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चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर

चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर

 रायपुर, 22 अप्रैल 2026 :- छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बनाए गए चेकडैम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत उफिया में सुई थोपा नाला पर निर्मित चेकडैम इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। इस संरचना ने न केवल वर्षा जल का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया है, बल्कि क्षेत्र के भू-जल स्तर में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले जहां जल संकट के कारण किसान सीमित खेती तक ही सीमित थे, वहीं अब उन्हें वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है।

चेकडैम के निर्माण से लगभग 16 एकड़ कृषि भूमि सिंचित हो रही है, जिससे 7 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। किसान अब गेहूं, सरसों, मक्का, धान और सब्जियों जैसी बहुफसली खेती कर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। इसके साथ ही आसपास के 25 से 30 अन्य किसान भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।

मनरेगा के तहत किए गए इस निर्माण कार्य ने स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। सिंचाई सुविधा मिलने से किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और बहुफसली खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

चेकडैम के निर्माण के बाद न केवल किसानों को, बल्कि मवेशियों को भी वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। इस प्रकार जल संरक्षण आधारित यह पहल ग्रामीण विकास, कृषि समृद्धि और आजीविका सुदृढ़ीकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।

CG - ACB की बड़ी कार्रवाई, पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

CG - ACB की बड़ी कार्रवाई, पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) लगातार कार्रवाई कर रही है और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। इसी कड़ी में आज सूरजपुर जिले में ACB की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

यह है मामला

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम मरहटा निवासी रूप सिंह ने एसीबी अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके और उनकी बहन के नाम पर ग्राम सेन्धोपारा, तहसील प्रतापपुर स्थित जमीन का अधिग्रहण महामाया कोयला खदान जरही द्वारा किया गया है। इस जमीन के नामांतरण और नौकरी से संबंधित पटवारी प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में पटवारी सौरभ गोस्वामी द्वारा 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और उसने आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने का निर्णय लिया। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने 22 अप्रैल को ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी पटवारी को प्रार्थी से 25,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

 0-कवर्धा वन विकास निगम की बड़ी सफलता 

रायपुर- वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, विशेषकर महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल बन गया है। यह कम लागत वाला व्यवसाय न केवल जैविक खेती को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करके मिट्टी की उर्वरता को भी पुनस्र्थापित कर रहा है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल ने नवाचार और बेहतर प्रबंधन से एक नई सफलता की कहानी लिखी है। यहां गुडली रोपणी में वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) का उत्पादन शुरू कर न केवल अपनी जरूरतें पूरी की जा रही हैं, बल्कि अब यह मंडल आय अर्जित करने की दिशा में भी आगे बढ़ चुका है।गुडली रोपणी में बिना अतिरिक्त बजट लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर वर्मी कंपोस्ट उत्पादन शुरू किया गया। यहां 6 वर्मी टैंकों के माध्यम से केवल 3 माह में 150 क्विंटल खाद तैयार की गई। इस आधार पर सालभर में लगभग 600 क्विंटल उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल यह साबित करती है कि सही योजना और प्रबंधन से सीमित संसाधनों में भी बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। पहले कवर्धा परियोजना मंडल को अपनी नर्सरी के लिए बाहर से खाद खरीदनी पड़ती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अपनी जरूरतें पूरी करने के बाद भी यहां 500 क्विंटल से अधिक वर्मी कंपोस्ट अतिरिक्त रूप से उपलब्ध है, जिसे अन्य परियोजना मंडलों को बेचा जाएगा। इससे परिवहन और खरीद लागत में बचत होगी और निगम की आय भी बढ़ेगी।इस परियोजना का लाभ केवल विभाग तक सीमित नहीं है। खाद निर्माण कार्य में स्थानीय ग्रामीणों को जोड़ा गया है, जिससे उन्हें गांव के पास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है।

ब्रांड बनकर बाजार में उतरेगा उत्पाद

वन विकास निगम अब इस वर्मी कंपोस्ट को एक ब्रांड के रूप में बाजार में लाने की तैयारी कर रहा है। भविष्य में इसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग से न केवल आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए और अधिक रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।   कवर्धा परियोजना मंडल की यह पहल अन्य परियोजना मंडलों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। यह उदाहरण दर्शाता है कि सरकारी विभाग भी नवाचार और बेहतर प्रबंधन से आत्मनिर्भर और लाभकारी बन सकते हैं। वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की यह पहल न केवल वन विभाग की सफलता है, बल्कि यह जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन

लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन

 अब्दुल कलाम किस्म बनी उम्मीद की नई किरण  

रायपुर- लेमनग्रास की खेती कम पानी, बंजर जमीन और न्यूनतम मेहनत में बंपर मुनाफा देने वाला एक बेहतरीन विकल्प है। इसे एक बार लगाने के बाद 5-6 साल तक कटाई की जा सकती है और इसके तेल की भारी मांग के कारण यह पारंपरिक फसलों की तुलना में 3-4 गुना ज्यादा कमाई देती है। छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत कार्यरत छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड ने कम पानी वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए एक नई पहल शुरू की है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप, बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम और उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने ऐसे किसानों की चिंता जताई है, जिन्हें पानी की कमी के कारण खेती में दिक्कतों और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बोर्ड के सीईओ श्री जे.ए.सी.एस. राव ने जानकारी दी कि पानी की कमी वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए लेमनग्रास की उन्नत अब्दुल कलाम किस्म के पौधे निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को इसकी खेती का प्रशिक्षण भी मुफ्त दिया जाएगा। यह फसल कम पानी और कम लागत में अच्छी आय देने वाली कैश क्रॉप साबित हो रही है।  लेमनग्रास की अब्दुल कलाम किस्म को वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया है। इसमें सिट्रल की मात्रा 75 से 80 प्रतिशत तक होती है, जो इसे उच्च गुणवत्ता वाला बनाती है। इस किस्म का उपयोग इत्र, फ्लेवर और सुगंध उद्योग में आवश्यक तेल निकालने के लिए किया जाता है।     यह फसल कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी आसानी से उगाई जा सकती है। इसके लिए बलुई दोमट मिट्टी और अच्छी जल निकासी उपयुक्त रहती है। रोपण के समय पौधों के बीच 40म40 सेंटीमीटर की दूरी रखी जाती है।  लेमनग्रास की यह किस्म न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि जल संरक्षण और भूमि सुधार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पृथ्वी दिवस पर जागरूकता अभियान 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के अवसर पर बोर्ड द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत कम पानी वाले क्षेत्रों के किसानों को इस फसल के फायदे बताए जाएंगे और अधिक से अधिक किसानों को इससे जोडऩे का प्रयास किया जाएगा। लेमनग्रास की अब्दुल कलाम किस्म किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल बनकर उभर रही है। यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

