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BREAKING : कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय, राज्य के 17 शहरों में शराबबंदी लागू, देखें पूरी लिस्‍ट

BREAKING : कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय, राज्य के 17 शहरों में शराबबंदी लागू, देखें पूरी लिस्‍ट

25 जनवरी 2025 मध्य प्रदेश :- मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने 17 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक अप्रैल से अब प्रदेश के 17 धार्मिक नगरों में शराब नहीं बिकेगी और  दुकानें बंद हो जाएंगी।

कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जो दुकानें बंद की जाएंगी, उन दुकानों को कहीं और शिफ्ट नहीं किया जाएगा। ये पूर्णत बंद होंगी। मप्र के शहरों के धार्मिक महत्व को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। शहरों के अलावा नर्मदा नदी के दोनों किनारों के पांच-पांच किमी दायरे तक शराब दुकान नहीं रहेंगी।

 

इन नगरीय एवं ग्रामीण निकायों में बैन हुई शराब

 

1. उज्जैन नगर निगम

2. ओंकारेश्वर नगर पंचायत

3. महेश्वर नगर पंचायत

4. मण्डलेश्वर नगर पंचायत

5. ओरछा नगर पंचायत

6. मैहर नगरपालिका

7. चित्रकूट नगर पंचायत

8. दतिया नगरपालिका

9. पन्ना नगरपालिका

10. मण्डला नगरपालिका

11. मुल्ताई नगरपालिका

12. मंदसौर नगरपालिका

13. अमरकंटक नगर पंचायत

14. सलकनपुर ग्राम पंचायत

15. ग्राम पंचायत बरमानकलां, ग्राम पंचायत लिंगा और ग्राम पंचायत बरमानखुर्द

16. कुण्डलपुर ग्राम पंचायत

17. बांदकपुर ग्राम पंचायत

उज्जैन में पूर्णत: शराबबंदी 
महाकाल ज्योतिर्लिंग होने के कारण उज्जैन को शराब से मुक्त किया जा रहा है। यहां की सभी दुकानें बंद की जाएंगी। यानी कि उज्जैन नगर निगम का दायरा शराब से मुक्त रहेगा। इसके अलावा अलग-अलग नगर पालिकाएं, नगर पंचायतें भी पूरी तरह से शराब मुक्त की गईं हैं।

दतिया-पन्ना-अमरकंटक में पूरी तरह बैन
मप्र के अन्य बड़े शहर जहां पर धार्मिक कारणों से शराबबंदी लागू की गई है, उनमें दतिया एक मुख्य जगह है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि पीतांबरा पीठ होने की वजह से यहां शराबबंदी की गई है। वहीं अमरकंटक नर्मदा का उद्गम स्थल है। इस वजह से यहां शराब प्रतिबंधित रहेगी। मंदसौर में पशुपतिनाथ का मंदिर है। यहां के लोग लंबे समय से शराब बंदी की मांग भी कर रहे थे।  मैहर में माता शारदा विराजित हैं। इसके अलावा पन्ना में भी शराब पर रोक लगाई गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शराबबंदी की दिशा में अपने  कदम आगे बढ़ा रहा है। समय के साथ मध्यप्रदेश में भी पूर्ण शराबबंदी होगी। पर इसमें वक्त लगेगा। सीएम ने कहा कि राज्य धीरे-धीरे शराबबंदी की तरफ बढ़े, इस क्रम में आज एक नीतिगत निर्णय हुआ है। इस वजह से पहले चरण में 17 धार्मिक नगरों को चुना गया है। इनमें नगर पालिका, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र शामिल हैं।  इन दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा। यह निर्णय हमेशा के लिए किया गया है।

इन शहरों के अलावा मंडला- नगर पालिका,  मुलताई नगर पालिका, सलकनपुर ग्राम पंचायत, बरमानकलां, लिंगा, बरमानखुर्द ग्राम पंचायत, कुंडलपुर ग्राम पंचायत, बांदकपुर ग्राम पंचायत, ओंकारेश्वर नगर पंचायत, महेश्वर नगर पंचायत, मण्डलेश्वर नगर पंचायत, ओरछा नगर पंचायत, चित्रकूट नगर पंचायत शामिल हैं। बरमानकलां, लिंगा और बरमानखुर्द तीनों गांव एक ही ग्राम पंचायत में आते हैं।

Mamta Kulkarni : एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने लिया संन्यास, बनीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर

Mamta Kulkarni : एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने लिया संन्यास, बनीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर

  प्रयागराज।  बॉलीवुड में अपनी खूबसूरती और शानदार एक्टिंग से लाखों- करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाली एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को भला कौन नहीं जानता। हसीना ने कई बेहतरीन फिल्मों में काम कर अपनी अलग पहचान बनाई, तो अब वह संन्यासी हो गई हैं। 25 साल बाद भारत लौटी ममता ने प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान संगम तट पर पिंडदान किया। जिसके बाद वह किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनीं और अब उनकी पहचान यामाई ममता नंद गिरी के नाम से होगी।

कभी पर्दे पर अपने एक से बढ़कर एक स्टाइलिश लुक्स से सबको दीवाना बनाने वाली ममता महाकुंभ मेला में भगवा रंगे के कपड़े, माथे पर चंदन, कंधे पर झोला और गले में रुद्राक्ष की माला पहनकर किन्नर अखाड़े में पहुंची थीं। जहां हर कोई उनका बदला हुआ रूप देखता रहा गया। पूर्व अभिनेत्री के पुराने लुक्स अब सोशल मीडिया पर छा गए हैं। जहां वह कभी साड़ी, तो कभी ड्रेस पहने नजर आईं।

विवादों से भी रहा है नाता

कुलकर्णी ने 2002 में बॉलीवुड इंडस्ट्री से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद ममता कुलकर्णी दोबारा 2016 में चर्चा में आई, जब पुलिस ने ममता का नाम ड्रग्स की अवैध सप्लाई के मामले में शामिल बताया।

52 साल की ममता ने सलमान खान और शाहरुख खान जैसे कई बड़े सितारों के साथ किया, तो काफी समय पहले ही उन्होंने इंडस्ट्री से दूरी बना ली थी। लेकिन, वह जब भी किसी फिल्म में दिखतीं या उनकी फोटोशूट सामने आता, उनकी अदाओं पर सब फिदा हो जाते।

अब यहां ही देख लीजिए, ब्लैक कलर की ऑफ शोल्डर बॉडी फिटेड ड्रेस में वह अपना जलवा बिखेर रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ डीप नेकलाइन वाली शॉर्ट ड्रेस में भी उनका अदाएं देखते ही बनी। हालांकि, अब उनका अंदाज पूरी तरह से बदल गया है।

किन्नर अखाड़े से जुड़ी अभिनेत्री

किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण ने ममता नंद गिरी का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़े ने बॉलीवुड की पूर्व एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाया है. उनका नाम श्री यमाई ममता नंद गिरि रखा गया है. वह पिछले डेढ़ साल से किन्नर अखाड़े और मेरे संपर्क में हैं. अगर वह चाहें तो किसी भी धार्मिक पात्र का किरदार निभा सकती हैं, क्योंकि हम किसी को भी अपनी कला दिखाने से नहीं रोकते.”

25 साल बाद आई भारत

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर ममता ने भारत आने की जानकारी दी थी. क्लिप में कुलकर्णी कहती नजर आई थीं “हेलो दोस्तों, मैं ममता कुलकर्णी 25 साल बाद भारत ‘आमची मुंबई’ लौटी हूं. यहां आकर मेरी पुरानी यादें ताजा हो गईं. फ्लाइट के उतरने से पहले मैं बहुत उत्साहित थी और अपने इधर-उधर देख रही थी.

