नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
भालू हमले की पीडि़ता प्रेमबाई के घर पहुँची मेडिकल बोर्ड की टीम, जांच में 55 प्रतिशत दिव्यांगता की पुष्टि

भालू हमले की पीडि़ता प्रेमबाई के घर पहुँची मेडिकल बोर्ड की टीम, जांच में 55 प्रतिशत दिव्यांगता की पुष्टि

 00 स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की संवेदनशील पहल, अब मिल सकेगा दिव्यांगता प्रमाण पत्र

रायपुर। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की संवेदनशील सोच और जनहितैषी कार्यशैली से स्थानीय लोगों को लाभ मिल रहा है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में भालू हमले की एक पीडि़ता प्रेमबाई गोंड को उनके हालात देखते हुए राहत पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ऐसा मानवीय कदम उठाया, जिसकी पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।

ग्राम चिडोला निवासी प्रेमबाई गोंड, जो पिछले वर्ष भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, उनकी पीड़ा और परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए जिला मेडिकल बोर्ड की टीम स्वयं पीडि़ता के घर पहुंची और घर पर ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए परीक्षण में प्रेमबाई गोंड में 55 प्रतिशत दिव्यांगता की पुष्टि की गई। इसके साथ ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, जिससे उन्हें वन विभाग से मिलने वाली सहायता राशि, बीमा लाभ एवं अन्य शासकीय सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी।

भालू के हमले में चली गई एक आंख की रोशनी
जानकारी के अनुसार 20 जून 2025 को जंगल क्षेत्र में लकड़ी और अन्य वन उपज संग्रहण के दौरान प्रेमबाई गोंड पर अचानक भालू ने हमला कर दिया था। इस दर्दनाक घटना में उनकी एक आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे उनकी दृष्टि हमेशा के लिए चली गई। घटना के बाद से उनका जीवन शारीरिक पीड़ा, आर्थिक कठिनाइयों और असहाय परिस्थितियों के बीच गुजर रहा था। वन विभाग से सहायता राशि प्राप्त करने के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र अनिवार्य था, लेकिन आर्थिक तंगी और शारीरिक अस्वस्थता के कारण उनके लिए जिला अस्पताल तक पहुंच पाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की यह पहल उनके लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई।
स्वास्थ्य मंत्री की मंशा के अनुरूप संवेदनशील प्रशासनिक पहल
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल लगातार अधिकारियों को यह निर्देश देते रहे हैं कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ पहुंचाया जाए। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की। इससे पीडि़ता और उनके परिवार को न केवल मानसिक राहत मिली, बल्कि सरकारी सहायता प्राप्त करने का रास्ता भी आसान हो गया।
मानवता, संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रेरक उदाहरण
एमसीबी जिले में स्वास्थ्य विभाग की यह पहल केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रेरणादायक संदेश भी है। एक पीडि़त महिला को उसके अधिकार दिलाने के लिए मेडिकल बोर्ड का घर तक पहुंचना शासन की सकारात्मक कार्यशैली, जवाबदेह प्रशासन और जनकल्याणकारी सोच का सशक्त उदाहरण माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ का हॉकी खिलाड़ी अवि माणिकपुरी 66 साल के इंतजार के बाद पहली बार पहनेगा टीम इंडिया की नीली जर्सी

छत्तीसगढ़ का हॉकी खिलाड़ी अवि माणिकपुरी 66 साल के इंतजार के बाद पहली बार पहनेगा टीम इंडिया की नीली जर्सी

 00 भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम में हुआ चयन

00 एमपी हॉकी अकादमी के कुछ अन्य बच्चों भी हुआ सलेक्शन
रायपुर।
शहर के कुदुदंड निवासी युवा हॉकी खिलाड़ी अवि माणिकपुरी का चयन भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम में हुआ है। 66 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार ऐसा मौका आया है जब राज्य का कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करेगा। हॉकी इंडिया द्वारा घोषित 18 सदस्यीय टीम में अवि को डिफेंडर के रूप में जगह मिली है और नीली जर्सी में नजर आएगा। इससे पहले बिलासपुर के महान हॉकी खिलाड़ी लेस्ली क्लॉडियस ने 1948, 1952, 1956 और 1960 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इससे छत्तीसगढ़ और खास तौर पर बिलासपुर के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी और महासचिव मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि अंडर-18 एशिया कप का आयोजन 29 मई से 6 जून तक जापान के काकामिगाहारा में होगा। टूर्नामेंट के पूल चरण में भारत का पहला मैच 29 मई को कजाखिस्तान से होगा। इसके बाद भारतीय टीम 31 मई को जापान, 1 जून को कोरिया और 3 जून को चीनी ताइपे के खिलाफ मैदान में उतरेगी। सेमीफाइनल और नॉकआउट मुकाबले 5 जून को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 6 जून को भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे होगा। अवि ने अपनी तेज गति, मजबूत टैकलिंग और बेहतरीन खेल समझ के दम पर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। भोपाल एक्सपोजर सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के कोच सरदार सिंह ने उन्हें टीम इंडिया के लिए चुना।

जिला हॉकी संघके अध्यक्ष रोहित वाजपेयी ने बताया कि अवि ने शुरुआती प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर लिया। इसके बाद बहतराई एक्सीलेंस सेंटर में कोच अजीत लकड़ा और राकेश टोप्पो के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने खेल को निखारा। बाद में उनका चयन मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी में हुआ, जहां कोच समीर दाद ने उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण दिया। खास बात यह भी है कि जिस एमपी हॉकी अकादमी में अवि प्रशिक्षण ले रहे थे, वहीं से अन्य राज्यों के आयुष रजक, अंश बहुत्रा, करण गौतम, सिद्धार्थ बेन और गाजी खान का भी भारतीय टीम में चयन हुआ है।

चिरायु योजना से मिली नई जिंदगी: समीरा और नितिन ने मुख्यमंत्री को थैंक यू कार्ड देकर जताया आभार

चिरायु योजना से मिली नई जिंदगी: समीरा और नितिन ने मुख्यमंत्री को थैंक यू कार्ड देकर जताया आभार

 00 सुशासन तिहार में भावुक पल : मुख्यमंत्री से मिलकर बच्चों और अभिभावकों की आंखों में छलकी खुशी

