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बेटियों के सम्मान का संकल्प: 240 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने दिया सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद

बेटियों के सम्मान का संकल्प: 240 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने दिया सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद

रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए, जहां 240 नवविवाहित जोड़ों का विवाह विधिवत सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री साय विवाह मंडप में पहुंचकर नवदंपतियों के बीच गए और उन्हें शुभाशीष प्रदान करते हुए उनके सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। कार्यक्रम का वातावरण पारंपरिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चार और सामाजिक एकता के भाव से ओतप्रोत रहा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान कर उनके माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के साथ ही समाज में एकता और समरसता को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को राहत मिली है और बेटियों के विवाह को लेकर उनकी चिंता काफी हद तक दूर हुई है।

सामूहिक कन्या विवाह समारोह में विभिन्न समाजों के 240 जोड़ों ने एक साथ विवाह कर सामाजिक समरसता और एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को कुल 50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 35 हजार रुपए की राशि चेक के माध्यम से सीधे हितग्राही को दी जाती है, जबकि लगभग 7 हजार रुपए की वैवाहिक सामग्री एवं 8 हजार रुपए आयोजन व्यय के रूप में खर्च किए जाते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने नवदंपतियों को 35 हजार रुपए की राशि के चेक वितरित किए और उनके खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से विवाह सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम में नवदंपतियों को विवाह प्रमाण पत्र एवं उपहार सामग्री भी प्रदान की गई। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं और योजना की सराहना की। यह आयोजन न केवल एक सामाजिक कार्यक्रम रहा, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी सोच और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक बना।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर  गंगाराम भगतविजय आदित्य सिंह जूदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी शशिकुमार, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

मातृत्व वन प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मातृत्व वन प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर सर्किट हाउस परिसर में विकसित मातृत्व वन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मातृत्व वन न केवल हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, बल्कि यह प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का एक सशक्त प्रतीक भी है और आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता का केंद्र बनेगा।

उल्लेखनीय है कि जशपुर मंडल द्वारा विकसित मातृत्व वन में लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया, जिससे प्रकृति और परिवार के बीच भावनात्मक संबंध को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास कर रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र के विस्तार में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेंगी।’

मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर सर्किट हाउस में मातृत्व वन का किया लोकार्पण

मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीताअशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि भविष्य में औषधीय उपयोग एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज और पर्यावरण के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष  गंगाराम भगत,  विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन

रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गति और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहे निर्माण पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगा और मरीजों को यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।

इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री  साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में इस अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रस्तावित 6 मंजिला भवन में ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों का ढलाई कार्य पूर्ण हो चुका है।

अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू, पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर संचालित होगा। यह चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, इमरजेंसी वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, कृष्ण कुमार राय,  विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं को नई दिशा और अवसर देता है- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं को नई दिशा और अवसर देता है- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुर में 3 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से निर्मित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर प्रदान करता है और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री  साय ने स्टेडियम का अवलोकन किया और वहां उपस्थित खिलाड़ियों के साथ खेल का आनंद भी लिया।उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी उचित मंच मिल सके।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त साधन है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने जशपुर में मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का किया शुभारंभ : खिलाड़ी बास्केटबॉल शतरंज कैरम और टेबल टेनिस खेल का करेंगे अभ्यास

मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में खिलाड़ियों को बास्केटबॉल के साथ-साथ शतरंज, कैरम और टेबल टेनिस जैसे खेलों का अभ्यास करने की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। यह स्टेडियम न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि जशपुर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविन्द भगत,कृष्णा राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष  गंगाराम भगत,  विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा, आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  लाल उमेद सिंह, डीएफओ  शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार, खिलाड़ी और कोच उपस्थित थे।

CG : हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मिली पेंटर की संदिग्ध लाश, सुसाइड नोट में कांग्रेस नेता का नाम

CG : हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मिली पेंटर की संदिग्ध लाश, सुसाइड नोट में कांग्रेस नेता का नाम

