रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएससी परीक्षा में कोई फर्जी व्यक्ति न बैठ जाए, इसके लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। आधार के जरिये अब केवाईसी किया जाएगा। याने पीएससी के पास अभ्यर्थियों का पूरा डिटेल रहेगा। परीक्षा का फार्म भरने के बाद पीएससी परीक्षार्थियों का कंप्लीट डेटा तैया कर लेगा। राज्य सरकार ने इसके लिए राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी है।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे के निवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक-संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने थाना प्रभारी, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक समेत आरक्षकों के तबादले का आदेश जारी किया है। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना के प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप का तबादला कबीरधाम किया गया है। यह सभी तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं और अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे।
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रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि राज्य में लोकतंत्र सेनानियों के अंतिम संस्कार अब राजकीय सम्मान के साथ किए जाएंगे। इसके साथ ही उनके परिजनों को ₹25,000 की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री यह घोषणा सीएम हाउस में आयोजित आपातकाल स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री, विधायक और सांसद भी उपस्थित थे। इस दौरान लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित भी किया गया।
कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए संचालित योजनाओं को बंद कर दिया था। बीते पांच वर्षों में सेनानियों को उनकी सहायता राशि नहीं दी गई। अब मौजूदा सरकार वह बकाया राशि भी प्रदान करेगी।
आपातकाल को बताया काला अध्याय
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का काला अध्याय था, जिसे हर पीढ़ी को जानना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उनका परिवार भी इससे प्रभावित रहा है। उनके बड़े पिताजी 19 महीने जेल में रहे, और उन्होंने कई ऐसे परिवारों को देखा जो कमाऊ सदस्य की गिरफ्तारी के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसलिए लोकतंत्र सेनानियों की सुध लेना सरकार का नैतिक दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह निर्णय लोकतंत्र की रक्षा में संघर्ष करने वाले सेनानियों के सम्मान और योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि माना जा रहा है।
बिलासपुर :- प्रदेश के चर्चित करोड़ों के शराब घोटाले में आरोपी कारोबारी विजय भाटिया को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। विजय भाटिया द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
गुरुवार को चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की। भाटिया की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने दलील दी कि जांच एजेंसी एसीबी ने बिना विधिवत समन दिए ही विजय भाटिया को गिरफ्तार किया।
एसीबी की ओर से अधिवक्ता सौरभ पांडे ने कोर्ट में कहा कि इस मामले में जांच एजेंसी ने अब तक करीब 300 गवाहों से पूछताछ की है और पर्याप्त सबूत जुटाए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पूछताछ के बाद विजय भाटिया को 31 मई 2025 को दोपहर में एसीबी को सौंपा गया था, जिसके 24 घंटे के भीतर 1 जून को रायपुर में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर दिया गया। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने विजय भाटिया की रिट याचिका खारिज कर दी।
क्या है मामला?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कारोबारी विजय भाटिया ने विदेशी कंपनी की शराब की आपूर्ति कर करीब 15 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। आरोप है कि इस घोटाले की रकम का उपयोग उसने प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए किया। मामला ईओडब्ल्यू और एसीबी दोनों एजेंसियों के तहत जांच में है। फिलहाल विजय भाटिया न्यायिक हिरासत में है और जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।
रायपुर 26 जून 2025/ लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। आज हम लोकतंत्र की फिजा में जिस आज़ादी का अनुभव कर रहे हैं, उसकी कीमत आपातकाल के दौरान कुछ लोगों ने यातना, अपमान और जेलों में समय काटकर चुकाई थी। इन लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा और संघर्ष को हर पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित आपातकाल स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र विरोधी ताकतों से सावधान रहने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की याद दिला दी। आपातकाल के दौरान असहनीय कष्ट सहने वाले लोकतंत्र सेनानी आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उन्होंने श्री सच्चिदानंद उपासने द्वारा लिखित पुस्तक ‘वो 21 महीने: आपातकाल’ का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि 25 जून 1975 को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है। आपातकाल में हजारों लोगों को बिना अपराध के जेलों में ठूंस दिया गया, मौलिक अधिकार छीन लिए गए और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी को बहुत करीब से देखा है। उनके स्वर्गीय बड़े पिताजी श्री नरहरि प्रसाद साय भी उस दौर में 19 महीने तक जेल में बंद रहे थे। उनके द्वारा सुनाए गए किस्से आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पुनः याद दिला दी। उन्होंने कहा कि आपातकाल में कलाकारों की स्वतंत्रता तक छीनी गई। पार्श्व गायक किशोर कुमार द्वारा सरकारी प्रचार गीत गाने से इनकार करने पर उनके गीतों पर आकाशवाणी में प्रतिबंध लगा दिया गया था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि देने की शुरुआत की थी, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया। हमारी सरकार ने न केवल यह सम्मान राशि पुनः प्रारंभ की, बल्कि पूर्व सरकार द्वारा रोकी गई पिछले पाँच वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब लोकतंत्र सेनानियों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी और उनके परिजनों को ₹25,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विधानसभा में एक अधिनियम पारित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में कोई भी सरकार इस सम्मान योजना को समाप्त न कर सके।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में आपातकाल की भयावहता और लोकतंत्र सेनानियों के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आपातकाल के 21 महीनों की प्रताड़ना और लोकतंत्र पर हुए आघात को देश के हर नागरिक तक पहुँचाना आज की पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज मीसाबंदी आंदोलन के सहभागी और उनके परिजन हमारे बीच हैं। उन्होंने आपातकाल को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि उस समय पूरे देश को एक विशाल जेल में बदल दिया गया था। लोकतंत्र के स्तंभ—न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया—को निष्क्रिय कर दिया गया था। प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई थी और सच्चाई बोलने वालों को जेलों में डाल दिया गया था।उन्होंने बताया कि देश उस समय गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा था—मंहगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार चरम पर थे। जनता के भीतर आक्रोश पनप रहा था और उसी को कुचलने के लिए आपातकाल थोपा गया। उन्होंने कहा कि यदि आज लोकतंत्र जीवित और मजबूत है, तो इसका श्रेय उन सेनानियों को जाता है जिन्होंने अपार कष्ट सहकर भी संविधान और देश की आत्मा की रक्षा की।
