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छत्तीसगढ़ में उर्वरकों की कमी नही,सहकारी समितियों में एक लाख बॉटल नैनो डीएपी का किया जा रहा भंडारण

छत्तीसगढ़ में उर्वरकों की कमी नही,सहकारी समितियों में एक लाख बॉटल नैनो डीएपी का किया जा रहा भंडारण

 रायपुर - राज्य में खरीफ सीजन 2025 के दौरान विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते न सिर्फ इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की बल्कि रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रख रही है, जिसके चलते राज्य में रासायनिक उर्वरकों के भण्डरण एवं उठाव की स्थिति बेहतर बनी हुई है। डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एन.पी.के., सुपर फास्फेट और नेनो डी.ए.पी. जैसे वैकल्पिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर किसानों के हितों का ध्यान रखा है। छत्तीसगढ़ में अब तक विभिन्न प्रकार के 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण कर लिया गया है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकें।

छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ 2025 में पूर्व में कुल 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें यूरिया 7.12 लाख, डी.ए.पी. 3.10 लाख, एन.पी.के. 1.80 लाख, पोटाश 60 हजार तथा सुपर फास्फेट 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में कुल 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। डीएपी की आपूर्ति में कमी के चलते उर्वरक वितरण के लक्ष्य को संशोधित कर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों जैसे- एनपीके, एसएसपी के लक्ष्य में 4.62 लाख मीट्रिक टन की उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिसके चलते खरीफ सीजन 2025 में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की वितरण का लक्ष्य 17.18 लाख मीट्रिक टन हो गया है।

राज्य में अब तक 5.63 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण एवं 3.76 लाख मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। किसानों को अभी 1.86 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हेतु उपलब्ध है। यहां यह उल्लेखनीय है कि यूरिया का उपयोग धान फसल में तीन बार किया जाता है। पहली बार बुवाई अथवा रोपाई के समय कुल अनुशंसित मात्रा का 30 प्रतिशत, दूसरी बार 3 से 4 सप्ताह बाद कन्से निकलने के समय एवं तीसरी बार 7 से 8 सप्ताह बाद गभौट अवस्था में किया जाता है। इस प्रकार यूरिया का उपयोग बुवाई से लेकर सितंबर तक विभिन्न अवस्थाओं में किया जाना है, जिसके अनुरूप राज्य में यूरिया की चरणबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
डी.ए.पी. के आयात में राष्ट्रीय स्तर पर कमी को देखते हुए राज्य शासन ने समय रहते वैकल्पिक उर्वरकों की दिशा में ठोस पहल की है, जिसके चलते एन.पी.के. को लक्ष्य बढ़ाकर 4.90 लाख तथा सुपर फास्फेट का 3.53 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया। वर्तमान में एन.पी.के. 11 हजार एवं सुपर फास्फेट 54 हजार मीट्रिक टन, लक्ष्य से अधिक भंडारित है, जिससे 23 हजार 600 मीट्रिक टन डी.ए.पी. में उपलब्ध फॉस्फेट तत्व की पूर्ति होगी।

छत्तीसगढ़ राज्य को चालू माह जुलाई में आपूर्ति प्लान के अनुसार कुल 2.33 लाख मी. टन उर्वरक मिलेगी। जिसमें यूरिया 1.25 लाख, डी.ए.पी. 48,850, एन.पी.के. 34,380, पोटाश 10 हजार एवं सुपर फास्फेट 76 हजार मी. टन शामिल हैं। जुलाई के अंत तक डी.ए.पी. का कुल भंडारण 1.95 लाख मी. टन तक होने की उम्मीद है। राज्य में डी.ए.पी. की कमी से बचाव हेतु 25 हजार मी. टन सुपर फास्फेट एवं 40 हजार मी. टन एन.पी.के. के अतिरिक्त भंडारण का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, नैनो डी.ए.पी. उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु सहकारी क्षेत्र में एक लाख बाटल का भंडारण किया जा रहा है, जिससे 25 हजार मीट्रिक टन पारंपरिक डी.ए.पी. की आवश्यकता की पूर्ति होगी।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अप्रैल माह से ही वैकल्पिक उर्वरकों के प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर पैम्फलेट तैयार कर समस्त सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में प्रदर्शित किए गए डीएपी, उर्वरक के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। इसी कड़ी में कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान एन.पी.के, सुपर फास्फेट एवं नेनो डी.ए.पी. के वैज्ञानिक उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन कर खरीफ 2025 में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की समस्त योजनाओं का मिले समुचित लाभ: विजय शर्मा

आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की समस्त योजनाओं का मिले समुचित लाभ: विजय शर्मा

 रायपुर। सुकमा जिले के सबसे सुदूर क्षेत्र के आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास के तहत राजमिस्त्री, कृषि उद्यमी और अन्य प्रशिक्षण प्रदाय कराया जा रहा है। विगत तीन माह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का स्वागत भारत माता की जय घोष करते हुए किया। इस अवसर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री से सीधा संवाद करते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के पुनर्वास नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले के नक्सल संगठन का जीवन एक भटका हुआ और गुमराह से भरा जीवन था।

