BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
ब्रेकिंग : 3 नोडल अधिकारीयों पर गिरी निलंबन की गाज, इस वजह से हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

ब्रेकिंग : 3 नोडल अधिकारीयों पर गिरी निलंबन की गाज, इस वजह से हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में धान उपार्जन केंद्र में लापरवाही बरतने वाले तीन नोडल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिले के अलग-अलग केंद्र में की गई है।

कलेक्टर बीएस उइके ने धान उपार्जन केंद्र पोखरा, विकासखंड फिंगेश्वर के निरीक्षण नोडल अधिकारी नियुक्त उज्जवल शर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को कार्य में गंभीर लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार शर्मा को किसानों के आवेदनों के संदर्भ में धान का भौतिक सत्यापन करने तथा संबंधित फोटोग्राफ्स अपलोड करने का दायित्व सौंपा गया था। जांच में यह पाया गया कि उन्होंने पोखरा समिति के 74 किसानों के आवेदनों का कार्यालय में बैठकर ही बिना किसी वास्तविक जांच के सत्यापन कर दिया और समिति के फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिए। इससे आवेदनों में गलत प्रविष्टियां दर्ज होना स्पष्ट हुआ। प्रकरण को दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही मानते हुए सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में शर्मा का मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी, गरियाबंद जिला गरियाबंद निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

कलेक्टर बीएस उइके ने धान उपार्जन केंद्र सांकरा, विकासखंड छुरा के निरीक्षण हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त रेखराम साहू, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, साहू को किसानों के आवेदनों के परिप्रेक्ष्य में धान का भौतिक सत्यापन कर फोटोग्राफ्स अपलोड करने का दायित्व सौंपा गया था।

जांच में पाया गया कि उन्होंने सांकरा समिति के 129 किसानों के आवेदनों का कार्यालय में बैठकर बिना वास्तविक जांच किए सत्यापन कर दिया तथा समिति के फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिए। इससे आवेदनों में गलत प्रविष्टियां दर्ज होना स्पष्ट हुआ। प्रकरण को दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही मानते हुए सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में साहू का मुख्यालय कार्यालय जनपद पंचायत, फिंगेश्वर जिला गरियाबंद निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

कलेक्टर बीएस उइके ने धान उपार्जन केंद्र सांकरा, विकासखंड छुरा के निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त राजकुमार साहू, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आदेश के अनुसार, साहू को किसानों के आवेदनों के परिप्रेक्ष्य में धान का भौतिक सत्यापन कर फोटोग्राफ्स अपलोड करने का दायित्व सौंपा गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने सांकरा समिति के 57 किसानों के आवेदनों का कार्यालय में बैठकर बिना वास्तविक जांच किए सत्यापन कर दिया तथा समिति के फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिए। इससे आवेदनों में गलत प्रविष्टियां दर्ज होना स्पष्ट हुआ। प्रकरण को दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही मानते हुए सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में साहू का मुख्यालय कार्यालय जनपद पंचायत, छुरा जिला गरियाबंद निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

47 लाख के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियारों समेत किया आत्मसमर्पण, नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता

47 लाख के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियारों समेत किया आत्मसमर्पण, नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता

धमतरी। जिले के लिए इन दिनों नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ। शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन उड़ीसा राज्य कमेटी के अंतर्गत धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन की नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस एवं गोबरा एलओएस से जुड़े कुल 09 हार्डकोर नक्सलियों ने अपने धारित हथियारों के साथ धमतरी एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण की यह कार्रवाई आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा के निर्देशन एवं एसपी धमतरी सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में संपन्न हुई। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इस दौरान इंसास, एसएलआर, कार्बाइन, भरमार सहित 5 स्वचालित हथियार, मैगजीन, राउंड एवं अन्य सामग्री भी जमा कराई गई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य बल एवं केंद्रीय बलों द्वारा चलाए जा रहे लगातार नक्सल विरोधी अभियानों, अंदरूनी इलाकों में सिविक एक्शन कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताओं, पोस्टर-पाम्पलेट और आत्मसमर्पित नक्सलियों के माध्यम से दिए गए संदेशों का यह प्रत्यक्ष परिणाम है।

जंगलों में अमानवीय जीवन, माओवादी विचारधारा की खोखलापन, लगातार बढ़ता दबाव और शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया

एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि जिले में सक्रिय शेष माओवादी कैडरों से भी शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की निरंतर अपील की जा रही है। आने वाले समय में और भी बड़े आत्मसमर्पण की संभावना है।

रायपुर को शिक्षा की नई उड़ान, 21.07 करोड़ की लागत से 1017 सीटर नालंदा परिसर फेस-2 का भूमिपूजन

रायपुर को शिक्षा की नई उड़ान, 21.07 करोड़ की लागत से 1017 सीटर नालंदा परिसर फेस-2 का भूमिपूजन

 रायपुर। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात मिली। एनआईटी, जीई रोड स्थित 1017 सीटर नालंदा परिसर फेस–2 का 21 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से विधिवत भूमिपूजन एवं कार्यारंभ किया गया। यह परिसर युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

 

भूमिपूजन कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर जिला प्रभारी मंत्री एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप, रायपुर पश्चिम विधायक एवं पूर्व मंत्री  राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक  सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, महापौर मीनल चौबे, विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष, नगर निगम आयुक्त  विश्वदीप, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थिति में श्रीफल फोडकर, कुदाल चलाकर शिलान्यास करते हुए भूमिपूजन एवं कार्यारंभ किया।

 