 दुर्ग। जिले के भिलाई में एक पेंटर की संदिग्ध लाश मिली है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मिले शव के शरीर पर चोट के निशान हैं। जांच के लिए पहुंची पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें मृतक मोहन रामटेक (42) ने दो लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। जिसमें उसने राजू पाल नामक शख्स को कांग्रेस नेता बताया है।

मामला स्मृति नगर चौकी इलाके का है। सुसाइड नोट में लिखा है कि, राजू पाल और सोनिया गोस्वामी सट्टा चलाते हैं। वो मुझे धमकी दे रहे हैं कि, एक लाख रुपए दो नहीं तो पुलिस में फंसा देंगे और जेल भिजवा देंगे। मुझे ब्लैकमेल कर रहे हैं। मेरी मौत को नजर अंदाज न करें, पुलिस इन्हें कड़ी सजा दे।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, मोहन रामटेक (42) पिछले करीब 3 महीने से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। पेंटिंग का काम करता था। शनिवार (28 मार्च) को उसकी मां का भिलाई के एक अस्पताल में ऑपरेशन होना था। जिस कारण परिवार के सभी लोग रात से अस्पताल में थे। घर पर कोई मौजूद नहीं था। मोहन अकेले था।

जब 28 मार्च की सुबह पत्नी घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने मकान मालिक को जानकारी दी। पड़ोसियों की मदद से किसी तरह दरवाजा खोला गया, तो अंदर मोहन की लाश पड़ी थी। मकान मालिक ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।

मौके से मिला सुसाइड नोट

घटना की सूचना मिलते ही स्मृति नगर चौकी, सुपेला थाना पुलिस, एडिशनल एसपी सिटी सुखनंदन राठौर और सीएसपी भिलाई नगर मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और सुसाइड नोट को जांच के लिए जब्त किया है।

सुसाइड में लिखी यह बात

सुसाइड नोट में लिखा है कि, मैं मोहन रामटेके अपने होसों हवास में यह बात लिख रहा हूं कि राजू पाल और सोनिया गोस्वामी सट्टा चलाते हैं। वो मुझे धमकी दे रहे हैं कि एक लाख रुपए दो नहीं तो पुलिस में फंसा देंगे और जेल भिजवा देंगे। मेरी पत्नी का ऑपरेशन होना था, तो मैं राजू पाल को बोला कि भैया मुझे मदद चाहिए।

उसने मुझे कहा कि, मैं क्या बोलूं सट्टा लगा, एक नंबर दे रहा हूं। वो नंबर सोनिया गोस्वामी का था। अब वो मुझे ब्लैकमेल कर रहे हैं कि, मैं उन्हें एक लाख दूं जो कि मैं नहीं दे पाउंगा। इसलिए पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि मेरी मौत को नजर अंदाज न करें, क्योंकि राजू बोलता है कि पुलिस मेरी जेब में है, क्योंकि हम कांग्रेस के नेता हैं।

मेरा पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि, राजू पाल और सोनिया गोस्वामी जैसे लोगों को सजा दी जाए, जो आम आदमी को अपने झांसे में फंसाकर अपना फायदा उठाते हैं। आपसे हाथ जोड़कर अनुरोध है कि बिना किसी दवाब के कोई भी पुलिसकर्मी फैसला न लें। पहले अपने घर जाकर अपने परिवार को देखें कि यह घटना उसके साथ हो तो क्या होगा।

शरीर पर मिले चोट के निशान

पुलिस का कहना है कि, पहली नजर में फंदे पर लटकने की आशंका है। जिसकी जांच की जा रही है। वहीं, मृतक के भाई नवीन रामटेके ने बताया कि, किसी से कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया था, लेकिन शरीर पर चोट के निशान मिलने से हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

सभी एंगल से जांच जारी

भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि, घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसमें कुछ नाम आए हैं जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल, पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है। सुसाइड नोट में आए नामों की भी पड़ताल की जा रही है।