उस खोखली विचारधारा को त्याग कर समाज के मुख्यधारा से जुड़कर बहुत ही बेहतर जीवन मिला लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की जानकारी के अभाव में हम रास्ता भटक गए थे किन्तु शासन के पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर एक बेहतर जीवन जी रहे हैं। आज शासन-प्रशासन द्वारा हमें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिससे हम आत्मनिर्भर बनकर समाज के मुख्यधारा में शामिल हो सके।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उनके अनुभवों को गंभीरतापूर्वक सुना और आाधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता सहित सभी प्रकार आवश्यक दस्तावेज पुनर्वास केन्द्र में ही बनवाकर केन्द्र और राज्य शासन के समस्त योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने। वहीं पुनर्वास केन्द्र में उनके दैनिक दिनचर्या से अवगत होकर और भी गतिविधियों को शामिल कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने आवश्यक पहल करने, एक्सपोजर विजिट कराकर बाहरी दुनिया का भ्रमण कराने रायपुर, जगदलपुर जैसे शहर ले जाने के निर्देश दिए।

ज्यादातर लोग पढ़ाई नहीं किए है उनको साक्षर बनाने के लिए आवश्यक पहल करते हुए दिनचर्या में शामिल कर खेलकूद, मनोरंजन, देशभक्ति फिल्में दिखाने सहित उनको नियमित आमदनी के स्त्रोत हासिल हो सके उस दिशा विशेष प्रयास करने के निर्देश कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत को दिए। इस अवसर पर सचिव पंचायत विभाग भीम सिंग, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी.सुंदरराज, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, एसपी किरण गंगाराम चव्हाण, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता जैन, राज्य महिला आयोग की सदस्य  दीपिका सोरी, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम सहित अन्य उपस्थित थे।

संसदीय पत्रकार लोकतंत्र की आवाज़ जनता तक पहुंचाने की अहम कड़ी: मुख्यमंत्री साय

संसदीय पत्रकार लोकतंत्र की आवाज़ जनता तक पहुंचाने की अहम कड़ी: मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला 'संसदीय पत्रकारिता' में शनिवार को विधानसभा परिसर में जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने मिलकर लोकतंत्र के इस अहम पहलू पर विचार साझा किए।


कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसदीय पत्रकारों की भूमिका को "जनता और विधायकों के बीच सेतु" बताते हुए कहा, "आप पत्रकार बंधु विधानसभा की कार्यवाही को गहराई से समझकर जन-जन तक पहुंचाते हैं। आपकी मेहनत से ही जनता यह जान पाती है कि उनके मुद्दे सदन में कितनी गंभीरता से उठाए जा रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विधायकों की कार्यशालाओं की तरह इस तरह के आयोजन पत्रकारों के लिए भी बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि इससे पत्रकारिता को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है।

25 वर्षों की यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संसदीय पत्रकारिता की गरिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा में पत्रकारों का योगदान स्मरणीय और अनुकरणीय रहा है। वे निष्पक्ष रहकर सदन की कार्यवाही को सटीक ढंग से जनता के सामने रखते हैं – यही लोकतंत्र की असली ताकत है।"

उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारों को सदन की प्रक्रियाओं की गहरी समझ होनी चाहिए ताकि वे उसे सरल, स्पष्ट और जनोन्मुख भाषा में प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने दिवंगत वरिष्ठ पत्रकारों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी भूमिका को याद किया।

पत्रकार लोकतंत्र के नारद हैं : डॉ. चरणदास महंत
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने संसदीय पत्रकारों की तुलना नारद मुनि से करते हुए कहा कि वे खबरें नहीं, लोकतांत्रिक चेतना के संवाहक हैं। उन्होंने कहा, "पत्रकार न सिर्फ समयबद्धता और सजगता के प्रतीक हैं, बल्कि वे विधानसभा की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने में एक प्रकार से लोकतंत्र के प्रहरी हैं।"

उल्लेखनीय उपस्थिति और संवाद
इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक संजय द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार, और विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला में संसदीय कार्य प्रणाली, रिपोर्टिंग की बारीकियों और पत्रकारिता की संवेदनशीलताओं पर विस्तृत चर्चा और अनुभव साझा किए गए।

CG Crime : पुराने विवाद में युवक की चाकू गोदकर की निर्मम हत्या, डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची

CG Crime : पुराने विवाद में युवक की चाकू गोदकर की निर्मम हत्या, डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची

 कोरबा. बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के मोंगरा बस्ती में युवक की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान अयोध्यापुरी-जैलगांव निवासी अश्वनी पाठक उर्फ पिंटू (40) के रूप में हुई. परिजनों के अनुसार मृतक अश्वनी शुक्रवार दोपहर बस्ती में रहने वाले मनजोद बक्कल के साथ निकला था. मौके पर डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम पहुंची गई है. पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

जानकारी के मुताबिक, मोंगरा बस्ती के भुसड़ीपारा सब-स्टेशन के पास युवक की खून से सनी लाश मिली. वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस पहुंची. शव पर चोट के गहरे निशान मिले हैं. प्रारंभिक जांच में युवक की चाकू गोदकर हत्या किया जाना सामने आया है. फिलहाल शव को पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा गया है.

परिजनों ने बताया कि मृतक घर से दोपहर में बस्ती में ही रहने वाले मनोज बक्कल के साथ निकाला था, जिसकी तलाश की जा रही है.

जांच में जुटी पुलिस

डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक एक्सपर्ट मौके पहुंची हुई है. मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. मृतक के परिजनों के साथ दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है. वहीं पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रही है.