00 गरीब परिवारों के लिए वरदान बनी चिरायु योजनारू नि:शुल्क उपचार से बच्चों को मिला नया जीवन

रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम करहीबाजार में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब चिरायु योजना से लाभान्वित बच्चों समीरा जांगड़े और नितिन पटेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें थैंक यू कार्ड भेंट किया। बच्चों और उनके परिजनों ने नि:शुल्क उपचार के लिए मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को नई उम्मीद और बच्चों को नई जिंदगी दी है।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने दोनों बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री  साय ने बच्चों को स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए उनके परिवारजनों का भी उत्साहवर्धन किया।

उल्लेखनीय है कि विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम पंडरिया निवासी 6 वर्षीय नितिन पटेल तथा ग्राम लच्छनपुर निवासी 9 वर्षीय समीरा जांगड़े ने अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उपचार के बाद जीवन में आए सकारात्मक बदलाव साझा किए। समीरा के पिता  जीवन लाल जांगड़े ने बताया कि इलाज से पहले समीरा अत्यंत कमजोर रहती थी और स्कूल आने-जाने में भी सांस फूलने लगती थी। शिक्षकों की सलाह पर चिरायु टीम से संपर्क किया गया। टीम ने घर पहुंचकर जांच की और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके बाद 14 मई 2025 को रायपुर में सफल ऑपरेशन हुआ।

इसी प्रकार नितिन पटेल का उपचार चिरायु योजना के माध्यम से 22 नवंबर 2025 को रायपुर में हुआ। परिजनों ने बताया कि जिस इलाज की कल्पना लाखों रुपये खर्च होने के कारण संभव नहीं लगती थी, वह चिरायु योजना के माध्यम से नि:शुल्क और सहज रूप से संभव हो सका। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आमजन से सीधे संवाद, योजनाओं के हितग्राहियों से मुलाकात और उनके जीवन में आए बदलावों को जानने की पहल शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने हितग्राहियों को अपने हाथों से पहनाया नजर का चश्मा

मुख्यमंत्री साय ने हितग्राहियों को अपने हाथों से पहनाया नजर का चश्मा

 00 सुशासन तिहार शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का किया निरीक्षण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली।

स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 76 वर्षीय  गोवर्धन ध्रुव, 65 वर्षीय अनुपकुंवर पाल तथा कक्षा छठवीं के छात्र संजय चक्रधारी एवं जयसेन को अपने हाथों से नजर का चश्मा पहनाया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पढऩे-लिखने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मविश्वास और बच्चों के भविष्य का सहारा

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मविश्वास और बच्चों के भविष्य का सहारा

  मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के समाधान शिविर में हुए शामिल

 बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में हितग्राहियों से की आत्मीय बातचीत

 सुशासन तिहार के समाधान शिविर में महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव
रायपुर।
राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके परिवार और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक सिद्ध हो रही है।

सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने योजना की हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने। हितग्राही रुखमनी पाल ने बताया कि उनके पति दिलेश्वर पाल मजदूरी कार्य करते हैं और परिवार की आय सीमित है। महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त होने वाली राशि को वे अपनी दो बेटियों के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें आर्थिक संबल दिया है तथा बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

इसी तरह योजना की एक अन्य हितग्राही धनमता पाल ने भी बताया कि उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उनके पति होरीलाल पाल मजदूरी का कार्य करते हैं। धनमता पाल ने बताया कि वे इस राशि को अपने दो बच्चों के नाम पर जमा कर रही हैं ताकि भविष्य में उनकी शिक्षा और जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी न हो।उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि ने परिवार को राहत दी है। बच्चों के भविष्य को लेकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बचत की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।

सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना - मुख्यमंत्री साय

सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना - मुख्यमंत्री साय

 00 बलौदाबाजार के करहीबाजार समाधान शिविर में हितग्राहियों को सौंपे लाभ, विभिन्न योजनाओं की दी जानकारी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार को गांव-गांव तक पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री साय ने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार यह जानने के लिए गांवों तक पहुंच रही है कि लोगों को पानी, बिजली, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि रायपुर में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी तरह समझा नहीं जा सकता, इसलिए पूरी सरकार गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक अनेक स्थानों पर शिविर संपन्न हो चुके हैं तथा आगामी दिनों में भी शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।

सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना - मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता के साथ पूरा किया है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना से महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने लखपति दीदी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और आगे करोड़पति दीदी बनने की दिशा में बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है। प्रदेश की 6000 से अधिक पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड, बैंकिंग और अन्य सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब रजिस्ट्री के साथ तत्काल नामांतरण की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।

सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना - मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री ने कही कि सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं ऑनलाइन और टोल फ्री नंबर के जरिए दर्ज करा सकेंगे तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया तथा नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की सुविधा और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

कोपरा जलाशयः छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल…..

कोपरा जलाशयः छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल कोपरा जलाशय आज पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रहा है। “जैव विविधता के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस 2026” की थीम “स्थानीय स्तर पर कार्य, वैश्विक प्रभाव” को यह जलाशय वास्तविक रूप में साकार कर रहा है।

सुबह के शांत वातावरण में प्रवासी पक्षियों की मधुर आवाजें और जलाशय के आसपास आजीविका से जुड़े ग्रामीणों की गतिविधियां प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाती हैं। कोपरा जलाशय वर्षों से क्षेत्र के लोगों के लिए जल, मत्स्य पालन, कृषि और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संरक्षण कार्यों को मिली नई गति

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जैव विविधता संरक्षण, आर्द्रभूमि विकास और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल स्रोतों के संरक्षण, वृक्षारोपण, वन्यजीव सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े कई अभियान प्रदेश में संचालित किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव कोपरा जलाशय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।

स्थानीय समुदाय निभा रहे अहम भूमिका

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता राज्य की अमूल्य धरोहर है और इसके संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय यह संदेश देता है कि जब शासन और समाज मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेते हैं, तब पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित होता है।

जैव विविधता, जल संरक्षण और जनभागीदारी का अनूठा संगम

प्रवासी पक्षियों का सुरक्षित आश्रय

कोपरा जलाशय हजारों प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। हर वर्ष विभिन्न देशों और राज्यों से आने वाले पक्षी यहां भोजन और विश्राम प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही यह जलाशय जलीय जीवों, मछलियों, वनस्पतियों और अनेक सूक्ष्म जीवों के लिए भी महत्वपूर्ण आवास प्रदान करता है। इसी विशेषता के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि के रूप में मान्यता मिली है।

