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बिहार कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव, नए ज़िला अध्यक्षों की घोषणा

बिहार कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव, नए ज़िला अध्यक्षों की घोषणा

 पटना : कांग्रेस पार्टी ने बिहार में संगठन को मजबूती देने के लिए नए ज़िला अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए किए गए इस फेरबदल का उद्देश्य (ग्रासरूट) स्तर पर पार्टी की पकड़ को मजबूत बनाना और संगठन को अधिक प्रभावी बनाना है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव के जरिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय और प्रभावी नेतृत्व को आगे लाने की कोशिश की गई है। नए ज़िला अध्यक्षों को पार्टी की नीतियों और रणनीतियों को ज़मीन पर उतारने की ज़िम्मेदारी दी गई है, ताकि कार्यकर्ताओं को संगठित कर कांग्रेस की स्थिति को और मजबूत किया जा सके।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह नई टीम पार्टी को बिहार में नई ऊर्जा देगी और आगामी चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि यह बदलाव कांग्रेस की जनाधार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद लगी भीषण आग, 18 मजदूरों की मौत, 3 की हालत गंभीर

पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद लगी भीषण आग, 18 मजदूरों की मौत, 3 की हालत गंभीर

  अहमदाबाद :- देश के किसी न किसी हिस्से से आए दिन पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की खबर आती रहती है। ताजा हादसा गुजरात के बनासकांठा से सामने आया है। यहां डीसा में मंगलवार सुबह 8 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में बॉयलर फटने से मध्य प्रदेश के 18 मजदूरों की मौत हो गई। 3 की हालत गंभीर है। वहीं, 5 मजदूर मामूली रूप से घायल हैं।

फैक्ट्री डीसा तहसील के धुनवा रोड पर है। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। विस्फोट के वक्त मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे। विस्फोट इतना भीषण था कि कई मजदूरों के शरीर के अंग 50 मीटर दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री के पीछे खेत में कुछ मानव अंग भी मिले हैं। आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को 5 से 6 घंटे लग गए। हादसे के शिकार सभी लोग 2 दिन पहले ही काम पर आए थे।

दो दिन पहले ही आए थे मजदूर

सभी मृतक और घायल मजदूर मध्य प्रदेश के हरदा जिले के हंडिया गांव के रहने वाले हैं। फैक्ट्री से मिली जानकारी के अनुसार सभी 2 दिन पहले ही काम के लिए यहां आए थे और पटाखे बनाने का काम कर रहे थे। फिलहाल मृतकों की पहचान की जा रही है।

3 लोग गंभीर रूप से घायल

3 लोग 40 प्रतिशत से ज्यादा जले डीसा एसडीएम नेहा पांचाल ने बताया कि घटना में घायल हुए सभी लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल 3 लोगों का इलाज चल रहा है। वे 40 प्रतिशत से ज्यादा जल गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन हादसे की जांच कर रहा है।

दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह इस फैक्ट्री में विस्फोटक लाकर पटाखे बनवाता था। हालांकि अब तक की जांच में पता चला है कि कंपनी मालिक के पास सिर्फ पटाखे बेचने का लाइसेंस है, बनाने का नहीं, इसलिए स्थानीय पुलिस आगे की जांच में जुटी है।

जिंदा बचे मजदूर ने बयां की दास्तां

घटना की कहानी बताते हुए घायलों ने कहा कि हम फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे थे, तभी अचानक धमाका हुआ। हमें पता ही नहीं चला कि क्या हुआ, बहुत तेज धमाका हुआ और हम बेहोश हो गए। जब ​​आंख खुली तो चारों तरफ आग लगी हुई थी। हम किसी तरह जली हुई हालत में फैक्ट्री से बाहर भागे।

हादसा : तेज हवा की वजह से विशालकाय पेड़ गिरा, 6 लोगों की हुई मौत

हादसा : तेज हवा की वजह से विशालकाय पेड़ गिरा, 6 लोगों की हुई मौत

 कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के धार्मिक पर्यटन नगरी मणिकर्ण में रविवार शाम बड़ा हादसा हो गया। गुरुद्वारा के नजदीक तेज हवा चलने से एक बड़ा पेड़ गिर गया। उसकी चपेट में आए छह लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यहां पर गाड़ियों का लंबा जाम था। इसी दौरान बड़ा पेड़ गाड़ियों पर गिर गया।जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। हादसे में तीन महिला समेत छह लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कायल का एक पेड़ तेज हवा के चलते गिर गया है। नीचे जाम के कारण खड़ी गाड़ियों पर पेड़ गिरने से यह हादसा हो गया है।

सूचना मिलते ही कुल्लू से प्रशासन की टीम, पुलिस दमकल विभाग की टीमें घटना स्थल पर पहुंची हैं। तुरंत राहत बचाव कार्य शुरू किया गया। बता दें कि इस स्थान पर रेहड़ी-पटरी भी लगाई जाती थी। जिस कारण अक्सर यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में नव संवत के दिन कुछ समय तेज तूफान चला और गुरुद्वारा जाने वाले स्थान के पास गाड़ियों का लंबा जाम लगा हुआ था।

जंगल में आग लगने से पेड़ हो गया था कमजोर

यह पेड़ कुछ समय पहले जंगल में लगाई गई आग के कारण खोखला हो चुका था। जिस कारण वह गिर गया और उसकी चपेट में 11 से अधिक लोग आ गए। इनमें से छह की मौत हो गई, जिसमें एक रेहड़ी संचालक महिला के अलावा वाहन चालक शामिल है। हादसे के बाद घायलों को कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में भेजा गया है।

 
मां ब्रह्मचारिणी की शक्ति से पूरी होंगी आपकी मनोकामनाएं...पढ़ें नवरात्रि के दूसरे दिन की व्रत कथा!

