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रोजगार, स्वावलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारा लक्ष्य, वीबीजीरामजी से विकास की बढ़ेगी रफ्तार: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

रोजगार, स्वावलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारा लक्ष्य, वीबीजीरामजी से विकास की बढ़ेगी रफ्तार: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

रायपुर: रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।

श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।

छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान

इस दौरान श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।

केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम उपस्थित रहें।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई।

इस बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजिम कुंभ कल्प, शिवरीनारायण मेला एवं सिरपुर महोत्सव की दी शुभकामनाएं….

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजिम कुंभ कल्प, शिवरीनारायण मेला एवं सिरपुर महोत्सव की दी शुभकामनाएं….

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने 01 फरवरी से माघपूर्णिमा के अवसर पर प्रारंभ हो रहे राजिम कुंभ कल्प, शिवरीनारायण मेला एवं सिरपुर महोत्सव के लिए प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिद्ध राजिम में महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र त्रिवेणी संगम पर आयोजित होने वाला राजिम कुंभ कल्प प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। राज्य सरकार इसकी ऐतिहासिक पहचान और गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, इसी उद्देश्य से ‘राजिम माघी पुन्नी मेला’ को पुनः ‘राजिम कुंभ कल्प’ का नाम दिया गया है।

 साय ने बताया कि इस वर्ष राजिम कुंभ कल्प का आयोजन 01 फरवरी माघपूर्णिमा से 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक किया जाएगा तथा इसे रामोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान पुण्य स्नान, साधु-संतों के प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने माघपूर्णिमा पर शिवरीनारायण में महानदी, शिवनाथ एवं जोंक नदी के संगम पर लगने वाले मेले तथा महानदी तट पर माघी पूर्णिमा से प्रारंभ हो रहे सिरपुर महोत्सव के सफल आयोजन की भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना, लोक संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान देंगे।

ब्रेकिंग : आरक्षक को एसपी ने किया बर्खास्त, इस वजह से हुई सेवा समाप्त, जाने पूरा मामला…..

ब्रेकिंग : आरक्षक को एसपी ने किया बर्खास्त, इस वजह से हुई सेवा समाप्त, जाने पूरा मामला…..

 कवर्धा। शराबी आरक्षक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। शराब के नशे में कर्मचारियों व आम लोगों से बदसुलूकी करने वाले आरक्षक को एसपी ने बर्खास्त कर दिया है। कांस्टेबल पर आरोप है, वर्दी पहनकर शराब के नशे में राहगीरों, आम नागरिक व शो रूम के कर्मचारियों के साथ बदसुलूकी की थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया है।

आरक्षक अभिषेक लकड़ा को शराब पीकर लोगों से बदसुलूकी करने और अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। आरक्षक पर आरोप है कि 30 अप्रैल 2025 को वर्दी पहने, शराब के नशे में धुत होकर सरस्वती शो-रूम कवर्धा गया था। शो रूम के कर्मचारियों, राहगीरों व आम नागरिकों के साथ अशिष्ट और अमर्यादित व्यवहार किया। आरक्षक की दबंगाई की शिकायत शोरूम के संचालक ने पुलिस थाने में की थी।

कवर्धा जिला अस्पताल में आरक्षक का मुलाहिजा कराया गया था। जांच पड़ताल में चिकित्सक ने अत्यधिक शराब पीने की पुष्टि की थी। एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी कवर्धा ने मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में आरक्षक के नशे के दौरान गैर जिम्मेदाराना हरकत करने की पुष्टि की गई। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि समझाइश के बाद भी आरक्षक ने अपनी आदतों में कोई सुधार नहीं किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने बर्खास्तगी आदेश जारी कर दिया है।

विभागीय जांच में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि आरक्षक लकड़ा अपनी नौकरी के दौरान बार-बार शराब का सेवन करते रहा है। बिना जानकारी सेवा से नदारद रहने और अनुशासनहीनता के आरापे में उसे सात बार निंदा की सजा और दो बार इंक्रीमेंट रोकने का दंड भी दिया गया था। विभागीय सजा के बाद भी उसकी आदतों में सुधार नहीं आ पाया।

शराब पीकर ड्यूटी करना, समझाइश के बाद भी अनुशासनहीनता के मामले में नौकरी से बर्खास्त होने वाले लकड़ा चौथे कांस्टेबल है। इसके पहले तीन कांस्टेबलों को इसी तरह के आरोप में सेवा से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

छात्रा के साथ गैंग रेप : खंडहर में दो नाबालिग कर रहे थे दुष्कर्म, तभी पहुंची पीड़िता की मां, फिर जो हुआ…

छात्रा के साथ गैंग रेप : खंडहर में दो नाबालिग कर रहे थे दुष्कर्म, तभी पहुंची पीड़िता की मां, फिर जो हुआ…

 दुर्ग। जिले के नेवई थाना अंतर्गत एक नाबालिग से गैंग रेप का मामला सामने आया है। जहां दो नाबालिग लड़कों ने खंडहर नुमा मकान में ले जाकर बारी बारी से नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दोनों अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

13 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना हुई है। हैरानी की बात ये है कि दुष्कर्म के आरोपी भी नाबालिग हैं। पूरी घटना दुर्ग जिले के नेवई थाना क्षेत्र का है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को अभिरक्षा में ले लिया है, लेकिन गैंगरेप के 14 और 15 साल के आरोपियों ने जिस विभत्सता के साथ घटना को अंजाम दिया, उसने समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

नेवई थाना क्षेत्र में 13 साल की नाबालिक बच्ची से गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार बच्ची मोहल्ले में खेल रही थी। तब 14 और 15 साल के दो नाबालिग लड़के आए और बच्ची को अपनी बातों की जाल में फंसाया। चूंकि बच्ची उन्हें पहले से जानती थी इसलिए उनके झांसे में आ गई और उनके साथ चली गई। दोनों उसे अपनी बातों में बहना एक खंडहरनुमा सुने मकान में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

वहीं दूसरी तरफ जब बच्ची काफी टाइम तक घर वापस नहीं आई तो उसकी मां खोजते हुए मोहल्ले में निकली। तब किसी ने उन्हें बताया कि बच्ची दो और लड़कों के साथ खंडहरनुमा मकान में गई है तो बच्ची की मां वहां पहुंची। वहां उन्होंने बच्चों के साथ गलत काम होते देखा। बच्ची की मां को देख दोनों नाबालिग बच्चे मौके से भाग निकले।

डरी– सहमी बच्ची को घर ला जब मां ने पूछताछ की तो बच्ची ने रोते हुए सारी कहानी बयां कर दी। इसके बाद बच्ची को उसकी मां नेवई थाना लेकर पहुंची और घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तत्काल कार्यवाही करते हुए दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में ले किशोर न्याय बोर्ड में पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा है।

महिला ने पुलिस-कोर्ट स्टाफ के सामने खुद पर मिट्टी तेल डालकर लगाई आग, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत…..

