नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
42 सशस्त्र नक्सली कैडरों का आत्मसमर्पण नक्सल मुक्त भारत के लिए महत्वपूर्ण - सुंदरराज पी.

42 सशस्त्र नक्सली कैडरों का आत्मसमर्पण नक्सल मुक्त भारत के लिए महत्वपूर्ण - सुंदरराज पी.

जगदलपुर। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पटलिंगम ने कहा कि प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन के 42 सशस्त्र कैडरों जिनमें पीएलजीए बटालियन कमांडर, डीकेएसजेडसी सदस्य तथा अन्य महत्वपूर्ण कैडर 10 अप्रैल को तेलंगाना में आत्मसमर्पण करना केवल संख्या की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि नक्सल मुक्त बस्तर और नक्सल मुक्त भारत के संकल्प की दृष्टि से भी अत्यंत प्रभावशाली है। उनके द्वारा हथियारों सहित आत्मसमर्पण करना इस तथ्य को रेखांकित करता है कि हिंसा और सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अब समाप्ति की ओर पहुंच चुका है। उन्होने कहा कि बस्तर में शेष बचे कुछ गिने-चुने माओवादी कैडरों को अंतिम अवसर देते हुए अपील की कि वे बदलती परिस्थितियों को समझते हुए हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटें। पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्स्थापन का मार्ग खुला है, जबकि सुरक्षाबल क्षेत्र में शांति और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध हैं।

बस्तर सहित अन्य वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर चल रहे सुरक्षा अभियानों, प्रशासनिक पहुंच के विस्तार तथा स्थानीय समुदायों की बढ़ती आकांक्षाओं ने एक ऐसा वातावरण निर्मित किया है, जिसमें उग्रवाद की विचारधारा लगातार कमजोर पड़ रही है। बड़ी संख्या में कैडरों का हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करना इसी बदलती हुई वास्तविकता का प्रतिबिंब है। इस घटनाक्रम का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है, कि संगठन की सशस्त्र संरचना, विशेषकर उसकी एक प्रमुख लड़ाकू इकाई पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के समाप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है । नेतृत्व स्तर तथा सक्रिय सशस्त्र कैडरों का इस प्रकार मुख्यधारा में लौटना सशस्त्र आंदोलन के भीतर बढ़ती निराशा और वैचारिक क्षरण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों ने लंबे समय तक हिंसा और भय का वातावरण देखा है, वहां अब शांति, विकास और स्थिरता की दिशा में परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया के 15 नए मरीज मिले, 2 बच्चों की हालत गंभीर

भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया के 15 नए मरीज मिले, 2 बच्चों की हालत गंभीर

भिलाई। भिलाई के सेक्टर-7 क्षेत्र के सड़क 37-38 के आसपास रहने वाले करीब 145 घरों के लोगों में पीलिया का संक्रमण फैलता नजर आ रहा है, जहां कई बच्चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। बच्चों के चेहरे और आंखों में पीलापन साफ दिखाई दे रहा है, जिससे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को क्षेत्र में सर्वे कर 15 नए मरीजों की पहचान की है। इनमें दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं कुछ मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी भी दी गई है, जबकि चार बच्चों का उपचार अभी जारी है।


जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने प्रभावित इलाके के 110 घरों का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों और बड़ों की जांच की गई। साथ ही तीन घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, ताकि संक्रमण के कारणों का पता लगाया जा सके। बीएसपी प्रबंधन और नगर निगम की टीम ने भी इलाके से पानी के सैंपल लिए हैं। प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि पाइपलाइन में गंदे पानी की मिलावट के कारण संक्रमण फैला हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में पुरानी और गटर में डूबी पाइपलाइन को हटाकर नई लाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया है।


संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाके में टैंकर के जरिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की है, ताकि लोगों को सुरक्षित पानी मिल सके। साथ ही लोगों से उबला हुआ पानी पीने, बाहर का खाना न खाने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की जा रही है। लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल में जांच कराने की सलाह भी दी गई है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 25 से अधिक बच्चे पीलिया से संक्रमित हो चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी आमतौर पर दूषित पानी और भोजन से फैलती है, जिसके लक्षण कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं। फिलहाल प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार निगरानी और जांच जारी है ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके।   

जिले में मानवता तार-तार: तालाब में नहाती युवती का बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल कर दी धमकी

जिले में मानवता तार-तार: तालाब में नहाती युवती का बनाया अश्लील वीडियो, ब्लैकमेल कर दी धमकी