पुरुष हॉकी : मेजबान छत्तीसगढ़ सहित असम, झारखंड और ओडिशा रहे विजेता

पुरुष हॉकी : मेजबान छत्तीसगढ़ सहित असम, झारखंड और ओडिशा रहे विजेता

सभी मैच रहे दिलचस्प और रोमांच से भरे मुकाबले

रायपुर- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आज तीसरे दिन पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के सभी मैच दिलचस्प और रोमांच से भरे मुकाबले रहे।

सभी मैच रहे दिलचस्प और रोमांच से भरे मुकाबले

सभी मैच रहे दिलचस्प और रोमांच से भरे मुकाबले

पूल ‘ए’ में खेले गए मैच में झारखंड ने आंध्रप्रदेश को 19]

-1 से पराजित किया। वहीं, पूल ‘बी’ के मुकाबलों में असम ने गोवा को 7-3 और ओडिशा ने मध्य प्रदेश को 15-1 के अंतर से हराया। वहीं पूल ए के मैच में मेजबान छत्तीसगढ़ ने कर्नाटक को 7-1 से हराया। आज खेले गए सभी मैच रोमांचक रहे, जिनमें सभी टीमों ने अपना पूरा बेहतर प्रदर्शन किया। आज खेले गए सभी मुकाबलों में टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए पूरा दमखम दिखाया, जिससे दर्शकों को रोमांचक मैच देखने को मिले।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : रायपुर में भारोत्तोलन का धमाकेदार जलवा, पूर्वाेत्तर के सितारों ने रचा इतिहास

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : रायपुर में भारोत्तोलन का धमाकेदार जलवा, पूर्वाेत्तर के सितारों ने रचा इतिहास

 रायपुर-- पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के भारोत्तोलन इवेंट ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। 27 मार्च को सीनियर वर्ग की तीन स्पर्धाओं में पूर्वाेत्तर राज्यों के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदकों पर कब्जा जमाया, जबकि छत्तीसगढ़ समेत अन्य टीमों ने कड़ी चुनौती दी। देशभर से आई आदिवासी प्रतिभाओं ने ताकत के साथ कुश्ती के दांव-पेच और तकनीक का अनुपम प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया।

 पुरुष 79 किग्रा वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के रिचिन चोंग्रुजू ने स्नैच में 120 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 149 किग्रा के साथ कुल 269 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक जीता। मिजोरम के लालफाकवमा ने 265 किग्रा (स्नैच 119, क्लीन एंड जर्क 146) से रजत और जैकब वानलालतुआंगा ने 250 किग्रा से कांस्य हासिल किया। ओडिशा के के. सिमांचल चौथे, अरुणाचल के निया डोडुम पांचवें तथा जम्मू-कश्मीर के सोहैल अब्बास छठे स्थान पर रहे। मेघालय, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के खिलाड़ियों ने भी उम्दा प्रदर्शन किया।

 रायपुर में भारोत्तोलन का धमाकेदार जलवा, पूर्वाेत्तर के सितारों ने रचा इतिहास

महिला 63 किग्रा में ओडिशा की बिदु स्मिता भोई ने कुल 195 किग्रा के दमदार लिफ्ट से स्वर्ण जीता। अरुणाचल की बोनी मांक्ख्या 193 किग्रा से रजत पर रहीं, जबकि असम की दुंखम सेंग तुरुंग ने 161 किग्रा से कांस्य लिया। असम की रूमे मेच 145 किग्रा से चौथी, अंडमान- निकोबार की तान्याशा 140 किग्रा से पांचवीं तथा छत्तीसगढ़ की हेमा मांडवी 132 किग्रा से छठी रहीं। ओडिशा की करमप्रिय मुरमु (125), त्रिपुरा की ममानी मोग (105), मध्यप्रदेश की शीला डामोर (88) और अरुणाचल की बोम्पी बागरा (85) ने सातवें से दसवें स्थान हासिल किए।

