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CG – अस्पताल में भर्ती मरीज ने उठाया खौफनाक कदम, इस हाल में मिला युवक, प्रबंधन पर लगा ये आरोप…..

CG – अस्पताल में भर्ती मरीज ने उठाया खौफनाक कदम, इस हाल में मिला युवक, प्रबंधन पर लगा ये आरोप…..

 बिलासपुर। राज्य के एकमात्र शासकीय मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में एक मनोरोगी मरीज ने अस्पताल के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक महासमुंद जिले का निवासी बताया जा रहा है, जो एक दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने कोनी थाना पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला कोनी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, मरीज लखन लाल साव (35) पिता स्व ईश्वर साव निवासी ग्राम बरना जिला महासमुंद बाथरूम में गया और वहां रोशनदान में मछा बांधकर फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि यहां मनोरोगी ऐसे हरकत कर सकते हैं, जिसे लेकर विशेष व्यवस्था बनाई जाती है ताकि वे अपने आप को नुकसान न पहुंचा सकें। इससे पहले भी यहां इस तरह की घटना हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री मुन्ना लाल निर्मलकर ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के संचालन पर हर साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन मरीजों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यही एकमात्र शासकीय मानसिक चिकित्सालय है, जहां अलग-अलग जिलों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है, जिससे इस तरह की घटना हो गई।

इस संबंध में कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने बताया कि महासमुंद से आया मरीज लखन लाल साव कल बुधवार को इलाज के लिए मानसिक चिकित्सालय में भर्ती हुआ था। उसने पहले भी दो–तीन बार सुसाइड अटेम्प्ट किया था। मरीज के साथ टेंडर के रूप में उसकी पत्नी थी। मरीज और उसकी पत्नी का मोबाइल को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद मरीज की पत्नी मोबाइल से बात करने लगी। इस बीच बाथरूम में जाकर मरीज ने फांसी लगा ली। घटना में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बस्तर में होगा ‘वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जारी करेंगे महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त….

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बस्तर में होगा ‘वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जारी करेंगे महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त….

 रायपुर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर बस्तर जिले में ‘वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे और सम्मेलन के दौरान प्रदेश की महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त जारी करेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे।इस गरिमामय आयोजन में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं  अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा वन मंत्री  केदार कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक तथा विभिन्न आयोगों और मंडलों के पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित यह सम्मेलन मातृशक्ति के सम्मान, महिला सशक्तिकरण तथा महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर विभागीय स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा पोषण संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना के तहत 25वीं किस्त जारी होने के बाद अब तक कुल 16 हजार 237 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित हो जाएगी।

इस योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान दे पा रही हैं। यह योजना महिलाओं के आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
साबित हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान बस्तर संभाग में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटी नक्सली महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विशेष पहल की जाएगी। इन महिलाओं को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से ब्याजमुक्त एक-एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को ‘लक्ष्मी-सखी मिलेट किट’ भी प्रदान की जाएगी। इन महिलाओं को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से मिलेट (मोटे अनाज) आधारित खाद्य उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे इन उत्पादों के निर्माण और बिक्री के माध्यम से स्वरोजगार प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला यह वृहद सम्मेलन महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं, स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही शामिल होंगी। यह आयोजन प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।

 

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी - मुख्यमंत्री साय

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी - मुख्यमंत्री साय

 00 छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से बना रही हैं नई पहचान

00 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रायपुर में लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में लखपती दीदियों से किया आत्मीय संवाद

रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और हमारी सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन आज प्रदेश की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शासन का लक्ष्य लखपति दीदियों को और अधिक सशक्त बनाकर गांव की प्रत्येक महिला को लखपति बनाना और भविष्य में लखपति ग्राम का निर्माण करना है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में 10 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के लोगों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है और इनके निर्माण में बिहान की दीदियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है तथा इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना शुरू कर उन्हें देश-प्रदेश के व्यावसायिक केंद्रों और शक्ति पीठों का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों का निर्माण, आंगनबाड़ी संचालन और पोषण योजनाओं के लिए भी इस वर्ष के बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए रानी दुर्गावती योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी लखपति दीदियों से पूरे प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रेरणा मिल रही है और अब हमारा लक्ष्य लखपति दीदियों को करोड़पति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई बकरी पालन क्लस्टर परियोजना से प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू से स्व-सहायता समूहों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में माताओं-बहनों की बड़ी भूमिका होगी। आज महिलाएं गांवों में सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराने से लेकर ड्रोन उड़ाने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। एक नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार और पूरा समाज शिक्षित होता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया और लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि महिलाओं को लखपति बनाना संभव नहीं है, लेकिन आज प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये महिलाएं लखपति से करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की लखपति दीदी राजकुमारी कश्यप ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके क्षेत्र में बाइक से आना-जाना भी कठिन था, लेकिन आज वह लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती पर निर्भर है और मुर्गीपालन से उन्हें सालाना 6-7 लाख रुपये की आय हो रही है।
बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर सिलाई मशीन से काम शुरू किया और बाद में उन्हें सरकार की पहल से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग मिली। आज वह अपने क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं। जशपुर जिले की लखपति दीदी अनिता साहू ने बताया कि वह ईंट निर्माण का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समूह की साप्ताहिक बैठक में 10 रुपये जमा करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था, लेकिन आज वह लखपति बन चुकी हैं।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग एक लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, सचिव  भीम सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त  महादेव कावड़े, कलेक्टर  गौरव सिंह, मिशन संचालक  अश्वनी देवांगन सहित बड़ी संख्या में लखपति दीदियां और स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।



 

विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केन्द्र बन रहा छत्तीसगढ़, वर्ष 2025 में 820 विदेशी पर्यटकों ने की छत्तीसगढ़ की यात्रा

विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केन्द्र बन रहा छत्तीसगढ़, वर्ष 2025 में 820 विदेशी पर्यटकों ने की छत्तीसगढ़ की यात्रा

