Dulhan Badal Gayi: बरात पहुंची. स्वागत हुआ. खूब नाच गाना हुआ. द्वाराचार की रस्म हुई और इसके बाद अचानक दूल्हा गायब हो गया. इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते धीरे धीरे बाराती भी भाग गए. इससे हड़कंप मच गया. दूल्हे को तलाशा गया, लेकिन नहीं मिला. जब लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हे के पिता को पकड़ लिया और दूल्हे के गायब होने की वजह पूछी तो पता चला कि दूल्हा शादी से इनकार करके भाग गया है. और इनकार क्यों किया, ये पता चलने पर लोग सकते में आ गए.
मामला उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के ऊसराहार इलाके का है. यहाँ के गाँव कुरखा में कन्नौज जिले के रौसेन गाँव से बरात आई हुई थी. सर्लेस नाम के लड़के से शादी हुई थी. तय समय पर बरात पहुँच गई. धूमधाम से बरात चढ़ी और दुल्हन के दरवाजे पर पहुंची. कई रस्में हुईं. दूल्हे का स्वागत किया गया. मंडप भी तैयार था.
इतना सब होने के बाद दूल्हा गायब हो गया. बाराती भी कम हो गए. दुल्हन पक्ष के लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हो क्या रहा. दूल्हे को तलाशा जाने लगा. लेकिन कामयाबी नहीं मिली. दूल्हे को पिता को लोगों ने पकड़ लिया और दूल्हा कहां है, पूछा. इस पर दूल्हे के पिता ने जो कहा उसे सुन दुल्हन पक्ष के लोग चौंक गए.
दूल्हे के पिता के मुताबिक, दूल्हा इसलिए भाग गया क्योंकि जो लड़की दुल्हन बनी है, उसे दूल्हे ने पसंद नहीं किया. उन्हें फोटो दूसरी लड़की की दिखाई गई जबकि शादी के लिए लड़की बदल ली गई. लड़की बदले जाने का आरोप लगाकर दूल्हा शादी से पहले ही बरात के साथ भाग गया. इस पर दुल्हन पक्ष ने कहा कि वही लड़की है जो दिखाई गई थी, वही है. चाहें तो फिर से देख लें. इस पर दो तीन लोग फिर से दुल्हन को देखने गए कि वही लड़की है या नहीं, लेकिन संतुष्ट नहीं हुए.
काफी समझाने पर जब दूल्हा पक्ष नहीं माना तो मामला थाने पहुँच गया. दुल्हन पक्ष ने आरोप लगाया कि लड़की वही है जो दिखाई गई थी. दहेज़ की मांग को लेकर ये सब किया गया है. पुलिस द्वारा हस्तक्षेप किये जाने पर दूल्हा पक्ष ने वो सब सामान लौटा दिया, जो दुल्हन पक्ष ने दिया था. और इसके बाद शादी निरस्त हो गई.
कोरोना के संक्रमण से बचाव को देखते हुए स्कूल और कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई है, जिससे स्कूल-कॉलेज बंद रहने की वजह से छात्रों की पढ़ाई को जारी रखा जा सके. देश के विभिन्न स्कूल और कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई का चलन काफी तेजी से बढ़ा है. छात्रों की पढ़ाई को लगातार जारी रखने के लिए स्कूल-कॉलेज के अध्यापक ऑनलाइन ही पाठ्यक्रम पूरा कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं तो वहीं बच्चे और अभिभावक भी ऑनलाइन पढ़ाई से संतुष्ट हैं. इस कोरोना काल में जहां ऑनलाइन पढ़ाई से शिक्षा व्यवस्था सुचारू रखने की जद्दोजहद चल रही है तो वहीं इस ऑनलाइन पढ़ाई के साइड इफेक्ट भी सामने आ रहे हैं.
मुंबई के एक कॉलेज में ऑनलाइन क्लास के दौरान चलने लगा पॉर्न वीडियो
महाराष्ट्र के मुंबई स्थित विले पार्ले कॉलेज में ऐसा ही एक मामला आया है जहां ऑनलाइन क्लास के दौरान प्रोफेसर क्लास ले रहे थे और अचानक पॉर्न वीडियो चलने लगा. वैसे ये मामला पिछले हफ्ते का है, जहां कॉलेज की ऑनलाइन क्लास के दौरान शरारती तत्वों ने अश्लील वीडियो चलाया. अब कॉलेज के एक प्रोफेसर ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है और दोषियों को सजा देने की मांग की है.
