चंडीगढ़ | पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर गोल्डी बरार के खिलाफ इंटरपोल\) ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. इससे पहले CBI ने मूसेवाला हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाले सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी करने के लिए इंटरपोल को पत्र लिखा था. हालांकि यह नोटिस सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले से संबंधित नहीं है.
पंजाब पुलिस ने साल 2020 और 2021 में हुए दो मामलों के लिए सीबीआई को पत्र लिखा था. इसके बाद ही सीबीआई ने इंटरपोल को पत्र लिखा. सीबीआई के एक सूत्र ने बताया कि 2 जून को अलग अलग मामलों में आरसीएन जारी करने का अनुरोध भेजा गया था, लेकिन सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड पर नहीं.
सूत्र ने कहा कि सीबीआई ने गोल्डी बरार के खिलाफ 2021 में दर्ज दो मामलों के खिलाफ आरसीएन जारी करने के लिए इंटरपोल को अनुरोध भेजा था. पहला मामला 2021 की प्राथमिकी संख्या 409 था, जो फरीदकोट में कटारिया पेट्रोल पंप के पास हुई गोलीबारी से संबंधित था. गोलीबारी 22 नवंबर, 2020 को हुई थी. अक्टूबर 2021 में पंजाब की एक अदालत ने गोल्डी बरार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. पंजाब पुलिस ने इस मामले में 12 नवंबर, 2021 को चार्जशीट दाखिल की थी.
सूत्र ने बताया कि दूसरा मामला एक गुरलाल की हत्या के मामले से संबंधित है, जो 18 फरवरी, 2021 को दर्ज किया गया था. 13 सितंबर, 2021 को पंजाब की एक अदालत ने इस मामले में गोल्डी बरार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. पंजाब पुलिस ने इस मामले में 22 नवंबर, 2021 को चार्जशीट दायर की थी. इसके छह महीने बाद सीबीआई ने गोल्डी बरार के खिलाफ आरसीएन जारी करने के लिए इंटरपोल को लिखने का अनुरोध भेजा.
मूसेवाला हत्याकांड के लिए रेड कॉर्नर नोटिस अभी नहीं
गौरतलब है कि मूसेवाला की हत्या 29 मई, 2022 को हुई थी. पंजाब पुलिस ने मूसेवाला मामले में आरसीएन से संबंधित कुछ भी नहीं लिखा है. आरसीएन के लिए पहले पुलिस को चार्जशीट दाखिल करनी होगी, कोर्ट से अरेस्ट वारंट लेना होगा और उसी आधार पर पुलिस आरसीएन जारी करने के लिए सीबीआई को लिख सकेगी.
इंटरपोल नोटिस के क्या हैं मायने?
गौरतलब है कि रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल के 195 सदस्य देशों की कानून लागू करने वाली एजेंसी को अनुरोध करने वाले सदस्य देश द्वारा वांछित भगोड़े का पता लगाने और उसे हिरासत में लेने के लिये अलर्ट करता है.