रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सुश्री दर्शना सिंह से बातचीत की। मुख्यमंत्री साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।मुख्यमंत्री साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

लेखक - धनंजय राठौर, सुरेन्द्र ठाकुर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
रायपुर। सगो तेता स्व-सहायता समूह और बिहान से जुड़कर न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि अपने स्वाभिमान और आत्मविश्वास को भी नई पहचान दी है। आज कांकेर जिला के गांव ग्राम गढ़पिछवाड़ी की अन्य महिलाएं भी उनसे प्रेरणा लेकर आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं। तेता ने अपनी इस सफलता का श्रेय भारत सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना और छत्तीसगढ़ शासन की पहल बिहान को देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और ‘लखपति दीदी’ बनने का अवसर प्रदान किया है। बिहान योजना ने सगो तेता के जीवन में नवा बिहान ला दिया।

सगो तेता ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पृथक् पहचान बना चुकी
कुछ कर गुजरने का जुनून और उस इच्छाशक्ति को शासन की छोटी सी मदद मिल जाए, तो कामयाबी की बुलंदी को फर्श से अर्श तक पहुंचने में देर नहीं लगती। कांकेर जिले की महिलाएं शासन के सहयोग से प्रशिक्षण तथा सहायता प्राप्त कर अपने हुनर को अंजाम दे रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम गढ़पिछवाड़ी की आदिवासी महिला सगो तेता आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पृथक् पहचान स्थापित कर चुकी हैं। उनकी कामयाबी यह साबित करती है कि मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और उचित अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी खुद के दम पर अपने समूह, परिवार और समाज के लिए मिसाल कायम कर सकती हैं।

समूह ने बढाया आगे सगो को
एक समय था जब आर्थिक तंगी के कारण सगो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरी करने के लिए भी दूसरों का मुंह ताकना पड़ता था। आजीविका के एकमात्र साधन के रूप में खेती-बाड़ी तो थी, लेकिन सीमित संसाधनों और पारंपरिक तरीकों के कारण आय बहुत कम होती थी। वहीं बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों की चिंता उन्हें अक्सर परेशान करती थी। इसी दौरान उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ की जानकारी मिली। इससे प्रेरित होकर सगो बाई ने गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर गायत्री स्व-सहायता समूह बनाया, जिसमें 10 महिलाएं शामिल हैं।

खेतों में द्विफसली सिंचाई की मिली सुविधा
समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बिहान के अंतर्गत 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश राशि प्राप्त हुई, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दे दी। सगो तेता बताती हैं कि पहले उनके खेत में मोटरपंप (बोरवेल) नहीं था, जिसके कारण खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी और साल में धान की केवल एक ही फसल ले पाती थीं। फिर उन्होंने स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर अपने खेत में बोर करवाया, जिससे अब उन्हें सिंचाई की सुविधा मिल गई है। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि अब वे अपने खेतों में साल में दोनों फसलें (खरीफ और रबी) ले रही हैं, जिससे उनकी आय में काफी वृद्धि हुई है।

आजीविकामूलक गतिविधियों ने बनाई लखपति दीदी
इसके साथ ही सगो बाई ने कई आजीविकामूलक गतिविधियां भी शुरू कीं। उन्होंने मशरूम पालन, छेना (कंडा) निर्माण, गोबर से जैविक खाद तैयार करना, रुई से तकिये बनाना, सब्जी उत्पादन, ईंट निर्माण और कपड़ों के विक्रय जैसे कार्य प्रारंभ किए। उनकी सतत् मेहनत रंग लाई और आज वे इन अलग-अलग गतिविधियों से प्रतिमाह लगभग 18 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसी निरंतर आय और बचत के कारण पूरे क्षेत्र में वह आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जा रही हैं।
