मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई मे दंपत्ति के द्वारा ठगी का मामला सामने आया है, मुंबई पुलिस की प्रॉपर्टी सेल ने एक दंपत्ति को नौकरी देने के नाम पर ठगने का आरोप लगाया है, पुलिस के मुताबिक- दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कुल 45 युवकों से 2 करोड़ 47 लाख रुपये वसूले हैं. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. खास बात है कि सभी 4 एक ही परिवार के सदस्य हैं, गिरफ्तार आरोपियों में महिला प्रांजल भोसले बीएमसी कर्मचारी है| बाकी के तीन में लक्ष्मण भोसले महिला का पति है तो राजेश और महेंद्र देवर हैं|
प्रॉपर्टी सेल के सीनियर पी आई शशिकांत पवार के मुताबिक मामला दर्ज होने के बाद से पति पत्नी गोवा में जाकर छुप गए थे| पुलिस टीम ने उनका लोकेशन निकालकर दोनों को गिरफ्तार कर मुम्बई लाई है, आरोपी बीएमसी में नौकरी दिलाने के नाम पर सभी से उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार- नौकरी दिलाने का दावा करते, उनके दस्तावेज मंगाते और ऑनलाइन इंटरव्यू भी करते|
इंदौर: इंदौर के गोविंद नगर में उस वक्त हड़कंप मच गई जब लोगों ने घर में पति-पत्नी की लाश देखी, पत्नी का शव जमीन पर था, जबकि पति फंदे पर झूल रहा था| युवक ने मरने से पहले सुसाइड नोट लिखकर उसे गांव के ग्रुप पर पेस्ट भी किया है. इसमें ससुराल के लोगों सहित एक व्यक्ति पर 5 लाख रुपए के लिए प्रताड़ित करने की बात लिखी गई है, दोनों ने हाल ही में लव-मैरिज की थी. पुलिस ने शवों के पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए हैं|
बाणगंगा थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी ने बताया कि गुरुवार रात गोविंद नगर से एक घर में लाशें होने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और घर को खुलवाया. घर में पति-पत्नी के शव मिले| पत्नी का शव जमीन पर था, जबकि युवक का फंदे से झूल रहा था. जांच में पता चला कि युवक की नाम जगमोहन और युवती का नाम नंदिनी माली है. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है. पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अरविंदो अस्पताल भेज दिया था. शुक्रवार को शव परिजनों को सौंप दिए गए. पुलिस को शंका है कि पति ने पहले पत्नी की हत्या की और फिर फंदे पर झूला. हालांकि, निशान दोनों के ही गले पर हैं|
लड़की का परिवार था नाराज
जानकारी के मुताबिक, 26 साल के जगमोहन ने कुछ समय पहले ही नंदिनी माली से लव-मैरिज की थी. लेकिन इस शादी से लड़की के परिवारवाले नाखुश थे. जगमोहन के सुसाइड नोट के मुताबिक, ससुरालवाले और कोई संजीव कुशवाह उससे पांच लाख रुपए मांग रहे थे. उन सभी ने कुछ दिन पहले जगमोहन को पीटा भी था. आरोपियों ने मृतक को पुलिस के पास न जाने की धमकी भी दी थी. इन सब से तंग आकर पति-पत्नी ने आत्महत्या कर ली|
पुलिस के पहुंचने तक हो चुकी थी देर
जगमोहन ने मौत के पहले सुसाइड नोट लिखा और उसे अपने मूल गांव सिरोंज के सोशल मीडिया ग्रुप में पोस्ट कर दिया. जब ग्रुप के सदस्यों ने उस सुसाइड नोट को देखा तो हैरान हो गए. उन्होंने एक के बाद जगमोहन को कई फोन लगाए, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ. तब गांव के लोगों ने पड़ोसियों और परिजनों को बताया. सभी ने पुलिस को सूचना दी. लेकिन, जब तक पुलिस पहुंचती, काफी देर हो चुकी थी|
डेटिंग एप एक ऐसा माध्यम बन गया है जिससे आप अपने पसंद की जीवनसाथी चुन सकते है, डेट पर जाने के लिए सभी की कोशिश रहती है कि वे बेस्ट दिखें, हालांकि ये जानना मुश्किल है (How to Impress Partner on First Date) कि सामने वाले को क्या पसंद आएगा. ऐसे में कई बार ऐसी गलतियां हो जाती हैं, जिससे खुद को ही शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है. अमेरिका की एक लड़की के साथ भी ऐसा ही हुआ, जब अपनी फर्स्ट डेट पर वो ओवरड्रेस्ड (Loud Makeup) होकर पहुंची|
ये हादसा हुआ मेगन एलिज़ाबेथ (Megan Elizabeth) नाम की लड़की के साथ. उसने डेटिंग ऐप के ज़रिये एक लड़के से बातचीत की. कुछ दिनों के बाद उन्होंने एक-दूसरे से मिलने का दिन और वक्त तय किया. आमतौर पर सभी पहली डेट पर सबसे अच्छा दिखने की कोशिश करते हैं. मेगन ने भी यही किया. वो बात अलग है कि उसका पासा उल्टा पड़ गया और ब्वॉयफ्रेंड (Boyfriend Dumped Overdressed Girlfriend) ने उसके साथ बैठना भी ठीक नहीं समझा|
क्या फायदा इतने मेकअप का?