मां ब्रह्मचारिणी की शक्ति से पूरी होंगी आपकी मनोकामनाएं...पढ़ें नवरात्रि के दूसरे दिन की व्रत कथा!

 Maa Brahmacharini Vrat Katha: आज, 31 मार्च 2025 को नवरात्रि का दूसरा दिन है. दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है. मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है. उनकी सच्चे मन की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. 

मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान और बुद्धि प्रदान देवी मानी जाती हैं. उनकी पूजा करने विद्यार्थियों और ज्ञान के साधकों को खास फायदा होता है. मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों में तप और संयम की बढ़ती है. नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की कथा पढ़ना का खास महत्व है. चलिए मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा के बारे में जानते हैं. 

मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, मां ब्रह्मचारिणी का जन्म पर्वतराज हिमालय के घर हुआ था. मां ब्रह्मचारिणी ने नारद मुनि के प्रेरित होकर भगवान शिव को पति के रूप पाने के लिए खूब तपस्या की थी. उनकी कठोर तपस्या के वजह से उन्हें ब्रह्मचारिणी कहते हैं. तपस्या से पहले उन्होंने हजार साल सिर्फ फल और फूल खाकर बिताए थे फिर सो साल जमीन पर सब्जी खाकर बिताए थे. उन्होंने बारिश और धूप की बिना परवाह किए तपस्या की. कई सालों तक बस टूटे हुए बिल्वपत्र खाए और भगवान शिव की पूजा की. आखिर में उन्होंने बिना खाए-पिए तपस्या की. कठोर तपस्या के कारण उनका शरीर कमजोर हो गया. 

ऋषि और मुनि हुए प्रसन्न

जब उन्होंने पत्ते खाने छोड़ दिए तो उनका नाम  अपर्णा पड़ा. मां ब्रह्मचारिणी की प्रसन्न होकर ऋषि, मुनि प्रसन्न हो गए और प्रणाम कर उन्हें कहा, 'हे देवी आपको इस कठोर तपस्या का फल जरूर मिलेगा और भागवान शिव आपको पत्नी के रूप में स्वीकार करेंगे.' मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा और तप इतनी शानदार है कि भक्तों को कता सुनकर  तप करने की प्रेरणा और मनोबल प्राप्त होता है.

ईद उल फितर 2025 : आज पूरे देश में ईद की धूम...जानें इसका महत्व...इतिहास और पूजा विधि!

ईद उल फितर 2025 : आज पूरे देश में ईद की धूम...जानें इसका महत्व...इतिहास और पूजा विधि!

 Eid Ul Fitr 2025: आज देशभर में ईद-उल-फितर मनाया जा रहा है. रमजान के दौरान लगभग एक महीने तक उपवास के बाद ईद मनाई जाती है. मीठी ईद का दूसरा नाम ईद-उल-फितर है. इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, यह हर साल शव्वाल के दसवें दिन की पहली तारीख को मनाया जाता है. सऊदी अरब में, इस साल ईद-उल-फितर 30 मार्च को मनाया गया. वहीं, भारत में 30 मार्च की रात में चांद दिखा, इसलिए यहां आज ईद मनाई जाएगी. 

चांद के दिखने से ईद के जश्न का सही दिन निर्धारित होता है. चांद का दिखना इस्लामी कैलेंडर पर आधारित होता है और सऊदी अरब में चांद दिखने का इंतजार किया जाता है जिससे अगले दिन, भारत में इसे मनाया जाता है. इसी तरह, कश्मीर राज्य के ग्रैंड मुफ्ती त्योहार की शुरुआत की घोषणा करने भी चांद दिखने के समय पर निर्भर करती है. 

ईद अल फितर का इतिहास: 

ईद उल फितर को इस्लाम में सिद्धांतों का पालन करने के लिए सबसे अहम त्योहारों में से एक माना जाता है. इनमें उपवास, आस्था, जकात, हज यात्रा और नमाज अदा करना शामिल हैं. माना जाता है कि ईद पहली बार 624 ईस्वी में मनाई गई थी. एक महीने के उपवास के बाद, रमजान का अंत आत्म-नियंत्रण, प्रतिबद्धता और आध्यात्मिक विकास का सम्मान करने का समय होता है. 

लोग अल्लाह के उपकारों के लिए उनका आभार प्रकट करते हैं और जाने-अनजाने में की गई सभी गलतियों के लिए क्षमा मांगते हैं. ईद से पहले दान किया जाता है जिसे जकात के तौर पर जाना जाता है. माना जाता है कि पैगंबर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई जीती थी. पैगंबर की उपलब्धि पर अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए, लोग इस पवित्र दिन पर मिठाइयां बांटते हैं और कई तरह के खाने तैयार करते हैं. 