 रायपुर में भारोत्तोलन का धमाकेदार जलवा, पूर्वाेत्तर के सितारों ने रचा इतिहास

पुरुष 71 किग्रा वर्ग में मिजोरम के सिल्वन बेह्रोथाटलो ने कुल 281 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। कर्नाटक के मंजूनाथ मराठी ने 270 किग्रा से रजत तथा अरुणाचल के तायर रोनिक ने 255 किग्रा से कांस्य जीता। झारखंड के हर्षित बागे, असम के मानस ज्योति और केरल के श्रीकुट्टनकुट्टन भी प्रभावशाली रहे।

महिला 58 किग्रा में अरुणाचल की अनाई वांग्सू ने स्नैच 74 किग्रा और क्लीन एंड जर्क 95 किग्रा के साथ 169 किग्रा कुल वजन से स्वर्ण जीता। ओडिशा की मिना सांता ने 165 किग्रा से रजत तथा मीना सिंह ने 161 किग्रा से कांस्य हासिल किया। असम की मार्टिना मिली, तारा सोनवाल और आंध्र की जी. लेनिन एस प्रिया ने भी कड़ी टक्कर दी।

यह आयोजन आदिवासी युवाओं को राष्ट्रीय मंच दे रहा है, जो खेल विकास और छत्तीसगढ़ को खेल-पर्यटन हब बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहा। ऐसे इवेंट राज्य की खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे और उभरती प्रतिभाएं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चमकेंगी।

मुख्यमंत्री 31 को करेंगे कुंवरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ, 133 करोड़ की विकास परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

मुख्यमंत्री 31 को करेंगे कुंवरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ, 133 करोड़ की विकास परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

 रायपुर। 31 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुंवरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र को ?133 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी। यह जानकारी धरसीवां में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्थानीय विधायक अनुज शर्मा ने दी।

विधायक शर्मा ने बताया कि यह महोत्सव क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि कुंरा नगर अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है, जहां राजा कुँवर सिंह गोंड की विरासत आज भी जीवंत है। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा, साथ ही क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए नव निर्मित तहसील कार्यालय का उद्घाटन भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आधारभूत संरचना, सड़क, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार होगा।

महोत्सव के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन एवं कुटीर उद्योगों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय व्यापारियों एवं कारीगरों को आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। विधायक शर्मा ने क्षेत्रवासियों से इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के लिए सुरक्षा एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि कुंवरगढ़ महोत्सव क्षेत्र के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रहा है, जो सांस्कृतिक गौरव एवं विकास के नए अध्याय की शुरुआत करेगा

प्रेस वार्ता में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री शकुंतला सेन, उपाध्यक्ष दिनेश खुटे, नगर पंचायत अध्यक्ष  गोविंद साहू, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम नंदकुमार चौबे, सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री 31 को करेंगे कुंवरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ, 133 करोड़ की विकास परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

मुख्यमंत्री 31 को करेंगे कुंवरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ, 133 करोड़ की विकास परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

रायपुर। 31 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुंवरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र को ?133 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी। यह जानकारी धरसीवां में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्थानीय विधायक अनुज शर्मा ने दी।
विधायक शर्मा ने बताया कि यह महोत्सव क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि कुंरा नगर अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है, जहां राजा कुँवर सिंह गोंड की विरासत आज भी जीवंत है। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा, साथ ही क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए नव निर्मित तहसील कार्यालय का उद्घाटन भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आधारभूत संरचना, सड़क, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार होगा।

महोत्सव के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन एवं कुटीर उद्योगों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय व्यापारियों एवं कारीगरों को आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। विधायक शर्मा ने क्षेत्रवासियों से इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के लिए सुरक्षा एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि कुंवरगढ़ महोत्सव क्षेत्र के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रहा है, जो सांस्कृतिक गौरव एवं विकास के नए अध्याय की शुरुआत करेगा

प्रेस वार्ता में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री शकुंतला सेन, उपाध्यक्ष दिनेश खुटे, नगर पंचायत अध्यक्ष  गोविंद साहू, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम नंदकुमार चौबे, सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