महिला ने पुलिस-कोर्ट स्टाफ के सामने खुद पर मिट्टी तेल डालकर लगाई आग, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत…..

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता ने कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने पहुंची पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली थी। 7 दिनों तक चले इलाज के बाद इलाज के दौरान रायपुर के डीकेएस अस्पताल में उसकी मौत हो गई। कांग्रेसी नेत्री का नाम शबाना निशा (37 वर्ष) था।

जानिए क्या था मामला

यह पूरा मामला 22 जनवरी का है। कांग्रेस नेत्री शबाना निशा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीपारा स्थित फेरू राम के मकान में किराए पर रहती थी। बताया जा रहा है कि शबाना चाहती थी कि वह जिस मकान में रह रही थी, उसे मकान मालिक बेच दे, लेकिन मकान मालिक नहीं बेच रहा था। साथ ही शबाना को घर खाली करने का दबाव बना रहा था। मकान मालिक ने मामले में कोर्ट में भी इसकी शिकायत की थी। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस और कोर्ट स्टाफ घर खाली कराने के लिए पहुंचे थे।

इस दौरान महिला घर के अंदर गई और खुद के उपर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली। घटना में महिला 95 प्रतिशत झुलस गई थी, जिसे परिजनों और पुलिस ने गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था। स्थिति गंभीर होने पर डाॅक्टरों ने उसे रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर किया था।

महिलाा का उपचार डीकेएस में करीब 7 दिनों तक चला। इसी बीच उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, दुर्ग पुलिस ने घटना के संबंध में बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की टीम पहुंची थी। इसी बीच महिला ने खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली। महिला का उपचार जारी था, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि शबाना कांग्रेसी नेत्री थी और उसने वार्ड क्रमांक 28 पचरीपारा से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद चुनाव लड़ चुकी थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

CG Sex Racket: सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, गस्त के दौरान दलाल सहित तीन लड़कियां पकड़ाई, ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क……

CG Sex Racket: सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, गस्त के दौरान दलाल सहित तीन लड़कियां पकड़ाई, ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क……

 कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में पुलिस ने सेक्स रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। काॅम्बिंग गश्त के दौरान एक घर में रेड मारकर तीन युवतियों और एक दलाल को पकड़ा गया। आरोपी दलाल ग्राहकों की डिमांड पर लड़कियों को बुलाता था, फिर उनसे देहव्यापार कराता था। दलाल ये पूरा नेटवर्क व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से चला रहा था। व्हाट्सएप पर ही लड़कियों की फोटो भेजकर डील करता था। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है। दलाल का नाम गोलू लहरे 35 वर्ष है।

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) के निर्देश पर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह बघेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के नेतृत्व में जिले में कानून व्यवस्था, सामाजिक मर्यादा व नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में घुघरी रोड स्थित अटल आवास क्षेत्र में देह व्यापार से संबंधित गतिविधियों की सूचना पर साइबर थाना व थाना कवर्धा (कोतवाली) की संयुक्त टीम द्वारा रात में कॉम्बिंग गश्त के दौरान कार्रवाई की गई। इस दौरान महिला अधिकारियों एवं महिला आरक्षकों की टीम को विशेष रूप से शामिल किया गया।

कॉम्बिंग गश्त एवं दबिश के दौरान मौके से एक दलाल एवं तीन युवतियों को हिरासत में लिया गया, जो संदिग्ध रूप से देह व्यापार की गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। उक्त गतिविधियों से क्षेत्र की सामाजिक शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति निर्मित हो रही थी। आरोपी दलाल का नाम गोलू लहरे पिता कलम लहरे उम्र 35 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 17 मिनीमाता चौक कवर्धा है। इसके अलावा 3 युवतियों को भी हिरासत में लिया गया। सभी के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

CG TRANSFER : 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों का तबादला, एसपी ने जारी किया आदेश

CG TRANSFER : 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों का तबादला, एसपी ने जारी किया आदेश

 सरगुजा।  जिले में पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया गया है, जारी आदेश में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हुए, जिनमे सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक को नई पदस्थापना मिली है।

देखें पूरी लिस्ट

 

RAIPUR : मरीन ड्राइव पर नए पार्किंग नियम, जनता ने जताई आपत्ति

RAIPUR : मरीन ड्राइव पर नए पार्किंग नियम, जनता ने जताई आपत्ति

 रायपुर | राजधानी रायपुर में नगर निगम के एक फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है, जहां तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) के पाथवे को पार्किंग स्थल घोषित किए जाने के बाद मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने वाले लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

नगर निगम ने पाथवे क्षेत्र में पार्किंग शुल्क तय करते हुए चार पहिया वाहनों के लिए 4 घंटे का 20 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 12 घंटे का 10 रुपये शुल्क निर्धारित किया है, जिसके बाद फुटपाथ को पार्किंग में तब्दील किए जाने का विरोध शुरू हो गया है और तालाब परिसर में विरोधी बैनर भी लगाए गए हैं।

मॉर्निंग वॉक करने वाले श्यामलाल साहू, विनीत सहित अन्य लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगर निगम अधिकारियों की यह समझ से परे कार्रवाई है और सवाल उठाया कि क्या अब पैदल चलने वालों से भी शुल्क वसूला जाएगा, जबकि पहले भी इसी तरह का फैसला विरोध के बाद वापस लिया जा चुका है।

हैरानी की बात यह है कि जब इस मुद्दे पर नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप से बात की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी से ही इनकार कर दिया। गौरतलब है कि जुलाई 2021 में भी नगर निगम ने तेलीबांधा तालाब आने वालों से पार्किंग शुल्क वसूलने का आदेश जारी किया था, लेकिन जनता के विरोध के बाद तत्कालीन महापौर एजाज ढेबर को आदेश वापस लेना पड़ा था, और अब एक बार फिर वही फैसला सामने आने से निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

BREAKING : शराब प्रेमियों के लिए जरूरी खबर,15 दिन सभी देशी-विदेशी शराब दुकानें रहेगी बंद...जाने वजह…!!