  बिलासपुर। न्यायधानी के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरभट्ठी गांव में मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां गांव के तालाब में नहाने गई एक युवती और उसकी मां के साथ न केवल छेड़खानी की गई, बल्कि आरोपियों ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दीं। मुख्य आरोपी रज्जन खान ने नहाते समय युवती का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

जब पीड़िता और उसकी मां ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पीड़िता के घर में घुसकर गाली-गलौज की और सरेआम अपहरण करने व जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और आरोपी रज्जन खान अपने अन्य साथियों के साथ मौके से फरार हो गया है।

 कुएं में मिली लाश का खुलासा, मां से मारपीट करने पर छोटे बेटे और पिता ने मिलकर की बड़े भाई की हत्या, दोनों गिरफ्तार

कुएं में मिली लाश का खुलासा, मां से मारपीट करने पर छोटे बेटे और पिता ने मिलकर की बड़े भाई की हत्या, दोनों गिरफ्तार

 महासमुंद।  जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इसमामले में जो खुलासा हुआ है, वह रिश्तों को झकझोर देने वाला है क्योंकि यहां एक पिता और बेटे ने मिलकर अपने ही घर के सदस्य की हत्या कर दी। घटना के पीछे की वजह बनी घरेलू विवाद और शराब की लत  जिसने एक परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। 9 अप्रैल को यशवंत चन्द्राकर के मुर्गी फार्म के पास जंगल से लगे एक कुएं में प्लास्टिक बोरी में भरा युवक का शव तैरता हुआ मिला था। इस घटना से पूरेइलाके में सनसनी फैल गई थी। बता दें कि पुलिस ने शव की पहचान लाफिनखुर्द निवासी 27 वर्षीय सत्यानारायण ध्रुव के रूप में की। जांच में सामने आया कि मृतक शराब का आदी था और अक्सर नशे में अपने परिवार के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। 6 मार्च को भी इसी तरह के विवाद के दौरान, जब सत्यानारायण अपनी मां के साथ मारपीट कर रहा था, तब उसके छोटे भाई ने गुस्से में आकर पत्थर के सील से उस पर हमला कर दिया।

स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला - स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026 : मुख्यमंत्री श्रीविष्णुदेव साय

स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला - स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026 : मुख्यमंत्री श्रीविष्णुदेव साय

 रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने श्री हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है।

भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों को समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए उनसे सेवा भाव के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त करेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आम जनता तक पहुंचेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नवाचार के तहत हिंदी माध्यम की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 2 मानसिक अस्पताल सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है तथा 275 अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव आयुष मंत्रालय को भेजे जाएंगे और यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में प्रेरक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्रीश्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन

मुख्यमंत्रीश्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन

 रायपुर 10 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव के जीवन परआधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात श्री जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए श्री जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

प्रकृति में जनजातीयों की अटूट आस्था, देवी-देवताओं के वास से जल जंगल का हो रहा संरक्षण व संवर्धन : मंत्री श्री रामविचार नेताम

प्रकृति में जनजातीयों की अटूट आस्था, देवी-देवताओं के वास से जल जंगल का हो रहा संरक्षण व संवर्धन : मंत्री श्री रामविचार नेताम

 रायपुर, 10 अप्रैल 2026/ आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीयों का जल, जंगल, जमीन, नदी-नालों और पहाड़ों में अटूट आस्था है। जनजातीय समुदाय पेड़ पौधों, नदी-नालों में देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इन्ही संस्कृति और परंपराओं के कारण वनवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में पहले पायदान पर है।

मंत्री श्री नेताम ने आज नवा रायपुर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय संवाद सम्मेलन ’छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गहन मंथन हुआ है। इस मंथन में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसकी उपयोगिता नीति निर्माण और जनहित में कैसी होगी इसके लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम करेगी।

मंत्री श्री नेताम कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विभिन्न समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रही है। इस टास्क फोर्स की संवेदनशीलता और महत्व को देखते हुए इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे। नीतिगत निर्णयों के धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्यान्वयन समिति भी बनाई जाएगी, जो बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी ।

श्री नेताम ने कहा कि पेसा (पंचायत उपबंध अधिनियम) और एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, विशेष रूप से सीमाओं के निर्धारण (डिमार्केशन ऑफ बॉउंड्रिस) जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करते हुए कहा, “हम केवल इन साझा संसाधनों के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षक भी हैं, और हमारा उपभोग केवल अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति तक ही सीमित होना चाहिए”। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में जनजातीय कल्याण से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और समुदायों को उनके अधिकार दिलाना है ।