Crime : हत्या या हादसा… महादेव घाट खारून में मिली महिला की लाश, सिर में चोट के निशान, जांच में जुटी पुलिस

Crime : हत्या या हादसा… महादेव घाट खारून में मिली महिला की लाश, सिर में चोट के निशान, जांच में जुटी पुलिस

  रायपुर। राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित खारून नदी (Raipur Crime News) से एक महिला की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि महिला का शव नदी में तैरता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची डीडी नगर थाना पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया और पंचनामा कार्रवाई शुरू की।

बता दें कि, मामले की शुरुआती जांच में महिला के सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला संदिग्ध नजर आ रहा है।फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह आत्महत्या है, हत्या है या फिर कोई हादसा। मृत महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।

घटना के बाद महादेव घाट क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जुट गई और तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। डीडी नगर थाना क्षेत्र की इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे सचिन तेंदुलकर: बच्चों के साथ खेली रस्साकशी

दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे सचिन तेंदुलकर: बच्चों के साथ खेली रस्साकशी

 दंतेवाड़ा :- नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के ग्राम छिंदनार में उस वक्त इतिहास रच गया, जब क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर अपने पूरे परिवार के साथ यहां पहुंचे। ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन को अपने बीच पाकर पूरा गांव उत्सव के माहौल में डूब गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक बस्तरिया नृत्य और भव्य रंगोली के साथ उनका स्वागत किया, जिसे देख सचिन और उनका परिवार मंत्रमुग्ध नजर आया।

सचिन तेंदुलकर का यह दौरा दंतेवाड़ा जैसे संवेदनशील क्षेत्र के लिए सकारात्मकता का संदेश है। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन द्वारा यहां खेल मैदानों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं और बच्चों को खेल की मुख्यधारा से जुड़ने का बड़ा अवसर मिलेगा। यह दौरा बस्तर की बदलती तस्वीर और शांति की ओर बढ़ते कदमों को दर्शाता है।

मैदान पर दिखा सचिन का देसी अंदाज
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही सचिन तेंदुलकर ने ग्रामीण संस्कृति का आनंद लिया। उन्होंने वहां मौजूद छोटी बच्चियों के साथ रस्साकशी (Tug of War) का खेल खेला। इसके बाद वे वॉलीबॉल के मैदान में भी उतरे और बच्चों के साथ हाथ आजमाए। अपने पसंदीदा खिलाड़ी को खेलता देख बच्चों और युवाओं का उत्साह चरम पर था।

नन्ही सुमन को मिला सचिन से सम्मान
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय बच्ची सुमन यादव को सचिन तेंदुलकर के हाथों पुरस्कार प्राप्त हुआ। भावुक होते हुए सुमन ने कहा, “यह मेरे लिए गर्व की बात है कि सचिन सर ने हमारे साथ वॉलीबॉल खेला और मुझे प्रोत्साहित किया। यह पल मैं जिंदगी भर याद रखूंगी।”

सचिन फाउंडेशन का खेल अभियान
सचिन तेंदुलकर के इस दौरे के पीछे खेलों को बढ़ावा देने का बड़ा उद्देश्य है। फाउंडेशन के कर्मचारियों ने बताया कि क्षेत्र में अब तक 25 खेल मैदानों का निर्माण पूरा हो चुका है और आने वाले समय में कई और मैदान तैयार किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउंडेशन के इस प्रोजेक्ट की वजह से ही उन्हें इतने बड़े खिलाड़ी से मिलने का सौभाग्य मिला।

मुख्य तथ्य

स्थान: ग्राम छिंदनार, जिला दंतेवाड़ा।
प्रमुख गतिविधियां: बस्तरिया नृत्य, रस्साकशी, वॉलीबॉल और रंगोली अवलोकन।
सुरक्षा: पुलिस प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम, अतिरिक्त बल तैनात।
उपलब्धि: क्षेत्र में 25 खेल मैदानों का निर्माण पूर्ण।

सचिन तेंदुलकर के इस दौरे के बाद दंतेवाड़ा और बस्तर के अन्य क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार में तेजी आने की उम्मीद है। फाउंडेशन के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जा सकते हैं, जिससे बस्तर के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर - सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

रायपुर 22 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार
होगा।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

दंतेवाड़ा के ग्राम छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने रखी खेल क्रांति की नींव

सचिन एवं मानदेशी फाउंडेशन के जरिए संवरेगा वनांचल का युवाओं के भविष्य’

स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन प्रतिबद्ध

छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- श्री तेंदुलकर

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा श्री सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।

फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।

इस मौके पर  तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा श्री तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक हो’’ के नारों से गूंज उठा।

इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर द्वारा  तेंदुलकर को स्मृति चिन्ह के रूप में टेराकोटा शिल्प एवं छिंदनार के ग्राम वासियों द्वारा लौह शिल्प की कलाकृतियां दी गई। इसके अलावा कार्यक्रम मानदेशी फाउंडेशन द्वारा विभिन्न खेल जैसे रस्साकस्सी, बालिवाल, कबड्डी, दौड़ के विजेता प्रतिभागियों को सचिन तेंदुलकर के हाथों मोमेन्टो प्रदान किया।

