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जहाज का संकट मोदी सरकार की एकाधिकार वाली नीति का परिणाम – कांग्रेस

जहाज का संकट मोदी सरकार की एकाधिकार वाली नीति का परिणाम – कांग्रेस

  रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एक कंपनी की हठधर्मिता के कारण आज पूरे देश में जहाजों की उड़ान का संकट पैदा हो गया है। यह मोदी सरकार के एक ही कंपनी को एकाधिकार देने की नीति परिणाम है। देश में जब से मोदी सरकार बनी है, मोदी सरकार देश के हर महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निजी उद्योगपतियो के एकाधिकार में सौंप दिया है। प्रतिस्पर्धा में मौजूद तत्कालीन अन्य विमानन कंपनियो की उपेक्षा की गयी है। मोदी सरकार में सरकारी विमान कंपनी इंडियन एयरलाइंस को बेच दिया। 2014 के पहले देश में 5 विमानन कंपनियां काम करती थी, लेकिन मोदी सरकार बनने के बाद आज 97 प्रतिशत भारतीय उड़ानो पर केवल दो कंपनियों का कब्जा है, उसमे भी लगभग 70 प्रतिशत अकेले इंडिगो का है।
देश की जनता को आज पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद आ रही है। सरकार ने नियम बदला और इंडिगो ने देश की विमानन व्यवस्था को ठप्प कर दिया सरकार बेचारी बनी हुई है। आज इंदिरा गांधी होती तो इंडिगो को उसकी इस धृष्टता की सजा मिल चुकी होती इंडिगो का भारत सरकार अधिग्रहण कर चुका होता इंडिगो के कर्ताधर्ता राष्ट्रद्रोह के आरोप में जेल के सलाखों के पीछे होते। सरकार ने इंडिगो के सामने घुटने टेक कर बता दिया कि वह कितनी कमजोर है।
बैज ने कहा कि विमानन संकट एक चेतावनी है देश में कभी भी इंटरनेट संकट खड़ा हो सकता है सरकार की नीतियों के कारण आज देश का 90 प्रतिशत इंटर नेट केवल दो कंपनियों जियो और एयर टेल के पास है। मोदी सरकार ने सरकारी संचार कंपनी बीएसएनएल को अपनी नीतियो से पीछे धकेल दिया। देश का अधिकांश कोयला पावर सप्लाई पर अंबानी का एकाधिकार है। देश का सारा बंदरगाह, एयरपोर्ट, पावर और कोयला उत्खनन अडानी के कब्जे में है। मोदी सरकार ने पूरे देश की अर्थ व्यवस्था को निजी हाथों में सौप दिया है।

जेल नियमों में होंगे बदलाव, 20 जिला जेलों में नियुक्त होंगे वेलफेयर ऑफिसर

जेल नियमों में होंगे बदलाव, 20 जिला जेलों में नियुक्त होंगे वेलफेयर ऑफिसर

 बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट ने राज्य की जेलों में बढ़ती भीड़ और कल्याण अधिकारियों की कमी पर गंभीर चिंता जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने सोमवार को राज्य सरकार और जेल महानिदेशक को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

राज्य सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए सीजीपीएससी के माध्यम से परीक्षा ली जाएगी। यह भी कहा गया कि पहले वेलफेयर ऑफिसर और प्रोबेशन ऑफिसर के नाम से दो अलग-अलग पोस्ट थीं। अब दोनों पदों को एक साथ मिलाकर प्रोबेशन और वेलफेयर ऑफिसर के नाम से एक सिंगल पोस्ट बनाया गया है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ जेल नॉन-गजटेड III मिनिस्टीरियल और नॉन-मिनिस्टीरियल) सर्विस (क्लास रिक्रूटमेंट) रूल्स, 2022 में बदलाव भी किए गए।

सरकार ने कोर्ट में जवाब देते हुए कहा कि राज्य में कुल 20 जिला जेल हैं। इन 20 जिला जेलों में नियुक्ति करने के लिए प्रोबेशन एंड वेलफेयर ऑफिसर के 20 नए पद बनाने की ज़रूरत है।लिहाजा इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के आने वाले मुख्य बजट में शामिल किए जाने के बाद, इस पोस्ट को भरने की कार्रवाई शुरू होगी। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य भर में नई जेल बिल्डिंग बनाते समय, अधिकारियों को मॉडल प्रिज़न मैनुअल, 2016 का पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए। यह मैनुअल कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा करता है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेने कहा है। साथ ही डीजीपी प्रिज़न्स एंड करेक्शनल सर्विसेज़ को विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने कहा है। कोर्ट ने मार्च 2026 में सुनवाई तय की है।

जेलों में क्षमता से 40 प्रतिशत ज्यादा कैदी

हाई कोर्ट ने राज्य की 33 जेलों में क्षमता से करीब 40 प्रतिशत ज्यादा कैदियों की मौजूदगी और कल्याण अधिकारियों की कमी पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि हर जिला जेल में वेलफेयर आफिसर की नियुक्ति और अतिरिक्त बैरक का समय पर निर्माण आवश्यक है, ताकि कैदियों को मानक सुविधाएं मिल सकें और भीड़भाड़ की समस्या कम हो। डीजी, जेल एवं सुधार सेवाएं ने अपने शपथपत्र में बताया कि 9 सितंबर 2025 तक 33 जेलों में 14,883 की क्षमता के मुकाबले 21,335 कैदी हैं। भीड़ कम करने के लिए कई जगह अतिरिक्त बैरक का निर्माण जारी है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां

याचिका में कोर्ट को बताया गया है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ की विभिन्न केंद्रीय और जिला जेलों की कुल क्षमता करीब 15 हजार कैदियों की है, लेकिन इनमें 20 हजार 500 से अधिक कैदी बंद हैं। यह स्थिति न केवल जेलों में भीड़भाड़ बढ़ा रही है, बल्कि कैदियों और जेल प्रशासन दोनों के लिए गंभीर सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी उत्पन्न कर रही है। शासन की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि भीड़ कम करने के लिए नए जेलों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हाल ही में बेमेतरा जिले में एक नई जेल का निर्माण पूरा कर लिया गया है.