मेगन एलिज़ाबेथ के मुताबिक ट्रिवॉर (Trevor)नाम का लड़का उसे डेटिंग ऐप (Dating App) पर मिला. दोनों ने एक दूसरे से चैट की और फिर पसंद भी किया. आखिरकार लड़का और लड़की डेटिंग के लिए तैयार हो गए. अमेरिकन बेकरी चेन पनेरा पर उनका मिलना तय हुआ. इस खास दिन के लिए मेगन ने घंटों खर्च करके बेहद खास दिखने की कोशिश की. वो तय की हुई जगह पर पहुंच भी गई और फिर ब्वॉयफ्रेंड को मैसेज किया. इसके जवाब में उसे जो कुछ मिला, वो यकीन करने लायक नहीं था|
लड़के ने कहा- डायन की तरह क्यों तैयार हुई?
ट्रिवॉर ने मेगन को दूर से ही देख लिया था. देखने के बाद उसने रिप्लाई करते हुए कहा - मैंने तुम्हें आते हुए देखा. मैंने तुमसे अच्छा दिखने के लिए कहा था, तुम्हें सुंदर दिखना चाहिए| तुमने खुद को बूढ़ी डायन (Dressed up like witch) की तरह तैयार क्यों किया है? मुझे ये अच्छा नहीं लगा और तुम्हारे साथ घूमने में मुझे शर्मिंदगी महसूस होगी, इसलिए मैं जा रहा हूं|
इस घटना के बाद मेगन ने ये पूरी घटना अपने मेकअप वीडियो के साथ TikTok पर शेयर की. उसने बताया कि लड़के ने उससे जो कहा था, वो उसका उल्टा करके गई थी क्योंकि उसे खुद यही पसंद था| काली लिपस्टिक और स्मोकी आई मेकअप के साथ वो काफी ग्लैम और लाउड लग रही थी, शायद उसके डेट को ये पसंद नहीं था| हालांकि लोगों ने मेगन को खूबसूरत कहते हुए उसके मेकअप की तारीफ की है, कुछ लोगों ने उससे डेटिंग के लिए भी पूछा|
चेन्नई: चेन्नई के आईआईटी मद्रास (IIT Madras) मे आत्महत्या का मामला सामने आया है, परिसर के अंदर से शुक्रवार को एक 22 साल के इंजीनियर की लाश मिली, शुरुआती जांच में पता चला है कि प्रोजेक्ट असिस्टेंट के तौर पर काम करने वाले शख्स की मौत आत्महत्या (Suicide) की वजह से हुई है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है|
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "22 वर्षीय युवक की पहचान उन्नीकृष्णन के रूप में हुई है, वह आईआईटी मद्रास में एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था, उसने एक नोट छोड़ा है, जिसमें कहा कि वह काम का सामना करने में असमर्थ था."
