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CG – न्यायधानी के इस यूनिवर्सिटी से अचानक गायब हुआ छात्र, इतने दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग…

CG – न्यायधानी के इस यूनिवर्सिटी से अचानक गायब हुआ छात्र, इतने दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग…

बिलासपुर। न्यायधानी के कोटा स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी में बिहार के गया निवासी 19 वर्षीय छात्र रोहित कुमार के 5 मार्च 2026 से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

परिजनों का आरोप है कि रोहित के गायब होने की सूचना प्रबंधन ने 6 मार्च की रात करीब 10:30 बजे दी, जबकि घटना उससे पहले ही घटित हो चुकी थी। पीड़ित परिवार के अनुसार, रोहित का अपने सहपाठी पंकज के साथ 5,000 रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी, जिसे प्रशासन ने अनदेखा किया।

परिजनों ने विश्वविद्यालय पर सीसीटीवी फुटेज न दिखाने, उपस्थिति रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर करने और मामले को दबाने का आरोप लगाया है; साथ ही छात्र के मोबाइल से उसकी माँ को भेजे गए संदिग्ध संदेशों ने किसी अनहोनी की आशंका को और गहरा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण में प्रबंधन की कथित लापरवाही और सुरक्षा खामियों को देखते हुए पीड़ित पिता अमरेंद्र कुमार ने बिलासपुर एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि छात्र के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच, सहपाठी पंकज से कड़ी पूछताछ और विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच करते हुए जल्द से जल्द रोहित की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए।

छत्तीसगढ़ बजट में युवाओं को बड़ा तोहफा, ₹10 लाख का लोन और हाईटेक शिक्षा से मिलेगी नई उड़ान

छत्तीसगढ़ बजट में युवाओं को बड़ा तोहफा, ₹10 लाख का लोन और हाईटेक शिक्षा से मिलेगी नई उड़ान

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बार के बजट में युवाओं के लिए कई बड़ी सौगातें दी हैं। सरकार द्वारा लाई गई नई योजनाओं को लेकर युवाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। इसी को लेकर हॉर्नबिल टीवी की टीम ने बिलासपुर के युवाओं से बातचीत कर उनकी राय जानी।

बिलासपुर के युवाओं का कहना है कि इस बार का बजट युवाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। युवाओं ने बताया कि सरकार द्वारा बिलासपुर में नालंदा परिसर बनाने की घोषणा की गई है, जिससे छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलेगा। इसके साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार 10 लाख रुपये तक का लोन देने की योजना भी चला रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर युवा भी अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकेंगे और आत्मनिर्भर बन पाएंगे।

वहीं कुछ युवाओं ने बताया कि स्कूलों में बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण यानी टूरिज्म के लिए भी योजना लाई गई है। इससे छात्र अलग-अलग जगहों पर जाकर नई चीजें सीखेंगे और उनका ज्ञान भी बढ़ेगा।

युवाओं का कहना है कि सरकार द्वारा स्कूलों और कॉलेजों को भी लगातार हाईटेक किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। कुल मिलाकर युवाओं का मानना है कि यह बजट उनके भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

CG Assembly : छत्तीसगढ़ में बनेंगे 25 नए सरकारी कॉलेज भवन, उच्च शिक्षा के लिए 1306 करोड़ का बजट पास

CG Assembly : छत्तीसगढ़ में बनेंगे 25 नए सरकारी कॉलेज भवन, उच्च शिक्षा के लिए 1306 करोड़ का बजट पास

रायपुर, 13 मार्च 2026 :  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के उच्च शिक्षा विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 1306 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गई। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की आधारशिला है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है। मंत्री वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 37 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यह बजट प्रावधान प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मंत्री ने बताया कि वंचित क्षेत्रों के लिए वित्तीय संसाधनों में भी वृद्धि की गई है। वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के लिए 230.36 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 249.61 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए 103.10 करोड़ रुपये के प्रावधान को बढ़ाकर 120.23 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के तहत सरकार ने GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को विकास का प्रमुख स्तंभ बनाया है। वर्ष 2024-25 में राज्य में महाविद्यालयों की संख्या 335 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 343 हो गई है। इसी वर्ष 8 नए स्नातक महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें संगीत, विधि और शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय भी शामिल हैं।

नए विषय और महाविद्यालय स्थापना

दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के लिए जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर के खड़गवा में बी.एड. (आईटीईपी) तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सुहेला में नए महाविद्यालय की स्थापना के लिए 1.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरगुजा विश्वविद्यालय में नए विषय शुरू करने तथा रामचंद्रपुर और घरघोड़ा महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उन्नयन के लिए 1.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

25 नए महाविद्यालय भवन बनेंगे

मंत्री वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के 25 महाविद्यालयों के लिए नए भवन निर्माण हेतु 2500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 6 महाविद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 4.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

ऑडिटोरियम, छात्रावास और बाउंड्रीवाल निर्माण

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोहका-नेवरा-तिल्दा में ऑडिटोरियम निर्माण, भानुप्रतापपुर में छात्रावास निर्माण और धमतरी महाविद्यालय के छात्रावास में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए कुल 1.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।

36 महाविद्यालय बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र

मंत्री ने कहा कि राज्य के चयनित महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना के तहत 36 शासकीय महाविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। वर्ष 2025-26 में 25 महाविद्यालयों को और वर्ष 2026-27 में 5 महाविद्यालयों के लिए प्रति महाविद्यालय 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

NAAC मूल्यांकन पर जोर

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। अब तक 200 शासकीय महाविद्यालयों और 5 राज्य विश्वविद्यालयों का NAAC द्वारा सफलतापूर्वक मूल्यांकन कराया जा चुका है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन

मंत्री वर्मा ने बताया कि राज्य में 335 शासकीय, 321 अशासकीय महाविद्यालयों, 8 राजकीय विश्वविद्यालयों और 18 निजी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। इसके तहत बहुविषयक शिक्षा, मल्टी एंट्री-मल्टी एग्जिट प्रणाली और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया है। 42 स्किल एन्हांसमेंट कोर्स और 108 जनरिक इलेक्टिव व एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स विकसित किए गए हैं।

PM-USHA योजना के तहत सुदृढ़ीकरण

प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के अंतर्गत 12 शासकीय महाविद्यालयों को प्रति महाविद्यालय 5 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं 3 विश्वविद्यालयों को प्रति विश्वविद्यालय 20 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इसके अलावा बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को MERU (Multidisciplinary Education and Research Universities) योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।

लैंगिक समावेशन और समानता पहल (Gender Inclusion and Equity Initiative) के तहत राजनांदगांव, सरगुजा, धमतरी, बलौदाबाजार और कबीरधाम जिलों को महिला शिक्षा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के लिए प्रति जिला 10 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।

मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, समतामूलक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास के साथ राज्य के समग्र विकास को गति मिल सके।

छत्तीसगढ़ विधानसभा: नई शिक्षा नीति पर घिरी सरकार, मंत्री ने माना– अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई नीति

छत्तीसगढ़ विधानसभा: नई शिक्षा नीति पर घिरी सरकार, मंत्री ने माना– अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई नीति

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में ध्यानाकर्षण के दौरान नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में नई शिक्षा नीति का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या नीति के अनुसार सभी स्कूलों में छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुसार 22 छात्रों पर एक शिक्षक की व्यवस्था का प्रावधान है, जबकि छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण के बाद औसतन 19 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है। हालांकि मंत्री यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि यह व्यवस्था सभी स्कूलों में लागू है या नहीं। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में अभी नई शिक्षा नीति पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। इसके पीछे युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी न होना और कुछ मामलों का कोर्ट में लंबित होना बताया गया।
विधायक राघवेंद्र सिंह ने स्कूलों के मर्ज होने और यू-डाइस कोड समाप्त होने का मुद्दा भी उठाया। इस पर मंत्री ने बताया कि विभाग ने अलग-अलग यू-डाइस कोड की जगह एक ही कोड रखने और बाकी को समाप्त करने की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और कांग्रेस विधायक शेषराज हरबंश के सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि फिलहाल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की व्यवस्था नहीं है। नई शिक्षा नीति के अनुसार 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी और बालवाड़ी की व्यवस्था है। राज्य में 11 हजार बालवाड़ी स्वीकृत किए गए हैं।
चर्चा के दौरान शेषराज हरबंश ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में हजारों स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिनमें जांजगीर जिले के कई स्कूल भी शामिल हैं। इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्कूल बंद नहीं किए गए, बल्कि उन्हें मर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब 87 प्रतिशत स्कूल एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं और इसके लिए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने यह भी कहा कि आज गांव-गांव में निजी स्कूल खुल रहे हैं और सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर नहीं है। इस पर मंत्री ने माना कि प्रदेश में 7 हजार से अधिक निजी स्कूल खुल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसके कारणों की समीक्षा की जाएगी और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश की जाएगी, ताकि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे फिर से सरकारी स्कूलों की ओर लौट सकें।

गर्मी के चलते रेलवे का बड़ा फैसला, TTE अब स्लीवलेस कोट पहनकर करेंगे ड्यूटी….

गर्मी के चलते रेलवे का बड़ा फैसला, TTE अब स्लीवलेस कोट पहनकर करेंगे ड्यूटी….

रायपुर| गर्मी के मौसम में टिकट जांच ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को राहत देने के लिए रायपुर रेल मंडल ने बड़ा फैसला लिया है। अब मंडल में कार्यरत टिकट निरीक्षक (टीटीई) गर्मियों के दौरान पारंपरिक कोट की जगह स्लीवलेस कोट पहनकर ड्यूटी कर सकेंगे। टिकट चेकिंग स्टाफ की मांग पर रेलवे प्रशासन ने इसकी अनुमति दी है और गुरुवार से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।

रायपुर रेल मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ को प्लेटफॉर्म, ट्रेनों और कई बार खुले स्थानों पर लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। गर्मी के दिनों में तेज धूप और उमस के कारण पारंपरिक कोट पहनकर काम करना कर्मचारियों के लिए काफी असहज हो जाता है। ऐसे में स्लीवलेस कोट की अनुमति मिलने से उन्हें राहत मिलेगी और वे अधिक सहजता से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार पारंपरिक कोट गर्मी में भारी और असुविधाजनक महसूस होता है, जबकि स्लीवलेस कोट हल्का और आरामदायक होता है। इससे कर्मचारियों को लंबे समय तक ड्यूटी करने में सुविधा मिलेगी। रायपुर रेल मंडल से प्रतिदिन 120 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। इन ट्रेनों और स्टेशनों पर टिकट जांच की जिम्मेदारी करीब 240 टीटीई निभाते हैं। ये कर्मचारी ट्रेनों के भीतर, प्लेटफॉर्म पर और स्क्वॉड चेकिंग के दौरान लगातार यात्रियों के टिकट की जांच करते हैं।

गर्मी के मौसम में लगातार कोट पहनकर ड्यूटी करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में स्लीवलेस कोट की अनुमति मिलने से कर्मचारियों को काम के दौरान काफी राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्लीवलेस कोट पहनना अनिवार्य नहीं होगा। टीटीई अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार पारंपरिक कोट या स्लीवलेस कोट का चयन कर सकते हैं। रेलवे का कहना है कि कर्मचारियों को अनुकूल कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि वे यात्रियों को बेहतर और प्रभावी सेवाएं दे सकें।

स्लीवलेस कोट के फायदे

  • गर्मी और उमस से मिलेगी राहत
  • हवा का बेहतर संचार होने से पसीना कम
  • हल्का होने से चलने-फिरने में आसानी
  • भारी कोट से होने वाली घुटन और असहजता कम
  • लंबे समय तक ड्यूटी करना होगा आसान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को दिए 15 करोड़ रुपये, जानिए किस योजना के लिए मिली मदद

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को दिए 15 करोड़ रुपये, जानिए किस योजना के लिए मिली मदद

रायपुर। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्चस्स्तरीय बैठक ली। इस बैठक में आपदा प्रभावित राज्यों की मदद की जाती है। चालू वित्तीय वर्ष की संभवतः यह आखिरी बैठक थी, जिसमें प्रभावित राज्यों की मदद करने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी गई है।

इस उच्च स्तरीय समिति ने इस वर्ष आयी बाढ़, आकस्मिक बाढ़, बादल फटने से हुई घटनाओं, भूस्खलन, चक्रवात और तूफान से हुए नुकसान की समीक्षा की है। बैठक में उच्च स्तरीय समिति ने आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड तथा केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को 1,912.99 करोड़ की अतिरिक्त मदद देने पर सहमति दी। यह राशि हर साल दी जाने वाली नियमित आवंटन के अतिरिक्त है।

बैठक में मंजूर 1,912.99 करोड़ रुपए में आंध्र प्रदेश को 341.48 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपए, गुजरात को 778.67 करोड़ रुपए, हिमाचल प्रदेश को 288.39 करोड़ रुपए, नगालैंड को 158.41 करोड़ रुपए तथा जम्मू-कश्मीर को 330.34 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