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नागरिकों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए भारत माता के वीर सपूत नेताजी सुभाषचंद्र बोस को उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर फेस–2 में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को माता सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होगी और यह केंद्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का मजबूत आधार बनेगा।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवासहीन नागरिकों को पक्के मकान, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल तथा नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। नालंदा फेस 2 परिसर इस बात का शानदार उदाहरण है कि विष्णुदेव साय सरकार सदैव जनहित में कार्य करती है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि बसंत पंचमी जैसे शुभ दिन पर नालंदा परिसर फेस–2 का भूमिपूजन राजधानीवासियों के लिए ऐतिहासिक सौगात है। यह परियोजना युवाओं के भविष्य को संवारने के साथ रायपुर को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नालंदा परिसर का विस्तार राज्य सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महापौर मीनल चौबे ने कहा कि शहर के हृदय स्थल में स्थित नालंदा परिसर फेस–2 से आसपास के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा और यह युवाओं के शैक्षणिक एवं करियर विकास में सहायक सिद्ध होगा।

नगर निगम आयुक्त  विश्वदीप ने कहा कि नालंदा परिसर फेस–2 में 90 सीटर व्याख्यान कक्ष, 24×7 को-वर्किंग स्पेस, 950+ दोपहिया एवं 75+ चारपहिया वाहनों की पार्किंग, 50+ सीटर कैफेटेरिया, जिम, स्पोर्ट्स ज़ोन, इंडोर गेम्स एवं बच्चों का खेल क्षेत्र जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परिसर का निर्माण नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राही नागरिकों को ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।

नालंदा परिसर फेस–2 राजधानी रायपुर को शिक्षा का आधुनिक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है, जो आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के सपनों को साकार करेगा।

रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पदभार, जानिए उनकी प्रमुख उपलब्धियां

रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पदभार, जानिए उनकी प्रमुख उपलब्धियां

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हो गई है। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर आईपीएस डॉ. संजीव शुक्ला ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। ज्वाइनिंग के दौरान जीई रोड स्थित नए कमिश्नर कार्यालय में सभी एसीपी, डीसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

संजीव शुक्ला का परिचय

डॉ. संजीव शुक्ला का जन्म 8 जनवरी 1967 को हुआ। वे 2004 बैच के IPS अफसर हैं। 1990 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) से चयनित होने के बाद उन्होंने राज्य पुलिस सेवा (SPS) में काम किया और बाद में पदोन्नति के जरिए भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए।

अपने सेवाकाल में उन्होंने दुर्ग जिले में लगभग 7 साल तक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पद संभाला। बाद में उन्हें बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) के रूप में भी जिम्मेदारी मिली। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक दो बार (2010 और 2022) मिल चुका है।

कमिश्नरेट में शामिल 21 थाना क्षेत्र

रायपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत कुल 21 शहरी थाना क्षेत्र शामिल हैं। प्रमुख थाने हैं:

  1. सिविल लाइन
  2. देवेंद्र नगर
  3. तेलीबांधा
  4. कोतवाली
  5. गंज
  6. मौदहा पारा
  7. गोल बाजार
  8. पुरानी बस्ती
  9. डी.डी. नगर
  10. आमा नाका
  11. आजाद चौक
  12. सरस्वती नगर
  13. कबीर नगर
  14. राजेंद्र नगर
  15. मुजगहन
  16. टिकरापारा
  17. उरला (नगर निगम क्षेत्र)
  18. खमतराई
  19. गुढ़ियारी
  20. पंडरी
  21.  खम्हारडीह

इन सभी थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस आयुक्त के अधीन होगी, जिससे अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग में सुधार की उम्मीद है।

Breaking : छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कॉलेजों में डीन की नियुक्ति

Breaking : छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कॉलेजों में डीन की नियुक्ति

रायपुर:  छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के पांच नए मेडिकल कॉलेजों में डीन की नियुक्ति कर दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आज आधिकारिक आदेश जारी किया है।

देखिए लिस्ट –

छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, IPS अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर गृह विभाग का अहम आदेश जारी—देखिए पूरी लिस्ट

छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, IPS अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर गृह विभाग का अहम आदेश जारी—देखिए पूरी लिस्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत अलग-अलग बैच के कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है।

आदेश के अनुसार राज्य कैडर के 2001 बैच के IPS अधिकारी डॉ. आनंद छाबड़ा को 25 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर पदोन्नति दी गई है, जिसके लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय से 6 जनवरी 2026 को स्वीकृति प्राप्त हुई थी।

वहीं आवंटन वर्ष 2008 के दो IPS अधिकारियों प्रशांत कुमार अग्रवाल और मिलना कुर्रे को पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर पदोन्नत किया गया है, साथ ही आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रशांत कुमार अग्रवाल को भविष्य में मिड करियर प्रशिक्षण के फेज-IV में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा;

इन अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे। इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 2008 बैच की IPS अधिकारी नीथू कमल को 1 जनवरी 2026 से पुलिस महानिरीक्षक वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है, जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ही कार्यरत दावुलुरी श्रवण को भी समान तिथि से IG वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है।

इसी क्रम में आवंटन वर्ष 2012 के कुल आठ IPS अधिकारियों— विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशि मोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, श्वेता राजमणी, राजेश कुमार अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू— को उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) के पद पर पदोन्नत किया गया है, जिनके लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 6 जनवरी और 9 जनवरी 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई थी।

वहीं आवंटन वर्ष 2013 के चार IPS अधिकारियों डॉ. अभिषेक पल्लव, मोहित गर्ग, भोजराम पटेल और यशपाल सिंह को चयन श्रेणी में पदोन्नति दी गई है, जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत जितेंद्र शुक्ला (भापुसे–2013) को भी चयन श्रेणी में प्रोफार्मा पदोन्नति प्रदान की गई है। इस बड़े प्रशासनिक फैसले को छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन में नेतृत्व को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

 

 

 

 

 

दुर्ग पुलिस को मिला नया नेतृत्व: IGP शांडिल्य के साथ उम्मीदों की नई शुरुआत!