समाचार एजेंसी के मुताबिक, शव को ऑटोप्सी के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है. इस मामले में और जानकारी की प्रतिक्षा की जा रही है|
जम्मू: जम्मू संभाग के अरनिया सेक्टर में सीमा पार से एक ड्रोन ने घुसने की कोशिश की। सतर्क बीएसएफ के जवानों ने ड्रोन को मार गिराने के लिए करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग की। जवानों की फायरिंग के बाद ड्रोन वापस चला गया। बता दें कि सुबह करीब 4:25 बजे एक ड्रोन( हेक्साकॉप्टर) अरनिया सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था। जिसे देखते ही बीएसएफ के जवानों ने उस पर गोलीबारी की। इस फायरिंग के कारण ड्रोन वापस लौट गया।
उधर, वायुसेना स्टेशन पर हमले के चार दिन बाद फिर से ड्रोन देखा गया। बुधवार रात 12:45 मिनट पर एयरबेस के ऊपर ड्रोन देखा गया। एनएसजी कमांडो ने कार्रवाई करने की कोशिश की, लेकिन ड्रोन गायब हो गया। एयरफोर्स प्रशासन की ओर से तत्काल पुलिस को भी जानकारी दी गई। प्रशासन को शक था कि कहीं आसपास से ही कोई इसे ऑपरेट कर रहा है। एसपी साउथ जम्मू दीपक ढिंगरा का कहना है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। सूचना मिलते ही पुलिस के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुबह 3 बजे तक आसपास के क्षेत्रों में तलाशी की गई।
सूत्रों का कहना है कि ड्रोन हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई है। आशंका इसकी भी है कि हमला करने वाले ड्रोन पाकिस्तान से भेजे गए हों। इसके लिए मकवाल बॉर्डर को रूट माना जा रहा है। एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि ड्रोन को आतंकी संगठन लश्कर के लिए काम करने वाले किसी आतंकी या ओजी वर्कर ने एयरबेस के पास से तो संचालित नहीं किया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि 27 जून को हुए हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई है जिसके पीछे लश्कर ए तैयबा के सरगना हाफिज सईद और आईएसआई का हाथ है। इस हमले की प्लानिंग लश्कर के ही बनाए गए अन्य संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने की है। टीआरएफ ही इस तरह के हमलों को अंजाम देने की साजिशें रचता है।
सूत्रों का कहना है कि ड्रोन के साथ पेलोड होकर आने वाला सामान रिमोट से फेंका जाता है। इसके नीचे एक तेज कटर लगा होता है, जो कमांड देने पर पेलोड की गई वस्तु को काटकर नीचे फेंक देता है। शहर के नरवाल क्षेत्र से पकड़े गए टीआरएफ के आतंकी नदीम उल हक का वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले में हाथ होने का शक है। नदीम से मिली पांच किलो आईईडी जम्मू में ही दी गई थी। इस आईईडी को नदीम ने अलग-अलग लोकेशन में लगाकर धमाके करने थे। इससे पहले ही वह पकड़ा गया।
सूत्रों का कहना है कि वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले की जांच करने वाली एनआईए की टीम जल्द ही नदीम से पूछताछ कर सकती है। नदीम इस हमले की जानकारी दे सकता है। हमले के पीछे लश्कर के नए संगठन टीआरएफ का हाथ बताया जा रहा है और नदीम टीआरएफ के लिए काम करता है। हमले को पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों ने अंजाम दिया है। वहीं नदीम भी पाकिस्तान में बैठे टीआरएफ के हैंडलरों के संपर्क में था।
हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मात्र 15 हजार रुपए के लिए करीब ढाई महीने तक कोरोना पॉजिटिव का शव अस्पताल में पड़ा रहा। एनजीओ की मदद से उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक युवक अप्रैल महीने में कोरोना पॉजिटिव हुआ था। इलाज के लिए उसे मेरठ रेफर किया गया था। मेरठ में इलाज के दौरान व्यक्ति की मौत हो गई थी।