ज्ञात हो कि भारत सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं और विपत्तियों के समय राज्य सरकारों को आवश्यक मदद करने की नीति बना रखी है। हर साल देशभर में आने वाली आपदाओं से हुए नुकसान की समीक्षा कर राज्यों को अतिरिक्त आवंटन दिया जाता है, जिससे प्रभावितों की मदद की जा सके। वित्तीय वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार ने 28 राज्यों को एसडीआरएफ के अंतर्गत 20,735.20 करोड़ रुपए और एनडीआरएफ के अंतर्गत 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।

बिलासपुर हाईकोर्ट का फैसला: गुजारा भत्ता तय होने के बाद पति-पत्नी के तलाक को मिली मंजूरी

बिलासपुर हाईकोर्ट का फैसला: गुजारा भत्ता तय होने के बाद पति-पत्नी के तलाक को मिली मंजूरी

बिलासपुर। जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी दी है। डिवीजन बेंच ने यह फैसला दंपती के बीच सुलह की संभावनाओं के खत्म होने और दो बेटियों के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुनाया है।

मध्यस्थता केंद्र में हुए समझौते के तहत पति ने पत्नी को 51 लाख रुपए गुजारा भत्ता और अपनी दोनों बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए 15-15 लाख रुपए की FD कराने पर सहमति जताई है।

महाराष्ट्र के राजोली निवासी व्यक्ति की शादी छत्तीसगढ़ निवासी महिला के 21 मई 2006 को हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। विवाह के कुछ साल बाद दोनों के बीच वैचारिक मतभेद शुरू हो गए, जिसके कारण अक्टूबर 2018 से अलग रहने लगे थे।

अलग रहने के दौरान पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी थी। मामले की सुनवाई के बाद फैमिली कोर्ट ने क्रूरता साबित नहीं होने का हवाला देते हुए 6 जुलाई 2024 को याचिका को खारिज कर दिया था।

फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने मामला सुलझाने के लिए पति पत्नी को मध्यस्थता भेजा। वहां दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा हुई और आखिरकार 18 अगस्त 2025 को दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया।

समझौते के अनुसार पति, पत्नी को 51 लाख रुपए की राशि देने पर सहमत हुआ। अपनी दो बेटियों के नाम पर 15-15 लाख रुपए के दो एफडी करने पर सहमति बनी। पत्नी को अलग-अलग किस्तों में डिमांड ड्राफ्ट के जरिए राशि सौंपी गई। 23 फरवरी 2026 तक बाकी 46 लाख रुपये का भुगतान भी पूरा कर दिया गया, जिसे पत्नी ने स्वीकार कर लिया है। मध्यस्थता केंद्र में हुए समझौते के आधार पर हाई कोर्ट ने पति को तलाक की मंजूरी दे दी है।

CG Assembly : राजस्व मंत्री की चर्चा के दौरान सदन से गायब रहे विभागीय अधिकारी, विपक्ष का वॉकआउट

CG Assembly : राजस्व मंत्री की चर्चा के दौरान सदन से गायब रहे विभागीय अधिकारी, विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के अनुदान मांगों की चर्चा में विभागीय अधिकारी सदन से गायब रहे। इसे लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई और चर्चा शुरू होने से पहले विभाग के बड़े अधिकारियों को सदन में बुलाने की मांग की परंतु सभापति धरम लाल कौशिक ने कार्यवाही जारी रखी। इससे नाराज होकर कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट करते हुए अनुदान मांग की चर्चा में भाग नहीं लिया।

रसोई गैस की कालाबाजारी : राजधानी के आउटर के होटल रेस्टोरेंट में छापा, 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त

रसोई गैस की कालाबाजारी : राजधानी के आउटर के होटल रेस्टोरेंट में छापा, 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त

 रायपुर। खाद्य विभाग रायपुर ने एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध स्टाक में रखने वाले होटल रेस्टोरेंट पर कार्रवाई शुरू की है। पहले दिन शहर के आउटर के होटलों पर छापामार कार्रवाई की गई।

संयुक्त जांच दल ने जांच के दौरान धरसींवा विकासखंड के सेजबहार क्षेत्र में स्थित कमल होटल में घरेलू एलपीजी गैस का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 8 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। इसी क्षेत्र में बाबूलाल चिकन सेंटर में भी घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाया गया, जहां से 14.2 किलोग्राम क्षमता के 3 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए।

इसी प्रकार अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में स्थित रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करते पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 26 घरेलू सिलेंडर, 19 किलोग्राम क्षमता के 2 व्यावसायिक सिलेंडर तथा 5 किलोग्राम क्षमता के 4 सिलेंडर जब्त किए गए।

गैस एजेंसी में मिली अनियमितता

इसके अतिरिक्त खाद्य विभाग की टीम द्वारा कोरासी इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी की भी जांच की गई। भौतिक सत्यापन के दौरान एजेंसी के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। जांच में 14.2 किलोग्राम क्षमता के 101 भरे और 64 खाली घरेलू सिलेंडर, तथा 19 किलोग्राम क्षमता के 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर का अंतर सामने आया।

इस अनियमितता के चलते एजेंसी के गोदाम में उपलब्ध कुल 355 घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को जब्त कर एजेंसी की सुपुर्दगी में दिया गया।जांच में उक्त कृत्य द्रविकृत पेट्रोलियम गैस (वितरण एवं विनियमन) आदेश 2000 की विभिन्न कंडिकाओं का उल्लंघन पाया गया है।




 

इस दिन से हो रही है चैत्र नवरात्रि की शुरूआत, यहां देखें क्या है इसकी सही तिथि और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

इस दिन से हो रही है चैत्र नवरात्रि की शुरूआत, यहां देखें क्या है इसकी सही तिथि और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

 Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। पूरे साल में 4 बार नवरात्रि का त्यौहार आता है, जिसमें दो गुप्त, एक शारदीय और एक चैत्र नवरात्रि होती है। इनमें शारदीय और चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। शारदीय और चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के  9 रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। जबकि गुप्त नवरात्रि माह, आषाढ़ माह में आती है।

चैत्र नवरात्रि की तिथि

बता दें कि, इस साल चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च 2026 से हो रहा है और समाप्त 27 मार्च को होगा। चैत्र नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाएगी। ।
 घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
 
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से होगी और इसका समापन 27 मार्च, शुक्रवार को होगा। वहीं घटस्थापना का शुभ समय सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। अगर किसी कारणवश इस समय पूजा न कर सकें तो दोपहर के अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है। यह मुहूर्त 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
 
Chaitra Navratri 2026: नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जाती है. इस वर्ष चैत्र नवरात्र की शुरुआत तीन शुभ योगों के संयोग में हो रही है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
 
