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संन्यास के बाद कपिल देव की सलाह काम आई: द्रविड़

संन्यास के बाद कपिल देव की सलाह काम आई: द्रविड़

नई दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि महान ऑलराउंडर कपिल देव की सलाह ने उन्हें संन्यास के बाद विकल्प तलाशने में मदद की। कपिल की सलाह के के बाद उन्होंने भारत ए और अंडर-19 टीमों के कोचिंग पद की जिम्मेदारी संभाली। द्रविड़ ने कहा कि वह थोड़े भाग्यशाली भी रहे कि अपने करियर के अंत में वह इंडियन प्रीमियर लीग की टीम राजस्थान रायल्स (क्रक्र) में कप्तान-सह-कोच की भूमिका निभा रहे थे।

 

द्रविड़ ने कहा, खेलना बंद करने के बाद बहुत ही कम विकल्प थे और मुझे पता नहीं चल रहा था कि क्या करना चाहिए। तो कपिल देव ही थे जिन्होंने मुझे सलाह दी और ऐसा मेरे करियर के अंत के दौरान ही हुआ था। 
 
उन्होंने कहा, मैं उनसे कहीं मिला और उन्होंने कहा, राहुल सीधे जाकर कुछ भी मत करो, पहले कुछ समय सिर्फ देखो और अलग अलग चीजें करो और फिर देखो कि तुम्हें वास्तव में क्या पसंद है। मुझे लगा कि यह अच्छी सलाह है। इस महान क्रिकेटर ने कहा कि शुरू में उन्हें कॉमेंटरी करना पसंद आया था, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि वह खेल से थोड़े दूर हैं।

द्रविड़ ने कहा, मुझे जो चीज सबसे ज्यादा संतोषजनक लगती है वो खेल से जुड़े रहना है और खिलाडिय़ों के साथ संपर्क में रहना थी। मुझे कोचिंग जैसी चीज बहुत पसंद थी और जब मेरे पास मौका आया तो मैं भारत ए और अंडर-19 टीमों के साथ जुड़ गया। उन्होंने कहा, मुझे लगा यह शुरुआत करने के लिए अच्छी जगह थी और मैंने इसे स्वीकार कर लिया और मैंने अब तक इसका काफी लुत्फ उठाया है। मुझे कोचिंग करना काफी ज्यादा संतोषजनक लगता है। 

भारत के लिए 1996 से 2012 के बीच 164 टेस्ट में 13,288 रन बनाने वाले इस महान बल्लेबाज ने कहा, विशेषकर कोचिंग का विकास करने में मदद करने वाला हिस्सा, भले ही इसमें भारत ए टीम हो, अंडर-19 टीम या फिर एनसीए (राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी)। इससे मुझे काफी सारे खिलाडिय़ों से काम करने का मौका मिला और इसमें मुझे तुरंत नतीजे की चिंता भी नहीं थी जो मुझे लगता है कि मेरे लिए काम करने के लिये अच्छा था।
 विराट को उनके खेल को अलग स्तर में ले जाने पर सलाह दी थी: कस्टर्न

विराट को उनके खेल को अलग स्तर में ले जाने पर सलाह दी थी: कस्टर्न

नईदिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व कोच गैरी कस्टर्न ने कहा है कि उन्होंने भारतीय कप्तान विराट कोहली के करियर के शुरुआती दिनों में उनके खेल को अलग स्तर में ले जाने पर सलाह दी थी। कस्टर्न टीम इंडिया के सबसे सफल कोच में से एक रहे हैं। उनके नेतृत्व में ही भारतीय टीम ने 2011 में एकदिवसीय विश्वकप का खिताब जीता था और विराट ने भी उनके ही नेतृत्व में अपना करियर 2008 में शुरू किया था। कस्टर्न ने विराट के करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए द आरके शो में कहा, जब मैं विराट से पहली बार मिला तो मुझे उनमें बेहतरीन कौशल नजर आया, वह नौजवान थे। लेकिन मुझे पता था कि वह अपने खेल को सही तरीके से नहीं खेल रहे हैं इसलिए मैंने उनके साथ चर्चा की। उन्होंने कहा, मैं वो दिन नहीं भूलूंगा जब हम श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज खेल रहे थे और विराट शानदार बल्लेबाज कर रहे थे। वह 30 रन पर नाबाद थे और तब उन्होंने फैसला लिया कि वह गेंदबाज के ऊपर से लांग-आन पर छक्का मारेंगे लेकिन वह आउट हो गए थे।

कस्टर्न ने कहा, मैंने उनसे कहा कि अगर तुम्हें अपने खेल को अलग स्तर में ले जाना है तो आपको गेंद पर लांग-आन की तरफ जमीनी शॉट लगाना होगा। आपको पता है कि आप गेंद पर हवा में शॉट मार सकते हैं लेकिन इसमें खतरा भी रहता है। मुझे लगता है कि उन्होंने उसे थोड़ा समझा और कोलकाता में हुए अगले मैच में शतक जड़ा।
 सचिन मानेंगे नहीं लेकिन वह शोएब अख्तर से डरते थे: शाहिद अफरीदी

सचिन मानेंगे नहीं लेकिन वह शोएब अख्तर से डरते थे: शाहिद अफरीदी

नईदिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने एक बार फिर सचिन तेंडुलकर के बारे में विवादास्पद बयान दिया है। अफरीदी ने नौ साल पहले कहा था कि महान बल्लेबाज को पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की गेंदबाजी का सामना करने से डर लगता था। अफरीदी ने एक बार फिर इस विवादास्पद बात को दोहराया है। अफरीदी ने कहा कि सचिन इस बात को मानेंगे नहीं लेकिन वह अख्तर से डरते थे। हालांकि खुद शोएब अख्तर कह चुके हैं कि ऐसी कोई बात नहीं है।

अफरीदी ने अपनी किताब ने कहा था, सचिन शोएब से डरते थे। मैंने खुद देखा है। मैं स्केवर लेग पर खड़ा होता था। जब अख्तर गेंदबाजी करने आते थे तो सचिन के पांव कांपते थे।