स्वच्छता, वृक्षारोपण और बायो-फेंसिंग पर विशेष जोर

स्थानीय ग्रामीणों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी से यहां स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, पक्षी संरक्षण और बायो-फेंसिंग जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलने के साथ लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो रही है।

जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी महत्वपूर्ण

विशेषज्ञों के अनुसार आर्द्रभूमियां प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती हैं। वे बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण, जल शुद्धिकरण और कार्बन अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में कोपरा जलाशय का संरक्षण जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।

सतत विकास का बन रहा राष्ट्रीय मॉडल

कोपरा जलाशय आज यह संदेश दे रहा है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की साझा जिम्मेदारी है। स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही वैश्विक स्तर पर बड़े बदलाव की नींव बनते हैं। छत्तीसगढ़ का यह पहला रामसर स्थल आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामुदायिक सहभागिता का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और इसके वैश्विक महत्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के नागरिकों और संरक्षण टीम की सराहना करते हुए अपना संदेश दिया है।

सरकार गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित- मंत्री टंक राम वर्मा

सरकार गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित- मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार-2026’ के अंतर्गत आज धमतरी जिले में विकासखंड स्तरीय समाधान शिविरों का भव्य आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी में नौवां और धमतरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में दसवां समाधान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित विशाल क्लस्टर शिविर में प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

शिविर को संबोधित करते हुए मंत्रीटंक राम वर्मा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं और आवास प्लस योजना की पात्रता में ढील देकर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, समय पर बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहे आर्थिक संबल और रामलला दर्शन व मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का खुलकर लाभ उठाने की अपील की।

पीपरछेड़ी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली पीपरछेड़ी, डाही, अंगारा, हंकारा, सेमरा डी, सेंचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, पुरी, धौराभाठा, लिमतरा, गागरा, सांकरा, सम्बलपुर, सेहराडबरी, भोथली, कंडेल, नवागांव, बिरेतरा, छाती और शंकरदाह सहित कुल 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

धमतरी के पीपरछेड़ी समाधान शिविर में मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मौके पर किया जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण

शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों से जुड़े कुल 3,021 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से 164 संवेदनशील मामलों का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई। शेष आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 40 समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इन शिविरों के माध्यम से शासन की लगभग 120 प्रकार की आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचाई जा रही हैं।

हितग्राहियों को बांटी गई खुशियां: कृषि यंत्र से लेकर ट्राईसाइकिल तक का वितरण

​इस आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित भी किया गया। मंच से अतिथियों द्वारा किसानों को किसान किताबें और कृषि स्प्रे यंत्र सौंपे गए, वहीं मत्स्य विभाग की ओर से मछुआरों को आईसबॉक्स व मछली जाल प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण किट, बैंक पासबुक और किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट बांटी गई। इसी तरह श्रम विभाग द्वारा सहायता राशि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीपी मशीनें, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल व वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण और जनपद पंचायत द्वारा सात नवीन राशन कार्डों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को उनके नए पक्के मकान की चाबियां सौंपकर गृह प्रवेश भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जनता को जागरूक करते हुए शासन की इस अनूठी पहल की सराहना की और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उनके साथ विधायक ओंकार साहू, पूर्व विधायक  रंजना साहू, महापौर रामू रोहरा, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  सूरज सिंह परिहार सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।

BREAKING : एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत, मचा हड़कंप, जताई जा रही यह आशंका

BREAKING : एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत, मचा हड़कंप, जताई जा रही यह आशंका

 दुर्ग। दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र के आर्य नगर में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। पति-पत्नी के शव घर में फांसी पर लटके मिले, जबकि दो मासूम बच्चे बेड पर मृत अवस्था में पाए गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मृतकों की पहचान गोविंद साहू, उनकी पत्नी चंचल साहू, बेटे यशांक साहू और बेटी दृष्णा साहू के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि परिवार निजी मकान में रहता था। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। प्रारंभिक आशंका है कि बच्चों को पहले नींद का इंजेक्शन दिया गया हो, हालांकि मौत की असली वजह अभी साफ नहीं हो सकी है।मोहन नगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है। आखिर पूरे परिवार के साथ ऐसा क्या हुआ, इसे लेकर इलाके में कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, रायपुर में 45°C तक पहुंचेगा पारा, हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, रायपुर में 45°C तक पहुंचेगा पारा, हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवतपा शुरू होने से पहले ही सूरज आग उगलने लगा है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में गुरुवार को भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिला। रायपुर का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि माना में सबसे ज्यादा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दिनभर लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालात ऐसे रहे कि कूलर भी गर्म हवा फेंकते नजर आए।

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए रायपुर में हीटवेव को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक राजधानी में आज अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों में ग्रीष्म लहर चलने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग ने बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, बलौदा बाजार, रायपुर, धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और राजनांदगांव जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कोरबा, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में यलो अलर्ट जारी करते हुए हीटवेव की संभावना जताई गई है।

भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवायजरी भी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और शरीर को पूरी तरह ढंककर रखने की अपील की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में शुक्रवार को आसमान मुख्यतः साफ रहेगा और रात के समय भी गर्म हवाओं का असर बना रह सकता है। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक तीखी होने की आशंका जताई जा रही है।

CG : पत्नी और बेटे की मौत के सदमे से नहीं उबर पाए सराफा कारोबारी, फांसी लगाकर दी जान

CG : पत्नी और बेटे की मौत के सदमे से नहीं उबर पाए सराफा कारोबारी, फांसी लगाकर दी जान

 रायपुर।  राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती इलाके से बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सराफा कारोबारी प्रवाल सोनी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में मामला लंबे समय से चले आ रहे मानसिक तनाव और पारिवारिक सदमे से जुड़ा माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक प्रवाल सोनी की पुरानी बस्ती क्षेत्र में ज्वेलरी शॉप है। करीब एक साल पहले उनके परिवार में लगातार दो बड़ी घटनाएं हुई थीं। पहले उनके छोटे बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी, हालांकि मामले को लेकर कई सवाल भी उठे थे। बेटे की मौत के कुछ दिन बाद ही उनकी पत्नी सोना सोनी का शव घर के ऊपरी हिस्से में बने स्टोर रूम में फंदे पर लटका मिला था।