 
Adve
राजधानी के इस होटल में लगी भीषण आग, आसमान में उठे धुएं के गुब्बारे, मचा हड़कंप

राजधानी के इस होटल में लगी भीषण आग, आसमान में उठे धुएं के गुब्बारे, मचा हड़कंप

 रायपुर। राजधानी रायपुर से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां एक विधानसभा क्षेत्र के होटल रॉयल कैसल में भीषण आग लग गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। वहीं आसमान में धुएं के गुब्बारे नजर आए। जिसका वीडियो भी सामने आया है। बताया गया कि, पूरा मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, होटल के ग्राउंड फ्लोर में बने स्टोर रूम में आग लगी, जिसके बाद आग की लपटें पहली मंजिल तक पहुंचती हुई दिखाई दी। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है और आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है।

 

आज राजधानी में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे सीएम साय, यहां देखें पूरा शेड्यूल

आज राजधानी में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे सीएम साय, यहां देखें पूरा शेड्यूल

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे सुबह 11 बजे विधानसभा सत्र में शामिल होंगे। इसके बाद”2nd छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट” में शामिल होने दोपहर 1 बजे पं. रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय जायेंगे।

वहीं दोपहर 2.15 को TJSB सहकारी बैंक Ltd. के उद्घाटन में कटोरा तालाब में शामिल होंगे और विधानसभा की कार्रवाई में शामिल होने दोपहर 3.15 को छत्तीसगढ़ विधानसभा जायेंगे। वहीं शाम 5 बजे कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यकम में शिरकत करेंगे।

इसके बाद सीएम साय पीएम किसान उत्सव दिवस और पीएम किसान सम्मान निधि की 22 वी किश्त वितरण कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और शाम करीब 6.15 को सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

 

बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 0-मुख्यमंत्री ने बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का किया शुभारंभ

 0-28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत 

0-आर्थिक कठिनाइयों के कारण बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ 

0-मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 2 हजार 931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपए की सब्सिडी का किया अंतरण 

रायपुर// मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय स्थित सभागार से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया और अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 हजार 931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपए की सब्सिडी भी अंतरित की।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बिजली आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान योजना के माध्यम से लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले प्रदेश के निम्न एवं मध्यम आय वर्ग तथा कृषि उपभोक्ताओं को राहत देने की पहल की गई है। योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपए की राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के लगभग 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई गई, जिससे आजादी के बाद से अंधेरे में रहे गांव भी रोशन हुए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हमारे अपने संसाधनों से लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है और प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना काल में आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे बकाया राशि बढ़ गई थी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की इस परेशानी को समझते हुए समाधान योजना लागू की है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है और अब तक लगभग 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महिला स्व सहायता समूहों द्वारा सोलर पैनल वेंडर के रूप में कार्य किया जाना एक सकारात्मक पहल है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से बिजली की बचत करने और घरेलू बिजली के अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील की।  मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को समाधान योजना के लिए बधाई देते हुए निर्देश दिए कि शिविर लगाकर और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को समाधान योजना से जोड़ा जाए। उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं की तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिनमें 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को विद्युत देयक जमा करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा और पंजीयन के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा। शेष राशि का भुगतान किस्तों में किया जा सकेगा और आगामी माह में कोई अधिभार नहीं लगेगा। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक  पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और विद्युत उपभोक्ता उपस्थित थे।

 

मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा श्रम विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 01 हजार 823 करोड़ 87 लाख 69 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 01 हजार 567 करोड़ 86 लाख 79 हजार रूपए, श्रम विभाग के लिए 256 करोड़ 90 हजार रूपए शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में नई औद्यागिक नीति लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

उद्योग विभाग

उद्योेग मंत्री देवांगन नेे कहा कि इस बजट में सरकार द्वारा राज्य के औद्योगिक विकास हेतु वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को बजट में रुपए 1750 करोड़ आबंटित किया गया है। इसमें रूपए 652 करोड़ उद्योगों को अनुदान हेतु तथा औद्योगिक प्रयोजन हेतु भू-अर्जन, भूमि विकास तथा औद्योगिक अधोसंरचना विकास के लिए लगभग रूपए 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि औद्योगिक भूमि आबंटन को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि का आबंटन अब ई-निविदा के माध्यम से किया जा रहा है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि राजस्व में भी 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है।

इन सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि राज्य द्वारा 140 से अधिक निवेशकों को इन्विटेशन टू इन्वेस्ट जारी किया गया है। राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों में स्टील, पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल्स, आईटी, बीपीओ तथा क्लीन एनर्जी जैसे विविध और उभरते हुए क्षेत्रों के निवेश शामिल हैं, जो राज्य की औद्योगिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

मंत्री देवांगन नेे कहा कि विगत एक वर्ष में 951 उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनके द्वारा रु 8000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया एवं हमारी सरकार आने के बाद लगभग 45000 से अधिक रोजगार उत्पन्न हुए। राज्य में बस्तर से सरगुजा तक 23 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों एवं पार्कों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से 4 फ्लेटेड फैक्ट्री अधोसंरचना है। राज्य शासन सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास हेतु प्रतिबद्ध है एवं इस दिशा में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उनके जीवन को सरल करने की दृष्टि से बिलासपुर जिले में 2 कामकाजी महिला हॉस्टल निर्माणाधीन है, जिसके लिए बजट में रुपए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निजी भूमि पर औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए निवेशकों को आकर्षित करने की दृष्टि से अधोसंरचना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान औद्योगिक विकास नीति में किया गया है। इससे राज्य केन औद्योगिक अधोसंरचना विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री के पहल पर स्टार्ट-अप मिशन के लिए रूपए 100 करोड़ का प्रावधान बजट के अंतर्गत किया है।