दुर्ग पुलिस को मिला नया नेतृत्व: IGP शांडिल्य के साथ उम्मीदों की नई शुरुआत!

 दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेंज पुलिस को नया नेतृत्व मिल गया है। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अभिषेक शांडिल्य (भा.पु.से.) ने आज 23 जनवरी 2026 को विधिवत रूप से पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज का पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पुलिस महानिरीक्षक  रामगोपाल गर्ग ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं।

पदभार संभालने के बाद अभिषेक शांडिल्य ने दुर्ग रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों से औपचारिक परिचय प्राप्त किया और कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा एवं आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष और जवाबदेह पुलिसिंग उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

अपराध नियंत्रण और बेहतर समन्वय पर जोर

नवपदस्थ आईजी ने अपराधों की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई, बेहतर इंटेलिजेंस नेटवर्क और पुलिस-जनसहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीमवर्क, आपसी समन्वय और कार्यकुशलता के साथ काम करते हुए जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ किया जाए।

PunjabKesari

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणि शंकर चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ऋचा मिश्रा सहित दुर्ग रेंज के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं कार्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहे।

नई उम्मीदें, नई दिशा

अभिषेक शांडिल्य के नेतृत्व में दुर्ग रेंज में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, महिला सुरक्षा और जनहितकारी पुलिसिंग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता से रेंज में पुलिसिंग और अधिक सशक्त होने की संभावना है।

वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारी इधर से उधर, देखें सूची

वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारी इधर से उधर, देखें सूची

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार हर विभाग में प्रशासनिक फेरबदल कर रही है। इसी कड़ी में वाणिज्यिक कर विभाग ने विभागीय स्तर 21 कर्मचारियों का तबादला आदेश जारी किया है। यह आदेश महानदी भवन से जारी किया गया है। यह आदेश अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक रहेगा।

देखें सूची

PunjabKesari
गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री साय

गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री साय

 राष्ट्र निर्माण की बुनियाद में साहित्य की सदैव रही है निर्णायक भूमिका

 साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति हरिवंश

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ: देशभर के 120 साहित्यकार, 42 सत्रों में करेंगे विचार-विमर्श

रायपुर। राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आज रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णु श्री देव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह का आयोजन विनोद कुमार शुक्ल मंडप में किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा तथा सुप्रसिद्ध रंगकर्मी एवं अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उद्घाटन अवसर पर अतिथियों के करकमलों से छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित पुस्तिका, एक कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य के साहित्यकार, जे. नंदकुमार द्वारा लिखित पुस्तक नेशनल सेल्फहुड इन साइंस, प्रो. अंशु जोशी की पुस्तक लाल दीवारें, सफेद झूठ तथा राजीव रंजन प्रसाद की पुस्तक तेरा राज नहीं आएगा रे का विमोचन किया गया।

 गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

उप सभापति श्री हरिवंश ने अपने संबोधन की शुरुआत छत्तीसगढ़ के महान साहित्यकार स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी साहित्य की एक समृद्ध और प्राचीन परंपरा रही है तथा इस प्रदेश ने अपनी स्थानीय संस्कृति को सदैव मजबूती से संजोकर रखा है। रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में अत्यंत रचनात्मक दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कबीर के काशी से गहरे संबंधों का उल्लेख करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के कवर्धा से भी उनका विशेष जुड़ाव रहा है। उप सभापति श्री हरिवंश ने कहा कि एक पुस्तक और एक लेखक भी दुनिया को बदलने की शक्ति रखते हैं। उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्य समाज को दिशा देता है, आशा जगाता है, निराशा से उबारता है और जीवन जीने का साहस प्रदान करता है।
उपसभापति श्री हरिवंश ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और 2047 तक विकसित भारत का संकल्प हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारत आज स्टील, चावल उत्पादन और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश की आत्मनिर्भरता से दुनिया को नई दिशा मिली है और इस राष्ट्रीय शक्ति के पीछे साहित्य की सशक्त भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है और इस पावन भूमि पर तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का शुभारंभ होना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने देशभर से आए साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 साहित्य का एक महाकुंभ है, जिसमें प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से आए 120 से अधिक ख्यातिप्राप्त साहित्यकार सहभागिता कर रहे हैं। आयोजन के दौरान कुल 42 सत्रों में समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर गहन विमर्श होगा। यह समय गणतंत्र के अमृतकाल और छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष का है, इसी भाव के अनुरूप इस उत्सव का आयोजन किया गया है।

साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति श्री हरिवंश

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र मंथन में विष और अमृत दोनों निकले, उसी प्रकार स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे सेनानियों ने विष रूपी कष्ट स्वयं सहकर आने वाली पीढिय़ों को आज़ादी का अमृत प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमारे अनेक स्वतंत्रता सेनानी लेखक, पत्रकार और वकील भी थे। माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा बिलासपुर जेल में रचित पुष्प की अभिलाषा जैसी रचनाओं ने देशवासियों को प्रेरित किया। माधवराव सप्रे की कहानी एक टोकरी भर मिट्टी को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने पंडित लोचन प्रसाद पांडेय, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे साहित्यकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियों को सहेजना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। राजनांदगांव में त्रिवेणी संग्रहालय का निर्माण इसी भावना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव के मंडपों को विनोद कुमार शुक्ल, श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव जैसे महान साहित्यकारों को समर्पित किया गया है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और साहित्य को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि कविता अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध करना सिखाती है और यही साहित्य की वास्तविक शक्ति है।

साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति श्री हरिवंश

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित काव्यपाठ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल जी कवि हृदय थे और उनकी कविताओं ने करोड़ों लोगों को प्रेरणा दी। हार नहीं मानूंगा... जैसी पंक्तियाँ आज भी जनमानस को संबल देती हैं।
मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी काल के दौरान साहित्यकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि आज जब बड़ी संख्या में युवा साहित्यप्रेमी इस उत्सव में शामिल हो रहे हैं, तब यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में साहित्य का वातावरण उजला और सशक्त है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह तीन दिवसीय आयोजन एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय सुरेंद्र दुबे को भी नमन किया।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित इस उत्सव को साहित्य का महाकुंभ बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने हिंदी साहित्य को अनेक महान पुरोधा दिए हैं। वहीं डॉ. कुमुद शर्मा ने कहा कि अमृतकाल में आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का संकल्प हमारे उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने साहित्य को आत्मबोध और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया तथा भारत को मानवीय संस्कृति की टकसाल कहा।
आयोजन के पश्चात अतिथियों एवं साहित्यकारों ने विभिन्न सत्रों में सहभागिता करते हुए समकालीन साहित्य, संस्कृति, लोकतंत्र और समाज से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान साहित्य प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और विशेष रूप से युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का यह शुभारंभ साहित्यिक संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।

देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर कर्तव्य पथ पर सजी छत्तीसगढ़ की झांकी

देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर कर्तव्य पथ पर सजी छत्तीसगढ़ की झांकी

रायपुर। गणतंत्र दिवस से पूर्व कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपनी विशिष्ट और आकर्षक प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। झांकी में जनजातीय समाज की जीवनशैली, पारंपरिक कला, लोकनृत्य, वेशभूषा और ऐतिहासिक विरासत की झलक को प्रदर्शित किया गया है।
इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर आधारित है, जिसमें राज्य की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और आधुनिक तकनीक के समन्वय को प्रभावशाली एवं सृजनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

पर्यटन व संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने किया मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ

पर्यटन व संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने किया मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ

 00 छत्तीसगढ़ सरकार की जनसेवा में नई पहल

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार का नारा जनसेवा में समर्पित छत्तीसगढ़ सरकार, अब स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आपके द्वार अब साकार हो रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने निज निवास लखनपुर सरगुजा से पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट वैन को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ

 

इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में रहने वाले भाइयों-बहनों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट्स उन क्षेत्रों तक पहुंचेंगी जहां स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों की कमी है। इनके माध्यम से समय पर जांच, निदान और उपचार सुनिश्चित होगा, जिससे ग्रामीणों को अस्पताल जाने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इन यूनिट्स में विभिन्न सामान्य बीमारियों जैसे बुखार, खांसी, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, एनीमिया आदि की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की जाएंगी। मंत्री महोदय ने कहा, यह योजना सरगुजा जिले के दूरस्थ गांवों के लिए वरदान साबित होगी। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। सरकार की यह पहल जन-कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक और मील का पत्थर है।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ

 

शुभारंभ समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मोबाइल मेडिकल यूनिट सरगुजा जिले के विभिन्न ब्लॉकों में घूम-घूमकर सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो सकेगा।

रायपुर साहित्य उत्सव से राष्ट्रीय फलक पर उभरेगी छत्तीसगढ़ की साहित्यिक पहचान : उपमुख्यमंत्री साव

रायपुर साहित्य उत्सव से राष्ट्रीय फलक पर उभरेगी छत्तीसगढ़ की साहित्यिक पहचान : उपमुख्यमंत्री साव

 00 रजत जयंती वर्ष में साहित्य को समर्पित ऐतिहासिक आयोजन है रायपुर साहित्य उत्सव : शशांक शर्मा

रायपुर। रायपुर साहित्य उत्सव के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने देशभर से आए साहित्यकारों, विचारकों और साहित्य प्रेमियों का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक परंपरा का जीवंत उत्सव है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि माता शबरी, माता कौशल्या और छत्तीसगढ़ महतारी की यह धरती भगवान श्रीराम का ननिहाल है। ऐसे पावन स्थल पर, छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष और बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदैव महान साहित्यकारों की उर्वर भूमि रही है और यह उत्सव उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच बनेगा।

उन्होंने आयोजन समिति और सभी सहयोगियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि रायपुर साहित्य उत्सव प्रदेश की साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और आने वाली पीढिय़ों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन के पीछे तीन माह का निरंतर परिश्रम और एक दूरदर्शी सांस्कृतिक कल्पना निहित है। उन्होंने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सभी अतिथियों, साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों को शुभकामनाएं देते हुए मां शारदा का स्मरण किया। श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री की कल्पना के अनुरूप इस साहित्य उत्सव को आकार दिया गया है, जिसका उद्देश्य पिछली पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी के बीच साहित्य के माध्यम से एक सशक्त सेतु का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि देशभर में चल रहे अन्य साहित्य महोत्सवों के बावजूद ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों की उपस्थिति इस आयोजन की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को दर्शाती है।

अमृतकाल का गणतंत्र भारत को आत्मबोध और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ रहा है : डॉ. कुमुद शर्मा

