नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
इस मेडिकल कॉलेज में इंटर्न छात्राओं से छेड़छाड़...शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, कलेक्टर ने दिए ये निर्देश

इस मेडिकल कॉलेज में इंटर्न छात्राओं से छेड़छाड़...शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, कलेक्टर ने दिए ये निर्देश

 बिलासपुर। पश्चिम बंगाल में डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध के बाद पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। आईएमए कल देशव्यापी हड़ताल पर जिसने का निर्णय ले लिया है। समय रहते बिलासपुर के सिम्स मेडिकल कॉलेज में स्थिति नहीं सम्भाली गई और कुछ सीनियर डॉक्टर के करतूतों पर लगाम नहीं लगाया गया तो यहां भी बंगाल की तरह घटना घट सकती है। अचरज की बात ये सिज़्म के एमएस के संज्ञान में पूरी घटना की जानकारी होने के बाद भी मामले को दबाया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव हेल्थ मनोज पिंगुआ ने कहा कि अगर घटना सही होगी तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

कलेक्टर से सिम्स की इंटर्न डाक्टरो ने मिलकर शिकायत की थी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एमएस को जांच का निर्देश दिये था। डीएमई ने भी इस पर कार्रवाई व जांच के आदेश दे दिए हैं। लेकिन एमएस सहित पूरी टीम ही मिलकर दबाने में लगे हैं। सिम्स के एक डाक्टर पर सेक्सुअल हरासमेंट का आरोप इंटर्न डॉक्टर्स ने लगाया है।2019 बैच की सभी महिला इंटर्न का आरोप है कि सिम्स के एक सीनियर डॉक्टर उनसे छेड़खानी करते हैं। शरीर को गलत तरीके से छूते है। विरोध करने पर इंटर्नशिप में एक्सटेंशन लगाने तक की धमकी देने से बाज नही आते, महिला इंटर्न से पत्र के आधार पर डीएमई ने जांच कर रिपोर्ट मांगी है।

जुलाई में सिम्स में बंद कमरे में मामले की जांच की जा रही थी। इसी बीच एक और महिला पहुंची और दावा किया कि भाई का इलाज कराने जब वो सिम्स आई थी तब इसी डॉक्टर ने बेड शेयर करने कहा था। फिलहाल मामले में अब तक क्या जांच हुई उसे बताने को तैयार नहीं है।

2019 बैच की सभी महिला इंटर्न ने बीते दिनों कलेक्टर डीएमई को एक पत्र लिखा था जिसमे उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया है कि सीनियर डॉक्टर उनसे और उनके सीनियर बैच की महिला इंटर्न से काफी दिनों से छेड़खानी कर रहे है।लेकिन डर की वजह से यह बात किसी को बता नही पा रहे है।

शिकायत कर्ता महिला का कहना है कि आज भी जब उनके पति सिम्स में इंटरव्यू के लिए आते है तो मिली भगत कर उन्हे स्क्रूटीनी से ही भगा दिया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया की इस साजिश में कई लोग शामिल हैं। महिला ने बताया कि अब तक वह लोक लाज के डर से चुप थी लेकिन महिला इंटर्न द्वारा शिकायत करने की जानकारी मिली तब वह भी न्याय मांगने आई है।

ब्रेकिंग: CM साय ने की घोषणा... राज्य सरकार की पहल पर युवाओं को प्राप्त होगा सुनहरा अवसर

ब्रेकिंग: CM साय ने की घोषणा... राज्य सरकार की पहल पर युवाओं को प्राप्त होगा सुनहरा अवसर

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की है कि राज्य सरकार की पहल पर अक्टूबर माह में भारतीय सेना राजधानी रायपुर में पहली बार अपने हथियारों एवं सैनिक कौशल की प्रस्तुति करेगी। इस प्रकार की सैन्य प्रस्तुति छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है की हमारे प्रदेश के युवाओं को सेना के बारे में जानने और उनके सैन्य कौशल को देखने-समझने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। प्रर्दशनी में सेना के जवान सैन्य हथियार और सैन्य समान को प्रदर्शित करेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है की मुझे घोषणा करते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है कि राज्य सरकार की पहल पर अक्टूबर माह में भारतीय सेना राजधानी रायपुर में पहली बार अपने हथियारों एवं सैनिक कौशल की प्रस्तुति करने जा रही है। इस प्रर्दशनी में सेना के जवान सैन्य हथियार और सैन्य समान को प्रदर्शित करेंगे। इस प्रकार की सैन्य प्रस्तुति छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित की जाएगी। हमारे प्रदेश के युवाओं को सेना के बारे में जानने और उनके सैन्य कौशल को देखने-समझने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा, साथ ही राष्ट्रभक्ति व सैन्य सेवा में जाने की प्रेरणा मिलेगी।

।

CG  : तेज रफ्तार कार खड़ी ट्रेलर से टकराई...मां बेटी सहित तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो गंभीर

CG : तेज रफ्तार कार खड़ी ट्रेलर से टकराई...मां बेटी सहित तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो गंभीर

 बिलासपुर : जिले के सकरी क्षेत्र मे एक भयानक सड़क हादसा हुआ है, यहां एक तेज रफ्तार कार रोड पर खड़ी ट्रेलर से जा टकराई, इस हादसे मे माँ और 2 बेटी सहित तीन महिलाओ की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई है। सड़क हादसा इतना भयंकर था की कार बुरी तरह क्षति ग्रस्त हो गया और तीन की मौत और दो लोगो के गंभीर रुप से घायल होने की जानकारी मिली है, घायलो को अस्पताल ले जाया गया है, जहाँ सभी का इलाज किया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला यह है की शुभम विहार कॉलोनी मे रहने वाली फैमली रात्रि में चकर भाटा स्थित होटल से खाना खा कर लौट रहे थे, तभी सकरी मेन रोड पर कार चालक बेलेन्स बिगड़ा और कार रोड पर खड़ी ट्रैलर से जा टकराई यह हादसा इतना भयानक था की मौक़े पर ही तीन लोगो की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस मौक़े पर पहुंची और जाँच मे जुटी है।

 
 
BREAKING : तेज रफ्तार ट्रक ने CRPF के जवान को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

BREAKING : तेज रफ्तार ट्रक ने CRPF के जवान को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

 रायपुर : राजधानी रायपुर के अभनपुर से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां ग्राम केंद्री में तेज रफ्तार ट्रक ने एक सीआरपीएफ के जवान को रौंद दिया। जिससे सीआरपीएफ के जवान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं युवक का शव ट्रक में फंसा हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को ट्रक से बाहर निकालने में जुटी हुई है। हादसे के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया जिससे दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। इसके साथ ही ग्रामीण विधायक, कलेक्टर और एसपी के घटनास्थल पर पहुंचने की मांग कर रहे हैं।

