस अटैक का कोई जवाब नहीं था और मुकाबला ब्रिटेन के पक्ष में रहा।

अहम मौकों पर पैनल्टी कॉर्नर पर स्कोर नहीं कर पाए
टीम इंडिया को मैच में वापसी करने के कई मौके मिले, लेकिन भारत उन्हें भुना नहीं पाया। इस मैच में भारत को कुल 8 पैनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारत सिर्फ 2 को गोल में तब्दील कर पाया। मैच में तब 8 मिनट बचे थे, तब भारत को ब्रिटेन की बराबरी का मौका मिला था, लेकिन टीम पैनल्टी कॉर्नर को स्कोर में बदलने में कामयाब नहीं हो सकी।

अटैक करने में पीछे रही टीम
ग्रेट ब्रिटेन के सामने भारत का अटैक फीका नजर आया। टीम इंडिया ज्यादातर ब्रिटेन के प्रहारों को बचाने का प्रयास करती नजर आई। इसकी अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ब्रिटेन के मुकाबले आधे गोल शॉट ही लगाए। ब्रिटेन ने मैच में कुल 19 गोल शॉट लगाए, जबकि भारत की ओर से सिर्फ 11 गोल शॉट लगे।

सविता पुनिया को टीम का साथ नहीं मिला
भारत की ओर डिफेंस का जिम्मा एक बार सिर्फ गोलकीपर सविता पुनिया के कंधों पर रहा। सविता ने 11 गोल शॉट में से 7 का बचाव किया। उन्होंने दीवार की तरह ब्रिटेन के अटैक का सामना किया, लेकिन उन्हें किसी और डिफेंडर का साथ नहीं मिला। टीम इंडिया को इसी का खामियाजा हार के साथ चुकाना पड़ा।

टोक्यो ओलंपिक : भारत को मिल सकता है एक और पदक, भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया पहुंचे सेमीफाइनल में

टोक्यो/नई दिल्ली | जापान की राजधानी टोक्यो से एक बड़ी खबर आ रही है | खबर है कि  भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है | पूनिया ने क्वार्टर फाइनल में एशियाई चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट ईरान के मुर्तजा चेका घियासी को अंतिम क्षणों में शिकस्त दी। इससे पहले उन्होंने प्री क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान के अर्नाजर अकमातालिएव को हराया था। 

टोक्यो ओलंपिक खुशखबरी : रवि ने दिलाई चांदी, प्रधानमंत्री ने ट्विट कर जाने क्या कहा ...

रवि दहिया ने भारत को ओलंपिक में कुश्ती का सिल्वर मेडल दिलाया है। गुरुवार शाम को गोल्ड मेडल के लिए जारी मुकाबले में वह रुस के पहलवान को मात नहीं दे सके, लेकिन चांदी लेकर भारत लौट रहे हैं। रवि दहिया को रूस के पहलवान जवूर उगुएव से 57 किलोग्राम भार वर्ग की फ्रीस्टाइल कैटिगरी में हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले की शुरुआत से ही रूसी पहलवान जवूर उगुएव ने अपनी बढ़त बना ली थी, जिसे रवि दहिया कड़ी टक्कर देने के बाद भी अंत तक खत्म नहीं कर पाए। रवि ने पहले पीरियड की शुरुआत में 2-2 की बराबरी कर ली थी, लेकिन फिर रूसी पहलवान ने जबरदस्त वापसी करते हुए स्कोर को 4-2 कर दिया था। इसके बाद रूसी पहलवान ने रवि को कोई मौका नहीं दिया। एक समय पर जवूर उगुएव 7-2 से आगे चल रहे थे, लेकिन तभी रवि दहिया ने दो पॉइंट और हासिल कर लिए, लेकिन मुकाबला नहीं हासिल कर सके। रवि दहिया ने की सुशील कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी
यह भारत और रवि दहिया के लिए बड़ी उपलब्धि है। रवि दहिया ने ओलंपिक में पहली बार हिस्सा लिया था और मेडल जीतकर लौट रहे हैं। भले ही रवि दहिया गोल्ड मेडल हासिल नहीं कर सके हैं, लेकिन कुश्ती में उन्होंने सुशील कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। 2008 के बीजिंग ओलंपिक के बाद से ही भारत लगातार कुश्ती में मेडल हासिल कर रहा है। रवि दहिया ने कुश्ती में दूसरा सिल्वर जीता है, उनसे पहले 2012 के लंदन ओलंपिक के फ़ाइनल में पहुंचे पहलवान सुशील कुमार ने यह उपलब्धि हासिल की थी।