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति कुमुद शर्मा ने अमृतकाल में गणतंत्र विषय को संबोधित करते हुए कहा कि अमृतकाल का यह प्रारंभिक चरण स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारत का मौजूदा नेतृत्व देश की आज़ादी की शताब्दी को स्वर्णिम शताब्दी बनाने के लिए कृतसंकल्प है। डॉ. शर्मा ने कहा कि अमृतकाल के पंचप्राण हमें आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी चेतना, सांस्कृतिक दिशा और इतिहास बोध से जोड़ते हैं। हमारी कलाएं, साहित्य, लोक परंपराएं और प्रकृति से जुड़ी आस्थाएं ही भारत की आत्मा को परिभाषित करती हैं। उन्होंने साहित्यकार निर्मल वर्मा के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटी-सी घटनाएं भी राष्ट्रीय चेतना और दायित्व बोध का आधार बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य और भारतीय भाषाएं सदैव समरसता, एकात्मकता और मानवीय मूल्यों की संवाहक रही हैं। साहित्यकारों और रचनाकारों का दायित्व है कि वे लोक, प्रकृति और संस्कृति से जुड़े इस सांस्कृतिक बोध को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं, ताकि अमृतकाल का गणतंत्र भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व कर सके।

पर्यटन व संस्कृति मंत्री ने मेंड्रॉकला विद्यालय में छात्राओं को वितरित की साइकिल

पर्यटन व संस्कृति मंत्री ने मेंड्रॉकला विद्यालय में छात्राओं को वितरित की साइकिल

 रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेंड्राकला में सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें वितरित की । मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिल वितरण किया। यह साइकिल उनके लिए सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आगे बढऩे की प्रेरणा है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरस्वती साइकिल योजना के तहत मेंड्रॉकला विद्यालय में छात्राओं को साइकिल वितरित की

सरस्वती साइकिल योजना ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियों को शिक्षा से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सभी बेटियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे शिक्षा से वंचित न रहें। सरगुजा जिले के दूरस्थ इलाकों में रहने वाली कई छात्राएं पैदल लंबी दूरी तय करती थीं, लेकिन अब ये साइकिलें न केवल समय बचाएंगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास को भी बढ़ाएंगी। मंत्री श्री अग्रवाल ने समारोह में छात्राओं से कहा कि वे इस साइकिल को शिक्षा के साधन के रूप में उपयोग करें और अपने सपनों को साकार करें। उन्होंने ग्रामीण विकास और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से इसकी प्रासंगिकता जोड़ते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार कन्या शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरस्वती साइकिल योजना के तहत मेंड्रॉकला विद्यालय में छात्राओं को साइकिल वितरित की

स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि इससे छात्राओं का स्कूल ड्रॉपआउट दर कम होगा और क्षेत्र में साक्षरता स्तर बढ़ेगा।

महिला पत्रकार अपने साहस से कर रहीं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत - मुख्यमंत्री साय

महिला पत्रकार अपने साहस से कर रहीं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत - मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री ने गुजरात के अध्ययन भ्रमण से लौटे महिला पत्रकारों के दल से की मुलाकात

00 पहली बार छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों के दल ने किया अध्ययन भ्रमण, खुशियों भरी मुस्कान के साथ जताया मुख्यमंत्री का आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गुजरात के अध्ययन भ्रमण से लौटे महिला पत्रकारों के दल ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला पत्रकार अपने साहस से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत कर रही हैं। मैं उन सभी महिलाओं के साहस को नमन करता हूं जो पत्रकारिता जैसे चुनौतीपूर्ण पेशे में रह कर समाज में सकारात्मक योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री को महिला पत्रकारों के दल ने गुजराती अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर पहली बार छत्तीसगढ़ से महिला पत्रकारों के दल को अन्य राज्य के अध्ययन भ्रमण पर भेजने के लिए उनका आभार जताया। महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि विगत वर्ष महिला दिवस पर उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष महिला पत्रकारों को भी अध्ययन भ्रमण पर भेजे जाने की इच्छा व्यक्त की थी। उन्हें बहुत खुशी है कि मुख्यमंत्री ने उन सभी की इस इच्छा को पूरा किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं से चर्चा के दौरान कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के दौरान आप सभी ने गुजरात विधानसभा, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, राजकोट, पोरबंदर सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को समझा है। आने वाले समय में ये अनुभव आपकी कलम को और भी समृद्ध करेगा, जिसका लाभ पत्रकारिता जगत के साथ ही आपके पाठकों भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष है। इस वर्ष को हम महतारी गौरव वर्ष के रूप में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने महिला पत्रकारों से उनके अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को किताब के रूप संजोने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह ना सिर्फ आपके लिए इस भ्रमण को हमेशा के लिए यादगार बनाएगा बल्कि अन्य लोग भी आपकी किताब को पढ़कर गुजरात के बारे में अपनी जानकारी बढ़ा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात एक समृद्ध और मॉडल राज्य है। गुजरात की एक खासियत यह भी है कि वहां सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। अमूल सहकारिता का एक जीवंत उदाहरण है, जिसमें मुख्यत: महिलाएं शामिल है। छत्तीसगढ़ में भी हम सहकारिता को बढ़ावा दे रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी देश के सहकारिता मंत्री भी हैं। उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के लिए बहुत कार्य हो रहा है। सहकारिता इस बात का प्रतीक है कि मिलकर करने से बड़ा काम भी आसान होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हम सभी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण कर रहे हैं। मंत्रालय में अब ई-फाइल प्रणाली लागू है। मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों से अपनी गुजरात यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि गुजरात का सीएम डैशबोर्ड देश का सबसे एडवांस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम है जिसके माध्यम से एक जगह बैठकर ही पूरे प्रदेश पर नजर रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के विकास की नींव रखी थी, हम गुजरात जैसी व्यवस्थाओं को यहां भी लागू कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री से महिला पत्रकारों ने गुजरात अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को साझा किया। सुश्री निशा द्विवेदी ने कहा कि इस टूर के माध्यम से उन्हें गुजरात के समृद्ध इतिहास और संस्कृति से रुबरू होने का अवसर मिला। सुश्री दामिनी बंजारे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके 8 वर्षों के पत्रकारिता के करियर में पहली बार है जब महिलाओं का दल अध्ययन भ्रमण पर गया है। कोरिया की सुश्री नूरजहां ने बताया कि यह पहली बार है जब महिलाओं को इस रूप में प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी महिला पत्रकारों को ये मौका मिलता रहेगा।