बदहाल मुक्तिधामों पर सभी जिलों के कलेक्टर को फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट पेश करने हाई कोर्ट का आदेश

बदहाल मुक्तिधामों पर सभी जिलों के कलेक्टर को फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट पेश करने हाई कोर्ट का आदेश

  बिलासपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के बदहाल मुक्तिधामों पर सभी जिलों के कलेक्टर से फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट मांगा था। यह रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी गई है। अब कोर्ट ने चीफ सिकरेट्री को अपने आदेश का कंप्लायंस रिपोर्ट की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बिलासपुर निगम कमिश्नर को शपथ पत्र में जवाब पेश करने कहा गया है। अगली सुनवाई जनवरी में रखी गई है।

राज्य शासन की ओर से कहा गया है कि मुक्तिधामों के रखरखाव के लिए विस्तृत दिशा- निर्देश जारी कर दिए हैं।

इनमें साफ-सफाई, ग्रीन फेंसिंग या कंटीले तार से बाउंड्री, शेड की मरम्मत, बिजली, पानी और पुरुष-महिला के लिए अलग शौचालय जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच ने कहा कि गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार संविधान के तहत जीने के अधिकार का हिस्सा है, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि हर मुक्तिधाम में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।

दरअसल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा 29 सितंबर को बिल्हा के मुक्तिधाम पहुंचे थे। जहां उन्होंने चारों तरफ अव्यवस्था और गंदगी देखी। वे किसी न्यायिक अधिकारी के पिता के निधन पर पहुंचे थे। जिसके बाद उन्होंने इस बदहाली पर संज्ञान लिया। बीते सुनवाई में मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और कलेक्टर बिलासपुर ने इस मामले में अपने-अपने शपथपत्र (हलफनामा) प्रस्तुत किया था। साथ ही, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और शहरी प्रशासन विभाग ने 6 अक्टूबर और 8 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में राज्यव्यापी निर्देश जारी किए हैं। इस पर डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल निर्देश जारी करने से काम नहीं चलेगा।

मुक्तिधाम में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं

ध्यान रहे कि चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा 29 सितंबर को रहंगी में एक अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने मुक्तिधाम की अव्यवस्था देखकर हैरानी जताई थी। मुक्तिधाम में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थी। यहां पहुंचने कोई रास्ता भी नहीं था। पानी, बैठने के कोई इंतजाम भी नहीं दिखे। जिस पर हाईकोर्ट ने इस अव्यवस्था को जनहित याचिका मानकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद रहंगी मुक्तिधाम की दशा पर बिलासपुर कलेक्टर ने शपथ पत्र दिया। इसमें बताया गया कि रहंगी मुक्तिधाम में तुरंत सुधार कार्य किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने हॉल को खाली कर प्रतीक्षालय में बदला गया है। पीने के पानी की व्यवस्था की गई है और अंतिम संस्कार प्लेटफॉर्म की मरम्मत कराई गई। इसके अलावा मुख्य सड़क से मुक्तिधाम तक सीसी रोड बनाने के लिए 10 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई है।

कांग्रेस नेता सुभाष धुप्पड़ का निधन: मुंबई के अस्पताल में ली अंतिम सांस, रायपुर में शोक की लहर

कांग्रेस नेता सुभाष धुप्पड़ का निधन: मुंबई के अस्पताल में ली अंतिम सांस, रायपुर में शोक की लहर

  रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुभाष धुप्पड़ नहीं रहे। मुंबई में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। हाल ही में उनका वहां ऑपरेशन हुआ था। मगर वो सक्सेस नही हो पाया। सुभाष धुप्पड़ रायपुर के जाने माने नेता थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के वे बेहद करीबी रहे। उनके अचानक देहावसान की खबर से लोग हतप्रभ रह गए।

सुभाष धुप्पड़ रायपुर की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा रहे। उन्होंने लंबे समय तक संगठन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ शहर के विकास में अहम भूमिका निभाई। रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने शहर के कई अहम् विकास कार्यों की नींव रखी। कांग्रेस संगठन में उनकी मजबूत पकड़, जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा जुड़ाव और सरल व्यक्तित्व की वजह से उन्हें खास सम्मान प्राप्त था।

 साइबर ब्लैकमेल का खौफनाक रूप: नाबालिग का वीडियो बनाकर किया शोषण, आरोपी गिरफ्तार

साइबर ब्लैकमेल का खौफनाक रूप: नाबालिग का वीडियो बनाकर किया शोषण, आरोपी गिरफ्तार

  बिलासपुर| छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ब्लैकमेल का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिसमें 19 वर्षीय युवक ने तकनीक और दोस्ती—दोनों का गलत इस्तेमाल करते हुए 16 साल की नाबालिग छात्रा का शोषण किया। आरोपी ने पहले जबरन उसकी निजी वीडियो रिकॉर्ड की, फिर उसे हथियार बनाकर दुष्कर्म किया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने निजी वीडियो को वायरल कर पीड़िता को मानसिक प्रताड़ना भी दी, जो आज के समय में सोशल मीडिया के दुरुपयोग के खतरनाक स्तर को दर्शाती है। पुलिस के अनुसार, घटना सिर्फ शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह साइबर अपराध का भी गंभीर केस है।

वीडियो वायरल होने पर टूटी चुप्पी, परिवार पहुंचा थाने
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने लगे, पीड़िता के परिवार को पूरे प्रकरण की जानकारी हुई। परिजन तुरंत सिविल लाइन थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी राजबीर दास उर्फ राज मानिकपुरी (19) को जरहाभाठा मिनी बस्ती से गिरफ्तार कर लिया।

अक्तूबर से चल रहा था शोषण का सिलसिला
जांच में पता चला कि आरोपी अक्टूबर में जब पीड़िता घर पर अकेली थी, तब उसके घर पहुंचा और जबरन KISS कर वीडियो बना लिया। इसी वीडियो के नाम पर वह लड़की पर दबाव बनाता रहा। 17 अक्टूबर को उसने उसे नया बस स्टैंड, सिरगिट्टी ले जाकर दुष्कर्म किया और उसकी भी रिकॉर्डिंग कर ली।

UP में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच के लिए SIT गठित, अबतक 32 गिरफ्तार

UP में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच के लिए SIT गठित, अबतक 32 गिरफ्तार

