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3 किलो वाट के सोलर रूफटॉप संयंत्र में बैटरी की जरूरत नहीं , अन्य रखरखाव भी आसान

3 किलो वाट के सोलर रूफटॉप संयंत्र में बैटरी की जरूरत नहीं , अन्य रखरखाव भी आसान

 00 हजारों लोग उठा रहे हैं शून्य बिजली बिल का लाभ 

रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे सोलर रूफटॉप संयंत्रों के रख-रखाव में खर्च को लेकर कुछ भ्रांतियां सामने आई हैं, जबकि वस्तुस्थिति में ऐसी कोई समस्या नहीं है। 3 किलोवॉट तक तो बैटरी की जरूरत ही नहीं है। वेंडर्स द्वारा 3 किलोवॉट से अधिक क्षमता के उपभोक्ताओं को 5 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक लंबी वारंटी बैटरी के लिए दी जा रही है। वेंडर्स को 5 वर्ष तक वार्षिक रख-रखाव अनुबंध के तहत सेवा देनी होगी। सोलर पैनल की सफाई के लिए कोई विशेष तकनीकी आवश्यक नहीं है। धूल जमने पर इसे सामान्य पानी से साफ किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लगाए जाने वाले सोलर रूफटॉप संयंत्र को लेकर एक भ्रामक प्रचार प्रकाश में आया है कि इसमें जितनी राशि का बिजली बिल माफ होता है उससे अधिक खर्च इसके रख-रखाव में हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूर्णत: गलत है। वास्तव में 3 किलोवॉट तक के संयंत्रों से 300 यूनिट नि:शुल्क बिजली प्राप्त होने की बात ही सही है। हजारों उपभोक्ता इस योजना के माध्यम से अपना बिजली बिल शून्य करने में सफल हुए हैं। इसके अलावा केंद्र और राज्य शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान किए जाने एवं 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर बैंक ऋण दिए जाने से रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट लगाने का काम काफी किफायती हो गया है। जहां तक बैटरी की खराबी और उसके रख-रखाव का विषय है तो वास्तविकता यह है कि 3 किलोवॉट तक के संयंत्रों के लिए ऑन-ग्रिड प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें बैटरी की आवश्यकता ही नहीं होती। अत: बैटरी बदलने या बैटरी संबंधी रख-रखाव का सवाल ही पैदा नहीं होता।

यदि कोई उपभोक्ता 'हाइब्रिडÓ सिस्टम का चयन करता है, तो वर्तमान में उपलब्ध आधुनिक लिथियम-आयन बैटरियों की तकनीक अत्यंत उन्नत है। इन बैटरियों का चार्जिंग-डिस्चार्जिंग चक्र लगभग 6,000 तक है, जो कि अत्यंत विश्वसनीय है। इसके साथ ही कंपनियां बैटरी पर 5 से 10 वर्ष तक की लंबी वारंटी प्रदान कर रही हैं। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार वेंडर-संस्थापनकर्ता को 5 वर्ष का वार्षिक रख-रखाव अनुबंध प्रदान करना अनिवार्य है। अत: 5 वर्षों तक उपभोक्ता पर रख-रखाव का कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आता है। कुछ लोगों द्वारा वर्ष 2019 के एक उदाहरण को उल्लेखित किया जाता है, जबकि पीएम सूर्यघर योजना 13 फरवरी 2024 को नवीनतम और कड़े तकनीकी मानकों के साथ शुरू की गई है। पुराने और अप्रचलित उदाहरणों के आधार पर वर्तमान योजना की गुणवत्ता पर प्रश्न उठाना अनुचित एवं भ्रामक है। धूल के कारण उत्पादन में कमी एक आना और सामान्य सफाई से इसका उपचार एक बहुत सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें सामान्य पानी से सफाई कर ठीक किया जा सकता है। इसे एक बड़ी तकनीकी विफलता या भारी खर्च के रूप में प्रस्तुत करना अतिश्योक्तिपूर्ण है।

वित्तीय समावेशन पर आधारित दीदी के गोठ का छठवां एपिसोड आज होगा प्रसारित

वित्तीय समावेशन पर आधारित दीदी के गोठ का छठवां एपिसोड आज होगा प्रसारित

 रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान द्वारा संचालित लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम दीदी के गोठ का छठवां एपिसोड 8 जनवरी 2026 को प्रसारित किया जाएगा। यह एपिसोड वित्तीय समावेशन की थीम पर आधारित होगा, जिसमें स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी प्रेरक कहानियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

 वित्तीय समावेशन पर आधारित ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड 08 जनवरी को होगा प्रसारित


इस विशेष एपिसोड में दुर्ग, बालोद एवं गरियाबंद जिलों की दीदियाँ अपने जीवन के अनुभव साझा करेंगी। वे बताएंगी कि बैंकिंग सुविधाओं से जुड़ाव, नियमित बचत, ऋण, बीमा तथा डिजिटल लेन-देन जैसी वित्तीय सेवाओं ने उनके जीवन में किस प्रकार सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाए हैं। कार्यक्रम के माध्यम से यह भी रेखांकित किया जाएगा कि ग्रामीण महिलाएँ किस तरह राज्य की अर्थव्यवस्था में सशक्त भागीदारी निभा रही हैं।

 वित्तीय समावेशन पर आधारित ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड 08 जनवरी को होगा प्रसारित


कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री श्री विजय शर्मा का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा। अपने संदेश में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, वित्तीय अनुशासन अपनाने और आजीविका के नए अवसर सृजित करने हेतु प्रोत्साहित करेंगे।

 वित्तीय समावेशन पर आधारित ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड 08 जनवरी को होगा प्रसारित


दीदी के गोठ का यह छठवां एपिसोड 8 जनवरी 2026 को हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा में आकाशवाणी के राज्य के समस्त केंद्रों से दोपहर 2 बजे से प्रसारित किया जाएगा। वहीं बस्तरिया भाषा में आकाशवाणी केंद्र जगदलपुर तथा सरगुजिया भाषा में आकाशवाणी केंद्र अंबिकापुर से दोपहर 2:30 बजे से इसका प्रसारण किया जाएगा। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उपयोगी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित भी करेगा।

 वित्तीय समावेशन पर आधारित ‘दीदी के गोठ’ का छठवां एपिसोड 08 जनवरी को होगा प्रसारित

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बजट निर्माण को लेकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ली समीक्षा बैठक

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बजट निर्माण को लेकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ली समीक्षा बैठक