मुख्यमंत्री को महासमुंद की पत्रकार सुश्री उत्तरा विदानी ने बताया कि गुजरात विधानसभा के भ्रमण में बहुत अच्छा लगा। वहां की खास बात यह देखने को मिली कि बच्चों सहित आमजन को विधानसभा की कार्यवाही को सुगमता से देखने का अवसर दिया जाता है। दुर्ग की पत्रकार सुश्री कोमल धनेसर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में 25 वर्षों में यह पहला अवसर है जब महिला पत्रकारों को ऐसा मौका मिला है। उन्होंने कहा कि जब हम भ्रमण पर निकले थे तो बहुत सारे अनजाने चेहरे थे और लौटे हैं तो नए दोस्त और नई बॉन्डिंग के साथ।
रायपुर की पत्रकार सुश्री नेहा श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को बताया कि हम सभी पत्रकार अलग- अलग संस्थानों में काम करते हैं। व्यस्तता की वजह से हमारी बात नहीं हो पाती। ये टूर रूटीन से अलग एक अनुभव रहा जिसमें नये दोस्त बने। सुश्री रचना नितेश ने मुख्यमंत्री को बताया कि ये अनुभव ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध करने वाला था। उन्होंने कहा कि एक खास बात ये रही कि हमारे दल में महिला पत्रकारों की 3 पीढिय़ां शामिल थीं। हमें बहुत कुछ सीखने को मिला।
बस्तर की पत्रकार सुश्री प्रियंका जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पहचान बस्तर से है। टूर पर जाते समय नए माहौल की वजह से मन में कई आशंकाएं थीं। मगर बाद में यह अनुभव बहुत सुखद रहा। कोरबा की सुश्री राजश्री गुप्ते ने बताया कि 8 दिनों के इस टूर में ऐसा लगा कि हमने अपने बचपन को फिर से जी लिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय को महिला पत्रकारों ने बताया कि कई लोगों की यह पहली हवाई यात्रा भी थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता से पत्रकारों से कहा कि जो पहली बार हवाई यात्रा करते हैं उन्हें पार्टी देनी पड़ती है। मुख्यमंत्री की बात सुनकर पूरे सभागार में हंसी गूंज उठी।
महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री श्री साय से एक रोचक वाकया भी साझा किया। उन्होंने बताया कि गुजरात भ्रमण के दौरान उनका इंटरेक्शन कुछ फ्रेंच पर्यटकों से हुआ। यह जानने पर की महिला पत्रकार छत्तीसगढ़ से हैं, फ्रेंच पर्यटक ने कहा- ओह सीएम विष्णुदेव छत्तीसगढ़ ! ये सुनकर उन्हें बहुत गर्व हुआ कि छत्तीसगढ़ राज्य को विदेशी नागरिक भी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नाम से पहचान रहे हैं। महिला पत्रकारों ने जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों का भी आभार जताया जिन्होंने आठ दिवसीय इस अध्ययन भ्रमण में उनका पूरा ख्याल रखा। इस अवसर पर आयुक्त जनसंपर्क डॉ रवि मित्तल, अपर संचालक जनसंपर्क श्री संजीव तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के अधिकारीगण और महिला पत्रकार उपस्थित थे।

  श्री जैतू साव मठ में बसंत पंचमी का पर्व मनाया गया

श्री जैतू साव मठ में बसंत पंचमी का पर्व मनाया गया

 रायपुर :- राजधानी रायपुर के श्री दूधाधारी मठ तथा पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतू साव मठ में बसंत उत्सव का पर्व धूमधाम के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर भगवान की विशेष पूजा अर्चना की गई,पुष्प वर्षा कर भगवान को गुलाल अर्पित किया गया। आरती संपन्न होने के पश्चात भगवान का स्तुति गान के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि - *माघ शुक्ल पक्ष पंचमी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है इस दिन माता सरस्वती की आराधना की जाती है, विद्यार्थियों को विद्या प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। भगवान की विशेष पूजा अर्चना कर पीला वस्त्र पहनाये जाते हैं। बसंत पंचमी से लेकर रंग पंचमी तक एक माह तक बसंत उत्सव का पर्व श्री दूधाधारी मठ तथा इनसे संबंधित सभी संस्थानों में मनाने की परंपरा है* जैतू साव मठ ट्रस्ट कमेटी के सदस्य अजय तिवारी ने कहा कि - *बसंत पंचमी का त्यौहार सनातन धर्म को मानने वाले सभी लोग श्रद्धा भक्ति पूर्वक मानते हैं। इससे मानव जीवन में सुख शांति एवं खुशहाली आती है।* इस विशेष अवसर पर नागा जी महाराज, दाऊ महेंद्र अग्रवाल जी, राम अवतार दास जी, राम मनोहर दास जी, राम शिरोमणि दास जी, पुजारी दीपक पाठक, सुमित तिवारी, कैलाश तिवारी, डॉक्टर राजेश तिवारी,राम प्रिय दास, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित मठ के सभी विद्यार्थी, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

किसानों की समृद्धि के लिए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना आवश्यक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