 उत्तरप्रदेश :- उत्तर प्रदेश सरकार ने पांच ज़िलों में कोडीन-आधारित कफ सिरप और नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली अन्य दवाओं के अवैध भंडारण और बिक्री की जांच के लिए सोमवार को एक महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की। प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार इस मामले को "बेहद गंभीरता" से ले रही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक एसआईटी गठित की जा रही है। प्रसाद ने बताया, "जांच के लिए एक आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की जा रही है। एसआईटी में खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्राधिकरण (एफडीएसए) के अधिकारी भी शामिल होंगे।" 

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने कहा कि अब तक की जांच में प्रमुख "सुपर स्टॉकिस्ट" के एक नेटवर्क का पर्दाफ़ाश हुआ है जो कथित तौर पर कोडीन-आधारित सिरप के अवैध लेन-देन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पांच प्रमुख ‘सुपर स्टॉकिस्ट' की पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि उनमें से तीन वाराणसी से शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल, सहारनपुर से विभोर राणा और गाजियाबाद से सौरभ त्यागी को पहले ही गिरफ्तार किया गया है तथा दो और ‘सुपर-स्टॉकिस्ट' जांच के दायरे में हैं और कार्रवाई जारी है। कृष्ण के अनुसार, राज्य में तस्करी की गई कफ सिरप की भारी बरामदगी हुई है। 

डीजीपी ने कहा,‘‘अब तक लगभग 3.5 लाख बोतलें बरामद की जा चुकी हैं, जिनकी कीमत लगभग 4.5 करोड़ रुपये है। हमने अब तक इस अवैध व्यापार से जुड़े कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया है।” कृष्ण ने कहा कि जांचकर्ताओं को भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश सीमाओं के पार तस्करी किए जाने के सबूत मिले हैं। उन्होंने कहा, "नेपाल और बांग्लादेश की ओर जाने वाली खेप के सबूत सामने आए हैं। हम इन सुरागों पर काम कर रहे हैं। हम बैंकिंग चैनलों के माध्यम से वित्तीय लेनदेन की पुष्टि कर रहे हैं।" 

डीजीपी ने जांच के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही गलत सूचनाओं के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा, "सोशल और डिजिटल मीडिया पर बहुत सी बातें बिना सबूत और बिना तथ्यों के सामने आती हैं। हम वित्तीय साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं। धनराशि लेनदेन के सत्यापित आधार पर नाम सामने आए हैं। अवैध रूप से धनराशि उन जगहों और व्यक्तियों को भेजी गई जिनके पास वैध लाइसेंस नहीं था - यहां तक कि ठेले वालों को भी और इसके साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।" 

आरोपी शुभम जायसवाल के विदेश भाग जाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर कृष्ण ने कहा, "ज़रूरत पड़ने पर हम प्रत्यर्पण का प्रयास करेंगे।" उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस मामले को अपने हाथ में लिया है और जांच को प्रभावित करने के सोशल मीडिया के दावों को "निराधार" बताते हुए खारिज कर दिया है। खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्राधिकरण (एफडीएसए) आयुक्त रोशन जैकब ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोडीन-आधारित कफ सिरप समेत मादक पदार्थ श्रेणी की दवाओं के अवैध हेराफेरी की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। जैकब ने बताया, "मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि कोडीन-आधारित कफ सिरप प्रतिबंधित दवा नहीं है। यह अनुसूची एच के अंतर्गत आता है और इसे केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही बेचा जाना चाहिए। इसे कानूनी रूप से रखने या बेचने में कुछ भी गलत नहीं है। 

समस्या तब उत्पन्न होती है जब बिना किसी सहायक दस्तावेज़ और उचित खरीद-बिक्री रिकॉर्ड के भारी मात्रा में आपूर्ति की जाती है। लाइसेंसिंग प्राधिकारी होने के नाते, हम इसे उल्लंघन मानते हैं।" उन्होंने कहा, "मध्यप्रदेश में हुई किसी भी जानलेवा कफ सिरप की घटना का उत्तर प्रदेश में कोई संबंध नहीं है। सभी ज़िलों ने इसकी पुष्टि की है।" जैकब ने कहा कि विभाग ने अवैध व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, "हमने लगभग 280 दवा लाइसेंस रद्द करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। जहां भी खामियां पायी गयी हैं, कार्रवाई की जा रही है।" 

अमित बघेल की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत पर भेजा

अमित बघेल की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत पर भेजा

 रायपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। उनके खिलाफ विभिन्न विवादित बयानों और सोशल मीडिया पर दिए गए वक्तव्यों के चलते पाँच राज्यों में 12 एफआईआर दर्ज हैं।

अमित बघेल 5 दिसंबर को देवेंद्रनगर थाने में आत्मसमर्पण करने पहुँचे थे, लेकिन थाने से कुछ दूरी पर ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनकी रिमांड अवधि खत्म होने पर उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

क्या है विवाद?
अक्टूबर माह में रायपुर के वीआईपी चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की घटना के बाद बघेल मौके पर पहुँचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के आराध्य झूलेलाल को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। इन बयानों के बाद सिंधी और अग्रवाल समाज के लोगों ने रायपुर सहित कई जिलों और राज्यों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

CG – युवती की मिली लाश : नहर के पास मिली युवती की जली हुई लाश, इलाके में फैली सनसनी, जताई जा रही ये आशंका

CG – युवती की मिली लाश : नहर के पास मिली युवती की जली हुई लाश, इलाके में फैली सनसनी, जताई जा रही ये आशंका

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां नहर के पास एक युवती की जली हुई लाश मिली है। युवती की हत्या कर उसे जला दिया गया। युवती की जली लाश मिलने से हड़कंप मच गया है।

मामला जिले के उतई थाना क्षेत्र के पुरई का है। सोमवार को करगाडीह रोड पर पुरई में नहर के पासनहर के पास झाड़ियों में एक युवती की लाश मिली। युवती की लाश पूरी तरह जली हुई थी। जिसे पहचानना मुश्किल है। युवती की लाश मिलते ही इलाके में सनसनी फ़ैल गयी।

हत्या के बाद जलाने की आशंका

जानकारी के मुताबिक़, सोमवार की सुबह कुछ ग्रामीण टहलने निकले हुए थे। इस दौरान उन्हें करगाडीह रोड पर झाड़ियों के पास जली हुई लाश देखी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गयी। शव पूरी तरह जल चुका था।