इस अवसर पर कलेक्टर  देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर क्षेत्र है, जहां के बच्चों में अपार प्रतिभा है। सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के माध्यम से बच्चों को खेलों के प्रति जो प्रेरणा मिल रही है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बस्तर के बच्चे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। कलेक्टर ने युवाओं पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि खेल, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सभी प्रतिभागियों को निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर  सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ  जयंत नाहटा, डीएफओ  रामकृष्ण रगंनाथा वाय, सहित जनप्रतिनिधि, सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

ज्ञानभारतम् सर्वे को मिली रफ्तार : 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश

ज्ञानभारतम् सर्वे को मिली रफ्तार : 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश

 समिति गठन, प्रशिक्षण और “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों पर जोर

रायपुर, 22 अप्रैल 2026/ मुख्य सचिव  विकासशील ने कहा कि शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए सक्रिय प्रयास करें । उन्होंने कहा कि परंपरागत समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पांडुलिपियां और ज्ञान-संपदा मिल सकती है, इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के आयोजन का सुझाव दिया गया, जिससे आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें।

मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ‘ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वेक्षण अभियान समिति के सदस्य तथा सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि यह सर्वे केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि जिलों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समिति का गठन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा सर्वेक्षण दलों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर बल दिया गया। यह अभियान पूरे देश के लिए ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सर्वेक्षण कार्य के दौरान पांडुलिपियों के स्वामित्व अधिकारों का सम्मान, बिना अनुमति स्थानांतरण न करने और सभी गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रूपरेखा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि शोधकर्ताओं के सहयोग से सुदूर अंचलों से भी पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जा सकती है, जिससे इस अभियान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

CG – गर्लफ्रेंड को खुश करने के चक्कर में युवक ने किया ऐसा काम, वजह जान पुलिस भी हो गई हैरान

CG – गर्लफ्रेंड को खुश करने के चक्कर में युवक ने किया ऐसा काम, वजह जान पुलिस भी हो गई हैरान

 रायपुर। कहते है ना प्यार में लोग कुछ भी कर सकते है। ऐसे ही मामला राजधानी रायपुर से आया है। जहां पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में एक ढोलक वादक के साथ उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने बुलेट वाहन जब्त किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी प्रोफेशनल चोर नहीं है, लेकिन अपनी प्रेमिका को इम्प्रेस करने के लिए महंगी बाइक चोरी करने का खुलासा हुआ है। बाइक चोरी की इस वारदात के खुलासे से पुलिस भी हैरान हो गई है।

दरअसल पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र के कौशल्या विहार इलाके की है, जहां सेक्टर 4 में बाइक चोरी की वारदात हुई थी। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दो ऋषि शुक्ला और रोहितेश चन्द्राकर को हिरासत में लिया। दोनों युवकों से पूछताछ की गई तो युवकों ने बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। आरोपी ऋषि शुक्ला ढोलक वादक बताया जा रहा है। वहीं रोहितेश चन्द्राकर मार्बल लाइन में काम करने की बात सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची है। पूछताछ में आरोपियों ने पहली मर्तबा चोरी करने की बात कबूल किया है। साथ ही खुलासा हुआ कि महंगी बाइक बुलेट को अपनी प्रेमिका को खुश करने के लिए चोरी की गई है। एसीपी नवनीत पाटिल ने कहा दोनों आरोपियो को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले जांच में जुटी हुई है।

यात्रियों के लिए राहत: बिलासपुर से दिल्ली शाम की डायरेक्ट उड़ान इस दिन से चालू…

यात्रियों के लिए राहत: बिलासपुर से दिल्ली शाम की डायरेक्ट उड़ान इस दिन से चालू…

 बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट से 3 मई, रविवार एक ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। एलायंस एयर द्वारा इस दिन शाम के वक्त बिलासपुर से दिल्ली के लिए सीधी शाम की विमान सेवा शुरू की जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी.

बिलासपुर से दिल्ली के बीच सीधी हवाई सेवा की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। नई सेवा के तहत विमान शाम 6:20 बजे बिलासपुर पहुंचेगा और 6:45 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। यह उड़ान रात 9:25 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

प्रारंभिक चरण में यह सेवा प्रत्येक रविवार को संचालित की जाएगी, जिसे यात्रियों की मांग के अनुसार भविष्य में सप्ताह में दो दिन तक बढ़ाने की योजना है। इस नई सुविधा से अब यात्री दिनभर के अपने कार्यों को निपटाने के बाद शाम को सीधे देश की राजधानी के लिए यात्रा कर सकेंगे।

खासतौर पर व्यावसायिक, शासकीय और निजी कार्यों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सेवा बेहद सुविधाजनक साबित होगी। इसके साथ ही, शाम के समय उड़ान संचालन से एक महत्वपूर्ण तकनीकी लाभ भी मिलेगा। दोपहर के उच्च तापमान के कारण विमानों पर लगने वाली ‘लोड पेनल्टी’ की समस्या अब नहीं रहेगी, जिससे विमान अपनी पूर्ण क्षमता के साथ उड़ान भर सकेंगे। इससे अधिक यात्रियों को सीट उपलब्ध होगी और यात्रा अनुभव बेहतर होगा।

नई हवाई सेवा न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देने में सहायक होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसर बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्र की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।

मंत्री राजवाड़े के प्रयासों से दर्जनों टोलों के विद्युतीकरण को मिली मंजूरी

मंत्री राजवाड़े के प्रयासों से दर्जनों टोलों के विद्युतीकरण को मिली मंजूरी

 रायपुर। महिला-बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से आजादी के बाद पहली बार सूरजपुर जिले के वनांचल क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल साकार हुई है। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों और आश्रित टोलों के विद्युतीकरण के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा तकनीकी स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं।