” उन्होंने सालों बाद भारत लौटने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा था, “मैंने अपने देश को करीब 25 साल बाद जब ऊपर से देखा (प्लेन के लैंडिंग के दौरान). यह देखकर मैं भावुक हो गई थी. मेरी आंखों में आंसू आ गए थे. मैंने जब मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बाहर कदम रखा, तो मैं बेहद खुश और उत्सुक थी.”

MP में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

MP में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 जबलपुर, भोपाल और इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकीय टीम को दी बधाई
चिकित्सकीय सेवाओं के प्रदाय में यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण सोपान: उप मुख्यमंत्री   शुक्ल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने चिकित्सा सेवाओं में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में पहली बार सफलतापूर्वक हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया है। उन्होंने इस

उपलब्धि के लिये चिकित्सकीय टीम को बधाई दी हैं।

उप मुख्यमंत्री   राजेन्द्र शुक्ल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग और नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर और एम्स भोपाल के चिकित्सीय स्टॉफ की सजगता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है। प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग जनसेवा के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने प्रक्रिया में शामिल डॉक्टरों, सहयोगी स्टॉफ और पुलिस प्रशासन को बधाई दी है, जिनकी मेहनत और तत्परता से यह संभव हो पाया। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने मरीज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि इस प्रक्रिया में ग्रीन कॉरिडोर और पीएम   एयर एम्बुलेंस सेवा का उत्कृष्ट उपयोग किया गया। इस जनहितैषी सेवा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, प्रशासन की सजगता और तालमेल ने ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से अंगों को समय पर पहुंचाने का कार्य संभव हो सका। जबलपुर, भोपाल और इंदौर में तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए, जो प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है।

 परिवारजनों का उदार और संवेदनशील निर्णय सराहनीय और अनुकरणीय

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सागर जिले के ग्राम मानक्याई निवासी 61 वर्षीय श्री बलिराम कुशवाहा के परिवारजनों द्वारा अंगदान की पहल को महान और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि बलिराम कुशवाहा के परिवारजनों 

ने इस कठिन समय में जो उदार और संवेदनशील निर्णय लिया है, वह न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी है। उन्होंने परिवारजनों की परोपकारिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका यह कदम एक नई जिंदगी देने का अद्भुत उदाहरण है और मानवता की सेवा का प्रतीक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने समस्त प्रदेशवासियों से इस महान कार्य से प्रेरणा लेने और अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की है।

उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि पीएम   एयर एम्बुलेंस सेवा का उपयोग गंभीर मरीजों के परिवहन के साथ इस प्रकार की आपातकालीन और महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाओं के लिए भी किया जा रहा है। यह सेवा हमारी स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक सशक्त बना रही है। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने ट्रांसप्लांट के बाद मरीज के स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया केवल चिकित्सा क्षेत्र की सफलता ही नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों के लिए एक नई आशा का संचार करती है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि चिकित्सकीय सेवाओं के प्रदाय में एक महत्वपूर्ण सोपान है।

जबलपुर में ब्रेन डेड मरीज की सूचना मिलते ही राज्य शासन ने तुरंत कार्रवाई की। एम्स भोपाल के डॉक्टरों की एक टीम रातों-रात जबलपुर पहुंची और अंग रिट्रीवल की प्रक्रिया को अंजाम दिया। इस पूरी प्रक्रिया में जबलपुर, भोपाल और इंदौर में तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। पुलिस और चिकित्सा विभाग ने बेहतरीन समन्वय से अंगों का समय पर परिवहन सुनिश्चित हुआ। ब्रेन डेड मरीज का हृदय ग्रीन कॉरिडोर और एयर एम्बुलेंस के माध्यम से जबलपुर से भोपाल लाया गया। एम्स भोपाल में इस हृदय का सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया गया। लीवर को हेलीकॉप्टर और वायुयान के माध्यम से इंदौर स्थित चोइथराम अस्पताल भेजा गया। लीवर को पहले हेलीकॉप्टर से भोपाल हवाई अड्डे लाया गया और वहां से वायुयान से इंदौर पहुंचाया गया। चोइथराम अस्पताल में लीवर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया जारी है।

 

भारतीय खिलाड़ियों ने बल, पराक्रम, कौशल एवं बुद्धि से पूरे विश्व में बनाई है पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय खिलाड़ियों ने बल, पराक्रम, कौशल एवं बुद्धि से पूरे विश्व में बनाई है पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहयोग क्रीड़ा मंडल द्वारा गोटेगांव में आयोजित ऑल इंडिया प्रो- कबड्डी टूर्नामेंट को संबोधित कर कहा कि देश के खिलाड़ियों ने बल, पराक्रम, कौशल एवं बुद्धि से पूरे विश्व में पहचान बनाई है। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है। प्रत्येक आयोजन में कबड्डी एवं कुश्ती के खिलाड़ियों ने निश्चित रूप से पदक प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाला समय युवाओं का समय है। प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खिलाड़ियों एवं खेल विधाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नवीन शिक्षा नीति में खेलों को विषय के रूप में शामिल किया गया है। साथ ही जन शिक्षकों की भर्ती की गई है।

11 लाख रूपए की राशि सहयोग क्रीड़ा मंडल गोटेगांव को देने की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मणिनागेन्द्र सिंह फाउंडेशन, सहयोग क्रीड़ा मंडल द्वारा पारंपारिक खेलों के लिए किये जा रहे प्रयासों के साथ ही विगत 41 वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही कबड्डी प्रतियोगिता के वृहद आयोजन को लेकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि समिति के प्रयासों से अनेकों देश- प्रदेश स्तर के खिलाड़ी बने हैं। कबड्डी का ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है, जो गोटेगांव से खेलकर न गया हो। उन्होंने समिति द्वारा किये जा रहे खेलों के साथ ही समाज सेवा के कार्यों को भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंचीय कार्यक्रम से 11 लाख रुपये की राशि समिति को देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी समय में परंपरागत खेलों को प्रोत्साहित करने के तारतम्य में कबड्डी लीग भी कराया जायेगा।

सांसद चौ. दर्शन सिंह, विधायकद्वय   विश्वनाथ सिंह पटेल व  महेन्द्र नागेश, सहयोग क्रीड़ा मंडल के संस्थापक सदस्य   मुलाम सिंह पटेल सहित अन्य विशिष्ट जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

कबड्डी खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कबड्डी के खिलाड़ियों एवं प्रशंसकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कबड्डी एकमात्र ऐसा खेल है, जिसमें भारतीय दर्शन परिलक्षित होता है। कबड्डी के प्राणायाम व व्यायाम से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा महाभारत के चक्रव्यूह की संरचना की तरह इस खेल के मैदान में खिलाड़ी के पराक्रम और स्फूर्ति का अद्भुत समन्वय का अहसास होता है। बदलते दौर में अब अन्य देश भी कबड्डी को प्रोत्साहित कर रहे हैं। कबड्डी के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार भरसक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि माटी में खेलने का आनंद कुछ और ही है। कबड्डी जैसे खेलों को विदेशों में आत्मीयता से अपना रहे हैं।