उन्होंने कहा, देखिए सचिन तेंडुलकर अपने मुंह से तो कहेगा नहीं कि मैं डर रहा हूं। शोएब अख्तर के ऐसे कई स्पेल होते थे जिसमें सिर्फ सचिन ही नहीं दुनिया के कई सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को डराया। 

अख्तर ने कहा, जब आप मिड-ऑफ या कवर्स पर फील्डिंग करते हैं तो आप इसे देख सकते हैं। आपको किसी खिलाड़ी की बॉडी लैंग्वेज के बारे में पता चल जाता है। आप आसानी से समझ जाते हैं कि बल्लेबाज दबाव में है और वह अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पा रहा है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि शोएब ने सचिन को डरा दिया लेकिन शोएब के ऐसे कुछ स्पेल थे जिन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों, जिनमें सचिन मभी शामिल हैं, को बैकफुट पर रखा। 

अफरीदी ने यह भी कहा कि सचिन को मिस्ट्री बोलर सई अजमल से भी डर लगता था। अख्तर शायद 2011 के वर्ल्ड कप का जिक्र कर रहे थे जब एक विवादास्पद फैसले में ऑनफील्ड अंपायर ने सचिन को अजमल की गेंद पर एलबीडब्ल्यू दे दिया था लेकिन तीसरे अंपायर के नतीजे से साफ हुआ कि गेंद लेग स्टंप के बाहर जा रही है। 
 
अफरीदी ने यह भी कहा, वर्ल्ड कप के दौरान सचिन सईद अजमल से डरते हुए नजर आए। यह कोई बड़ी बात नहीं है। खिलाड़ी कई बार दबाव महसूस करते हैं और यह उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हाल के दिनों में शाहिद ने कई विवादास्पद बयान दिए हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि पाकिस्तान की टीम भारतीय टीम को इतना हराती थी कि टीम इंडिया उनसे माफी मांगती थी।
विराट कोहली शांत नहीं रह सकते:नासिर हुसैन

विराट कोहली शांत नहीं रह सकते:नासिर हुसैन

नई दिल्ली। नासिर हुसैन ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली की तारीफ की है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने एक कप्तान के रूप में कोहली की प्रगति को लेकर अपनी राय रखी है। 

नासिर ने कहा, सबसे पहली बात मैं कहना चाहूंगा कि विराट कोहली एक अलग इनसान हैं। महेंद्र सिंह धोनी के बाद कप्तानी संभालने के बाद यह काफी आसान था कि वह यह सोचते कि मुझे धोनी जैसा बनना है। मुझे शांत रहता है, मुझे फिनिशर बनना है, मुझे बर्फ की तरह ठंडा रहना है। विराट कोहली कभी शांत नहीं रह सकते। वह अपनी भावनाओं का खुलकर इजहार करते हैं।

नासिर ने कहा, अगर आप विराट कोहली को सुबह फुटबॉल खेलते हुए देखें तो आपको अहसास होगा। मुझे खुद उनकी टीम के खिलाडिय़ों के लिए चिंता होती है। वह जीतने को लेकर बहुत जुनूनी हैं। इसलिए अगर आप सीमित ओवरों के क्रिकेट में मुझसे रन-चेज में किसी एक खिलाड़ी के बारे में पूछें तो मैं कोहली का नाम लूंगा चूंकि वह लक्ष्य पर नजर रखते हैं और उनका पूरा ध्यान उस पर ही होता है। 

क्रिकेटर से कॉमेंटेटर बने नासिर हुसैन ने कहा, कोहली अपनी तरह के ही इनसान हैं। वह कई क्षेत्रों में बेहतर हुए हैं और कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जिनमें मैं उन्हें बेहतर होते देखना चाहूंगा। वह काफी सोचते हैं। हर ओर में वह फील्डिंग में बदलाव करते हैं। वह चीजों को बदलने के लिए इधर-उधर दौड़ते हैं। मुझे लगता है कि वह कुछ ज्यादा ही सोचते हैं। 

नासिर हुसैन ने कोहली के सिलेक्शन के तरीके से भी थोड़ा असहमत नजर आए। उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि लोग कहेंगे कि यह कोहली का फैसला है। लेकिन आपके पास एक सिलेक्शन प्लान होना चाहिए। मुझे लगता है कि भारत ने कई चीजें अच्छी की हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि सिलेक्शन उसमें से एक है। वर्ल्ड कप की ही बात करें आपको यही पता नहीं था कि नंबर चार पर कौन बल्लेबाजी करेगा। वह भी तब जब भारत में कई बड़े बल्लेबाज हैं। उन्हें सिलेक्शन की समस्या का हल तलाशन होगा लेकिन कप्तान का मूल काम मैच जीतना होता है और अगर आप कोहली के रेकॉर्ड को इस नजर से देखें तो वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ में शामिल होते है।
सौरभ गांगुली को एक और बड़ी जिम्मेदारी, एटीके-मोहन बागान के निदेशक नामित

सौरभ गांगुली को एक और बड़ी जिम्मेदारी, एटीके-मोहन बागान के निदेशक नामित

कोलकाता। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष सौरभ गांगुली को एटीके और मोहन बागान को विलय कर बनी इंडियन सुपर लीग की नयी टीम का एक निदेशक नामित किया गया है। मोहन बागान क्लब में 80 प्रतिशत की हिस्सा हासिल करने वाले चेयरमैन संजीव गोयनका के नेतृत्व में 10 जुलाई को बोर्ड की बैठक होगी जिसमें क्लब के नाम, जर्सी और लोगो (प्रतीक चिन्ह) को अंतिम रूप दिया जाएगा।

टीम के सह-मालिक और एक निदेशक उत्सव पारेख ने बताया कि गांगुली टीम के सह-मालिकों में से एक हैं और निदेशक बनने के शत प्रतिशत पात्र हैं। हम टीम का नाम, जर्सी और लोगो को अंतिम रूप देने के लिए पहली बार 10 जुलाई को मिलेंगे।

