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नशे के खिलाफ साय सरकार की बड़ी कार्रवाई, SOG और एंटी नारकोटिक्स सेल का किया गठन

नशे के खिलाफ साय सरकार की बड़ी कार्रवाई, SOG और एंटी नारकोटिक्स सेल का किया गठन

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ सरकार ने अब निर्णायक जंग छेड़ दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के लिए बड़ा कदम उठाया गया है।

सरकार ने एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन किया है। इन विशेष इकाइयों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में फैल रहे नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करना और नेटवर्क को तोड़ना होगा।

सरकार का कहना है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे लोगों पर कानून का शिकंजा कसा जाएगा। इसके साथ ही पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति भी तैयार की गई है।

प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ पुलिस और प्रशासन मिलकर कार्रवाई करेंगे, ताकि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

 

पांच राज्यों के चुनाव को लेकर बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,कहा बीजेपी हर चुनाव के लिए हमेशा तैयार

पांच राज्यों के चुनाव को लेकर बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,कहा बीजेपी हर चुनाव के लिए हमेशा तैयार

रायपुर- देश के पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय जमता पार्टी हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी हर सुख-दुख में देश की जनता के साथ खड़ी रहती है और जनता का विश्वास ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश के पांचों राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारी मजबूत है और कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में जुटे हुए हैं।

Breaking : नवरात्रि से पहले घटारानी मंदिर में मची तबाही, भीषण आग में 9 दुकानें खाक

Breaking : नवरात्रि से पहले घटारानी मंदिर में मची तबाही, भीषण आग में 9 दुकानें खाक

 फिंगेश्वर।  छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की तैयारियों के बीच प्रसिद्ध मंदिर घटारानी में देर रात यहां भीषण आग लग गई। इस आगजनी में मंदिर परिसर की 8 से 9 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं।

लाखों का स्टॉक जलकर हुआ राख

प्राप्त जानकारी के अनुसा, इन दुकानों में फैंसी सामग्री, प्रसादी, खिलौने और पूजा के बर्तन रखे हुए थे। आगामी नवरात्रि मेले को देखते हुए दुकानदारों ने हाल ही में नया माल भरा था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड में दुकानदारों को 8 से 10 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।

आग लगने का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय दुकानदारों ने आशंका जताई है कि पास के जंगल में लगी आग फैलते हुए मंदिर परिसर तक पहुँच गई और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।

घटना की सूचना तत्काल फिंगेश्वर थाना पुलिस को दे दी गई है। पूरी तरह से बर्बाद हो चुके दुकानदारों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित दुकानदारों ने शासन और प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की है।

CG : छात्रावास में 11वीं छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप

CG : छात्रावास में 11वीं छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप

 कोरिया। जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कटगोड़ी पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 11वीं कक्षा में अध्ययनरत एक रहवासी छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र का नाम सुरेश बताया जा रहा है, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत था। सुरेश ने बीती रात छात्रावास के भीतर ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही सोनहत प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आया। सोनहत एसडीएम अंशुल वर्मा, तहसीलदार संजय सिंह राठौर, थाना प्रभारी विनोद पासवान सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम तत्काल कटगोड़ी छात्रावास पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और मृतक छात्र के साथियों व छात्रावास प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने फिलहाल छात्र के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से आगे की जांच में जुटी हुई है।

 
चैत्र नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे का तोहफा, डोंगरगढ़ में रुकेंगे एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेन

चैत्र नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे का तोहफा, डोंगरगढ़ में रुकेंगे एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेन

 रायपुर। माँ बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ में आयोजित होने वाले चैत्र नवरात्रि मेले को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने विशेष रेल व्यवस्थाएं करने का फैसला किया है। यह मेला 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों के अस्थायी ठहराव, कुछ ट्रेनों के मार्ग विस्तार और एक विशेष मेमू पैसेंजर ट्रेन चलाने की घोषणा की है। हर साल की तरह इस बार भी नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह व्यवस्था की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक 68742/68741 गोंदिया-दुर्ग-गोंदिया मेमू पैसेंजर ट्रेन को अस्थायी रूप से रायपुर तक बढ़ाया जाएगा। वहीं 68729/68730 रायपुर-डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर का विस्तार गोंदिया तक किया जा रहा है। इसके अलावा यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 06886/06885 डोंगरगढ़-दुर्ग-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन भी चलाई जाएगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार नवरात्रि मेले के दौरान कुछ दूरगामी एक्सप्रेस ट्रेनों का डोंगरगढ़ स्टेशन पर अस्थायी ठहराव भी दिया जाएगा, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में आसानी हो सके। इन व्यवस्थाओं से नवरात्रि के दौरान यात्रा करने वाले भक्तों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