Maharashtra | Miscreants played a porn video during an online class of a college situated in Mumbai's Vile Parle last week. On complaint of a college professor, an FIR has been registered against unknown persons under relevant sections of IPC & IT Act: Juhu Police
— ANI (@ANI) June 27, 2021
प्रोफेसर की शिकायत पर जुहू पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है. जुहू पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकरी ने बताया कि मामला चार दिन पहले का है. कॉलेज के एक प्रोफेसर ने इसकी शिकायत की थी, जिसके आधार पर अज्ञात शख्स के खिलाफ आईपीसी की धारा 292, 570 और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. जुहू पुलिस के साथ साइबर सेल के अधिकारी भी संबंधित आरोपियों की तलाश कर रहे हैं.
भोपाल। कोरोना के केस कम होने के बाद अब मध्यप्रदेश में जल्द ही कॉलेज खोले जा सकते हैं। इसे लेकर सरकार मंथन कर रही है। खबरों की माने तो मध्यप्रदेश में अगस्त से कॉलेज खोले जा सकते हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षण संस्थान खोलने को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि जिन-जिन छात्रों ने वैक्सीनेशन कर लिया गया है। उन छात्रों को कॉलेज में प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षा विभाग इसे लेकर चर्चा कर रही है।
वहीं शुरुआत में कॉलेज में 50फीसदी स्टाफ आएगा। इसके अलावा छात्रों को प्रवेश वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिखाने के बाद प्रवेश दिया जाएगा। बता दें कि कॉलेज खोले जाने का अंतिम निर्णय CM शिवराज सिंह चौहान करेंगे।
हमारी भाषा परंपराओं के लाभों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए, उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज सरकार के प्रयासों के साथ ही, अपनी भाषाओं के संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया।
कई पीढ़ियों और भौगोलिक क्षेत्रों के निवासियों को आपस में जोड़े रखने में भाषा की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए, श्री नायडू ने हमारी भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं को संरक्षित, समृद्ध और प्रचारित करने के लिए एक ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।
छठे वार्षिक 'राष्ट्रेतर तेलुगू समाख्या' सम्मेलन में बोलते हुए, श्री नायडू ने सुझाव दिया कि तेलुगु भाषा के लिए और हमारी स्थानीय परंपराओं के पुनरोद्धार के लिए तेलुगु लोगों को एक साथ आना चाहिए।
यह देखते हुए कि किसी भाषा की उपेक्षा करने से उसका पतन शुरू हो जाएगा, उपराष्ट्रपति ने सलाह दी कि यह प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अन्य भाषाओं और संस्कृतियों को कम किए बिना अपनी मातृभाषा को संरक्षित और बढ़ावा दें।
श्री नायडू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 की परिकल्पना के अनुसार प्राथमिक शिक्षा को अपनी मातृभाषा में होने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की प्राथमिक शिक्षा उनकी मातृभाषा में हुई थी। “लोगों को यह गलत धारणा नहीं बनानी चाहिए कि यदि कोई अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करता है तो वह सफल नहीं हो सकता और जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता। इसका खंडन करने के लिए हमारे पास अतीत और वर्तमान के कई उदाहरण हैं।"
