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रक्तदान सबसे बड़ा दान, इससे बड़ी कोई सेवा नहीं - राज्यपाल डेका

रक्तदान सबसे बड़ा दान, इससे बड़ी कोई सेवा नहीं - राज्यपाल डेका

 00 विश्व रक्तदाता दिवस पर राज्यपाल ने रक्तदाताओं का किया सम्मान

रायपुर। मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है दूसरे के जीवन की रक्षा करना और यह अपने ही रक्त के एक बूंद से हो सके तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं है। रक्त का दान सबसे बड़ा दान होता है। राज्यपाल रमेन डेका ने आज प्रदेश के स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए उक्त बातें कहीं। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित करने के लिए लोकभवन में समारोह आयोजित किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के अध्यक्ष राज्यपाल डेका ने सर्वाधिक रक्तदान करने वाले प्रदेश के 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर लोकभवन में रेडक्रॉस द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित अन्य लोगों ने उत्सव पूर्वक रक्तदान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करने हुए राज्यपाल ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और यह केवल स्वस्थ व्यक्ति के स्वैच्छिक दान से ही उपलब्ध हो सकता है। राज्यपाल ने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, हिमोफिलिया, कैंसर तथा दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों में जो सेवा भाव है वह दूसरी जगह देखने को नहीं मिलती। रक्तदाताओं ने वर्षो से नि:स्वार्थ भाव से रक्तदान कर अनेक लोगों को नया जीवन दिया है। ऐसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सेवा भावना आने वाली पीढिय़ों के लिए उदाहरण है। राज्यपाल ने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी टीम के कार्यो की भी सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था वर्षो से जरूरत मंदों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमेन तोमन साहू ने स्वागत उदबोधन दिया तथा छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष  रूपेश पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष  संजय पटेल, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर के प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, पूर्व चेयरमेन  अशोक अग्रवाल रेडक्रॉस के पदाधिकारी, स्वैच्छिक रक्तदाता तथा सहयोगी, संस्थानों तथा संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।

CG WEATHER NEWS : मानसून की राह देख रहा छत्तीसगढ़, अगले 48 घंटे में दस्तक के संकेत; बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

CG WEATHER NEWS : मानसून की राह देख रहा छत्तीसगढ़, अगले 48 घंटे में दस्तक के संकेत; बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

 रायपुर :-- छत्तीसगढ़ में मानसून का इंतजार अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य की सीमा के करीब पहुंच चुका है और अनुकूल परिस्थितियों के चलते अगले एक-दो दिनों में बस्तर क्षेत्र से इसकी एंट्री होने की संभावना है। हालांकि पिछले तीन दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ी हुई है, जिससे प्रदेश में गर्मी का असर फिर बढ़ने लगा है। प्री-मानसून गतिविधियों में कमी आने के कारण बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद कई इलाकों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रहीं।

 
CG : सड़क किनारे पड़ा मिला युवक का शव, ग्रामीणों ने जताई हत्या की आशंका

CG : सड़क किनारे पड़ा मिला युवक का शव, ग्रामीणों ने जताई हत्या की आशंका

 तखतपुर।  बिलासपुर जिले के तखतपुर से लगे ग्राम पंचायत सकर्रा में बिजली का काम करने आए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक का शव रविवार सुबह खजुरी मेन रोड स्थित वर्मा प्लॉट के पास मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरु कर दी है। यह घटना हिर्री थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के अनुसार, मृतक बाहर से बिजली संबंधी काम करने के लिए क्षेत्र में आया था। रविवार को उसका शव संदिग्ध अवस्था में मिला। शव पर चोट के निशान मिले हैं, जिसके चलते ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं।

जांच में जुटी पुलिस
इधर घटना की सूचना मिलते ही हिर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होगा मौत का खुलासा
शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस का अनुमान है कि युवक की मौत करंट लगने की वजह से हुई होगी। वहीं ग्रामीणों ने शरीर पर मिले चोट के निशानों को देखते हुए गहन जांच की मांग की है। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

पति-पत्नी की मिली लाश : कमरे में मिली पत्नी की लाश, फांसी के फंदे पर लटका मिला पति का शव, इलाके में फैली सनसनी

पति-पत्नी की मिली लाश : कमरे में मिली पत्नी की लाश, फांसी के फंदे पर लटका मिला पति का शव, इलाके में फैली सनसनी

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां पति-पत्नी की लाश मिलने से हड़कंप मच गया है। दोनों की लाश कमरे में मिली। आशंका जताई जा रही है कि पहले पत्नी की हत्या की गई, फिर आरोपी ने खुद भी फांसी के फंदे पर लटकर जान दे दी। पुलिस और फॉरेंसिक की टीम मौके पर पहुंची है और जांच जारी है।