सीएम साय ने 11 जिलों में 29 गौधाम का किया शुभारंभ, बेसहारा व घुमंतू गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय

सीएम साय ने 11 जिलों में 29 गौधाम का किया शुभारंभ, बेसहारा व घुमंतू गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 11 जिलों में 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ हो गया है।

मुख्यमंत्रीसाय ने इस अवसर पर बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड के ग्राम जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जोगीपुर में प्रस्तावित गौ अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसके विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके पूर्ण होने पर यहां एक साथ लगभग 2500 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा एवं घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा तथा पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एमओयू किया गया है। इसके तहत कई जिलों में गाय वितरण का कार्य भी प्रारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौधामों में गौवंश के लिए चारा, पानी और समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस योजना से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है, क्योंकि बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गौधाम योजना का शुभारंभ एक पुनीत अवसर है। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है तथा गोधन संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, जब पूरे प्रदेश में एक साथ गौधाम योजना की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखंडों में 10-10 गौधाम चरणबद्ध रूप से स्थापित किए जाएंगे, जिससे गौवंश संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने कहा कि गौ माता हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार सुनियोजित कार्ययोजना के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक,धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, कमिश्नर बिलासपुर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में गौपालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


 

अब कैसी है पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबीयत, गृहग्राम पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, डॉक्टरों ने दी ये सलाह

अब कैसी है पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबीयत, गृहग्राम पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, डॉक्टरों ने दी ये सलाह

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से आराम कर रही हैं। दुर्ग जिले के गनियारी गांव स्थित अपने पैतृक घर में रह रही 78 वर्षीय तीजन बाई फिलहाल बेडरेस्ट पर हैं। उनकी सेहत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। शनिवार को डॉक्टरों की टीम उनके गांव पहुंची और नियमित स्वास्थ्य जांच की।

जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि उनका ब्लड प्रेशर सामान्य से थोड़ा कम है और भोजन कम लेने की वजह से शरीर में कमजोरी भी महसूस हो रही है। डॉक्टरों ने परिजनों को उनकी डाइट बढ़ाने और विशेष देखभाल करने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति पहले की तुलना में बेहतर बताई जा रही है।

एहतियात के तौर पर चिकित्सकों ने उन्हें रायपुर स्थित एम्स में मेडिसिन, कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों से विस्तृत जांच कराने की सलाह दी है। साथ ही उनकी शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए फिजियोथेरेपी भी कराई गई। भिलाई-3 स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. शिखर अग्रवाल के अनुसार, तीजन बाई की हर दो महीने में एम्स में नियमित जांच होती है और पिछली बार उनका चेकअप 5 फरवरी को हुआ था।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर उनके अस्पताल में भर्ती होने और हालत गंभीर होने की खबरें अफवाह हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और उनकी स्थिति स्थिर है। बताया गया कि वर्ष 2024 में उन्हें पैरालिसिस का अटैक आया था। वहीं नवंबर 2025 में तबीयत बिगड़ने पर जिला प्रशासन की पहल पर उन्हें एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था।

तीजन बाई छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी की सबसे प्रसिद्ध कलाकारों में शामिल हैं। अपनी सशक्त आवाज और विशिष्ट प्रस्तुति शैली से उन्होंने इस लोककला को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पहचान दिलाई है। कपालिक शैली की प्रमुख गायिका के रूप में वे अब तक करीब 17 देशों में प्रस्तुति दे चुकी हैं। कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान मिल चुके हैं।

 

उरकुरा में बनेगा मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 5 करोड़ देने की घोषणा की….

उरकुरा में बनेगा मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 5 करोड़ देने की घोषणा की….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज बीरगांव नगर निगम में 55 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने बीरगांव में आयोजित कार्यक्रम में 21 करोड़ 40 लाख रुपए के नए कार्यों की घोषणा भी की।  साव ने नागरिक सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने आज बीरगांव नगर निगम के व्हाट्स-एप चैटबॉट सेवा का शुभारंभ किया। इसमें नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे तथा आवश्यक सेवाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

बीरगांव को हमने नगर निगम बनाया और हम ही संकल्प के साथ संवार रहे : श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश योजना के तहत चेक सौंपकर उन्हें नए घर की बधाई दी। उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को भी चेक प्रदान किए।

बीरगांव को हमने नगर निगम बनाया और हम ही संकल्प के साथ संवार रहे : श्री अरुण साव

कार्यक्रम में शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान के लिए स्वच्छता दीदियों को सम्मानित भी किया गया। सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  मोतीलाल साहू और महापौर  नंदलाल देवांगन भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