पिछले महीने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ पंजीकरण के समय, एटीके-मोहन बागान प्राइवेट लिमिटेड ने पांच सदस्यों का नाम दिया था जिसमें एटीके के सह-मालिक उत्सव पारेख, मोहन बागान के श्रीनॉय बोस एवं देबाशीष दत्ता और दो अन्य सदस्यों गौतम रे और संजीव मेहरा का नाम था। 

पारेख ने रविवार को कहा, यह केवल औपचारिकता थी जो आधिकारिक तौर पर उद्यम शुरू करने के लिए एक कागजी कार्रवाई है। हमने उस समय गोयनका (टीम के प्रमुख मालिक) को भी बोर्ड का हिस्सा नहीं बनाया था। हमने अब गोयनका और गांगुली को इसमें शामिल किया है। इस विलय से पहले, एटीके ने तीन बार आईएसएल खिताब जीता था जबकि मोहन बागान ने दो बार आई-लीग चैंपियन रही है।
विराट को ट्रोल करने की कोशिश पीटरसन को पड़ी भारी, जानिए क्या हुआ ऐसा

विराट को ट्रोल करने की कोशिश पीटरसन को पड़ी भारी, जानिए क्या हुआ ऐसा

नईदिल्ली। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली अपनी फिटनेस को लेकर भी काफी सजग रहते हैं। कोरोना वायरस के कारण भले ही क्रिकेट संबंधी गतिविधियों पर ब्रेक लगा है लेकिन विराट लगातार जिम में पसीना बहा रहे हैं। उन्होंने एक्सरसाइज करते हुए एक वीडियो क्लिप शुक्रवार को शेयर किया। कैप्टन कोहली ने वेटलिफ्टिंग का एक वीडियो क्लिप शेयर किया, जिसमें वह कड़ी मेहनत करते दिख रहे हैं। इस पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने उन्हें ट्रोल करने की कोशिश की लेकिन विराट की हाजिरजवाबी के सामने उनकी बोलती बंद हो गई।
विराट ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, अगर मुझे मौका मिले रोज एक एक्सरसाइज को चुनने का तो यह ही होगी। लव द पावर स्नैच। इस वीडियो पर कॉमेंट करते हुए 40 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर पीटरसन ने लिखा, बाइक पर चढ़ जाइए। विराट ने इसके रिप्लाई में जवाब में लिखा, रिटायरमेंट के बाद। विराट सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहते हैं और फैंस के लिए फोटो-वीडियो शेयर करते हैं। इंटरनैशनल क्रिकेट में 20 हजार से ज्यादा रन बना चुके विराट कोहली आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी संभालते हैं। कोरोना वायरस के कारण आईपीएल को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है।
 मौजूदा गेंदबाजों के सामने शायद बेहतर बल्लेबाज: महेला जयर्वधने

मौजूदा गेंदबाजों के सामने शायद बेहतर बल्लेबाज: महेला जयर्वधने

मुंबई। श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा है कि मौजूदा गेंदबाजों की तुलना पूर्व खिलाडिय़ों से करना गलत होगा, क्योंकि जसप्रीत बुमराह और कागिसो रबादा के सामने शायद पहले से बेहतर बल्लेबाज हैं। 

उन्होंने कहा, 'अगर आप आज के दौर के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाजों को देखेंगे तो उन्होंने अपना शुरुआती करियर उस दौर में बिताया है। मैंने कपिल देव और कर्टनी वॉल्श को नहीं खेला क्योंकि मैंने उनके बाद क्रिकेट शुरू की।

जयवर्धने ने ईएसपीएनक्रिकइंफो पर संजय मांजरेकर से बात करते हुए कहा, 'तब मुथैया मुरलीधरन, शेन वार्न, ग्लैन मैक्ग्रा, अनिल कुंबले, भज्जी (हरभजन सिंह), सकलैन मुश्ताक, वसीम अकरम, वकार यूनिस थे। इनके आंकड़े इनके बारे में बताते हैं।

उन्होंने कहा, 'हमें अभी देखना है कि मौजूदा गेंदबाजों की पौध उन आंकड़ों तक पहुंचती है या नहीं। मौजूदा गेंदबाज शायद बेहतर बल्लेबाजी ईकाई के सामने खेल रहे हैं।' जयवर्धने ने सभी प्रारूपों में श्रीलंका के लिए कुल 652 मैच खेले हैं और वह दुनिया के महान बल्लेबाजों में गिने जाते हैं।
बीते 50 साल में कौन है बेस्ट भारतीय टेस्ट बल्लेबाज, द्रविड़ ने सचिन को पछाड़ा

बीते 50 साल में कौन है बेस्ट भारतीय टेस्ट बल्लेबाज, द्रविड़ ने सचिन को पछाड़ा

नईदिल्ली। भारतीय क्रिकेट में बल्लेबाजों की एक लंबी परंपरा रही है। चाहे प्रारूप कोई भी हो भारतीय बल्लेबाजों ने हर बार अपना असर दिखाया है। सचिन तेंडुलकर को भारत ही नहीं दुनिया का महानतम बल्लेबाजों में गिना जाता है। लेकिन विजडन इंडिया द्वारा करवाए गए एक ऑनलाइन पोल में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर राहुल द्रविड़ से पिछड़ गए। विजडन ने पूछा था कि इन दोनों भारतीयों में बीते 50 साल में कौन बेहतर टेस्ट बल्लेबाज रहा है। 

द्रविड़ और तेंडुलकर के बीच मुकाबला कड़ा था लेकिन आखिर में द्रविड़ को सचिन से ज्यादा वोट मिले। और उन्हें बीते 50 साल में बेहतर भारतीय टेस्ट बल्लेबाज का खिताब मिला। 

इस पोल में कुल 11400 लोगों ने वोटिंग दी। इसमें द्रविड़ को 52 और तेंडुलकर को 48 फीसदी वोट मिले। द वॉल के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ पोल के शुरुआती दौर में सचिन से पिछड़ रहे थे लेकिन धीरे-धीरे वह सचिन से आगे निकल गए। 

