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Breaking : लाल आतंक को बड़ा झटका, AK-47 के साथ महिला DVCM नक्सली ने किया सरेंडर

Breaking : लाल आतंक को बड़ा झटका, AK-47 के साथ महिला DVCM नक्सली ने किया सरेंडर

 कांकेर। बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे उन्मूलन अभियान और पुलिस की ‘पुनर्वास नीति’ को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। कांकेर जिले में बीते 48 घंटों के भीतर तीसरे बड़े नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है। ताजा मामले में, 8 लाख रुपये की इनामी महिला DVCM (डिवीजनल कमेटी मेंबर) मासे बारासा ने पुलिस के आला अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया है।

AK-47 के साथ पहुंची पुलिस दफ्तर

आत्मसमर्पण की खास बात यह रही कि महिला नक्सली मासे बारासा अपने साथ एक AK-47 रायफल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस लेकर पुलिस के पास पहुंची।

2003 से संगठन में थी सक्रिय

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मासे बारासा पिछले 22 सालों से (वर्ष 2003 से) माओवादी विचारधारा से जुड़ी हुई थी। लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहने के कारण उसे डिवीजनल कमेटी मेंबर जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह कई बड़ी नक्सली वारदातों में शामिल रही है।

दो दिनों में तीन बड़े सरेंडर

कांकेर में पिछले दो दिनों के भीतर यह तीसरा बड़ा आत्मसमर्पण है। इससे पहले भी दो सक्रिय नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया था।

 
छत्तीसगढ़ विधानसभा : आदिवासी नेता की मौत पर सदन में हंगामा, मंत्री के जवाब से नाराज़ विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा : आदिवासी नेता की मौत पर सदन में हंगामा, मंत्री के जवाब से नाराज़ विपक्ष का वॉकआउट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कांकेर जेल में आदिवासी नेता की मौत का मामला गूंजा। विपक्ष इसे साजिश बताते हुए इसकी जांच सदन की कमेटी से कराने की मांग की। इसके लिए गृहमंत्री तैयार नहीं हुए जिससे असंतुष्ट होकर सभी कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया।

बजट सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के भूपेश बघेल ने साल भर में प्रदेश के जेलों में बंदियों की मौतों की जानकारी मांगी। उन्होंने विशेष रूप से कांकेर जेल में आदिवासी नेता जीवन ठाकुर और कवर्धा जेल में बंद पंकज साहू की मौत पर सवालों की झड़ी लगा दी। जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने साल भर में जेलों में 66 बंदियों की मौत की जानकारी देते हुए जीवन ठाकुर के मौत की मजिस्ट्रियल जांच की जानकारी सदन को दी। इस अविश्वास जताते हुए भूपेश बघेल ने इसकी जांच विधानसभा की समिति से कराने की मांग की जिसके लिए विभागीय मंत्री तैयार नहीं हुए। इससे नाराज़ होकर विपक्ष के सभी सदस्य खड़े होकर नारेबाजी करने लगे परंतु इसका गृहमंत्री पर कोई असर नही हुआ। अंततः पूरे विपक्ष ने वॉकआउट कर अपना विरोध दर्ज कराया।

Naxal Encounter : पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 2 वर्दीधारी माओवादी ढेर; SLR और इंसास राइफल बरामद

Naxal Encounter : पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 2 वर्दीधारी माओवादी ढेर; SLR और इंसास राइफल बरामद

 बीजापुर।  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गुरुवार सुबह एक बार फिर जबरदस्त मुठभेड़ हुई। थाना जांगला क्षेत्र के अंतर्गत इंद्रावती नदी के किनारे हुए इस संघर्ष में जवानों ने दो वर्दीधारी नक्सलियों को मार गिराया है। मौके से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में माओवादी मौजूद हैं। इस इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। आज सुबह जैसे ही टीम अभियान क्षेत्र में पहुँची, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला।

आधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद

बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई, तो वहां से दो वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए। इसके अलावा घटनास्थल से नक्सलियों के आधुनिक हथियार भी मिले हैं, जिनमें 01 SLR राइफल, 01 इंसास (INSAS) राइफल, 12 बोर की राइफल और भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य माओवादी दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं।

सर्च ऑपरेशन जारी

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ के बाद भी सुरक्षाबल क्षेत्र में मुस्तैद हैं और आसपास के जंगलों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घटना की विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही साझा की जाएगी।

Breaking : गणेश शंकर मिश्रा बने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष, आदेश जारी

Breaking : गणेश शंकर मिश्रा बने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष, आदेश जारी

  रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक गलियारे में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) गणेश शंकर मिश्रा को राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उनकी यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

जारी आदेश क्रमांक एफ 1-2/2004/23 के तहत, गणेश शंकर मिश्रा को तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि उनकी नियुक्ति की सेवा शर्तें और अन्य भत्ते पृथक से जारी किए जाएंगे। बता दें कि गणेश शंकर मिश्रा का लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है।

CG : वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई अधिकारियों के तबादले

CG : वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई अधिकारियों के तबादले

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने जारी किया आदेश, विभिन्न वनमंडलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं

रायपुर। रायपुर से बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रशासनिक कसावट के तहत वन अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं।

यह आदेश 21 नवंबर 2025 के विभागीय संदर्भ के आधार पर जारी किया गया है। जारी सूची के अनुसार विभिन्न वनमंडलों, अनुसंधान एवं विस्तार इकाइयों तथा परिक्षेत्रों में पदस्थ अधिकारियों को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नई पदस्थापना दी गई है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक कार्यों में गति और प्रभावशीलता लाने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है। आदेश जारी होते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश की प्रति में तबादला सूची का विस्तृत उल्लेख किया गया है।

देखें आदेश की कॉपी

 

 
 
नगरीय निकायों को होली के पहले वेतन के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति मद से 51.71 करोड़ रुपये का आबंटन

नगरीय निकायों को होली के पहले वेतन के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति मद से 51.71 करोड़ रुपये का आबंटन