मीठी ईद हर साल बकरीद से पहले मनाई जाती है. इस दिन, मुसलमान कुरान के लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं और रमजान के समापन का जश्न मनाते हैं. 

सऊदी अरब में हुआ चांद का दीदार, जानें भारत में कब मनाई जा रही है ईद

सऊदी अरब में हुआ चांद का दीदार, जानें भारत में कब मनाई जा रही है ईद

 सऊदी अरब :- मुसलमानों के लिए ईद-उल-फितर का त्योहार बेहद खास होता है, जो रमजान के महीने के समाप्त होने पर मनाया जाता है। रमजान में मुसलमान अपने धार्मिक कर्तव्यों के तहत रोजे रखते हैं और रातभर इबादत करते हैं, ताकि अल्लाह की कृपा प्राप्त हो सके। इस समय, सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होता है कि ईद कब मनाई जाएगी, और इसके लिए मुसलमानों की नजर चांद पर होती है। 

चांद पर निर्भर है ईद की तारीख 
ईद की तारीख का निर्धारण चांद के दीदार पर निर्भर करता है। जब रमजान महीने का अंत होता है और शव्वाल महीने की शुरुआत होती है, तब चांद दिखाई देता है। जिस दिन चांद नजर आता है, उस दिन से अगले दिन ईद मनाई जाती है। इसलिए, हर साल ईद की तारीख बदलती रहती है, और यह चांद की दिखावट पर आधारित होता है। 

सऊदी अरब और भारत में ईद की तारीख 
इस साल, सऊदी अरब में ईद का चांद 29 मार्च को दिखाई दिया, और वहां ईद 30 मार्च 2025 (रविवार) को मनाई जाएगी। सऊदी अरब में मस्जिद अल हरम में ईद की नमाज 30 मार्च को सुबह 6:30 बजे अदा की जाएगी।

वहीं, भारत में 30 मार्च को चांद दिखने की संभावना है, और इस प्रकार ईद-उल-फितर भारत में 31 मार्च 2025, सोमवार को मनाई जाएगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि हर साल सऊदी अरब में ईद भारत से एक दिन पहले मनाई जाती है। इसका कारण यह है कि सऊदी अरब में रमजान का महीना भारत से एक दिन पहले शुरू हुआ था। सऊदी अरब में रमजान 1 मार्च को शुरू हुआ था, जबकि भारत में यह 2 मार्च से शुरू हुआ था। 

चांद का दीदार क्यों जरूरी है? 
इस्लामिक कैलेंडर चांद के हिसाब से चलता है, और हर हिजरी महीने की शुरुआत चांद के दीदार से तय होती है। रमजान का महीना, शव्वाल का महीना और ईद की तारीख सभी चांद के दिखने पर निर्भर करते हैं। चांद का दीदार इसलाम के अहम धार्मिक कृत्यों में से एक है, और इस पर ही ईद का आयोजन निर्धारित होता है। ईद-उल-फितर शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाई जाती है, और हर साल यह तारीख चांद के अनुसार बदलती है। इस्लामिक जानकार और धर्मगुरु चांद देखकर ही ईद की तारीख तय करते हैं, ताकि धार्मिक नियमों का पालन किया जा सके। 

ईद के चांद का पहला दीदार कहां होता है? 
ईद के चांद का पहला दीदार हमेशा सऊदी अरब में होता है, क्योंकि इस्लाम का सबसे पवित्र स्थान, मक्का और मदीना, यहीं स्थित हैं। इसलिए, सऊदी अरब में चांद दिखाई देने के बाद, ईद की तारीख तय होती है। इसके बाद, कई मुस्लिम देशों, जैसे पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश और अन्य देशों में उसी तारीख के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है। हालांकि, कुछ देशों में, जैसे ईरान, जहां शिया मुसलमानों की आबादी अधिक है, सरकार द्वारा ईद की तारीख निर्धारित की जाती है। इस तरह, ईद की तारीख हर साल चांद के दीदार पर आधारित होती है, और इस्लामिक दुनिया भर में एकजुटता और भाईचारे का प्रतीक बनकर मनाई जाती है।

बुआ को घर बुलाकर भतीजा बार बार करता था ये डिमांड, पूरा न होने पर कर दिया ये कांड

बुआ को घर बुलाकर भतीजा बार बार करता था ये डिमांड, पूरा न होने पर कर दिया ये कांड

 उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक 32 वर्षीय युवक ने अपनी 90 साल की दादी और 60 साल की बुआ की बेरहमी से हत्या कर दी। वजह थी—ऑटो खरीदने के लिए पैसे न मिलना। आरोपी ने हथौड़े से वार कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया। मुरादाबाद की रेलवे हरथला कॉलोनी में रहने वाला साहिल शर्मा बेरोजगार था। उसके माता-पिता की मौत के बाद उसकी दादी सरोज शर्मा और बुआ वंदना ही उसकी देखभाल कर रही थीं। लेकिन साहिल को उनकी देखभाल से ज्यादा संपत्ति और पैसे की चिंता थी। साहिल आए दिन नई-नई मांगें करता था। इस बार उसने ऑटो खरीदने की जिद पकड़ ली थी। वह चाहता था कि दादी उसकी संपत्ति उसके नाम कर दें। जब दादी और बुआ ने इंकार किया, तो साहिल ने खौफनाक कदम उठा लिया।

खून से सनी सुबह—कैसे दिया वारदात को अंजाम?

