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CGTrainCancelled: 8 दिनों तक कई ट्रेनें रद्द, चौथी लाइन के काम से रेलवे का बड़ा फैसला

CGTrainCancelled: 8 दिनों तक कई ट्रेनें रद्द, चौथी लाइन के काम से रेलवे का बड़ा फैसला

 बिलासपुर।  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में चौथी लाइन कनेक्टिविटी और यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते रेलवे ने 11 से 18 अप्रैल 2026 तक कई यात्री ट्रेनों को रद्द करने और कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त करने का फैसला लिया है।

जानकारी के अनुसार बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन के अकलतरा स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसके कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। इस अवधि में बिलासपुर-रायगढ़, रायगढ़-बिलासपुर, रायपुर-गेवरा रोड, कोरबा-रायपुर सहित कई MEMU और पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में रद्द रहेंगी।

वहीं गोंदिया-झारसुगुड़ा और झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर ट्रेन को बिलासपुर तक ही सीमित किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से पैसेंजर के रूप में चलाने का निर्णय लिया है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले NTES या 139 के माध्यम से ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। यह बदलाव चौथी लाइन के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए किया जा रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही और बेहतर हो सकेगी।

अवैध रेत उत्खनन पर बड़ा एक्शन, 200 ट्रैक्टर रेत नदी में डलवाई, 2 हाईवा जब्त

अवैध रेत उत्खनन पर बड़ा एक्शन, 200 ट्रैक्टर रेत नदी में डलवाई, 2 हाईवा जब्त

 जांजगीर-चांपा।  जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर नियंत्रण हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल द्वारा ग्राम नवापारा में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की गई।

जिला खनि अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान स्थल पर अवैध रेत भंडारण पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया। साथ ही नदी किनारे डंप लगभग 200 ट्रैक्टर रेत को वापस नदी में डलवाया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त 02 हाईवा वाहनों को जब्त कर पुलिस लाइन में सुरक्षार्थ रखा गया है।

बाराती बनकर पहुंची पुलिस ने आठ जुआरियों को किया गरफ्तार

बाराती बनकर पहुंची पुलिस ने आठ जुआरियों को किया गरफ्तार

 सक्ती। फगुरम चौकी प्रभारी अनवर अली और साइबर सेल सक्ती की टीम ने ट्रेक्टर में बाराती बनकर कानाकोट खार नहर पर पहुंची और वहां जुआ खेल रहे 8 जुआरियों को गिरफ्तार करने में सफल रहे जबकि तीन फरार हो गए जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम कानाकोट खार नहर किनारे कुछ लोग बड़े पैमाने पर जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी डभरा सुमित गुप्ता के मार्गदर्शन में फगुरम चौकी प्रभारी अनवर अली और साइबर सेल सक्ती की संयुक्त टीम ने जुआरियों को पकडऩे के लिए बाराती का वेष धारण किया और बकायदा ट्रेक्टर में बाराती बनकर वहां पहुंचे और मौके से 8 लोगों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से 26,000 कैश, मोबाइल 7 नग (कीमत लगभग 1 लाख रुपये) और घटनास्थल पर लावारिस दो लग्जरी कारें (कीमत लगभग 30 लाख रुपये) जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक कुमार साहू (मिरचीद), शिवम साहू (नगरदा), संजय साहू (देवरहा), भेषज किशोर साहू (पोरथा), देवेन्द्र साहू (चांटीपाली), विरेन्द्र कुर्रे (लवसरा), राकेश कुमार सान्डे (झालरौन्दा), दीपक कुमार चन्द्रा (झालरौन्दा) शामिल है। पुलिस ने सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

पति ने पत्नी का किया ये हाल, फिर खुद उठाया ये खौफनाक कदम, पढ़िए दर्दनाक अंत की कहानी

पति ने पत्नी का किया ये हाल, फिर खुद उठाया ये खौफनाक कदम, पढ़िए दर्दनाक अंत की कहानी

कोंडागांव।छत्तीसगढ़ के कोंडागांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां मानसिक तनाव और बीमारी ने एक हंसतेखेलते परिवार को पलभर में उजाड़ दिया। ग्राम कोकोड़ी के गोकाड़भांटा जंगल के पास एक पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

 

 

लखपति दीदी योजना को मिली रफ़्तार: रायपुर के हाईटेक वाटर प्लांट से महिलाएं कमा रहीं हर महीने 15 हजार तक मानदेय

लखपति दीदी योजना को मिली रफ़्तार: रायपुर के हाईटेक वाटर प्लांट से महिलाएं कमा रहीं हर महीने 15 हजार तक मानदेय

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अभिनव पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार जिला प्रशासन रायपुर और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के सहयोग से ग्राम पचेड़ा में स्थापित ‘झरिया एल्कलाइन वाटर प्लांट’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता का सफल मॉडल बनकर उभरा है।

 रायपुर में जीजा ने किया साले का मर्डर, वजह जान नहीं होगा यकीन!

