रायपुर । छत्तीसगढ़ में आबकारी उप निरीक्षक भर्ती को लेकर सरकार ने नियुक्ति आदेश निरस्त कर दिया है। इस फैसले पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि चयन सूची बिना अनिवार्य अनुमोदन जारी हुई थी, जिस कारण यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नई सूची जारी करने का भरोसा दिलाया है।
मंत्री लखन लाल देवांगन का बड़ा बयान
इस पूरे मामले पर मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी चयन सूची का अनुमोदन आबकारी मंत्री और विभागीय सचिव से होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी किए बिना ही चयन सूची जारी कर दी गई थी इसलिए आदेश को रद्द करना पड़ा। मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि इस लापरवाही को लेकर आबकारी सचिव को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। पूरी प्रक्रिया को विधिवत पूरा कर एक से दो दिन के भीतर चयन सूची दोबारा जारी कर दी जाएगी।
बता दें कि पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पद कार्यालयीन आदेश द्वारा जारी नियुक्ति आदेश तकनीकी कारणों से निरस्त किया जाता है” गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में आबकारी उप निरीक्षक के पद पर 85 अभ्यर्थियों को नियुक्ति हेतु चयनित किया गया था। नए साल की शुरुआत में सभी चयनित अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों के परीक्षण, प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना था।
रायपुर। नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा।
यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है।
नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन श्री भरत तापड़िया, सचिव श्री श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव के क्षण में, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), कोसमबुड़ा ने अपनी तरह की पहली ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ (MYGS) प्रतियोगिता में राष्ट्रीय विजेता बनकर उभरने का गौरव प्राप्त किया है। पंचायती राज मंत्रालय आगामी 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ की इस विजेता टीम को औपचारिक रूप से सम्मानित करेगा।
छत्तीसगढ़ की जनजातीय शिक्षा प्रणाली की बड़ी जीत देश भर के 800 से अधिक स्कूलों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए, ईएमआरएस कोसमबुड़ा के छात्रों ने ग्रामीण शासन की असाधारण समझ का प्रदर्शन किया। 30 अक्टूबर 2025 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को मॉक ग्राम सभा सत्रों के माध्यम से जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करना था। छत्तीसगढ़ का शीर्ष स्थान यह दर्शाता है कि राज्य ने अपनी जनजातीय आवासीय स्कूल प्रणाली के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों को कितनी मजबूती से आत्मसात किया है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईएमआरएस कोसमबुड़ा के प्राचार्य, डॉ. कमलाकांत यादव ने कहा:"मॉडल यूथ ग्राम सभा (MYGS) पहल में हमारे विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान मिलना हर्ष का विषय है। यह सफलता हमारे विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम और ग्रामीण विकास से जुड़ी समस्याओं के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाती है। पंचायती राज मंत्रालय और केंद्र सरकार की यह दूरदर्शी पहल छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सहभागी शासन से जोड़ने का एक प्रभावी मंच है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला है। हम आगामी 28 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले सम्मान समारोह में सहभागिता को लेकर उत्साहित हैं।"
युवा सहभागिता के लिए दूरदर्शी पहल ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ को 30 अक्टूबर 2025 को लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम ने तीन महीने से भी कम समय में भारत के 800 से अधिक स्कूलों तक पहुँच बनाकर युवाओं में सहभागी शासन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। देश भर से शॉर्टलिस्ट की गई शीर्ष 6 टीमों में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने ग्राम सभा के संचालन में अनुशासन और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए नए मानक स्थापित किए हैं। 28 जनवरी को होने वाला सम्मान समारोह लोकतंत्र के इन युवा राजदूतों की उपलब्धि का उत्सव मनाएगा, जो भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
रायपुर। राज्य सेवा परीक्षा-2024 के माध्यम से आबकारी उप निरीक्षक के 80 पदों पर जारी नियुक्ति आदेश को तकनीकी (टंकण) त्रुटि के कारण रद्द कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की चयन सूची के आधार पर 85 में से 80 पदों पर 21 जनवरी 2026 को नियुक्ति आदेश जारी हुआ था। लेकिन आदेश में गलती पाए जाने पर उसी दिन नया आदेश जारी कर पुराने आदेश को निरस्त कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्रुटि में सुधार कर जल्द ही पुनः नया नियुक्ति आदेश जारी किया जाएगा।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में शिक्षकों की कमी को गंभीरता से लेते हुए 5000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उक्त शिक्षक भर्ती व्यापमं के माध्यम से की जाए तथा इसके लिए फरवरी 2026 तक विज्ञापन जारी किया जाए, ताकि समयबद्ध तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हो सके।
