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Big Breaking : रेलवे के बड़े कांट्रेक्टर और दुर्ग के होटल सागर इंटरनेशनल के मालिक के यहां में ED का छापा…!!

Big Breaking : रेलवे के बड़े कांट्रेक्टर और दुर्ग के होटल सागर इंटरनेशनल के मालिक के यहां में ED का छापा…!!

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। रेलवे के बड़े कांट्रेक्टर और होटल सागर इंटरनेशनल के मालिक विजय अग्रवाल के दुर्ग स्थित ठिकानों पर मंगलवार सुबह 6 बजे ईडी ने छापा मारा। तीन इनोवा गाड़ियों में पहुंची ईडी टीम के साथ सीआरपीएफ जवानों की टुकड़ी भी मौजूद रही।

सूत्रों के अनुसार, विजय अग्रवाल के घर और ऑफिस में ईडी की सघन पूछताछ और दस्तावेजी जांच जारी है। बताया जा रहा है कि विजय अग्रवाल की कई फर्में अलग-अलग नामों से पंजीकृत हैं, और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी व्यापारिक गतिविधियों में जुड़े हुए हैं। यह समूह तीन भाइयों द्वारा संचालित होता था, लेकिन हाल ही में परिवार में बंटवारा हो गया है। ईडी की नजर इस पूरे कारोबारी समूह पर है, जिसमें तीनों भाइयों के नाम शामिल हैं। इस परिवार का नाम पिछली छत्तीसगढ़ सरकार के दौरान मिड डे मील योजना में भी सामने आया था, जब इन्हें ठेका मिला था। इसके साथ ही रेल नीर घोटाले में भी इस समूह के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप लगे थे।

बताया जा रहा है कि छापे की कार्रवाई केवल दुर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि रायपुर में स्थित इस परिवार के अन्य ठिकानों पर भी ईडी की टीमें सक्रिय हैं। परिवार के स्वामित्व में रायपुर स्थित कोर्टयार्ड मैरियट होटल भी है, जो ईडी की जांच के दायरे में आ सकता है। फिलहाल ईडी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन कार्रवाई पूरे दिन चलने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही ईडी की कार्रवाई राज्य की कारोबारी और राजनीतिक हलचलों को फिर से गर्मा सकती है।

शराब घोटाले में अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

शराब घोटाले में अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ के शराब घोटाले मामले में मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अनवर की जमानत याचिका खारिज कर दी।

इससे पहले राज्य सरकार ने घोटाले में संलिप्तता के आरोप में 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों पर शराब घोटाले के सिंडिकेट में शामिल होकर 88 करोड़ रुपये की अवैध कमाई करने का आरोप है।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

यह मामला पूर्व सीएम भूपेश बघेल सरकार के दौरान का है, जिसमें पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और सीएम सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया सहित कई रसूखदारों के खिलाफ आयकर विभाग ने 11 मई 2022 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में याचिका दायर की थी।

आरोप था कि प्रदेश में एक संगठित तरीके से रिश्वत और दलाली के जरिए अवैध कमाई हो रही थी, जिसकी अगुवाई रायपुर के तत्कालीन महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर कर रहे थे।

इस याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर 2022 को PMLA एक्ट के तहत केस दर्ज किया और जांच में सामने आया कि यह घोटाला 2019 के बाद नए आबकारी ढांचे (CSMCL) के तहत हुआ।

ED की चार्जशीट में बड़े नाम

ED ने मामले में अब तक 3841 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें शामिल हैं:

  • अनवर ढेबर (मुख्य आरोपी)
  • कवासी लखमा (पूर्व आबकारी मंत्री)
  • अनिल टुटेजा (पूर्व IAS)
  • त्रिलोक सिंह ढिल्लन
  • CSMCL, छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी जैसी कंपनियां
  • दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया आदि।

मुख्यमंत्री ने किया था CSMCL ढांचे का संशोधन

ED के अनुसार, 2017 में आबकारी नीति में बदलाव कर शराब बिक्री CSMCL के माध्यम से करवाई गई। 2019 में अनवर ढेबर ने अपने प्रभाव से अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का एमडी नियुक्त कराया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर घोटाले को अंजाम दिया गया।

जांच जारी, कई और गिरफ्तारियां संभव

ED ने इस मामले में 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। अब तक कई रसूखदारों को आरोपी बनाया जा चुका है और जांच की आंच आगे और तेज हो सकती है “सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब अनवर ढेबर की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

हैवानियत की हदे पार : 4 महीने तक महिला को बनाया दरिंदगी का शिकार, विरोध करने पर शरीर के कई हिस्सों पर काटा, फिर जो हुआ…..