 रायपुर। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, घने वन, झरनों की कलकल ध्वनि और ऐतिहासिक धरोहरों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। वर्ष 2025 के दौरान कुल 820 विदेशी पर्यटकों ने छत्तीसगढ़ की यात्रा की, जो यह संकेत देता है कि राज्य की अनछुई प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विविधता विदेशी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा विकसित की जा रही आधुनिक पर्यटन सुविधाएँ तथा बेहतर होती सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाओं को और मजबूत कर रही है।

छत्तीसगढ़ को 'पर्यटकों का स्वर्गÓ कहा जाता है, क्योंकि यहाँ प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे भव्य जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, सिरपुर और रतनपुर जैसे ऐतिहासिक-धार्मिक स्थल, बस्तर की अद्वितीय जनजातीय परंपराएँ और लोकनृत्य, सरगुजा के पर्वतीय क्षेत्र तथा जशपुर की शांत और हरित वादियाँ विदेशी सैलानियों को एक अलग अनुभव प्रदान करती हैं। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ उन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है, जो प्रकृति के करीब रहकर स्थानीय संस्कृति को समझना चाहते हैं।

विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केन्द्र बन रहा छत्तीसगढ़

राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना, होटल और होम-स्टे सुविधाओं का विस्तार, पर्यटक मार्गदर्शकों का प्रशिक्षण, डिजिटल प्रचार-प्रसार तथा बुनियादी सुविधाओं के विकास जैसे प्रयासों से पर्यटकों को अधिक सुगम और सुरक्षित अनुभव मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में ग्रामीण पर्यटन, ईको-टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
बस्तर क्षेत्र विदेशी सैलानियों के लिए अत्यंत संभावनाशील पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यहाँ के प्राकृतिक जलप्रपात, घने वन, राष्ट्रीय उद्यान, आदिवासी जीवन शैली और प्रसिद्ध बस्तर दशहरा जैसे सांस्कृतिक आयोजन विश्वभर के पर्यटकों के लिए अनूठा अनुभव प्रस्तुत करते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, चित्रकोट जलप्रपात की भव्यता और तीरथगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता बस्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान देते हैं। चित्रकोट फॉल्स के पास तीर्था गांव में प्रीमियम लक्जरी टेंट सिटी प्रस्तावित है। चित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट नामक एक व्यापक प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट को एक वैश्विक स्तर की प्रकृति और संस्कृति गंतव्य के रूप में पुनर्विकसित करना है। राज्य सरकार की इन योजनाओं से बस्तर आने वाले वर्षों में विदेशी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा।
बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव भी पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण निर्मित हो रहा है। बेहतर सुरक्षा, सड़क संपर्क और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से न केवल देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों का विश्वास भी बढ़ रहा है। इससे आने वाले समय में बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की मेंटर एवं हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक सुश्री किर्सी ह्यवैरिनेन की बस्तर की छह दिवसीय यात्रा ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय समुदायों की जीवन शैली की सराहना करते हुए इसे विश्व के लिए एक अनूठा पर्यटन अनुभव बताया। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय यात्राएँ और सकारात्मक अनुभव विदेशों में छत्तीसगढ़ की छवि को और मजबूत करेंगे तथा भविष्य में अधिक विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने में सहायक होंगे।
सरगुजा और जशपुर क्षेत्र भी विदेशी सैलानियों के लिए अपार संभावनाएँ समेटे हुए हैं। सरगुजा के पर्वतीय वन क्षेत्र, मैनपाट का शांत और मनोहारी वातावरण, जशपुर की हरित घाटियाँ तथा वहाँ की प्राकृतिक जैव विविधता प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करती है। इन क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाएँ भी तेजी से विकसित हो रही हैं, जिससे विदेशी पर्यटकों के लिए नए अनुभवों के द्वार खुल रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार, पर्यटन मेलों में भागीदारी, डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रचार तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास जैसे कई कदम उठा रही है। साथ ही, स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और पारंपरिक उत्सवों को पर्यटन से जोड़कर छत्तीसगढ़ को एक विशिष्ट सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ विदेशी सैलानियों के लिए एक नया और आकर्षक पर्यटन केंद्र बनेगा। प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता, बेहतर होती सुविधाएँ और सुरक्षित वातावरण मिलकर राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

 

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सुश्री दर्शना सिंह से बातचीत की। मुख्यमंत्री साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।मुख्यमंत्री साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

अग्रसेन महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस वूमेन सेफ्टी और लीगल अवेयरनेस पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया

अग्रसेन महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस वूमेन सेफ्टी और लीगल अवेयरनेस पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया

रायपुर :- यह दिन हमें महिलाओं के अद्भुत योगदान और उनके संघर्षों को याद दिलाता है। जैसा कहा गया है कि नारी कभी कमजोर नहीं होती, बस उसका संघर्ष अलग होता है। महिला दिवस के अवसर पर पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस वूमेन सेफ्टी और लीगल अवेयरनेस पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में प्रिया राव ने समाज में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और उसके विरुद्ध बने अधिकारों नियमों के बारे में छात्रों को बताया साथ ही कहा कि महिलाओं को राजनैतिक सामाजिक और आर्थिक रूप से ही सशक्त नहीं होना है आज के अनुसार डिजिटल अरेस्ट,सोशल हरासमेंट,वर्चुअल असॉल्ट की जानकारी और उससे बचने के तरीके का ज्ञान होना जरूरी है। इस आयोजन  महाविद्यालय के निर्देशक डॉ व्ही के अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं को सशक्तिकरण की जरूरत नहीं होती वह खुद में स्वावलंबीऔर सशक्त होती है वह संसार की सृजनकर्ता कहलाती है उन्हें सुरक्षा देना समाज की जिम्मेदारी है।दूसरी प्रमुख वक्ता के रूप में आई इंस्पेक्टर प्रियंका शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए अपने जीवंत अनुभव को छात्रों में साझा किया बताया कि महिलाएं किस किस प्रकार से अत्याचार का शिकार होती है काम काजी महिलाओं के साथ कार्यक्षेत्र में होने वाले अत्याचार के बारे में जानकारी दी और आज के समय में  हो रहे साइबर क्राइम,डार्क वेव जैसे क्राइम के बारे में बताया साथ जरूरी अधिनियम और एक्ट के बारे में बताया।महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ अमित अग्रवाल ने कहा कि सशक्त नारी से सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
संगोष्ठी के अंत में समाज में अलग अलग क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले महिलाओं को सम्मानित किया गया 
शिक्षा के क्षेत्र में डॉ हेमलता बोरकर  ,  पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षा यादव, समाजकार्य के लिए मिथिला अग्रवाल,और वैकल्पिक चिकित्सा के क्षेत्र में नीलिमा अग्रवाल को सम्मानित किया गया।
 महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ यूलेंद्र राजपूत ने सभी का आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग की प्राध्यापक देविका परमार ने किया और कार्यक्रम प्रभारी समाजकार्य विभाग के विभागाध्यक्ष मो रफीक खान ने रहे।इस अवसर पर सभी महिला स्टाफ को फूल बूके देकर सम्मानित किया गया।संगोष्ठी में प्राचार्य सहित अन्य विभाग के विभागाध्यक्ष और प्राध्यापक उपस्थित रहे.

