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नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अब तेजी से हो रहा साकार - सीएम साय

नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अब तेजी से हो रहा साकार - सीएम साय

 रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर आज ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। आज पुन: सुकमा जिले में पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन कार्यक्रम के तहत दरबा डिवीजन कमेटी सहित विभिन्न नक्सली संगठनों के 10 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का मार्ग चुना है । इनमें 6 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर कुल 33 लाख का इनाम घोषित था। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए यह जानकारी साझा किया। इस दौरान उन्होंने लिखा कि हिंसा के मार्ग में न वर्तमान सुरक्षित है, न भविष्य। छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पुनर्वास नीति आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान, सुरक्षा, आजीविका और समाज में पुनर्स्थापना की गारंटी देती है। मुख्यधारा में लौटकर वे अपने परिवारों के साथ स्थायी, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है, छत्तीसगढ़ को पूर्णत: नक्सलवाद मुक्त बनाना और बस्तर को विकास, विश्वास और अवसरों की नई पहचान देना।

उप मुख्यमंत्री साव से मिलीं अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम, राज्य में खेल सुविधाओं के विकास पर हुई चर्चा

उप मुख्यमंत्री साव से मिलीं अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम, राज्य में खेल सुविधाओं के विकास पर हुई चर्चा

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रुण साव से छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन एवं ओलंपिक पदक विजेता, प्रसिद्ध मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम ने सौजन्य मुलाकात की। साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में मुलाकात के दौरान उन्हें राज्य में खेलों के विकास और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरी कॉम जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक-2025 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं के शुभारंभ समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ आई थीं। उन्होंने 11 दिसम्बर को इसमें शामिल होकर खिलाडिय़ों की हौसला अफजाई की।

उप मुख्यमंत्री साव ने अभावों और मुश्किलों के बीच अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में भारत का नाम रोशन करने वाली मैरी कॉम की लंबी खेल यात्रा की प्रशंसा की। साव ने कहा कि मैरी कॉम देश का गौरव और प्रेरणा हैं। उनकी उपस्थिति से बस्तर के खिलाडिय़ों को आगे बढऩे और मेहनत करने की प्रेरणा जरूर मिली होगी। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने छत्तीसगढ़ आने के लिए मैरी कॉम को धन्यवाद दिया।

मैरी कॉम ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अपने अनुभव साझा करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव से छत्तीसगढ़ के युवाओं के खेल में सुधार के लिए हरसंभव मदद की बात कही। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों से पहुंचे युवाओं को देख उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं। बस्तर ओलंपिक वहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मंच है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों और खिलाडिय़ों को बढ़ावा देने के लिए अच्छा काम कर रही है। आने वाले समय में यहां के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मेडल जरूर जीतेंगे। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए जाने पर राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बना कोपरा जलाशय

छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बना कोपरा जलाशय

 रायपुर। बिलासपुर जिले का कोपरा जलाशय अब छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बन गया है। इसकी घोषणा के बाद पूरे प्रदेश में प्रसन्नता का माहौल है। यह दर्जा उन आर्द्रभूमियों को दिया जाता है जो जैवविविधता, जल संरक्षण और पर्यावरणीय महत्व के लिए वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि कोपरा जलाशय की यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि जलाशय की विशिष्ट पारिस्थितिकी, स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता तथा जल परितंत्र की समृद्धि ने इसे रामसर मान्यता के योग्य बनाया है।

वन मंत्री ने राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, पर्यावरणविदों, वन विभाग के अधिकारियों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों को भी धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि सभी की संयुक्त मेहनत और संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता से यह उपलब्धि संभव हो सकी है। मंत्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 20 वेटलैंड्स को रामसर साइट का दर्जा दिलाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय के रामसर साइट घोषित होने से प्रदेश में वेटलैंड संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और इको-टूरिज्म के नए अवसर भी विकसित होंगे। इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वेटलैंड्स का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है और भविष्य की पीढिय़ों के लिए एक मजबूत प्राकृतिक विरासत छोडऩे का संकल्प भी।

तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें - चौधरी

तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें - चौधरी

 रायपुर। रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि विद्यार्थी तनाव मुक्त होकर स्वस्थ मन से पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि परीक्षा कभी भी जीवन से बड़ी नहीं होती, इसलिए घबराएं नहीं, बल्कि सही समय पर मेहनत शुरू करें। वित्त मंत्री ने रायगढ जिले के पुसौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झलमला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 10 वीं और 12 वीं के बच्चों से चर्चा 2025 कार्यक्रम में संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर श्री चौधरी ने विद्यालय में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन कर विद्यार्थियों को तकनीकी व नवीन शिक्षण संसाधनों का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि दिसंबर से परीक्षा तक के आगामी तीन महीने सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि नियमित रूप से प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करें और छुट्टी के दिनों में 10 घंटे अध्ययन का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि एक भी दिन खराब नहीं करना है। यदि आप आने वाले तीन महीनों तक ईमानदारी और संकल्प के साथ पढ़ाई करेंगे तो बेहतर तैयारी और उत्कृष्ट परिणाम निश्चित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।

सफलता का मूल मंत्र अनुशासन, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच 
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे प्रतिभा से भरपूर होते हैं। उन्हें केवल बेहतर मार्गदर्शन, संसाधन और सुरक्षित वातावरण की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों व अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान करें। वित्त मंत्री ने सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच को मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