अस्पताल ने मृतक की पत्नी को शव देने के लिए 15 हजार रुपए की मांग की गई। मृतक की पत्नी के पास अस्पताल को देने के लिए पैसे नहीं थे। पैसों का इंतजाम करने वो हापुड़ आ गई। पैसों का इंतजाम नहीं हुआ तो वह अपने 2 बच्चों को साथ लेकर अपने गांव चल गई। इस तरह से शव को अस्पताल में रखे हुए 2.5 महीने बीत गए।
जब ढाई महीने बाद भी कोई शव लेने नहीं आया तो मेरठ अस्पताल ने उसे हापुड़ स्वास्थ्य विभाग को भिजवा दिया। स्वास्थ्य विभाग ने 3 दिन पहले शव को जीएस मेडिकल कॉलेज में रखवा दिया और प्रशासन के सहयोग से परिजनों की तलाश की। परिजनों का पता चलने पर शव उन्हें सौंप दिया गया। इसके बाद एनजीओ के माध्यम से शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
हाजीपुर, घर में नाबालिग बच्ची को अकेला देख रात में अगवा कर बगीचे में ले जाकर पांच से छह की संख्या में दरिंदों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया है. मामला जिले के वैशाली थाना क्षेत्र का है. दरिंदों ने नाबालिग के साथ ना सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि उसकी हत्या कर शव को झाड़ी में फेंक दिया. इस मामले में तीन नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह घटना बीते 29 जून की है. बुधवार की देर शाम बच्ची का शव बरामद किया गया है. बताया जाता है कि घर के लोग शादी समारोह में शामिल होने के लिए थे और घर पर दादा के साथ 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची थी. घर में सिर्फ बच्ची के दादा साथ थे. बच्ची घर के अंदर थी जबकि उसे दादा घर के दरवाजे के पास सोए थे. इसी दौरान 29 जून की देर रात गांव के ही पांच-छह मनचलों ने घर की खिड़की से खींचकर उसे बगीचे में ले गए. इसके बाद सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना को अंजाम दिया गया.
दादा की नींद खुली तो घर से गायब थी बच्ची
इधर, सुबह-सुबह जब घर में सो रही मासूम लड़की बाहर नहीं निकली तो उसके दादा ने पड़ोस के लोगों को यह बात बताई. पड़ोसियों ने घर का दरवाजा पीटा. जब कुछ लोग घर की खिड़की के पास गए तो देखा कि खिड़की खुली है और अंदर कोई नहीं है. इसकी सूचना लड़की के परिजनों को दी गई. सूचना मिलने के बाद वे भी घर पहुंचे और गांव के चारों तरफ खोजबीन शुरू की गई.
पता चला कि एक लड़की का लाश बगीचे में पड़ी है. लाश मिलने की खबर मिलते ही परिजन झाड़ी में जाकर देखे तो वह शव इनकी मासूम बेटी की ही थी. इसके बाद घर वालों में कोहराम मच गया. इसकी सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
घर के पास में मंडराते देखे गए थे 5-6 मनचले
पड़ोस के लोगों ने गांव के ही 5-6 मनचलों को घर के आस-पास मंडराते देखा था जो घटना के बाद सभी घर छोड़कर फरार हो गए थे. मृतक के परिजनों ने घर छोड़कर फरार सभी मनचलों के खिलाफ गैंगरेप और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया.
इस संबंध में लड़की के मामा ने कहा कि बच्ची घर पर अपने दादा के साथ थी. घर की जिस खिड़की से खींचकर बच्ची को लेकर दरिंदे गए थे उसमें जाली नहीं है. इस मामले में डॉक्टर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि बच्ची के साथ गैंगरेप किया गया है.
इस मामले में सदर एसडीपीओ राघव दयाल ने कहा कि इस मामले में थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. शव को बरामद कर उसका पोस्टमार्टम कराया जा चुका है. नामजद अभियुक्तों में से तीन की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. अभी इस मामले में अनुसंधान किया जा रहा है.