 

 

बिहान योजना ने सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान, आजीविकामूलक गतिविधियों से मिली फर्श से अर्श तक की मंजिल

बिहान योजना ने सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान, आजीविकामूलक गतिविधियों से मिली फर्श से अर्श तक की मंजिल

 लेखक - धनंजय राठौर, सुरेन्द्र ठाकुर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क 

रायपुर। सगो तेता स्व-सहायता समूह और बिहान से जुड़कर न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि अपने स्वाभिमान और आत्मविश्वास को भी नई पहचान दी है। आज कांकेर जिला के गांव ग्राम गढ़पिछवाड़ी की अन्य महिलाएं भी उनसे प्रेरणा लेकर आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं। तेता ने अपनी इस सफलता का श्रेय भारत सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना और छत्तीसगढ़ शासन की पहल बिहान को देते हुए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और ‘लखपति दीदी’ बनने का अवसर प्रदान किया है। बिहान योजना ने सगो तेता के जीवन में  नवा बिहान ला दिया।

बिहान योजना ने श्रीमती सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान

सगो तेता ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पृथक् पहचान बना चुकी

कुछ कर गुजरने का जुनून और उस इच्छाशक्ति को शासन की छोटी सी मदद मिल जाए, तो कामयाबी की बुलंदी को फर्श से अर्श तक पहुंचने में देर नहीं लगती। कांकेर जिले की महिलाएं शासन के सहयोग से प्रशिक्षण तथा सहायता प्राप्त कर अपने हुनर को अंजाम दे रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम गढ़पिछवाड़ी की आदिवासी महिला सगो तेता आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पृथक् पहचान स्थापित कर चुकी हैं। उनकी कामयाबी यह साबित करती है कि मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और उचित अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी खुद के दम पर अपने समूह, परिवार और समाज के लिए मिसाल कायम कर सकती हैं।

बिहान योजना ने श्रीमती सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान

समूह ने बढाया आगे सगो को

एक समय था जब आर्थिक तंगी के कारण सगो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरी करने के लिए भी दूसरों का मुंह ताकना पड़ता था। आजीविका के एकमात्र साधन के रूप में खेती-बाड़ी तो थी, लेकिन सीमित संसाधनों और पारंपरिक तरीकों के कारण आय बहुत कम होती थी। वहीं बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों की चिंता उन्हें अक्सर परेशान करती थी। इसी दौरान उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ की जानकारी मिली। इससे प्रेरित होकर सगो बाई ने गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर गायत्री स्व-सहायता समूह बनाया, जिसमें 10 महिलाएं शामिल हैं।

बिहान योजना ने श्रीमती सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान

खेतों में द्विफसली सिंचाई की मिली सुविधा

समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बिहान के अंतर्गत 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश राशि प्राप्त हुई, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दे दी। सगो तेता बताती हैं कि पहले उनके खेत में मोटरपंप (बोरवेल) नहीं था, जिसके कारण खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी और साल में धान की केवल एक ही फसल ले पाती थीं।  फिर उन्होंने स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर अपने खेत में बोर करवाया, जिससे अब उन्हें सिंचाई की सुविधा मिल गई है। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि अब वे अपने खेतों में साल में दोनों फसलें (खरीफ और रबी) ले रही हैं, जिससे उनकी आय में काफी वृद्धि हुई है।

बिहान योजना ने श्रीमती सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान

आजीविकामूलक गतिविधियों ने बनाई लखपति दीदी

इसके साथ ही सगो बाई ने कई आजीविकामूलक गतिविधियां भी शुरू कीं। उन्होंने मशरूम पालन, छेना (कंडा) निर्माण, गोबर से जैविक खाद तैयार करना, रुई से तकिये बनाना, सब्जी उत्पादन, ईंट निर्माण और कपड़ों के विक्रय जैसे कार्य प्रारंभ किए। उनकी सतत् मेहनत रंग लाई और आज वे इन अलग-अलग गतिविधियों से प्रतिमाह लगभग 18 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसी निरंतर आय और बचत के कारण पूरे क्षेत्र में वह आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जा रही हैं।

जीवन में आया बड़ा बदलाव, महतारी वंदन योजना का भी मिल रहा लाभ

लखपति दीदी सगो तेता बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इसी आय के सहारे उन्होंने अपने तीनों बच्चों की पढ़ाई करवाई, साथ ही अपने दो बच्चों की शादी भी करवा ली है। इसके बाद अब वे अपनी आजीविका से होने वाली आय से अपनी छोटी बेटी की शादी करने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह महतारी वंदन योजना का भी लाभ ले रही हैं, जिससे मिली रकम को वह बेटी के विवाह में किसी बड़े खर्च के लिए बचत कर रही हैं।

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

 ग्राम पंचायत बुड़ार में स्वच्छता की अलख जगाकर बनीं प्रेरणा स्रोत

रायपुर, 07 मार्च 2026 :- महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, एकता हो और समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, तो सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाया जा सकता है। आज कोरिया जिले  के अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल अपने गाँव में स्वच्छता की एक मिसाल बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इनका यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन के  उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी मेहनत यह संदेश देती है कि संकल्प, सहयोग और निरंतर प्रयास से गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