जांच मे जुटी पुलिस

पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिंक टीम को भी बुलाया गया। युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, पहले युवती की हत्या कर दी गयी और फिर उसे जला दिया गया। ताकि युवती की पहचान न हो सके। फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ के इस IPS की हुई इंटेलिजेंस ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति, राज्य सरकार ने किया रिलीव……

छत्तीसगढ़ के इस IPS की हुई इंटेलिजेंस ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति, राज्य सरकार ने किया रिलीव……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2018 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी पुष्कर शर्मा को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने औपचारिक रूप से रिलीव कर दिया है। गृह मंत्रालय द्वारा कुछ दिनों पूर्व उनकी नई पोस्टिंग आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद अब वे नई जिम्मेदारी संभालने दिल्ली रवाना होंगे। वर्तमान में वे वीआईपी बटालियन, माना (रायपुर) में कमांडेंट के पद पर तैनात थे।

बता दे 2018 बैच के आईपीएस पुष्कर शर्मा मूलतः बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले हैं। उनके पिता सरकारी इंजीनियर थे। पिता की नौकरी के चलते उनकी केजी वन से दसवीं तक की स्कूलिंग उत्तरप्रदेश के फतेहपुर से हुई। फिर उन्होंने राजस्थान के कोटा से ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई के साथ आईआईटी प्रवेश परीक्षा जेईई की तैयारी भी की। फिरआईआईटी बीएचयू से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और यूपीएससी की तैयारियों में जुट गए। उन्होंने अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग रखा था क्योंकि ग्रेजुएशन में भी उनका यही सब्जेक्ट था। चौथे अटेम्प्ट में 228 वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्रैक की और आईपीएस बन गए।

बतौर आईपीएस उन्होंने 17 दिसंबर 2018 को सर्विस ज्वाइन की। पुष्कर शर्मा को छत्तीसगढ़ कैडर मिला। सरदार वल्लभ भाई पटेल पुलिस प्रशिक्षण अकादमी हैदराबाद से ट्रेनिंग खत्म करने के बाद फील्ड ट्रेनिंग के लिए उन्हें रायगढ़ जिले में बतौर प्रशिक्षु आईपीएस पोस्टिंग दी गई। जिसके बाद अंबिकापुर में सीएसपी बने। फिर नारायणपुर जिले में एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन रहे। बतौर पुलिस अधीक्षक पुष्कर शर्मा की पहली पोस्टिंग नारायणपुर जिले में रही। फिर वे सारंगढ़– बिलाईगढ़ जिले के एसपी बने।

इस दौरान पुष्कर शर्मा ने बतौर पुलिस अधीक्षक बेहतरीन कार्य किए और पड़ोसी राज्य उड़ीसा की सीमा से सटा हुआ जिला होने के चलते वहां से होने वाली गांजे की तस्करी को लगाम लगाया और गांजे सप्लाई के चेन को तोड़ा। सारंगढ़ के बाद वर्तमान में पुष्कर शर्मा वीआईपी बटालियन माना रायपुर के कमांडेंट हैं,जहां से उन्हें प्रतिनियुक्ति के लिए रिलीव किया गया।

CG – सीआरपीएफ कैंप में ग्रामीण की संदिग्ध मौत, फंदे से लटकती मिली लाश, मचा हड़कंप……

CG – सीआरपीएफ कैंप में ग्रामीण की संदिग्ध मौत, फंदे से लटकती मिली लाश, मचा हड़कंप……

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में एक तरफ जहाँ नक्सलियों ने सड़क निर्माण ठेकेदार की गला रेतकर हत्या कर दी। वहीँ, एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। उसकी लाश सीआरपीएफ कैंप में फंदे पर लटकती हुई मिली है।

मामला जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र के वाटेवागु सीआरपीएफ कैंप का है। सीआरपीएफ कैंप में एक ग्रामीण का शव मिला है। ग्रामीण का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ मिला है। मृतक की पहचान माड़वी भीमा ( 48 वर्ष) के रूप में हुई है। माड़वी भीमा रेखापल्ली का रहने वाला था।

जानकारी के मुताबिक, माड़वी भीमा जो माओवादी सामग्री बरामदगी में सुरक्षा बलों की मदद किया करता था। 5 दिसंबर को भी माड़वी भीमा ने एंटी–नक्सल अभियान में सुरक्षा बलों की मदद की थी। 5 दिसंबर को रेखापल्ली गांव के पास माड़वी भीमा और अन्य ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा बलों ने रेखापल्ली, धामारम, कोंडापल्ली और चिंतावागु नदी तट के आसपास सर्च अभियान चलाया था।

इस दौरान सुरक्षा बलों ने जंगलों में छिपाए गए IED, विस्फोटक सामग्री और अन्य उपकरण बरामद किये थे। इस सर्चिंग अभियान में माड़वी भीमा ने जवानो की काफी मदद की थी। सर्चिंग अभियान के बाद 6 दिसंबर को जवान कैंप लौटी थी। माड़वी भीमा भी साथ था। रात को खाना खाने बाद वो भीमा पास के मैदान में टहलने गया। कुछ देर बाद जब जवान उसे बाहर निकले तो माड़वी भीमा का शव पेड़ से तौलिए से लटका हुआ था।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

जवानों ने तुरंत उसे नीचे उतारा. उसे अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। माड़वी भीमा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नक्सलियों के बदले डर डर से उसने आत्महत्या की है। जबकि परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की गयी है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

छत्तीसगढ़ में धान की बंपर खरीद, अब तक इतने लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा की खरीदी, ये जिला रहा अव्वल……

छत्तीसगढ़ में धान की बंपर खरीद, अब तक इतने लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा की खरीदी, ये जिला रहा अव्वल……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब तक लगभग 22 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी की जा चुकी है। 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी में महासमुंद जिले ने टॉप किया है, जबकि दूसरे व तीसरे स्थान पर गरियाबंद और बिलासपुर जिला है।

छत्तीसगढ़ में अब तक हुए धान खऱीदी में महासमुंद जिले ने सर्वाधिक 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल धान खरीदकर टॉप किया है, गरियाबंद जिले ने 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल और बिलासपुर जिले ने 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल धान खरीदकर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर आए हैं।

गौरतलब है चालू खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष 27 लाख 30 हजार 96 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है। 22 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत मार्कफेड द्वारा 5277 करोड़ रुपए किसानों के खाते में जारी किए गए है।