यूपी के आगरा में दूल्हे के साथ दर्दनाक घटना घट गई। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। वृंदावन गार्डन मैरिज होम में बुधवार की रात शादी समारोह में गोली चलने से दूल्हे के फुफेरे भाई की मौत हो गई। गोली एक रिटायर्ड फौजी की पिस्टल से चली थी। लाइसेंसी पिस्टल एक युवक ने देखने को मांगी थी। इसी दौरान गोली चली। पुलिस ने तहरीर पर हत्या की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हत्या के बाद गमगीन माहौल में दुल्हन की विदाई कराई गई।
घटना रात करीब तीन बजे के आस-पास की है। एसओ खंदौली अरविंद निर्वाल ने बताया कि मुरसान (हाथरस) निवासी विक्रम के बेटे अचल की बारात आई थी। सादाबाद क्षेत्र के गांव भगैना निवासी पूरन सिंह की बेटी रेनू से शादी होनी थी। मैरिज होम मुड़ी चौराहे के पास खंदौली क्षेत्र में बुक कराया गया था। बरौली, डीग भरतपुर निवासी 16 वर्षीय धर्मेंद्र पुत्र गोविंद सिंह भी बारात में आया था। वह दूल्हे का फुफेरा भाई था। आरोप है कि शादी समारोह में आए रिटायर फौजी ज्ञानेंद्र सिंह के पास लाइसेंसी पिस्टल थी। रात को फेरों की रस्म चल रही थी। घराती और बाराती एक जगह खड़े होकर आपस में बातचीत कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक इस दौरान ज्ञानेंद्र सिंह से उनकी पिस्टल शादी में मौजूद इगलास, अलीगढ़ निवासी विवेक ने देखने के लिए मांगी। पिस्टल से गोली चल गई। सामने धर्मेंद्र खड़ा था। गोली उसके सीने में लगी। वह गिर पड़ा। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। गोली चलते ही अफरा-तफरी मच गई। बाराती भाग खड़े हुए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने धर्मेंद्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शादी की रस्में रुक गईं। आनन-फानन में रस्में पूरी कराई गईं। दुल्हन को विदा किया गया। धर्मेंद्र के पिता गोविंद सिंह की तहरीर पर पुलिस ने रिटायर फौजी ज्ञानेंद्र सिंह और विवेक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने ज्ञानेंद्र सिंह को पिस्टल सहित हिरासत में लिया है। उनका कहना है कि वह अपनी पैंट सही कर रहे थे। इसलिए पिस्टल विवेक को पकड़ा दी थी। उसने गोली चला दी। पुलिस विवेक की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया कि घटना का सीसीटीवी भी वायरल हुआ है। उसे भी देखा गया है।
राजस्थान सरकार ने हर साल अपने सभी कर्मचारियों के लिए संपत्ति की घोषणा अनिवार्य कर दिया है। इसमें कहा गया है कि जो लोग आदेश का पालन करने में विफल रहते हैं, वे पदोन्नति, वार्षिक वृद्धि और सतर्कता मंजूरी के लिए पात्र नहीं होंगे। कार्मिक विभाग द्वारा मंगलवार को जारी सर्कुलर के अनुसार, सभी विभागों के कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2021 और उसके बाद से अपनी अचल संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन जमा करना होगा।
राजस्थान ओडिशा जैसे कुछ राज्यों में से एक है, जिसने अपने सभी कर्मचारियों के लिए संपत्ति की घोषणा अनिवार्य कर दी है। वर्तमान में, केवल राजपत्र अधिकारियों - सिविल और राज्य सेवाओं - को अपनी संपत्ति घोषित करने की आवश्यकता होती है। आपको बता दें कि राज्य में आठ लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी हैं।
मंगलवार को जारी परिपत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों के लिए वर्ष 2020 के लिए एक प्रावधान भी किया गया है, जहां उन्हें 1 जुलाई से 31 अगस्त, 2021 तक संपत्ति का विवरण जमा करना होगा। यह प्रावधान सभी बोर्डों, निगमों, सरकारी उद्यमों और स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों को कवर करेगा।
सर्कुलर में कहा गया है, "जो कर्मचारी विवरण जमा नहीं करेंगे, उन्हें पदोन्नति, वार्षिक वेतन वृद्धि और सतर्कता मंजूरी नहीं मिलेगी।"
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर सर्कुलर जारी किया गया है। गहलोत ने पिछले साल सितंबर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की समीक्षा बैठक करते हुए हर विभाग में मुख्य सतर्कता अधिकारियों की व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिया था। उन्होंने अधिकारियों से अपने सभी कर्मचारियों के लिए संपत्ति की घोषणा अनिवार्य करने को भी कहा था। मुख्यमंत्री ने कहा था, "इससे सरकार के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और आय से अधिक संपत्ति के मामलों को उजागर करने में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भी मदद मिलेगी।"
सचिवालय कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष पंकज कुमार ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि नए प्रावधान भ्रष्टाचार को रोकने में मदद करेंगे।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पिछले साल 363 मामले दर्ज किए थे। इस साल अप्रैल तक गजट अधिकारियों के खिलाफ 30 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।एसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "राज्य एसीबी ने पिछले 2.5 वर्षों में 500 से अधिक जाल गतिविधियों को अंजाम दिया है और ऐसे मामलों में औसतन 55% आरोपियों को दंडित किया गया है।"