पत्नी की मौत के समय मायके पक्ष ने प्रवाल सोनी पर शराब पीकर मारपीट करने और कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में रहने जैसे आरोप लगाए थे। यहां तक कि तंत्र-मंत्र से जुड़ी आशंकाएं भी सामने आई थीं। हालांकि पुलिस जांच आत्महत्या की दिशा में आगे बढ़ी थी। उस दौरान पुलिस को एक पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें लिखा था, “मैं छोटू के पास जा रही हूं…”।

अब एक साल बाद प्रवाल सोनी की आत्महत्या ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस के मुताबिक पत्नी और बेटे की मौत के बाद वह गहरे मानसिक तनाव और अकेलेपन में थे। घटनास्थल से इस बार भी एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

सुशासन तिहार में हितग्राहियों से आत्मीय संवाद: योजनाओं के लाभ से बदलती जिंदगी की तस्वीर देख मुख्यमंत्री हुए प्रसन्न

सुशासन तिहार में हितग्राहियों से आत्मीय संवाद: योजनाओं के लाभ से बदलती जिंदगी की तस्वीर देख मुख्यमंत्री हुए प्रसन्न

 0-लखपति से करोड़पति दीदी बनने का मुख्यमंत्री ने दिया मंत्र, महिलाओं को उद्यम विस्तार के लिए किया प्रेरित

रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ग्राम रामपुर में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से जाना। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों से योजनाओं के लाभ, आयवृद्धि, आजीविका और जीवनस्तर में आए सुधारों की जानकारी लेते हुए कहा कि जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तभी सुशासन की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने साधना महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी जागेश्वरी प्रजापति से उनके समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आलू चिप्स के व्यवसाय की जानकारी ली। जागेश्वरी ने बताया कि समूह अब तक आलू चिप्स की बिक्री से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुका है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने सहज मुस्कान के साथ कहा,  'आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है। मुख्यमंत्री की इस आत्मीय टिप्पणी से शिविर स्थल पर हर्ष और आत्मीयता का वातावरण बन गया।  

मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उन्हें अपने उत्पादों का विस्तार करने, बेहतर पैकेजिंग और बाज़ार से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से  'लखपति दीदी योजना की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएं  'लखपति दीदी बन चुकी हैं तथा सरकार का लक्ष्य 10 लाख लखपति दीदियां तैयार करना है। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अब समय केवल लखपति बनने का नहीं, बल्कि आगे बढ़कर  'करोड़पति दीदी बनने का है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं परिवार, समाज और राज्य के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही  प्राण साय प्रजापति से भी आत्मीय चर्चा की। हितग्राही ने बताया कि योजना के माध्यम से उनके परिवार का पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर गरीब परिवार को सम्मानपूर्वक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

सुशासन तिहार की सार्थकता उस समय और स्पष्ट दिखी जब ग्राम चंद्रपुर निवासी प्रिया सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने शिविर में राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था और उसी दिन उनका आवेदन निराकृत कर राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का उदाहरण बताते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की तथा कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य ही आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँचे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'कामयाबी वेन को दिखाई हरी झंडी,दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों तक पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा की नई रोशनी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'कामयाबी वेन को दिखाई हरी झंडी,दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों तक पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा की नई रोशनी

 0-नीति आयोग समर्थित 'मिशन कामयाबी के तहत वर्चुअल रियलिटी और आधुनिक तकनीक से होगा शिक्षण

रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित 'मिशन कामयाबी के तहत संचालित 'कामयाबी वेन को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोडऩा आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

उल्लेखनीय है कि 'कामयाबी वेन के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी एवं ऑगमेंटेड रियलिटी  तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री साय  ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोडऩे का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर विधायक  भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, विशेष सचिव  रजत बंसल, कलेक्टर रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक  रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर कदम: नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 के आधुनिक वाहनों को हरी झंडी

सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर कदम: नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 के आधुनिक वाहनों को हरी झंडी

 सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर कदम: नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 के आधुनिक वाहनों को हरी झंडी

०-विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राजनांदगांव से वाहनों को किया रवाना

०-बेड़े में 18 डायल-112, 3 हाईवे पेट्रोलिंग और 1 फॉरेंसिक वाहन सहित कुल 22 अत्याधुनिक गाडिय़ां शामिल

०-नया ध्येय वाक्य:  एक नंबर, अनेक माध्यम, त्वरित सहायता... डायल 112 - एक्के नम्बर, सब्बो बर  

रायपुर / आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजनांदगांव में आयोजित एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा के अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

०-आधुनिक तकनीक से और मजबूत होगी पुलिस व्यवस्था

वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आपातकालीन सेवाओं का आधुनिकीकरण नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।  'एक नंबर, अनेक माध्यम, त्वरित सहायताÓ की सोच पर आधारित डायल-112 सेवा प्रदेशवासियों को किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू और मदद उपलब्ध कराने का सबसे सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन आधुनिक तकनीक-आधारित वाहनों से पुलिस की रिस्पॉन्स टाइमिंग बेहतर होगी और कानून व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

०-वाहनों का वर्गीकरण और उनकी खासियतें

 'नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा के विस्तार के तहत कुल 22 आधुनिक वाहनों को बेड़े में शामिल किया गया है, जिनका वर्गीकरण इस प्रकार है। डायल-112 वाहन  18 (त्वरित आपातकालीन रिस्पॉन्स के लिए), हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के लिए  03 (राजमार्गों पर दुर्घटनाओं और सुरक्षा की निगरानी के लिए), फॉरेंसिक वाहन 01 (घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए) ये सभी वाहन नवीनतम जीपीएस , उन्नत संचार प्रणालियों और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं। इससे कंट्रोल रूम को रियल-टाइम लोकेशन मिलेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना पर पुलिस बल बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच सकेगा।