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 बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से महिला के साथ बलात्कार और मारपीट का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो पिछले चार महीने से महिला को डरा-धमका कर लगातार उसका यौन शोषण कर रहा था।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी अक्सर महिला के घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती करता था। महिला द्वारा विरोध करने पर वह उसे जान से मारने की धमकी देता था। 9 जुलाई को आरोपी एक बार फिर महिला के घर पहुंचा और जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस बार पीड़िता ने साहस दिखाते हुए विरोध किया जिस पर आरोपी ने उसके साथ जमकर मारपीट की और शरीर के कई हिस्सों को दांत से काट लिया।

घटना के बाद पीड़िता ने अपने पति के साथ कोतवाली थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

सीएम विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ साकार...आज अयोध्या के लिए रवाना होगी पहली विशेष ट्रेन…

सीएम विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ साकार...आज अयोध्या के लिए रवाना होगी पहली विशेष ट्रेन…

 रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रदेशवासियों को श्रीराम लला के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ जन जन के जीवन से जुड़ रही है। इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन दिनांक 15 जुलाई 2025 को रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी।

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं इस विशेष दर्शन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं को लेकर रवाना होने वाली इस ट्रेन के प्रस्थान अवसर पर मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं दक्षिण पूर्व-मध्य रेलवे रायपुर मंडल के डीआरएम श्री दयानंद, सीनियर डीसीएम श्री अवधेश त्रिवेदी तथा आईआरसीटीसी – साउथ सेंट्रल ज़ोन के ग्रुप महाप्रबंधक श्री पी. राजकुमार भी उपस्थित रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेशवासियों को उनके जीवनकाल में एक बार प्रभु श्रीराम लला के अयोध्या धाम दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपादित किया गया था।

उक्त एमओयू के क्रियान्वयन की श्रृंखला में योजना की विधिवत शुरुआत रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं के साथ 5 मार्च 2024 को हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इसके पश्चात् 11 मार्च को बिलासपुर संभाग के श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन को उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसी क्रम में 19 जून को सरगुजा संभाग की विशेष ट्रेन को सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ किया। 26 जून को दुर्ग एवं बस्तर (संयुक्त) संभाग की पहली विशेष ट्रेन, जिसमें 850 श्रद्धालु शामिल थे, दुर्ग रेलवे स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना हुई। इन सभी अवसरों पर श्रद्धालुओं में अत्यंत उत्साह और आस्था का भाव देखने को मिला। साथ ही मीडिया प्रतिनिधिगण, आम नागरिक, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत वित्तीय वर्ष में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत लगभग 22,100 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। योजना के तहत विशेष साप्ताहिक ट्रेनें आगे भी रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन हेतु नियमित रूप से अयोध्या धाम ले जाती रहेंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को भी गौरवपूर्ण स्थान दिला रही है।

माओवाद प्रभावित गांवों में विकास की रोशनी: नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर में सोलर हाई मास्ट संयंत्रों से चमके गांव

माओवाद प्रभावित गांवों में विकास की रोशनी: नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर में सोलर हाई मास्ट संयंत्रों से चमके गांव

बस्तर - माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ की साय सरकार द्वारा नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) अंतर्गत राज्य के माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य सरकार द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। शासन की इस महत्वपूर्ण योजनांतर्गत क्रेडा द्वारा संचालित सोलर हाई मास्ट योजना का सफल क्रियान्वयन करते हुए बस्तर संभाग के अंदरूनी क्षेत्रों में प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश क्रेडा के सी.ई.ओ. राजेश सिंह राणा द्वारा अधिकारियों को दिये गये थे। क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी के मार्गदर्शन में तथा सी.ई.ओ. श्री राणा के नेतृत्व में क्रेडा द्वारा सौर संयंत्रों की स्थापना निरंतर की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अति संवेदनशील गांवों में सौर संयंत्रों का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है।

सोलर हाई मास्ट संयंत्र की स्थापना से रोशन हुए गांव

योजना के तहत जिला सुकमा के विकासखंड कोन्टा अंतर्गत अतिसंवेनशील ग्राम सिलगेर, सालातोंग, टेकलगुड़ियम, दुलेड़ और पूवर्ती जैसे ग्रामों में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था सुनिष्चित करने के उद्देश्य से क्रेडा द्वारा कुल 62 नग सोलर हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना स्वीकृत की गई है, जिनमें से 57 संयंत्र त्वरित गति से कार्य करते हुए स्थापित किये गये हैं तथा शेष 05 नग संयंत्रों की स्थापना प्रगतिरत है। सोलर संयंत्रों के माध्यम से रात्रि के समय पर्याप्त चैक चैराहों एवं ग्रामों के प्रमुख स्थलों में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित हो रही है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा हो रही है साथ ही ग्रामीणों को सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी आसानी हो रहा है

क्रेडा सी.ई.ओ.  राजेश सिंह राणा के नेतृत्व में क्रेडा द्वारा स्थापित किए जा रहे सभी संयंत्रों में गुणवत्ता मानकों एवं नियमानुसार प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

सुरक्षित और आरामदायक महसूस कर रहे

सी.ई.ओ. के निर्देश पर क्रेडा के मैदानी अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा योजना से लाभान्वित ग्राम दुलेड़, साकलेर, गुडराजपाड एवं सालातोंग के ग्रामीणों से चर्चा की गई, ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया गया कि पहले रात के समय गांव में अंधेरा छा जाता था, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता था। लेकिन अब रोशनी के कारण हम सुरक्षित और आरामदायक महसूस करते हैं। साथ ही बच्चों को देर शाम तक खेलने में कोई परेशानी नहीं हो रही है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। नियद नेल्लानार योजना ने माओवाद प्रभावित इन गांवों में विकास की किरणें पहुंचा रही है और ग्रामीणों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और खुशहाली का नया अध्याय जोड़ा है।

