नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
नगर निगम मुख्यालय के पीछे मिली युवक की लाश, मचा हड़कंप, हत्या या फिर….जांच में जुटी पुलिस…

नगर निगम मुख्यालय के पीछे मिली युवक की लाश, मचा हड़कंप, हत्या या फिर….जांच में जुटी पुलिस…

 दुर्ग। भिलाई नगर निगम मुख्यालय के पीछे और सुपेला सब्जी मंडी से लगे एरिया में एक 32 वर्षीय युवक की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही सुपेला पुलिस और फरेंसिक की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया है। सुपेला पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि भिलाई नगर निगम मुख्यालय भवन के पीछे सुनसान एरिया में एक युवक की लाश पड़ी है।

पुलिस मौके पर पहुंची। युवक की जब सिनाख्त करवाई गई तो लोगों ने बताया कि उस युवक को सुपेला सब्जी मंडी में देखा गया है। सुपेला सब्जी मंडी के व्यापारियों से जब पहचान कराई गई तो उन्होंने उसकी पहचान महेन्द्र पाटिल निवासी राम नगर भिलाई के रूप में की। व्यापारियों ने बताया कि महेंद्र सुपेला सब्जी मंडी में ही हमाली का काम करता था। वो तीन भाइयों में तीसरे नंबर का भाई था। व्यापारियों ने बताया कि वो काफी नशा करता थी। इसी के चलते उसकी मौत हुई होगी।

CGPSC SCAM : रायपुर, महासमुंद के 5 ठिकानों पर CBI की दबिश, जल्द ही कुछ अन्य होंगे गिरफ्तार

CGPSC SCAM : रायपुर, महासमुंद के 5 ठिकानों पर CBI की दबिश, जल्द ही कुछ अन्य होंगे गिरफ्तार

 रायपुर। CGPSC भर्ती घोटाले में सीबीआई ने रायपुर, महासमुंद में कुल 5 ठिकानों पर दबिश दी है। इसमें सरकारी डॉक्टर, कोचिंग इंस्टीट्यूट और एक निजी होटल समेत कुल 5 ठिकानों को सीबीआई ने घेरा है

महासमुंद में अभ्यारण के गेस्ट हाउस, सरकारी डॉक्टर के घर रायपुर के फूल चौक स्थित निजी होटल, सिविल लाइन स्थित कोचिंग इंस्टीट्यूट पर सीबीआई की टीमों ने पड़ताल की। इस जांच में अहम दस्तावेज समेत टेक्निकल एविडेंस बरामद करने की बात कही जा रही है।

बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना

बताया जा रहा है कि अब तक मिले सबूतों के आधार पर जल्द ही दो और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अब तक इस मामले पूर्व चेयरमेन टीएस सोनवानी समेत डेढ़ दर्जन लोग गिरफ्तार हैं। बुधवार को शुरू हुई सभी स्थानों पर कार्यवाही खत्म होने की भी जानकारी सामने आ रही है ।

 गुरुकुल महिला महाविद्यालय में तृतीय वर्ष की छात्राओं के लिए विदाई समारोह आयोजित

गुरुकुल महिला महाविद्यालय में तृतीय वर्ष की छात्राओं के लिए विदाई समारोह आयोजित

 रायपुर  : रायपुर के गुरुकुल महिला महाविद्यालय में आज दिनांक 17 अप्रैल को विदाई समारोह का आयोजन हुआ। द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने तृतीय वर्ष की छात्राओं के लिए गुरुकुल प्रेक्षागृह में शानदार विदाई समारोह सजाया। कार्यक्रम में मस्ती से भरपूर गेम्स, डांस, रैम्प वॉक और केक कटिंग ने समां बांध दिया।

विदाई की शाम में ‘मिस फेयरवेल’ का खिताब पायल रजक को मिला। इस मौके पर कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संध्या गुप्ता, उपप्राचार्य डॉ. राजेश अग्रवाल और अन्य प्राध्यापकगण मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन निखत रजा, पायल साहू, वर्तिका साहू, वैशाली मिश्रा और तनू साहू ने किया।

छत्त्तीसगढ़ में इस साल नहीं मिलेगी गर्मी की छुट्टियां , आदेश जारी

छत्त्तीसगढ़ में इस साल नहीं मिलेगी गर्मी की छुट्टियां , आदेश जारी

 बिलासपुर।  गर्मी के छुट्टी के दौरान भी बच्चों के लिए क्लास संचालित की जायेगी। इस संबंध में डीपीआई की तरफ से सभी जिला शिक्षा अधिकारियो को भी पत्र जारी किया गया है। जारी निर्देश के मुताबिक 1 मई से होने वाली गरमी की छुट्टी के दौरान पांचवी और आठवी बोर्ड में फेल हो गये परीक्षार्थियों के लिए स्पेशल क्लास संचालित की जायेगी।

1 जून से पांचवी और आठवी बोर्ड परीक्षा के लिए पूरक परीक्षा आयोजित की जायेगी। इससे पहले 30 अप्रैल तक पांचवी आठवी बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी कर दिये जायेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि कक्षा पांचवी आठवी के कमजोर छात्रों के लिए मई माह में विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी। परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए 1 जून से पूरक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। मूल्यांकन कार्य 15 अप्रैल तक पूर्ण कर 30 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

डीईओ अनिल तिवारी ने बताया कि इस वर्ष गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी कक्षाएं संचालित की जाएंगी। हालांकि, ये कक्षाएं सिर्फ उन्हीं छात्रों के लिए होंगी, जो कक्षा पांचवी और आठवी की वार्षिक परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए हैं। उन्होने बताया कि बच्चो को ग्रेड के आधार पर उन्नयन किया जाना है। उन्होने बताया कि बच्चो को फैल या पास नही किया जाना हैं। बल्कि उन बच्चो के स्तर को उन्नयन किया जाना हैं।