 रायपुर: होली के पहले निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए मानवीय सरोकार के साथ पहल करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रदेश के नगरीय निकायों को चुंगी क्षतिपूर्ति मद से कुल 62.85 करोड़ रुपए का आबंटन आज जारी किया गया है। इसमें वेतन भुगतान के लिए कुल 51 करोड़ 71 लाख 21 हजार रुपये आबंटित किए गए हैं। इसके साथ ही सभी नगरीय निकायों को प्रतिमाह नियमित रूप से दी जा रही चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत कुल 11 करोड़ 14 लाख 38 हजार 492 रुपये का भी आबंटन किया गया है।

फरवरी-2026 की स्थिति में नगरीय निकायों में वेतन के लिए लंबित राशि के आधार पर नगरीय निकायों को चुंगी क्षतिपूर्ति मद से आबंटन किया गया है, ताकि नगरीय निकायों में वित्तीय संतुलन बनाए रखा जा सके और लंबित देयकों एवं वेतन का निराकरण हो सके।

11 नगर निगमों को वेतन के लिए 25.05 करोड़ 

प्रदेश के 11 नगर निगमों को कुल 25 करोड़ 5 लाख 34 हजार रुपये की राशि वेतन एवं चुंगी क्षतिपूर्ति मद में प्रदान की गई है। नगर पालिक निगम भिलाई को 4 करोड़, बिलासपुर को 5 करोड़, दुर्ग को 1 करोड़ 65 लाख 92  हजार, राजनांदगाँव को 3 करोड़, जगदलपुर को 1 करोड़ 50 लाख, अंबिकापुर को 3 करोड़, चिरमिरी को 2 करोड़, रिसाली को 2 करोड़, बीरगांव को 54 लाख 55 हजार, धमतरी को 1 करोड़ 7 लाख एवं भिलाई-चरोदा को 1 करोड़ 27 लाख 87 हजार रुपये जारी किए गए हैं। नगर निगमों में यह राशि मुख्य रूप से नियमित कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मियों एवं संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा चुंगी समाप्त होने से उत्पन्न राजस्व अंतर की भरपाई हेतु उपयोग की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों को चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत 7 करोड़ 51 लाख 55 हज़ार 420 रुपये भी आबंटित किए गए हैं।

वेतन के लिए नगर पालिकाओं को 16.48 करोड़ व नगर पंचायतों को 10.17 करोड़           

नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 38 नगर पालिका परिषदों में 16 करोड़ 48 लाख की राशि तथा 85 नगर पंचायतों को कुल 10 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होली के पूर्व निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए आबंटित की है। छोटे एवं मध्यम नगरीय निकायों के लिए यह वित्तीय सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश के सभी 54 नगर पालिकाओं को भी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी गई है। इसके लिए 2 करोड़ 8 लाख 52 हजार 17 रुपए का आबंटन जारी किया गया है। इसके अलावा सभी 124 नगर पंचायतों  को एक करोड़ 54 लाख 31 हजार 55 रुपए की मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति राशि दी गई है।

ज्ञातव्य हो कि राज्य में चुंगी समाप्त होने के बाद नगरीय निकायों को राजस्व में कमी का सामना करना पड़ा था। इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को नियमित अंतराल पर राशि प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से कर सकें। यह मद विशेष रूप से वेतन भुगतान, स्वच्छता व्यवस्था, जलप्रदाय सेवाओं एवं दैनिक संचालन व्यय को संतुलित करने में सहायक होती है।

विभाग द्वारा आज आबंटित राशि से नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को होली के पूर्व वेतन प्राप्त होगा। इससे निकायों में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य शहरी सेवाओं में निरंतरता बनी रहेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आबंटित राशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाएगा। सभी निकायों को वित्तीय नियमों का पालन करते हुए व्यय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। चुंगी क्षतिपूर्ति मद से वेतन के लिए 51.71 करोड़ एवं नियमित चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़, इस प्रकार कुल 62.85 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का होली के पहले आबंटन नगरीय निकायों के लिए बड़ी राहत है।

“चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को समस्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान करने में स्थिरता आएगी और शहरी प्रशासन को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल शहरी सेवाओं को निरंतर और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त कदम है।’’ – श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री

सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ बढ़ रहे हैं आगे: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ बढ़ रहे हैं आगे: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार किए हैं और इसमें लिप्त कई लोग आज जेल के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुझे सदन को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय वन संरक्षण देहरादून द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सरकार निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और उम्मीद जताई कि 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का समूल उन्मूलन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में जहां स्कूलों को जला दिया गया था और हथियारों की फैक्ट्रियां संचालित हो रही थीं, वहीं आज बस्तर में विकास की नई धारा बह रही है। स्कूल संचालित हो रहे हैं, अस्पताल खुल रहे हैं और लोगों का समुचित इलाज हो रहा है। पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल से बड़ा राज्य होने के बावजूद पूर्व में अपेक्षित विकास नहीं हुआ, लेकिन अब प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। बस्तर पंडुम में इस वर्ष 54 हजार कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य में विगत दो वर्षों में वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्वीकृत खनन प्रकरणों में खनन कार्य हेतु एक लाख 3 हजार 855 पेड़ों की कटाई की गई है, जबकि इसके एवज में खनन एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। हमने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पेड़ लगाये हैं।

नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां हजारों पर्यटक पहुंच रहे है और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने भी इसकी प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों को रामलला के दर्शन कराने के लिए रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसका 42 हजार लोग लाभ उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री दर्शन योजना से भी 5 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसे पिछली सरकार ने बंद कर दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 10 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं, जो देश में सर्वाधिक है। किसानों से 21 क्विंटल तक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई है और अंतर की राशि होली से पहले किसानों को प्रदान कर दी जाएगी। सिंचाई क्षेत्र में जहां पूर्व सरकार ने 5700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, वहीं वर्तमान सरकार ने 10700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और इसे सुव्यवस्थित करने के लिए नया अधिनियम लाया जाएगा। नया रायपुर में ‘अंतरिक्ष संगवारी’ का उद्घाटन भी किया गया है। शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि रेलवे सेक्टर में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रगति पर हैं। ‘जी राम जी योजना’ को मनरेगा से बेहतर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें 100 के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा। सरकार की मंशा हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली बिल की दिशा में जाने की है, जिसके लिए सोलर पैनल स्थापना पर सब्सिडी दी जा रही है। राज्य के 8 नगर निगमों में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के माध्यम से गेल और बीपीसीएल द्वारा बायोसीएनजी संयंत्रों की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने सुशासन एवं अभिसरण के रूप में एक नया विभाग ही बना दिया। इसका काम प्रचलित तरीकों से इतर नई सोच के साथ आगे बढ़ना है जिसमें तकनीक का समावेश हो, गवर्नेंस की सर्वाेत्तम पद्धतियां जिसमें शामिल हो। हमने ई-आफिस प्रणाली लागू की है, फाइलें अब कंप्यूटर के जरिए बढ़ती हैं, तय समय सीमा में अधिकारियों को अपने अभिमत लिखने होते हैं और आगे फारवर्ड करना होता है। इससे न केवल पारदर्शिता आई है अपितु समय भी बच रहा है। इस प्रणाली को हम राज्य स्तर से जिला स्तर की ओर भी ले जा रहे हैं। हम डिजिटल गवर्नेंस को सभी विभागों में लागू कर रहे हैं, ताकि काम त्वरित गति से हों और लोगों को भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की दिशा में बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी को लेकर प्रधानमंत्री जी की सार्थक पहल है। हमने छत्तीसगढ़ में अब तक 27 हजार से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से रौशन कर दिया है। केंद्र से उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ तो मिलता ही है, हम राज्य में भी उपभोक्ताओं को अनुदान लाभ दे रहे हैं। मैं प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि प्रधानमंत्री सौर घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें और अगले 25 सालों तक मुफ्त बिजली का लाभ लें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने अमृत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जिसमें 05 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। वंदेभारत एक्सप्रेस की सुविधा नागपुर और विशाखापट्नम के लिए आरंभ की गई है। प्रदेश में 51 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल परियोजनाओं पर काम हो रहा है। रावघाट-जगदलपुर, खरसिया-परमालकसा जैसी महत्वपूर्ण रेल लाइनों के निर्माण से प्रदेश के विकास को तीव्र गति मिलेगी। आज के समय सड़कें जितनी जरूरी हैं उतनी ही जरूरी संचार कनेक्टिविटी भी है, हमारी सरकार ने 500 नये मोबाइल टावर स्वीकृत किये हैं जिससे कनेक्टिविटी की स्थिति और बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता की वृद्धि के लिए हम प्रदेश में 5 नये मेडिकल कालेज आरंभ कर रहे हैं। इसमें मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा जिला में भूमिपूजन हो चुका है और कुनकुरी में भूमि आवंटन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अटल जी की संकल्पना एम्स में अब रोबोटिक सर्जरी शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत के रूप में देश में हेल्थ केयर का सबसे बड़ा प्लान दिया। इस योजना के माध्यम से 4 हजार 551 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बनाये। इसकी शुरूआत भी छत्तीसगढ़ से हुई। हमने युक्तियुक्तकरण के रूप में किया। पिछली सरकार के समय दूरस्थ ग्रामीण स्कूल तो पूरी तरह से शिक्षकविहीन हो गये थे। जिन स्कूलों में शिक्षक थे भी तो वहां भी सामान्यतः प्रति सौ छात्र केवल एक शिक्षक थे। अधिकांश शिक्षक शहरी स्कूलों में आ गये थे, कुछ शहरी स्कूलों में यह अनुपात दस छात्र के पीछे एक शिक्षक का भी था। हमने इस समस्या का निराकरण युक्तियुक्तकरण के माध्यम से निकाला। अब ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में भी शिक्षकों की पदस्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत के युवा दुनिया भर में कमाल कर रहे हैं। पिछले साल मैं जापान की राजधानी टोक्यो में बस्तर के एक युवा अविनाश तिवारी से मिला। अविनाश वहां एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्य कर करता है। उगते सूरज के देश में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा का उजाला देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। हमारी युवा शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। प्रशासनिक प्रणाली बेहतर तरीके से चले और इसमें युवा ऊर्जा का अधिकतम उपयोग हो, इसलिए हम 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को विकास, सुरक्षा और सुशासन के नए शिखर पर पहुंचाना है।

स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में केमिस्ट के पद पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 10 चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंपा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी भी इस दौरान मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने नव नियुक्त केमिस्टों को संबोधित करते हुए कहा कि केमिस्टों की संख्या बढ़ने से विभागीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा मैदानी स्तर पर जल की गुणवत्ता की जांच में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है। इन नियुक्तियों से विभाग में तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की संख्या बढ़ी है।

उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र

साव ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के युवाओं में विश्वास और उत्साह बढ़ा है। युवाओं को उनकी मेहनत और प्रतिभा का उचित प्रतिफल मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त सभी केमिस्ट पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि जल गुणवत्ता की निगरानी में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता  ओंकेश चंद्रवंशी ने बताया कि विभाग द्वारा स्वीकृत केमिस्ट के 12 पदों पर व्यापम के माध्यम से चयन प्रक्रिया संपन्न की गई थी। दस्तावेज परीक्षण में 11 अभ्यर्थी पात्र पाए गए, जबकि एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा। चयनित 11 अभ्यर्थियों में 2 महिला एवं 9 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं।

BREAKING : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप, परिसर में सघन जांच जारी

BREAKING : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप, परिसर में सघन जांच जारी

 बिलासपुर।  न्यायधानी में स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, ई-मेल में आई इस धमकी से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और साइबर टीम मौके पर पहुंची।पुलिस कप्तान की मौजूदगी में कोर्ट भवन, पार्किंग, प्रवेश द्वार और आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, फिर भी एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रवेश पर सघन जांच की जा रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस साइबर सेल के माध्यम से ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और सर्वर लोकेशन की जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में इस तरह की धमकियों के मामले बढ़े हैं।

CRIME : मर्डर या सुसाइड? 20 वर्षीय युवक की गला कटने से संदिग्ध मौत, कमरे में खून से लथपथ मिला शव

CRIME : मर्डर या सुसाइड? 20 वर्षीय युवक की गला कटने से संदिग्ध मौत, कमरे में खून से लथपथ मिला शव

 रायगढ़।  जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। वार्ड क्रमांक 08 निवासी अभिषेक विश्वकर्मा (20 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है।

नारियल छीलने वाले चाकू से रेता गला?