कोरिया जिले में जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडार की चार महिलाएँ अपने अथक समर्पण, मेहनत और एकजुटता के कारण पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। ग्राम पंचायत में रहने वाली अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने ग्राम पंचायत में प्रेरणा का एक नया माहौल बनाया है। ये महिलाएँ पिछले लगभग तीन वर्षों से स्वच्छता दीदी के रूप में लगातार कार्य कर रही हैं और गाँव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

सप्ताह में दो बार करती हैं कचरा कलेक्शन

स्वच्छता दीदी बनकर ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को गाँव के घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करती हैं। वे लोगों को समझाती हैं कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने से गाँव स्वच्छ रहता है और कचरे का सही प्रबंधन संभव होता है।

चुनौती से मानक तक का सफर

कार्य के प्रारंभिक दिनों में इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गाँव के बहुत से लोग कचरा अलग-अलग देने के लिए तैयार नहीं थे और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी कम थी। लेकिन इन महिलाओं ने धैर्य, मेहनत और निरंतर प्रयास से घर-घर जाकर लोगों को समझाया। धीरे-धीरे ग्रामीणों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया और अब गाँव के प्रत्येक रहवासी नियमित रूप से कचरा देने लगे हैं। जिससे गांव में स्वच्छता का माहौल बना है।

छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिणाम

अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से उन्हें कबाड़ी का काम करने वाले व्यवसायी से भी जोड़ा गया, जिससे वे सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रही हैं। इस कार्य से प्रत्येक महिला को लगभग 2 से 3 हजार रुपए प्रति माह की आय प्राप्त होती है। अब तक ये चारों महिलाएँ मिलकर लगभग 2.5 लाख से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ी है। इन महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी आपसी एकता और संगठन है, जिसके कारण वे मिल-जुलकर अपने कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं।

अब ई-रिक्शा से ले रही हैं काम

इनके लगातार प्रयासों और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को एक ई-रिक्शा भी प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें कचरा संग्रहण के कार्य में काफी सुविधा मिल रही है। इस ई-रिक्शा के माध्यम से अब वे आसानी से घर-घर से कचरा एकत्र कर पाती हैं और अपने कार्य को और अधिक प्रभावी तरीके से कर रही हैं। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सुशासन से हम महिलाएं सशक्त हुई हैं.

महतारी गौरव वर्ष’ : महिला सशक्तिकरण के नवयुग की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़

महतारी गौरव वर्ष’ : महिला सशक्तिकरण के नवयुग की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़

 रायपुर, 07 मार्च 2026 :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह पहल केवल एक औपचारिक घोषणा नहीं है, बल्कि महिलाओं को राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में स्थापित करने का सशक्त संकल्प है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

विश्वास से निर्माण और अब गौरव की ओर
मुख्यमंत्री  साय ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष को ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में शासन-प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना को समर्पित किया। इसके बाद दूसरे वर्ष को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति दी गई। अब तीसरा वर्ष ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में माताओं और बहनों को समर्पित किया गया है, जिसमें राज्य की अधिकांश योजनाओं का केंद्रबिंदु महिलाएं होंगी। यह क्रम सरकार की संवेदनशील और समावेशी विकास की सोच को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

महतारी वंदन योजना : आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा का आधार
छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना आज महिला सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। इस योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है। अब तक 15 हजार 595 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से महिलाओं को दी जा चुकी है। हाल ही में 24वीं किस्त के रूप में 68 लाख से अधिक महिलाओं को 641 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई।यह नियमित आर्थिक सहयोग महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। कई महिलाएं इस राशि को केवल घरेलू खर्च तक सीमित न रखकर स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों में निवेश कर रही हैं।

संघर्ष से स्वावलंबन तक

संघर्ष से स्वावलंबन तक : रोहनी पटेल की प्रेरक कहानी
बालोद जिले के ग्राम खैरडीह की रोहनी पटेल इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। पति की असमय मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। घर में वृद्ध सास की देखभाल और कॉलेज में पढ़ रहे दो बच्चों की पढ़ाई की चिंता उनके लिए बड़ी चुनौती थी।ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। योजना से मिलने वाली राशि को उन्होंने सावधानीपूर्वक बचत कर अपने खेत में सब्जी उत्पादन का कार्य शुरू किया। बीज, खाद और कृषि सामग्री की व्यवस्था कर उन्होंने पूरी मेहनत से खेती की।
आज रोहनी पटेल अपने खेत में उगाई गई ताजी सब्जियों को स्थानीय बाजारों में बेचकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई भी निर्बाध रूप से जारी है। उनका यह प्रयास गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुका है।

महिला सशक्तिकरण के नवयुग की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़

बिहान से बदली जिंदगी : ‘लखपति दीदी’ बनीं माहेश्वरी यादव
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कोरदा की माहेश्वरी यादव भी महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल हैं। पहले उनका जीवन सामान्य गृहिणी की तरह घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित था। लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया।
समूह के सहयोग और परिवार के समर्थन से उन्होंने गांव में एक छोटी किराना दुकान शुरू की। अपनी मेहनत और बेहतर प्रबंधन के बल पर यह दुकान धीरे-धीरे गांव में भरोसेमंद केंद्र बन गई। आज इस दुकान से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये की आय हो रही है और वे ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इससे उनके बच्चों की शिक्षा और परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

आधुनिक तकनीक से नई पहचान : ‘ड्रोन दीदी’ सुश्री सीमा वर्मा

आधुनिक तकनीक से नई पहचान : ‘ड्रोन दीदी’ सुश्री सीमा वर्मा
बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र की सुश्री सीमा वर्मा ने भी यह साबित किया है कि अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर महिलाएं आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकती हैं।
स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने पहले मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया और बाद में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया।
आज सीमा वर्मा किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव कर रही हैं और इस कार्य से उन्हें सम्मानजनक आय प्राप्त हो रही है। गांव में लोग उन्हें स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानते हैं।