जीवन में आया बड़ा बदलाव, महतारी वंदन योजना का भी मिल रहा लाभ
लखपति दीदी सगो तेता बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इसी आय के सहारे उन्होंने अपने तीनों बच्चों की पढ़ाई करवाई, साथ ही अपने दो बच्चों की शादी भी करवा ली है। इसके बाद अब वे अपनी आजीविका से होने वाली आय से अपनी छोटी बेटी की शादी करने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह महतारी वंदन योजना का भी लाभ ले रही हैं, जिससे मिली रकम को वह बेटी के विवाह में किसी बड़े खर्च के लिए बचत कर रही हैं।
ग्राम पंचायत बुड़ार में स्वच्छता की अलख जगाकर बनीं प्रेरणा स्रोत
रायपुर, 07 मार्च 2026 :- महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, एकता हो और समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, तो सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाया जा सकता है। आज कोरिया जिले के अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल अपने गाँव में स्वच्छता की एक मिसाल बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इनका यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी मेहनत यह संदेश देती है कि संकल्प, सहयोग और निरंतर प्रयास से गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

कोरिया जिले में जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडार की चार महिलाएँ अपने अथक समर्पण, मेहनत और एकजुटता के कारण पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। ग्राम पंचायत में रहने वाली अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने ग्राम पंचायत में प्रेरणा का एक नया माहौल बनाया है। ये महिलाएँ पिछले लगभग तीन वर्षों से स्वच्छता दीदी के रूप में लगातार कार्य कर रही हैं और गाँव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सप्ताह में दो बार करती हैं कचरा कलेक्शन
स्वच्छता दीदी बनकर ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को गाँव के घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करती हैं। वे लोगों को समझाती हैं कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने से गाँव स्वच्छ रहता है और कचरे का सही प्रबंधन संभव होता है।
चुनौती से मानक तक का सफर
कार्य के प्रारंभिक दिनों में इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गाँव के बहुत से लोग कचरा अलग-अलग देने के लिए तैयार नहीं थे और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी कम थी। लेकिन इन महिलाओं ने धैर्य, मेहनत और निरंतर प्रयास से घर-घर जाकर लोगों को समझाया। धीरे-धीरे ग्रामीणों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया और अब गाँव के प्रत्येक रहवासी नियमित रूप से कचरा देने लगे हैं। जिससे गांव में स्वच्छता का माहौल बना है।
छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिणाम
अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से उन्हें कबाड़ी का काम करने वाले व्यवसायी से भी जोड़ा गया, जिससे वे सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रही हैं। इस कार्य से प्रत्येक महिला को लगभग 2 से 3 हजार रुपए प्रति माह की आय प्राप्त होती है। अब तक ये चारों महिलाएँ मिलकर लगभग 2.5 लाख से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ी है। इन महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी आपसी एकता और संगठन है, जिसके कारण वे मिल-जुलकर अपने कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं।
अब ई-रिक्शा से ले रही हैं काम
इनके लगातार प्रयासों और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को एक ई-रिक्शा भी प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें कचरा संग्रहण के कार्य में काफी सुविधा मिल रही है। इस ई-रिक्शा के माध्यम से अब वे आसानी से घर-घर से कचरा एकत्र कर पाती हैं और अपने कार्य को और अधिक प्रभावी तरीके से कर रही हैं। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सुशासन से हम महिलाएं सशक्त हुई हैं.