जशप्योर बनेगा ग्लोबल ब्रांड – जशपुर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच का मार्ग प्रशस्त

जशप्योर बनेगा ग्लोबल ब्रांड – जशपुर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच का मार्ग प्रशस्त

  रायपुर :- छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल जशपुर की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित प्राकृतिक वनोपज आधारित खाद्य ब्रांड ‘जशप्योर’ अब वैश्विक मंच पर पहचान बनाने को तैयार है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती देते हुए जशप्योर ब्रांड का ट्रेडमार्क उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह कदम जशप्योर के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में विस्तार, संस्थागत ब्रांडिंग और बड़े पैमाने पर उत्पादन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

परंपरा और उद्यमिता का संगम: जशप्योर ब्रांड की विशेषता

‘जशप्योर’ केवल एक खाद्य ब्रांड नहीं, बल्कि आदिवासी महिलाओं के परंपरागत ज्ञान, श्रम और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। यह ब्रांड पूरी तरह से प्राकृतिक, रसायनमुक्त, पोषणयुक्त और सस्टेनेबल पैकेजिंग में उपलब्ध उत्पादों को बढ़ावा देता है। इसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर रोजगार सृजन और सतत विकास को प्रोत्साहित करना है।

स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट उत्पादों की विविध श्रृंखला

जशप्योर द्वारा तैयार किए जा रहे प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:

  • महुआ आधारित उत्पाद: महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, रागी महुआ लड्डू, महुआ कुकीज़, महुआ कोकोआ ड्रिंक, महुआ कैंडी
  • मिलेट उत्पाद: कोदो, कुटकी, रागी आधारित पास्ता
  • पारंपरिक धान उत्पाद: ढेकी कूटा चावल, जवा फूल चावल

ये सभी उत्पाद प्रिज़र्वेटिव, कृत्रिम रंग और स्वाद से मुक्त हैं और स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल

जशप्योर की सबसे बड़ी ताकत हैं – आदिवासी महिलाएं, जो इस ब्रांड की रीढ़ हैं। उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक 90% से अधिक कार्यबल महिलाएं हैं, जो इस पहल के माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि परंपरागत ज्ञान को वैश्विक बाजारों में ला रही हैं।

वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में बटोरी सुर्खियां

20 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में ‘जशप्योर’ का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा। महुआ और मिलेट आधारित उत्पादों को हेल्दी फूड को पसंद करने वाले उपभोक्ताओं, पोषण विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भरपूर सराहा।

एयरपोर्ट स्टोर्स तक पहुँचा ब्रांड, रेयर प्लेनेट के साथ हुआ समझौता

‘जशप्योर’ ने एक ऐतिहासिक एमओयू के तहत रेयर प्लेनेट के साथ समझौता किया है, जिसके अंतर्गत जशप्योर के उत्पाद अब देश के प्रमुख पाँच एयरपोर्ट्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस समझौते पर ऑनलाइन माध्यम से हस्ताक्षर किए, जो राज्य सरकार की ‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच को दर्शाता है।

“महुआ अब सिर्फ शराब नहीं, फॉरेस्ट गोल्ड है” – युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन

जशपुर जिले के युवा वैज्ञानिक श्री समर्थ जैन ने बताया कि राज्य सरकार के समर्थन से महुआ जैसे पारंपरिक वनोपजों को नए आयाम मिल रहे हैं। उनका कहना है, “महुआ अब सिर्फ परंपरागत शराब तक सीमित नहीं, बल्कि इसे फॉरेस्ट गोल्ड के रूप में पहचान दी जा रही है।”

व्यापक उत्पादन और बाज़ार विस्तार की दिशा में निर्णायक कदम

अब जब जशप्योर का ट्रेडमार्क उद्योग विभाग को सौंप दिया गया है, तो इसके उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई मशीनों की स्थापना, और मार्केटिंग नेटवर्क के विस्तार की योजनाएं तेज़ी से अमल में लाई जाएंगी। इससे कच्चे माल की माँग में वृद्धि होगी और आदिवासी महिलाओं को और अधिक रोजगार के अवसर मिलेंगे।

विधानसभा की कार्यवाही से आमजनों को अवगत कराने में संसदीय पत्रकार निभाते हैं बड़ी भूमिकाः विष्णु देव साय

विधानसभा की कार्यवाही से आमजनों को अवगत कराने में संसदीय पत्रकार निभाते हैं बड़ी भूमिकाः विष्णु देव साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर के प्रेक्षागृह में संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और विधानसभा के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने भी 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं।

उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है।

महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति पर विवाद, हाईकोर्ट ने मांगा राज्य सरकार से जवाब

महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति पर विवाद, हाईकोर्ट ने मांगा राज्य सरकार से जवाब

 रायपुर : छत्तीसगढ़ की महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, पाटन (दुर्ग) में डॉ. आर.आर. सक्सेना की कुलपति पद पर नियुक्ति अब विवादों के घेरे में आ गई है। नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि यह नियुक्ति वैधानिक प्रक्रिया और योग्यता के आधार पर हुई या नहीं।