अब तक करीब 4.4 लाख पंजीकृत किसानों ने बेचा धान

रिपोर्ट के मुताबिक पंजीकृत किसानों में से अब तक करीब 4.4 लाख किसानों ने धान उपार्जन केंद्रों पर धान बेचा है। महासमुंद, गरियाबंद, बिलासपुर में सर्वाधिक धान खरीदा गया है, जबकि कांकेर में चौथे स्थान रहा, जहां 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदी हुई है। पांच लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली जिले शामिल हैं।

महासमुंद, गरियाबंद, बिलासपुर में सर्वाधिक धान खरीदी हुई है। कांकेर में चौथे स्थान रहा है। 5 लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली हैं। वहीं, 4 लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेंतरा, बालोद और कोण्डागांव शामिल हैं।

सीएम विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू किया गया है। किसानों से खरीदे गए धान के मूल्य भुगतान के लिए सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रुपए की बैंक गांरटी पहले ही दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो।

धान खरीदी के लिए सरकार ने सभी धान उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

CG – स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की पत्नी ले रही गलत तरीके से इस योजना का लाभ, पति ने खुद की अपने पत्नी की शिकायत, फिर जो हुआ…..

CG – स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की पत्नी ले रही गलत तरीके से इस योजना का लाभ, पति ने खुद की अपने पत्नी की शिकायत, फिर जो हुआ…..

 धमतरी। जिले में महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जहां सरकारी कर्मचारी की पत्नी नियम विरुद्ध तरीके से पिछले 21 माह से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है। इसकी शिकायत खुद महिला के पति ने की है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी ने बताया है कि उसकी पत्नी उसके स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने के बावजूद भी गलत तरीके से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है, जिस पर उसकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की जाए पति की शिकायत के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है और जिला प्रशासन ने इसकी जांच करवाने का निर्णय लिया है।

धमतरी जिले में सामने आए इस मामले में सरकारी कर्मचारी गजेंद्र सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने झूठी जानकारी दे कर पिछले 21 माह से महतारी वंदन योजना का लाभ ले लिया। उसने पति के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने की जानकारी नहीं दी। पूनम सिन्हा ने महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए झूठी जानकारी पेश की। अब स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ उनके पति गजेंद्र सिन्हा इस गड़बड़ी का खुलासा करने के लिए खुद सामने आए हैं। उन्होंने धमतरी कलेक्टर को शिकायत सौंप कर पत्नी पूनम सिन्हा के महतारी वंदन योजना के लिए भरे गए फॉर्म और शपथ पत्र की जांच की मांग की है।

गजेंद्र सिन्हा ने बताया है कि वह बालोद जिले के गुरुर तहसील के ग्राम दर्रा का रहने वाला है और कांकेर के कोरर में स्वास्थ्य विभाग में आरएमए के पद पर तैनात है। नियम के तहत किसी सरकारी कर्मचारी की पत्नी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं है। लेकिन उनकी पत्नी पूनम सिन्हा ने उनके स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने की जानकारी अपने फार्म में छुपाई और पति के कृषि कार्य में संलग्न होने की जानकारी देकर मार्च 2024 से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है। खुद हितग्राही महिला के पति ने अपनी पत्नी के मार्च 2024 से योजना का लाभ लेने की पुष्टि की है।

गलत जानकारी देकर महिला पिछले 21 माह से महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही है और इस बात की भनक महिला एवं बाल विकास विभाग को भी नहीं है। यह न केवल महतारी वंदन योजना की पात्रता पर सवाल खड़ा करती है बल्कि यह भी बताती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपात्र लोग किस तरह से गलत शपथ पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं।

वहीं इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी महेश मरकाम ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि इसकी विधिवत जांच की जा रही है। यदि जांच में मामला प्रमाणित पाया जाता है तो रिकवरी के अलावा कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से सौर ऊर्जा को अपनाने लोगों में उत्साह….

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से सौर ऊर्जा को अपनाने लोगों में उत्साह….

 रायपुर: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सचमुच ऊर्जा क्रांति का नया अध्याय लिख दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और जिले में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर दीपक सोनी के सतत मार्गदर्शन ने इस योजना को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिले के लोगों में इस योजना को लेकर उत्साह इतना प्रबल है कि 7,869 परिवारों ने अब तक पंजीकरण कराकर सौर ऊर्जा अपनाने की दिशा में अपना सशक्त संकल्प व्यक्त किया है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते जिले के बदलते सोच और जागरूकता का प्रतीक है।इसी प्रतिबद्धता और प्रशासनिक सक्रियता का परिणाम है कि 728 घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित हो चुके हैं। ये परिवार आज मुफ्त बिजली का लाभ प्राप्त कर न केवल आर्थिक बचत कर रहे हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी सार्थक योगदान दे रहे हैं।

इस योजना की पारदर्शिता और त्वरित लाभ वितरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि 501 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान किया जा चुका है। इससे योजना के प्रति आम नागरिकों का भरोसा और मजबूत हुआ है तथा सहभागिता भी लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के मार्गदर्शन और कलेक्टर दीपक सोनी की निगरानी में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का यह अभियान जिले में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। आज बलौदाबाजार-भाटापारा छत्तीसगढ़ का एक प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रहा है—जहाँ सरकारी योजनाएँ कागज़ों से निकलकर वास्तव में लोगों के जीवन में रोशनी बन रही हैं और उज्ज्वल परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।

नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये की सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

 रायपुर: कई प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग केंद्र और वेलनेस हब खुद को नेचुरोपैथी  कहते हैं। जो प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान करता है और बापू भवन इसका ऐतिहासिक घर है, जिसे गांधीजी ने अपनाया था। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य प्राकृतिक उपचार, योग, आहार, मिट्टी स्नान और हर्बल दवाओं के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है।  जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है।

निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। भवन तैयार हो जाने के बाद कुनकुरी नगरवासियों को प्राकृतिक चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा अपने ही नगर में उपलब्ध होगी। यह भवन न सिर्फ लोगों को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए बड़ी राहत भी देगा। अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नगरवासियों ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आएगी।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाई को छूता जशपुर 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सौगातें मिल चुकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ा कदम उठाते हुए वित्त विभाग से 359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है । इसी प्रकार 220 विस्तर अस्पताल के लिए 32 करोड़ की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय भवन के 8 करोड़ की मंजूरी, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के 14 करोड़ की मंजूरी, कल्याण आश्रम अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन के लिए 35 करोड़ की मंजूरी, ग़िनाबहर में मातृत्व शिशु चिकित्सालय भवन निर्माण के 8 करोड़ की मंजूरी सहित कई सौगातें दी गई है, जो जिले वासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वरदान साबित होंगी।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से कवर्धा में महिला सशक्तिकरण को मिली नई दिशा….

