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CG : शादी के लिए नहीं मान रहे थे परिवार वाले, प्रेमी जोड़े ने जहर पीकर कर ली आत्महत्या

CG : शादी के लिए नहीं मान रहे थे परिवार वाले, प्रेमी जोड़े ने जहर पीकर कर ली आत्महत्या

 कांकेर / पखांजूर।  जिले से आत्महत्या का मामला सामने आ रहा है, यहां छोटे बेठिया क्षेत्र में एक प्रेमी जोड़े ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, लेकिन परिवार वाले उनकी शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसी कारण दोनों ने यह कदम उठाया।

मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रात दोनों ने लारी में जहर पी लिया। युवक की पहचान ग्राम निडदे निवासी राकेश आंचला 25 वर्ष और युवती की पहचान ग्राम टेकामेटा निवासी जगन्नती बड्डे 21 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही।

बताया जा रहा है कि दोनों आपस में करीबी रिश्तेदार थे, जिसके कारण परिवार और गांव वाले इस रिश्ते और शादी के पक्ष में नहीं थे। इसी बात से आहत होकर दोनों ने जहर पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


 

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बदल सकता है मौसम, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बदल सकता है मौसम, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने 13 से 15 मार्च के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना जताई है। खासतौर पर बस्तर संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है।मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश और तेज हवाओं के असर से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अधिकतम तापमान में लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है।

झारखंड के सिस्टम का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक झारखंड के ऊपर बने एक सिनोप्टिक सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल बढ़ने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की स्थिति बन रही है।

बिहार से उत्तर छत्तीसगढ़ तक द्रोणिका सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार बिहार से झारखंड होते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ तक करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन (द्रोणिका) बनी हुई है। इस क्षेत्र में हवा का दबाव कम है, जिसके कारण अलग-अलग दिशाओं से हवाएं यहां इकट्ठा हो रही हैं। यही स्थिति बादल बनने और मौसम में बदलाव की वजह बनती है।

ट्रफ लाइन क्या होती है
मौसम विज्ञान में ट्रफ लाइन कम दबाव का एक लंबा क्षेत्र होता है। जब किसी इलाके में दबाव कम होता है तो आसपास की हवाएं उस दिशा में खिंचती हैं और ऊपर की ओर उठती हैं। इससे बादल बनने की प्रक्रिया तेज होती है और कई बार आंधी, गरज-चमक या बारिश जैसी स्थिति बन जाती है।

दुर्ग-राजनांदगांव में सबसे ज्यादा गर्मी
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दुर्ग और राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।राजधानी रायपुर में अगले 24 घंटों तक मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि सुबह के समय हल्की धुंध रह सकती है। यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

 

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित

समाज के अंतिम व्यक्ति तक के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध : राजवाड़े

महतारी वंदन योजना से राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित

समाज कल्याण का बजट पिछले 5 वर्षों की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक

प्रधानमंत्री  मोदी की गारंटी को पूरा करने बेटियों के भविष्य के लिए रानी दुर्गावती योजना होगी शुरू

नशा मुक्ति के लिए सामाजिक सहयोग से चलेगा अभियान, वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल के लिए “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर की होगी स्थापना

रायपुर, 12 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रूपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं है। इनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 10,162 करोड़ 53 लाख रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रूपए से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है।

राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। यह योजना राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हुई है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। इससे महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है और उनके जीवन में स्वावलंबन लाने का काम किया है।

राजवाड़े ने सदन में कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये तथा पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है।

राजवाड़े ने कहा कि किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए ’किशोरी बालिका योजना’ के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छात्राओं की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ’शुचिता योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोेदी जी के गारंटी को पूरा करने राज्य सरकार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ’रानी दुर्गावती योजना’ प्रारंभ करने जा रही है। इस योजना के तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हेें 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए इस वर्ष के बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पोषण अभियान के संचालन के लिए 125 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।

राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर, सखी निवास और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए भी बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

समाज कल्याण विभाग

सदन को जानकारी देते हुए राजवाड़े ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में लगभग 59 प्रतिशत अधिक है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश में लगभग 21 लाख 76 हजार हितग्राहियों को पेंशन का लाभ डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य में “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वृद्धाश्रमों के संचालन के लिए 6 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विशेष विद्यालयों के संचालन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण तथा पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है। इन्हीं बातों को ध्येय में रखकर हमारी सरकार सेवा, संवेदना और संकल्प के साथ समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री साय

प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री साय

 00 छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर।
 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री  साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि न्यायपालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता

00 महिला सशक्तिकरण की बनी मिसाल संगीता सिंह
लेख - धनंजय राठौर सयुक्त संचालक, जनसंपर्क, लोकेश्वर सिंह सहायक जनसंपर्क अधिकारी 
रायपुर।
 स्वयं सहायता समूहों को कम ब्याज दर पर ऋण और कौशल विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं, जिससे महिलाएं छोटी-छोटी आजीविका गतिविधियां (जैसे- खेती, पशुपालन, सिलाई, आधार से जुड़ी सेवाएं ) शुरू कर सकें। इस मिशन के अंतर्गत महिलाएं सशक्त बनकर न केवल परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर होकर सामाजिक रूप से भी सशक्त हो रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जब महिलाओं को सही अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन में बदलाव लाती हैं बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिला मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम दुधाशी की निवासी श्रीमती संगीता सिंह की कहानी भी महिला सशक्तिकरण की ऐसी ही प्रेरक मिसाल है, जिन्होंने अपने परिश्रम और आत्मविश्वास से एक नई पहचान बनाई है।
बीसी सखी के रूप में शुरू हुआ सफ
संगीता सिंह ने वर्ष 2021 में बीसी सखी के रूप में अपने कार्य की शुरुआत की। उनके माध्यम से गांव के लोगों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलने लगा। पहले जहां ग्रामीणों को पैसे निकालने या बैंक से जुड़े कार्यों के लिए दूर शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाना पड़ता था, वहीं अब यह सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध होने लगीं। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचने लगा और गांव के लोगों को बड़ी सुविधा मिली।