बीरगांव को हमने नगर निगम बनाया और हम ही संकल्प के साथ संवार रहे : श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीरगांव नगर निगम को आज 55 करोड़ रुपए की बड़ी सौगात मिली है। जनप्रतिनिधियों की जागरूकता और सरकार की प्रतिबद्धता से ही विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि बंजारी मंदिर चौक से बस स्टैंड होते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 7 करोड़ 40 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। जल्दी ही यह कार्य शुरू होगा।  साव ने उरकुरा में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 5 करोड़ रुपए, सड़क और नाली निर्माण के लिए 2-2 करोड़ रुपए तथा बीरगांव में अन्य विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।

बीरगांव को हमने नगर निगम बनाया और हम ही संकल्प के साथ संवार रहे : श्री अरुण साव

साव ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दो वर्षों में 2500 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन के साथ तेजी से विकास के कार्य हो रहे हैं। हमने ही बीरगांव को नगर निगम बनाया है और हम ही इसे संवारने का काम भी कर रहे है। बीरगांव नगर निगम के सभापति कृपा राम निषाद, नेता प्रतिपक्ष  ओमप्रकाश साहू,  योगेश साहू और  भागीरथी साहू के साथ एमआईसी सदस्य, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

बीरगांव को हमने नगर निगम बनाया और हम ही संकल्प के साथ संवार रहे : श्री अरुण साव



 

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय की वीसी में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव….

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय की वीसी में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शनों की समीक्षा के साथ ही जल जीवन मिशन 2.0 की जानकारी दी गई।

जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा नल कनेक्शनों की स्थिति पर हुई चर्चा

नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से आयोजित बैठक में केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री भी मौजूद थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता  ओंकेश चंद्रवंशी भी उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के साथ उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।

बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, उसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा हर घर तक नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। घरेलू नल जल कनेक्शनों की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति, पेयजल योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों तथा उनके समाधानों पर भी इस दौरान चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 की केंद्रीय कैबिनेट से अनुमोदन एवं उसकी शर्तों के बारे में सभी राज्यों को अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में जल जीवन मिशन की समयावधि को दिसम्बर-2028 तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।

जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा नल कनेक्शनों की स्थिति पर हुई चर्चा

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ द्वारा जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए राज्यांश के रूप में 3426 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। उन्होंने इसके समतुल्य केंद्रांश की राशि प्राथमिकता से जारी करने का अनुरोध किया। भारत सरकार द्वारा एकल ग्राम योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का निर्णय लिया गया है। साव ने इसमें आंशिक संशोधन करते हुए मल्टी-विलेज योजनाओं (MVS) के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत सभी राज्यों को भारत सरकार के साथ एमओयू करना होगा। भारत सरकार द्वारा सुझाए गये बिन्दुओं को समाहित कर संशोधित ओएंडएम नीति (O&M Policy) लागू करनी होगी। इसके बाद ही भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत राशि जारी की जाएगी। साथ ही मिशन के अंतर्गत स्वीकृत सभी योजनाओं की डिजिटल एसेट रजिस्ट्री सुजलम भारत मोबाइल एप के माध्यम से सुजल गांव आईडी जनरेट किया जाना होगा तथा योजनाओं का फाइनेंशियल रिकॉन्सिलिएशन भी किए जाने की अनिवार्यता होगी। इन प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद ही भारत सरकार द्वारा मिशन के तहत योजनावार राशि जारी की जाएगी।





 

CG – पिता बना हैवान : कलयुगी पिता ने की बेटे की हत्या, फिर झूठी रची मौत की कहानी, ऐसे हुआ खुलासा…!!

CG – पिता बना हैवान : कलयुगी पिता ने की बेटे की हत्या, फिर झूठी रची मौत की कहानी, ऐसे हुआ खुलासा…!!

 जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां पिता ने 5 साल के बेटे की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने घरवालों को गुमराह किया कि साइकिल के साथ नहर में डूबकर उसकी मौत हो गई, लेकिन पुलिस की पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। यह पूरा मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र की है।

जानिए पूरा मामला

पामगढ़ थाना क्षेत्र के भिलौनी गांव से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपने ही 5 साल के बेटे को मौत के घाट उतार दिया। फिर घर वालों को गुमराह किया कि साइकिल के साथ नहर में गिरकर उसकी मौत हो गई, लेकिन बच्चे की मां की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल, मृत बच्चे की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि शुक्रवार रात को उसका पति 5 साल के बच्चे के साथ ससुराल जाने के लिए निकला था, लेकिन बच्चे की लाश को लेकर वापस लौटा। इस दौरान उसने कहा कि उसका बच्चा साइकिल के साथ नहर में गिर गया और उसकी डूबकर मौत हो गई, लेकिन उल्टा महिला ने अपने ही पति पर गंभीर आरोप लगा दिए।

महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसी ने ही बच्चे की हत्या की है क्योंकि वह अक्सर शराब के नशे में उनके साथ मारपीट करता था और बच्चे को खत्म कर देने की धमकी देता था। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो इस पूरे मामले का खुलासा हो गया। आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

 

राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री साय

राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री साय

 राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने  राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्रीगजेंद्र यादव, सांसद  संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर  मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।


 

CG : चार थाना प्रभारी, 4 उप-निरीक्षक और 3 सहायक उप-निरीक्षकों का तबादला, देखें आदेश

CG : चार थाना प्रभारी, 4 उप-निरीक्षक और 3 सहायक उप-निरीक्षकों का तबादला, देखें आदेश

 जशपुर।  जिले के पुलिस कप्तान और डीआईजी डॉ लाल उमेद सिंह की अनुशंसा पर पुलिस महकमें में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश में जिले के अलग-अलग थानों में पदस्थ चार थाना प्रभारी, 4 उप-निरीक्षक और 3 सहायक उप-निरीक्षकों का तबादला आदेश जारी किया है। आदेश में प्रभावित सभी अधिकारियों को तत्काल नए पदस्थापना स्थल में आमद देते हुए कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।


 

छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा ने बढ़ाया प्रदेश का मान, सीएम साय ने किया सम्मान, भेंट की टाटा सिएरा कार

छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा ने बढ़ाया प्रदेश का मान, सीएम साय ने किया सम्मान, भेंट की टाटा सिएरा कार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी को टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए टाटा मोटर्स द्वारा कार उपहार देने की इस पहल की सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के सुदूर अंचलों के युवा भी खेलों से जुड़ रहे हैं। वहीं नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश को मिलने से भी राज्य में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान भी आकांक्षा का आत्मविश्वास और ऊर्जा बेहद प्रेरणादायक थी और आज भी उनमें वही उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यही जज्बा भविष्य में होने वाले विश्व कप में भी टीम को सफलता दिलाएगा।मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है : आकांक्षा सत्यवंशी

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के नाते उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा उनका मनोबल बढ़ाता है।

 आकांक्षा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त कर उनका दिन यादगार बन गया है और यह पल उनके जीवन में हमेशा विशेष रहेगा। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में टीम में अपनी भूमिका तथा विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए।

इस अवसर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, आकांक्षा के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में टाटा मोटर्स द्वारा टाटा सिएरा एसयूवी कार उपहार स्वरूप प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की निवासी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी को भी आज टाटा सिएरा कार भेंट की गई।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की थी।

CG : मैनपाट में बनेगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटन आवासीय परिसर, 12 एकड़ जमीन आवंटित

CG : मैनपाट में बनेगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटन आवासीय परिसर, 12 एकड़ जमीन आवंटित

रायपुर/मैनपाट: छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट (सरगुजा) को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (Housing Board) को 4.80 हेक्टेयर (12 एकड़) भूमि आवंटित की गई है। इस जमीन पर अटल विहार योजना के तहत एक सर्वसुविधायुक्त आधुनिक परिसर का निर्माण किया जाएगा।

केरल मॉडल पर आधारित होगा वेलनेस सेंटर

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि यह परियोजना प्राकृतिक परिवेश को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। इसमें पर्यटकों के लिए सुरक्षित और किफायती ठहराव के साथ-साथ विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। परियोजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • आयुष और पंचकर्म: केरल की तर्ज पर वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा और हर्बल स्पा।
  • आधुनिक सुविधाएं: 24×7 क्लब हाउस, जिम, स्विमिंग पूल, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन।
  • इको-फ्रेंडली स्टे: पर्यटकों के लिए खास तौर पर ट्री हाउस और कॉटेज का निर्माण।
  • स्थानीय स्वाद: मिलेट्स कैफे के जरिए छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खान-पान को बढ़ावा।
  • सांस्कृतिक क्षेत्र: स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली का अनुभव कराने के लिए विशेष जोन।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास अनिवार्य है। यह पहल न केवल पर्यटन को नई दिशा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।

वहीं, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने इसे छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए ‘मील का पत्थर’ बताया। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।

क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

वर्तमान में मैनपाट में गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी। हाउसिंग बोर्ड के इस प्रोजेक्ट से पर्यटकों का ठहराव समय (Stay time) बढ़ेगा, जिससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तैयार यह योजना मैनपाट को देश के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी।

सीएम विष्णु देव साय आज करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ, घुमंतू और निराश्रित गौवंश को मिलेगा संरक्षण

सीएम विष्णु देव साय आज करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ, घुमंतू और निराश्रित गौवंश को मिलेगा संरक्षण