दर्जनों गांवों में पहुंचेगी बिजली, बदलेगा जीवन स्तर

मंत्री राजवाड़े की पहल पर कोल्हुआ: पुराना स्कूलपारा, खासपारा, जमतीपारा और बोकराटोला-2 के विद्युतीकरण को मंजूरी दी गई।
महुली: हरिजनपारा, खासपारा-1 व 2, पांडोपारा, पोखरापारा, स्कूलपारा, पहेतापारा और पहाड़पारा में बिजली विस्तार का कार्य होगा।

करोटी: खासपारा, इमलीडीह, पोड़ीडोल, पोरतेपारा, परसापारा और गुलरडांडपारा जैसे क्षेत्रों में रोशनी पहुँचेगी।
चोंगा: मधवानीपारा, आमपारा, खासपारा और श्यामपारा के निवासियों को बिजली की सुविधा मिलेगी।

इसके साथ ही कछवारी (पांडोपारा, स्कूलपारा), खैरा (रेडियापारा-1 व 2), नवडीहा (मेन रोड) और कछिया (नवडीहा चौक) में भी विद्युतीकरण का कार्य किया जाएगा। इन क्षेत्रों में आजादी के बाद पहली बार नियमित विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे व्यापक स्तर पर ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सूरजपुर के कार्यपालन अभियंता को सौंपी गई है।

वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की यह लंबे समय से प्रमुख मांग रही है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस विषय को प्राथमिकता में रखते हुए लगातार विभागीय स्तर पर समन्वय किया, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये की लागत से 28 से अधिक विद्युतीकरण को मंजूरी मिली।इस पहल से न केवल घरों में उजाला होगा, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और स्थानीय रोजगार एवं छोटे व्यवसायों को भी नई गति मिलेगी।

मंत्री राजवाड़े ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताया और उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंच रही है।

छत्तीसगढ़ में अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई, इस गांव के 52 लोग गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई, इस गांव के 52 लोग गिरफ्तार

 महासमुंद।  छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। तमोरा बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में 94 हेक्टेयर जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है, जबकि 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में 40 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं।

वन विभाग के मुताबिक, कक्ष क्रमांक 95 और 96 में अतिक्रमण कर हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही थी और जमीन को खेती योग्य बनाया जा रहा था। मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत कार्रवाई की गई है।

बताया जा रहा है कि कुल 116.596 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा किया गया था। शिकायतों के बाद वन विभाग ने राजस्व विभाग और पुलिस बल के साथ संयुक्त अभियान चलाया। बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण तोड़े गए और करीब 54 अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

CRIME : चरित्र शंका में पति बना हैवान, कुल्हाड़ी से की पत्नी की हत्या, फिर खुद थाने पहुंचा आरोपी, गिरफ्तार

CRIME : चरित्र शंका में पति बना हैवान, कुल्हाड़ी से की पत्नी की हत्या, फिर खुद थाने पहुंचा आरोपी, गिरफ्तार

 बिलासपुर।  जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रिस्दा में मंगलवार दोपहर एक सनसनीखेज हत्या की घटना सामने आई। पत्नी के चरित्र पर संदेह करने वाले पति ने कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी खुद थाने पहुंच गया और पुलिस को पूरी वारदात की जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक, ग्राम रिस्दा बस्तीपारा निवासी 65 वर्षीय जीवन नोरगे ने दोपहर करीब 2 बजे अपनी पत्नी सरस्वती नोरगे पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से सरस्वती की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे के भीतर महिला का शव मुंह के बल पड़ा मिला। उसके सिर पर गहरे घाव के निशान थे और आसपास खून बिखरा हुआ था। घटनास्थल से टूटी चूड़ियां और खून से सनी कुल्हाड़ी बरामद की गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। आरोपी जीवन नोरगे के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वयं के पक्के मकान का सपना हुआ साकार….

प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वयं के पक्के मकान का सपना हुआ साकार….

रायपुर: जीवन में हर व्यक्ति के मन में एक सपना होता है कि उनका खुद का एक आशियाना हो, जिसमें वह चैन की नींद ले सके। प्रधानमंत्री आवास योजना से आमलोगों के पक्के आवास का सपना पूरा हो रहा है, जिससे उन्हें उनके सपनों का आशियाना मिल रहा है। इसी कड़ी में मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम लालाकापा के निवासी प्रभा के पक्के मकान का सपना साकार हुआ है। उन्हें सुरक्षित और मजबूत पक्का मकान मिला है। प्रभा ने बताया कि उनके पास पहले खुद का पक्का घर नहीं था। वह एक जर्जर कच्ची झोपड़ी में रहते थे, जहां बारिश में पानी टपकता और सर्दियों में ठंड से बचना मुश्किल हो जाता था।

गांव में जब गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकारी योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई, तब प्रभा ने भी उम्मीद के साथ आवेदन किया। उनकी वास्तविक स्थिति को देखते हुए उनका चयन हो गया। कुछ समय बाद शासन की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 01 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति मिली। इस सहायता से प्रभा का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ और उन्हें एक सुरक्षित, मजबूत पक्का घर मिल गया। अब उनके पास ऐसा आशियाना है, जहां वे अपने परिवार के साथ सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जी रहे हैं। नया घर मिलने के बाद प्रभा का आत्मविश्वास और भी मजबूत हुआ है। उन्होंने इस योजना के संचालन के लिए शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आईओसीएल के मुख्य महाप्रबंधक ने की सौजन्य मुलाकात….

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आईओसीएल के मुख्य महाप्रबंधक ने की सौजन्य मुलाकात….