बजट में महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8 हजार 245 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।
आंगनबाड़ी एवं पोषण योजनाओं के लिए 2 हजार 320 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये, मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़ रुपये तथा रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त 750 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये और 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह बजटीय प्रावधान महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा की सुदृढ़ व्यवस्था
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने प्रभावी तंत्र विकसित किया है। वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के माध्यम से संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

स्वावलंबन से नेतृत्व तक
प्रदेश में 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों को रियायती ऋण प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। रेडी-टू-ईट कार्य महिला समूहों को सौंपे जाने से उन्हें स्थायी आय का स्रोत मिला है। इसके साथ ही डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा, सिलाई मशीन सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना और लखपति दीदी जैसी पहलें महिलाओं को नए आजीविका अवसर प्रदान कर रही हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त आधारशिला
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से राज्य को समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य तत्व माना गया है।
‘महतारी गौरव वर्ष’ केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का व्यापक अभियान है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के सम्मान, आत्मविश्वास और नेतृत्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आया है। आज प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता, नवाचार और नेतृत्व के साथ विकास की नई कहानी लिख रही हैं। यही सशक्त मातृशक्ति विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला बनेगी।

छत्तीसगढ़ में 9 आईपीएस अधिकारियों की हुई वेतन वृद्धि

छत्तीसगढ़ में 9 आईपीएस अधिकारियों की हुई वेतन वृद्धि

 रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह विभाग ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन सुधार की दिशा में कदम उठाते हुए 9 आईपीएस अफसरों को वेतनवृद्धि प्रदान की है। यह कदम उन अधिकारियों की सेवाओं और विभागीय जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण को मान्यता देने के उद्देश्य से लिया गया है। वेतनवृद्धि प्राप्त करने वाले अधिकारियों में आईपीएस उमेश चौधरी, मनोज कुमार खिलारी, रवि कुमार कुर्रे, सुरजन राम भगत, दर्शन सिंह मरावी, झाडूराम ठाकुर, प्रफुल्ल कुमार ठाकुर, विजय कुमार पाण्डेय और सुनील शर्मा शामिल हैं। गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह वेतनवृद्धि उनकी कार्यकुशलता, समय पर कर्तव्यों का निर्वहन और विभागीय प्रशासन में उत्कृष्ट योगदान को ध्यान में रखकर दी गई है।

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होली पर किसानों के खातों में राशि अंतरण से दोगुनी हुई तिहार की खुशी -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

होली पर किसानों के खातों में राशि अंतरण से दोगुनी हुई तिहार की खुशी -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0-बिरगांव होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी होली की शुभकामनाएं 

 रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम नगर निगम बिरगांव में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को रंगों के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस वर्ष होली का उत्साह प्रदेश में और भी अधिक है, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों के खातों में धान उपार्जन के अंतर की राशि अंतरित की गई है। इससे किसानों के परिवारों में खुशी का माहौल है और त्यौहार की रौनक दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि ही राज्य की समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। यह त्योहार समाज में एकता, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है तथा लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की मंशानुरूप प्रदेश में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अंचल में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, विकास और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक मंडली द्वारा प्रस्तुत मनमोहक फाग गीत का आनंद लिया। साथ ही विधायक  अनुज शर्मा की प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने भी खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने पिचकारी चलाकर रंगों की बौछार की और लोगों के साथ होली की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक  मोतीलाल साहू, विधायक  पुरंदर मिश्रा, योगेश साहू, निशक्तजन आयोग के अध्यक्ष  लोकेश कावडिय़ा, सीआईडीसी अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम, उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शंशाक शर्मा, पूर्व विधायक एवं आरडीए अध्यक्ष  नंदे साहू, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष  मिर्जा एजाज बेग, श्रीरमेश ठाकुर,  भागीरथी यादव, मनोज जोशी सहित बिरगांव नगर निगम के पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे। 

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री  साय ने वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, डायमंड सिंह ध्रुव, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया को उनकी उल्लेखनीय सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन होनहार बेटे-बेटियों की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह दिखाती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन युवाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे लखपति दीदियों से संवाद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे लखपति दीदियों से संवाद

 0-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रायपुर में आयोजित होगा 'लखपति दीदी संवाद' कार्यक्रम 

 रायपुर-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' द्वारा 7 मार्च 2026 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में 'लखपति दीदी संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर प्रदेश भर से हजारों लखपति दीदियां कार्यक्रम में भाग लेंगी।  मुख्यमंत्री साय इन महिलाओं से संवाद करते हुए उनकी सफलता की कहानियां सुनेंगे और शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम महिलाओं के आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के करकमलों से लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया जाएगा। इसके साथ ही 'लखपति दीदी ग्राम पोर्टल' का शुभारंभ भी किया जाएगा। इन प्रकाशनों के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता की प्रेरक यात्राओं को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश भर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित करेगा और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा। 

 एनजीओ बेटर भारत ने पूरे किए 100 रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविर

एनजीओ बेटर भारत ने पूरे किए 100 रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविर

रायपुर: स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ बेटर भारत (आरोग्यवंदना मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 100 रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविरों का सफल आयोजन पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता और जीवनरक्षक रक्तदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

एनजीओ बेटर भारत वर्ष 2020 से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सक्रिय है और कैंसर, हृदय रोग तथा न्यूरोलॉजिकल जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए जागरूकता, काउंसलिंग और अस्पतालों के साथ सहयोग के माध्यम से सहायता प्रदान करता रहा है।

संस्था ने मार्च 2025 में अपने प्रमुख अभियान “रक्तदान महादान” की शुरुआत की थी। यह अभियान स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

इस पहल की शुरुआत कुछ सहयोगी मित्रों के साथ और बिना किसी औपचारिक टीम के की गई थी। लेकिन एक वर्ष के भीतर यह अभियान एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है।

आज संस्था के साथ 5 समर्पित कर्मचारी और 100 से अधिक स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं, जो रक्तदान शिविरों के आयोजन, अस्पतालों एवं ब्लड बैंकों के साथ समन्वय और समाज के लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।

