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CG Teachers Promotion : छत्तीसगढ़ में शिक्षक प्रमोशन पर हाईकोर्ट की सख्ती; पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक

CG Teachers Promotion : छत्तीसगढ़ में शिक्षक प्रमोशन पर हाईकोर्ट की सख्ती; पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक

 रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग में चल रही पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने प्राथमिक शाला के हेड मास्टर से लेक्चरर पद पर पदोन्नति से संबंधित मामलों में अंतरिम आदेश जारी करते हुए 22 दिसंबर 2025 को हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

क्या है पूरा मामला

याचिकाकर्ता बृजेश मिश्रा एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि वे वर्ष 2010 से हेड मास्टर प्राथमिक के पद पर कार्यरत हैं। 1 जनवरी 2022 को आयोजित डीपीसी में उन्हें पदोन्नति के लिए योग्य भी घोषित किया गया था, लेकिन कुछ याचिकाओं के लंबित रहने के कारण उस समय पदोन्नति आदेश जारी नहीं हो सके।

 9 मार्च 2023 को खत्म हो गई थी कानूनी बाधा

याचिका में बताया गया कि संबंधित प्रकरणों का 9 मार्च 2023 को अंतरिम निराकरण हो गया था, जिसके बाद पदोन्नति में कोई कानूनी अड़चन शेष नहीं रही। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने 2022 की डीपीसी को लागू नहीं किया, जो याचिकाकर्ताओं के साथ अन्याय है।

वरिष्ठता सूची तय किए बिना लागू किया नया नियम

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कोर्ट में मामला लंबित रहते हुए वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप दिए बिना नया नियम लागू कर दिया गया, जो नियमों के खिलाफ है।

 – 2019 के नियमों का उल्लंघन

याचिका में यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक व प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 का उल्लंघन करते हुए 22 दिसंबर 2025 को नया नियम लागू किया गया, जिसमें केवल शिक्षक एलबी संवर्ग को शामिल किया गया।

ई संवर्ग के नियमित शिक्षकों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया, जो नियमों और समानता के सिद्धांत के विपरीत है।

हाईकोर्ट का रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पदोन्नति प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब इस प्रकरण में आगे की सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

ब्रेकिंग : छठवीं के छात्र पर भरभरा कर गिरा भवन का छज्जा, मौके पर हुई मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

ब्रेकिंग : छठवीं के छात्र पर भरभरा कर गिरा भवन का छज्जा, मौके पर हुई मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

 बलरामपुर– रामानुजगंज। बलरामपुर– रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम शारदापुर में खुटहनपारा स्थित माध्यमिक शाला में घटिया निर्माण के कारण कक्षा छठवीं के छात्र की जान चली गई। इस दर्दनाक घटना को संयुक्त संचालक ने गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रधान पाठक ममता गुप्ता पर निलंबन की कार्रवाई की है। वहीं शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। परिजनों ने मृतक के शव का अबतक संस्कार नहीं किया है। उनकी मांग की थी कि शिक्षकों, बिल्डिंग बनाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि अब शिक्षकों पर कार्रवाई के बाद मृतक का अंतिम संस्कार किया जा सकता है।

दरअसल, घटना शारदापुर गांव के खुटहन पारा स्थित माध्यमिक शाला की है, जहां अध्ययनरत छठवीं कक्षा का छात्र आलोक कुमार पिता रमेश देवांगन मध्याह्न भोजन अवकाश के दौरान खेलते-खेलते स्कूल परिसर के पीछे निर्माणाधीन भवन में पहुंच गया। इसी दौरान छज्जा गिरने से उसके नीचे आलोक दब गया। इसकी सूचना अन्य बच्चों द्वारा दिए जाने पर स्कूल के शिक्षक मौके पर पहुंचे, जहां आलोक खून से लथपथ मलबे में दबा मिला।शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे घटनाक्रम में विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही सामने आई।

CG – गांव में मिला नर कंकाल, इलाके में फैली सनसनी, जताई जा रही ये आशंका, जांच में जुटी पुलिस……

CG – गांव में मिला नर कंकाल, इलाके में फैली सनसनी, जताई जा रही ये आशंका, जांच में जुटी पुलिस……

 खैरागढ़। खैरागढ़ जिले के पैलीमेटा गांव से सनसनी खेज मामला सामने आया है। जहां दारू भट्टी रोड के पास सड़क किनारे कंकाल मिला है। पूरे वाकये से क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

सूचना मिलते ही मोहगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ करते हुए लापता व्यक्ति से जुड़े तथ्यों को खंगाला रही है।

घटना के बाद से पैलीमेटा गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का ही एक व्यक्ति कई महीनों से लापता है। कंकाल मिलने के बाद आशंका जताई जा रही है कि यह शव उसी लापता ग्रामीण का हो सकता है। परिजन इस खबर से गहरे सदमे में हैं, वहीं पूरे गांव में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं

फिलहाल, पुलिस ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार करते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। शव की पहचान और मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही संभव होगा।

सौरभ चंद्राकर समेत पांच आरोपियों की 74 करोड़ बैंक बैलेंस समेत 91.82 करोड़ की संपत्ति अटैच

सौरभ चंद्राकर समेत पांच आरोपियों की 74 करोड़ बैंक बैलेंस समेत 91.82 करोड़ की संपत्ति अटैच

 रायपुर। महादेव सट्टा एप मामले में ईडी ने महादेव एप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर समेत पांच आरोपियों की 91.82 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर ली है। अब तक इस मामले में ईडी ने 74 लोगों को आरोपी बनाया है जिनमें 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने कुल 175 स्थानों पर छापा माता और अब तक 2600 करोड़ रूपये की संपत्ति अटैच की है। हाल ही में जिन पांच लोगों की 91.82 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की गई है उनमें सौरभ चंद्राकर के अलावा विकास उपारिया, गगन गुप्ता, अनिल कुमार अग्रवाल,हरिशंकर टिबरेवाल शामिल हैं।

ईडी ने मिस परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट एलएलसी और मेसर्स एक्जिम जनरल ट्रेंडिंग जीवेडसीओ के नाम पर रखे गए कुल 74,28,87,483/- करोड़ रुपए के बैंक बैलेंस को अटैच किया है। दोनों संस्थाएं सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपारिया की हैं और इन कंपनियों का इस्तेमाल अपराध की कमाई (पीओसी) को बेदाग निवेश के रूप में छिपाने और दिखाने के लिए किया जा रहा था।