 रायपुर। वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित तीसरे बजट की तैयारियों के तहत मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बजट निर्माण संबंधी एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने की।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत पंचायत संचालनालय, ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा इकाइयों द्वारा प्रस्तुत बजट मांग प्रस्तावों पर क्रमवार चर्चा करते हुए उनकी उपयोगिता और प्राथमिकताओं की गहन समीक्षा की गई।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए बजट प्रावधान व्यवहारिक एवं प्रभावी होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण अधोसंरचना के विस्तार, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजन, स्वच्छ पेयजल उपलब्धता, आवास निर्माण, स्वच्छता अभियानों तथा आजीविका से जुड़ी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए जाएँ।

उन्होंने वीबी जी राम जी अधिनियम के तहत विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रस्ताव निर्माण एवं क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने हेतु अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापना पर जोर दिया। उन्होंने नवीन योजना प्रारम्भ कर आवास योजना के हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने अच्छा कार्य करने वाली महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं एवं लखपति दीदियों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। 

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि विभागीय बजट केवल व्यय तक सीमित न होकर ठोस परिणाम देने वाला होना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित समाधान, क्षमता संवर्धन और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से पंचायत व्यवस्था को अधिक सक्षम एवं पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने प्रत्येक योजना के साथ स्पष्ट लक्ष्य, अपेक्षित उपलब्धियाँ और लागत एवं लाभ का आकलन अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्ययोजना पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का बजट गांवों में आत्मनिर्भरता, बुनियादी सुविधाओं की मजबूती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सचिव श्री भीम सिंह, पंचायत संचालक श्रीमती प्रियंका महोबिया, संचालक श्री तारण प्रकाश सिन्हा, संचालक श्री अश्विनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी जशपुर जिले की जीवन रेखा, वर्ष 2025 में 10,114 मरीजों को मिली आपातकालीन सेवा

डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी जशपुर जिले की जीवन रेखा, वर्ष 2025 में 10,114 मरीजों को मिली आपातकालीन सेवा

 रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा जिलेवासियों को दी गई 10 अतिरिक्त संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंसों की सौगात के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त हुई हैं। वर्तमान में जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवन रक्षक बनकर दिन-रात जिले के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में दौड़ रही हैं। 

जिले के संजीवनी एक्सप्रेस 108 के प्रबंधक दीपक साहू ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा के माध्यम से जिले में कुल 10,114 मरीजों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, हृदयाघात, सर्पदंश तथा प्रसूति जैसे आपात मामलों में इन एंबुलेंसों ने अहम भूमिका निभाई है।

डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस से 2025 में 572 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कई मामलों में एंबुलेंस के भीतर ही सफल प्रसव कराकर माँ और नवजात की जान बचाई गई, जो एंबुलेंस में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त 10 एंबुलेंसों के चलते दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी त्वरित स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित हो पाई है। इससे न केवल प्रतिक्रिया समय में कमी आई है, बल्कि ग्रामीण अंचलों के लोगों को भी समय पर जीवन रक्षक चिकित्सा सुविधा मिल रही है।जिलेवासियों का कहना है कि संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा ने आपात स्थिति में भरोसेमंद सहारा बनकर स्वास्थ्य व्यवस्था में नई मजबूती दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ होती जा रही हैं, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।

बस्तर अब बदल रहा है — शांति, विश्वास और विकास की ओर तेज़ी से बढ़ता नया बस्तर-मुख्यमंत्री साय

बस्तर अब बदल रहा है — शांति, विश्वास और विकास की ओर तेज़ी से बढ़ता नया बस्तर-मुख्यमंत्री साय

 0-बस्तर में अब डर नहीं, बल्कि भरोसे की आवाज़ गूंज रही है -मुख्यमंत्री 

0-सुकमा में 64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए किया आत्मसमर्पण

 रायपुर--बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले में ?64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 7 महिलाएँ भी शामिल हैं।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल सुरक्षा मोर्चे पर उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवीय विश्वास और संवाद की जीत है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के स्पष्ट संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में लागू संतुलित सुरक्षा रणनीति और संवेदनशील पुनर्वास नीति का प्रत्यक्ष परिणाम अब दिखाई दे रहा है। पूना मार्गेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान ने उन युवाओं के जीवन में नई आशा जगाई है, जो कभी नक्सलवाद के भ्रम जाल में भटक गए थे। लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविर, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सुदूर अंचलों तक शासन की सीधी पहुँच ने बस्तर की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। आज बस्तर में डर नहीं, बल्कि विश्वास की आवाज़ गूंज रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग त्यागने वालों के लिए सरकार के दरवाज़े हमेशा खुले हैं। सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।  मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि नक्सल समस्या का स्थायी समाधान सुरक्षा, विकास और विश्वास की त्रयी में निहित है। मुख्यमंत्री ने शेष माओवादी साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि वे शांति, परिवार और प्रगति का रास्ता चुनें। राज्य सरकार उनकी पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन में पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज शांति की दिशा में निर्णायक क़दम बढ़ा चुका है और हर आत्मसमर्पण के साथ नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और अधिक मज़बूत हो रहा है।

आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा सिरकट्टी धाम-मुख्यमंत्री साय

आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा सिरकट्टी धाम-मुख्यमंत्री साय

0-जनसहभागिता से निर्मित भव्य श्रीरामजानकी मंदिर छत्तीसगढ़ की आस्था और एकजुटता का प्रतीक - मुख्यमंत्री

  0-श्रीरामजानकी मंदिर के शिखर पर लहराई धर्मध्वजा, मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की समृद्धि की कामना की  

रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के सिरकट्टी धाम आश्रम स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा मंदिर के सर्वोच्च शिखर पर धर्मध्वजा की स्थापना की। उन्होंने आश्रम को सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए आश्रम परिसर में समरसता भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद पूरे देश में जो आध्यात्मिक चेतना का वातावरण निर्मित हुआ है, उसी की अखंड धारा का विस्तार आज सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा स्थापना के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऋषि-मुनियों, साधु-संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की पवित्र भूमि है। हमें धर्म को केवल आस्था के रूप में नहीं, बल्कि कर्तव्य के रूप में स्वीकार करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय यहीं व्यतीत किया। दंडकारण्य के रूप में विख्यात अबूझमाड़ का विशाल जंगल कभी नक्सल समस्या से प्रभावित क्षेत्र था, जो आज तेजी से नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 39 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की निशुल्क तीर्थयात्रा कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत भी अब तक पांच हजार से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के पांच शक्तिपीठों के विकास का कार्य भी निरंतर प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना के तहत 148 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है तथा रतनपुर के विकास के लिए भी प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा कि राजिम कल्प-कुंभ का आयोजन भी इस बार भव्य स्वरूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामजानकी मंदिर का भव्य स्वरूप जनसहभागिता का अनुपम उदाहरण है। लगभग 22 हजार परिवारों के सहयोग से लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह मंदिर बीते 10 वर्षों की तपस्या का परिणाम है। राजस्थान के शिल्पियों द्वारा पारंपरिक शैली में बिना सीमेंट और छड़ के उपयोग के निर्मित इस मंदिर की आयु लगभग एक हजार वर्ष आंकी गई है। उन्होंने मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की आस्था और एकजुटता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने धर्मध्वजा रोहण को ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल परंपरागत ध्वजारोहण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में धर्म, अध्यात्म और सामाजिक समरसता की स्थापना का प्रतीक है।  केबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि हम सभी के लिए सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा की स्थापना देखना अलौकिक अनुभव है। कार्यक्रम में सिरकट्टी आश्रम के महामंडलेश्वर महंत संत गोवर्धन शरण व्यास ने स्वागत उद्बोधन में सिरकट्टी आश्रम की स्थापना और महत्व पर जानकारी दी।  इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक सर्वश्री रोहित साहू, दीपेश साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, अनेक जनप्रतिनिधि, देश के विभिन्न स्थानों से आए संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

 0-साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक उत्थान की मिसाल — मुख्यमंत्री साय

 0-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में हुए शामिल  

 रायपुर-राजिम भक्तिन माता एवं माता कर्मा के बताए संदेश मानव समाज के लिए कल्याणकारी है, हमें उनके संदेशों का अनुसरण करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय ने आज राजिम के त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने भगवान श्री राजीव लोचन एवं भक्त माता राजिम की पूजा अर्चना कर प्रदेश और समाज की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साहू सृजन पत्रिका का विमोचन किया। साहू समाज द्वारा मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया।  मुख्यमंत्री श्री साय ने राजिम माता भक्ति जयंती की बधाई देते हुए कहा कि साहू समाज समृद्ध और शिक्षित समाज है जो हर दृष्टिकोण से समृद्ध रहा है। साहू समाज का इतिहास भी समृद्ध रहा है। हम सबको दानवीर भामाशाह,बाबा सत्यनारायण जी का आशीर्वाद मिल रहा है। यह समाज निरंतर विकास करें। यही कामना है। जब समाज एक जुट होगा तो केवल समाज ही नहीं प्रदेश और देश भी शक्तिशाली और समृद्ध बनता है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज के सामूहिक विवाह को अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि राजिम माता ने जिस साहू समाज को अपनी मेहनत और त्याग से संगठित किया, आज वह समाज शिक्षा, कृषि व व्यवसाय सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राजिम माता के आशीर्वाद से हर गारंटी को पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उर्वरा से भरपूर है। अब नक्सलवाद से जवान पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। हम सबका संकल्प है कि 31 मार्च तक बस्तर को नक्सल मुक्त कर देंगे। राज्य के विकास में बाधक नक्सलवाद अब खत्मा की ओर है। राज्य को हम सब समृद्धि की दिशा में लेकर जाएंगे।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज सिरकट्टी आश्रम में भव्य राम जानकी मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना की गई। इस पुण्य अवसर पर हमें शामिल होने का सौभाग्य मिला। जैसे अयोध्या धाम में धर्म ध्वजा स्थापना किए हैं, उसी तर्ज पर यहां कुटेना में भी धर्म ध्वजा स्थापित किया गया है। मेरा सौभाग्य है कि एक साल पहले भी इस अवसर पर शामिल होने का अवसर मिला था।  उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि साहू समाज एक संगठित समाज के रूप में जाना जाता है। आज हम सभी राजिम माता की जयंती मनाने आये हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के इस पावन धरती से प्रेरणा लेकर जाएंगे और मिलकर समाज के विकास के लिए काम करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि माता राजिम भक्तीन की महिमा का बखान करते हुए कहा कि राजिम त्याग, भूमि तपस्या, साधना और श्रम की भूमि है। भगवान को खिचड़ी खिलाने वाले समाज से हमारा समाज का नाता है। हम अपने पुरखों के योगदान को याद करके समाज को आगे ले जा सकते हैं। शिक्षा और संस्कार भी जरूरी है। इस अवसर पर साहू समाज के प्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह का गरिमामय समापन

सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह का गरिमामय समापन

 रायपुर :- शिक्षा प्रचारक समिति, रायपुर द्वारा संचालित श्री वामनराव लाखे उच्च माध्यमिक शाला एवं एस.पी. इंग्लिश मीडियम स्कूल, हीरापुर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह 2026 का दिनांक 07 जनवरी 2026 को विद्यालय प्रांगण में गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक समापन हुआ।


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय श्रीमती मीनल चौबे जी, महापौर, नगर निगम रायपुर (छ.ग.) रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा, अनुशासन एवं निरंतर परिश्रम का महत्व बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय डॉ. वर्णिका शर्मा जी, अध्यक्ष, महिला बाल विकास आयोग द्वारा की गई। उन्होंने अपने अध्यक्षीय भाषण में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु सांस्कृतिक गतिविधियों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि माननीय श्री अजय तिवारी जी, अध्यक्ष, प्रबंध समिति रायपुर ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए विद्यालय परिवार को बधाई दी।

समारोह में स्वागतकर्ता के रूप में

श्री अनिल तिवारी, सचिव, प्रबंध समिति

श्री आर.के. गुप्ता, उपाध्यक्ष, प्रबंध समिति

की गरिमामय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ मिडिल क्लास (कक्षा 6 से 8) के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया। इसके पश्चात प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) के विद्यार्थियों ने पारंपरिक एवं समूह नृत्य प्रस्तुत कर भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक दिखाई।

इंग्लिश मीडियम कक्षा 6 की छात्राएँ — रिमझिम, आयुषी, चांदनी, भावना, मान्या एवं ज्योति की प्रस्तुति विशेष रूप से सराहनीय रही। वहीं उच्च कक्षाओं (कक्षा 9 से 12) के विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिका एवं समूह गायन के माध्यम से सामाजिक संदेश प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्राचार्यगण एवं शिक्षकों का विशेष योगदान रहा, जिनमें—