रायपुर में जीजा ने किया साले का मर्डर, वजह जान नहीं होगा यकीन!

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हत्या का मामला सामने आया है। यहां 150 रुपए के शराब विवाद में जीजा ने अपने ही साले की जान ले ली। ये पूरा मामला उरला थाना क्षेत्र की है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पहले ही बनाया था मर्डर का प्लान 

 टोनही प्रताड़ना का मामला; युवक ने पड़ोसी महिला पर लगाया तंत्र-मंत्र का आरोप, अब जेल में कटेगी रात

टोनही प्रताड़ना का मामला; युवक ने पड़ोसी महिला पर लगाया तंत्र-मंत्र का आरोप, अब जेल में कटेगी रात

  ​बिलासपुर। जिले के तखतपुर थाना अंतर्गत ग्राम ढनढन में अंधविश्वास और टोनही प्रताड़ना का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना के समय पीड़िता अपने घर पर अकेली थी, तभी बाहर किसी हादसे जैसी आवाज सुनकर वह बाहर निकली तो उसने अपने पड़ोसी युवक देवेंद्र बघेल को जमीन पर गिरा हुआ पाया। जांच और पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी देवेंद्र बघेल काफी समय से महिला को टोनही कहकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था, जिसके कारण क्षेत्र में पहले भी कई बार विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी थी।

 
राष्ट्रीय अंडर-20 नेशनल चैंपियनशिप 2026 छत्तीसगढ़ कुश्ती का प्रथम महाकुंभ

राष्ट्रीय अंडर-20 नेशनल चैंपियनशिप 2026 छत्तीसगढ़ कुश्ती का प्रथम महाकुंभ

  इस भव्य आयोजन में मुख्य रूप से माननीय बृज भूषण शरण सिंह जी (पूर्व सांसद, गोंडा लोकसभा क्षेत्र, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व अध्यक्ष भारतीय कुश्ती संघ) से सौजन्य मुलाकात का अवसर प्राप्त हुआ।

28 राज्यों के लगभग 1100 पहलवानों के बीच 90 मेडल एवं 1 ट्रॉफी के लिए यह रोमांचक प्रतियोगिता दिनांक 10 से 12 अप्रैल तक जयंती स्टेडियम, सिविक सेंटर, भिलाई में आयोजित हो रही है।
इस गरिमामयी अवसर पर उपस्थित
अब्दुल नासिर भाई
महामंत्री, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा, भिलाई जिला

माँ भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में प्रतिमा का किया अनावरण

माँ भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सरगुजा प्रवास के दौरान अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर माँ भारती के वीर सपूत, अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और अदम्य वीरता की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा का अमूल्य संदेश दिया।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज़ाद जी के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए ही हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नई पीढ़ी महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।इस अवसर पर कृषि मंत्री  राम विचार नेताम, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व.  भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर 9 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाएं- स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाएं- स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

 रायपुर: स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना सुनिश्चित करें। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन आज स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उन्होंने सभी प्राचार्यों से अपेक्षा की गई कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान समता, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा राज्य के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी के उल्लेख से करते हुए उनके संघर्षों एवं नागरिकों को समान अधिकार दिलाने में दिए गए योगदान को स्मरण किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना रहा। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारण, NEET एवं JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी एवं सफलता बढ़ाने की रणनीति, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार, पीटीए बैठकों की समीक्षा तथा पालक-अधिकारियों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक में सह-शैक्षणिक गतिविधियों की उपलब्धियां, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा नवाचार आधारित गतिविधियों पर भी विचार- विमर्श किया गया। बैठक में सेजस के विजन मिशन को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4.22 लाख से अधिक अध्ययनरत विद्यार्थियों, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय उपयोग, शिक्षकों की भर्ती, मॉनिटरिंग एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।