इसी तरह आरोपी हरिशंकर टियरेवाल (स्काई एक्सचेंज डॉट काम के मालिक) के करीबी सहयोगी गगन गुप्ता की 17.5 करोड़ रुपये की संपति भी अटैच की गई है। अटैच की गई संपतियों में गगन गुप्ता के परिवार के सदस्यों के नाम पर रखी गई महंगी रियल एस्टेट और लिक्विड एसेट्स शामिल है, जिन्हें कैश (पीओसी) से खरीदा गया पाया गया है। ईडी के मुताबिक आरोपी गगन गुप्ता को मेसर्स सालासार टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड और मेसर्स टाइगर लॉजिस्टिक लिमिटेड जैसी कंपनियों से जुड़े ऐसे ट्रांजैक्शन से कम से कम 98 करोड़ रुपये (पीओसी) का लाभ हुआ है।

सट्टेबाजी के पैसे हवाला, क्रिफ्टी व ट्रेड बेस्ट में निवेश:–

ईडी ने आगे बताया कि इन अवैध स‌ट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से कमाए गए पैसे हवाला चैनलों, ट्रेड-बेस्ड मनी लॉद्धिरंग ट्रांजैक्शन और क्रिप्टो एसेट्स के इस्तेमाल से भारत के बाहर ट्रांसफर किए गए और बाद में उन्हें वापस लाकर विदेशी एफपीआईएस के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में इन्वेस्ट किया गया। ईडी द्वारा की गई जांच में एक जटिल कैशबैक स्कीम का भी पता चला, जिसमें ये एफपीआई कंपनियों भारतीय लिस्टेड कंपनियों में भारी इन्वेस्ट करती थी और बदले में, इन कंपनियों के प्रमोटरों को इनवेस्टमेंट का 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत कैश में वापस देना होता था।

ऑनलाइन ऐप से हजारों करोड़ किया इकट्ठा:–

ईडी के अनुसार महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सवेज डॉट काम जैसे अवैध सट्टेबाजी ऐप्स ने बड़ी मात्रा में पीओसी जेनरेट किया जिसे बेनामी बैंक खातों के जटिल जाल के माध्यम से लॉन्ड्रिंग की गई। यह भी पता चला है कि सौरभ चंद्राकर और अन्य लोगों ने महादेव ऑनलाइन बुक एप्लिकेशन नामक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से जनता को धोखा दिया और ठगा। महादेव ऑनलाइन बुक एप्लिकेशन को कई अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों या मोबाइल एप्लिकेशन (ऐप) को ग्राहक हासिल करने और इन अवैध सट्टेबाजी खेलों/वेबसाइटों के लिए वित्तीय संचालन का ध्यान रखने की सुविधा के लिए बनाया गया था।

इस प्रक्रिया में, वेबसाइटों को इस तरह से हेरफेर किया गया था कि सभी ग्राहक अंततः पैसे खो देंगे। हजारों करोड रपये का फंड का किया गया और पहले से तय प्रॉफिट-शेयरिंग तरीके से बांटा गया। इसके अलावा बैंक खाते खोलने के लिए जाली क चोरी किए गए केवायसी का भी इस्तेमाल किया गया और अवैध सट्टेबाजी की कमाई को उनके मूल को छिपाने के लिए लेयर किया गया। इन सभी लेनदेन का न तो हिसाब रखा गया और न ही उन्हें टैक्स के दायरे में लाया गया।

बालोद में पहली बार आयोजित होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी, 09 से 13 जनवरी तक ग्राम दुधली में जुटेंगे देश-विदेश के 15 हजार रोवर-रेंजर

बालोद में पहली बार आयोजित होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी, 09 से 13 जनवरी तक ग्राम दुधली में जुटेंगे देश-विदेश के 15 हजार रोवर-रेंजर

 रायपुर- बालोद जिले के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, नई दिल्ली के तत्वावधान में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में 09 से 13 जनवरी 2026 तक ‘प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी’ का वृहद एवं भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन देश में पहली बार आयोजित हो रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के 4,252 सहित देश-विदेश से कुल 15,000 रोवर, रेंजर एवं सीनियर स्काउट-गाइड भाग लेंगे।

*09 जनवरी को राज्यपाल करेंगे जंबूरी का शुभारंभ*

प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का शुभारंभ शुक्रवार 09 जनवरी 2026 को दोपहर 2 :00 बजे राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल जैन करेंगे।

उद्घाटन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति उद्घाटन समारोह में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कांकेर लोकसभा सांसद श्री भोजराज नाग, मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा विधायकगण, राज्य व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय व राज्य पदाधिकारी, तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे।

*12 जनवरी को मुख्यमंत्री होंगे समापन समारोह के मुख्य अतिथि*

जंबूरी के समापन अवसर पर 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही आयोजन के विभिन्न दिवसों में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अतिथि शामिल होंगे।

*भारतीय एवं वैश्विक संस्कृति की दिखेगी अनुपम झलक*

पांच दिवसीय इस आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं अन्य देशों से आए प्रतिभागियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
इस जंबूरी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी एवं भारतीय संस्कृति के साथ-साथ वैश्विक संस्कृति की भी आकर्षक झलक देखने को मिलेगी।

*रोमांचक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का होगा आयोजन*

जंबूरी के दौरान मार्च पास्ट, क्लोजिंग सेरेमनी, एथनिक फैशन शो, एडवेंचर एरिया, वॉटर स्पोर्ट्स, कैप फायर, रोड कैम्प फायर, राज्य प्रदर्शनी, आदिवासी कार्निवल, राष्ट्रीय युवा दिवस, मास ट्री प्लांटेशन, आपदा प्रबंधन, बैंड प्रतियोगिता, युवा सांसद, क्विज प्रतियोगिता, लोक नृत्य सहित अनेक शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं साहसिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

*सुविधा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की पुख्ता व्यवस्था*

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जंबूरी काउंसिल एवं जिला प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। जंबूरी मार्केट में खाद्य सामग्री, दवाइयाँ एवं आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध रहेंगी। शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्नानघर एवं स्वच्छता व्यवस्था, 30 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल, 24 घंटे चिकित्सकीय सुविधा, अग्निशमन, पुलिस, यातायात एवं सुरक्षा बलों की तैनाती एनडीआरएफ टीम की विशेष तैनातीरहेगी।