 
Breaking : काल बनकर गिरी आकाशीय बिजली: खेत में काम कर रहे दो युवतियों की मौत

Breaking : काल बनकर गिरी आकाशीय बिजली: खेत में काम कर रहे दो युवतियों की मौत

 जशपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में आज रुक रुककर बारिश हो रही है, इसी बीच जशपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां आकाशीय बिजली काल बनकर गिरी जिसकी चपेट में आकर खेत में काम कर रहे 2 युवतियों की मौत हो गई है, जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोग बुरी तरह झुलस गए है।मिली जानकारी के मुताबिक, घटना पत्थलगांव के चँदागढ़ ग्राम पंचायत की है। तेज बारिश के दोरान यहाँ एक खेत मे गाज गिर गयी। खास बात यह है कि गाज का अटैक मोबाइल पर हुआ जिसके चलते मोबाईल में ब्लास्टिंग होकर आग लग गई और दोनो आग और गाज की चपेट में आ गए। इस घटना में 6 से ज्यादा लोग घायल है जिन्हें अस्प्ताल ले जाया गया है।

 मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया


रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज यहां अपने निवास में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न  श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर डॉ. रामप्रताप सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी हमारे राज्य निर्माता है। छत्तीसगढ़वासियों का उनसे विशेष लगाव है। उन्होंने इस भौगोलिक क्षेत्र को नए राज्य के रूप में आकर देकर प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी। 
भारत के प्रधानमंत्री के रूप में हो या विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अमिट छाप छोड़ी है। उनके प्रधानमंत्री रहते हुए देश में अनेकों ऐसी योजनाएं लागू की गई, जिसने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल दी। श्रद्धेय स्वर्गीय  अटल जी भारत के हर एक नागरिक की स्मृतियों में है। 
साय ने कहा कि वे ऐसा राजनेता थे, जिन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी का स्नेह मिला। अटल जी मां भारती की यश और प्रतिष्ठा के लिए आजीवन समर्पित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्रद्धेय अटल जी के साथ मेरी अनेकों स्मृतियां हैं, जो मुझे हमेशा प्रेरित करती हैं।  साय ने कहा कि अटल जी युगपुरुष थे, उन्होंने सुशासन का मंत्र दिया और आज हम उसी रास्ते पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ का विकास सुनिश्चित कर रहे है।
 सिटीजन स्कूल में वन बंधु महिला समिति द्वारा ध्वजारोहण किया गया

सिटीजन स्कूल में वन बंधु महिला समिति द्वारा ध्वजारोहण किया गया

रायपुर :  सिटीजन स्कूल बजरंग नगर में वन बंधु  परिषद रायपुर चैप्टर महिला समिति द्वारा ध्वजारोहण किया गया 
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कांता सिंघानिया अध्यक्ष वनबंधु महिला समिति एवं अध्यक्षता अनीता खंडेलवाल चैप्टर उपाध्यक्ष तथा विशिष्ट अतिथि सरिता  रेखानी सेक्रेटरी एवं सुनीता मोड सदस्य आदि उपस्थित थे 
सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन व राज्य गीत से कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया 
तत  पश्चात वनबंधु महिला समिति के अध्यक्ष कांता सिंघानिया का स्वागत प्राचार्य  नवनीत जैन एवं  संचालक विनोद जैन द्वारा किया गया 
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अनीता खंडेलवाल जी का स्वागत प्राचार्य नवनीत जैन द्वारा किया गया
एवं विशिष्ट अतिथि सरिता रेखानि सुनीता मोड का स्वागत वाइस प्रिंसिपल नमिता सोनी द्वारा किया गया उसके बाद सभी अतिथियों को  तिरंगा बैच  लगाया गया एवं सभी अतिथियों द्वारा स्वतंत्रता दिवस के बारे में अपनी-अपनी भावनाएं  व्यक्त की गई 
स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा गीत भाषण सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया एवम मिष्ठान सेव बूंदी का वितरण किया गया।
अंत में आभार प्राचार्य नवनीत जैन द्वारा किया गया
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी मेला के ब्रोशर का किया विमोचन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी मेला के ब्रोशर का किया विमोचन

प्रदेश के विभिन्न जिलों में 17 अक्टूबर 2023 से 09 मार्च 2025 तक होगा स्वदेशी मेले का आयोजन

रायपुर, 16 अगस्त 2024 :-  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा आयोजित होने वाले  'स्वदेशी मेला' की विवरणिका (ब्रोशर)  का विमोचन किया।  मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को कार्यक्रम के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। 

गौरतलब है कि प्रदर्शनी का आयोजन भारतीय विपणन विकास केंद्र (स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई) द्वारा किया जाएगा। भारतीय विपणन विकास केंद्र के मेला प्रबंधक  सुब्रत चाकी ने बताया कि पिछले दो दशक से यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष विभिन्न जिलों में आयोजित किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि स्वदेशी मेला भारतीय उद्यमियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध करता है। यह मेला भारतीय उत्पादकों, ग्रामीण, कुटीर, निजी, सहकारी और सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों के लिए लाभकारी व्यापार उपक्रम के रूप में उभरा है। जिससे इस कार्यक्रम की लोकप्रियता आमजन के बीच बढ़ती जा रही है। इस वर्ष यह स्वदेशी मेला कबीरधाम में 17 से 23 अक्टूबर, बिलासपुर में 15 से 21 नवम्बर, रायपुर में 27 दिसम्बर 2024 से 3 जनवरी 2025,  राजनांदगांव में 7 फ़रवरी से 13 फरवरी 2025  व जगदलपुर में 2 मार्च से 9 मार्च 2025 तक आयोजन किया जाएगा।इस अवसर पर डॉ. रामप्रताप सिंह, प्रान्त समन्वयक  जगदीश पटेल,  गोपाल कृष्ण अग्रवाल, प्रवीण मैशेरी, शीला शर्मा, श्री युगबोध अग्रवाल,  अमर बंसल, स्वदेशी मेला एवं भारतीय विपणन विकास केंद्र के प्रबंधक  सुब्रत चाकी,  अमरजीत सिंह छाबड़ा एवं अन्य स्वदेशी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जिला अस्पताल में OPD बंद कर जूनियर डॉक्टर अस्पताल के बाहर बैठे हड़ताल पर

जिला अस्पताल में OPD बंद कर जूनियर डॉक्टर अस्पताल के बाहर बैठे हड़ताल पर

 कांकेर : पश्चिम- बंगाल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर कांड के विरोध में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल पर पर उतर आए है. कांकेर मेडिकल कालेज के डॉक्टर ओपीडी बंद कर असपताल के बाहर हड़ताल पर बैठ गए. उनका कहना है कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ घटना हुई है उससे सभी क्षुब्ध है.कांकेर जिले के अस्पतालों में भी कोई सुरक्षा डॉक्टरों को नहीं मिल रही है. जबकि लम्बे समय से पुलिस चौकी और सुरक्षा की समूची व्यवस्था की मांग करते आये है. उनकी मांगे है कि दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की भी मांग और सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो.