श्रम विभाग

मंत्री देवांगन सदन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में श्रम विभाग छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत अधिसूचित 56 प्रवर्ग के असंगठित श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के लिये वर्ष 2026-27 के बजट में कुल रुपये 128 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष से लगभग 3 करोड़ अधिक है। श्रमिक बच्चों को उत्कृष्ट स्कूल में शिक्षा की अभिनव पहल करते हुए प्रदेश में 96 श्रमिकों के बच्चों को 6वीं क्लास में डी.पी.एस. राजकुुमार कॉलेज, कांगेर वैली एकेडमी में निःशुल्क पढ़ाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला देने की घोषणा की थी, इस पर अमल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडल द्वारा उपकर के माध्यम से संकलित राशि से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिये उपलब्ध निधि से 60 प्रवर्ग में पंजीकृत 32.58 लाख निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित 31 योजनाओं के क्रियान्वयन में वर्ष 2025 में लगभग रूपये 387 करोड़ से अधिक राशि कल्याणकारी योजनाओं में व्यय किया गया है। वर्ष 2026-27 में पंजीकृत 02.01 लाख संगठित श्रमिकों के लिये 14 योजनाओं हेतु बजट में राज्य शासन के अनुदान हेतु रुपये 06 करोड़ प्रावधान किया गया है। श्रम मंत्री ने बताया कि श्रम विभाग के मुख्य दायित्व विभिन्न श्रम कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत श्रमिकों के हित संरक्षण किया जाना है, जिसके पालन हेतु श्रमायुक्त संगठन में रुपये 30 करोड़ 63 लाख का बजट प्रावधान किया गया है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 10 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। संचालनालय द्वारा कारखाना अधिनियम के अंतर्गत कारखानों का लायसेंस नवीनीकरण, आनसाइट आपात योजना एवं कारखाना भवनों के नक्शे आदि का निराकरण भी आनलाईन ही किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल हाईजिन लैब हेतु वर्ष 2026-27 में रुपये 05 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2026-27 हेतु कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए रुपये 76 करोड़ 38 लाख का प्रावधान किया गया है।

वाणिज्यक कर (आबकारी) विभाग

मंत्री देवांगन नेे कहा कि विभागीय दक्षता बढ़ाने हमने इस वित्तीय वर्ष में 10 जिला अधिकारी, 85 आबकारी उपनिरीक्षक की भर्ती की है तथा 200 आबकारी आरक्षक की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। वर्ष 2024-25 हेतु निर्धारित किये गये 10500 करोड़ (दस हजार पांच सौ करोड़) आबकारी राजस्व लक्ष्य के विरूद्ध 10145 करोड़ (दस हजार एक सौ पैतालीस करोड़) का आबकारी राजस्व अर्जित किया गया जो कि इससे पूर्व के वित्तीय वर्ष 2023-24 में अर्जित आबकारी राजस्व 8430 करोड़ (आठ हजार चार सौ तीस करोड़) की तुलना में 20.35 प्रतिशत अधिक है तथा राज्य के कुल कर राजस्व प्राप्ति का लगभग 11 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उपयुक्त नीति एवं विभागीय कार्ययोजना से आबकारी राजस्व में सुनिश्चित वृद्धि परिलक्षित हुई है। अतः आबकारी विभाग के लिये वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 12000 करोड़ (बारह हजार करोड़) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके विरूद्ध 28 फरवरी, 2026 तक रूपये 9660.00 करोड़ (नौ हजार छः सौ साठ करोड़) का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जो कि कुल राजस्व लक्ष्य का 80.50 प्रतिशत है।

मंत्री देवांगन नेे कहा कि वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग में प्रशासनिक सुविधा एवं दक्षता हेतु नवा रायपुर में पृथक कम्पोजिट कार्यालय भवन का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। कम्पोजिट कार्यालय भवन में आबकारी मुख्यालय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट ब्रेवरेज कारपोरेशन लिमिटेड, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता कार्यालय, राज्य आबकारी प्रशिक्षण संस्थान, रासायनिक प्रयोगशाला एवं समान प्रांगण में प्रशिक्षु कर्मचारियों हेतु छात्रावास एवं प्रशिक्षण स्थल का निर्माण प्रस्तावित है। आबकारी विभाग के कम्पोजिट कार्यालय भवन निर्माण हेतु बजट में 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।


 

अफीम की अवैध खेती पर CM विष्णुदेव का कड़ा रुख, सभी कलेक्टरों को दिए यह निर्देश

अफीम की अवैध खेती पर CM विष्णुदेव का कड़ा रुख, सभी कलेक्टरों को दिए यह निर्देश

 रायपुर :- प्रदेश में अवैध रूप से अफीम की खेती का मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसी भी क्षेत्र में अवैध रूप से अफीम की खेती न हो रही हो। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 15 दिवस के भीतर प्रमाण पत्र सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के प्रति सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश के पालन में आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को सर्वे कर जांच रिपोर्ट और उनके जिले में अफीम की खेती नहीं किए जाने संबंधी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र जारी किया गया है।


 

CG ACCIDENT : अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप वाहन, 3 की मौत, 25 से अधिक घायल

CG ACCIDENT : अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप वाहन, 3 की मौत, 25 से अधिक घायल

 नारायणपुर।  जिले में बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना नारायणपुर–ओरछा मुख्य मार्ग पर ग्राम झारा घाटी के पास हुई, जहां एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।

बताया जा रहा है कि पिकअप में 30 से ज्यादा लोग सवार थे। दुर्घटना में दो महिलाओं और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल 108 संजीवनी एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल नारायणपुर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह पिकअप वाहन नियमों के विपरीत सवारी ढोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। पहले भी ऐसे वाहनों से कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन संचालक अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सड़क सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की है।

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नारायणपुर–ओरछा मुख्य मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क की खराब हालत तथा वहां चालकों की लापरवाही के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं की खबरें सामने आती रहती हैं।

 

BREAKING : BJP ने RTI प्रकोष्ठ के जिला संयोजक, सहसंयोजक और प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की

BREAKING : BJP ने RTI प्रकोष्ठ के जिला संयोजक, सहसंयोजक और प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने छत्तीसगढ़ में सूचना का अधिकार (RTI) प्रकोष्ठ के लिए जिला संयोजक, सहसंयोजक और प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है।

 

 



 

 
 
 
CG : शादी के लिए नहीं मान रहे थे परिवार वाले, प्रेमी जोड़े ने जहर पीकर कर ली आत्महत्या

CG : शादी के लिए नहीं मान रहे थे परिवार वाले, प्रेमी जोड़े ने जहर पीकर कर ली आत्महत्या

 कांकेर / पखांजूर।  जिले से आत्महत्या का मामला सामने आ रहा है, यहां छोटे बेठिया क्षेत्र में एक प्रेमी जोड़े ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, लेकिन परिवार वाले उनकी शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसी कारण दोनों ने यह कदम उठाया।

मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रात दोनों ने लारी में जहर पी लिया। युवक की पहचान ग्राम निडदे निवासी राकेश आंचला 25 वर्ष और युवती की पहचान ग्राम टेकामेटा निवासी जगन्नती बड्डे 21 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही।

बताया जा रहा है कि दोनों आपस में करीबी रिश्तेदार थे, जिसके कारण परिवार और गांव वाले इस रिश्ते और शादी के पक्ष में नहीं थे। इसी बात से आहत होकर दोनों ने जहर पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


 

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बदल सकता है मौसम, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बदल सकता है मौसम, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने 13 से 15 मार्च के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना जताई है। खासतौर पर बस्तर संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है।मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश और तेज हवाओं के असर से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अधिकतम तापमान में लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है।