*राज्य एवं जिले के लिए ऐतिहासिक आयोजन*

प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन बालोद जिला एवं सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस आयोजन से न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी, बल्कि युवाओं में नेतृत्व, सेवा एवं राष्ट्र निर्माण की भावना भी प्रबल होगी।

बड़ा एक्शन : फर्जी दस्तावेजों के जरिये शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे 8 शिक्षक बर्खास्त

बड़ा एक्शन : फर्जी दस्तावेजों के जरिये शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे 8 शिक्षक बर्खास्त

 रायपुर-धमतरी। छत्तीसगढ़ शिक्षा संचालनालय ने बड़ा एक्शन लेते हुये फर्जी दस्तावेजों के जरिये शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे 8 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया हैं। वर्तमान में आठों प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ थे।

बता दें कि धमतरी जिला शिक्षा विभाग में 2027 में शिक्षाकर्मी भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। भर्ती में बर्खास्त आठों शिक्षकों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये नौकरी पा ली थी। इसी बीच भर्ती प्रकिया में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई। शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की। जांच में 8 प्रधान पाठकों के द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर नौकरी मे पदस्थ होने की बात सामने आई।

शिक्षा विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुये 8 प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। शिक्षा विभाग में पदस्थ प्रधान पाठकों ने करीब 19 वर्ष तक फर्जी दस्तावेजों के जरिये नौकरी की थी।

बस्तर के 5 गांवों को नक्सलमुक्त करने मांगा प्रस्ताव, विकास कार्य के लिए मिलेंगे 1-1 करोड़ - शर्मा

बस्तर के 5 गांवों को नक्सलमुक्त करने मांगा प्रस्ताव, विकास कार्य के लिए मिलेंगे 1-1 करोड़ - शर्मा

 बीजापुर। गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर संभााग के केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोदली, अंबेली और दरभा इन 5 गांवों को नक्सल मुक्त करने प्रस्ताव मांगा गया है। पहले यहां नक्सल दहशत थी, लेकिन अब इन गांवों में शांति है। गांवों के नक्सल-मुक्त घोषित होते ही विकास कार्य के लिए 1-1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि, अब बस्तर बदल रहा है, यहां बम धमाके की गूंज नहीं, शांति महसूस की जा सकती है। विजय शर्मा बीजापुर जिले के कुटरू गांव पहुंचकर यहां उन्होंने नियद नेल्लानार के अंतर्गत पंचायतों के विकास के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों के साथ बैठक की । इस बैठक में बीजापुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए ग्रामीण जनप्रतिनिधि और समाज प्रमुख गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा शामिल हुए।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हिंसा के साथ विकास करना कभी भी संभव नहीं रहा है। आज बस्तर के कोने-कोने में हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए शासन पूरी तरह से कार्य कर रही है। बस्तर में शांति के लिए आवश्यक है, कि माओवादी विचारधारा के प्रभाव में आकर भटके युवा वापस आएं और पुनर्वास का रास्ता अपनाकर गांवों और देश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोली, अंबेली और दरभा गांव नक्सल मुक्ति की कगार पर हैं । उन्हें नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया, ताकि इलवंद गांव के रूप में उनका विकास किया जा सके। नक्सलमुक्त घोषित होते ही विकास कामों के लिए 1-1 करोड़ रुपए भी दिए जाएंगे।

शासन की योजनाओं का आमजनों को मिले त्वरित एवं समयबद्ध लाभ: मंत्री लखन लाल देवांगन

शासन की योजनाओं का आमजनों को मिले त्वरित एवं समयबद्ध लाभ: मंत्री लखन लाल देवांगन

 रायपुर: प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम मंत्री तथा  मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने जिला कलेक्टोरेट मुंगेली स्थित मनियारी सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेकर शासन की योजनाओं की प्रगति, जनसेवाओं की गुणवत्ता एवं मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति की  समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से जुड़े प्रकरणों का त्वरित, पारदर्शी और समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनता में शासन-प्रशासन की सकारात्मक छवि बने। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का आमजनों को त्वरित एवं समयबद्ध लाभ पहुंचाने की बात कही। बैठक में मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय,  श्री दीनानाथ केशरवानी, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, वन मंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, एडीएम श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अपर कलेक्टर श्री जी.एल.यादव सहित तीनों अनुविभागों के एसडीएम और सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री श्री देवांगन ने आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि छात्रावासों में पेयजल, बिजली, बिस्तर एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं सुव्यवस्थित रहे। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं, वन विभाग आदि की समीक्षा करते हुए ग्राम जाकड़बांधा क्षेत्र में अवैध वृक्ष कटाई कर खेत बनाने की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन एवं ऋण पुस्तिका से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटवारियों द्वारा अनावश्यक चक्कर न लगवाए जाएं और ग्रामीणों के राशन कार्ड समय-सीमा में बनें। उन्होंने ई-डिस्ट्रिक्ट में शामिल सेवाओं का नाम एवं निराकरण अवधि स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

शासन की योजनाओं का आमजनों को मिले त्वरित एवं समयबद्ध लाभ: मंत्री श्री देवांगन

प्रभारी मंत्री श्री देवागंन ने शिक्षा विभाग अंतर्गत पीएम श्री योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, अपार आईडी, निःशुल्क साइकिल एवं पाठ्य पुस्तक वितरण योजना, न्योता भोजन कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि न्योता भोज में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने चीनू नवागांव में शिक्षकों की कमी की शिकायत पर नियमानुसार शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने श्रम विभाग प्रभारी मंत्री ने लेबर बजट अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने श्रमिकों को आवास योजना तथा श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने हेतु जगह-जगह शिविर लगाने, व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री देवांगन ने महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत जिले में कुपोषण की स्थिति, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृवंदना एवं नोनी सुरक्षा योजना की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान भारत, जीवन धारा, कुष्ठ उन्मूलन, डायरिया नियंत्रण एवं सिकल सेल उन्मूलन स्क्रीनिंग की समीक्षा की। मंत्री श्री देवांगन ने उद्योग विभाग को जिले में उद्योग विस्तार हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जल जीवन मिशन अंतर्गत हर घर नल से जल पहुंचाने एवं पाइपलाइन कार्य में समुचित समतलीकरण सुनिश्चित करने के साथ ही लोक निर्माण विभाग को खराब सड़कों की त्वरित मरम्मत और स्वीकृत सड़कों के शीघ्र निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो। धान खरीदी में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

