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बड़ा रेल हादसा : दो रेलवे कर्मचारी की हुई मौत, लिंक एक्सप्रेस ने लिया अपनी चपेट में, ट्रैक मेंटनेंस के दौरान हुआ हादसा..!!

बड़ा रेल हादसा : दो रेलवे कर्मचारी की हुई मौत, लिंक एक्सप्रेस ने लिया अपनी चपेट में, ट्रैक मेंटनेंस के दौरान हुआ हादसा..!!

तिल्दा-नेवरा 4 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। लिंक एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से दो व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक रेलवे विभाग का नियमित कर्मचारी और दूसरा ठेके पर कार्य करने वाला युवक बताया जा रहा है। यह हादसा बैकुंठ पुलिया के ऊपर डाउन मिडिल लाइन के पास हुआ।मिली जानकारी के अनुसार, मृत रेलवे कर्मी की पहचान लाला राम बंजारे (उम्र 55 वर्ष) के रूप में हुई है, जो रेलवे विभाग में कार्यरत थे। वहीं दूसरे मृतक की पहचान मोहन लाल साहू (उम्र 26 वर्ष) के रूप में हुई है, जो एक ठेकेदारी कर्मी था और रेलवे से जुड़े कार्यों में संलग्न था।

कैसे हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों व्यक्ति रेलवे ट्रैक के पास मौजूद थे, तभी तेज रफ्तार से आ रही लिंक एक्सप्रेस ट्रेन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ट्रेन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा पुलिस मौके पर पहुंची और रेलवे अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच

तिल्दा थाना पुलिस ने दोनों मृतकों के खिलाफ पंचनामा मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी चूक शामिल थी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह एक दुर्घटना प्रतीत हो रही है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। रेलवे विभाग से संबंधित दस्तावेज और ड्यूटी रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे के समय दोनों व्यक्ति वहां किस कार्य से मौजूद थे।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे

हादसे के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही दोनों मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन अस्पताल और थाने में पहुंचकर गहरे सदमे में नजर आए।इस दर्दनाक हादसे के बाद तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ में शासकीय होमियोपैथी महाविद्यालय की स्थापना से आम जनता व छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ : डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

छत्तीसगढ़ में शासकीय होमियोपैथी महाविद्यालय की स्थापना से आम जनता व छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ : डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

 रायपुर।आज छत्तीसगढ़ शासन के यशस्वी स्वास्थ्य मंत्री, बड़े भाई आदरणीय श्याम बिहारी जायसवाल जी से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश के हित से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा की गई। इस अवसर पर आगामी बजट में छत्तीसगढ़ में शासकीय होमियोपैथी महाविद्यालय की स्थापना किए जाने हेतु विनम्र निवेदन प्रस्तुत किया गया।


डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने कहा कि शासकीय होमियोपैथी महाविद्यालय की स्थापना से प्रदेश के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ की आम जनता को भी सुलभ, सुरक्षित एवं प्रभावी होमियोपैथी उपचार की सुविधाएँ और अधिक व्यापक स्तर पर उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि आज के समय में होमियोपैथी के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है, और ऐसे में एक शासकीय संस्थान की स्थापना से न केवल चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार होगा। इससे स्थानीय छात्रों को बाहर के राज्यों में जाकर पढ़ाई करने की मजबूरी नहीं रहेगी और प्रदेश में ही प्रशिक्षित चिकित्सक तैयार हो सकेंगे।

डॉ. त्रिवेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी तथा सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेशवासियों और युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाएगी।
 
ब्रेकिंग: अतिरिक्त तहसीलदार और पटवारी घूस लेते गिरफ्तार, ACB की छापेमारी से मचा हड़कंप

ब्रेकिंग: अतिरिक्त तहसीलदार और पटवारी घूस लेते गिरफ्तार, ACB की छापेमारी से मचा हड़कंप

 जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। पामगढ़ तहसील कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष ध्रुव को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल बन गया।

धान उपार्जन केंद्र प्रभारी से मांगी गई थी रिश्वत

मिली जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर चोरभट्टी धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। बताया जा रहा है कि किसी शासकीय कार्य और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने या अनुकूल कार्रवाई के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित उपार्जन केंद्र प्रभारी ने इस पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की थी।

शिकायत मिलते ही ACB ने बिछाया जाल

शिकायत की सत्यता की प्राथमिक जांच के बाद ACB ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व नियोजित जाल बिछाया। तय योजना के तहत आज पामगढ़ तहसील कार्यालय में कार्रवाई की गई। जैसे ही अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष ध्रुव ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, ACB की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।ACB की इस  कार्रवाई से तहसील कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों में हड़कंप मच गया। कई देर तक कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