विनेश फोगाट और अंशु मलिक की हार से निराशा

इससे पहले दिन में विनेश फोगाट के मुकाबले में भारत को निराशा का सामना करना पड़ा था। विनेश फोगाट को बेलारूस की पहलवान के मुकाबले हार का सामना करना पड़ा। वहीं पहलवान अंशु मलिक भी ब्रॉन्ज मेडल में रूस की पहलवान वलेरिया कोबलोवा को हार का सामना करना पड़ा। वह 57 किलोग्राम भारवर्ग के रेपेचेज मुकाबले में उतरी थीं। पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा- खूब लड़े, आपका जवाब नहीं

 

 

 

रवि दहिया को ओलंपिक में जीतने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'रवि कुमार दहिया बेहतरीन पहलवान हैं। उनकी फाइटिंग स्पिरिट का कोई जवाब नहीं है। उन्हें टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के लिए शुभकामनाएं। भारत को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर गर्व है।'

टोक्यो ओलंपिक : सेमीफाइनल में हारी भारतीय महिला हॉकी टीम

टोक्यो/नई दिल्ली: भारतीय महिला हॉकी टीम के टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने का सपना अधूरा रह गया। उसे दूसरे सेमीफाइनल में दुनिया की दूसरे नंबर की टीम अर्जेंटीना के हाथों हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम को रोमांचक मुकाबले में 1-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। हालांकि भारतीय टीम ने अपने से मजबूत टीम को कड़ी टक्कर दी और आखिरी सेकेंड तक लड़ती रही लेकिन अंत में बाजी अर्जेंटीना ने मारी।

भारतीय टीम ने मैच में पहले क्वार्टर के दूसरे ही मिनट में गोल कर बढ़त ले ली थी, लेकिन इसके बाद अर्जेंटीना ने दूसरे क्वार्टर में वापसी करते हुए स्कोर को बराबर किया। अर्जेंटीना की कप्तान मारिया ने टीम की तरफ से दोनों गोल किए। वहीं भारत की तरफ से गुरजीत कौर ने इकलौता गोल किया।


सेमीफाइनल में हार के बाजवूद भारतीय टीम के पास पदक जीतने का मौका अभी बरकरार है। अब उसे छह अगस्त को ग्रेट ब्रिटेन से प्लेऑफ (कांस्य पदक मैच) में भिड़ना है, जहां जीतने पर वह ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की हॉकी टीम की जमकर तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला हॉकी टीम की हार के बाद भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में महिला टीम ने जिस तरह से प्रदर्शन किया है वह काबिले तारीफ है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, टोक्यो 2020 में एक चीज जिसे हम याद रखेंगे, वह है हमारी हॉकी टीमों का शानदार प्रदर्शन। आज का मैच और पिछले सभी मैचों में महिला हॉकी टीम ने धैर्य के साथ खेला और शानदार कौशल दिखाया। टीम पर गर्व है। अगले मुकाबले और भविष्य के लिए टीम को शुभकामनाएं।`

टोक्यो ओलंपिक : क्वार्टर फाइनल में हारीं दुनिया की नंबर 1 पहलवान विनेश

टोक्यो/नई दिल्ली: भारत को रेसलिंग में झटका लगा है। दुनिया की नंबर 1 पहलवान भारत की विनेश फोगाट महिलाओं के 53 किग्रा भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हार गईं। विनेश को बेलारूस की पहलवान वैनेसा कलाडजिंस्काया ने शिकस्त दी। इस हार के बाद विनेश पदक जीतने की रेस में बनी हुई हैं। अब उन्हें रेपचेज मुकाबले का इंतजार करना होगा। लेकिन विनेश का हारना भारत की बड़ी हार है।