शासन की योजनाओं का आमजनों को मिले त्वरित एवं समयबद्ध लाभ: मंत्री श्री देवांगन

बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों अंतर्गत संचालित योजनाओं का जिले में क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्रावासों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है तथा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित की गई है। सरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों की अनुपलब्धता एवं रेफर करने की शिकायत पर कलेक्टर ने जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की बात कही। साथ ही श्रम विभाग अंतर्गत श्रमिकों को आवास योजना का लाभ दिलाने अगले 15 दिनों में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। पुलिस अधीक्षक ने साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, ऑपरेशन बाज, जिला बदर, जागरूकता कार्यक्रम एवं कोटवार प्रशिक्षण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी के शिकार लोगों को 12 लाख रुपये से अधिक की राशि वापस कराई गई है। सड़क सुरक्षा उपायों से दुर्घटनाओं में कमी आई है। प्रभारी मंत्री ने पुलिस की पहल की सराहना की।

वन मंडलाधिकारी कुमार ने बताया कि अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी है। डीएफओ ने किसान वृक्ष मित्र योजना एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ योजना की प्रगति से अवगत कराया। सीईओ जिला पंचायत श्री प्रभाकर पाण्डेय ने बताया कि पीएम जनमन योजनांतर्गत अंतर्गत पक्का आवास, सड़क सहित 12 प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं। पक्का आवास के 1028 प्रकरण स्वीकृत हैं, जिनमें से 528 पूर्ण हो चुके हैं। चार सड़कों में से तीन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं एटीआर बफर क्षेत्र में मोबाइल टावर भी स्थापित किया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत एसएचजी सेचुरेशन, बैंक लिंकेज, लखपति दीदी योजना, स्वच्छ भारत मिशन, ओडीएफ, युक्तधारा पोर्टल, मनरेगा, आजीविका डबरी एवं सोशल ऑडिट सहित अन्य उपलब्धियों की जानकारी दी।सगढ़ के सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने का प्रमुख मंच बनेगा, जो पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

CG – फिर खून से सनी सड़क, ट्रेलर की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों की हुई दर्दनाक मौत……

CG – फिर खून से सनी सड़क, ट्रेलर की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों की हुई दर्दनाक मौत……

 रायगढ़। सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रायगढ़-जशपुर मार्ग में एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार दोनों युवक रायगढ़ से घरघोड़ा की ओर मोटरसाइकिल से जा रहे थे। जब वे गैरवाणी के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार ट्रेलर को ओवरटेक करने के दौरान संतुलन बिगड़ गया और बाइक सीधे ट्रेलर की चपेट में आ गई। हादसा इतना भयावह था कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पूंजीपथरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फ़िलहाल, मृतकों की पहचान की जा रही है और ट्रेलर चालक की खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि सड़क सुरक्षा सप्ताह शुरू होते ही जिले में अब तक जिले में 10 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान जा चुकी है।

दोनों पैर से दिव्यांग राज शर्मा को 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता….

दोनों पैर से दिव्यांग राज शर्मा को 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता….

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित महत्वकांक्षी जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान सूरज नगर लभांडी रायपुर निवासी दिव्यांग 17 वर्षीय राज शर्मा के समस्या का त्वरित निदान किया।

उन्होंने दोनों पैर से दिव्यांग राज शर्मा को 20 हजार रूपए का चेक देकर तत्कालीक सहायता प्रदान की। दिव्यांग श्री राज शर्मा के माता विभा शर्मा ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री साय का हृदय से आभार व्यक्त किया।

गौरतलब है कि दोनों पैर से दिव्यांग श्री राज शर्मा की माता श्रीमती विभा शर्मा ने जीवन यापन हेतु डेली निड्स की दुकान खोलने हेतु जनदर्शन में आज मुख्यमंत्री से मिलकर आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की थी। जिसपर मुख्यमंत्री श्री साय ने तत्कालिक 20 हजार रूपए का आर्थिक सहायता प्रदान की।

इसी प्रकार रायगढ़ निवासी दोनांे पैर से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद ने उच्च शिक्षा हेतु मुख्यमंत्री से मिलकर आर्थिक सहायता के लिए निवेदन किया था, जिस पर मुख्यमंत्री त्वरित निर्णय लेते हुए 20 हजार रूपए का आर्थिक सहायता प्रदान की। दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद ने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

ब्रेकिंग : स्थानीय अवकाश घोषित, कलेक्टर ने जारी किया अवकाश, जानें कब-कब रहेंगी छुट्टियां…

ब्रेकिंग : स्थानीय अवकाश घोषित, कलेक्टर ने जारी किया अवकाश, जानें कब-कब रहेंगी छुट्टियां…

 रायगढ़। रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिले के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। पहले स्थानीय अवकाश 16 जुलाई गुरुवार को रथ यात्रा के दिन रहेगा। दूसरा स्थानीय अवकाश 19 अक्टूबर सोमवार महानवमी के दिन रहेगा। तीसरा स्थानीय अवकाश 9 नवंबर सोमवार दीपावली के दूसरे दिन को रहेगा। उक्त अवकाश कोषालय, उपकोषालय और बैंकों के लिए लागू नहीं होगा।

छत्तीसगढ़ के इस गांव में शराब पीने और गाली-गलौज करने पर लगेगा 5100 रुपए जुर्माना, बताने वाले को दिए जाएंगे 2100 रुपए, ग्रामीणों ने इस वजह से लिया फैसला

छत्तीसगढ़ के इस गांव में शराब पीने और गाली-गलौज करने पर लगेगा 5100 रुपए जुर्माना, बताने वाले को दिए जाएंगे 2100 रुपए, ग्रामीणों ने इस वजह से लिया फैसला

 दुर्ग। करीब 2600 की आबादी वाले ग्राम लोहरसी के बीचों-बीच खुले मैदान में हर शाम शराबियों की महफिल सजती थी। देर रात तक चलने वाली गाली-गलौज और विवाद के कारण महिलाओं का निकलना मुश्किल हो गया था, वहीं बच्चे भी घर से बाहर जाने में डरते थे।

लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम सरपंच की पहल पर ग्रामसभा ने एकजुट होकर सख्त और ऐतिहासिक निर्णय लिए, जो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गए हैं। संपूर्ण बस्ती पारा क्षेत्र में शराब सेवन और गाली-गलौज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

ग्रामसभा के निर्णय के अनुसार शराब सेवन या गाली-गलौज करते पाए जाने पर 5100 रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह राशि बस्ती फंड में जमा होगी। वहीं शराब पीने की सूचना देने वाले को प्रोत्साहन स्वरूप 2100 रुपए बस्ती फंड से दिए जाएंगे। जुर्माने की राशि नकद वसूली जाएगी और इसका उपयोग गांव के विकास कार्यों में किया जाएगा।

60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव का नहीं बना था राशन कार्ड…मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में तत्काल राशन कार्ड बनाने के दिए निर्देश

60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव का नहीं बना था राशन कार्ड…मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में तत्काल राशन कार्ड बनाने के दिए निर्देश

 रायपुर 08 जनवरी 2025/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री सभी से बड़ी ही आत्मीयता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उसी क्रम में रायपुर के 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव ने मुख्यमंत्री से मिलकर कर उन्हें बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है, जिसकी वजह से वे शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल श्री राव का राशन कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए ।

मुख्यमंत्री को श्री राव ने बताया कि वे राजधानी रायपुर के तात्यापारा वार्ड में लगभग 60 वर्ष से निवासरत हैं। पूर्व में उनके माता-पिता के राशन कार्ड में उनका भी नाम जुड़ा था, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिलता था। उनके माता-पिता की अब मृत्यु हो चुकी है। वे अविवाहित हैं और अकेले जीवन यापन करते हैं। राशन कार्ड नहीं होने की वजह से उन्हें खाद्य विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय की व्यथा को बहुत आत्मीयता से सुना और अधिकारियों को तत्काल श्री राव को राशनकार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

आवास और बुनियादी ढांचा विकास के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर

आवास और बुनियादी ढांचा विकास के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर

 रायपुर, 08 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास और आवास निर्माण को गति देने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ शासन ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (आवास और शहरी विकास निगम हुडको) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी राज्य के विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण सुरक्षित करना है।

.. इस अवसर पर वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, विशेष सचिव श्री चन्दन कुमार, विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, उप सचिव श्री ऋषभ कुमार पाराशर व अवर सचिव श्री चंद्र प्रकाश पाण्डेय तथा हुडको से निदेशक वित्त श्री दलजीत सिंह खत्री व क्षेत्रीय प्रमुख हितेश बोराड मौजूदगी में सम्पन्न हुए। यह कार्यक्रम महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर, अटल नगर में कल संपन्न हुआ। यह समझौता हुडको द्वारा राज्य शासन की विभिन्न विकास पहलों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।

समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) का मुख्य उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में प्रमुख आवास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करना है। यह सहयोग मजबूत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और किफायती आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा। इससे सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान मिलेगा।

यह साझेदारी आधुनिकीकरण और सतत् विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जो हुडको की विशेषज्ञता और वित्तीय क्षमता का लाभ उठाकर परिवर्तनकारी परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में मदद करेगी। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जो देश में आवासीय उद्देश्यों के लिए घरों के निर्माण या आवास और शहरी विकास कार्यक्रमों के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक वित्त प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लकवाग्रस्त महिला को तुरंत मंजूर हुए 5 लाख रुपए

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लकवाग्रस्त महिला को तुरंत मंजूर हुए 5 लाख रुपए

 मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना से सहायता राशि की तत्काल मिली स्वीकृति

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से मुख्यमंत्री जनदर्शन में आज महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम बड़ेटेमरी निवासी बसंती साव को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के तहत 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि की तत्काल स्वीकृत मिली।

बसंती साव ने बताया कि उनका दोनों पैर लकवाग्रस्त है, उनका इलाज रायपुर स्थित एम्स, मेकाहारा सहित एक निजी अस्पताल में कराया जा चुका है। इलाज लगातार जारी है। इस वजह से बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगे इलाज के लिए लगभग 6 लाख 40 हजार रुपए का खर्च अनुमानित है। आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवार से होने के कारण उनके लिए इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं। उनके पति प्रेमकुमार साव ने बताया कि मुख्यमंत्री जनदर्शन में अपनी पीड़ा रखने के बाद उन्हें तुरंत मदद मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए आर्थिक सहायता की त्वरित स्वीकृति पर आभार जताया।

मुख्यमंत्री साय ने जनदर्शन के दौरान बसंती साव के आवेदन को गंभीरता से देखा और उनकी स्थिति को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए, ताकि बिना किसी देरी के सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायता राशि की तत्काल स्वीकृति दी गई। इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री की पहल पर उन्हें 25 हजार रुपए और 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

 
मुख्यमंत्री जनदर्शन में दिव्यांगजनों को मिली राहत, सीएम साय ने प्रदान किया बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र

मुख्यमंत्री जनदर्शन में दिव्यांगजनों को मिली राहत, सीएम साय ने प्रदान किया बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र

 रायपुर, 08 जनवरी 2026 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया। इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांगजनों को बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर एवं श्रवण यंत्र प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री साय ने जनदर्शन में आरंग से आए भारत साहू को बैटरी चालित ट्राइसिकल प्रदान किया, साहू ने बताया कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पहले किसी के समय मिलने पर ही वे बाहर जा पाते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। बैटरी ट्राइसिकल मिलने से उनका जीवन अब कहीं अधिक सहज हो जाएगा।

इसी तरह खमतराई रायपुर निवासी जीवन दास मानिकपुरी ने बताया कि उनका पैर बचपन से पोलियोग्रस्त है, आज उन्हें बैटरी ट्राइसिकल प्रदान की गई। श्री दास ने बताया कि जनदर्शन में उनकी समस्या का तत्काल समाधान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उनकी दैनिक दिनचर्या आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायपुर के मोवा निवासी चंदू यादव को ट्राइसिकल और सुमन साहू को व्हीलचेयर प्रदान किया। जिसे पाकर दोनों के चेहरे खिल गए।

जनदर्शन के दौरान रायपुर निवासी सागर नायक एवं उमेश पटेल को श्रवण यंत्र भी प्रदान किए गए। सागर नायक ने बताया कि बीते कुछ समय से उनकी श्रवण क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे श्रवण यंत्र नहीं खरीद पा रहे थे। उनकी समस्या सुनते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया।