किसानों की समृद्धि के लिए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना आवश्यक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय कार्यों, संचालित परियोजनाओं तथा प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार बड़े निर्णय ले रही है और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को अटल सिंचाई योजना में शामिल किया गया है, इन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी तीन वर्षों में पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। खेती के बढ़ते रकबे और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और इसके लिए पृथक बजटीय प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले के किसानों के मध्यप्रदेश अध्ययन भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से सिंचाई को प्रभावी ढंग से संचालित होते देखकर किसान काफी उत्साहित हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राज्यों में सिंचाई क्षेत्र में बेहतर नवाचार किए जा रहे हैं, वहां छत्तीसगढ़ के किसानों का भी अध्ययन भ्रमण कराया जाए, ताकि वे नई तकनीकों और कार्यप्रणालियों से अवगत हो सकें।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 14 सिंचाई परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से पूर्ण करने की योजना है, जिससे लगभग 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली चार प्रमुख परियोजनाओं का मार्च और मई माह में भूमिपूजन प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले की देउरगांव बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, मटनार बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के आरंग विकासखंड में महानदी पर मोहमेला–सिरपुर बैराज योजना तथा गरियाबंद जिले की सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक परियोजना शामिल हैं।

इसी प्रकार अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत 115 लंबित परियोजनाओं के लिए 346 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया है, जिनके माध्यम से लगभग 11 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का विकास किया जाएगा।

बैठक में अंतराज्यीय जल विवादों के समाधान पर भी चर्चा की गई। आगामी तीन वर्षों में महानदी जल विवाद, पोलावरम बांध के डुबान क्षेत्र तथा समक्का बैराज से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए ठोस प्रयास किए जाने पर सहमति बनी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

दो दिवसीय राज्य शतरंज प्रतियोगिता का समापन

दो दिवसीय राज्य शतरंज प्रतियोगिता का समापन

 रायपुर :- गांधी चौक स्थित महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय गांधी में आज  राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का समापन हुआ जिसमें विजेता पुरुष वर्ग से रायपुर सेक्टर के उपविजेता दुर्ग सेक्टर के एवं महिला वर्ग से विजेता रायपुर सेक्टर व उपविजेता दुर्ग सेक्टर से रही ज्ञात हो कि इस दो दिवसीय राज्य स्तर प्रतियोगिता में संपूर्ण छत्तीसगढ़ के 11 सेक्टर से 132 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतियोगिता में हिस्सा लिए कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि श्री अजय तिवारी , अध्यक्ष शासी निकाय एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ देवाशीष मुखर्जी प्राचार्य महंत लक्ष्मी नारायण दास ने किया साथ ही विशेष रूप से सेवा निवृत  श्री पी के हरि सर, रामानंद यदु व विभिन्न महाविद्यालय के कीड़ा अधिकारी मौजूद रहे इस अवसर पर  मुख्य अतिथि ने कहा कि यह जीत आपके लिए जीवन में एक नया उमंग भरेगा साथ ही हरने वाले खिलाड़ी एक नई सबक के साथ अपने जीवन में उन्नति के नए नियोजन करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ देवाशीष मुखर्जी ने कहा कि सातवीं शताब्दी से भारत देश ने ही संपूर्ण विश्व को शतरंज का खेल प्रदान किया यह भारत देश से प्रारंभ होकर अरब देश होकर यूरोप से शतरंज के रूप में प्रसिद्ध हुई निर्णायकगण में मुख्य रूप से रोहित यादव ने अपनी भूमिका निभाई कार्यक्रम का संचालन मनोज प्रधान सर ने की एवं कार्यक्रम में विशेष रूप से प्यारेलाल साहू, डॉ रिंकू तिवारी, तुलाराम एवं अन्य कीड़ा अधिकारी उपस्थित हुए

राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को राष्ट्र निर्माता और सच्चा नागरिक बनाने की सशक्त कड़ी-उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा….

राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को राष्ट्र निर्माता और सच्चा नागरिक बनाने की सशक्त कड़ी-उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा….

रायपुर: दाऊ कल्याण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलौदाबाजार में गुरुवार को 7 दिवसीय राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक श्री किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शिविर का उद्घाटन किया।

इस राज्य स्तरीय शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए छात्र-छात्राएं सहभागिता कर रहे हैं, जहां वे विविध प्रतियोगिताओं, गतिविधियों और प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक दायित्व का अनुभव प्राप्त करेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को राष्ट्र निर्माता और सच्चा नागरिक बनाने की सशक्त कड़ी है। एनएसएस न केवल शिक्षा के साथ दायित्वबोध और कर्तव्यबोध विकसित करता है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा भी देता है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं केवल हार-जीत तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि बेहतर व्यक्तित्व और जिम्मेदार नागरिक बनने के गुण भी सिखाती हैं।मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि वे स्वयं इस महाविद्यालय के विद्यार्थी रह चुके हैं और आज अतिथि के रूप में यहां आना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महाविद्यालय के लिए नए भवन निर्माण हेतु 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि एनएसएस छात्रों में देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और अनुशासन की भावना विकसित करता है। इस शिविर के माध्यम से विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों को एक-दूसरे से सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से शिविर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा, डॉ. सनम जांगड़े, श्री प्रमोद शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की सांस्कृतिक पहचान को देगा नई मजबूती : मुख्यमंत्री साय

रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की सांस्कृतिक पहचान को देगा नई मजबूती : मुख्यमंत्री साय