घटना वाली सुबह साहिल उठा और सीधे दादी के कमरे में गया। उसने पैसे मांगे, लेकिन दादी ने मना कर दिया। गुस्से में आकर साहिल ने हथौड़ा उठाया और बुआ पर 6 वार किए। बुआ की मौके पर ही मौत हो गई। बेटी को बचाने के लिए जब दादी आगे आईं, तो साहिल ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। उसने इतनी जोर से वार किया कि दादी ने भी दम तोड़ दिया। हत्या के बाद साहिल ने घर बंद किया और बरेली में अपनी बहन-बहनोई के पास चला गया। वहां उसने अपने जुर्म की पूरी कहानी बताई।

रिश्तेदारों के दबाव में किया सरेंडर

जब साहिल ने अपनी बहन और बहनोई को पूरी घटना बताई, तो उन्होंने उसे सरेंडर करने की सलाह दी। साहिल मुरादाबाद वापस आया और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दरवाजा खोला, तो दोनों की खून से सनी लाशें पड़ी थीं। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया और सबूत जुटाए गए। आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि साहिल ने पहले से इस वारदात की योजना बनाई थी या नहीं।

UPI के नए नियम 1 अप्रैल से होंगे लागू, जरूर कर लें ये काम, वरना नहीं कर पाएंगे यूपीआई का इस्तेमाल

UPI के नए नियम 1 अप्रैल से होंगे लागू, जरूर कर लें ये काम, वरना नहीं कर पाएंगे यूपीआई का इस्तेमाल

 नई दिल्ली :-  यूपीआई आने के बाद देश के डिजिटल ट्रांजैक्शन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है। यूपीआई ने लेनदेन की प्रक्रिया को काफी आसान और सुविधाजनक बनाया है। इसी वजह से देशभर में करोड़ों लोग यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं लगातार यूपीआई यूजर्स की संख्या में इजाफा भी देखने को मिल रहा है। देश को कैशलेस इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर यूपीआई एक बड़ा कदम है। भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में भी यूपीआई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अगर आप यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर खास आपके लिए है। नए वित्त वर्ष 1 अप्रैल से यूपीआई से जुड़ा एक जरूरी नियम बदलने जा रहा है। अगर आप बदलने जा रहे इस नियम का पालन नहीं करते हैं तो 1 अप्रैल से आपका यूपीआई बंद हो सकता है। इसी सिलसिले में आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –

राष्ट्रीय पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई द्वारा 1 अप्रैल, 2025 से ऐसे नंबरों को बंद कर दिया जाएगा, जो लंबे समय से इनएक्टिव हैं। अगर आपके बैंक अकाउंट से कोई पुराना नंबर लिंक्ड है, जो लंबे समय से बंद है तो आपको 1 अप्रैल, 2025 से पहले बैंक अकाउंट से नया नंबर लिंक करा लेना चाहिए।
 
अगर आप 1 अप्रैल, 2025 से पहले इस काम को नहीं करते हैं तो इस स्थिति में आपको यूपीआई से लेनदेन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस कारण आपको यह काम जल्द से जल्द करा लेना चाहिए।
 
भारत की डिजिटल इकोनॉमी को गति देने में यूपीआई एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। यूपीआई का संचालन राष्ट्रीय पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई द्वारा किया जाता है।
 
आज के समय हर महीने अरबों के संख्या में डिजिटल लेन देन यूपीआई के जरिए किये जा रहे हैं। यूपीआई की मदद से आप रियल टाइम मनी ट्रांसफर कर सकते हैं।
म्यांमार-थाईलैंड में भूकंप से हाहाकार : 10 हजार लोगों की मौत की आशंका ! अब तक 1000 लोगों की गई जान

म्यांमार-थाईलैंड में भूकंप से हाहाकार : 10 हजार लोगों की मौत की आशंका ! अब तक 1000 लोगों की गई जान

 नई दिल्ली : म्यांमार और पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार आए शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों को मिलकर 1000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अमेरिकी भूगर्भ एजेंसी ने 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई है। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार के अधिकारियों ने बताया है कि विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या शनिवार सुबह बढ़कर 1000 हो गई है, जबकि 2300 लोग घायल हुए हैं। हालांकि बैंकॉक के अधिकारियों ने शुक्रवार को थाईलैंड में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या अब कम कर दी है। थाईलैंड ने मरने वालों की संख्या को लेकर अपडेट रिपोर्ट दी है, जिसमें 6 लोगों की मौत की रिपोर्ट दी गई है। वहीं 22 लोगों को घायल और 101 लोगों को लापता बताया गया है। इससे पहले शुक्रवार को मरने वालों का आंकड़ा 10 था।

हालांकि थाईलैंड की राजधानी को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है। जबकि म्यांमार की तानाशाह सेना ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू कर दिया है। म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने देश की सरकारी टेलीविजन पर कहा है कि उन्होंने “किसी भी देश” को मदद और दान देने के लिए आमंत्रित किया है। इसके अलावा उन्होंने भी आशंका जताई है की भूकंप की वजह से भारी संख्या में लोगों की जान गई होगी। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बताया कि भूकंप की गहराई 10 किमी थी। USGS ने आज सुबह अपनी ताजा रिपोर्ट में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई है।

चश्मदीदों ने भयानक भूकंप को लेकर क्या बताया?