BREAKING : शराब प्रेमियों के लिए जरूरी खबर,15 दिन सभी देशी-विदेशी शराब दुकानें रहेगी बंद...जाने वजह…!!

 राजिम। शराब प्रेमियों के लिए जरूरी खबर है। राजिम कुंभ कल्प मेले के दौरान प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य शासन एवं कलेक्टर गरियाबंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुंभ अवधि के दौरान राजिम क्षेत्र में मांस-मटन एवं शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

जारी आदेश के तहत 1 फरवरी से 15 फरवरी तक राजिम क्षेत्र की सीमा में मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। वहीं श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए राजिम, गोबरा नवापारा और मगरलोड क्षेत्र की सभी शराब दुकानें भी इस अवधि में बंद रहेंगी।

इस संबंध में राजिम एसडीएम विशाल महाराणा ने बताया कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या व्यापारी आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों और व्यापारियों से राजिम कुंभ कल्प के दौरान सहयोग करने और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने की अपील की है।

CG : केंद्रीय मंत्री शिवराज का आज छत्तीसगढ़ दौरा…किसानों से करेंगे संवाद

CG : केंद्रीय मंत्री शिवराज का आज छत्तीसगढ़ दौरा…किसानों से करेंगे संवाद

 रायपुर. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे. दोपहर 12:30 बजे दुर्ग जिले के कुम्हारी में किसान मेला में शामिल होंगे. राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहेंगे. केंद्रीय मंत्री ग्राम गिरहोला और खपरी में कृषि फार्म भ्रमण व पौधरोपण करेंगे. इसके बाद वह दोपहर 3 बजे नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में कृषि व ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक लेंगे. सीएम विष्णु देव साय, कृषि मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री बैठक में शामिल रहेंगे.

रियल इस्पात एंड एनर्जी प्लांट को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी, एक सप्ताह में देना होग़ा जवाब

रियल इस्पात एंड एनर्जी प्लांट को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी, एक सप्ताह में देना होग़ा जवाब

 00 संयुक्त जांच रिपोर्ट में में सुरक्षा मानकों एवं एसओपी का गंभीर उल्लंघन

रायपुर। तहसील भाटापारा अंतर्गत ग्राम बकुलाही स्थित मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के कारखाना परिसर में 22 जनवरी 2026 को घटित भीषण औद्योगिक दुर्घटना के मामले में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच रिपोर्ट के प्रतवेदन के आधार पर कारखाना प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब एक सप्ताह में देना होगा।

सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा जारी आदेशानुसार गंभीर दुर्घटना की जाँच पश्चात कारखाना प्रबंधन द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 में निहित प्रावधानों के अनुपालन के संबंध में उल्लंघन पाया गया है।
कारखाना प्रबंधन द्वारा किल्न क्रमांक-01 का शट डाउन किए बिना संचालन जारी रखते हुए श्रमिकों एवं कारखाने के कर्मचारियों से खतरनाक स्थिति में कार्य करवाकर उनके जीवन को जोखिम में डाला गया एवं कार्यस्थल में व्यापक सुरक्षा एवं सुरक्षित कार्यप्रणालियों का उपयोग नही किया गया। कारखाना प्रबंधन द्वारा किल्न क्रमांक 01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के भीतर जमे हुए गर्म ऐश को वेटस्क्रैपर में गिराये जाने के कार्य के दौरान उचित रुप से कार्य अनुमति जारी नही किया गया एवं नवनियुक्त श्रमिकों को बिना कार्य अनुमति के डस्ट सेटलिंग चेंबर जैसे खतरनाक कार्यस्थल में नियोजित किया किया गया, जो कारखाना प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है। कारखाना प्रबंधन द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से वाणिज्यिक उत्पादन के संबंध में अनुमति नही लिया गया जो कि उद्योग नीति के विरुद्ध है। कारखाना प्रबंधन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत श्रमिकों को वेतन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में पंजी उपलब्ध नहीं कराया गया। संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अंतर्गत 20 या 20 से अधिक श्रमिक होने पर उनके द्वारा ठेका श्रमिक 1973 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति लिया जाता है। जबकि उनके द्वारा कारखाना में 02 ठेकेदार होने के बाद भी 100 श्रमिक से कार्य लिए जाने पर अनुज्ञप्ति नहीं लिया गया है। अंतराज्यीय प्रवासी श्रमिक 1979 के तहत बिना अनुज्ञप्ति लिए अंतराज्यीय श्रमिक से कार्य लिया जा रहा है जो कि उक्त नियमों का उल्लंघन है।

मृतको एवं घायलों को मुआवजा राशि का भुगतान- हादसे में मृत 5 श्रमिकों के परिजनों को 20 -20 लाख रुपये एवं 6 घायल श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा राशि का भुगतान कारखाना प्रबंधन द्वारा कर दिया गया है। घायल श्रमिकों का उपचार बिलासपुर में किया जा रहा है। 

गौरतलब है कि 22 जनवरी 2026 को प्रातः लगभग 9.40 बजे उक्त फैक्ट्री के किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल में कार्य के दौरान अचानक विस्फोट एवं गर्म ऐश की बौछार होने से 6 श्रमिकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जब कि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच उपरांत कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के अंतर्गत किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं समस्त मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान कल रहेंगे छत्तीसगढ़ दौरे पर, किसानों से करेंगे सीधा संवाद

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान कल रहेंगे छत्तीसगढ़ दौरे पर, किसानों से करेंगे सीधा संवाद

 00 मंत्रालय में करेंगे कृषि व ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा 