हटाए गए इस यूनिवर्सिटी के सभी कार्यक्रम अधिकारी, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…

हटाए गए इस यूनिवर्सिटी के सभी कार्यक्रम अधिकारी, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एनएसएस कैंप में नमाज पढ़ाने के मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एनएसएस के सभी 12 कार्यक्रम अधिकारियों को हटा दिया है। यह कार्रवाई एबीवीपी कार्यकर्ताओं व सनातन समाज के सदस्यों के हंगामे के बाद की गई।

बता दें कि 26 मार्च से एक अप्रैल तक एनएसएस कैंप का आयोजन किया गया था, जिसमें गुरुघासीदास विश्विद्यालय के 159 छात्र शामिल हुए थे। इनमें केवल 4 छात्र मुस्लिम थे, बाकी सभी हिंदू थे. 30 मार्च को ईद के दिन एनएसएस कैंप में जबरदस्ती छात्रों से नमाज पढ़ाई गई थी। छात्रों ने इस मामले की लिखित शिकायत थाने में की थी, जिस पर जांच शुरू हो गई है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रो. दिलीप झा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें एनएसएस समन्वयक पद से हटाया था। उनके स्थान पर ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग में प्रोफेसर राजेन्द्र कुमार मेहता को प्रभार सौंपा गया। वहीं बुधवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठन के लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर में हंगामा करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। प्रदर्शन के बाद इस मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी कार्यक्रम अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया है।

इन कार्यक्रम अधिकारियों को हटाए गए

हटाए गए कार्यक्रम अधिकारियों में डाॅ. प्रीति सतवानी कम्प्यूटर साइंस एवं इन्फार्मेशन टेक्नोलाजी यूजी इकाई, आशुतोष नायक सिविल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड कंप्यूटेशनल यूजी. इकाई, डाॅ. गीता मिश्रा, प्राणी शास्त्र विभाग इकाई, डाॅ. मधुलिका सिंह, वनस्पति विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग इकाई, डाॅ. ज्योति वर्मा, कला अध्ययन शाला विभाग इकाई, डाॅ. नीरज कुमार, रसायन विभाग इकाई, डाॅ. विकास चन्द, वनस्पति विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग इकाई, डाॅ. प्रमोद कुमार द्विवेदी, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग इकाई, डाॅ. अश्वलेश्वर कुमार श्रीवास्तव कम्प्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इकाई, डाॅ. प्रशांत वैष्णव, कम्प्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इकाई, डाॅ. सूर्यभान सिंह, रसायन विभाग इकाई, डाॅ. वसंत कुमार, कला अध्ययन शाला विभाग इकाई शामिल हैं।

BIG ब्रेकिंग: साय कैबिनेट ने लिये कई अहम फैसले,पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय

BIG ब्रेकिंग: साय कैबिनेट ने लिये कई अहम फैसले,पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय

  रायपुर :- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

 मंत्रिपरिषद की बैठक में परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के हित में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल एवं विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड, सरगुजा/बस्तर/बिलासपुर द्वारा आयोजित परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो परीक्षा अथवा साक्षात्कार में उपस्थित होंगे उन्हें उनके द्वारा दी गई परीक्षा शुल्क की राशि वापस की जाएगी।

इससे सिरियस केन्डीडेट की परीक्षा में उपस्थिति का प्रतिशत बढ़ेगा, वहीं नॉन सिरियस केन्डीडेट और इनइलिजिबल केन्डीडेट परीक्षा फॉर्म नहीं भरेंगे और इनके कारण राज्य शासन को होने वाली आर्थिक क्षति भी कम होगी।

 कैबिनेट की बैठक में राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया गया।

जिसके अनुसार राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रूपए तक की वैट देनदरियों को माफ करेगी। इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी।

 कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ में एन.आई.एफ.टी. (NIFT) के कैम्पस को मंजूरी प्रदान की गई। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) का नया कैम्पस छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में स्थापित किया जाएगा। कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार इस परियोजना की कुल संभावित लागत करीब 271.18 करोड़ रुपये होगी। इसमें भूमि क्रय हेतु 21.18 करोड़, भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ और मशीनरी, फर्नीचर आदि के लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है।
इस संस्थान की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) भारत में फैशन शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत हुई थी। एन.आई.एफ.टी. के पूरे भारत में 17 परिसर हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु शामिल हैं। यह संस्थान फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है। संस्थान फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन प्रबंधन और फैशन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखता है। यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान करने के लिए फैशन उद्योग के साथ सहयोग करता है।

 मंत्रिपरिषद ने राज्य के नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट सह कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण हेतु स्थापित किये जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु रियायती लीज (Lease) दरों पर शासकीय भूमि आबंटन किये जाने की सहमति प्रदान करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए नगरीय प्रशासन विभाग एवं संबंधित नगर निगमों को अधिकृत किया है।

 मंत्रिपरिषद ने राज्य में सहकारिता को प्रोत्साहन दिये जाने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत शक्कर वितरण हेतु अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक आवश्यक शक्कर का क्रय राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से करने का निर्णय लिया है। इस हेतु शक्कर का क्रय मूल्य 37,000 रू. प्रति टन (एक्स फैक्ट्री, जी.एस.टी. अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है।

 मंत्रिपरिषद ने स्थानीय रोजगार और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 नए अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 नए अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी

  रायपुर :- प्रदेश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। संसाधनों के आधुनिकीकरण, अग्निशमन सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करने और जवानों के प्रशिक्षण व मनोबल को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सेक्टर-13, नवा रायपुर में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