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह टास्क फोर्स विशेष रूप से पेसा और वनाधिकार अधिनियम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत में जनजातीय बोली, भाषा, समुदायिक नेतृत्व समृद्ध है। जल, जंगल, जमीन के संरक्षण व संवर्धन में इन जनजातीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति उनके ज्ञान, उनका उद्देश्य, जल जंगल से जुड़े हुए हैं। उनका रिश्ता प्रकृति से है। वे प्रकृति को मां के रूप में, देवता के रूप में पूजते हैं। उनके दैनिक क्रियाकलापों से लेकर मृत्यु तक के उत्सव प्रकृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होती है।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि इन दो दिनों तक चले अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागियों, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्राम प्रमुखों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य की 70 लाख एकड़ ’कॉमन्स’ भूमि (जंगल, चारागाह और जल निकाय) रही, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरतीआबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्ला नार जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों एवं जनजातीय समुदाय के सम्पूर्ण विकास के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। आगे भी सामुदायिक सहयोग से बेहतर दिशा में काम किया जाएगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव ने जोर दिया कि सामुदायिक सहयोग के बिना विशाल वनों और जैव विविधता की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की वन नीतियां प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि विनियामक हैं।

मनरेगा आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण जनजातीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से वंचित समुदायों को जल प्रबंधन में जोड़ने पर बल दिया। रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने रेखांकित किया कि जल संरक्षण कोई ’रॉकेट साइंस’ नहीं है, बल्कि यह सदियों के अनुभव से उपजा सामुदायिक ज्ञान है।

संवाद सम्मेलन में यह बात उभर कर आई कि कॉमन्स केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आधार हैं। इस अवसर पर श्री सोनमणि बोरा ने जनजातीय लोक गीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के दस्तावेजीकरण और कॉपीराइट संरक्षण के लिए एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना साझा की। सम्मेलन में नेल्सन मंडेला पुरस्कार विजेता श्री शेर सिंह आंचला, पद्म श्री श्री पांडी राम मंडावी, पद्मश्री श्री जगेेश्वर यादव और गौर मारिया कलाकार सुश्री लक्ष्मी सोरी, इंदु नेताम ने भी अपने अनुभव साझा किए और संसाधनों के संरक्षण की अपील की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अपर संचालक श्री संजय गौड़, टीआरटीआई की संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम की विशेष योगदान रही। यह कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग, टीआरटीआई और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी द्वारा प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स पहल के तहत संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इसमें यूएनडीपीए आईआईटी-भिलाई, बीआरएलएफ, एक्सिस बैंक फाउंडेशन और अन्य प्रमुख संस्थान सहयोगी रहे।

कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है श्रीमद्भागवत : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है श्रीमद्भागवत : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

  श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीराम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।

मानव जीवन दुर्लभ, सेवा से ही सार्थकता : मुख्यमंत्री

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

रामलला दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालुओं को लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

धार्मिक संरक्षण और गौसेवा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री हिमांशु द्विवेदी, श्री सुनील रामदास अग्रवाल सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है - छत्तीसगढ़

उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है - छत्तीसगढ़

रायपुर 11 अप्रैल 2026 /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।

श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है।

औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है।

नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है। प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।

सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है।

उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।

हनुमान जयंती पर युवक की हत्या का खुलासा, नाबालिग गिरफ्तार

हनुमान जयंती पर युवक की हत्या का खुलासा, नाबालिग गिरफ्तार

 बेमेतरा।छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के सिटी कोतवाली पुलिस ने हनुमान जयंती के दौरान हुए युवक की हत्या के मामले का खुलासा किया है। जिसमें नाबालिग को गिरफ्तार किया है। डीआईजी रामकृष्ण साहू ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 3 अप्रैल को आयोजित रैली के दौरान अमन ध्रुव 24 वर्ष पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से हमला किया था। जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जिसके बाद बेमेतरा पुलिस द्वारा जांच टीम गठित किया गया। जिसमें संदेही से पूछताछ में जुर्म कबूल किया। आरोपी को गिरफ्तार कर विधिवत कार्यवाही करते हुए किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।a

ऑनलाइन सट्टा रैकेट पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन सट्टा रैकेट पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपी गिरफ्तार

 रायपुर ।  राजधानी रायपुर में ऑनलाइन और पट्टी के जरिए संचालित हो रहे सट्टा कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गुढ़ियारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 10 अप्रैल 2026 को गोंदवारा स्थित ओवरब्रिज के नीचे दबिश देकर इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग यहां ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहे हैं, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम राजा साहू और अभय साहू बताए, जिनके मोबाइल की जांच में Cribet99.red.com जैसी ऑनलाइन बेटिंग साइट्स के जरिए सट्टा संचालित करने का खुलासा हुआ।

