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नवंबर में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए विशेष अभियान: अब पेंशनर किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे DLC

नवंबर में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए विशेष अभियान: अब पेंशनर किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे DLC

 रायपुर। राज्य शासन द्वारा पेंशनरों की सुविधा के लिए नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate-DLC) जमा करने हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अपने मूल बैंक शाखा में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी बैंक में जाकर या घर बैठे “Jeevan Pramaan” मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।

भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, नई दिल्ली तथा संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार यह सुविधा राज्य के सभी पेंशनरों के लिए उपलब्ध कराई गई है।

संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़, रायपुर, पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंकों एवं जिला कोषालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में निर्देश दिए कि नवंबर माह में पेंशन वितरण की तिथि से पूर्व अधिकतम संख्या में पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएं, ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो।

इन निर्देशों के पालन में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा “डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0” (Digital Life Certificate Mission 4.0) के अंतर्गत विभिन्न शहरों में विशेष कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनरों से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए जाएंगे।भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अब सभी बैंक अपनी शाखाओं में आने वाले प्रत्येक पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने के लिए उत्तरदायी होंगे, चाहे पेंशनर का खाता किसी भी बैंक या शाखा में हो।सभी पेंशनरों से अपील की गई है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाकर समय पर अपना जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करें, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।

 
ट्रांसफर ब्रेकिंग: GAD ने जारी किया आदेश, इन विभाग के अफसरों को किया गया इधर से उधर, देखिये ट्रांसफर लिस्ट

ट्रांसफर ब्रेकिंग: GAD ने जारी किया आदेश, इन विभाग के अफसरों को किया गया इधर से उधर, देखिये ट्रांसफर लिस्ट

 रायपुर । कई अधिकारियों के तबादले हुए हैं। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है। सचिवालय सेवा के अफसरों कई अफसरों को स्वास्थ्य, जल संसाधन विभाग, जीएडी सहित कई अन्य विभाग के अधिकारियों को इधर से उधर किया गया।

ACB की बड़ी कार्रवाई: RI प्रमोशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, कई जिलों में सुबह-सुबह पहुंची टीम, जांच जारी

ACB की बड़ी कार्रवाई: RI प्रमोशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, कई जिलों में सुबह-सुबह पहुंची टीम, जांच जारी

 रायपुर । एसीबी ने आज बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की गयी है। ये छापेमारी आरआई पदोन्नति मामले में हुई गड़बड़ी पर की गयी है। ये मामला विधानसभा में भी उठा था। जानकारी के मुताबिक 20 ज्यादा जगहों पर छापेमारी हुई है। जानकारी के मुताबिक पटवारी से आरआई बनने को लेकर हुई परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी।

जिन जिलों में कार्रवाई हुई है, उसमें रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, जगदलपुर, अंबिकापुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित और भी कई जिले हैं। दरअसल यह छापेमारी पटवारी से आरआई बने अधिकारियों के घर पर के गई है। बता दें कि, 2024 में पटवारी से आरआई बनने के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 90 पदों के लिए आयोजित हुई थी। इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत सरकार को मिली थी। इसी संबंध में यह रेड डाली गई है।

 
CG : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर जिले को किया सम्मानित, इस क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए मिला सम्मान

CG : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर जिले को किया सम्मानित, इस क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए मिला सम्मान

 रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज रायपुर जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आज विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में पुरस्कृत किया। यह पुरस्कार कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने ग्रहण किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता अर्जित करते हुए रायपुर जिला प्रशासन एवं रायपुर नगर निगम को जल संचय जन भागीदार (JSJB) 1.0 अभियान का पुरस्कार प्रदान किया गया है। राष्ट्रपति द्वारा पहली बार इस श्रेणी में पुरस्कार दिया है। देश भर कर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम, रायपुर जिला ईस्टर्न जोन के कैटेगरी 01 में तीसरा तथा राज्यों में छत्तीसगढ़ ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि रायपुर जिला प्रशासन ने स्थानीय निकाय और जन समुदाय के संयुक्त भागीदारी से उल्लेखनीय पहल करते हुए जल संरक्षण का जन आंदोलन का रूप दिया। निगमों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए रायपुर नगर निगम ने 33,082 कार्य पूर्ण किये, जिला रायपुर ने 36,282 कार्य पूर्ण किए एवं छत्तीसगढ़ ने 4,05,563 कार्य किए। जिसमें, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पिट्स, अमृत सरोवर, टॉप डैम और परकोलेशन टैंक का निर्माण शामिल है। साथ ही तरल अपशिष्ट प्रबंधन में रायपुर में 4 एसटीपी से 206 MLD क्षमता विकसित की गई, और 9 औद्योगिक इकाइयों को 125.849 MLD शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। रायपुर नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में वर्षा जल संचयन और रिचार्ज पिट्स का निर्माण किया गया । शहर के आसपास 20 से अधिक नए सरोवरों का पुनर्जीवन कार्य किया । इसके अलावा स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट भू-जल स्तर की निगरानी के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम की शुरुआत की गई।

 
 
हिड़मा के आतंक का अंत, बस्तर में लौट रहा शांति का वसंत — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

हिड़मा के आतंक का अंत, बस्तर में लौट रहा शांति का वसंत — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों द्वारा संचालित सफल ऑपरेशन में शीर्ष नक्सली लीडर एवं सीसी मेम्बर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस को सलाम करते हुए कहा है कि यह घटना नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में निर्णायक उपलब्धि है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों के सफल ऑपरेशन में शीर्ष नक्सली लीडर और सीसी मेम्बर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों का न्यूट्रलाइज होना नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई में एक निर्णायक उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सुरक्षाबल के जवानों के अदम्य साहस को नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हिड़मा वर्षों से बस्तर में रक्तपात, हिंसा और दहशत का चेहरा था। आज उसका अंत न सिर्फ एक ऑपरेशन की उपलब्धि है, बल्कि लाल आतंक पर गहरी चोट है, साथ ही यह क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की हमारी प्रतिबद्धता को और सशक्त करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स बताते हैं कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हमारी सुशासन सरकार बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा बहा रही है।नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति, नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना, इन कदमों ने जनविश्वास को मजबूत किया है और बस्तर के हर गांव में नया आत्मविश्वास भरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि केंद्र-राज्य की संयुक्त रणनीति के साथ मार्च 2026 तक भारत पूर्णत: नक्सलमुक्त होगा।

मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने हॉकी मेन्स जूनियर वल्र्ड कप ट्रॉफी 2025 का किया भव्य अनावरण

मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने हॉकी मेन्स जूनियर वल्र्ड कप ट्रॉफी 2025 का किया भव्य अनावरण

 0-प्रदेश में प्रतिष्ठित ट्रॉफी का आगमन युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री साय

रायपुर-- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वल्र्ड कप 2025 की ट्रॉफी का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विश्व की प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वल्र्ड कप 2025 की चमचमाती ट्रॉफी पहली बार भारत टूर के तहत आज छत्तीसगढ़ पहुंची और विधानसभा परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में इसका अनावरण किया गया।  मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि भारत में एफआईएच जूनियर वल्र्ड कप 2025 का आयोजन होना अत्यंत गर्व की बात है और इस ट्रॉफी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए विशेष सम्मान का अवसर है। उन्होंने हॉकी इंडिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ट्रॉफी टूर देशभर में खेलों के प्रति उत्साह एवं प्रेरणा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।उन्होंने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा इस अभियान का शुभारंभ देश में खेल भावना को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शुरू से ही हॉकी की उर्वर भूमि रहा है। राजनांदगांव, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और कोरबा जैसे जिलों से बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी खेल में अपना भविष्य संवार रहे हैं। ट्रॉफी का यहां आगमन राज्य के युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री साय ने कहा कि यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाडिय़ों की मेहनत, अनुशासन और सपनों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी इंडिया, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी को बधाई और शुभकामनाएं भी दी। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्रॉफी के भव्य अनावरण के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी के पदाधिकारियों और खिलाडिय़ों को शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, संघ के अन्य पदाधिकारी, हॉकी संगठन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

** भारत पहली बार बनेगा जूनियर वल्र्ड कप का मेजबान  

गौरतलब है कि एफआईएच हॉकी जूनियर मेन्स वल्र्ड कप 2025 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। प्रतियोगिता 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगी और तमिलनाडु के चेन्नई व मदुरै में आयोजित की जाएगी।

अब छत्तीसगढ़ में 200 यूनिट तक हाफ बिजली, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया विधानसभा में बड़ा ऐलान, इस दिन से होगा लागू

अब छत्तीसगढ़ में 200 यूनिट तक हाफ बिजली, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया विधानसभा में बड़ा ऐलान, इस दिन से होगा लागू

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल की घोषणा कर दी है। विधानसभा के विशेष सत्र के समापन में मुख्यमंत्री ने इसका ऐलान किया। 45 लाख से ज्यादा परिवार इससे लाभान्वित होंगे।

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान 200 यूनिट तक हाफ बिजली की घोषणा की है। नई योजना के लागू होने पर अब 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सीधे आधा बिल देना होगा। इसका सीधा फायदा 45 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि...

राज्य में रूफटॉप सोलर की मांग तेज़ी से बढ़ी है, अब तक 1 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं और 12,000 से ज्यादा सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।

हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि हर उपभोक्ता को सस्ती और सुचारू रूप से बिजली मिले। सोलर प्लांट स्थापना में समय लगने के कारण सरकार घरेलू उपभोगताओं हेतु 1 दिसंबर से नई योजना शुरू करने जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत 400 यूनिट प्रतिमाह तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोगताओं को 200 यूनिट तक हाफ बिजली का लाभमिलेगा। अर्थात् 200 यूनिट तक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं का हाफ बिजली बिल हो जाएगा तथा 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक का हाफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा। इससे 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 42 लाख से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।

PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से 1 किलोवॉट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट एवम उससे अधिक क्षमता के प्लांट लगाने पर 30,000 रुपये की सब्सिडी जारी रहेगी। इससे हम हाफ बिजली से फ्री बिजली की तरफ अग्रसर होंगे।

मुझे विश्वास है कि यह कदम प्रदेश में उपभोक्ताओं का बिजली बिल कम करेगा और प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा।

सफलता की कहानी, किसान की जुबानी

सफलता की कहानी, किसान की जुबानी

 सफलता की कहानी, किसान की जुबानी

सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति से किसानों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

प्रति एकड़ 21 क्विंटल और प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी

किसानों में उत्साह का माहौल धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की किसानों ने की सराहना

रायगढ़, 18 नवंबर 2025। प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की आर्थिक तरक्की, उन्नति और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार बनते ही किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रति एकड़ 21 क्विंटल एवं प्रति क्विंटल 31 सौ रुपये की दर से धान खरीदी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इस किसान हितैषी नीति का लाभ गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी रायगढ़ जिले के किसानों को व्यापक रूप से प्राप्त हो रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुका है।

ग्राम कोड़तराई के किसानों में धान खरीदी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। इसी क्रम में ग्राम के किसान श्याम दयाल पटेल ने बताया कि सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति ने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। तीन भाई मिलकर साझा खाते में 40 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उनके परिवार का पहला टोकन जारी हुआ, जिसके अंतर्गत 44 क्विंटल धान की बिक्री की गई।

किसान श्याम दयाल पटेल ने कहा कि 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा और 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। बढ़ी हुई आय से वे परिवार की आवश्यक जरूरतों की पूर्ति, बच्चों की उच्च शिक्षा, कृषि उपकरणों की खरीद, घर-परिवार की दैनिक आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं को सुदृढ़ करने में सक्षम हो रहे हैं। इसे उन्होंने अपने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।

धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी खरीदी के लिए उत्कृष्ट तैयारी की गई है। उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठने की सुविधा, पीने के पानी की उपलब्धता, सटीक तौल व्यवस्था तथा पर्याप्त बारदाना जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। सहज, पारदर्शी और किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं से ग्राम कोड़तराई सहित पूरे जिले के किसानों में प्रसन्नता और संतोष का माहौल है। किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में पूर्व सदस्यों का किया पुण्य स्मरण

मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में पूर्व सदस्यों का किया पुण्य स्मरण

 मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में पूर्व सदस्यों का किया पुण्य स्मर*