आपातकालीन सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ये अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन प्रदेश की त्वरित आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को नई गति देंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित भवनों के माध्यम से अग्निशमन तंत्र को मजबूती मिलेगी और हमारे जवानों की दक्षता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से और तेज़ी से काबू पाया जा सकेगा, जिससे जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है और इसे पूरी निष्ठा और तत्परता से निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं, जिनकी सेवाओं को समाज हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखता है।

आपातकालीन सेवा का डेमो और अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी

कार्यक्रम के दौरान राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित आपातकालीन सेवा का प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को गहरी रुचि और गंभीरता से देखा और जवानों की तत्परता व सजगता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने अग्निशमन सेवाओं में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी।

अग्निशमन सेवाओं का निरंतर हो रहा सशक्तिकरण

उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से हस्तांतरित किया गया था। वर्तमान में प्रतिवर्ष औसतन 8,000 फायर कॉल प्राप्त होते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में यह संख्या प्रतिदिन 40 तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि आज जिन 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को शामिल किया गया है, उनके साथ विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनआरडीए द्वारा नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ।

शहीद अग्निशमन कर्मियों को समर्पित अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह

अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि अग्निशमन सेवाओं में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को शहीद दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक पूरे देश में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में विधायक  मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव गृह  मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

राजधानी में पकड़ी गई नकली पनीर की बड़ी खेप, इतने हजार किलो नकली पनीर बरामद, खाद्य विभाग की छापेमारी में खुलासा….

राजधानी में पकड़ी गई नकली पनीर की बड़ी खेप, इतने हजार किलो नकली पनीर बरामद, खाद्य विभाग की छापेमारी में खुलासा….

 रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर में नकली पनीर को लेकर पूर्व में की गई कार्यवाही के बावजूद वही कारोबारी फिर से नकली पनीर का धंधा करते हुए फिर से पकड़ा गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की छापेमारी में गोकुल नगर स्थित एक डेयरी से करीब 1 हजार किलो डिब्बाबंद नकली पनीर बरामद किया गया है। यह खेप गुरुवार को जब्त की गई।

जांच में सामने आया है कि यह नकली पनीर भोपाल और मुरैना से मंगाया गया था और इसे रायपुर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सप्लाई किया जा रहा था। छापे में पूर्व में नकली पनीर के मामले में पकड़ा गया सौरभ शर्मा का नाम एक बार फिर सामने आया हैजो इस डेयरी का संचालन कर रहा था।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने तक डेयरी को सील कर दिया गया है। इस मामले ने एक बार फिर राजधानी में खाद्य सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही यह भी संकेत दिया है कि नकली पनीर माफिया अब भी सक्रिय हैं और खुलेआम लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।

जर्जर भवन में संचालित है राशन दुकान : जान जोखिम में डालकर राशन लेने पहुंच रहे ग्रामीण

जर्जर भवन में संचालित है राशन दुकान : जान जोखिम में डालकर राशन लेने पहुंच रहे ग्रामीण

 महासमुंद. छत्तीसगढ़ में लोग जान जोखिम में डालकर सरकारी राशन लेने के लिए मजबूर है. मामला महासमुंद जिले के पिथोरा नगर के क्रमांक-2 की उचित मूल्य दुकान का है. यह दुकान एक ऐसे भवन में चल रही है, जो जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुका है. लंबी कतारों में घंटों इंतजार करने वाले लोग न केवल बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, बल्कि हर पल हादसे की आशंका के साये में राशन लेने पहुंच रहे हैं.

प्रशासन की अनदेखी, लोग हो रहे परेशान

छत्तीसगढ़ सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली सस्ते अनाज का वादा तो करती है, लेकिन स्थानीय प्रशासन की अनदेखी ने पिथौरा के लोगों को मुसीबत में डाल दिया है. राशन दुकान में न बैठने की जगह, न पीने का पानी, और न ही शौचालय. अगर किसी को वॉशरूम की जरूरत पड़े, तो घर लौटना पड़ता है, जिससे उनका नंबर छूट जाता है और दिन बर्बाद हो जाता है. 

महिलाओं को सबसे ज्यादा मुसीबत

छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना संचालित कर रही है, लेकिन इस राशन दुकान में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को ही हो रही है. महिलाएं अपने बच्चों के साथ कतार में घंटों खड़ी रहती हैं. स्थानीय लोग कहते हैं, “प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है.”

90 लाख की कमाई, फिर भी नहीं हुई मरम्मत

यह दुकान कौड़िया सहकारी विपणन संस्था की जमीन पर है. संस्था ने दुकान के सामने 9 दुकानें बनाकर नीलामी से 90 लाख रुपये कमाए और हर महीने 700 रुपये प्रति दुकान किराया भी वसूल रही है. इसके बावजूद, वर्षों से जर्जर पड़े राशन वितरण भवन की मरम्मत तक नहीं कराई गई. 

जब नगर पंचायत पिथौरा के अध्यक्ष देवसिंह निषाद से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि सहकारी समिति को व्यवस्था करनी चाहिए क्योंकि यह उनकी संस्था है. वर्षों से भवन जर्जर है. पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था जल्द कराई जाएगी.

वहीं सहकारी उप पंजीयक के संजय कुमार गुप्ता ने मामले पर कहा कि अभी दो-तीन दिन ही हुए हैं पदभार ग्रहण किए. पिथौरा के कर्मचारियों को पुराने भवन का एस्टीमेट तैयार करने कहा गया है. जल्द ही सुधार कार्य शुरू होगा.

अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू, घर बैठे कर सकते हैं आवेदन

अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू, घर बैठे कर सकते हैं आवेदन

 रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अभिनव कदम उठाते हुए व्यापारियों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है। स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई इस ऑनलाइन प्रणाली का उद्देश्य नियमों में सुधार करना और कठिन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि व्यवसायियों को समय और लागत की बचत भी होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल को उद्यमियों और व्यापारियों ने खूब सराहा है।नई प्रणाली के तहत व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक करने की सुविधा ने प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बना दिया है। पहले जहां कागजी कार्रवाई और कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही क्लिक में पूरा हो जाएगा। स्वचालित सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि सभी नियामक आवश्यकताएं पूरी हों, जिससे त्रुटियों की संभावना कम हो और ऑडिट प्रक्रिया भी सरल हो।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में व्यवसाय करना आसान और सुगम हो। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हमने अस्थायी बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को न केवल तेज किया है, बल्कि इसे पारदर्शी और व्यवसायी-अनुकूल भी बनाया है। यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो हमारे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

डिजिटल प्रणाली से कागजी कार्रवाई खत्म

सीएम ने कहा, इस डिजिटल प्रणाली ने कागजी कार्रवाई और बार-बार सरकारी दफ्तरों के दौरे की जरूरत को खत्म कर दिया है, जिससे प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आई है। छोटे और मझोले उद्यमी, जो पहले जटिल प्रक्रियाओं से जूझते थे, अब इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। रायपुर के एक युवा व्यवसायी हरीश पटेल ने बताया, पहले कनेक्शन लेने में कई हफ्ते लग जाते थे, लेकिन अब यह काम कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकार का यह कदम वाकई सराहनीय है।

सरकारी विभागों और व्यवसायियों दोनों को फायदा

यह सिस्टम न केवल तेज और सुगम है, बल्कि पूरी तरह नियमों के अनुरूप भी है। डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग से ऑडिट प्रक्रिया आसान हो गई है, जिससे सरकारी विभागों और व्यवसायियों दोनों को फायदा होगा। सरकार का कहना है कि यह डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में अन्य सरकारी सेवाओं को भी इसी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की योजना है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से न केवल व्यवसायियों को राहत मिली है, बल्कि यह राज्य को निवेश के लिए और आकर्षक बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रणाली निश्चित रूप से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

 BREAKING : साय कैबिनेट की बैठक शुरू, लिए जा सकते है कई बड़े फैसले

BREAKING : साय कैबिनेट की बैठक शुरू, लिए जा सकते है कई बड़े फैसले

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है, बैठक में कई बड़े निर्णय लिए जा सकते है।

 

नक्सलियों की साजिश हुई नाकाम, गट्टाकाल के जंगल में जवानों ने बरामद किया 5 किलो का IED, मौके पर किया डिफ्यूज

नक्सलियों की साजिश हुई नाकाम, गट्टाकाल के जंगल में जवानों ने बरामद किया 5 किलो का IED, मौके पर किया डिफ्यूज

 नारायणपुर। एक बार फिर सुरक्षा बलों की सतर्कता ने नक्सलियों की खतरनाक साजिश पर पानी फेर दिया है। नारायणपुर जिले के गट्टाकाल के जंगलों में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने 5 किलो वजनी प्रेशर कुकर IED बरामद किया है। नक्सलियों ने इसे जवानों को निशाना बनाने के इरादे से प्लांट किया था, लेकिन समय रहते इसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया गया।

दरअसल, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर प्रभात कुमार ने माओवादियों के लगाये गये आईईडी विस्फोट की घटना से हो रही नुकसान को देखते हुए क्षेत्र में आईईडी खोजने के लिए बीडीएस टीम को अगल-अलग क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। इस दौरान नक्सलियों के द्वारा लगाये गये आईईडी को बरामद कराया जा रहा। इसी कड़ी में 15 अप्रैल को थाना कोहकामेटा क्षेत्रान्तर्गत कैम्प मोहंदी से जिला पुलिस बल, 53वीं वाहिनी आईटीबीपी और बीडीएस के संयुक्त बल एरिया डॉमिनेशन पर ग्राम गट्टाकाल और आसपास क्षेत्र की ओर रवाना हुए थे।

इस दौरान गट्टाकाल के जंगल पहाड़ी रास्ते में 5 किलो का 1 कुकर आईईडी बरामद किया गया। सुरक्षाबलों की सतर्कता के चलते आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर दिया गया। माओवादियों द्वारा उक्त आईईडी को सुरक्षा बलो को नुकसान पहुंचाने के नीयत से लगाया गया था। वर्ष 2025 में अब तक कुल 16 से अधि आईईडी जप्त किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि नक्सली क्षेत्र में लगातार हिंसा फैलाने की फिराक में हैं।

मुख्यमंत्री सचिवालय से तीन अफसरों का हुआ तबादला

मुख्यमंत्री सचिवालय से तीन अफसरों का हुआ तबादला

 रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री सचिवालय से मंत्रालयीन सेवा के तीन अधिकारी कर्मचारियों के तबादले किए हैं। इनमें एक अनुभाग अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं पशुपालन विभाग के एक अफसर को मुख्यमंत्री सचिवालय भेजा गया है। देखें आदेश :

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, छत्तीसगढ़ के इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम…..

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, छत्तीसगढ़ के इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम…..

 रायपुर। प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच मौसम विभाग ने प्रदेशवासियों के लिए राहत भरी खबर सुनाई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों में तापमान में गिरावट होगी और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। इतना ही नहीं प्रदेश में तेज हवा के साथ बारिश भी हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अलग-अलग द्रोणिका और ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। सिक्किम से उत्तर उड़ीसा तक द्रोणिका 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है। एक द्रोणिका पूर्वी मध्य प्रदेश से गंगेटिक पश्चिम बंगाल तक छत्तीसगढ़ होते हुए 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके अलावा दूसरा द्रोणिका पूर्वी मध्य प्रदेश से दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।

मौसम में बदलाव के चलते छत्तीसगढ़ में 2 डिग्री तक तापमान में गिरावट होगी, लेकिन इसके बाद भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास ही रहेगा। वहीं दो दिनों के बाद तापमान में फिर से वृद्धि होने की बात भी मौसम विभाग की तरफ से कही गई है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि, अगले पांच दिनों तक छत्तीसगढ़ में मेघ गर्जन और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। प्रदेश की राजधानी रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, बिलासपुर समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है। बारिश होने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

BREAKING : दो शिक्षिकाओं पर गिरी गाज, प्रधान पाठिका, शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, जाने पूरा मामला..!!