इन शिविरों के माध्यम से सैकड़ों लोगों ने न केवल रक्तदान किया, बल्कि मुफ्त स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श का भी लाभ उठाया, जिससे कई लोगों को समय रहते स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी मिल सकी।

वर्तमान में बेटर भारत की गतिविधियां 4 शहरों तक फैल चुकी हैं, जहां स्थानीय संस्थाओं, अस्पतालों और स्वयंसेवकों के सहयोग से नियमित रूप से रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि 100 शिविरों की यह उपलब्धि समाज के सहयोग और स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

उन्होंने कहा,
“रक्तदान किसी भी व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला सबसे सरल और सबसे बड़ा जीवनदान है। हमारा प्रयास है कि समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति विकसित हो और हर जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।”

एनजीओ बेटर भारत आने वाले समय में और अधिक शहरों में रक्तदान शिविरों और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों का विस्तार करने की योजना बना रहा है तथा समाज, अस्पतालों और कॉरपोरेट संस्थाओं से इस अभियान से जुड़ने की अपील भी की है।
नवसृजन मंच द्वारा 15 मार्च को 'छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान' समारोह

नवसृजन मंच द्वारा 15 मार्च को 'छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान' समारोह

 प्रदेशभर की 51 महिलाओं एवं 11 स्वसहायता समूहों का होगा सम्मान

 रायपुर। प्रदेश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था नवसृजन मंच, छत्तीसगढ़ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 15 मार्च को छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 51 महिलाओं को छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 11 महिला स्वसहायता समूहों को महतारी गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। नवसृजन मंच द्वारा यह आयोजन विगत कई वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। इस सम्मान के लिए प्रदेशभर से विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, खेलकूद, चिकित्सा, पत्रकारिता, पुलिस सेवा, साहसिक कार्य, महिला उद्यमिता, विज्ञान, प्रशासनिक सेवा, समाज सेवा, राजनीति, विधि, सौंदर्य, धार्मिक एवं अन्य क्षेत्रों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। प्राप्त सैकड़ों प्रविष्टियों में से चयन समिति द्वारा 51 प्रबुद्ध महिलाओं का चयन छत्तीसगढ़ महतारी अलंकरण सम्मान हेतु किया गया है। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा एवं कार्यकारी अध्यक्ष देवाशीष मुखर्जी ने बताया कि नवसृजन मंच की महिला कार्यक्रम प्रभारी पदमा शर्मा, मनीषा सिंह एवं डॉ. रश्मि चावरे की टीम चयन समिति के रूप में प्राप्त प्रविष्टियों को अंतिम रूप दे रही है। इस सम्मान हेतु बस्तर, जशपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, अंबिकापुर,महासमुंद ,धमतरी, नारायणपुर ,दंतेवाड़ा,कबीरधाम एवं अन्य जिलों सहित राजधानी रायपुर से आवेदन प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम का आयोजन पारंपरिक छत्तीसगढ़ी स्वरूप में किया जाएगा, जिसमें सम्मानित महिलाओं को रुपिया माला (छत्तीसगढ़ की पारंपरिक सिक्कों की माला), स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 महिला स्वसहायता समूहों को भी महतारी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह 15 मार्च, सायं 5 बजे, वृंदावन हॉल, सिविल लाइन, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में नवसृजन मंच के कांतिलाल जैन, किशोर महानंद, विनय शर्मा, डॉ. यूलेंद्र राजपूत, राजेश साहू, नरेश नामदेव, मनोज जैन एवं डॉ. तृष्णा साहू सहित अन्य प्रमुखजन सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।  

जलसंसाधन विभाग के 5 विकास कार्यों के लिए लगभग 29 करोड़ की राशि स्वीकृत

जलसंसाधन विभाग के 5 विकास कार्यों के लिए लगभग 29 करोड़ की राशि स्वीकृत

 00 वनांचल के सिंचाई क्षमता में होगी बढ़ोतरी, पर्यटकों को भी मिलेगी सुविधाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जलसंसाधन विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के 5 विकास कार्यों के लिए कुल 28 करोड़ 85.लाख 83 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है, जिससे प्रदेश के वनांचल में सिंचाई क्षमता में वृद्धि के साथ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी।

जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्वीकृत कार्यो में कोरिया (मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर) जिले के विकासखण्ड-वैकुण्ठपुर की हुंडिका (हुडि़का) जलाशय योजना का निर्माण (विस्तारीकरण) कार्य के लिए 1649.59 लाख (रूपये सोलह करोड़ उनचास लाख उनसठ हजार) रुपए की प्रदान की गई है। इसी प्रकार मुंगेली जिले के विकासखण्ड- लोरमी अंतर्गत मनियारी (खुडिय़ा) जलाशय का सौदर्यीकरण, वाटर स्पोर्ट सेंटर पार्क, पिकनिक स्पॉट का निर्माण, रेस्ट हाऊस/निरीक्षण गृह का उन्नयन तथा बांध के ऊपर सी.सी. रोड का निर्माण एवं रेलिंग का कार्य के लिए 376.04 लाख (रूपये तीन करोड़ छिहत्तर लाख चार हजार) रुपए, मुंगेली जिले के ही विकासखण्ड-मुंगेली के ग्राम करही/धरमपुरा में स्थित शासकीय भूमि में संभागीय कार्यालय एवं दो उपसंभागीय कार्यालय तथा कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी हेतु आवासीय भवन निर्माण कार्य हेतु 279.18 लाख (रूपये दो करोड़ उन्यासी लाख अट्ठारह हजार) रूपए की स्वीकृति जलसंसाधन विभाग द्वारा दी गई है। 

इसी तरह बस्तर जिले के विकासखण्ड-बकावण्ड की उलनार जलाशय शीर्ष कार्य एवं नहर मरम्मत एवं नहर लाईनिंग कार्य हेतु 300.38 लाख (रुपए तीन करोड़ अड़तीस हजार) रुपए एवं कांकेर जिले के विकासखण्ड-अंतागढ़ के मड़पा-निरूल नाला में फूलसिंग के खेत के पास स्टापडेम निर्माण कार्य हेतु 280.62 लाख (रूपये दो करोड उनसठ लाख उनसठ हजार) रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जलसंसाधन विभाग द्वारा प्रदान की गई है।

