रायपुर – छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर कल बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। कल जांजगीर के पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में शामिल होंगे। बता दे कि कल सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर सरकार जनादेश परब कार्यक्रम का योजन कर रही है इस कार्यक्रम में सरकार अपना उपलब्धियां गिनाते हुए नजर आयेंगे और इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि के रूप में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल होंगे।
रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पं.दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम द्वारा आयोजित “छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की विकास यात्रा,उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के गठन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि छालीवुड की सशक्त नींव रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने निगम की वर्तमान अध्यक्ष मोना सेन को एक अनुभवी, कर्मठ और समर्पित कलाकार बताते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में छालीवुड का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी फिल्में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की संस्कृति, कला और पहचान को और अधिक सशक्त रूप में स्थापित करेंगी।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है।
प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा।
इस अवसर पर जशपुर से श्री विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है।
कोरबा से श्री विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है।
जगदलपुर के श्री अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। श्री टिंकेश्वर तिवारी ने भी राजस्थानी खान-पान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन स्थलों पर प्रमुखता से बढ़ावा देने पर जोर दिया।
स्टेट न्यूज़ सर्विस के युवा पत्रकार श्री रजत अवस्थी ने राजस्थानी टोपी साफा से मुख्यमंत्री श्री साय का सम्मान करते हुए पत्रकार भ्रमण योजना को प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक श्री संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक श्री जितेंद्र नागेश सहित पत्रकारगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बस्तर :- बस्तर जिले के कोटपाड़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घुमर गांव के पास मवेशियों से भरा एक कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में कंटेनर में भरी 50 से अधिक गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए।
अवैध गो-चालान की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार, कंटेनर के जरिए मवेशियों को अवैध रूप से देर रात कोटपाड़ क्षेत्र से घुमर मार्ग होते हुए आंध्रप्रदेश ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि क्षमता से कहीं अधिक मवेशी ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे। इसी वजह से वाहन का संतुलन बिगड़ा और चालक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद कंटेनर पलट गया।
हादसा इतना भीषण कि बच नहीं सकीं गायें
दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कंटेनर में फंसी अधिकांश गायों ने तड़पकर मौके पर ही दम तोड़ दिया। सड़क किनारे बिखरे शवों को देखकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। हादसे की खबर फैलते ही घुमर गांव सहित आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
पुलिस और फायर ब्रिगेड ने चलाया राहत कार्य
सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद कंटेनर में फंसे मवेशियों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक 50 से अधिक गायों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने कंटेनर को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम नगपुरा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (Pandit Pradeep Mishra) की पांच दिवसीय शिवपुराण कथा के चौथे दिन आयोजक समिति और टेंट ठेकेदार के बीच भुगतान को लेकर जमकर विवाद हो गया। टेंट मालिक ने पैसे न मिलने के कारण पंडाल उखाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और कथा मैनेजमेंट टीम के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। इसके बावजूद 1.75 लाख श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे।