कलयुगी बेटे ने पिता की लोहे के पाइप से की निर्मम हत्या, आरोपी गिरफ्तार… गांव में दहशत

कलयुगी बेटे ने पिता की लोहे के पाइप से की निर्मम हत्या, आरोपी गिरफ्तार… गांव में दहशत

 सक्ति । सक्ति जिले के डभरा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां एक कलयुगी पुत्र ने ही अपने पिता की लोहे के पाइप से मारकर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

मामला सक्ती जिला अंतर्गत डभरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत रामभांठा का है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पुत्र सुमित महिलांगे ने 26 27 मार्च की दरमियानी रात अपने पिता मनबोध महिलांगे पर लोहे के पाइप से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में गंभीर चोट लगने से मनबोध महिलांगे की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही सुबह डभरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डभरा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

वहीं आरोपी पुत्र सुमित महिलांगे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है।

डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल पर ₹10 की कटौती—केंद्र सरकार के फैसले का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल पर ₹10 की कटौती—केंद्र सरकार के फैसले का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

 रायपुर :-   केंद्र सरकार द्वारा डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी को मात्र ₹3 प्रति लीटर करने के निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाने वाला ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस निर्णय से देश के प्रत्येक परिवार, किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार द्वारा आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढ़ने देना एक बड़ी संवेदनशील पहल है, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संवेदनशीलता और देशवासियों के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।

CG : प्रशासनिक अधिकारियों को ट्रेनिंग के लिए किया गया चयन, राज्य सरकार का आदेश जारी

CG : प्रशासनिक अधिकारियों को ट्रेनिंग के लिए किया गया चयन, राज्य सरकार का आदेश जारी

रायपुर ।  छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्ष 2025 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा (नायब तहसीलदार) अधिकारियों के प्रशिक्षण को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है, जिसके तहत तीन अधिकारियों को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।


 

 Breaking : 31 मार्च की डेडलाइन से पहले 5 खूंखार नक्सलियों ने किया सरेंडर

Breaking : 31 मार्च की डेडलाइन से पहले 5 खूंखार नक्सलियों ने किया सरेंडर

 कांकेर। कांकेर और मोहला मानपुर के जंगलों में सक्रिय आरकेबी डिवीजन के अंतिम 5 नक्सलियों ने भी आत्म समर्पण कर दिया है, 5 नक्सली अपने हथियार के साथ कांकेर जिला मुख्यालय पहुंच रहे है, जहां सभी कांकेर एसपी निखिल राखेचा के सामने हथियार डाल मुख्य धारा में शामिल होंगे।

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली एसीएम रैंक के है, जिसमें मंगेश, गणेशा , राजे, हिडमें और मंगती शामिल है। सरेंडर करने वाले नक्सली अपने साथ SLR, दो 303 रायफल भी साथ लेकर आ रहे है। इस आत्म समर्पण के बाद क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों की अंतिम कमेटी भी खत्म हो गई है। बता दे कि इलाके में सक्रिय रहे अधिकांश बड़े नक्सली मुठभेड़ में मारे गए या आत्म समर्पण कर चुके है।ऐसे में जब 31 मार्च 2026 की डेडलाइन में सिर्फ 5 दिन शेष बचे है तब इन अंतिम नक्सलियों का मुख्य धारा में वापस आना पुलिस के लिए राहत की खबर है। वही अब कांकेर पुलिस के लिए आखिरी चुनौती कांकेर के जंगलों में शेष बचे 17 नक्सली है, जिसमें डीवीसीएम चंदर और एसीएम रूपी प्रमुख है। जिनके आत्म समर्पण की अफवाह भी लंबे समय से उड़ रही है लेकिन अब तक इन्होंने हथियार नहीं डाला है।