BREAKING: छत्तीसगढ़ के इस थाने में सस्पेंड किए गए TI और प्रधान आरक्षक, देखें

BREAKING: छत्तीसगढ़ के इस थाने में सस्पेंड किए गए TI और प्रधान आरक्षक, देखें

 बलरामपुर : रामानुजगंज से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां के थाना प्रभारी ललित यादव और प्रधान आरक्षक उमेश यादव को निलंबित कर दिया गया है। यह केंद्रीय सहकारी बैंक में हुई गड़बड़ी के मामले में दर्ज एफआईआर से छेड़छाड़ के आरोप में उठाया गया है।

जानकारी के अनुसार, सहकारी बैंक में 1 करोड़ 33 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई थी। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने इस मामले की शिकायत आईजी से की। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद सरगुजा आईजी ने दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

CG - नीम के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकता मिला युवक का शव...आत्महत्या या फिर....पढ़िए दिल दहला देने वाली खबर

CG - नीम के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकता मिला युवक का शव...आत्महत्या या फिर....पढ़िए दिल दहला देने वाली खबर

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक युवक का फंदे पर लटका हुआ शव मिला है, बताया जा रहा है कि जिस नीम के पेड़ में युवक ने फांसी लगकर खुदकुशी की है, उसी पेड़ में एक और फंदे जैसा कपड़ा बंधा हुआ मिला है। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी है। वहीं  मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक पूरा मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जहां शहर से मुजगहन बाईपास से होकर जाने वाली नहर किनारे युवक का पेड़ पर फंदे से लटकता हुआ शव मिला है। उसी पेड़ में शव के पास ही एक और फंदे जैसा कपड़ा बंधा मिला है। लिहाजा मामले को प्रेम प्रसंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। आशंका है कि प्रेमी जोड़े यहां सुसाईड के इरादे से पहुंचे होंगे। इस दौरान युवक फंदे पर झूल गया और युवती वहां से चली गई हो या फिर मामला कुछ और है। फिलहाल पुलिस के जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

मृतक युवक कौन और कहां का रहने वाला था। इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। जानकारी के मुताबिक आज सुबह लोग अपने खेतों में कृषि कार्य करने पहुंचे थे। उसी दौरान शव को देखा और मामले की जानकारी पुलिस को दी।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, छत्तीसगढ़ के इन जिलों में होगी झमाझम बारिश, अगले दो दिन में जमकर बरसेंगे बादल, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, छत्तीसगढ़ के इन जिलों में होगी झमाझम बारिश, अगले दो दिन में जमकर बरसेंगे बादल, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आज 16 अगस्त से 18 अगस्त तक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 9 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 3 घंटों में बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में गरज के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 2 दिनों में सरगुजा और बिलासपुर संभाग के एक-दो जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल में एक निम्न दाब क्षेत्र बनने से प्रदेश में बारिश के आसार बढ़े हैं। 

राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में सुबह से हल्की बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटो के लिए बलरामपुर, बिलासपुर, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, मुंगेली, सूरजपुर, सरगुजा में अलग-अलग स्थानों पर गरज और बिजली के साथ मध्यम बारिश होने की आसार हैं। इसके साथ ही अन्य जिलों में भी हल्की बरसात हो सकती है। वहीं बारिश के चलते राजधानी का तापमान 25°C और 28°C के आसपास रहने की संभावना है। 

 विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पुरखों के कठिन संघर्ष और बलिदान से मिली आजादी

अन्नदाताओं के खाते में धान खरीदी और बकाया बोनस मिलाकर 49 हजार करोड़ रूपए की राशि अंतरित 

महतारी वंदन योजना से प्रदेश में महिलाएं हो रहीं सशक्त

तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में वृद्धि से संग्राहकों को हो रहा लाभ

स्कूलों की अधोसंरचना बेहतर बनाने पीएमश्री योजना के तहत  211 स्कूलों को बनाया जा रहा मॉडल

छत्तीसगढ़ के 77 लाख परिवारों को 5 लाख रूपए तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का मिल रहा लाभ

राज्य के 68 लाख परिवारों को मिल रहा है निःशुल्क राशन

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ प्रभावी भूमिका अदा कर रहा है। हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए नई-नई योजनाएं तैयार कर रही है। उन्होंने राज्य की जनता को 78वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों के कठिन संघर्ष और बलिदान से हमें आजादी मिली है। आजादी के लिए हमारे पुरखों ने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरूद्ध लंबा संघर्ष किया। उनके बलिदान और संघर्षों के फलस्वरूप मिली आजादी को हमें अक्षुण बनाए रखना है। लोकतांत्रिक ताकतों को मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूरे देश के स्वाधीनता सेनानियों के साथ ही छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भारत माता की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जो अनथक मेहनत की, उसके सुखद परिणाम स्वरूप आज हम स्वतंत्र वातावरण में साँस ले रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में शहीद गेंद सिंह, शहीद धुरवा राव, शहीद यादव राव, शहीद वेंकट राव, वीर गुंडाधुर, शहीद डेबरी धुर, शहीद आयतु माहरा, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे हमारे अनेक ऐतिहासिक नायकों ने अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेकने के लिए अदम्य साहस का परिचय देते हुए जनमानस में स्वाधीनता की अलख जगायी। आज जिस स्वतंत्रता का उपभोग कर रहे हैं, वह हमारे पुरखों के बलिदान का प्रतिफल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर का संविधान आज लोकतंत्र को आगे बढ़ने की राह दिखा रहा है। यह हमारे लिए एक प्रकाश स्तंभ है। बरसों पहले बाबा गुरु घासीदास जी ने समता मूलक समाज का आदर्श हम सबके सामने रखा था, जो बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान में फलीभूत हुआ। उनके संविधान में कबीर की वाणी का सार भी है, जो भारत के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ समानता प्रदान करती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में भरोसे का संकट सबसे बड़ा संकट होता है। यह तंत्र निश्चित ही जनता का अपने प्रतिनिधियों पर भरोसा कायम रखने से ही चलता है। छत्तीसगढ़ सरकार की बागडोर संभालने के बाद हमारी सबसे बड़ी चुनौती इसी भरोसे को बहाल करने की थी। हमें यह कहते हुए संतोेष हो रहा है कि हमारी सरकार ने आपसे किये अधिकांश वायदों को पूरा कर विश्वास को फिर से स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं का सपना ऐसे ही मजबूत लोकतंत्र का था, जहां जनता और उसकी चुनी हुई सरकार भरोसे की ऐसी ही मजबूत डोर में बंधी रहे। वास्तव में यह लोकतंत्र का मजबूत रक्षासूत्र है, जिसे कभी भी किसी भी लोकसेवक को कमजोर नहीं करना चाहिए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि हमारे राज्य निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण प्रदेश के व्यापक आर्थिक विकास एवं प्रदेश की सुंदर संस्कृति के संरक्षण के लिए किया। हमारा दायित्व है कि ‘हमने ही बनाया है, हम ही संवारेंगे’ के संकल्प के साथ प्रदेश के नवनिर्माण में पूरी लगन से जुट कर अटल जी का सपना साकार करें। विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देकर हम पूर्वजों की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का यश हासिल कर सकते हैं, यही हमारा कर्तव्य भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के दिन हम उन पूर्वजों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने आपातकाल के कठिन दौर में संविधान की मशाल को बुझने नहीं दिया। देश भर में हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने इमरजेंसी का विरोध किया और इसके प्रतिरोध में जेल की सजा और अन्य यातनाएँ भुगतीं। अगले वर्ष 25 जून को इमरजेंसी के पचास बरस पूरे हो जाएंगे। इस वर्ष ‘‘आपातकाल स्मृति दिवस‘‘ के अवसर पर 25 जून के दिन हमें अपने प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद मिला है। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अपने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापित करने हेतु पिछले पांच वर्षों से रुकी उनकी सम्मान निधि हमारी सरकार द्वारा पुनः प्रारंभ की गई है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के दिन हम अपने उन जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जो हमारे प्रदेश में लोकतंत्र विरोधी, नक्सलवादी आतंक से पूरे साहस और जज्बे के साथ मुकाबला कर रहे हैं। बीते आठ महीनों में हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 146 नक्सलियों को मार गिराया है। इस दौरान हमने 32 नये सुरक्षा कैंप खोले हैं और आने वाले दिनों में 29 नये कैंप शुरू करने जा रहे हैं। आज कई वर्षों बाद क्षेत्र की जनता सुरक्षित महसूस कर रही है, जिसका कारण हमारे वीर जवानों की मेहनत व पराक्रम है। 