रायपुर, 07 मार्च 2026 :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह पहल केवल एक औपचारिक घोषणा नहीं है, बल्कि महिलाओं को राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में स्थापित करने का सशक्त संकल्प है।


विश्वास से निर्माण और अब गौरव की ओर
मुख्यमंत्री साय ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष को ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में शासन-प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना को समर्पित किया। इसके बाद दूसरे वर्ष को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति दी गई। अब तीसरा वर्ष ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में माताओं और बहनों को समर्पित किया गया है, जिसमें राज्य की अधिकांश योजनाओं का केंद्रबिंदु महिलाएं होंगी। यह क्रम सरकार की संवेदनशील और समावेशी विकास की सोच को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
महतारी वंदन योजना : आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा का आधार
छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना आज महिला सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। इस योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है। अब तक 15 हजार 595 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से महिलाओं को दी जा चुकी है। हाल ही में 24वीं किस्त के रूप में 68 लाख से अधिक महिलाओं को 641 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई।यह नियमित आर्थिक सहयोग महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। कई महिलाएं इस राशि को केवल घरेलू खर्च तक सीमित न रखकर स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों में निवेश कर रही हैं।

संघर्ष से स्वावलंबन तक : रोहनी पटेल की प्रेरक कहानी
बालोद जिले के ग्राम खैरडीह की रोहनी पटेल इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। पति की असमय मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। घर में वृद्ध सास की देखभाल और कॉलेज में पढ़ रहे दो बच्चों की पढ़ाई की चिंता उनके लिए बड़ी चुनौती थी।ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। योजना से मिलने वाली राशि को उन्होंने सावधानीपूर्वक बचत कर अपने खेत में सब्जी उत्पादन का कार्य शुरू किया। बीज, खाद और कृषि सामग्री की व्यवस्था कर उन्होंने पूरी मेहनत से खेती की।
आज रोहनी पटेल अपने खेत में उगाई गई ताजी सब्जियों को स्थानीय बाजारों में बेचकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई भी निर्बाध रूप से जारी है। उनका यह प्रयास गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुका है।

बिहान से बदली जिंदगी : ‘लखपति दीदी’ बनीं माहेश्वरी यादव
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कोरदा की माहेश्वरी यादव भी महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल हैं। पहले उनका जीवन सामान्य गृहिणी की तरह घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित था। लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया।
समूह के सहयोग और परिवार के समर्थन से उन्होंने गांव में एक छोटी किराना दुकान शुरू की। अपनी मेहनत और बेहतर प्रबंधन के बल पर यह दुकान धीरे-धीरे गांव में भरोसेमंद केंद्र बन गई। आज इस दुकान से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये की आय हो रही है और वे ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इससे उनके बच्चों की शिक्षा और परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

आधुनिक तकनीक से नई पहचान : ‘ड्रोन दीदी’ सुश्री सीमा वर्मा
बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र की सुश्री सीमा वर्मा ने भी यह साबित किया है कि अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर महिलाएं आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकती हैं।
स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने पहले मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया और बाद में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया।
आज सीमा वर्मा किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव कर रही हैं और इस कार्य से उन्हें सम्मानजनक आय प्राप्त हो रही है। गांव में लोग उन्हें स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानते हैं।
बजट में महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8 हजार 245 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।
आंगनबाड़ी एवं पोषण योजनाओं के लिए 2 हजार 320 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये, मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़ रुपये तथा रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त 750 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये और 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह बजटीय प्रावधान महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा की सुदृढ़ व्यवस्था
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने प्रभावी तंत्र विकसित किया है। वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के माध्यम से संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
स्वावलंबन से नेतृत्व तक