तहसील कार्यालय में चली लंबी पूछताछ

कार्रवाई के बाद ACB की टीम दोनों आरोपियों को लेकर तहसील कार्यालय में ही प्रारंभिक पूछताछ करती रही। रिश्वत की राशि जब्त कर ली गई है और आवश्यक दस्तावेजों व साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि ACB इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इस मामले में और अधिकारी या कर्मचारी तो शामिल नहीं हैं।ACB अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया जाएगा। पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा और रिमांड की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

छग राज्य सहकारी विपणन संघ के बोर्ड अधिकार शशिकांत द्विवेदी को सौंपे गए

छग राज्य सहकारी विपणन संघ के बोर्ड अधिकार शशिकांत द्विवेदी को सौंपे गए

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, रायपुर के बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग अब शशिकांत द्विवेदी करेंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा आदेश जारी कर उन्हें प्राधिकृत किया गया है।


जारी आदेश के अनुसार, छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 49(8) एवं छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी नियम 1962 के नियम 43-ख के उपनियम (3) के तहत गठित छानबीन समिति की बैठक 03 फरवरी 2026 को संपन्न हुई थी। बैठक में समिति ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, रायपुर के बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए श्री शशिकांत द्विवेदी को प्राधिकृत किए जाने की अनुशंसा की थी।

छानबीन समिति की अनुशंसा के परिप्रेक्ष्य में, अधिनियम की धारा 49(8) के तहत आगामी आदेश तक शशिकांत द्विवेदी को संघ के बोर्ड के समस्त अधिकारों के प्रयोग हेतु अधिकृत किया गया है।

यह आदेश 3 फरवरी 2026 को सक्षम प्राधिकारी के हस्ताक्षर एवं कार्यालयीन मुहर के साथ जारी किया गया।

BREAKING : सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 21 लाख का इनामी हार्ड-कोर माओवादी ने किया सरेंडर

BREAKING : सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 21 लाख का इनामी हार्ड-कोर माओवादी ने किया सरेंडर

 सुकमा।  मलकानगिरी पुलिस को नक्सल उन्मूलन अभियान में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। छत्तीसगढ़ नक्सल संगठन का एक हार्ड-कोर माओवादी आज हथियारों के साथ मलकानगिरी पुलिस अधीक्षक के समक्ष सरेंडर कर गया।

सरेंडर करने वाले माओवादी की पहचान शुक्राम मड़कम के रूप में हुई है, जो कांगेरघाटी एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य था। उसके सिर पर शासन द्वारा 21 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस के अनुसार, सरेंडर के दौरान शुक्राम मड़कम ने संगठन में उपयोग होने वाली एक मॉडर्न SLR बंदूक, 12 ज़िंदा कारतूस, दो लैंडमाइन, कोडेक्स वायर, इलेक्ट्रिक वायर, दवाइयाँ, नक्सली वर्दी तथा प्रोपेगैंडा पर्चे पुलिस को सौंपे।

बताया गया है कि शुक्राम मड़कम छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले और ओडिशा के मलकानगिरी जिले के मथली थाना क्षेत्र के दलदली और सीमावर्ती इलाकों में हुई कई हिंसक नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है।

 

 
CG - चूहा खा गए 7 करोड़ का धान, अब घोटाले में प्रशासन का बड़ा एक्शन, DMO निलंबित

CG - चूहा खा गए 7 करोड़ का धान, अब घोटाले में प्रशासन का बड़ा एक्शन, DMO निलंबित

 कवर्धा। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की मियाद दो दिनों के लिए बढ़ाई गई है. इस बीच कवर्धा में धान पर अजब गजब बयान देने वाले डीएमओ अभिषेक मिश्रा पर बड़ी कार्रवाई हुई है. उन्होंने कवर्धा में 7 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज केस में यह बयान दिया था. इस मामले में 3 फरवरी 2026 को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई प्रबंध संचालक, राज्य स्तर रायपुर द्वारा मीडिया में भ्रामक जानकारी देने के आरोप में की गई है. निलंबन के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है. आदेश की कॉपी बुधवार को जारी हुई है.

7 करोड़ रुपये के धान की गड़बड़ी से जुड़ा केस

यह पूरा मामला 7 करोड़ रुपये के धान की गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है. जब मीडिया ने धान शॉर्टेज को लेकर डीएमओ अभिषेक मिश्रा से सवाल किए, तो उन्होंने इसका कारण मौसम की मार, चूहा और दीमक द्वारा धान खाये जाने को बताया. उन्होंने यह बयान 7 जनवरी 2026 को दिया. इस बयान के बाद मामला और तूल पकड़ लिया. सोशल मीडिया से लेकर प्रदेशभर में इस बयान की तीखी आलोचना हुई. कांग्रेस और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. इसके बाद प्रबंध संचालक रायपुर द्वारा यह मानते हुए कि डीएमओ ने मीडिया में भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है, अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