बैठक में शिक्षक भर्ती परीक्षा–2023 से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा–2023 की प्रतीक्षा सूची की मान्यता नहीं बढ़ाई जाएगी, ताकि पिछले वर्षों में उत्तीर्ण युवाओं को भी शासकीय सेवा में आने का मौका दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तेज़ी से उठाए जाएंगे।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के एंथम सॉन्ग का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा ने मुख्यमंत्री को रायपुर साहित्य उत्सव के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देशभर के प्रबुद्ध साहित्यकारों, विचारकों और बुद्धिजीवियों का रायपुर में एकत्र होना अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव न केवल साहित्यिक संवाद का सशक्त मंच बनेगा, बल्कि विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन को भी साहित्य से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी में साहित्य, भाषा और विचार के प्रति रुचि जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक रसूखदार परिवार ने बच्चे को निर्वस्त्र करके बेदम पिटाई कर दी। इतना ही नहीं आरोपियों ने बच्चे के पिता को भी खूब प्रताड़ित किया। घटना से क्षुब्ध पिता ने आत्महत्या कर ली।
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डाॅ. वर्णिका शर्मा देर रात पीड़ित परिवार के गांव पहुंची और घटना की जानकारी लीं।
जानिए मामला
दरअसल, प्रदेश के महासमुंद जिले में पिछले दिनों एक मामले की सूचना बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा तक आई थी, जिसमें समाज के एक रसूखदार परिवार ने एक बच्चे को निर्वस्त्र कर पीटा था। बच्चे पर 600 रुपये की झूठी चोरी का भी आरोप लगाया गया था जो बाद में पूरी तरह झूठी निकली।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा को घटना की सूचना मिलते ही देर रात गांव पहुँचकर पीड़ित के परिवार से मुलाकात की और उनसे घटना के संबंध में जानकारी लीं। जाँच में पता चला कि बच्चे को रसूखदार परिवार द्वारा पीटने के बाद बच्चे के पिता को भी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था। इससे क्षुब्ध होकर पिता ने आत्महत्या कर ली। डॉ. वर्णिका ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल डीजीपी पुलिस से समन्वय करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करवाया।
थाना प्रभारी पर भी गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप
आयोग ने तत्कालीन पुलिस थाना प्रभारी पर भी गंभीर लापरवाही बरतने के कारण दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। एसपी महासमुंद ने इस प्रकरण में थानेदार को निंदा की शास्ति दी थी लेकिन इसे भी आयोग ने पर्याप्त नहीं माना है और पुलिस मुख्यालय ने कड़ी दंडात्मक कार्रवाई कर शास्ति बढ़ाने के लिए भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
इस प्रकरण में शामिल तीन आरोपियों के विरुद्ध चालान पेश कर दिया गया है। आयोग की अनुशंसा पर बीएनएस की धारा 108, 127(2), 115(2), 351(2) के तहत अपराध दर्ज होकर प्रकरण न्यायाधीन है। आयोग ने इस बीच बाल कल्याण समिति व जिला बाल संरक्षण दल को बच्चे की पूरी देखभाल और शिक्षा दीक्षा निरंतर रखने के साथ साथ पीड़ित क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलवाने के लिए भी निर्देशित किया है।
इसके साथ ही न्यायालयीन प्रकरण में दोषियों के विरूद्ध किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 को अभियोग पत्र में शामिल करने हेतु भी पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया गया है। इसके अलावा आयोग ने बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के तहत निषेधित श्रम कराये जाने की स्थिति में तत्संबंधित सुसंगत धाराएं भी अभियोग पत्र में शामिल करने हेतु निर्देशित किया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक युवती ने छालीवुड फिल्म निर्माता मोहित साहू पर गंभीर आरोप लगाए है। पीड़िता का आरोप है कि मोहित साहू ने उससे शादी की और फिर मुकर गया। साथ ही उसके साथ मारपीट भी की। पुलिस ने युवती की शिकायत के बाद मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरु कर दी है। वहीँ इस घटना में युवती घायल हो गई, जिसका उपचार अस्पताल में जारी है।
वाद-विवाद के बाद घर में घुसकर की मारपीट
पूरा मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, छालीवुड फिल्मों के निर्माता मोहित साहू और युवती के बीच पहले वाद विवाद हुआ। इसके बाद मोहित साहू भाटागांव के सिल्वर वोल ब्लॉक 410 में स्थित युवती के घर में घुसा और उसकी पिटाई कर दी। मारपीट में युवती घायल हो गई है, जिसे इलाज के लिए नीजि अस्पताल ले जाया गया।
पीड़ित युवती ने छालीवुड निर्माता मोहित साहू पर आरोप लगाते हुए पुलिस को बताया कि वह पहले से शादी-शुदा होते हुए भी उसे उज्जैन ले गया और उसके साथ शादी की। शादी के बाद जब दोनों रायपुर लौटे, तो वो शादी से मुकर गया। युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि मोहित साहू उसे अपनी पत्नी की तरह अलग फ्लैट में रखा हुआ था। फिलहाल मामले की जांच पुरानी बस्ती पुलिस द्वारा की जा रही है।