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम)  अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस दिन होगी मंडी बोर्ड उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा, 104 केंद्रों में 34,168 अभ्यर्थी होंगे शामिल

इस दिन होगी मंडी बोर्ड उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा, 104 केंद्रों में 34,168 अभ्यर्थी होंगे शामिल

 रायपुर - छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के अंतर्गत उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा (MBSI26) का आयोजन 26 अप्रैल 2026, रविवार को किया जाएगा।

परीक्षा रायपुर जिले के 104 परीक्षा केंद्रों में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगी। इसमें कुल 34,168 अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश प्रातः 9:30 बजे तक ही दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश पूर्णतः बंद कर दिया जाएगा।

व्यापमं द्वारा अभ्यर्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केंद्र का अवलोकन कर लें तथा परीक्षा दिवस पर निर्धारित समय से कम से कम 2 घंटे पूर्व केंद्र पर उपस्थित हों। प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की पुलिस द्वारा फ्रिस्किंग की जाएगी।

परीक्षा के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह के कपड़े पहनकर आना अनिवार्य है। काले, गहरे नीले, हरे रंग के कपड़े तथा जूते, मोजे, स्कार्फ, बेल्ट आदि पहनना प्रतिबंधित रहेगा। केवल चप्पल पहनकर आने की अनुमति होगी। कान के आभूषण भी वर्जित हैं।

परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, घड़ी, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल प्वाइंट पेन के साथ ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी।a

रायपुरवासी ध्यान दें! इन 19 मार्गों में वाहनों के आवागमन पर लगी रोक, जानिए कहीं आपका इलाका तो नहीं?

रायपुरवासी ध्यान दें! इन 19 मार्गों में वाहनों के आवागमन पर लगी रोक, जानिए कहीं आपका इलाका तो नहीं?

 रायपुर।शहर में सुगम यातायात, लोक सुरक्षा एवं आवागमन को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत रिंग रोड-01 एवं रिंग रोड-02 की सीमा से शहर की ओर आने वाले 19 प्रवेश मार्गों से शहर के भीतर मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।

यह प्रतिबंध प्रातः 05ः00 बजे से रात्रि 12ः00 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह प्रतिबंध 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ जो 30 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा।

प्रतिबंधित प्रवेश मार्गों में तेलीबांधा थाना के सामने चौक, कैनाल रोड प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, महावीर नगर चौक रिंग रोड 01, राजेंद्र नगर चौक रिंग रोड 01, पचपेड़ी नाका चौक रिंग रोड 01, संतोषीनगर चौक रिंग रोड 01, भाठागांव चौक रिंग रोड 01, कुशालपुर चौक रिंग रोड 01, रायपुरा चौक रिंग रोड 01, कचना रेलवे क्रॉसिंग, डीडी नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, अरिहंत नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, टाटीबंध चौक, हीरापुर टर्निंग रिंग रोड, गोगांव तिराहा रिंग रोड नं. 02, गोंदवारा तिराहा रिंग रोड नं. 02, पाटीदार भवन के सामने तक भनपुरी, विधानसभा रोड स्थित व्हीआईपी तिराहा एवं एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे रिंग रोड मार्ग शामिल हैं।a

छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों के लिए बड़ी खबर: इतने महीने छुट्टी पर लगी रोक, जानिए क्यों?

छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों के लिए बड़ी खबर: इतने महीने छुट्टी पर लगी रोक, जानिए क्यों?

 रायपुर।  राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए साढ़े पांच लाख से अधिक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की आकस्मिक अवकाश (CL) और अर्जित अवकाश (EL) पर तीन महीने की रोक लगा दी है। सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव अंशिका पांडे द्वारा जारी इस आदेश में साफ किया गया है कि बिना अनुमति छुट्टी लेने पर इसे सर्विस ब्रेक माना जाएगा।

जानिए क्यों लिया गया ये फैसला?

इस कठोर कदम के पीछे मुख्य कारण राज्य में जारी जनगणना कार्य और मुख्यमंत्री का राज्यव्यापी लोक सुराज अभियान में तेजी लाना है। सरकार का मानना है कि इन महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की उपलब्धता आवश्यक है।

यह आदेश राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, निगमों, मंडलों और अन्य संस्थाओं पर लागू होगा। हालांकि, आकस्मिक परिस्थितियों जैसे बीमारी या परिवार में किसी की मृत्यु होने पर विशेष अनुमति से छुट्टी दी जा सकती है।

CG Breaking : छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों के लिए बड़ी खबर: तीन माह के लिए हर तरह की छुट्टी पर रोक

शुभ मुहूर्त में खुले केदारनाथ धाम के कपाट, यात्रा पर जाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

शुभ मुहूर्त में खुले केदारनाथ धाम के कपाट, यात्रा पर जाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

 देहरादून। बाबा केदारनाथ के दर्शन का इंतजार खत्म हो गया है। शुभ मुहूर्त में केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं, जिसके बाद भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। कपाट खुलने के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ धाम पहुंचे और पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर को दिल्ली और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए करीब 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसकी सुंदरता देखते ही बन रही है।

अब बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचेंगे, लेकिन यात्रा से पहले कुछ जरूरी नियम जानना बेहद आवश्यक है। प्रशासन के अनुसार केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे, इसलिए मंदिर में प्रवेश से पहले फोन क्लॉक रूम में जमा करना होगा।

यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और बिना रजिस्ट्रेशन किसी यात्री को अनुमति नहीं मिलेगी। हर यात्री और वाहन को आधिकारिक पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in या Tourist Care Uttarakhand ऐप के जरिए पंजीकरण कराना होगा। व्हाट्सऐप नंबर +91 8394833833 पर “Yatra” लिखकर भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।

इसके अलावा केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल चेकअप भी जरूरी है, खासकर 55 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और अस्थमा, डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित यात्रियों के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य बताई गई है। प्रशासन ने सभी यात्रियों से नियमों का पालन कर सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की अपील की है।

किकिरगेटा उद्वहन सिंचाई योजना हेतु 30.68 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति….