झारखंड के सिस्टम का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक झारखंड के ऊपर बने एक सिनोप्टिक सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल बढ़ने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की स्थिति बन रही है।

बिहार से उत्तर छत्तीसगढ़ तक द्रोणिका सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार बिहार से झारखंड होते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ तक करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन (द्रोणिका) बनी हुई है। इस क्षेत्र में हवा का दबाव कम है, जिसके कारण अलग-अलग दिशाओं से हवाएं यहां इकट्ठा हो रही हैं। यही स्थिति बादल बनने और मौसम में बदलाव की वजह बनती है।

ट्रफ लाइन क्या होती है
मौसम विज्ञान में ट्रफ लाइन कम दबाव का एक लंबा क्षेत्र होता है। जब किसी इलाके में दबाव कम होता है तो आसपास की हवाएं उस दिशा में खिंचती हैं और ऊपर की ओर उठती हैं। इससे बादल बनने की प्रक्रिया तेज होती है और कई बार आंधी, गरज-चमक या बारिश जैसी स्थिति बन जाती है।

दुर्ग-राजनांदगांव में सबसे ज्यादा गर्मी
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दुर्ग और राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।राजधानी रायपुर में अगले 24 घंटों तक मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि सुबह के समय हल्की धुंध रह सकती है। यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

 

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित

समाज के अंतिम व्यक्ति तक के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध : राजवाड़े

महतारी वंदन योजना से राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित

समाज कल्याण का बजट पिछले 5 वर्षों की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक

प्रधानमंत्री  मोदी की गारंटी को पूरा करने बेटियों के भविष्य के लिए रानी दुर्गावती योजना होगी शुरू

नशा मुक्ति के लिए सामाजिक सहयोग से चलेगा अभियान, वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल के लिए “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर की होगी स्थापना

रायपुर, 12 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रूपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं है। इनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 10,162 करोड़ 53 लाख रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रूपए से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है।

राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। यह योजना राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हुई है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। इससे महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है और उनके जीवन में स्वावलंबन लाने का काम किया है।

राजवाड़े ने सदन में कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये तथा पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है।

राजवाड़े ने कहा कि किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए ’किशोरी बालिका योजना’ के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छात्राओं की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ’शुचिता योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोेदी जी के गारंटी को पूरा करने राज्य सरकार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ’रानी दुर्गावती योजना’ प्रारंभ करने जा रही है। इस योजना के तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हेें 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए इस वर्ष के बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पोषण अभियान के संचालन के लिए 125 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।

राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर, सखी निवास और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए भी बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

समाज कल्याण विभाग

सदन को जानकारी देते हुए राजवाड़े ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में लगभग 59 प्रतिशत अधिक है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश में लगभग 21 लाख 76 हजार हितग्राहियों को पेंशन का लाभ डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य में “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वृद्धाश्रमों के संचालन के लिए 6 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विशेष विद्यालयों के संचालन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण तथा पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है। इन्हीं बातों को ध्येय में रखकर हमारी सरकार सेवा, संवेदना और संकल्प के साथ समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री साय

प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री साय

 00 छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर।
 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री  साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि न्यायपालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता

00 महिला सशक्तिकरण की बनी मिसाल संगीता सिंह
लेख - धनंजय राठौर सयुक्त संचालक, जनसंपर्क, लोकेश्वर सिंह सहायक जनसंपर्क अधिकारी 
रायपुर।
 स्वयं सहायता समूहों को कम ब्याज दर पर ऋण और कौशल विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं, जिससे महिलाएं छोटी-छोटी आजीविका गतिविधियां (जैसे- खेती, पशुपालन, सिलाई, आधार से जुड़ी सेवाएं ) शुरू कर सकें। इस मिशन के अंतर्गत महिलाएं सशक्त बनकर न केवल परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर होकर सामाजिक रूप से भी सशक्त हो रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जब महिलाओं को सही अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन में बदलाव लाती हैं बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिला मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम दुधाशी की निवासी श्रीमती संगीता सिंह की कहानी भी महिला सशक्तिकरण की ऐसी ही प्रेरक मिसाल है, जिन्होंने अपने परिश्रम और आत्मविश्वास से एक नई पहचान बनाई है।
बीसी सखी के रूप में शुरू हुआ सफ
संगीता सिंह ने वर्ष 2021 में बीसी सखी के रूप में अपने कार्य की शुरुआत की। उनके माध्यम से गांव के लोगों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलने लगा। पहले जहां ग्रामीणों को पैसे निकालने या बैंक से जुड़े कार्यों के लिए दूर शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाना पड़ता था, वहीं अब यह सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध होने लगीं। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचने लगा और गांव के लोगों को बड़ी सुविधा मिली।

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता

स्वयं सहायता समूह से मिली आर्थिक मजबूती
संगीता सिंह बताती हैं कि उन्होंने बिहान योजना के अंतर्गत अपने स्वयं सहायता समूह से 68 हजार रुपये का ऋण लिया था। इसी आर्थिक सहयोग से उन्होंने बीसी सखी के रूप में अपना कार्य शुरू किया। शुरुआत में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन अपनी मेहनत, लगन और सेवा भावना से उन्होंने धीरे-धीरे गांव के लोगों का विश्वास जीत लिया। आज गांव के लोग उन्हें भरोसे के साथ अपनी बैंकिंग सेवाओं के लिए संपर्क करते हैं।
उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला आधार किट
संगीता सिंह के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन को देखते हुए मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर के जिला प्रशासन ने उन्हें नई जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया। आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आधार सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से जिले में पांच नए आधार केंद्र खोले जा रहे हैं। इसी पहल के तहत संगीता सिंह को लैपटॉप सहित आधार किट प्रदान की गई। जिला प्रशासन की ओर से ईडीएम श्री नारायण केवर्त ने उन्हें यह आधार किट सौंपा।
अब गांव में ही मिलेंगी आधार सेवाएं
आधार किट मिलने के बाद संगीता सिंह अब अपने गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी। इनमें नया आधार पंजीयन, आधार अपडेट तथा अन्य आवश्यक कार्य शामिल हैं। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने गांव के पास ही सुविधाएं मिल सकेंगी।