०-जनता को मिलेगा त्वरित लाभ

इन नए हाई-टेक वाहनों के सड़कों पर उतरने से न केवल आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद आपातकालीन चिकित्सा व सुरक्षा सहायता मिल सकेगी। स्थानीय स्तर पर छत्तीसगढ़ी स्लोगन एक्के नम्बर, सब्बो बर के साथ इस सेवा को लेकर नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इन वाहनों के संचालन से कानून व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित एवं बेहतर आपातकालीन सहायता उपलब्ध हो सकेगी।

स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव का शामिल होना बड़ी उपलब्धि- डॉ. रमन सिंह

स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव का शामिल होना बड़ी उपलब्धि- डॉ. रमन सिंह

 ०-नई अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाशें उद्यमी- वित्त मंत्री ओपी चौधरी

०-राजनांदगांवमें छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का भव्य शुभारंभ

रायपुर / विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल किया जाना इस क्षेत्र के समेकित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, इससे क्षेत्रीय प्रगति और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स की टीम को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी देश या राज्य को आगे बढ़ाने में अर्थव्यवस्था और उद्यमिता की सबसे बड़ी भूमिका होती है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज राजनांदगांव के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

०-राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी की दृढ़ इच्छाशक्ति और कार्यक्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिली है।

०-भविष्य की तकनीकों और नए अवसरों पर ध्यान दें व्यापारी

वित्त मंत्री ने आर्थिक उदारीकरण और जीएसटी के फायदे को रेखांकित करते हुए कहा कि एक देश-एक कर व्यवस्था से व्यापारिक प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी हुई हैं। उन्होंने उद्यमियों से शासन की औद्योगिक नीति का लाभ उठाने और भविष्य के उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन एनर्जी, बायोफ्यूल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश की भविष्य में व्यापक संभावनाएं हैं। औद्योगिक सब्सिडी के लिए उद्योगों के लंबित लगभग 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी के भुगतान हेतु सरकार ने 468 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया है। उद्योग आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में श्जॉब पार्कश् की शुरुआत की गई है।

०-व्यापारी-उद्यमी सम्मानित  

कार्यक्रम में समाज सेवा और व्यापार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए  नंदलाल राठी, टीकमदास साहू, हीना बेन रायचा, शेखर बोथरा,  उन्नति पंजवानी और गुरबचन कौर सावलानी को व्यापारी-उद्यमी सम्मान से नवाजा गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष  सतीश थोरानी, समाजसेवी  खूबचंद पारख, चेम्बर ऑफ कॉमर्स राजनांदगांव के अध्यक्ष कमलेश बैद, ज्ञानचंद बाफना और अरुण डुलानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में  पद्मश्री फूलबासन यादव सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यापारी, उद्योगपति एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सौम्य मुख्यमंत्री साय का सख्त रूख..कोरिया के सहायक आयुक्त को किया निलंबित

सौम्य मुख्यमंत्री साय का सख्त रूख..कोरिया के सहायक आयुक्त को किया निलंबित

 0-मुख्यमंत्री ने सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले में पेयजल की समस्या और स्कूल परीक्षा परिणाम को लेकर जतायी नाराजगी

0-सुशासन तिहार में सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा

रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुशासन तिहार के दौरान आज सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का मुआयाना किया। इस दौरान शिविर में वह ग्रामीणों आत्मीयता से मिले एवं धैर्य से उनकी समस्याएं सुनीं।  

मुख्यमंत्री ने उक्त तीनों जिलों में सुशासन तिहार का जायजा लेने के बाद चिरमिरी में जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में उक्त तीनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या और स्कूली परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर एक ओर जहां गहरी नाराजगी जतायी, वहीं कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त रूख से सभी लोग सकते में आ गए।

मुख्यमंत्री  साय का सूरजपुर जिले के ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से अपनत्वभाव से मिलना, उनकी समस्याएं सुनना, तेन्दूपत्ता संग्राहक श्रमिक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाना, बच्चों का अन्नप्रासन और उनका नामकरण करना, एक ओर जहां उनके सौम्य व्यक्तित्व का परिचायक है, वहीं दूसरी ओर शासकीय कामकाज में लापरवाही के मामले में अधिकारियों पर नाराजगी और निलंबन की कार्यवाही सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है।  

मुख्यमंत्री ने  साय ने समीक्षा बैठक के दौरान उक्त तीनों जिलों में पेयजल की समस्या के मामले में कलेक्टरों को हर-हाल में संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पेयजल की कमी है, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना, कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी तरह की कोताही पर कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जायेंगे। मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के शालेय परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जतायी और कलेक्टरों को आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने के साथ ही स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि परीक्षा परिणाम में अपेक्षित सुधार हो सके।  

मुख्यमंत्री ने बैठक में कलेक्टरों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व सभी पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई और उनका क्लोरिनेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि दूषित पेयजल की वजह से होने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के  निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी और हितग्राही के परेशान होने की शिकायत मिली तो, इसके लिए भी कलेक्टरों को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।  

मुख्यमंत्री  साय ने उक्त तीनों जिलों के अधिकारियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन से ली। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक  भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क  रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस: डी.डी. नगर के गोल चौक पर उमड़े चाय प्रेमी, 50 साल के अनुभवी महेंद्र बागदोडिया ने खोले स्वाद के राज

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस: डी.डी. नगर के गोल चौक पर उमड़े चाय प्रेमी, 50 साल के अनुभवी महेंद्र बागदोडिया ने खोले स्वाद के राज

 ​रायपुर: अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के अवसर पर आज गोल चौक, डी.डी. नगर में चाय प्रेमियों का एक अनूठा और भव्य नजारा देखने को मिला। अलका एजेंसी टेस्टी ग्रुप द्वारा आयोजित इस विशेष निःशुल्क चाय वितरण कार्यक्रम में शहर के सैकड़ों नागरिकों ने स्वाद और ज्ञान का आनंद लिया।