ठेकेदार ने क्या कहा?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब टेंट ठेकेदार नरेंद्र कुमार साहू ने दावा किया कि 1.26 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ था, लेकिन अब तक उन्हें महज 26 लाख रुपये ही मिले हैं। उन्होंने कहा, पैसे नहीं मिले तो बड़ा नुकसान होगा। हम पंडाल उखाड़ ही रहे थे, लेकिन फिलहाल आश्वासन मिला है कि शेष राशि जल्द दी जाएगी। आयोजक प्रिया साहू और भूपेंद्र रिगरी ने सफाई देते हुए कहा, यह बड़ा आयोजन है, थोड़ा मनमुटाव हो जाता है। पैसे को लेकर कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, सब संभल जाएगा। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और कथा सुचारू रूप से चलती रही।
कोरिया। कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमगहना के जूनापारा में आज दोपहर करीब 3 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक 35 वर्षीय कौशल यादव ने 60 वर्षीय उपेन्द्र नारायण यादव पर फावड़े से हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि, जब परिजन और ग्रामीण उपेन्द्र नारायण यादव को संभालने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान आरोपी कौशल यादव मौके से निकलकर पास के कुएं में कूद गया, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। दोनों मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार कौशल यादव मानसिक रूप से बीमार था।
वहीं एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। सूचना मिलते ही पटना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
रायपुर – बिलासपुर जोन के 21 ट्रेन 26 दिसंबर से लेकर 29 दिसंबर तक रद्द रहेगी। जिसमें रायपुर मंडल में 11 और नागपुर मंडल के 10 ट्रेन शामिल हैं।जानकारी के अनुसार डोंगरगढ़ लाइन में अधोरसंरचना विकास के चलते ट्रेनें रद्द रहेगी। जिसमें मुख्य रूप से दुर्ग, गोंदिया, रायपुर, इतवारी, बालाघाट जाने वाली ट्रेनें रद्द रहेगी।
रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज आंध्र प्रदेश दौरे पर रहने वाले है। सीएम साय दोपहर डेढ़ बजे रायपुर एयरपोर्ट से आंध्र प्रदेश के लिए रवाना होंगे। आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले में आयोजित अटल मोदी सुपारीपालना यात्रा में शामिल होंगे वही 4.15 पर पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी पर लगी फोटो प्रदर्शनी का करेंगे शुभारंभ। वही रात 8.30 बजे आंध्र प्रदेश से रायपुर लौटेंगे मुख्यमंत्री साय।
रायपुर : छत्तीसगढ़ के वनमंत्री केदार कश्यप की मां मनकी देवी का निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं। पिछले कई दिनों से उनकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। वही उनकी निधन पर छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट के साथी केदार कश्यप की पूज्य माताजी मनकी देवी कश्यप के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
रायपुर- छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 के प्रावधानों के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित गाइडलाइन दर वर्ष 2025-26 को अनुमोदित करते हुए 20 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में लागू कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और जनसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। विगत पांच वर्षों से गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण नहीं होने के कारण प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में कई प्रकार की विसंगतियां उत्पन्न हो गई थीं। वर्ष 2025-26 की नवीन गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। पूर्व प्रचलित गाइडलाइन में नगर पालिका क्षेत्रों में कुल 200 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 102 किया गया है। एक ही वार्ड में अलग-अलग कंडिकाओं और भिन्न दरों के कारण आमजन को संपत्ति के मूल्य को समझने में कठिनाई होती थी, जिसे अब सरल और स्पष्ट बनाया गया है। वार्ड परिसीमन के बाद कंडिकाओं में आवश्यक संशोधन कर नई परिस्थितियों के अनुरूप दरें निर्धारित की गई हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित दरों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन में लगभग समान दरों को समायोजित कर एकरूप किया गया है, जिससे औसतन लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित होती है। उदाहरण के तौर पर महासमुंद जिले में नई गाइडलाइन में पूरे रायपुर मार्ग की दर 32,500 रुपये तथा 20 मीटर अंदर की दर 7,500 रुपये निर्धारित की गई है। इसी प्रकार यतियतनलाल वार्ड में परिसीमन के कारण दरों को युक्तियुक्त करते हुए 4,800 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया गया है। वार्ड क्रमांक 03 में भी एक ही मार्ग पर स्थित कंडिकाओं को समायोजित कर नई कंडिका सृजित की गई है और दरों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पुष्पा पेट्रोल पंप से पंकज सोनी के मकान तक निर्धारित