CG : पति ने धारदार हथियार से की पत्नी की हत्या, फिर खुद फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या, फैली सनसनी

CG : पति ने धारदार हथियार से की पत्नी की हत्या, फिर खुद फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या, फैली सनसनी

 जगदलपुर। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के दंतेश्वरी वार्ड में मंगलवार बुधवार मध्यरात्रि लगभग 2:30 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आपसी विवाद के चलते एक बुजुर्ग पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी, इसके बाद खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है।

मृतकों की पहचान तारा सिंह और पत्नी विजय कौर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच रोज़ाना आपसी विवाद और लड़ाई होती थी। बीती रात भी दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर पति तारा सिंह ने धारदार हथियार से पत्नी पर वार किया, जिससे मौके पर ही विजय कौर की मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद पति दूसरे कमरे में गया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही बोधघाट पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

ब्रेकिंग : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी 9 बड़े फैसले

ब्रेकिंग : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी 9 बड़े फैसले

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

रायपुर। 1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है।

3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा।

4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।

5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी।

अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके।

7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है।

गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।

8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।

छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे।

कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा।

मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।

CG BREAKING : नक्सल-डेडलाइन से पहले 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं अमित शाह, लेंगे हाईलेवल मीटिंग

CG BREAKING : नक्सल-डेडलाइन से पहले 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं अमित शाह, लेंगे हाईलेवल मीटिंग

 रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे शनिवार रात रायपुर पहुंचेंगे और 8 फरवरी रविवार को राज्य में नक्सलवाद की स्थिति को लेकर एक हाईलेवल बैठक लेंगे। इसके बाद वे बस्तर रवाना होंगे, जहां पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल होने का भी कार्यक्रम है।

अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब केंद्र सरकार द्वारा तय की गई नक्सलवाद समाप्ति की 31 मार्च 2026 की समयसीमा नजदीक आ चुकी है। इस डेडलाइन का ऐलान खुद केंद्रीय गृहमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर किया था। इससे पहले वे 4 अक्टूबर 2025 को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा महोत्सव में शामिल होने बस्तर पहुंचे थे।

नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और अब डेडलाइन में करीब दो महीने का समय शेष है। ऐसे में अमित शाह का यह दौरा नक्सल विरोधी अभियानों की आगे की दिशा और रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

रायपुर में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक को 31 मार्च की समयसीमा से पहले की अंतिम सुरक्षा समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडिशा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति, चल रहे ऑपरेशनों की प्रगति और खुफिया सूचनाओं पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से बस्तर संभाग में संचालित एंटी-नक्सल अभियानों की समीक्षा बैठक का मुख्य एजेंडा रहेगा।

रायपुर : ठाकरे परिसर में भाजयुमो की महत्वपूर्ण बैठक आज

रायपुर : ठाकरे परिसर में भाजयुमो की महत्वपूर्ण बैठक आज

रायपुर । छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता युवा मोर्चा की आवश्यक बैठक आज बुधवार काे होने वाली है। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल की मौजूदगी में होगी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष किरण देव शामिल होंगे।

बैठक में भाजयुमो की आगामी कार्ययोजना पर रणनीति बनेगी। साथ ही केंद्रीय बजट को लेकर मिली जिम्मेदारी की रणनीति तय की जाएगी। प्रदेशभर के भाजयुमो के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। यह बैठक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में दोपहर 12 बजे होगी।

कैबिनेट बैठक के बाद जशपुर दौरे पर जाएंगे सीएम साय, बगिया में करेंगे रात्रि विश्राम

कैबिनेट बैठक के बाद जशपुर दौरे पर जाएंगे सीएम साय, बगिया में करेंगे रात्रि विश्राम

रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर दौरे पर जाएंगे। जहां वे सुबह 11 बजे से कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे से 2 बजे तक विभागीय बैठक लेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 3:10 बजे पुलिस लाइन हेलीपेड से अपने निज निवास जशपुर के बगिया के लिए प्रस्थान करेंगे रात्रि वहीं विश्राम करेंगे।

बता दें कि, आज सीएम साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी। नवा रायपुर के महानदी भवन (सूचना मंत्रालय) में कैबिनेट बैठक निर्धारित है। इस बैठक में जनहित के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बैठक में आगामी बजट सत्र को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

 इसके साथ ही आबकारी नीति, शिक्षा संस्थान स्थापना, आईटी स्टार्टअप्स और उद्यमिता केंद्रों पर अनुमोदन हो सकते हैं। राज्योत्सव, धान खरीदी, श्रमिक हित और अन्य नीतिगत मुद्दों पर भी मंथन संभावित है।

अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया उद्घाटन

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ राज्य व्हॉलीबॉल एसोशिएशन द्वारा 3 फरवरी से 8 फरवरी तक इसका आयोजन किया गया है। चैंपियनशिप में भारत के लिए खेल चुके कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे, सर्विसेस और इंडियन यूनिवर्सिटी सहित कई राज्यों की टीमें इसमें भागीदारी कर रही हैं। पुरुष वर्ग में 10 टीमें और महिला वर्ग में 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने फेडरेशन कप के उद्घाटन के बाद इंडोर स्टेडियम में रुककर तमिलनाडू और सर्विसेस के बीच हुए उद्घाटन मैच को पूरा देखा। वे कांटे के मुकाबले वाले इस मैच के समाप्त होने के बाद ही स्टेडियम से निकले। विधायक श्री सुनील सोनी भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सजी 16 टीमें ले रही हिस्सा

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मैं देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करता हूं। व्हॉलीबॉल हमें टीमवर्क, सहयोग और समन्वय सिखाता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इसमें प्रदेश का काफी नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा और कौशल का पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर सके, इसके लिए जरूरी अधोसंरचना और प्रशिक्षण पर हम लगातार जोर दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई वर्षों से बंद राज्य खेल अंलकरण सम्मान को हमने पुनः प्रारंभ किया है। ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ी की भागीदारी पर शासन की ओर से 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने पर एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे।  साय ने कहा कि खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की नई पहचान अब देश-दुनिया के सामने है। पिछले दो सालों से राज्य में बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पहले साल एक लाख 65 हजार और दूसरे साल करीब 4 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है।

छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के अध्यक्ष  महेश गागड़ा ने अपने स्वागत भाषण में फेडरेशन कप के आयोजन की रूपरेखा और कार्यक्रमों की जानकारी दी। रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव  विक्रम सिसोदिया, भारतीय व्हॉलीबॉल संघ के महासचिव  रामानंद चौधरी, मध्यप्रदेश व्हॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष  रूद्रप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के सचिव  हेमप्रकाश नायक, रायपुर नगर निगम के सभापति  सूर्यकांत राठौर, राहुल कौशिक और  विनोद नायर सहित विभिन्न व्हॉलीबॉल संघों के पदाधिकारी, सदस्यगण, खिलाड़ी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फेडरेशन कप के उद्घाटन के दौरान मौजूद थे।

इन राज्यों की टीम ले रही हिस्सा

रायपुर में हो रहे 37वें फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप में पुरूष वर्ग में रेलवे, सर्विसेस, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, तमिलनाडू, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। वहीं महिला वर्ग में रेलवे, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें से कई टीमों में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं।

धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था….

धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था….

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।

किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महतारी वंदन से आर्थिक रूप से सशक्त हुई महिलाएं: सहायता राशि से सिलाई मशीन खरीद भगवती रात्रे बनी आत्मनिर्भर…

महतारी वंदन से आर्थिक रूप से सशक्त हुई महिलाएं: सहायता राशि से सिलाई मशीन खरीद भगवती रात्रे बनी आत्मनिर्भर…

 रायपुर: महतारी वंदन योजना राज्य की महिलाओं के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया उजाला लेकर आई है। इस योजना की सफलता का प्रेरणादायी उदाहरण सारंगढ़ जिला के बरमकेला विकासखंड के ग्राम पंचायत संडा की निवासी श्रीमती भगवती रात्रे हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी साहस, सूझबूझ और मेहनत से अपने परिवार को संभालने का संकल्प लिया।

श्रीमती भगवती रात्रे के परिवार में वे स्वयं, उनके पति और तीन वर्ष की छोटी बेटी हैं। विवाह के बाद पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें ससुराल से अलग रहना पड़ा। परिवार की संपूर्ण जिम्मेदारी उनके पति पर थी, जो मजदूरी कर किसी तरह घर का खर्च चलाते थे। दुर्भाग्यवश एक गंभीर दुर्घटना में उनके पति काम करने में असमर्थ हो गए। इसके बाद इलाज, घर के दैनिक खर्च और मासूम बच्ची की जरूरतों ने परिवार को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया।
ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में महतारी वंदन योजना श्रीमती भगवती रात्रे के जीवन में संबल बनकर सामने आई। योजना के तहत मिलने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि को उन्होंने केवल खर्च तक सीमित न रखते हुए नियमित बचत की शुरुआत की। इसी बचत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने 6 हजार रुपये की सिलाई मशीन खरीदी और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया।

आज श्रीमती भगवती रात्रे सिलाई कार्य के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 5 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे अपने परिवार का भरण-पोषण, पति के इलाज में सहयोग, बेटी की पढ़ाई तथा घर की आवश्यकताओं को सम्मानपूर्वक पूरा कर पा रही हैं।
महतारी वंदन योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास, स्वावलंबन और सामाजिक सम्मान भी प्रदान किया है। आज वे अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

श्रीमती भगवती रात्रे ने अपने जीवन में आए इस सकारात्मक परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर सम्मान के साथ जीने का अवसर दिया है।

प्राकृतिक ऊर्जा से रोशन हो रहा प्रवीण शुक्ला का घर, बिजली बिल में हो रही उल्लेखनीय आर्थिक बचत…..