डॉ. अवनिन्द्र कुमार सिंह ने याचिका में लगाए गंभीर आरोप

इस मामले में डॉ. अवनिन्द्र कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी, और इसमें योग्यता का सही मूल्यांकन नहीं किया गया। याचिका के अनुसार, 38 आवेदकों में से 8 नामों का पैनल राज्यपाल सचिवालय भेजा गया, लेकिन किसी तरह का तुलनात्मक मूल्यांकन नहीं किया गया।

मेरिट लिस्ट और अंक निर्धारण पर उठे सवाल

डॉ. सिंह ने दावा किया कि चयन समिति द्वारा आवेदकों को मेरिट के आधार पर अंक नहीं दिए गए, और न ही शैक्षणिक योग्यता व अनुभव का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। यदि निष्पक्ष मूल्यांकन होता, तो याचिकाकर्ता की योग्यता अधिक साबित होती, ऐसा याचिका में कहा गया है।

विश्वविद्यालय की स्थापना और पृष्ठभूमि

महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक विधान के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य उद्यानिकी और वानिकी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। प्रारंभ में यहां IAS महादेव कावरे को कार्यकारी कुलपति नियुक्त किया गया था, जिसके बाद नियमित कुलपति की चयन प्रक्रिया शुरू की गई।

हाईकोर्ट की प्रारंभिक सुनवाई और नोटिस

मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट जवाब मांगा है। अब कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि डॉ. आर.आर. सक्सेना की नियुक्ति में योग्यता और प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं। मामले की अगली सुनवाई जल्द होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW ने कोर्ट में पेश किया चालान, 28 आबकारी अधिकारी तलब

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW ने कोर्ट में पेश किया चालान, 28 आबकारी अधिकारी तलब

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश कर दिया है। कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए इस कथित घोटाले में नकली होलोग्राम के जरिए शराब बेचे जाने का आरोप है।

चालान के साथ EOW के अधिकारी अदालत पहुंच गए हैं। मामले में शामिल 28 आबकारी अधिकारियों को कोर्ट ने नोटिस जारी कर तलब किया है, जिनमें एक महिला आईएएस अधिकारी के पति का नाम भी शामिल है। सभी अधिकारी आज न्यायालय में पेश होंगे।

पूछताछ के बाद तैयार हुआ चालान

जांच के दौरान EOW और ACB ने संबंधित अधिकारियों से लंबी पूछताछ की थी। अब सभी 28 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ क्रमवार रूप से चालान तैयार किए गए हैं। इन अधिकारियों को जमानत याचिका दाखिल करने का अवसर भी दिया जा सकता है।

मंजूरी की प्रक्रिया पूरी, कोर्ट में पूरक चालान भी तैयार

ज्ञात हो कि 18 अप्रैल को आबकारी विभाग ने अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव विधि विभाग को भेजा था, जिसे 20 मई को स्वीकृति मिल गई। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हस्ताक्षर की प्रतीक्षा की जा रही थी, जो अब मिल चुके हैं। इसके साथ ही पूरक चालान दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इन अधिकारियों के खिलाफ पेश हुआ चालान

  1. गरीबपाल दर्दी
  2. नोहर सिंह ठाकुर
  3. सोनल नेताम
  4. अलेख राम सिदार
  5. प्रकाश पाल
  6. ए. के. सिंह
  7. आशीष कोसम
  8. जे. आर. मंडावी
  9. राजेश जयसवाल
  10. जी. एस. नुखटी
  11. जे. आर. पैकरा
  12. देवलाल वैद्य
  13. ए. के. अनंत
  14. वेदराम लहरे
  15. एल. एल. ध्रुव
  16. जनार्दन कोरव
  17. अनिमेष नेताम
  18. विजय सेन
  19. अरविंद कुमार पाटले
  20. प्रमोद कुमार नेताम
  21. रामकृष्ण मिश्रा
  22. विकास कुमाय गोस्वामी
  23. इकबाल खान
  24. नितिन खंडुजा
  25. नवीन प्रताप भिंग
  26. सौरभ बख्शी
  27. दिनकर वासनीक
  28. मोहित कुमार जयसवाल
  29. नीलू नोतानी
  30. मंजू कसेर

न्यायिक प्रक्रिया के नए चरण में प्रवेश

EOW की इस कार्रवाई को घोटाले के न्यायिक जांच की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब न्यायालय तय करेगा कि इन अधिकारियों के विरुद्ध किस आधार पर आगे की प्रक्रिया चलाई जाएगी। इस मामले में राजनीतिक हलकों से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।

BREAKING : बीजापुर में बड़ी मुठभेड़, एक नक्सली के ढेर होने की खबर!

BREAKING : बीजापुर में बड़ी मुठभेड़, एक नक्सली के ढेर होने की खबर!

 बीजापुर ।  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक माओवादी के ढेर होने की खबर है। जवानों ने हथियार और शव बरामद किए गए हैं. वहीं नेशनल पार्क क्षेत्र में मुठभेड़ अभी भी जारी है। हालांकि अभी इस घटना की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.