दरें शंकर नगर वार्ड के सामने की दरों के अनुरूप रखी गई हैं, जिससे सड़क के आमने-सामने स्थित क्षेत्रों में समान दरें लागू हो सकें। बरोण्डा चौक तथा बरोण्डा चौक से भाजपा कार्यालय तक के क्षेत्रों में भी दरों का युक्तियुक्तकरण करते हुए औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार अन्य वार्डों में भी समान परिस्थिति और महत्व के क्षेत्रों में दरों को एकरूप करते हुए संतुलित वृद्धि सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार द्वारा किए गए इस पुनरीक्षण का उद्देश्य वास्तविक प्रचलित बाजार मूल्य को गाइडलाइन दरों में समाहित करना है, ताकि संपत्ति क्रय-विक्रय, स्टांप शुल्क और पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े तथा आम नागरिकों को स्पष्ट और न्यायसंगत दरों का लाभ मिल सके। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुगम, भरोसेमंद और जनहितैषी संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
0-खरीफ में उपार्जन के लिए 425 करोड़ रूपए मंजूर
रायपुर-प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम में छत्तीसगढ़ को दलहन और तिलहन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन की अनुमति मिल गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के बीच हुई चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन में दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए 425 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से खरीफ और रबी सीजन के लिए कुल 1 लाख 22 हजार मीट्रिक टन दलहन-तिलहन उपार्जन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। इसमें खरीफ के लिए 50 हजार मीट्रिक टन और रबी के लिए 72 हजार मीट्रिक टन शामिल हैं। फिलहाल केंद्र से खरीफ की फसलों के उपार्जन की अनुमति मिली है। इसके तहत अरहर 21 हजार 330 मीट्रिक टन, उड़द 25 हजार 530 मीट्रिक टन, मूंग 240 मीट्रिक टन, सोयाबीन 4 हजार 210 मीट्रिक टन और मूंगफली 4 हजार 210 मीट्रिक टन का उपार्जन किया जाएगा। इन फसलों के उपार्जन पर कुल 425 करोड़ रुपए खर्च होंगे। केंद्र सरकार ने मांग आने पर सोयाबीन और मूंगफली के लिए अतिरिक्त स्वीकृति देने का आश्वासन भी दिया है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए अरहर का समर्थन मूल्य 8000 रूपए प्रति क्विंटल, मूंग का 8768 रूपए, उड़द का 7800 रूपए, मूंगफली का 7800 रूपए, सोयबीन का प्रति क्विंटल 5328 रूपए घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। उपार्जन का कार्य राज्य में मार्कफेड के माध्यम से सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए 22 जिलों में 222 उपार्जन केंद्र पहले ही अधिसूचित कर दिए गए हैं। किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर लगातार जारी है। जिन किसानों का पंजीयन अब तक नहीं हो पाया है, वे नजदीकी सहकारी समिति के माध्यम से पंजीयन कराकर योजना का लाभ उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन का उपार्जन किसानों के हित में राज्य सरकार का बड़ा निर्णय है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से प्रदेश में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ दाल एवं खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार किसानों के हित में केन्द्र सरकार के साथ समन्वय कर लगातार काम कर रही है।
रायपुर। वीर बाल दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ऐतिहासिक वीर बाल रैली में स्कूली विद्यार्थियों, छात्र-छात्राओं, एनसीसी, एनएसएस, खेल संघों एवं शौर्य खेलों से जुड़े खिलाड़ियों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। सात हजार से अधिक की संख्या में बच्चे हाथों में शौर्य का नारा लिए तख्तियां थामे, सिर पर केसरिया रुमाल बांधे हुए जब सड़कों पर निकले, तो रैली का दृश्य देखते ही बन रहा था।
रैली में विशेष रूप से सिक्ख समाज द्वारा मार्शल आर्ट गतका का भव्य प्रदर्शन किया गया, जिसमें राजवीर एवं उनकी टीम ने अद्भुत साहस और अनुशासन का परिचय दिया। इसके साथ ही मंच पर किक बॉक्सिंग, कराटे एवं अन्य शौर्य खेलों का भी प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया।

मुख्यमंत्री साय ने दिखाई हरी झंडी
वीर बाल रैली को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने झंडी दिखाकर रवाना किया। अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि “श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्र बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी, जिनकी आयु मात्र 9 और 7 वर्ष थी, उन्होंने आततायी मुगल शासक के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया। धर्म की राह पर अडिग रहकर उन्होंने जिंदा दीवार में चुने जाने की शहादत स्वीकार की। उनकी शहादत हमें यह शिक्षा देती है कि धर्म के प्रति दृढ़ रहना और अधर्म का विरोध करना ही सच्चा साहस है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा की सराहना करते हुए कहा कि “अल्पसंख्यक आयोग समाज की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य करता आ रहा है। वीर बाल दिवस पर वीर बाल रैली एक अत्यंत सराहनीय पहल है, जिससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम और संस्कार विकसित होंगे।”