प्राकृतिक ऊर्जा से रोशन हो रहा प्रवीण शुक्ला का घर, बिजली बिल में हो रही उल्लेखनीय आर्थिक बचत…..

 रायपुर: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जिसका उद्देश्य घरों में सोलर पैनल लगाकर हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देना है। इस योजना से बिजली के बिल में कमी, पर्यावरण संरक्षण, और ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा। यह योजना न केवल स्थायी ऊर्जा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह हमारे पर्यावरण को बचाने की ओर भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

राजनांदगांव के लालबाग निवासी श्री प्रवीण शुक्ला ने अपने आवास की छत पर 3 किलोवॉट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित कर प्राकृतिक ऊर्जा का उपयोग प्रारंभ किया है। श्री प्रवीण ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में सोलर पैनल लगवाया, जिसके बाद उनके बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है और उन्हें नियमित रूप से आर्थिक बचत हो रही है।

3 किलोवॉट तक सोलर पैनल में सब्सिडी

राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन के अंतर्गत निरंतर सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप सिस्टम की स्थापना आम नागरिकों के लिए सरल, सुलभ और किफायती बन गई है।

क्षमता बढ़ाने की योजना

श्री प्रवीण शुक्ला ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से प्रेरित होकर वे भविष्य में अपने 3 किलोवॉट सोलर सिस्टम को बढ़ाकर 5 किलोवॉट करने पर विचार कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी बचत में और वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

भविष्य की जरूरतों के लिए उपयोगी योजना

श्री शुक्ला ने कहा कि भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों की संभावित कमी को देखते हुए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अत्यंत उपयोगी एवं दूरदर्शी योजना है। योजना के अंतर्गत उन्हें शासन से निर्धारित सब्सिडी प्राप्त हुई है, जिससे सोलर पैनल लगवाना उनके लिए संभव हो सका।

जनसामान्य के लिए बड़ी राहत

केन्द्र एवं  राज्य शासन द्वारा प्रदान की जा रही सब्सिडी के लिए श्री प्रवीण शुक्ला नेआभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना जनसामान्य के लिए बड़ी राहत एवं मदद साबित हो रही है और इससे प्राकृतिक ऊर्जा को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल रहा है।

सोलर पैनल लगाने नागरिकों से अपील

जिले के नागरिकों से श्री शुक्ला ने अपील की कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित करें, जिससे आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिल सके और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन मिले।

समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में हों शामिल, कोई अकेला महसूस न करें : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में हों शामिल, कोई अकेला महसूस न करें : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज जिला साहू संघ बालोद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर सभी को नव दायित्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीउ। उन्होंने इस अवसर पर समाज के विद्यार्थियों के हित में छात्रावास भवन के लिए भूमिपूजन किया। साथ ही सामाजिक भवन में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की।  साव ने कहा कि समाज ने शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। इसका लाभ समाज के बच्चों को होगा।

 समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में हों शामिल, कोई अकेला महसूस न करें : श्री अरुण साव

 समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में हों शामिल, कोई अकेला महसूस न करें : श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के लिए संकल्प लेने का दिन है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के नेतृत्व में बालोद जिला साहू समाज निरंतर प्रगति करेगा। शिक्षा, कृषि, राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में कार्य करने के मामले में बालोद जिले की हमेशा एक अलग पहचान रही है, जिसे आगे और सशक्त बनाने की जिम्मेदारी अब नए पदाधिकारियों के कंधों पर है।

 समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में हों शामिल, कोई अकेला महसूस न करें : श्री अरुण साव

 साव ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक सहित सभी के लिए समाज का द्वार सदैव खुला रहना चाहिए। सामाजिक पदाधिकारियों का दायित्व है कि वे हर व्यक्ति के सुख-दुख में साथ खड़े रहें, ताकि हर सदस्य यह महसूस करे कि समाज उसके साथ है। साथ ही वर्ष में कम से कम दो बार सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे, जिससे समाज से उनका जुड़ाव मजबूत हो और वे समाज में अपने महत्व को समझ सकें।

 समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में हों शामिल, कोई अकेला महसूस न करें : श्री अरुण साव