सरकार महिला, गरीब, युवा तथा किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार महिला, गरीब, युवा तथा किसानों के कल्याण के लिए अभियान चलाकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2028 तक हर गरीब का पक्के आवास का स्वप्न को पूरा करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसी तरह युवाओं के लिए एक लाख से अधिक सरकारी पदों में नियुक्ति की जा रही है। आने वाले 5 वर्षों में 2.70 लाख पदों पर भर्ती कर सभी सरकारी पद भरे जायेंगे। लोक सेवा आयोग के लंबित सभी परीक्षायें शीघ्र आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा रोजगार की दिशा में कार्य करते हुए युवा कल्याण का अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है।

भगवान   राम एवं   कृष्ण प्रदेश में जहां- जहां प्रवास किये वहां बनाये जायेंगे धार्मिक पर्यटन स्थल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य की है। उनके आदर्शों के अनुरूप प्रदेश में सुशासन के मापदंड स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हर स्थानों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ- साथ कार्य किया जायेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में   राम मंदिर निर्माण एक वर्ष पूर्ण होने पर देश में उत्साह का माहौल है। पूरे देश में सांस्कृतिक अनुष्ठान आयोजित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में भी जहां- जहां भगवान   राम एवं   कृष्ण के चरण पड़े उन स्थानों को धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में दर्शित किया जायेगा।

17 अलग- अलग धार्मिक स्थानों में की जायेगी शराबबंदी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराई के रोकथाम के लिए 17 अलग-अलग धार्मिक स्थानों में शराबबंदी की जायेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा परिक्रमा वासियों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। नर्मदा किनारे उनके लिए आश्रय स्थल तथा स्नान घाट बनाये जायेंगे। साथ ही कहा कि नर्मदा के आंचल को हरा-भरा कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कार्य किया जायेगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री   प्रहलाद सिंह पटेल ने स्वागत उद्बोधन में परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने में किये जा रहे नवाचार के साथ कहा कि गोटेगांव में लगातार 41 वर्षों से जनभावना के अनुरूप कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार भी खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. मणिनागेंद्र सिंह के छायाचित्र पर माल्यार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाई जंप नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट अंजली वर्मा को शील्ड देकर सम्मानित किया।

मंच से किया विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभांवित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से लाड़ली लक्ष्मी योजना में आनबी पटेल, तेजस्वनी कहार व शिवन्या ठाकुर, मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अंतर्गत सुपर 5000 योजना में  आस्था लोधी,   पंकज दुबे व   जगदीश लोधी और पशुपालन विभाग के अंतर्गत चारा विकास योजना के तहत   रोहित अग्रवाल को लाभान्वित किया।

कबड्डी खिलाड़ियों से किया परिचय प्राप्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंचीय कार्यक्रम के बाद सहभागी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। साथ ही सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य शुभकामनायें देकर प्रोत्साहित किया।

135.18 करोड़ रूपये की लागत के 39 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोटेगाँव में 135 करोड़ 18 लाख रूपये की लागत के 39 कार्यो का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इनमें 22 करोड़ 85 लाख रूपये के 19 निर्माण कार्यो का लोकार्पण और 112 करोड़ 33 लाख रूपये के 20 निर्माण कार्यो का भूमि-पूजन शामिल है।

गणतंत्र दिवस परेड में जल जीवन मिशन की कहानी बताएंगे 178 'जल योद्धा'

गणतंत्र दिवस परेड में जल जीवन मिशन की कहानी बताएंगे 178 'जल योद्धा'

नई दिल्ली / देशभर से 178 जल योद्धाओं को यहां 76वें गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने और जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से मिलने के लिए विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के माध्यम से अपने समुदायों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

जेजेएम का उद्देश्य हर घर को स्वच्छ और सतत पेयजल उपलब्ध कराना है. अधिकारियों ने कहा कि राजस्थान के शुष्क भूभाग से लेकर असम के हरे-भरे क्षेत्र तक, इन जमीनी स्तर के योद्धाओं ने जल, स्वच्छता और स्वच्छता प्रणालियों (वॉश) लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपने समुदायों का नेतृत्व किया है तथा एक स्वस्थ और अधिक टिकाऊ भारत के निर्माण में सामूहिक प्रयास को प्रदर्शित किया है.

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के जंगल धूसड़ के प्रधान राजेंद्र प्रसाद ने अपने समुदाय को असुरक्षित हैंडपंपों के स्थान पर पाइप जल प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया. इसी तरह, सरौरा गांव में सेवानिवृत्त मैकेनिकल इंजीनियर पूरनमासी ने जेजेएम और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को एकीकृत करके जीवाणु संबंधी संदूषण से निपटने का प्रयास किया. उनके नेतृत्व में, एक सौर ऊर्जा चालित जल आपूर्ति प्रणाली स्थापित की गई और 250 साल पुराने कुएं को संरक्षित किया गया.

सार्वजनिक जल वाले स्थान अब स्वच्छ जल उपलब्ध कराते हैं, जिससे गांव में स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों में सुधार होता है. राजस्थान के गुढ़ा भगवानदास में, सरपंच धापू देवी ने पानी की गंभीर कमी से निपटने के प्रयासों का नेतृत्व किया.

गुजरात के केलिया वासणा में जल वितरण की चुनौतियों का सामना करना पड़ा. ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) की अध्यक्ष हिरलबेन हितेंद्रभाई पटेल ने नई जल लाइन और ऊंची टंकियों के निर्माण कार्यों का नेतृत्व किया, जिससे समान आपूर्ति सुनिश्चित हुई और बोरवेल पर निर्भरता कम हुई.

हिरलबेन ने कहा, इस परियोजना की सफलता के साथ अब हम अन्य विकासात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं. कर्नाटक के कोप्पल जिले में, वीडब्ल्यूएससी की अध्यक्ष शिवम्मा ने टपकते पाइपों की मरम्मत करके और ग्राम सभाओं और स्कूल प्रतियोगिताओं के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देकर अपने गांव की तस्वीर को बदल दिया. आज, कोलूर में 24 घंटे पानी की आपूर्ति होती है जिससे महिलाएं कृषि और आर्थिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर पाती हैं.

MP : डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जायेगा भोपाल का नव निर्मित फ्लाई-ओवर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