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रेलवे सलाहकार समिति एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ सदस्य तथा विगत 50 वर्षों से चाय व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठित व्यवसायी महेंद्र बागदोडिया जी थे। अपने उद्बोधन में उन्होंने चाय के वैश्विक व राष्ट्रीय उत्पादन, वार्षिक खपत और इसके वितरण तंत्र से जुड़ी कई गूढ़ व महत्वपूर्ण जानकारियों को विस्तार से साझा किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने बेहद चाव से सुना।
​इस गरिमामयी अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और आम जनता ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अनिल लखवानी, द्वारिका लखवानी, इंदु गोधवानी, मनोहर अठवानी, मूलचंद कुकरेजा, दीपक केवलानी, संजय निर्मलकर, डॉ. संजय दुबे, प्रकाश जयसिंघानी, मनोज टहलरामानी, आनंद वैद्य, संगीत कुमार, शुभम कुमार, मानवकुमार, अमन कुमार, संजय कुमार, महेश कुमार, विनोद कुमार, संतोष कुमार और खुबीलाल सहित कई प्रबुद्ध जन शामिल हुए।
​अलका एजेंसी टेस्टी ग्रुप की इस अनूठी और सराहनीय पहल की सभी अतिथियों व स्थानीय निवासियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
पशुपालन से बदली प्यारेलाल की जिंदगी, डेयरी व्यवसाय बना आय का मजबूत साधन

पशुपालन से बदली प्यारेलाल की जिंदगी, डेयरी व्यवसाय बना आय का मजबूत साधन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त व सुरक्षित आय का एक बेहतरीन माध्यम बनता जा रहा है। शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ उठाकर ग्राम मंगापेठा निवासी  प्यारेलाल यादव ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से आर्थिक आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है।

सीमित कृषि आय से डेयरी उद्यमिता तक का सफर
प्यारेलाल यादव पहले केवल पारंपरिक कृषि कार्य के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। कृषि से सीमित आय होने के कारण उन्हें अक्सर आर्थिक तंगहाली और परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसी बीच उन्हें पशुधन विकास विभाग की श्राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजनाश् की जानकारी मिली। योजना के प्रावधानों से प्रभावित होकर उन्होंने डेयरी व्यवसाय के क्षेत्र में कदम रखने का निर्णय लिया।
मेहनत रंग लाई 2 गायों से बढ़कर हुआ 8 पशुओं का कुनबा

प्यारेलाल ने अपने व्यवसाय की शुरुआत महज दो गायों के पालन से की थी। उचित देखरेख के चलते धीरे-धीरे दूध का उत्पादन बढऩे लगा और उनकी आय में भी लगातार वृद्धि हुई। व्यवसाय से होने वाली बचत का सही उपयोग करते हुए उन्होंने दो अतिरिक्त गायें और खरीदीं। आज उनके पास कुल 8 गौवंशीय पशु हैं। इस व्यवसाय से उन्हें अब प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।
कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से भविष्य की राहें आसान
पशुधन विकास विभाग के सहयोग और कृत्रिम गर्भाधान तकनीक के माध्यम से उनकी गायों से तीन उन्नत नस्ल के बछड़ों का जन्म हुआ है। इससे उनके पास दुधारू मवेशियों की संख्या स्वत: बढ़ेगी, जिससे भविष्य में डेयरी व्यवसाय के और अधिक विस्तार की संभावनाएं पुख्ता हो गई हैं। प्रगतिशील पशुपालक श्री प्यारेलाल यादव ने बताया कि पशुपालन ने मुझे और मेरे परिवार को नियमित आय का एक ठोस साधन दिया है। अब मैं अपने इस व्यवसाय को और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा हूँ। सरकार की यह योजना हम जैसे छोटे किसानों के लिए बेहद लाभकारी है। प्यारेलाल यादव की यह शानदार सफलता यह साबित करती है कि यदि शासन की कल्याणकारी योजनाओं को सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत के साथ जोड़ा जाए, तो ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बनकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।

बस्तर संभाग को बड़ी सौगात : जगदलपुर में शुरू हो रही है पहली आवासीय खेल अकादमी

बस्तर संभाग को बड़ी सौगात : जगदलपुर में शुरू हो रही है पहली आवासीय खेल अकादमी

 00 28 मई से राज्य स्तरीय चयन ट्रायल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान खिलाड़ी बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक खबर है। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला बस्तर के जगदलपुर में बालक खिलाडिय़ों के लिए पहली आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ की जा रही है, जो इस संभाग में खेल विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली अपनी तरह की पहली अनूठी अकादमी होगी। इस नवनिर्मित अकादमी में 13 से 17 वर्ष के उदीयमान बालक खिलाड़ी रहकर उच्च स्तरीय और अत्याधुनिक आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
इस महत्वाकांक्षी अकादमी में प्रवेश के लिए खेल विभाग आगामी 28 और 29 मई को दो दिवसीय राज्य स्तरीय चयन ट्रायल का महा-आयोजन करने जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर के उभरते हुए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। अकादमी में बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के चुनिंदा खिलाडिय़ों की खेल प्रतिभा को निखारने का काम किया जाएगा, जिसके लिए शुरुआती स्तर पर खेलों और सीटों का विधिवत निर्धारण कर दिया गया है। इसके तहत फुटबॉल खेल के लिए 25 खिलाड़ी, एथलेटिक्स के लिए 20 खिलाड़ी तथा बस्तर की पारंपरिक और लोकप्रिय विधा आर्चरी यानी तीरंदाजी के लिए 20 खिलाड़ी सीटों का आवंटन किया गया है। इन विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ बच्चों को अकादमी का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त होगा।

इस गरिमामयी चयन ट्रायल का आयोजन जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर धरमपुरा में किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए खिलाडिय़ों को एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। ट्रायल में भाग लेने वाले सभी इच्छुक खिलाडिय़ों को 27 मई की शाम 5 बजे तक अपने निर्धारित आवेदन प्रपत्र और सभी आवश्यक मूल दस्तावेजों के साथ क्रीड़ा परिसर धरमपुरा में अपनी अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करानी होगी। दूर-दराज से आने वाले खिलाडिय़ों की सुविधा का ध्यान रखते हुए विभाग द्वारा ट्रायल के दौरान उनके रहने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था परिसर में स्थित सर्वसुविधायुक्त छात्रावास में ही की जाएगी।
इस दो दिवसीय चयन प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया गया है, जिसके पहले दिन यानी 28 मई को सुबह 7 बजे से खिलाडिय़ों का पंजीयन, दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण, विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सीय परीक्षण एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण लिया जाएगा। इसके ठीक अगले दिन यानी 29 मई को खिलाडिय़ों के खेल कौशल का गहन परीक्षण किया जाएगा। इस पूरे ट्रायल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का चयन खेल अकादमी संचालन नियम 2014 के कड़े मानकों के अंतर्गत किया जाएगा। अंतिम रूप से चयनित होने वाले इन भाग्यशाली खिलाडिय़ों को राज्य शासन द्वारा पूरी तरह नि:शुल्क सर्वसुविधायुक्त आवासीय व्यवस्था, पौष्टिक भोजन, पढ़ाई का पूरा शैक्षणिक व्यय, खेल परिधान, अत्याधुनिक प्लेइंग किट और दुर्घटना बीमा सुरक्षा जैसी बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
इस राज्य स्तरीय ट्रायल का हिस्सा बनने के लिए खिलाड़ी अपने-अपने जिले के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी और आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विभाग ने खिलाडिय़ों की सहूलियत के लिए सीधे ऑन-स्पॉट पंजीयन की सुविधा भी दी है, जिसके तहत खिलाड़ी सीधे आयोजन की तिथि के प्रथम दिवस यानी 28 मई को सुबह 07 बजे क्रीड़ा परिसर धरमपुरा जगदलपुर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और ट्रायल की प्रक्रिया में शामिल होकर अपने सपनों को नई उड़ान दे सकते हैं।