स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने शिक्षकों के मिलनसार व्यवहार, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से मधुर संबंध तथा शिक्षण में ईमानदारी पर विशेष बल दिया। प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने और प्राचार्यों द्वारा कम से कम एक कक्षा लेने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं दीप मंत्र तथा छुट्टी के समय गायत्री मंत्र एवं शांति पाठ का आयोजन किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, विद्यार्थियों को योग अभ्यास कराने एवं गार्डनिंग व हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने हेतु दो समूह अनिवार्य रूप से बनाने की बात कही।

शिक्षा मंत्री ने कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने तथा विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, संयुक्त सचिव फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक  के. कुमार, उपसंचालक  ए.एन. बंजारा, डीईओ  हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर से आए प्राचार्यगण उपस्थित रहे।

जनता से जुड़ी सभी सेवाएं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में होना चाहिए – मुख्य सचिव विकासशील

जनता से जुड़ी सभी सेवाएं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में होना चाहिए – मुख्य सचिव विकासशील

 रायपुर;- विकासशील ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि उनके विभाग के अंतर्गत ऐसी सभी सेवाएं जो सीधे जनता से जुड़ी है, उन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित की जाये तथा अधिसूचित सेवाओं को ऑनलाईन किया जाये। समय सीमा में सेवाओं का लाभ हितग्राही को दिया जाए। समय सीमा में सेवाएं यदि नहीं दी जाती हैं तो संबधित अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जायेगा और उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा।

मुख्य सचिव ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिव की बैठक लेकर विभागों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ लोक सेवा गांरटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वन समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता से जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान करना हैं। मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की ।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों के कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत और सेवाएं जो अधिनियम के अंतर्गत लायी जा सकती है, उन्हे चिन्हित कर अधिसूचित करना सुनिश्चित करें और सुशासन एवं अभिसरण विभाग को इसकी सूची उपलब्ध कराएं। बैठक में बताया गया की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवा की प्रभावी क्रियान्वन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही हैं। मुख्य सचिव ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियो को विभागीय सेवओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाने के लिए मार्ग दर्शन दिया।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।  भगत ने बताया की छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों में जाकर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का अध्ययन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के परिपेक्ष में प्रदाय की जा रहीं समानान्तर सेवाओं एवं संबंधित विभागों की सेवाओं की सांकेतिक रूप से मैपिंग की गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग की और सेवाओं को चिन्हित कर अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित करने प्रस्तावित करें।

बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खनिज विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, ऊर्जा एवं जनसंपर्क के सचिव रोहित यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस., वाणिज्यिक कर (आबकारी) सुश्री आर. शंगीता, समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, गामोउद्योग के सचिव श्यामलाल धावड़े सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण, परिवहन, वाणिज्यिक एवं उद्योग, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ यांत्रिकी, श्रम, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

सांसद बृजमोहन की चाची प्रेमलता अग्रवाल को नम आंखों से विदाई, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब—मुख्यमंत्री साय भी पहुंचे

सांसद बृजमोहन की चाची प्रेमलता अग्रवाल को नम आंखों से विदाई, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब—मुख्यमंत्री साय भी पहुंचे

 रायपुर | रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की पूजनीय चाची, स्वर्गीय प्रेमलता अग्रवाल की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए गुरुवार को पगड़ी रस्म एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन श्रद्धा एवं भावनात्मक वातावरण में किया गया।

 
छत्तीसगढ़ में यहां पकड़ाया करोड़ों का गांजा, ट्रक के अंदर का नजारा देख उड़े पुलिस के होश, 5 गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में यहां पकड़ाया करोड़ों का गांजा, ट्रक के अंदर का नजारा देख उड़े पुलिस के होश, 5 गिरफ्तार

 महासमुंद।  छत्तीसगढ़ में अवैध नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है, इसी बीच महासमुंद पुलिस ने सिंघोड़ा क्षेत्र में एक ट्रक से 312 किलो से ज्यादा गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 56 लाख रुपये बताई जा रही है।

इस मामले में पुलिस ने कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से दो तस्करों को पकड़ा गया, जबकि पूछताछ के बाद ओडिशा के बरहमपुर से तीन अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा गया।

भीषण सड़क हादसा: बारातियों से भरी इको वैन पेड़ से टकराई, मची चीख पुकार

भीषण सड़क हादसा: बारातियों से भरी इको वैन पेड़ से टकराई, मची चीख पुकार

 रायगढ़;- जिले में गुरुवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें बारात से लौट रहे लोगों से भरी इको वैन अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। इस दुर्घटना में कुल 8 बाराती घायल हो गए, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज रायगढ़ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है।