मेधावी छात्रों को एक लाख का पुरस्कार
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की मेरिट सूची में यदि जिले का कोई विद्यार्थी स्थान प्राप्त करता है, तो उसे एक लाख रुपए पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उन्होनं कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और बेहतर भविष्य देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री उमेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, जनपद अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भाग्यवती नायक, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, छात्र एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

दो साल का सुशासन - जशपुर में विकास की नई पहचान

दो साल का सुशासन - जशपुर में विकास की नई पहचान

 रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्ष जशपुर जिले के लिए विकास के स्वर्णिम अध्याय साबित हुए हैं। 13 दिसंबर को उनके कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, और इस अवधि में जशपुर जिले ने वह प्रगति हासिल की है, जिसने न सिर्फ जिले की दिशा बदली, बल्कि विकास की नई परिभाषा भी गढ़ी। राज्य की जनता से किए वायदों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन श्री साय ने दृढ़ इच्छाशक्ति, पारदर्शी प्रशासन और संवेदनशील नेतृत्व के बल पर इन चुनौतियों को विकास के अवसर में बदल दिया।

गरीबों को मिली जीवनभर की सुरक्षा पक्का मकान बना खुशियों की बुनियाद

मुख्यमंत्री बनने के साथ ही श्री साय की पहली बड़ी प्राथमिकता थी—हर गरीब को पक्का घर। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को घर देने के वादे को स्वीकृति मिली। जशपुर जिले में 52,760 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए, जिससे हजारों परिवारों का वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। आज ये परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

 
 

महिलाओं को मिली आर्थिक मजबूती - आत्मनिर्भरता की नई राह
महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए प्रदान करने की घोषणा को श्री साय ने पूरे दृढ़ संकल्प के साथ लागू किया। जशपुर जिले में 2 लाख से अधिक महिलाओं को 448 करोड़ 97 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में वास्तविक सशक्तिकरण का आधार बनी है-चाहे वह बचत हो, छोटे व्यवसाय हों या परिवार की ज़रूरतें।

 

किसानों के जीवन में खुशियों की बहार - बोनस, खरीदी और सम्मान निधि से बढ़ा विश्वास

पिछली सरकार के बकाया दो साल के धान बोनस का भुगतान कर मुख्यमंत्री ने किसानों का भरोसा और मजबूत किया। जिले के 50 हजार से अधिक किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई। इसके साथ ही 1,23,168 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि में 308 करोड़ 30 लाख 76 हजार रुपए दिए गए। इन कदमों ने कृषि को स्थिरता, किसानों को सुरक्षा और खेती को निरंतरता प्रदान की।

 
 

स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक परिवर्तन — आधुनिक चिकित्सालय की स्वीकृति
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नए अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन को मंजूरी मिली है। इससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को नए उपकरण, डॉक्टर, नर्स और संसाधन उपलब्ध कराए गए। साथ ही जिले में अतिरिक्त 108 संजीवनी एक्सप्रेस व शव वाहन की व्यवस्था से आपातकालीन सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है।

 

सड़कें बनी प्रगति का मार्ग -कनेक्टिविटी में आया व्यापक सुधार
जिले में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए करोड़ों रुपए मंजूर हुए। पहले दुर्गम माने जाने वाले क्षेत्रों में भी पक्की सड़कें पहुंचीं, जिससे व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान हुई। स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आज पहले से कहीं अधिक सुगम है।

ऊर्जा व्यवस्था में नई शक्ति — उपकेंद्रों से मजबूत हुई बिजली आपूर्ति
जिले में अनेक नए विद्युत उपकेंद्रों की स्वीकृति से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में बड़ा सुधार हुआ है। लो-वोल्टेज की समस्या में कमी आई है और गांवों में ट्रांसफार्मर व लाइन सुधार कार्य गति से जारी हैं। बेहतर बिजली ने उद्योग, शिक्षा और घरेलू जिंदगी को नई ऊर्जा दी है।
शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार — युवाओं के लिए बढ़े अवसर
जशपुर को शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ी सौगातें मिली हैं। जिले में दो नए महाविद्यालयों की स्वीकृति से छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्कूलों में भवन निर्माण, स्मार्ट क्लास, छात्रावास और अधोसंरचना उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मार्ग और मजबूत हुआ है।
पर्यटन विकास को मिली गति — जशपुर की पहचान को मिला नया आयाम
जिले की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मद में विशेष बजट स्वीकृत हुआ है। पर्यटक स्थलों के सौंदर्यीकरण, सड़क सुधार और सुविधाओं के विकास से जशपुर पर्यटन के नए मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है।

सिंचाई परियोजनाओं से खेतों में लौटी हरियाली
जिले में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी देकर किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी की गई। नलकूप खनन, एनीकट, तालाब निर्माण और अन्य योजनाओं से किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी। फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले ने इन दो वर्षों में वह प्रगति हासिल की है, जिसकी कल्पना वर्षों से की जा रही थी। गरीबों के लिए घर, महिलाओं के लिए सम्मान, किसानों के लिए सुरक्षा, युवाओं के लिए अवसर और हर वर्ग के लिए विकास—इन्हीं उपलब्धियों ने जशपुर को नई पहचान दी है। आगे आने वाले वर्षों में यह गति और मजबूत होगी, यही विश्वास जशपुरवासियों के दिलों में है।