श्रवण यंत्र मिलने पर उमेश पटेल ने मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें फिर से सुनने की क्षमता मिल पाई है, उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की।

 
रायपुर में 18 वर्षीय युवती ने की आत्महत्या, घर में फंदे से लटकती मिली लाश, मचा हड़कंप

रायपुर में 18 वर्षीय युवती ने की आत्महत्या, घर में फंदे से लटकती मिली लाश, मचा हड़कंप

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अमलीडीह इलाके से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मारुति रेसिडेंसी में रहने वाली 18 साल की युवती ने बुधवार को अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में हडकंप मच गया है। मामला राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवती अमीना पटेल ने दोपहर के समय अपने कमरे में आत्मघाती कदम उठाते हुए फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ समय पहले पुलिस उसकी मां को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। इसी बात से युवती मानसिक दबाव में आ गई और उसने यह कदम उठा लिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई और दबाव के कारण यह दुखद घटना हुई।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अमीना के पिता महेंद्र पटेल के खिलाफ वर्ष 2022 में मंदिर हसौद थाने में नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। कोर्ट से उनके खिलाफ कई बार वारंट जारी हुए, लेकिन वे लगातार फरार चल रहे थे। इसी सिलसिले में पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए उनकी पत्नी खिली पटेल को महिला थाने ले गई थी।

मां के पुलिस के साथ जाने के बाद अमीना घर पर अकेली रह गई। कुछ ही देर बाद पड़ोसियों ने घर के भीतर से संदिग्ध स्थिति देखी, दरवाजा तोड़ा और युवती को फंदे से उतारा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि अमीना अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच किए जाने की बात कही है।

CG : मां, पत्नी और बच्चों ने मिलकर की पिता की हत्या, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

CG : मां, पत्नी और बच्चों ने मिलकर की पिता की हत्या, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

 कांकेर - कांकेर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। नरहरपुर थाने के मर्रामपानी में घर वालों ने मिलकर नशेड़ी की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान 35 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है, जो शराब पीकर अपने परिवार से मारपीट करता था।

परिजनों ने बताया कि, मृतक शराब के नशे में परिवार वालों से मारपीट करता था, जिससे परेशान होकर उसकी मां, पत्नी और बच्चों ने मिलकर उसकी हत्या करने का साजिश रची और जब घटना के दिन भी मृतक ने शराब पीकर परिवार के सदस्यों से मारपीट की, तब परिजनों ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों ने मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया है, जिसमें उसकी मां, पत्नी और बच्चों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

 
AICC ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक, पूर्व सीएम भूपेश बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी

AICC ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक, पूर्व सीएम भूपेश बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी

 रायपुर।  AICC ने चार राज्यों असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। जिसे देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम विधानसभा चुनाव का वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है।

वहीं प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट को केरल विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई। तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के लिए मुकुल वासनिक, उत्तम कुमार रेड्डी और काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को पर्यवेक्षक नियुक्त।पश्चिम बंगाल के लिए सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी जिम्मेदारी संभालेंगे। ये नियुक्तियां मार्च-अप्रैल 2026 के संभावित चुनावों की तैयारी के लिए हैं।

Bhupesh Baghel:बता दें कि, इन पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों में संगठनात्मक समन्वय, चुनावी रणनीति की निगरानी, उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और स्थानीय नेतृत्व के साथ तालमेल सुनिश्चित करना होगा।

जिला न्यायालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी ! मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, मचा हड़कंप

जिला न्यायालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी ! मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, मचा हड़कंप

 राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिसके बाद परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस कोर्ट को तुरंत खाली कराया और बम निरोधक दस्ता मौके पर जांच के लिए पहुंचा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव जिला न्यायालय में सुरक्षा अलर्ट है। वकील और आम नागरिकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। किसी अप्रिय घटना की आशंका के बाद न्यायालय परिसर की सघन जांच जारी है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और हालात पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

बता दें कि, वेबसाइट पर धमकी भरा मेल भेजा गया। जिसके बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और बम निरोधी दस्ता मौके पर पहुंचा। वहीं घटना की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में पुलिस सघन सर्चिंग कर रही है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की

 00 रायपुर की आईपीएचएल देश की पहली एनक्यूएएस प्रमाणित प्रयोगशाला बनी - छत्तीसगढ़ ने स्थापित किया राष्ट्रीय मानक

00 केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ को दी बधाई: मुख्यमंत्री साय ने आभार व्यक्त किया
00 राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने का संकल्प दोहराया
रायपुर।
 केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने जिला अस्पताल रायपुर स्थित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (आईपीएचएल) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (एनक्यूएएस) का प्रमाणन प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ सरकार को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई दी है।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को लिखे पत्र में श्री नड्डा ने उल्लेख किया कि रायपुर आईपीएचएल देश में अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला बन गई है, जिसे यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की विश्वसनीय एवं क्वालिटी-अश्योर्ड डायग्नोस्टिक सेवाएँ प्रदान करने की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और रायपुर जिला अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में जनविश्वास को मजबूत किया है और सेवा-प्रदाय के नए मानक स्थापित किए हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने आगे कहा कि आईपीएचएल की स्थापना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अधोसंरचना मिशन (पीएम-अभिमन्यु) का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह मिशन पूरे देश में स्वास्थ्य निगरानी, प्रयोगशाला नेटवर्क और आपदा तैयारी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस मिशन का मूल उद्देश्य गुणवत्ता-सुनिश्चित, अस्पताल-विशिष्ट एवं रोग-विशिष्ट प्रयोगशाला निदान उपलब्ध कराना है। रायपुर आईपीएचएल को प्रदान किया गया यह प्रमाणन इस बात की पुष्टि करता है कि प्रयोगशाला ने अपने मानव संसाधन, अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत अधो संरचना का सफलतापूर्वक एकीकरण करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को प्राप्त किया है।

केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से आग्रह किया कि वह रायपुर मॉडल को श्रेष्ठ अभ्यास (बेस्ट प्रैक्टिस) के रूप में अपनाते हुए राज्य के अन्य जिलों और क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जिलों में गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं का निरंतर विस्तार करती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रौद्योगिकी-सक्षम और मानक-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को भी दर्शाती है। यह प्रमाणन संस्थागत परिपक्वता और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता आश्वासन की सुदृढ़ होती संस्कृति का परिचायक है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर आईपीएचएल को प्राप्त एनक्यूएएस प्रमाणन छत्तीसगढ़ की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि राज्य में प्रयोगशाला सेवाओं के मानकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक उपकरणों और मजबूत अवसंरचना के क्षेत्र में सतत एवं परिणाममूलक सुधार किए गए हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि यह प्रमाणन केवल एक संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों, लैब तकनीशियनों, पैरामेडिकल स्टाफ और जिला अस्पताल रायपुर की समर्पित टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य के अन्य जिलों में भी आईपीएचएल को इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध, सटीक और विश्वसनीय जांच सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने पुन: आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार और गुणवत्ता संवर्धन के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य परिवर्तन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान सुदृढ़ करेगा।

धुन के पक्के प्रदीप ने अपनी जिद से बदली किस्मत की तस्वीर

धुन के पक्के प्रदीप ने अपनी जिद से बदली किस्मत की तस्वीर

 00 प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह

रायपुर। धुन के पक्के लोग अपने संकल्प और परिश्रम से न केवल स्वयं का जीवन संवारते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। वैशाली नगर, राजनांदगांव निवासी श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपने दृढ़ इरादों से यह सिद्ध कर दिखाया है कि सही योजना और मेहनत के सहारे आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के छोटे उद्यमियों (सूक्ष्म उद्यमों) को सशक्त बनाने, उन्हें औपचारिक बनाने और बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिसके तहत नए और मौजूदा उद्यमों को ऋण-आधारित सब्सिडी (35 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये), ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता, सामान्य बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण जैसी मदद मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के तहत प्रतिस्पर्धा कर सकें और आय बढ़ा सकें।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपना उद्योग प्रारंभ कर स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया।
लघुवनोपज आधारित उद्योग से मिली आर्थिक मजबूती
प्रदेश में उपलब्ध लघुवनोपज की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना की। इस उद्योग के लिए मशीन एवं शेड निर्माण हेतु कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 2 लाख 13 हजार 500 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।
महिला स्वसहायता समूह को मिला स्थायी रोजगार
उद्योग की स्थापना के साथ ही श्री देशपांडे ने कौरिनभाठा स्थित संस्कारधानी महिला कृषक अभिरुचि स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन मिला और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुईं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आया।

आधुनिक मशीनों से बढ़ी उत्पादन और मूल्य संवर्धन क्षमता
योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर उन्होंने आईटीआई मुंबई से चिरौंजी डिकॉल्डीकेटर मशीन क्रय की। इस मशीन के माध्यम से चिरौंजी का छिलका अलग कर गिरी निकाली जाती है, वहीं छिलकों से चारकोल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा की गिरी से तेल निष्कर्षण तथा हर्रा-बहेरा डिकॉल्डीकेटर मशीन द्वारा छाल पृथक्करण का कार्य भी किया जा रहा है।
सोलर ऊर्जा से संचालित प्रोसेसिंग यूनिट
ग्रामीण एवं वनीय क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की असुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री देशपांडे ने अपने प्रोसेसिंग यूनिट को सोलर प्लांट से संचालित किया है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल शून्य हो गया है और उत्पादन कार्य में निरंतरता बनी हुई है, जिससे लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

चार राज्यों तक विस्तारित कारोबार, सालाना 4 लाख की आय
चिरौंजी, हर्रा और बहेरा उत्पादों की बाजार में निरंतर मांग के चलते उनका व्यवसाय अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक विस्तारित हो चुका है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।
वन संरक्षण, आजीविका और जागरूकता का समन्वय
इस पहल से वनीय क्षेत्रों में लघुवनोपज के संग्रहण, पौध संरक्षण एवं सतत आजीविका के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार
श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम

 रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह योजना आम नागरिकों को बिजली बिल से राहत देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जनपद पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर ने अपने निवास ग्राम पार्रीकला में 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया है। सोलर पैनल की स्थापना के बाद उन्हें योजना का प्रत्यक्ष और दीर्घकालीन लाभ मिल रहा है।

हितग्राहियों को डबल सब्सिडी, बिजली पूरी तरह इको-फ्रेंडली
श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर ने बताया कि योजना के अंतर्गत उन्हें 3 किलोवॉट के सोलर पर केंद्र शासन से 78 हजार रुपये तथा राज्य शासन से 30 हजार रुपये, कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी शीघ्र ही सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे सोलर पैनल स्थापना की लागत में उल्लेखनीय कमी आई। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल लगाए जाने से उनके निवास का बिजली बिल शून्य हो गया है, जिससे घरेलू खर्च में बड़ी राहत मिली है। सौर ऊर्जा से प्राप्त बिजली पूरी तरह इको-फ्रेंडली है और भविष्य के लिए सुरक्षित व टिकाऊ विकल्प है।

प्राकृतिक ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन को भी प्रोत्साहन
श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना न केवल नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि प्राकृतिक ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिल रहा है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया तथा जिले के नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ लेकर सौर ऊर्जा अपनाएं और ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनें।

निष्क्रिय बिजली उपभोक्ताओं को राहत देगी समाधान योजना, बिल बकाया होने पर नहीं मिलता है नया बिजली कनेक्शन

निष्क्रिय बिजली उपभोक्ताओं को राहत देगी समाधान योजना, बिल बकाया होने पर नहीं मिलता है नया बिजली कनेक्शन