परिजनों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना कल रात लगभग 10 बजे की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अभिषेक ने नारियल छीलने वाले बड़े धारदार चाकू से अपने गले को खुद ही रेत लिया। हालांकि, घटनास्थल का नजारा कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। कमरे का पूरा फर्श खून से लथपथ मिला है, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है।

मोबाइल और हथियार जब्त

पुलिस को घटनास्थल से वह धारदार हथियार बरामद हो गया है जिससे गला रेता गया था। साथ ही मृतक का मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड्स और चैट्स इस गुत्थी को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं कि आखिर अभिषेक ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया या इसके पीछे कोई और वजह है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धरमजयगढ़ SDOP सिद्धांत तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हुए हैं। उनके नेतृत्व में घरघोड़ा पुलिस बारीकी से साक्ष्य जुटा रही है। जांच को पुख्ता करने के लिए रायगढ़ से फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स (FSL) की विशेष टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल पर मौजूद फिंगरप्रिंट्स और खून के छीटों की जांच कर रही है।

 

छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिन बारिश के आसार, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका

छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिन बारिश के आसार, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) का असर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी

मौसम विभाग के मुताबिक आगामी तीन दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं रात के तापमान में अगले सात दिनों तक खास परिवर्तन नहीं होगा।

पिछले 24 घंटों का हाल

बीते 24 घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। ओरछा और बड़े बचेली में सबसे अधिक 40 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो जगदलपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

लो प्रेशर एरिया से बदला मौसम

मौसम में बदलाव की मुख्य वजह समुद्र और ऊपरी हवा में सक्रिय सिस्टम हैं। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो समुद्र के ऊपर हवा के दबाव में कमी के कारण विकसित होता है। इसके साथ लगभग 3 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है।

हालांकि यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ सकता है, लेकिन इसके प्रभाव से नमी वाली हवाएं प्रदेश तक पहुंच रही हैं।

इसके अलावा मध्य और ऊपरी स्तर की पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ सक्रिय है। गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तर तटीय ओडिशा के पास भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन सभी सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ के ऊपर नमी और अस्थिरता बढ़ रही है, जिससे बादल बन रहे हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश की स्थिति बन रही है।

48 घंटे तक सक्रिय रहेगा सिस्टम

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में कम दबाव का मजबूत क्षेत्र बना हुआ है, जहां से लगभग 6 किलोमीटर ऊंचाई तक बादल बनने की अनुकूल परिस्थितियां हैं। यह सिस्टम पहले पश्चिम-उत्तर दिशा में आगे बढ़ेगा और फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है। अगले 48 घंटों तक इसके सक्रिय रहने की संभावना है।

ट्रफ लाइन से फैल रही नमी

इस लो प्रेशर से जुड़ी ट्रफ लाइन तमिलनाडु, कर्नाटक और दक्षिण महाराष्ट्र तक फैली हुई है। जमीन से करीब 1 किलोमीटर ऊंचाई पर बनी यह ट्रफ समुद्री नमी को दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचा रही है।

ऊपरी वायुमंडल (5-6 किमी ऊंचाई) में भी एक ट्रफ सक्रिय है, जो बादलों को ऊंचाई तक फैलने में मदद कर रही है। नीचे से आ रही नमी और ऊपर की ठंडी हवाएं मिलकर वातावरण को अस्थिर बना रही हैं।

छत्तीसगढ़ पर सीमित असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम छत्तीसगढ़ के बेहद करीब नहीं है, इसलिए तेज बारिश या तूफान की संभावना कम है। हालांकि वातावरण में नमी बढ़ने से आंशिक बादल छा सकते हैं। दक्षिण छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर संभाग में बादलों की मौजूदगी अधिक रह सकती है।

दिन में हल्की गर्मी और रात में हल्की ठंड या उमस महसूस हो सकती है।

फरवरी में बदलता है मौसम का मिजाज

रायपुर सहित प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में फरवरी के दौरान सामान्यत: आसमान साफ रहता है और हवाएं हल्की चलती हैं। हालांकि उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभार मौसम में बदलाव देखा जाता है।

इस दौरान गरज-चमक, बारिश, आंधी या ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बन सकती हैं। सर्दियों का असर कम होने के साथ न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगती है, हालांकि कुछ वर्षों में फरवरी में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई है।

व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है।

CG – तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, हादसे में दो सगे भाइयों समेत तीन की मौके पर मौत..!

CG – तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, हादसे में दो सगे भाइयों समेत तीन की मौके पर मौत..!

 मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक भीषण सड़क दुर्घटना में दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों की पहचान अवधेश गुरुवचन (28 वर्ष) एवं मोनू उर्फ अखिलेश गुरुवचन, दोनों निवासी रामानुजनगर तथा श्याम सिंह गोंड (45 वर्ष) निवासी ग्राम घाघरा के रूप में हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों ग्राम घाघरा से एक ही मोटरसाइकिल पर किसी कार्य से निकले थे। काफी देर तक गंतव्य पर नहीं पहुंचने और मोबाइल संपर्क नहीं हो पाने पर परिजनों को चिंता हुई। खोजबीन के दौरान धनहर के पास तिलोखन जंगल क्षेत्र में सड़क किनारे तीनों के शव पड़े होने की सूचना मिली।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही केल्हारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी मनीष धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संभावित मार्गों पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी वाहन चालक की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गिग वर्कर्स पर तीखी बहस: स्विगी-जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले युवाओं को सुरक्षा कवच नहीं, मंत्री ने कहा—केंद्र के नियम का इंतजार