अब बस्तर तीव्र विकास के लिए है तैयार  

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवादी घटनाओं से निपटने के लिए अनुसंधान और अभियोजन की कार्रवाई और भी प्रभावी रूप से हो सके, इसके लिए हमने राज्य अन्वेषण एजेंसी (एसआईए) का गठन किया है। बस्तर की जनता नक्सलियों से त्रस्त हो चुकी है और विकास के मार्ग पर सरपट दौड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अन्दरूनी क्षेत्रों में नये कैंपों का विस्तार कर लोगों को आतंक से मुक्ति देने के साथ ही इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का काम भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इसके लिए हमने ‘’नियद नेल्लानार’’ योजना शुरू की है। इस शब्द का अर्थ होता है -’’आपका अच्छा गांव’’। विशेष पिछड़ी जनजातियों के हितग्राहियों के लिए आरंभ की गई ‘’पीएम जनमन योजना’’ की तरह इस योजना से कैंपों के निकट पांच कि.मी. की परिधि के गांवों में 17 विभागों की 53 हितग्राही मूलक योजनाओं एवं 28 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ लोगों को दिया जा रहा है। इन गांवों में पहली बार लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। वे शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सरकार की लोकहितकारी योजनाओं का लाभ अब उठा रहे हैं। उनके जीवन में सुशासन का नया सवेरा आया है।

प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें अपने जवानों के साथ अपने किसानों पर भी गर्व है। उनके श्रम से छत्तीसगढ़ महतारी का धान का कटोरा भरा-पूरा रहता है। प्रधानमंत्री मोदी जी की गारंटी के अनुरूप हमने अन्नदाताओं की सुख-समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखा है। पूर्व प्रधानमंत्री और हमारे प्रेरणा पुंज अटल जी के जन्मदिन ‘‘सुशासन दिवस’’ के अवसर पर हमने राज्य के 13 लाख किसानों के बैंक खाते में 3716 करोड़ रुपये का बकाया धान बोनस अंतरित किया। हमने अपने वायदों को पूरा करते हुए किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की। प्रदेश में ‘‘रिकॉर्ड’’ 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई। 

खेती-किसानी में लौटी रौनक 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य की 32 हजार करोड़ रुपए की राशि के साथ ही कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रदेश के 24 लाख 75 हजार किसानों को अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इस प्रकार हमारे अन्नदाताओं के खाते में सरकार ने धान खरीदी और बकाया बोनस मिलाकर लगभग 49 हजार करोड़ रुपए अंतरित किए। भूमिहीन किसानों को हमने दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत 10 हजार रुपए वार्षिक सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में कृषि हितैषी नीतियों की वजह से खेती-किसानी में रौनक लौट आई है और किसानों के चेहरों पर मुस्कान नजर आ रही है। आज हमारे गांव आर्थिक रूप से संपन्न नजर आते हैं। एक लोककल्याणकारी सरकार के लिए इससे बढ़कर संतोष की बात और कुछ नहीं हो सकती।

प्रदेश के विकास में मातृशक्ति की अहम भूमिका 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को गढ़ने और सँवारने में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। हम उनके योगदान का वंदन करते हैं। हमारे छत्तीसगढ़ में तीज-त्योहार की परंपरा है। तीजा के मौके पर भाई अपनी बहनों को भेंट देते हैं। प्रदेश की माताओं-बहनों को ‘’महतारी वंदन योजना’’ के रूप में यही भेंट हम प्रदान कर रहे हैं। 10 मार्च, 2024 के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्चुअल समारोह में 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की पहली किश्त के रूप में एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की। अब तक इस योजना की छह किश्त जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी माताएं-बहनें इससे आर्थिक रूप से सक्षम व आत्मनिर्भर हुई हैं। वे इस राशि का उपयोग अपनी इच्छा अनुसार बच्चों की पढ़ाई एवं घर के बजट को व्यवस्थित करने में कर रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है। जब हम बेटियों को मजबूत करते हैं तो पूरा परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से ही मजबूत समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है। महिलाओं केे आर्थिक सामाजिक सशक्तीकरण से निश्चित ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला मजबूत हो रही है।

समाज के सबसे आखिरी व्यक्ति का उत्थान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने हमारे समक्ष अंत्योदय के लिए कार्य करने का आदर्श रखा है। समाज के सबसे आखिरी व्यक्ति के उत्थान और विकास को सुनिश्चित करने के इसी लक्ष्य के अनुरूप हम अनथक कार्य कर रहे हैं। अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी 68 लाख परिवारों को अगले पांच सालों तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का निर्णय हमारी सरकार द्वारा लिया गया है। आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें सबसे पहले सबको आवास सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी है। मैं पिछले तीन दशकों से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के निकट संपर्क में रहा हूँ, उनके करीब रहकर मैंने देखा है घास-फूस के आवास में रहने वालों का दर्द क्या होता है।

18 लाख लोगों का आवास का सपना होगा पूरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री पीएम आवास योजना लेकर आए तो प्रदेश के लाखों परिवारों को उम्मीदें जगी लेकिन पिछले 5 सालों में प्रदेश के 18 लाख जरूरतमंद परिवारों के आवास का सपना पूरा नहीं हो सका। हमने संकल्प लिया कि हम इन 18 लाख परिवारों की पीड़ा दूर करेंगे। शपथ लेने के अगले दिन ही हमारी सरकार ने इनके आवास के सपने को पूरा करने की राह खोल दी। इसके साथ ही सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण में चिन्हांकित 47 हजार 90 आवासहीन परिवारों को आवास स्वीकृत करने का निर्णय भी हमने ‘‘मुख्यमंत्री आवास योजना’’ के तहत लिया है।

39 लाख परिवारों के यहां नल से जल

सबको आवास के साथ ही सबको शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने जलजीवन मिशन भी आरंभ किया है। प्रदेश में इसके क्रियान्वयन की दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं। इसके लिए हमने 4500 करोड़ रुपए का बजट रखा है। प्रदेश में भू जल की समस्या वाले गांवों में जलजीवन मिशन के अंतर्गत मल्टी विलेज स्कीम के माध्यम से पेयजल आपूर्ति का काम शुरू हो गया है। फिलहाल राज्य के 18 जिलों में 70 मल्टी विलेज योजनाओं का काम आरंभ हो गया है। हमने छत्तीसगढ़ में 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा था। मुझे खुशी है कि इसमें से 39 लाख 31 हजार परिवारों में हम नल कनेक्शन उपलब्ध करा चुके हैं। 
आयुष्मान भारत से 77 लाख परिवारों को चिकित्सा सुविधा 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे ग्रंथों में ‘‘सर्वे संतु निरामया’’ की कामना की गई है। किसी तरह की बीमारी हो जाने पर सबसे ज्यादा चिंता आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए प्रदेश में ‘’आयुष्मान भारत’’-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’’ के साथ ही ‘‘शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना’’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। इन दोनों योजनाओं से छत्तीसगढ़ के 77 लाख 20 हजार परिवारों को 5 लाख रूपए तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