सोलर हाई मास्ट संयंत्र के सफल क्रियान्वयन के अतिरिक्त नियद नेल्लानार योजना में सम्मिलित ग्रामों में इसके अतिरिक्त सभी ग्रामों में जल जीवन मिशन अंतर्गत सोलर ड्यूल पम्पों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही सौर सुजला योजना के माध्यम से किसानों को सोलर पम्प प्रदाय कर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

यह पहल माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव और विकास के संकेत दे रही है, और ऐसे सुदूर गांवों में शांति और समृद्धि का नया अध्याय लिखने की ओर एक कदम है। इस योजना का उद्देश्य केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ गांवों तक पहुंचाना है। इस हेतु ग्रामीणों ने माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , क्रेडा-अध्यक्ष  भूपेन्द्र सवन्नी एवं क्रेडा-सीईओ राजेश सिंह राणा एवं क्रेडा विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाई है।

छत्तीसगढ़ में डीएपी की कमी नहीं, विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ में डीएपी की कमी नहीं, विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर : खरीफ सीजन 2025 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के लिए रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था की है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण डीएपी खाद के आयात में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी जैसे विकल्पों की भरपूर आपूर्ति सुनिश्चित की है। सभी प्रकार के उर्वरक राज्य की सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में उपलब्ध हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अभी तक 1.63 लाख मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण किया जा चुका है और जुलाई महीने में 48 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा, नैनो डीएपी की 1.79 लाख बॉटल, 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक एनपीके और 50 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त एसएसपी का भंडारण किया गया है। म्यूरेट ऑफ पोटाश का 77 हजार मीट्रिक टन से अधिक स्टॉक भी मौजूद है।

कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष अब तक कुल 13.18 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण हो चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 38 हजार मीट्रिक टन अधिक है। सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के सुझावों के अनुसार डीएपी के विकल्पों का उपयोग करें, जिससे बेहतर उत्पादन संभव है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने खाद-बीज की डिमांड के अनुसार पर्याप्त भंडारण किया है और समय पर वितरण की व्यवस्था भी की जा रही है। डीएपी के साथ-साथ एनपीके, एसएसपी और नैनो डीएपी जैसे विकल्पों से राज्य में खाद संकट की कोई स्थिति नहीं है।

तरपोंगी टोल पर प्रदर्शन के बाद NSUI के 9 पदाधिकारियों के खिलाफ FIR...

तरपोंगी टोल पर प्रदर्शन के बाद NSUI के 9 पदाधिकारियों के खिलाफ FIR...

 संगठन ने बताया दमनकारी कदम

रायपुर। छात्र और युवा हितों को लेकर तरपोंगी टोल प्लाजा पर किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई के 9 पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर को लेकर एनएसयूआई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे “दबाव की राजनीति” करार दिया है। संगठन ने साफ किया है कि वह छात्रों और युवाओं की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा।

किन-किन पर दर्ज हुई एफआईआर?
प्रशासन ने जिन एनएसयूआई नेताओं पर नामजद एफआईआर दर्ज की है, उनमें नीरज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष, अमित शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रशांत गोस्वामी, जिला अध्यक्ष, विशाल कुकरेजा, वैभव मुँजेवार, गावेश साहू, लोमन सोनवानी, जग्गू जांगड़े, जितेश वार्मा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।

“छात्रों की आवाज़ को दबाने की कोशिश”
एनएसयूआई का कहना है कि यह कार्यवाही पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसका मकसद छात्रों और युवाओं की बुनियादी मांगों को कुचलना है। प्रदर्शन के केंद्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार, शांतिपूर्ण यातायात, और नागरिक सम्मान की माँगें थीं।

नीरज पांडेय बोले: “हम डरने वाले नहीं”
प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने कहा, “टोल प्रबंधन और शासकीय अधिकारियों की मिलीभगत से झूठी एफआईआर दर्ज कर हमें डराने की कोशिश की गई है। लेकिन एनएसयूआई डरने वाली नहीं है। यह लड़ाई छात्रों और युवाओं के अधिकारों की है और हम इसे अंजाम तक पहुंचाएंगे।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन प्रशासन ने अपनी विफलता छिपाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई की

एनएसयूआई ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
    टोल प्लाजा प्रबंधन की जांच
    जबरन वसूली और अव्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
    छात्रों और युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता
    नामजद नेताओं पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं

एनएसयूआई ने साफ किया है कि वह डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश के सामने झुकने वाली नहीं है। संगठन ने यह भी चेताया कि यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं और एफआईआर वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाने वालों पर दमन क्यों?

 

बिहान योजना से महिलाएं बन रही आर्थिक रूप से सशक्त

बिहान योजना से महिलाएं बन रही आर्थिक रूप से सशक्त

 रायपुर - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। यह योजना न केवल उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दे रही है।

इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम तिलई की लखपति दीदी श्रीमती कुसुम साहू का नाम उल्लेखनीय है, जिन्होंने बिहान से जुड़कर न केवल स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त किया, बल्कि अपने परिवार के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार लाया है।

श्रीमती कुसुम साहू ने बताया कि पूर्व में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पति वाहन चलाने का कार्य करते थे और यही आय का एकमात्र स्रोत था। परिस्थितियों को बदलने के उद्देश्य से उन्होंने माँ भवानी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यता ली तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत 2 लाख रूपए का ऋण प्राप्त कर अगरबत्ती निर्माण एवं पैकेजिंग का लघु उद्योग प्रारंभ किया। इस उद्यम से उन्हें प्रतिमाह लगभग 3 हजार रूपए की शुद्ध आय होने लगी।