इस अवसर पर श्री पवन साय और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री मोतीलाल साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नन्द कुमार साहू, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां 2 मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे दोस्तों के साथ खेलने के लिए अपने घर से निकले थे। इसके बाद वे अपनी सायकल धोने तालाब में उतरे थे। इसी दौरान वे हादसे के शिकार हो गए। इधर दोनों बच्चों के परिजन उनके घर न लौटने से रातभर परेशान रहे और उसे ढूंढते रहे। वहीं आज सुबह दोनों बच्चों के शव को तालाब से बरामद किया गया।
जानकारी के मुताबिक, मृत बच्चों की पहचान 9 वर्षीय आरव अग्रवाल और 7 वर्षीय अंश अग्रवाल है। मासूम बच्चों की मौत के बाद दोनों परिवार में मातम पसर गया है। यह पूरी घटना केरजू पुलिस चौकी क्षेत्र की है। सूचना पर पहुंची पुलिस मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पहली बार एक बड़ा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के सभी सांसद, विधायक और मंत्री शामिल होंगे। यह प्रशिक्षण शिविर 7 जुलाई से 9 जुलाई तक चलेगा। शुभारंभ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा करेंगे जबकि समापन सत्र को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे। आयोजन स्थल के लिए बस्तर या मैनपाट को लेकर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।
तीन दिन चलने वाले इस शिविर में पार्टी जनप्रतिनिधियों को भाजपा की संगठनात्मक यात्रा, सिद्धांत और रीति-नीति की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। सुशासन, लोकसंवाद और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय कैसे स्थापित किया जाए, इस पर भी विशेष सत्र होंगे। प्रत्येक दिन अलग-अलग सत्रों में संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता और सरकार के अनुभवी पदाधिकारी मार्गदर्शन देंगे।
शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तीनों दिन मौजूद रह सकते हैं। वे खुद भी सत्रों को संबोधित करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अपने अनुभव साझा करते हुए बताएंगे कि एक जनप्रिय और नीतिनिष्ठ जनप्रतिनिधि कैसे बना जाता है। पार्टी के लिए प्रतिबद्धता और सिद्धांतों पर टिके रहना भी मुख्य बिंदुओं में शामिल रहेगा।
भाजपा संगठन द्वारा कार्यक्रम के लिए स्थान चयन की प्रक्रिया जारी है। बस्तर और मैनपाट जैसे शांत, सुरक्षित और सुविधाजनक स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही प्रतिभागियों के ठहरने, भोजन और समस्त आयोजन की व्यवस्थाएं उच्चस्तर पर की जा रही हैं।
शिविर के माध्यम से यह भी बताया जाएगा कि भाजपा ने किस प्रकार शून्य से शिखर तक की राजनीतिक यात्रा पूरी की। इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को भाजपा के मूल सिद्धांतों से जोड़ना और उन्हें जनता के साथ आत्मीय संवाद के लिए तैयार करना है। यह आयोजन न केवल एक प्रशिक्षण का माध्यम है, बल्कि भाजपा की विचारधारा को मजबूत करने का भी प्रयास है।
दुर्ग। स्टेट जीएसटी विभाग ने कर चोरी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। जिले के गनियारी गांव स्थित जालबांधा रोड पर संचालित सितार गुटखा फैक्ट्री में GST विभाग की टीम ने दबिश दी। पिछले पांच वर्षों से चल रही इस फैक्ट्री में टीम ने फैक्ट्री संचालक की मौजूदगी में लगभग दो घंटे तक दस्तावेजों की गहन जांच की। इस दौरान जीएसटी चोरी से जुड़े अहम साक्ष्य मिलने पर विभाग ने फैक्ट्री संचालक पर 2 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई है।
बता दें कि GST की कार्रवाई के बाद फैक्ट्री संचालक फैक्ट्री में ताला लगाकर वहां से रुखसत हो गया। यह कार्रवाई राज्य में अवैध गुटखा बनाने और बेचने की शिकायत मिलने पर कमिश्नर पुष्पेंद्र मीणा के निर्देश पर स्टेट जीएसटी की टीम ने की।
कुछ दिनों पहले फूड एंड सेफ्टी विभाग ने जिले के चंदखुरी क्षेत्र में एक गोदाम से ₹1.5 करोड़ की सुपारी जब्त की थी। उस मामले में भी सैंपल जांच के लिए भेजा गया था।
राज्यभर में एक्शन मोड में जीएसटी विभाग
GST विभाग की यह कार्रवाई एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। पिछले दो दिनों से कपड़ा और फर्नीचर सेक्टर पर निगरानी के बाद, बुधवार को छत्तीसगढ़ के 6 जिलों – रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, जगदलपुर, बिलासपुर और कोरबा में फुटवेयर सेक्टर पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की गई।
रायपुर। छ्त्तीसगढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे का निधन हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार डॉ. सुरेन्द्र दुबे का उपचार एसीआई रायपुर में लंबे समय से जारी था। हृदय की गति रूकने के कारण आज दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन की खबर से पूरे छत्तीसगढ़ सहित देशभर में शोक की लहर है। बीजेपी नेता उज्जवल दीपक सहित कई साहित्यकारों और राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
डॉ. सुरेन्द्र दुबे अपने चुटीले अंदाज़ और तीखे व्यंग्य के लिए देशभर में प्रसिद्ध थे। वे मंचों पर अपनी कविताओं से न सिर्फ़ हँसी लाते थे, बल्कि समाज की गहरी सच्चाइयों को भी उजागर करते थे। उनकी कविताएं गुदगुदाती जरूर थीं, लेकिन अपने पीछे गंभीर संदेश छोड़ जाती थीं।
हास्य और चिकित्सा—दोनों में योगदान
डॉ. दुबे पेशे से एक कुशल आयुर्वेदाचार्य थे, लेकिन उनका असली परिचय देश ने एक कवि, व्यंग्यकार, और समाजचिंतक के रूप में जाना। वे टीवी चैनलों के कवि सम्मेलनों में लोकप्रिय चेहरा थे। 2010 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाज़ा गया था।
जन्म व पृष्ठभूमि
• 8 जनवरी 1953 को छत्तीसगढ़ (तत्कालीन मध्य प्रदेश) के बेमेतरा, दुर्ग में जन्मे।
• पेशे से आयुर्वेदिक चिकित्सक भी हैं। हास्य-कविताओं के माध्यम से जनमानस से जुड़े हुए।
लिखनी व मंचीय प्रस्तुति