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से कवर्धा में महिला सशक्तिकरण को मिली नई दिशा….

रायपुर: प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के महिला शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को लेकर किए गए सतत प्रयासों ने कवर्धा में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा प्रदान की है। महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना, उनके शिक्षा और रोजगार के लिए की गई पहल के साथ महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को सामाजिक आर्थिक विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की पहचान बन चुकी महतारी वंदन योजना से कवर्धा विधानसभा की 1 लाख 30 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। उन्हें प्रति माह 1 हजार रुपये के मान से अब तक 251 करोड़ 63 लाख 96 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है। योजना की 21 किश्तों की राशि खाते में दी जा चुकी हैं, और कुछ दिन पहले 22 वीं किश्त भी जारी कर दी गई है। कई महिलाएं इस राशि का उपयोग अपने बच्चों के बेहतर पढ़ाई लिखाई में कर रही हैं, तो कई ने घर के अन्य खर्चों को वहन करने में किया।

409 कन्याओं का करवाया गया सामूहिक विवाह

श्री विजय शर्मा के प्रयासों से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत कवर्धा विधानसभा के 409 कन्याओं का सामूहिक विवाह धूमधाम से संपन्न कराया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री स्वयं बाराती बनकर शामिल हुए और नवयुगल दंपत्तियों को शुभाशीष प्रदान किया।

गर्भवती महिलाओं के लिए सोनोग्राफी जांच शिविर, 1 हजार से अधिक लाभान्वित

सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा शुरू की गई है, जिससे अब तक 1000 से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है। समय पर होने वाली जांच से गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की ठीक से मॉनिटरिंग संभव हो रही है। किसी प्रकार के जटिल और गंभीर मामलों में समय पर इलाज संभव हो सकता है। यह जांच शिविर जच्चा और बच्चा दोनों की सेहत की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

स्व-रोजगार के लिए 100 से अधिक सिलाई मशीन का वितरण

महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कवर्धा की 100 से अधिक महिलाओं को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सिलाई मशीन वितरित किया है। ताकि वे अपना खुद का काम शुरू कर सकें। यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दृष्टि से अभिनव प्रयास है।

लखपति दीदी योजना ने महिला समूहों को दिखाई आर्थिक प्रगति की राह

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें सामाजिक-आर्थिक विकासमूलक योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। कवर्धा विधानसभा में 6,158 स्व-सहायता समूह बनाए जा चुके हैं। आजीविका से जुड़कर यहां की 13,924 महिलाएँ अब ‘लखपति दीदी’ बनकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुई हैं।

महतारी सदन से मिली महिला सशक्तिकरण की नयी पहचान

उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से कबीरधाम जिले को महतारी सदन योजना के अंतर्गत 19 महतारी सदनों की महत्वपूर्ण सौगात मिली है। यह योजना राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति दूरदर्शी सोच और प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। जिले में अब तक निर्मित 05 महतारी सदन भवनों का वर्चुअल लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किया गया, जबकि शेष 14 महतारी सदनों का निर्माण कार्य 3 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से प्रगति पर है।

Breaking : बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! इन अधिकारियों के प्रभार में हुआ बदलाव, देखें सूची…!!

Breaking : बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! इन अधिकारियों के प्रभार में हुआ बदलाव, देखें सूची…!!

  रायपुर  : छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य प्रशासनिक सेवा व सचिवालय सेवा के 38 अधिकारियों को नवीन पदस्थापना दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि राज्य प्रशासनिक सेवा व सचिवालय सेवा के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से, अस्थाई रूप से, नवीन पदस्थापना दी गई है।

 cabinet meeting : मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक इसदिन

cabinet meeting : मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक इसदिन

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक 10 दिसंबर को प्रातः 11 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की जाएगी।

CG : भीषण सड़क हादसा: दो बाइकों में जोरदार भिड़ंत, एक युवक की मौत, दो गंभीर

CG : भीषण सड़क हादसा: दो बाइकों में जोरदार भिड़ंत, एक युवक की मौत, दो गंभीर

 सक्ती। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे नहीं थम रहें है, आए दिन कई लोगों की दुर्घटना में मौते हो रही है, इसी बीच डभरा थाना क्षेत्र में बड़ा सड़क हादसा हो गया। डभरा–साराडीह मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने–सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही डभरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को 108 की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डभरा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों गंभीर घायलों को बेहतर इलाज हेतु रेफर कर दिया।

हादसे में घायल युवक विक्रम चौहान उम्र 19 वर्ष, टीकम चौहान, उम्र 20 वर्ष, मृत युवक,आनंद सिदार, उम्र 20 वर्ष तीनों युवक नवापारा (डभरा) के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डभरा–साराडीह रोड पर हुए इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

Breaking : नक्सलियों ने अगवा कर ठेकेदार को उतारा मौत के घाट

Breaking : नक्सलियों ने अगवा कर ठेकेदार को उतारा मौत के घाट

  बीजापुर। छत्तीसगढ़ बीजापुर में नक्सलियों का खूनी खेल जारी है, माओवादियों ने यूपी के एक ठेकेदार को अगवा कर मौत के घात उतार दिया है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने पहले ठेकेदार के मुंशी को अगवा किया था। जब मुंशी को बचाने ठेकेदार पहुंचा, तो उसकी हत्या कर दी गई। ये पूरा मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है।

सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे नक्सली 
 
जानकारी के मुताबिक, मृतक ठेकेदार की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले इम्तियाज अली के रूप में हुई है। वह काफी समय से नारायणपुर जिले के धौड़ाई इलाके में रहकर ठेकेदारी का काम करता था। इस इलाके में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रासपल्ली से पीनाचंदा के बीच 18 किमी सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा था। जिसका नक्सली विरोध कर रहे थे।