BREAKING : दो शिक्षिकाओं पर गिरी गाज, प्रधान पाठिका, शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, जाने पूरा मामला..!!

 बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले का है, जहां राजपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला उधेनूपारा में कक्षा 5वीं की परीक्षा में एक छात्रा के स्थान पर किसी अन्य को परीक्षा में बैठाने का मामला सामने आया है। इस मामले में दो महिला शिक्षिका का सस्पेंड कर दिया गया है।

जांच में दोषी पाए जाने पर विद्यालय की प्रधान पाठक प्रमिला तिग्गा एवं सहायक शिक्षिका नीलू केरकेट्टा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि कक्षा 5वीं की परीक्षा में एक छात्रा के स्थान पर किसी अन्य छात्रा को परीक्षा दिलाए जाने की सूचना प्राप्त होने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं तीन सदस्यीय जांच समिति द्वारा त्वरित जांच की गई।

संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से पाया गया कि विद्यालय की प्रधान पाठक प्रमिला तिग्गा एवं सहायक शिक्षिका नीलू केरकेट्टा ने कक्षा 5वीं में किसी अन्य छात्रा को वास्तविक छात्रा की जगह परीक्षा में बैठाया। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।

शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी डी. एन. मिश्रा ने दोनों शिक्षिकाओं को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1)(क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान प्रमिला तिग्गा एवं नीलू केरकेट्टा का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, शंकरगढ़ नियत किया गया है। इस अवधि में दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आज बस्तर जिले के ग्राम शासनकचौरा और हलबा कचौरा में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत ‘आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा’ के तहत 3 हितग्राहियों के घर जाकर ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया। उप मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है। उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है।

इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजनांतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम शासनकचौरा और हलबा कचौरा में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं लाभार्थियों क्रमशः बृन्दावती भारती, दुलारी भारती और गुड्डुराम बघेल से चर्चा करते हुए उनके मकान की स्थिति जानी। उन्होंने ग्रामवासियों से सीधा संवाद करते हुए यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र योजना में सम्मिलित किया जाएगा।

हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार : उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का मकान एक बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कुल 11,50,315 मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। अब तक कुल 3,59,037 लाभार्थियों को आवास मिल चुका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा GRIH पोर्टल भी विकसित किया गया है।

Big Breaking - कांग्रेस ने आधी रात को जारी किया आदेश...सभी निगमों में नेता प्रतिपक्ष की हुई घोषणा

Big Breaking - कांग्रेस ने आधी रात को जारी किया आदेश...सभी निगमों में नेता प्रतिपक्ष की हुई घोषणा

 रायपुर । प्रदेश के सभी नगर निगम चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद कांग्रेस सभी जगह दूसरे नंबर पर चली गई। इन चुनावों के काफी वक्त गुजर जाने के बाद भी अभी तक पार्टी ने अपने नेता प्रतिपक्ष की घोषणा नहीं की थी लेकिन बुधवार की रात पार्टी ने इसकी घोषणा कर दी है।

कांग्रेस ने आधी रात, जहां फरवरी में चुनाव हुए हैं वहां के सभी नगर निगमों के लिए नेता और उपनेता प्रतिपक्ष की सूची जारी कर दी है। इस सूची में रायगढ़ नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष पार्षद सलीम नियारिया को बनाया गया है वहीं उप नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी पार्षद विकास ठेठवार को दी गई है। इसके अलावा रायपुर में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को तथा उप नेता प्रतिपक्ष जयश्री नायक को बनाया गया है।

देखिए पूरी सूची -- 

 

 

 

 

छत्तीसगढ़ बन रहा निवेश का नया हब, सर्वाधिक निवेश वाले टॉप टेन राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ बन रहा निवेश का नया हब, सर्वाधिक निवेश वाले टॉप टेन राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़

 रायपुर : छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रोजेक्ट टूडे सर्वे द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आया है, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को, देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल करती है। इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में हुए निवेश को मिलाकर राज्य में अब तक 4.4 लाख करोड़ रूपए का औद्योगिक निवेश हुआ है।

एक नवंबर 2024 से लागू नई औद्योगिक नीति 2024-30 ने छत्तीसगढ़ को निवेशकों के लिए एक आकर्षक राज्य बना दिया है। इस नीति में न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सूत्र को अपनाया गया है, जिसके तहत सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 साल तक कर छूट, और ब्याज अनुदान जैसे प्रावधानों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। नीति में 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 तक प्रशिक्षण अनुदान जैसे प्रावधान भी शामिल हैं, जिसका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर निवेश को आकर्षित करने के लिए देश के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट का आयोजन किया गया। इन समिट्स में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4.4 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई में आयोजित समिट में 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव और अमेरिका व रूस के कॉन्सल जनरल से विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की सहमति मिली। दिल्ली में 15,184 करोड़ और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले एक साल में 300 से अधिक सुधार लागू किए, जिसने कागजी प्रक्रियाओं को कम कर कारोबारी माहौल को पारदर्शी और तेज बनाया। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के जरिए सभी स्वीकृतियां और लाइसेंस आसानी से उपलब्ध हैं, और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया को 7 दिनों के भीतर सीमित किया गया है। इन सुधारों ने छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक के लिए छत्तीसगढ़ को एक पसंदीदा गंतव्य बनाया है।