• उन्होंने पाँच पुस्तकों की रचना की – मिथक मंथन, दो पांव का आदमी, सवाल ही सवाल है इत्यादि।
• हिंदी, छत्तीसगढ़ी सहित मंचों और टीवी पर हास्य कविताएं पाठ की हैं। कई टीवी कवि सम्मेलनों में नियमित अतिथि रहे।
भूमि
• 8 जनवरी 1953 को • 2008 में उन्हें “हास्य रत्न” पुरस्कार (का.का. हाथ्सरी से) प्राप्त हुआ।
• 2010 में भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया।
मंच शैली व प्रसिद्ध कविताएं
• व्यंग्य, हास्य और जनोपयोगी संदेश देते कविताओं की शैली में माहिर हैं।
• सोशल मीडिया और यूट्यूब पर “हँसी नहीं रोक पाओगे” जैसे शीर्षक के वीडियो वायरल हो चुके हैं—उनकी लाइव कवि सम्मेलनों की रिकॉर्डिंग ने लाखों दृष्टिगोचर पाए हैं।
छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय मंच तक
• बेमेतरा से निकलकर रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोटा इत्यादि शहरों में कवि सम्मेलनों में अपनी कला का जादू बिखेरा।
रायगढ़। लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के मुड़ागांव और आसपास के जंगलों के पेड़ कटाई के विरोध में ग्रामीणों का समर्थन करने पहुंची लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि एक उद्योगपति को इलाके में कोयला खदान आबंटित हुई है। बीते कई दिनों से खदान के नाम हजारों पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे।
क्षेत्र में जंगल की कटाई का विरोध एक दर्जन से भी अधिक गांव के लोग बीते एक महीने से कर रहे हैं। आज सुबह ग्रामीणों के समर्थन में लैलूंगा कांग्रेस विधायक विद्यावती सिडार पहुंची थी, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गांव के लोगों ने विधायक की गिरफ्तारी का विरोध किया है।
तमनार क्षेत्र के मुडागांव में एक उद्योग समूह की एक परियोजना के लिए जंगल की कटाई शुरू की गई है। इस कार्य के लिए सैकड़ों पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में घने जंगल और जैव-विविधता से भरपूर वन क्षेत्र हैं, जो न केवल पर्यावरणीय संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय आदिवासी समुदायों की आजीविका का भी आधार है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने बुधवार को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईवे किनारे चल रही शराब दुकानों और अतिक्रमण कर बनाए गए ढाबों पर नाराज़गी जताई।
ढाबों के बाहर अवैध पार्किंग से खतरा
पिछले वर्ष हाई कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस विषय पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर बनाए गए एडवोकेट रवींद्र शर्मा ने मुंगेली जिले के सरगांव क्षेत्र में ब्लैक स्पॉट की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत कार्यालय के पास हाईवे स्थित सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण कर ढाबा चलाया जा रहा है, जिसके सामने अव्यवस्थित वाहन पार्किंग हादसों को न्योता देती है। हाईकोर्ट ने सख्त तेवर दिखते हुए इस मामले पर NTPC और SECL को नोटिस जारी कर जवाब मांगा हैं।
नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मुठभेड़ अबूझमाड़ के जंगल में हुई।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम माओवादी कैडरों की मौजूदगी की सूचना पर नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी।
मारी गई दो महिला नक्सली
पुलिस अधिकारी ने बताया की नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बीच-बीच में गोलीबारी हो रही थी। इस मुठभेड़ के दौरान दो महिला नक्सलियों को सुरक्षाकर्मियों ने ढेर कर दिया है।
बस्तर आईजी ने दी जानकारी
आईजी बस्तर पी सुंदरराज ने बताया कि 25 जून की शाम नारायणपुर के अबूझमाड़ के जंगल में नक्सलियों और DRG-STF के संयुक्त बलों के बीच मुठभेड़ में दो महिला नक्सलियों के शव बरामद किए गे।
उन्होंने बताया कि सर्चिंग के दौरान एक इंसास राइफल, एक .315 हथियार, मेडिकल सामान और अन्य नकली सामग्री बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ अभी भी जारी है।
CG IPS Transfer: छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 9 अधिकारियों का स्थानांतरण आदेश जारी किया है। गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन तबादलों में कई जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और सेनानी स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं।
इन तबादलों में सबसे उल्लेखनीय नाम दुर्ग के नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) चिराग जैन का है, जिन्हें अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहला-मानपुर-चौकी के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं, प्रभात कुमार को नारायणपुर से हटाकर पुलिस मुख्यालय में एसपी (विशेष आसूचना शाखा) बनाया गया है और उनकी जगह रॉबिन्सन गुरिया को नया नारायणपुर एसपी नियुक्त किया गया है।
क्र.
अधिकारी का नाम
वर्तमान पदस्थापना
नवीन पदस्थापना
01
श्री प्रभात कुमार (भा.पु.से.-2019)
पुलिस अधीक्षक, जिला नारायणपुर
पुलिस अधीक्षक (विशेष आसूचना शाखा), पुलिस मुख्यालय छ.ग. नवा रायपुर
02
श्री विकास कुमार (भा.पु.से.-2020)
सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर
पुलिस अधीक्षक (विशेष आसूचना शाखा), पुलिस मुख्यालय छ.ग. नवा रायपुर
03
श्रीमती पूजा कुमार (भा.पु.से.-2020)
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दंतेवाड़ा
पुलिस अधीक्षक (रेडियो) बिलासपुर
04
श्री मयंक गुर्जर (भा.पु.से.-2020)
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
सेनानी, 15वीं वाहिनी, छ.स.बल बीजापुर
05
श्री संदीप कुमार पटेल (भा.पु.से.-2020)
एसडीओपी / अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भानुप्रतापपुर
सेनानी, 16वीं वाहिनी, छ.स.बल नारायणपुर
06
श्री राजनला स्मृतिक (भा.पु.से.-2020)
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दंतेवाड़ा
पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ बघेरा, दुर्ग
07
श्री रॉबिन्सन गुरिया (भा.पु.से.-2020)
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर
पुलिस अधीक्षक, जिला नारायणपुर
08
श्री चिराग जैन (भा.पु.से.-2020)
नगर पुलिस अधीक्षक, दुर्ग
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, मोहला-मानपुर-चौकी
09
श्री रमेश प्रसाद गुप्ता (भा.पु.से.-2020)
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा
सेनानी, 14वीं वाहिनी, छ.स.बल धनौरा, बालोद
प्रशासनिक संतुलन के उद्देश्य से हुआ बदलाव
इस तबादला आदेश को प्रशासनिक पुनर्संयोजन के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित जिलों में तेज़ और अनुभवी अधिकारियों को तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया है। जैसे कि बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और मोहला-मानपुर जैसे संवेदनशील जिलों में अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
क्यों है यह तबादला अहम?