MP : डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जायेगा भोपाल का नव निर्मित फ्लाई-ओवर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल को मिली 154 करोड़ रूपये की लागत के फ्लाई-ओवर की सौगात नगर के विकास को गति देगी। यह नव निर्मित फ्लाई-ओवर हमारे महान देशभक्त और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जायेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल, देश का दिल है। यह देश की सुंदरतम राजधानी है। वर्ष 1956 में जब मध्यप्रदेश का गठन हुआ था, उस समय भोपाल एक छोटा सा गांव था। लंबे समय तक इसका विकास रुका रहा। हमारी सरकारों ने इसका विकास किया। अब भोपाल का तेज गति से विकास किया जाएगा। तीन किलोमीटर लंबा नव निर्मित फ्लाई-ओवर गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सुयोग है कि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर इसका लोकार्पण हो रहा है। यह पुल एक और नेताजी सुभाष चंद्र सेतु और दूसरी ओर वीर सावरकर सेतु को मिलाएगा। बड़ी चुनौतियों के बीच इस ब्रिज का निर्माण हुआ है, इसके लिए लोक निर्माण मंत्री और उनका विभाग बधाई के पात्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बावड़िया-कलां क्षेत्र में आवागमन की सुविधा की दृष्टि से 180 करोड रुपए की लागत से फ्लाई-ओवर बनाए जाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द बैरागढ़ ब्रिज का भी लोकार्पण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को भोपाल में 3 किलोमीटर लंबे नव निर्मित फ्लाई-ओवर ब्रिज का लोकार्पण कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पुल के बन जाने से ओबेदुल्लागंज, नर्मदापुरम, बैतूल, खंडवा और जबलपुर मार्ग पर यातायात सुगम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारे महान देशभक्त नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है, उन्हें हम हृदय से नमन करते हैं। उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अंग्रेजों को चुनौती दी और स्वतंत्रता संग्राम को नई राह दिखाई। वर्ष 1923 में उन्होंने अंग्रेजों की आईसीएस परीक्षा प्रवीण्य सूची में उत्तीर्ण की, परंतु उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी करने के स्थान पर देशभक्ति का मार्ग चुना। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव सर्वाधिक मतों से जीता।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने समानता की लड़ाई लड़ी। संविधान निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, उन्होंने धारा 370 का विरोध किया था। हम उनकी स्मृति में पंच तीर्थ उनके जन्म स्थान, दीक्षा स्थल, कर्मभूमि, शिक्षा स्थल और जहां उन्होंने शरीर त्याग किया वहां तीर्थ स्थल विकसित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई, रानी दुर्गावती और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसी महान वीरांगनाओं ने देश का गौरव बढ़ाया है। हमारी सरकार ने महिला सशक्तिकरण नीति बनाई है, जिसे शीघ्र लागू किया जायेगा। हमारी सरकार महिलाओं, युवा, किसान और गरीबों के कल्याण के लिए मिशन चला रही है। हम निरंतर बहनों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार महिला, युवा, किसान और गरीबों के कल्याण के लिये मिशन चला रही है। इनकी बेहतरी के लिये योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिये चौतरफा प्रयास किये जा रहे हैं। हाल ही में पूणे में आयोजित निवेशकों के सम्मेलन में अनेक उद्योगपतियों ने प्रदेश में निवेश की सहमति दी है। पूणे के उद्योगपति भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न अंचलों की नैसर्गिक सुंदरता से भी काफी प्रभावित हैं।

लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकास नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि यह फ्लाई-ओवर शहर के यातायात प्रबंधन में महती सुधार लाने के साथ यात्रियों को राहत प्रदान करेगा। मंत्री   सिंह ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी राज्य की रीढ़ की हड्डी होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में प्रदेश इस दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। फ्लाई-ओवर के लोकार्पण की जब बात आई, तब उन्होंने इसे जनता के लिए तुरंत समर्पित करने पर जोर दिया। यह उनकी संवेदनशीलता और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के महानगरों में लगभग 3000 करोड़ रुपए की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही 361 पुलों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। मध्यप्रदेश के सुदूर क्षेत्रों तक सड़कों का विस्तार हो रहा है। जहाँ टू-लेन सड़कें थीं, वहाँ फोर-लेन और जहाँ फोर-लेन थीं, वहाँ सिक्स-लेन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। मंत्री   सिंह ने कहा कि हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैंने विभिन्न राज्यों में जाकर विकास कार्यों का अध्ययन किया गया और अब उन मॉडल्स को मध्यप्रदेश में लागू किया जायेगा।

सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित मध्यप्रदेश को स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने की ओर ले जा रहे हैं। प्रदेश में विकास को गति देने के लिये प्रदेश की टीम पूरी दृढ़ता से कार्य कर रही है। फ्लाई-ओवर जैसे अधोसंरचनात्मक विकास से समाज को लाभ मिलता है और विकास को नई गति भी मिलती है।

हुजूर विधायक  रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास के नये आयाम जुड़ रहे हैं। भोपाल नगर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में नव निर्मित फ्लाई-ओवर महती भूमिका अदा करेगा। इस फ्लाई-ओवर पर रात में भी दिन का एहसास होगा। भोपाल महापौर  मालती राय ने सभी का आभार माना। इस अवसर पर विधायक   भगवान दास सबनानी, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

कब आएगी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त? जानिए सबकुछ

कब आएगी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त? जानिए सबकुछ

 नई दिल्ली : सरकार की ओर से इस समय देश में कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं. इनमें योजनाओं में स्वास्थ्य, पेंशन और आर्थिक जरूरतें पूरी करने वाली स्कीम्स शामिल हैं. अगर आप किसी भी सरकारी योजना के लिए पात्र हैं तो आप आवेदन करके उसका फायदा उठा हो सकते हैं. वहीं, सरकार किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भी चला रही है.

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान इसमें आवेदन करके स्कीम से जुड़ सकते हैं और सरकार की ओर से मिलने वाला आर्थिक लाभ हालिस कर सकते हैं. बता दें कि इस योजना का लाभ सिर्फ उन किसानों को दिया जाता है जो इस योजना के लिए पात्र होते हैं.

कब आएगी किस्त?
ऐसे में अगर आप भी इस योजना के लिए पात्र हैं तो आप भी इसमें आवेदन कर सकते हैं और योजना का लाभ ले सकते हैं. वहीं, जो किसान पहले ही इस योजना से जुड़ चुके हैं, वह अपनी 19वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार फरवरी महीने में 19वीं किस्त जारी कर सकती है. अगर आप भी अपनी अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है.

योजना के तहत कितने मिलते हैं पैसे?
बता दें कि योजना के अंतर्गत सरकार लगभग हर 4 महीने के अंतराल पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त जारी करती है. योजना के तहत हर किस्त में किसानों को 2-2 हजार रुपये देने का प्रावधान है और इस तरह सालाना 6 हजार रुपये दिए जाते हैं. सरकार किस्त की रकम डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के माध्यम से किसानों के बैंक अकाउंट में भेजती है.

गौरतलब है कि योजना के तहत 18वीं किस्त बीते 5 अक्तूबर को जारी की गई थी. ऐसे में अगली किस्त यानी 19वीं किस्त के चार महीने का समय फरवरी में पूरा हो रहा है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि फरवरी में इसकी 19वीं किस्त जारी हो सकती है. हालांकि, अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

किन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ?
अगर आप भी किस्त का इंतेजार कर रहे हैं तो तुरंत ई-केवाईसी करवा लें. जिन किसानों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई है तो उन्हें किस्त का लाभ नहीं मिलगे. योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी भूमि का सत्यापन भी करवाना होता है. ई-केवाईसी की तरह ये काम भी काफी जरूरी होता है.

आपको आधार सीडिंग भी करवानी होती है जिसमें आपको अपने बैंक खाते को आधार कार्ड से लिंक करवाना होता है. अगर आपने ये काम नहीं करवाया है तो आप किस्त के लाभ से वंचित रह सकते हैं.