छत्तीसगढ़ का ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम सोलर दीदी, महिलाओं के नेतृत्व में संचालित होगी द्वीप्ति योजना

छत्तीसगढ़ का ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम सोलर दीदी, महिलाओं के नेतृत्व में संचालित होगी द्वीप्ति योजना

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक मुख्यधारा से जोडऩे के लिए एक युगांतकारी निर्णय लिया है। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए महत्वाकांक्षी द्वीप्ति योजना को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। यह योजना महिलाओं की आत्मनिर्भरता के साथ छत्तीसगढ़ की आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखने जा रही है।

सोलर स्थापनाओं की तकनीकी समस्या का बनेंगी स्थायी समाधान

योजना के तहत ग्राम स्तर पर सोलर दीदी (ऊर्जा सखी) का एक समर्पित कैडर तैयार किया जाएगा। चयनित महिलाओं को सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, संचालन और तकनीकी रखरखाव का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षित सोलर दीदी गांव स्तर पर सोलर मिल, कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई प्रणालियों और अन्य सौर संपत्तियों के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगी। ग्रामों में सोलर स्थापनाओं की सबसे बड़ी समस्या प्रशिक्षित सोलर तकनीशियनों की कमीं है। यह पहल दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में तकनीकी खराबी की समस्या का स्थायी समाधान बनेगी, जिससे ग्रामीण अधोसंरचना हमेशा क्रियाशील रहेगी। यह योजना प्रदेश में न केवल नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार करेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा संपत्तियों की स्वामी, संचालक और तकनीकी प्रबंधक के रूप में नई पहचान दिलाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में महिला नेतृत्व आधारित हरित ऊर्जा क्रांति का सूत्रपात करना है।

क्लस्टर लेवल फेडरेशन सीएलएफ बनेंगे महिला ऊर्जा सहकारी समितियां
योजना के अंतर्गत क्लस्टर लेवल फेडरेशन को सशक्त बनाकर उन्हें महिला नेतृत्व वाली ऊर्जा सहकारी समितियों के रूप में रूपांतरित किया जाएगा। ये समितियां सामूहिक रूप से ऊर्जा संपत्तियों का प्रबंधन करेंगी। इन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अधिकृत विक्रेता और चौनल पार्टनर के रूप में जोड़ा जा रहा है। महासमुंद और बस्तर जिले के सीएलएफ पहले ही विक्रेता के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं। राज्य स्तर पर उपकरणों की थोक खरीद से लागत कम होगी, जबकि स्थानीय स्तर पर सोलर दीदी बिक्री और सर्विसिंग का कार्य संभालेंगी।
सस्ती ऊर्जा हेतु अभिनव भुगतान मॉडल
ग्रामीण उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए द्वीप्ति योजना में पे-पर-यूज़ और पे-एज़-यू-गो मॉडल अपनाए गए हैं। इसके तहत उपभोक्ताओं को केवल उपयोग की गई ऊर्जा का ही भुगतान करना होगा। महिला ऊर्जा उद्यमों की आर्थिक मजबूती के लिए शासन ने पंचायतों के रखरखाव अनुबंधों में 25 प्रतिशत कार्य विशेष रूप से इन समितियों के लिए आरक्षित रखने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
छत्तीसगढ़ का महिला नेतृत्व वाला हरित विकास मॉडल बनेगा पहचान

योजना का प्रारूप ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के तकनीकी सहयोग से तैयार किया गया है। इसका व्यापक क्रियान्वयन राज्य के प्रसिद्ध बिहान नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा। इसमें प्रदेश के लगभग 2.7 लाख स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी होगी। यह मॉडल न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका और नेतृत्व के नए द्वार खोलेगा। द्वीप्ति योजना छत्तीसगढ़ को महिला नेतृत्व आधारित हरित विकास मॉडल के रूप में राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिलाने वाली दूरदर्शी पहल साबित होगी।

छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हमारी मातृशक्ति का योगदान सदैव अनुकरणीय रहा है। द्वीप्ति योजना के माध्यम से हम राज्य की ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा के क्षेत्र में उपभोक्ता से स्वामी और प्रबंधक बनाने जा रहे हैं। यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेट जीरो और हरित भारत के संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ की एक बड़ी भागीदारी है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर गांव ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बने और इस बदलाव का नेतृत्व हमारी सोलर दीदियाँ करें। जब ग्रामीण महिलाएं आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों का प्रबंधन खुद संभालेंगी, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण विकास को एक स्थायी और स्वच्छ आधार मिलेगा। द्वीप्ति योजना विकसित छत्तीसगढ़ की ओर हमारा एक और मजबूत कदम है।

सुशासन तिहार में पण्डरीडांड की प्रभावती को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह

सुशासन तिहार में पण्डरीडांड की प्रभावती को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह

 00 बकरी पालन के लिए मिली आर्थिक सहायता, अब स्वरोजगार से मजबूत होगी आजीविका
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ-साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे गांवों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पण्डरीडांड निवासी प्रभावती को सुशासन तिहार के तहत पशुधन विकास विभाग द्वारा बकरी पालन के लिए 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई।
आर्थिक सहयोग से बढ़ा आत्मविश्वास
प्रभावती ने बताया कि इस सहायता राशि से वे बकरी खरीदकर आजीविका गतिविधि शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि इससे परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब गांव में ही समस्याओं का समाधान हो रहा है और योजनाओं का लाभ लेने के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ता। प्रशासन स्वयं ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान कर रहा है। प्रभावती ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
गांव-गांव पहुंच रहा प्रशासन
सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन कर प्रशासन ग्रामीणों तक सीधे पहुंच रहा है। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हो रहा है। श्रीमती प्रभावती जैसी अनेक महिलाओं के लिए सुशासन तिहार स्वरोजगार, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनकर उभर रहा है।

सुशासन तिहार में नवविवाहिता सेजल को मिला नया राशन कार्ड

सुशासन तिहार में नवविवाहिता सेजल को मिला नया राशन कार्ड

 00 खाद्य सुरक्षा की चिंता हुई दूर, हितग्राही ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार 2026 आम नागरिकों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम मुडग़ांव में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में नवविवाहिता  सेजल सिंह को नया राशन कार्ड प्रदान किया गया, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।

विवाह के बाद राशन मिलने में आ रही थी परेशानी
सेजल सिंह ने बताया कि हाल ही में विवाह होने के कारण उनका नाम किसी राशन कार्ड में दर्ज नहीं था। इसके चलते उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ नहीं मिल पा रहा था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान खाद्य विभाग में नए राशन कार्ड हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।
शिविर में मिला तत्काल समाधान
जनसमस्या निवारण शिविर में अधिकारियों ने उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नया राशन कार्ड जारी कर उन्हें मौके पर ही सौंप दिया। राशन कार्ड प्राप्त होने पर सेजल सिंह ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें हर महीने बिना किसी परेशानी के राशन मिल सकेगा। सेजल सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव में ही उनकी समस्या का समाधान हो गया और उन्हें शासकीय योजना का लाभ सहजता से प्राप्त हुआ।
गांव-गांव पहुंच रहा प्रशासन
सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहा है। राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सेवाएं अब लोगों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से सेजल सिंह जैसी अनेक हितग्राहियों को राहत और शासन के प्रति विश्वास का नया आधार मिल रहा है।

संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक उषा बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा, सुदूर आदिवासी गांव में दे रही हैं रोजगार और सुविधाएं

संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक उषा बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा, सुदूर आदिवासी गांव में दे रही हैं रोजगार और सुविधाएं

 00 3.90 लाख के लोन से स्थापित की राइस मिल और टोरा मिल प्रसंस्करण इकाई
रायपुर।
अपनी कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास के दम पर बीजापुर जिले के सुदूर आदिवासी गांव मुरदोण्डा (तहसील- उसूर) की रहने वाली 38 वर्षीय उषा कुंजाम ने संघर्ष भरे जीवन को सफलता की नई पहचान दी है। आज वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन चुकी हैं।
तंगी के दिनों से उद्यमिता तक का सफर
उषा कुंजाम लंबे समय तक बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझती रहीं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आय का कोई स्थायी साधन नहीं था और सुदूर वनांचल क्षेत्र होने के कारण रोजगार के अवसर भी बेहद सीमित थे। इसी बीच उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने ऋण के लिए आवेदन किया और वित्तीय वर्ष 2025-26 में आईसीआईसीआई बैंक की बीजापुर शाखा से उन्हें 3 लाख 90 हजार 400 रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ।
महुआ टोरा प्रसंस्करण से बदली किस्मत
इस आर्थिक सहायता से उषा कुंजाम ने अपने गांव में ही राइस मिल और टोरा मिल (महुआ बीज) प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की। इस पहल से स्थानीय स्तर पर बड़ा बदलाव आया है। टोरा तेल का वैल्यू एडिशन- पहले क्षेत्र में टोरा सिर्फ 8 से 10 रुपये प्रति किलो के मान से कौडिय़ों के दाम बिकता था। अब उषा इससे तेल निकालकर आकर्षक पैकेजिंग करती हैं और बाजार में 100 प्रति लीटर की दर से बेच रही हैं। पूजा-पाठ और त्योहारों में उपयोग होने के कारण इस तेल की बाजार में भारी मांग है। तेल निकालने के बाद बची हुई खली को भी वे 12 से 15 रुपये प्रति किलो की दर से बेचकर अतिरिक्त मुनाफा कमा रही हैं।
गांव वालों को घर के पास मिली राइस मिल की सुविधा
गांव में राइस मिल शुरू होने से स्थानीय ग्रामीणों को भी बड़ी राहत मिली है। पहले धान से चावल निकलवाने के लिए ग्रामीणों को मीलों दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा गांव में ही सुलभ हो गई है। इसके साथ ही धान प्रसंस्करण से निकलने वाले ब्रान, चोकर और भूसी को बेचकर भी वे अपनी आय बढ़ा रही हैं। महिला उद्यमी श्रीमती उषा कुंजाम ने बताया कि शुरुआत में तकनीकी जानकारी की कमी, सीमित संसाधन और बाजार तक पहुंच जैसी कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। आज जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मार्गदर्शन से मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत हो चुकी है और मैं समय पर बैंक की किस्तें भी चुका रही हूं। उषा कुंजाम ने अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय बीजापुर के जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को दिया है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य युवाओं और महिलाओं से भी आह्वान किया है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और खुद का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनें।

CG : यूरिया वितरण में गड़बड़ी पर कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, कृषि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

CG : यूरिया वितरण में गड़बड़ी पर कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, कृषि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

 महासमुंद।  जिले में यूरिया वितरण में गड़बड़ी को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर विनय लंगेह ने कृषि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। कार्रवाई के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुंदरलाल मिर्धा और प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गंगा प्रसाद शरणागत पर अनियमित खाद वितरण और विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप लगे हैं।

बताया जा रहा है कि सरायपाली और बागबाहरा क्षेत्र में अक्रियाशील फसल अवधि के दौरान किसानों को अधिक मात्रा में यूरिया का वितरण किया गया। मामले में किसानों की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों पर खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी नहीं करने और समय पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली और खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ

 00 अब जिले में ही होगी गंभीर बीमारियों की जांच, लगभग 9 लाख लोगों सहित आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी। अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24म7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।