बस्तर क्षेत्र में नई नियुक्तियाँ नक्सल ऑपरेशनों को गति देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
सीएसपी से एएसपी स्तर पर पदोन्नति पाकर चिराग जैन जैसे अधिकारी फील्ड में और सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
रेडियो, एसटीएफ और विशेष शाखाओं में तैनाती से तकनीकी और रणनीतिक स्तर पर भी बदलाव लाया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार प्रभावशील
यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम पर गृह विभाग द्वारा जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सभी संबंधित अधिकारियों को नवीन पदस्थापन स्थल पर शीघ्र योगदान देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध सामरिक एवं रणनीतिक महत्व के खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण एवं दोहन के संबंध में राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से परिपूर्ण एक समृद्ध राज्य है, जहाँ 28 प्रकार के प्रमुख खनिज जैसे—कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट, लौह अयस्क, बाक्साइट, टिन अयस्क के साथ-साथ लीथियम, कोबाल्ट तथा रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे सामरिक एवं परमाणु महत्व के खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि नेशनल प्रोग्राम ऑन एक्सप्लोरेशन स्ट्रैटेजी तथा नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET) के अंतर्गत संचालित प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका लक्ष्य राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा राज्य में रणनीतिक खनिज परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाना है।
इस कार्यशाला का आयोजन खनिज संसाधन विभाग तथा छत्तीसगढ़ भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसका उद्देश्य भारत की क्रिटिकल मिनरल्स क्षमता के समुचित दोहन हेतु वैज्ञानिक अन्वेषण तकनीकों को प्रोत्साहित करना, प्रस्ताव प्रस्तुतिकरण प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना तथा राष्ट्रीय स्तर की रणनीतिक अन्वेषण नीतियों में राज्य की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना था।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के श्री रविकांत गुप्ता ने छत्तीसगढ़ की भूवैज्ञानिक विशेषताओं एवं ओजीपी क्षेत्रों की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड के श्री भुवनेश्वर कुमार ने लीथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, निकल, टंगस्टन, फॉस्फेट जैसे खनिजों की खोज हेतु आधुनिक भू-भौतिकीय एवं भू-रासायनिक तकनीकों पर आधारित प्रस्तुति दी, जिससे अधिकारियों को नवीनतम विधियों की जानकारी प्राप्त हुई। एनएमईटी से श्री अक्षय वर्मा ने प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया, वित्तीय सहायता एवं अनुदान नीतियों की जानकारी साझा करते हुए एनएमईटी के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया और राज्य की अधिक सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की भूमिका पर बल
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता और गुणवत्ता इसे वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी बना सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि खनिज उत्पादन, बाज़ार मांग और भविष्य की संभावनाओं के बीच संतुलन स्थापित कर राज्य खनिज आधारित औद्योगिक विकास का नेतृत्व कर सकता है।
समापन सत्र में राज्य में अब तक किए गए खनिज सर्वेक्षणों, उनके निष्कर्षों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने तकनीकी दक्षता तथा अंतर-विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि खनिज संसाधन किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति का मूल आधार होते हैं।
कार्यशाला ने यह स्पष्ट किया कि पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम एवं समयबद्ध प्रक्रियाएं अपनाकर छत्तीसगढ़ न केवल निजी एवं सार्वजनिक निवेश को आकर्षित कर सकता है, बल्कि राष्ट्रीय रणनीतिक खनिज नीति में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है। सभी प्रतिभागियों ने खनिज आधारित सतत औद्योगिक विकास हेतु संयुक्त प्रयास और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर कार्यशाला में आईआईटी धनबाद के प्रो. साहेंद्र सिंह, आईबीएम के श्री प्रेम प्रकाश, संचालक श्री रजत बंसल, संयुक्त संचालक श्री अनुराग दीवान एवं श्री संजय कनकाने सहित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों, अनुसंधान संस्थानों, नीति सलाहकारों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने देर रात 58 मेडिकल अफसरों का तबादला आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक गार्गी यदु को धमतरी मेडिकल अफसर के पद पर पोस्ट किया गया है। सिविल अस्पताल कुरूद में पदस्थ यू एस नवरत्न गरियाबंद के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी बनाए गए हैं।
जारी सूची में गरियाबंद जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर केके सहारे रायपुर संचनालय में प्रभारी संचालक बनाए गए हैं। देखें सूची :





0 पूर्व विधायक की पत्नी के नंबर पर फोन करके शैलेश से बात की
बिलासपुर। पूर्व विधायक शैलेश पांडे को जान से मारने की धमकी मिली है। फोन करने वाले ने धमकी देते हुए कहा है कि 20 लाख रुपए दो नहीं तो बेटी को उठा ले जाऊंगा। पूर्व विधायक ने घटना की रिपोर्ट सकरी थाना में दर्ज कराई है।
बिलासपुर के आसमा सिटी निवासी शैलेश पांडे शहर के पूर्व विधायक रहे है। बुधवार की दोपहर 11.45 बजे उनकी पत्नी ऋतु पाण्डेय के मोबाइल के एक अनजान नंबर से फोन आया और बोला कि शैलेश पांडे से बात कराओ। शैलेश पांडे ने जब उक्त युवक से मोबाइल में बात की तो उसने सीधे जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि 20 लाख रुपए दो, नहीं तो सहकारिता की उप पंजीयक मंजू पांडेय की बेटी को उठा कर ले जाऊंगा।इतना सुनते ही पूर्व विधायक ने उससे कहा भी कि आप पूर्व विधायक को फोन लगाए हो। तब भी फोन करने वाला अश्लील गाली गलौच और धमकी देता रहा।
इसके बाद पाण्डेय ने सीधे एसएसपी को घटना की सूचना दी। और उसके बाद सकरी टीआई प्रदीप आर्या के पास जाकर घटना की पूरी जानकारी दी। पूर्व विधायक शैलेश पांडे की रिपोर्ट पर सकरी पुलिस ने धारा 296,351(2) के तहत अपराध कायम कर लिया है।