भारत की तरफ से पदक की प्रबल दावेदार विनेश फोगाट 53 किग्रा भार वर्ग के पहले दौर में रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली स्वीडन की सोफिया मैटसन को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। विनेश के पास अब भी पदक जीतने का मौका है। अगर वेलारूस की पहलवान वानेसा फाइनल में पहुंचती हैं तो विनेश को रेपचेज में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।

इससे पहले विनेश ने अपने पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। भारत की इस 26 वर्षीया पहलवान ने स्वीडन की खिलाड़ी सोफिया को 7-1 से शिकस्त दी। विनेश ने साल 2019 में विश्व चैंपियनशिप के दौरान भी मैटसन को पटखनी दी थी।

मैच के दौरान मैटसन ने जब कभी विनेश के दाएं पैर पर हमला किया तो भारतीय पहलवान ने पलटवार करते हुए पॉइंट अर्जित किेए। विनेश फोगाट ने पूरे मुकाबले के दौरान जोश और जज्बा बरकरार रखते हुए अपने प्रतिद्वंदी को चित करने का मौका भी बनाया।

वहीं भारत की एक अन्य पहलवान अंशु मलिक को 57 किग्रा भार वर्ग में रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता वेलेरिया कोब्लोवा ने रेपचेज मुकाबले में 5-1 से हराया। इस हार के बाद अंशु पदक की रेस से बाहर हो गईं।

टोक्यो ओलंपिक : 41 साल बाद हॉकी में भारत ने दिखाया दम, जर्मनी को हराकर जीता पदक

टोक्यो/नई दिल्ली: भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक में पदक हासिल कर लिया है। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के मुकाबले में जर्मनी को हरा दिया। मैच में शुरुआत में पिछड़ने के बाद भारत ने जोरदार वापसी की और जर्मनी के खिलाफ मैच को 5-4 से जीत लिया। इससे पहले आखिरी बार हॉकी में टीम इंडिया ने 1980 में ओलंपिक मेडल जीता था।

जर्मनी ने मैच के दूसरे ही मिनट में अपना खाता खोल लिया था। जर्मनी की तरफ से तिमूर ओरुज ने पहला गोल दागा। इसके साथ ही जर्मनी ने 1-0 की बढ़त ले ली थी। इसके बाद भारतीय टीम ने 17वें मिनट में वापसी की, जब सिमरनजीत सिंह ने जोरदार खेल दिखाते हुए जर्मन गोलकीपर को छकाया और गोल करने में सफल रहे। इस गोल के साथ ही दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर आ गई।

दूसरे क्वार्टर में स्कोर बराबर
हालांकि, यह बढ़त ज्यादा देर नहीं टिक सकी और जर्मनी की तरफ से निकलास वेलेन ने 24वें मिनट में अपना पहला और टीम के लिए दूसरा गोल कर जर्मनी 2-1 से आगे कर दिया। इसके बाद जर्मनी ने एक मिनट के अंदर एक और गोल दागा और अपनी लीड को 3-1 कर दिया। उसकी तरफ से तीसरा गोल फुर्क बेनेडिक्ट ने 25वें मिनट में किया।

मैच के 27वें मिनट में भारत को पैनल्टी कॉर्नर मिला और हार्दिक सिंह ने उसे गोल में तब्दील कर जर्मनी की बढ़त को कम कर दिया। सिमरनजीत सिंह की ओर से लिए गए पैनल्टी कॉर्नर को जर्मनी के गोलकीपर ने रोका, लेकिन गेंद रिफ्लेक्ट हुई और हार्दिक ने उसे गोल पोस्ट में भेज दिया। इसी के साथ स्कोर 3-2 हो गया।

इसके बाद भारत ने और आक्रामक खेल दिखाया और मैच का तीसरा गोल कर दिया। इसी के साथ दोनों ही टीम 3-3 की बराबरी पर पहुंच गईं। दूसरे क्वार्टर के खत्म होने से पहले 29वें मिनट में हरमनप्रीत ने यह शानदार गोल किया।