श्रीमती भारती यादव, प्राचार्य, श्री वामनराव लाखे उ.मा. शाला, गांधी चौक, रायपुर

श्रीमती मंजू साहू, प्राचार्य, श्री वामनराव लाखे उ.मा. शाला, हीरापुर, रायपुर

डॉ. देवाशीष मुखर्जी, प्राचार्य, महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय, गांधी चौक, रायपुर

श्रीमती आशा रानी बोस, प्राचार्य, एस.पी. इंग्लिश मीडियम स्कूल, हीरापुर, रायपुर

तथा श्री विष्णु महोबिया, व्यवस्थापक की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। अंत में पुरस्कार वितरण एवं आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का अनुशासित एवं भव्य समापन हुआ। समस्त शाला परिवार द्वारा अतिथियों, अभिभावकों एवं आमंत्रित जनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
मजदूर मां की गोद सूनी: काम के दौरान मां के पास खेल रहे थे बच्चे, चने की बोरियों ने ली जान

मजदूर मां की गोद सूनी: काम के दौरान मां के पास खेल रहे थे बच्चे, चने की बोरियों ने ली जान

 बलौदा-बाजार-भाटापारा। जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक वेयरहाउस में खेल रहे दो बच्चों के ऊपर चने की बोरियां गिर गई, जिसके नीचे दबकर दोनों की मौत हो गई। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

यह घटना भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में हुई है। यहां के एक वेयरहाउस में जब दो बच्चे खेल रहे थे, तभी दोनों के ऊपर चने की बोरियां गिर गई और दोनों बच्चे बोरियों के नीचे दब गए। जब तक लोगों ने बोरियों को हटाया, तब तक दोनों बच्चे बेहोश हो गए थे। इसके बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, दोनों बच्चों की पहचान प्रीतम और अखिलेश पटेल के रूप में की गई है, जो कि बिलासपुर जिले के बेलगहना गांव के रहने वाले थे। प्रीतम और अखिलेश की मां धौराभाटा गांव में स्थित बंशी गोपाल वेयरहाउस में काम करती है। मंगलवार शाम 4 बजे वे दोनों अपनी मां के साथ वेयरहाउस में आए थे। दोनों खेल रहे थे, तभी उन दोनों के ऊपर चने की बोरियां गिर गई, जिसकी चपेट में दोनों आ गए।

 
CG NEWS : 10 सहायक शिक्षकों काे DEO ने किया निलंबित..जानिये क्या है पूरा मामला..!!

CG NEWS : 10 सहायक शिक्षकों काे DEO ने किया निलंबित..जानिये क्या है पूरा मामला..!!

 सरगुजा। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के दौरान अतिशेष शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में तबादला करते हुए पदस्थापना आदेश जारी किया गया था। जारी आदेश में संबंधित स्कूलों में ज्वाइनिंग देने व अध्ययन अध्यापन कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया था। निर्देश के बाद भी तबादला वाले स्कूलों में ज्वाइनिंग ना देने वाले 10 सहायक शिक्षकों काे डीईओ डा दिनेश कुमार झा ने निलंबित कर दिया है।

डीईओ द्वारा जारी निलंबन आदेश में सहायक शिक्षकों द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन माना गया है। बता दें कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को चुनौती देते हुए कुछ शिक्षकों ने संभाग स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन पेश किया था। अभ्यावेदन पर सुनवाई के बाद समिति ने अभ्यावेदन को खारिज कर दिया था। समिति के फैसले के बाद भी शिक्षकों ने संबंधित स्कूलों में ज्वाइनिंग नहीं दी है। बता दें कि कुछ दिनों पहले जेडी ने ज्वाइनिंग नहीं देने वाले पांच शिक्षकों को निलंबित किया था।

युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत किए गए तबादला आदेश को चुनौती देते हुए बड़ी संख्या में शिक्षकों ने बिलासपुर होई कोर्ट ने चुनौती देते हुए अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से याचिका दायर की थी। इनमें उत्तर छत्तीसगढ़ के शिक्षक भी थे। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने जिला व संभाग स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने और समिति को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद याचिकाकर्ता शिक्षकों ने समितियों के समक्ष अभ्यावेदन पेश किया था। कुछ शिक्षकों के अभ्यावेदन को स्वीकार करते हुए समिति ने उनके पक्ष में निर्णय सुनाया था। अधिकांश शिक्षकों के अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत किए गए तबादला आदेश को सही मानते हुए संबंधित स्कूलों में ज्वाइनिंग का आदेश दिया था। समिति के आदेश के बाद भी शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं दी थी।

गीता चौधरी, प्राथमिक शाला रिखीमुंडा, अजय कुमार मिश्रा, प्राथमिक शाला बांधपारा, सीमा सोनी, प्राथमिक शाला चठीरमा,अल्पना गुप्ता, प्राथमिक शाला हर्राटिकरा, मधु गुप्ता, प्राथमिक शाला बिसुनपुर, भीष्म सिंह, प्राथमिक शाला मुड़ापारा।

अंजुला श्रीवास्तव, प्राथमिक शाला हर्राटिकरा, निर्मला तिर्की, प्राथमिक शाला दरिमा, बिंदु जायसवाल प्राथमिक शाला चिटकीपारा संकुल टपरकेला, गीता देवी, प्राथमिक शाला रजपुरीखुर्द।

 
CG NEWS : 5 स्पा सेंटरों पर पुलिस की रेड, हो रहा था ये गंदा काम

CG NEWS : 5 स्पा सेंटरों पर पुलिस की रेड, हो रहा था ये गंदा काम

 बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने स्पा सेंटरों में नियमों के उल्लंघन को लेकर विशेष अभियान चलाया। जांच के दौरान एक्वा स्पा 36 मॉल, एसीसी स्पा व्यापार विहार, दर्शना स्पा भारतीय नगर, एलिमेंट्स स्पा और एक्वा-2 स्पा की सघन जाँच की गई।

जाँच में अनियमित गतिविधियां सामने आने पर संबंधित प्रबंधकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। कार्रवाई में अविनाश लहरे, ऋषभ सारथी, मोहम्मद मोइन खान, मनीष जोशी और अमन सेन शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि यह अभियान सिविल लाइन क्षेत्र में स्पा सेंटरों में सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया है।

धर्मध्वजा स्थापना अवसर पर सिरकट्टी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,हेलीपैड पर भव्य स्वागत