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर से “गौधाम योजना” का शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत प्रदेश में 29 गौधामों का उद्घाटन किया जाएगा। राज्य सरकार ने घुमंतू और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। योजना के अंतर्गत पूरे छत्तीसगढ़ में 1460 गौधाम स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि, प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश रखने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सड़कों पर घूमने वाले और निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। यह योजना प्रदेश में गौसंरक्षण और पशु प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

बता दें कि, इस योजना के तहत उन शासकीय स्थलों का पंजीयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। इन स्थलों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा। गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।

 

आम आदमी को लगा महंगाई का एक और झटका, इंडिगो ने टिकट के दाम में की बढ़ोतरी, इतना बढ़ाया किराया

आम आदमी को लगा महंगाई का एक और झटका, इंडिगो ने टिकट के दाम में की बढ़ोतरी, इतना बढ़ाया किराया

रायपुर। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर अब पूरे देश में दिखने लगा है। एक तरफ जहां पेट्रोल डीजल और LPG गैस सिलेंडर को लेकर किल्लत चल रही है। तो वहीं अब दूसरी ओर देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने अपने फ्लाइट टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है।

कंपनी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण किराए में यह बढ़ोतरी की जा रही है।  एयरलाइन के अनुसार, यात्रियों से फ्यूल चार्ज के रूप में 425 रुपये से लेकर 2300 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। IndiGo ने बताया कि, फ्लाइट टिकट की नई कीमतें 14 मार्च 2026 से लागू हो जाएंगी। यह नया शुल्क रात 12 बजकर 1 मिनट से प्रभावी होगा और सभी नई बुकिंग पर लागू रहेगा।

कंपनी ने बताया कि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के दाम में 85 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है।कंपनी का कहना है कि बढ़ती एविएशन फ्यूल लागत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे एयरलाइन संचालन की लागत को संतुलित किया जा सके।

 इंडिगो ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ATF की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसकी पुष्टि IATA के जेट फ्यूल मॉनिटर से भी हुई है। एयरलाइन के अनुसार ATF उसके संचालन की सबसे बड़ी लागत है और अचानक बढ़ी कीमतों का असर पूरे नेटवर्क पर पड़ रहा है।

प्रदेश में तीन दिन बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई, जानें क्यों लिया गया ये फैसला

प्रदेश में तीन दिन बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई, जानें क्यों लिया गया ये फैसला

रायपुर। तीज त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है और एक के बाद कई तरह के धार्मिक पर्व आने वाले हैं। जिसे लेकर लोगों में काफी उत्साह है। वहीं19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरूआत होने जा रही है। ऐसे में आगामी धार्मिक पर्वों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने मांस-मटन की दुकानों को तीन दिन बंद रखने का आदेश जारी किया है।

निगम प्रशासन के अनुसार, निगम क्षेत्र में 20, 27 और 31 मार्च 2026 को मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। बताया गया है कि 20 मार्च को चैट्रीचंड, 27 मार्च को राम नवमी और 31 मार्च को महावीर जयंत के अवसर पर यह आदेश लागू रहेगा। इन दिनों पशु वध गृह सहित निगम क्षेत्र की सभी मांस-मटन की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम ने संबंधित व्यापारियों से आदेश का पालन करने की अपील की है।

बता दें कि, नवरात्र के समय बड़ी संख्या में लोग धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-अर्चना में शामिल होते हैं, इसलिए शहर में मांस बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई जाती है। ऐसे में कहा गया कि, अगर नियमो का उल्लंघन होता है तो दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जएगी।

कृषि विश्वविद्यालय के तीन मेधावी छात्रों को बैंक ऑफ बड़ौदा अचीवर्स अवॉर्ड -2026 से सम्मानित….

कृषि विश्वविद्यालय के तीन मेधावी छात्रों को बैंक ऑफ बड़ौदा अचीवर्स अवॉर्ड -2026 से सम्मानित….

 रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के तीन मेधावी छात्रों को 12 मार्च 2026 को कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सेमिनार हॉल में आयोजित एक समारोह में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा अचीवर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपने-अपने शैक्षणिक वर्षों में कक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, साजा (बेमेतरा) की प्रथम वर्ष की छात्रा दिलेश्वरी साहू, शहीद गुंडाधूर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर के द्वितीय वर्ष के छात्र देविदत्त जेना तथा कृषि महाविद्यालय, रायपुर की तृतीय वर्ष की छात्रा अनुष्का चौरसिया शामिल थीं। कार्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थि को 31,000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने छात्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल छात्रों को और अधिक परिश्रम करने तथा समाज और कृषि क्षेत्र मंि सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. डेव ने भी इस पहल की सराहना करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा से आग्रह किया कि वह प्रतिवर्ष अचीवर्स अवॉर्ड का आयोजन करता रहे, जिससे छात्रों को उच्च शैक्षणिक उपलब्धियों की ओर प्रेरणा मिलती रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक  प्रदीप यादव ने कहा कि बैंक किसानों और छात्रों के कल्याण के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और शिक्षा का उपयोग समाज तथा कृषि समुदाय के उत्थान के लिए करें। उन्होंने समाज के कल्याण और राष्ट्र के आर्थिक विकास में कृषि स्नातकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कृषि स्नातकों के लिए उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएँ हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बैंक आने वाले वर्षों में भी युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे कार्यक्रम जारी रखेगा।