उत्साहवर्धन के साथ उन्होंने सीएलएफ से पुनः 2.50 लाख रूपए का ऋण प्राप्त कर ‘श्री साहू साड़ी रेडिमेड वस्त्रालय’ की स्थापना की, जिससे उन्हें प्रतिमाह 10 से 15 हजार रूपए तक की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। वर्तमान में उनकी वार्षिक आय लगभग 2.50 लाख रूपए हो गई है और वे अपने व्यवसाय का विस्तार करने की दिशा में अग्रसर हैं।

श्रीमती साहू ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर पा रही हैं। उनका पुत्र जेईई की तैयारी कर रहा है तथा पुत्री नर्सिंग की शिक्षा ले रही है। उन्होंने अपना पक्का मकान भी बना लिया है।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा क्रियान्वित ‘लखपति दीदी योजना’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान एवं सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरित कर रही है।बिहान योजना के माध्यम से आज गांव की महिलाएं भी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सशक्त भागीदारी निभा रही हैं।

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कार्यशाला आयोजित

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कार्यशाला आयोजित

 रायपुर- कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीतिः 2020 के पुनः उन्मुखीकरण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय में लागू स्नातक पाठ्यक्रमों में एनईपी के एक वर्ष के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और आवश्यक सुधारों पर विचार करना था

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने कहा कि एनईपी 2020 न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, बल्कि यह युवाओं को उनकी स्थानीय परंपरा और ज्ञान से जोड़ने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर देगी, जिससे वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

प्रथम तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (NEP) डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने नीति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनईपी बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देती है, जिसमें छात्र अपनी रुचि एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य एक समग्र और लचीला शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है।

द्वितीय तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के संयुक्त संचालक डॉ. जी.ए. घनश्याम ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत दर्शन पर विचार रखते हुए कहा कि यह नीति आधुनिकता और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच सेतु का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को भारत की समृद्ध चिंतन परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ना एनईपी का अहम लक्ष्य है, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने एनईपी को वर्तमान और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल और बाज़ार योग्यताओं से छात्रों को लैस करना है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एनईपी संयोजक श्री पंकज नयन पाण्डेय ने एनईपी 2020 पर वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा बीते एक वर्ष में पाठ्यक्रम संरचना और वैकल्पिक विषयों के क्रियान्वयन के तहत अनेक प्रभावी पहल की गई हैं, जिससे छात्रों को अपनी रुचियों के अनुरूप अध्ययन का अवसर मिला है।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र खंडेलवाल, डॉ. नृपेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष मांडवी, डॉ. राजेंद्र मोहंती, उप कुलसचिव श्री सौरभ शर्मा, विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय से जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय से जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

 विधानसभा भ्रमण पर आए प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव, मानव सेवा के कार्यों में समाज की भूमिका की दी जानकारी

रायपुर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर में दुर्ग जिले से आए जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जैन समाज द्वारा मानव सेवा एवं सामाजिक उत्थान के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विधानसभा परिसर के भ्रमण और सदन की कार्यवाही के अवलोकन के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को निकट से देखने का अवसर मिलना गौरवपूर्ण अनुभव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जैन समाज की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सकारात्मक गतिविधियाँ प्रदेश के समावेशी विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर दुर्ग विधायक श्री गजेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में मलेरिया पर करारा प्रहार

छत्तीसगढ़ में मलेरिया पर करारा प्रहार

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मलेरिया पर करारा प्रहार

मिशन मोड में सरकार का अभियान, ‘शून्य मलेरिया’ की ओर बढ़ते निर्णायक कदम

रायपुर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जनस्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ ने मलेरिया के स्थायी उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक अभियान फिर से प्रारंभ किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में, विभाग ने मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक अनुकरणीय रणनीतिक पहल करते हुए जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के 12वें चरण ने न केवल अपने दायरे का विस्तार किया है, बल्कि अपने प्रभाव से यह स्पष्ट कर दिया है कि जब सरकार दृढ़ संकल्प और नीति आधारित कार्रवाई के साथ काम करती है, तो नतीजे ज़मीन पर दिखते हैं।

25 जून से जारी इस चरण के अंतर्गत राज्य के 10 जिलों में गहन जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अब तक 19,402 घरों का दौरा किया गया है और 98,594 लोगों की रक्त जांच की गई है। इनमें से 1,265 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। सबसे अहम बात यह रही कि सभी संक्रमित व्यक्तियों को मौके पर ही दवा की पहली खुराक उपलब्ध कराई गई, वह भी पूरी सावधानी के साथ—पहले मरीजों को स्थानीय खाद्य पदार्थ खिलाया गया, ताकि दवा का प्रभाव सुरक्षित और प्रभावशाली रहे। प्रत्येक मरीज को उपचार कार्ड दिया गया है, ताकि फॉलोअप के जरिए पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अभियान का सकारात्मक असर सबसे अधिक बस्तर संभाग में देखा जा रहा है। 2015 की तुलना में यहां मलेरिया मामलों में 71 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित, सतत और वैज्ञानिक रणनीति का परिणाम है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 27.40 से घटकर 7.11 तक आ गया है, जो दर्शाता है कि मलेरिया पर राज्य ने प्रभावी नियंत्रण पाया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया से जंग अब केवल इलाज की नहीं, यह रणनीति और जनसहभागिता की लड़ाई बन गई है। उनका मानना है कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया है—2027 तक ‘शून्य मलेरिया’ और 2030 तक ‘पूर्ण मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़’—उसे केवल दस्तावेज़ी नहीं, बल्कि यथार्थ के रूप में साकार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभाव से बस्तर संभाग में मलेरिया के मामलों में गिरावट आयी है। “हर संक्रमित व्यक्ति तक पहुंचना, उसका समय पर इलाज करना और भविष्य में संक्रमण की कोई गुंजाइश न रहे — यही हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि हमारा फोकस लक्षणरहित मलेरिया मामलों पर है, ताकि बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके।