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गिग वर्कर्स पर तीखी बहस: स्विगी-जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले युवाओं को सुरक्षा कवच नहीं, मंत्री ने कहा—केंद्र के नियम का इंतजार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान गिग इकोनॉमी में काम कर रहे हजारों युवाओं की सुरक्षा, अधिकार और शोषण का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से सवाल किया कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकइट और रैपिडो जैसी कंपनियों में कार्यरत गिग वर्कर्स को संगठित मजदूरों की श्रेणी में रखा जाएगा या असंगठित में?
विधायक चंद्राकर ने कहा, “गिग वर्कर मर रहे हैं और कंपनियां ऐश कर रही हैं। 10 मिनट की डिलीवरी जैसे दबाव में कई बार जान जा रही है। मानवाधिकार संगठन भी लगातार चिंता जता रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कंपनियों के मामले में भी सरकार ने यही जवाब दिया था कि कोई स्पष्ट कानून नहीं है, और आज गिग वर्कर्स के साथ भी वही स्थिति बनी हुई है।
चंद्राकर ने आगे कहा कि 2020 में सामाजिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में कोई स्पष्ट नियम नहीं बने। उन्होंने बताया कि 2025 में भारत सरकार को नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा क्योंकि नियम नहीं बन सके थे, जबकि कई अन्य राज्य अपने स्तर पर नियम बना चुके हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ समवर्ती सूची के अधिकार का उपयोग कर गिग वर्कर्स के लिए अलग अधिनियम या नियम बनाने पर विचार करेगा?
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में लिखित जवाब देते हुए स्पष्ट किया:
फिलहाल गिग वर्कर्स को न तो संगठित क्षेत्र में रखा गया है और न ही असंगठित क्षेत्र में।
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को शामिल किया गया है।
जैसे ही भारत सरकार इस संबंध में नियम अधिसूचित करेगी, राज्य सरकार उसका अनुसरण करेगी।
राज्य सरकार ने इस विषय पर एक समिति गठित की थी, लेकिन केंद्र द्वारा चार श्रम संहिताएं लागू करने के बाद राज्य की कार्यवाही केंद्र के अधिनियम के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है।
मंत्री ने दोहराया कि राज्य स्तर पर अलग नियम नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि केंद्र के अधिनियम के अधीन ही आगे बढ़ा जाएगा।
विधायक चंद्राकर ने इस जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि केंद्र के नियम आने में देरी हो रही है, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के युवा शोषण का शिकार होते रहेंगे।

BREAKING NEWS: AK-47 के साथ डीवीसीएम नक्सली मल्लेश ने किया आत्मसमर्पण

BREAKING NEWS: AK-47 के साथ डीवीसीएम नक्सली मल्लेश ने किया आत्मसमर्पण

 कांकेर।  छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां डीवीसीएम रैंक के माओवादी नेता मल्लेश ने कांकेर पुलिस और बीएसएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

मल्लेश AK-47 राइफल के साथ छोटेबेठिया थाना पहुंचा और विधिवत रूप से हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा जताई।जानकारी के मुताबिक मल्लेश लंबे समय से नक्सल संगठन से जुड़ा हुआ था और दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय था। आत्मसमर्पण के दौरान वह ग्रामीणों के साथ थाना पहुंचा, जिससे यह संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर भी उसे समझाइश दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासन की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे सुरक्षा बलों के अभियान के कारण कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

कांकेर पुलिस और बीएसएफ अधिकारियों ने आत्मसमर्पण की पुष्टि करते हुए कहा कि मल्लेश को शासन की नीति के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस आत्मसमर्पण से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय से बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों के दबाव और विकास कार्यों के चलते कई नक्सली संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

होली पर पूरे छत्तीसगढ़ में ‘शुष्क दिवस’ घोषित, इन चीजों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

होली पर पूरे छत्तीसगढ़ में ‘शुष्क दिवस’ घोषित, इन चीजों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

राज्य शासन का आदेश जारी, होटल-बार से लेकर क्लब तक कहीं भी नहीं मिलेगी शराब, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने होली पर्व के अवसर पर 4 मार्च 2026 को पूरे राज्य में ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया है। मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर से जारी आदेश (File No. GENCOR-3405/1/2026-EXCISE) के अनुसार होली के दिन प्रदेशभर में शराब की बिक्री, परोसने और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

जारी निर्देशों के मुताबिक प्रदेश में स्थित सभी देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें, रेस्टोरेंट-बार, होटल-बार, क्लब तथा संबंधित सभी लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान 4 मार्च को बंद रहेंगे। किसी भी प्रकार की मदिरा बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं होगी। यहां तक कि गेस्ट हाउस, स्टार होटल, क्लब या अन्य किसी भी संस्था द्वारा संचालित बार में भी शराब परोसने पर पूर्ण रोक रहेगी।

आदेश में यह भी कहा गया है कि शुष्क दिवस के दौरान निजी भंडारण अथवा गैर-लाइसेंस प्राप्त परिसरों में शराब रखने और बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध भंडारण, परिवहन और विक्रय को रोकने के लिए जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय उड़नदस्तों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित स्थानों और वाहनों की जांच कर दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

आबकारी विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शासन ने यह फैसला होली (जिस दिन रंग खेला जाएगा) के अवसर पर कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार विशेष सचिव द्वारा जारी किया गया है।

 
 
सौरभ श्रीवास्तव बनाए गए सीएम के ओएसडी, भट्टाचार्य को पुनः अपर संचालक का अतिरिक्त प्रभार

सौरभ श्रीवास्तव बनाए गए सीएम के ओएसडी, भट्टाचार्य को पुनः अपर संचालक का अतिरिक्त प्रभार