घटना का वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल
इस पूरे घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि इस मारपीट में युवती खून से लथपथ हालत में रोती बिलखती हुई नजर आ रही है। वहीं छालीवुड फिल्म निर्माता और अभिनेता मोहित साहू एक महिला गार्ड से पैर छुकर माफी मांगते हुए नजर आ रहे हैं।
रायपुर । नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 में राज्य के बिहान महिला समूहों और इनके एफपीओ को जर्बदस्त रिस्पॉन्स मिला है, इससे महिला समूहों का मनोबल बढ़ा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित यह बायर-सेलर मीट 20 एवं 21 जनवरी को नया रायपुर स्थित निजी होटल में आयोजित हुई। इस दौरान खरीददार और महिला समूहों के प्रतिनिधियों के बीच उनके उत्पादों की मात्रा, क्वालिटी और मार्केेटिंग को लेकर कई सहमतियां भी बनी।
इस मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के खरीददार भी शामिल हुए, जिन्होंने बिहान के महिला समूहों के उत्पाद को न सिर्फ सराहा, बल्कि 11 प्रकार के उत्पादों की खरीददारी के लिए 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन की सप्लाई की डील भी फाइनल की। इन 11 उत्पादों में जैविक चावल जैसे- विष्णु भोग, देवभोग, जवाफूल, जीराफूल, विभिन्न प्रकार के मसाले, चना दाल बेसन, उड़द दाल, कोदो-कुटकी और तिखूर मुख्य रूप से शामिल हैं।
राज्य स्तरीय बायर-सेलर मीट 2026 दो दिवसीय मीट के दौरान बिहान के समूहों ने खरीददारों को अपने-अपने उत्पाद, मात्रा और क्वालिटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। खरीददारों ने समूहों को अपनी डिमांड से भी अवगत कराया। बायर और सेलर के बीच आर्डर और सप्लाई को लेकर कई सहमति भी बनी।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, एएफसी इंडिया लिमिटेड एवं प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित व्यावसायिक संवाद और बैठक न सिर्फ सार्थक रही बल्कि इसके परिणाम बहुत ही उत्साहजनक रहे। महिला समूहों और एफपीओ का अपने उत्पादों की मात्रा को बढ़ाने को लेकर एक नया उत्साह जगा।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह ने राज्य के सभी जिलों से आए महिला स्व-सहायता समूहों एवं महिला-नेतृत्व वाले एफपीओ के स्टॉलों का अवलोकन कर उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रस्तुति और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला समूह की दीदियां केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाज़ार की मांग को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने खरीदारों से संवाद करते हुए इस बात का भरोसा दिलाया कि निकट भविष्य में महिला समूहों के उत्पादों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को और बेहर किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों की मांग को पूरा किया जा सके।
इस अवसर पर बिहान के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन ने कहा कि बायर सेलर मीट 2026 एक ऐतिहासिक अवसर है इसमें खरीदारों से सीधे संवाद से महिला एफपीओ एवं एसएचजी वास्तविक और टिकाऊ बाज़ार के अवसर प्राप्त हुए हैं। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा
बीजापुर। बीजापुर के भैरमगढ़ ब्लॉक में बहती इंद्रावती नदी के ग्राम उसपरी के पास फिर एक घटना घटित हुई। यहां इंद्रावती नदी में 5 लोगों से भरी नाव पलट गई। इस हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई है और पिता-पुत्र लापता है, जिनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं एक महिला को बचा लिया गया है।
यह हादसा भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में हुआ है। बताया जा रहा है कि इंद्रावती नदी के किनारे बोड़गा गांव में रहने वाले 5 लोग भैरमगढ़ ब्लॉक के उसपरी बाजार आए थे। सामान लेकर जब वे सभी शाम 5 बजे लौट रहे थे, तभी नाव उसपरी झिल्ली घाट के पास इंद्रावती नदी में पलट गई। इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और एक महिला को बचा लिया।
वहीं पति-पत्नी और दो बच्चे लापता हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम ने उनकी तलाश शुरु की। 18 घंटे की खोजबीन के बाद रेस्क्यू टीम ने दुधमुंही बच्ची और मां के शव को खोज निकाला है। वहीं पिता और पुत्र लापता है, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रेस्क्यू टीम दोनों की तलाश में जुटी हुई है।
इस घटना के मामले में तहसीलदार सूर्यकांत ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और नगर सेना की टीम मौके पर पहुंच गई थी। शाम होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया जा सका। गुरुवार सुबह जब टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया, तो मां-बेटी की लाश टावेल से बंधी हुई मिली। पिता-पूत्र की तलाश जारी है और एक महिला को बचा लिया गया है।
रायपुर। बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रायपुर : नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा।
यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है।
नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा
इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन भरत तापड़िया, सचिव श्याम सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मीडिया विशेषज्ञ आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सलाहकार नियुक्त किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार आर. कृष्णा दास मुख्यमंत्री को मीडिया एवं अन्य विषयों पर परामर्श देंगे। उन्हें सलाहकार के रूप में प्रतिमाह 1 लाख 50 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। साथ ही अन्य सुविधाएं राज्य शासन के विशेष सचिव के समकक्ष होंगी।
देखें आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक आधार पर आदेश जारी किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अभिषेक अग्रवाल ( आर आर 2013 बैच) को अपर कलेक्टर, जिला-दुर्ग के पद से स्थानांतरित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत–कबीरधाम के पद पर अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पदस्थ किया गया है।
देखें आदेश

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित शांति सरोवर में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रोड सेफ्टी जागरूकता में पुलिस मितान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पुलिस मितान नागरिकों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक करने के साथ-साथ गांवों एवं मोहल्लों में पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को भी बेहतर बनाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पुलिस मितान एप की लॉन्चिंग भी की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “मितान” बनाने की एक सुंदर और मानवीय परम्परा रही है। आप सभी ने पुलिस को अपना मितान बनाकर सड़क सुरक्षा के लिए नागरिकों को जागरूक करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी के लिए किया गया कार्य अत्यंत पुण्य का कार्य है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनकी क्षतिपूर्ति कभी संभव नहीं हो पाती।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस मितान साथियों के निरंतर प्रयासों से इन सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और आम नागरिकों का जीवन अधिक सुरक्षित बनेगा।ज़्यादा जानें
मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस मितान साथियों को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि रायपुर जिले में सड़क सुरक्षा की दिशा में पुलिस मितान की यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।ज़्यादा जानेंरायपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बस सेवा योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत दूरस्थ एवं कम लाभप्रद रूटों पर भी यात्रियों को बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा इन रूटों पर होने वाले लाभ के अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस से अच्छा कोई मितान नहीं हो सकता। पुलिस जवान अत्यंत अनुशासन में रहकर कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाते हैं। अब पुलिस मितान पुलिस के साथ समाज की सुरक्षा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस मितान साथियों ने अपने अधिकारों की जागरूकता से आगे बढ़कर कर्तव्यों का संकल्प लिया है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में पुलिस मितान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस मितान साथियों को हेलमेट एवं फर्स्ट ऐड किट वितरित किया तथा आयोजन में सहयोग करने वाले समाज सेवियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 4500 पुलिस मितानों को हेलमेट तथा प्रत्येक गांव को फर्स्ट ऐड किट प्रदान की गई।
पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने पुलिस मितान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस मितान योजना सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक प्रभावी पहल है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम में शासकीय दिव्यांग विद्यालय, माना कैंप के बच्चों द्वारा सड़क सुरक्षा पर आधारित प्रेरक गीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार, आईजी रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा, ब्रह्मकुमारी सविता दीदी, श्री राम गर्ग सहित बड़ी संख्या में पुलिस मितान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक खौफनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। भाटापारा के ग्राम बकुलाही स्थित रियल इस्पात स्टील प्लांट में डीएससी कोल कीलन में अचानक हुए जबरदस्त ब्लास्ट से प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे 4 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। धमाके के साथ गर्म कोयले और आग के गुबार ने पूरे प्लेटफॉर्म को अपनी चपेट में ले लिया। कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जिनकी चीख-पुकार से पूरा प्लांट गूंज उठा।