इस अभियान की सफलता में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। यह केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि अब एक जनआंदोलन बन चुका है। जांच और इलाज के साथ-साथ लोगों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, जलजमाव की रोकथाम और साफ-सफाई जैसे व्यवहारिक उपायों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह ठोस और संवेदनशील प्रयास, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है, जो न केवल राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और टिकाऊ कदम है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरक मॉडल भी बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह रणनीति अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण के रूप में स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री साय का आह्वान — ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनें, जैविक विरासत को बचाएं

मुख्यमंत्री साय का आह्वान — ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनें, जैविक विरासत को बचाएं

 रायपुर : जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से आज नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।

आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि राज्य का गिधवा-परसदा पक्षी अभ्यारण्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित रामसर साइट बनने की पात्रता रखता है। इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार जिले के खोखरा ग्राम को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

कार्यशाला के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से “वेटलैण्ड मित्र” के रूप में जुड़कर जैव विविधता और आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। यह भागीदारी राज्य में पर्यावरणीय चेतना को जनआंदोलन का रूप देने में सहायक होगी।

फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से नौकरी करने वाले 27 कर्मचारी बर्खास्त, 11 शिक्षक और 12 कृषि अधिकारी शामिल

फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से नौकरी करने वाले 27 कर्मचारी बर्खास्त, 11 शिक्षक और 12 कृषि अधिकारी शामिल

 मुंगेली : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में फर्जी श्रवण बाधित प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी कर रहे 27 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। ये कर्मचारी सालों से सरकार को धोखा देकर अलग-अलग विभागों में कार्यरत थे। शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई, जिसमें प्रमाण पत्रों में भारी गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सभी को सेवा से हटा दिया।

इन विभागों में हुई कार्रवाई:

1. शिक्षा विभाग: 11 शिक्षक बर्खास्त

इनमें व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक शामिल हैं:

  • मनीषा कश्यप
  • टेक सिंह राठौर
  • रवीन्द्र कुमार गुप्ता
  • पवन सिंह राजपूत
  • विकास कुमार सोनी
  • अक्षय सिंह राजपूत
  • गोपाल सिंह राजपूत
  • योगेन्द्र सिंह राजपूत
  • मनीष राजपूत
  • नरहरी सिंह राठौर
  • राकेश सिंह राजपूत
  • श्रम विभाग से नरेन्द्र सिंह राजपूत (सहायक ग्रेड-2)
  •  
  • 2. कृषि विभाग: 12 अधिकारी बर्खास्त
  • प्रभा भास्कर (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी)
  • अमित राज राठौर
  • धर्मराज पोर्ते
  • भीष्मराव भोसले (प्रयोगशाला सहायक)
  • नितेश कुमार गुप्ता
  • विजेन्द्र नार्गव
  • टेकचंद रात्रे
  • निलेश कुमार राठौर
  • सुरेन्द्र कुमार कश्यप
  • गुलाब सिंह राजपूत
  • बृजेश सिंह राजपूत

3. अन्य विभागों में 4 कर्मचारी बर्खास्त

  • सत्यप्रकाश राठौर (सहायक ग्रेड-2, जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग)
  • पूजा पहारे (ग्रामीण उद्यान अधिकारी, उद्यान विभाग)
  • सतीश नवरंग (पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग)
  • राजीव कुमार तिवारी (विकास विस्तार अधिकारी)

प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि फर्जीवाड़ा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और इस प्रकार के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मोहब्बत का ऐसा सिला, 2 बच्चों की मां को चढ़ा इश्क का बुखार, बॉय फ्रेंड से हुई प्रग्नेंट, पति को लगाया ठिकाने, बारिश ने खोल दिए सारे राज……

मोहब्बत का ऐसा सिला, 2 बच्चों की मां को चढ़ा इश्क का बुखार, बॉय फ्रेंड से हुई प्रग्नेंट, पति को लगाया ठिकाने, बारिश ने खोल दिए सारे राज……

 धमतरी। जिले से अवैध संबंध में हत्या का मामला सामने आया है। दरअसल दो बच्चों की मां ने अवैध संबंध और फिर ब्वॉय फ्रेंड से प्रेग्नेंट होने के बाद, पति की हत्या कर करवा दी। लेकिन बारिश ने इस प्रेमी जोड़े की करतूतों के सारे राज खोल दिया है और इस पूरे अंधे कत्ल का खुलासा कोंडागांव SP अक्षय कुमार और ASP कौशलेंद्र देव पटेल की टीम ने किया है।