पोल के शुरुआती दौर में सुनील गावसकर और विराट कोहली को भी शामिल किया गया था। तेंडुलकर ने जहां विराट कोहली को पीछे छोड़ा था वहीं राहुल द्रविड़ को लोगों ने सुनील गावसकर से बेहतर बल्लेबाज माना था।

इसके बाद तीसरे स्थान के लिए कोहली और सुनील गावसकर के बीच भी पोलिंग हुई। इसमें लिटिल मास्टर ने भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान को पीछे छोड़ते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।

गावसकर, कोहली, द्रविड़ और तेंडुलकर सभी ने क्रिकेट के इस सबसे लंबे प्रारूप में शानदार प्रदर्शन किया है। सचिन इस प्रारूप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 15921 रन बनाए हैं। वहीं द्रविड़ के नाम 13288 रन हैं। गावसकर टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज थे। उन्होंने 10122 रन बनाए। कोहली की बात करें उनका करियर भी काफी बाकी है और उम्मीद की जा रही है कि वह कई रेकॉर्ड अपने नाम करेंगे।
तेंडुलकर की विनम्रता उन्हें सबसे अलग करती है: वकार यूनिस

तेंडुलकर की विनम्रता उन्हें सबसे अलग करती है: वकार यूनिस

नई दिल्ली। सचिन तेंडुलकर ने 24 साल के अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कई रेकॉर्ड बनाए होंगे लेकिन एक चीज जो उन्हें सबसे अलग बनाती है वह उनकी विनम्रता है। यह कहना है कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वकार यूनिस का।

यूनिस ने कहा, तेंडुलकर सिर्फ एक महान खिलाड़ी ही नहीं हैं बल्कि एक महान इनसान भी हैं। मेरे कहने का मतलब है कि आप उनके टेस्ट और वनडे रेकॉर्ड एक ओर रखें, एक इंसान के तौर पर भी वह शानदार हैं। उनकी विनम्रता के कारण ही सभी उम्र के लोग उन्हें पसंद करते हैं। 

पाकिस्तानी टीम के पूर्व कोच ने यह भी कहा कि सचिन ने अपने करियर को बखूबी संभाला। उन्होंने कहा, वह काफी विनम्र इनसान हैं और हर किसी ने मैदान पर उन्हें खेलते और कामयाबियां हासिल करते हुए देखा है। कुल मिलाकर जिस तरह से उन्होंने अपने करियर को संभाला उसके लिए आप उन्हें पूरे अंक देंगे। 
 
यह संयोग की बात है कि सचिन और वकार दोनों ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत 1989 में कराची में खेले गए टेस्ट मैच से की थी। और तो और वकार ने तेंडुलकर को मैच की पहली पारी में बोल्ड किया था। और इसी के साथ दोनों खिलाडिय़ों में प्रतिस्पर्धा की शुरुआत हुई। 

दोनों के बीच मुकाबले को लेकर वकार ने कहा कि 2003 वर्ल्ड कप में सचिन की 98 रनों की पारी शानदार थी। 274 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने मैच छह विकेट से जीता था। सचिन ने शुरुआत में ही वसीम अकरम, शोएब अख्तर और खुद वकार की गेंदबाजीं पर जमकर स्ट्रोक खेले थे।
धोनी की सलाह पर मिला था ग्लेन मैक्सवेल का विकेट: चहल

धोनी की सलाह पर मिला था ग्लेन मैक्सवेल का विकेट: चहल

नई दिल्ली। टीम इंडिया के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल कमाल के गेंदबाज हैं और उन्होंने अहम मौकों पर इसे साबित भी किया है। चहल ने बताया कि साल 2017 में किस तरह पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सलाह मानने से उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल को अपनी गेंदबाजी से परेशान किया था।

चहल ने अपने टीम साथियों कुलदीप यादव और मयंक अग्रवाल के साथ बीसीसीआई टीवी पर एक चैट शो में हिस्सा लिया। इस दौरान चहल ने धोनी से जुड़ी एक घटना को याद किया जिससे उन्हें मैक्सवेल के खिलाफ बेहतर गेंदबाजी में मदद मिली। ऑस्ट्रेलिया ने साल 2017 में पांच मैचों की वनडे और तीन मैचों की टी20 सीरीजके लिए भारत का दौरा किया था।

उस सीरीज को याद करते हुए चहल ने मयंक के सवाल पर बताया कि उन्होंने धोनी के साथ मैक्सवेल को स्टंप से बाहर गेंद फेंकने की योजना बनाई क्योंकि यह ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शॉट मारना पसंद करता है। उस सीरीज के तीसरे वनडे का जिक्र करते हुए चहल ने कहा, मैंने माही भाई की सलाह पर उन्हें स्टंप से बाहर गेंद फेंकने की योजना बनाई। मुझे लगा कि वह शॉट लगाएंगे और यही हुआ भी। इसी वजह से मैंने गेंद को ज्यादा वाइड फेंका और विकेट मिला।

भारतीय लेग स्पिनर ने आगे कहा कि उस सीरीज में मैक्सवेल ने उनके खिलाफ आक्रामक होकर खेलने का तरीका चुना था। उन्होंने कहा, वह (मैक्सवेल) उस सीरीज में अधीर होकर खेल रहे थे और मेरी गेंदों पर शॉट लगाने की कोशिश करते। मैंने माही भाई से बातचीत की कि इससे कैसे निपटा जाए। उन्होंने जवाब दिया कि हम स्टंप से हटकर गेंद करेंगे। इसलिए जब गेंद को स्टंप के बाहर गेंदबाजी करूं तो यह विकेट लेने वाली डिलीवरी होनी चाहिए। 

चहल ने 50 ओवर फॉर्मेट में तीन बार मैक्सवेल को आउट किया है और उसी दौरे पर दूसरे टी इंटरनैशनल में भी इस लेग स्पिनर ने ही ऑस्ट्रेलियाई धुरंधर का विकेट लिया। भारत ने तब वनडे सीरीज 4-1 से जीती जबकि टी20 सीरीज 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुई थी जिसका अंतिम मैच बिना कोई गेंद फेंके ही बारिश के कारण धुल गया था।
अर्जुन तेंडुलकर इस खिलाडी को अपने बाउंसर से करना चाहते हैं घायल