हादसे के तुरंत बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। झुलसे और घायल मजदूरों को आनन-फानन में भाटापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) और आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंची है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच जारी है। मृत मजदूरों की पहचान की जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस को उत्साह से मनाने की तैयारियां चल रही है। रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में 26 जनवरी को राज्यपाल रामेन डेका तिरंगा फहराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। वहीं, डिप्टी सीएम अरुण साव बस्तर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा सरगुजा जिला मुख्यालय में झंडा फहराएंगे।
जानिए कौन सा नेता कहां फहराएगा तिरंगा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज द्वारा आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने महान जनजातीय नायक और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने नया रायपुर में शहीद गैंदसिंह के नाम पर चौक के नामकरण और मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव और बस्तर जिले के भानपुरी व करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण के लिए प्रत्येक स्थान हेतु 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की, साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण और चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार का ऐलान भी किया
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय क्रांतियों की साक्षी रही है और 1857 से पहले ही यहां आजादी की लड़ाई की चिंगारी जल चुकी थी, जिसमें शहीद गैंदसिंह जैसे वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिनके योगदान को लंबे समय तक इतिहास में वह सम्मान नहीं मिला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय नायकों को राष्ट्रीय पहचान मिली और नया रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम इसका जीवंत प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा के विस्तार, बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे और मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जनजातीय समाज छत्तीसगढ़ की आत्मा है और उसके गौरव, सम्मान व विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके साथ ही 23 जनवरी से इस व्यवस्था के लागू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। नोटिफिकेशन के अनुसार रायपुर जिले को दो हिस्सों—शहर और ग्रामीण—में विभाजित किया गया है।

रायपुर शहर क्षेत्र के कुल 21 थाने पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत शामिल किए गए हैं, जबकि विधानसभा थाना, माना थाना और राखी थाना ग्रामीण क्षेत्र में रखे गए हैं। इस फैसले के बाद शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं पुलिस को अधिक अधिकार मिलने से त्वरित कार्रवाई संभव होगी।



रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित महान संत, समाज सुधारक और सांस्कृतिक चेतना के प्रणेता श्रीमंत शंकरदेव के विचारों, दर्शन और साहित्य को समर्पित शोध संस्थान का भव्य लोकार्पण आज गरिमामय समारोह में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, डॉ. कृष्ण गोपाल जी सह-सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सहित शिक्षा जगत के विद्वान, शोधार्थी, युवा वर्ग तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके साथ ही पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के मध्य एम.ओ.यू. पर भी हस्ताक्षर किया गया। एम.ओ.यू. के पश्चात दोनों ही विश्वविद्यालय के शोधार्थी एक-दूसरे विश्वविद्यालय में अंतरविषयक अनुसंधान कर सकेंगे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि श्रीमंत शंकर देव के विचार आज भी समाज को जोड़ने, सामानता स्थापित करने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं। श्री डेका ने कहा कि इस शोध पीठ की स्थापना उत्तर पूर्वी भारत और मध्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को अकादमी एवं शोध के स्तर पर जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह शोध पीठ भारत की महान संत परंपरा, भक्ति आंदोलन और सामाजिक सुधारों पर केंद्रित अध्ययन का सशक्त केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक प्रयास देश की सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करते हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस शोध पीठ के संचालन हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ रूपये दिए गए हैं जिसके लिए उन्हांेने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