 

आरोपी मोबाइल नंबरों के माध्यम से कॉलिंग कर क्रिकेट मैचों के हार-जीत और सेशन पर दांव लगवा रहे थे। आगे पूछताछ में मंजीत सिंह, रोहित मोटवानी, हरीश सकलेचा और आकाश सिन्हा के नाम सामने आए, जिन्हें भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपी सट्टा पट्टी के माध्यम से भी अवैध सट्टा चला रहे थे और लोगों से कमीशन वसूलते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 9,05,238 रुपये नगद, 8 मोबाइल फोन, सट्टा पट्टी, कैलकुलेटर और पेन जब्त किया, जिसकी कुल कीमत लगभग 13 लाख रुपये आंकी गई है।

 

सभी आरोपियों के खिलाफ गुढ़ियारी थाना में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 और 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में राजा साहू (प्रेम नगर), अभय साहू (गुलाब नगर), मंजीत सिंह (गोंदवारा रोड), रोहित मोटवानी और हरीश सकलेचा (रामसागरपारा) तथा आकाश सिन्हा (परशुराम नगर) शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में अवैध सट्टा कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

CGTrainCancelled: 8 दिनों तक कई ट्रेनें रद्द, चौथी लाइन के काम से रेलवे का बड़ा फैसला

CGTrainCancelled: 8 दिनों तक कई ट्रेनें रद्द, चौथी लाइन के काम से रेलवे का बड़ा फैसला

 बिलासपुर।  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में चौथी लाइन कनेक्टिविटी और यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते रेलवे ने 11 से 18 अप्रैल 2026 तक कई यात्री ट्रेनों को रद्द करने और कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त करने का फैसला लिया है।

जानकारी के अनुसार बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन के अकलतरा स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसके कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। इस अवधि में बिलासपुर-रायगढ़, रायगढ़-बिलासपुर, रायपुर-गेवरा रोड, कोरबा-रायपुर सहित कई MEMU और पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में रद्द रहेंगी।

वहीं गोंदिया-झारसुगुड़ा और झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर ट्रेन को बिलासपुर तक ही सीमित किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से पैसेंजर के रूप में चलाने का निर्णय लिया है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले NTES या 139 के माध्यम से ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। यह बदलाव चौथी लाइन के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए किया जा रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही और बेहतर हो सकेगी।

अवैध रेत उत्खनन पर बड़ा एक्शन, 200 ट्रैक्टर रेत नदी में डलवाई, 2 हाईवा जब्त

अवैध रेत उत्खनन पर बड़ा एक्शन, 200 ट्रैक्टर रेत नदी में डलवाई, 2 हाईवा जब्त

 जांजगीर-चांपा।  जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर नियंत्रण हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल द्वारा ग्राम नवापारा में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की गई।

जिला खनि अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान स्थल पर अवैध रेत भंडारण पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया। साथ ही नदी किनारे डंप लगभग 200 ट्रैक्टर रेत को वापस नदी में डलवाया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त 02 हाईवा वाहनों को जब्त कर पुलिस लाइन में सुरक्षार्थ रखा गया है।

बाराती बनकर पहुंची पुलिस ने आठ जुआरियों को किया गरफ्तार

बाराती बनकर पहुंची पुलिस ने आठ जुआरियों को किया गरफ्तार

 सक्ती। फगुरम चौकी प्रभारी अनवर अली और साइबर सेल सक्ती की टीम ने ट्रेक्टर में बाराती बनकर कानाकोट खार नहर पर पहुंची और वहां जुआ खेल रहे 8 जुआरियों को गिरफ्तार करने में सफल रहे जबकि तीन फरार हो गए जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम कानाकोट खार नहर किनारे कुछ लोग बड़े पैमाने पर जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी डभरा सुमित गुप्ता के मार्गदर्शन में फगुरम चौकी प्रभारी अनवर अली और साइबर सेल सक्ती की संयुक्त टीम ने जुआरियों को पकडऩे के लिए बाराती का वेष धारण किया और बकायदा ट्रेक्टर में बाराती बनकर वहां पहुंचे और मौके से 8 लोगों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से 26,000 कैश, मोबाइल 7 नग (कीमत लगभग 1 लाख रुपये) और घटनास्थल पर लावारिस दो लग्जरी कारें (कीमत लगभग 30 लाख रुपये) जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक कुमार साहू (मिरचीद), शिवम साहू (नगरदा), संजय साहू (देवरहा), भेषज किशोर साहू (पोरथा), देवेन्द्र साहू (चांटीपाली), विरेन्द्र कुर्रे (लवसरा), राकेश कुमार सान्डे (झालरौन्दा), दीपक कुमार चन्द्रा (झालरौन्दा) शामिल है। पुलिस ने सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