उपराष्ट्रपति ने तेलुगु साहित्य का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए और अधिक पहल करने का भी आह्वान किया जिससे किसी भी भाषा परंपरा की समृद्धि का प्रसार हो सके। इस तथ्य की सराहना करते हुए कि इस तरह के कई सांस्कृतिक संगठनों ने वैश्विक महामारी के दौरान भी अपना काम ऑनलाइन जारी रखा, श्री नायडू ने सुझाव दिया कि भाषा और प्रौद्योगिकी को उसी भावना से जोड़ने (एकीकृत करने) के प्रयास तेज किए जाएं।
यह देखते हुए कि तेलुगु भाषा के संरक्षण और प्रसार के लिए तेलुगु भाषी राज्यों के बाहर एक हजार से अधिक संगठन कार्यरत हैं, उपराष्ट्रपति ने 'राष्ट्रेतर तेलुगु समाख्या' नामक एक साझा मंच पर एक साथ आने के लिए आयोजकों की पहल की सराहना की। उन्होंने उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, पश्चिम बंगाल सरकार में महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री डॉ. शशि पंजा, आंध्र प्रदेश विधान सभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री मंडाली बुद्ध प्रसाद, अखिल भारतीय तेलुगु महासंघ के अध्यक्ष डॉ. सी. एम. के. रेड्डी, राष्ट्रेतर तेलुगु समाख्या के अध्यक्ष श्री सुंदर राव, और अन्य लोग इस आभासी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित थे।
भारतीय न्यायिक प्रणाली के डिजिटल बुनियादी ढांचे को दिव्यांगजनों के लिए और अधिक सुलभ बनाने का कार्य पिछले कुछ महीनों के दौरान उच्चतम न्यायालय की ई-समिति के काम का एक मुख्य घटक रहा है। इस उद्देश्य की दिशा में ई-समिति के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण पड़ाव यह सुनिश्चित करना है कि सभी उच्च न्यायालय की वेबसाइटों में अब दिव्यांगजनों के लिए कैप्चा सुलभ करा दिए गए हैं।ये कैप्चा न्यायालय की वेबसाइट के कई आवश्यक पहलुओं जैसे कि निर्णय / आदेश, वाद-सूचियाँ और मामलों की स्थिति की जांच तक पहुँचने के लिए प्रवेश बिंदु के रूप में कार्य करते हैंI उच्च न्यायालय की कई वेबसाइटें अब तक विशेष रूप से नेत्रहीनों के लिए निष्प्रयोज्य दृश्य कैप्चा का उपयोग कर रही थीं, जिससे उनके लिए ऐसी सामग्री को स्वतंत्र रूप से देख-समझ पाना असंभव हो गया था। सभी उच्च न्यायालयों के आपसी समन्वय से, ई-समिति ने अब यह सुनिश्चित किया है कि दृश्य कैप्चा के साथ शब्दों और श्रव्य कैप्चा भी होने चाहिए ताकि दृष्टिबाधित लोग भी ऐसी वेबसाइट की सामग्री को आवश्कतानुसार प्राप्त कर सके।
16 दिसंबर, 2020 के एक पत्र में, ई-समिति के अध्यक्ष, डॉ. न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने सभी उच्च न्यायालयों से दिव्यांगजनों के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों के अनुरूप उनके लिए अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुलभ बनाने का आह्वान किया था। पत्र में इस संबंध में सभी उच्च न्यायालयों के लिए प्रक्रिया में संरचनात्मक हस्तक्षेपों की एक श्रृंखला भी शामिल की गई थी।
इस पत्र के बाद की प्रक्रिया अनुसरण में, ई-समिति ने इस परियोजना के पहले चरण में सभी उच्च न्यायालयों की वेबसाइटों के डिजिटल इंटरफेस की सब तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की। यह जानने के लिए निम्नलिखित छह मानक तैयार किए गए थे कि उच्च न्यायालय की वेबसाइट सुलभ है भी या नहीं: निर्णयों तक पहुंच; कारण-सूचियों तक पहुंच; मामले की स्थिति तक पहुंच; कंट्रास्ट/रंग विषय; पाठ का आकार [ए + एए]; और स्क्रीन रीडर एक्सेस।