वीर बाल दिवस बच्चों में वीरता और राष्ट्रप्रेम का माध्यम : छाबड़ा
इस अवसर पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि “वीर बाल दिवस की घोषणा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वर्ष 2022 में की गई थी। छत्तीसगढ़ में भी इस दिवस को राष्ट्रभक्तों को नमन करते हुए भव्य रूप से मनाया जा रहा है। वीर बाल रैली एक सशक्त माध्यम है, जिसके द्वारा बच्चों में वीरता, साहस और राष्ट्रभक्ति के भाव उत्पन्न होंगे। बच्चे देश का भविष्य हैं, और जब वे देश के गौरवशाली इतिहास को जानेंगे, तभी एक सशक्त भारत का निर्माण होगा।”
वीर बाल दिवस समाज को जोड़ने वाला पर्व : साहिब
केबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहिब ने अपने संबोधन में वीर बाल दिवस की महत्ता बताते हुए इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे समाज को एकजुट करने वाला पर्व बताया।

वरिष्ठ जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी श्री बलदेव सिंह भाटिया, विधायक पुरंदर मिश्रा, भूपेंद्र सिंह सवन्नी हरमीत होरा इंदरजीत खालसा गगन हंसपाल जसप्रीत सलूजा सोनू सलूजा हरकिशन मनिंदर मिन्ने लवली अरोरा श्वेता अरोरा निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्षगण, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
वीर बाल रैली ने न केवल शौर्य, साहस और बलिदान की अमर गाथा को जीवंत किया, बल्कि आने वाली पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, धर्मनिष्ठा और वीरता के संस्कार भी रोपित किए
0-'मनखे-मनखे एक समान' का विचार विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला-मुख्यमंत्री
रायपुर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सारंगढ़ स्थित गुरु घासीदास ज्ञान स्थली, पुष्पवाटिका में आयोजित तीन दिवसीय संत गुरु घासीदास रजत जयंती समारोह के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञान स्थली में स्थापित जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक थे। उनका अमर संदेश मनखे-मनखे एक समान सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और भाईचारे की सुदृढ़ नींव रखता है। उन्होंने कहा कि जिस दौर में समाज छुआछूत, भेदभाव और रूढिय़ों से जकड़ा हुआ था, उस समय बाबा गुरु घासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का निर्भीक संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को बीते दो वर्षों में धरातल पर उतारा गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में धान का रकबा और किसानों की संख्या दोनों में वृद्धि हुई है, जो कृषि क्षेत्र में सरकार की नीतियों के प्रति किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएससी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर मिल सके। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के बेटा-बेटियों को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह नीति न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक न्याय को भी सशक्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी समाज वर्गों से संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों को आत्मसात करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मनखे-मनखे एक समान का विचार सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की अडिग आधारशिला है। उन्होंने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पूरे विश्व में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में अनुसूचित जाति समाज के विकास को नई गति मिली है। गिरौदपुरी धाम के सर्वांगीण विकास के अंतर्गत जैतखाम, मंदिर परिसर, अमृत कुंड, छाता पहाड़ तक सड़क, सीढिय़ों एवं प्रकाश व्यवस्था जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक शेड निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त भंडारपुरी धाम के विकास हेतु 17 करोड़ 11 लाख 22 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे वहां अधोसंरचना संबंधी कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान हेतु प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिभावान युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय भी लिया गया है। समारोह को राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पाण्डेय, पूर्व विधायक श्री निर्मल सिन्हा, डॉ. छबिलाल रात्रे, श्रीमती केराबाई मनहर, सुश्री कामदा जोल्हे, श्रीमती ज्योति पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं श्रमिक-किसान आंदोलनों के अग्रदूत ठाकुर प्यारेलाल सिंह की 21 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी छत्तीसगढ़ की धरती के ऐसे महान सपूत थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के साथ-साथ श्रमिकों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे छत्तीसगढ़ में श्रमिक एवं सहकारी आंदोलन के प्रणेता माने जाते हैं। छात्र जीवन से ही वे स्वाधीनता आंदोलनों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और ब्रिटिश शासन के अन्याय व दमन के विरुद्ध निर्भीक होकर संघर्षरत रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह का संपूर्ण जीवन साहस, संघर्ष और सेवा के आदर्शों से ओत-प्रोत है। छत्तीसगढ़ के सामाजिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक विकास में उनके अमूल्य योगदान को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी के विचारों और आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों -बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 22 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आने वाले हैं। जहां वे जांजगीर चांपा जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। बता दें कि, ये कार्यक्रम साय सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
JP नड्डा दोपहर 12:15 बजे रायपुर पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से जांजगीर के लिए रवाना होंगे, जहां वे पुलिस ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। नड्डा केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे।
कोरबा। जिले से बाप बेटी के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पत्नी के रिश्तेदार के घर जाने के बाद नाबालिग बेटी को अकेला पाकर उसके पिता की नियत बिगड़ गई और उसने अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म किया। पूरा मामला पसान थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम अमझर में आोरपी की पत्नी दबावपूर्वक संबंध बनाने की जिद से परेशान थी। वह अपने रिश्तेदार के घर गई थी। इस दौरान 13 वर्षीय नाबालिग बेटी को घर में अकेली पाकर कलयुगी पिता की नियत बिगड़ गई। आरोपी ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। पीड़िता ने घटना के बाद अपनी मां को रात में आपबीति सुनाई। सुबह पीड़िता और उसकी मां ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को नई तहसील मिलने वाली है. छत्तीसगढ़ सरकार ने नया रायपुर अटल नगर को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में नवा रायपुर अटल नगर तहसील की सीमाएं स्पष्ट की गई हैं. साथ ही इस नई तहसील में 39 गांव शामिल होंगे, जिनके बारे में बताया गया है. वहीं, 60 दिनों के अंदर आपत्ति और सुझाव मंगाए गए हैं.
नवा रायपुर अटल नगर बनेगी नई तहसील
छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है. यह प्रस्ताव छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 13 के तहत लाया गया है, जिसके जरिए तहसील की सीमाओं में परिवर्तन और नई तहसील के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 19 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में इस संबंध में अधिसूचना प्रकाशित की गई है. इस अधिसूचना के जरिए रायपुर जिले में एक नई तहसील गठित करने और उसकी सीमाएं निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा है.

चार तहसीलों से अलग होंगे गांव
नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील बनाने के लिए रायपुर, मंदिर हसौद, गोबरा नवापारा और अभनपुर- ये चार तहसीलों के गांवों को अलग किया जाएगा. प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत इन चारों तहसीलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर नई तहसील बनाई जाएगी. नई तहसील में कुल 6 राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल किए जाएंगे. इनमें पलौद, मंदिर हसौद, केंद्री, तोरला, सेरीखेड़ी और रायपुर-18 (कंदुल) मंडल शामिल हैं. वहीं, इसमें 20 पटवारी हल्कों के कुल 39 गांव शामिल किए जाएंगे.
ये 39 गांव होंगे शामिल
नई तहसील में कुल 39 गांव शामिल किए जाएंगे. इनमें- पलौद, परसदा, सेंद्री, चिचा, बरौदा, कयाबांधा, नवागांव, खपरी, कुहेरा, राखी, कोटनी, कोटराभाठा, तेंदुल, छटौना, बेंद्री, निमोरा, उपरवारा, तुता, खंडवा, भेलवाडीह, पचेडा, चेरिया, पाऊटा, बंजारी, तेंदुआ, कुर्रू, नकट्टी, टेमरी
धरमपुरा, बनारसी, कंदुल और माना शामिल हैं.