CG – ससुर बना जल्लाद : अपनी ही नई नवेली बहु के साथ किया ऐसा घिनौना काम, महिला की हो गई ये हालत……

CG – ससुर बना जल्लाद : अपनी ही नई नवेली बहु के साथ किया ऐसा घिनौना काम, महिला की हो गई ये हालत……

  कवर्धा। कवर्धा ज़िले के लोहारा थाना के बांधाटोला इलाके में एक सैप्टिक टैंक में 20 दिन पुरानी नवविवाहिता की लाश मिली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है। इस पूरे मामले में हत्या की आशंका महिला के ससुर पर जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है।

पूरा मामला लोहारा थाना के बांधाटोला इलाके का है। पूरे गांव में उस वक़्त हड़कंप मच गया, जब सैप्टिक टैंक से सड़ी-गली हालत में नवविवाहिता की लाश मिली। महिला की लाश लगभग 20 दिन पुरानी बताई जा रही है, जो बुरी तरह से सड़ चुकी थी। आपको बता दें कि महिला ने ठीक दो महीने पहले ही इंटरकास्ट मैरिज की थी।मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में ससुर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, वहीं अन्य परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।

गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि “मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा—“500 वर्षों के बाद अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हुआ। छत्तीसगढ़ तो स्वयं भगवान श्रीराम का ननिहाल है—माता कौशल्या की पावन भूमि है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों की उन्नति और कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला का दर्शन किया है।

मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 सिद्धियों और शक्तियों के प्रतीक हैं, जो मानव जीवन को ऊर्जा, सदाचार और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार के कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया।

इस अवसर पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही देशभर से आए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद – कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हसौद में परिणय-सूत्र में बंधने वाले 140 नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया।

जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हसौद प्रवास के दौरान जैतखाम पहुँचकर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति, कल्याण एवं निरंतर प्रगति की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा, समानता, सामाजिक समरसता तथा ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश हमें समाज में सद्भाव और एकता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि इन आदर्शों को आत्मसात कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

गांजा तस्करी मामले में पेशी पर आया बंदी कोर्ट से हुआ फरार, सिपाहियों ने खोले थे आरोपी के हाथ, जांच में जुटी पुलिस

गांजा तस्करी मामले में पेशी पर आया बंदी कोर्ट से हुआ फरार, सिपाहियों ने खोले थे आरोपी के हाथ, जांच में जुटी पुलिस

  रायपुर। रायपुर कोर्ट परिसर से गांजा तस्करी के आरोपी के फरार होने का एक गंभीर  मामला सामने आया है। जहां कोर्ट में पेशी पर लाए गए गांजा तस्करी के मामले के बंदी आशीष राजावत को जेल से न्यायालय लाया गया था। पेशी के दौरान सिपाहियों ने उसकी हथकड़ी खोल दी, जिसके बाद वह मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।

वहीं कहा जा रहा है कि सिपाहियों से सांठगांठ के बाद वह फरार हो गया। बताया जा रहा है कि सिपाहियों ने ही आरोपी का हथकड़ी खोल दिया था। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है ।

 

सेप्टिक टैंक में मिली नवविवाहिता की लाश, कुछ महीने पहले हुई थी लव मैरिज, गांव में फैली दहशत

सेप्टिक टैंक में मिली नवविवाहिता की लाश, कुछ महीने पहले हुई थी लव मैरिज, गांव में फैली दहशत

  कवर्धा। लोहारा थाना क्षेत्र के बांधाटोला गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक नवविवाहित महिला का शव घर के सेप्टिक टैंक में मिला। अचानक तेज बदबू आने पर परिवार और ग्रामीणों को शक हुआ, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान कामनी निषाद के रूप में हुई है, जिसने कुछ माह पहले लव मैरिज कर भोजराज पटेल से शादी की थी। दो माह पहले महिला के पति ने लोहारा थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।

वहीं लगातार आ रही तेज गंध के बाद जब लोगों ने सेप्टिक टैंक में देखा तो उनके होश उड़ गए। जिसमें बाद जानकारी मिलते ही लोहारा पुलिस मौके पर पहुंची और सेप्टिक टैंक से शव को बरामद कर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी। शव मिलने से  पूरे गांव में घटना को लेकर दहशत और आक्रोश का माहौल है।

 ग्रामीणों ने मृतका के ससुर जहर पटेल पर हत्या का संदेह जताया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ससुराल पक्ष के सभी सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु का कारण स्पष्ट हो पाएगा। मामले की जांच जारी है।

CG : बाप ने रिश्ते को किया शर्मसार, नाबालिग बेटी से सालों बुझाता रहा हवस, अब आरोपी गिरफ्तार

CG : बाप ने रिश्ते को किया शर्मसार, नाबालिग बेटी से सालों बुझाता रहा हवस, अब आरोपी गिरफ्तार

 रायगढ़।  जिले में बाप-बेटी के रिश्ते को शर्मसार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक शराबी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ दो सालों तक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़ित नाबालिग ने पुलिस को बताया कि जब भी वह घर में अकेली रहती, तब आरोपी पिता उसके साथ मारपीट कर दुष्कर्म करता था। वहीं घटना खुलासा करने पर आरोपी पिता पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देता था। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म की ये घटना चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। 16 साल की पीड़ित नाबालिग ने बताया कि उसकी मां दूसरे के घरों में काम करती है। जबकि उसका पिता कोई काम न कर घर पर ही रहता था। पीड़िता ने बताया कि साल 2023 को वह अपने सहेलियों के साथ पार्क में घूमने गई थी और वहां फोटो खिंचवा रही थी। तभी उसके पिता ने उसे देख लिया। जब वह घर लौटी, तब उसके पिता ने उसके साथ मारपीट करते हुए जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया।