ई-समिति ने सभी उच्च न्यायालयों के केंद्रीय परियोजना समन्वयकों और उनकी तकनीकी टीमों के लिए जागरूकता पैदा करने और सभी उच्च न्यायालयों की वेबसाइटों के डिजिटल इंटरफेस की पहुंच सुनिश्चित करने और सुलभ पीडीएफ बनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की। उच्च न्यायालयों की वेबसाइटें अब कुछ उन वेबसाइटों को छोड़कर उपरोक्त मापदंडों का अनुपालन करती हैं, जो स्क्रीन रीडर एक्सेस प्रदान करने की प्रक्रिया में हैं। इन मानकों के साथ उच्च न्यायालयों के अनुपालन की स्थिति- अनुलग्नक ए में दी गई है ।
ई-समिति सुलभ अदालती दस्तावेजों को तैयार करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की प्रक्रिया में भी है और अपने हितधारकों के लिए एक उपयोगी निर्देशिका के रूप में काम करेगी। यह वॉटरमार्क, हाथ से लिखने, गलत स्थानों पर टिकट चिपकाने और फाइलों में अनुपलब्ध पृष्ठों के मामलों का भी समाधान करेगा। इस संबंध में, ई-समिति के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति डॉ. डी वाई चंद्रचूड़ ने उक्त एसओपी तैयार करने के लिए सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को दिनांक 25.06.2021 को एक पत्र भी लिखा थाI
एनआईसी के सहयोग से ई-समिति द्वारा की गई एक अन्य महत्वपूर्ण पहल दिव्यांगजनों के लिए सुलभ निर्णय खोज पोर्टल (https://judgments.ecourts.gov.in) बनाना है। पोर्टल में सभी उच्च न्यायालयों द्वारा पारित निर्णय और अंतिम आदेश शामिल किए गए हैं। पोर्टल एक निशुल्क टेक्स्ट सर्च इंजन का उपयोग करता है। इसके अलावा, पोर्टल टेक्स्ट कैप्चा के साथ ऑडियो कैप्चा का उपयोग करने की सुविधा भी प्रदान करता है। यह सुलभ कॉम्बो बॉक्स का भी उपयोग करता है, जिससे नेत्रहीनों के लिए वेबसाइट पर काम करना आसान हो जाता है।
ई-समिति की वेबसाइट (https://ecommitteesci.gov.in/) और ई-कोर्ट्स वेबसाइट (https://ecourts.gov.in/ecourts_home/) भी दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध हैं। ई-समिति वेबपेज एस3डब्ल्यूएएएस प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है, जो दिव्यांगजनों के लिए वेबसाइटों को सुलभ बनाने के मानकों का अनुपालन करता है।
वकीलों के लिए ई-समिति के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी अधिवक्ताओं को सुलभ फाइलिंग प्रथाओं को अपनाने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाते हैं।
समग्र रूप से देखे जाने वाले इन उपायों ने दिव्यांगजनों के लिए न्याय तक पहुंच को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाया है और उनकी गरिमा को सशक्त तरीके से बनाए रखने की दिशा में कार्य किया है जिससे वे समान आधार पर हमारी न्याय प्रणाली का एक हिस्सा बन सके हैंI दिव्यांग न्यायविदों के लिए ये उपाय उन्हें अपने पेशे में अन्य सक्षम समकक्षों के समान सक्षम बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहे हैं। ई-समिति की इन पहलों ने हमारी अदालतों को दिव्यांगजनों के दुरूह माने जाने वाले स्थानों के बजाय उनकी भागीदारी के लिए भी स्थान बनाने के बदलाव में मदद की है और यह एक सुलभ और समावेशी कानूनी प्रणाली बनाने का भी एक तरीका है।
इंदौर, जिले के मानपुर थाना क्षेत्र स्थित निजी स्कूल के शिक्षक ने आठवीं की छात्रा को न सिर्फ प्रेम पत्र दिया, बल्कि नहीं मिलने आने पर उसके माता-पिता को तांत्रिक क्रियाएं कर जान से मारने की धमकी भी दी। इसकी जानकारी जब छात्रा के माता-पिता और स्थानीय लोगों को लगी तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने शिक्षक के साथ मारपीट करते हुए उसके चेहरे पर कालिख पोत दी व उसके सिर का आधा मुंडन कर गांव में घुमाया। मामला गांव खेड़ी सिहोद का है। यहां शिक्षक वैभव नायक की लोगों ने जमकर धुनाई कर दी, फिर उसके आधे सिर का मुंडन किया और पूरे गांव में घुमाया।