बता दें कि सरकार ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति और सुझाव भी जनता से मांगे हैं. राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 60 दिनों के भीतर कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति या सुझाव लिखित रूप में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर को भेज सकता है.
कटघोरा। कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र के ग्राम अमझर में एक सनसनीखेज मामला सामने आई है, जहां एक पिता पर अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। जिसके बाद आरोपी की पत्नी अपनी नाबालिग बेटी को लेकर पुलिस के पास पहुंची। घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पति पत्नी पर जबरन दबावपूर्ण संबंध बनाने की जिद कर रहा था। जिससे परेशान होकर बुआ के घर चली गई थी, तब घर में अकेली बेटी को देख कर आरोपी की नियत बिगड़ गई और जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद पीड़िता ने रात में फोन कर मां को अपने साथ हुए कृत की सूचना दी और सुबह दोनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पीड़िता को चिकित्सा और सुरक्षा सहायता दी जा रही है यह घटना इलाके में आक्रोश फैला रही है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में बीते कई दिनों से मारपीट-चाकूबाजी की वारदात सामने आ रही है। जिसमें लोग मामूली विवाद पर एक-दूसरे की जान लेने में उतर आते हैं। ऐसे ही एक मामला सामने आया है। जहां जूलुस में नाचने के दौरान विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया की युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है। यहां गुरुवार रात जुलूस के दौरान नाचने लेकर हुए विवाद में 18 वर्षीय दिनेश निषाद सड्डू की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। विवाद तब शुरू हुआ जब आरोपी पक्ष ने कहा “हमारे धुमाल में क्यों नाच रहे हो”, जो कहासुनी से हिंसक हमले में बदल गया और आरोपियों ने दिनेश निषाद पर चाकू से हमला कर दिया।
घटना के बाद दिनेश निषाद को गंभीर चोटें आईं, जिसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि, छह नाबालिगों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से हादसे की एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां डीजल टेंकर और अल्टो कार से जबरदस्त भिड़ंत हो गई। जिससे की इस हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य लोग घायल हो गए। जिनमें से 1 की हालत नाजुक है।
जानकारी के अनुसार, घटना कटघोरा थाना के तानाखार नेशनल हाइवे 130 मुख्यमार्ग की है। बताया गया कि, कार सवार सूरजपुर से कटघोरा की ओर जा रहे थे और ओवरटेक करने की कोशिश में डीजल टेंकर और अल्टो कार में आपस टकरा गई। जिसमें कार में सवार 5 लोग जिसमे 1 की मौत 4 घायल, 1 की हालत नाजुक है। वहीं इस हादसे के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिसे पुलिस ने हटाया ।
रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों से संपत्ति विवरण मांगा है। इन सभी अधिकारियों को 31 जनवरी तक जीएडी के स्पैरो पोर्टल में यह विवरण अनिवार्यता देना होगा। इसमें पत्नी / पति, बच्चों के नाम की संपत्ति की भी जानकारी देनी होगी।
जीएडी सचिव अविनाश चंपावत ने सभी राप्रसे अधिकारियों को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 19 (1) के तहत् अचल संपत्ति का वार्षिक विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इसमें इस वर्ष 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक की अवधि में धारित वार्षिक अचल संपत्ति का विवरण नियत समयावधि 31 जनवरी 26 तक इस विभाग में ऑनलाईन स्पैरो पोर्टल ईपीएआर.सीजी.जीओवी.इन के माध्यम से अनिवार्यत: प्रस्तुत की जाय। इसके बाद सबमिशन लिंक बंद हो जाने की स्थिति में निर्धारित समयावधि पश्चात् अचल संपत्ति विवरण विभाग द्वारा स्वीकार नहीं किये जाएंगे जिसके लिए स्वयं जिम्मेद्वार होंगे।
00 नए उद्योगों से बढ़ेगा रोज़गार के अवसर
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब सिर्फ निवेश आकर्षित नहीं कर रहा उन्हें तेज़ी से ज़मीन पर भी उतार रहा है। नवंबर 2024 से अब तक राज्य ने 18 क्षेत्रों में 27.83 लाख करोड़ रूपए के 219 निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। इनमें सेमीकंडक्टर और एआई से लेकर सीमेंट, बिजली और मैन्युफैक्चरिंग तक शामिल हैं। ये परियोजनाएँ राज्य के अन्य जिलों में फैली हैं, जिनसे 1.5 लाख रोजगार सृजित होंगे और यह पूरे राज्य में संतुलित विकास की ओर एक बड़ा संकेत है। नए उद्योगों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रेस वार्ता में सी एस आई डी सी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, सचिव उद्योग श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मालिक, सी एस आई डी सी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार मौजूद थे.