किकिरगेटा उद्वहन सिंचाई योजना हेतु 30.68 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति….

 रायपुर: राज्य शासन द्वारा दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन अंतर्गत किकिरगेटा उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण कार्य हेतु 30.68 करोड़ (तीस करोड़ अड़सठ लाख रूपये) की द्वितीय एवं अंतिम पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के पूर्ण होने पर लगभग 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा एवं कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि कार्य स्वीकृत लागत एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना तथा ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा। निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक रखते हुए कम से कम 75 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध होने पर ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

यदि भू-अर्जन की आवश्यकता होती है, तो इसे स्वीकृत राशि की सीमा में ही किया जाएगा, अन्यथा निर्माण कार्य शासकीय भूमि पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित बजट सीमा से अधिक व्यय न हो तथा कार्य निष्पादन में मितव्ययिता बरती जाए।

निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। कार्य को अनुबंधानुसार समय-सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य होगा तथा अनावश्यक समय-वृद्धि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सुशासन तिहार-2026 : 1 मई से 10 जून तक जिले में “जन समस्या निवारण शिविरों” का होगा आयोजन….

सुशासन तिहार-2026 : 1 मई से 10 जून तक जिले में “जन समस्या निवारण शिविरों” का होगा आयोजन….

 रायपुर:  “सुशासन तिहार-2026“ अंतर्गत विकासखण्डों में निर्धारित ग्राम पंचायत में शिविर स्थल पर 01 मई 2026 से 10 जून 2026 के दौरान “जन समस्या निवारण शिविर“ का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी एवं शासकीय योजनाओं के प्रति व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित की जाएगी। हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र/प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे एवं आवेदन (मांग/शिकायत) भी आमंत्रित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा जारी आदेशानुसार सुशासन तिहार-2026 अंतर्गत “जन समस्या निवारण शिविर“ आयोजित किए जाने हेतु स्थान, तिथि एवं दिन का निर्धारण किया गया है एवं दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिविर के सफल आयोजन हेतु प्रभारी अधिकारी एवं सहायक नियुक्त किया गया है।

जिसमें 01 मई 2026 को विकासखण्ड अम्बिकापुर अंतर्गत कल्स्टर/शिविर स्थल बरकेला (सखौली आम का बगीचा) में 25 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर आयोजित होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अम्बिकापुर होंगे। इसी प्रकार 02 मई 2026 को विकासखण्ड लुण्ड्रा अंतर्गत शिविर स्थल डकई (पंचायत भवन के पास) 19 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर होंगे, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लुण्ड्रा एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लुण्ड्रा होंगे। 02 मई 2026 को विकासखण्ड बतौली अंतर्गत शिविर स्थल चिरंगा (उ.स्वा.के. बगीचा के पास) 14 ग्राम पंचायतों में शिविर होगें।

शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बतौली होंगे। 06 मई 2026 को विकासखण्ड उदयपुर अंतर्गत शिविर स्थल लक्ष्मणगढ़ (हाई स्कूल परिसर के पास) 23 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उदयपुर एवं सहायक प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत उदयपुर होंगें। 08 मई 2026 को विकासखण्ड मैनपाट अंतर्गत शिविर स्थल कमलेश्वरपुर (प्री मै.बा.छा. केम्प नं. 02) में 17 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपाट होंगे।

09 मई 2026 को विकासखण्ड बतौली अंतर्गत शिविर स्थल घोघरा (मा.शा. परिसर) में 14 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार बतौली एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बतौली होंगे। 09 मई 2026 को विकासखण्ड लुण्ड्रा अंतर्गत शिविर स्थल झेराडीह (प्रा.शा.व पंचायत भवन परिसर) में 20 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर आयोजित होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लुण्ड्रा एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लुण्ड्रा होंगे। 13 मई 2026 को विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत शिविर स्थल पोड़ी (हाई स्कूल मैदान) में 18 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार लखनपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर होंगे।

15 मई 2026 को विकास खण्ड सीतापुर अंतर्गत शिविर स्थल मूरता (पंचायत भवन के पास) 16 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एंव सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीतापुर होंगे। 16 मई 2026 को विकासखण्ड अम्बिकापुर अंतर्गत शिविर स्थल बड़ादमाली (पंचायत भवन के पास) 21 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अम्बिकापुर होंगे। विकासखण्ड मैनपाट अंतर्गत शिविर स्थल महारानीपुर (मा.शा. प्रांगण) में 16 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपाट होंगे। 20 मई 2026 को विकासखण्ड लुण्ड्रा अंतर्गत शिविर स्थल बिल्हमा (बाजार शेड के पास) 19 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लुण्ड्रा एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लुण्ड्रा होंगे। 22 मई 2026 को विकासखण्ड उदयुपर अंतर्गत शिविर स्थल मुड़गांव (मा.शा. के पास)में 14 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा। शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उदयपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत उदयपुर होंगे।

इसी प्रकार विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत शिविर स्थल पुहपुटरा (उ.मा. वि. मैदान) में 18 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर आयोजित होंगे, शिविर प्रभारी तहसीलदार लखनपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर होंगे। 23 मई 2026 को विकासखण्ड मैनपाट अंतर्गत शिविर स्थल उडुमकेला (गोठान के पास) 11 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपाट होंगे। 29 मई 2026 को विकासखण्ड बतौली अंतर्गत शिविर स्थल बिरिमकेला (मा.शा. परिसर) में 14 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन होगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार बतौली एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बतौली होंगे। विकासखण्ड सीतापुर अंतर्गत शिविर स्थल बनेया (हाई स्कूल ग्राउण्ड) में 14 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीतापुर होंगे। वहीं 30 मई 2026 को विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत शिविर स्थल बेलदगी (देव सरना मैदान) में 20 ग्राम पंचायतो हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार लखनपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर होंगे। इसी प्रकार 03 जून 2026 को विकासखण्ड सीतापुर अंतर्गत शिविर स्थल शिवनाथपुर (हाई स्कूल के पास) में 12 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीतापुर होंगे।

05 जून 2026 को विकासखण्ड अम्बिकापुर अंतर्गतशिविर स्थल हर्राटिकरा (सांडबार वन देवी मंदिर के सामने) 27 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अम्बिकापुर होंगे। इसी दिन विकासखण्ड लखनपुर अंतर्गत शिविर स्थल लटोरी (हाई स्कूल मैदान) में 18 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उदयपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनपुर होंगे। 06 जून 2026 को विकासखण्ड अम्बिकापुर अंतर्गत शिविर स्थल खलिबा (उ.मा.वि. परिसर) में 28 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर होंगे, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार अम्बिकापुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अम्बिकापुर होंगे। इसी दिन विकासखण्ड लुण्ड्रा अंतर्गत शिविर स्थल रीरी (ग्राम शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी तहसीलदार लुण्ड्रा एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद लुण्ड्रा होंगे। इसी प्रकार 10 जून 2026 को विकासखण्ड उदयपुर अंतर्गत शिविर स्थल ललाती (सेजेस विद्यालय परिसर) में 22 ग्राम पंचायतों हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा, शिविर प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उदयपुर एवं सहायक प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत उदयपुर होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक पहुंची सरकार….

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक पहुंची सरकार….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण सुकमा जिले के ग्राम पंचायत सिलगेर अंतर्गत आश्रित ग्राम बेदरे में देखने को मिला है। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में अब विकास और विश्वास की नई रोशनी फैल रही है। मुड़िया जनजाति के निवासी  बोगाम भीमा पिता  हिड़मा को शासन द्वारा वनाधिकार प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है, जो उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान की नई शुरुआत बन गया है।

सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बोगाम भीमा को 1.315 हेक्टेयर वनभूमि का वनाधिकार पट्टा मिला है। वर्षों से जिस जमीन पर वे खेती कर रहे थे, आज वह जमीन कानूनी रूप से उनकी हो गई है। अब वे निश्चिंत होकर धान की खेती कर रहे हैं और अपने परिवार का जीवन बेहतर ढंग से चला पा रहे हैं। यह पट्टा उनके लिए केवल जमीन नहीं, बल्कि उनके अधिकार और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया है।

खुशियों की यह कहानी यहीं नहीं रुकी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनकी पत्नी को पक्का मकान भी स्वीकृत हुआ है। कभी कच्ची मिट्टी के घर में बरसात और गर्मी झेलने वाला यह परिवार अब सुरक्षित और सम्मानजनक छत के नीचे जीवन जी रहा है। वर्षों पुराना सपना आज साकार हुआ है, जिससे उनके घर में खुशहाली और भरोसे का माहौल बना है।

इसके साथ ही शासन की महतारी वंदन योजना के तहत परिवार को हर माह 1000 रुपये की सहायता राशि मिल रही है, जो उनकी दैनिक जरूरतों में बड़ा सहारा बन रही है। गांव में बिजली कनेक्शन पहुंचने से जीवन में नई सुविधा और बच्चों की पढ़ाई को नई गति मिली है। उनका बेटा आज शासकीय आश्रम छात्रावास में कक्षा 7वीं में पढ़ाई कर रहा है, जहां रहने-खाने से लेकर शिक्षा और छात्रवृत्ति तक की व्यवस्था शासन द्वारा की जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाएं अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर वास्तविक बदलाव ला रही हैं। वनाधिकार पट्टा, पक्का मकान, आर्थिक सहायता, बिजली और शिक्षा जैसी सुविधाएं बोगाम भीमा के परिवार के लिए एक नए जीवन की नींव बन गई हैं। हितग्राही  बोगाम भीमा ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की मदद से उनके परिवार को सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की नई उम्मीद मिली है।

सुशासन शिविर की तैयारी निर्धारित अवधि में पूरी करें : कलेक्टर

सुशासन शिविर की तैयारी निर्धारित अवधि में पूरी करें : कलेक्टर

 00 कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ली समय सीमा की बैठक
रायपुर।
 कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार 1 मई 2026 से सुशासन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किये जाएंगे। सभी नगरीय निकाय और जनपद पंचायत के अधिकारी इस संबंध में सारी तैयारी निर्धारित अवधि में पूरी कर लें।
कलेक्टर ने कहा कि 24 अप्रैल 2026 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर दीनदयाल सभागृह में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जिला स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रमुख प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्होंने प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारियों को इस कार्यक्रम हेतु समुचित तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम में हीट वेव चलने की संभावना है, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाइयों का इंतजाम बनाए रखें। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर  कीर्तिमान सिंह राठौर एवं एडीएम  उमाशंकर बंदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्रालय में सिविल सर्विस डे मनाया गया

मंत्रालय में सिविल सर्विस डे मनाया गया

 रायपुर :- मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सिविल सर्विस दिवस मनाया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शासन द्वारा ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं को पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। शासन की अधिक से अधिक सेवाओं को लोक सेवा गांरटी सेवा के दायरे में लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन की करीब 750 सेवाओं को लोक सेवा गारंटी के तहत अधिसूचित किया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 21 अप्रैल को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सिविल सर्विस दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर देशभर के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं विभागों को पुरस्कृत किया जाता है। पूर्व मुख्य सचिव  सुयोग्य कुमार मिश्रा ने सिविल सर्विस दिवस के मौके पर प्रशासन की विविध क्षेत्रों में कार्य करने एवं महत्वता के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह भी विशेष रूप से शामिल हुए। सुशासन एवं अभिसरण विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने मुख्यमंत्री हेल्प लाईन के बारे में लोगों द्वारा विविध माध्यम से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए शिकायत दर्ज कराने एवं निराकरण के प्रबंधन एवं सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद ने ई-डिस्टिक   प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चंपावत, सामान्य प्रशासन एवं उद्योग वाणिज्य विभाग के सचिव  रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव  एस.प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के सचिव और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सभी संभागायुक्त एवं जिलों के कलेक्टर शामिल हुये।