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर दो अहम नियुक्तियां की हैं। राज्य अंत्यावसाई सहकारी वित्त विकास निगम में उप महाप्रबंधक और मुख्यमंत्री के निज सचिव सौरभ श्रीवास्तव को अब मुख्यमंत्री का ओएसडी नियुक्त किया गया है। इस फैसले के बाद Saurabh Srivastava OSD की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वहीं, राप्रसे अधिकारी पुलक भट्टाचार्य को अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए नगरीय प्रशासन संचालनालय में अपर संचालक नियुक्त किया गया है। इससे पहले 10 फरवरी को उन्हें अपर संचालक पद से मुक्त कर मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में उप सचिव और समन्वयक, आईगाट मिशन कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के रूप में पदस्थ किया गया था।

सरकार के इस आदेश से प्रशासनिक फेरबदल की प्रक्रिया को गति मिली है। खासतौर पर Saurabh Srivastava OSD नियुक्ति को मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली से जोड़कर देखा जा रहा है।

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 डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी बने भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी बने भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक

रायपुर :- प्रदेश के प्रतिष्ठित होम्योपैथिक चिकित्सक, समाजसेवी एवं युवा नेतृत्वकर्ता डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को भारतीय जनता पार्टी के चिकित्सा प्रकोष्ठ में प्रदेश सह संयोजक नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण दायित्व की घोषणा के साथ ही चिकित्सा एवं सामाजिक क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है।

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। डॉ. त्रिवेदीस होम्योपैथी के माध्यम से वे वर्षों से आमजन को सुलभ, सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। दीर्घकालिक एवं जटिल रोगों के सफल उपचार के साथ-साथ उन्होंने निःशुल्क चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य परामर्श एवं जनजागरूकता अभियानों का सतत संचालन किया है।

विशेष रूप से कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान डॉ. त्रिवेदी ने अग्रिम पंक्ति में रहकर अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क परामर्श, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु मार्गदर्शन, दवा वितरण एवं होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की निरंतर मॉनिटरिंग कर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज के प्रति समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया।

सामाजिक क्षेत्र में भी डॉ. त्रिवेदी का योगदान सराहनीय रहा है। वे समय-समय पर रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, स्वच्छता एवं जागरूकता अभियानों तथा युवा मार्गदर्शन कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। जनसेवा को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने हर वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया है।

राजनीतिक रूप से डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी संगठन के सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। पार्टी की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, स्वास्थ्य संबंधी नीति संवाद एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों में उनकी निरंतर सहभागिता रही है। उनकी कार्यकुशलता, संगठन क्षमता एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अपनी नियुक्ति पर डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, जनजागरूकता एवं संगठन सुदृढ़ीकरण के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

डॉ. त्रिवेदी की इस नियुक्ति पर चिकित्सा जगत, सामाजिक संगठनों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
विशाल रोजगार मेला – युवाओं के लिए सुनहरा अवसर महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में कल विशाल रोजगार मेला का आयोजन

विशाल रोजगार मेला – युवाओं के लिए सुनहरा अवसर महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में कल विशाल रोजगार मेला का आयोजन

रायपुर, 25 फरवरी 2026 । स्थानीय महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों एवं युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिनांक 25 फरवरी 2026 (बुधवार) को प्रातः 10:00 बजे से महाविद्यालय परिसर में विशाल रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है । इस रोजगार मेले का मुख्य उद्देश्य शिक्षित युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थानों के साथ सीधे जोड़ते हुए उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है । मेले में विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, मार्केटिंग, आईटी, हॉस्पिटैलिटी, शिक्षा, रिटेल एवं सेवा क्षेत्र से संबंधित अनेक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय कंपनियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है ।

रोजगार मेले में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों का ऑन-स्पॉट पंजीयन, साक्षात्कार एवं प्राथमिक चयन की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी । इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की प्रतियां तथा पासपोर्ट आकार के फोटो लेकर उपस्थित होने का आग्रह किया गया है ।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने इस आयोजन में जिले सहित आसपास के महाविद्यालयों एवं युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ लेने की अपील की है । यह आयोजन युवाओं के करियर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा ।
विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा : मुख्यमंत्री  साय

विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित शांति सरोवर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री  साय ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया।

कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री  साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।

 
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सुशासन से समृद्धि की ओर: विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला का बजट

सुशासन से समृद्धि की ओर: विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला का बजट

 शासन से समृद्धि की ओर: विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला का बजट

प्रदेश के विकास को नई गति देगा बजट : मुख्यमंत्री  साय

रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए जा रहे राज्य के बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के “सुशासन से समृद्धि” मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।

5 मुख्यमंत्री मिशन

5 मुख्यमंत्री मिशन

 नई दिशा • नई धार • नई रफ्तार

 छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए 5 मिशन मोड पहल
 चिन्हांकित क्षेत्रों में केंद्रित और तेज कार्यान्वयन
 अगले 5 वर्षों तक प्रत्येक मिशन के लिए न्यूनतम 100-100 करोड़ प्रति वर्ष प्रावधान

1) मुख्यमंत्री AI मिशन

 राज्य को उभरती प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनाना
 युवाओं का AI आधारित कौशल विकास
 AI स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन
 प्रशासन, कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग में AI उपयोग
 डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट समाधान

छत्तीसगढ़ अब टेक्नोलॉजी अपनाने वाला नहीं, टेक्नोलॉजी लीड करने वाला राज्य बनेगा

2. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन

 जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभा खोज
 आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास
 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन
 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी
 महिला खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाना

हर गांव से खिलाड़ी — हर खिलाड़ी को अवसर

3. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन

 पर्यटन स्थलों और थीम आधारित सर्किट का विकास
 मेले, उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा
 होमस्टे और स्थानीय पर्यटन उद्यम
 टूर गाइड स्किल डेवलपमेंट
 स्थानीय हस्तशिल्प और रोजगार सृजन

पर्यटन से पहचान भी, रोजगार भी

4. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन

 राज्य की प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं का गैप एनालिसिस
 प्राथमिकता आधारित रोडमैप
 तेज और प्रभावी कार्यान्वयन
 विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग

इन्फ्रास्ट्रक्चर ही आर्थिक विकास की रीढ़

5. मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन

स्टार्टअप मिशन युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना
 तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत सहयोग
 नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा

NIPUN मिशन
(New Age Industrial Preparedness for Upskilling New Generation Youth)

 उद्योग आधारित कौशल विकास
 नई तकनीक आधारित रोजगार अवसर
 भविष्य की इंडस्ट्री के लिए युवाओं को तैयार करना

युवा नौकरी ढूंढेंगे नहीं — नौकरी देंगे

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 : बस्तर के विकास का व्यापक रोडमैप तैयार

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 : बस्तर के विकास का व्यापक रोडमैप तैयार

 1.72 लाख करोड़ का बजट पेश, एजुकेशन, इंडस्ट्री और कनेक्टिविटी पर बड़ा निवेश

 
अबूझमाड़ और जगरगुंडा में बनेगा एजुकेशन सिटी
 
कर्मचारियों को कैशलेश चिकित्सा सुविधा की सौगात
 
रायपुर- छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार का बड़ा रोडमैप सामने रखा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट संकल्प थीम पर प्रस्तुत किया।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट 2026–27 को जनकल्याण और विकास को समर्पित बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के सशक्तिकरण के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष प्रावधानों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
 
सरकार ने इस वर्ष कुल व्यय 1.72 लाख करोड़ रुपए निर्धारित किया है, जिसमें राजस्व व्यय 1.45 लाख करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय 26,500 करोड़ रुपए रखा गया है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसी स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को गति मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी।
बजट में पूंजी निवेश के लिए केंद्र से मिलने वाली विशेष सहायता को 4,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 8,500 करोड़ रुपए किया गया है, जिससे बड़े बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं राजकोषीय घाटा GSDP के 2.87 प्रतिशत पर नियंत्रित रखा गया है, जो संतुलित वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है और राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत देता है।
इस बार छत्तीसगढ़ के बजट में सामाजिक क्षेत्र को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हुए कुल व्यय का 40% प्रावधान किया गया है, जबकि आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए 36% और प्रशासनिक व सामान्य सेवाओं के लिए 24% राशि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14,300 करोड़ रुपए का विशेष ग्रीन बजट का भी प्रावधान किया गया है।
 
बजट में सरगुजा, बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को केंद्र में रखा गया है। बस्तर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे अत्यंत संवेदनशील इलाकों में दो “एजुकेशन सिटी” स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। खेल और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी पहलों के लिए बजट में संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके और क्षेत्र की सकारात्मक पहचान मजबूत हो। इसके साथ ही बस्तर फाइटर्स के 1500 नवीन पदों का सृजन किया गया है।
 
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी सरकार ने खास ध्यान दिया है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज एवं मेडिकल सिटी की स्थापना की घोषणा की गई है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में डॉक्टरों की विशेष भर्ती की जाएगी, ताकि दूरस्थ इलाकों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने ही क्षेत्र में मिल सके।
 
सिंचाई क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए इंद्रावती नदी पर लगभग 2024 करोड़ रुपये की लागत से बैराज निर्माण की योजना घोषित की गई है। इससे बस्तर क्षेत्र में लगभग 32 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने का अनुमान है।
 
महिलाओं को पंजीयन शुल्क में छूट, बालिकाओं को 1.5 लाख
 
छत्तीसगढ़ बजट 2026–27 में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने महिलाओं के नाम से संपत्ति क्रय पर लगने वाले पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ‘रानी दुर्गावती योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसक साथ ही ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना’ लागू की जाएगी, वहीं उनके सामाजिक सशक्तिकरण के लिए 250 महतारी सदनों के निर्माण का प्रावधान किया गया है।
 
बजट में कृषि क्षेत्र के लिए प्रावधान
 
सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जिससे किसानों को आर्थिक सहायता और कृषि विकास को गति मिलेगी। कृषि पंपों के लिए 5,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, वहीं भूमिहीन कृषि परिवारों के समर्थन के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग, एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग, राइस मिल और पोल्ट्री फार्म जैसे रोजगारमूलक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मदद मिलेगी।
 
कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना
 
बजट में शासकीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को उपचार के दौरान अस्पताल में नकद भुगतान की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
 
बजट 2026-27: अन्य प्रमुख घोषणाएं
 
– रायपुर में 200 बिस्तरों का नया अस्पताल बनाया जाएगा, जिससे राजधानी में स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत होंगी।
 
– प्रदेश के 5 प्रमुख एयरपोर्ट पर शोरूम खोले जाएंगे, ताकि छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
 
– सयानगुड़ी योजना का पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा, इसके लिए लगभग 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
 
– रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीट क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा, जिससे उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
 
– भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान, ताकि उनकी आय और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
 
– कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर रहेगा।
 
– कृषि पंपों के लिए 5500 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
 
– रायपुर के कालीबाड़ी में 200 बिस्तरों वाला मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण का प्रावधान किया गया है।
 
– 50 लाख रुपए तक के विकास कार्य ग्राम सभा के माध्यम से कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर निर्णय और क्रियान्वयन को बढ़ावा मिलेगा।
 
– प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1700 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे ग्रामीण सड़कों का विस्तार और कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
 
– मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट, जिससे राज्य में सड़क नेटवर्क को और बेहतर बनाया जाएगा।
 
– 5 नई नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना के लिए 22 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं मिलेंगी।
 
– मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना लागू होगी, इसके लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
 
– शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज, इसके लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
 
– नवा रायपुर-राजनांदगांव में इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स के लिए 10 करोड़ रुपए, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
 
– उद्योग विभाग का बजट बढ़ाकर 1750 करोड़ रुपए किया गया, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
 
– मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना लागू की जाएगी, जिससे महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा।
 
– बस्तर और सरगुजा में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा, जैसे राइस मिल, पोल्ट्री फार्म और एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश प्रावधान।
 
– रानी दुर्गावती योजना शुरू होगी, जिसमें बच्चियों के 18 वर्ष पूरे होने पर 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
 
– वन संरक्षण के लिए 930 करोड़ रुपए का प्रावधान, साथ ही 1000 नए पदों पर भर्ती की जाएगी।
 