यह हादसा चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के ग्राम संबलपुरी में हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारात शक्ति जिले के चंद्रपुर से ओडिशा के विश्वनाथपुर गई थी। शादी समारोह के बाद जब बाराती वापस लौट रहे थे, उसी दौरान तड़के चालक को नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया।

मनरेगा क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल, अब QR कोड से मिलेगी कार्यों की जानकारी

मनरेगा क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल, अब QR कोड से मिलेगी कार्यों की जानकारी

 रायपुर :-  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश के अग्रणी राज्यों में Chhattisgarh 2026)

97% सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण
1 अप्रैल 2026 की स्थिति में राज्य ने 97 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण कर लिया है, जिससे भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई है। जिसके तहत प्रदेश के 58.16 लाख श्रमिकों का ई-केवायसी तथा 11.32 लाख निर्मित परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हुई है।

राज्य के सिंचाई जलाशयों में अभी 67 प्रतिशत से अधिक जल भराव

राज्य के सिंचाई जलाशयों में अभी 67 प्रतिशत से अधिक जल भराव

 00 पिछले दो सालों की तुलना में जल उपलब्धता की स्थिति काफी बेहतर

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 12 वृहद एवं 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में इस वर्ष जल भराव की स्थिति काफी बेहतर है। वर्तमान में राज्य के कुल 46 प्रमुख सिंचाई जलाशयों में औसत रूप से 67.43 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 मेें इसी अवधि में औसत रूप से 45.23 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 के 42 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। यह स्थिति राज्य में बेहतर वर्षा, सुनियोजित जल प्रबंधन तथा जलाशयों के प्रभावी संचालन का परिणाम है।

राज्य के 12 वृहद सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 68.19 प्रतिशत जल भराव है, जबकि वर्ष 2025 में यह 45.84 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 में 38.62 प्रतिशत था। प्रमुख वृहद जलाशयों में शामिल मनियारी जलाशय में 90.41 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली में 86.85 प्रतिशत, खारंग में 84.99 प्रतिशत, दुधावा में 84.54 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 76.72 प्रतिशत, सोंढूर में 70.65 प्रतिशत एवं तांदुला में 66.19 प्रतिशत में जल उपलब्ध है। वहीं मिनीमाता बांगो जलाशय में 63.86 प्रतिशत तथा केलो में अभी 51.83 प्रतिशत जल भराव है। कोडार जलाशय में अपेक्षाकृत कम 35.45 प्रतिशत जल उपलब्ध है।

इसी प्रकार राज्य की 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 63.38 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 के 44.62 प्रतिशत एवं वर्ष 2024 के 45.38 प्रतिशत से अधिक है। मध्यम जलाशयों में छिरपानी जलाशय मेें 92.23 प्रतिशत, खपरी में 92.98 प्रतिशत, पिपरिया नाला में 89.69 प्रतिशत, गोंडली में 85.53 प्रतिशत, सुतियापाट में 79.82 प्रतिशत, सारोदा में 77.57 प्रतिशत एवं कोसारटेडा में 77.46 प्रतिशत जल भराव अपने उच्च स्तर पर हैं।

प्रदेश में उपलब्ध जल का उपयोग किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से नियंत्रित एवं चरणबद्ध रूप से जल छोड़ा जा रहा है। रविशंकर सागर (गंगरेल) परियोजना से नहरों के माध्यम से धमतरी एवं रायपुर क्षेत्रों में निस्तारी एवं सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा रहा है। दुधावा जलाशय से मुख्य नहरों के जरिए पानी दिया जा रहा है। सोंढूर परियोजना से नहर प्रणाली के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है। कोडार जलाशय से लगभग 6.84 क्यूमेक्स (घन मीटर प्रति सेकण्ड) जल नहरों के माध्यम से छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त परालकोट परियोजना से दाएं एवं बाएं तट नहरों के जरिए जल वितरण किया जा रहा है।