रायपुर, 18 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ की रजत यात्रा में योगदान देने वाले तीन प्रमुख जनप्रतिनिधियों श्रीमती रजनी ताई उपासने, श्री बनवारी लाल अग्रवाल और श्री राधेश्याम शुक्ल का पुण्य स्मरण किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर की पहली महिला विधायक श्रीमती रजनी ताई उपासने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की प्रेरक व्यक्तित्व थीं, उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। श्री बनवारी लाल अग्रवाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष, दो बार के विधायक रहे और उनके जनसेवा से जुड़े कार्य, संगठन और समाज के प्रति समर्पण हम सब के लिए अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने श्री राधेश्याम शुक्ल के बारे में कहा कि वे अनुशासित एवं कर्मनिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में याद किए जाएंगे। उनका पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उनके निधन से प्रदेश ने एक प्रतिबद्ध नेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने तीनों दिवंगत विभूतियों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

राज्य में अवैध धान की आवाजाही रोकने प्रशासन सक्रिय, सीमावर्ती चेकपोस्टों पर कड़ी निगरानी

राज्य में अवैध धान की आवाजाही रोकने प्रशासन सक्रिय, सीमावर्ती चेकपोस्टों पर कड़ी निगरानी

   राज्य में अवैध धान की आवाजाही रोकने प्रशासन सक्रिय, सीमावर्ती चेकपोस्टों पर कड़ी निगरानी

रायपुर, 18 नवंबर 2025। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ ही कुछ क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन की संभावनाओं को रोकने राज्य भर में प्रशासन सख़्त हो गया है। इसी क्रम में जशपुर जिला कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने जशपुर जिले का झारखंड सीमा से लगे चेकपोस्टों पर देर रात औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण दल में तहसीलदार जयश्री राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर आलोक टोप्पो, मंडी निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी शामिल थे। टीम ने भलमंडा, सकरडेगा और साईंटांगाटोली चेकपोस्टों का दौरा किया, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और वाहन चेकिंग प्रक्रिया को परखा गया। संभावित अवैध धान परिवहन पर रोक के लिए मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

इसी दौरान संबंधित ग्रामों के सरपंच और सचिव भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने तथा सीमा क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने आग्रह किया, ताकि अवैध आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती इलाकों में सतत निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

माओवाद समाप्ति की ओर, ‘नियद नेल्लानार’ योजना से ग्रामीणों को मिल रहा लाभ : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

माओवाद समाप्ति की ओर, ‘नियद नेल्लानार’ योजना से ग्रामीणों को मिल रहा लाभ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर :बस्तर में नक्सलवाद तेजी से समाप्ति की ओर अग्रसर है। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को शासन की मूलभूत योजनाओं से तेजी से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह बस्तर को भी विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाना है। प्रदेश सरकार ने लगभग दो वर्षों की अल्पावधि में ही अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया है तथा छत्तीसगढ़ को समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज कोण्डागांव में गाड़ा समाज द्वारा आयोजित बूढ़ादेव महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर 127 करोड़ रुपए के 61 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कोनगुड़ से धनोरा मार्ग निर्माण हेतु 90 लाख रुपए, केशकाल से विश्रामपुरी मार्ग के लिए 39 करोड़ रुपए, तथा ग्राम कुधूर में अनुसूचित जनजाति बालिका 100 सीटर छात्रावास के लिए 2.71 करोड़ रुपए की घोषणा की। उन्होंने बहुउद्देशीय केंद्र, दिव्यांग सेंटर और कोचिंग सेंटर संचालित करने हेतु 1.5 करोड़ रुपए प्रदाय करने की बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में कॉफी टेबल बुक (Journey of Dignity: Story of NRLM Kondagaon), प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल पुस्तिका, उच्च जोखिम गर्भावस्था हेतु हेल्पलाइन नंबर, हेलमेट बैंक तथा सुपोषित विकास चार्ट का भी विमोचन किया।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में रजत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है, यहां की मिट्टी अत्यंत उर्वरा है। प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। किसानों से 15 नवम्बर से धान खरीदी शुरू कर दी गई है। महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण योजनाएँ और चरण पादुका योजना के तहत लगातार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छा किसान, व्यवसायी, जनसेवक या राजनेता बनने के लिए उत्तम शिक्षा अनिवार्य है। इसलिए सभी लोग बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।

 

विधायक सुश्री लता उसेंडी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आगमन पर पारम्परिक वाद्ययंत्र मोहरी का सामूहिक वादन कर आत्मीय स्वागत किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना भी की।

कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री महेश कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, श्री कमलचंद्र भंजदेव, पूर्व सांसद श्री मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक श्री शिशुपाल शोरी तथा गांडा समाज के पदाधिकारी श्री प्रदीप कुलदीप, डॉ. किरण बघेल और श्री अशोक चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित थे।

शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा — मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जगदलपुर में शासकीय जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम में आज शामिल हुए। बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय परिवार को शताब्दी वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। भारत में प्राचीन काल से ही शिक्षा का अत्यधिक महत्व रहा है। नालंदा और तक्षशिला जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में विदेशों से विद्वान ज्ञानार्जन के लिए आते थे।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में बस्तर हाईस्कूल तथा कांकेर के नरहरदेव विद्यालय जैसे संस्थान शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1926 में जब इस विद्यालय का निर्माण हुआ होगा, तब संसाधनों का अत्यधिक अभाव रहा होगा, लेकिन पिछले सौ वर्षों की विकास यात्रा में इस विद्यालय ने अनगिनत होनहार छात्र-छात्राओं को तैयार किया है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर विद्यालय का नाम रोशन किया है। आज उनमें से अनेक पूर्व छात्र इस समारोह में सम्मिलित हुए हैं। उन्होंने संस्था के निरंतर प्रगति के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य गठन के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के जीर्णोद्धार हेतु डेढ़ करोड़ रुपए तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही विद्यालय की अन्य सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा करने का आश्वासन दिया।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस कार्यक्रम में शैलेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विद्यालय को प्रदान किए गए दो ड्रोन टोकन स्वरूप प्रदान किए, साथ ही शैलेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विद्यालय को 50 ड्रोन उपलब्ध कराने की सहमति भी दी गई, जिससे तकनीकी शिक्षा को और प्रोत्साहन मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जगतु माहरा शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जगदलपुर में शताब्दी

BREAKING : मारा गया देश का सबसे बड़ा नक्सली माडवी हिड़मा, एक करोड़ का था इनाम, पत्नी भी ढेर

BREAKING : मारा गया देश का सबसे बड़ा नक्सली माडवी हिड़मा, एक करोड़ का था इनाम, पत्नी भी ढेर

 BIG BREAKING: खूंखार नक्सली माडवी हिड़मा मारा गया. हिड़मा नक्सली एनकाउंटर में आंध्र प्रदेश में मारा गया है. इसपर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. हिड़मा के अलावा उसकी पत्नी राजे सहित कुल 6 नक्सलियों के शव सुरक्षाबलों ने बरामद किए है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कुख्यात माओवादी कमांडर माडवी हिड़मा के एनकाउंटर की पुष्टि की है।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने की पुष्टि मुठभेड़ में मारा गया मोस्ट वांटेड नक्सली हिडमा

माडवी हिड़मा के बारे में

माडवी हिड़मा साल 1996 में नक्सल संगठन से जुड़ा था. तब उसकी उम्र महज 17 साल थी. हिड़मा को हिदमाल्लु और संतोष नाम से भी जाना जाता है. उसने अब तक कई निर्दोष ग्रामीण और पुलिस जवानों को मार चुका. उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. हिड़मा संगठन संगठनों का टॉप लीडर माना जाता है.