बेटी किसी और की, लेकिन फोन पूर्व विधायक को
इस मामले को लेकर खुद पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने आश्चर्य व्यक्त किया है कि मंजू पांडेय की बेटी को उठाने की धमकी देने वाले ने मेरी पत्नी को फोन करके मेरे से बात की और उसके बाद सहकारिता की उप पंजीयक मंजू पाण्डेय की बेटी को उठाने की बात कही।
पूर्व विधायक को धमकी देने वाला आखिर कौन है।जिसमे कांग्रेस के बड़े नेता और शहर के पूर्व विधायक को जान से मारने की धमकी के साथ 20 लाख की फिरौती की मांग की है। पुलिस अब उसका पता लगाने में जुट गई है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेश पांडे को मिली जान से मारने की धमकी और 20 लाख की फिरौती मांगने के बाद मामला काफी गरमा गया है, जिसकी चर्चा जोरों से हो रही है। राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अफवाहें फैल रही है।
सकरी पुलिस जांच में जुटी
सकरी टीआई प्रदीप आर्या ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सर्विलांस की मदद से आरोपी की खोजबीन की जा रही है।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि लोकतंत्र की हत्या के उस काले दिन को हमारी भावी पीढ़ी भी जाने, समझे और उससे सीख ले। आपातकाल के दौर को याद करते हुए भावुक हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कालखंड मेरे जीवन से गहराई से जुड़ा है। यह मेरे लिए मात्र एक घटना नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत पीड़ा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके बड़े पिताजी स् नरहरि प्रसाद साय आपातकाल के दौरान 19 माह तक जेल में रहे। उस समय लोकतंत्र सेनानियों के घरों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी—कई बार घर में चूल्हा तक नहीं जलता था। ऐसे अनेक परिवारों को मैंने स्वयं देखा है। उन्होंने कहा कि निरंकुश सत्ता ने उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल दिया था, नागरिक अधिकार छीन लिए गए थे। वास्तव में, वह लोकतंत्र का काला दिन था, जिसका दंश हमारे परिवार ने झेला है और जिसे मैंने स्वयं जिया है।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानी परिवारों के सदस्यों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लोकतंत्र सेनानी परिवारों को सम्मान देने का कार्य कर रही है। इन परिवारों को प्रतिमाह 10 हजार से 25 हजार रुपए तक की सम्मान राशि दी जा रही है—यह उनके संघर्ष और बलिदान को नमन करने का एक विनम्र प्रयास है।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आपातकाल के इतिहास को जानें, पढ़ें और समझें कि किस प्रकार उस कालखंड में संविधान को कुचला गया था। लोकतंत्र को जीवित रखने और सशक्त करने के लिए जन-जागरूकता और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के संविधान और लोकतंत्र पर आपातकाल एक ऐसा कलंक है, जिसे इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज किया गया है। आपातकाल थोपकर न केवल संविधान को निष्क्रिय कर दिया गया, बल्कि मौलिक अधिकारों को समाप्त कर लोकतंत्र की आत्मा को कुचल दिया गया।
उन्होंने कहा कि उस समय देश को एक खुली जेल में बदल दिया गया था, जिसमें भय और आतंक का वातावरण था। एक लाख से अधिक लोगों को बिना न्यायिक प्रक्रिया के जेलों में बंद कर दिया गया, और उन्हें यातनाएं दी गईं। यह केवल राजनीतिक दमन का दौर नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना को समाप्त करने का सुनियोजित प्रयास था।
डॉ. सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आपातकाल के विषय में शोध करें, पढ़ें और समझें कि लोकतंत्र की रक्षा हेतु कितने लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। भविष्य में लोकतंत्र को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हमें सदैव जागरूक और सजग रहना होगा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति श्री बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र का सबसे शर्मनाक और काला दिन था। इस दिन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को जिस तरह से कुचला गया, उसका कोई दूसरा उदाहरण विश्व इतिहास में नहीं मिलता। संविधान में मनमाने ढंग से संशोधन किए गए, जिससे देश की आत्मचेतना और नागरिक अधिकारों का दमन हुआ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित जनजागरूकता रैली में भी भाग लिया।
मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने आपातकाल पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान की दमनकारी नीतियों, मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतंत्र के हनन को चित्रों एवं दस्तावेजों के माध्यम से दर्शाया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे विस्मृत नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को लोकतंत्र और संविधान के महत्व को समझाने में सहायक सिद्ध होगी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायकगण पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, मोतीलाल साहू, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने, प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा तथा संचालक संस्कृति विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लोकतंत्र सेनानी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रायपुर. राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में सूटकेस हत्याकांड मामले में पुलिस ने आरोपी वकील, उसकी पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पूरे मामले का आज एसएसपी लाल उमेंद सिंह ने खुलासा किया. घटना का मास्टर माइंड वकील अंकित उपाध्याय और पत्नी शिवानी शर्मा है. दोनों ने इन्द्रप्रस्थ कालोनी स्थित किराए के मकान में हत्या की घटना को अंजाम दिया था और दूसरे दिन दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सूनसान इलाके में लाश को पेटी में भरकर फेंका था.
पुलिस के मुताबिक, मृतक किशोर पैकरा के 30 लाख रुपए की रकम को आरोपी अंकित ने अपने निजी हितों के लिए उपयोग किया था. किशोर पैसा वापस देने के लिए लगातार दबाव बना रहा था. इसके चलते अंकित उपाध्याय एवं उसकी पत्नी शिवानी शर्मा ने किशोकर की हत्या की और साक्ष्य छिपाने की नियत से शव के उपर सीमेंट डालकर ट्राली बैग व टिन की पेटी में डालकर सूनसान स्थान पर फेंक दिया था.