नई दिल्ली/रायपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 31 जनवरी 2026 (शनिवार) को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ जाएंगे। राजधानी रायपुर, दुर्ग एवं नया रायपुर में होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से वे किसानों से सीधा संवाद करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्रियों सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
दिल्ली से रायपुर, खेतों तक व्यस्त कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 31 जनवरी को सुबह 6.55 बजे दिल्ली से विमान द्वारा रायपुर के लिए रवाना होंगे और प्रात: 8.45 बजे रायपुर पहुंचेंगे। रायपुर में थोड़े समय रुकने के बाद सीधे गांवों और किसानों के बीच जाएंगे।
खेतों में उतरकर करेंगे फसल और नवाचार का अवलोकन
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान सुबह 10 बजे रायपुर से गिरहोला, खपरी (जिला दुर्ग) के लिए प्रस्थान करेंगे और लगभग 11 बजे ग्राम गिरहोला पहुंचेंगे। 11 बजे से 12 बजे तक वे ग्राम गिरहोला एवं ग्राम खपरी में खेत भ्रमण और पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे। यहां वे केंद्र की प्रमुख कृषि योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्राकृतिक खेती एवं सूक्ष्म सिंचाई आदि के लाभों पर भी चर्चा करेंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं से जुड़ सकें।
किसान मेले में भाग लेंगे, कृषि व ग्रामीण विकास योजनाओं का संदेश देंगे

दोपहर 12 बजे के बाद श्री चौहान गांव खपरी से निकलकर 12.30 बजे दुर्ग जिले के कुम्हारी पहुंचेंगे, जहां वे छत्तीसगढ़ यूथ प्रोग्रेसिव फार्मर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित किसान मेले में शामिल होंगे। दोपहर 12.30 से 1.30 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में वे आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण, किसान उत्पादक संगठनों, डिजिटल एग्रीकल्चर और ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के रोडमैप पर अपने विचार रखेंगे।
दोनों मंत्रालयों की बड़ी योजनाओं पर फोकस
किसान मेले और किसान संवाद के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं पर विशेष रूप से प्रकाश डालेंगे, जिनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को सीधे लाभांतरण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए प्राकृतिक आपदाओं से फसल सुरक्षा, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, डिजिटल कृषि मिशन और ड्रोन तकनीक के उपयोग पर बल देने के साथ ही केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए गांवों की बुनियादी ढांचा एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण पर विशेष चर्चा करेंगे। इन योजनाओं के प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में किसानों- ग्रामीणों की आय बढ़ाने, उनकी समृद्धि तथा गांवों को सड़कों, आवास और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मजबूत बनाने का संदेश वे विस्तार से रखेंगे।
नया रायपुर में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
दोपहर 2 बजे कुम्हारी, दुर्ग से केंद्रीय मंत्री श्री चौहान नया रायपुर स्थित महानदी भवन के लिए प्रस्थान करेंगे और लगभग 3 बजे वहां पहुंचेंगे, जहां शाम 5 बजे तक वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य के कृषि मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं की प्रगति का आकलन करेंगे। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास स्वीकृति एवं निर्माण की स्थिति, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण, साथ ही प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विस्तार, बीज एवं खाद की उपलब्धता, क्रेडिट सुविधा, एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड आदि विषयों की समीक्षा की जाएगी।
राज्यवार और क्षेत्रवार कृषि एवं ग्रामीण विकास की रणनीति

इस दौरे के माध्यम से केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ के किसानों, ग्रामीण समाज और राज्य सरकार के साथ मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए नए संकल्पों और ठोस कार्ययोजना को आगे बढ़ाने का संदेश देने वाले हैं, साथ ही यह उनका देशभर में राज्यवार और क्षेत्रवार कृषि एवं ग्रामीण विकास की रणनीति का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।

नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के 400 से अधिक गांव हुए आबाद : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के 400 से अधिक गांव हुए आबाद : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बस्तर के नारायणपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास पर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर जिलावासियों को अनेक सौगातें दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाई स्कूल मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में 351 करोड़ 49 लाख 45 हजार रूपए के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लाल आतंक समाप्ति की ओर है, जिससे विकास को गति मिल रही है। माओवाद के कारण यह क्षेत्र लम्बे समय से विकास से अछूता रहा, अब यहां नवाचार हो रहे हैैं।

नारायणपुर जिले को मिली 351 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

नारायणपुर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित आज अपराह्न में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से प्रदेश सरकार ने माओवाद मुक्त करने के लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना से चलते बस्तर के 400 से अधिक गांवों में विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों के विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में उन्हें कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आजीविका प्राप्त करते हुए आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही बस्तर को विकास के सभी आयामों से जोड़ने यहां पर्यटन विकास, खेती-बाड़ी, पशुपालन जैसे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने दोहराया। श्री साय ने यह भी कहा कि आदिवासी संस्कृति और पारम्परिक विरासतों को सहेजने व संजोकर रखने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार बस्तर पण्डुम का आयोजन कर रही है। उन्होंने उपस्थित जनों से जनजातीय सभ्यता और धरोहरों की जड़ों से जुड़कर रहने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने की 332 करोड़ के छह निर्माण कार्यों की घोषणा

इस दौरान मुख्यमंत्री ने 06 निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिनकी अनुमानित लागत 332 करोड़ रूपए है। इसमें 125 किलोमीटर लम्बे मार्ग नारायणपुर के ओरछा-आदेर-लंका-बेदरे -कुटरूमैमेड जिसकी लागत राशि-250 करोड़ रूपए है। यह नारायणपुर जिले को बीजापुर जिले से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसमें जिले के अंदरूनी क्षेत्र के ईदवाया, एडजुम, आदेर, कुड़मेल, ढोढरीबेड़ा, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका जैसे ग्राम जुड़ते हैं। इसी तरह राजनांदगांव-बैलाडिला मार्ग में सतह मजबूतीकरण कार्य की घोषणा की, इसकी लंबाई 28 कि.मी जो लगभग 34 करोड़ से तैयार होगी।