प्रदेश में 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों को रियायती ऋण प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। रेडी-टू-ईट कार्य महिला समूहों को सौंपे जाने से उन्हें स्थायी आय का स्रोत मिला है। इसके साथ ही डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा, सिलाई मशीन सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना और लखपति दीदी जैसी पहलें महिलाओं को नए आजीविका अवसर प्रदान कर रही हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त आधारशिला
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से राज्य को समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य तत्व माना गया है।
‘महतारी गौरव वर्ष’ केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का व्यापक अभियान है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के सम्मान, आत्मविश्वास और नेतृत्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आया है। आज प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता, नवाचार और नेतृत्व के साथ विकास की नई कहानी लिख रही हैं। यही सशक्त मातृशक्ति विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला बनेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह विभाग ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन सुधार की दिशा में कदम उठाते हुए 9 आईपीएस अफसरों को वेतनवृद्धि प्रदान की है। यह कदम उन अधिकारियों की सेवाओं और विभागीय जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण को मान्यता देने के उद्देश्य से लिया गया है। वेतनवृद्धि प्राप्त करने वाले अधिकारियों में आईपीएस उमेश चौधरी, मनोज कुमार खिलारी, रवि कुमार कुर्रे, सुरजन राम भगत, दर्शन सिंह मरावी, झाडूराम ठाकुर, प्रफुल्ल कुमार ठाकुर, विजय कुमार पाण्डेय और सुनील शर्मा शामिल हैं। गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह वेतनवृद्धि उनकी कार्यकुशलता, समय पर कर्तव्यों का निर्वहन और विभागीय प्रशासन में उत्कृष्ट योगदान को ध्यान में रखकर दी गई है।

0-बिरगांव होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी होली की शुभकामनाएं
रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम नगर निगम बिरगांव में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को रंगों के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष होली का उत्साह प्रदेश में और भी अधिक है, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों के खातों में धान उपार्जन के अंतर की राशि अंतरित की गई है। इससे किसानों के परिवारों में खुशी का माहौल है और त्यौहार की रौनक दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि ही राज्य की समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। यह त्योहार समाज में एकता, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है तथा लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मंशानुरूप प्रदेश में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अंचल में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, विकास और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक मंडली द्वारा प्रस्तुत मनमोहक फाग गीत का आनंद लिया। साथ ही विधायक अनुज शर्मा की प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने भी खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने पिचकारी चलाकर रंगों की बौछार की और लोगों के साथ होली की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, योगेश साहू, निशक्तजन आयोग के अध्यक्ष लोकेश कावडिय़ा, सीआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शंशाक शर्मा, पूर्व विधायक एवं आरडीए अध्यक्ष नंदे साहू, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग, श्रीरमेश ठाकुर, भागीरथी यादव, मनोज जोशी सहित बिरगांव नगर निगम के पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री साय ने वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, डायमंड सिंह ध्रुव, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया को उनकी उल्लेखनीय सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन होनहार बेटे-बेटियों की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह दिखाती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन युवाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
0-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रायपुर में आयोजित होगा 'लखपति दीदी संवाद' कार्यक्रम
रायपुर-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' द्वारा 7 मार्च 2026 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में 'लखपति दीदी संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर प्रदेश भर से हजारों लखपति दीदियां कार्यक्रम में भाग लेंगी। मुख्यमंत्री साय इन महिलाओं से संवाद करते हुए उनकी सफलता की कहानियां सुनेंगे और शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम महिलाओं के आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के करकमलों से लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया जाएगा। इसके साथ ही 'लखपति दीदी ग्राम पोर्टल' का शुभारंभ भी किया जाएगा। इन प्रकाशनों के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता की प्रेरक यात्राओं को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश भर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित करेगा और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।