जानकारी के मुताबिक, घटना वैशाली नगर पुलिस थाना क्षेत्र के वृन्दानगर कैम्प की है। जी वेंकटरमण मूर्ति 55 वर्ष व उनकी पत्नी जी विद्यामती 52 वर्ष की लाश उनके घर में मिली। महिला का शव कमरे में और वेंकटरमण की लाश फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी।

घटना की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना की जानकारी मृतक के घर के सामने रहने वाले मृतक के छोट भाई जी माधव राव ने पुलिस को दी थी। जी माधव राव की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले में आगे की जांच कार्रवाई की गई।

मृतिका जी विद्यावति का शव कमरे में पाया गया। वहीं, जी वेंकट रमण मूर्ति की लाश कमरे में नायलाॅन की मोटी रस्सी से फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस की टीम मामले में पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए दोनों शव को भेज दिया है। पूछताछ में पता चला है कि मृतक ऑटों ड्राइवर का काम करता था और पति-पत्नी के बीच अक्सर आपसी विवाद होते रहता था। आशंका जताई जा रही है कि पहले पत्नी की हत्या की गई, फिर आरोपी ने खुद भी फांसी के फंदे पर लटकर जान दे दी। फिलहाल दोनों की मौत किन परिस्थितियों हुई, इसका पता अभी नहीं चला पाया है। पुलिस मामले में हर पहलुओं पर जांच कर रही है।

CG : जमीन कब्जा दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप, प्रधान आरक्षक सस्पेंड

CG : जमीन कब्जा दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप, प्रधान आरक्षक सस्पेंड

 जांजगीर-चांपा।  छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले के पंतोरा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जमीन में कब्जा दिलाने के एवज में ग्रामीण से 40,000 रुपए लेने के आरोप में SP ने ये कार्रवाई की है।

यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, पंतोरा थाना बलौदा क्षेत्र के निवासी विकाश देवांगन ने लिखित शिकायत में बताया था कि पंतोरा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक क्र. 396 रमेश त्रिपाठी ने जमीन में कब्जा दिलाने का भरोसा दिया था और इस काम के एवज में उनसे 40,000 की रकम ऐंठ ली। प्रधान आरक्षक का पैसे लेते वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वो ये कहते हुए नजर आ रहे है कि SP से शिकायत करके मुझे लाइन अटैज करा दो।

 

एसपी की कार्रवाई, भेजा गया रक्षित केंद्र
SP ने शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों और वायरल हो रहे वीडियो को बेहद गंभीरता से लिया, जिसके बाद आदेश जारी करते हुए प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें रक्षित केंद्र जांजगीर संबद्ध कर दिया गया है। निलंबन आदेश के मुताबिक, निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान आरोपी प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी को नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की ही पात्रता रहेगी।

पुनर्वासित युवाओं को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल, 89 हितग्राहियों के बने आयुष्मान कार्ड

पुनर्वासित युवाओं को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल, 89 हितग्राहियों के बने आयुष्मान कार्ड

00 स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ रहे पुनर्वासित युवा
रायपुर।
माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को नई जिंदगी देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा और संबल प्रदान किया जा रहा है। ताकि वे आर्थिक चिंता से मुक्त होकर अपना और अपने परिवार का मुफ्त इलाज करा सकें। बीजापुर जिले के कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में बीजापुर जिले के पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से जोडऩे के लिए विशेष पहल की जा रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुनर्वास केंद्र बीजापुर में विशेष शिविर आयोजित कर 89 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
विशेष शिविर में हुआ पंजीयन और कार्ड निर्माण
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हितग्राहियों का पंजीयन किया, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया तथा पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड तैयार किए। इस दौरान हितग्राहियों को योजना की पात्रता, लाभ और उपयोग की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
आयुष्मान भारत योजना का मिलेगा लाभ
आयुष्मान कार्ड बनने के बाद पात्र हितग्राही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इससे जरूरत के समय बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और उपचार पर होने वाले आर्थिक बोझ से भी राहत मिलेगी।
युवाओं में दिखा उत्साह
इस पहल से पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं में उत्साह देखा गया। हितग्राहियों ने स्वास्थ्य सुरक्षा से जुडऩे पर खुशी व्यक्त की और शासन की इस पहल को उपयोगी बताया। शिविर के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को योजना का सीधा लाभ मिला।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास
जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि समाज की मुख्यधारा में लौट रहे युवाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ते कदम
जिला प्रशासन का उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है। आयुष्मान कार्ड निर्माण की यह पहल स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है

अंडर-18 एशिया कप विजेता हॉकी खिलाड़ी अवि मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री साय से की सौजन्य भेंट

अंडर-18 एशिया कप विजेता हॉकी खिलाड़ी अवि मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री साय से की सौजन्य भेंट