नारायणपुर जिले को मिली 351 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

यह नारायणपुर जिले को दंतेवाड़ा जिले में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी तरह नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर 28 किमी के सतह मजबूतीकरण कार्य, लंबाई 28 कि.मी. की घोषणा (राशि-34 करोड़ 12 लाख) – यह मार्ग जिले को महाराष्ट्र बार्डर तक जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसमें जिले के ब्रेहबेड़ा, कुरूषनार, बासिंग, सोनपुर ग्राम जुड़ते हैं। इसके अलावा ब्रेहबेड़ा (नारायणपुर)-कंदाड़ी-कीहीकाड़-मुरनार-बेचा मार्ग पर घुड़साल नाला पर उच्चस्तरीय सेतुमय पहुंच मार्ग निर्माण कार्य, जिसकी लंबाई 80 मीटर तथा लागत राशि-12 करोड ़ 42 लाख है। साथ ही नारायणपुर जिला अंतर्गत अबुझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में प्रारंभ किये गए 10 वैकल्पिक प्राथमिक शाला ‘घमण्डी, वाला, जटवर, नेलनार, रोहताड़, हितावाड़ा, मोडनार, तोके, कोडटामरका एवं कोडोली‘ के स्कूल सेटअप एवं भवन, तथा तोके में आश्रम शाला भवन की स्वीकृति की घोषणा की, जो 01 करोड़ 06 लाख रूपए से तैयार होगा। इसी तरह जिले के एज्युकेशन हब, गरांजी मे खेल मैदान की घोषणा की घोषणा की जिसका निर्माण 50 लाख रूपए की लागत से होगा।

कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के सशक्त और निर्णायक नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र माओवाद के आतंक का पूर्णतः अंत हो जाएगा। नारायणपुर जिला भी शीघ्र ही नक्सल मुक्त होकर शांति, विकास और समृद्धि के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से हर गांव, हर टोले को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। राजस्व मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले को 351 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी है। उनके नेतृत्व में राज्य सफलता की नित नई उंचाइयों को छू रहा है और हर क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है।

नारायणपुर जिले को मिली 351 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

इसके पहले, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। बस्तर की संस्कृति और विरासत की पूरे विश्व में अलग पहचान है। आज की नई पीढ़ी हमारी सस्कृति और परंपरा को सहेजकर रखने की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम के 12 विधाओं में जनजातीय संस्कृति के प्रदर्शन के माध्यम से सरकार द्वारा इन परंपराओं को सहेजने और संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से युवाओं को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से आदिवासी संस्कृति व परंपरा आगे बढ़ेगी और बस्तर विकास और शांति के पथ पर सतत् आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित माओवादी नव दम्पति को दिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आदिवासी व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण तथा प्राचीन धरोहरों का अवलोकन कर संरक्षित करने की बात कही। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत माओवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे 04 जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री से आशीर्वाद प्राप्त करने वाले जोड़ों में ग्राम पोदावाड़ा की कमला गोटा तथा ग्राम ऐनमेटा के सुकलाल जुर्री, ग्राम कुर्सींग की सुशीला कोवाची और ग्राम तुषवाल के सन्नी सलाम, ग्राम पूसालामा की रीता कोवाची और इसी ग्राम के मासो मण्डावी तथा ग्राम डूंगा की कोसी मण्डावी एवं इसी ग्राम के अर्जुन सिंह शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सभी विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने की बधाई दी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज और नगरीय संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

स्पेशल स्टोरी : धमतरी, बालोद, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में शुरू हुई मखाना विकास योजना, 178 लाख की राशि स्वीकृत

स्पेशल स्टोरी : धमतरी, बालोद, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में शुरू हुई मखाना विकास योजना, 178 लाख की राशि स्वीकृत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक फसलों के साथ अब किसान नकदी फसलों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं द्य इसी कड़ी में मखाना की खेती किसानों के लिए एक नया और लाभकारी विकल्प बनकर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना का क्रियान्वयन तेजी के साथ किया जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड में शामिल करने की ऐतिहासिक घोषणा के उपरांत राज्य में मखाना की खेती एवं प्रसंस्करण कार्य की गतिविधियों में तेजी आई है।

उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्ष 2025-26 से उक्त योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 178 लाख 11 हजार रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। योजना के क्रियान्वयन हेतु धमतरी, बालोद, महासमुंद एवं गरियाबंद जिलों का चयन किया गया है।

 स्पेशल स्टोरी : छत्तीसगढ़ में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन


मखाना की बाजार में अच्छी मांग 
मखाना की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान अगर केवल कच्चे बीज न बेचकर, बीज को प्रोसेस कर मखाना बनाकर बाजार में बेचें, तो उन्हें कहीं अधिक लाभ मिलता है। बीज को सुखाकर, भूनकर और प्रोसेस कर मखाना तैयार किया जाता है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है।
मखाना उत्पादन में कृषकों की रुचि 
योजना अंतर्गत मखाना उत्पादन एवं मखाना बीज उत्पादन की गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। कृषकों के पूर्व से निर्मित तालाबों में 96.438 हेक्टेयर तथा किसानों की भूमि पर 37.424 हेक्टेयर, इस कुल 133.862 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना उत्पादन किया जाएगा। साथ ही कृषि एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय तथा विभागीय रोपणियों में 15 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
मखाना उत्पादन में धमतरी जिले के 43 कृषक सम्मिलित
वर्तमान में धमतरी जिले में महिला स्व-सहायता समूहों का चयन कर मखाना उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। इनमें शैल पुत्री स्व-सहायता समूह, नई किरण स्व-सहायता समूह, जय माँ नव ज्योति महिला स्व-सहायता समूह एवं प्रगतिशील कृषक समूह प्रमुख हैं। जिले में 55 एकड़ क्षेत्र में तालाबों में मखाना बीज की बुवाई पूर्ण की जा चुकी है तथा 15 एकड़ में तैयारी प्रारंभ है, जिसमें 43 कृषक सम्मिलित हैं। भूमि पर मखाना उत्पादन हेतु चयनित 55 एकड़ क्षेत्र में भी बुवाई की तैयारी प्रारंभ की गई है, जिसमें 20 कृषक शामिल हैं।
2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावित
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है, जिसके अंतर्गत 75 हेक्टेयर में तालाबों में तथा 30 हेक्टेयर भूमि पर मखाना उत्पादन, 10 नवीन तालाबों का निर्माण तथा 5 हेक्टेयर में अतिरिक्त मखाना उत्पादन प्रस्तावित है।
मखाना उत्पादन के लिए किसानों को प्रशिक्षण
पिछले पांच वर्षों से मखाना की खेती कर रही ओजस फार्म की संचालक श्रीमती मनीषा चंद्राकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु एवं मिट्टी मखाना उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। राज्य में सर्वप्रथम आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा व्यावसायिक मखाना उत्पादन प्रारंभ किया गया था तथा दिसंबर 2021 में पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र स्थापित हुआ। वर्तमान में उनकी संस्था न केवल उत्पादन एवं प्रसंस्करण कर रही है, बल्कि राज्य एवं राज्य के बाहर के किसानों को प्रशिक्षण भी प्रदान कर रही है।
स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करने पर अधिकतम लाभ
श्रीमती मनीषा चंद्राकर ने बताया कि एक किलोग्राम मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप प्राप्त होता है, जिसकी कीमत 700 से 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है। यदि किसान स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करता है, तो प्रति एकड़ अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा: मुख्यमंत्री साय

आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा: मुख्यमंत्री साय

 0 गढ़बेेंगाल घोटुल में गूंजी मांदर की थाप, मुख्यमंत्री ने घोटुल की स्थापत्यकला को सराहा

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और लोक-संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक एवं संस्कार केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल परिसर के लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया।

 आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा: मुख्यमंत्री श्री साय

इस दौरान वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, पद्मश्री श्री पंडीराम मंडावी, लोककलाकार श्री बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्रीमती संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।
बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंट
मुख्यमंत्री ने इस प्रवास को केवल एक औपचारिक दौरा न रखते हुए इसे एक आत्मीय मिलन का रूप दिया। क्षेत्र की महान प्रतिभाओं - वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक-कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनो से भी मुलाकात की। 
इको-फ्रेंडली घोटुल:
वन विभाग और पद्मश्री पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूर्णतः इको-फ्रेंडली (लकड़ी, मिट्टी और बांस) सामग्री से बना है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिसे स्वयं पद्मश्री पंडीराम मंडावी ने उकेरा है। जिसमें नक्काशी, सांस्कृतिक जुड़ाव, विरासत का संरक्षण का प्रभावी प्रयास किया गया है।

CG : महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी, 68 लाख महिलाओं को 641 करोड़, सीएम साय बोले—महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम

CG : महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी, 68 लाख महिलाओं को 641 करोड़, सीएम साय बोले—महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा आज जिला नारायणपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त की राशि जारी किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की 68 लाख 39 हजार 592 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 641 करोड़ 34 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया गया। मुख्यमंत्री साय ने राशि का अंतरण करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना से छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को नया आयाम मिला है।
 
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को किया गया था। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 21 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
 
योजना के शुभारंभ से अब तक 23 किस्तों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को कुल 14 हजार 954.42 करोड़ रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। यह व्यवस्था वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो रही है।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 24वीं किस्त के रूप में 641.34 करोड़ रुपए की राशि जारी किए जाने के पश्चात महतारी वंदन योजना के अंतर्गत कुल वितरित राशि बढ़कर 15 हजार 595.77 करोड़ रुपए हो जाएगी। यह राज्य सरकार की महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा यह प्रमाणित करती है कि योजना से प्रदेश की लाखों महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रही हैं।
 
नारायणपुर जिले में महतारी हितग्राहियों की संख्या 27 हजार 272 है। इन हितग्राहियों के खातों में 2 करोड़ 72 लाख 72 हजार रुपए अंतरित किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
 
 
 
सिरपुर महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय देंगे लगभग 200 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात….

सिरपुर महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय देंगे लगभग 200 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात….

 रायपुर: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। वे जिले में कुल 199 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए की लागत की 99 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपए की लागत के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपए की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

कार्यक्रम अंतर्गत लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 98 लाख 80 हजार रुपए की लागत के 4 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 6 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए की लागत के 19 विकास कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए की लागत का 1 विकास कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 17 करोड़ 95 लाख 86 हजार रुपए की लागत के 26 विकास कार्य तथा विद्युत विभाग के 13 करोड़ 76 लाख 19 हजार रुपए की लागत के 14 विकास कार्य शामिल हैं।

इसी प्रकार भूमिपूजन के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा 141 करोड़ 19 लाख 19 हजार रुपए की लागत से 22 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के 10 करोड़ 32 लाख 72 हजार रुपए की लागत से 3 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2 करोड़ 18 लाख 93 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्य तथा परिवहन विभाग के 4 करोड़ 69 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 2 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।

श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड में सुदृढ़ करने के दिए निर्देश…

श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड में सुदृढ़ करने के दिए निर्देश…

 रायपुर: नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में आयोजित मुख्य चिकिसा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सिविल सर्जन की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दूसरे दिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, किंतु सरकार की प्राथमिकता अब भी यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ, वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें।

स्वास्थ्य मंत्री ने  कि दुर्गम क्षेत्रों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से निरंतर सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इन यूनिटों की नियमित समीक्षा करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए उन्होंने प्रत्येक माह आवश्यक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
आपातकालीन सेवाओं को लेकर मंत्री श्री जायसवाल ने 102 महतारी एक्सप्रेस, 108 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 1099 से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया।

 श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड में सुदृढ़ करने के दिए निर्देश

उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है और इसके लिए सभी स्तरों पर मिशन मोड में कार्य किया जाना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने प्रदेश के 5,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील करने, पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा अधोसंरचना सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्री ने अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता तथा जांचों की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही नए जांच उपकरणों की खरीदी कर सभी अस्पतालों में जांच सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही बाहर की दवाएँ लिखने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

मानव संसाधन को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए श्री जायसवाल ने नए जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को भर्ती से संबंधित विज्ञापन एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम को एक महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर डायलिसिस यूनिट स्थापित करने तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जन औषधि केंद्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के शासकीय अस्पताल किसी भी दृष्टि से निजी अस्पतालों से कमतर नहीं हैं । जिला अस्पतालों में बेहतर उपचार सुविधाओं के साथ-साथ उच्च स्तरीय स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। शासकीय अस्पतालों की छवि को और अधिक सशक्त बनाने को सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने सभी जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ब्लड बैंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