अब बिना रिचार्ज के 90 दिनों तक चलेगा सिम, TRAI की ओर से नया नियम जारी

अब बिना रिचार्ज के 90 दिनों तक चलेगा सिम, TRAI की ओर से नया नियम जारी

  SIM Card New Rules : टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI की ओर से नया नियम जारी किया गया है, जिसमें बिना रिचार्ज के सिम कार्ड को ज्यादा दिनों तक एक्टिवेट रखने की छूट दी गई है। अगर आप फोन में दो सिम का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है, क्योंकि फोन में ड्यूल सिम कार्ड यूजर करने वाले कों न्यूनतम रिचार्ज कराना होगा है, जिससे सिम कार्ड ब्लॉक न हो जाए। इस मामले में ट्राई ने मोबाइल यूजर्स को थोड़ी राहत दी है। कहने का मतलब है कि बिना रिचार्ज के सिम कार्ड को ज्यादा वक्त तक एक्टिवेट रखा जा सकता है, तो आइए जानते हैं जियो, एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल सिम को बिना रिचार्ज के कितने दिनों तक एक्टिवेट रखा जा सकता है

जियो सिम कार्ड वैलिडिटी रूल

रिलायंस जियो सिम कार्ड को बिना रिचार्ज के 90 दिनों तक एक्टिव रखा जा सकता है। 90 दिनों के बाद सिम को दोबारा एक्टिवेट करना होगा। आपके आखिरी रिचार्ज प्लान के आधार पर इनकमिंग कॉल को एक माह या फिर कुछ हफ्तों के लिए बंद किया जा सकता है। इसके बाद भी अगर सिम कार्ड रिचार्ज नहीं किया जाता है, तो उसे अस्थायी तौर पर बंद कर दिया जाएगा। साथ ही वो नंबर किसी दूसरे यूजर को दे दिया जाएगा।

एयरटेल सिम कार्ड वैलिडिटी नियम

एयरटेल सिम कार्ड बिना किसी रिचार्ज के 90 दिन या उससे ज्यादा वक्त तक एक्टिवेट रखा जा सकता है। इसके बाद यूजर को 15 दिनों की अतिरिक्त छूट मिलती है। इस दौरान यूजर को रिचार्ज कराना अनिवार्य होता है। ऐसा न करने पर मोबाइल नंबर हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। साथ ही उस सिम को दूसरे को आवंटित कर दिया जाएगा।

वोडाफोन-आइडिया सिम कार्ड वैलिडिटी नियम

यूजर बिना रिचार्ज के अपने सिम कार्ड को 90 दिनों तक एक्टिवेट रख सकते है। वही अगर आप अपने सिम को एक्टिवेट रखना चाहते हैं, तो उसमें कम से कम 49 रुपये का रिचार्ज कराना होगा।

बीएसएनएल सिम कार्ड की वैलिडिटी का नियम

सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल के सिम को बिना रिचार्ज के सबसे ज्यादा दिनों तक एक्टिवेट रखा जा सकता है। इसे बिना रिचार्ज के करीब 180 दिनों तक एक्टिव रख सकते हैं। यह लंबा प्लान उन यूजर्स के लिए अच्छा ऑप्शन होगा, जो बार-बार रिचार्ज कराने से बचना चाहते हैं।

20 रुपये में 30 दिन का प्लान

अगर कोई सिम 90 दिन तक एक्टिवेट रहती है, और उसमें 20 रुपये का बैलेंस हैं, तो सिम कार्ड को अगले 30 दिनों तक बंद नहीं किया जाएगा। ऐसे में आप सिम कार्ड को 120 दिनों तक इस्तेमाल कर पाएंगे।

Donald Trump : डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47 वें राष्ट्रपति के तौर पर ली शपथ, जे डी वेंस बने उपराष्ट्रपति

Donald Trump : डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47 वें राष्ट्रपति के तौर पर ली शपथ, जे डी वेंस बने उपराष्ट्रपति

 वाशिंगटन डीसी। Donald Trump : अमेरिका में आज सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने 47वें राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली हैं। वहीं रिपब्लिन नेता जेंडी वेंस ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली है। बता दें इस शपथ ग्रहण समारोह में ह्वाइट हाउस को दुल्हन की तरह सजाया गया है, जहां दुनिया भर के विशिष्ट मेहमानों का जमावड़ा लगा हुआ है।

रिपब्लिकन पार्टी के नेता डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोमवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले ली। बता दें ट्रंप को नवंबर-2024 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में 312 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स मिले थे और उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस को हराया था जिन्हें 226 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स मिले थे। ट्रंप इससे पहले अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति रह चुके हैं।

Delhi Chunav 2025: दिल्ली के किरायेदारों को बड़ी सौगात, चुनाव से पहले केजरीवाल ने किया ये बड़ा एलान

Delhi Chunav 2025: दिल्ली के किरायेदारों को बड़ी सौगात, चुनाव से पहले केजरीवाल ने किया ये बड़ा एलान

 Delhi Chunav 2025: दिल्ली में चुनाव से पहले भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी वोटरों को लुभाने में लगे हुए हैं। यही कारण है कि रोजाना कोई ना कोई पार्टी मतदाताओं के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। इसी कड़ी में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दिल्ली के सभी किरायेदारों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं।

केजरीवाल ने नई घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली में किरायेदारों को बिजली और पानी फ्री होने का लाभ नहीं मिल रहा है, इन्हें भी फ्री बिजली और पानी का लाभ मिलना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि मैं जहां भी जाता हूं वहां लोग यह बात कहते हैं कि हमें अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

मगर हमें फ्री बिजली और फ्री पानी का लाभ नहीं मिल पा रहा है,यह किरायेदारों की शिकायत है। केजरीवाल ने कहा कि हमारी सरकार बनने पर हम ऐसी योजना लाएंगे जिसमें किराएदारों को बिजली पानी फ्री मिल सकेगा यह हमारी गारंटी है।

 
स्वामित्व योजना: ग्रामीण भारत में बदलाव की नई इबारत, 65 लाख लोगों को मिले संपत्ति कार्ड

स्वामित्व योजना: ग्रामीण भारत में बदलाव की नई इबारत, 65 लाख लोगों को मिले संपत्ति कार्ड

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण संपत्ति मालिकों को 65 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने इसे गांवों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। कार्यक्रम में 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 230 से अधिक जिलों के 50 हजार गांवों को इस योजना से जोड़ा गया।

क्या है स्वामित्व योजना?

स्वामित्व योजना (SVAMITVA) का उद्देश्य ग्रामीण भारत के संपत्ति मालिकों को उनकी संपत्तियों का स्वामित्व अधिकार प्रदान करना है।

  • ड्रोन तकनीक का उपयोग: योजना के तहत ड्रोन की मदद से गांवों का सटीक सर्वेक्षण किया जाता है।
  • संपत्ति रिकॉर्ड: इससे ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्तियों का अधिकार रिकॉर्ड दिया जाता है।
  • भूमि विवादों में कमी: सटीक स्वामित्व डेटा के कारण भूमि विवादों में उल्लेखनीय कमी आई है।

योजना से ग्रामीण भारत को कैसे फायदा हुआ?

  1. संपत्तियों का मुद्रीकरण:
    ग्रामीण संपत्ति मालिक अब संपत्ति कार्ड के माध्यम से बैंक ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
  2. विवादों में कमी:
    स्वामित्व योजना से संपत्ति विवाद कम हुए हैं।
  3. आर्थिक प्रगति:
    संपत्ति कर का बेहतर मूल्यांकन और संपत्तियों के स्पष्ट रिकॉर्ड ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया है।
  4. सशक्तिकरण का मील का पत्थर:
    यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में गवर्नेंस और सशक्तिकरण को मजबूत करने में सहायक बनी है।

अब तक की प्रगति:

  • 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार:
    अब तक 1.53 लाख गांवों के लिए संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं।
  • ड्रोन सर्वेक्षण:
    3.17 लाख गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा किया गया, जो लक्षित गांवों का 92% है।

कहां-कहां लागू हो चुकी है योजना?

स्वामित्व योजना पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, त्रिपुरा, गोवा, उत्तराखंड, और हरियाणा में पूरी तरह लागू हो चुकी है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी इस योजना की सफलता देखने को मिली है।

योजना की शुरुआत और उद्देश्य:

प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना की शुरुआत 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर की थी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देना और ग्रामीण संपत्तियों का डिजिटलीकरण करना है।

आखिर कौन है महाकुंभ में विवादों से घिरी साध्वी हर्षा रिछारिया..जानिए हर्षा के मॉडल से साध्वी बनने का सफर

आखिर कौन है महाकुंभ में विवादों से घिरी साध्वी हर्षा रिछारिया..जानिए हर्षा के मॉडल से साध्वी बनने का सफर

 प्रयागराज के महाकुंभ में इन दिनों एक महिला साध्वी को लेकर काफी चर्चाएं हो रही है. हालांकि ये बात भी अब सामने आ रही है कि यह महिला जिसका नाम हर्षा रिछारिया है वो साध्वी नहीं बल्कि उन्होंने सिर्फ दीक्षा ली है. महाकुंभ के शुरू होते ही सोशल मीडिया में हर्षा रिछारिया की कई वीडियो पूर देश में तेजी से वायरल हो रही हैं. सोशल मीडिया में अब तक मॉडल की तरह दिखने वाली साध्वी को लेकर चर्चाएं हो रही थी, लेकिन अब महाकुंभ में पेशवाई के दौरान मॉडल साध्वी को रथ पर बैठाने को लेकर विवाद छिड़ गया है. जो भी हर्षा रिछारिया की फोटो और वीडियो देख रहा है वो जानना चाह रहें कि आखिर ये साध्वी हर्षा रिछारिया कौन है.

कौन है हर्षा रिछारिया..
हर्षा रिछारिया मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं. इनके माता-पिता भोपाल में ही रहते हैं. हर्षा ने 5वीं तक की पढ़ाई झांसी से की थी. और उसके बाद परिवार के साथ भोपाल शिफ्ट हो गई थी. हर्षा भोपाल में ही एक्टिंग और एंकेरिंग के प्रोफेशन से जुड़ी थी. लेकिन एक समय के बाद हर्षा ने लाइमलाइट की चकाचौंध छोड़कर अध्यात्म की राह पर चल पड़ी. उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज से दीक्षा लेकर उनकी शिष्या है.

ये है पूरा मामला…
दरअसल, 4 जनवरी को महाकुंभ के लिए निरंजनी अखाड़े की पेशवाई निकली थी. जिसमें मॉडल हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर बैठी नजर आई थीं. इसी बात को लेकर संतों ने घोर आपत्ति जताते हुए हर्षा पर कई तरह की टिप्पणियां कर दी. इस मामले के बाद से हर्षा रिछारिया का रोना-धोना शुरू हो गया और उन्होंने इन सब से तंग आकर महाकुंभ से विदा लेने की बात भी कह डाली.

स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज पर साधा निशाना
महाकुंभ में हर्षा का लुक तो चर्चा का विषय था ही लेकिन इसे लेकर शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कह दिया कि यह उचित नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश फैलता है। धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना खतरनाक है। उन्हांने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज पर निशाना साधते हुए कहा कि साधु-संतों को इससे बचना चाहिए, नहीं तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

न मैं मॉडल हूं न संत
जब मीडिया ने हर्षा से संतों द्वारा किए जा रहे विरोध को लेकर उनकी प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने कहा कि सबसे पहले न तो मै मॉडल हूं और न ही कोई संत…मैं सिर्फ एक एंकर और एक्ट्रेस थी। संतों ने महिला होने के बावजूद मेरा अपमान किया. यह गलत है. हर्षा ने कहा मुझे जो महसूस होता है, वो यह है कि अगर कोई भी इंसान वेस्टर्न कल्चर को छोड़कर, सनातन धर्म की संस्कृति से जुड़ना चाहता है, समझना चाहता है, उसमें समाना चाहता है, उसमें रम जाना चाहता है, तो हिंदू होने के नाते, सनातनी होने के नाते हमें खुशी से उसे परिवार में, धर्म में शामिल करना चाहिए, न कि उसका विरोध करना चाहिए.

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं हर्षा रिछारिया
हर्षा का कहना है कि पूज्य गुरुदेव आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज से मैंने शिक्षा-दीक्षा ली है. मंत्र दीक्षा ली है. मेरी तरह उनके लाखां शिष्य हैं. मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे उनका सानिध्य मिला. वह सिद्ध पुरुष हैं। विश्व में उनकी ख्याति है.

मनु भाकर और डी गुकेश सहित 4 खिलाड़ियों को मिला खेल रत्न अवॉर्ड

मनु भाकर और डी गुकेश सहित 4 खिलाड़ियों को मिला खेल रत्न अवॉर्ड

 Khel Ratna: पेरिस ओलंपिक 2024 में दो मेडल जीतने वाली मनु भाकर और डी गुकेश सहित चार खिलाड़ियों को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खिलाड़ियों को पुरस्कार दिया. इसके अलावा पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को अवॉर्ड दिया गया.

बता दें मनु भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे, जिसमे एक मेडल उन्होंने सिंगल वुमेंस 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में जीता था. वहीं दूसरा मेडल मिक्स्ड 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में जीता था.

वहीं डी गुकेश ने सबसे कम उम्र में वर्ल्ड चेस चैंपियन बनने का खिताब अपने नाम किया था. गुकेश ने चीन के ग्रैंडमास्टर डिंग लिरेन को हराकर ऐतिहासिक जीत अपने नाम की थी. गुकेश ने सिर्फ 18 साल की उम्र में वर्ल्ड चैंपियन बने थे.

हरमनप्रीत सिंह और प्रवीण कुमार

पुरुष भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह 2024 पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे. इसके अलावा टोक्यो ओलंपिक में भी हरमनप्रीत ब्रॉन्ज जीतने वाली टीम का हिस्सा थे.

वहीं हाई जम्पर प्रवीण कुमार ने 2024 पेरिस पैरालंपिक में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. इसके अलावा टोक्यो पैरालंपिक में प्रवीण कुमार ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया था. बताते चलें कि जन्म से ही प्रवीण कुमार का बायां पैर छोटा था.

इन 5 कोचों को मिला द्रोणाचार्य अवॉर्ड 

सुभाष राणा- पैरा निशानेबाजी (नियमित)

दीपाली देशपांडे- निशानेबाजी (नियमित)

संदीप सांगवान- हॉकी (नियमित)

एस मुरलीधरन- बैडमिंटन (लाइफटाइम)

अरमांडो एगनेलो कोलाको- फुटबॉल (लाइफटाइम)

कुंभ में कहां से आते हैं नागा साधु, कैसे बनते हैं और क्या है इनकी परंपरा, यहाँ जानिए सबकुछ

कुंभ में कहां से आते हैं नागा साधु, कैसे बनते हैं और क्या है इनकी परंपरा, यहाँ जानिए सबकुछ

 सनातन धर्म में साधू-संतों का काफी महत्व होता है। साधू-संत भौतिक सुखों का त्याग कर सत्य व धर्म के मार्ग पर निकल जाते हैं। इसके साथ ही उनकी वेशभूषा और खान-पान आम लोगों से बिल्कुल अलग होती है। उनको ईश्वर की प्राप्ति का माध्यम माना जाता है।