माडवी हिड़मा साल 1996 में नक्सल संगठन से जुड़ा था. तब उसकी उम्र महज 17 साल थी. हिड़मा को हिदमाल्लु और संतोष नाम से भी जाना जाता है. उसने अब तक कई निर्दोष ग्रामीण और पुलिस जवानों को मार चुका. उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. हिड़मा संगठन संगठनों का टॉप लीडर माना जाता है.

माडवी हिड़मा साल 2004 से अब तक 27 से अधिक हमलों में शामिल था. इन हमलों में 2013 का झीरम अटैक और 2021 का बीजापुर अटैक शामिल है.

150 से अधिक जवानों का हत्यारा था माडवी हिड़मा

बता दें कि कुख्यात हिड़मा को सुरक्षा बलों के खिलाफ उसके अभियानों के लिए जाना जाता है. 3 अप्रैल 2021 को सुरक्षाबल पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की बटालियन नंबर-1 के कमांडर माड़वी हिड़मा को पकड़ने निकले थे, लेकिन मौके पर नक्सलियों ने जवानों पर हमला बोल दिया और इस मुठभेड़ में 22 जवानों की मौत हो गई थी.

वहीं अप्रैल 2017 के बुर्कापाल हमले में सीआरपीएफ के 24 जवान शहीद हो गए थे. दंतेवाड़ा हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हो गए थे. राज्य पुलिस के मुताबिक, दंतेवाड़ा हमले में भी हिड़मा ने सामने से नेतृत्व किया था.

सुकमा में हुआ था हिड़मा का जन्म

हिड़मा का जन्म दक्षिण सुकमा के पुवार्ती गांव में हुआ था और वो बीजापुर में एक स्थानीय जनजाति से संबंध रखता था. वो माओवादियों की पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PGLA) बटालियन-1 का हेड था. इसके अलावा माओवादी स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZ) का भी सदस्य था. इतनी ही नहीं सीपीआई की 21 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी का सदस्य था.

बढ़ती बिजली दर को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार को दिया 30 नवंबर तक का अल्टीमेटम

बढ़ती बिजली दर को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार को दिया 30 नवंबर तक का अल्टीमेटम

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में बढ़ती बिजली दरों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने 30 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें बिजली दरें कम करने की मांग की गई है। अगर सरकार उनकी मांग नहीं मानती है, तो दिसंबर के दूसरे सप्ताह में कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी।

 बता दें कि, इससे पहले कांग्रेस ब्लॉक और जिला लेवल पर प्रदर्शन किया है। इसके लिए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि, बिजली बिल बढ़ोतरी किसी किमत पर मंजूर नहीं। स्मार्ट मीटर लगने से जनता परेशान है, तुरंत बिजली बिल हाफ योजना लागू होना चाहिए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा सदन की कार्यवाही शुरू, पुराने भवन में दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ विधानसभा सदन की कार्यवाही शुरू, पुराने भवन में दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए आज ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि राज्य स्थापना के बाद से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक सफर की गाथा इस भवन से गढ़ी गई। वहीं इस भवन में आज अंतिम बैठक होगी और इसे अंतिम विदाई दी जाएगी। वहीं  विधानसभा सदन की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। जिसमें विधानसभा की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा पर चर्चा हो रही है। जिसकी शुरूआत बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने की।

बता दें कि, सदन की कार्यवाही में दिवंगत सदस्यों के निधन पर श्रद्धांजलि दी गई। जिसमें रजनीताई उपासने मध्य प्रदेश विधानसभा की पूर्व सदस्य, बनवारी लाल अग्रवाल छतीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और राधेश्याम शुक्ला मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य का उल्लेख किया गया और सदन ने मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

 वहीं आज के इस एक दिवसीय सत्र का मुख्य विषय ‘छत्तीसगढ़ विधानसभा की पच्चीस वर्षीय संसदीय यात्रा’ रखा गया है। इस दौरान सभी विधायक राज्य की राजनीतिक प्रगति, सामाजिक बदलाव, विकास योजनाओं और विधानसभा की कार्य प्रणाली में आए परिवर्तनों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके बाद आगामी शीतकालीन सत्र नए विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा।
दिल दहला देने वाला हादसा : मां के पीछे-पीछे साइकिल से निकला 4 साल का मासूम, फिर इस हाल में मिला, देख कर परिजनों की कांप उठी रूह…

दिल दहला देने वाला हादसा : मां के पीछे-पीछे साइकिल से निकला 4 साल का मासूम, फिर इस हाल में मिला, देख कर परिजनों की कांप उठी रूह…

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक चार साल की बच्चे के तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं पुलिस ने इसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है।

यह पूरा मामला भखारा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि मासूम अपनी मां के पीछे-पीछे साइकिल लेकर निकला था, जो देर शाम तक घर नहीं लौटा। ग्रामीणों ने जब तालाब के किनारे उसकी साइकिल देखकर तालाब में खोजबीन की तो मासूम की लाश बरामद हो गई। इसके बाद इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है

जानकारी के मुताबिक, सौराबांधा गांव में चार साल के मासूम प्रिंस कुमार की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि प्रिंस की मां शाम को स्कूल के पास तालाब किनारे बने शौचालय में शौच के लिए गई थी। उसके पीछे-पीछे साइकिल पर प्रिंस भी निकला था। शौच के बाद महिला यह सोचकर वापस घर आ गई कि उसका बेटा कहीं चला गया होगा। मगर देर शाम तक वह घर नहीं आया तो उसकी खोजबीन शुरु की गई।