भारत ने तीसरे क्वार्टर में पलटा मैच
भारत ने तीसरे क्वार्टर में शानदार शुरुआत की। भारत को पैनल्टी स्ट्रोक मिला और रुपिंदर ने कोई गलती नहीं की। रुपिंदर ने गेंद को सीधा गोलपोस्ट में डाला और भारत को 4-3 की अहम और मजबूत बढ़त दिला दी। इसके बाद 34वें मिनट में सुमित के पास पर सिमरनजीत सिंह ने शानदार गोल दागा और भारत को 5-3 ये आगे कर कांस्य पदक के और करीब ले आए।

चौथे क्वार्टर में जर्मनी को रोकने में भारत कामयाब
चौथा क्वार्टर शुरू होने के साथ ही जर्मनी ने आक्रामक खेल दिखाया और गोल करने की हर संभव कोशिश की। मैच के 48वें मिनट में जर्मनी को पैनल्टी कॉर्नर के रूप में मौका मिला और विंडफेडर ने उसे गोल में तब्दील कर दिया। इसी के साथ स्कोर 5-4 हो गया।
इसके बाद भारत ने शानदार डिफेंस दिखाया और जर्मनी को गोल नहीं करने दिया। मैच आखिरी पलों में रोमांचक मोड़ तब आया, जब जर्मनी को एक और पैनल्टी कॉर्नर दिया गया। हालांकि, भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने उसे बचाकर भारत की जीत सुनिश्चित की।

भारत-इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट आज से, इन खिलाड़ियो को मिलेगा मौका

नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच आज यानी 4 अगस्त से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला नॉटिंघम में खेला जाएगा. भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और कोच रवि शास्त्री को प्लेइंग 11 चुनने के लिए काफी माथापच्ची करनी होगी. मयंक अग्रवाल की जगह ओपनिंग के लिए केएल राहुल (KL Rahul) मजबूत दावेदार हैं. दूसरी ओर बतौर ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और शार्दुल ठाकुर में से किसी एक मौका मिल सकता है. मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ हैं लेकिन उनकी उम्र बढ़ रही है. जसप्रीत बुमराह 2019 में कमर के स्ट्रेस फ्रेक्चर के बाद टेस्ट गेंदबाज के रूप में पहले जैसी सफलता हासिल नहीं कर पाए लेकिन पिछली सीरीज में अच्छे प्रदर्शन से उन्हें शुरुआती टेस्ट में खेलने का मौका मिल सकता है. लेकिन भारत के सबसे तेज और फॉर्म में चल रहे गेंदबाज मोहम्मद सिराज का क्या होगी जिनकी तेज गति की गेंद हेलमेट में लगने के बाद मयंक अग्रवाल टेस्ट मैच से बाहर हो गए. कप्तान के लिए सिराज की चुनौती की अनदेखी करना आसान नहीं होगा।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं:

भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, हनुमा विहारी, ऋषभ पंत, आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर, उमेश यादव, लोकेश राहुल, ऋद्धिमान साहा, अभिमन्यु ईश्वरन, पृथ्वी शॉ और सूर्यकुमार यादव.


इंग्लैंड: जो रूट (कप्तान), जेम्स एंडरसन, जॉनी बेयरस्टो, डोम बेस, स्टुअर्ट ब्रॉड, रॉरी बर्न्स, जोस बटलर, जैक क्रॉउली, सैम कुरेन, हसीब हमीद, डेन लॉरेंस, जैक लीच, ओली पोप, ओली रॉबिन्सन, डॉम सिब्ले और मार्क वुड.

टोक्यो ओलंपिक : बुल्गारिया के पहलवान को हरा कर सेमीफाइनल में पहुंचे रवि कुमार

टोक्यो: भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया पुरुषों की 57 किग्रा भार वर्ग में सेमीफाइनल में पहंच गए। क्वार्टर फाइनल मेंं उन्होंने बुल्गारिया के जॉर्डी वैंगेलोव को 14-4 से हराया।

भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया पुरुषों के फ्री स्टाइल 57 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। रवि ने क्वार्टर फाइनल में बुल्गारिया के जॉर्डी वैंगेलोव को 14-4 से शिकस्त दी। उनकी इस जीत ने रेसलिंग में पदक की उम्मीद जगा दी है।