राज्यपाल ने कहा कि श्रीमंत शंकर देव ने समाज सुधारक, शिक्षाविद, कलाकार, नाटककार, नाट्य निर्देशक, चित्रकार, साहित्यकार, गीतकार, संगीत और वैष्णव धर्म के प्रवर्तक व प्रचारक के रूप में ख्याति अर्जित की है। श्रीमंत शंकर देव को उत्तर पूर्व भारत के महान समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने जाति, वर्ग और धर्म से ऊपर उठ कर समरस समाज की कल्पना की। नामघर और सत्र परंपरा के माध्यम से उन्होंने समानता, करूणा और उदारता पर आधारित सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया। श्रीमंत शंकर देव द्वारा रचित साहित्य अंकिया नाट और बोरगीत आज भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। उनके विचारों ने असमिया समाज को एक सूत्र में पिरोया और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूज्य शंकरदेव जी का कार्यक्षेत्र भले ही असम था, लेकिन उनके द्वारा सामाजिक जागरण का जो कार्य किया गया, उसका प्रभाव संपूर्ण देश पर पड़ा। श्रीमंत शंकर देव जी द्वारा रचित साहित्य, नाटक, भजन में भारतीय संस्कृति का उद्घोष है।. हमारा देश अपनी एकता और अखंडता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे श्री शंकरदेव जी जैसे भारत माता के सपूत हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की संस्कृति को समर्पित किया। वर्तमान और नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के योगदान को बताकर हम एक सक्षम और समृद्ध भारत बना सकते हैं। इससे लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार होता है। श्री शंकर देव जी ने अपनी एक रचना में कहा कि भारत भूमि में जन्म लेना सबसे सौभाग्य की बात है। उन्होंने 500 वर्ष पहले एक भारत का जो संदेश दिया, उसे आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ का नारा देकर साकार कर रहे हैं।

मुख्य वक्ता डॉ कृष्ण गोपाल जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा असम राज्य विविधताओं से भरा हुआ है। यहां विविध प्रकार की जनजाति भौगालिक, नदी, पहाड़, जंगल, घने वन उपस्थित है। जिस कारण यहां हजारों वर्षों से दूर दूर विविध जनजाति निवास करते है। इन जनजातियों को एक सूत्र में बांधने का महत्वपूर्व कार्य श्रीमंत शंकर देव ने किया। उन्होंने श्री कृष्ण भक्ति के माध्यम से किया लोगो को जोड़ा। वे भक्ति आंदोलन के प्रमुख व्यक्तिव है उन्होंने भक्ति के साहित्य का लेखन किया, नाट्य, गायन खड़े प्रशिक्षण दिया। गांव गांव में नाम घर की स्थापना किए। आज असम के हर गांव है जिसे नाम स्थापित है। भक्ति, संस्कृति एवं सामाजिक सद्भाव का घर कहलाता है। उन्होंने श्रीमंत शंकर देव के योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव ने शिक्षा को केवल साक्षरता तक सीमित न रखकर उसे संस्कार और संस्कृति से जोड़ा। यह शोध संस्थान केवल भवन नहीं, बल्कि विचारों की कार्यशाला बनकर उभरेगा। यहाँ से निकलने वाले शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पहचान दिलाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान की स्थापना से जुड़े सभी सहयोगियों और प्रबंधन समिति को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की गई कि यह केंद्र भविष्य में ज्ञान, नवाचार और सत्य की खोज का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा वसुधैव कुटुम्बकम् के संदेश को विश्व पटल पर स्थापित करेगा। गौरतलब है श्रीमंत शंकरदेव शोध पीठ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य उत्तरपूर्वी भारत तथा मध्य भारत के भक्ति आन्दोलन से जुड़े महान संतों के योगदान एवं व्यापक प्रभाव को भारतीय जनमानस के समक्ष लेकर आना साथ ही दोनों ही क्षेत्रों के जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की मौखिक परंपरा को लेखबद्ध करना है। शोधपीठ के द्वारा शोधवृत्ति भी शोधार्थियों को प्रदान किया जाएगा। शोधपीठ में भाषा, साहित्य, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास, क्षेत्रीय अध्ययन, समाजशास्त्र एवं समाजकार्य के विषय के शोधार्थी शोधकार्य कर सकते हैं।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव एवं बस्तर जिले के भानपुरी तथा करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए 10-10 लाख रुपये प्रदान किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण तथा चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही वर्ष 1857 से मानी जाती है, किंतु उससे बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष करते हुए वर्ष 1825 में शहीद हुए, और उस कालखंड में भी आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस संग्रहालय में इन सभी क्रांतियों का सचित्र विवरण एवं गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग इस म्यूजियम का अवश्य अवलोकन करें, ताकि छत्तीसगढ़ की बलिदानी धरती में जनजातीय नायकों के योगदान को भली-भांति समझा जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया, जो आज हजारों करोड़ रुपये के बजट के साथ जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण की नई इबारत लिखी जा रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने, शासन की योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा युवाओं को अपने अधिकारों और लक्ष्यों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद लंबे समय तक विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, किंतु डबल इंजन सरकार के संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से इस बाधा को दूर किया जा रहा है। वर्षों से विकास से वंचित इस अंचल में अब विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री श्री गिरवर सिंह ठाकुर, श्री महेश गागड़ा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर: मैनपाट जिसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है, अपनी वादियों, झरनों और हरियाली से भरपूर