छत्तीसगढ़ ने पहली बार सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, और एआई आधारित उद्योगों के लिए निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। नवा रायपुर में हाल ही में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन हुआ, जो तकनीकी नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम है। नया रायपुर को बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर आईटी हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें नैसकॉम के साथ समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। इन निवेशों से न केवल आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है। राज्य नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है, जो देश के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।

POLICE TRANSFER : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, एसपी ने 16 पुलिसकर्मियों का किया तबादला

POLICE TRANSFER : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, एसपी ने 16 पुलिसकर्मियों का किया तबादला

 सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के पुलिस बड़ा फेरबदल हुआ है। SP अंकिता शर्मा ने साथ 16 पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है।-

 

Oplus_131072

 

जारी आदेश के मुताबिक आदेश में 1 उप निरीक्षक, 4 सहायक उप निरीक्षक व 8 आरक्षकों के नाम शामिल है। डभरा थाने में पदस्थ उप निरीक्षक शिव चरण चौहान व आरक्षक राजू खुंटे को लाईन अटैच किया गया है। वहीं मालखरौदा थाने में पदस्थ सीपी कंवर को अब डभरा खाने का प्रभारी बनाया गया है।

अबूझ नहीं रहेगा अबूझमाड़, नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार – सीएम विष्णु देव साय

अबूझ नहीं रहेगा अबूझमाड़, नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार – सीएम विष्णु देव साय

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा के पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री साय ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का अभिनंदन किया। विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य नागरिकों से भरे खचाखच ऑडिटोरियम में पदभार ग्रहण करने के बाद दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों को सभी लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप तथा खाद्य मंत्री दयालदास बघेल भी समारोह में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरगुजा से लेकर बस्तर तक पर्यटन की अपार संभावना है। राज्य में डबल इंजन की सरकार के प्रभावी कदमों से बस्तर में नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे। अबूझमाड़ भी अबूझ नहीं रहेगा। वहां भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य का भविष्य उज्जवल है। इसमें रोजगार की भी बहुत संभावना है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन और साहित्य का विकास नए शिखरों को छुएगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल हैं। पर्यटन की दृष्टि से यहां की ये दोनों खासियतें अभी तक ‘अनएक्सप्लोर्ड’ (Unexplored) हैं। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर भी जल्दी ही पर्यटन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन (Tourist Destination) बन सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक हैं। यहां से बेहतर जंगल और कहीं नहीं हैं। राज्य में हर तरह की कनेक्टिविटी (Connectivity) बढ़ रही है। पर्यटन के विकास में इसका बहुत लाभ मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पर्यटन का क्षेत्र काफी संभावनाओं से भरा हुआ है। सरकार ने यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। इससे इस क्षेत्र के विकास को और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो ऊर्जावान युवाओं को महती जिम्मेदारी मिली है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा की अगुवाई में यहां पर्यटन का तेजी से विकास होगा। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा साहित्य के जानकार हैं और वे लगातार इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके अनुभवों का लाभ राज्य और अकादमी को मिलेगा। भरोसा है कि दोनों के सक्षम नेतृत्व में इन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम होंगे।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने खुद को दी गई बड़ी जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरे लिए नई चुनौती और नया अवसर है। छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का सौभाग्य मिल रहा है। यहां के पर्यटन स्थलों को सजाने-संवारने का काम करेंगे। पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली गतिविधियों को धरातल पर उतारेंगे।

छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य का क्षेत्र बहुत विराट क्षेत्र है। साहित्य भी विकास की एक धारा है। अन्य क्षेत्रों की तरह कला, संस्कृति और साहित्य का विकास भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ साहित्य के क्षेत्र में पूरे देश में जाना जाता रहा है। यहां के साहित्यकारों ने देशभर में नाम कमाया है। राजनांदगांव का इसमें बहुत योगदान है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विश्वास पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। यहां के साहित्य और साहित्यकारों का संरक्षण-संवर्धन करेंगे।

संस्कृति विभाग के संचालक और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने समारोह की शुरूआत में स्वागत भाषण और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सासंद सर्वश्री बृजमोहन अग्रवाल, संतोष पाण्डेय एवं विजय बघेल सहित अनेक विधायक और विभिन्न निगमों, मंडलों तथा आयोगों के अध्यक्ष भी पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ की पीडीएस व्यवस्था पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ की पीडीएस व्यवस्था पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी ने छत्तीसगढ़ पृथक राज्य का निर्माण किया। 2003 में जनादेश के बाद डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनाए गए जिनके नेतृत्व में प्रदेश का तेजी से विकास हुआ। मुझे गर्व होता है यह बताते हुए कि डॉ सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में जो पीडीएस व्यवस्था बनाई गई। वह आज पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ पीडीएस व्यवस्था है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव की प्रशंसा करते हुए कहा कि बेहद अनुभवी हैं रायपुर नगर निगम में सभापति और रायपुर विकास निगम के अध्यक्ष का दायित्व भी उन्होंने निभाया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह कॉर्पाेरेशन सिर्फ एक संस्था नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। यह एकमात्र निगम है जो प्रदेश की 75 प्रतिशत जनता से जुड़ा हुआ है। राशन की एक-एक दुकान की मॉनिटरिंग, वेयर हाउस की निगरानी, समय पर जन-जन तक खाद्यान्न सप्लाई सुनिश्चित करने तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री अरुण साव, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्व किरण सिंह देव, धरमलाल कौशिक, पुन्नूलाल मोहले, प्रबोध मिंज, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला, राजेश अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर मीनल चौबे, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्षअमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ में 4 नए स्मार्ट औद्योगिक पार्क स्थापित होंगे: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की घोषणा