धर्मध्वजा स्थापना अवसर पर सिरकट्टी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,हेलीपैड पर भव्य स्वागत

 गरियाबंद। बुधवार को सिरकट्टी आश्रम में आयोजित श्रीराम–जानकी मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा स्थापना एवं कलश पूजन कार्यक्रम के अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीपैड पर राजिम विधायक रोहित साहू द्वारा गरियाबंद जिले की ओर से भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया

मुख्यमंत्री के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

धार्मिक आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ, जिसमें धर्मध्वजा स्थापना एवं कलश पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई। पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

उल्लेखनीय है कि चतुर्भुज सिरकट्टी पावन धाम स्थित नवनिर्मित भव्य श्रीरामजानकी मंदिर में 6 से 12 जनवरी तक 51 कुंडीय श्रीराम चरित मानस महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

इसी क्रम में आज 7 जनवरी को दोपहर मंदिर परिसर में धर्मध्वजा स्थापना एवं कलश पूजन का पावन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर नवनिर्मित मंदिर में धर्मध्वज की विधिवत स्थापना करेंगे।

महायज्ञ और धार्मिक आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

स्वामी विवेकानंद ने दुनिया में बढ़ाया भारत की संस्कृति एवं सनातन का मान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

स्वामी विवेकानंद ने दुनिया में बढ़ाया भारत की संस्कृति एवं सनातन का मान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अल्पायु में ही संपूर्ण विश्व को भारत की सनातन संस्कृति, अध्यात्म और दर्शन से परिचित कराते हुए देश का सम्मान बढ़ाया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सेंड ऑफ सेरेमनी समारोह में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है तथा राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह उत्सव भारत की युवा ऊर्जा, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण की भावना का सशक्त प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ वासियों के लिए यह बड़े सौभाग्य की बात है कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपना अधिकांश समय रायपुर में बिताया। बूढ़ा तालाब एवं डे-भवन जैसी पावन स्थलों की स्मृतियाँ आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए 75 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया गया है, जो पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। इनमें 45 युवा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से, 1 युवा डिजाइन फॉर भारत ट्रैक से तथा 29 प्रतिभागी सांस्कृतिक ट्रैक्स से शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ के युवाओं का प्रतिनिधित्व भारत की युवा शक्ति, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और युवा नेतृत्व का प्रदर्शन करेंगे। इससे छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू पूरे देश में बिखरेगी और राज्य गौरवान्वित होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के युवा 9 जनवरी को नई दिल्ली पहुँचकर देश के विभिन्न प्रांतों से आए युवा कलाकारों एवं यंग लीडर्स से मुलाकात करेंगे और विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। 11 जनवरी को इसरो के गगनयात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मिलेंगे और उनके अंतरिक्ष अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के युवा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की पहचान है और युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के प्रसिद्ध संदेश – “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” – का उल्लेख करते हुए युवाओं से इससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि जहाँ युवा समूह होता है, वहाँ ऊर्जा का स्वाभाविक संचार होता है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि देश के यंग लीडर्स सभी क्षेत्रों में नेतृत्व करें। हमारी सरकार ने बेहतर व्यवस्थाओं के साथ विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक युवा महोत्सव का सफल आयोजन कराया है। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों की सराहना भी की। श्री साव ने भी सभी चयनित प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्य मंच से चयनित प्रतिभागियों को वेशभूषा किट प्रदान किए। साथ ही कुछ प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए।

इस मौके पर युवा आयोग अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री निवास में कल जनदर्शन

मुख्यमंत्री निवास में कल जनदर्शन

 रायपुर-मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 8 जनवरी गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।

बस्तर अंचल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर अंचल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 0-मुख्यमंत्री श्री साय ने सुकमा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों से की आत्मीय मुलाकात

  रायपुर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना के अंतर्गत राजधानी भ्रमण पर आए सुकमा जिले की सुदूरवर्ती ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बस्तर के प्रत्येक गांव तक पहुंचाने के लिए निरंतर  कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र में भी तीव्र गति से विकास कार्य संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर अंचलों में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों को सुरक्षा और गति दोनों प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब अधिकांश गांवों में शासकीय राशन दुकानों की स्थापना की जा चुकी है तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा  कि निकट भविष्य में बस्तर क्षेत्र पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आत्मनिर्भर बस्तर के लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से बस्तर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को राजधानी भ्रमण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि वे यहां के विकास कार्यों को देखकर प्रेरित हों और अपने क्षेत्रों में भी चहुंमुखी विकास को बढ़ावा दें।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना के अंतर्गत सुकमा जिले के सुदूरवर्ती विभिन्न ग्राम पंचायतों के लगभग 100 पंचायत प्रतिनिधि राजधानी रायपुर के दो दिवसीय भ्रमण पर आए हैं। भ्रमण के दौरान जनप्रतिनिधियों को मंत्रालय, जंगल सफारी, आदिवासी संग्रहालय, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और शॉपिंग मॉल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कराया गया।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बिलासपुर को राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बिलासपुर को राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम

 00 डबल इंजन सरकार का निर्णायक कदम — बिलासपुर बनेगा छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर के विकास का नया रोडमैप तय

00 राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर बिलासपुर को प्रमुख स्थान दिलाने की बड़ी शुरुआत: केंद्र–राज्य समन्वय से बिलासपुर के विकास को मिली नई रफ्तार

00 मुख्यमंत्री ने प्रस्तुत किया बिलासपुर का 15 वर्षीय विकास विज़न

रायपुर। छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास के लिए एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। बैठक में जिस प्रकार केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी दर्ज हुई, उसने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर का विकास केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिकता का विषय बन चुका है। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री अमर अग्रवाल , विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण सभी एक ही मंच पर उपस्थित थे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह शक्तिशाली संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर—दोनों स्तरों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन में गति लाने के लिए राजनीतिक तथा प्रशासनिक इच्छा-शक्ति पूरी तरह सक्रिय है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10–15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं पर नहीं, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं छोड़ा गया। यही संदेश यह स्थापित करता है कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि बारीकी से जमीन पर लागू होने योग्य योजना बना रही है। इस दृष्टिकोण ने मुख्यमंत्री की छवि एक दूरदर्शी शहरी विकास नेता के रूप में और सुदृढ़ की है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह भी संकेत दिया कि बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएँ, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी।

बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्थापित किया कि बिलासपुर का विकास शहर के भविष्य का सामूहिक संकल्प है। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि बिलासपुर विकास रोडमैप के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
केंद्र–राज्य समन्वय के इस मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की शहरी विकास योजनाएँ अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ चुकी हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ मिलेगा।

बैठक में बताया गया कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यहाँ विकास की नई लहर उत्पन्न होने जा रही है।
बिलासपुर के विकास का यह अभियान प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। शहरी विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना पर केंद्रित यह एजेंडा डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी पहल की पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर का विकास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकल्प है। डबल इंजन सरकार की ताकत के साथ बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

 

 

 

शहरों के संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

शहरों के संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

 00 बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

00 न्यायधानी बिलासपुर के समग्र विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर हुई व्यापक चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बिलासपुर शहर तथा बाह्य क्षेत्रों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए यहां संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और इसी के अनुरूप शहरी अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और इससे जुड़ी परियोजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन की दृष्टि से प्राथमिकता में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जाएं। श्री साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा निरंतर नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही आने वाला बजट भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा और इसके माध्यम से “विकसित छत्तीसगढ़” की संकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने कहा कि विभागों के आपसी समन्वय से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे और गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, ड्रेनेज, प्रदूषण मुक्त शहर, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आवास, ई-बस सेवा, हवाई यातायात, ट्रांसपोर्ट नगर, उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन तथा अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) से जुड़े विषयों पर बिंदुवार मंथन किया गया और विभिन्न विषयों पर सहमति भी बनी। इसमें सिम्स के नए अस्पताल भवन के लिए एएस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार हेतु डिफेंस को राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही एयरपोर्ट के अन्य विकास कार्यों एवं नाइट लैंडिंग सुविधा को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर सिलपहरी के विकास का कार्य सीएसआईडीसी द्वारा किए जाने तथा भूमि हेतु आवेदन प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे आगामी बजट में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

इसके अतिरिक्त बिलासपुर के राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक (वाय आकार) - रतनपुर मार्ग तक 305 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण, पुराना बस स्टैंड चौक पर सीएमडी चौक-इमलीपारा रोड-टैगोर चौक-जगमल चौक तक 115 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर का निर्माण, एफसीआई गोडाउन व्यापार विहार क्षेत्र को सिरगिट्टी-महमंद बायपास से जोड़ने हेतु 320 करोड़ की लागत से तारबहार फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार शहर के यातायात दबाव को कम करने हेतु 950 करोड़ की लागत से फोरलेन बिलासपुर रिंग रोड निर्माण के लिए एनएचएआई की सहमति के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। खारंग जलाशय में पाराघाट व्यपवर्तन योजना के लिए 328 करोड़ रुपये, नगर निगम क्षेत्र में अरपा नदी के एसटीपी एवं ड्रेनेज कार्यों के लिए 252 करोड़ रुपये तथा बिलासपुर शहर की जलभराव समस्या के समाधान हेतु आपदा प्रबंधन निधि से 150 करोड़ रुपये दिए जाने की सहमति बनी। बिलासपुर में कैंसर अस्पताल के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल से चर्चा करने, कानन पेंडारी के सामने अंडरपास निर्माण, कोनी से बिरकोना–खमतराई–बहतराई मार्ग के निर्माण, 24×7 जल आपूर्ति योजना हेतु डीपीआर तैयार करने तथा अरपा साडा क्षेत्र के विकास के लिए टीएनसीपी एवं जिला अधिकारियों की बैठक कर पूर्व योजनाओं पर चर्चा तथा इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

शिक्षा से ही राष्ट्र का भविष्य बदलता है, शिक्षक इसकी धुरी हैं : वित्त मंत्री चौधरी

शिक्षा से ही राष्ट्र का भविष्य बदलता है, शिक्षक इसकी धुरी हैं : वित्त मंत्री चौधरी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी का समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। नगर निगम रायगढ़ के ऑडिटोरियम में 3 एवं 4 जनवरी को आयोजित इस सम्मेलन में राष्ट्र हित, शिक्षा हित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन किया गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सम्मेलन में प्रदेश के 33 जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की, जिनमें सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम सहित दूरस्थ अंचलों के शिक्षक शामिल रहे।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य शिक्षा से ही बदलता है और शिक्षा की गुणवत्ता का केंद्र बिंदु शिक्षक होता है। शिक्षक केवल विषयवस्तु का ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का निर्माता है। शिक्षक के संस्कार, सोच और नवाचार से ही विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, मूल्यबोध और राष्ट्र के प्रति समर्पण विकसित होता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भारत की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि सामान्य परिवार का बच्चा भी शिक्षा के बल पर सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था में संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी है, लेकिन गुणवत्ता और मूल्य आधारित शिक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। सरकारी विद्यालयों के प्रति समाज का विश्वास मजबूत करना आवश्यक है, जिसमें शिक्षकों की भूमिका निर्णायक है। इस अवसर पर रायगढ़ में शिक्षक सदन निर्माण की मांग पर वित्त मंत्री ने विधायक निधि से 20 लाख रुपये की स्वीकृति देने की घोषणा की और शिक्षक संघ की मांगों को सकारात्मक रूप से शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया

सम्मेलन में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि शिक्षक बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों से जूझने के लिए सक्षम बनाते हैं। नगर निगम रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने शिक्षकों को समाज का ज्ञान स्तंभ बताते हुए सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए शिक्षक संघ को बधाई दी

सम्मेलन के दौरान राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर श्री नारायण नामदेव (सह प्रांत प्रचारक, आरएसएस), राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर श्री आलोक शर्मा (सेवानिवृत्त प्राध्यापक, रायपुर) तथा पंच परिवर्तन एवं समाज-राष्ट्र निर्माण विषय पर श्री गोपाल यादव (सह प्रांत कार्यवाह, आरएसएस) ने विचार रखे।
जिला अध्यक्ष मनीष देवांगन ने बताया कि सम्मेलन में एलबी शिक्षक संवर्ग की प्रमुख मांगों को लेकर प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना किए जाने संबंधी मांग पत्र माननीय वित्त मंत्री को सौंपा गया। साथ ही शिक्षक संघ रायगढ़ एवं सक्ति द्वारा प्रकाशित वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, शिक्षक संघ के प्रांतीय, संभागीय एवं जिला पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे। सम्मेलन ने शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नई दिशा देने का कार्य किया।