 

यह मुठभेड़ नक्सलियों के खिलाफ चल रहे संयुक्त अभियान का हिस्सा है, जिसमें सुरक्षा बल जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. इलाके में फिलहाल भारी सुरक्षा बल तैनात है और मुठभेड़ जारी है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का किया सम्मान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का किया सम्मान

 रायपुर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली "वॉटर वुमन" के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण और विशेष रूप से सिंदूर पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने शिप्रा पाठक को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर पहचान प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में पौधरोपण अभियान ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया है।इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का किया विमोचन

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का किया विमोचन

 रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन किया। यह प्रतियोगिता 1 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक आयोजित की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य स्वदेशी परंपराओं के पुनरुद्धार पर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता का वातावरण तैयार करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए भावी पीढ़ियों को जागरूक और संवेदनशील बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्कूली और महाविद्यालयीन छात्र इस अभियान में सहभागी होकर न केवल अपनी रचनात्मक क्षमताओं का विकास करेंगे बल्कि पारंपरिक जीवन मूल्यों और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूत करेंगे।

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि संस्थान के प्रतिनिधि श्री अक्षय अलकरी, श्री मनोहर चंदेल, श्री आनंद पांडे और डॉ. अनुज नारद सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जीएसटी सुधारों पर रखा ठोस विजन:बोगस पंजीयन व फर्जी बिलों पर सख्त कार्रवाई के दिए सुझाव

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जीएसटी सुधारों पर रखा ठोस विजन:बोगस पंजीयन व फर्जी बिलों पर सख्त कार्रवाई के दिए सुझाव

 जीएसटी राजस्व संग्रहण विषय पर मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक आयोजित

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जीएसटी कलेक्शन के संदर्भ में राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रियाओं ने दिए सकारात्मक परिणाम - वित्त मंत्री  चौधरी

रायपुर -  देशभर में जीएसटी राजस्व संग्रहण को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए गठित मंत्रियों के समूह (GoM) की महत्वपूर्ण बैठक आज राजधानी दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के अनुभव साझा किए और बोगस व्यवसायियों पर सख्त कार्रवाई, पंजीयन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के प्रयोग तथा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पर रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस समूह का संयोजन गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद पी. सावंत कर रहे हैं।

बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बतौर सदस्य भागीदारी की और राज्य के अनुभव एवं नीतिगत सुझाव साझा किए। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रहण में आ रही चुनौतियों का आकलन कर व्यापक समाधान तलाशना था।

बैठक के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में जीएसटी के राजस्व पर पड़ने वाले आर्थिक व अन्य कारकों का विस्तार से विश्लेषण किया। इस अवसर पर श्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ में एंटी इवेजन और अनुपालन के क्षेत्र में की गई पहलों की जानकारी दी।

श्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर अपवंचन रोकने और वास्तविक करदाताओं को सहूलियत देने के लिए छत्तीसगढ़ में डाटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स का सघन उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव हुई है।

बैठक में बीफा, जीएसटी प्राइम और ई-वे बिल पोर्टल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों के प्रजेंटेशन भी हुए। श्री चौधरी ने सुझाव दिया कि इन नवाचारों को पूरे देश में समान रूप से लागू करने से बोगस व्यवसायियों की पहचान और कार्यवाही में तेजी लाई जा सकेगी।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ने विशेष रूप से फर्जी बिलों पर नियंत्रण, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट की रोकथाम, तथा पंजीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए केंद्रीयकृत डिजिटल तंत्र के विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन उपायों से न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि करदाताओं में विश्वास भी बढ़ेगा।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जीएसटी कलेक्शन के संदर्भ में राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रियाओं ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का अनुभव अन्य राज्यों के लिए उपयोगी मॉडल बन सकता है।

बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि सभी राज्यों को मिलकर साझा प्रयास करने चाहिए ताकि जीएसटी राजस्व संग्रहण में स्थायित्व एवं वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंत्रियों के समूह द्वारा सुझाए गए उपायों को जीएसटी परिषद शीघ्र लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह बैठक जीएसटी परिषद के समक्ष व्यापक सुधारात्मक प्रस्ताव रखने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जिससे भारत में कर प्रशासन और राजस्व संग्रहण को नई दिशा मिलेगी।

छत्तीसगढ़ केवल “धान का कटोरा” नहीं, ऊर्जा और खनिज संपदा की भी रीढ़: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

छत्तीसगढ़ केवल “धान का कटोरा” नहीं, ऊर्जा और खनिज संपदा की भी रीढ़: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

  रायपुर : छत्तीसगढ़ केवल धान का कटोरा ही नहीं, बल्कि खनिज संपदा का भी धनी प्रदेश है। जो देश की ऊर्जा व औद्योगिक आवश्यकताओं की रीढ़ है। यह कहना है रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने हैदराबाद में कोयला तथा खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लिया। इस बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे समेत समिति सदस्य और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बैठक के पहले सत्र में “खनन से आगे: खदान बंदी एवं पुनः उपयोग” और दूसरे सत्र में “भारत में खनिज अन्वेषण” विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और संभावनाओं को पूरे तथ्यात्मक रूप में सामने रखा।

बंद खदानों की सुरक्षा व पुनः उपयोग की उठाई मांग-

अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई खदानें बंद पड़ी हैं, जो जन-जीवन के लिए खतरा बनी हुई हैं। उन्होंने मांग की कि:

* परित्यक्त खदानों की घेराबंदी कर उन्हें फ्लाई ऐश व ओवरबर्डन से भरा जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
* एनटीपीसी संयंत्रों से उत्पन्न फ्लाई ऐश को एसईसीएल की बंद खदानों में भरने की व्यवस्था की जाए और प्रति टन दर पर भुगतान सुनिश्चित हो। इसके लिए एनओसी तत्काल प्रभाव से जारी की जाए।
* दुर्ग जिले के धमदा में हाल ही में हुई दुखद दुर्घटना, जिसमें बस खदान में गिर गई थी, यह बताती है कि बंद खदानों की उपेक्षा जानलेवा हो सकती है।
* फ्लाई ऐश से भरी गई भूमि को किसानों को लीज पर देकर कृषि उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाए।