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता

स्वयं सहायता समूह से मिली आर्थिक मजबूती
संगीता सिंह बताती हैं कि उन्होंने बिहान योजना के अंतर्गत अपने स्वयं सहायता समूह से 68 हजार रुपये का ऋण लिया था। इसी आर्थिक सहयोग से उन्होंने बीसी सखी के रूप में अपना कार्य शुरू किया। शुरुआत में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन अपनी मेहनत, लगन और सेवा भावना से उन्होंने धीरे-धीरे गांव के लोगों का विश्वास जीत लिया। आज गांव के लोग उन्हें भरोसे के साथ अपनी बैंकिंग सेवाओं के लिए संपर्क करते हैं।
उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला आधार किट
संगीता सिंह के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन को देखते हुए मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर के जिला प्रशासन ने उन्हें नई जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया। आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आधार सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से जिले में पांच नए आधार केंद्र खोले जा रहे हैं। इसी पहल के तहत संगीता सिंह को लैपटॉप सहित आधार किट प्रदान की गई। जिला प्रशासन की ओर से ईडीएम श्री नारायण केवर्त ने उन्हें यह आधार किट सौंपा।
अब गांव में ही मिलेंगी आधार सेवाएं
आधार किट मिलने के बाद संगीता सिंह अब अपने गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी। इनमें नया आधार पंजीयन, आधार अपडेट तथा अन्य आवश्यक कार्य शामिल हैं। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने गांव के पास ही सुविधाएं मिल सकेंगी।

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता

अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
संगीता सिंह की सफलता की कहानी पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी मेहनत और आत्मनिर्भरता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। उनकी उपलब्धि यह भी साबित करती है कि महिलाएं केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम
जिला प्रशासन की यह पहल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को भी मजबूत कर रही है। संगीता सिंह जैसी महिलाएं आज ग्रामीण भारत में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सही अवसर मिल जाए तो कोई भी महिला अपने सपनों को साकार कर सकती है। बिहान योजना का उद्देश्य गरीबों, विशेष रूप से महिलाओं के लिए मजबूत संस्थाएं बनाकर और उन्हें वित्तीय और आजीविका सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुंच प्रदान करके गरीबी कम करने को बढ़ावा देना है।

मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए 50 हजार 537 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए 50 हजार 537 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

0-नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : रामविचार नेताम

 0-संकल्प से ही हासिल करेंगे विकास की सिद्धि,मत्स्य बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ अब देश में 5वें स्थान पर

 0-नवा रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय के अध्ययन के लिए आ रहे देश-विदेश के विशेषज्ञ  

रायपुर-छत्तीसगढ़ विधानसभा में  कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख 68 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें कृषि विभाग के लिए 7075 करोड़ 90 लाख 56 हजार रूपए, पशुपालन विभाग के लिए 656 करोड़ 12 लाख 49 हजार रूपए, मछली पालन विभाग के लिए 110 करोड़ 67 लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं। इसी प्रकार आदिम जाति कल्याण के लिए 157 करोड़ 05 लाख 58 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 39,568 करोड़ 18 लाख 20 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 1596 करोड़ 89 लाख रूपए, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा से संबंधित व्यय के लिए 447 करोड़ 30 लाख रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 215 करोड़ 69 लाख 19 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता के लिए 453 करोड़ 91 लाख 68 हजार रूपए तथा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता के लिए 256 करोड़ 24 लाख 68 हजार रूपए शामिल हैं।  कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए  रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मूलभाव खेती-किसानी से जुड़ा है। यह हमारी आत्मा में बसी हुई है। राज्य में 70-80 प्रतिशत लोगों की कृषि पर निर्भरता है। छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य प्रदेश भी है। राज्य में विश्व स्तरीय जनजातीय संग्रहालय बनाकर हमने इतिहास में जगह नहीं पाने वाले जनजातीय नायकों को स्थान दिया है। हमारे इस विश्व स्तरीय डिजिटल संग्रहालय के अध्ययन के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ और अधिकारी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर अमन-चैन और खुशहाली के रास्ते की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को हमने संकल्प की थीम पर तैयार किया है। इस संकल्प से ही हम राज्य के विकास की सिद्धि को हासिल करेंगे। नेताम ने सदन में कहा कि कृषि उन्नति योजना के माध्यम से हम राज्य के किसानों का धान 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। धान के अलावा अन्य फसलें लेने वाले किसानों को हर साल 10 हजार रूपए की आदान राशि दे रहे हैं। इससे दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार लिए गए कल्याणकारी फैसलों से खेती अब लाभ का व्यवसाय हो गया है। साथ ही खेती का रकबा बढ़ रहा है, किसान समृद्ध और किसान खुशहाल हो रहे हैं।  आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में खाद्य पोषण सुरक्षा और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश के कम वर्षा वाले क्षेत्रों एवं पड़ती भूमि में मसूर, तिवरा, चना जैसे दलहनी फसलों की खेती के लिए उन्नत बीज तैयार करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक फसली जमीन को दो फसली बनाने के काम को अभियान के रूप लेना चाहिए। जैविक खेती को बढ़ावा देने हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पहले भी हमारी सरकार ने गरियाबंद, दंतेवाड़ा और सुकमा को जैविक जिला घोषित किया है, शेष जिलों में भी जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरसों, अरहर, मूंग और उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की व्यवस्था की जा रही है।  नेताम ने सदन में बताया कि किसानों के लिए हमारी सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। वहीं प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप किसानों को समृद्ध बनाने कम पानी में अधिक फसल लेने की तकनीकों की जानकारी भी दी जा रही है। किसानों को "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।    नेताम ने कहा कि राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए सभी काम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूध का उत्पादन बढ़ाने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में हरे चारे के विकास के लिए 7.50 करोड़, चिलिंग प्लांट के लिए 50 लाख, शूकर वितरण के लिए 5 करोड़ और बकरी वितरण के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में मत्स्य बीजों के उत्पादन में बेहतर काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ इसके उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर अब 6वें से 5वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया कि धमधा के राजपुर में मत्स्य कॉलेज के लिए भवन और छात्रावास निर्माण के लिए इस बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।   नेताम ने अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि वनांचलों में बड़ी संख्या में आश्रम-छात्रावासों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। विगत दो वर्षों में 167 आश्रम-छात्रावास भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनके निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की अति पिछड़ी जनजातियों को आत्मनिर्भर बनाने कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में बीजापुर में 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय बनाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से हमारी सरकार प्रदेश के चिन्हांकित क्षेत्रों में जनजातीय वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इस योजना के तहत अनेक गांवों का कायाकल्प हुआ है।  कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री पुन्नुलाल मोहले, व्यास कश्यप, मोतीलाल साहू, कवासी लखमा, धर्मजीत सिंह, जनक ध्रुव, तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, धरमलाल कौशिक, रामकुमार यादव, दलेश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, सुश्री लता उसेंडी, अंबिका मरकाम, भावना बोहरा और सावित्री मंडावी ने भाग लिया।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए 11 हजार 470 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए 11 हजार 470 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