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता

अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
संगीता सिंह की सफलता की कहानी पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी मेहनत और आत्मनिर्भरता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। उनकी उपलब्धि यह भी साबित करती है कि महिलाएं केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम
जिला प्रशासन की यह पहल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को भी मजबूत कर रही है। संगीता सिंह जैसी महिलाएं आज ग्रामीण भारत में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सही अवसर मिल जाए तो कोई भी महिला अपने सपनों को साकार कर सकती है। बिहान योजना का उद्देश्य गरीबों, विशेष रूप से महिलाओं के लिए मजबूत संस्थाएं बनाकर और उन्हें वित्तीय और आजीविका सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुंच प्रदान करके गरीबी कम करने को बढ़ावा देना है।

मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए 50 हजार 537 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए 50 हजार 537 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

0-नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : रामविचार नेताम

 0-संकल्प से ही हासिल करेंगे विकास की सिद्धि,मत्स्य बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ अब देश में 5वें स्थान पर

 0-नवा रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय के अध्ययन के लिए आ रहे देश-विदेश के विशेषज्ञ  

रायपुर-छत्तीसगढ़ विधानसभा में  कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख 68 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें कृषि विभाग के लिए 7075 करोड़ 90 लाख 56 हजार रूपए, पशुपालन विभाग के लिए 656 करोड़ 12 लाख 49 हजार रूपए, मछली पालन विभाग के लिए 110 करोड़ 67 लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं। इसी प्रकार आदिम जाति कल्याण के लिए 157 करोड़ 05 लाख 58 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 39,568 करोड़ 18 लाख 20 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 1596 करोड़ 89 लाख रूपए, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा से संबंधित व्यय के लिए 447 करोड़ 30 लाख रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 215 करोड़ 69 लाख 19 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता के लिए 453 करोड़ 91 लाख 68 हजार रूपए तथा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता के लिए 256 करोड़ 24 लाख 68 हजार रूपए शामिल हैं।  कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए  रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मूलभाव खेती-किसानी से जुड़ा है। यह हमारी आत्मा में बसी हुई है। राज्य में 70-80 प्रतिशत लोगों की कृषि पर निर्भरता है। छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य प्रदेश भी है। राज्य में विश्व स्तरीय जनजातीय संग्रहालय बनाकर हमने इतिहास में जगह नहीं पाने वाले जनजातीय नायकों को स्थान दिया है। हमारे इस विश्व स्तरीय डिजिटल संग्रहालय के अध्ययन के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ और अधिकारी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर अमन-चैन और खुशहाली के रास्ते की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को हमने संकल्प की थीम पर तैयार किया है। इस संकल्प से ही हम राज्य के विकास की सिद्धि को हासिल करेंगे। नेताम ने सदन में कहा कि कृषि उन्नति योजना के माध्यम से हम राज्य के किसानों का धान 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। धान के अलावा अन्य फसलें लेने वाले किसानों को हर साल 10 हजार रूपए की आदान राशि दे रहे हैं। इससे दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार लिए गए कल्याणकारी फैसलों से खेती अब लाभ का व्यवसाय हो गया है। साथ ही खेती का रकबा बढ़ रहा है, किसान समृद्ध और किसान खुशहाल हो रहे हैं।  आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में खाद्य पोषण सुरक्षा और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश के कम वर्षा वाले क्षेत्रों एवं पड़ती भूमि में मसूर, तिवरा, चना जैसे दलहनी फसलों की खेती के लिए उन्नत बीज तैयार करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक फसली जमीन को दो फसली बनाने के काम को अभियान के रूप लेना चाहिए। जैविक खेती को बढ़ावा देने हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पहले भी हमारी सरकार ने गरियाबंद, दंतेवाड़ा और सुकमा को जैविक जिला घोषित किया है, शेष जिलों में भी जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरसों, अरहर, मूंग और उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की व्यवस्था की जा रही है।  नेताम ने सदन में बताया कि किसानों के लिए हमारी सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। वहीं प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप किसानों को समृद्ध बनाने कम पानी में अधिक फसल लेने की तकनीकों की जानकारी भी दी जा रही है। किसानों को "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।    नेताम ने कहा कि राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए सभी काम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूध का उत्पादन बढ़ाने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में हरे चारे के विकास के लिए 7.50 करोड़, चिलिंग प्लांट के लिए 50 लाख, शूकर वितरण के लिए 5 करोड़ और बकरी वितरण के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में मत्स्य बीजों के उत्पादन में बेहतर काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ इसके उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर अब 6वें से 5वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया कि धमधा के राजपुर में मत्स्य कॉलेज के लिए भवन और छात्रावास निर्माण के लिए इस बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।   नेताम ने अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि वनांचलों में बड़ी संख्या में आश्रम-छात्रावासों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। विगत दो वर्षों में 167 आश्रम-छात्रावास भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनके निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की अति पिछड़ी जनजातियों को आत्मनिर्भर बनाने कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में बीजापुर में 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय बनाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से हमारी सरकार प्रदेश के चिन्हांकित क्षेत्रों में जनजातीय वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इस योजना के तहत अनेक गांवों का कायाकल्प हुआ है।  कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री पुन्नुलाल मोहले, व्यास कश्यप, मोतीलाल साहू, कवासी लखमा, धर्मजीत सिंह, जनक ध्रुव, तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, धरमलाल कौशिक, रामकुमार यादव, दलेश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, सुश्री लता उसेंडी, अंबिका मरकाम, भावना बोहरा और सावित्री मंडावी ने भाग लिया।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए 11 हजार 470 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए 11 हजार 470 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

0-समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित -वित्त मंत्री चौधरी 

0-जीएसटी 2.0 से आम जनता को राहत, कर राजस्व में भी रिकॉर्ड वृद्धि

0-पंजीयन विभाग में बड़े सुधार, रजिस्ट्री प्रक्रिया हुई सरल और पारदर्शी  

रायपुर-छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री  ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें वित्त विभाग के लिए 9 हजार 630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 01 हजार 247 करोड़ रुपए, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपए तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपए शामिल हैं।अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और समावेशी विकास के माध्यम से राज्य को मजबूत आर्थिक आधार देना है। 