अब वन अधिकार पत्र होंगे हस्तांतरित 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वन अधिकार पत्र धारकों की मृत्यु हो जाने के पश्चात् उनके वारिसों को वन अधिकार पत्र हस्तांतरित करने की प्रक्रिया का उल्लेख वन अधिकार नियमों में नहीं था। इस वजह से नामांतरण, सीमांकन, खाता विभाजन जैसे राजस्व संबंधी कार्य संभव नहीं थे। हमने अपने जनजाति और वनवासी भाइयों की पीड़ा को समझा। हमारी सरकार द्वारा उनके वारिसों को वन अधिकार पत्र हस्तांतरित करने का प्रावधान किया गया है। अब वन अधिकार पत्र धारण करने वाले हमारे जनजाति और वनवासी भाइयों के लिए सीमांकन, नामांतरण, खाता विभाजन जैसे कार्य सहज हो गये हैं। इन वन अधिकार पत्रों को डिजिटलाइज भी किया गया है। 

तेंदूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी पारिश्रमिक दर 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में वनधन केंद्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने वनोपज संग्राहकों की आर्थिक तरक्की की नई राह खोली है। हमारी सरकार ने राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक दर को 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रुपए कर दिया है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण समय-सीमा में भी वृद्धि की गई, जिससे हमारे भाई-बहन अधिक समय तक तेंदूपत्ता संग्रहण कर बढ़ी हुई आय अर्जित कर पा रहे हैं। इस साल 13 लाख 5 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को 855 करोड़ 80 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। इनकी संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 1 लाख 72 हजार अधिक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा हमारे भविष्य हैं। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले, उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त वातावरण हो, इसके लिए हम प्राथमिकता से कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार यह मानती है कि भर्ती प्रक्रियाओं में की गई अनियमिततायें होनहार युवकों को रोजगार के अवसरों से वंचित तो करती ही हैं, साथ ही इससे सिविल सेवा की गुणवत्ता पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। हमारी सरकार द्वारा राज्य सिविल सेवा परीक्षा 2021 में हुई अनियमितता की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया गया। हम युवाओं के लिए समान अवसर और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित हैं। 

आरक्षित वर्ग के युवाओं को यूपीएससी की निःशुल्क कोचिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में हमारे युवाओं की सफलता दर बढ़े, इसके लिए आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग द्वारा नई दिल्ली में संचालित यूथ हॉस्टल में यू.पी.एस.सी. की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों के लिए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर हमने 185 कर दी हैं। अब सिविल सेवाओं की तैयारी के लिए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के चयनित युवा पूर्णतः निःशुल्क कोचिंग प्राप्त कर सकेंगे एवं दिल्ली में कहीं भी निवास करने पर उनको निर्धारित स्टाइपेंड भी प्राप्त होगा, जिससे उन्हें किराये के लिए भी प्रतिपूर्ति प्राप्त होती रहेगी। हमने शासकीय सेवाओं हेतु आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने की अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की है। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ है। राजधानी के नालंदा परिसर की तरह ही 13 और नगरीय निकायों में सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी भी तैयार की जाएगी।

खेल सुविधाओं को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए खेल की सर्वाेत्तम अधोसंरचना तैयार करने की दिशा में हमारी सरकार द्वारा गहन प्रयास किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने ‘‘छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना‘‘ आरंभ करने का निर्णय लिया है। रायगढ़ जिले में इंडोर स्टेडियम काम्प्लेक्स, हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान एवं सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक 31 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनाया जाएगा, वहीं बलौदाबाजार जिले में 14 करोड़ रुपए की लागत से इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। जशपुर जिले के कुनकुरी में 33 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। निश्चित रूप से हमारी सरकार युवाओं को उन्नति के लिए हर अवसर प्रदान करेगी, यह हमारा संकल्प है।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप मातृभाषा में शिक्षा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के बेहतर अवसर अच्छी शिक्षा से उत्पन्न होते हैं। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की नींव को ठोस करने का काम हमने शुरू कर दिया है। इसके लिए प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया गया है। छत्तीसगढ़ अपनी बोली-भाषा की विविधता से समृद्ध है। हमारे यहां कहावत प्रचलित है कि ‘‘कोस-कोस मा पानी बदलय, चार कोस मा बानी।‘‘ प्रारंभिक आयु में बच्चे सबसे ज्यादा अपनी मातृभाषा में सीखते हैं, इसके चलते ही हमने नई शिक्षा नीति के तहत 18 स्थानीय भाषाओं में प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई कराने का निर्णय लिया है। इससे बच्चों का अपनी भाषा से अनुराग भी बढ़ेगा तथा हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों से भी जुड़ी रहेगी। 

सर्वसुविधायुक्त पीएमश्री स्कूल

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों की अधोसंरचना को बेहतर करने एवं यहां शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रथम चरण में प्रदेश के 211 स्कूलों में पीएमश्री योजना आरंभ की गई है। इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। तीसरे चरण में हमें 52 स्कूलों की स्वीकृति मिली है। हम ग्रीन स्कूल तैयार कर रहे हैं। स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे विषय भी पढ़ाये जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थी नये समय के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। प्रदेश के स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन भी शुरू किया गया है। इसमें जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों पर स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने समाज की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इससे बच्चों का पोषण विकास तो होता ही है, सामुदायिक भावना का भी विकास होता है। पैरेंट्स-टीचर मीटिंग के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में हम काम कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन का गठन 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमने उच्च शिक्षा में भी अपनाया है। इसके चलते हमारे पाठ्यक्रम रचनात्मक होने के साथ ही रोजगारमूलक भी होंगे ताकि नये समय की जरूरतों के अनुरूप मानव संसाधन उपलब्ध कराये जा सकें और युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सके। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए हमने ‘‘छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन‘‘ का गठन किया है। हम आईआईटी की तर्ज पर प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इसके लिए पहले चरण में रायपुर, रायगढ़, बस्तर, कबीरधाम और जशपुर में इनकी स्थापना की जाएगी।

मेडिकल शिक्षा का विस्तार 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को मजबूत करने मेडिकल शिक्षा का लगातार विस्तार जरूरी है। हमने संभाग स्तर पर एम्स की तर्ज पर छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स) आरंभ करने का निर्णय लिया है। रायपुर में मेकाहारा तथा बिलासपुर में सिम्स के भवन विस्तार तथा अन्य सुविधाओं पर काम प्रारंभ कर दिया है। 

छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का होगा गठन

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करते हुए अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार देने हेतु हम प्रदेश की नई उद्योग नीति तैयार कर रहे हैं। इसके लिए हम देश की जानी-मानी विशेषज्ञ संस्थाओं तथा उद्योग संगठनों की सलाह लेकर कार्य कर रहे हैं। औद्योगिक अवसरों को आगे बढ़ाने देश-दुनिया में जो नवाचार प्रारंभ किये गये हैं, उन्हें राज्य की परिस्थिति के अनुरूप लागू करने छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद के गठन का निर्णय भी हमने लिया है। राज्य में निवेश का बेहतर माहौल हो, इसके लिए हमने सिंगल विंडो सिस्टम को नवीनीकृत किया है। इससे उद्यमियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा अन्य क्लियरेंस के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में जिस तरह से छत्तीसगढ़ में नेशनल हाइवे, एयरपोर्ट और रेलवे कनेक्टिविटी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, उससे छत्तीसगढ़ अब निवेश के लिए सबसे आदर्श जगह बन गया है। यहां प्रचुर खनिज संसाधन, कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति और कुशल मानव संसाधन के बूते उद्योगों के फलने-फूलने की प्रचुर संभावनाएं हैं। 

तीव्र आर्थिक विकास के लिए रणनीति तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक विविधता को देखते हुए हमने सभी क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिए रणनीति तैयार की है। बस्तर और सरगुजा में हम वनोपज प्रसंस्करण केंद्रों, इको टूरिज्म, नैचुरोपैथी आदि पर जोर दे रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब तथा इनोवेशन हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। राजधानी के समुचित विकास के लिए और यहां उद्यम के अवसरों को बढ़ावा देने हम नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) की तरह ही स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने जा रहे हैं। कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रियल कारिडोर बनाने का निर्णय हमने लिया है। इसके अस्तित्व में आने पर इन क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार और भी तेज हो जाएगा। उद्यमी युवाओं को ‘‘छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना‘‘ के माध्यम से 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ हम ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करेंगे।

‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिखाई गयी सुशासन की राह पर चलकर छत्तीसगढ़ को संवार रही है। सुशासन के मूल्यों को क्रियान्वित करने हमने ‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन किया है। यह विभाग शासन-प्रशासन के हर स्तर पर पारदर्शिता, नवाचार और सुशासन का कार्यान्वयन सुनिश्चित कर रहा है। योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की प्रभावी मानिटरिंग के लिए हमने ‘‘अटल मॉनिटरिंग ऐप‘‘ भी तैयार किया है। प्रशासन के हर स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए हम विभागों में 266 करोड़ रुपए की लागत से आईटी टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हें अपनाने से मानवीय त्रुटि एवं कूटरचना की आशंका समाप्त हो जाएगी। यह पारदर्शिता की ओर सरकार द्वारा उठाया गया सबसे बड़ा कदम है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की हमारी नीति को कार्यान्वित करने में इससे बड़ी मदद मिल रही है। 

ई-ट्रांजिट पास और जेम पोर्टल

मुख्यमंत्री ने कहा कि गवर्नेंस के हर हिस्से में हम पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहे हैं। खनिजों के परिवहन में हमने मैनुअल पद्धति को समाप्त कर दिया है और ई-ट्रांजिट पास जारी करने की व्यवस्था पुनः शुरू की है। इसी तरह सरकारी खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हमने जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी का निर्णय लिया। आबकारी नीति में पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्टाचार को समाप्त करने, पुरानी व्यवस्था के स्थान पर सीधे कंपनियों से खरीदी का निर्णय लिया है।

तहसीलदारों के अधिकारों का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी प्रकरणों के त्वरित और समय-सीमा में निराकरण के लिए हमने तहसीलदारों के अधिकारों का विस्तार किया है। नाम, जाति, पता की त्रुटि, सिंचिंत-असिंचित रकबा, कैफियत त्रुटि, एक फसली-बहु फसली त्रुटि को सुधारने का अधिकार तहसीलदार को दिया गया है, जिससे राजस्व संबंधी परेशानी झेल रहे लोगों की दिक्कत दूर हो रही है। 

‘‘अमृतकाल विजन/2047’’ 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र की तर्ज पर राज्य नीति आयोग का गठन किया गया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आजादी के सौ बरस पूरे होने पर वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इसके लिए एक रोड मैप तैयार किया है। हमारी सरकार भी इससे कदमताल करते हुए ‘‘विकसित छत्तीसगढ‘‘़ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिए राज्य नीति आयोग द्वारा ‘‘अमृतकाल विजन/2047’’ तैयार किया जा रहा है। हमारी दिशा स्पष्ट है, नियत साफ है और हौसला पर्वत जैसा है। निश्चित ही आप सभी की भागीदारी के साथ ‘‘अमृतकाल विजन/2047’’ पर काम कर हम विकसित छत्तीसगढ़, विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पूरा करेंगे। 

संस्कृति संवर्धन

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़िया लोगों की पहचान देश-दुनिया में सहज-सरल लोगों के रूप में है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। हम मेहनतकश लोग हैं। ईमानदारी से काम करते हैं। यह हमारे सांस्कृतिक मूल्य हैं। इन्हें सहेज कर रखना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। अपनी बोली-भाषा, तीज त्यौहार, खान-पान को सहेजते हुए आने वाली पीढ़ी को इनसे परिचित कराते हुए हमें निरंतर आगे बढ़ना है। 

’‘एक पेड़ माँ के नाम’‘ अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए हम सबका कर्तव्य है कि पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपनी भागीदारी दें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ’‘एक पेड़ माँ के नाम’‘ अभियान आरंभ किया है। मैंने अपने गृह ग्राम बगिया में इस अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाया है। रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में मैंने दहीमन का पौधा लगाया है। आप भी एक पौधा जरूर लगाएं, यह आग्रह है। 

श्रीराम के वनवास काल का साक्षी रहा छत्तीसगढ़ 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी पुण्य भूमि का परम सौभाग्य है कि श्रीराम हमारे भांजे हैं और उनकी कर्मभूमि भी छत्तीसगढ़ है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सीतामढ़ी हरचौका से लेकर सुकमा के इंजरम तक कण-कण श्रीराम के वनवास काल का साक्षी है। हमारी धरती, माता शबरी की पुण्य भूमि है। पवित्र शिवरीनारायण धाम में उन्होंने अपनी अगाध श्रद्धा से जूठे बेर प्रभु को खिलाए थे। वनवास के दौरान बिताए गए चौदह वर्षों में से दस वर्ष प्रभु श्री राम ने हमारे छत्तीसगढ़ में ही बिताए हैं। रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से प्रभु श्रीराम के अद्भुत स्नेह तथा प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों के प्रति गहन अनुराग और समर्पण से भरे पड़े हैं। हम जब भी इन प्रसंगों को सुनते हैं, भाव विभोर हो जाते हैं। हम धन्य हैं कि हमारा जन्म इस पुण्य भूमि में हुआ है। यह सौभाग्य हमें श्रीराम के आदर्शों पर चल कर निरंतर काम करने की प्रेरणा देता है।

‘‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना‘‘

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच सौ वर्षों के अहिंसक संघर्ष की पूर्णाहुति अयोध्या धाम में श्रीरामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के रूप में हुई। अपने भांचा राम के दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ का हर नागरिक उत्सुक है। ‘‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना‘‘ के माध्यम से हम हजारों रामभक्तों को उनके आराध्य के दर्शन के लिए पूर्णतः निःशुल्क भेजने का माध्यम बने हैं। यह पुण्य अवसर हमें श्रीरामलला ने दिया है। उन्होंने तुलसीदास जी के रामचरितमानस के दोहे का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘‘दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज्य नहीं काहुहि ब्यापा।’’ भगवान श्रीराम ने एक आदर्श राज्य की स्थापना की। आप सभी के सहयोग से हम अपने पूरे सामर्थ्य के साथ काम करते हुए छत्तीसगढ़ को सुखी, समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में काम करेंगे। 
 उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लाल बाग मैदान जगदलपुर में किया ध्वजारोहण