पति ने पत्नी का किया ये हाल, फिर खुद उठाया ये खौफनाक कदम, पढ़िए दर्दनाक अंत की कहानी

पति ने पत्नी का किया ये हाल, फिर खुद उठाया ये खौफनाक कदम, पढ़िए दर्दनाक अंत की कहानी

कोंडागांव।छत्तीसगढ़ के कोंडागांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां मानसिक तनाव और बीमारी ने एक हंसतेखेलते परिवार को पलभर में उजाड़ दिया। ग्राम कोकोड़ी के गोकाड़भांटा जंगल के पास एक पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

 

 

लखपति दीदी योजना को मिली रफ़्तार: रायपुर के हाईटेक वाटर प्लांट से महिलाएं कमा रहीं हर महीने 15 हजार तक मानदेय

लखपति दीदी योजना को मिली रफ़्तार: रायपुर के हाईटेक वाटर प्लांट से महिलाएं कमा रहीं हर महीने 15 हजार तक मानदेय

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अभिनव पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार जिला प्रशासन रायपुर और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के सहयोग से ग्राम पचेड़ा में स्थापित ‘झरिया एल्कलाइन वाटर प्लांट’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता का सफल मॉडल बनकर उभरा है।

 रायपुर में जीजा ने किया साले का मर्डर, वजह जान नहीं होगा यकीन!

रायपुर में जीजा ने किया साले का मर्डर, वजह जान नहीं होगा यकीन!

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हत्या का मामला सामने आया है। यहां 150 रुपए के शराब विवाद में जीजा ने अपने ही साले की जान ले ली। ये पूरा मामला उरला थाना क्षेत्र की है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पहले ही बनाया था मर्डर का प्लान 

 टोनही प्रताड़ना का मामला; युवक ने पड़ोसी महिला पर लगाया तंत्र-मंत्र का आरोप, अब जेल में कटेगी रात

टोनही प्रताड़ना का मामला; युवक ने पड़ोसी महिला पर लगाया तंत्र-मंत्र का आरोप, अब जेल में कटेगी रात

  ​बिलासपुर। जिले के तखतपुर थाना अंतर्गत ग्राम ढनढन में अंधविश्वास और टोनही प्रताड़ना का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना के समय पीड़िता अपने घर पर अकेली थी, तभी बाहर किसी हादसे जैसी आवाज सुनकर वह बाहर निकली तो उसने अपने पड़ोसी युवक देवेंद्र बघेल को जमीन पर गिरा हुआ पाया। जांच और पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी देवेंद्र बघेल काफी समय से महिला को टोनही कहकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था, जिसके कारण क्षेत्र में पहले भी कई बार विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी थी।

 
राष्ट्रीय अंडर-20 नेशनल चैंपियनशिप 2026 छत्तीसगढ़ कुश्ती का प्रथम महाकुंभ

राष्ट्रीय अंडर-20 नेशनल चैंपियनशिप 2026 छत्तीसगढ़ कुश्ती का प्रथम महाकुंभ

  इस भव्य आयोजन में मुख्य रूप से माननीय बृज भूषण शरण सिंह जी (पूर्व सांसद, गोंडा लोकसभा क्षेत्र, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व अध्यक्ष भारतीय कुश्ती संघ) से सौजन्य मुलाकात का अवसर प्राप्त हुआ।

28 राज्यों के लगभग 1100 पहलवानों के बीच 90 मेडल एवं 1 ट्रॉफी के लिए यह रोमांचक प्रतियोगिता दिनांक 10 से 12 अप्रैल तक जयंती स्टेडियम, सिविक सेंटर, भिलाई में आयोजित हो रही है।
इस गरिमामयी अवसर पर उपस्थित
अब्दुल नासिर भाई
महामंत्री, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा, भिलाई जिला

माँ भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में प्रतिमा का किया अनावरण

माँ भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सरगुजा प्रवास के दौरान अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर माँ भारती के वीर सपूत, अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और अदम्य वीरता की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा का अमूल्य संदेश दिया।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज़ाद जी के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए ही हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नई पीढ़ी महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।इस अवसर पर कृषि मंत्री  राम विचार नेताम, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व.  भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर 9 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाएं- स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाएं- स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