पन्ना, अंधविश्वास के शक में एक महिला को बंधक बनाकर इतना पीटा गया कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए स्वजन और सैंकड़ों ग्रामीणों ने पन्ना जिले के अमानगंज थाने का घेराव किया और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस पहुंची तो उन पर पथराव कर दिया। इससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। चार घंटे चला हंगामा पुलिस की समझाइश के बाद शांत हुआ। आरोपितों ने 22 जून को घसुटिया बाई को बंधक बनाकर इतना पीटा कि वह मरणासन्न हो गई।
बिहार के सासाराम में एक ऐसी अनोखी शादी हुई है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। यहां एक लड़के ने किन्नर से शादी कर ली। शादी के बाद जब बहू अपने ससुराल पहुंची तो लड़के की मां उसे देखकर बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो उन्हें यह शादी मंजूर नहीं थी। समाज वालों के चलते उन्होंने दोनों को घर से निकाल दिया।
यह मामला सासाराम जिले के करगहर का है। यहां किन्नर से शादी करने वाले युवक के घर में बवाल मच गया है। बताया जा रहा है कि करगहर का गोलू पहले एक नाच पार्टी में काम करता था। इस दौरान उसे पानापुर की रहने वाली किन्नर नंदनी से प्यार हो गया। दोनों ने साथ जीने की ठानी और शादी कर ली।
शादी के बाद गोलू अपनी किन्नर पत्नी नंदनी के साथ करगहर के ही एक किराए के मकान में रह रहा था। परिवार वालों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने दबाव बनाकर बेटे को किन्नर बहू से अलग करने की कोशिश की। बात नहीं बनी तो वे उसे समझा बुझाकर अपने घर ले आए।
वहीं जब नंदनी को इसकी जानकारी मिली तो वह गोलू को ढूंढते हुए उसके घर पहुंच गई। यहां किन्नर बहू को देखकर सास बेहोश हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब नंदिनी पानी छिड़ककर सास को होश में लाने की कोशिश करने लगी। ये नजारा देखकर लोग अपने घर वापस जाने लगे। सास को जैसे ही होश आया उसने घर की लोकलाज के चलते बहू को घर से बाहर निकाल दिया। दोनों पति-पत्नी करीबी रिश्तेदार के घर चले गए हैं।
जयपुर, राजस्थान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है।अच्छी बात यह है कि कोविड टीकाकरण अभियान के मामले में राजस्थान शीर्ष 5 राज्यों में शामिल है। इस बीच, गहलोत सरकार ने कोविड पर लगाम लगाने के लिए एक फरमान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 28 जून यानी सोमवार से कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ले चुके लोग ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन समेत सार्वजनिक जगहों पर प्रवेश कर सकेंगे।
कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए गहलोत सरकार ने शनिवार को नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए दिशानिर्देशों में राजस्थान सरकार ने 28 जून से लोगों के सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश करने के लिए वैक्सीन की कम से कम एक डोज लेना अनिवार्य कर दिया।
गहलोत सरकार की ओर से जारी नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, अब राज्य में सरकारी कार्यालय शाम 6 बजे तक खुल सकेंगे। वहीं जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों का टीकाकरण हो चुका है, वे अतिरिक्त तीन घंटे तक खोल सकते हैं। वहीं धार्मिक स्थल भी सशर्त खुलेंगे, जबकि विवाह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मैरिज पैलेस 1 जुलाई से खुल सकते हैं।
इन कार्यालयों में आ सकेंगे 100 फीसदी कर्मचारी