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लाल बाग मैदान जगदलपुर में किया ध्वजारोहण


उपमुख्यमंत्री ने बस्तरिया वेशभूषा टेकरा तुवाल (धुरवा पागा) पहनकर किया ध्वजारोहण

बस्तरिया वेशभूषा पहनकर ध्वजारोहण करना बस्तर की संस्कृति के प्रति उनके सम्मान और जुड़ाव को दर्शाता है

रायपुर-  आज उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने लाल बाग मैदान जगदलपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने बस्तरिया वेशभूषा टेकरा तुवाल(धुरवा पागा) पहनकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। बस्तरिया वेशभूषा पहनकर ध्वजारोहण करना न केवल बस्तर की संस्कृति के प्रति उनके सम्मान और जुड़ाव को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि हमें अपनी स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को संजो कर रखना चाहिए।

बस्तरिया वेशभूषा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की अनूठी और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इस वेशभूषा का महत्व सिर्फ पहनावे तक सीमित नहीं है बल्कि यह बस्तर की परंपराओं, रीति-रिवाजों, और सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है। 

बस्तरिया वेशभूषा में पहने जाने वाले वस्त्र और आभूषण स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए जाते हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का हिस्सा हैं। इस वेशभूसा में बस्तर की लोक कलाओं और हस्तशिल्प की झलक मिलती है जो क्षेत्र के सांस्कृतिक धरोहर की समृद्धि को दर्शाता है।बस्तरिया वेशभूषा पहनने से एक व्यक्ति को बस्तर की संस्कृति से जुड़ाव महसूस होता है। यह पहनावा बस्तर के लोगों की सामूहिक पहचान को मजबूत करता है और उनके जीवन में पारंपरिक मूल्यों का स्थान बताता है। पागा जो इस वेशभूषा का प्रमुख हिस्सा है सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। बस्तरिया वेशभूषा को अपनाने और प्रदर्शित करने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलता है। यह अन्य क्षेत्रों के लोगों को बस्तर की संस्कृति से परिचित कराता है और सांस्कृतिक विविधता की समझ को गहरा करता है। बस्तरिया वेशभूषा का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें प्रयुक्त होने वाली सामग्री अधिकांशतः प्राकृतिक और स्थानीय रूप से उपलब्ध होती है, जो पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और स्थायित्व के सिद्धांतों का समर्थन करती है।
 प्रदेश की मदिरा दुकानों में बायो-मेट्रिक्स उपस्थिति प्रणाली का हुआ शुभारंभ

प्रदेश की मदिरा दुकानों में बायो-मेट्रिक्स उपस्थिति प्रणाली का हुआ शुभारंभ


बायो-मेट्रिक्स प्रणाली के माध्यम से मदिरा दुकानों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य

रायपुर :-  सचिव सह आबकारी आयुक्त श्रीमती आर.संगीता ने मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के स्टूडियों से प्रदेश की मदिरा दुकानों में बायो मेट्रिक्स उपस्थिति प्रणाली का शुभारंभ किया। बायो-मेट्रिक्स प्रणाली के माध्यम से मदिरा दुकानों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा।

वर्चुवली माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त 33 जिलों के अधिकारी एवं मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को मंत्रालय के एन.आई.सी. स्टूडियों से कनेक्ट किया गया। सचिव, आबकारी द्वारा कार्यक्रम के दौरान जिला बिलासपुर, रायपुर, मुंगेली, कोण्डागांव, रायगढ़, सारगंढ़-बिलाईगढ़, कबीरधाम, नारायणपुर के आबकारी अधिकारियों एवं चयनित दुकानों में पदस्थ कर्मचारियों से आधार सक्षम बायो मेट्रिक्स उपस्थिति प्रणाली के संबंध में चर्चा की गई। मंत्रालय से कनेक्टेड समस्त जिलों के मदिरा दुकानों के कर्मचारियों द्वारा अपनी उपस्थिति नवीन स्थापित प्रणाली के माध्यम से दी गई। रायगढ़ जिले में इस प्रणाली को स्थापित करने के लिए जिले के विभागीय अधिकारियों की सराहना की गई। बायो मेट्रिक्स के माध्यम से उपस्थिति लिए जाने से एक ओर मदिरा दुकानों की अनियमितता पर नियंत्रण किया जा सकेगा, साथ ही कार्यरत कर्मचारियों का हित भी होगा। जिस व्यक्ति की नियुक्ति जिस मदिरा दुकान हेतु की गई है, वह उसी दुकान पर कार्य कर सकेगा। उपस्थिति के समय का पालन किया जा सकेगा। नियुक्त व्यक्ति की मदिरा दुकान में उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की जा सकेगी। प्रत्येक कर्मचारी की उपरोक्त प्रक्रिया से उपस्थिति ली जाने से उसके संबंध में प्रतिदिन की जानकारी ऑनलाईन उपलब्ध होगी जिससे वेतन तैयार किए जाने, ओवरटाईम के समय का निर्धारण, अवकाश दिवसों की गणना इत्यादि का कार्य त्वरित रूप से किया जा सकेगा। इसी अनुक्रम में ई.पी.एफ., ई.एस.आई.सी. की राशि की भी गणना किए जाने में आसानी होगी। इस प्रकार की गणना से वेतन हेतु लगने वाले समय में कमी होगी तथा कर्मचारियों का निर्धारित समय पर प्राप्त होने वाली सम्पूर्ण राशि का भुगतान संभव हो सकेगा। 

उल्लेखनीय है कि प्रदेश की समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानों का संचालन राज्य शासन के सार्वजनिक उपक्रम ’छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन’ द्वारा किया जा रहा है। प्रदेश में मदिरा दुकानों के संचालन में सुधार के लिए मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को यूनिफार्म प्रदान किया जाना, फोटो युक्त आई. डी. कार्ड प्रदान करना, ओवरटाइम कार्य करने पर निर्धारित दर से भुगतान किया जाना, दुकानों में मांग अनुसार मदिरा उपलब्ध कराना आदि नवाचार किए गए है।

सुधारों की श्रंृखला में एक बड़ा सुधार आधार सक्षम बायो मेट्रिक्स उपस्थिति प्रणाली का शुभारंभ किया जाना है। प्रदेश में आज से समस्त मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति बायो-मेट्रिक्स के माध्यम से लिया जाएगा। इस पद्धति में प्रदेश की समस्त मदिरा दुकानों के अक्षांश और देशांतर का उपयोग करते हुए मोबाइल एप के माध्यम से कर्मचारियों की उपस्थिति ली जावेगी। तैयार एप के माध्यम से समस्त कर्मचारियों के चेहरे की पहचान कर उपस्थिति दर्ज होगी। इस हेतु प्रदेश की मदिरा दुकानों में कार्यरत समस्त कर्मचारियों का ’आधार’ आधारित फेस रिकग्निशन पंजीयन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रदेश की कुल 672 मदिरा दुकानों में कुल 5738 कर्मचारी कार्यरत हैं, जो सीधे इस सुविधा से लाभांवित होंगे तथा विभाग के लिए भी मदिरा दुकानों का उचित नियंत्रण संभव हो सकेगा। 