 रायपुर: स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना सुनिश्चित करें। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन आज स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उन्होंने सभी प्राचार्यों से अपेक्षा की गई कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान समता, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा राज्य के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी के उल्लेख से करते हुए उनके संघर्षों एवं नागरिकों को समान अधिकार दिलाने में दिए गए योगदान को स्मरण किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना रहा। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारण, NEET एवं JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी एवं सफलता बढ़ाने की रणनीति, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार, पीटीए बैठकों की समीक्षा तथा पालक-अधिकारियों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक में सह-शैक्षणिक गतिविधियों की उपलब्धियां, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा नवाचार आधारित गतिविधियों पर भी विचार- विमर्श किया गया। बैठक में सेजस के विजन मिशन को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4.22 लाख से अधिक अध्ययनरत विद्यार्थियों, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय उपयोग, शिक्षकों की भर्ती, मॉनिटरिंग एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।

स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने शिक्षकों के मिलनसार व्यवहार, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से मधुर संबंध तथा शिक्षण में ईमानदारी पर विशेष बल दिया। प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने और प्राचार्यों द्वारा कम से कम एक कक्षा लेने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं दीप मंत्र तथा छुट्टी के समय गायत्री मंत्र एवं शांति पाठ का आयोजन किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, विद्यार्थियों को योग अभ्यास कराने एवं गार्डनिंग व हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने हेतु दो समूह अनिवार्य रूप से बनाने की बात कही।

शिक्षा मंत्री ने कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने तथा विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, संयुक्त सचिव फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक  के. कुमार, उपसंचालक  ए.एन. बंजारा, डीईओ  हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर से आए प्राचार्यगण उपस्थित रहे।

जनता से जुड़ी सभी सेवाएं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में होना चाहिए – मुख्य सचिव विकासशील

जनता से जुड़ी सभी सेवाएं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में होना चाहिए – मुख्य सचिव विकासशील

 रायपुर;- विकासशील ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि उनके विभाग के अंतर्गत ऐसी सभी सेवाएं जो सीधे जनता से जुड़ी है, उन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित की जाये तथा अधिसूचित सेवाओं को ऑनलाईन किया जाये। समय सीमा में सेवाओं का लाभ हितग्राही को दिया जाए। समय सीमा में सेवाएं यदि नहीं दी जाती हैं तो संबधित अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जायेगा और उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा।

मुख्य सचिव ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिव की बैठक लेकर विभागों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ लोक सेवा गांरटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वन समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता से जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान करना हैं। मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की ।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों के कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत और सेवाएं जो अधिनियम के अंतर्गत लायी जा सकती है, उन्हे चिन्हित कर अधिसूचित करना सुनिश्चित करें और सुशासन एवं अभिसरण विभाग को इसकी सूची उपलब्ध कराएं। बैठक में बताया गया की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवा की प्रभावी क्रियान्वन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही हैं। मुख्य सचिव ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियो को विभागीय सेवओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाने के लिए मार्ग दर्शन दिया।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।  भगत ने बताया की छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों में जाकर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का अध्ययन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के परिपेक्ष में प्रदाय की जा रहीं समानान्तर सेवाओं एवं संबंधित विभागों की सेवाओं की सांकेतिक रूप से मैपिंग की गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग की और सेवाओं को चिन्हित कर अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित करने प्रस्तावित करें।

बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खनिज विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, ऊर्जा एवं जनसंपर्क के सचिव रोहित यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस., वाणिज्यिक कर (आबकारी) सुश्री आर. शंगीता, समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, गामोउद्योग के सचिव श्यामलाल धावड़े सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण, परिवहन, वाणिज्यिक एवं उद्योग, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ यांत्रिकी, श्रम, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

सांसद बृजमोहन की चाची प्रेमलता अग्रवाल को नम आंखों से विदाई, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब—मुख्यमंत्री साय भी पहुंचे

सांसद बृजमोहन की चाची प्रेमलता अग्रवाल को नम आंखों से विदाई, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब—मुख्यमंत्री साय भी पहुंचे

 रायपुर | रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की पूजनीय चाची, स्वर्गीय प्रेमलता अग्रवाल की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए गुरुवार को पगड़ी रस्म एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन श्रद्धा एवं भावनात्मक वातावरण में किया गया।