समारोह में साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू, पूर्व मंत्रीगण  ताम्रध्वज साहू एवं रमशीला साहू, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष  टहल सिंह साहू,  विपिन साहू,  दीपक साहू,  प्रीतम साहू, प्रतिभा चौधरी,  हलधर साहू और  वीरेंद्र साहू सहित नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष  महेंद्र साहू,  मदन साहू,  बंशीलाल साहू, गणेश राम साहू, राजेश साहू,  भागवत साहू एवं सुनील साहू भी मौजूद थे।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयास रंग लाए, नवा रायपुर में खुला छत्तीसगढ़ का पहला अंतरिक्ष केंद्र

सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयास रंग लाए, नवा रायपुर में खुला छत्तीसगढ़ का पहला अंतरिक्ष केंद्र

 नई दिल्ली/ रायपुर। नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र के शुभारंभ को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह केंद्र छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों को नया आकाश देने वाला मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने इसे राज्य को भविष्य का स्पेस टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में मजबूत और दूरदर्शी कदम बताया।

 अग्रवाल ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव है। इस अंतरिक्ष केंद्र के माध्यम से राज्य के छात्र और युवा वैज्ञानिक स्पेस रिसर्च, नवाचार, सिम्युलेशन और अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर प्राप्त करेंगे, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकेंगे।

 अग्रवाल ने कहा कि आज नवा रायपुर में इस सपने का साकार होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच, विज्ञान एवं नवाचार को बढ़ावा देने वाली नीतियों और राज्य के समग्र विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है। इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया।

 बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह अंतरिक्ष केंद्र नई पीढ़ी की उड़ान की शुरुआत है, जो छत्तीसगढ़ को अंतरिक्ष विज्ञान के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा और राज्य के युवाओं के लिए अनंत संभावनाओं के द्वार खोलेगा। अब छत्तीसगढ़ के युवा भी इसरो, नासा सहित वैश्विक मंचों पर राज्य का नाम रोशन करेंगे।

अगस्त 2025 में आंध्र प्रदेश प्रवास के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का भ्रमण किया था, जहां से उन्हें छत्तीसगढ़ में भी ऐसी ही अत्याधुनिक सुविधा स्थापित करने की प्रेरणा मिली थी। इसी क्रम में 08/09/2025 को उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन जी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में रायपुर में स्पेस लैब एवं सिम्युलेटर स्थापित करने का आग्रह किया था। साथ ही लोकसभा में नियम 377 के तहत इस महत्वपूर्ण विषय को उठाकर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।

 

जिसके बाद 18 नवंबर 2025 को अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र के माध्यम से रायपुर में सिम्युलेटर सहित एक अंतरिक्ष प्रयोगशाला स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान करने की जानकारी दी थी।

 

 

CG : बीजेपी सोशल मीडिया छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यसमिति घोषित

CG : बीजेपी सोशल मीडिया छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यसमिति घोषित

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव की सहमति से भाजपा सोशल मीडिया छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी गई है। इस कार्यसमिति में संगठन को डिजिटल माध्यमों पर और अधिक सशक्त करने के उद्देश्य से विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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शराब घोटाला : सुप्रीम कोर्ट से पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को मिली जमानत

शराब घोटाला : सुप्रीम कोर्ट से पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को मिली जमानत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को बड़ी राहत मिली है। इस मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने लखमा को अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया। जमानत की शर्तों के तहत लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा, हालांकि कोर्ट में पेशी के दौरान वे छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और अपना वर्तमान पता, मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य होगा।

बता दें कि शराब घोटाला मामले में लखमा पिछले एक साल से जेल में बंद थे। उन पर 70 करोड़ के शराब घोटाला का कमीशन पहुंचने का आरोप था। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बाक्ची, जस्टिस पंचोली, इन तीनों जजों की बेंच ने ईडी और ईओडब्ल्यू दोनों में दर्ज मामलों की सुनवाई की। इसके बाद लखमा को अंतरिम जमानत दी। करीब सालभर बाद लखमा अब जेल से बाहर आएंगे।

सालभर बाद जेल से बाहर आएंगे पूर्व आबकारी मंत्री

बता दें कि ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। ED ने रिमांड पर उनसे 7 दिन पूछताछ की थी। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसके बाद से ही कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। अब जल्द ही लखमा जेल से बाहर आएंगे।

जानिए क्यों हुई थी लखमा की गिरफ्तारी

ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कवासी लखमा के इशारे पर छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

ED के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट में बताया था कि 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे। ED ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। नेता, कारोबारी और अधिकारियों ने जमकर अवैध कमाई की।

जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

ब्रेकिंग : पुलिस महकमें में तबादला, निरीक्षक समेत इन पुलिसकर्मियों के हुए तबादले, देखें आदेश….!!

ब्रेकिंग : पुलिस महकमें में तबादला, निरीक्षक समेत इन पुलिसकर्मियों के हुए तबादले, देखें आदेश….!!

 मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में एसपी रत्ना सिंह ने दो निरीक्षक व सहायक उप निरीक्षक के ट्रांसफर किये गये हैं।

देखें आदेश……

Cabinet Meeting : इस दिन होगी साय कैबिनेट की बैठक, लिए जा सकते है कई बड़े फैसलें…!

Cabinet Meeting : इस दिन होगी साय कैबिनेट की बैठक, लिए जा सकते है कई बड़े फैसलें…!

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में एक बार फिर मंत्रिपरिषद की बैठक होने जा रही है। बैठक 04 फरवरी 2026 को सुबह 11ः30 बजे होगी। मंत्रालय महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में आयोजित की गई है। कयास लगाया जा रहा है कि इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई जा सकती है। बैठक खत्म होने के बाद कैबिनेट मंत्री फैसलों की जानकारी देंगे।

मदिरा प्रेमियों को बड़ा झटका, 1 अप्रैल से महंगी होगी शराब, जितना प्रीमियम उतना ज्यादा देना होगा टैक्स

मदिरा प्रेमियों को बड़ा झटका, 1 अप्रैल से महंगी होगी शराब, जितना प्रीमियम उतना ज्यादा देना होगा टैक्स

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आबकारी नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए शराब पर नई ड्यूटी दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। ये नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रदेशभर में लागू होंगी। इसके तहत देशी और विदेशी दोनों तरह की शराब पर ड्यूटी टैक्स बढ़ाया गया है। सरकार ने पहली बार विदेशी शराब की कीमत के आधार पर अलग-अलग ड्यूटी दरें तय की हैं। यानी अब जितनी महंगी शराब होगी, उस पर उतना ही ज्यादा टैक्स देना होगा। इससे प्रीमियम और लग्ज़री शराब की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

बता दें कि, नई व्यवस्था के तहत बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों पर भी संशोधित ड्यूटी दरें लागू की जाएंगी। वहीं, सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए न्यूनतम ड्यूटी दर तय की गई है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिलेगी। एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब शराब की सप्लाई से पहले टैक्स का भुगतान अनिवार्य होगा।

इसके अलावा शराब कंपनियों द्वारा जब रेट ऑफर सेल प्राइस (RSP) जमा किए जाएंगे, उसके बाद बाजार में शराब की कीमतों में इज़ाफा हो सकता है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से राजस्व में बढ़ोतरी होगी और आबकारी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। नई ड्यूटी दरों से संबंधित अधिसूचना छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है।

निपुण भारत मिशन से छत्तीसगढ़ के जनजातीय इलाकों में ऐतिहासिक बदलाव, 18 स्थानीय भाषाओं में दी जा रही प्राथमिक शिक्षा—लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया मुद्दा

निपुण भारत मिशन से छत्तीसगढ़ के जनजातीय इलाकों में ऐतिहासिक बदलाव, 18 स्थानीय भाषाओं में दी जा रही प्राथमिक शिक्षा—लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया मुद्दा

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए निपुण भारत मिशन के अंतर्गत 18 स्थानीय भाषाओं और बोलियों में प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है। यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल को, जिन्होंने सोमवार को लोकसभा में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सहित देश के जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल से जुड़े शिक्षा सुधार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

अग्रवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत निपुण भारत मिशन की प्रगति, क्षेत्रीय एवं भाषाई असमानताओं, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल जिलों में एफएलएन परिणामों, डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता तथा 2026-27 तक सार्वभौमिक एफएलएन दक्षता प्राप्त करने की कार्यनीतियों पर केंद्र सरकार से जानकारी मांगी

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य, जहाँ जनजातीय समुदायों की बड़ी आबादी निवास करती है, वहाँ भाषा की बाधाएँ शिक्षा के मार्ग में एक बड़ी चुनौती रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, स्थानीय भाषाओं और बोलियों में प्रारंभिक शिक्षा, डिजिटल एफएलएन सामग्री, स्मार्ट क्लासरूम एवं टैबलेट जैसी सुविधाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही समान शैक्षिक अवसर सुनिश्चित कर सकता है।

छत्तीसगढ़ समेत देशभर में कक्षा स्तर पर भाषा मैपिंग, बहुभाषी शिक्षा का प्राथमिक कार्यान्वयन, शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण, सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक शिक्षण सामग्री, स्टोरी टेलिंग उत्सव, स्कूल म्यूजियम तथा मॉडल बहुभाषी स्कूलों की स्थापना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं।