भूकंप को लेकर चश्मदीदों ने बताया है कि अचानकर इमारतें जोर-जोर से हिलने लगी और अफरा-तफरी मच गई। हजारों लोग सड़क पर आ गये। सभी लोग बदहवाश थे। बैंकॉक में लोग अपने अपने दफ्तरों, घरों और मॉल से बाहर निकल आए। छतों पर बने पूल से पानी बह रहा था और लोग बुरी तरह से डरे हुए थे। उस वक्त भूकंप के झटके लगातार आ रहे थे। बैंकॉक में एक स्कॉटिश पर्यटक ने कहा कि “अचानक पूरी इमारत हिलने लगी। लोग चीख-चिल्ला रहे थे और इधर-उधर भाग रहे थे।” सोशल मीडिया पर म्यांमार के मांडले से कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें टूटे घर और टूटी इमारतें देखी जा सकती हैं। म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के कारण मौतों का असली आंकड़ा शायद पूरी तरह से कभी सामने नहीं आ पाए। इसके अलावा गृहयुद्ध ने राहत-बचाव कार्यों को और भी मुश्किल बना दिया है।

इसके अलावा बीबीसी की रिपोर्ट में जेल अधिकारियों के एक करीबी सूत्र के बताया है कि म्यांमार की जेल में बंद नेता आंग सान सू पूरी तरह से सुरक्षित हैं। भूकंप का उनपर कोई असर नहीं पड़ा है और वे राजधानी नेपीडा की जेल में ही हैं। आपको बता दें कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से आंग सान सू को गिरफ्तार कर लिया गया था और अलग अलग मामलों में उन्हें 50 सालों से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा चीन ने कहा है कि उसने 37 लोगों की एक आपदा प्रतिक्रिया टीम को म्यांमार में राहत और बचाव कार्य में सहायता करने के लिए म्यांमार में भेज दिया है। चीनी शहर युन्नान से भेजी गई यह टीम भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल सैटेलाइट सहित आपातकालीन बचाव उपकरणों के 112 सेट लेकर आई है।

5 देशों में भूकंप के शक्तिशाली झटके, कई इलाकों में तबाही…इमारतें जमींदोज-सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें

5 देशों में भूकंप के शक्तिशाली झटके, कई इलाकों में तबाही…इमारतें जमींदोज-सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें

28 मार्च 2025 :-  म्यांमार में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके झटके थाईलैंड, बांग्लादेश, भारत और चीन सहित पांच देशों में महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार के मांडले के निकट था, जिससे वहां महत्वपूर्ण क्षति हुई। म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ और मांडले सहित छह क्षेत्रों में आपातकाल घोषित किया गया है।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप के प्रभाव से एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग मलबे में फंसे हुए हैं। थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनवात्रा ने शहर में आपातकाल की घोषणा की है। ​

बांग्लादेश, भारत और चीन के युन्नान और सिचुआन प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, हालांकि इन क्षेत्रों से अब तक बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

म्यांमार की सैन्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है, और भारत ने तुरंत मदद की पेशकश की है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन संचार और परिवहन प्रणालियों को हुए नुकसान के कारण चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

यह आपदा क्षेत्र में इमारतों के कमजोर निर्माण मानकों और भूकंप सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करती है, जिससे नुकसान की तीव्रता बढ़ गई है।

Medicine Price Hike : 1 अप्रैल से महंगी हो जाएंगी जरूरी दवाइयां, जेब पर पड़ेगा बोझ!

Medicine Price Hike : 1 अप्रैल से महंगी हो जाएंगी जरूरी दवाइयां, जेब पर पड़ेगा बोझ!

 Medicine Price Hike :- अगर आप नियमित रूप से एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक या डायबिटीज की दवाइयां खरीदते हैं, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि 1 अप्रैल 2025 से दवाओं के दाम बढ़ने वाले हैं। सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में वार्षिक बदलाव के आधार पर आवश्यक दवाओं की कीमतों में 1.74% की वृद्धि की अनुमति दी है।

 1 अप्रैल से महंगी हो जाएंगी जरूरी दवाइयां

दर्द निवारक और एंटीबायोटिक्स भी महंगे
औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने बताया कि पैरासिटामोल, एजिथ्रोमाइसिन, एनीमिया रोधी दवाएं, विटामिन और मिनरल्स युक्त दवाइयों समेत लगभग 1000 आवश्यक दवाओं के दाम बढ़ेंगे। यह वृद्धि औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश 2013 के तहत की जा रही है, जिसमें निर्माता थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर दाम बढ़ा सकते हैं।

दवा निर्माताओं की मांग और बढ़ते दामों की वजह
फार्मा उद्योग के अनुसार, पिछले दो सालों में मामूली वृद्धि हुई थी, लेकिन इस साल इनपुट लागत में भारी बढ़ोतरी के चलते दवाओं के दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है। पैरासिटामोल की कीमत में पिछले कुछ वर्षों में 130% तक का उछाल आया है, वहीं ग्लिसरीन और प्रोपलीन ग्लाइकॉल जैसे सॉल्वैंट्स में भी 175% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