अब निवेश केवल रायपुर तक सीमित नहीं हैं। प्रश्तावित निवेशों की विशेष बात ये है कि हर 5 में से। निवेश (21 प्रतिशत) आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में हैं। 33 प्रतिशत रायपुर संभाग में और 46 प्रतिशत बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभागों में क्षेत्रीय विविधता ने मजबूती दी है। लगभग 50 प्रतिशत निवेश प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों में हैं जैसे सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर पार्क वहीं सीमेंट और बिजली जैसे पारंपरिक उद्योग भी मजबूत बने हुए हैं। कुल निवेश प्रस्तावों में 57 परियोजनाएँ 1,000 करोड़ रूपए से अधिक की है और 34 परियोजनाएँ 1,000 से ज्यादा रोजगार देने वाली हैं।
असल कहानी है तेज़ क्रियान्वयन की। 6.063 करोड़ रूपए की 9 बड़ी परियोजनाएँ चालू हो चुकी हैं, जिनसे उत्पादन शुरू हो गया है और 5,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा 109 परियोजनाएँ यानी लगभग आधी उन्नत चरण में हैं। ये या तो निर्माणाधीन हैं या भूमि आवंटन के बाद आगे बढ़ चुकी हैं। ये 24 जिलों और 16 क्षेत्रों में फैली हैं और जल्द ही 87,132 रोजगार सृजित करेंगी। खास बात यह है कि इनमें से 58 प्रतिशत परियोजनाएँ आतिथ्य एवं स्वास्थ्य, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फार्मा जैसे प्राथमिक क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
प्रमुख परियोजनाएँ इस रफ्तार को साफ दिखाती हैं। पोलिमेटेक की 10,000 करोड़ रूपए से अधिक की सेमीकंडक्टर फेक्ट्री जो छत्तीसगढ़ की पहली हे को सिर्फ 45 दिनों में भूमि आवंटित हुआ और काम तेज़ी से शुरू हुआ। रेकबैंक का 1,000 करोड़ रूपए का एआई डेटा सेंटर पार्क- देश का पहला-अब लगभग पूरा होने वाला है। ड्रल्स का 625 करोड़ रूपए का पेट फूड विस्तार प्रोजेक्ट ट्रायल प्रोडक्शन में है और इससे 3,000 रोजगार मिलेंगे। वी-राइज़ का तीसरा भारत कार्यालय एक आईटी यूनिट निर्माणाधीन है। अल्ट्राटेक सीमेंट का 1,600 करोड़ रूपए का निवेश चालू हो चुका है। आदित्य बिड़ला समूह का 67.5 मेगावाट का सोलर प्लांट मई में शुरू हो गया। वहीं बस्तर में रापपुर स्टोन क्लिनिक का 350-बेड अस्पताल लगभग तैयार है, जिससे आदिवासी परिवारों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, जो राज्य कभी मुख्य रूप से लोह और इस्पात के लिए जाना जाता था. वह अब सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर पार्क, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं जैसे नए क्षेत्रों का केंद्र बन रहा है। कंपनियाँ सिर्फ निवेश का निर्णय नहीं ले रहीं, बल्कि जल्द से जल्द काम शुरू करना बाहती हैं। हमारी सरकार हर उद्यमी के लिए व्यापार को आसान बनाने और हर चरण में पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा, सुधारों ने विवेकाधिकार की जगह पारदर्शिता लाई है. जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसका असर साफ दिखता है सरल प्रक्रियाएँ और बड़े पैमाने पर जमीन पर उतरती परियोजनाएँ। यह साबित करता है कि संवेदनशील शासन उद्योग को गति देता है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने कहा कि हमारा फोकस यह सुनिश्चित करता है कि निवेश प्रस्ताव के बाद निवेशकों की गति न रुके। तेज़ भूमि आवंटन, डिजिटल स्वीकृतियों ओर बेहतर समन्वय से कंपनियों बिना देरी के इरादे से निर्माण तक पहुंच पा रही है।