इस साल फरवरी में, ओडिशा सरकार ने भी जन प्रतिनिधियों और सभी रैंकों के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक वार्षिक संपत्ति विवरण जमा करना अनिवार्य कर दिया था।
सामान्य प्रशासन और लोक शिकायत विभाग द्वारा पारित एक प्रस्ताव के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों को वर्ष के 31 जनवरी तक प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी को वार्षिक संपत्ति रिटर्न जमा करना आवश्यक होगा। प्रोन्नति के लिए संपत्ति विवरणी की अप-टू-डेट फाइलिंग को अनिवार्य बना दिया गया है।
महाराष्ट्र के पुणे में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, आज डॉक्टर्स डे के दिन एक डॉक्टर दंपति ने आत्महत्या कर ली, बताया जा रहा है कि वनवाणी थाना क्षेत्र के आजाद नगर में रहने वाले डॉक्टर पति-पत्नी में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी| इसके बाद पहले पत्नी, फिर पति ने आत्महत्या कर ली, दोनों की पहचान अंकिता निखिल शेंडकर (26) और निखिल दत्तात्रेय शेंडकर (28) के रूप में हुई है|
बताया जा रहा है कि अंकिता और निखिल दोनों आजाद नगर में रह रहे थे. दोनों अलग-अलग जगहों पर प्रैक्टिस कर रहे थे, अंकिता की क्लिनिक गली नंबर 2, आजाद नगर मे है और निखिल कहीं और प्रैक्टिस कर रहा था, बीती रात घर लौटते समय दोनों के बीच फोन पर कहा-सुनी हो गई, रात करीब आठ बजे जब निखिल घर पहुंचा तब तक अंकिता ने खुदकुशी कर ली थी|
निखिल की मौत की खबर पाकर वानवाणी पुलिस फिर मौके पर पहुंची. निखिल के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि अभी आत्महत्या के पीछे कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन दोनों मानसिक संकट के दौर से गुजर रहे थे और दोनों में कहासुनी होती रहती थी|
फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच कर रही है. डॉक्टर दंपति की मौत से आजाद नगर मोहल्ले के साथ ही पूरे पुणे शहर में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि निखिल और अंकिता की शादी अभी हाल में ही हुई थी. कुछ दिनों से दोनों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो रही थी|
राजस्थान में महिला के साथ हिंसा का डराने वाला एक मामला सामने आया है जिसमें पति ने अपनी पत्नी को तीन महीनों तक लोहे ही जंजीर में बांध कर रखा क्योंकि उसे शक था कि शादी के बाद उसकी पत्नी का किसी और से चक्कर चल रहा है। राजस्थान पुलिस ने बुधवार को कहा कि अमन नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी को करीब तीन महीने तक लोहे की जंजीरों से बांध कर रखा और उसे प्रताड़ित किया क्योंकि उसे शक था कि उसकी पत्नी का शादी के बाद किसी और से संबंध है।
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में इस शख्स ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को 30 किलो वजन की लोहे की जंजीरों से बांधकर अपने घर के पास रख रखा था। पुलिस ने कहा कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और महिला को बचा लिया गया है।
यह घटना प्रतापगढ़ जिले के अर्नोद थाना क्षेत्र की लालगढ़ ग्राम पंचायत की है। पुलिस ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि इलाके में एक महिला को जंजीरों से बांध दिया गया है। मौके पर पहुंची टीम ने जांच की तो वहां एक महिला दो ताले में जंजीरों से बंधी मिली।
40 साल की महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने उस पर शादी के बाद अफयेर का आरोप लगा के बाद होली के आसपास जंजीरों से बांध दिया। उसने पुलिस को बताया कि वह खेतों में अपनी मां की मदद करने के लिए अक्सर राजस्थान के हींगलाट जाती थी।
महिला ने पुलिस को बताया, “मेरे पति मेरी माँ के यहाँ आते और परिवार के सामने मुझे पीटते। मैं केवल अपनी बूढ़ी माँ की देखभाल करना चाहती थी लेकिन मेरे पति नशे में धुत होकर मुझे पीटते थे। उसे शक था कि मैं उसे धोखा दे रही हूं,"
महिला का आरोप है कि होली से दो-तीन दिन पहले उसके पति और उसके एक बेटे ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उसे जंजीरों से बांध दिया।
चंडीगढ़: पंजाब (Punjab) के पटियाला (Patiala) के न्यू सेंच्युरी एनक्लेव में कुत्ते को स्कूटी से बांधकर घसीटने के मामले में चंचल और सोनिया नाम की दो महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा (Bail) कर दिया है. पुलिस ने एक एनजीओ कार्यकर्ता सुषमा सिंह राठौर की शिकायत पर मामला दर्ज किया था. शिकायतकर्ता का कहना है कि 20 जून को शाम करीब सवा छह बजे उसे सूचना मिली थी कि दो अज्ञात महिलाएं न्यू सेंच्युरी एनक्लेव के पास अपनी स्कूटी के पीछे एक कुत्ते को रस्सी से बांध कर घसीटते ले जा रही हैं.