0-समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित -वित्त मंत्री चौधरी 

0-जीएसटी 2.0 से आम जनता को राहत, कर राजस्व में भी रिकॉर्ड वृद्धि

0-पंजीयन विभाग में बड़े सुधार, रजिस्ट्री प्रक्रिया हुई सरल और पारदर्शी  

रायपुर-छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री  ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें वित्त विभाग के लिए 9 हजार 630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 01 हजार 247 करोड़ रुपए, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपए तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपए शामिल हैं।अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और समावेशी विकास के माध्यम से राज्य को मजबूत आर्थिक आधार देना है। 

आवास, पर्यावरण और नवा रायपुर के विकास पर सरकार का फोकस*

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आवास एवं पर्यावरण विभाग की मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री  ओपी चौधरी ने विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के विकास की मजबूत नींव सुरक्षित और सम्मानजनक आवास पर टिकी होती है, इसलिए राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय गृह निर्माण मंडल की 442 करोड़ रुपये की 3219 संपत्तियां लंबे समय से अविक्रित थीं और मंडल पर शासकीय कॉलोनी निर्माण के लिए 735 करोड़ रुपये का ऋण था। राज्य शासन ने ऋण के एकमुश्त भुगतान के लिए बजट में व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया। मंत्री  चौधरी ने कहा कि लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों के विक्रय के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है। इसके तहत अब तक 1410 संपत्तियों का लगभग 210 करोड़ रुपये में विक्रय किया जा चुका है। भविष्य की परियोजनाओं के लिए मंडल ने मांग आधारित निर्माण प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत पर्याप्त बुकिंग मिलने के बाद ही नए आवासों का निर्माण शुरू किया जाएगा। मंत्री  चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा बेहतर वित्तीय स्थिति में आने उपरांत प्रदेश भर में नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा प्रदेश के 33 में से 27 जिलों में 3069 करोड़ के 78 नवीन प्रोजेक्ट की लॉचिंग  की गई है जिसके अंतर्गत 16782 नवीन प्रापर्टी निर्माण का लक्ष्य है। जल्द ही मंडल द्वारा शेष जिलों में भी नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किया जावेगा। मंडल के इस प्रयास को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बुकिंग प्रारंभ करने के लिए  राज्य स्तरीय आवास मेला का आयोजन नवम्बर 2025 में किया गया, जिस दौरान 305 करोड़ की 1477 संपत्ति की बुकिंग केवल तीन दिनों में प्राप्त हुई। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए मंत्री  ओपी चौधरी ने बताया कि विगत दो वर्ष में पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परिवहन के दौरान कच्चे माल, फ्लाई ऐश एवं अन्य ठोस अपशिष्ट के उडऩे एवं गिरने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिये छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) जारी किया गया है, जिसमें फ्लाई ऐश के समुचित प्रकार से ढककर परिवहन किये जाने का प्रावधान है। उक्त एस.ओ.पी. 01 अगस्त 2024 से प्रभावशील है। एस.ओ.पी. के उल्लंघन की लगातार मानिटरिंग की जा रही है तथा उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाती है।  -- उद्योगों द्वारा जनित फ्लाई ऐश के निष्पादन के मानिटरिंग हेतु जी.पी.एस. तथा जियोटैगिंग के साथ फ्लाई ऐश के परिवहन/भू-भराव की मानिटरिंग हेतु इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट एण्ड मानिटरिंग सिस्टम (आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस.) विकसित किया गया है। आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस. प्रारंभ होने के पश्चात् प्रदेश में कुल 1 लाख 44 हजार 291 ट्रीप की गई है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राज्य में स्थापित होने वाले उत्सर्जन और प्रदूषण की रियल-टाईम निगरानी करना और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ष्टत्र हृद्बद्दह्म्ड्डठ्ठद्ब  पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल पर कुल 124 उद्योगों को इस सिस्टम से जोड़ा गया है। इन उद्योगों में आधारित डिवाइस लगाये गये हैं, जो के माध्यम से डेटा एकत्रित करते हैं। यह सिस्टम 17 प्रकार के अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों में स्थापित किया गया है। मंत्री  चौधरी ने कहा कि सिस्टम की मदद से उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण के स्तर की लगातार ऑनलाईन निगरानी प्रारंभ की गई है। यदि किसी उद्योग का उत्सर्जन निर्धारित अनुमेय सीमा  से अधिक हो जाता है तो यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है। इसके अलावा यदि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन होता है तो इस सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को नोटिस जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य केवल आधुनिक विकास की दिशा में ही नहीं बढ़ रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से सिरपुर क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हो रहे हैं। हमने यह प्रयास किया कि नवा रायपुर को न केवल राज्य का बल्कि देश के शैक्षणिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाये। यह बताते हुए मुझे गर्व हो रहा है कि  जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना भी नवा रायपुर में होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थानकी स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो चुका है और बहुत शीघ्र इसके कार्य प्रारंभ हो जायेंगे। इस तरह के संस्थान आने से न केवल राज्य के छात्रों को लाभ मिलेगा बल्कि पूरे देश में नवा रायपुर शैक्षणिक केन्द्र के रूप में अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज करायेगा।मंत्री चौधरी ने कहा कि हमने अपने संकल्प पत्र में राज्य राजधानी क्षेत्र स्थापित करने का उल्लेख किया था। यह हमारे लिये हर्ष और गर्व दोनों का विषय है कि हमने राज्य राजधानी क्षेत्र अधिनियम बनाकर इस सदन के माध्यम से उसे पारित कराया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ राज्य राजधानी क्षेत्र का गठन भी हो चुका है। जिसका आज विधानसभा में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पहली बैठक हुई है।  

 वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी) विभाग 

 छत्तीसगढ़ विधानसभा में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से जीएसटी 2.0 लागू कर, कर की दरों  का युक्तियुक्तकरण किया गया है। मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि जीएसटी राजस्व संग्रह के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। 1 अप्रैल 2025 से पेट्रोल पर 1 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। वहीं राज्य में आंतरिक ई-वे बिल की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे लगभग 26 प्रतिशत व्यापारियों को लाभ होगा और अनुपालन लागत में करीब 54 प्रतिशत की कमी आएगी।   *वित्त विभाग* छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में वित्त विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।  राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड का गठन किया गया है। इस फंड में वर्तमान में 50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है तथा आगामी वर्ष के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में संचित शोधन निधि का आकार 8 हजार 875 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो कुल अवशेष ऋणों का लगभग 7 प्रतिशत है। इसी तरह राज्य सरकार की गारंटी वाले ऋणों की देनदारियों के प्रबंधन के लिए गारंटी मोचन निधि में अब तक 1 हजार 32 करोड़ रुपये निवेशित किए गए हैं तथा बजट में 125 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि विभाग के बजट में मुख्य रूप से शासकीय सेवकों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के लिए प्रावधान किया गया है। इसमें पेंशन, परिवार पेंशन, पेंशन कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और एनपीएस में नियोक्ता अंशदान शामिल हैं।  वित्त मंत्री ने बताया कि भविष्य के पेंशन दायित्वों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ पेंशन निधि अधिनियम 2025 लागू कर पेंशन फंड की स्थापना की है। वर्तमान में इस निधि में 1 हजार 121 करोड़ रुपये निवेशित हैं और आगामी वर्ष के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सकारात्मक सोच के साथ हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है।

प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में हुई अटैचमेंट नियुक्तियां रद्द, स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में की घोषणा

प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में हुई अटैचमेंट नियुक्तियां रद्द, स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में की घोषणा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 9वें दिन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधायक प्रबोध मिंज के सवाल पर बड़ी घोषणा करते हुए सदन में कहा कि प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में हुई अटैचमेंट नियुक्तियों को रद्द किया जाएगा। मंत्री जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र के अस्पताल में हुई अटैचमेंट नियुक्ति की रद्द जाएगी क्योंकि कई कर्मचारी ग्रामीण अस्पतालों से अटैच होकर शहरों में काम कर रहे हैं, जिससे गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है।

CG VIDHANSABHA  गैस सिलेंडर की कालाबाजारी से गर्माया सदन, विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव खारिज

CG VIDHANSABHA गैस सिलेंडर की कालाबाजारी से गर्माया सदन, विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव खारिज

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गैस सिलेंडर के दामों मे वृद्धि और कालाबाजारी का मामला जोर शोर से गूंजा। इस विषय पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की जिसे आसंदी ने खारिज कर दिया। इससे नाराज़ होकर विपक्ष के सभी सदस्य गर्भगृह में पहुंच गए। नियमानुसार सभापति ने कांग्रेस के 30 विधायकों को निलंबित करने की घोषणा कर दी।

शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत और भूपेश बघेल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि वर्तमान में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ते ही इसकी जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू हो गई है। लोगो को सिलेंडर के लिए काफी परेशानियां हो रही है इसलिए इस पर सदन की कार्यवाही रोक कर चर्चा कराई जाए। विपक्ष के स्थगन पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसे केंद्र का विषय बताते हुए इसे विधानसभा से बाहर का विषय होने का हवाला दिया। भाजपा विधायक के ऐसा कहते ही विपक्ष खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, इसके जवाब में सत्ता पक्ष से भी नारे लगने शुरू हो गए। लगातार हंगामा को देखते हुए सभापति ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