इस तेज़ उछाल के पीछे कई अग्रणी सुधार हैं-132 स्वीकृतियों के लिए वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम जन विश्वास अधिनियम के तहत 279 छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण (दो जन विश्वास अधिनियम लागू करने वाला पहला राज्य), स्वचालित भूमि म्यूटेशन लागू करने वाला पहला राज्य; एफएआर और ग्राउंड कवरेज में वृद्धि और सेटबेक में कमी, डिजिटल भूमि विवरण (रजिस्ट्री. आरओआर, टैक्स बकाया, न्यायालय प्रकरण); लेआउट और भवन स्वीकृति के लिए एकीकृत सॉफ्टवेयर, 24ग7 संचालन और विस्तारित फायर एनओसी। इन सुधारों के चलते डीपीआईआईटी से चार श्रेणियों में 'टॉप अचीवर' की मान्यता मिली।
ये सभी पहल केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि गति, जवाबदेही और ज़मीनी परिणामों पर केंद्रित प्रशासनिक संस्कृति को दर्शाती हैं। निवेश की विविधता और क्रियान्वयन की रफ्तार एक बात साफ कर देती है-छत्तीसगढ़ अब सिर्फ निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा, बल्कि वास्तविक परियोजनाएँ बना रहा है, वास्तविक रोजगार पैदा कर रहा है और वास्तविक बदलाव ला रहा है।
रायपुर। पूरे छत्तीसगढ़ सहित धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पूरी तरह सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। किसानों की सुविधा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं और शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
धान खरीदी प्रक्रिया में तुंहर टोकन ऐप ने किसानों के लिए व्यवस्था को और अधिक सरल व सुगम बना दिया है। समय पर टोकन उपलब्ध होना, केंद्रों में व्यवस्थित तौल, बैठने की सुविधा, पेयजल एवं छाया जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं ने किसानों का शासन-प्रशासन पर भरोसा और मजबूत किया है। धमतरी जिले के किसान इन व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर खुशी व्यक्त कर रहे हैं।
ऐसी ही एक प्रेरक सफलता की कहानी है ग्राम पोटियाडीह के किसान श्री नरेन्द्र कांकरिया की। श्री कांकरिया ने खरीफ मौसम में अपने 8 एकड़ 15 डिस्मिल रकबे में धान की खेती की। उन्हें तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से पहले टोकन में 80 क्विंटल धान बेचने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र पर पहुंचने से लेकर तौल और रसीद प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त रही।
किसान श्री कांकरिया ने बताया कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा था, जिससे खेती के कार्य में सुविधा हुई और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई। ट्रैक्टर पर लिया गया ऋण अभी चल रहा है, जिसे वे इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से चुकाने की योजना बना रहे हैं। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का बकाया भुगतान करने की भी उनकी तैयारी है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से आर्थिक दबाव कम होता है और खेती में पुन: निवेश करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।
श्री नरेन्द्र कांकरिया ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धान उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और सुचारू व्यवस्था के कारण किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
धमतरी जिले में धान खरीदी की यह सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था न केवल किसानों की मेहनत को सम्मान दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। यह शासकीय पहल किसानों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त उदाहरण बन रही है।







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