प्रदेशभर की 51 महिलाओं एवं 11 स्वसहायता समूहों का होगा सम्मान
रायपुर। प्रदेश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था नवसृजन मंच, छत्तीसगढ़ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 15 मार्च को छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 51 महिलाओं को छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 11 महिला स्वसहायता समूहों को महतारी गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। नवसृजन मंच द्वारा यह आयोजन विगत कई वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। इस सम्मान के लिए प्रदेशभर से विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, खेलकूद, चिकित्सा, पत्रकारिता, पुलिस सेवा, साहसिक कार्य, महिला उद्यमिता, विज्ञान, प्रशासनिक सेवा, समाज सेवा, राजनीति, विधि, सौंदर्य, धार्मिक एवं अन्य क्षेत्रों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। प्राप्त सैकड़ों प्रविष्टियों में से चयन समिति द्वारा 51 प्रबुद्ध महिलाओं का चयन छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान हेतु किया गया है। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा एवं कार्यकारी अध्यक्ष देवाशीष मुखर्जी ने बताया कि नवसृजन मंच की महिला कार्यक्रम प्रभारी पदमा शर्मा, मनीषा सिंह एवं डॉ. रश्मि चावरे की टीम चयन समिति के रूप में प्राप्त प्रविष्टियों को अंतिम रूप दे रही है। इस सम्मान हेतु बस्तर, जशपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, अंबिकापुर,महासमुंद ,धमतरी, नारायणपुर ,दंतेवाड़ा,कबीरधाम एवं अन्य जिलों सहित राजधानी रायपुर से आवेदन प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम का आयोजन पारंपरिक छत्तीसगढ़ी स्वरूप में किया जाएगा, जिसमें सम्मानित महिलाओं को रुपिया माला (छत्तीसगढ़ की पारंपरिक सिक्कों की माला), स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 महिला स्वसहायता समूहों को भी महतारी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह 15 मार्च, सायं 5 बजे, वृंदावन हॉल, सिविल लाइन, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में नवसृजन मंच के कांतिलाल जैन, किशोर महानंद, विनय शर्मा, डॉ. यूलेंद्र राजपूत, राजेश साहू, नरेश नामदेव, मनोज जैन एवं डॉ. तृष्णा साहू सहित अन्य प्रमुखजन सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
00 वनांचल के सिंचाई क्षमता में होगी बढ़ोतरी, पर्यटकों को भी मिलेगी सुविधाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जलसंसाधन विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के 5 विकास कार्यों के लिए कुल 28 करोड़ 85.लाख 83 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है, जिससे प्रदेश के वनांचल में सिंचाई क्षमता में वृद्धि के साथ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी।
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्वीकृत कार्यो में कोरिया (मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर) जिले के विकासखण्ड-वैकुण्ठपुर की हुंडिका (हुडि़का) जलाशय योजना का निर्माण (विस्तारीकरण) कार्य के लिए 1649.59 लाख (रूपये सोलह करोड़ उनचास लाख उनसठ हजार) रुपए की प्रदान की गई है। इसी प्रकार मुंगेली जिले के विकासखण्ड- लोरमी अंतर्गत मनियारी (खुडिय़ा) जलाशय का सौदर्यीकरण, वाटर स्पोर्ट सेंटर पार्क, पिकनिक स्पॉट का निर्माण, रेस्ट हाऊस/निरीक्षण गृह का उन्नयन तथा बांध के ऊपर सी.सी. रोड का निर्माण एवं रेलिंग का कार्य के लिए 376.04 लाख (रूपये तीन करोड़ छिहत्तर लाख चार हजार) रुपए, मुंगेली जिले के ही विकासखण्ड-मुंगेली के ग्राम करही/धरमपुरा में स्थित शासकीय भूमि में संभागीय कार्यालय एवं दो उपसंभागीय कार्यालय तथा कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी हेतु आवासीय भवन निर्माण कार्य हेतु 279.18 लाख (रूपये दो करोड़ उन्यासी लाख अट्ठारह हजार) रूपए की स्वीकृति जलसंसाधन विभाग द्वारा दी गई है।
इसी तरह बस्तर जिले के विकासखण्ड-बकावण्ड की उलनार जलाशय शीर्ष कार्य एवं नहर मरम्मत एवं नहर लाईनिंग कार्य हेतु 300.38 लाख (रुपए तीन करोड़ अड़तीस हजार) रुपए एवं कांकेर जिले के विकासखण्ड-अंतागढ़ के मड़पा-निरूल नाला में फूलसिंग के खेत के पास स्टापडेम निर्माण कार्य हेतु 280.62 लाख (रूपये दो करोड उनसठ लाख उनसठ हजार) रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जलसंसाधन विभाग द्वारा प्रदान की गई है।
रायपुर: प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (PWD) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल तकनीकी कार्य नहीं है, बल्कि यह आम जनता की सुविधा और सरकार की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। यदि सड़क कुछ ही वर्षों में खराब हो जाती है तो इससे सरकार की छवि प्रभावित होती है।
बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही बनाई गई थी, लेकिन इसकी स्थिति तेजी से खराब हो गई है। उन्होंने इस मामले की गंभीर जांच के निर्देश देते हुए भविष्य में निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की सख्त निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन आम लोगों को इनकी जानकारी नहीं मिल पाती। इसलिए बड़ी सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के हाथों से कराए जाएं तथा इन कार्यों को व्यापक रूप से जनता के सामने लाया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम दर यानी बिलो रेट पर टेंडर हासिल कर लेते हैं, जिसके कारण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे गांवों को सड़क और पुल-पुलियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
बैठक में लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़–मिलूपारा–तमनार मार्ग के निर्माण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 सहित कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि प्रदेश में शासकीय भवनों का निर्माण आधुनिक डिजाइन और नई तकनीक के आधार पर किया जाए। उन्होंने भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल के बजाय वर्टिकल संरचना को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, राहुल भगत और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। 6 मार्च 2026 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोडा अंबा के पास हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस दुर्घटना में लोगों के असामयिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि यह समाचार अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है
मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन घड़ी को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए तथा उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी करते हुए प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ करडेगा से कुनकुरी आ रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में एक मासूम बच्चे समेत 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं, 9 अन्य से घायल हैं।
जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त बस अनमोल बस एजेंसी की है। बस में दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। हादसा करडेगा चौकी क्षेत्र के गोड़ाअंबा के पास हुआ, जब बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम घायलों के उपचार में जुटी है। 9 घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे नहीं थम रहे हैं। इसी बीच रायपुर–बिलासपुर नेशनल हाईवे (NH-130) पर भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से यात्री बस को जोरदार टक्कर मार दी, हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा यात्री घायल है। पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार, ये हादसा सिमगा थाना क्षेत्र के दरचूरा गांव के पास सुबह करीब 11 बजे हुआ। बताया जाता है कि, बिलासपुर की ओर जा रही यात्री बस को पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। भीषण टककर में कई यात्री अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।
बस में फंसे यात्रियों को ग्रामीणों ने बाहर निकला। हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई है। वहीं 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही सिमगा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू करते हुए मामले की जांच में जुट गई है।
बीजापुर। बीजापुर से लगभग 15 किलोमीटर दूर नियद नेल्लानार क्षेत्र के ग्राम चेरपाल के छोटे से गांव में रहने वाली सुनीता दीदी की कहानी आज आत्मनिर्भरता और मेहनत की मिसाल बन गई है। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में जीवन बिताने वाली सुनीता दीदी आज स्व सहायता समूह की मदद से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
पहले उनके परिवार की आय केवल खेती और एक छोटी किराना दुकान पर निर्भर थी। कृषि मौसम पर आधारित होने के कारण आय स्थिर नहीं रहती थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घर की आवश्यकताओं को पूरा करना भी कठिन हो जाता था। ऐसे समय में सुनीता दीदी ने गांव के स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह की बैठकों में उन्हें बचत ऋण और स्वरोजगार के बारे में जानकारी मिली।
समूह के माध्यम से नियमित बचत के साथ उन्हें आरएफ से 1500 रुपये, सीआईएफ से 50 हजार रुपये और बैंक लिंकेज से 30 हजार रुपये का ऋण मिला। इस सहायता से उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए कई कार्य शुरू किए।
सबसे पहले उन्होंने खेती को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग कर उन्होंने उत्पादन बढ़ाया, जिससे फसल और सब्जियों से उन्हें सालाना लगभग 52 हजार से 55 हजार रुपये की आय होने लगी। इसके बाद उन्होंने अपने घर के पास स्थित छोटी किराना दुकान को बड़े स्तर पर संचालित करना शुरू किया। गांव के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का सामान उपलब्ध कराने से उनकी दुकान अच्छी चलने लगी और इससे उन्हें सालाना करीब 45 हजार से 50 हजार रुपये की नियमित आय मिलने लगी। इसी के साथ सुनीता दीदी ने गांव में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए महुआ, टोरा सहित अन्य वनोपज का क्रय-विक्रय भी शुरू किया। वे ग्रामीणों से महुआ और टोरा खरीदकर उसे साफ-सफाई के साथ सुरक्षित संग्रहित कर बाजार में अच्छे दामों पर बेचने लगीं, जिससे उन्हें सालाना लगभग 15 हजार से 20 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने लगा।