समारोह के अंत में बैंक ऑफ बड़ौदा और विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा कृषि क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्रों की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए किए जा रहे सहयोग की सराहना की गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशकगण, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य तथा विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन कृषि महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता के तकनीकी अधिकारी डॉ. रामा मोहन सावू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

 

छत्तीसगढ़ शिक्षा बजट 2026-27: 22 हजार 466 करोड़ से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

छत्तीसगढ़ शिक्षा बजट 2026-27: 22 हजार 466 करोड़ से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 22 हजार 466 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। विधानसभा में बजट भाषण के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया है।

मंत्री  यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से राज्य के हर बच्चे को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य के तहत केंद्र सरकार की पीएम  योजना के अंतर्गत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस योजना के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इन स्कूलों में ग्रीन स्कूल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और कैरियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही शिक्षकों को उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और विद्यार्थियों की प्रगति का आंकलन होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करेगी। इन विद्यालयों के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये स्कूल प्रत्येक ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगे, जिससे ग्रामीण विद्यार्थियों को उच्च स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

बस्तर संभाग के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार ने एजुकेशन सिटी स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके तहत ओरछा (अबुझमाड़), नारायणपुर और जगरगुंडा (सुकमा) में एजुकेशन सिटी स्थापित करने के लिए 9 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे सुदूर वनांचल के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी और वे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

यादव ने बताया कि सरकार ने स्कूलों की अधोसंरचना को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके लिए 105 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत 500 प्राथमिक स्कूल, 100 पूर्व माध्यमिक स्कूल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों के नए भवन बनाए जाएंगे तथा पुराने भवनों का रखरखाव किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिल सके। उन्हांेने कहा कि शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नवा रायपुर में विभाग का एक आधुनिक प्रशासनिक कॉम्पोजिट भवन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक रूप से 5 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इस भवन में लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, संस्कृत विद्या मंडल, मदरसा बोर्ड, शिक्षा आयोग, पाठ्य पुस्तक निगम और माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित होंगे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 5000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती करने की घोषणा की है। इसके साथ ही 4000 से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। शिक्षकों की भर्ती अक्टूबर और नवंबर 2026 में परीक्षा आयोजित कर की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत राज्य के शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा पंजीकृत मदरसों के लगभग 30 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन का लाभ मिलेगा। स्कूलों में किचन गार्डन विकसित करने को भी प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि बच्चों को पौष्टिक भोजन मिल सके।

यादव ने बताया कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई पहल की हैं। विद्या समीक्षा केंद्र और एचआरएमआईएस पोर्टल के माध्यम से लगभग 1 लाख 80 हजार शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। साथ ही विद्यार्थियों की डिजिटल मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, जिसमें क्यूआर कोड और यूनिक आईडी के जरिए दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा। इसके अलावा पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत डीटीएच चैनलों के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विषयवार ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। प्रतिदिन छह विषयों का प्रसारण किया जाता है, जिसे दिनभर में चार बार दोहराया जाता है। भविष्य में दो-तरफा संवाद के लिए मोबाइल एप विकसित करने की भी योजना है। स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से प्रोजेक्टर और इंटरनेट की सहायता से विद्यार्थियों को वीडियो आधारित शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।

राज्य में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योग शिक्षा, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और रेडक्रॉस जैसी गतिविधियों को सभी स्कूलों में शुरू करने की योजना है। साथ ही प्रतिदिन अंतिम कालखंड में खेलकूद को अनिवार्य किया जाएगा और विद्यार्थियों को सेना में अग्निवीर बनने के लिए शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार ने स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालयों के लिए 800 करोड़ रुपये, आरटीई के तहत शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 300 करोड़ रुपये, छात्रवृत्ति योजना के लिए 236 करोड़ 50 लाख रुपये, निःशुल्क गणवेश वितरण योजना के लिए 55 करोड़ रुपये, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना के लिए 50 करोड़ रुपये और सरस्वती निःशुल्क साइकिल योजना के लिए 66 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा तालाब में टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर में टीजेएसबी सहकारी बैंक की नई शाखा खुलने से प्रदेश की सहकारी गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना हमें सिखाती है कि हम मिलजुलकर आगे बढ़ें और एक-दूसरे को मजबूत बनाएं।