पुलिस अधीक्षक वाय. अक्षय कुमार ने बताया कि 30 जून को ग्राम मगेदा के जंगल में एक अज्ञात पुरुष का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का पाया गया, जिसके बाद केस दर्ज कर एक विशेष जांच टीम गठित की गई। पुलिस को मृतक की पैंट से दवाई की एक पर्ची मिली थी। इस पर्ची से पता चला कि धर्मवीर इलाज के लिए 27 जून को तमिलनाडु के एक अस्पताल गया था। वे मूलतः नगरी, जिला धमतरी का निवासी था। अस्पताल के रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि 27 जून को उसे उसका मित्र विदेश मरकाम इलाज के बहाने अस्पताल से ले गया था।

वह उसे नगरी की बजाय ओडिशा के रायघर ले गया। वहां से क्रिकेट बैट और पेट्रोल खरीदा। फिर जंगल में ले जाकर उसकी हत्याकर दी। इस दौरान मृतक को आरोपी ने शराब के नशे में मदहोश रखा था।

बारिश ने खोल दिए सारे राज

आरोपियों ने धर्मवीर की पहचान छिपाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की, लेकिन बारिश के कारण शव पूरी तरह नहीं जल सका। पुलिस ने शव के कपड़ों की तलाशी में एक जली हुई पीली रंग की एंटी-रैबिस अस्पताल पर्ची बरामद की, जिसमें मृतक का नाम था। मृतक के पास मिले एंटी-रैबिस वैक्सीन शेड्यूल कार्ड के आधार पर तमिलनाडु के धरमपुरी अस्पताल से संपर्क किया गया।

3 साल से चल रहा था अफेयर

पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम और प्लानिंग करने वाले रवनीना नागरची (मृतक की पत्नी) और इसके ब्वॉफ्रेंड विदेश मरकाम को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला है कि आरोपियां 2.5 माह की गर्भवती है और ये प्रेग्नेंसी उसे उसके ब्वॉयफ्रेंड से थी। उसके पति से उसके दो बच्चे है, जिसमें 5 साल की बेटी और 2.5 साल का बेटा है। वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी की मोबाइल डिटेल खंगाली तो पता चला कि वो अपने प्रेमी से रोजाना घंटों बाते करती थी और घटना के बाद आरोपी प्रेमी लगातार अपने मोबाइल नंबर बदलता रहा। अब कोंडागांव पुलिस ने दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

CG में इनकम टैक्स की बड़ी छापेमारी, कई ठिकानों पर एक साथ दबिश, दस्तावेजों की गहन जांच जारी

CG में इनकम टैक्स की बड़ी छापेमारी, कई ठिकानों पर एक साथ दबिश, दस्तावेजों की गहन जांच जारी

 रायपुर : छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले समेत कई हिस्सों में आयकर विभाग की टीमों ने सोमवार सुबह अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ के प्रमुख ठिकानों पर की गई, जिसमें अधिकारियों ने दस्तावेजों की गहन जांच की।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8 बजे चिरमिरी के पोड़ी नवापारा स्थित SECL ओपन कास्ट के मैनेजर रविशंकर चक्रधारी और मनेंद्रगढ़ निवासी AC मनीष गुप्ता के घर पर इनकम टैक्स विभाग की टीमों ने दबिश दी। टीम चार गाड़ियों में पहुंची और मकानों को चारों तरफ से घेर कर तलाशी शुरू की।

कार्रवाई के पीछे कारण स्पष्ट नहीं

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी का आधार क्या है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही वे मीडिया को इस संबंध में कोई जानकारी देंगे। अभी तक अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, बिलासपुर में भी आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर दबिश दी गई है। पूरे मामले को लेकर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। इस छापेमारी से स्थानीय इलाकों में हलचल मच गई है और लोग इसे किसी बड़ी जांच का हिस्सा मान रहे हैं।

 
CG ACCIDENT : रायपुर से जगदलपुर जा रही यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त, चालक और महिला हेल्पर की मौत, कई घायल

CG ACCIDENT : रायपुर से जगदलपुर जा रही यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त, चालक और महिला हेल्पर की मौत, कई घायल

 जगदलपुर। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के निकट ग्राम बस्तर में सोमवार तड़के 4 बजे तेज रफ्तार यात्री बस दुर्घटना का शिकार हो गई, मनीष ट्रेवल्स की बस रायपुर से यात्रियों को लेकर जगदलपुर आ रही थी, इस बीच बस्तर थाना क्षेत्र के माजीसा पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक से जा टकराई। इस हादसे में बस चालक और महिला हेल्पर की मौके पर मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए।

बताया जा रहा है कि बस ड्राइवर को आई झपकी के चलते यह हादसा हुआ, दुर्घटना की जानकारी लगते ही बस्तर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया, दुर्घटना के समय बस में तकरीबन 30 यात्री सवार थे सभी यात्री सुरक्षित हैं जबकि बस चालक सतेंद्र सिंह 35 वर्ष निवासी दुर्ग व हेल्पर पुष्पा 20 वर्ष निवासी बीजापुर की मौत हो गई, यह दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बस के सामने का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, चालक को बचाने के लिए कटर की मदद से बस के हिस्से को काटकर चालक को निकाला गया लेकिन चालक और परिचालक को नहीं बचाया जा सका।

BREAKING : नक्सलियों की कायराना हरकत, IED की चपेट में आने से 3 ग्रामीण झुलसे

BREAKING : नक्सलियों की कायराना हरकत, IED की चपेट में आने से 3 ग्रामीण झुलसे

 बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां नक्सलियों ने एक बार फिर कायराना हरकत को अंजाम दिया है। थाना मद्देड़ अंतर्गत धनगोल गांव के जंगल में मशरूम (फुटु) इकट्ठा करने गए हुए तीन 3 ग्रामीण नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आकर घायल हो गए। 

इस हादसे में 1 बालिका सहित 3 ग्रामीण बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल बीजापुर भर्ती किया गया है जहां इनका उपचार जारी है।

घायल ग्रामीणों में –

1. कविता कुड़ियम (उम्र 16 वर्ष), पिता- नागैया, निवासी- धनगोल, थाना– मद्देड़, जिला– बीजापुर.