दिशानिर्देशों के मुताबिक, जिन सरकारी कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या 25 से कम है, वहां पूर्व स्टाफ को आने की इजाजत होगी, जबकि जिन कार्यालयों में कर्मियों की संख्या 25 या 25 से अधिक है, वहां 50 प्रतिशत कर्मियों को अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा जिन कार्यालयों में 60 फीसदी कर्मचारियों का वैक्सीनेशन हो चुका है यानी वैक्सीन की पहली डोज ले ली है, वहां 100 फीसदी कर्मियों को आने की अनुमति दी गई है। नए नियमों के तहत कार्यालयों के खुलने का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
दिशानिर्देशों के मुताबिक, चालक व परिचालकों के वैक्सीन की कम से कम पहली खुराक मिल जाने के बाद ही शहर में मिनी बसों का संचालन करने की अनुमति होगी। सोमवार से शनिवार के बीच निजी वाहनों को सुबह 5 से रात 8 बजे तक यातायात की अनुमति होगी।
सशर्त खुले पार्क, रेस्तरां और जिम
गहलोत सरकार ने सार्वजनिक पार्क, रेस्तरां और जिम को सशर्त खोल दिया है। पार्क सुबह 5 से 8 के बीच खुले रहेंगे। वहीं वे जिम और रेस्तरां जिनके 60 प्रतिशत कर्मचारियों का टीकाकरण हो चुका है, उन्हें शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक अतिरिक्त 3 घंटे खोले जाने की अनुमति होगी।
मेरठ, शहर के टीपीनगर में कान्हा प्लाजा के पास नशे में चूर भाजपा नेता के भाई ने तेज रफ्तार कार से महिला समेत कई लोगों को टक्कर मार दी. टक्कर मारने के बाद आरोपी ने साथियों के साथ भागने की कोशिश की लेकिन मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया. हालांकि आरोपी के दो साथी मौके से भागने में कामयाब रहे. लोगों ने आरोपी को तुरंत पुलिस को सौंप दिया. कहा जा रहा है कि पुलिस पूरे मामले में आरोपी को बचाने का प्रयास करती रही. रात साढ़े 8 बजे तक आरोपी का मेडिकल तक नहीं कराया गया. दूसरी ओर कार की टक्कर के बाद एक महिला की हालत ज्यादा गंभीर हो गई जिसे मेरठ के गणपति अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, मेरठ के टीपीनगर के किशनपुर निवासी विमल मंडल को भाजपा युवा मोर्चा का उपाध्यक्ष बनाया गया है. विमल का मौसेरा भाई शिवम शुक्रवार शाम अपनी कार लेकर मेरठ आया था. कार में उसके साथ 2 लोग और थे. घर लौटते समय नशे में धुत शिवम ने सड़क पर कार दौड़ा दी और एक महिला जिसकी पहचान रजनी पत्नी धर्मेंद्र निवासी मलियाना और 2 अन्य लोगों को टक्कर मार दी. इसमें महिला गंभीर रूप से घायल हो गई.
महिला और 2 अन्य लोगों को टक्कर मारने के बाद बीजेपी नेता का भाई शिवम कार रोकोने की बजाय वहां से भागने लगा. कुछ लोगों ने खून से लतपथ महिला को अस्पताल पहुंचाया और कुछ लोगों ने कार सवार आरोपियों का पीछा शुरू कर दिया. शिवम और उसकी कार को मलियाना में जसवंत इंटर कॉलेज के पास पकड़ लिया गया. हालांकि उसके 2 साथ भागने में कामयाब रहे. लोगों ने बताया कि उसकी कार पर भाजपा युवा मोर्चा उपाध्यक्ष लिखा हुआ था.
लोगों ने आरोपी शिवम को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया था. हालांकि रात के साढ़े 8 बजे तक पुलिस ने आरोपी का मेडिकल नहीं कराया. पीड़ित महिला के परिवार का आरोप है कि एक भाजपा नेता के कहने पर आरोपी का मेडिकल कराने में देरी की गई. ताकि शराब पीने की पुष्टि न हो.
मीडिया ने जब इस संबंध में टीपीनगर ताने के कार्यवाहक थाना प्रभारी प्रीतम सिंह से बात की तो उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक युवक को पकड़ा गया है. मेडिकल कराने के संबंध में सवाल पूछने पर प्रीतम सिंह ने कहा कि अभी मेडिकल नहीं कराया गया. देरी की वजह पूछने पर थाना प्रभारी ने कहा कि वह अभी मेडिकल करा देंगे.