अर्जुन तेंडुलकर इस खिलाडी को अपने बाउंसर से करना चाहते हैं घायल

नईदिल्ली, दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर को आपने मैदान पर कभी गुस्सा करते नहीं देखा होगा। पूरी दुनिया में उनके खेल के साथ-साथ उनकी शालीनता की भी तारीफ होती है। लेकिन उनके बेटे अर्जुन तेंडुलकर को गुस्सा आता है। आखिर आए भी क्यों न अर्जुन एक फास्ट बोलर हैं और गुस्सा तेज गेंदबाजों के स्वभाव में होता है। इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम की ओपनिंग बल्लेबाज डेनियल वेट ने बताया कि अर्जुन उन्हें सिर पर बाउंसर मारने की चेतावनी दे चुके हैं।

डेनियल वेट हाल ही में क्रिकेट न्यूज वेबसाइट क्रिकेट.कॉम से बात कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने अर्जुन की फास्ट बोलिंग पर भी बात की। वेट ने बताया कि अर्जुन को दिन पर दिन खेलना अब मुश्किल होता जा रहा है। उनकी गेंदबाजी में लगातार स्पीड का इजाफा हो रहा है।
वेट ने बताया, सचिन और उनका परिवार जब भी इंग्लैंड में आता है और अर्जुन लॉर्ड्स पर प्रैक्टिस के लिए आते हैं तो मैं उनसे नेट में मुझे बोलिंग करने को कहती हूं। लेकिन अब उनकी स्पीड काफी बढ़ गई है। वह हमेशा कहते हैं कि मैं आपको बाउंसर फेंकूंगा और आपके सिर पर मारूंगा। तो अब मैं नहीं चाहतूी हूं कि वह मुझे और गेंदबाजी करें। अब उनका सामना करना खतरनाक होता जा रहा है।

वेट ने सचिन के परिवार की तारीफ करते हुए कहा, वे बहुत प्यारा परिवार हैं। अर्जुन की मां (अंजली) भी बहुत प्यारी हैं। हाल ही में सचिन ने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित हुए महिला टी20 वर्ल्ड कप के दौरान मिली थी। डेनियल वेट ने इंग्लैंड के लिए अभी तक 74 वनडे और 109 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले हैं।

बता दें अर्जुन तेंडुलकर और डेनियल वेट दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं। सचिन का परिवार गर्मियों में हर साल करीब दो महीने के लिए इंग्लैंड में छुट्टियां बिताने जाता है तब डेनियल अर्जुन के खिलाफ नेट्स में बैटिंग करना पसंद करती हैं। नेट प्रैक्टिस के दौरान अर्जुन अपनी परफैक्ट यॉर्कर पर इंग्लैंड के ओपनिंग बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो को भी चोटिल कर चुके हैं। बेयरस्टो को यह गेंद लगने के चलते अपनी प्रैक्टिस छोडऩी पड़ी थी।

 

हरभजन की तारीफ में बोले लक्ष्मण, इस खूबी के चलते दिया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

हरभजन की तारीफ में बोले लक्ष्मण, इस खूबी के चलते दिया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

नई दिल्ली। वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि हरभजन सिंह ने अपना संभावित खीझ को सही दिशा में मोड़ा और उसे स्वच्छंद आक्रामकता में बदल दिया। टीम इंडिया के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि अपनी इन्हीं खूबियों के कारण हरभजन ने एक दशक से भी अधिक समय तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया।

लक्ष्मण, जो कि इन दिनों ट्विटर पर रोज भारतीय क्रिकेट के एक दिग्गज को ससम्मान याद कर रहे हैं, ने शनिवार को ट्वीट कर लिखा- एक और खिलाड़ी जो आसानी से अपने करियर और निजी जीवन में मिले मुश्किल वक्त से भटक सकता था। अपने संभावित खीझ को उसने आक्रामकता में बदला। हरभजन सिंह ने करीब डेढ़ दशक तक अपना सर्वश्रेष्ठ स्तर कायम रखा। 

लक्ष्मण और हरभजन कोलकाता में 2001 में खेले गए उस यादगार टेस्ट मैच का हिस्सा थे जिसमें भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। लक्ष्मण ने बल्ले से शानदार खेल दिखाया था और हरभजन ने उस मैच में हैटट्रिक ली थी।

इस ऑफ स्पिनर ने उस मैच में 13 विकेट लिए थे और भारत ने पहली पारी में फॉलोऑन से पिछडऩे के बाद भी 171 रन से जीत हासिल की थी। इसके साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया की लगातार 16 टेस्ट मैचों से चली आ रहे जीत के सिलसिले को तोड़ा था। 

हरभजन ने भारत के लिए 103 टेस्ट और 236 वनडे इंटरनैशनल मैच खेले। टेस्ट में उनके नाम 417 और वनडे में 269 विकेट हैं। उन्होंने 28 टी20 इंटरनैशनल मैचों में 25 विकेट हैं। वह आखिरी बार भारत के लिए 2016 में यीएई में टी20 इंटरनैशनल मैच खेल थे।
मानसून के बाद ही शुरू हो सकता है क्रिकेट, आईपीएल पर उम्मीदें कायम

मानसून के बाद ही शुरू हो सकता है क्रिकेट, आईपीएल पर उम्मीदें कायम

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जोहरी ने कहा है कि गंभीर क्रिकेट गतिविधियां मानसून के बाद ही शुरू हो पाएंगी, लेकिन वह इस साल इंडियन प्रीमियर लीग के आयोजन को लेकर आशावादी हैं। जोहरी ने दोहराया कि खिलाडिय़ों की सुरक्षा सर्वोच्च है और कोविड-19 महामारी के कारण अभूतपूर्व सुरक्षा संकट के बीच यह फैसला व्यक्तिगत खिलाडिय़ों पर छोड़ा जाना चाहिए कि उनके लिए सर्वश्रेष्ठ क्या है। 

ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी मीडिया द्वारा बुधवार को आयोजित वेबिनार के दौरान जोहरी ने कहा, प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सुरक्षा पर फैसला करने का अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, इस पूरे मामले में भारत सरकार हमारा मार्गदर्शन करेगी, हम सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करेंगे... व्यावहारिक रूप से गंभीर क्रिकेट गतिविधियां मानसून के बाद ही शुरू हो पाएंगी।
 
भारत में मानसून जून से सितंबर तक रहता है। इस तरह की अटकलें हैं कि अगर ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप को स्थगित किया जाता है तो आईपीएल का आयोजन अक्टूबर-नवंबर में किया जा सकता है। जोहरी ने कहा, उम्मीद करते हैं कि चीजों में सुधार होगा तथा और अधिक विकल्प मिलेंगे जो हमारे नियंत्रण में होंगे और हम इसके अनुसार फैसले करेंगे।
 
आईपीएल के संदर्भ में जोहरी ने कहा कि वह सिर्फ भारतीय खिलाडिय़ों के साथ टूर्नमेंट कराने के पक्ष में नहीं है जो सुझाव महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी के कारण दिया गया था। लेकिन उन्होंने कई समस्याओं की जानकारी दी जिनका सामना संक्रमण के खतरे को न्यूनतम करने के लिए नए सुरक्षा नियमों का पालन करने के कारण करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, आईपीएल का मजा ही यह है कि दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी यहां आकर खेलते हैं और सभी इस महत्व को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बेशक यह चरण दर चरण चलने वाली प्रक्रिया होगी इसलिए आप कल ही चीजों के सामान्य होने की उम्मीद नहीं कर सकते।
संकट में आईपीएल 2020,धोनी का कमबैक भी है बड़े संकट में

संकट में आईपीएल 2020,धोनी का कमबैक भी है बड़े संकट में

नई दिल्ली। कोरोना महामारी लगातार अपने पांव पसार रही है। दुनियाभर में खेलों के टूर्नमेंट या तो रद्द हो रहे हैं या तो स्थगित हो रहे हैं। कुछ ऐसा ही संकट इंडियन प्रीमियर लीग पर दिखाई दे रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इस टूर्नमेंट को 29 मार्च से 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है। तमाम चर्चाओं के बीच फिलहाल आईपीएल पर कोई रास्ता बनता नहीं दिख रहा है।

अगर यह टूर्नमेंट नहीं होता है और ऑस्ट्रेलिया में होने वाला टी-20 वर्ल्ड कप आयोजित होता है तो सवाल उठता है कि पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी का क्या होगा? क्या उनकी टीम इंडिया में वापसी होगी या नहीं? दरअसल, दुनियाभर के क्रिकेट फैन्स की निगाहें धोनी की वापसी के लिए आईपीएल पर लगी थीं। कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने भी कहा था कि धोनी की वापसी पर आईपीएल तक इंतजार करना चाहिए। दूसरी ओर, वीरेंदर सहवाग ने कहा था कि अब टीम में बदलाव की जरूरत नहीं है।
 
शास्त्री ने अपने बयान में कहा था,'धोनी खुद को टीम पर नहीं थोपते। धोनी निश्चित रूप से आईपीएल में खेलेंगे। इसके बाद हम देखेंगे कि धोनी का शरीर किस तरह उनका साथ दे रहा है। अगर वह अच्छा करेंगे तो वह टीम में वापसी कर सकते हैं। रवि शास्त्री ने कहा था, यह निर्भर करता है कि वह कब खेलना शुरू करते हैं और आईपीएल में कैसा खेलते हैं। वहीं दूसरे खिलाड़ी विकेटकीपिंग में क्या कर रहे हैं और धोनी के मुकाबले उनकी फॉर्म क्या है। आईपीएल बड़ा टूर्नमेंट होगा क्योंकि आपके लगभग 15 खिलाड़ी तय हो चुके होंगे। कुछ ऐसा ही बयान विराट का भी था।

भारतीय टीम आईसीसी विश्व कप 2019 जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी लेकिन सेमीफाइनल मैच में 15 मिनट में कहानी बदल गई। धोनी के रन आउट होने के बाद भारत को न्यूजीलैंड से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद से धोनी इंटरनैशनल क्रिकेट से दूर हैं। हाल ही में चेन्नै में आयोजित चेन्नै सुपर किंग्स के कैंप से जुड़े थे, लेकिन आईपीएल स्थगित होने के बाद कैंप को खत्म कर दिया गया और धोनी सहित सभी खिलाड़ी अपने-अपने घर लौट गए।
पूर्व कप्तान एमएस धोनी की वापसी अब मुश्किल है: सहवाग

पूर्व कप्तान एमएस धोनी की वापसी अब मुश्किल है: सहवाग

अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर वीरेंदर सहवाग को लगता है कि पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की इंटरनैशनल क्रिकेट में वापसी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सिलेक्टर्स पहले ही धोनी का रिप्लेसमेंट खोजने के साथ ही आगे बढ़ चुके हैं। बता दें कि धोनी ने वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी इंटरनैशनल मैच खेला था। उसके बाद से वह क्रिकेट से दूर हैं। 

धोनी की वापसी पर पूछे जाने पर सहवाग ने अपने पूर्व साथी के बारे में कहा, वह किसकी जगह फिट होंगे। ऋषभ पंत और केएल राहुल टीम में हैं और राहुल शानदार फॉर्म में हैं। मुझे ऐसी कोई वजह नहीं दिखती कि इसी टीम के साथ आगे क्यों न चला जाए। सहवाग यहां एक इवेंट में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। 

न्यूजीलैंड में मिली हार के बारे में पूछे जाने पर सहवाग ने कहा, हमें यह मान लेना चाहिए कि वे वनडे और टेस्ट में हमसे बेहतर हैं। टी-20 के मैचों में वे करीबी अंतर से हारे थे। टी-20 में कमबैक करना हमेशा ही कठीन होता है। विराट की खराब फॉर्म के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, वह क्लास बैट्समैन हैं, लेकिन ऐसा सभी महान खिलाडिय़ों के साथ हुआ है। चाहे वह सचिन तेंडुलकर, स्टीव वॉ, रिकी पॉन्टिंग हों या फिर जैक कैलिस हों।

ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए फेवरिट टीम के बारे में वीरू ने कहा, टी-20 में आप किसी एक को प्रेडिक्ट नहीं कर सकते। यहां कोई भी एक खिलाड़ी अपने दम पर कभी भी मैच पलट सकता है। साथ ही उन्होंने हार्दिक के बारे में बात करते हुए कहा, उनके कमबैक से टीम इंडिया को फायदा होगा। हार्दिक के रूप में ऑलराउंडर के आने टीम इंडिया और मजबूत होगी।
छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम बनी नेशनल विजेता , मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम बनी नेशनल विजेता , मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी बधाई

रायपुर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य की महिला फुटबॉल टीम को राष्ट्रीय विजेता बनने पर बधाई दी है। मध्य गोवा में आयोजित नेशनल इनक्लुसन (डायवरसिटी) फुटबॉल कप प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ राज्य की महिला टीम ने फाइनल में पंजाब को हराकर राष्ट्रीय विजेता का खिताब हासिल किया है। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दो खिलाड़ी वंदना ध्रुव एवं निलिमा खाखा का चयन इंडिया कैम्प में हुआ है।
खेल संचालक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने विजेता खिलाडिय़ों को जीत की बधाई दी है। इस खिताब के लिए सभी खिलाडिय़ों एवं वरिष्ठ प्रशिक्षकों ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग का आभार जताया है।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दो खिलाड़ी वंदना ध्रुव एवं निलिमा खाखा का चयन इंडिया कैम्प में हुआ है। इंडिया टीम में चयनित होने पर फिनलैण्ड़ में आयोजित होने वाले वल्र्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकेंगी। विजेता टीम में वंदना ध्रुव, निलिमा खाखा, चादंनी श्रीवास, प्रीति फुटान, भुमिका साहू, मेनका सचदेव, कंचन यादव, नेहा वंशी, देवंतीन निषाद एवं दुर्गा ने अपने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। उल्लेखनीय है कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ प्रशिक्षक, सरिता कुजूर टोप्पो द्वारा प्रतिदिन 60 बालिका खिलाडिय़ों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग द्वारा यह सुविधा खिलाडिय़ों को नि:शुल्क प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त कोटा स्टेडियम में एथलेटिक के खिलाड़ी भी नियमित अभ्यास कर रहें हैं।

 

टेस्ट में विकेटों की ट्रिपल सेंचुरी से केवल 3 विकेट दूर है ये भारतीय गेंदबाज, क्राइस्टचर्च में हासिल कर सकते हैं मुकाम

टेस्ट में विकेटों की ट्रिपल सेंचुरी से केवल 3 विकेट दूर है ये भारतीय गेंदबाज, क्राइस्टचर्च में हासिल कर सकते हैं मुकाम

नई दिल्ली, टीम इंडिया के स्टार पेसर इशांत शर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में एक उपलब्धि अपने नाम कर सकते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच शनिवार से सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। भारतीय टीम की कोशिश इस मैच को जीतकर सीरीज 1-1 से बराबरी करने की होगी। टीम इंडिया को वेलिंग्टन में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट में 10 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी।
पेसर इशांत क्राइस्टचर्च टेस्ट खेलने के लिए जब उतरेंगे तो उनकी नजरें भी अपने नाम एक उपलब्धि करने पर लगी होंगी। पहले टेस्ट में इशांत ने अच्छा प्रदर्शन किया था, उन्होंने पहली पारी में 5 विकेट झटके थे। यदि वह क्राइस्टचर्च में तीन विकेट और लेने में कामयाब होते हैं तो वह एक एलीट क्लब में शामिल हो जाएंगे।
31 साल के इशांत के नाम अभी तक 97 टेस्ट मैचों में 297 विकेट हैं। यदि वह सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में तीन विकेट लेते हैं तो वह 300 विकेट पूरे कर लेंगे और ऐसा करने वाले छठे भारतीय बोलर बन जाएंगे। दिग्गज कपिल देव और जहीर खान के बाद इस उपलब्धि को हासिल करने वाले वह तीसरे पेसर बनेंगे।
टेस्ट क्रिकेट में 300 या उससे ज्यादा टेस्ट विकेट हासिल करने वालों में कपिल (434), जहीर खान (311) के अलावा दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले (619), हरभजन सिंह (417) और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (365) भी हैं।
वनडे और टी20 टीम से काफी समय से बाहर चल रहे इशांत के नाम टेस्ट में 1 अर्धशतक भी दर्ज है। साल 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू करने वाले इशांत ने अपना पिछला वनडे जनवरी 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। वहीं, अक्टूबर 2013 में वह आखिरी बार टी20 इंटरनैशनल मैच राजकोट में खेलते नजर आए थे।

 