ज्ञान का उपयोग देश एवं समाज के लिए होना चाहिए : राज्यपाल डेका

ज्ञान का उपयोग देश एवं समाज के लिए होना चाहिए : राज्यपाल डेका

00 श्री रावतपुरा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल
00 1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई
रायपुर। 
राज्यपाल रमेन डेका श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर 53 शोधार्थियों को पी.एच.डी उपाधि, 19 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक सहित 1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लेखक कवि और गीतकार श्री रामेश्वर वैष्णव तथा हिन्दी व छत्तीसगढ़ी के प्रसिद्ध नाट्य कलाकार व लेखक श्री विजय मिश्रा को श्री डेका ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। राज्यपाल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले समस्त विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान का उपयोग केवल अपने हित के लिए नहीं बल्कि देश व समाज के हित के लिए होना चाहिए। इंटरनेट के युग के आज के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं सब कुछ इंटरनेट पर उपलब्ध है। उन्हें लगता है कि इंटरनेट नहीं है तो दुनिया में कुछ नहीं है।

डेका ने कहा कि हम सदियों से देख रहे है कि सूर्य पूर्व से उगता है और पश्चिम में डूबता है। यह पृथ्वी में सबकुछ स्थिर गति से हो रहा है। लेकिन मानव की जीवन प्रद्धति में तेजी से परिर्वतन हो रहा है। सभी सफल होने के दौड़ में लगे हुए हैं। श्री डेका ने कहा कि सफल व्यक्ति ही खुश रहता है यह सोच सही नही हैं। प्रसन्नता के लिए जीवन में संतोष होना आवश्यक है। अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा था कि शिक्षा तथ्यों को सिखना नहीं है बल्कि मन को सोचने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसलिए आपकी भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कैसे सोचते है और कैसे कार्य करते हैं। सफलता, असफलता जीवन के दो पहलू है। असफलता से निराश नहीं होना है, सीख लेकर आगे बढऩा है। जीवन के हर क्षण को आनंद से जीना चाहिए।

डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय मात्र शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, मूल्यों और नेतृत्व के संरक्षक हैं। वे राष्ट्र के विचारों, चरित्र और अंतरात्मा की आवाज को आकार देते हैं। अत: उच्च शिक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध और नवाचार, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच में संतुलन रखना बहुत आवश्यक है तभी हमारा अस्तित्व कायम रहेगा। हमें सतत् विकास के लिए सोचना है और एक पेड़ मां के नाम लगाना है। डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि आप देश के भविष्य हैं, आप के योगदान से भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनेगा।

समारोह में उपस्थित कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री रविशंकर जी महाराज ने भी अपना उद्बोधन दिया। स्वागत उद्बोधन कुलपति डॉ. सौरभ चतुर्वेदी और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान ने किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्रकुमार साहू, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल के सदस्य, विभागाध्यक्ष, अध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

नक्सल मुक्त बस्तर - सुरक्षित छत्तीसगढ़ का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है - सीएम साय

नक्सल मुक्त बस्तर - सुरक्षित छत्तीसगढ़ का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है - सीएम साय

 रायपुर। किस्टाराम क्षेत्र में 8 लाख रुपये के इनामी चार सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा से जुडऩे का निर्णय बस्तर में बढ़ते विश्वास, सुरक्षा और विकास के वातावरण का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नक्सल मुक्त बस्तर - सुरक्षित छत्तीसगढ़ का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन सुरक्षा बलों के समन्वित एवं सतत प्रयासों, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था, प्रभावी क्षेत्रीय उपस्थिति तथा बेहतर सड़क और संचार कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमट रहा है और उनका सामाजिक आधार कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि जो लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की यह यात्रा आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।

1 से 3 फरवरी तक होगा सिरपुर महोत्सव का भव्य आयोजन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे शुभारम्भ

1 से 3 फरवरी तक होगा सिरपुर महोत्सव का भव्य आयोजन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे शुभारम्भ

रायपुर: छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में 1 फरवरी से 3 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ 1 फरवरी 2026 को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ होगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को महोत्सव में शामिले होने आमंत्रित किया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे।

उद्घाटन अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि के रूप में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री दयाल दास बघेल, वित्त, वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना श्री संपत अग्रवाल, विधायक खल्लारी श्री द्वारिकाधीश यादव, विधायक सरायपाली श्रीमती चातुरी नन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद श्री निखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बागबाहरा श्रीमती खिलेश्वरी बघेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बागबाहरा श्री केशव नायकराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती सरस्वती चन्द्र पटेल (मीलू), जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्रीमती उषा धृतलहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बसना श्रीमती डिलेश्वरी निराला, नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्री देवेश निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती लक्ष्मी पटेल, नगर पंचायत अध्यक्ष तुमगांव श्री बलरामकांत साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सृष्टि चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट एवं गाइड संघ श्री इंद्रजीत सिंह खालसा गोल्डी, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती दशरी ध्रुव एवं भारत स्काउट एवं गाइड संघ के अध्यक्ष श्री येतराम साहू एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

सिरपुर महोत्सव का समापन समारोह 3 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल शामिल होंगे तथा अध्यक्षता सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी करेंगी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक महासमुन्द श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना श्री संपत अग्रवाल, विधायक खल्लारी श्री द्वारिकाधीश यादव, विधायक सरायपाली श्रीमती चातुरी नन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद श्री निखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बागबाहरा श्रीमती खिलेश्वरी बघेल, जनपद पंचायत बागबाहरा श्री केशव नायकराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती सरस्वती चन्द्र पटेल (मीलू), जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्रीमती उषा धृतलहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्रीमती डिलेश्वरी निराला, नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्री देवेश निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती लक्ष्मी पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सृष्टि चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड संघ छत्तीसगढ़ श्री इन्द्रजीत सिंह खालसा गोल्डी, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती दशरी ध्रुव तथा जिला अध्यक्ष भारत स्काउट एवं गाइड संघ श्री येतराम साहू तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