मुख्यमंत्री  साय ने टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा में 24 घंटे संचालित एटीएम का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सहकारी बैंक हमेशा आम आदमी के सबसे भरोसेमंद साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नई शाखा के खुलने से जरूरतमंदों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएँ मिलेंगी। छोटे दुकानदारों, स्वरोजगार करने वालों और अपना काम शुरू करने वाले युवाओं को इससे बड़ी सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” का जो विजन देश में शुरू हुआ है, उसे छत्तीसगढ़ में भी तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सहकारिता के इस मजबूत मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टीजेएसबी बैंक ने एक छोटे से प्रयास के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी और आज इसका विस्तार कई राज्यों में हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीजेएसबी बैंक की रायपुर शाखा भी सहकारिता की इसी भावना को आगे बढ़ाएगी और लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि का नया रास्ता खोलेगी।

इस अवसर पर टीजेएसबी बैंक के अध्यक्ष शरद गांगल, उपाध्यक्ष  वैभव सिंगवी, व्यवस्थापकीय संचालक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी  निखिल आरेकर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।


 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे ‘गौधाम योजना’ का शुभारंभ….

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे ‘गौधाम योजना’ का शुभारंभ….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण तथा उनके समुचित व्यवस्थापन के लिए “गौधाम योजना” की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। योजना के अंतर्गत राज्य के अन्य जिलों में भी 29 गौधामों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।

उल्लखेनीय है कि गौधाम योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार पूरे राज्य में कुल 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत वर्तमान में शासन द्वारा 36 गौधामों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में हो चुका है। इन गौधामों का औपचारिक शुभारंभ 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।इस अवसर पर 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। गौधाम योजना का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जप्त किए गए गौवंश पशुओं का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है।

योजना के तहत उन शासकीय स्थलों का पंजीयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। इन स्थलों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा।

गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा गौधामों के संचालन के लिए विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। साथ ही चरवाहों को 10,916 रुपये तथा गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा।

गौधामों में चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस योजना से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी तथा गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।


 

अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि: किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्यरत है डबल इंजन सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि: किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्यरत है डबल इंजन सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

 रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम की राजधानी गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किश्त जारी की। इस दौरान देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18 हजार 640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री किसान निधि सम्मान योजना राशि अंतरण एवं पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश के किसान भाइयों और बहनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में कुल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो किसानों के परिश्रम और उनके योगदान के सम्मान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 11 हजार 283 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार बनने के बाद सबसे पहले किसानों को बोनस राशि प्रदान की गई और 13 लाख किसानों के खातों में 3 हजार 716 करोड़ रुपये अंतरित किए गए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि होली से पहले अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सिंचाई के लिए कृषि पंपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में 5 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से दो वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई
परियोजना भी शुरू की गई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। उन्होंने किसानों से धान के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती की ओर भी ध्यान देने की अपील की, जिससे पानी की बचत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। धरसीवां विधायक  अनुज शर्मा ने भी किसानों को संबोधित करते हुए बधाई दी।

इस अवसर पर विधायक  अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्षनवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, कृषि विभाग के संचालक  राहुल देव,  छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के एमडी  अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।


 

CG – विधायक का स्वैग : बैलगाड़ी पर सवार होकर बारात पहुंचे विधायक, बारात में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

CG – विधायक का स्वैग : बैलगाड़ी पर सवार होकर बारात पहुंचे विधायक, बारात में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

 राजिम। छत्तीसगढ़ की माटी की महक और ग्रामीण संस्कृति का एक अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला जब राजिम विधानसभा के विधायक रोहित साहू ग्राम रावंड़ निवासी अपने साढ़ू भाई हृदय राम साहू के बेटे डोमन साहू के बारात आधुनिक सुख-सुविधाओं और तामझाम को त्यागकर पारंपरिक बैलगाड़ी पर सवार होकर बारात में शामिल होने पहुंचे।

ग्राम रावंड़ से परसदा जोशी तक बैलगाड़ी की इस यात्रा ने बारातियों का उत्साह बढ़ाया और प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का संदेश भी दिया। विधायक साहू अपने परिजन डोमन साहू के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए ग्राम रावंड़ पहुंचे थे। यहाँ से बारात प्रस्थान के समय उन्होंने पुरानी परंपरा का सम्मान करते हुए बैलगाड़ी की सवारी चुनी। पूरे रास्ते छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गीतों और बाजों के बीच विधायक का यह सादगी भरा अंदाज चर्चा का विषय बना रहा।