सांसद बृजमोहन ने बताया कि समग्र शिक्षा के तहत छत्तीसगढ़ में जनजातीय क्षेत्रों सहित कुल 10,771 स्मार्ट कक्षाएँ स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 5,857 स्मार्ट कक्षाएँ वर्तमान में कार्यात्मक हैं। इसके साथ ही सीआईआईएल, मैसूर के सहयोग से छत्तीसगढ़ी, हल्बी और सुरगुजिहा भाषाओं में त्रिभाषी शब्दकोश एवं डिजिटल सामग्री भी विकसित की गई है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि , छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि निपुण भारत मिशन और समग्र शिक्षा जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्य के दूरस्थ और अल्पसेवित जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार संभव हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 2026-27 तक सार्वभौमिक एफएलएन दक्षता का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में भी मजबूती से प्राप्त होगा।

अग्रवाल ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मिशन केवल साक्षरता का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज को उनकी भाषा, संस्कृति और पहचान के साथ शिक्षा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह छत्तीसगढ़ के भविष्य को मजबूत नींव प्रदान करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने द स्टोरी ऑफ किंग भोरमदेव राजा भोरमदेव की कहानी पुस्तक का किया विमोचन

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने द स्टोरी ऑफ किंग भोरमदेव राजा भोरमदेव की कहानी पुस्तक का किया विमोचन

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज विधायक कार्यालय कवर्धा में द स्टोरी ऑफ किंग भोरमदेव राजा भोरमदेव की कहानी पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के रचनाकार श्री रामप्रसाद बघेल को उप मुख्यमंत्री ने बधाई तथा आगे के सफल साहित्यिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं। श्री शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है तथा इससे हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं को नयी पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह कहानी अंर्तराष्ट्रीय स्तर का है इस पुस्तक के प्रकाशन से भोरमदेव की ख्याति को अंर्तराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पुस्तक न केवल राजा भोरमदेव के जीवन और काल की महिमा को उजागर करता है, बल्कि मनुष्य, प्रकृति और चेतना के बीच संतुलन की गूढ़ दार्शनिकता को भी बखूबी प्रस्तुत करता है। उन्होंने आग्रह किया कि वे इस पुस्तक को पढ़ें और इसके संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करें।

लेखक रामप्रसाद बघेल ने बताया कि राजा भोरमदेव की कहानी की शुरुआत एक प्राचीन और रहस्यमयी युग से होती है, जब पृथ्वी पर आकाश से गिरा एक विशाल धूमकेतु ने न केवल प्राकृतिक संतुलन को बाधित किया, बल्कि अंधकार से ऊर्जा प्राप्त करने वाले ड्रैगन जैसे घातक प्राणियों का आगमन भी किया। ये प्राणी अंधकार में और अधिक शक्तिशाली होते गए तथा धीरे-धीरे संपूर्ण पृथ्वी को एक भयावह अनंत संध्या की ओर ले जाने लगे, जहाँ मानव, पशु और प्रकृति कोई भी सुरक्षित नहीं रहा। कथा का प्रमुख नायक कुरुगुरु भद्रदेव बैगा है, जो विज्ञान, अध्यात्म एवं प्रकृति के संतुलन को समझता है। विद्वानों के नेतृत्व में यह खोज की जाती है कि ड्रैगनों के माथे पर चमकता नीला चिह्न कोई सजावट नहीं, बल्कि अंधकार से ऊर्जा खींचने वाला यंत्र है, और जैसे-जैसे अंधकार बढ़ता है, वे और अधिक अजेय बनते जाते हैं।

कहानी में एक प्राचीन राजवंश के शासक राजा परसमनिधर देव तथा रानी नागमती की गहन तपस्या और दिव्य-वैज्ञानिक शक्तियों का विवरण भी मिलता है। राजा के पास पारस रत्न है, जो सूर्य की ऊर्जा से पदार्थ और जीवन को रूपांतरित करने की क्षमता रखता है, जबकि रानी नागमती के पास नागमणि यंत्र है, जो किसी भी पदार्थ को नष्ट करने अथवा विष को निष्प्रभावी बनाने की शक्ति रखता है। कहानी केवल युद्ध और संघर्ष की नहीं है, बल्कि प्रेम, नियति एवं चेतना की भी है। झील के तट पर बिना शब्दों के केवल दृष्टियों और अनुभूतियों से राजा और रानी का प्रेम जन्म लेता है। उनका विवाह दो शक्तिशाली वंशों का नहीं, बल्कि विज्ञान, प्रकृति और चेतना के मिलन का प्रतीक बनता है। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशीराम धुर्वे, श्री संतोष पटेल, जनपद उपाध्यक्ष कवर्धा श्री गणेश तिवारी, बोडला श्री नंद श्रीवास, श्री नरेंद्र मानिकपुरी, श्री मनीराम साहू, श्री अमर कुर्रे, श्री प्रवीण शर्मा, श्री श्री जसबीर सालुजा, श्री शैलेन्द्र उपाध्याय सहित जन प्रतिनिधि, क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे।