रायपुर । छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कक्षा पहली से 12वीं में प्रवेश के लिए शनिवार से आवेदन की प्रक्रिया शुरु हो रही है। कोरोना के कारण इस साल ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन आवेदन किए जा सकेंगे।
प्रदेश के कुल 172 अंग्रेजी स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। बता दें कि इस सत्र में 119 और अंग्रेजी स्कूलों की शुरुआत हो रही है। पिछले साल सिर्फ 52 स्कूलों में इसकी शुरुआत हुई थी। कक्षा पहली से 12वीं तक खाली सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। वहीं कक्षा दूसरी से 12वीं तक प्रवेश में अंग्रेजी माध्यम वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं अधिक आवेदन होने पर लाॅटरी से निकाली जाएगी। आवेदन 15 मई से 10 जून तक किया जा सकेगा।
वहीं पहली लाॅटरी 11 जून से 14 जून के बीच होगी। प्रवेश के लिए आवश्यक कार्रवाई 15 से 20 जून तक की जाएगी। आवेदक पालक सीजी स्कूल डाॅट इन में जाकर एडमिशन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
रायपुर। आज शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या विद्यालय देवेंद्र नगर में कोएक्जिस्टिंग विथ कोविड-19 विषय पर महाविद्यालय की आंतरिक मूल्यांकन गुणवत्ता प्रकोष्ठ के द्वारा आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर अमिताभ बैनर्जी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन आंतरिक मूल्यांकन गुणवत्ता प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ कविता शर्मा ने किया। कार्यक्रम का प्रारंभ वरिष्ठ श्रीमती उषा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन के द्वारा हुआ। तत्पश्चात डा रवि शर्मा के द्वारा" इतनी शक्ति हमें देना दाता" प्रार्थना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। डॉ लक्ष्मी देवनानी आज के कार्यक्रम की मुख्य वक्ता वी वाई हॉस्पिटल के चेस्ट फिजियन डॉक्टर सिद्धार्थ पाटनवार जी का परिचय दिया। डॉक्टर सिद्धार्थ ने सुरक्षा ही बचाव है इन लाइनों से अपना वक्तव्य प्रारंभ किया। उन्होंने बताया कि आम जनता को दो पर्तों वाला सूती कपड़े का मास्क , जो नाक और मुंह को अच्छे से कवर करता हो, जिसमें कहीं पर भी गैप ना हो, ऐसा मास्क पहनना चाहिए। मास्क का कपड़ा कड़क नहीं होना चाहिए। आम जनता एक्सलेशन वाल्व वाला मास्क ना पहने। N95 मास्क भी सिर्फ डॉक्टर तथा हेल्थ केयर वर्कर्स को पहनना चाहिए। इस समय 6 फीट की दूरी अवश्य बनाकर रखें। साथ ही डॉक्टर पाटनवार जी ने आरटीपीसीआर, सी टी काउंट, पल्स ऑक्सीमीटर के सही उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने बताया हर कोरोना के पेशेंट को सीटी स्कैन कराना जरूरी नहीं है। रोग की गंभीरता तथा चिकित्सक की सलाह पर ही कराना चाहिए। उन्होंने सी टी स्कोर की भी जानकारी दी। पाटन वार जी ने बताया कि रेमदेसीविर इंजेक्शन कोरोना के लिए मिरेकल ड्रग नहीं है। चिकित्सक की सलाह से ही इसका उपयोग किया जाना चाहिए। घर में बिना चिकित्सक की देखरेख में रेमदेसीविर बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने प्लाजमा थेरेपी की विस्तृत जानकारी दी। तथा कौन प्लाज्मा डोनेट कर सकता है इसके बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कोरोना होने परऑक्सीजन यदि 94% है, थोड़ा बुखार, सुखा कफ और थोड़ा चेस्ट पेन हो, तो घर में ही इसका उपचार किया जा सकता है, लेकिन ऑक्सीजन 90 से कम, सांस बहुत तेज चल रही हो, बात नहीं कर पा रहे हो, चलने से ऑक्सीजन कम हो रहा हो तो डॉक्टर के पास जाएं। अस्पताल से घर आने के बाद 1 महीने और 3 महीने के अंतराल में फॉलोअप कराना चाहिए।
कोविड़ वैक्सीनेशन की भी डॉक्टर सिद्धार्थ पाटनवार जी ने विस्तृत जानकारी दी। वैक्सीनेशन एकदम सुरक्षित है और सभी को करवाना चाहिए। यदि कोरोना हो गया है तो भी वैक्सीन नए स्टेन से फाइट करने में मदद करेगा। जो भी वैक्सीन उपलब्ध हो लगवा सकते हैं। वैक्सीन की पहली डोज के 6 से 8 सप्ताह के बीच दूसरी डोज लगाना चाहिए। दोनों वैक्सीन के बाद भी यदि कोरोना हुआ, तो उसकी गंभीरता काफी कम रहती है इंफेक्शन भी बहुत कम रहता है। दूसरी डोज के 2 से 3 हफ्ते के बीच एंटीबॉडीज बनती है। वैक्सीन के बाद थोड़ा बुखार दर्द या जॉइंट पेन होना सामान्य है। कार्यक्रम के पश्चात प्रतिभागियों के द्वारा प्रश्न पूछे गए। कार्यक्रम के दौरान कोविड से ठीक हुई डॉ रंजना तिवारी ने अपने अनुभव बताए तथा बताया कि इससे मनुष्यता प्रभावित हो रही पर मानवता प्रभावित नहीं हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अमिताभ बैनर्जी ने कार्यक्रम के वक्ता डॉ सिद्धार्थ पाटन वार जी का धन्यवाद किया तथा बताया कि कोरोना के प्रति ग्रामीण परिवेश में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में डॉ रवि शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में डॉक्टर संध्या वर्मा, डॉ शीला दुबे, डॉ मीना पाठक, डॉ प्रीति पांडे, डॉ सुषमा तिवारी, डॉ माधुरी श्रीवास्तव, डा अंजना पुरोहित सहित अन्य महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ एम पी ठाकुर, डॉ रेनू माहेश्वरी, डॉ सुनीता पात्रा उपस्थित थे।
रायपुर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा पूरक परीक्षाओं के परिणाम आज जारी हो गए हैं जिसमें बीकॉम बीएससी बीसीए आदि कक्षाओं के पूरक परीक्षाओं के परिणाम आए हैं देखें सूची -
संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा 2021 को स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा 27 जून को आयोजित होने वाली थी। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया गया है। अब यह परीक्षा 10 अक्टूबर, 2021 को आयोजित की जाएगी। इसके लिए यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी किया गया है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 और भारतीय वन सेवा परीक्षा 2021 के लिए आवेदन 24 मार्च तक लिए गए थे।
आयोग हर साल तीन चरणों - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार - में सिविल सेवा परीक्षा कराता है जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी चुने जाते हैं। यूपीएससी ने एक बयान जारी कर कहा कि कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई परिस्थितियों के मद्देनजर संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2021 स्थगित कर दी है जो 27 जून 2021 को होनी थी। अब यह परीक्षा 10 अक्टूबर 2021 को आयोजित की जाएगी।
UPSC postpones June 27 civil services preliminary examination amid surge in COVID-19 cases; to be held on October 10
— Press Trust of India (@PTI_News) May 13, 2021
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की 10वीं और 12वीं की परीक्षा स्थगित कर दी गयी है। छग राज्य ओपन स्कूल रायपुर के सचिव प्रो. वीके गोयल ने यह जानकारी दी। उन्होंने इस संबंध में पत्र जारी करते हुए कहा है कि राज्य में कोरोना संक्रमण की वृद्धि के चलते अधिकांश स्थानों पर लाकडाउन की स्थिति बनी हुई है। इसलिए 10वीं और 12वीं की परीक्षा स्थगित कर दी गयी है।
रायपुर। विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के केंद्र है, वे शोध के माध्यम से नवाचार करे। कोरोना संकट पर अधिक से अधिक शोध कर इस समस्या का समाधान करने में अच्छी तकनीक दवाई या ऐसा कोई साधन ईजात करं, जिससे कोरोना संकट का सामना करने और उससे मुक्त होने में मदद मिले। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कही। वे आज सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों की कुलपतियों की वर्चुअल बैठक में अपना संबोधन दे रही थी। उन्होंने विश्वविद्यालय में ऐसे विद्यार्थियों का सर्वे करने का निर्देश दिया जिनके पालकगण का देहांत हुआ हो या वे किसी प्रकार से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हो। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थी की सूचीबद्ध किया जाए और उनके शिक्षा निरंतर जारी रहे, इस दिशा में उनकी मदद करें और यदि शासन या राज्य स्तर पर पहल करने की आवश्यकता हो तो मुझे सूचित करें।
राज्यपाल ने कहा कि यह बैठक बड़ी सार्थक थी। कुलपतिगण के द्वारा बहुत अच्छी सुझाव दिए गए। मैंने केंद्र सरकार से सभी विश्वविद्यालय को टीकाकरण केंद्र बनाने को आग्रह किया है ताकि अपने विद्यार्थियों का टीकाकरण कर सकें। अभी वर्तमान में 18 वर्ष से ऊपर के युवा का टीकाकरण किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में 18 वर्ष से ऊपर के युवा अध्यनरत रहते है। उनके टीकाकरण से इस कदम के अभियान पर तेजी आएगी।
राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपने महाविद्यालय के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ वर्चुअल बैठक करें, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल करें। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाव और प्रारंभिक लिए जाने वाले आवश्यक दवाईयों तथा अन्य कदमों की जानकारी दे और उन विद्यार्थियों के माध्यम से मोहल्ले एवं आसपास के लोगों को जागरूक करने को कहें।
इससे युवा तथा आम जनता भ्रामक जानकारी से बचेंगे और सही समय पर कोरोना संक्रमण का परीक्षण कराकर इलाज करा पाएंगे। उन्होंने कहा कि अधिकतम विश्वविद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित है। मेरा सुझाव है वे सामुदायिक रेडियों तथा पोस्टर इत्यादि के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करें। इस समय में गांव में कोरोना का प्रचार हो रहा है जो भयावह स्थिति है। ग्रामीणों को जागरूक करने से गांव में संक्रमण रोकने से मदद मिलेगी। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री पाटिल द्वारा प्रदेश में वायरोलॉजिकल इंस्टीट्यूट स्थापित करने के सुझाव की सराहना करते हुए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा कोविड सेंटर बनाने की पहल की भी सराहना करते हुए अन्य विश्वविद्यालयों को ऐसा कदम उठाए जाने का सुझाव दिया। बैठक में पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति बलदेव शर्मा ने छत्तीसगढ़ी भाषा में स्लोगन और पोस्टर बनाकर सामुदायिक रेडियों में आम लोगों को जागरूक करने की जानकारी दी। बैठक में सभी कुलपतियों ने उनके द्वारा कोरोना से बचाव से सबधित सुझाव और शैक्षणिक गतिविधियां की जानकारी दी गई।
राज्यपाल के सचिव अमृत खलकों ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय अपने सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से मदद करें और कोरोना संकट के माध्यम से लोगों आम जनता की सेवा करें। उन्होंने कहा कि वे अधिक से अधिक रिसर्च करें, यदि विश्वविद्यालय कोरोना के संबंध में कोई अच्छी शोध करते है तो राजभवन को इनकी जानकारी प्रदान करें। इस बैठक में सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालय के कुलपतिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह बैठक कोरोना संक्रमण से बचाव एवं जागरूकता विषय पर आधारित थी।
धमतरी । स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना के तहत संचालित मेहतरूराम धीवर शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय बठेना धमतरी में शिक्षा सत्र 2021-22 में कक्षा पहली, 11वीं और 12वीं में प्रवेश के लिए 15 मई से 10 जून तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
विद्यालय के प्राचार्य एन.के. पांडेय ने बताया कि नवीन शिक्षा सत्र 2021-22 में विद्यार्थियों को उक्त कक्षाओं में विषयवार प्रवेश दिया जाना है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए स्कूल की लिंक http://cgschool.in/saems/studentadmission/studentadmission.aspx पर जाकर आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि कक्षा पहली, 11वीं जीव विज्ञान, वाणिज्य संकाय, गणित में 40-40 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि कक्षा 12वीं जीव विज्ञान में 17, वाणिज्य संकाय में 25 और गणित विषय की 30 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है। यह भी बताया गया कि कक्षा पहली में प्रवेश के लिए विद्यार्थी की आयु 31 मई 2021 की स्थिति में साढ़े पांच साल से साढ़े छह साल के मध्य होनी चाहिए। प्रवेश के संबंध में अधिक जानकारी के लिए विद्यालय की वेबसाइट sagesdhamtari.in पर अपलोड की गई है। साथ ही अन्य जानकारी के लिए प्रवेश प्रभारी के मोबाइल नंबर 9753334670 अथवा 9770629593 पर संपर्क किया जा सकता है।
राष्ट्रीय बांस मिशन ने प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) का शुभारंभ किया, जो अगरबत्ती उत्पादन से जुड़ी सभी सूचनाओं का एक मंच होगा।इस पर अगरबत्ती उत्पादन इकाइयों के बारे में सूचना उपलब्ध रहेगी। साथ ही अगरबत्ती बनाने के लिए कच्चे माल की उपलब्धता की सूचना, इकाइयों की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता, विपणन इत्यादि की जानकारियां भी उपलब्ध रहेंगी। इस मॉड्यूल की मदद से अगरबत्ती क्षेत्र को उद्योगों से जोड़ा जा सकेगा और इससे उत्पादन इकाइयों से निर्बाध खरीद की व्यवस्था बनेगी और जानकारी के अभाव की जो स्थिति की उसमें सुधार होगा। राष्ट्रीय बांस मिशन से जुड़े सभी राज्य अगरबत्ती उत्पादन इकाइयों का दस्तावेजीकरण करने की प्रक्रिया में हैं ताकि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियानों के तहत इन इकाइयों को मदद देने के तौर तरीकों का आकलन हो सके और भारतीय अगरबत्ती की वैश्विक लोकप्रियता का लाभ उठाते हुए इस क्षेत्र को और सशक्त किया जा सके।
राष्ट्रीय बांस मिशन (एनबीएम), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), राज्य सरकारें और उद्योग जगत एक साथ आए हैं ताकि भारत को अगरबत्ती क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर स्थानीय समुदायों की आजीविका को बेहतर किया जा सके। साथ ही इस क्षेत्र का आधुनिकीकरण किया जा सके। अगरबत्ती क्षेत्र आमतौर पर स्थानीय लोगों को बड़े स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराता है। हालांकि यह क्षेत्र विभिन्न बाधाओं के चलते सिकुड़ता जा रहा था, जिसमें सस्ते दर पर अगरबत्ती के लिए गोल तीलियों और कच्चे माल की आयात प्रमुखता से शामिल है। राष्ट्रीय बांस मिशन द्वारा 2019 में अगरबत्ती क्षेत्र पर एक वृहद अध्ययन किया गया जिसके उपरांत सरकार द्वारा कई नीतिगत बदलाव किए गए। अगरबत्ती के लिए किए जाने वाले कच्चे माल के आयात को आयात शुल्क मुक्त श्रेणी से हटाकर प्रतिबंधित श्रेणी में अगस्त 2019 में डाला गया और जून 2020 में इस पर आयात शुल्क बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया, जिससे घरेलू अगरबत्ती उद्योग को बल मिला।
एनबीएम की पृष्ठभूमि
बांस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय बांस मिशन को 2018-19 में नए स्वरूप में शुरू किया गया,हब (उद्योग) और स्पोक मॉडल पर क्लस्टर आधारित व्यवस्था थी। इसके अंतर्गत सभी पक्षों को किसानों और बाज़ारों से जोड़ा जाना था। बांस से बने भारतीय उत्पादों के लिए न सिर्फ घरेलू बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रबल संभावनाएं हैं। इसके लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी, आधुनिक प्रणाली और निर्यात किए जाने वाले देशों के मानदंडों पर खरा उतरने के लिए जागरूकता का सृजन शामिल है। राष्ट्रीय बांस मिशन घरेलू उद्योग गतिविधियों को बढ़ाने के साथ-साथ तकनीकी एजेंसियों के माध्यम से सपोर्ट और सुविधा जनक क़दमों के द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए अपनी सक्रियता को व्यवस्थित कर रहा है। विभिन्न उत्पादों से जुड़ी इकाइयां इत्यादि स्थापित करने के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 प्रतिशत की सीधी सब्सिडी दी गई जो कि 1 लाख रुपये है। सरकारी एजेंसियों और उद्यमियों द्वारा ऐसी इकाइयों को स्थापित करने पर छूट शत प्रतिशत दी गई। यह मिशन इस समय 21 राज्यों में संचालित किया जा रहा है जिसमें पूर्वोत्तर भारत के सभी 9 राज्य अपने अपने बांस मिशन के द्वारा इससे जुड़े हैं। राष्ट्रीय बांस मिशन राज्यों को यह भी सुझाव दे रहा है कि वाणिज्य क्षमता वाली प्रजातियों की खेती के लिए अपेक्षित और गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण सामग्री उपलब्ध कराए जाने चाहिए, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और अन्य पोस्ट हार्वेस्ट इकाइयों की स्थापना की जानी चाहिए, जो पहले से स्थापित और नए उद्योगों के साथ पूरी तरह जुड़ा हुआ हो। यह किसानों और भारतीय बांस उद्योग दोनों के लिए विन-विन सिचुएशन होगी।
रायपुर, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षा को लेकर सभी प्राचार्य, प्रभारी प्राचार्य, प्रभारी अधिकारियों, विभागाध्यक्षों की वार्षिक परीक्षा हेतु समय सारणी व दिशा निर्देश के निर्धारण पर चर्चा करने के लिए कुलपति ,प्रो.के.एल.वर्मा की अध्यक्षता में आज ऑनलाइन बैठक सम्पन्न हुई।
कुलसचिव प्रो. गिरीशकांत पांडेय ने कहा कोरोना के कारण शासन के आदेश अनुसार वार्षिक परीक्षा लगभग पिछले वर्ष जैसे ही ऑन लाईन मोड़ में 7 जून तथा सेमेस्टर परीक्षा 24 मई से प्रारंभ होंगे। पहले लिखित परीक्षा होगी उसके उपरांत प्रायोगिक परीक्षा होगी ।
बैठक में जानकारी दी गई कि महाविद्यालय परीक्षा के एक दिन पहले तक छात्रों को ओएमआर युक्त उत्तर पुस्तिका का वितरण SOP का पालन करते हुए महाविद्यालय द्वारा किया जाएगा।किसी भी प्रकार की कठिनाई की स्थिति में छात्र पूर्व वर्ष की तरह स्वयं उत्तर पुस्तिका का निर्माण कर उत्तर लिख सकेगा। उत्तर पुस्तिका परीक्षा समाप्ति के पांच दिवस में स्वयं या स्पीड पोस्ट के माध्यम से जमा कर सकेगा। आगामी सेमेस्टर तथा वार्षिक परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय द्वारा समय सारणी शीघ्र घोषित की जाएगी। साथ ही आगामी परीक्षा के लिए दिशा निर्देश से भी अवगत कराया गया।
कुलसचिव प्रो. गिरीशकांत पांडेय ने कहा कि ऑनलाइन बैठक के तुरंत बाद लिए गए निर्णय के अनुसार परीक्षा की तिथि एवं नियमो को जारी कर दिया जाएगा।
ऑन लाईन बैठक के प्रारंभ में कुलपति प्रो के एल वर्मा ने कोरोना से बचाव और उसके उपाय के साथ साथ विश्वविद्यालय स्तर पर प्रयासों से अवगत कराएं ततपश्चात ऑन लाईन परीक्षा की विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
बैठक का संचालन कुलसचिव प्रो. गिरीशकांत पांडेय ने किया अंत मे बैठक में शामिल प्राचार्यों ने अपनी समस्या व सुझाव से अवगत कराया।जिसका कुलपति ने निराकरण करते हुए छात्रों के हित मे निर्णय की अपनी मंशा को स्पष्ट किया।ऑन लाईन बैठक में सम्बद्ध महाविद्यालय के प्राचार्य, प्रभारी प्राचार्य, प्रभारी अधिकारियों, विभागाध्यक्ष शामिल हुए।
भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India, SAI) ने कोच और असिस्टेंट कोच के पदों पर भर्ती 20 अप्रैल 2021 से शुरू हुई थी। ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख 20 मई 2021 (शाम 5 बजे तक) है। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट sportsauthorityofindia.nic.in पर विजिट कर आवेदन कर सकते हैं।
इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 320 पदों को भरा जाएगा। इनमें कोच के कुल 100 पद और असिस्टेंट कोच के कुल 220 पद शामिल हैं। उम्मीदवार को ध्यान रहे कि इन पदों को संविदा के आधार पर भरा जाएगा। भर्ती प्रक्रिया संबंधित ज्यादा जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ने की सलाह दी जाती है।
शैक्षणिक योग्यता-
कोच पद के लिए वहीं उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने एसएआई, एनएस और एनआईए, या अन्य किसी भारतीय या विदेशी यूनिवर्सिटी से कोचिंग में डिप्लोमा किया हो। या ओलंपिक/वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल जीता हो या दो बार ओलंपिक में भाग लिया हो या ओलंपिक/अंतर्राष्ट्रीय में शामिल हुए हो या द्रोणाचार्य अवार्ड जीता हो। वहीं असिस्टेंट कोच के लिए एसएआई, एनएस और एनआईए, या अन्य किसी भारतीय या विदेशी यूनिवर्सिटी से कोचिंग में डिप्लोमा होना या ओलंपिक/अंतर्राष्ट्रीय में शामिल हुए हो या द्रोणाचार्य अवार्ड जीता होना अनिवार्य है।
आयु सीमा-
आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, कोच के लिए आयु सीमा 45 साल और असिस्टेंट कोच के लिए आयु सीमा 40 साल निर्धारित की गई है।
कैसे करें आवेदन-
सबसे पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट sportsauthorityofindia.nic.in पर विजिट करें। इसके बाद होमपेज पर दिए गए ऑप्शन Job Opportunities पर क्लिक करें। अब एक नया पेज खुल जाएगा। यहां जॉब लिंक पर क्लिक करें। जिसके बाद एक नया पेज और खुलेगा। यहां कोच और असिस्टेंट कोच के लिए अलग-अलग आवेदन लिंक दिया गया है।
आधिकारिक नोटिफिकेशन
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2020 के लिए पूर्व में जारी किए गए मुख्य परीक्षा की ऑफलाइन परीक्षा तिथि 18 19 20 तथा 21 जून 2021 को घोषित की थी। वर्तमान में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए लगाए गए लॉक डाउन की स्थिति को देखते हुए मुख्य परीक्षा की तिथि को आयोग ने स्थगित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी सूचना में यह कहा गया है कि परीक्षा की तिथि 15 दिनों दिन पहले प्रकाशित की जाएगी। ज्ञात हो कि कुल 175 पदों हेतु विज्ञापन जारी किया गया था।
नई दिल्ली। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी केन्द्रीय सहायता प्राप्त संस्थाओं से बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए मई में निर्धारित सभी ऑफलाइन परीक्षाएं स्थगित करने को कहा है। उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने संस्थाओं के प्रमुखों को लिखे पत्र में ऑफलाइन परीक्षाएं स्थगित करने को कहा है। ऑनलाइन परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। पत्र में यह भी कहा गया है कि जून के प्रथम सप्ताह में इस निर्णय की समीक्षा की जाएगी। सभी संस्थाओं से पात्र व्यक्तियों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने और इस संबंध में हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
नई दिल्ली | सीबीएसई ने कक्षा 11वीं के तीनों स्ट्रीम, कॉमर्स, साइंस और आर्ट्स सिस्टम को हटाने का फैसला लिया है | अब छात्र अपनी पसंदीदा विषयों के कॉम्बिनेशन के साथ 11वीं की पढ़ाई कर सकते हैं | यानी 11वीं में छात्र चाहे तो इतिहास के साथ गणित का चुनाव कर सकता है | दरअसल, सीबीएसई ने यह बदलाव नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किए हैं |
बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के मद्देनजर 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम्स को रद्द कर दिया था | इसी कड़ी में बोर्ड ने एक मई को नए मार्किंग सिस्टम की घोषणा की थी और साथ ही ग्यारहवीं में प्रवेश से जुड़े कई बदलाव किए |
दरअसल, बोर्ड चाहता है कि स्कूल 11वीं में स्ट्रीम सिस्टम से बचें और स्टूडेंट्स को उनके पसंद के अनुसार विषय चुनने की छूट दें | नये फैसले के बाद अब वे छात्र भी 11वीं में मैथ्स ले सकेंगे, जो 10वीं में स्टैंडर्ड मैथ्स लिया था | इसके साथ ही अगर छात्र 10वीं के किसी विषय में फेल हो गया है तो वह कंपार्टमेंटल एग्जाम देने तक 11वीं की कक्षाएं कर सकता है |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 से लड़ने के लिए चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए एक अहम फैसला लिया है. इसके तहत NEET-PG परीक्षा को कम से कम 4 महीने के लिए स्थगित करने को कहा गया है.
पीएमओ ऑफिस की तरफ से जारी बयान के मुताबिक एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को फैकल्टी की देखरेख में टेलीकंस्लटेशन और हल्के कोविड मामलों की निगरानी के लिए उपयोग किया जा सकता है. सीनियर डॉक्टर्स और नर्सों की देखरेख में बीएससी / जीएनएम की योग्य नर्सों का पूर्णकालिक कॉविड नर्सिंग में उपयोग किया जाएगा.
Prime Minister Narendra Modi authorises keys decisions to boost availability of medical personnel to fight COVID-19. NEET-PG Exam to be postponed for at least 4 months: Prime Minister's Office
— ANI (@ANI) May 3, 2021
SBI Recruitment 2020-21 all india Govt Job :- भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने जूनियर एसोसिएट (ग्राहक सहायता और बिक्री) पदों की भर्ती के लिए all india Employment News जारी किया है। इस पद हेतु निर्धारित अर्हताओं की पूर्ति करने वाले उम्मीदवार अंतिम तिथि तक विभाग को state bank of india Recruitment पर आवेदन कर सकते हैं।
SBI Recruitment 2020-21 : भारतीय स्टेट बैंक (SBI) भर्ती
विभाग का नाम :- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
भर्ती/परीक्षा नाम :- SBI Jobs
नौकरी स्थान :- all india
आवेदन मोड :- online
SBI Recruitment 2020 : पद डिटेल
जूनियर एसोसिएट (ग्राहक सहायता और बिक्री) –
कुल पदों की संख्या टोटल 5000 पद
वेतनमान, आयुसीमा एवं योग्यता विवरण
वेतनमान :- 11,765 / – 31,450 / -/-
आयुसीमा :- 20 से 28 वर्ष के बीच
योग्यता :- किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से एसबीआई भर्ती 2021 के लिए कोई डिग्री या समकक्ष
आरक्षण :- नियमानुसार
जाने कैसे करें SBI Recruitment 2020-21 में आवेदन
state bank of india Recruitment पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को SBI online Application Form भरना होगा। इसके लिए आवेदक को विभाग के वेबसाइट में जाकर SBI Recruitment Portal पर प्रदर्शित होने वाले आवेदन फार्म में समस्त जानकारी भरनी होगी। तत्पश्चात वांछित दस्तावेज के साथ SBI Application Form को विभाग को online माध्यम से प्रस्तुत करना होगा।
आवेदन शुल्क विवरण
सामान्य वर्ग :- 750/-
अन्य पिछड़ा वर्ग :- 750/-
एससी/एसटी :- 00/-
महत्वपूर्ण तिथि एवं कार्यक्रम विवरण
आवेदन प्रारंभ तिथि :- 27.04.2021
आवेदन अंतिम तिथि :- 17.05.2021
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) भर्ती विभागीय विज्ञापन एवं आवेदन फार्म
DFCCIL All India Recruitment 2021 : डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited) के द्वारा Junior Executive/ अन्य पदों की भर्ती के लिए रोजगार विज्ञापन जारी किया गया है। रिक्त पदों पर आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार जो Junior Executive Jobs एवं अन्य पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य योग्यताओं की पूर्ति करते हों, वे अंतिम तिथि तक विभाग को Online माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
Detail of DFCCIL All India Recruitment 2021
विभाग का नाम :- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
रिक्रूटमेंट बोर्ड :- Central Govt
पदों के नाम :-
जूनियर मैनेजर – 111 पद
कार्यकारी – 442 पद
जूनियर एग्जीक्यूटिव – 521 पद
कुल पद :- 1074 पद
वेतनमान :- 25000-160000/- रूपये प्रतिमाह
शैक्षणिक योग्यता :- 10th, ITI, Diploma, Degree, B.E/समकक्ष
आयु सीमा :- 18 से 40 वर्ष के बीच
आरक्षण :- नियमानुसार
आवेदन शुल्क :- सामान्य वर्ग – -/-, अपिव – -/- , अजा/अजजा – -/- रूपये
आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि :- 24-04-2021
आवेदन कने की अंतिम तिथि :- 23-05-2021
विभागीय विज्ञापन/आवेदन फार्म :-
कोरबा । जिले में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड-19 संक्रमण के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तीन माह के लिए माॅलिक्यूलर वायरोलाॅजी लैब के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती की जा रही है। इन पदों पर भर्ती के लिए वाॅक इन इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है। वाॅक इन इंटरव्यू का आयोजन एक मई को सुबह 10.30 बजे कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा में किया जायेगा। सीएमएचओ डा. बी.बी.बोडे ने बताया कि अस्थायी पदों में भर्ती से संबंधित विज्ञापन, नियम एवं शर्तें तथा आवेदन के लिए जिला कोरबा के वेब साईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट कोरबा डाट जीओव्ही डाट इन पर उपलब्ध है। जिसका अवलोकन एवं डाउनलोड किया जा सकता है। विज्ञापन प्रारूप सीएमएचओ कार्यालय के सूचना पटल पर अवलोकन के लिए चस्पा किया गया है।