खनिज चोरी और निगरानी प्रणाली पर चिंता

अग्रवाल ने कोयले की चोरी को गंभीर समस्या बताया और हर खदान में डेटा निगरानी प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता जताई। साथ ही सभी वजन पुलों को किसी अधिकृत निकाय के अधीन संचालित किए जाने की मांग की।

खनन क्षेत्र के सतत विकास हेतु सुझाव

* खनन क्षेत्रों में वृक्षारोपण को अनिवार्य किया जाए ताकि वनों की क्षति की भरपाई हो सके।

* हर खदान क्षेत्र में स्कूल, आईटीआई, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, एवं जल शोधन संयंत्र जैसी बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए।

* कोयला सलाहकार समिति के सदस्यों को पेट्रोलियम क्षेत्र की तर्ज पर सीएसआर फंड का लाभ दिया जाए, जिससे वे क्षेत्रीय विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।

खनिज अन्वेषण में छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने की मांग

बैठक के दूसरे सत्र में उन्होंने छत्तीसगढ़ में खनिज अन्वेषण की दिशा में गंभीर प्रयासों की आवश्यकता जताई। श्री अग्रवाल ने बताया कि, गरियाबंद जिले के पायलीखंड क्षेत्र को दुनिया की सबसे समृद्ध हीरा खदानों में माना जाता है। जशपुर जिले के तुमला गांव में भी हीरे के भंडार मौजूद हैं। राज्य में प्राकृतिक हीरे, अलेक्जेंड्राइट, गार्नेट, बेरिल, क्वार्ट्ज़, एमेथिस्ट जैसे बहुमूल्य रत्न पाए जाते हैं। साथ ही राज्य में लीथियम और अन्य खनिज भंडार की प्रबल संभावना है।

उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों का उपयोग स्थानीय युवाओं को रोज़गार, क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किया जाए। वह भी विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए।

उन्होंने मांग की कि छत्तीसगढ़ में माइनिंग ब्यूरो की स्थापना की जाए और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) एवं राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) के क्षेत्रीय कार्यालय खोले जाएं ताकि राज्य की खनिज संभावनाओं का दोहन वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से हो सके।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बंद पड़ी खदानों को सुरक्षित और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से पुनः उपयोग लायक बनाया जाएगा। राज्य सरकार को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए पत्र लिखा जाएगा।

7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, ‘किसान-जवान-संविधान’ सभा की तैयारी तेज

7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, ‘किसान-जवान-संविधान’ सभा की तैयारी तेज

 रायपुर : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आने वाले हैं, जिसे लेकर प्रदेश कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय हो गई है। उनके दौरे और प्रस्तावित ‘किसान-जवान-संविधान’ सभा को सफल बनाने के लिए राजीव भवन में शुक्रवार को अहम बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने की। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारी, विधायक और जिला अध्यक्षों समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में सभा की तैयारियों, भीड़ प्रबंधन, मंच संचालन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

दिनभर चलेंगी समिति बैठकें

सभा की सफलता के लिए गठित विभिन्न समितियों की आज दिनभर बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें अब तक हुई तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्ययोजना पर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने राजीव भवन में मैराथन बैठकें कर यह घोषणा की थी कि मल्लिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को रायपुर पहुंचेंगे, जहां वह बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस इसे एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन और जनता से संवाद का माध्यम बना रही है।

पर्यावरण संरक्षिका ‘वॉटर वुमन’ शिप्रा पाठक से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की भेंट, सराहे गए पौधरोपण अभियान

पर्यावरण संरक्षिका ‘वॉटर वुमन’ शिप्रा पाठक से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की भेंट, सराहे गए पौधरोपण अभियान

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ‘वॉटर वुमन’ के नाम से प्रसिद्ध शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिप्रा पाठक के सिंदूर पौधरोपण अभियान और पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिप्रा पाठक के कार्य समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने वाले और प्रेरक हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे।शिप्रा पाठक के नेतृत्व में चलाए गए पौधरोपण अभियानों ने न केवल हरियाली बढ़ाने का कार्य किया है, बल्कि समाज को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया है।

CG – इन बाइक चालकों को नहीं मिलेगा पेट्रोल, प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंपों को जारी किए ये निर्देश…..

CG – इन बाइक चालकों को नहीं मिलेगा पेट्रोल, प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंपों को जारी किए ये निर्देश…..