केबिनेट मंत्री देवांगन 7 को खैरागढ़ व 8 जनवरी को मुंगेली के दौरे पर

केबिनेट मंत्री देवांगन 7 को खैरागढ़ व 8 जनवरी को मुंगेली के दौरे पर

 रायपुर। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन 7 जनवरी से 8 जनवरी दो दिवसीय दौरे पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मुंगेली, कोरबा जिले के दौर पर जाएंगे। इस दौरान वे 07 जनवरी को प्रात: 10 बजे रायपुर से खैरागढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 2 बजे खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के कलेक्ट्रेट सभागृह में विभागीय अधिकारियों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे। दोपहर 3:30 बजे खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। मंत्री श्री देवांगन 8 जनवरी 2026 को प्रात: 10 बजे रायपुर से मुंगेली के लिए प्रस्थान करेंगे, दोपहर 12:30 बजे मुंगेली जिले के कलेक्ट्रेट सभागृह में विभागीय अधिकारियों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे। इसके पश्चात् दोपहर 03 बजे मुंगेली जिले से कोरबा जिले के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 6 बजे चारपारा कोहडिय़ा कोरबा आगमन एवं विश्राम।

नदी-नाले पार कर बचाया गया भविष्य, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को मिल रही जमीनी मजबूती

नदी-नाले पार कर बचाया गया भविष्य, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को मिल रही जमीनी मजबूती

 रायपुर। मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से साकार होता नजर आ रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग एवं जिला प्रशासन की सतर्कता और संवेदनशीलता के चलते दुर्गम एवं पहुँचविहीन क्षेत्र में नदी-नाले पार कर 12 वर्षीय बालिका का बाल विवाह समय रहते रोका गया। इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक मासूम का भविष्य सुरक्षित हुआ, बल्कि समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध सशक्त संदेश भी गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 जनवरी 2026 को प्रशासन को सूचना मिली कि सुकमा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रामाराम के सुदूर गांव नाड़ीगुफा में एक नाबालिक बालिका का विवाह किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के मार्गदर्शन में तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के नेतृत्व में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन तथा विभागीय अमले की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने उफनते नदी-नालों और अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पैदल यात्रा कर गांव तक पहुँच बनाई और समय रहते विवाह प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया।

मौके पर यह पाया गया कि पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी थीं। अधिकारियों द्वारा संवेदनशीलता के साथ परिजनों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों, कानूनी दायित्वों तथा इसके गंभीर सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। प्रशासन की समझाइश का सकारात्मक प्रभाव पड़ा और परिजनों ने स्वेच्छा से बाल विवाह रोकने का निर्णय लिया। ग्रामीणों की उपस्थिति में विधिवत पंचनामा तैयार कर कार्रवाई को औपचारिक रूप दिया गया।
कार्रवाई के दौरान बालिका को पुन: शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे तथा उसके सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए परिजनों को प्रेरित किया गया। साथ ही शासन की विभिन्न बाल संरक्षण एवं शिक्षा से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 10 मार्च 2024 को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ किया गया था। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 16 के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 13,823 बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों को अधिसूचित किया गया है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप नवंबर 2025 तक प्रदेश में 189 बाल विवाह रोके जा चुके हैं। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों एवं जनसहभागिता के चलते बालोद जिला पूर्णत: बाल विवाह मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। वर्ष 2025-26 के लिए राज्य शासन ने 31 मार्च 2026 तक राज्य की 50 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने तथा 31 मार्च 2029 तक छत्तीसगढ़ को पूर्णत: बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट किया है कि बच्चों का सुरक्षित, शिक्षित एवं गरिमामय भविष्य सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के उन्मूलन हेतु प्रशासनिक सतर्कता, जनजागरूकता एवं त्वरित कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

भाजपा नाम बदलने की राजनीति नहीं करती, अपितु राष्ट्र नीति पर काम करती है : भाजपा

भाजपा नाम बदलने की राजनीति नहीं करती, अपितु राष्ट्र नीति पर काम करती है : भाजपा

 00 कांग्रेस शासनकाल में सभी योजनाओं को एक ही खानदान के लोगों के ही नाम पर संचालित किया

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने नाम बदलकर मनरेगा के स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा विकसित भारत - जी राम जी अधिनियम-2025 लागू किए जाने पर कांग्रेस नेताओं द्वारा बिलावजह मचाए जा रहे शोर को रूदाली-प्रलाप निरुपित किया है। श्री ठोकने ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नाम बदलने की राजनीति नहीं करती, अपितु राष्ट्र नीति पर काम करती है। बघेल को यह कतई नहीं भूलना चाहिए कि जिस मनरेगा का नाम कथित तौर पर बदलने पर उन्होंने और उनकी कांग्रेस पार्टी ने इन दिनों आसमान सिर पर उठाया हुआ है, कांग्रेस ने स्वयं भी अनेक बार रोजगार गारंटी योजना के संदर्भ में भी नाम बदलने का काम किया है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ठोकने ने कहा कि बघेल का बयान सूप बोले तो बोले, चलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है। योजनाओं के नाम बदलने में राजनीतिक निर्लज्जता की पराकाष्ठा का प्रदर्शन कर चुके बघेल आज किस मुँह से मनरेगा के नाम पर घडिय़ाली प्रलाप कर रहे हैं? श्री ठोकने ने पूर्व मुख्यमंत्री बघेल को याद दिलाया कि उनकी सरकार ने 11 फरवरी, 2019 को एक साथ पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर चल रहीं योजनाओं का नाम उनकी पुण्यतिथि के दिन ही बदलकर उसे नेहरू खानदान के नामों पर रख दिया था। पं. दीनदयाल उपाध्याय स्वावलम्बन योजना और पं. दीनदयाल उपाध्याय आजीविका केन्द्र योजना को राजीव गांधी के नाम पर तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय एलईडी पथ प्रकाश योजना और पं. दीनदयाल उपाध्याय शुद्ध पेयजल योजना को इंदिरा प्रियदर्शिनी के नाम पर कर दिया गया था। ठोकने ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में सभी योजनाओं को एक ही खानदान के लोगों के ही नाम पर संचालित किया। एक परिवार की चाटुकारिता ही कांग्रेस नेताओं की कुलजमा राजनीतिक हैसियत का मापदण्ड है। भाजपा ने देश के उन महापुरुषों के गौरव को पुनर्स्थापित किया, जिसे कांग्रेस ने अनदेखा किया था।