छत्तीसगढ़ में 4 नए स्मार्ट औद्योगिक पार्क स्थापित होंगे: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की घोषणा

  रायपुर :- छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने आज तेलीबांधा स्थित उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने उन्हें अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सीएसआईडीसी प्रदेश में औद्योगिक वातावरण के निर्माण में बेहतर कार्य करेगा।  राजीव अग्रवाल अनेक पदों पर किये हैं। उनके अनुभवों से उद्योग जगत को एक नई ऊंचाई मिलेगी। राज्य में नई औद्योगिक नीति से प्रदेश का विकास होगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वर्तमान में 4.50 लाख करोड़ रूपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। राज्य में खनिज, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता से उद्योगों को फलने-फूलने का अवसर मिलेगा।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में सेक्टर आधारित उद्योगों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिला के ग्राम पटेवा में 322 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की  स्थापना के लिए 350 करोड़ रूपए, राजनांदगांव जिला के ग्राम बिजेतला में 50 एकड़ में स्पेश मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 25 करोड़ रूपए, नवा रायपुर के 20 एकड़ में रेडिमेट गारमेंट पार्क के लिए 30 करोड़ रूपए तथा नवा रायपुर में ही 30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के लिए 40 करोड़ रूपए की घोषणा की। इस तरह कुल 445 करोड़ रूपए की लागत से 4 स्मार्ट औद्योगिक पार्क की स्थापना की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों के विकास के लिए एक अनुकुल एवं सकारात्मक वातावरण बनेगा।

 इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। राज्य के नई औद्योगिक नीति से उद्योग बेहतर तरीके से विकसित होंगे और राज्य तेजी से विकास करेगा। सीएसआईडीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य के औद्योगिक नीति विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। अध्यक्ष के रूप में  राजीव अग्रवाल ने अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही।

इस मौके पर उप मुख्य मंत्री  अरुण साव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन,  केबिनेट मंत्री  केदार कश्यप,  राम विचार नेताम, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल एवं  विजय बघेल, विधायक  धरम लाल कौशिक,  किरण सिंह देव,  मोतीलाल साहू,  राजेश मूणत,  पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर रायपुर  मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक  विश्वेश कुमार, छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  संजय त्रिपाठी सचिव बांके बिहारी अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अध्यक्ष  अशोक कुमार अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल सहित निगम, मंडल बोर्ड के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 
डॉ. वर्णिका शर्मा ने ग्रहण किया छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष का पदभार

डॉ. वर्णिका शर्मा ने ग्रहण किया छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष का पदभार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी डॉ. वर्णिका शर्मा ने आज राजधानी रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, संासद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, धरमलाल कौशिक भी उपस्थित थे। उन्होंने डॉ. शर्मा को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. वर्णिका शर्मा को आयोग के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि डॉ. शर्मा के नेतृत्व में आयोग बाल संरक्षण की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य करेगा। उन्होंने बच्चों विशेष रूप से नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों के लिए काफी काम किया है। उनके अनुभवों का लाभ आयोग को मिलेगा।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि डॉ. वर्णिका शर्मा के अनुभव और नेतृत्व में आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा, कल्याण और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण में आयोग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और नई अध्यक्ष के नेतृत्व में यह और अधिक प्रभावी होगी।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आयोग, बच्चों से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों पर संवेदनशीलता से त्वरित कार्यवाही करेगा और समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर देगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 (2006 का अधिनियम क्रमांक 04) के तहत 16 जून 2010 को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की स्थापना की गई थी। आयोग का उद्देश्य राज्य में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उल्लंघन की रोकथाम और संबंधित मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करना है। आयोग के प्रमुख कार्यों में बच्चों से जुड़ी नीतियों और कार्यक्रमों का निरीक्षण, संकटग्रस्त और वंचित बच्चों की सुरक्षा, बालगृहों एवं संरक्षण संस्थानों का निरीक्षण, शिक्षा और प्रशिक्षण में बाल अधिकारों को बढ़ावा देना शामिल है। इसके साथ ही, आयोग को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के क्रियान्वयन और शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं किशोर न्याय अधिनियम 2015 (संशोधित 2021) के तहत आयोग, बच्चों की देखरेख और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की निगरानी भी करता है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : प्रेम में बने शारीरिक संबंध बलात्कार नहीं….HC ने दिए आरोपी को रिहा करने के आदेश..

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : प्रेम में बने शारीरिक संबंध बलात्कार नहीं….HC ने दिए आरोपी को रिहा करने के आदेश..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नाबालिग से रेप केस में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि किसी युवक और युवती के बीच प्रेम प्रसंग हो और आपसी सहमति से शारीरिक संबंध बने हों, तो उसे दुष्कर्म या पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने इस आधार पर एक युवक की सजा को रद्द करते हुए उसकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए हैं।

क्या था मामला?

एक युवक को नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई थी और वह पिछले छह वर्षों से जेल में बंद था। युवक ने इस सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि घटना के समय पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी। इसके साथ ही पीड़िता ने भी कोर्ट में बयान दिया कि वह आरोपी से प्रेम करती थी और दोनों के बीच शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे।

पीड़िता के बयान और अभियोजन की कमजोरी को देखते हुए हाईकोर्ट की एकल पीठ ने विशेष न्यायाधीश, रायपुर द्वारा 27 सितंबर 2019 को दिए गए फैसले को रद्द कर दिया। निचली अदालत ने आरोपी तरुण सेन को आईपीसी की धारा 376(2)(एन) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 10-10 साल की सजा सुनाई थी।

युवक पर आरोप था कि वह 8 जुलाई 2018 को एक लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया और कई दिनों तक उसके साथ रहा। लड़की के पिता ने 12 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद 18 जुलाई को लड़की को दुर्ग से बरामद किया गया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोपी युवक को लगभग छह साल बाद जेल से रिहाई मिल गई है।