विधायक रोहित साहू ने इस अवसर पर कहा कि आज इस बैलगाड़ी की यात्रा ने मुझे अपनी जड़ों और पूर्वजों की याद दिला दी है। छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी सादगी, हमारी संस्कृति और हमारी परंपराओं में है। आज के आधुनिक दौर में हम अपनी मूल पहचान को भूलते जा रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जब तक हम अपनी माटी से जुड़े रहेंगे तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित है।

यह बारात हमारी सांस्कृतिक विरासत का संगम था। मैं दूल्हे राजा डोमन और पूरे परिवार को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। इस यात्रा के माध्यम से मैं युवा पीढ़ी को यह संदेश देना चाहता हूँ कि अपनी संस्कृति पर गर्व करें, क्योंकि यही हमारी असली पूंजी है।

 

भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावर इंजन है और अब हमारा राज्य ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हरित सम्मेलन की उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से पॉलिसी मेकिंग से जुड़े लोग, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर केवल चिंतन ही न करें, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार हमेशा से विरासत के साथ विकास की पक्षधर रही है। पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा रही है और उसकी रक्षा के लिए सरकार नीतिगत स्तर पर लगातार ठोस कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसे नवाचारों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य में सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाया जा रहा है और बायो-एथेनॉल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए संसाधनों का उपयोग करते समय पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ कागज के उपयोग में भी कमी आई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है और लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है।  साय ने बताया कि वनांचल में वृक्षों को सरना (देवता) के रूप में पूजा जाता है और सरना को राजस्व रिकॉर्ड में भी देवस्थल के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ाव और उसके संरक्षण का भाव जनजातीय समाज से सहज ही सीखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में हरित पहल पर विशेष जोर दिया गया है और इस दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें भी दी जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट के मंच से प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने तथा इसकी शुरुआत स्वयं से करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सम्मेलन में प्रस्तुत शोधों के संकलन पर आधारित पुस्तक “एब्स्ट्रेक्ट”, सम्मेलन की प्रमुख चर्चाओं पर आधारित “हाइलाइट्स ऑफ द समिट” तथा जनजातीय कहानियों और परम्पराओं पर आधारित पुस्तक “कथा कंथली” का विमोचन किया।

इस अवसर पर मेघालय के लोकायुक्त  सी पी मारक, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, पीसीसीएफ व्ही श्रीनिवास राव, विबग्योर फाउंडेशन के अध्यक्ष  शंखदीप चौधरी, विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर, प्रबुद्धजन, स्कॉलर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


 

CG – ज्वेलरी शॉप में फिल्मी स्टाइल में चोरी, लाखों के जेवर पहनकर फरार हुई शातिर महिला, जांच में जुटी पुलिस…

CG – ज्वेलरी शॉप में फिल्मी स्टाइल में चोरी, लाखों के जेवर पहनकर फरार हुई शातिर महिला, जांच में जुटी पुलिस…

रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा इलाके में सराफा कारोबारी से ठगी का शिकार बनाया गया है। यहाँ एक महिला ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकान पहुंची और करीब 5 लाख रुपये के जेवर पहनकर ट्रायल के बहाने चंपत हो गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महिला और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र के देवपुरी स्थित ‘मां दुर्गा ज्वेलर्स’ की है। जहां कमलेश्वरी साहू नाम की महिला अपने साथी मेषराम साहू के साथ दुकान पहुंची। उन्होंने दुकानदार पंकज सोनी से सोने का ‘रानी हार’ दिखाने को कहा। दुकान संचालक दुर्गा सोनी ने पास की दूसरी दुकान से रानी हार मंगवाकर उन्हें दिखाया।

महिला ने बड़ी चालाकी से खरीदारी का नाटक किया और पसंद आने के नाम पर कई जेवर पहन लिए। महिला ने ₹3.45 लाख का रानी हार, ₹1.08 लाख के चांद बाली, ₹19,500 का सोने की अंगूठी और ₹20,500 का चांदी की पायल व बिछिया पहन कर फरार हो गई है।

जेवर पहनने के बाद महिला ने दुकानदार को झांसा दिया कि उसकी सहेली बैंक से पैसे लेकर आ रही है और वह भी खरीदारी करेगी। वह फोन पर बात करते हुए दुकान के बाहर निकली और देखते ही देखते गायब हो गई।

महिला के जाते ही उसका साथी मेषराम साहू भी चुपके से खिसकने की कोशिश करने लगा, जिसे कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पकड़ लिया। पूछताछ में उसने महिला का नाम और पता उगला। टिकरापारा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और कमलेश्वरी साहू व मेषराम साहू को गिरफ्तार कर लिया है।