इसके बाद सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होते ही विपक्ष के नेताओं ने सिलेंडर की कालाबाजारी पर अपनी बात रखने का प्रयास किया । उनकी बातें सुनने के बाद सभापति धरम लाल कौशिक ने स्थगन प्रस्ताव खारिज करते हुए इस पर चर्चा की अनुमति नहीं दी। इससे नाराज होकर विपक्ष के सभी विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में घुस गए। नियमानुसार सभापति ने 30 कांग्रेस विधायकों को निलंबित करने की घोषणा कर दी। सभी विपक्षी विधायक सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सदन से बाहर आ गए। थोड़ी ही देर बाद आसंदी ने सभी विधायकों का निलंबन वापस ले लिया।

शिक्षा प्रचारक समिति में होली मिलन का कार्यक्रम

शिक्षा प्रचारक समिति में होली मिलन का कार्यक्रम

  रायपुर :- शिक्षा प्रचारक समिति में होली मिलन का कार्यक्रम स्थानीय हीरापुर स्थित वामन राव लाखे स्कूल क्रमांक 2 में आज तीनों शैक्षणिक संस्थान महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय वामन स्कूल क्रमांक 1 एवं वामन राव लाखे स्कूल क्रमांक 2 में  200 से अधिक प्राध्यापक, शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी ने मिलकर फूलों का होली मिलन का कार्यक्रम रखा , इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित शिक्षा प्रचारक समिति के अध्यक्ष  अजय तिवारी जी ने कहा कि अल्प संसाधन में भी यह संस्थान गरीब और मध्यमवर्गीय बच्चों के परिवारों को उच्चतम शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं एवं वामन राव लाखे स्कूल क्रमांक 1अंग्रेजों के जमाने से ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं वर्तमान में समिति द्वारा लगभग प्रत्येक वर्ष 3000 बच्चों का अध्यापन का कार्य कराया जा रहा है यहां से  पढ़ाई पूरा कर अनेक ऐसे छात्र-छात्र हैं जिन्होंने भारत के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में अपना सेवाएं प्रदान की एवं इस राज्य का नाम रोशन किया वही कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अनिल तिवारी जी ने कहा कि यह संस्थान सभी प्रकार के बच्चों के लिए उच्च कोटि के सपनों को पूरा करती है महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी ने कहा कि किसी भी निजी संस्थान को चलते हुए यदि 100 वर्ष पूरा हो गए हो तो निश्चित रूप से उनके द्वारा सामान्य उद्देश्यों को लेकर लोक कल्याण हेतु विभिन्न प्रकार के कार्य किए गए होंगे यही इस बात का घोतक है कि सीमित संसाधन होने के बावजूद आज तक ऐसे संस्थान सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं कार्यक्रम का संचालन मैडम परमार जी ने किया एवं स्कूल की  प्राचार्या मंजू साहू, आशा बोस,भारती मैंम व  बड़ी संख्या में संस्थान के सभी प्राध्यापक एवं शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहें

महतारी वंदन योजना की राशि से गीता मरावी ने खरीदी सिलाई मशीन, प्रतिमाह कमा रही 3 हजार

महतारी वंदन योजना की राशि से गीता मरावी ने खरीदी सिलाई मशीन, प्रतिमाह कमा रही 3 हजार

रायपुर। शासन की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने व्यवसायों को सशक्त बना सकें और अपने परिवारों के लिए समृद्धि ला सकें। इस योजना की राशि का उपयोग महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कर रही हैं, जिससे वे समाज में सशक्त हो रही हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। इसी कड़ी में लोरमी विकासखण्ड के ग्राम खुडिय़ा की गीता मरावी ने महतारी वंदन योजना के तहत शासन से प्रतिमाह मिलने वाली 01 हजार रूपए की सहायता राशि से मिलाई मशीन खरीदा और उससे कपड़ों की सिलाई कर प्रतिमाह 03 हजार रूपए कमा रही हैं। गीता मरावी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप उन्हें हर महीने 01 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त होती है। इस राशि को उन्होंने केवल खर्च करने के बजाय एक नई शुरुआत का माध्यम बनाया। कुछ महीनों की सहायता राशि को जोड़कर उन्होंने एक सिलाई मशीन खरीदी।
सिलाई मशीन मिलने के बाद गीता ने अपने घर पर ही सिलाई का कार्य शुरू किया। धीरे-धीरे आसपास के लोगों से कपड़ों की सिलाई का काम मिलने लगा। अब वे नियमित रूप से सिलाई कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है। उन्होंने बताया कि सिलाई के काम से होने वाली आय से वे अपने बच्चों की पढ़ाई और घर के अन्य खर्चों में सहयोग कर पा रही हैं। इससे उन्हें न केवल आर्थिक मजबूती मिली है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होने बताया कि पहले जहां घर के खर्चों के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे अपने हुनर के दम पर परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में भागीदारी कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने इस योजना के संचालन के लिए मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