नाबालिग ने अपने पिता की इस हैवानियत का विरोध भी किया, लेकिन वह डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी पिता ने उसे घटना की जानकारी किसी को भी देने पर परिवार के सभी लोगों को जान से मारने की धमकी दे दी। जिससे दहशत में आई नाबालिग ने डर कर अपने मुंह को बंद रखना मुनासिब समझा। इसके बाद आरोपी पिता जब भी नाबालिग बेटी घर पर अकेली रहती उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देता।

CG : चरित्र संदेह में 74 साल की पत्नी की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

CG : चरित्र संदेह में 74 साल की पत्नी की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

  बलरामपुर।  जिले में 75 साल के बुजुर्ग ने कैरेक्टर के शक में 74 साल की पत्नी की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने बेटी को फोन कर कहा तुम्हारी मां को मार दिया हूं। दरअसल, आरोपी खनिज विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी है। साल 2009 में आरोपी ने पत्नी को ड्राइवर के सा​थ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था।

इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कई बार झगड़ा हुआ था। इसी विवाद के चलते पति ने 16 साल बाद पत्नी को मार डाला। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ठरकी का है।

जानिए पूरा मामला

जानकारी के अनुसार 75 साल के बुजुर्ग ठिभू केरकेट्टा खनिज विभाग अंबिकापुर में सर्वेयर के पद से रिटायर हो चुके हैं। वे अपनी 74 वर्षीय पत्नी महेश्वरी के साथ रह रहे थे। मंगलवार की रात करीब 1 बजे चरित्र संदेह को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।

दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर ठिभू ने पत्नी महेश्वरी पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस हमले में महेश्वरी की मौके पर मौत हो गई।

बेटी को फोन कर दी जानकारी

वारदात के बाद आरोपी ने अंबिकापुर में रह रही अपनी बेटी अनिता तिर्की को फोन किया और बताया कि “तेरी मां की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी है”। बेटी ने तुरंत यह बात अपने भाई सुनील (43 वर्ष) को बताई। घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर रह रहा सुनील सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा।

आरोपी ठिभू ने दरवाजा खोला। इसके बाद सुनील ने जैसे ही कमरे की लाइट जलाई तो देखा कि उसकी मां पलंग के नीचे जमीन पर खून से लथपथ पड़ी थी। उसके बाएं कान के पास टांगी का घाव था और आसपास खून फैला हुआ था।

आरोपी ने जम कबूला

परिजनों ने पूछताछ की तो आरोपी ठिभू ने जुर्म कबूल करते हुए कहा कि उसने पत्नी को मार दिया है। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही राजपुर थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि साल 2009 में विभाग में काम करने वाला एक मार्शल वाहन ड्राइवर आरोपी ठिभू केरकेट्टा के साथ ग्राम ठरकी आया था। आरोपी ने उस रात पत्नी को उसी ड्राइवर के साथ एक खाट पर साथ सोते हुए देख लिया था।इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से झगड़ा चल रहा था। इसी विवाद के चलते आरोपी ने पत्नी की हत्या कर दी।

CG : बाइक सवार दो युवकों की मौत, तेज रफ्तार वाहन की ठोकर से हुआ हादसा

CG : बाइक सवार दो युवकों की मौत, तेज रफ्तार वाहन की ठोकर से हुआ हादसा

  जगदलपुर। जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को जोरदार ठोकर मार दी। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, इस घटना के बाद वाहन सवार आरोपी फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। घटना जगदलपुर के धरमपुरा क्षेत्र की है।

बताया जा रहा है पल्लीगांव निवासी राजेश बघेल पिता महेश बघेल 21 वर्ष व प्रिंस बघेल पिता रामधर 18 वर्ष के साथ जगदलपुर की और जा रहे थे। इसी दौरान कोतवाली थाना क्षेत्र के धरमपुरा स्थित सब्जी मार्केट के पास तेज रफ़्तार वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि बाइक सवार दोनों युवक दूर जा गिरे।

इस हादसे में दोनों युवकों के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोट लगी थी। दर्दनाक एक्सीडेंट में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों युवकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आज सुबह दोनों युवकों के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया गया।

CG Visit : दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर आएंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जानिए वजह…

CG Visit : दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर आएंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जानिए वजह…

  रायपुर।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। वे कल यानी शुक्रवार की रात करीब 10 बजे रायपुर के माना एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से सीधे एक निजी रिसोर्ट के लिए रवाना होंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे।

अगले दिन शनिवार को दोपहर 1:30 बजे वे माना एयरपोर्ट से जगदलपुर के लिए उड़ान भरेंगे। अमित शाह दोपहर 2:45 बजे जगदलपुर पहुंचेंगे और 2:45 से 4:45 बजे तक बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 से, विपक्ष ने लगाए 628 प्रश्न, अनुपूरक बजट के साथ ही आयेगा एक संशोधन विधेयक

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 से, विपक्ष ने लगाए 628 प्रश्न, अनुपूरक बजट के साथ ही आयेगा एक संशोधन विधेयक

  रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र रविवार 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक रखा गया है। 4 बैठकों वाले इस सत्र में अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा। इसके साथ ही एक संशोधन विधेयक भी सदन में रखा जाएगा। पूरे सत्र के लिए पक्ष विपक्ष के सदस्यों ने कुल 628 प्रश्न लगाए हैं।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में आज स्पीकर डॉ रमन सिंह ने पत्रकारवार्ता में बताया कि 14 दिसंबर को विधानसभा का 25 वर्ष पूरा हो रहा है इसलिए रविवार होने के बाद भी सत्र शुरू होने जा रहा है। कुल 4 बैठकों वाले इस सत्र में कुल 628 प्रश्नों में 96 .17 % ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। सत्र के पहले दिन राज्य सरकार की दीर्घकालीन विकास रणनीति छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा होगी। दूसरे दिन वित्त मंत्री द्वारा अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा जिस पर अगले दिन चर्चा होगी। इसके साथ ही सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ दुकान स्थापना विनियमन संशोधन विधेयक भी पेश किया जाएगा। स्पीकर ने बताया कि सत्र के लिए ध्यानाकर्षण की 48 , अशासकीय संकल्प की 9 और शून्यकाल की 4 सूचनाएं विधानसभा सचिवालय की प्राप्त हुई है। स्पीकर ने अंत मे कहा कि सदन की उच्च परंपरा को कायम रखने के लिए कुछ नए नियम भी बनाए जाएंगे जिससे छत्तीसगढ़ विधानसभा का कीर्तिमान पूरे देश में स्थापित हो सके।

 
 
Crime : पूर्व सरपंच प्रतिनिधि की निर्मम हत्या, इस हालत में मिली लाश

Crime : पूर्व सरपंच प्रतिनिधि की निर्मम हत्या, इस हालत में मिली लाश

  बिलासपुर : बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र के ग्राम चोरभट्टीखुर्द में बीती रात पूर्व सरपंच प्रतिनिधि मनबोध यादव की निर्मम हत्या कर दी गई। उनका शव सुबह ग्रामीणों ने मुर्गी फार्म के पास खून से लथपथ पाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मनबोध यादव बुधवार की रात लगभग 8 बजे किसी निजी काम से घर से निकले थे। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, रातभर उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। सुबह गांव के मुर्गी फार्म के पास उनका शव देखकर ग्रामीण सकते में आ गए।

पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्यारों ने धारदार हथियार से उनके सिर पर कई वार किए, जिससे उनकी मौत मौके पर ही हो गई।

स्थानीय लोग और परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। ग्रामीणों और परिवार वालों के बयान लिए जा रहे हैं।
खौफनाक वारदात…फार्म हाउस में मिलीं 3 लाशें, इलाके में हड़कंप, पढ़ें मर्डर मिस्ट्री की इनसाइड स्टोरी

खौफनाक वारदात…फार्म हाउस में मिलीं 3 लाशें, इलाके में हड़कंप, पढ़ें मर्डर मिस्ट्री की इनसाइड स्टोरी

 कोरबा : में एक फार्म हाउस से स्क्रैप कारोबारी समेत तीन लोगों की लाश मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह घटना एक कथित तंत्र-मंत्र प्रक्रिया के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस में मौजूद लोगों को विश्वास दिलाया गया था कि 4 लाख रुपये को तांत्रिक विधि से 4 करोड़ में बदल दिया जाएगा। कोरबा फार्म हाउस तीन मौत का यह मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है।

जानकारी के मुताबिक मृतक स्क्रैप कारोबारी असरफ कबाड़ी अपने परिवार के साथ फार्म हाउस पहुंचा था। उसी जगह बिलासपुर से आए चार बैगा और उनकी टीम तांत्रिक क्रियाएं कर रहे थे। जिस कमरे में यह तंत्र-मंत्र चल रहा था, उसके बाहर असरफ का परिवार मौजूद था। कुछ ही देर बाद कमरे के भीतर तीन लोगों—असरफ, एक बैगा और उसके एक साथी—की लाशें मिलीं।

सूत्रों का कहना है कि बैगा ने दावा किया था कि 4 लाख रुपये को तंत्र-कर्म के जरिए 4 करोड़ में बदल सकता है। इसी लालच में कारोबारी ने यह पूरी प्रक्रिया अपने फार्म हाउस में करवाने की अनुमति दी। लेकिन इस "तांत्रिक क्रिया" के दौरान क्या हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है और घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। प्रारंभिक अनुमान है कि यह कोरबा फार्म हाउस तीन मौत का मामला लूट की साजिश भी हो सकता है, जहां तंत्र-मंत्र के नाम पर कारोबारी को फंसाया गया।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह घटना क्षेत्र में अंधविश्वास और ठगी के खतरनाक जाल को भी उजागर करती है।

राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

  रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र व समाज पर विपत्ति आई है, आदिवासी समाज ने उनका डटकर मुकाबला कर विघटनकारी तत्वों को मुहतोड़ जवाब दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय आज बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में आयोजित विराट वीर मेला महोत्सव को सम्बोबिधत कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने तीन दिवसीय विराट वीर मेला के अंतिम दिवस पर आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अमर शहीद वीरनारायण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम कर्रेझर में मेला स्थल के समीप तालाब निर्माण हेतु 15 लाख, मेला आयोजन हेतु आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदान कि जाने वाली 10 लाख रूपये की सहयोग राशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने तथा राजाराव पठार स्थित देवस्थल में किचन शेड निर्माण करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने मेला स्थल पर कुल 71 लाख 93 हजार रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने की। आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री आशाराम नेताम विशेष रूप से उपस्थित थे।

राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासियों के हितों के संरक्षण एवं देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के योगदानांे का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह एवं श्री गैंदसिंह नायक के अद्म्य वीरता, साहस एवं राष्ट्र भक्ति का उल्लेख करते हुए उसे अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया गया है।

राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री श्री साय

इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधक बने नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जिन मुद्दों के लिए हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, वे आज साकार हो रहे हैं। वन अधिकार की लंबी लड़ाई का परिणाम है कि आज उनके परिजनों को उनका अधिकार मिल रहा है। बस्तर वर्षों पुरानी नक्सली पीड़ा से मुक्त हो रहा है। यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और विकास की मजबूत नींव बस्तर में रखी जा रही है।

राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री श्री साय

इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोक कलाकारों के द्वारा रेला, मांदरी, हुलकी आदि परंपरागत लोक विधाओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जीवंत प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी समाज के रचनाकार श्रीमती हेमवती ठाकुर के द्वारा रचित पुस्तक ’आदिशक्ति माँ अंगारमोती’ एवं श्री मरई राधेश्याम बस्तरिया की पुस्तक ’घोटुल पुंदाना’ पुस्तक का भी विमोचन किया।

CG : आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक 2025 प्रतियोगिता का शुभारम्भ…….

CG : आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक 2025 प्रतियोगिता का शुभारम्भ…….

  बस्तर । बस्तर की गौरवशाली धरती पर खेल और संस्कृति का महाकुंभ, “बस्तर ओलंपिक 2025” अपनी भव्य शुभारंभ के लिए पूरी तरह तैयार है….. जगदलपुर में आज से 13 दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस संभाग स्तरीय आयोजन का उद्घाटन समारोह आज प्रातः 11 बजे इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन की गूंज “करसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर” के प्रेरणादायक स्लोगन नारे के साथ पूरे अंचल में सुनाई देगी

।

 

प्रतियोगिता में लगभग 3500 खिलाड़ी ग्यारह अलग-अलग खेल में भाग लेंगे,उद्धघाटन कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर ओलम्पिक संभाग स्तरीय समारोह का उद्घाटन करेंगे। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव अध्यक्षता करेंगे और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि होंगे।

 
छत्तीसगढ़ में ठंड का अटैक, मौसम विभाग ने 17 जिलों में शीतलहर का अलर्ट किया जारी, 7 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे

छत्तीसगढ़ में ठंड का अटैक, मौसम विभाग ने 17 जिलों में शीतलहर का अलर्ट किया जारी, 7 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे

  रायपुर - मौसम विभाग ने सरगुजा, दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर संभाग के दो से तीन क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के सात शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। मैनपाट, अंबिकापुर, पेंड्रा, जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में कड़ाके की ठंड का असर साफ दिखाई दिया। मैनपाट में रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जिसके कारण ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गईं।

अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री, पेंड्रा में 8.6 डिग्री, जगदलपुर में 9.1 डिग्री, दुर्ग में 9 डिग्री और राजनांदगांव में 9.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 29.4 डिग्री जगदलपुर में और न्यूनतम 5 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

17 जिलों में शीतलहर का अलर्ट

अगले दो दिनों तक गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहने की संभावना है।

रायपुर में नगर निगम की अलाव व्यवस्था

रायपुर में शीतलहर बढ़ने के साथ नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर के कई स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक जगहों पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को तुरंत राहत मिल सके।

मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों को रात में फील्ड में रहकर अलाव की व्यवस्था की निगरानी करने के लिए कहा गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जयस्तंभ चौक में किया शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और संघर्ष का स्मरण….

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जयस्तंभ चौक में किया शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और संघर्ष का स्मरण….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननायक अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, साहस और न्याय की अनुपम मिसाल है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया, वह छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विरासत का स्वर्णिम अध्याय है। मातृभूमि की रक्षा और समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी निष्ठा हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेने के बाद भी शहीद वीर नारायण सिंह का हृदय सदैव आदिवासियों, किसानों और गरीब परिवारों के दुःख-संघर्ष से जुड़ा रहा। वर्ष 1856 के विकट अकाल में जब आमजन भूख से व्याकुल थे, तब उन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए अनाज गोदाम का अनाज ज़रूरतमंदों में बाँटकर करुणा, त्याग और साहस का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम केवल विद्रोह नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय, शोषण और असमानताओं के विरुद्ध एक ऐतिहासिक उद्घोष था।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध की जीवंत प्रेरणा हैं। गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका जीवन-संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव न्याय, मानवता और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीर नारायण सिंह के आदर्शों और उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित भविष्य गढ़ने में सहायक होगा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित भविष्य गढ़ने में सहायक होगा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के मध्य “रक्षक पाठ्यक्रम” के लिए एमओयू संपन्न हुआ। बाल अधिकार एवं संरक्षण पर आधारित यह अनूठा पाठ्यक्रम देश में अपनी तरह का पहला शैक्षणिक नवाचार है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में आवश्यक विशेषज्ञता भी विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे भूलवश या भ्रमित होकर गलत दिशा में चले जाते हैं क्योंकि वे अबोध होते हैं। ऐसे बच्चों को सही मार्ग पर लाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है। किसानों के बकाया बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना और सबके लिए आवास जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि 350 से अधिक प्रशासनिक सुधार लागू कर छत्तीसगढ़ सुशासन के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है और इसी उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षक पाठ्यक्रम को रिकॉर्ड समय में तैयार करने और विश्वविद्यालयों में इसे लागू करने के लिए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है। बच्चों से भिक्षावृत्ति कराना, परित्यक्त बच्चों का पुनर्वास, और संवेदनशील मामलों का समाधान—ये सभी अत्यंत चुनौतीपूर्ण विषय हैं। उन्होंने कहा कि “यह पाठ्यक्रम संवेदनशील, सजग और सेवा-भावयुक्त युवा तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर का नवाचार बताते हुए कहा कि भविष्य में छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने पाठ्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने आयोग और सभी छह विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रम लागू करने हेतु बधाई दी।