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी दंपति फरार हो गया था. दिल्ली एयरपोर्ट में फ्लाइट के रनवे पर उतरते ही साइबर और डीडी नगर पुलिस की टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया. फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी सहित फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने घटना स्थल का निरीक्षण कर सबूत इकट्ठे किए थे. आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अल्टो कार, 02 नग दोपहिया वाहन और 5 नग मोबाइल फोन जब्त किया गया है. आरोपियों के विरूद्ध डीडी नगर थाने में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
जानिए हत्या की पूरी कहानी
23 जून को डीडी नगर क्षेत्र में रोड किनारे एक लावारिश हालात में एक टिन की पेटी मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी. पुलिस मौके पर पहुंची तो पेटी के अंदर रखें लाल रंग के सूटकेस में एक अज्ञात पुरूष का शव मिला. शव के उपर सीमेंट डाला गया था. साथ ही मृतक का दोनों पैर बंधा हुआ था. किसी अज्ञात व्यक्ति ने मृतक की हत्या कर उसके उपर सीमेंट छिड़कर ट्राली बैग में टिन की पेटी में डालकर शव को सूनसान स्थान पर फेंक दिया था. डीडी नगर थाने में मर्ग कायम कर पुलिस जांच में जुटी.
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को मिला सुराग
अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी में लगी टीम के सदस्यों को मुखबीर से जानकारी प्राप्त हुई कि डीडी नगर स्थित इन्द्रप्रस्थ कालोनी के डी ब्लॉक से एक अल्टो वाहन में 03 पुरूष एवं 01 महिला अपने अल्टो कार में एक बड़ा पेटी को रखकर ले गए हैं. इसकी तस्दीक के लिए कालोनी में लगे सीसीटीव्ही कैमरों को देखने पर उक्त तथ्य की पुष्टि की गई. इसके साथ वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होने पर वाहन स्वामी की पहचान की गई. वाहन स्वामी से पूछताछ करने पर उसके द्वारा वाहन को एक माह पूर्व अंकित उपाध्याय निवासी सत्यम विहार रायपुरा डीडी नगर रायपुर नामक व्यक्ति के पास बिक्री करना बताया.
पेटी दुकान के संचालक हब्बू भाई से मिली अहम जानकारी
दूसरी टीम घटना स्थल पर मिले टिन की पेटी के संबंध में जानकारी एकत्र करने पर उक्त पेटी थाना गोलबाजार क्षेत्रांतर्गत पेटी लाईन स्थित शब्बीर स्टील ट्रंक फैक्ट्री के प्रोपराईटर हब्बू भाई से आरोपियों द्वारा क्रय करना पाया गया. पूछताछ में हब्बू भाई ने 22 जून को 01 पुरूष व 01 महिला द्वारा पेटी को क्रय करना बताया. पैसे का भुगतान ऑनलाइन करना बताया गया. इस पर सायबर सेल की टीम ने ऑनलाइन भुगतान किये गये खाते का संपूर्ण विवरण प्राप्त किया. खाता धारक शिवानी शर्मा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई. इसके साथ ही टिन की पेटी को जिस आटो चालक द्वारा बताए स्थान पर छोड़ा गया था उस आटो चालक की पतासाजी कर पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त टिन की पेटी को इन्द्रप्रस्थ कालोनी डी.डी.नगर के रूम नंबर डी/321 में छोड़ना बताया गया.
छोटे खान ने अंकित को किराए पर दिया था मकान
पुलिस की टीम ने रूम नंबर डी/321 के संबंध में मकान मालिक छोटे खान निवासी करबलापारा आजाद चौक रायपुर से पूछताछ की. उन्होंने उक्त रूम को एक सप्ताह पूर्व ही अंकित उपाध्याय एवं शिवानी शर्मा को किराये में देना बताया. संपूर्ण पूछताछ व तकनीकी विश्लेषण पर आरोपियों की पुष्टि होने पर आरोपी अंकित उपाध्याय एवं शिवानी शर्मा के संबंध में पतासाजी करने पर ज्ञात हुआ कि रिश्ते में दोनों पति-पत्नी है और घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस की गिरफ्त से बचने दिल्ली फरार हो गए हैं.
दिल्ली में फ्लाइट लैंड करते ही पकड़े गए आरोपी दंपती
पुलिस की टीम आरोपियों के भागने के साधन के रायपुर एयरपोर्ट से जानकारी प्राप्त की तो पता चला दोनों 23 जून को रात्रि लगभग 09ः40 बजे की दिल्ली की फ्लाइट से दिल्ली फरार हो गए हैं. पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज रायपुर अमरेश मिश्रा, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने तत्काल इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली के प्रभारी अधिकारी सहित मुख्य सुरक्षा अधिकारी आईजीआई एयरपोर्ट नई दिल्ली को प्रकरण व आरोपियों के संबंध में जानकारी साझा करते हुए आरोपियों को अभिरक्षा में लेने कहा. हवाई जहाज के दिल्ली एयरपोर्ट में लैंड करते ही एयरपोर्ट में लगे सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों आरोपियों को अपने अभिरक्षा में लिया. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में रायपुर क्राइम ब्रांच की एक टीम को तत्काल दिल्ली रवाना की गई. दिल्ली से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया.
मकान वापस दिलाने किशोर से पैसा लेता रहा आरोपी अंकित
आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी अंकित उपाध्याय ने बताया कि वह पेशे से वकील होने के साथ ही जमीन, मकान खरीदी-बिक्री का काम करता है. उन्होंने बताया कि मृतक किशोर पैकरा पिता स्व. नारायण पैकरा उम्र 58 साल निवासी हाण्डीपारा इसका पक्षकार था. मृतक किशोर पैकरा आजाद चौक स्थित अपने मकान को चंद्रप्रकाश कुर्रे निवासी बेलटुकरी खरोरा जिला रायपुर को वर्ष 2015-16 में 50 लाख रुपए में बेचा था, किंतु किशोर पैकरा द्वारा क्रेता को उक्त मकान का कब्जा न देकर न्यायालय में क्रेता के विरूद्ध आवेदन पत्र दिया था. इस बात की जानकारी मृतक किशोर पैकरा द्वारा आरोपी अंकित उपाध्याय को देने पर आरोपी अंकित उपाध्याय ने किशोर पैकरा को कहा कि वह हाईकोर्ट से उसके उक्त मकान को वापस दिला देगा और इसके एवज में आरोपी अंकित अलग-अलग किश्तों में अलग-अलग कार्य के नाम से पैसा लेता था.