ग्रामीणों ने रात जब तालाब के पास खोजबीन की तो उसकी साइकिल मिली। इसके बाद शक के आधार पर जब तालाब की तलाश की गई तो उसकी लाश बरामद हो गई। मासूम का शव मिलते ही इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है।

Naxal Breaking : सुकमा एनकाउंटर में 6 माओवादी ढेर

Naxal Breaking : सुकमा एनकाउंटर में 6 माओवादी ढेर

 सुकमा। छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल क्षेत्र सुकमा जिले के एर्राबोर में आज सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुठभेड़ में 6 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, जबकि कुछ अन्य के घायल होने की भी संभावना जताई जा रही है। घटनास्थल पर अभी भी जवानों का कम्बिंग व सर्च ऑपरेशन जारी है।

सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर मारे गए नक्सलियों की संख्या व बरामद सामग्री के बारे में अभी जानकारी जारी नहीं की गई है।

आपको बता दें नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके दौरान जंगलों में छिपे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और एक मामाओवादी को ढेर कर दिया।

 
 
नौकरी पाने के लिए नहीं बल्कि जीवन बनाने के लिए प्राप्त करें ज्ञान - उपमुख्यमंत्री शर्मा

नौकरी पाने के लिए नहीं बल्कि जीवन बनाने के लिए प्राप्त करें ज्ञान - उपमुख्यमंत्री शर्मा

 00 उपमुख्यमंत्री शर्मा ने 4.41 करोड़ की लागत के 250 सीटर नालंदा लाइब्रेरी का किया भूमिपूजन

00 नालंदा परिसर में होंगे ऑडियो विसुअल कॉन्टेंट एवं एआई का विशेष कॉर्नर

रायपुर। कवर्धा जिले में शिक्षा, अध्ययन संसाधनों और ज्ञान-संस्कृति के विस्तार को नई दिशा देने के नवीन पहल की जा रही है। जिसके तहत उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा के विधायक श्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा में 4.41 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक एवं पूर्णत: डिजिटल सुविधाओं से युक्त 250 सीटर नालन्दा लाइब्रेरी का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पूर्व संसदीय सचिव डॉ सियाराम साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल ठाकुर, विजय पटेल, मनीराम साहू, श्रीमती सतविंदर पाहुजा सहित समस्त पार्षदगण, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी से मुलाकात कर जिले के युवाओं, प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों, शोधार्थियों और पुस्तक प्रेमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रायपुर की नालंदा परिसर की तर्ज पर बनाया जा रहा यह नालंदा परिसर जिले में बहुआयामी ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित होगा और कवर्धा में शिक्षा और ज्ञान-संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक लेकर जाएगा और नए अवसरों के द्वार खोलेगा।भारत की शिक्षा-संस्कृति का गौरव इतिहास काल से है। भारत में प्राचीन काल से नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय रहे हैं। जब दुनिया पृथ्वी को चपटी मानती थी, तब भारत ज्ञान-विज्ञान में विश्व का मार्गदर्शक था। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय हमारी गौरवशाली धरोहर है। भारत की पुरातन ज्ञान परंपरा वेद, उपनिषद, भौतिक विज्ञान, गणित और खगोल विज्ञान—दुनिया में अद्वितीय रही है। आर्यभट्ट द्वारा सूर्य और गणितीय खोजें इसका प्रमाण हैं। यदि हम अपने इतिहास को समझेंगे, तो महसूस होगा कि भारत जैसा कहीं और कुछ नहीं है।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने 4.41 करोड़ रूपये की लागत के 250 सीटर नालंदा लाइब्रेरी का किया भूमिपूजन


इस लाइब्रेरी से स्कूल और विश्वविद्यालयों में पढऩे वाले बच्चों के साथ साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को एक शांत एवं उचित वातावरण उपलब्ध होगा। रायपुर जैसे महानगरों में तो चौबीस घण्टे लाइब्रेरी में युवा पढ़ते हुए मिल जाएंगे, ऐसा ही पढ़ाई को लेकर वातावरण हमें कवर्धा में भी निर्माण करना है, जिससे कवर्धा में भी समाज के हर वर्ग के लिए अध्ययन, अनुसंधान और ज्ञान-विकास का माध्यम प्राप्त हो सके। हमें ज्ञान सिर्फ नौकरी पाने के लिए नहीं प्राप्त करना चाहिए बल्कि अपना जीवन बेहतर बनाने के लिए प्राप्त करना चाहिए।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने 4.41 करोड़ रूपये की लागत के 250 सीटर नालंदा लाइब्रेरी का किया भूमिपूजन


उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में डिजिटल लाइब्रेरी, सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की अच्छी किताबें, दैनिक अखबार, समसामयिक किताबें, विख्यात जर्नल्स, अच्छे लेखकों की पुस्तकें, प्रेरणादायी किताबों के साथ बच्चों के लिए विशेष ज्ञान-कोना भी उपलब्ध होगा, जिनके ज्ञान का युवा से लेकर हर वर्ग के लोग लाभ ले सकेंगे। इसकी खासियत यहां के ऑडियो विसुअल कॉन्टेंट होंगे। जहां विद्यार्थी अपनी पसंदीदा बुक या विषय पर ऑडियो विसुअल माध्यम से जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा विश्व में तेजी से बढ़ रही एआई तकनीकी में युवा पीछे ना रह जाएं इसके लिए परप्लेक्सिटी, ग्रोक, चैटजीपीटी जैसे एआई टूल्स का भी एक कॉर्नर बनाया जाएगा, जहां युवा एआई टूल्स का नि:शुल्क प्रयोग कर सकेंगे।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने 4.41 करोड़ रूपये की लागत के 250 सीटर नालंदा लाइब्रेरी का किया भूमिपूजन


उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि खेल एवं तैयारी हेतु नई सुविधा के तहत विद्यार्थियों के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार पीएससी सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की कड़ी निगरानी की जा रही है। बच्चों का चयन उनकी मेहनत और योग्यता से ही होगा। उन्होंने भोरमदेव विद्यापीठ के चयनित छात्रों को शुभकामनाएँ दीं, जहां प्रतिवर्ष 200 विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में 6 हजार कांस्टेबल भर्ती के परिणाम जल्द जारी होंगे।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि कवर्धा को मेडिकल कॉलेज की बड़ी सौगात मिली है। मेडिकल कॉलेज के लिए 42 एकड़ भूमि आरक्षित कर ली गई है तथा लगभग सवा 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है एवं निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू हो जाएगा। कॉलेज में 50 से अधिक सीटों की तैयारी की जा रही है, वहीं 60 पदों की स्वीकृति भी मिल चुकी है। रायपुर-बिलासपुर मार्ग के 7.8 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाते हुए कवर्धा एंट्रेंस का विकास किया जा रहा है, जिसके लिए 54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। भोरमदेव पर्यटन क्षेत्र के उन्नयन के लिए 146 करोड़ रुपये स्वीकृत कर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गयी है। हनुमंत वाटिका का निर्माण भव्य स्वरूप में पूरा हो चुका है। ठाकुरदेव चौक से नए बस स्टैंड तक सड़क निर्माण कार्य जारी है और इसके साथ ही पुराने बस स्टैंड को पुनर्जीवित किया जा रहा है।
नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि नालंदा परिसर लाइब्रेरी को जिले के युवाओं के लिए एक शांत, आधुनिक, तकनीक-संपन्न एवं सुसज्जित अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा।
उल्लेखनीय है कि 17 हजार वर्गफीट में बनीं इस लाइब्रेरी में 250 सीट क्षमता वाले रीडिंग हॉल के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु पुस्तकें, अकादमिक एवं रिसर्च गतिविधियों हेतु जर्नल्स, बच्चों के लिए विशेष ज्ञान-कोना, सांस्कृतिक एवं सामान्य अध्ययन, डिजिटल जानकारी एवं ज्ञान के विभिन्न संसाधन उपलब्ध होंगे।

शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा — मुख्यमंत्री साय

शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा — मुख्यमंत्री साय

 00 शासकीय जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हुए शामिल

00 मुख्यमंत्री ने जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के जीर्णोद्धार हेतु डेढ़ करोड़ रुपए सहित पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण की घोषणा की

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जगदलपुर में शासकीय जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम में आज शामिल हुए। बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय परिवार को शताब्दी वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। भारत में प्राचीन काल से ही शिक्षा का अत्यधिक महत्व रहा है। नालंदा और तक्षशिला जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में विदेशों से विद्वान ज्ञानार्जन के लिए आते थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में बस्तर हाईस्कूल तथा कांकेर के नरहरदेव विद्यालय जैसे संस्थान शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1926 में जब इस विद्यालय का निर्माण हुआ होगा, तब संसाधनों का अत्यधिक अभाव रहा होगा, लेकिन पिछले सौ वर्षों की विकास यात्रा में इस विद्यालय ने अनगिनत होनहार छात्र-छात्राओं को तैयार किया है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर विद्यालय का नाम रोशन किया है। आज उनमें से अनेक पूर्व छात्र इस समारोह में सम्मिलित हुए हैं। उन्होंने संस्था के निरंतर प्रगति के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।

शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा — मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री साय ने राज्य गठन के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के जीर्णोद्धार हेतु डेढ़ करोड़ रुपए तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही विद्यालय की अन्य सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री साय ने इस कार्यक्रम में शैलेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विद्यालय को प्रदान किए गए दो ड्रोन टोकन स्वरूप प्रदान किए, साथ ही शैलेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विद्यालय को 50 ड्रोन उपलब्ध कराने की सहमति भी दी गई, जिससे तकनीकी शिक्षा को और प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जगतु माहरा शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जगदलपुर में शताब्दी समारोह पट्टिका का अनावरण किया। उन्होंने स्वर्गीय ठाकुर देवेन्द्र सिंह और स्वर्गीय श्रीमती शारदा ठाकुर की स्मृति में निर्मित दो स्मार्ट क्लासों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अंतर्गत परिजात प्रजाति के पौधे का रोपण किया।

शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा — मुख्यमंत्री साय

शताब्दी समारोह के ध्वजारोहण के साथ विद्या-दायिनी मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी के पिता की स्मृति में आयोजित न्योता भोज कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को भोजन परोसा। इसके अलावा जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के वे सात पूर्व छात्र, जो पुलिस और सुरक्षा बल में सेवा के दौरान शहीद हुए, उनके छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विद्यालय के शताब्दी समारोह के लिए बधाई देते हुए कहा कि आजादी से पहले 1926 में आरंभ हुए इस ऐतिहासिक विद्यालय के लिए यह दिन अत्यंत गौरवशाली है। पूर्व शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा पूर्व छात्रों के लिए यह यादगार लम्हा है। उन्होंने कहा कि इस संस्था से शिक्षा पाकर अनेक छात्र-छात्राएँ विभिन्न सेवाओं के माध्यम से समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थियों को वरिष्ठजनों से सीखने का आग्रह किया और विद्यालय की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसा दिलाया।

शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा — मुख्यमंत्री साय

विद्यालय के पूर्व छात्र और विधायक जगदलपुर किरण देव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अविभाजित बस्तर जिले में बस्तर हाईस्कूल और कांकेर का नरहरदेव हाईस्कूल ही प्रमुख शिक्षा संस्थान थे, जहाँ समूचे अंचल के विद्यार्थी अध्ययन करते थे। उन्होंने बताया कि इस संस्था के पूर्व छात्र आज आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर, प्राध्यापक, सफल व्यवसायी और उद्यमी के रूप में समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने पुराने शिक्षक-शिक्षिकाओं के योगदान को नमन किया और विद्यालय के जीर्णोद्धार तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति का अनुरोध किया। कार्यक्रम के आरंभ में विद्यालय के प्राचार्य श्री बी.एस. रामकुमार ने प्रतिवेदन के माध्यम से स्कूल के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद (बस्तर) महेश कश्यप, विधायक (चित्रकोट) विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर संजय पाण्डे, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित विद्यालय के पूर्व तथा वर्तमान छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

माओवाद समाप्ति की ओर, 'नियद नेल्लानार' योजना से ग्रामीणों को मिल रहा लाभ- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

माओवाद समाप्ति की ओर, 'नियद नेल्लानार' योजना से ग्रामीणों को मिल रहा लाभ- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 127 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास:100 सीटर छात्रावास और पहुंच मार्ग की घोषणा 