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, आंजनेय विश्वविद्यालय, रायपुर, एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर और श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई-दुर्ग में प्रारम्भ होगा।

क्या है रक्षक पाठ्यक्रम

प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में अब तक ऐसा पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं था, जो युवाओं को बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित करते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इस आवश्यकता को देखते हुए आयोग द्वारा “रक्षक – बाल अधिकार संरक्षण पर एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम” को विकसित किया गया है। इस पाठ्यक्रम से युवाओं को सैद्धांतिक एवं विधिक ज्ञान, विभागीय योजनाओं, संस्थाओं और प्रायोगिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ, बाल संरक्षण इकाइयों आदि के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध होगी।संवेदनशीलता, जागरूकता और बाल-अधिकारों की आत्मिक समझ विकसित करने वाला यह पाठ्यक्रम युवाओं को इस क्षेत्र में कुशल, समर्पित और प्रभावी मानव संसाधन के रूप में तैयार करेगा। आयोग द्वारा पाठ्यक्रम के संचालन, प्रशिक्षण, परामर्श और मार्गदर्शन की संपूर्ण सुविधा विश्वविद्यालयों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, ,पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से कुलसचिव प्रो शैलेंद्र पटेल,प्रो ए के श्रीवास्तव,संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा कुलपति  प्रो राजेंद्र लाकपाले, कुलसचिव श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे, कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा,आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. टी.रामाराव कुलसचिव डॉ. रूपाली चौधरी, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. सुरेश ध्यानी,श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई दुर्ग चांसलर डॉ.आई.पी. मिश्रा, कुलपति डॉ ए. के झा एवं डॉ जया मिश्रा, आयोग के सचिव प्रतीक खरे सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

पुलिस बल को फिर मिली बड़ी कामयाबी, 11 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, इतने लाख का था इनाम

पुलिस बल को फिर मिली बड़ी कामयाबी, 11 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, इतने लाख का था इनाम

 गढ़चिरोली। कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा की मौत के बाद अब नक्सलवाद की कमर टूट गई है। बस्तर में माड़वी हिड़मा के ढेर होने के बाद फोर्स को एक और बड़ी सफलता मिली है। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खात्मे की जो डेडलाइन बताई है। उसका असर लगातार देखने को मिल रहा है, जहां एक-एक कर नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। वहीं आज एक बार फिर 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

बता दें कि, महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में 11 नक्सलियों ने आज पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला के सामने आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर कुल 82 लाख रुपये का इनाम था। गढ़चिरोली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के संयुक्त प्रयासों से 2015 से अब तक 112 नक्‍सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें दो डिवीजनल कमेटी सदस्य, तीन प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य, दो एरिया कमेटी सदस्य और चार आम पार्टी सदस्य शामिल हैं।

 वहीं इन नक्सलियों में  चार कैडर नक्सली ने अपनी वर्दी और हथियारों के साथ सरेंडर किया। इसमें सबसे बड़ा नाम 57 साल के रमेश उर्फ भीमा उर्फ बाजू गुड्डी लेकामी का है, जो भामरागढ़ एरिया का डिवीजनल कमेटी सदस्य था, जबकि। अन्य सदस्य छत्तीसगढ़ के सुकमा, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर जिलों के रहने वाले हैं. इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

गाईडलाइन दरों को लेकर फैल रहे भ्रम पर राज्य सरकार ने दी व्यापक स्पष्टता, जानिए पूरी सच्चाई

गाईडलाइन दरों को लेकर फैल रहे भ्रम पर राज्य सरकार ने दी व्यापक स्पष्टता, जानिए पूरी सच्चाई

 रायपुर। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा स्वीकृत नई गाईडलाइन दरों को लेकर आमजन के बीच उत्पन्न हो रहे भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने विस्तृत जानकारी जारी की है। शासन ने स्पष्ट किया है कि नई गाईडलाइन दरें न केवल अधिक सरल और वैज्ञानिक हैं, बल्कि इनके माध्यम से पुराने वर्षों से चली आ रही विसंगतियों का समाधान भी किया गया है।

सरकार ने बताया कि कुछ स्थानों पर यह गलत भ्रम फैलाया जा रहा है कि गाईडलाइन दरों में अत्यधिक वृद्धि की गई है या दस्तावेज पंजीयन प्रक्रिया बाधित हो गई है, जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि नवीन गाईडलाइन 20 नवंबर 2025 से प्रभावी हो चुकी है और इस अवधि में कांकेर जिले में लगभग 98 दस्तावेजों का पंजीयन सुचारू रूप से किया जा चुका है। जिले के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में पूर्ववत नियमित रूप से पंजीयन का कार्य जारी है।