मध्यम परियोजनाओं में भी खरखरा, गोंडली, पिपरिया, सारोदा, जुमका, केदार नाला एवं अन्य जलाशयों से आवश्यकता अनुसार नहरों एवं स्लुइस गेट के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है, जिससे रबी फसलों की अंतिम सिंचाई एवं ग्रीष्मकालीन फसलों एवं निस्तारी के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल का सदुपयोग तथा सभी सिंचित क्षेत्रों को आवश्यकतानुसार पानी मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जलाशयों में बेहतर जल भराव समन्वित प्रयासों का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों की आय में सुधार हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जलाशयों के जल स्तर की सतत निगरानी करते हुए जल का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मनरेगा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, मनरेगा क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

मनरेगा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, मनरेगा क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

 00 ई-केवायसी, जियो-टैगिंग और क्यूआर कोड से पारदर्शिता को मिली नई गति

रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने विभिन्न प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

97 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण
1 अप्रैल 2026 की स्थिति में राज्य ने 97 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण कर लिया है, जिससे भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई है। जिसके तहत प्रदेश के 58.16 लाख श्रमिकों का ई-केवायसी तथा 11.32 लाख निर्मित परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हुई है।

 

11,668 ग्राम पंचायतों में जीआईएस आधारित योजना
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से 11,668 ग्राम पंचायतों में 2,86,975 कार्यों की जीआईएस आधारित कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप वैज्ञानिक योजना निर्माण सुनिश्चित हुआ है। इसके साथ ही मनरेगा कार्यस्थलों पर फेस ऑथेंटिकेशन आधारित एनएमएमएस प्रणाली के उपयोग से उपस्थिति की निगरानी अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है।

 

क्यूआर कोड से आमजन को सीधी जानकारी
ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से नागरिक, कार्यों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एक सितंबर से अब तक लगभग 5 लाख से अधिक स्कैन दर्ज किए गए हैं। जिससे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।
हर माह 7 तारीख को समाधान का मंच
प्रदेश में प्रत्येक माह की 7 तारीख को चावल उत्सव के साथ रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया जा रहा है, जहां हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण एवं योजनाओं की जमीनी समीक्षा की जाती है।..

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के लुंड्रा में 280 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के लुंड्रा में 280 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

  रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ने सरगुजा जिले के लुंड्रा  में   280 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्नदाता किसानों और स्थानीय जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं न केवल बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई गति भी देंगी। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर को सरगुजा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्षों बाद लुंड्रा की धरती पर इतनी बड़ी विकासात्मक पहल एक साथ देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि कुल 281 करोड़ रुपये के कार्यों में 28 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 253 करोड़ रुपये के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से सरगुजा को अंबिकापुर से दिल्ली एवं कोलकाता तक हवाई सेवाओं की सुविधा भी प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र का संपर्क और विकास दोनों तेज होंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णत: संवेदनशील है और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसान उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी समयबद्ध रूप से सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और त्यौहारों में उनकी खुशहाली स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक पहलें की गई हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना प्रमुख हैं। राज्य सरकार भी इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है, जिससे खेती को लाभकारी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी थी, जिनमें से 8 लाख से अधिक आवास अब पूर्ण होकर हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हजारों परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र ने दशकों तक हिंसा का दंश झेला, लेकिन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहस के कारण अब प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष आवास भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे उन्हें मुख्यधारा में जोडऩे में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान बढ़ा है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना की पुन: शुरुआत और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कर सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं तथा 375 नई एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख करते हुए आमजन से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है, ताकि हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के समग्र उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लुंड्रा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें आधुनिक स्टेडियम निर्माण, सन्ना-जशपुर-धंवरपुर-सरगुजा से होते हुए बनारस तक सड़क निर्माण, ब्लॉक मुख्यालय में नवीन विश्राम भवन तथा कृषि उप मंडी की स्थापना शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्माण कार्यों से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में सांसद श्री चिंतामणि महाराज, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और इसे जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक

15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक

 रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 15 अप्रैल 2026 को पूर्वान्ह 11:30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में होगी।

सोनपुरी डायवर्सन के कार्यों के लिए 4.04 करोड़ स्वीकृत

सोनपुरी डायवर्सन के कार्यों के लिए 4.04 करोड़ स्वीकृत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के विकासखण्ड-खैरागढ़ की सोनपुरी डायवर्सन के शीर्ष कार्य एवं नहरों के रिमाडलिंग एवं सी.सी. लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 04 लाख 17 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 115 हेक्टेयर क्षेत्र के विरूद्ध 59 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा बचत जल से 50 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई सहित कुल 165 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

 

रायपुर-उरकुरा-मांढर रेलखंड हुआ ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली से लैस