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा, लापरवाही पर कार्रवाई और ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा, लापरवाही पर कार्रवाई और ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (PWD) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल तकनीकी कार्य नहीं है, बल्कि यह आम जनता की सुविधा और सरकार की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। यदि सड़क कुछ ही वर्षों में खराब हो जाती है तो इससे सरकार की छवि प्रभावित होती है।

बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही बनाई गई थी, लेकिन इसकी स्थिति तेजी से खराब हो गई है। उन्होंने इस मामले की गंभीर जांच के निर्देश देते हुए भविष्य में निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की सख्त निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन आम लोगों को इनकी जानकारी नहीं मिल पाती। इसलिए बड़ी सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के हाथों से कराए जाएं तथा इन कार्यों को व्यापक रूप से जनता के सामने लाया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम दर यानी बिलो रेट पर टेंडर हासिल कर लेते हैं, जिसके कारण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे गांवों को सड़क और पुल-पुलियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।

बैठक में लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़–मिलूपारा–तमनार मार्ग के निर्माण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 सहित कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि प्रदेश में शासकीय भवनों का निर्माण आधुनिक डिजाइन और नई तकनीक के आधार पर किया जाए। उन्होंने भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल के बजाय वर्टिकल संरचना को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, राहुल भगत और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

जशपुर बस दुर्घटना पर सीएम साय ने जताया गहरा दुःख, घायलों के समुचित उपचार के दिए निर्देश

जशपुर बस दुर्घटना पर सीएम साय ने जताया गहरा दुःख, घायलों के समुचित उपचार के दिए निर्देश

 रायपुर। 6 मार्च 2026 :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोडा अंबा के पास हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस दुर्घटना में लोगों के असामयिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि यह समाचार अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है

 

मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन घड़ी को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए तथा उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी करते हुए प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Big Accident : छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर: यात्री बस पलटी, 6 लोगों की मौत

Big Accident : छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर: यात्री बस पलटी, 6 लोगों की मौत

 जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ करडेगा से कुनकुरी आ रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में एक मासूम बच्चे समेत 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं, 9 अन्य से घायल हैं।

जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त बस अनमोल बस एजेंसी की है। बस में दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। हादसा करडेगा चौकी क्षेत्र के गोड़ाअंबा के पास हुआ, जब बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।

राहत और बचाव कार्य जारी

 हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम घायलों के उपचार में जुटी है। 9 घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

 

Accident : छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा; बस-ट्रक में जबरदस्त भिड़ंत, 4 लोगों की मौत, 12 घायल

Accident : छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा; बस-ट्रक में जबरदस्त भिड़ंत, 4 लोगों की मौत, 12 घायल

 बलौदाबाजार।  छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे नहीं थम रहे हैं। इसी बीच रायपुर–बिलासपुर नेशनल हाईवे (NH-130) पर भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से यात्री बस को जोरदार टक्कर मार दी, हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा यात्री घायल है। पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश कर रही है।

जानकारी के अनुसार, ये हादसा सिमगा थाना क्षेत्र के दरचूरा गांव के पास सुबह करीब 11 बजे हुआ। बताया जाता है कि, बिलासपुर की ओर जा रही यात्री बस को पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। भीषण टककर में कई यात्री अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।

बस में फंसे यात्रियों को ग्रामीणों ने बाहर निकला। हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई है। वहीं 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही सिमगा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू करते हुए मामले की जांच में जुट गई है।

स्व सहायता समूह से बदली सुनीता दीदी की तकदीर, खेती-किराना और महुआ व्यापार से बनीं आत्मनिर्भर

स्व सहायता समूह से बदली सुनीता दीदी की तकदीर, खेती-किराना और महुआ व्यापार से बनीं आत्मनिर्भर

 बीजापुर। बीजापुर से लगभग 15 किलोमीटर दूर नियद नेल्लानार क्षेत्र के ग्राम चेरपाल के छोटे से गांव में रहने वाली सुनीता दीदी की कहानी आज आत्मनिर्भरता और मेहनत की मिसाल बन गई है। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में जीवन बिताने वाली सुनीता दीदी आज स्व सहायता समूह की मदद से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

पहले उनके परिवार की आय केवल खेती और एक छोटी किराना दुकान पर निर्भर थी। कृषि मौसम पर आधारित होने के कारण आय स्थिर नहीं रहती थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घर की आवश्यकताओं को पूरा करना भी कठिन हो जाता था। ऐसे समय में सुनीता दीदी ने गांव के स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह की बैठकों में उन्हें बचत ऋण और स्वरोजगार के बारे में जानकारी मिली।

समूह के माध्यम से नियमित बचत के साथ उन्हें आरएफ से 1500 रुपये, सीआईएफ से 50 हजार रुपये और बैंक लिंकेज से 30 हजार रुपये का ऋण मिला। इस सहायता से उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए कई कार्य शुरू किए।

सबसे पहले उन्होंने खेती को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग कर उन्होंने उत्पादन बढ़ाया, जिससे फसल और सब्जियों से उन्हें सालाना लगभग 52 हजार से 55 हजार रुपये की आय होने लगी। इसके बाद उन्होंने अपने घर के पास स्थित छोटी किराना दुकान को बड़े स्तर पर संचालित करना शुरू किया। गांव के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का सामान उपलब्ध कराने से उनकी दुकान अच्छी चलने लगी और इससे उन्हें सालाना करीब 45 हजार से 50 हजार रुपये की नियमित आय मिलने लगी। इसी के साथ सुनीता दीदी ने गांव में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए महुआ, टोरा सहित अन्य वनोपज का क्रय-विक्रय भी शुरू किया। वे ग्रामीणों से महुआ और टोरा खरीदकर उसे साफ-सफाई के साथ सुरक्षित संग्रहित कर बाजार में अच्छे दामों पर बेचने लगीं, जिससे उन्हें सालाना लगभग 15 हजार से 20 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने लगा।