नगरीय क्षेत्रों में व्यापक सरलीकरण
पूर्व में एक ही वार्ड में कई कंडिकाओं के कारण समान भौगोलिक और व्यावसायिक स्थिति होने के बावजूद दरों में अंतर पाया जाता था, जिससे नागरिकों में असंतोष था। नवीन सर्वे, भौतिक सत्यापन तथा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद इन कंडिकाओं को कम किया गया है और दरों को समान किया गया है। कांकेर नगर पालिका के 21 वार्डों में पहले 56 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 26 कर दिया गया है। इसी प्रकार नगर पंचायत चारामा, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ और पंखाजूर की कुल 253 कंडिकाओं को कम कर 105 किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे गाईडलाइन अब अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित हो गई है।

दर वृद्धि संबंधी भ्रांति का समाधान
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अंतिम बार गाईडलाइन दरों का पुनरीक्षण वर्ष 2019-20 में किया गया था। छह वर्षों बाद किए जा रहे इस पुनरीक्षण में नगरीय क्षेत्रों में मात्र 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि स्वाभाविक और तार्किक है। यदि दरों को हर वर्ष बढ़ाया जाता, तो वर्तमान दरें कहीं अधिक होतीं। अतः अत्यधिक वृद्धि की बात निराधार है।

ई-पंजीयन प्रणाली पूरी तरह सुचारू
कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि नई गाईडलाइन ऑनलाईन अपडेट न होने से दस्तावेज पंजीयन ठप हो गया है, जबकि तथ्य यह है कि जिले के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में पंजीयन का कार्य निर्बाध रूप से चल रहा है और किसी भी प्रकार की व्यवधान की स्थिति नहीं है।

दर पुनरीक्षित न होने से होने वाली समस्याओं का उल्लेख
सरकार ने कहा है कि पुरानी गाईडलाइन दरें जारी रहने से काले धन के लेनदेन को प्रोत्साहन मिलता है। कई बार वास्तविक सौदा मूल्य अधिक होने के बावजूद पंजीयन पुरानी गाईडलाइन दरों पर किया जाता है, जिसके कारण अंतर की राशि काला धन बनती है और बाद में विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। इसी प्रकार पुरानी दरों के कारण संपत्तियों का मूल्यांकन कम होता है, जिससे खरीदारों को ऋण पात्रता भी कम मिलती है।

मुआवजे के निर्धारण में भी विसंगतियां सामने आती हैं। सरकारी अधिग्रहण की स्थिति में पुराने दरों के आधार पर मुआवजा तय होने से भूमि मालिकों, विशेषकर किसानों को उनकी संपत्ति का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इसलिए नई गाईडलाइन दरें अधिक युक्तियुक्त और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप हैं।

आमजन से अपील
राज्य शासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रम में न आएं। गाईडलाइन दरों से संबंधित किसी भी सूचना या शंका के निराकरण के लिए नागरिक अपने निकटस्थ पंजीयन कार्यालय में संपर्क कर वास्तविक और प्रमाणिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

नई गाईडलाइन दरों को प्रदेश में रियल एस्टेट लेनदेन को पारदर्शी बनाने, टैक्स चोरी रोकने और जमीन संबंधी मूल्यांकन को अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को मिली एक और बड़ी जिम्मेदारी, पढ़िए अजीबोगरीब आदेश

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 बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए DEO ने नया फरमान जारी किया है। शिक्षस्क अब स्कूल परिसर के अंदर साँप, बिच्छू और अन्य जहरीले जंतुओं से भी बच्चों को सुरक्षित रखेंगे। डीपीआई से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सीधा हवाला देते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को निर्देशित किया है।

गौरतलब है कि आवारा कुत्तों को स्कूल परिसर में प्रवेश से रोकने, उनकी पहचान कर नगर निगम, जनपद पंचायत को सूचित करने का आदेश डीपीआई ने 20 नवंबर को जारी किया था। स्कूल परिसर में खेल रहे बच्चे नदी या तालाब गए और कोई दुर्घटना हुई, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी प्राचार्य, प्रधान पाठक और शिक्षक की होगी।

स्कूल का भवन जर्जर होने से बच्चों को चोट लगने पर भी प्राचार्य, प्रधान पाठक और शिक्षक जिम्मेदार होंगे। मध्यान्ह भोजन खराब मिलने पर भी यही लोग उत्तरदायी होंगे। बच्चों का आधार आईडी, जाति प्रमाण पत्र, एसआईआर और स्मार्ट कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों की है।
Breaking : 4 खूंखार नक्सलियों ने किया सरेंडर, मदनवाड़ा घटना में थे शामिल

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 कांकेर।  छत्तीसगढ़ के कांकेर में दो पुरुष और दो महिला नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। ये सभी मदनवाड़ा घटना में शामिल रहे थे। जिस नक्सल हमले में एसपी विनोद चौबे शहीद हुए थे। सरेंडर करने वाले नक्सली कांकेर सहित आस पास के अन्य इलाकों में सक्रिय थे।आत्मसमर्पण नक्सलियों को एसपी आई कल्याण एलिसेला ने 50-50 हजार की सहायता राशि भी सौंपी।