तीनों कार्यों से उनकी आय लगातार बढ़ती गई। सही योजना, मेहनत और समूह के सहयोग से सुनीता दीदी की वार्षिक आय अब 1 लाख 15 हजार से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक हो गई है। आज सुनीता दीदी न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर चुकी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग, निरंतर मेहनत और स्व सहायता समूह का सहयोग किसी भी महिला को आत्मनिर्भर बना सकता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की बिहान (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना से जुड़कर सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत डिगमा की निवासी रत्ना मजुमदार आज सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग से उन्होंने न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान भी बनाई है।

पारंपरिक खेती को दिया व्यावसायिक रूप
रत्ना मजुमदार बताती हैं कि उनके ससुर पहले से ही छोटे स्तर पर फूलों की खेती करते थे। माँ महामाया स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उन्होंने इस पारंपरिक कार्य को व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। समूह के माध्यम से उन्होंने पहली बार एक लाख रुपये का ऋण लिया और एक एकड़ भूमि में आधुनिक तकनीक से फूलों की खेती शुरू की। मेहनत और लगन के चलते आज वे दो एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक फूलों का उत्पादन कर रही हैं।
आधुनिक तकनीक से बढ़ी उत्पादन क्षमता
रत्ना ने खेती में आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया है। वे उन्नत किस्म के पौधे कोलकाता से मंगवाती हैं, जो मात्र 24 दिनों में फूल देना शुरू कर देते हैं और लगभग तीन महीनों तक लगातार उत्पादन देते हैं। खेतों में ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिससे जल संरक्षण के साथ पौधों को पर्याप्त पोषण भी मिलता है। वर्तमान में वे गेंदा फूल की तीन प्रमुख किस्में-लाल, नारंगी और पीला उगा रही हैं। इसके अलावा सर्दियों के मौसम में चेरी की खेती भी करती हैं।
त्योहारों में बढ़ती मांग से बढ़ता मुनाफा
रत्ना के अनुसार नवरात्रि, शिवरात्रि, रामनवमी और दीपावली जैसे पर्वों के दौरान बाजार में फूलों की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे अच्छी कीमत मिलती है। सामान्य दिनों में दरें कम होने के बावजूद वैज्ञानिक खेती के कारण उन्हें सालभर लाभ मिलता रहता है। उन्होंने समूह से लिया गया ऋण समय पर चुका दिया है और अब अपनी आय का निवेश खेती के विस्तार में कर रही हैं।
सरकारी योजनाओं ने दिया आत्मनिर्भरता का मार्ग
अपनी सफलता का श्रेय रत्ना मजुमदार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को दिया है। उनका कहना है कि बिहान योजना से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिला है। सरकार से मिले ऋण और मार्गदर्शन ने उन्हें नई पहचान दिलाई है। बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन की नई कहानी लिखी जा रही है। रत्ना मजुमदार जैसी स्वावलंबी महिलाएँ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से बड़ी सामने आ रही है। शुक्रवार सुबह अचानक तहसील कार्यालय में भीषण आग लग गयी। जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग तहसील परिसर में स्थित डीएसपी कार्यालय की पुरानी बिल्डिंग की ओर से लगी बताई जा रही है, जो देखते ही देखते तहसीलदार कार्यालय की ओर फैलने लगी।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने सबसे पहले तहसील कार्यालय के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेजों को सुरक्षित बाहर निकलवाया। इसके बाद आग पर काबू पाने के लिए दमकल वाहन के साथ-साथ आसपास के सीमेंट संयंत्रों से भी दमकल गाड़ियों को बुलाया गया।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 5 बजे बलौदाबाजार की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक तहसील भवन में आग लगी। आग लगने से तहसीलदार कार्यालय और रिकॉर्ड रूम के कुछ हिस्से जले हैं।
वहीं मौके पर मौजूद एसडीएम प्रकाश कोरी ने बताया कि रिकॉर्ड रूम पूरी तरह सुरक्षित है और सभी दस्तावेजों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं दमकल विभाग की टीम कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा ली है। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को पराजित कर फाइनल में पहुँचने पर भारतीय क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री साय ने अपने ट्वीट में कहा है कि टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार और जुझारू प्रदर्शन करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को हराकर भव्य अंदाज़ में फाइनल में प्रवेश किया है। यह पूरे देश के लिए गर्व और उत्साह का क्षण है।
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों ने अद्भुत टीमवर्क, साहस और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय देते हुए पूरे देश को गर्व से भर दिया है। यह जीत केवल एक मैच की जीत नहीं, बल्कि हर भारतीय के आत्मविश्वास और तिरंगे की शान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने भारतीय क्रिकेट टीम को फाइनल मुकाबले के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारतीय टीम इसी जज़्बे और प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ते हुए विश्व मंच पर एक नया इतिहास रचेगी।
रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका ने आज रतनपुर पहुंचकर माँ महामाया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ महामाया से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना कर आशीर्वाद लिया।

मंदिर परिसर में राज्यपाल का मंदिर समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष लवकुश कश्यप, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, सहित मोहित जायसवाल एवं माँ महामाया मंदिर समिति के पदाधिकारियों मौजूद थे।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महावीर प्रसाद जैन ने अपने जीवन को समाजसेवा, राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित किया।आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। उस समय उनके द्वारा किया गया त्याग और समर्पण लोकतांत्रिक चेतना के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का परिचायक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जैन का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।
रायपुर: कोरबा नगर विधायक, प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग , सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन शुक्रवार 06 मार्च 2026 को नगर पालिक निगम कोरबा के विभिन्न वार्डों में 3.08 करोड़ रु के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।
मंत्री देवांगन शुक्रवार को दोपहर 3.30 बजे नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन अंतर्गत वार्ड क्रमांक 56 (प्राथमिक शाला आगरखार)में विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत दर्री जोन के 32 शासकीय विद्यालयों में बालक-बालिका शौचालय निर्माण (लागत 1 करोड़ 60 लाख रुपए) तथा दर्री जोन अंतर्गत 21 शासकीय स्कूलों में किचन शेड निर्माण कार्य (लागत 73 लाख रुपए) शामिल हैं।
मंत्री देवांगन सायं 4.30 बजे सरस्वती शिशु मंदिर, सीएसईबी, कोरबा पहुंचकर नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें वार्ड क्रमांक 19 में सीएसईबी के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में भवन निर्माण कार्य (लगभग 25 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 22 में रोड निर्माण एवं शेड निर्माण कार्य ( 10 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 24 नेहरू नगर के मुख्य मार्ग में ग्रीनवेल्ट निर्माण कार्य ( 30 लाख रुपए) तथा वार्ड क्रमांक 21 (पूर्व वार्ड क्रमांक 19) गायत्री यज्ञपीठ सीएसईबी कॉलोनी कोरबा में अतिरिक्त भवन निर्माण एवं जीर्णोंद्धार कार्य (लगभग 10 लाख रुपए) शामिल हैं।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी काम की खबर है, छत्तीसगढ़ गोंदिया– नागपुर की तरफ जाने वाली 13 मेमू ट्रेनें 6 से 8 मार्च तक रद्द कर दी गई है। आपको बता दें कि नागपुर मंडल स्थित समपार फाटक में गर्डर डी लांचिंग कार्य का हवाला देते हुए ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है।
रद्द रहने वाली गाड़ियां
1) गाड़ी संख्या 68721 रायपुर–डोंगरगढ़ मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
2) गाड़ी संख्या 68723 डोंगरगढ़–गोंदिया मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
3) गाड़ी संख्या 68724 गोंदिया– रायपुर मेमू (07 एवं 08 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
4) गाड़ी संख्या 68741 दुर्ग–गोंदिया मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
5) गाड़ी संख्या 68742 गोंदिया–दुर्ग मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) रद्द रहेगी।
6) गाड़ी संख्या 68743 गोंदिया– नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
7) गाड़ी संख्या 68744 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–गोंदिया मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
8) गाड़ी संख्या 68711 डोंगरगढ़–गोंदिया मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
9) गाड़ी संख्या 68713 गोंदिया– नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
10) गाड़ी संख्या 68716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–गोंदिया मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
11) गाड़ी संख्या 68712 गोंदिया–डोंगरगढ़ मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
12) गाड़ी संख्या 68715 बालाघाट– नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
13) गाड़ी संख्या 68714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–बालाघाट मेमू (06 एवं 07 मार्च 2026) को रद्द रहेगी।
बीच मार्ग में नियंत्रित की जाने वाली गाड़ियां
1) गाड़ी संख्या 18109 टाटानगर–इतवारी एक्सप्रेस (06 मार्च 2026) को दुर्ग – बोरतलाव के बीच नियंत्रित किया जाएगा।
2) गाड़ी संख्या 18239 कोरबा–इतवारी एक्सप्रेस (06 मार्च 2026) को दुर्ग – बोरतलाव के बीच नियंत्रित किया जाएगा।
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा-बीजापुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने भैरमगढ़ एरिया कमेटी के 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली को मार गिराया है। मारे गए माओवादी की पहचान एरिया कमेटी सदस्य (ACM) राजेश पुनेम के रूप में हुई है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से SLR और इंसास रायफल समेत बड़ी मात्रा में हथियार और नक्सली सामग्री बरामद की है।





