पिछले वर्षों में कितना बढ़ा था दाम?
2022 में – 10% वृद्धि

2023 में – 12% वृद्धि

फार्मा अधिकारियों का कहना है कि इस बार भी दामों में वृद्धि अपरिहार्य है। दवा निर्माताओं के संगठन ने सरकार से अनुसूचित दवाओं में 10% की वृद्धि की मांग की थी, जिसे आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है।

जनता पर पड़ेगा सीधा असर
जरूरी दवाइयों के महंगे होने से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बढ़ती महंगाई ने पहले ही लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, ऐसे में यह वृद्धि और अधिक चिंताजनक है।

 ब्रेकिंग: कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, जानिये अब कितना मिलेगा कर्मचारियों डीए, कैबिनेट में लिया गया फैसला

ब्रेकिंग: कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, जानिये अब कितना मिलेगा कर्मचारियों डीए, कैबिनेट में लिया गया फैसला

 DA Hike : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। लंबे समय से महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि कर दी है, जिससे अब DA 55% हो गया है। इससे पहले जुलाई 2024 में सरकार ने 3% की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद यह 50% से 53% हुआ था।

शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को हुई केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। इस बढ़ोतरी का फायदा करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को होगा।

1 जनवरी 2025 से लागू होगा नया DA नई दरें 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होंगी। हालांकि, चूंकि इसकी घोषणा में देरी हुई है, इसलिए अप्रैल के वेतन में जनवरी से मार्च 2025 तक के तीन महीनों का एरियर भी दिया जाएगा।

सरकारी कर्मचारियों की मांग और अनुमानित वृद्धि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से मांग थी कि महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी की जाए। हालांकि, इस बार सरकार ने 2% की ही वृद्धि की है। आमतौर पर महंगाई भत्ते में 3 से 4% तक की बढ़ोतरी होती है, लेकिन मौजूदा आर्थिक स्थितियों को देखते हुए सरकार ने इस बार 2% की ही वृद्धि की है।

महंगाई भत्ते की ऐतिहासिक बढ़ोतरी

  • जुलाई 2024: 3% वृद्धि (50% से 53%)
  • जनवरी 2025: 2% वृद्धि (53% से 55%)

यह फैसला 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले आया है, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। महंगाई दर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा सीधा फायदा इस बढ़ोतरी का लाभ केंद्र सरकार के लगभग 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। इससे कर्मचारियों की क्रय शक्ति में सुधार होगा और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

बड़ा हादसा, कपड़ा फैक्ट्री में बॉयलर फटा...तीन मजदूरों की मौत ,छह घायलों की हालत गंभीर

बड़ा हादसा, कपड़ा फैक्ट्री में बॉयलर फटा...तीन मजदूरों की मौत ,छह घायलों की हालत गंभीर

 गाजियाबाद। गाजियाबाद जनपद में भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव दतेड़ी स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री में बॉयलर फट गया। इस घटना में तीन मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि छह लोग घायल हो गए हैं। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस अभी घटनास्थल पर जांच कर रही है। अभी यह पता नहीं चल सका है कि बॉयलर कैसे फटा है। लेकिन जांच की जा रही है। बताया गया कि शवों को पोस्टमॉर्टम भिजवाने की तैयारी चल रही है और सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया दिया गया है। फिलहाल सभी घायलों का उपचार चल रहा है।
बताया गया कि बॉयलर फटने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग भी दहल उठे।

1 अप्रैल से बदल जाएंगे कई नियम; जानें आपके वित्त पर क्या होगा असर

1 अप्रैल से बदल जाएंगे कई नियम; जानें आपके वित्त पर क्या होगा असर

 नए वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत के साथ ही बैंकिंग, टैक्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और रोजमर्रा की कई वित्तीय सेवाओं से जुड़े नियम बदलने जा रहे हैं। ये बदलाव एटीएम निकासी, यूपीआई, बचत खाते, क्रेडिट कार्ड, टैक्स नियमों और डीमैट अकाउंट्स को प्रभावित करेंगे। आइए जानते हैं कि 1 अप्रैल 2025 से कौन-कौन से नए नियम लागू होंगे और वे आपके वित्तीय जीवन को कैसे प्रभावित करेंगे।

बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन से जुड़े बदलाव

एटीएम से पैसे निकालना होगा महंगा
अगर आप किसी अन्य बैंक के एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो यह बदलाव आपको प्रभावित कर सकता है। आरबीआई के नए नियमों के तहत ग्राहक दूसरे बैंक के एटीएम से महीने में केवल तीन बार मुफ्त में पैसे निकाल सकेंगे। इसके बाद प्रत्येक लेनदेन पर 20 से 25 रुपये का शुल्क लगेगा।

बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस अनिवार्य
अगर आपके बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं है, तो बैंक आप पर जुर्माना लगा सकता है। यह सीमा हर बैंक के अनुसार अलग-अलग होगी, लेकिन ग्राहकों को अपने अकाउंट में आवश्यक न्यूनतम राशि बनाए रखनी होगी।

50,000 रुपये से अधिक के चेक पर ‘पॉजिटिव पे सिस्टम’ लागू
अब 50,000 रुपये से अधिक का चेक जारी करने से पहले ग्राहक को बैंक को इसकी सूचना देनी होगी। यह नया नियम चेक धोखाधड़ी को रोकने के लिए लागू किया गया है।