Suspended: आईजी रतन लाल डांगी पर गिरी गाज, गृह विभाग ने किया निलंबित

Suspended: आईजी रतन लाल डांगी पर गिरी गाज, गृह विभाग ने किया निलंबित

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और आईजी रतन लाल डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, आईजी रतनलाल डांगी पर एक SI की पत्नी ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़ित महिला ने आईपीएस अधिकारी डांगी के खिलाफ लिखित में शिकायत दर्ज कराई। जिस पर पुलिस प्रशासन ने विभागीय जांच भी शुरु की थी। दूसरी तरफ रतनलाल डांगी ने भी महिला पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए थे। उन्होंने इसकी शिकायत भी की थी। जिसके बाद सोशल मीडिया में रतनलाल डांगी के नाम से कुछ अश्लील फोटो भी सोशल मीडिया में वायरल हुई थी। जिसके बाद सरकार ने ये कड़ा एक्शन लिया है।

IG Ratan Lal Dangi Suspended: आईजी रतन लाल डांगी पर गिरी गाज, गृह विभाग ने किया निलंबित

 
CG ACCIDENT : पूर्व मंत्री के काफिले की फॉलो गाड़ी ने बाइक सवारों को मारी ठोकर, दो युवकों की मौत

CG ACCIDENT : पूर्व मंत्री के काफिले की फॉलो गाड़ी ने बाइक सवारों को मारी ठोकर, दो युवकों की मौत

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर-रायपुर NH-30 पर पूर्व मंत्री के काफिले की फॉलो गाड़ी ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 2 युवकों की मौत हो गई। घटना का लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि टक्कर लगते ही दोनों उछलकर करीब 50 मीटर दूर फेंका गए थे। सिर फटने से उनकी जान चली गई।

मामला बस्तर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बोलेरो मालिक हिमांशु चक्रवर्ती को पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के काफिले में बोलेरो लेकर जाना था। लेकिन टाइम से पहुंच नहीं पाया था, इसलिए करीब 100 किमी की रफ्तार से वह गाड़ी चला रहा था।

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बुधवार (25 मार्च) को जगदलपुर के बालेंगा पेट्रोल पंप के पास हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों और CCTV फुटेज के आधार पर सामने आया है कि, फॉलो गाड़ी बोलेरो काफी तेज रफ्तार में जगदलपुर की ओर जा रही थी। काफिले को कवर करने की कोशिश में पीछे छूट गई थी।

इसी वजह से ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी। इसी वक्त सामने से बाइक पर सवार 2 मिस्त्री आ रहे थे। बालेंगा में निर्माण कार्य चल रहा था, जहां वे अपने काम पर जा रहे थे। अचानक उन्होंने बाइक को दूसरे साइड पर मोड दिया।

इसी बीच तेज रफ्तार बोलेरो ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। मृतक पेशे से मिस्त्री है।

मृतक जगदलपुर के दुबेगांव के रहने वाले हैं

 

कमलेश उइके (40)
राम प्रसाद चिरम (30)

BREAKING : IAS रजत बंसल बने जनसंपर्क आयुक्त, साथ ही मिली कई बड़ी जिम्मेदारियां, आदेश जारी

BREAKING : IAS रजत बंसल बने जनसंपर्क आयुक्त, साथ ही मिली कई बड़ी जिम्मेदारियां, आदेश जारी

 रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल किया गया है। जारी आदेश में वरिष्ठ अधिकारी IAS रजत बंसल को नई जिम्मेदारियां और अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।

राज्य शासन ने आईएएस रजत बंसल को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही आयुक्त, जनसंपर्क, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संवाद, संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म तथा प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार सौपता है। वहीं IAS रवि मित्तल PMO के लिए रिलीव कर दिए गए हैं। वहीं IAS रवि मित्तल PMO के लिए रिलीव कर दिए गए हैं।

खल्लारी रोप-वे दुर्घटना-मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

खल्लारी रोप-वे दुर्घटना-मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

00 बच्चों के विषय में होना होगा अधिक संवेदनशील- डॉ संजीव शुक्ला
00 बाल संरक्षण पर राज्यस्तरीय कार्यशाला विभिन्न अधिकारी शामिल

रायपुर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने कीमती हैं, हम कमज़ोर क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे सीएनसीपी बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा एनसीपीसीआर के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए विधि एवं बल विभाग की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई।किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया। 