नवा रायपुर में परम्परा से पहचान तक आदि परब-2026 का भव्य आयोजन 13 से

नवा रायपुर में परम्परा से पहचान तक आदि परब-2026 का भव्य आयोजन 13 से

  राज्य के चिन्हांकित 43 जनजातियों और उपजातियों की संस्कृति, परिधान और चित्रकला का प्रदर्शन
 छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय कलाकार होंगे शामिल
रायपुर।
 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में परम्परा से पहचान तक - आदि परब - 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से आदि परब-2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी आज टीआरटीआई में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा और प्रशिक्षण संस्थान के संचालक हिना अनिमेष नेताम ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर आदि परब-2026 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है।
पहली बार एक मंच पर दिखेंगी 43 जनजातियों की वेशभूषाएँ
प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10.30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। इस आयोजन में राज्य की 43 जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। प्राकृतिक रंगों, स्थानीय संसाधनों और हाथों से बने वस्त्रों से तैयार ये परिधान जनजातीय जीवन शैली और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देंगे। इसमें भाग लेने के लिए 120 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है।
आदि रंग में चित्रकला के माध्यम से जल-जंगल-जमीन का संदेश
प्रमुख सचिव  बोरा ने प्रेसवार्ता में बताया कि आदि परब के तहत आदि रंग - जनजातीय चित्रकला महोत्सव भी आयोजित होगा। इस महोत्सव में जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, जनजातीय जीवन दर्शन और पर्यावरणीय चुनौतियों को प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम में 155 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। चित्रकला प्रतियोगिता 18-30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की दो श्रेणियों में होगी। दोनों श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही दोनों आयु वर्गों के 10-10 प्रतिभागियों को 2000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा।
आदि-हाट में मिलेगा जनजातीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद
बोरा ने बताया कि आयोजन के दौरान आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। यहां 14 समूहों द्वारा हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आगंतुक प्रदेश के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे।
यूपीएससी में चयनित जनजातीय युवाओं का होगा सम्मान
प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025 में छत्तीसगढ़ से आदिम जाति विकास विभाग की योजनाओं के सहयोग से चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी  डायमंड सिंह ध्रुव और अंकित साकनी का सम्मान किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर प्रयास संस्थान के विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं के तहत लैपटॉप भी वितरित किए जाएंगे।

CG : अवैध गैस रिफिलिंग पर बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त

CG : अवैध गैस रिफिलिंग पर बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त

जगदलपुर ,बस्तर। बस्तर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में सिलेंडर जप्त किया है। इसी कड़ी में कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने शहर के दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में एक बड़ी कार्रवाई की।

खाद्य नियंत्रक  घनश्याम राठौर से मिली जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग को राउतपारा स्थित बालाजी केयर हॉस्पिटल के पास अवैध भंडारण की पुख्ता सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर टीम ने प्रशांत महाजन नामक व्यक्ति के घर पर आकस्मिक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान घर के भीतर गैस सिलेंडरों का बड़ी मात्रा में भंडारा पाया गया, जिसका कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका।

अधिकारियों ने मौके से कुल 24 नग घरेलू गैस सिलेंडर और 10 नग कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए। इसके अलावा, सिलेंडरों से अवैध रूप से गैस की चोरी और रिफिलिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले 03 नग रिफिलिंग पाइप भी जप्त किए गए हैं।

प्रशासन का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के कारण घरेलू गैस की सीमित आपूर्ति का लाभ उठाकर कुछ लोग ऊंचे दामों पर गैस बेचने की फिराक में हैं। इसी कालाबाजारी को रोकने और आम जनता को सुचारू रूप से गैस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन अब कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।

इस पूरी कार्रवाई को खाद्य विभाग के अनुभवी अधिकारियों की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें खाद्य निरीक्षक  शेख अब्दुल कादिर, उमेश चौधरी,  हेमंत ब्रह्मभट्ट एवं पायल वर्मा शामिल रहे। विभाग ने जप्त सामग्री को कब्जे में लेकर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बढ़ी गर्मी, तापमान 40°C के करीब; दो दिन बाद मौसम बदलने के आसार

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बढ़ी गर्मी, तापमान 40°C के करीब; दो दिन बाद मौसम बदलने के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और प्रदेश का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार बीते दिन राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर अति हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया।

वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।

मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 13 मार्च को बस्तर संभाग के एक-दो स्थानों पर तेज हवा (40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा) चलने, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है, साथ ही कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश के आसार भी हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार झारखंड से होते हुए बिहार और उत्तरी छत्तीसगढ़ तक समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर ऊपर एक द्रोणिका सक्रिय है, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।फिलहाल प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बने रहने की संभावना है और किसी तरह की विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं राजधानी रायपुर में आज हल्की धुंध रहने की संभावना है, जहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

ब्रेकिंग : DEO ने जारी किया आदेश, इतने सहायक शिक्षक बने प्रधान पाठक, देखिए पूरी लिस्ट…..

ब्रेकिंग : DEO ने जारी किया आदेश, इतने सहायक शिक्षक बने प्रधान पाठक, देखिए पूरी लिस्ट…..

 रायपुर। रायपुर DEO ने सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एलबी को प्रमोशन का तोहफा दिया हैं। सूची में 55 सहायक शिक्षक के नाम हैं, जिन्हें छानबीन समिति की अनुशंसा के बाद प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नत किया गया है।

देखें पूूरी लिस्ट…

राष्ट्रपति के अपमान पर छलका मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दर्द, ममता बनर्जी को लिखा पत्र, जानिए क्या कहा…..

राष्ट्रपति के अपमान पर छलका मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दर्द, ममता बनर्जी को लिखा पत्र, जानिए क्या कहा…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पश्चिम बंगाल के सीएम ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में प्रोटोकॉल का पालन न करने की कड़ी निंदा करते हुए इसे न सिर्फ लोकतंत्र के सर्वोच्च पद का, बल्कि देशभर के करोड़ों आदिवासियों, पिछड़ों, दलितों और मातृशक्ति का अपमान बताया है।

मुख्यमंत्री साय ने ममता बनर्जी को अपने पत्र में लिखा- आपको दूसरी बार बड़े ही दुखी मन से यह पत्र लिख रहा हूं, आशा है कि आप संज्ञान लेंगी। भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और शिष्टाचार हमेशा से प्रशंसित रहे हैं। यहां मतभेद को कभी भी मनभेद नहीं बनाया गया। हमें इसे अक्षुण्ण रखना चाहिए। जनजाति समाज से आनेवाली भारत की महिला राष्ट्रपति माननीया द्रौपदी मुर्मू के साथ पिछले दिनों आपके द्वारा किया गया अपमान इन परंपराओं को तिलांजलि-सा देता महसूस हुआ है, मुझे इसका दुख है।