इससे पहले उन्होंने प्री क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया के पहलवान ऑस्कर टिगरेरोस उरबानो को 13-2 से मात देकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अब सेमीफाइनल में उनका मुकाबला कजाकिस्तान के पहलवान से होगा।

टोक्यो ओलंपिक : भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचे नीरज

टोक्यो/नई दिल्ली: टोक्यो ओलंपिक में भारत के स्टार जेवेलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने भाला फेंक स्पर्धा में पहले ही प्रयास में कमाल का थ्रो करते हुए 86.65 मीटर दूर भाला फेंका। इसके साथ वह फाइनल के लिए क्वालीफाई कर गए। फाइनल में सीधे प्रवेश करने के लिए 83.50 मीटर का थ्रो होना जरूरी है। नीरज अब 7 अगस्त को फाइनल मुकाबले में अपना दमखम दिखाएंगे।

ओलंपिक के इतिहास में भारत की तरफ से अब तक कोई भी एथलीट ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में पदक नहीं जीत पाया। जेवेलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा इस सूखे को खत्म कर सकते हैं। कुल मिलाकर जिस तरह से उन्होंने आज अपने पहले प्रयास में प्रदर्शन किया उसे देख उनसे पदक की उम्मीद है।

टोक्यो ओलंपिक में पदार्पण करने वाले नीरज चोपड़ा ने 86.65 मीटर दूर भाला फेंककर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। नीरज ने यह करिश्मा अपने पहले ही प्रयास में कर दिखाया। उनके इस शानदार प्रदर्शन के देखकर ऐसा कहा जा रहा है कि वह भारत को पदक अवश्य दिलाएंगे।

नीरज चोपड़ा टोक्यो ओलंपिक के लिए बेहतर तैयारी नहीं कर सके। उनकी तैयारियों में कोविड-19 महामारी और चोट आड़े आई। इसके बावजूद उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया और पहले ही थ्रो में फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया।

टोक्यो ओलंपिक: भारत की बेटी ने जीता कांस्य पदक, पीएम ने दी बधाई

टोक्यो/नई दिल्ली: वेल्टरवेट महिला मुक्केबाज़ी के सेमी फ़ाइनल मुक़ाबले में बुधवार को भारतीय मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहाईं को दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी तुर्की की खिलाड़ी बुसेनाज़ सुर्मेनेली ने हरा दिया। लवलीना ने भारत के लिए दूसरा ओलंपिक मेडल पीवी सिंधु के कांस्य पदक जीतने से पहले ही 30 जुलाई को सुनिश्चित कर लिया था।

सेमीफ़ाइनल में जीतकर उनके पास कांस्य को रजत पदक में बदलने का मौक़ा था लेकिन तुर्की की शीर्ष वरीयता खिलाड़ी के आगे लवलीना टिक नहीं पाईं। पहले ही राउंड में सुर्मेनेली ने उन्हें हरा दिया और आगे का मैच बहुत आसानी से तुर्की की खिलाड़ी ने जीत लिया।

बीते शुक्रवार को उन्होंने वेल्टरवेट क्वार्टर फ़ाइनल मुकाबले में चीनी ताइपे की निएन-चिन चेन को हराकर सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई थी। ओलंपिक के प्री क्वार्टर फ़ाइनल में उन्हें बाई मिला था जबकि जर्मनी की खिलाड़ी को हराकर वो क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँची थीं। राउंड-16 में उन्होंने जर्मनी की नडीन अपेत्ज़ को 3-2 से हराया था।

क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबले में उन्होंने निएन-चिन चेन नाम की जिस खिलाड़ी के ख़िलाफ़ जीत हासिल की थी, वो पूर्व विश्व चैम्पियन हैं और अब तक के कई मुक़ाबलों में लवलीना उनसे हारती आई थीं। लवलीना 2018 के वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उनसे हार गई थीं।

लवलीना (दाएं) ने चीनी ताइपे की निएन-चिन चेन को हराकर सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई थी।
लेकिन शुक्रवार की लवलीना की जीत कोई मामूली जीत नहीं थी उन्होंने अपनी विरोधी खिलाड़ी को 4-1 से मात दी थी जो कि बहुत बड़ी जीत थी।