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, एसजेपीयू हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के एसजेपीयू, डीईओ, डीसीपीओ एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

खल्लारी रोप-वे दुर्घटना-मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

खल्लारी रोप-वे दुर्घटना-मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

 रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हाल ही में हुई रोप-वे दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों को 5 लाख रुपए एवं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके। मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दु:ख की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।  

Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक की मौत, बच्ची समेत दो की हालत गंभीर

Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक की मौत, बच्ची समेत दो की हालत गंभीर

बालोद । बालोद जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक 13 साल की बच्ची और उसका नाना गंभीर रूप से घायल हो गए, यह हादसा बालोद थाना क्षेत्र के टेकापार गांव के पास हुआ जहां तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया,

इस दुर्घटना में टेकापार निवासी कृष्णा की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं बच्ची और उसके नाना को गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालत नाजुक होने के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है, हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है।

 

अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक एवं छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला एवं तरुण सभा का शपथग्रहण संपन्न

अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक एवं छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला एवं तरुण सभा का शपथग्रहण संपन्न

 रायपुर :- अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक एवं छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला एवं तरुण सभा का शपथग्रहण समारोह रविवार 22 मार्च, 2026 झूलेलाल मंगलम भवन, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में संपन्न हुआ | 

 
कार्यक्रम के प्रथम चरण में सर्वप्रथम महर्षि कश्यप ऋषि मुनि जी का पूजन एवं स्वागत गीत बिलासपुर महिला समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया | कार्यक्रम केसरवानी वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एस एन केसरी जी का स्वागत प्रदेश अध्यक्ष  नीलेश गुप्ता एवं प्रदेश महामंत्री  राजेश गुप्ता द्वारा किया उसके पश्चात राष्ट्रीय महामंत्री श्री संजय केसरी सहित महासभा के सभी प्रदेशों से उपस्थित सभी गणमान्य पदाधिकारियों एवं प्रमुख सदस्यों का स्वागत छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा, प्रदेश महिला सभा एवं प्रदेश तरुण सभा के पदाधिकारियों के द्वारा साल एवं स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए किया गया | 
 
छत्तीसगढ़ केशरवानी वैश्य सभा सूचना प्रसारण मंत्री  ऋषि गुप्ता ने बताया कि अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की द्वितीय बैठक के शुरुआत में वैश्य सभा के संविधान शंसोधन पर परिचर्चा हुई और सभी सदस्यों की सर्वसमति से पारित किया गया एवं राष्ट्रीय महामंत्री संजय केसरी द्वारा महासभा में प्रस्तुत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय पदाधिकारियों द्वारा परिचर्चा किया गया | महासभा की बैठक में पदाधिकारियों के लिए प्रश्नकाल सत्र आयोजित किया गया |
 
कार्यक्रम के दूसरे चरण में शपथग्रहण समारोह में तीनों सभाओं के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा के प्रदेश अध्यक्ष  नीलेश गुप्ता एवं प्रदेश महामंत्री राजेश गुप्ता द्वारा, प्रदेश महिला सभा के महिला समिति के प्रदेश अध्यक्ष  रेखा केशरवानी एवं महामंत्री  भावना केसरी द्वारा एवं प्रदेश तरुण सभा के प्रदेश अध्यक्ष मधुकर गुप्ता एवं महामंत्री श्री चंद्रधर केसरी द्वारा शपथ दिलाई |
 
कार्यक्रम में मंच संचालन प्रदेश केशरवानी सभा के मुख्य सलाहकार  धीरेन्द्र केशरवानी एवं प्रदेश महामंत्री  राजेश गुप्ता द्वारा किया गया | 
 
छत्तीसगढ़ राज्य केसरवानी वैश्य सभा के तीनों सभाओं के रजत जयंती के अवसर पर केक काटकर मनाया गया एवं प्रदेश महिला सभा के पिछले कार्यकाल में सम्पन्न हुये कार्यक्रम का पुरस्कार वितरण किया गया | 
 
अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा के 200 से ज्यादा राष्ट्रीय संरक्षकगण, पदाधिकारीगण एवं प्रमुख सदस्यगण तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश सभा के संरक्षक एवं पदाधिकारियों, महिला सभा के पदाधिकारियों एवं तरुण सभा के पदाधिकारियों समेत 400 से अधिक सम्मानित सदस्यगण उपस्थित थे | 
   
कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु बिलासपुर नगर समाधि के अध्यक्ष श्री हेमंत केशरवानी, सचिव श्री रघुवीर केशरवानी एवं कोषाध्यक्ष श्री बसंत केशरवानी, श्रीमती रंजीता केशरवानी अध्यक्ष महिला सभा एवं श्रीमती रिचा केसरवानी सचिव महिला सभा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई | 
 
आयोजक - छत्तीसगढ़ राज्य केशरवानी वैश्य सभा तीनों सभाओं, बिलासपुर नगर सभा के तीनों विंग एवं सह आयोजक कोरबा एवं संबद्ध नगर एवं ग्राम सभाएं | 
 
Breaking : छत्तीसगढ़ में लाल आतंक के दौर का अंत? मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव करेंगे सरेंडर

Breaking : छत्तीसगढ़ में लाल आतंक के दौर का अंत? मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव करेंगे सरेंडर

 बीजापुर-जगदलपुर: बस्तर के जंगलों में दशकों तक दहशत का पर्याय रहा मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव आज कानून के सामने घुटने टेक सकता है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि वह अपने 17 साथियों और AK-47 जैसे आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाला है। इसे बस्तर में नक्सलवाद की कमर तोड़ने वाली सबसे बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।

अंत्योदय का संकल्प : करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

अंत्योदय का संकल्प : करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के शिल्पकार भूमिहीन कृषि मजदूर अब आर्थिक सुरक्षा के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ न केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन देने का एक महायज्ञ भी ह

इस योजना के तहत इस साल 4 लाख 95 हज़ार 965 भूमिहीन हितग्राहियों के खाते में सीधे 10 हज़ार रुपये की धनराशि प्रत्येक हितग्राही के मान से अंतरित की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस सूची में 22 हजार 28 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी इस योजना के माध्यम से रिकॉर्ड सहायता प्रदान की थी। साल 2025 में कुल 5,62,112 हितग्राहियों को 10,000 रुपये के हिसाब से 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये की राशि वितरित की थी। आंकड़ों का यह निरंतर प्रवाह दर्शाता है कि राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार की धरती से जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के ‘न्याय और सुशासन’ की गूंज होगी। ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है। इस वर्ष की लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो हमारी प्राचीन औषधीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखे हुए हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि ‘अंत्योदय’ की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ उन ग्रामीण परिवारों के लिए एक वरदान है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत मजदूरी है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन….

मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन….

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति  मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक  जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे।

बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।

संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ 3 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली हमारा ध्येय है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 में बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम और यज्ञशाला निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल है। उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसी महान विभूति से हमें प्रेरणा लेकर अपने जीवन में राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाना चाहिए।

उन्होंने लोधी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और आज भी यह समाज देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे उसी परंपरा को आगे बढ़ा सकें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। होली से पूर्व अंतर की राशि का भुगतान कर किसानों को राहत पहुंचाई गई, जिससे उनके त्योहार में खुशहाली आई।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 25 किश्तों के माध्यम से 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है।

साय ने आगे कहा कि प्रदेश में आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘रामलला दर्शन योजना’ संचालित है, जिसके तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में समाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मिनी स्टेडियम के निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी अपने संबोधन में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुट होकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।इस अवसर पर विधायक श्रीमती भावना बोहरा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, श्री संतोष कौशिक,  राजेन्द्र चन्द्रवंशी, श्री कोमल जंघेल तथा लोधी समाज के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।

आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर  साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है।

इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।