2. कोरसे संतोष, पिता- लच्छा, उम्र 26 वर्ष, निवासी- धनगोल, थाना – मद्देड़, जिला – बीजापुर.

3. चिड़ेम कन्हैया, पिता- किस्टैया, उम्र- 24 वर्ष, निवासी- धनगोल, थाना – मद्देड़, जिला – बीजापुर.

विधानसभा में खाद-बीज की किल्लत पर कांग्रेस का हंगामा, गर्भगृह में घुसे 23 विधायक हुए निलंबित, सरकार ने किया स्थगन खारिज

विधानसभा में खाद-बीज की किल्लत पर कांग्रेस का हंगामा, गर्भगृह में घुसे 23 विधायक हुए निलंबित, सरकार ने किया स्थगन खारिज

 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा में कांग्रेसी विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव लाकर राज्य में खाद और बीज के किल्लत कर चर्चा की माँग की । प्रश्न काल के बाद चर्चा की माँग करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत ने कहा की ऐसी क्या वजह है कि सरकार के पास खाद नहीं है और बाजार में मनमाना कीमत पर खाद किसान खरीदने के लिए मजबूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसान से कम उत्पाद के लिए खाद की कमी कर रही हैं।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा प्रदेश में खाद की कमी है । इस मामले पर विधानसभा की कार्यवाही रोककर चर्चा करायी जाए।

पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा DAP के बिना खाद की कमी से किसान आक्रोशित है।इस विषय पर चर्चा करवाया जाना चाहिए।

विपक्ष के प्रस्ताव पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पूरे मामले पर विभागीय कृषि मंत्री का जवाब जानना चाहा । विभागीय मंत्री राम विचार नेताम ने स्थगन की ग्राह्यता का जवाब देते हुए विपक्ष के अरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा की राज्य में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है । इसलिए स्थगन पर चर्चा जरूरी नहीं है ।

मंत्री के बयान के बाद कांग्रेसी विधायकों ने सदन में हंगामा और नारेबाज़ी की । कांग्रेस के सभी विधायक सदन के गर्भ गृह में घुस गए । गर्भ गृह में घुसने की वजह से सदन में उपस्थित कांग्रेस विधायक सदन की कार्यवाही से निलंबित हो गए ।

मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत नेता पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह को दी गई श्रद्धांजलि

मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत नेता पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह को दी गई श्रद्धांजलि

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ। पहले दिन स्पीकर डॉ रमनसिंह ने छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और सदन के पूर्व सदस्य राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह के निधन की सूचना दी।

इसके पश्चात स्पीकर, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, भूपेश बघेल और संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने दोनों दिवंगत नेताओं के जीवन चरित्र को याद करते हुए उनके निधन को देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

अंत में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह ने दिवंगत नेताओं के सम्मान में दो मिनट के लिए मौन श्रद्धांजलि दी। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

 
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से होगा शुरू, कांग्रेस-बीजेपी होंगे आमने-सामने

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से होगा शुरू, कांग्रेस-बीजेपी होंगे आमने-सामने

  रायपुर :- छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज, 14 जुलाई से शुरू हो रहा है और यह 18 जुलाई तक चलेगा। सत्र के दौरान सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही शुरू होगी। यह सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं, क्योंकि विधायकों ने कुल 996 सवाल लगाए हैं। कांग्रेस ने बिजली दरों में वृद्धि, शराब घोटाला, डीएपी खाद की कमी, कानून व्यवस्था और राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।

विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत ने रविवार को राजीव भवन में कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई। महंत ने सत्र की अवधि को कम बताते हुए पहले ही दिन खाद और बीज की कमी को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विधायक पूरी ताकत और आक्रामकता के साथ सदन में भाग लेंगे और सरकार से किसानों की समस्याओं को लेकर जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा, “सदन में मोटी लाठी लेकर जाएंगे।”

दूसरी ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई। संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है और कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की तरह मौजूदा सरकार सत्र से भागने वाली नहीं है। उन्होंने बताया कि शराब घोटाले की राशि और भी बढ़ गई है, जिस पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। अब देखना होगा कि यह पांच दिवसीय सत्र किन मुद्दों पर बहस और टकराव का केंद्र बनता है।

CM विष्णुदेव साय का आज का शेड्यूल: विधानसभा सत्र से लेकर वृक्षारोपण और कार्यशाला में लेंगे हिस्सा

CM विष्णुदेव साय का आज का शेड्यूल: विधानसभा सत्र से लेकर वृक्षारोपण और कार्यशाला में लेंगे हिस्सा