डिजिटल बैंकिंग में AI का बढ़ेगा उपयोग
बैंकिंग सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी तकनीकों का अधिक उपयोग किया जाएगा।

क्रेडिट कार्ड और यूपीआई से जुड़े नियम

क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स में कटौती
SBI और IDFC First Bank सहित कई बैंकों ने क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स और अन्य लाभों में कटौती की है। ग्राहक अब पहले की तुलना में कम रिवॉर्ड्स कमा सकेंगे।

निष्क्रिय UPI खाते होंगे बंद
अगर आपका UPI अकाउंट लंबे समय से निष्क्रिय है, तो बैंक उसे बंद कर सकता है। यह बदलाव अनावश्यक UPI अकाउंट्स को हटाने और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

टैक्स और निवेश से जुड़े बदलाव

एजुकेशन लोन पर टीडीएस हटाया गया
अब कुछ वित्तीय संस्थानों से लिए गए एजुकेशन लोन पर 0.5% की TCS कटौती को हटा दिया गया है, जिससे छात्रों को राहत मिलेगी।

डिविडेंड और म्यूचुअल फंड्स पर TDS की सीमा बढ़ी
अब डिविडेंड से हुई कमाई पर TDS की लिमिट को 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है, जिससे छोटे निवेशकों को फायदा होगा।

रसोई गैस की कीमतों में संभावित बदलाव

LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव संभव
हर महीने की 1 तारीख को गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की जाती है। ऐसे में 1 अप्रैल 2025 को गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

 
अब इस बड़ी कंपनी में छंटनी की तैयारी, जा सकती है 200 कर्मचारियों की नौकरी

अब इस बड़ी कंपनी में छंटनी की तैयारी, जा सकती है 200 कर्मचारियों की नौकरी

 नई दिल्लीः वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता अशोक लीलैंड ने बुधवार को कहा कि उसकी इकाई स्विच मोबिलिटी लि., यूके के निदेशक मंडल ने अपने शेरबर्न संयंत्र में विनिर्माण और असेंबली गतिविधियों को बंद करने के लिए कर्मचारियों के साथ परामर्श प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इससे 200 लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। स्विच मोबिलिटी लि., यूके अशोक लेलैंड की अनुषंगी की अनुषंगी कंपनी है। यह इलेक्ट्रिक बसों की विनिर्माता है, जिसकी मौजूदगी ब्रिटेन और यूरोप में है। 

अशोक लेलैंड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शेनू अग्रवाल ने मीडिया से कहा, ‘‘हमारी योजना ब्रिटेन में विनिर्माण और असेंबली गतिविधियों की समाप्ति को लेकर कंपनी के कर्मचारियों के साथ परामर्श करना है...।'' हालांकि, उन्होंने कहा, ‘‘हम कंपनी में बिक्री बाद की सेवा गतिविधियों को जारी रखना चाहते हैं। इसका कारण हमारे पास ब्रिटेन में एक महत्वपूर्ण वाहन पार्क है, जिसे हम सेवा देना चाहते हैं और अपने ग्राहकों को सुविधा देना जारी रखना चाहते हैं।'' 

यह पूछे जाने पर कि इस कदम से कितनी नौकरियां प्रभावित होंगी, अग्रवाल ने कहा, ‘‘जहां तक स्विच, यूके में कर्मचारियों की बात है, हमारे पास लगभग 240 लोग हैं... छंटनी की संख्या लगभग 200 हो सकती है। हालांकि, यह सब परामर्श प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट किया जाएगा।'' 

परामर्श प्रक्रिया पूरी होने की समयसीमा के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘हमें कम-से-कम 45 दिन देने होंगे। इसलिए मैं कहूंगा कि यह 45 से 90 दिन के भीतर होना चाहिए।'' इससे पहले दिन में, अशोक लेलैंड ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘ब्रिटेन में समग्र बस विनिर्माण क्षेत्र में जारी आर्थिक अनिश्चितता... के मद्देनजर, स्विच यूके के निदेशक मंडल ने आज कर्मचारियों के साथ परामर्श प्रक्रिया शुरू करने को मंजूरी दे दी है। जो संभावित रूप से इसकी शेरबर्न इकाई में विनिर्माण और असेंबली गतिविधियों को समाप्त कर सकती है।'' 

हालांकि, स्विच, यूके की ब्रिटेन के बाजार से बाहर निकलने की कोई योजना नहीं है। शेरबर्न सुविधा की उत्पादन क्षमता 80-100 यूनिट प्रति माह है। यह पूछे जाने पर कि कंपनी नये उत्पादों के साथ ब्रिटेन के बाजार को कैसे सेवा देगी, अग्रवाल ने कहा कि स्विच कुछ चीजों का आकलन कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें से एक यह है कि हमारे पास दुनिया भर में विभिन्न वैकल्पिक विनिर्माण स्थल हैं और ये विनिर्माण स्थल उन बसों का उत्पादन करने में बहुत सक्षम हैं जो हम ब्रिटेन में बना रहे हैं...।''

सगे मामा को दिल दे बैठी भांजी, परिजनों के विरोध के बाद खुद को कमरे में किया बंद... फिर जो हुआ जानकर रह जाएंगे दंग

सगे मामा को दिल दे बैठी भांजी, परिजनों के विरोध के बाद खुद को कमरे में किया बंद... फिर जो हुआ जानकर रह जाएंगे दंग