आवास, पर्यावरण और नवा रायपुर के विकास पर सरकार का फोकस*

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आवास एवं पर्यावरण विभाग की मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री  ओपी चौधरी ने विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के विकास की मजबूत नींव सुरक्षित और सम्मानजनक आवास पर टिकी होती है, इसलिए राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय गृह निर्माण मंडल की 442 करोड़ रुपये की 3219 संपत्तियां लंबे समय से अविक्रित थीं और मंडल पर शासकीय कॉलोनी निर्माण के लिए 735 करोड़ रुपये का ऋण था। राज्य शासन ने ऋण के एकमुश्त भुगतान के लिए बजट में व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया। मंत्री  चौधरी ने कहा कि लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों के विक्रय के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है। इसके तहत अब तक 1410 संपत्तियों का लगभग 210 करोड़ रुपये में विक्रय किया जा चुका है। भविष्य की परियोजनाओं के लिए मंडल ने मांग आधारित निर्माण प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत पर्याप्त बुकिंग मिलने के बाद ही नए आवासों का निर्माण शुरू किया जाएगा। मंत्री  चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा बेहतर वित्तीय स्थिति में आने उपरांत प्रदेश भर में नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा प्रदेश के 33 में से 27 जिलों में 3069 करोड़ के 78 नवीन प्रोजेक्ट की लॉचिंग  की गई है जिसके अंतर्गत 16782 नवीन प्रापर्टी निर्माण का लक्ष्य है। जल्द ही मंडल द्वारा शेष जिलों में भी नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किया जावेगा। मंडल के इस प्रयास को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बुकिंग प्रारंभ करने के लिए  राज्य स्तरीय आवास मेला का आयोजन नवम्बर 2025 में किया गया, जिस दौरान 305 करोड़ की 1477 संपत्ति की बुकिंग केवल तीन दिनों में प्राप्त हुई। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए मंत्री  ओपी चौधरी ने बताया कि विगत दो वर्ष में पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परिवहन के दौरान कच्चे माल, फ्लाई ऐश एवं अन्य ठोस अपशिष्ट के उडऩे एवं गिरने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिये छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) जारी किया गया है, जिसमें फ्लाई ऐश के समुचित प्रकार से ढककर परिवहन किये जाने का प्रावधान है। उक्त एस.ओ.पी. 01 अगस्त 2024 से प्रभावशील है। एस.ओ.पी. के उल्लंघन की लगातार मानिटरिंग की जा रही है तथा उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाती है।  -- उद्योगों द्वारा जनित फ्लाई ऐश के निष्पादन के मानिटरिंग हेतु जी.पी.एस. तथा जियोटैगिंग के साथ फ्लाई ऐश के परिवहन/भू-भराव की मानिटरिंग हेतु इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट एण्ड मानिटरिंग सिस्टम (आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस.) विकसित किया गया है। आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस. प्रारंभ होने के पश्चात् प्रदेश में कुल 1 लाख 44 हजार 291 ट्रीप की गई है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राज्य में स्थापित होने वाले उत्सर्जन और प्रदूषण की रियल-टाईम निगरानी करना और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ष्टत्र हृद्बद्दह्म्ड्डठ्ठद्ब  पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल पर कुल 124 उद्योगों को इस सिस्टम से जोड़ा गया है। इन उद्योगों में आधारित डिवाइस लगाये गये हैं, जो के माध्यम से डेटा एकत्रित करते हैं। यह सिस्टम 17 प्रकार के अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों में स्थापित किया गया है। मंत्री  चौधरी ने कहा कि सिस्टम की मदद से उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण के स्तर की लगातार ऑनलाईन निगरानी प्रारंभ की गई है। यदि किसी उद्योग का उत्सर्जन निर्धारित अनुमेय सीमा  से अधिक हो जाता है तो यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है। इसके अलावा यदि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन होता है तो इस सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को नोटिस जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य केवल आधुनिक विकास की दिशा में ही नहीं बढ़ रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से सिरपुर क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हो रहे हैं। हमने यह प्रयास किया कि नवा रायपुर को न केवल राज्य का बल्कि देश के शैक्षणिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाये। यह बताते हुए मुझे गर्व हो रहा है कि  जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना भी नवा रायपुर में होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थानकी स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो चुका है और बहुत शीघ्र इसके कार्य प्रारंभ हो जायेंगे। इस तरह के संस्थान आने से न केवल राज्य के छात्रों को लाभ मिलेगा बल्कि पूरे देश में नवा रायपुर शैक्षणिक केन्द्र के रूप में अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज करायेगा।मंत्री चौधरी ने कहा कि हमने अपने संकल्प पत्र में राज्य राजधानी क्षेत्र स्थापित करने का उल्लेख किया था। यह हमारे लिये हर्ष और गर्व दोनों का विषय है कि हमने राज्य राजधानी क्षेत्र अधिनियम बनाकर इस सदन के माध्यम से उसे पारित कराया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ राज्य राजधानी क्षेत्र का गठन भी हो चुका है। जिसका आज विधानसभा में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पहली बैठक हुई है।  

 वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी) विभाग 

 छत्तीसगढ़ विधानसभा में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से जीएसटी 2.0 लागू कर, कर की दरों  का युक्तियुक्तकरण किया गया है। मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि जीएसटी राजस्व संग्रह के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। 1 अप्रैल 2025 से पेट्रोल पर 1 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। वहीं राज्य में आंतरिक ई-वे बिल की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे लगभग 26 प्रतिशत व्यापारियों को लाभ होगा और अनुपालन लागत में करीब 54 प्रतिशत की कमी आएगी।   *वित्त विभाग* छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में वित्त विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।  राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड का गठन किया गया है। इस फंड में वर्तमान में 50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है तथा आगामी वर्ष के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में संचित शोधन निधि का आकार 8 हजार 875 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो कुल अवशेष ऋणों का लगभग 7 प्रतिशत है। इसी तरह राज्य सरकार की गारंटी वाले ऋणों की देनदारियों के प्रबंधन के लिए गारंटी मोचन निधि में अब तक 1 हजार 32 करोड़ रुपये निवेशित किए गए हैं तथा बजट में 125 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि विभाग के बजट में मुख्य रूप से शासकीय सेवकों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के लिए प्रावधान किया गया है। इसमें पेंशन, परिवार पेंशन, पेंशन कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और एनपीएस में नियोक्ता अंशदान शामिल हैं।  वित्त मंत्री ने बताया कि भविष्य के पेंशन दायित्वों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ पेंशन निधि अधिनियम 2025 लागू कर पेंशन फंड की स्थापना की है। वर्तमान में इस निधि में 1 हजार 121 करोड़ रुपये निवेशित हैं और आगामी वर्ष के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सकारात्मक सोच के साथ हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है।

प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में हुई अटैचमेंट नियुक्तियां रद्द, स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में की घोषणा

प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में हुई अटैचमेंट नियुक्तियां रद्द, स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में की घोषणा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 9वें दिन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधायक प्रबोध मिंज के सवाल पर बड़ी घोषणा करते हुए सदन में कहा कि प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में हुई अटैचमेंट नियुक्तियों को रद्द किया जाएगा। मंत्री जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र के अस्पताल में हुई अटैचमेंट नियुक्ति की रद्द जाएगी क्योंकि कई कर्मचारी ग्रामीण अस्पतालों से अटैच होकर शहरों में काम कर रहे हैं, जिससे गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है।