मृतक की जमीन को 30 लाख में बेचा, पैसा मांगने पर कर दी हत्या
मृतक किशोर पैकरा के बजरंग नगर के मकान को 30 लाख रुपए में अन्य व्यक्ति को बिक्री कर दिया था. उक्त बिक्री रकम को आरोपी अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा से लेकर अपने निजी कार्य में उपयोग कर लिया था. इस पर किशोर पैकरा अपने पैसा को बार – बार आरोपी अंकित उपाध्याय से मांगता था. अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा को अपने झांसे में लेकर मैं तुम्हारा देखभाल करूंगा और रोज खाना खिलाउंगा कहा, फिर भी मृतक किशोर अंकित उपाध्याय से पैसों की मांग कर उसे ताना मारने के साथ ही अलग – अलग जगह से खाना खाने की मांग करता था. इससे परेशान होकर आरोपी अंकित उपाध्याय ने अपनी पत्नी शिवानी शर्मा के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग बनाई और 22 जून को किशोर की हत्या कर दी. 48 घंटे तक लाश फ्लैट में रही. दूसरे दिन लाश को ठिकाने लगाया.
आरोपी अंकित उपाध्याय, सूर्यकांत यदु एवं विनय यदु तीनों मिलकर शव रखें पेटी को लिफ्ट के माध्यम से नीचे लाए और शिवानी शर्मा सीढ़ी से नीचे आई, फिर चारों मिलकर शव रखे पेटी को अल्टो कार की डिक्की में रखें और शव को ठिकाने लगाने घटना स्थल पर ले जाकर पेटी को नीचे उतारकर छोड़कर चले गए. उसके बाद अंकित उपाध्याय और विनय यदु अल्टो कार को कुशालपुर पुरानी बस्ती के एक गैरेज में डेन्टिंग-पेन्टिंग के लिए छोड़ दिए थे.
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
- अंकित उपाध्याय पिता रमानिकेत उपाध्याय उम्र 31 साल निवासी सत्यम विहार कालोनी डी.डी.नगर रायपुर.
- शिवानी शर्मा पति अंकित उपाध्याय निवासी सत्यम विहार कालोनी डी.डी.नगर रायपुर।
- विनय यदु पिता संतराम यदु निवासी जनजागृति चौक यादवपारा रायपुरा।
- सूर्यकांत यदु पिता प्रेमनाथ यदु निवासी रायपुरा थाना डी.डी.नगर रायपुर।
रायपुर । उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को राजधानी के एकात्म परिसर में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था, जिसे कांग्रेस पार्टी ने सत्ता बचाने के लिए देश पर थोपा। उन्होंने कहा कि आज जो कांग्रेस संविधान बचाने की बातें करती है, वही पार्टी उस संविधान को कुचलने की दोषी है।
लोकतंत्र की हत्या का आरोप
साव ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के लिए ‘आंतरिक अशांति’ का झूठा हवाला देकर आपातकाल लागू किया। न कोई युद्ध था, न विद्रोह – फिर भी अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग किया गया।
उन्होंने याद दिलाया कि कैसे एक न्यायिक फैसले ने इंदिरा गांधी को चुनाव में दोषी ठहराया, और उसी बौखलाहट में उन्होंने प्रेस की आजादी, नागरिक अधिकारों और न्यायपालिका की गरिमा तक छीन ली।
“तानाशाही अब भी जिंदा है”
अरुण साव ने कहा, “आज कांग्रेस के चेहरे भले ही बदल गए हों, लेकिन सत्ता की भूख और लोकतंत्र को कुचलने की तानाशाही मानसिकता अब भी जस की तस है।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राहुल गांधी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में अध्यादेश फाड़ना इस मानसिकता का आधुनिक चेहरा है।
आपातकाल के जख्म और कांग्रेस की चुप्पी
उपमुख्यमंत्री ने आपातकाल के दौरान की गई ज्यादतियों की विस्तृत जानकारी दी — लाखों लोगों की गिरफ्तारी, प्रेस सेंसरशिप, जबरन नसबंदी, गरीबों के घरों को तुर्कमान गेट पर ध्वस्त करना, और विपक्ष के नेताओं को जेलों में बंद करना।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी इन घटनाओं के लिए माफी नहीं मांगी, न ही कभी शर्मिंदगी जताई। "यह केवल अतीत नहीं है, यह कांग्रेस की सोच की स्थायी पहचान है," साव ने कहा।
“संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाएंगे 25 जून
अरुण साव ने बताया कि भाजपा 25 जून को पूरे प्रदेश में "संविधान हत्या दिवस" के रूप में मना रही है, ताकि नई पीढ़ी को भी इस काले अध्याय के बारे में जानकारी दी जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि भूपेश बघेल सरकार ने पूर्ववर्ती भाजपा शासन द्वारा शुरू की गई लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि योजना को बंद कर दिया था, जिसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुनः चालू किया है।
पत्रकारों की मौजूदगी में आरोपों की झड़ी
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, प्रवक्ता उमेश घोरमोड़े, अनुराग अग्रवाल और निशिकांत पांडे भी उपस्थित रहे। अरुण साव ने निष्कर्ष में कहा, “कांग्रेस का लोकतंत्र प्रेम महज दिखावा है, असल में वह सिर्फ अपनी सत्ता की चिंता करती है। आज जरूरत है कि देश संविधान और लोकतंत्र के असली दुश्मनों को पहचाने।”
रायपुर । कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 25 जून को ‘आपातकाल विरोध दिवस’ पर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों से देश एक अघोषित आपातकाल की गिरफ्त में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया, न्यायपालिका, संवैधानिक संस्थाएं और शिक्षण संस्थान – सभी पर सत्ता का दबाव है और मोदी शासन में लोकतंत्र केवल नाम का रह गया है।
संविधान बदलने की मंशा, ‘चार सौ पार’ जनादेश का मकसद साफ
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 'चार सौ पार' का नारा सिर्फ संविधान बदलने की मंशा से दिया था, लेकिन देश की जनता ने भाजपा को स्पष्ट रूप से नकार दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को छेड़ने की साजिश रची जा रही थी, लेकिन भारत की जनता ने संविधान के संरक्षण में विश्वास जताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को चुना।
“हर तरफ नियंत्रण और दमन – ये लोकतंत्र नहीं, तानाशाही है”