गुलशन कुमार मर्डर केस में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सहयोगी अब्दुल रऊफ मर्चेंट को बड़ा झटका लगा है। गुलशन कुमार हत्याकांड में बॉम्बेम हाईकोर्ट की जस्टिस जाधव और बोरकर ने अपना फैसला सुनाया और अब्दुल रऊफ मर्चेंट की उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा। वहीं, कोर्ट ने रमेश तौरानी की बरी के फैसले को बरकरार रखते हुए तौरानी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की अपील खारिज कर दी। बता दें कि टी-सीरीज कंपनी के संस्थाषपक गुलशन कुमार की 19 अगस्ती, 1997 को जूहू इलाके में हत्या कर दी गई थी।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की हत्या के मामले में अब्दुल रऊफ मर्चेंट की सजा को बरकरार रखा। रऊफ मर्चेंट को 1997 में टी-सीरीज़ के प्रमुख गुलशन कुमार की हत्या के लिए 2002 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायमूर्ति साधना एस जाधव और न्यायमूर्ति एनआर बोरकर की पीठ ने कहा कि रऊफ मर्चेंट की सजा जारी रहेगी क्योंकि वह पैरोल से भाग गया था और अपनी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा।
भारत-बांग्लादेश सीमा से फिर से गिरफ्तारी के बाद रऊफ मर्चेंट को साल 2016 में एक सत्र अदालत ने मुंबई के आर्थर रोड जेल भेज दिया था। औरंगाबाद जेल में रहते हुए रऊफ मर्चेंट अप्रैल 2009 में अपने परिवार से मिलने के लिए पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हो गया था। इसके बाद भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का सहयोगी रऊफ मर्चेंट बांग्लादेश भाग गया। हालांकि, उसे वहां अवैध प्रवेश और फर्जी यात्रा दस्तावेज ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
गुलशन कुमार मर्डर केस से संबंधित हाईकोर्ट में कुल चार अपीलें सूचीबद्ध थीं। इनमें से तीन अपीलें आरोपी रऊफ मर्चेंट, राकेश चंचाया पिन्नम और राकेश खाओकर की दोषसिद्धि के खिलाफ थीं, जबकि एक अन्य अपील महाराष्ट्र सरकार ने रमेश तौरानी को बरी किए जाने के खिलाफ दायर की थी। बता दें कि उसे हत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी कर दिया गया था।
म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज के संस्थापक और बॉलीवुड फिल्मों के निर्माता रह चुके गुलशन कुमार की मुंबई के जुहू इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और मुकदमा चलाया गया। गुलशन कुमार को 19 अगस्त 1997 को गोलियों से तब भूना गया, जब वह पूजा करने के लिए जा रहे थे।
देहरादून: हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को स्थगित जरूर कर दिया है, परंतु इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के विधि विभाग और शासन के अफसरों की एक टीम दिल्ली पहुंच चुकी है।
राज्य सरकार ने एक जुलाई से सीमित संख्या में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री की यात्रा स्थानीय लोगों के लिए खोलने का फैसला लिया था। 25 जून को कैबिनेट ने यह निर्णय लिया और 28 जून की देर रात मुख्य सचिव ने एसओपी भी जारी की थी। इससे पहले 28 जून को ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के तर्क को अमान्य करते हुए यात्रा स्थगित करने के आदेश दिये। बुधवार को शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की विधि विभाग ने राय दी है। दिल्ली पहुंचे अफसर केस तैयार कर रहे हैं।
बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने आंशिक रूप से चारधाम यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया था। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने हालांकि कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में फिलहाल कर्फ्यू 22 जून तक लागू रखने का भी फैसला किया गया। मंगलवार (15 जून) की सुबह छह बजे कर्फ्यू की अवधि समाप्त हो रही थी। उनियाल ने बताया कि इस अवधि के दौरान कुछ परिवर्तनों के साथ पुरानी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू रहेगी। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में चारधाम स्थित हैं, उन जिलों के निवासियों को निगेटिव आरटीपीसीआर कोविड जांच रिपोर्ट के साथ मंदिरों के दर्शन की अनुमति दे दी गयी है।
उन्होंने बताया कि अब निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट के साथ चमोली जिले के निवासी बदरीनाथ धाम, रूद्रप्रयाग जिले के निवासी केदारनाथ तथा उत्तरकाशी जिले के निवासी गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि शादी और अंत्येष्टि में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 20 से बढ़ाकर 50 करने का निर्णय भी किया गया। हालांकि शादी में शामिल होने वाले लोगों के लिए आरटीपीसीआर कोविड जांच रिपोर्ट अनिवार्य है।
मंत्री ने बताया कि इसके अलावा, प्रदेश में मिठाई की दुकानें भी सप्ताह में पांच दिन खुलेंगी। उन्होंने बताया कि दुकानदारों की मिठाई खराब होने की परेशानी के चलते सरकार ने यह निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि टेपों और ऑटो के संचालन को भी कर्फ्यू अवधि के दौरान अनुमति दी गयी है। उन्होंने कहा कि राजस्व के लंबित पडे मामलों को निपटाने के लिए 20 लोगों की सीमित संख्या के साथ राजस्व अदालतों को खोलने का निर्णय भी लिया गया है।
बिहार में मां-बेटी का रिश्ता शर्मसार हो गया। पुलिसकर्मी भी चौंक गए जब नाबालिग लड़की अपनी ही मां, मामा और नाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंची। दादी के साथ पहुंची नाबालिग लड़की ने मां पर कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिसकर्मी ने जब बेटी द्वारा लगाए गए आरोपों को सुना तो वह भी चौंक गए कि कोई मां अपनी ही बेटी के साथ ऐसा कैसे कर सकती है। मां के इस काम में मामा और नाना ने भी साथ दिया। मामला सहरसा जिले का है। यहां के रोहतास थाना में अपनी मां, मामा व नाना के खिलाफ दादी के साथ एक लड़की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची थी। जिसमें उक्त लड़की ने अपनी मां मामा और नाना को अभियुक्त बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है।
रिपोर्ट के अनुसार तिलौथू के कॉलेज में पढ़ रही इंटर की छात्रा प्रीति कुमारी (काल्पनिक नाम) शुक्रवार को अपनी दादी के साथ चलकर एसडीएम कार्यालय पहुंची। उसने एसडीएम को अपनी आपबीती सुनायी। उसके बाद एसडीएम ने रोहतास के थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। उस छात्रा ने प्राथमिकी में कहा है कि उसकी मां, मामा और नाना ने उसे ढाई लाख रुपए में बेचने का प्रयास किया है। छात्रा के मुताबिक उसके पिता अनगिना पासवान कहीं दूसरी जगह मजदूरी करते हैं। वह अपने दादा-दादी के साथ ढेलाबाद गांव में रहती है। उसकी मां अधिकांश नाना-नानी के घर रहती है।
एक सप्ताह पूर्व उसकी मां तथा उसके मामा यूपी में जबरन किसी से शादी कराने के लिए ननिहाल नावाडीह में लेकर गए। उसे घर में कैद कर दिया गया और शादी की तैयारी शुरू कर दी गई। परिजनों की बात सुनकर पता चला कि उसे ढाई लाख रुपए में बेचा जा चुका है। तब वह किसी तरह आधी रात में ननिहाल से भागी और दादी के घर पहुंची। पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। एएसपी संजय कुमार ने कहा कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। इसमें शामिल जो लोग होंगे। उनके तार जहां तक जुड़े होंगे, उन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।