टीम इंडिया के लिए टेस्ट की सभी चुनौतियों का कंप्लीट पैकेज हैं वेलिंग्टन टेस्ट

टीम इंडिया के लिए टेस्ट की सभी चुनौतियों का कंप्लीट पैकेज हैं वेलिंग्टन टेस्ट

वेलिंग्टन,वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेलने की सबसे बड़ी दावेदार टीम इंडिया अब अपने सबसे मुश्किल इम्तिहान की ओर है। टेस्ट चैंपियनशिप के तहत भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके घर पर खेलना है और यहां हमेशा से ही चुनौती उसके लिए कड़ी रही है। कीवीलैंड की तेज पिचों पर बल्ले और बॉल के साथ-साथ हवा की हरकत भी खेल पर अपना प्रभाव छोड़ती है और सीम-स्विंग बोलिंग विराट की टीम के लिए हमेशा से ही चुनौती रहा है।
शुक्रवार को जब टीम इंडिया वेलिंग्टन में 2 टेस्ट की सीरीज का आगाज करने उतरेगी तो उसके माइंड में ये सभी चीजें होंगी कि यहां पर लाल गेंद से विदेशी चुनौतियों का कंप्लीट पैकेज मिलता है। यहां ठंडी तेज हवा, बारिश, सीम और स्विंग होती गेंदें हर वक्त बल्लेबाजों का टेस्ट लेती हैं। ऐसे में कोहली, रहाणे और पुजारा के अलावा टीम के बाकी बल्लेबाजों को भी हर हाल में अपने साहस का परिचय देना होगा।
न्यूजीलैंड के खिलाड़ी तो इन हालात में खेलने के आदी हैं। लेकिन भारतीय टीम के कई सदस्य यहां पहली बार खेलने आए हैं। यहां हवा का प्रभाव इससे ही समझ लीजिए कि स्टंप्स पर लगे बेल्स भारी होने के बावजूद मैच में कई-कई बार सिर्फ हवा के सहारे ही नीचे गिरते रहते हैं। हवा के चलते गेंदबाज चाहकर भी अगेंस्ट द विंड बॉल डालें तो भी वह हवा के साथ ही निकल लेती है। यहां हर गेंद में हरकत दिखती है, जिससे अंपायरों को हमेशा चौकन्ना रहना पड़ता है। स्लिप में खड़े फील्डर और विकेटकीपर को हर गेंद पर लपकने के लिए तैयार रहना पड़ता है।
 

विराट कोहली के इंस्टाग्राम पर 50 मिलियन फॉलोअर्स वाले बने पहले भारतीय

विराट कोहली के इंस्टाग्राम पर 50 मिलियन फॉलोअर्स वाले बने पहले भारतीय

नई दिल्ली, टीम इंडिया की रेकॉर्ड रन मशीन माने जाने वाले विराट कोहली खेल के मैदान पर ही नहीं मैदान के बाहर भी नए-नए रेकॉर्ड्स अपने नाम कर रहे हैं। विराट ने रेकॉर्ड की ताजा उपलब्धि इंस्टाग्राम पर हासिल की है। अब इस सोशल मीडिया वेबसाइट पर विराट के फॉलोअर्स का आंकड़ा 50 मिलियन (5 करोड़) हो गई है। इंस्टाग्राम पर यह आंकड़ा छूने वाले विराट पहली भारतीय हस्ती हैं।
भारतीय कप्तान के इंस्टाग्राम अकाउंट की बात करें, तो उन्होंने अभी तक इस फोटो-शेयरिंग वेबसाइट पर कुल 930 पोस्ट किए हैं और वे खुद 480 लोगों को फॉलो करते हैं।
क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया की कमान संभालने वाले विराट सिर्फ फैन्स और खेल के मामले में ही अव्वल नहीं हैं बल्कि वह बाजार के लिहाज से ब्रैंड वेल्यू के मामले में भी वह टॉप पर शुमार हैं। वे भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय सिलेब्रिटी चेहरे हैं।
एक वैश्विक संस्था डफ ऐंड फेल्प्स के एक अध्ययन के अनुसार, विराट कोहली बीते 3 साल से ब्रैंड वेल्यू के आधार पर भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले शख्स हैं। साल 2019 में उन्होंने ब्रैंड्स के प्रमोशन से 237.5 मिलियन डॉलर (करीब 17 अरब रुपये) कमाए थे।
इंस्टाग्राम पर विराट के बाद दूसरी सबसे चर्चित भारतीय शख्सियत की बात करें तो यहां बॉलिवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा हैं, जिनके 49.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं। इसके बाद दीपिका पादुकोण का नाम आता है, जो 44.1 फॉलोअर्स के साथ तीसरे स्थान पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फोटो शेयरिंग वेबसाइट पर 34.5 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

 

जल्द मैदान में कप्तानी करते नजर आएंगे धोनी

जल्द मैदान में कप्तानी करते नजर आएंगे धोनी

नईदिल्ली, दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी के दुनिया भर में फैले फैंस के लिए एक अच्छी खबर है। यह पूर्व क्रिकेट कप्तान जल्द ही सीरियस प्रैक्टिस शुरू करने जा रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रैंचाइजी टीम चेन्नई सुपरकिंग्स अपने कप्तान की अगवानी के लिए पलक पांवड़े बिछाए बैठी है।
भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के क्रिकेट भविष्य को लेकर अटकलों का दौर लगभग खत्म हो गया है। 38 साल का यह दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज क्रिकेट के मैदान पर वापसी करने के लिए तैयार हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो धोनी ने आईपीएल 2020 के लिए अपना प्लान तैयार कर लिया है।
चेन्नई सुपर किंग्स का ट्रेनिंग कैंप एक मार्च से शुरू हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि धोनी 29 फरवरी को चेन्नई पहुंच जाएंगे। इस बार आईपीएल के मुकाबले 29 मार्च से शुरू होंगे। दूसरी तरफ, बताया जाता है कि सीएसके ने भी अपने कप्तान के स्वागत के लिए खास तैयारी की है।
दो बार विश्व खिताब जीतने वाली भारत की टीम के कप्तान रहे धोनी इंग्लैंड में 2019 विश्व कप से टीम इंडिया के बाहर होने के बाद से ब्रेक पर हैं। पिछले साल नवंबर में मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान धोनी से उनकी वापसी के बारे में पूछा गया, तो उनका जवाब था, जनवरी तक मत पूछो .
धोनी को साल की शुरुआत (16 जनवरी) में ही बीसीसीआई ने कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर कर दिया था। लेकिन धोनी ने अपने भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच रांची में अपनी घरेलू टीम झारखंड के साथ अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया था। इस तरह से उन्होंने आगामी इंडियन प्रीमियर लीग के लिए खुद को तैयार रखने के संकेत भी दे दिए थे।
गौरतलब है कि इस दिग्गज के क्रिकेट करियर के बारे में सवाल उठने पर यह कहा जाता रहा है कि इस पर फैसला खुद धोनी करेंगे। माना जा रहा है कि धोनी की नजर अब आईपीएल के 13वें सीजन पर है, जहां वह अपना शत प्रतिशत देने को तैयार हैं। यानी आईपीएल में प्रदर्शन के आधार राष्ट्रीय चयनकर्ता तय करेंगे कि धोनी अक्टूबर में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए कितने तैयार हैं।