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में भाग लेंगे। साथ ही वे दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।

मुख्यमंत्री आज सुबह 10:00 बजे मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन पहुंचेंगे। यहां वे सुबह 10:30 बजे तक कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद 11:00 बजे से 1:00 बजे तक वे विधानसभा की कार्यवाही में उपस्थित रहेंगे।

दोपहर 1:30 बजे सीएम साय अटल नगर स्थित नए विधानसभा भवन पहुंचेंगे, जहां वे “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वे 2:15 बजे अरण्य भवन पहुंचेंगे और 3:30 बजे तक आयोजित जैव विविधता एवं वेटलैंड संरक्षण पर कार्यशाला में हिस्सा लेंगे।

सीएम साय शाम 3:40 बजे नए मुख्यमंत्री निवास जाएंगे और दिन के अंतिम कार्यक्रम के बाद शाम 6:25 बजे सिविल लाइन स्थित अपने पुराने निवास लौटेंगे।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रायपुर से गुजरने वाली दो एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का रूट बदला गया

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रायपुर से गुजरने वाली दो एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का रूट बदला गया

रायपुर : यात्रियों की परेशानी एक बार फिर बढ़ने वाली है, क्योंकि रेलवे ने रायपुर होकर गुजरने वाली दो एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया है। यह निर्णय दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में गामहारीया जंक्शन और आदित्यपुर सेक्शन के बीच अप और डाउन लाइन के अपग्रेडेशन कार्य के चलते लिया गया है। यह कार्य 15 जुलाई से 4 अक्टूबर तक चलेगा, जिसके लिए रेल मार्ग को ब्लॉक किया जाएगा।

रद्द की गई ट्रेनें:

  • टाटा-बिलासपुर-टाटा एक्सप्रेस: 15, 19, 22, 26, 29 जुलाई और 2 अगस्त को रद्द रहेगी।

  • टाटा-नेताजी सुभाष चन्द्र बोस-टाटा एक्सप्रेस: 9, 12, 16, 19, 23 और 26 अगस्त को रद्द रहेगी।

रूट बदली गई ट्रेनें:

  • पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस: 18, 25 जुलाई, 1, 11, 18 और 25 अगस्त को कटक, सम्बलपुर सिटी, झारसुगुड़ा रोड और ईब होकर चलेगी।

  • योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस: 14, 21, 28 जुलाई, 8, 15, 22, 29 अगस्त और 5, 12, 19, 26 सितंबर व 3 अक्टूबर को ईब, झारसुगुड़ा रोड, सम्बलपुर सिटी और कटक होकर चलेगी।

  • दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस: 15, 22 और 29 जुलाई को सिनी और कान्ड्रा जंक्शन होकर चलेगी।

  • आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस: 18, 25 जुलाई और 1 अक्टूबर को कान्ड्रा जंक्शन व सिनी होकर चलेगी।

रेलवे यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले संबंधित ट्रेनों की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।

सावन के पहले सोमवार पर भूतेश्वरनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

सावन के पहले सोमवार पर भूतेश्वरनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

 गरियाबंद। सावन मास की पवित्र बेला में आज स्वयंभू शिवलिंग भगवान भूतेश्वरनाथ के धाम में आस्था का महासैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से आए कांवड़ियों, साधुओं और परिवारों का ताता सुबह से ही जलाभिषेक और पूजा-अर्चना में व्यस्त रहा।

स्वयंभू शिवलिंग की दिव्यता

स्थानीय पुरोहितों के अनुसार यह शिवलिंग ‘स्वयंभू’ है—प्रकृति के गर्भ से स्वयं प्रकटित। हर वर्ष इसकी ऊँचाई और परिधि बढ़ती जा रही है; वर्तमान में इसका आयाम लगभग 80 फ़ीट ऊँच और 210 फ़ीट परिधि पहुँच चुका है, जो भक्तों के अटूट विश्वास का प्रतीक है।

जलाभिषेक और जयघोष

रिमझिम बारिश के बीच “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के उद्घोष गूँज रहे थे, जब श्रद्धालुओं ने गंगाजल से महादेव का रुद्राभिषेक किया। अनेक कांवड़िये दशकों पुरानी परंपरा के अनुरूप मस्तक पर कांवड़ ढोते हुए पैदल आए और अपनी-अपनी मनोकामनाएँ शिव चरणों में अर्पित कीं।

“यहाँ का अनुभव आत्मा को शांति देता है—लाइफटाइम में कभी नहीं मिला ऐसा आध्यात्मिक उल्लास,”
बताते हैं एक सत्संगी।

सेवा का धर्म

श्री भूतेश्वरनाथ युवा भंडारा समिति के सदस्यों ने सुबह ही विशाल रसोई में पुलाव–चना–हलवा एवं प्राथमिक चिकित्सा किट की व्यवस्था कर रखी थी। इस सावन सोमवार को करीब 10,000 श्रद्धालुओं को निःशुल्क प्रसाद एवं प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया, जिससे भक्ति और सेवा का सुंदर मेल देखने को मिला।

मनोकामनाओं की सिद्धि

श्रद्धालु मानते हैं कि जो भी सच्चे हृदय से भूतेश्वरनाथ के चरणों में जल अर्पित कर प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। यहाँ आए कई परिवारों ने अपने आरोग्य, समृद्धि और सुख-शांति के लिए विशेष रूप से पूजा-अर्चना की।