मुख्यमंत्री का पारम्परिक मोहरी वाद्ययंत्र के सामूहिक वादन से हुआ स्वागत 

गाड़ा समाज बूढ़ादेव महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री 

 रायपुर- बस्तर में नक्सलवाद तेजी से समाप्ति की ओर अग्रसर है। 'नियद नेल्लानार योजना' के तहत अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को शासन की मूलभूत योजनाओं से तेजी से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह बस्तर को भी विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाना है। प्रदेश सरकार ने लगभग दो वर्षों की अल्पावधि में ही अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया है तथा छत्तीसगढ़ को समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज कोण्डागांव में गाड़ा समाज द्वारा आयोजित बूढ़ादेव महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर 127 करोड़ रुपए के 61 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कोनगुड़ से धनोरा मार्ग निर्माण हेतु 90 लाख रुपए, केशकाल से विश्रामपुरी मार्ग के लिए 39 करोड़ रुपए, तथा ग्राम कुधूर में अनुसूचित जनजाति बालिका 100 सीटर छात्रावास के लिए 2.71 करोड़ रुपए की घोषणा की। उन्होंने बहुउद्देशीय केंद्र, दिव्यांग सेंटर और कोचिंग सेंटर संचालित करने हेतु 1.5 करोड़ रुपए प्रदाय करने की बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में कॉफी टेबल बुक (छ्वशह्वह्म्ठ्ठद्ग4 शद्घ ष्ठद्बद्दठ्ठद्बह्ल4: स्ह्लशह्म्4 शद्घ हृक्ररुरू ्यशठ्ठस्रड्डद्दड्डशठ्ठ), प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल पुस्तिका, उच्च जोखिम गर्भावस्था हेतु हेल्पलाइन नंबर, हेलमेट बैंक तथा सुपोषित विकास चार्ट का भी विमोचन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में रजत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है, यहां की मिट्टी अत्यंत उर्वरा है। प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। किसानों से 15 नवम्बर से धान खरीदी शुरू कर दी गई है। महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण योजनाएँ और चरण पादुका योजना के तहत लगातार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छा किसान, व्यवसायी, जनसेवक या राजनेता बनने के लिए उत्तम शिक्षा अनिवार्य है। इसलिए सभी लोग बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।विधायक सुश्री लता उसेंडी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आगमन पर पारम्परिक वाद्ययंत्र मोहरी का सामूहिक वादन कर आत्मीय स्वागत किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना भी की। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री महेश कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, श्री कमलचंद्र भंजदेव, पूर्व सांसद श्री मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक श्री शिशुपाल शोरी तथा गांडा समाज के पदाधिकारी श्री प्रदीप कुलदीप, डॉ. किरण बघेल और श्री अशोक चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित थे।

CG : खंडहर में ठंड से कांपती और रोती हुई मिली नवजात बच्ची, अस्पताल में इलाज जारी

CG : खंडहर में ठंड से कांपती और रोती हुई मिली नवजात बच्ची, अस्पताल में इलाज जारी

 दुर्ग।  जिले के जामुल थाना क्षेत्र के गोकुल धाम के अयोध्या नगर में एक खंडहर में एक नवजात बच्ची ठंड से कांपती और रोती हुई मिली। स्थानीय लोगों ने एक दुकान के पास से बच्ची के रोने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर पास जाकर देखा तो सड़क किनारे कंबल में लिपटी नवजात बच्ची पड़ी थी। बच्ची की हालत देख उन्होंने तुरंत डायल 112 को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम सुबह करीब 7 बजे मौके पर पहुंच गई और बच्ची को तुरंत दुर्ग जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची दो दिन से अधिक की प्रतीत हो रही है। फिलहाल उसकी मेडिकल जांच की जा रही है और हालत स्थिर बताई जा रही है।

पूरे इलाके में रहता है सन्नाट
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह-सुबह इलाके में सन्नाटा रहता है, इसी दौरान अचानक रोने की तेज आवाज सुनाई दी। पहले तो लगा कि किसी घर से बच्चे के रोने की आवाज आ रही होगी, लेकिन आवाज बार-बार एक ही दिशा से आने पर लोग मौके पर पहुंचे। वहां उन्हें यह बच्ची कंबल में लिपटी मिली। लोगों का अनुमान है कि तड़के सुबह किसी ने बच्ची को यहां छोड़ दिया होगा।

पुलिस माता-पिता की कर रही तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। आस-पास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि बच्ची को यहां किसने छोड़ा। पुलिस आसपास के अस्पतालों और निजी नर्सिंग होम में भी जांच कर रही है कि हाल ही में किस महिला की डिलीवरी हुई है और क्या किसी नवजात के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
पुलिस ने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और मेडिकल टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाना उनकी प्राथमिकता है कि बच्ची किसकी है और किस परिस्थिति में उसे यहां छोड़ा गया। मामले में कई पहलुओं पर जांच की जा रही है।

लावारिश हालत में मिली बच्ची
एएसपी पद्मश्री तंवर ने कहा थाना जामुल में गोकुलधाम में अयोध्या नगर में एक खंडहर है, उसकी सीढ़ियों पर एक नवजात बच्ची मिली है। जिसे डायल-112 की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया गया है और जो बच्ची है लावारिस हालत में मिली है। उसके परिजनों की तलाश के लिए पतासाजी की जा रही है। पुलिस इसमें आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने पंडुम कैफे का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने पंडुम कैफे का किया शुभारंभ

 00 पंडुम कैफे का शुभारंभ बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरक प्रतीक - साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में सामाजिक-आर्थिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए आज जगदलपुर में पंडुम कैफे का शुभारंभ किया। यह कैफे नक्सली हिंसा के पीडि़तों और समर्पण कर चुके सदस्यों के पुनर्वास हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। यह अनूठी पहल संघर्ष से सहयोग तक के प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है। पंडुम कैफे जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 'पंडुम कैफे' का किया शुभारंभ