 बालोद। बालोद जिला में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ी पहल की गई है। प्रशासन ने जिलेभर के सभी पैट्रोल पंपों को निर्देश जारी कर बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं दिए जाने के लिए कहा है।

इसे लेकर जिले भर के पेट्रोल पंप में मोटर सायकल चालकों को बिना हेलमेट पेट्रोल देने से मना किया जा रहा है। जिले के पुलिस अधिकारी की माने तो लोगों की सुरक्षा के लिए उन्हें हर तरीके से समझाया जा रहा है। जहां जरूरत पड़ रही वहां समझाइश दिया जा रहा है, तो वहीं कही कहीं पर सख्ती के साथ चालानी कार्यवाही भी की जाती है।

उप पुलिस अधीक्षक, बालोद देवांश सिंह राठौर ने बताया कि प्रशासन ने अब नया अभियान शुरू किया है। जिस भी बाइक सवारों के सिर पर हेलमेट नहीं होगा उसे पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। बालोद जिला के शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में तकरीबन 35 पेट्रोल पंप संचालित हैं।

Rain Alert: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट! इन जिलों में जमकर बरसेंगे बादल

Rain Alert: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट! इन जिलों में जमकर बरसेंगे बादल

 रायपुर :-  मौसम विभाग की माने तो अगले 24 घंटे में छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में भारी वर्षा होगी। विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश होने के कारण राज्य के कुछ जिलों में बहने वाली नदियों के जल स्तर बढ़ने के कारण बाढ़ जैसे हालात होने की चेतावनी जारी की है।

उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा और बिलासपुर संभाग के 7 जिलों जिसमें कोरिया, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, सूरजपुर, सरगुजा, कोरबा, जशपुर और बिलासपुर में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

मानसून एक्टिव होने की वजह से अगले 5 दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही आगामी 3 घंटों और फिर 6 से 7 जुलाई तक विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है।

वहीं जिला प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे हुए लोगों को सतर्क करने का आदेश दिया है जिससे कोई जान-माल की हानि ना हो। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और बाढ़ के खतरे को देखते हुए आवश्यक कदम उठाएं।

CG : प्रदेश में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, अब एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं…

CG : प्रदेश में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, अब एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं…

 रायपुर: प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने की दिशा में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से बेहतर परिणाम मिले हैं। प्रदेश में युक्तियुक्तकरण के पूर्व कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है।

इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के पश्चात प्रदेश के 5936 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में से 4728 विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है जो कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक सार्थक कदम है, जिससे निःसंदेह उन विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।

बस्तर एवं सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में शिक्षकों की कमी के कारण लगभग 1208 विद्यालय एकल शिक्षकीय रह गये हैं। निकट भविष्य में प्रधान पाठक एवं व्याख्याता की पदोन्नति तथा लगभग 5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती के द्वारा शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में पूर्ति कर दी जावेगी, जिससे कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा तथा अन्य विद्यालयों में भी जहां शिक्षकों की कमी है, शिक्षकों की पूर्ति की जाएगी।

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित प्रावधानों के तहत की गई है, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर 2008 के सेटअप की प्रासंगिकता नहीं रह गई है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाये गये, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है।

प्यार के वादे का काला सच: शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

प्यार के वादे का काला सच: शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

  बिलासपुर। जिले के सकरी थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने महज कुछ घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने न केवल पीड़िता का भरोसा तोड़ा, बल्कि उसे लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक शोषण का शिकार बनाया।

मामला साल 2022 से जुड़ा है, जब पीड़िता की आरोपी से जान पहचान हुई थी। आरोपी ने शादी का झांसा देकर पहले कांटीखार स्थित उसके घर पर शारीरिक संबंध बनाए, फिर उसे अपना मकान बेचवाकर अपने साथ मंगला स्थित दीनदयाल कॉलोनी ले आया। यहां आरोपी महिला को पत्नी की तरह रखकर लगातार उसका शोषण करता रहा। जब पीड़िता ने शादी की बात दोहराई तो आरोपी ने गाली-गलौच की, धमकी दी और मारपीट तक कर डाली।

परेशान होकर महिला ने थाना सकरी पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की। पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में मंगला स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है।

 
CRIME : एकतरफा प्यार में नाबालिग लड़की का मर्डर, आरोपी युवक गिरफ्तार, पढ़िए वारदात की पूरी कहानी

CRIME : एकतरफा प्यार में नाबालिग लड़की का मर्डर, आरोपी युवक गिरफ्तार, पढ़िए वारदात की पूरी कहानी

 रायपुर। रायपुर जिले के खरोरा थाना क्षेत्र स्थित बेल्दार सिवनी गांव में 27 जून दोपहर को नाबालिग युवती की हत्या कर फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  जिसे रिमांड पर भेजा जाएगा। आरोपी साहिल धीवर रिश्ते में मृतका का परिचित था जिसके चलते घर वालो को कोई शक नहीं हुआ और एक तरफा प्रेम करने की बात सामने आई है।

दरअसल, आरोपी नाबालिग युवती को किसी अन्य युवक से बातचीत क्यों करती है इसी बात से विवाद करता था और घटना के दिन आरोपी साहिल अपने बलौदाबाजार स्थित घर से नाबालिग के घर पहुंचा और घुमाने ले जाने के बहाने गांव के पास खेत में ले जाकर किसी अन्य से बातचीत क्यों करती है, इसी बात पर विवाद करने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी साहिल ने चाकू से उसके पेट समेत शरीर में कई वार कर मौत के घाट उतार दिया।

इतना करने के बाद भी आरोपी साहिल नहीं माना और पास में पड़े एक बडे पत्थर को उठाकर उसके सर और चेहरे पर मारा जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसकी तलाश में पुलिस और एंटी क्राइम और साइबर यूनिट की टीमे लगातार पतासाजी में जुटी थी लेकिन आरोपी लगातार अपनी लोकेशन चेंज कर रहा था, लेकिन पुलिस ने आरोपी को दुर्ग नागपुर (महाराष्ट्र) की सीमा के पास एक गांव से उसके दोस्त के घर से बीती रात को गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ करके आगे की कार्रवाई में जुट गई है और खरोरा पुलिस के द्वारा आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