प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ का ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन, आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी। इन्हीं अद्भुत स्थलों में से एक है जलपरी पर्यटन बिंदु। जलपरी प्वाइंट का मनोहारी दृश्य मानो किसी परीकथा की दुनिया में ले जाता है। यहां बहती ठंडी हवाएं, गहरी घाटियां और झरनों की मधुर ध्वनि यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। बादलों से खेलती पहाड़ियां और हर मौसम में बदलते रंग यहां की विशेष पहचान हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता इस स्थल की सुंदरता किसी जलपरी की तरह आकर्षक है। शांत वातावरण, झरनों से गिरती जलधारा और हरियाली से भरे जंगल यहां आने वाले पर्यटकों को ऐसा अनुभव कराती हैं, मानो वे किसी परियों की कहानी में प्रवेश कर गए हों। श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
मैनपाट में प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। मैनपाट के समग्र विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी।

सरगुजा की पहाड़ियों में बसे छत्तीसगढ़ के हिल स्टेशन मैनपाट में वर्षभर ठंड पड़ती है. यहां सैर-सपाटे के लिए कई खूबसूरत जगहें है,जिसमें बौद्ध मंदिर, उल्टा-पानी, टाइगर पॉइंट, जलजली, मेहता पॉइंट, चाय बगान के अलावा कई अन्य स्थान शामिल है। यहां घूमने के लिए प्रदेश के अन्य जिलों से पर्यटक पहुंचते है,इसके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से भी लोगों का आना होता है। वहीं अब पर्यटन विभाग की ओर से मैनपाट में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन, आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन केन्द्र के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।
रायपुर: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 जनवरी को पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters’ Day) पूरे उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम “मेरा भारत, मेरा वोट” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र को सशक्त बनाते हुए नागरिकों, विशेषकर युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता एवं सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करना है।इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा परिपत्र जारी कर दी गई है।
जारी परिपत्र के अनुसार 25 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर प्रदेश के सभी स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में निर्धारित थीम पर वाद-विवाद, चर्चा तथा चित्रकला, पेंटिंग, निबंध लेखन, नाटक, गीत जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के समस्त विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) तथा जिला एवं राज्य स्तरीय कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मतदाता प्रतिज्ञा ली जाएगी। यह प्रतिज्ञा 25 जनवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे अथवा यथोचित समय पर आयोजित की जाएगी।
इसके साथ ही सभी शासकीय व सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय एवं शिक्षण संस्थानों में भारत निर्वाचन आयोग के लोगो, जो मतदान के महत्व की पुष्टि करता है का उपयोग आधिकारिक वेबसाइटों में भी किया जाएगा ।साथ ही, राज्यभर में आयोजित सभी कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के फोटोग्राफ्स, जहां संभव हो, #NVD2026 हैशटैग के साथ संबंधित शासकीय सोशल मीडिया हैंडल अथवा वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।
बीजापुर :छत्तीसगढ़ के बीजापुर से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, यहां पामेड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कावरगट्टा गांव में नक्सलियों ने एक बार फिर दहशत फैलाने वाली वारदात को अंजाम दिया है। नक्सलियों ने ग्राम कंचाल निवासी एवं पूर्व सरपंच भीमा मडकम की खेत में गोली मारकर हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि भीमा मडकम हाल ही में दंतेवाड़ा जिले के बचेली से अपने गांव लौटा था। इसी दौरान खेत में मौजूद होने पर पहले से घात लगाए नक्सलियों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, भीमा मडकम पर इससे पहले भी नक्सली हमला हो चुका था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इस बार नक्सलियों ने उसे निशाना बनाकर उसकी जान ले ली। इस हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे हैं। जारी आदेश के अनुसार किरण कौशल (भा.प्र.से. 2009) को आगामी आदेश तक आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद पर पदस्थ करते हुए छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। साथ ही उनके कार्यभार ग्रहण की तिथि से भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम 2016 के अंतर्गत आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद को संवर्गीय पद घोषित किया गया है।
इसके अतिरिक्त आकाश छिकारा (भा.प्र.से. 2017), संयुक्त सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए आगामी आदेश तक कलेक्टर, जिला– बस्तर के पद पर पदस्थ किया गया है।






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