 Bhadohi News: सगे मामा से प्रेम- प्रसंग के चलते शादी करने की ज़िद पर अड़ी युवती के परिजनों के विरोध के बाद युवती ने बुधवार दोपहर घर में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। कोतवाली थाने के निरीक्षक सच्चिदानंद पांडेय ने बताया कि यह घटना दोपहर उस वक़्त सामने आई जब शहर कोतवाली इलाके के डुडवा धर्मपुरी निवासी अब्दुल सलीम ने अपनी बेटी नाज़िया बानो (21) के फांसी पर लटक कर जान देने की सूचना पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि नाज़िया बानो का अपने घर के बगल में रहने वाले मामा अब्दुल कलीम से प्रेम संबंध हो गया था और वह मामा से शादी करना चाहती थी।

सगे मामा से प्रेम प्रसंग का परिवार से विरोध होने पर युवती ने की आत्महत्या
मिली जानकारी के मुताबिक, सगे मामा और भांजी में शादी की बात को लेकर नाज़िया को उसके रिश्तेदारों ने काफी समझाया, लेकिन वह उसी से शादी की ज़िद पर कायम थी। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह इसी बात को लेकर घर में काफी विवाद के बाद नाज़िया घर में ऊपर बने टीन शेड के कमरे में गई और दरवाज़ा अंदर से बंद कर एक कुर्सी पर चढ़कर लोहे के एंगल से दुपट्टे से गले में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
पांडेय ने बताया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पिता से मिली मामा-भांजी के प्रेम प्रसंग के आधार पर अब्दुल कलीम से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया मृतका के परिजनों से तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

छत्तीसगढ़ बनेगा टेक्सटाइल हब, Punit Creations का बड़ा निवेश प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ बनेगा टेक्सटाइल हब, Punit Creations का बड़ा निवेश प्रस्ताव

 बेंगलुरु, 26 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख उद्योगपति मनोज अग्रवाल, जो Punit Creations के प्रमुख हैं, ने राज्य में निवेश का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ को टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।

मनोज अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में श्रमशक्ति (लेबर) और अनुकूल औद्योगिक माहौल की वजह से टेक्सटाइल उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार की नीतियों के तहत यदि किसी उद्योग में 1,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है, तो सरकार अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान करेगी। इस पहल से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

पराली से बनेगा हरित ईंधन, छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी निवेश

पराली से बनेगा हरित ईंधन, छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी निवेश

 बेंगलुरु। छत्तीसगढ़ में हरित ईंधन के क्षेत्र में निवेश को लेकर उद्योग जगत की दिलचस्पी बढ़ रही है। बेंगलुरु में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से GPRS Arya Pvt. Ltd. के दीपक अग्रवाल ने मुलाकात कर बताया कि उनकी कंपनी राज्य में पराली से Compressed Bio-Gas (CBG) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में CBG प्लांट लगाने की योजना है, जिससे किसानों को फसल अवशेषों से अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।


कंपनी ने हाल ही में बेमेतरा जिले में इंडियन ऑयल के साथ मिलकर एक CBG प्लांट स्थापित किया है, जो अब पूरी तरह से कार्य करने की दिशा में है। दीपक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना के सफल होने के बाद वे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल को अपनाना चाहते हैं। इस पहल से जैविक ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत जैविक ईंधन और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस बैठक में उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधियों ने भी छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुकता जताई।

कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 छत्तीसगढ़ सरकार ने नैसकॉम के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, कौशल विकास में निवेश बढ़ेगा

नई दिल्ली :- छत्तीसगढ़ जल्द ही आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभरेगा। छत्तीसगढ़ सरकार और नैसकॉम के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपन्न हुआ है, जिससे छत्तीसगढ़ में कौशल विकास में निवेश बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में नैसकॉम के उपाध्यक्ष श्रीकांत श्रीनिवासन व अन्य प्रतिनिधियों से मुलाकात की और राज्य की कौशल विकास के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि रायपुर देश का ऐसा प्रमुख शहर है, जहां आईआईटी, एनआईटी, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान हैं, जो उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल युवा तैयार कर रहे हैं।

नया रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां कई आईटी कंपनियों ने अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। सरकार बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर नया रायपुर को एक प्रमुख टेक हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत आईटी और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्किलिंग प्रोग्राम के माध्यम से कॉलेज के विद्यार्थियों को उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि अभी तक 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य की औद्योगिक नीति की सफलता को दर्शाता है। इस बैठक के दौरान दिल्ली, मुंबई और रायपुर में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में मिले सकारात्मक प्रतिक्रिया पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले आईईएसए अध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को लेकर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले आईईएसए अध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को लेकर हुई चर्चा

 नई दिल्ली, :-  बेंगलुरू में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) के अध्यक्ष अशोक चंडक सहित अन्य प्रतिनिधियों ने राउंड टेबल बैठक में हिस्सा लिया। जहां मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई।

इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेश अनुकूल वातावरण और बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर खुल रहे हैं।

आईईएसए अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को लेकर रुचि जताई और इस क्षेत्र में संभावित निवेश को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया।
बैठक में इंडस्ट्रियल क्लस्टर, स्किल डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

यह बैठक छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।