बस्तर संभाग में विकास कार्यों की समीक्षा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिए जनकल्याणकारी योजनाओं के तेज़ी से क्रियान्वयन के निर्देश

बस्तर संभाग में विकास कार्यों की समीक्षा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिए जनकल्याणकारी योजनाओं के तेज़ी से क्रियान्वयन के निर्देश

 

 
नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही कार्य: मुख्यमंत्री श्री साय
 
अंतिम छोर तक योजनाओं का पहुंचे लाभ और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच हो सुनिश्चित - मुख्यमंत्री
 
रायपुर 16 अप्रैल 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज बस्तर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष 'प्रेरणा' में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हितग्राहीमूलक योजनाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्राथमिकता से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने के निर्देश दिए।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के विकास की यात्रा अब ठहराव नहीं, निरंतर गति की मांग करती है। हमारा प्रयास है कि अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच सुनिश्चित हो।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, नए भारत की संभावनाओं का प्रवेश द्वार बन रहा है। यहां का हर गाँव, हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े — यही हमारा लक्ष्य है। आयुष्मान, आधार, आवास और विद्युतीकरण जैसी योजनाएं केवल सरकारी परियोजनाएं नहीं, बल्कि आम जन की गरिमा और सुरक्षा की गारंटी हैं।
 
उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। हम उन्हें सिर्फ कौशल नहीं, स्वाभिमान देना चाहते हैं। अब हमारा मंत्र है — हर घर में उजाला, हर हाथ में रोजगार और हर दिल में विश्वास। यही बस्तर की नई पहचान होगी, और यहीं से छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को नई ऊँचाई मिलेगी।
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज की बैठक अत्यंत उपयोगी रही और इसमें बस्तर संभाग के विकास, शांति स्थापना और योजनाओं की प्रगति को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। यह देखकर संतोष होता है कि बस्तर संभाग में शासन और प्रशासन की टीम युवा, ऊर्जावान और संकल्पबद्ध दिख रही है। जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और समस्त अधिकारियों की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि हम सब विकास के प्रति गंभीर हैं और बस्तर में शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं।
 
बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में नक्सल उन्मूलन का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और यह लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का संकल्प है। हमारे सुरक्षा बलों का साहस, समर्पण और रणनीति के साथ काम करना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को समयबद्ध और सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि बच्चों को कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि गर्मी और बारिश के मौसम में बीमारियों की आशंका रहती है, ऐसे में सीएससी स्तर और स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता और चिकित्सकीय व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखें।उन्होंने कहा कि बस्तर में उद्योग की स्थापना को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, महिलाओं और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उद्योग नीति में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिनसे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि बस्तर में अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जगदलपुर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें प्रारंभ करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर भी गति लाई जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की आवश्यकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हम व्यक्तिगत लाभ आधारित योजनाओं को प्राथमिकता दें और प्रत्येक परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करें। मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं के कारण कई बार आधार, राशन, बैंकिंग जैसी सेवाएं बाधित होती हैं। संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर इसका शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और संचार उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बसें चलाने की आवश्यकता है ताकि जनता को सुरक्षित व सुलभ आवागमन का साधन मिल सके।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों में जनता की जबरदस्त भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास से जुड़ना चाहते हैं और नक्सलवाद की विचारधारा से दूर होना चाहते हैं। हमें इसी विश्वास को और मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लें, उन्हें सम्मान दें, और धैर्यपूर्वक उनकी बातों को सुनें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में प्रशासनिक कुशलता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी आवश्यक है। बस्तर संभाग की जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें पूरी निष्ठा के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य करना है।
 
इस अवसर पर  उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समूचा बस्तर अलग ही परिदृश्य में दिखाई दे रहा है, बस्तर उन्नति की कहानी लिख रहा है। यह सभी के परिश्रम का परिणाम है। बस्तर की आवश्यकता का ध्यान रखते हुए कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो को समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले ही निर्माण कार्य पूर्ण हो। 
 
बैठक के दौरान बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 87.24 प्रतिशत और आधार कार्ड निर्माण में 96.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड में शतप्रतिशत लक्ष्यपूर्ति  के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। 
 
बैठक में अंदरूनी क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के समाधान के लिए मोबाइल टावर लगाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 93.37 प्रतिशत प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही आवास से वंचित न रहे, और सभी निर्माण कार्य आगामी दिसंबर माह तक पूर्ण कर लिए जाएँ। आवश्यक निर्माण सामग्री की आपूर्ति पंचायतों के माध्यम से एकसाथ करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया।
 
बैठक में जानकारी दी गई कि विद्युतीकरण के क्षेत्र में बस्तर संभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अब तक 95.89 प्रतिशत घरों में बिजली पहुंच चुकी है। कांकेर जिले में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है, वहीं बस्तर और कोंडागांव में यह आँकड़ा 99 प्रतिशत के पार पहुँच गया है। शेष जिलों में दिसंबर 2025 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 91.55 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे जिलों में गति लाने के निर्देश दिए। इसी तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 82.88 प्रतिशत किसानों को लाभ मिल रहा है। जनधन खातों में 90.79 प्रतिशत पात्र हितग्राही पंजीकृत हैं। राजस्व संबंधी प्रकरणों जैसे नामांतरण, सीमांकन, त्रुटि सुधार के मामलों में त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
 
बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने स्थानीय युवाओं को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं को शतप्रतिशत प्लेसमेंट दिलाने और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
 
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरूण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पीसीसीएफ श्री श्रीनिवास राव,  बस्तर संभाग के आयुक्त, आईजी पुलिस, सभी जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आ