गुमला. झारखंड के गुमला जिले के घाघरा थाना इलाके के कठफोड़वा गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ गैंगरेप (Gangrape) का मामला सामने आया है, जानकारी के अनुसार पीड़िता कठफोड़वा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी. चाचा के घर शादी समारोह संपन्न होने के बाद जब युवती वहां से अपने घर लौट रही थी, तो उसी दौरान शादी में शामिल होने आए दो युवक, कोटामाटी गांव निवासी (20 वर्ष) गुलाब उरांव और बड़कडीह निवासी सुरेश साहू (27 वर्ष) युवती को पकड़कर बगल के पहाड़ी इलाके में ले गए. और रात के अंधेरे में बारी-बारी से दुष्कर्म किया. काफी देर तक युवती तक घर नहीं पहुंची, तो युवती के परिजनों ने खोजबीन शुरू की. परिजनों ने देखा कि पहाड़ी में युवती के साथ दो युवक मौजूद हैं. परिजन को देखते ही दोनों युवक वहां से भाग गए|
रिजनों ने जब युवती से पूछताछ की तो युवती ने बताया कि उसे जबरदस्ती वहां लाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया. परिजनों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी, सूचना मिलते ही घाघरा थानाप्रभारी अकाश कुमार पांडे, सब इंस्पेक्टर कौशलेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर सूरज कुमार रजक पुलिस बल के साथ गांव में छापेमारी शुरू की| और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया, दोनों ने ही पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया|
थाना प्रभारी आकाश पांडे ने बताया कि पीड़िता चाचा के घर शादी समारोह में हिस्सा लेकर रात को अपने घर लौट रही थी. इसी दौरान दो युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया, सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. युवती की मेडिकल जांच के साथ-साथ 164 का बयान दर्ज कर लिया गया है|
अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 21 जून को एक अदभूत नजारा देखने को मिला, लोग हवा में उड़ते हुए इंसान को देखकर हैरान रह गए। यह इंसान होवरबोर्ड के जरिए उड़ रहा था। ऐसे होवरबोर्ड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, खासकर युवा पीढ़ी के बीच। आपको फ्रेंकी ज़ापाटा (Franky Zapata) तो याद ही होंगे, जिन्होंने 2019 में फ्लाईबोर्ड पर इंग्लिश चैनल के ऊपर से उड़ान भरी थी? इस दौरान उनके होवरबोर्ड ने 177 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड पकड़ी थी और उन्होंने 35 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ 22 मिनट में तय की थी। हालांकि इस बार टाइम्स स्क्वायर पर सभी को हैरान करने वाला यह व्यक्ति कोई और था और उसका होवरबोर्ड भी काफी अलग था।
एक वीडियो में दिखाया गया है कि पूरे प्रोटेक्टिव गियर पहना यह आदमी ड्रोन जैसे दिखने वाले होवरबोर्ड के ऊपर खड़ा है और एक भीड़ भरी जगह में रोड के ऊपर होवर करते हुए निकलता है। वह इस होवरबोर्ड में स्थिरता के साथ शांत खड़ा दिखाई दे रहा है। वीडियो में इस बेहतरीन क्षण को कई लोग अपने फोन या कैमरा में रिकॉर्ड करते भी दिखाई दे रहे हैं। करें भी क्यों न, वर्तमान में भी ऐसा नज़ारा आम बात नहीं है। ट्विटर पर Rex Chapman (@RexChapman) नाम के एक यूज़र द्वारा शेयर किए गए इस 10 सेकंड के वीडियो को खबर लिखने तक 80 लाख लोगों द्वारा देखा जा चुका था।
इस वीडियो के रिप्लाई में सैंकड़ों मज़ाकिया बाते भी देखने को मिली। कुछ ने इसे स्पाइडर मैन (Spider-Man) फिल्म के विलन ग्रीन गॉब्लिन (Green Goblin) बोला, तो कुछ ने इस स्टंट की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
ब्रिटेन के 42 वर्षीय स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक अपनी सहयोगी जीना कोलाडांगेलो को Kiss करते हुए कैमरे में कैद हो गए और इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. यह घटना लंदन में स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में उनके कार्यालय के बाहर की है. सीसीटीवी फुटेज में हैनकॉक अपने ऑफिस के बाहर जीना को किस करते दिख रहे हैं और ये तस्वीरें पिछले महीने की 6 तारीख की बताई जा रही है. इसका वीडियो वायर होने के बाद से ब्रिटेन में बवाल मचा हुआ है. स्वास्थ्य मंत्री और उनकी सहयोगी दोनों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है.
वहीं द सन ने इसका वीडियो जारी किया है….
Health Secretary Matt Hancock breaks his silence after affair is exposed https://t.co/Pjq6E6MGi3
— The Sun (@TheSun) June 25, 2021
ब्रिटेन में इस वीडियो के वायरल होने के बाद भूचाल आया हुआ है. इस बीच, हैनकॉक के साथ तस्वीर में दिख रहीं जीना कोलाडांगेलो कहीं चली गई हैं. अफेयर के खुलासे से ठीक पहले जीना कोलाडांगेलो को अपनी कार से कहीं जाते देखा गया है. हालांकि, अभी ये पता नहीं चल सका है कि वो कहां गईं हैं और कब तक वापस लौटेंगी.