साधू-संत को ईश्वर के सबसे निकट माना जाता है। संन्यासी अपने पूरे सांसारिक जीवन का त्याग कर देता है और अपना समय भगवान का नाम स्मरण करने में लगाता है। साधू-संतों में नागा साधुओं की चर्चा जरूर होती है। सबसे खास बात यह है कि नागा साधू कपड़े नहीं धारण करते हैं। वह कड़ाकी ठंड में भी नग्न अवस्था में रहते हैं। वह शरीर पर धुनी या भस्म लगाकर घूमते हैं। नागा का मतलब होता है नग्न। नागा संन्यासी पूरा जीवन नग्न अवस्था में ही रहते हैं।नागा संन्यासी बनने की प्रक्रिया बहुत लंबी और कठिन मानी जाती है। अखाड़ों द्वारा नागा संन्यासी बनाया जाता है। हर अखाडे़ की अपनी मान्यता और पंरपरा होती है और उसी के अनुसार उनको दीक्षा दी जाती है। कई अखाड़ों में नागा साधुओं को भुट्टो के नाम से भी बुलाया जाता है। बताया जाता है कि किसी भी इंसान को नागा साधू बनने में 12 साल का लंबा समय लगता है। नागा साधू बनने के बाद वह गांव या शहर की भीड़भाड़ भरी जिंदगी को त्याग देते हैं और रहने के लिए पहाड़ों पर जंगलों में चले जाते हैं। उनका ठिकाना उस जगह पर होता है, जहां कोई भी न आता जाता हो।

नागा साधू बनने की प्रक्रिया की शुरुआत में सबसे पहले ब्रह्मचर्य की शिक्षा लेनी होती है। इसमें सफलता प्राप्त करने के बाद महापुरुष दीक्षा दी जाती है। इसके बाद यज्ञोपवीत होता है। इस प्रकिया को पूरी करने के बाद वह अपना और अपने परिवार का पिंडदान करते हैं जिसे बिजवान कहा जाता हैवह 17 पिंडदान करते हैं जिसमें 16 अपने परिजनों का और 17 वां खुद का पिंडदान होता है। अपना पिंडदान करने के बाद वह अपने आप को मृत सामान घोषित करते हैं जिसके बाद उनके पूर्व जन्म समाप्त माना जाता है। पिंडदान के बाद वह जनेऊ, गोत्र समेत उनके पूर्व जन्म की सारी निशानियां मिटा दी जाती हैं।नागा साधुओं को एक दिन में सिर्फ सात घरों से भिक्षा मांगने की इजाजत होती है। अगर उनको इन घरों में भिक्षा नहीं मिलती है, तो उनको भूखा ही रहना पड़ता है। नागा संन्यासी दिन में सिर्फ एक बार ही भोजन करते हैं। नागा साधू हमेशा नग्न अवस्था में रहते हैं और युद्ध कला में पारंगत होते हैं। यह अलग-अलग अखाड़ों में रहते हैं। जुना अखाड़े में सबसे ज्यादा नागा संन्यासी रहते हैं। आदिगुरु शंकराचार्य ने अखाड़े में नागा साधुओं के रहने की परंपरा की शुरुआत की थी।

शख्स ने किया दावा, पीडब्ल्यूडी अधिकारी का उसकी पत्नी के साथ चल रहा अफेयर

शख्स ने किया दावा, पीडब्ल्यूडी अधिकारी का उसकी पत्नी के साथ चल रहा अफेयर

 भोपाल : मध्य प्रदेश के एक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें एक शख्स ने दावा किया है कि अधिकारी का उसकी पत्नी के साथ अफेयर चल रहा था। युवक का कहना है कि उसकी पत्नी ने भोपाल में यूपीएससी की तैयारी के दौरान इस अधिकारी से मुलाकात की थी और बाद में दोनों के बीच रिश्ते बन गए।

युवक ने आरोप लगाया है कि अधिकारी और उसकी पत्नी की कुछ तस्वीरें, जो वाल्मीकि जयंती के दिन क्रिसेंट वाटर पार्क में खींची गई थीं, वायरल हो गई थीं। जब युवक ने मामले पर अधिकारी से बात की, तो अधिकारी ने उसे धमकी देते हुए कहा कि वह उसे किसी भी हाल में नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। युवक ने यह भी दावा किया कि अधिकारी ने वायरल तस्वीरों को “ए.आई. एडिटेड” बताने की कोशिश की, लेकिन वह वास्तविक तस्वीरें थीं।

युवक का कहना है कि अब उसकी शादी संकट में है और वह कोर्ट में तलाक का केस लड़ रहा है। हालांकि, इस मामले में अधिकारी का कोई बयान अब तक सामने नहीं आया है। पुलिस युवक की शिकायत पर जांच कर रही है।

एशिया के सब से बड़े मोबाइल मार्केट में व्यापारियों के बैंक अकाउंट फ्रीज

एशिया के सब से बड़े मोबाइल मार्केट में व्यापारियों के बैंक अकाउंट फ्रीज

 इंदौर : इंदौर का डॉलर मार्केट, जो एशिया का सबसे बड़ा मोबाइल मार्केट है, इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहा है। यहां के व्यापारी रोजाना लाखों रुपये के मोबाइल की खरीद-फरोख्त करते हैं और अधिकतर लेन-देन ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से होते हैं। लेकिन हाल ही में 25 से अधिक व्यापारियों के बैंक अकाउंट फ्रीज होने के कारण उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।

पुलिस का कहना है कि ये अकाउंट धोखाधड़ी से जुड़े लेन-देन के कारण फ्रीज किए गए हैं, लेकिन व्यापारी इस समस्या को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि वे सिर्फ मोबाइल बेचते हैं और उनके लिए यह संभव नहीं है कि वे पेमेंट की वैधता की जांच कर सकें। इसके कारण, उनके चेक बाउंस हो रहे हैं और व्यवसाय में नुकसान हो रहा है, खासकर छोटे व्यापारियों को जिनकी पूंजी सीमित होती है।

इंदौर क्राइम ब्रांच के एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि बैंकों को प्रतिदिन 40 से अधिक अकाउंट फ्रीज करने के लिए मेल भेजा जाता है, ताकि धोखाधड़ी की रकम का पता लगाया जा सके। हालांकि, अगर व्यापारी सही दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं, तो उनके अकाउंट अनफ्रीज भी किए जा सकते हैं।

जेल रोड के व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो वे यूपीआई पेमेंट स्वीकार करना बंद कर सकते हैं। उनका कहना है कि यह कदम न सिर्फ उनके व्यापार को और प्रभावित करेगा, बल्कि सरकार को भी टैक्स के रूप में नुकसान हो सकता है।

Congress 4th List : कांग्रेस ने जारी की 16 उम्मीदवारों की चौथी सूची, देखें किसे कहां से मिला टिकट

Congress 4th List : कांग्रेस ने जारी की 16 उम्मीदवारों की चौथी सूची, देखें किसे कहां से मिला टिकट

 Congress 4th List : दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों की एक और लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 16 प्रत्याशियों के नाम हैं। कांग्रेस ने पहली लिस्ट 12 दिसंबर को जारी की थी। जिसमें 21 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। 24 दिसंबर को दूसरी लिस्ट में कांग्रेस ने 26 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा थी। 3 जनवरी को कांग्रेस ने तीसरी लिस्ट में अलका लांबा के नाम की घोषणा की थी।

 

Maha Kumbh 2025 : अस्त्र – शस्त्र के साथ अमृत स्नान करने निकले नागा साधु , संगम घाट पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़

Maha Kumbh 2025 : अस्त्र – शस्त्र के साथ अमृत स्नान करने निकले नागा साधु , संगम घाट पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़

 Maha Kumbh 2025 : महाकुंभ 2025 का शुभारंभ संगम की पावन धरा पर अद्वितीय भव्यता और आस्था के साथ हुआ है। अमृत स्नान के प्रथम दिन का दृश्य अद्वितीय और दिव्य है। नागा साधुओं और पूज्य संत-संन्यासियों की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी आध्यात्मिक बना दिया है।