महिला दिवस से ठीक पहले आपके द्वारा किया गया यह व्यवहार अक्षम्य है। विशेषकर आप स्वयं महिला हैं और बावजूद इसके ऐसा किया जाना अत्यधिक पीड़ादायक है। हमें अब तक लगा था कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुई ऐसी दुखद घटना पर आप दुख जताएंगी, पर उस घटना के बाद आपकी प्रतिक्रिया ने देश को और अधिक आहत किया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी राज्य शासन के विरुद्ध राष्ट्रपतिजी को अपनी व्यथा सार्वजनिक करनी पड़ी है, यह अत्यधिक कष्टकर है। पश्चिम बंगाल, जिसके भद्र लोक की विश्व भर में चर्चा है, यह उस राज्य की छवि को भी काफी नुकसान पहुंचाने वाला है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ऐन पहले एक जनजातीय समाज से आनेवाली महिला राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान न्यूनतम शिष्टाचार का भी पालन नहीं किया जाना, जनजातीय समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम का स्थान मनमाने ढंग से बदल देना, राष्ट्रपतिजी को मूलभूत सुविधाओं तक से वंचित रखकर आपने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ का भी उल्लंघन किया है। यह अपमान वास्तव में निंदनीय है। यह विशेषकर देश भर के मेरे जैसे करोड़ों आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों का अपमान है। मातृशक्ति का भी आपने अपमान किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आगे लिखा- ममताजी, इससे पहले भी हमने संदेशखाली कांड पर आपका ध्यान आकृष्ट कराया था, वहां जनजातीय समाज की स्त्रियों के विरुद्ध भी आपकी पार्टी के नेताओं द्वारा अपराध की पराकाष्ठा पार कर दी गई थी, तब भी आपने मुद्दे पर बात नहीं कर अपनी आदिवासी-वंचित विरोधी मानसिकता का परिचय दिया था। आखिर जनजातीय समाज ने आपका क्या बिगाड़ा है? पश्चिम बंगाल के संथाल समाज समेत सभी निवासियों की प्रदेश के विकास में भागीदारी रही है। आपके द्वारा पश्चिम बंगाल के वंचित समाज से लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है, यह सर्वथा ही अनुचित है। प्रदेश की जनता इसे कभी भी नहीं भूलेगी।

आपसे आग्रह है कि कृपया सच्चे मन से देश-समाज और राष्ट्रपतिजी से क्षमा मांग कर अपनी भूल स्वीकारें और आगे से हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अच्छा भाव रखने के प्रति देश को आश्वस्त करें। ऐसा किया जाना आपकी निजी छवि को ठीक करने की दृष्टि से भी उपयोगी रहेगा। आशा है, आप ध्यान देंगी।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के स्थानीय आदिवासी समुदाय ने अपने वार्षिक कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया था। यह कार्यक्रम मूल रूप से सिलीगुड़ी के बिधाननगर में ही आयोजित किया जाना था, लेकिन राज्य अधिकारियों ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्था संबंधी कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशाईपुर में स्थानांतरित कर दिया।

जब राष्ट्रपति वहां पर पहुंची, तो वहां पर केवल कुछ ही लोग मौजूद थे। इसके अलावा प्रोटोकॉल के विपरीत राष्ट्रपति के स्वागत के लिए भी वहां पर कोई मौजूद नहीं था, केवल सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब वहां आए हुए थे। प्रोटोकॉल के अनुसार, राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए आमतौर पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री उपस्थित होता है।

सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राज्य सरकार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, ममता बनर्जी मेरी ‘छोटी बहन’ जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। मुझे नहीं पता कि वह नाराज हैं या नहीं। खैर, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें। उन्होंने आदिवासी समुदाय के वार्षिक कार्यक्रम के आयोजन स्थल को बिधाननगर से गोशाईपुर स्थानांतरित किए जाने पर भी सवाल उठाया, जहां कथित तौर पर लोगों की उपस्थिति कम रही। उन्होंने कहा कि अगर यह कार्यक्रम बिधानगर में आयोजित किया जाता, तो बेहतर होता।

उन्होंने कहा, वहां पर्याप्त जगह है और कई लोग शामिल हो सकते थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां कार्यक्रम की अनुमति क्यों नहीं दी। आज का कार्यक्रम ऐसी जगह पर हो रहा है, जहां लोगों का आना मुश्किल है। शायद राज्य सरकार आदिवासियों का कल्याण नहीं चाहती और इसलिए उन्हें यहां आने से रोका गया।

CG – जिला अस्पताल के महिला प्रसाधन में मिली युवती की लाश, आत्महत्या या फिर….

CG – जिला अस्पताल के महिला प्रसाधन में मिली युवती की लाश, आत्महत्या या फिर….