ठेकेदार की गला रेतकर हत्या

नक्सलियों के विरोध के बाद भी ठेकेदार इम्तियाज अली ने काम बंद नही किया था। जिसके बाद नक्सलियोें ने पहले जेसीबी मशीन के मुंशी का अपहरण कर लिया था। जिसे छुड़ाने ठेकेदार इम्तियाज अली मुंशी नक्सलियों के पास गया था। जहां नक्सलियों ने ठेकेदार को अगवा करने रास्ते में ही गला रेतकर हत्या कर दी।

इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
 
बीजापुर एसपी जितेन्द्र यादव ने बताया कि नक्सलियों ने मुंशी को रिहा कर दिया है। जिसने पुलिस और परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया। मुंशी के बयान के आधार पर पुलिस द्वारा इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
Breaking : 1 करोड़ के इनामी रामधेन सहित 12 नक्सलियों ने छोड़ा हथियार, किया सरेंडर

Breaking : 1 करोड़ के इनामी रामधेन सहित 12 नक्सलियों ने छोड़ा हथियार, किया सरेंडर

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में लाल आतंक को करारा झटका लगा है, शासन की पुनर्वास नीति के तहत 1 करोड़ के इनामी रामधेन सहित 12 नक्सलियों ने हथियार सहित डीजीपी के सामने सरेंडर किया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 1 सेंट्रल कमेटी मेम्बर, 4 डीवीसीएम और अन्य 7 बड़े कैडर के नक्सली शामिल।

BREAKING : सीएम साय के बयान के बाद जमीन गाइडलाइन दरों पर नया आदेश जारी, नगर पंचायतों, पालिका में प्रावधान यथावत, बहुमंजिला फ्लैट और दुकानों को बड़ी राहत

BREAKING : सीएम साय के बयान के बाद जमीन गाइडलाइन दरों पर नया आदेश जारी, नगर पंचायतों, पालिका में प्रावधान यथावत, बहुमंजिला फ्लैट और दुकानों को बड़ी राहत

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइडलाइन दरों को लेकर लगातार उठ रही आपत्तियों के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को कहा था कि जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें पुनर्विचार करने के लिए तैयार है। वहीं अब सरकार ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बैठक में हाल ही में जारी की गई बढ़ोतरी से जुड़े कई प्रावधानों को वापस ले लिया गया है। साथ ही पूरे प्रदेश में मूल्यांकन की एक एकरूप व्यवस्था लागू कर दी गई है। कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन ने गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण को लेकर आदेश जारी किया है। जारी आदेश में बहुमंजिला फ्लैट, दुकानों को भी बड़ी राहत प्रदान की गई है। वहीं अब सुपर बिल्डअप एरिया के आधार पर गणना प्रावधान खत्म कर दिया गया है। साथ ही बिल्ड अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन होगा।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड में लिए गए निर्णय- नगरीय क्षेत्र में 1400 वर्ग मीटर तक भूखंडों के इंक्रीमेंटल आधार पर गणना के प्रावधान को समाप्त करते हुए पूर्व प्रचलित उपबंध अनुसार नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल तक, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल तक, और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन के प्रावधान को यथावत लागू किए जाने का निर्णय लिया गया।

बहुमंजिला भवनों में फ्लैट/दुकान/कार्यालय अंतरण होने पर सुपर बिल्ट अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना के प्रावधान को विलोपित किए जाने का निर्णय लिया गया. अब इनमें बिल्ट अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। यह प्रावधान मध्य प्रदेश के समय से चला आ रहा था और राज्य में वर्टिकल डेवलपमेंट के लिए इसकी मांग लंबे समय से आ रही थी। इससे नगर योजना में भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

बहुमंजिला भवन एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट एवं प्रथम तल पर 10% कमी, द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20% कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इससे मध्यम वर्ग को किफायती दर पर फ्लैट मिल पाएंगे। कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में 20 मीटर पश्चात् स्थित संपत्ति के लिए भूखंड की दर में 25% कमी कर मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर दूरी की गणना कॉम्प्लेक्स के मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित भाग से की जाएगी।

जिला मूल्यांकन समिति द्वारा गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के प्रस्ताव केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जाते हैं जिनका विश्लेषण कर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड नवीन गाइडलाइन दरें जारी करता है. ज़िला मूल्यांकन समिति को यह निर्देशित करने का निर्णय लिया गया कि हाल ही में हुई दरों में वृद्धि के पश्चात् प्राप्त ज्ञापनों, आपत्तियों एवं सुझावों का परिशीलन कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें।

उपरोक्त निर्णय तत्काल प्रभावशील होंगे।

जरूरत पड़ी तो करेंगे बदलाव

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गाइडलाइन दरों को लेकर अभी भी विभागीय मंथन जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।

 

CG : हत्या के बाद शव में लगाई आग, नहर के पास मिली युवती की जली हुई लाश, मचा हड़कंप

CG : हत्या के बाद शव में लगाई आग, नहर के पास मिली युवती की जली हुई लाश, मचा हड़कंप

 दुर्ग।  जिले में आज सुबह एक युवती की जली हुई लाश मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सुबह के वक्त मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने नहर के पास झाड़ियों में जली हुई लाश देखने के बाद तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फारेंसिक की टीम ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस पूरे घटना को हत्या और साक्ष्य छिपाने से जोड़कर तफ्तीश कर रही है।जानकारी के मुताबिक हत्या की ये वारदात उतई थाना क्षेत्र के पुरई का है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के लोग रोज की तरह आस सुबह के वक्त मार्निंग वाॅक पर निकले थे। करगाडीह रोड पर नहर के पास ही झाड़ियों में लोगों ने एक अधजली लाश देखी। इस जानकारी के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। तुरंत लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद उतई थाने से पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। चूकि लाश बुरी तरह से जल चुकी थी, ऐसे में मृतिका की पहचान नही हो सकी है। पुलिस हत्या की इस वारदात को सुझालने के लिए मौके पर फारेंसिक की टीम को बुलाया गया।

पुलिस की प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवती की पहले हत्या की गई होगी। उसके बाद सबूत मिटाने के इरादे से आरोपियों ने सूनसान जगह पर शव को लाकर आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं युवती की पहचान की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस की एक टीम आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले रही है। पुलिस को उम्मींद है कि जांच में जल्द ही इस अंधे कत्ल की कड़ियों को जोड़कर हत्यारे तक पुलिस पहुंच जायेगी और इस वारदात का खुलासा किया जायेगा।