शाही स्नान के दौरान संतों का यह अनुपम दृश्य देखने के लिए लाखों श्रद्धालु संगम घाट पर उमड़ पड़े हैं। पंचायती निर्वाणी अखाड़ा के संतों से शुरू होकर, 13 प्रमुख अखाड़ों के साधु-संन्यासी अपने निर्धारित समय में स्नान कर रहे हैं। हाथों में तलवार, त्रिशूल और डमरू के साथ नागा साधुओं का यह संगम में प्रवेश अत्यंत भव्य और दिव्य अनुभव कराता है।

राजसी शाही स्नान की महत्ता

शाही स्नान को भारतीय संस्कृति और धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इसे ‘देव दुर्लभ’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि देवताओं के लिए भी यह स्नान दुर्लभ और विशेष माना गया है। संतों और श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर न केवल धर्म-कर्म का, बल्कि आत्मिक शुद्धिकरण का प्रतीक है।

व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। घाटों पर पुलिस, एनडीआरएफ, और वॉलंटियर्स की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इसके साथ ही, घाटों पर श्रद्धालुओं के सुगम स्नान के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

आज का यह दिन हर श्रद्धालु के लिए अद्भुत और अलौकिक अनुभूति लेकर आया है। महाकुंभ के इस ऐतिहासिक आयोजन ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को एक नई ऊंचाई दी है।

स्कूल प्रिंसिपल ने 80 लड़कियों को शर्ट उतारने के लिए किया मजबूर! शिकायत हुई दर्ज, जांच समिति बनाई गई

स्कूल प्रिंसिपल ने 80 लड़कियों को शर्ट उतारने के लिए किया मजबूर! शिकायत हुई दर्ज, जांच समिति बनाई गई

 धनबाद : झारखंड के धनबाद जिले के एक नामी निजी स्कूल में बोर्ड परीक्षा से पहले छात्राओं का स्कूल में आखिरी दिन था. छात्राएं स्कूल के इस आखिरी दिन को अपने दोस्तों के साथ यादगार बनाना चाहती थीं. लेकिन स्कूल प्रिंसिपल के एक कठोर आदेश ने उनके लिए इस दिन को जिंदगी भर के लिए एक ऐसा बुरा दिन बना दिया, जिसे वे शायद ही कभी भूल पाएं. घटना ऐसी है कि जो भी सुन रहा है प्रिंसिपल को खरी-खोटी सुना रहा है. अभिभावक आग-बबूला हैं. वे प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं.

झारखंड के धनबाद जिले में एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगे हैं। प्रिंसिपल साहबी ने 80 से ज्यादा 10वीं की छात्राओं की शर्ट उतरवा दी। पहले तो छात्राओं की जमकर क्लास लगाई फिर शर्टलेस कर छात्राओं को सिर्फ ब्लेजर पहनाकर घर भेज दिया। जब बच्चियां ब्लेजर में घर पहुंची तो पैरेंट्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। बच्चों के पैरेंट्स ने इसकी शिकायत जिले के डीसी से की है।
धनबाद जिले में एक निजी स्कूल में 10वीं की छात्राओं ने पेन डे मनाया था। इस दौरान एक दूसरे एक दूसरे की शर्ट पर शुभकामनाएं लिख रही थीं। मगर स्कूल की प्रिंसिपल को छात्राओं की यह हरकत पसंद नहीं आई। गुस्से में उन्होंने छात्राओं की पहले क्लास लगाई और फिर उनकी शर्ट उतरवा दी। छात्राओं को सिर्फ ब्लेजर पहनाकर घर भेजा गया। बच्चियों के अभिभावकों ने पूरे मामले की शिकायत धनबाद की उपायुक्त माधवी मिश्रा से की है।

पैरेंट्स ने बताया क्या है पूरा मामला?
पैरेंट्स ने बताया कि बच्चियां रोते हुए घर पहुंची। फिर सबने अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई। प्रिंसिपल की हरकत सुन अभिभावक आग बबूला हो गए और इसकी शिकायत करने सीधी डीसी ऑफिस पहुंच गए। अभिभावकों का कहना था कि इस घटना से उनकी बेटियां मानसिक रूप से बेहद परेशान हुई। उन्हें बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही है। ऐसे में प्रिंसिपल के खिलाफ शख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

डीसी से की प्रिंसिपल की शिकायत
वहीं, धनबाद की उपायुक्त माधवी मिश्रा ने पूरे मामले पर बताया कि यह घटना शुक्रवार को जोरापोखर थाना क्षेत्र के डिगवाडीह स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल में हुई। अभिभावकों ने अपनी शिकायत में बताया कि दसवीं कक्षा के विद्यार्थी परीक्षा देने के बाद एक-दूसरे की शर्ट पर संदेश लिखकर ‘पेन डे’ मना रहे हैं। कई छात्राएं भी एक दूसरे की शर्ट पर शुभकामनाएं लिख रही थीं।

मामले की जांच के लिए समिति गठित
स्कूल की प्रिंसिपल ने पहले पेन डे जश्न मनाने पर आपत्ति जताई और फिर छात्राओं से अपनी शर्ट उतारने को कहा। हालांकि छात्राओं ने इसके लिए माफी मांगी। मगर प्रिंसपल ने सभी छात्राओं को बिना शर्ट के ब्लेजर में घर वापस भेज दिया गया। डीसी ने बताया कि कई अभिभावकों ने प्रधानाचार्या के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हमने कुछ पीड़ित लड़कियों से भी बात की है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।

Mahakumbh 2025: दो दिनों में 11 श्रद्धालुओं को हार्ट अटैक, डॉक्टरों ने बताया ठंड को वजह

Mahakumbh 2025: दो दिनों में 11 श्रद्धालुओं को हार्ट अटैक, डॉक्टरों ने बताया ठंड को वजह

 Mahakumbh 2025: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के दौरान सर्दी का असर श्रद्धालुओं की सेहत पर दिखने लगा है। बीते दो दिनों में 11 श्रद्धालुओं को हार्ट अटैक हुआ, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। डॉक्टरों का कहना है कि कड़ाके की ठंड और भीड़भाड़ इसका मुख्य कारण हो सकते हैं।

मौसम में बदलाव की वजह से बढ़ रहे मामले
रविवार को केंद्रीय अस्पताल का 10 बेड का आईसीयू वार्ड हृदय रोगियों से भर गया। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलावों के कारण हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं, और श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
केस 1: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार निवासी गोपाल सिंह (43) अपने दोस्तों के साथ महाकुंभ में आए थे। रविवार सुबह उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें केंद्रीय अस्पताल लाया गया। जांच में कार्डियोजेनिक शॉक की समस्या पाई गई, लेकिन इलाज के बाद वह अब ठीक हैं।

केस 2: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एमपी के रायसेन निवासी संतदास जी मेला क्षेत्र के सेक्टर-21 में ठहरे हुए थे। रविवार सुबह साढ़े नौ बजे खाना खाने के बाद अचानक वह अचेत होकर गिर गए। उन्हें तत्काल केंद्रीय अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया।

केस 3: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ग्वालियर के श्याम लाल चंद्राणी (65) रविवार सुबह मेला क्षेत्र में टहल रहे थे, तभी उन्हें सीने में दर्द और चक्कर आने लगे। उन्हें सब सेंटर हॉस्पिटल लाया गया, जहां रायबरेली के एम्स की टीम ने जांच की और पाया कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है। हालांकि, अब वह ठीक हैं।

ये लक्षण दिखने पर डॉक्टरों की सलाह लें
सीने में जलन और दर्द होना
सीने पर दबाव महसूस होना
सांस लेने में दिक्कत होना
हाथ, कमर, जबड़े में दर्द