रायपुर-उरकुरा-मांढर रेलखंड हुआ ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली से लैस

 रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने हेतु निरंतर आधुनिक तकनीकों को अपना रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रायपुर मंडल के अंतर्गत रायपुर-उरकुरा एवं उरकुरा-मांढर रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत रायपुर-उरकुरा (लगभग 3 किलोमीटर, डबल लाइन) तथा उरकुरा-मांढर (लगभग 9 किलोमीटर, ट्रिपल लाइन) रेलखंड पर कुल 12 किलोमीटर लंबाई में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू की गई है, जो डबल लाइन समतुल्य लगभग 21 किलोमीटर के बराबर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस परियोजना के तहत अब तक कुल 21 किलोमीटर डबल लाइन समतुल्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

इस आधुनिक प्रणाली के अंतर्गत 14 नए ऑटोमेटिक सिग्नल एवं 2 सेमी-ऑटोमेटिक सिग्नल स्थापित किए गए हैं। साथ ही कुल 80 डिजिटल एक्सल काउंटर लगाए गए हैं, जिनमें ड्यूल डिटेक्शन एवं मीडिया डाइवर्सिटी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे ट्रेन की सटीक एवं रीयल-टाइम स्थिति का पता लगाया जा सकता है। रायपुर-उरकुरा खंड में अप एवं डाउन लाइनों पर 3-3 ऑटो सेक्शन तथा उरकुरा-मांढर खंड में अप, डाउन एवं मिड लाइन (द्विदिशीय) पर 4-4 ऑटो सेक्शन बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इंटर-स्टेशन ब्लॉक इंटरफेस ट्रांसमिशन के लिए यूनिवर्सल फेल-सेफ ब्लॉक इंटरफेस प्रणाली तथा उरकुरा-मांढर खंड में मिड लाइन के लिए डायरेक्शन सेटिंग पैनल की सुविधा भी प्रदान की गई है।

संरक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से समपार फाटक संख्या 417 पर एक नया ऑटो हाट भी स्थापित किया गया है, जिससे सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता और बेहतर हुई है। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने से अब एक ही ब्लॉक सेक्शन में एक ही दिशा में एक से अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो गया है। इससे ट्रेनों की गति में वृद्धि, समय की बचत तथा लाइन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब ट्रेनों को आगे बढऩे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता, जिससे परिचालन अधिक सुचारु एवं कुशल हो गया है।रेलवे में सिग्नलिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा परिचालन की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिससे न केवल ट्रेनों की गति और संख्या में वृद्धि हो रही है, बल्कि यात्रियों को संरक्षित एवं विश्वसनीय यात्रा अनुभव भी सुनिश्चित हो रहा है।

 सरगुजा दौरे पर सीएम विष्णु देव साय, किसान सम्मेलन से लेकर प्रतिमा अनावरण तक व्यस्त कार्यक्रम

सरगुजा दौरे पर सीएम विष्णु देव साय, किसान सम्मेलन से लेकर प्रतिमा अनावरण तक व्यस्त कार्यक्रम

 सरगुजा ।  अम्बिकापुर में आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का एकदिवसीय सरगुजा दौरा काफी अहम माना जा रहा है, जहां वे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12:00 बजे लुंड्रा पहुंचेंगे, जहां वे किसान सम्मेलन में शामिल होकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुनेंगे। इस दौरान वे क्षेत्र में कई विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे, जिससे स्थानीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 3:25 बजे अंबिकापुर पहुंचेंगे, जहां वे स्वर्गीय पं. रविशंकर त्रिपाठी और शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे। यह कार्यक्रम क्षेत्र के लिए खास महत्व रखता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

 फार्मासिस्ट ग्रेड-2 भर्ती परीक्षा का डेट आया सामने, जानें कब होगा एग्जाम

फार्मासिस्ट ग्रेड-2 भर्ती परीक्षा का डेट आया सामने, जानें कब होगा एग्जाम

 रायपुर;-छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, नवा रायपुर से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु लिखित परीक्षा (HSP-25) का आयोजन 12 अप्रैल 2026 (रविवार) को किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:15 बजे तक जिले के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों में संचालित होगी।

परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 12 अप्रैल 2026 को प्रातः 7:00 बजे से जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से किया जाएगा। यह परीक्षा में जिले के 17 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी जिसमें कुल 5577 परीक्षार्थी शामिल होंगे।