सिरपुर में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन एवं सिरपुर साडा द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिला प्रशासन महासमुंद एवं सिरपुर साडा द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस सांस्कृतिक महोत्सव में सहभागिता करें।

Breaking : सुकमा में आतंक को झटका, 8 लाख के इनामी 4 माओवादी कैडर ने किया सरेंडर

Breaking : सुकमा में आतंक को झटका, 8 लाख के इनामी 4 माओवादी कैडर ने किया सरेंडर

सुकमा/आंध्रप्रदेश। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर डिवीजन में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस सुकमा और आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिला पुलिस के संयुक्त प्रयासों से कुल ₹8,00,000/- के इनामी चार माओवादी कैडर, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं, ने आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में गोलापल्ली LOS कमांडर और पार्टी सदस्य शामिल हैं। इनके कब्जे से SLR, INSAS, .303 और .315 बोर रायफल सहित एम्यूनिशन बरामद किया गया

आत्मसमर्पण कार्यक्रम बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज (IPS), पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण (IPS), पंकज मीणा (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह (IPS) और 2IC कोंटा रेंज CRPF अरविंद पी. आनंद की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

माओवादी संगठन पर दबाव और सुरक्षा उपायों का असर

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किस्टाराम और गोलापल्ली क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों ने माओवादी संगठन के लिए स्वतंत्र विचरण लगभग असंभव कर दिया है।

पूर्व में संगठन ग्रामीणों में डर फैलाकर उन्हें भ्रमित करता था, लेकिन अब सरकारी विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों की सीधी पहुँच ने जनता का विश्वास मजबूत किया है। यही कारण है कि माओवादी संगठन अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है।

आत्मसमर्पण करने वाले कैडर और बरामद हथियार

01. सोढ़ी जोगा (ACM)
•निवासी: सिंघनमड़गू, थाना किस्टाराम, जिला सुकमा
•पद: गोलापल्ली LOS कमांडर
•इनाम: ₹5,00,000
•हथियार: SLR रायफल – 01 नग
•एम्युनेशन: 10 राउंड
 
02. डाबर गंगा उर्फ मड़कम गंगा
•निवासी: सिंगाराम, गोलापल्ली
•पद: पार्टी सदस्य (LOS)
•इनाम: ₹1,00,000
•हथियार: INSAS रायफल – 01 नग
•एम्युनेशन: 08 राउंड
 
03. सोढ़ी राजे
•निवासी: एंटापाड़, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
•पद: पार्टी सदस्य (LOS)
•इनाम: ₹1,00,000
•हथियार: .303 रायफल – 01 नग
•एम्युनेशन: 05 राउंड
 
04. माड़वी बुधरी
•निवासी: सिंघनमड़गू, थाना किस्टाराम, जिला सुकमा
•पद: पार्टी सदस्य (LOS)
•इनाम: ₹1,00,000
•हथियार: .315 बोर रायफल – 01 नग
•एम्युनेशन: 05 राउंड
 
उपरोक्त सभी माओवादी कुल 08 आपराधिक प्रकरणों में आरोपी हैं, जिनके संबंध में पूछताछ प्रक्रियाधीन है।

पुलिस और प्रशासन का संदेश

पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण (IPS) ने कहा कि, हम शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हैं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ें और पुनर्वास योजना का लाभ उठाकर नया जीवन शुरू करें।

बस्तर रेंज IG पी. सुंदरराज (IPS) ने कहा कि, माओवादी संगठन अब समाप्ति की ओर है। हिंसा केवल विनाश लाती है। ‘पूना मारगेम’ अभियान विकास, सुरक्षा और सम्मान का मार्ग खोलता है। शेष कैडर हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटें आपके सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी हमारी है।

भाजयुमो में बड़ा फेरबदल, 13 जिलों में नए अध्यक्ष और महामंत्री नियुक्त, जानिए रायपुर में किसे मिली जिम्मेदारी?

भाजयुमो में बड़ा फेरबदल, 13 जिलों में नए अध्यक्ष और महामंत्री नियुक्त, जानिए रायपुर में किसे मिली जिम्मेदारी?

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से रायपुर सहित 13 जिलों के भाजयुमो जिला अध्यक्ष और महामंत्री नियुक्त किए हैं। इस बदलाव से पार्टी संगठन में नई ऊर्जा और सक्रियता आने की उम्मीद है।

Breaking : छत्तीसगढ़ में बदल गई संपत्ति की गाइडलाइन दरें, इन दो जिलों नई दरें लागू

Breaking : छत्तीसगढ़ में बदल गई संपत्ति की गाइडलाइन दरें, इन दो जिलों नई दरें लागू

 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य में 20 नवंबर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को यह निर्देश जारी किए गए थे कि आवश्यकता अनुसार इन नवीन गाइडलाइन दरों में संशोधन के प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजे जा सकते हैं।

शासन के निर्देशों के तहत रायपुर एवं कोरबा जिले की जिला मूल्यांकन समितियों से गाइडलाइन दरों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर एवं कोरबा जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा समग्र विचार-विमर्श उपरांत दोनों जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा भेजे गए संशोधन प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित संशोधित गाइडलाइन दरें रायपुर एवं कोरबा जिले में 30 जनवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिकों एवं संबंधित हितधारकों द्वारा नवीन गाइडलाइन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है। राज्य के अन्य जिलों से भी जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा संशोधित गाइडलाइन दरों के प्रस्ताव शीघ्र प्राप्त कर नियमानुसार जारी किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य शासन का उद्देश्य भूमि एवं संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी, यथार्थपरक और जनहितैषी बनाना है। गाइडलाइन दरों का समय-समय पर पुनरीक्षण वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सुविधा मिले और पंजीयन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

BREAKING : छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के लिए अधिसूचना जारी, 23 फरवरी से 20 मार्च तक होंगी 15 बैठकें

BREAKING : छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के लिए अधिसूचना जारी, 23 फरवरी से 20 मार्च तक होंगी 15 बैठकें

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय ने बजट सत्र 2026 के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा और इस दौरान कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के बजट प्रस्तुत किए जाएंगे और वित्तीय मामलों पर चर्चा की जाएगी।