 00 युवा खिलाडिय़ों की उपलब्धियां बढ़ा रही हैं छत्तीसगढ़ का गौरव - साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम के एशिया कप विजेता सदस्य अवि मानिकपुरी ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अवि मानिकपुरी को अंडर-18 एशिया कप में भारत की ऐतिहासिक विजय में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने अवि मानिकपुरी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी समर्पण और लगन के साथ आगे बढ़ते रहें तथा आने वाले समय में भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अवि की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि अवसर और संकल्प मिलने पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास और खिलाडिय़ों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयासों से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के नए अवसर मिल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि बिलासपुर निवासी अवि मानिकपुरी भारत के उभरते हुए हॉकी खिलाडिय़ों में शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जिसमें अवि मानिकपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी, महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव तथा अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री मृणाल चौबे उपस्थित थे।

TRANSFER NEWS : नगरीय निकायों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 18 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले,यहां देखिए पूरी लिस्ट

TRANSFER NEWS : नगरीय निकायों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 18 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले,यहां देखिए पूरी लिस्ट

 00 रायपुर जोन आयुक्त भी बदले गए

रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रविवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेश के कई नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में पदस्थ 18 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले कर दिए है जिनमें रायपुर जोन आयुक्त अरुण कुमार ध्रुव भी शामिल है। विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 7 दिनों के भीतर नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं, जॉइन नहीं करने पर उनका वेतन भी रोका जाएगा।


जारी आदेश के अनुसार रायपुर नगर निगम के जोन आयुक्त अरुण कुमार ध्रुव को मुख्य नगर पालिका अधिकारी बनाकर दंतेवाड़ा भेजा गया है। वहीं, दंतेवाड़ा में पदस्थ वी.के.एस. पलदास को नगर पंचायत भोपालपटनम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रोहित कुमार साहू को कवर्धा से धमधा, राजेश गुप्ता को दीपका से गौरेला और सचिन गुप्ता को बेरला से कोंडागांव स्थानांतरित किया गया है। शीतल चंद्रवंशी को आरंग से चांपा भेजा गया है। आदेश में अंबिकापुर, जामुल, धर्मजयगढ़, बड़ी करेली, बेरला, केशकाल और बलौदाबाजार में पदस्थ अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। कुछ अधिकारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजा गया है, जबकि कुछ को प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी की नई जिम्मेदारी दी गई है।


नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि, सभी स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मचारियों को वर्तमान पदस्थापना स्थल से कार्यमुक्त होकर 7 दिनों के भीतर नई जगह कार्यभार ग्रहण करना होगा। तय समय में जॉइनिंग नहीं करने पर पुराने स्थान से वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। यदि वेतन निकाला जाता है तो संबंधित नियंत्रण अधिकारी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 

इतिहास में पहली बार रेल मानचित्र पर उभरेगा जशपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सतत प्रयासों से साकार हुआ दशकों पुराना सपना

इतिहास में पहली बार रेल मानचित्र पर उभरेगा जशपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सतत प्रयासों से साकार हुआ दशकों पुराना सपना

 रायपुर: जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने के साथ ही जशपुर को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है।

लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से प्रारंभ होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। परियोजना के क्रियान्वयन से जशपुर जिला सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा और क्षेत्र के विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों का परिणाम है। वर्षों से क्षेत्रवासियों द्वारा उठाई जा रही रेल संपर्क की मांग अब साकार होने की दिशा में निर्णायक चरण में पहुंच गई है।

रेल मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय अवसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही परियोजना औपचारिक रूप से प्रभावशील हो गई है।

विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा वनांचल क्षेत्र

प्राकृतिक संसाधनों और संभावनाओं से समृद्ध जशपुर जिला अब तक रेल संपर्क से वंचित था। परिवहन के लिए मुख्यतः सड़क मार्ग पर निर्भरता के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई रेल लाइन के निर्माण से जिले की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव आएगा और लोगों को सुरक्षित, सुलभ तथा किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

इतिहास में पहली बार रेल मानचित्र पर उभरेगा जशपुर

किसानों और उद्यमियों के लिए खुलेगी नई संभावनाएं
रेल संपर्क स्थापित होने से जशपुर के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियां और बागवानी उत्पादों के लिए पहचान रखने वाले इस क्षेत्र के किसानों को बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। परिवहन लागत कम होने से स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही व्यापार और लघु उद्योगों को विस्तार का नया अवसर मिलेगा।

पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने वन क्षेत्रों, जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के लिए विशेष पहचान रखता है। रेल संपर्क स्थापित होने के बाद पर्यटकों की पहुंच अधिक आसान होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ेगी पहुंच

नई रेल लाइन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंच को सुगम बनाएगी। वहीं गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक शीघ्र पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ उनकी उपलब्धता और पहुंच में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनेगा क्षेत्र
रेल परियोजना के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार अवसर सृजित होंगे। बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

क्षेत्रवासियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन केवल यातायात सुविधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, समृद्धि और नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। दशकों की प्रतीक्षा के बाद जशपुर का रेल मानचित्र पर स्थान सुनिश्चित होना जिले के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना जशपुर के विकास को नई दिशा देने वाली आधारभूत संरचना साबित होगी, जो आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का सामर्थ्य रखती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले को देंगे विकास कार्यों की सौगात….