तीनों कार्यों से उनकी आय लगातार बढ़ती गई। सही योजना, मेहनत और समूह के सहयोग से सुनीता दीदी की वार्षिक आय अब 1 लाख 15 हजार से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक हो गई है। आज सुनीता दीदी न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर चुकी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग, निरंतर मेहनत और स्व सहायता समूह का सहयोग किसी भी महिला को आत्मनिर्भर बना सकता है।


 

बिहान योजना से खिला रत्ना का भविष्य- फूलों की खेती से बनीं सफल उद्यमी

बिहान योजना से खिला रत्ना का भविष्य- फूलों की खेती से बनीं सफल उद्यमी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की बिहान (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना से जुड़कर सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत डिगमा की निवासी रत्ना मजुमदार आज सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग से उन्होंने न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान भी बनाई है।

बिहान योजना से खिला रत्ना का भविष्य

 

पारंपरिक खेती को दिया व्यावसायिक रूप
रत्ना मजुमदार बताती हैं कि उनके ससुर पहले से ही छोटे स्तर पर फूलों की खेती करते थे। माँ महामाया स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उन्होंने इस पारंपरिक कार्य को व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। समूह के माध्यम से उन्होंने पहली बार एक लाख रुपये का ऋण लिया और एक एकड़ भूमि में आधुनिक तकनीक से फूलों की खेती शुरू की। मेहनत और लगन के चलते आज वे दो एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक फूलों का उत्पादन कर रही हैं।
आधुनिक तकनीक से बढ़ी उत्पादन क्षमता
रत्ना ने खेती में आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया है। वे उन्नत किस्म के पौधे कोलकाता से मंगवाती हैं, जो मात्र 24 दिनों में फूल देना शुरू कर देते हैं और लगभग तीन महीनों तक लगातार उत्पादन देते हैं। खेतों में ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिससे जल संरक्षण के साथ पौधों को पर्याप्त पोषण भी मिलता है। वर्तमान में वे गेंदा फूल की तीन प्रमुख किस्में-लाल, नारंगी और पीला उगा रही हैं। इसके अलावा सर्दियों के मौसम में चेरी की खेती भी करती हैं।
त्योहारों में बढ़ती मांग से बढ़ता मुनाफा
रत्ना के अनुसार नवरात्रि, शिवरात्रि, रामनवमी और दीपावली जैसे पर्वों के दौरान बाजार में फूलों की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे अच्छी कीमत मिलती है। सामान्य दिनों में दरें कम होने के बावजूद वैज्ञानिक खेती के कारण उन्हें सालभर लाभ मिलता रहता है। उन्होंने समूह से लिया गया ऋण समय पर चुका दिया है और अब अपनी आय का निवेश खेती के विस्तार में कर रही हैं।
सरकारी योजनाओं ने दिया आत्मनिर्भरता का मार्ग
अपनी सफलता का श्रेय रत्ना मजुमदार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को दिया है। उनका कहना है कि बिहान योजना से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिला है। सरकार से मिले ऋण और मार्गदर्शन ने उन्हें नई पहचान दिलाई है। बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन की नई कहानी लिखी जा रही है। रत्ना मजुमदार जैसी स्वावलंबी महिलाएँ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।


 

CG – तहसील कार्यालय में लगी भीषण आग, मौके पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियां, मची अफरा-तफरी…..

CG – तहसील कार्यालय में लगी भीषण आग, मौके पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियां, मची अफरा-तफरी…..

 बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से बड़ी सामने आ रही है। शुक्रवार सुबह अचानक तहसील कार्यालय में भीषण आग लग गयी। जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग तहसील परिसर में स्थित डीएसपी कार्यालय की पुरानी बिल्डिंग की ओर से लगी बताई जा रही है, जो देखते ही देखते तहसीलदार कार्यालय की ओर फैलने लगी।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने सबसे पहले तहसील कार्यालय के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेजों को सुरक्षित बाहर निकलवाया। इसके बाद आग पर काबू पाने के लिए दमकल वाहन के साथ-साथ आसपास के सीमेंट संयंत्रों से भी दमकल गाड़ियों को बुलाया गया।

बताया जा रहा है कि सुबह करीब 5 बजे बलौदाबाजार की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक तहसील भवन में आग लगी। आग लगने से तहसीलदार कार्यालय और रिकॉर्ड रूम के कुछ हिस्से जले हैं।

वहीं मौके पर मौजूद एसडीएम प्रकाश कोरी ने बताया कि रिकॉर्ड रूम पूरी तरह सुरक्षित है और सभी दस्तावेजों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं दमकल विभाग की टीम कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा ली है। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।

 

टी-20 विश्वकप के फाइनल में पहुँची टीम इंडिया, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

टी-20 विश्वकप के फाइनल में पहुँची टीम इंडिया, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को पराजित कर फाइनल में पहुँचने पर भारतीय क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने अपने ट्वीट में कहा है कि टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार और जुझारू प्रदर्शन करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को हराकर भव्य अंदाज़ में फाइनल में प्रवेश किया है। यह पूरे देश के लिए गर्व और उत्साह का क्षण है।

उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों ने अद्भुत टीमवर्क, साहस और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय देते हुए पूरे देश को गर्व से भर दिया है। यह जीत केवल एक मैच की जीत नहीं, बल्कि हर भारतीय के आत्मविश्वास और तिरंगे की शान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री साय ने भारतीय क्रिकेट टीम को फाइनल मुकाबले के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारतीय टीम इसी जज़्बे और प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ते हुए विश्व मंच पर एक नया इतिहास रचेगी।

 

राज्यपाल रमेन डेका ने माँ महामाया का दर्शन कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली की कामना की…

राज्यपाल रमेन डेका ने माँ महामाया का दर्शन कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली की कामना की…

 रायपुर: राज्यपाल  रमेन डेका ने आज रतनपुर पहुंचकर माँ महामाया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ महामाया से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना कर आशीर्वाद लिया।

राज्यपाल श्री रमेन डेका

मंदिर परिसर में राज्यपाल का मंदिर समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष लवकुश कश्यप, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, सहित  मोहित जायसवाल एवं माँ महामाया मंदिर समिति के पदाधिकारियों मौजूद थे।