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के एंथम सॉन्ग का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा ने मुख्यमंत्री को रायपुर साहित्य उत्सव के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देशभर के प्रबुद्ध साहित्यकारों, विचारकों और बुद्धिजीवियों का रायपुर में एकत्र होना अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव न केवल साहित्यिक संवाद का सशक्त मंच बनेगा, बल्कि विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन को भी साहित्य से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी में साहित्य, भाषा और विचार के प्रति रुचि जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।

BREAKING : रायपुर पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, ASP, CSP, DSP के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

BREAKING : रायपुर पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, ASP, CSP, DSP के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के तहत रायपुर जिले में बड़े स्तर पर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 23 जनवरी 2026 से प्रभावशील होगा। लिस्ट में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक के नाम शामिल है।

देखें पूरी लिस्ट

मुख्यमंत्री साय के नवनियुक्त सलाहकार आर. कृष्णा दास को केबिनेट मंत्री का दर्जा, सीएम ने नए दायित्वों के लिए दी बधाई

मुख्यमंत्री साय के नवनियुक्त सलाहकार आर. कृष्णा दास को केबिनेट मंत्री का दर्जा, सीएम ने नए दायित्वों के लिए दी बधाई

 रायपुर। राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नवनियुक्त सलाहकार आर. कृष्णा दास को केबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से आज जारी आदेश के तहत आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री जी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह अपने दायित्वों के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री जी को मीडिया से संबंधित विषयों सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर परामर्श प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री साय से उनके नवनियुक्त सलाहकार आर. कृष्णा दास ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में उनके नवनियुक्त सलाहकार आर. कृष्णा दास ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री दास को नवीन नियुक्ति पर बधाई देते हुए उन्हें पदेन दायित्वों के कुशलतापूर्वक निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दीं।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है। वे अपने दायित्वों के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री जी को मीडिया से संबंधित विषयों सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर परामर्श प्रदान करेंगे।

 
CG : दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत, तीन लोगों की मौके पर मौत

CG : दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत, तीन लोगों की मौके पर मौत

 कांकेर। जिले में नेशनल हाईवे-30 एक बार फिर खून से लाल हो गया। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे चारामा थाना क्षेत्र के ग्राम रतेसरा के पास ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार से दौड़ रहे दो भारी ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रकों के परखच्चे उड़ गए और उनमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

हादसे के बाद का मंजर बेहद भयावह था। ट्रक बुरी तरह चकनाचूर हो चुके थे, शव वाहनों में फंसे हुए थे और हाईवे पर चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। इस टक्कर के चलते नेशनल हाईवे-30 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा।

ब्रेकिंग: IPS अधिकारियों का तबादला, कई IG और पुलिस अधीक्षक बदले, देखें पूरी लिस्ट

ब्रेकिंग: IPS अधिकारियों का तबादला, कई IG और पुलिस अधीक्षक बदले, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर।  राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला किया है। संजीव शुक्ला को रायपुर पुलिस आयुक्त बनाया गया है, वहीं रायपुर SSP लाल उम्मेद को जशपुर भेजा गया है, जारी आदेश के अनुसार कई जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए है।

देखें पूरी लिस्ट

 

आबकारी SI भर्ती पर संकट: चयन सूची निरस्त, नियुक्ति आदेश वापस

आबकारी SI भर्ती पर संकट: चयन सूची निरस्त, नियुक्ति आदेश वापस

 रायपुर । छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में चयनित उप निरीक्षकों (SI) की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकार के ताजा आदेश ने चयनित अभ्यर्थियों को गहरा झटका दिया है। आबकारी विभाग ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए आबकारी उप निरीक्षकों की नियुक्ति आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

अपर आयुक्त आबकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तकनीकी कारणों के चलते आबकारी SI के पदों पर की गई स्थापना फिलहाल रद्द की जाती है। इस फैसले के बाद चयनित उम्मीदवारों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया है।

गौरतलब है कि आबकारी उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में किया गया था। परीक्षा परिणाम और चयन सूची जारी होने के बाद उम्मीदवार नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब अचानक नियुक्ति आदेश निरस्त होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

फिलहाल विभाग की ओर से तकनीकी कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही स्थिति स्पष्ट करेगी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस निर्णय लेगी। मामले को लेकर अब युवाओं में आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

 

आबकारी SI भर्ती पर ब्रेक, मंत्री देवांगन बोले: तकनीकी खामी से रद्द हुआ आदेश

आबकारी SI भर्ती पर ब्रेक, मंत्री देवांगन बोले: तकनीकी खामी से रद्द हुआ आदेश

 रायपुर । छत्तीसगढ़ में आबकारी उप निरीक्षक भर्ती को लेकर सरकार ने नियुक्ति आदेश निरस्त कर दिया है। इस फैसले पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि चयन सूची बिना अनिवार्य अनुमोदन जारी हुई थी, जिस कारण यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नई सूची जारी करने का भरोसा दिलाया है।

मंत्री लखन लाल देवांगन का बड़ा बयान
इस पूरे मामले पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी चयन सूची का अनुमोदन आबकारी मंत्री और विभागीय सचिव से होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी किए बिना ही चयन सूची जारी कर दी गई थी इसलिए आदेश को रद्द करना पड़ा। मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि इस लापरवाही को लेकर आबकारी सचिव को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। पूरी प्रक्रिया को विधिवत पूरा कर एक से दो दिन के भीतर चयन सूची दोबारा जारी कर दी जाएगी।

बता दें कि पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पद कार्यालयीन आदेश द्वारा जारी नियुक्ति आदेश तकनीकी कारणों से निरस्त किया जाता है” गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में आबकारी उप निरीक्षक के पद पर 85 अभ्यर्थियों को नियुक्ति हेतु चयनित किया गया था। नए साल की शुरुआत में सभी चयनित अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों के परीक्षण, प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना था।