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले को देंगे विकास कार्यों की सौगात….

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 14 जून 2026 को जांजगीर-चांपा जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) स्थित मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि, विशिष्ट अतिथि तथा जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।

मुख्यमंत्री  साय जिले में कुल 295 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 341 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इनमें 70.10 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 159 कार्यों का लोकार्पण तथा 224.90 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 182 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 70.10 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 159 कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इनमें जल संसाधन विभाग, हसदेव नहर जांजगीर के 416.51 लाख रुपये लागत के 3 कार्य, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग जांजगीर के 213.85 लाख रुपये लागत का 1 कार्य, वन मंडल जांजगीर-चांपा के 30.46 लाख रुपये लागत का 1 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जांजगीर के 71.36 लाख रुपये लागत के 7 कार्य, लोक निर्माण विभाग के 395.68 लाख रुपये लागत के 3 कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 3,229.85 लाख रुपये लागत के 26 कार्य, सीजीएमएससी जांजगीर के 135.53 लाख रुपये लागत के 4 कार्य, नगरीय प्रशासन विभाग, जिला जांजगीर-चांपा के 1,771.15 लाख रुपये लागत के 22 कार्य तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 746.06 लाख रुपये लागत के 92 कार्य शामिल हैं।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री  साय 224.90 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 182 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें जल संसाधन विभाग, हसदेव नहर जांजगीर के 2,180.03 लाख रुपये लागत के 8 कार्य, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग जांजगीर के 452.13 लाख रुपये लागत के 2 कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 3,367.86 लाख रुपये लागत के 9 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जांजगीर के 220.62 लाख रुपये लागत के 7 कार्य, लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) के 428.55 लाख रुपये लागत का 1 कार्य, लोक निर्माण विभाग के 10,280.14 लाख रुपये लागत के 28 कार्य, सीजीएमएससी के 868.35 लाख रुपये लागत का 1 कार्य, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, संभाग सक्ती के 1,218.19 लाख रुपये लागत के 6 कार्य, नगरीय प्रशासन विभाग, जिला जांजगीर-चांपा के 2,285.83 लाख रुपये लागत के 34 कार्य तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 1,188.56 लाख रुपये लागत के 86 कार्य शामिल हैं।मुख्यमंत्री साय के इस प्रवास के दौरान जिले को आधारभूत संरचना, पेयजल, सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण एवं नगरीय विकास से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात मिलेगी, जिससे जिले के विकास को नई गति प्राप्त होगी।

असम में वायुसेना का AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त, 5 जवान शहीद; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक

असम में वायुसेना का AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त, 5 जवान शहीद; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक

 रायपुर। असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नियमित उड़ान के दौरान लैंडिंग के समय हुए इस हादसे में भारतीय वायुसेना के 5 वीर जवान शहीद हो गए, जबकि सह-पायलट घायल हो गया है, जिसका इलाज जारी है। इस दुखद घटना से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

दुर्घटना में शहीद होने वाले जवानों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। भारतीय वायुसेना ने सभी जवानों को कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाला वीर योद्धा बताया है।

इस हादसे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना के पांच वीर जवानों के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के प्रति समर्पित इन वीर सपूतों का सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिवारों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

हादसे के बाद भारतीय वायुसेना और संबंधित एजेंसियों ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं देशभर के राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य संगठनों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

 
मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात, 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात, 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा

 00 ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार से स्वास्थ्य सेवाएं हुई सुदृढ़ : मुख्यमंत्री साय

00 एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री
00 प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में एनएचएम कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में शामिल होकर एनएचएम कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान एनएचएम कर्मियों के 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।  साय ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में एनएचएम कर्मियों का योगदान अतुलनीय है और सरकार उनके कार्यों का सम्मान करती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निभाई गई भूमिका को याद करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब एनएचएम के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में स्वास्थ्य कर्मियों ने मानवता की मिसाल पेश की, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में, जहां सड़कें और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, स्वास्थ्य कर्मी पैदल चलकर, नदी-नाले पार कर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में संचालित “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है और अब तक लगभग 90 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहसिक प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ है। अब वहां विकास और जनकल्याण की नई संभावनाएं खुल रही हैं, जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने से लेकर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ी है और सभी के सहयोग से विकसित एवं स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से इसी समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जशपुर से लेकर सुकमा तक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में एनएचएम कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि “स्वस्थ बस्तर अभियान” का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों के लिए की गई विभिन्न घोषणाओं और सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की कई मांगें पूरी की जा चुकी हैं तथा स्थानांतरण नीति भी जारी कर दी गई है।उन्होंने कहा कि अब एनएचएम कर्मचारी भी कैशलेस उपचार योजना के दायरे में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि एनएचएम कर्मियों के लिए जीवन बीमा सुविधा लागू की गई है, जिसके तहत सामान्य मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 करोड़ 40 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।  जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी आई है और नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी के लिए विशेषीकृत 116 नए स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थानों का चयन किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा के बाद एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी तथा एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