भूपेश बघेल ने कहा कि संसद में अब सवाल उठाना, बहस करना या सरकार से जवाब मांगना तक सजा का कारण बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विधायकों की खरीद-फरोख्त, राज्यपाल के माध्यम से हस्तक्षेप, टैक्स और नियामक एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे हथकंडों से विपक्षी सरकारों को गिरा रही है।
"संविधान को चुपचाप तोड़ा जा रहा है"
उन्होंने यह भी कहा कि CAG की भूमिका निष्प्रभावी कर दी गई है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता संदिग्ध हो गई है। RTI को लगभग निष्क्रिय बना दिया गया है। EVM की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन कोई जवाबदेही नहीं है।
मीडिया पर अभूतपूर्व नियंत्रण, भय और दमन
बघेल ने कहा कि मीडिया पर ऐसा दबाव कभी नहीं देखा गया, जहां न्यूज़ एजेंसियों को कर विभाग, ईडी और CBI के छापों से डराया जा रहा है। उन्होंने बीबीसी, दैनिक भास्कर, न्यूज़क्लिक, एनडीटीवी, द वायर और अन्य संस्थानों पर कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया।
"भाजपा में जाओ, तो सब माफ"
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “जो नेता भाजपा में शामिल हो जाते हैं, वे ईडी-मुक्त और सीबीआई-मुक्त हो जाते हैं। लेकिन जो विपक्ष में हैं, उन्हें बंधक बनाकर डराने की कोशिश की जाती है।”
“विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा, सामाजिक सौहार्द पर हमला”
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार विरोधियों को 'अर्बन नक्सल' और 'खालिस्तानी' कहकर बदनाम कर रही है, और नफरत फैलाने वालों को सरकार में ऊंचे पदों से नवाजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदायों में डर और असुरक्षा का माहौल है, जबकि सत्तारूढ़ दल नफरत फैलाने वालों को खुला संरक्षण दे रही है।
भूपेश बघेल ने कहा कि आज का भारत संविधान के मूल विचारों से दूर होता जा रहा है, और एकजुट विपक्ष ही अब लोकतंत्र की अंतिम उम्मीद बन चुका है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया: "जब खुद आप हर लोकतांत्रिक संस्था को तोड़ चुके हैं, तो काला दिवस मनाने का नैतिक अधिकार आपके पास कैसे बचा है?"
रायपुर। राज्य सरकार ने वित्त विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला किया है। वहीं कई अधिकारियाें को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त भी किया है।
ट्रांसफर पर छूट की अवधि 30 जून तक बढ़ी
इससे पहले आज प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 की स्थानांतरण नीति के तहत ट्रांसफर पर लगाई गई रोक में राहत की अवधि बढ़ाया था। जिसके अनुसार स्थानांतरण पर छूट 30 जून 2025 तक प्रभावी रहेगी। इससे पहले यह छूट 25 जून 2025 तक ही निर्धारित थी।
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जिसके अनुसार, 5 जून 2025 को जारी परिपत्र के तहत स्थानांतरण पर रोक में दी गई ढील की समय-सीमा को संशोधित करते हुए 30 जून 2025 कर दिया गया है।
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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से प्रेमी जोड़े के आत्महत्या का मामला सामने आया है। धनेली गांव में युवक-युवती ने एक साथ पेड़ पर फांसी लगाकर आत्मत्या कर ली। दोनों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। युवक की पहचान अमोरा निवासी शैलेन्द्र केवट के रूप में हुई है। वहीं महिला की पहचान रामकुमारी सिंह (36 वर्ष) सोहागपुर, कोरबा की रहने वाली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर जांच में जुट गई है। पूरा मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है।
जानकरी के मुताबिक, धनेली गांव के खड़ाखोडी तालाब के पास बबुल पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले युवक-महिला, प्रेमी जोड़े हैं। मृतक शैलेन्द्र सोमवार को पिकनिक मनाने के लिए घर से निकला था। उसकी 3 महीने पहले ही शादी हुई थी। वहीं मौके पर मृत मिली महिला रामकुमारी सिंह के माथे पर सिंदूर देखा गया है।
पुलिस ने सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज हरियाणा के रोहतक पहुंचे, जहाँ उन्होंने हरियाणा सरकार के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के निवास सिंधु भवन पहुंचकर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कैप्टन अभिमन्यु की पूज्य माताजी श्रीमती परमेश्वरी देवी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
बिलासपुर। बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शादी के महज 20 दिन बाद ही पत्नी, अपने पति के सामने ही, पति को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई वो भी एकदम फिल्मी अंदाज़ में। शादी के महज 20 दिन बाद ही पत्नी, अपने पति के सामने ही, पति को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई वो भी एकदम फिल्मी अंदाज़ में।
दरअसल मस्तूरी निवासी एक नवविवाहित युवक अपनी पत्नी को पहली बार ससुराल से विदा कराकर घर ला रहा था। इसी बीच रास्ते में तीन युवकों ने फिल्मी अंदाज़ में उसकी बाइक रोक ली। युवक को बेरहमी से पीटा गया। और हैरानी की बात ये रही कि पत्नी खुद हमलावर युवकों में से एक के साथ बाइक पर बैठकर चली गई। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है जहां पीड़ित अंकित महिलांगे के साथ यह घटना हुई। उसकी शादी महज 20 दिन पहले हुई थी।
शादी के बाद परंपरा के अनुसार उसकी पत्नी रंजिता जोशी अपने मायके गई थी। वहां से पत्नी को विदा कराकर वह अपने साथ ला रहा था। इसी दौरान, उसे तीन युवकों ने घेरकर उस पर हमला कर दिया। जब तक अंकित खुद को संभाल पाता, उसकी पत्नी खुद बाइक से उतरी और हमलावर युवक के पीछे बैठकर वहां से रवाना हो गई। युवक का कहना है कि पत्नी ने खुद दूसरे युवक के कंधे पर हाथ रखा और पीछे मुड़कर तक नहीं देखा। जिसके बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत थाने में की। शिकायत के बाद पुलिस ने हमलावरों पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुटी हुई है।





