BREAKING : मानसून आगमन के साथ ही बोर खनन पर लगा प्रतिबंध हटा, आदेश जारी

BREAKING : मानसून आगमन के साथ ही बोर खनन पर लगा प्रतिबंध हटा, आदेश जारी

 गौरेला पेंडा मरवाही : मानसून आगमन और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य प्रारंभ हो जाने पर कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने नल कूप खनन पर लगाया गए प्रतिबंध को हटा दिया है। इस आशय का आदेश 30 जून को जरी कर दिया गया है।

वहीं रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ पेयजल संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत लागू प्रतिबंध को हटाने के आदेश 1 जुलाई को जारी किए हैं। इसके बाद अब लोग निर्धारित नियमों का पालन करते हुए बोरिंग करा सकेंगे।

जारी आदेश में कहा गया है की गर्मी के मौसम में भू जल के अत्यधिक दोहन के करण उत्पन्न पेयजल समस्या को ध्यान में रखते हुऎ छत्तीसगढ़ पेयजल परीक्षण अधिनियम के तहत 8 अप्रैल 2025 से आगामी आदेश तक जिले में नल कूप खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

 
TRANSFER : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, ASI, हेड कांस्टेबल समेत 161 पुलिसकर्मियों का हुआ ट्रांसफर, देखें पूरी लिस्ट

TRANSFER : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, ASI, हेड कांस्टेबल समेत 161 पुलिसकर्मियों का हुआ ट्रांसफर, देखें पूरी लिस्ट

 बलरामपुर।  छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जिले के 161 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है. SP वैभव बेंकर ने प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण ट्रांसफर का आदेश जारी किया है. जिसमें 5 ASI, 25 हेड कांस्टेबल समेत कई आरक्षकों के नाम शामिल हैं. 

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सोलर लाइट घोटाला: हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, सितंबर में अगली सुनवाई

सोलर लाइट घोटाला: हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, सितंबर में अगली सुनवाई

 बिलासपुर। बहुचर्चित सोलर लाइट घोटाले मामले में गुरुवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि इस मामले की जांच के लिए 6 अगस्त 2024 को विधानसभा की एक समिति गठित की गई है, लेकिन समिति की विस्तृत रिपोर्ट अब तक उपलब्ध नहीं है। इस पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने शासन को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई सितंबर में तय की है।

यह मामला बस्तर के चार जिलों—सुकमा, बस्तर, कोंडागांव और कांकेर—के साथ-साथ जांजगीर-चांपा जिले में सोलर स्ट्रीट लाइट की खरीदी में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले से जुड़ा है। समाचार माध्यमों में मामले के खुलासे के बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार कर सुनवाई शुरू की थी।

याचिका में बताया गया कि टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं और बड़े स्तर पर ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया, जबकि ज़मीन पर लाइटें ही नहीं लगाई गईं। खासतौर पर बस्तर क्षेत्र के 181 गांवों में सोलर लाइटें नहीं लगाई गईं, लेकिन उनके लिए पूरा भुगतान किया जा चुका है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को दी करोड़ों की सौगात, अटल परिसरों का लोकार्पण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को दी करोड़ों की सौगात, अटल परिसरों का लोकार्पण

 सारंगढ़-बिलाईगढ़।  छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने गुरुवार को भारी बारिश के बीच सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का दौरा किया और करोड़ों रुपए की विकास योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने जिले के चार नगरीय निकायों सारंगढ़, पवनी, भटगांव और सरसींवा में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया और अटल परिसर का लोकार्पण किया।

अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विजन का परिणाम है, और उन्हीं के सम्मान में इन अटल परिसरों का निर्माण किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों से इन परिसरों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने की अपील की।

नगर पंचायत पवनी में जल आवर्धन योजना के तहत 5.30 करोड़ की मंजूरी, 26 परिवारों को पीएम आवास, पार्षद निधि से 1.64 करोड़ और 1 करोड़ की अतिरिक्त विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई। भटगांव में 14 करोड़ की जल आवर्धन योजना पूरी की जा चुकी है, वहीं 99 परिवारों को पीएम आवास हेतु 3.05 करोड़ और अन्य विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ की स्वीकृति मिली।

सरसींवा नगर पंचायत में 2 करोड़ के विकास कार्य, 8.50 करोड़ की नल जल कनेक्शन योजना तथा 31 परिवारों को पीएम आवास की मंजूरी दी गई। सारंगढ़ नगरपालिका में 8.18 करोड़ की स्वीकृति, 6.40 करोड़ की नाली निर्माण योजना और 4.41 करोड़ से 250 सीटर नालंदा लाइब्रेरी निर्माण की घोषणा की गई। साथ ही 2 करोड़ के अन्य विकास कार्यों की भी स्वीकृति दी गई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को नवनिर्मित मकानों की चाबियां सौंपीं और कहा कि सरकार हर जरूरतमंद को पक्का मकान देने के संकल्प पर काम कर रही है। अटल परिसर का लोकार्पण और योजनाओं की सौगात से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को विकास की नई दिशा मिली है।