 00 बिल जमा करवाने पर मिलेगा 10 से 15 प्रतिशत की प्रोत्साहन राशि

रायपुर। विभिन्न कारणों से निष्क्रिय बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने नई समाधान योजना लागू की है, जिसमें उनके लंबे समय से लंबित देयकों का भुगतान कराने की सुविधा दी जाएगी। इस कार्य में अधिकृत मीटर रीडर उपभोक्ताओं की सहायता करेंगे। इस योजना का लाभ लेकर निष्क्रिय उपभोक्ता भी अपनी प्रापर्टी में नया मीटर लगवा सकेंगे।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में ऐसे पौने तीन लाख से अधिक उपभोक्ता हैं, जिनके बिल लंबे समय से बकाया हैं। बिल बकाया होने के कारण उनके घरों व प्रापर्टी से बिजली मीटर निकाल कर वापस ले लिये गए हैं, उन्हें नया कनेक्शन नहीं दिया जाता है। दरअसल डीआरए (ड्यूज रिकवरी एक्ट) के तहत बिल बकाया होने पर उपभोक्ता को नोटिस दिया जाता है, फिर कनेक्शन काट दिया जाता है। उसके बाद भी बिल जमा नहीं करने पर उनके घर का मीटर निकाल लिया जाता है। प्रदेश में दो लाख 76 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं, जो निष्क्रिय की श्रेणी में हैं। उनसे पॉवर कंपनी के 175 करोड़ रूपए लेने हैं। कई ऐसे प्रकरण हैं, जिसमें उपभोक्ता का निधन हो गया है या फिर प्रापर्टी बिक गई है। उन्हें नया बिजली कनेक्शन तब तक नहीं दिया जाता, जब तक उस भूमिस्वामी पर कोई बिजली बिल बकाया न हो। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए समाधान योजना लागू की गई है, जिसमें प्रदेशभर में नवीन मीटर रीडर योजना के तहत कार्य कर रहे स्वतंत्र मीटर वाचक बकाया राशि जमा करवाने में सहयोग करेंगे। इसके एवज में पॉवर कंपनी निष्क्रिय उपभोक्ताओं से प्राप्त बकाया राशि का 10 से 15 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन स्वरूप देगी।

वितरण केंद्र निष्क्रिय बकायादारों की प्रमाणिक सूची मीटर रीडिरों को उपलब्ध कराएंगे। अपने नियमित मीटर रीडिंग का कार्य पूरा करने के बाद 15 तारीख से उन्हें बकाया राशि जमा कराने की प्रक्रिया के लिए निष्क्रिय उपभोक्ताओं से संपर्क करना होगा। यदि उन्हें बिलों में त्रुटि की शिकायत रहेगी तो दस्तावेजी प्रमाण के साथ संबंधित कार्यालय में उसे सुधार कराने में सहयोग प्रदान करेंगे। उपभोक्ताओं को मांग-पत्र, नोटिस, पुनरीक्षित देयक प्रदान कर जब राशि प्राप्त हो जाएगी, उसमें से निश्चित प्रतिशत में प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। संबंधित कार्यपालन अभियंता (संचारण-संधारण-शहर) व्दारा हर महीने मीटर रीडरों व्दारा जमा कराए गए बिलों की सिस्टम जनरेटेड रिपोर्ट उपलब्ध कराएँगे, जिसके आधार पर मीटर रीडर को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

प्रोत्साहन राशि देयक संबंधित कार्यपालन अभियंता द्वारा प्रदत्त सूची में दर्ज यथा क्रमांक,पेज नंबर को सत्यापित किया जाएगा साथ ही राशि जमा पर सीआरए नंबर व तिथि भी अंकित करेंगे ।इसमें अधिकृत मीटर रीडर को विभाग व्दारा जारी परिचय पत्र रखना अनिवार्य होगा।

सशक्त मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर- पोषण निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं सूरजपुर की महिलाएं

सशक्त मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर- पोषण निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं सूरजपुर की महिलाएं

 विशेष लेख - धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक व प्रदीप कंवर ,सहायक संचालक

रायपुर। आर्थिक रूप से सशक्तिकरण की नींव सशक्त मानसिकता पर आधारित होती है। दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास व्यक्ति को सफलता की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। सूरजपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने इस सोच को व्यवहार में उतारते हुए आत्मनिर्भरता की एक सशक्त मिसाल प्रस्तुत की है। ये महिलाएं न केवल स्वयं सशक्त बन रही हैं, बल्कि जिले की महिलाओं एवं बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

पोषण और महिलाओं का सशक्तिकरण दोनों होता है
पोषण आहार (रेडी-टू-ईट या क्रञ्जश्व) निर्माण संयंत्र सरकार द्वारा संचालित ऐसी इकाइयाँ हैं, जो आंगनवाडिय़ों और अन्य योजनाओं के तहत बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के लिए पौष्टिक, पहले से तैयार भोजन बनाती हैं, जिसे महिला स्व-सहायता समूहों (स्॥त्रह्य) द्वारा चलाया जाता है, जिससे पोषण और महिलाओं का सशक्तिकरण दोनों होता है, जिसमें गेहूं, दालें, और दूध जैसे घटक शामिल होते हैं, जो प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। 
स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नमकीन दलिया तथा मीठा शक्ति आहार का निर्माण
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्काल उपभोग हेतु तैयार पोषण आहार (रेडी टू ईट) निर्माण संयंत्र का शुभारंभ किया गया है। इन संयंत्रों में स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नमकीन दलिया तथा मीठा शक्ति आहार का निर्माण किया जा रहा है, जो विटामिन ए, विटामिन डी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, पाइरीडॉक्सिन, फोलिक अम्ल, कोबालामिन, लोह तत्व (आयरन), कैल्शियम एवं जिंक जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर है।

विशेष लेख : सशक्त मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर- पोषण निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं सूरजपुर की महिलाएं

तीनों संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से पोषण आहार निर्माण कार्य में संलग्न
जिले प्रशासन द्वारा जिले में कुल 07 पोषण आहार निर्माण संयंत्र स्थापित किए गए है। यहां वर्तमान में भैयाथान, प्रतापपुर एवं सूरजपुर विकासखंड में तीन संयंत्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इन तीनों संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से पोषण आहार निर्माण कार्य में संलग्न हैं। निर्मित पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को नि:शुल्क प्रदान किया जा रहा है। इस प्रकार स्व-सहायता समूहों की महिलाएं मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण में अप्रत्यक्ष किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इस सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बात है कि पोषण आहार के निर्माण के साथ-साथ उसके वितरण की भी जिम्मेदारी भी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है।
भैयाथान विकासखंड में 15 स्व-सहायता समूह
सूरजपुर विकासखंड में 15 स्व-सहायता समूह तथा प्रतापपुर विकासखंड में 13 स्व-सहायता समूह सक्रिय रूप से वितरण कार्य में अपनी भूमिका निभा रही है। इन समूहों के माध्यम से कुल 430 महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण आहार वितरण कार्य में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इस योजना से महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। मानसिक रूप से सशक्त ये महिलाएं अब घरेलू कार्यों के साथ-साथ आजीविका से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह पहल न केवल निश्चित रूप से जिले में पोषण स्तर सुधारने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।