– अभ्यारण्यों और वन्यजीव संरक्षण के विकास के लिए 11 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान।
 
– ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) खरीद पर सब्सिडी के लिए 100 करोड़ रुपए, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
 
– नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की जाएगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण मिलेगा।
 
– नवा रायपुर में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा।
 
– रायपुर में बनेगा पहला होमियोपैथी कॉलेज
 
– क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
 
– सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना, इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
 
– अचल संपत्ति क्रय पर महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट
 
– मुख्यमंत्री AI मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, अधोसंरचना मिशन, स्टार्ट अप एवं NIPUN मिशन के लिए 100-100 करोड़ की घोषणा।
नई योजनाएँ — बजट 2026-27

नई योजनाएँ — बजट 2026-27

 जनकल्याण से विकास की नई रफ्तार

 ग्रामीण से शहरी तक व्यापक नई पहल
 शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कनेक्टिविटी और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
 आम नागरिक को सीधा लाभ देने वाली योजनाएँ

1)ग्रामीण विकास
Viksit Bharat G RAM G योजना — 4,000 करोड़
 ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष में 125 दिन सुनिश्चित रोजगार
 ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण
 जन सुविधाओं का विकास
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

गांव मजबूत — राज्य मजबूत

2) मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना — 200 करोड़
 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों का विकास
 बुनियादी अधोसंरचना सुधार
स्वच्छता और नागरिक सेवाओं में सुधार

3) मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना — 200 करोड़

 2/4 लेन तेज गति सड़क निर्माण
 बेहतर कनेक्टिविटी
व्यापार और आवागमन को बढ़ावा

4) स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना — 100 करोड़

 शिक्षा की गुणवत्ता सुधार
 आधुनिक सुविधाएँ
 छात्रों के लिए बेहतर वातावरण

5) मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना — 10 करोड़

 गरीब मेधावी छात्रों के लिए किराये का आवास
 उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान

6)कैशलेस चिकित्सा सुविधा — 100 करोड़

 शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज
 स्वास्थ्य सुरक्षा में बड़ा कदम

7) युवा और प्रतियोगी परीक्षा CG ACE — 33 करोड़

3 घटक
 उड़ान — NEET / JEE / CLAT
 शिखर — UPSC / CGPSC
 मंजिल — बैंकिंग / SSC / रेलव

8) CG VAYU — 30 करोड़

 बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर हवाई सेवाओं को प्रोत्साहन
 क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत

9) महिला सशक्तिकरण रानी दुर्गावती योजना — 15 करोड़
 बेटी 18 वर्ष पर 1.50 लाख सहायता

10) लखपति दीदी भ्रमण योजना — 5 करोड़
महिला उद्यमियों का एक्सपोजर विजिट
शक्ति पीठ दर्शन व्यवस्था
महिलाओं के नाम संपत्ति खरीद पर 50% पंजीयन शुल्क छूट

मुख्यमंत्री आस्था पथ (शक्ति पीठ भ्रमण) — 5 करोड़

शक्ति पीठ
कुदरगढ़
रतनपुर
चंद्रपुर
डोंगरगढ़
दंतेवाड़ा

छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना — 5 करोड़

 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का भ्रमण
 सांस्कृतिक और ऐतिहासिक ज्ञान

महत्वपूर्ण बिंदु
1)बजट आम नागरिक के जीवन से सीधे जुड़ा बजट है।
2)गांव से शहर तक विकास का रोडमैप।
3)युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार।
4)महिलाओं को आर्थिक ताकत देने वाली पहल।
5)शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर फोकस।
6)रोजगार सृजन की नई संभावनाएँ।
7)हवाई और सड़क कनेक्टिविटी मजबूत।
8)धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा।
9)प्रतिभाशाली छात्रों को समर्थन
10) विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की ओर बड़ा कदम

बजट में ग्रामीण रोजगार से लेकर शहरी विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और कनेक्टिविटी तक कई नई योजनाएँ शुरू की गई हैं। यह बजट सीधे आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने वाला बजट है।

 
 

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रावधान

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रावधान

 छत्तीसगढ़ शासन बजट 2026-27

शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना:- शासकीय और गैर शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा के लिए 1500 करोड़ रूपए का प्रावधान

25 विकासखंडों में डायलिसिस कैंप तथा 50 विकासखंडों में जनऔषधि केंद्र के लिए बजट में प्रावधान

राज्य भर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़

राजधानी रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज खुलेगा

इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण लैब के लिए 25 करोड़ रूपए का प्रावधान

एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट मेकाहारा रायपुर में उपकरण, बिस्तर एवं अन्य सुविधाओं के विस्तार तथा एआई के उपयोग से उपचार आदि के 10 करोड़ रूपए का प्रावधान

रायपुर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज और आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में इंटर्न्स के हॉस्टल निर्माण हेतु 35 करोड़ रूपए का प्रावधान

मितानिन कल्याण निधि के लिए – 350 करोड़

PM ABHIM के लिए – 190 करोड़

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए – 183 करोड़

राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए – 120 करोड़ का प्रावधान

राज्य कैंसर संस्थान बिलासपुर के लिए सेट-अप

25 से अधिक SHC PHC तथा CHC के लिए भवन निर्माण

220 बिस्तर जिला चिकित्सालय, अम्बिकापुर तथा 200 बिस्तर जिला चिकित्सालय, धमतरी के लिए भवन निर्माण
जीएनएम प्रशिक्षण केन्द्र दुर्ग, कोण्डागांव, जशपुर तथा रायपुर के भवनों का निर्माण

रामनगर, रायपुर तथा कुण्डा, कबीरधाम के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन तथा भवन निर्माण

200 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल कालीबाड़ी, रायपुर एवं 200 बिस्तर जिला अस्पताल चिरमिरी के लिए सेटअप
मेडिकल कॉलेज दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं जशपुर के संचालन हेतु सेट-अप एवं
नर्सिंग कॉलेज कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़ एवं महासमुंद के लिए प्रावधान किया है।