प्रदेश में अब तक 22.25 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी

प्रदेश में अब तक 22.25 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी

 रायपुर। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला तेजी के साथ जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान में पांच दिसम्बर को सवेरे 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 लाख 39 हजार 433 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान की खरीदी हो चुकी है।

अब तक 4 लाख 39 हजार 511 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा 5277 करोड़ रूपए जारी किए गए है। चालू खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष 27 लाख 30 हजार 96 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है।

राज्य में सभी जिलों में धान खरीदी जारी है। धान खरीदी से अब तक महासमुंद जिला सर्वाधिक 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल धान खरीदकर पहले पायदान पर है। वहीं गरियाबंद जिले 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल धान खरीदकार दूसरे नम्बर पर है। इसी तरह बिलासपुर जिले 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल धान खरीदकर तीसरे स्थान हासिल की है। हांलाकि कांकेर जिला 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदी कर चौथे पायदान पर बने हुए है। पांच लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली जिले शामिल हैं, वहीं चार लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेंतरा, बालोद और कोण्डागांव शामिल हैं।

किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गए हैं। वहीं आगामी दिवस 8 दिसम्बर को धान खरीदी के लिए किसानों को 50 हजार 234 टोकन जारी हुए हैं। इस वर्ष शुरू किए गऐ टोकन तुहर एप्प ऑनलाईन व्यवस्था से किसानों को काफी सहुलियत मिल रही है। किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है।

पंचायत विभाग को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का आदेश

पंचायत विभाग को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का आदेश

 बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत सचिव की नियुक्ति में देरी करने पर राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को फटकार लगाई है। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने विभाग की निदेशक प्रियंका थवाईत को कल 8 दिसंबर को सुबह 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।

इस मामले में आसिफ रजा ने याचिका दायर की है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 22 फरवरी 2024 को रिट अपील में आदेश दिया था कि आसिफ रजा की ग्राम पंचायत सचिव पद पर नियुक्ति पर विचार किया जाए, बिना यह प्रभावित किए कि पहले से नियुक्त और जॉइन कर चुके उम्मीदवारों की नौकरी पर कोई असर न पड़े।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुशोभित सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्य सरकार वित्त विभाग की स्वीकृति का इंतजार कर रही है और बार-बार आसिफ रजा को रायपुर से बैकुंठपुर दौड़ाया जा रहा है।

कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब हाईकोर्ट का आदेश मौजूद है, तो वित्त विभाग की स्वीकृति की जरूरत क्यों है? और अगर जरूरत है भी तो 22 फरवरी 2024 के आदेश के बाद अब तक क्यों नहीं ली गई?

कोर्ट ने मामले को कल 8 दिसंबर  के लिए लिस्ट किया है और आदेश की प्रति सूचना के लिए मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को भी भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि वे देख सकें कि सिस्टम कैसे काम कर रहा है।

झूठी निकली 14 लाख रुपए की लूट की कहानी..! कंपनी के कैश लोडर ने रची थी साजिश

झूठी निकली 14 लाख रुपए की लूट की कहानी..! कंपनी के कैश लोडर ने रची थी साजिश

 भिलाई। हिताची कंपनी के एटीएम में कैश लोडिंग करने वाले वर्कर से 14 लाख 60 हजार रुपये की लूट की वारदात को कुम्हारी पुलिस ने सुलझा लिया है। कैश लोडर ने खुद के साथ लूट होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को घंटों गुमराह किया, लेकिन पूछताछ और जांच के दौरान पूरी सच्चाई सामने आ गई। अब प्रार्थी ही आरोपित बन चुका है और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है

दरअसल इस मामले में लूट की बड़ी रकम की सूचना मिलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल, एएसपी शहर सुखनंदन राठौर और कुम्हारी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच के दौरान ही पुलिस को लूट की कहानी में कई तथ्यों पर संदेह हुआ, और आखिरकार पर्दाफाश हो गया कि पूरी कथा झूठी थी। लूट की घटना फर्जी साबित होने पर पुलिस ने राहत की सांस तो ली मगर साथ ही आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।

ऐसे किया लूट का झूठा नाटक

एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि 6 दिसंबर की शाम करीब साढ़े 7 बजे कुम्हारी पुलिस को सूचना मिली कि कपसदा गांव स्थित ग्लोबल स्कूल के पास तीन अज्ञात युवकों ने 14 लाख 60 हजार रुपये से भरा बैग लूट लिया है। शिकायतकर्ता चरोदा निवासी आशीष राठौर (34 वर्ष) ने बताया कि वह हिताची कंपनी के एटीएम बूथों में कैश लोडिंग का कार्य करता है और वही रकम लेकर जा रहा था। उसने दावा किया कि वह अपने भांजे मनीष राठौर के साथ मोटरसाइकिल से रायपुर के हीरापुर तेंदुआ वाले एटीएम में कैश लोड करने के बाद मुरमुंदा और दादर के एटीएम में कैश डालने के लिए जा रहा था। इसी दौरान तीन युवकों ने गाड़ी रोककर चाकू दिखाते हुए उससे नोटों से भरा बैग छीन लिया और खेतों की ओर भाग गए। उसके अनुसार बैग में मुरमुंदा एटीएम के लिए 8 लाख 60 हजार रुपये और दादर एटीएम के लिए 6 लाख रुपये रखे थे।

पुलिस को इस तरह हुआ संदेह

दरअसल घटना के वक्त भांजे मनीष के साथ होने की बात कही गई थी पर मनीष मौके पर मौजूद नहीं था। मोटरसाइकिल गिरने का दावा किया गया, लेकिन न बाइक पर न ही आशीष के शरीर पर एक भी खरोंच का निशान था। पूछताछ में बयानों में लगातार विरोधाभास मिलते रहे। इन बिंदुओं के सामने आने पर पुलिस ने आशीष को थाना लाकर पूछताछ की। एसएसपी विजय अग्रवाल और एएसपी सुखनंदन राठौर द्वारा कड़ी पूछताछ के दौरान अंततः आशीष टूट गया और स्वीकार किया कि लूट की पूरी कहानी झूठी थी।