मुख्यमंत्री साय ने पंडुम कैफे में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत की। उन्होंने नई शुरुआत के लिए उनका हौसला बढ़ाया और पंडुम कैफे के बेहतर संचालन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडुम कै$फे का शुभारंभ बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रेरक प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडुम कैफे आशा, प्रगति और शांति का उज्ज्वल प्रतीक है। कैफे में कार्यरत युवा, जो नक्सली हिंसा के पीडि़त तथा हिंसा का मार्ग छोड़ चुके सदस्य हैं, अब शांति के पथ पर अग्रसर हो चुके हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उन्हें आतिथ्य सेवाओं, कैफे प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता मानकों, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता कौशल का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति के पथ पर लौटे और कैफे में कार्यरत एक महिला ने इस अवसर पर भावुक होकर इस पुनर्वास पहल से हुए बदलाव की बात दोहराई। एक पूर्व माओवादी कैडर ने कहा कि, हमने अपने अतीत में अंधेरा देखा था। आज हमें समाज की सेवा करने का यह अवसर मिला है, यह हमारे लिए एक नया जन्म है। बारूद की जगह कॉफी परोसना और अपनी मेहनत की कमाई से जीना—यह एहसास हमें शांति और सम्मान दे रहा है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 'पंडुम कैफे' का किया शुभारंभ
एक अन्य सहयोगी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, पहले हम अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब हम अपनी मेहनत से कमाए पैसों से घर के सदस्यों का भविष्य संवार सकते हैं। यह सब प्रशासन और इस कैफे की वजह से संभव हुआ है। 
एक अन्य सदस्य ने समुदाय के सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि, हमें लगा था कि मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होगा, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने हमें प्रशिक्षण दिया और हमारा विश्वास जीता। सबसे बड़ी बात यह है कि हम अब पीडि़तों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे हमें अपने अतीत के अपराधों को सुधारने और शांति स्थापित करने का अवसर मिला है। 
उन्होंने यह भी बताया कि पंडुम बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है, और इसकी टैगलाइन जहाँ हर कप एक कहानी कहता है इस बात का प्रतीक है कि यहाँ परोसी गई कॉफी सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष पर विजय और एक नई शुरुआत की कहानी भी अपने साथ लेकर आती है।
इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, संभागायुक्त डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

Breaking: छत्तीसगढ़ सरकार के महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत ने दिया इस्तीफा, राज्यपाल को सौंपा पत्र

Breaking: छत्तीसगढ़ सरकार के महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत ने दिया इस्तीफा, राज्यपाल को सौंपा पत्र

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रफुल्ल भारत ने राज्यपाल रामेन डेका को इस्तीफा सौंपा है। हालांकि उनके इस्तीफे पर अभी तक राजभवन से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं महाधिवक्ता कार्यालय की ओर से भी कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

पत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत ने लिखा कि महाधिवक्ता पद से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूं।

 इसके साथ ही उन्होंने आगे लिखा कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष कल्याणकारी राज्य के हितों की रक्षा के कठिन कार्य में सहयोग देने के लिए नौकरशाहों की टीम के प्रति भी आभार व्यक्त करता हूं।

 प्रफुल्ल भारत ने लिखा कि जैसा भी हो, मुझे महाधिवक्ता कार्यालय के अपने सहयोगियों और बार के सदस्यों से पूरा सहयोग मिला। इसके साथ ही मैं महामहिम का अत्यंत आभारी हूं कि आपने मुझे राज्य के प्रथम विधि अधिकारी के रूप में सेवा करने का अवसर दिया।

युवा नवाचार से सजेगा आत्मनिर्भर भारत का भविष्य : टंक राम वर्मा

युवा नवाचार से सजेगा आत्मनिर्भर भारत का भविष्य : टंक राम वर्मा

 पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में नवाचार एवं उद्यमिता पर विशेष सत्र आयोजित

रायपुर । पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में सोमवार को स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत “आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका: नवाचार और उद्यमिता” विषय पर विशेष सत्र एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल (IIC) द्वारा किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्रगण उपस्थित थे।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और उद्यमशीलता की भावना को मजबूत करना था, ताकि युवा भारत के आत्मनिर्भरता मिशन में सक्रिय भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर विभिन्न विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय पदाधिकारियों एवं नवाचार से जुड़े वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।

मंत्री वर्मा ने युवाओं को राष्ट्रीय पुनर्जागरण का वाहक बताते हुए कहा कि आज नवाचार आधारित उद्यमिता न केवल उद्योग खड़ा कर रही है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और नए रोजगारों का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है।

केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया,मेक इन इंडिया,डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टैण्डअप इंडिया जैसी पहल को युवाओं के लिए बड़ा अवसर बताते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, फिनटेक, एग्रीटेक और बायोटेक जैसे क्षेत्रों में भारत के युवा विश्व नेतृत्व की क्षमता रखते हैं।

मंत्री वर्मा ने कहा कि उद्यमिता का वास्तविक आधार जोखिम लेने का साहस, स्पष्ट दृष्टि और सतत परिश्रम है। विफलता को उन्होंने सीखने का अवसर बताते हुए युवाओं को लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।मंत्री वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में विभिन्न नवाचार व युवा-केंद्रित गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में स्वामी विवेकानंद जयंती (12 जनवरी) के अवसर पर सभी विश्वविद्यालयों में “रन फॉर स्वदेशी” का आयोजन किए जाने की भी घोषणा की गई।युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि देश को केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले युवाओं की आवश्यकता है। विकसित भारत का भविष्य युवा शक्ति के नवाचार पर ही टिका है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्टार्टअप मार्गदर्शन, नवाचार प्रक्रियाओं, प्रेरक उद्यमशील उदाहरणों तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अंत में IIC ने छात्रों से नवाचार व उद्यमिता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

CG : सतनामी समाज पर अभद्र टिप्पणी मामले में कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को राहत, कोर्ट ने दी सशर्त जमानत

CG : सतनामी समाज पर अभद्र टिप्पणी मामले में कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को राहत, कोर्ट ने दी सशर्त जमानत

 बिलासपुर। कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को सतनामी समाज पर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में SC-ST कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें ₹25,000 का व्यक्तिगत बांड और ₹25,000 का जमानत बांड भरने के साथ-साथ किसी भी साक्षी को प्रभावित न करने और भविष्य में प्रवचन में समाज की भावनाओं का ध्यान रखने की शर्तें दी हैं।

बिलासपुर में तखतपुर में हुए प्रवचन के दौरान कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज के खिलाफ सतनामी समाज को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी करने के मामले में उन्हें SC-ST कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है।

अधिवक्ता के रवि पाण्डेय ने बताया की चैतन्य महराज के खिलाफ थाना तखतपुर में आईपीसी की धाराओं 353, 2 और 196 बीएनएस के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। जमानत की शर्तों में ₹25,000 का अनुबंध और ₹25,000 का जमानत बांड भरना, किसी भी साक्षी को प्रभावित न करना, और भविष्य के प्रवचन में किसी समाज की भावनाओं को ठेस न पहुँचाने का निर्देश शामिल है। इसके अलावा, हर पेशी में उनकी उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।