स्वच्छता अभियान जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है - गिरिराज सिंह

स्वच्छता अभियान जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है - गिरिराज सिंह

 रायपुर। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को सुबह कलेक्ट्रेट स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल पर स्वच्छता अभियान में शिरकत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप 12 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस कार्यक्रम में सिंह ने डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

केन्द्रीय मंत्री  सिंह ने इस दौरान स्वच्छता मित्रों से भेंट कर उनके समर्पण, परिश्रम और स्वच्छ भारत अभियान में उनके अमूल्य योगदान के लिए उनका धन्यवाद एवं अभिनंदन किया तथा शाल-श्रीफल देकर सम्मान किया और मेडिकल किट प्रदान किया।  सिंह ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन ने देशभर में स्वच्छता के प्रति नई जागरुकता और जनआंदोलन का स्वरूप प्राप्त किया है।

स्वच्छता अभियान जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है - गिरिराज सिंह

ऑक्सीजोन गार्डन में पौधारोपण किया
केंद्रीय मंत्री सिंह ऑक्सीजोन परिसर भी पहुँचे और एक पेड़ माँ के नाम के तहत पौधारोपण किया। इसके पश्चात ऑक्सीजोन में उपस्थित महिलाओं से चर्चा की। रायपुर लोकसभा से सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, जिला महामंत्री अमित मैशेरी, गुंजन प्रजापति, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष कृतिका जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

स्वच्छता अभियान जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है - गिरिराज सिंह

केन्द्रीय मंत्री सिंह अप्पा खरे के निवास भी पहुँचे
केन्द्रीय मंत्री  सिंह विशेष जनसंपर्क अभियान के दौरान पार्टी के प्रति समर्पण और निष्ठा की साक्षात प्रतिमूर्ति, जनसंघ के समय से ही भाजपा की नींव मजबूत करने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ता अप्पा खरे के निवास पर उनसे और उनके पूरे परिवार से भेंट की। इस दौरान मोदी जी के नेतृत्व में देश के लिए किए जा रहे कार्यों और सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी और जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर भी उपस्थित रहे।

शौर्य चक्र से सम्मानित वीर जवानों से मिले उप मुख्यमंत्री शर्मा

शौर्य चक्र से सम्मानित वीर जवानों से मिले उप मुख्यमंत्री शर्मा

 00 साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा की मिसाल बने जवानों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों शौर्य चक्र से सम्मानित वीर पुलिस एवं सुरक्षा बल के जवानों से उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज अपने नवा रायपुर अटल नगर स्थित निवास कार्यालय में आत्मीय मुलाकात कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डीजीपी  अरुण देव गौतम सहित जवानों के परिजन एवं परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ और देश को ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए असाधारण परिस्थितियों में भी वीरता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इन जवानों की बहादुरी आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत है। मुलाकात के दौरान शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट, इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख तथा राइफलमैन भोज राम साहू के साहसिक कार्यों की सराहना की और उनके परिजनों से भी मुलाकात की और सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश सेवा के इस गौरवपूर्ण योगदान में परिवारों का त्याग और समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने जवानों के अदम्य साहस भरी घटनाओं के बारे में भी उनसे जानकारी ली।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को 16 अप्रैल 2024 को कांकेर क्षेत्र में नक्सलियों के विरुद्ध संचालित एक बड़े अभियान में अद्वितीय नेतृत्व, साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय देने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में नक्सलियों का मुकाबला करते हुए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की थी। इसी प्रकार 3 असम राइफल्स के राइफलमैन भोज राम साहू को भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में घुसपैठ विरोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस के साथ मोर्चा संभालते हुए दुश्मनों को पीछे हटने के लिए मजबूर करने और अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा बलों के जवानों के सम्मान, कल्याण और उनके परिवारों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सम्मानित जवानों एवं उनके परिजनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल और ऐतिहासिक 12 वर्षों के कार्यकाल की सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की अभूतपूर्व उपलब्धियों पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के ये वर्ष भारत के नव-निर्माण, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और वैश्विक पटल पर देश का मान बढ़ाने वाले रहे हैं। इस दौरान देश के हर वर्ग, गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए दूरदर्शी योजनाएँ लागू की गई हैं, जिनका लाभ आज सीधे जनता तक पहुँच रहा है। साय ने कहा कि यह प्रदर्शनी  मोदी के विजन और देश के विकास की उस गौरवशाली यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित करती है, जिसने भारत को एक नई दिशा दी है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, विधायक पुरंदर मिश्रा, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदर्शनी के प्रदेश प्रभारी उज्जवल दीपक एवं मितुल कोठारी, प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने, बेदराम जांगड़े, रायपुर प्रभारी  राजेंद्र शर्मा, रायपुर जिलाध्यक्ष  रमेश ठाकुर, जिला अध्यक्ष रायपुर ग्रामीण श्याम नारंग, सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री साय के साथ प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के चित्रों व विवरणों का अवलोकन किया।

ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर उरकुरा स्टेशन में संरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया

ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर उरकुरा स्टेशन में संरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया

 रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के संरक्षा विभाग द्वारा ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन हेतु परिचालन, विद्युत परिचालन, इंजीनियरिंग तथा सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों के साथ उरकुरा स्टेशन में संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई-

शंटिंग के दौरान बरती जानेवाली सावधानियां तथा लोड गाडिय़ों का स्टेशन/यार्ड में सिक्योरिंग एवं रिलिजिंग करना, स्पैड से बचाव एवं ऑटोमेटिक ब्लॉक सेक्शन में ब्लॉक टिकट द्वारा ट्रेन की कार्यप्रणाली, इंजीनियरिंग विभाग के द्वारा मानसून के पहले बरती जाने वाली सावधानियां,पॉइंट्स एवं सिग्नल की विफलता के दौरान परिचालन एवं सिग्नल कर्मचारियों के द्वारा बरती जनेवाली सावधानियां, हाल ही में हुई दुर्घटनाओं का विश्लेषण, तथा अग्निशामक यंत्र का उपयोग एवं प्रदर्शन।

इस संरक्षा सेमिनार में सुरेश चन्द्र, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी/रायपुर एवं प्रवीण कुमार, सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी/रायपुर के साथ- संरक्षा सलाहकारो ने संरक्षा सेमिनार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संरक्षा संगठन/रायपुर मंडल के द्वारा प्रत्येक माह में 02 संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन रायपुर मंडल के विभिन्न स्टेशनों में किया जाता है, जिससे कर्मचारियों में कार्य करने के दौरान संरक्षा के प्रति जागरुकता लाई जा सके। उक्त संरक्षा संगोष्ठी में संरक्षा सलाहकार, सुपरवाइजर, एवं फील्ड कर्मचारियों को मिलाकर कुल 58 लोगों ने भाग लिया।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब गूंजेंगे राष्ट्रगान राज्यगीत और भोजन मंत्र; शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब गूंजेंगे राष्ट्रगान राज्यगीत और भोजन मंत्र; शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

  नए शिक्षा सत्र 2026-27 से लागू होगी व्यवस्था- सुबह की प्रार्थना से लेकर छुट्टी के समय तक का शेड्यूल तय, अधिकारियों को रोजाना मॉनिटरिंग के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में अब बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना और भारतीय संस्कृति से गहराई से जोड़ा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रदेश की सभी शालाओं में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के नियमित व अनिवार्य संचालन के कड़े निर्देश जारी किए हैं।मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से जारी इस आदेश के तहत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।तीन सत्रों में बंटा होगा शेड्यूल- सुबह से शाम तक का पूरा टाइम-टेबल
विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में अब प्रतिदिन तीन अलग-अलग समय पर निर्धारित क्रम में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रात:कालीन सत्र स्कूल प्रारंभ होने पर सुबह की प्रार्थना सभा में एक तय क्रम के अनुसार ये प्रस्तुतियां अनिवार्य होंगी। विद्यालय प्रारंभ होने पर प्रात:कालीन प्रार्थना सभा में क्रमश: राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीपमंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र तथा महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराया जाएगा। इसी प्रकार मध्यान्ह भोजन के समय विद्यार्थियों द्वारा भोजन मंत्र का सामूहिक पाठ किया जाएगा। वहीं विद्यालय की छुट्टी के समय संध्या सत्र में राज्यगीत, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा।

 

अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे तकनीक से तेज हुई टीबी मरीजों की पहचान

अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे तकनीक से तेज हुई टीबी मरीजों की पहचान

 00 टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम, 90 शिविरों में 7 हजार से अधिक लोगों की जांच

रायपुर। छत्तीसगढ़ में टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की पहचान का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य टीमें उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की जांच कर रही हैं, जिससे समय रहते रोग की पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सके।

 
 

भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत 100 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के तहत संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग, डिजिटल एक्स-रे जांच तथा आवश्यकतानुसार ट्रू-नॉट तकनीक से पुष्टि की जा रही है। इससे टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान कर उपचार प्रारंभ करने में मदद मिल रही है।
बलरामपुर जिले में संचालित विशेष अभियान के दौरान अब तक 90 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों में 7,679 उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की जांच की गई। स्क्रीनिंग के दौरान 2,442 व्यक्तियों के एक्स-रे में असामान्यताएं पाई गईं, जिनके स्यूटम नमूनों की ट्रू-नॉट मशीन के माध्यम से जांच की जा रही है। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को तत्काल उपचार से जोड़ा जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के निर्माण के लक्ष्य के साथ गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सकता है।
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बलगम या खून के साथ खांसी, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, वजन में कमी, भूख न लगना, रात में बुखार या लगातार कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर तुरंत जांच कराएं। समय पर पहचान और नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है तथा इसके संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। नागरिकों की जागरूकता, समय पर जांच और उपचार के प्रति प्रतिबद्धता से ही टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार किया जा सकेगा।

 

मत्स्य पालन बना ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम

मत्स्य पालन बना ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम

 प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बढ़ रही किसानों की आय, आत्मनिर्भर बन रहे मत्स्यपालक

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में मत्स्य उत्पादन को मिल रही नई गति

रायपुर/ छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने मत्स्य क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खोली हैं। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं और अनुदान आधारित योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हजारों मत्स्यपालक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

मत्स्य पालन आज केवल परंपरागत व्यवसाय नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के लिए आय और रोजगार का एक सशक्त साधन बन चुका है। शासन की योजनाओं से छोटे और सीमांत किसानों को भी मत्स्य व्यवसाय अपनाने का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।

जशपुर में मत्स्य उत्पादन का नया कीर्तिमान

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले ने पिछले 22 महीनों में 22 हजार 805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इससे न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि हजारों किसानों और मत्स्यपालकों की आय में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मत्स्य विभाग के अनुसार जिले में 18.50 करोड़ स्पॉन, 2.55 करोड़ स्टेज फ्राय तथा 2.94 करोड़ मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।

सात हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला लाभ

जिले में ग्रामीण स्तर पर 77.67 हेक्टेयर तालाबों तथा 295.27 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आवंटित किया गया है। इसके साथ ही नाव, जाल, फिंगरलिंग, मत्स्य बीमा तथा विपणन सहायता जैसी सुविधाओं के माध्यम से सात हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इन प्रयासों से मत्स्यपालकों को व्यवसाय विस्तार और बेहतर आय अर्जित करने में सहायता मिल रही है।

आधुनिक तकनीक से बढ़ रही उत्पादकता

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण, पौंड लाइनर, बायोफ्लॉक इकाइयों की स्थापना और अन्य आधुनिक मत्स्य संरचनाओं के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इससे मत्स्य उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा मिला है और उत्पादन लागत कम होने के साथ उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है।

प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से मिल रहा नया ज्ञान

मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जा रहा है। इन भ्रमण कार्यक्रमों के माध्यम से किसान और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य वैज्ञानिक मत्स्य पालन, तालाब एवं बीज प्रबंधन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण तथा विपणन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे मत्स्य व्यवसाय अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रहा है।

आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत कदम

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मत्स्य क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

नैनो उर्वरकों से बढ़ रहा उत्पादन, मिट्टी संरक्षण को भी मिल रही मजबूती

नैनो उर्वरकों से बढ़ रहा उत्पादन, मिट्टी संरक्षण को भी मिल रही मजबूती

 आधुनिक कृषि तकनीकों से किसान बना रहे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ

रायपुर6/ कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के बढ़ते उपयोग से किसानों को उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरक किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, जो कम मात्रा में अधिक दक्षता के साथ फसलों को आवश्यक पोषण उपलब्ध करा रहे हैं।

सरगुजा जिले के ग्राम भगवानपुर के प्रगतिशील किसान  सत्यनारायण ने नैनो उर्वरकों के उपयोग से प्राप्त अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार इस तकनीक से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।

सत्यनारायण ने बताया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पर्णीय छिड़काव (फोलियर स्प्रे) के रूप में किया जाता है, जिससे पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं और उनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होता है। इससे फसलों को आवश्यक पोषण समय पर प्राप्त होता है तथा उत्पादन क्षमता में वृद्धि देखने को मिलती है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जबकि नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्वों का अनावश्यक अपव्यय कम होता है। इससे मिट्टी की उर्वरता और उत्पादक क्षमता को बनाए रखने में सहायता मिलती है, जो टिकाऊ कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों की उपयोग दक्षता अधिक होने के कारण किसानों को कम मात्रा में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। इससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होता है। यही कारण है कि प्रदेश में किसानों का रुझान नैनो उर्वरकों की ओर लगातार बढ़ रहा है।

राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। किसानों को नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी देकर उन्हें कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सत्यनारायण ने अन्य किसानों से भी नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी कृषि भूमि की उर्वरता को भी लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य के लिए सुरक्षित बन सकती है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया जनसंपर्क, ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया जनसंपर्क, ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

 राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता : मंत्री राजवाड़े

रायपुर , 13 जून 2026/महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कमलपुर, पहाड़गांव एवं पण्डोनगर का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया। डोर-टू-डोर जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे।

जनसंपर्क अभियान के दौरान मंत्री राजवाड़े ने ग्रामीणों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की और उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा सड़क, पेयजल, बिजली, आवास तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दे उठाए गए, जिन पर मंत्री राजवाड़े ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर सतत निगरानी रखते हुए लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जनसंपर्क कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों ने शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए मंत्री राजवाड़े का स्वागत किया।

छत्तीसगढ़ में 16 जून से ही खुलेंगे स्कूल, 1 जुलाई से सत्र शुरू होने की खबर पूरी तरह फर्जी

छत्तीसगढ़ में 16 जून से ही खुलेंगे स्कूल, 1 जुलाई से सत्र शुरू होने की खबर पूरी तरह फर्जी

 दुर्ग/ छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) की शुरुआत को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर विराम लग गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य की सभी शासकीय एवं अशासकीय (निजी) शालाओं का विधिवत संचालन 16 जून 2026, मंगलवार से प्रारंभ कर दिया जाएगा। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही थी कि भीषण गर्मी या अन्य कारणों से नया शैक्षणिक सत्र 01 जुलाई 2026 से शुरू होगा। विभाग ने इस खबर का पूरी तरह खंडन करते हुए इसे असत्य, भ्रामक और फर्जी करार दिया है।

सूरज की रोशनी से चमका राजनांदगांव, सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल

सूरज की रोशनी से चमका राजनांदगांव, सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल

रायपुर। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने उसे देशभर में नई पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर राजनांदगांव देश में सर्वाधिक सोलर क्षमता वाले कनेक्शन स्थापित करने वाला जिला बन गया है। शहरों के साथ-साथ गांवों में भी सौर ऊर्जा को लेकर लोगों का उत्साह तेजी से बढ़ रहा है।
कलेक्टर  जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन तथा विद्युत विभाग के समन्वित प्रयासों से यह सफलता संभव हुई है। योजना के तहत जिले में अब तक 6776 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6381 हितग्राहियों ने वेंडर का चयन कर लिया है। वहीं 3255 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं और 2218 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान भी किया जा चुका है।
जिले में 3255 घरेलू सोलर कनेक्शनों के माध्यम से लगभग 9 मेगावाट, 162 व्यावसायिक सोलर कनेक्शनों से 3.40 मेगावाट तथा 31 पावर प्लांटों के जरिए 383 मेगावाट क्षमता विकसित की गई है। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि ढाबा स्थित मेसर्स सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के 160 मेगावाट क्षमता वाले सोलर कनेक्शन की है, जो देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा कनेक्शन माना जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राजनांदगांव की यह उपलब्धि हरित ऊर्जा की दिशा में देश के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

 रायपुर। फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने का एक प्रभावी साधन हैं। राज्यपाल  रमेन डेका ने आज राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के सम्मान समारोह में उक्त बातें कही। यह कार्यक्रम रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

राज्यपाल ने कहा कि आदिम युग से ही मनुष्य विभिन्न माध्यमों से अपने विचार और संदेश व्यक्त करता रहा है। समय के साथ नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल माध्यमों ने इस भूमिका को और व्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि पहले सिनेमा का मूल उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं था, बल्कि समाज को संदेश देना और जागरूक करना था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी भारतीय सिनेमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता मिली है। फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि अब वे बस्तर की समृद्ध संस्कृति से देश और दुनिया को परिचित कराएं। इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि को मजबूती मिलेगी।
राज्यपाल ने सद्गति, चरणदास चोर और देवदास जैसी फिल्मों और नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता लाने वाली फिल्मों की आज भी उतनी ही आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और पर्व-त्योहारों जैसे हमारे धरोहर को स्थायी रूप से संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं। उन्होंने कलाकारों से लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत आज गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। बच्चे खेल के मैदानों से दूर हो रहे हैं और उनकी रचनात्मकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कलाकारों से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त डॉक्युमेंट्री फिल्मों छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम, हैप्पी बर्थडे और स्क्रीन के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे ने दिया। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न डॉक्युमेंट्री फिल्मों के निर्माता-निर्देशक कलाकार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित, मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित, मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध

 00 प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकडऩे पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना

रायपुर। वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

मछली पालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।