धमतरी। धमतरी जिला अस्पताल से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, कोंडागांव निवासी 20 वर्षीय युवती दशमती नेताम धमतरी के बस स्टैंड के पीछे स्थित हरिओम राइस मिल में काम करती थी। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले राइस मिल में अपने कमरे में दाल बनाते समय वह आग की चपेट में आ गई थी, जिससे उसका चेहरा और शरीर का कुछ हिस्सा झुलस गया था। इसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया था।

बताया जा रहा है कि युवती पिछले एक दिन से अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करा रही थी। इसी दौरान वह बाथरूम जाने की बात कहकर वार्ड से निकली और महिला प्रसाधन के अंदर अपने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल स्टाफ और मरीजों के परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को फंदे से नीचे उतारकर आगे की कार्रवाई शुरू की।

घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी जांच के निर्देश दिए हैं। सीएचएमओ डॉ. उत्तम कौशिक, सिविल सर्जन डॉ. अरुण टोनडर और धमतरी सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। इस घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

CG- मासूम बच्ची को देख बिगड़ी की पड़ोसी की नीयत, कमरे में ले जाकर की हैवानियत की हदें पार, फिर जो हुआ…..

CG- मासूम बच्ची को देख बिगड़ी की पड़ोसी की नीयत, कमरे में ले जाकर की हैवानियत की हदें पार, फिर जो हुआ…..

 रायगढ़। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार,घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान घर के बाहर बैठी नाबालिग बालिका कुछ देर के लिए दिखाई नहीं दी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और संदेह के आधार पर पड़ोस में रहने वाले युवक के घर पहुंचे, जहां बालिका रोते हुए मिली। बालिका ने परिजनों को बताया कि युवक उसे अपने कमरे में ले गया था और उसके साथ गंदा काम किया।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी आकाश मांझी (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

ब्रेकिंग : भाजपा प्रदेश मीडिया टीम की घोषणा, इन पदों पर हुई नियुक्त, देखें लिस्ट…..

ब्रेकिंग : भाजपा प्रदेश मीडिया टीम की घोषणा, इन पदों पर हुई नियुक्त, देखें लिस्ट…..

रायपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से पार्टी की छत्तीसगढ़ प्रदेश मीडिया टीम की नई सूची जारी कर दी गई है। इसमें प्रदेश स्तर पर 3 सहसंयोजक, 10 प्रदेश प्रवक्ता और 11 मीडिया पैनलिस्ट की नियुक्ति की गई है।

देखें लिस्ट…

मां और शिशु का स्वस्थ भविष्य ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मां और शिशु का स्वस्थ भविष्य ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश की माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन में बड़े राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर तथा 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान का रिकॉर्ड दर्ज किया है। यह उपलब्धि राज्य में योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस सफलता का श्रेय महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम और समर्पित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि इनके अथक प्रयासों से प्रदेश की लाखों गर्भवती माताओं तक योजना का लाभ समय पर पहुँच रहा है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हो रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मां और शिशु का स्वस्थ भविष्य ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

बस्तर में बंदूक हार रही है, विश्वास जीत रहा है : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

बस्तर में बंदूक हार रही है, विश्वास जीत रहा है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 जगदलपुर में ₹3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 44 महिला कैडर भी शामिल

रायपुर 11 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही मुहिम को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि अब बस्तर में बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की जीत हो रही है। उन्होंने कहा कि जगदलपुर में ₹3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में शांति, सुशासन और विकास की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादी कैडरों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बस्तर के लोगों में अब विकास और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों तथा बस्तर क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इससे बस्तर में शांति का वातावरण मजबूत हो रहा है और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों के साहस, प्रशासन के प्रयासों तथा स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग अब भय और हिंसा से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह जी के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय करते हुए नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकसित बनाना है। इसके लिए सुरक्षा, विकास और विश्वास—इन तीनों मोर्चों पर लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भयमुक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का अटल संकल्प है।

CG IAS : छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल,इन्हें मिली नई जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

CG IAS : छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल,इन्हें मिली नई जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक आदेश जारी कर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी चंदन कुमार (भा.प्र.से. 2011) को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। जारी आदेश के अनुसार चंदन कुमार, जो वर्तमान में विशेष सचिव वित्त विभाग एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, एसएसपी ने 130 पुलिसकर्मियों के किए तबादले

Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, एसएसपी ने 130 पुलिसकर्मियों के किए तबादले

 बिलासपुर :- बिलासपुर जिले की पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए जिले के 130 पुलिस कर्मचारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। इस सूची में सब इंस्पेक्टर, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक रैंक के कर्मचारी शामिल हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से नई थाना और चौकियों में पदस्थ किया गया है।

देखिए पूरी लिस्ट –

 
बस्तर में 108 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 101 हथियार, 3.61 करोड़ नकद और सोना बरामद

बस्तर में 108 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 101 हथियार, 3.61 करोड़ नकद और सोना बरामद

जगदलपुर। केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लक्ष्य के बीच बस्तर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल 3 करोड़ 29 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
जगदलपुर स्थित शौर्य भवन पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी अरुण देव गौतम ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर एके-47, इंसास, एलएमजी और बीजीएल सहित 101 हथियार बरामद किए हैं।
इसके अलावा माओवादियों के डंप से 3 करोड़ 61 लाख रुपये नकद और करीब 1 किलो सोना भी बरामद हुआ है, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 64 लाख रुपये बताई जा रही है।
आत्मसमर्पण करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के कई बड़े कैडर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान का असर दिख रहा है। बीते 26 महीनों में छत्तीसगढ़ में 2714 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जबकि 1 जनवरी 2024 से 9 मार्च 2026 के बीच बस्तर में ही 2625 माओवादियों ने सरेंडर किया है।
वहीं ओडिशा के कंधमाल जिले में भी स्टेट कमेटी मेंबर सनू पोटाम उर्फ नीतू समेत 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर कुल 1 करोड़ 65 लाख 62 हजार रुपये का इनाम घोषित था। बताया जा रहा है कि ये सभी माओवादी मूल रूप से बस्तर क्षेत्र के निवासी हैं।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई

रायपुर, 11 मार्च 2026/ महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।

जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।

मंत्री राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।