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक का ऑफिस सहयोगी के साथ अफेयर के खुलासे के बाद उनके इस्तीफे की मांग की जाने लगी है.हालांकि हैनकॉक ने एक बयान में लोगों से माफी भी मांगी है लेकिन उन्होंने ये माफी इसलिए मांगी है कि उन्होंने डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया. वहीं, उन्होंने इस्तीफा देने से भी इनकार कर दिया है.
हैनकॉक ने अपने बयान में अफेयर की खबरों को खारिज तो नहीं किया लेकिन अपने परिवार के लिए निजता की अपील की है. हैनकॉक के बचाव में उतरे उनके साथियों का कहना है कि यह उनका निजी मामला है और मंत्रीपद से इसका संबंध नहीं है.
वहीं, दूसरी ओर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे विरोधियों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के साथ काम करने वालों का खास संबंध होने टैक्सपेयर्स के साथ धोखा है. यही नहीं, सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तोड़ने को जनता के साथ विश्वासघात बताया गया है. विवाद बढ़ने के बाद हैनकॉक ने एक वैक्सिनेशन सेंटर का दौरा भी रद्द कर दिया जिसे लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है.
लंदन। ब्रिटेन में 36 वर्षीय एक भारतीय महिला ने अपनी पांच साल की बेटी की अपने घर पर हत्या कर दी। मां में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। महिला का कहना है कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसके अंदर कोरोना से मरने का डर पैदा हो गया था और सोचा कि उसकी छोटी बच्ची उसके बिना नहीं रह सकती। सुधा शिवनाथम ने पिछले साल 30 जून को दक्षिण लंदन के अपने फ्लैट के बेडरूम में अपनी बेटी सयागी की 15 बार चाकू मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद को भी गंभीर रूप से घायल कर लिया।रिपोर्ट में कहा गया कि उसके पति ने कहा कि वो वायरस से संक्रमित होने को लेकर डर गई थी और हो सकता है कि लॉकडाउन प्रतिबंधों के कारण वह अकेलापन महसूस कर रही हो और उसे कोई रास्ता न सूझा हो। बृहस्पतिवार को ओल्ड बेली में पेश हुई शिवनाथम ने अपराध स्वीकार कर लिया। उसे अनिश्चित काल के लिए अस्पताल में रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले में एक मौलवी को उसकी दो पत्नियों में से एक ने इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वो तीसरी शादी करने करना चाहता था। ज्यादा खून निकलने की वजह से उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौलवी की अपनी दो पत्नियों के साथ अक्सर तीसरी शादी को लेकर लड़ाई होती रहती थी।
57 साल के मौलवी अहमद की गुरुवार देर रात को भी इस मुद्दे पर अपनी दो पत्नियों के साथ तीखी बहस हुई थी। पत्नियों में से एक हजरा ने उसे इस मामले पर फटकार लगाई तो मौलवी ने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी थी। इसके बाद रात में गुस्साई पत्नी ने किचन के चाकू से उसके प्राइवेट पर तब हमला कर दिया जब वह सो रहा था।
हमले की वजह से मौलवी की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी महिला ने अपने रिश्तेदारों की मदद से उसका अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। पड़ोस में से किसी को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलने के बाद भौरा कलां थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
हजरा ने पुलिस को हत्या की सारी कहानी बता दी जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मुजफ्फरनगर के फुगाना क्षेत्र के डीएसपी एससी शर्मा सर्कल प्रभारी ने कहा, 'आरोपी की पत्नी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने अपने पति अहमद की हत्या इसलिए की क्योंकि वह तीसरी पत्नी लाना चाहता था जबकि दो पत्नियों के बीच में पहले से ही काफी दिक्कते हैं।'
मौलवी अहमद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी महिला को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। घटना मुजफ्फरनगर के भौरा कलां थाना क्षेत्र के शिकारपुर गांव की है।