 

विशेष लेख : बच्चों का भविष्य हमारी थाली में : पोषण, परवरिश और जीवनशैली का समग्र दृष्टिकोण

विशेष लेख : बच्चों का भविष्य हमारी थाली में : पोषण, परवरिश और जीवनशैली का समग्र दृष्टिकोण

 स्वस्थ बचपन से सशक्त छत्तीसगढ़ की ओर ठोस पहल

  •   सुश्री नमिता पाण्डेय

  (पोषण सलाहकार, यूनिसेफ़)

 सुश्री नमिता पाण्डेय

रायपुर :- आज का बचपन एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बच्चों में तेजी से बढ़ता मोटापा अब केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि हमारी बदलती जीवनशैली का स्पष्ट संकेत बन चुका है। घंटों मोबाइल और टीवी स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला समय, खेल के मैदानों से बढ़ती दूरी और जंक फूड की सहज उपलब्धता इन तीनों ने मिलकर बच्चों की स्वाभाविक सक्रियता को सीमित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप और थायरॉइड विकार जैसी बीमारियाँ कम उम्र में ही सामने आने लगी हैं। साथ ही, आत्मविश्वास में कमी, सामाजिक अलगाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियाँ भी तेजी से उभर रही हैं।
छत्तीसगढ़ में बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। पोषण, स्वास्थ्य और जन-जागरूकता से जुड़े अभियानों को गाँव-गाँव तक पहुँचाया जा रहा है, जिससे हर परिवार तक सही जानकारी और सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु पोषण को केंद्र में रखते हुए अनेक पहलें संचालित की जा रही हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि बच्चों का समग्र विकास केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि परिवार और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही संभव है। स्थानीय खाद्य परंपराओं को पुनर्जीवित करना, माताओं को पोषण के प्रति जागरूक करना और बच्चों के लिए संतुलित आहार सुनिश्चित करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

पोषण से आगे: समग्र विकास की जिम्मेदारी

पारंपरिक आहार: समाधान की मजबूत नींव
राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा 2026 इस बात को पुनः रेखांकित करता है कि स्वस्थ जीवन का रास्ता हमारी अपनी रसोई से होकर गुजरता है। रागी, बाजरा, ज्वार, कोदो-कुटकी जैसे मिलेट्स पोषण का समृद्ध स्रोत हैं। ये न केवल बच्चों के वजन को संतुलित रखने में सहायक हैं, बल्कि पाचन को बेहतर बनाते हैं और लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं। रागी की इडली, बाजरे का उपमा और कोदो की खिचड़ी जैसे व्यंजन स्वाद और स्वास्थ्य का संतुलित संगम प्रस्तुत करते हैं।

पोषण से आगे: समग्र विकास की जिम्मेदारी

पोषण से आगे: समग्र विकास की जिम्मेदारी

बच्चों का स्वास्थ्य केवल भोजन तक सीमित नहीं है। यह एक साझा जिम्मेदारी है, जिसमें परिवार, विद्यालय और समाज सभी की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। जब माता-पिता बच्चों की थाली में विविधता और संतुलन सुनिश्चित करते हैं, शिक्षक पढ़ाई के साथ खेल को भी समान महत्व देते हैं और समाज बच्चों को उनके वजन से नहीं बल्कि उनकी ऊर्जा और जिज्ञासा से आंकता है तभी स्वस्थ और आत्मविश्वासी पीढ़ी का निर्माण संभव होता है।

पोषण से आगे: समग्र विकास की जिम्मेदारी

पहले 1,000 दिन: भविष्य की नींव
वैज्ञानिक दृष्टि से गर्भधारण से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यही वह अवधि है, जब बच्चे के मस्तिष्क का सबसे तेज विकास होता है। जन्म के समय जहाँ मस्तिष्क का विकास लगभग 30 प्रतिशत होता है, वहीं पाँच वर्ष की आयु तक यह 90 प्रतिशत तक पहुँच जाता है। इस दौरान माँ का पोषण, परिवार का स्नेह और सकारात्मक वातावरण बच्चे के मानसिक और भावनात्मक विकास की मजबूत आधारशिला तैयार करते हैं।

“7 स्टार भोजन थाली”: संतुलित पोषण का सरल मॉडल

“7 स्टार भोजन थाली”: संतुलित पोषण का सरल मॉडल
“7 स्टार भोजन थाली” एक ऐसी अवधारणा है, जो संतुलित और विविध आहार के महत्व को रेखांकित करती है। इसमें विभिन्न पोषक तत्वों अतिरिक्त कैलोरी प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम, तरल पदार्थ और विटामिन की पर्याप्त मात्रा का समावेश कर माँ और बच्चे दोनों के लिए आवश्यक पोषण सुनिश्चित किया जाता है। यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण का आधार है। कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याएँ न केवल माँ को प्रभावित करती हैं, बल्कि बच्चे के जन्म के समय वजन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मस्तिष्क विकास पर भी गहरा असर डालती हैं।

आदतों में बदलाव से बनेगा बेहतर कल
पोषण पखवाड़ा हमें यह संदेश देता है कि स्वास्थ्य कोई सीमित समय का अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर विकसित होने वाली संस्कृति है। यह संस्कृति हर घर की रसोई, हर स्कूल के टिफिन और हर मोहल्ले के खेल मैदान में विकसित होती है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी प्राथमिकताओं को बदलें मोबाइल से मैदान की ओर, जंक फूड से पारंपरिक आहार की ओर और लापरवाही से जागरूकता की ओर। क्योंकि स्वस्थ बचपन ही सशक्त छत्तीसगढ़ और समृद्ध भारत की सबसे मजबूत नींव है।