ठोकने ने बघेल को यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस ने हर बार इस योजना का नाम बदला और हर बार सुरसा के मुंह की तरह इसकी विफलता और भ्रष्टाचार का स्मारक बढ़ता गया। लेकिन, इस बार केवल नाम ही नहीं बदला है बल्कि यह योजना अधिक प्रभावी, अधिक पारदर्शी, अधिक उपयोगी बनी है। श्री ठोकने ने कहा कि आज वीबी - जी राम जी के नाम पर छाती पीट रहे बघेल समेत तमाम कांग्रेस नेता यह न भूलें कि सन् 2009 में चुनावी लाभ बटोरने की नीयत से तत्कालीन संप्रग सरकार ने महात्मा गांधी का नाम जोड़कर उसे मनरेगा नाम दिया था। मनरेगा से पहले इसका नाम नरेगा था। उससे पहले जरोयो अर्थात् जवाहर रोजगार योजना था। उससे पहले यह राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम और ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम आदि नाम से भी जानी जाती थी। श्री ठोकने ने कहा कि बघेल और कांग्रेस इस योजना में अब भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म होने के कारण ही चीख-पुकार मचाए हुए हैं। कांग्रेस का तो राजनीतिक एजेंडा ही अब हर सुधार के कामों का विरोध करना भर रह गया है। श्री ठोकने ने कहा कि घृणा से नाम बदलना कांग्रेस की आदत है, जबकि प्यार से परिवर्तन भाजपा की रीति-नीति है। कांग्रेस के पापों की वास्तव में कोई सीमा नहीं है।

भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नबीन से भेंट कर चंदेल ने दी शुभकामनाएँ

भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नबीन से भेंट कर चंदेल ने दी शुभकामनाएँ

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन से मुलाकात कर पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने उन्हें शुभकामनाएँ दी। चंदेल ने पुष्पगुच्छ देकर कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन का अभिनन्दन किया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली कवर्धा की बेटी रिया तिवारी का किया सम्मान…..

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली कवर्धा की बेटी रिया तिवारी का किया सम्मान…..

 रायपुर: बिहार की राजधानी पटना में 25 से 29 दिसंबर तक आयोजित साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हाँसिल किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित चार देशों की टीमों ने भाग लिया था।

इस चैंपियनशिप में भारत की विजेता टीम का हिस्सा बनकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली कवर्धा की होनहार खिलाड़ी सुश्री रिया तिवारी का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सम्मान किया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने रिया को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उपलब्धि की सराहना की तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि रिया तिवारी की यह उपलब्धि न केवल कवर्धा जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रिया ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिया भविष्य में भी देश के लिए अनेक पदक जीतेंगी और प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकें।

रिया ने कहा कि इस सफलता का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता और मेरे कोच श्री अविनाश चौहान एवं श्री जय किशन को जाता है। उनके निरंतर मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं हो पाती। हर कठिन समय में उन्होंने मेरा आत्मविश्वास बनाए रखा और मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी। यह जीत मेरे लिए केवल एक पदक नहीं, बल्कि मेरे खेल जीवन की एक नई शुरुआत है। मैं आगे भी पूरे समर्पण और मेहनत के साथ देश और प्रदेश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करूंगी

तेज रफ्तार का कहर… बस ने बाइक सवार को मारी टक्कर, हेलमेट के साथ सिर भी कुचलाया

तेज रफ्तार का कहर… बस ने बाइक सवार को मारी टक्कर, हेलमेट के साथ सिर भी कुचलाया

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगातार सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। इसी कड़ी में तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बस चालक फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।

यह हादसा अभनपुर थाना क्षेत्र में हुआ है। यहां तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। दरअसल एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हेलमेट के साथ ही उसका सिर भी चकनाचुर हो गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है।

जानकारी के मुताबिक यह हादसा नवापारा-अभनपुर रोड पर सोमवार की शाम साढ़े पांच बजे के आसपास हुआ। घटना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, बस काफी तेज रफ्तार में थी और उसने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक सवार बस के नीचे आ गया। घटना के वक्त उसने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन हेलमेट भी उसकी जान नहीं बचा पाई।

फरार बस चालक की तलाश में जुटी पुलिस

सोमवार शाम को हुए इस घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी । सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए अभनपुर सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। वहीं घटना के बाग बस चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।

बता दें कि इससे पहले रविवार रात में रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी थी। हादसा इतना जबरदस्त था कि टक्कर के बाद बाइक सवार युवक दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। इधर घटना के बाद कार सवार दो युवक और दो युवती फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है।

भाजपा विधायक का बेटा हिरासत में

जानकारी के मुताबिक, रविवार रात डेढ़ बजे के आसपास बाइक सवाार अग्रसेन धाम के पास पहुंचा था, तभी तेज रफ्तार कार ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। तेलीबांधा पुलिस ने इस मामले में भरतपुर-सोनहत से भाजपा विधायक रेणुका सिंह को हिरासत में ले लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। वहीं बाकी अन्य फरार युवक-युवतियों की तलाश जारी है।

Accident : छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा; ट्रक ने पहले पिकअप को मारी टक्कर, फिर 3 लोगों कुचला

Accident : छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा; ट्रक ने पहले पिकअप को मारी टक्कर, फिर 3 लोगों कुचला

 बस्तर - बस्तर संभाग मुख्याल के जिला बस्तर अंतर्गत कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में आज मंगलवार को बड़ी सड़क दुर्घटना हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पीछे से आ रहे एक ट्रक ने पिकअप वाहन को जबरदस्त टक्कर मारी। इस हादसे में पिकअप वाहन में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दी है। पूरा मामला दरभा थाना क्षेत्र का है।

बताया जा रहा है कि पिकअप वाहन पखनार के साप्ताहिक बाजार की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिससे ट्रक सीधे पिकअप वाहन से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं ट्रक का अगला हिस्सा भी बुरी तरह टूट गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन के केबिन में फंसा है। घटना की सूचना मिलने पर दरभा पुलिस मौके पर पहुंची है। कटर मशीन की मदद से ट्रक चालक को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि दोनों वाहन एक ही दिशा में चल रहे थे। पिकअप आगे थी और ट्रक पीछे से आ रहा था। ब्रेक फेल होने के कारण ट्रक पिकअप से टकरा गया। इस हादसे में पिकअप सवार तीन लोगों की मौत हुई है। हादसे के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर जाम की स्थिति बन गई है। पुलिस यातायात बहाल करने की कोशिश कर रही है।