कार्यक्रम के दौरान प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड श्री श्याम लाल धावड़े, विशेष सचिव आबकारी श्री देवेन्द्र भारद्वाज, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के वरिष्ठ अधिकारी श्री टी.एन. सिंह एवं श्री शिशिर रायजादा एवं आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो ने IAS समीर विश्नोई, रानू साहू और सौम्या चौरसिया के यहां की छापामारी

छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो ने IAS समीर विश्नोई, रानू साहू और सौम्या चौरसिया के यहां की छापामारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ का एंटी करप्शन ब्यूरो ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए आईएएस समीर विश्नोई, रानू साहू और राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया के छत्तीसगढ़ समेत कर्नाटक, राजस्थान और रायगढ़ स्थित 19 ठिकानों पर छापा मारा। ये तीनों अधिकारी इस समय कोयला लेवी मामले में रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं। तीनों के खिलाफ एसीबी में आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज है।

एसीबी के सूत्रों ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनकी टीम ने छत्तीसगढ़ के भिलाई, रायगढ़ समेत कर्नाटक, झारखंड और राजस्थान में छापा मारी है। बताते हैं, पूरा सिस्टम जब स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा था, तब एसीबी इन तीनों अफसरों के यहां दबिश के लिए खाका तैया कर रही थी। एसीबी ने इन तीनों अफसरों से जुड़े ठिकानों पर छापा मारने के लिए 19 स्पेशल टीम तैयार की थी। हालांकि, एसीबी के पास इतनी बड़ी टीम नहीं है। सो समझा जाता है कि राज्य पुलिस से भी फोर्स लिया गया होगा। मगर कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि किसी को कानो कान खबर नहीं हो पाई। एसीबी की 19 टीमें 14 अगस्त को कर्नाटक, राजस्थान और झारखंड के लिए रवाना हो गई थी। रायगढ़ और भिलाई के लिए कल देर रात रायपुर एयरपोर्ट के एक सूनसान जगह पर एसीबी के अधिकारी एकत्रित हुए और वहां से भी टारगेट के लिए रवाना हुए।

समीर के ससुराल में

एसीबी ने आज सुबह पांच बजे छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस समीर विश्नोई के राजस्थान के अनूपगढ़ स्थित ससुराल में दबिश दी। वहां समीर के साले का परिवार रहता है। एसीबी टीम ने जब वहां पहुंची तो रिमझिम बारिश हो रही थी। लिहाजा, पूरा परिवार गहन निद्रा में था। कॉलबेल बजाने पर उनके परिवार की एक महिला बाहर आई, तो छत्तीसगढ़ की टीम ने अपना परिचय दिया। उनके साथ राजस्थान पुलिस भी सादे ड्रेस में थी। एसीबी के अधिकारियों ने दो दिन पहले ही राजस्थान पुलिस ने लाइनअप कर लिया था। बता दें, समीर की पत्नी प्रीति गोदारा की मां जयपुर की महापौर रह चुकी है। समीर विश्नोई के यहां ईडी ने छापा मारा था, उस समय उनके आवास से 4 किलो सोना, 20 कैरेट का हीरा और 47 लाख नगद बरामद हुआ था। बाद में समीर की सास ने कहा था कि सोना उनका है। बहरहाल, इसी मामले में एसीबी टीम ने आज रेड किया है।

तीनों अधिकारी जेल में

आईएएस समीर विश्नोई, रानू साहू और छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया पिछले डेढ़ साल से जेल में हैं। बहुचर्चित कोल स्कैम में इन तीनों अधिकारियों के यहां ईडी ने छापा मारा था। इसमें समीर विश्नोई के यहां 4 किलो सोना और 47 लाख रुपए मिले थे। रानू साहू और सौम्या चौरसिया के यहां कोल स्कैम में लेनदेन के काफी साक्ष्य मिले थे। इस आधार पर ईडी ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में ईडी ने इस केस को छत्तीसगढ़ के एसीबी को सौंप दिया।

2009 और 2010 बैच के आईएएस

समीर विश्नोई 2009 बैच और रानू साहू 2010 बैच की आईएएस हैं। समीर कोंडगांव के कलेक्टर रहने के बाद माईनिंग कारपोरेशन के एमडी रहे। वहीं, रानू साहू कांकेर, बालोद और कोरबा की कलेक्टर रहीं। रायगढ़ कलेक्टर रहने के दौरान ही उनके यहां ईडी का छापा पड़ा था।

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी के पुलिस परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी के पुलिस परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण

 रायपुर। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली।

कौशल्या साय ने सीएम कैम्प कार्यालय बगीया में फहराया तिरंगा

कौशल्या साय ने सीएम कैम्प कार्यालय बगीया में फहराया तिरंगा

 जशपुर : जशपुर जिले के सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्म पत्नी कौशल्या साय ने ध्वजारोहण किया और देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर कार्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी एवं सुरक्षा में तैनात जवान मौजूद रहे

साय ने बी एल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंदरचुँवा में भी ध्वजारोहण कर देश की सुरक्षा करते हुए बलिदानी जवान आरक्षक अलसन एक्का, नोवेल खलखो, राजकुमार केरकेट्टा, मनसीद कुजूर और नेल्सन एक्का को श्रद्धांजलि अर्पित किया। साय ने कुनकुरी विकासखण्ड के खेल मैदान में आयोजित ब्लॉक स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुई एवं ध्वजारोहण कर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया।

CM साय ने स्वतंत्रता दिवस पर 46 पुलिस अधिकारियों और जवानों को पुलिस पदकों से किया सम्मानित

CM साय ने स्वतंत्रता दिवस पर 46 पुलिस अधिकारियों और जवानों को पुलिस पदकों से किया सम्मानित

16 अगस्त 2024 रायपुर :- पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 46 पुलिस अधिकारियों और जवानों का उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदकों से सम्मानित किया। साय ने पुलिस वीरता पदक से 26, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 02, सराहनीय सेवा सुधार पदक से 2 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 5 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया।

राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2024
हेमंत पटेल, निरीक्षक, जिला-बलौदाबाजार, मालिक राम, निरीक्षक, जिला-कांकेर, सुक्कु राम नाग, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर, संतोष चंदन, प्रधान आरक्षक, जिला-नारायणपुर, साकेत कुमार बंजारे, निरीक्षक, जिला-बीजापुर, भुवन सिंह बोरा, कंपनी कमाण्डर, 21 वीं वाहिनी छसबल, बालोद, संजय पात्न, उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, वीरेन्द्र कंवर, उप निरीक्षक, जिला-सुकमा, पतिराम पोड़ियाम, उप निरीक्षक, जिला-कांकेर,  दिलीप कुमार वासनिक, प्लाटून कमाण्डर, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग, शहीद रमेश सुनीता बुझे की धर्मपत्नी जुरी, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नि सुनीता जुर्री, शहीद रमेश कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी उषा कोरसा, शहीद सुभाष नायक, आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी दुशीला नायक, शहीद रामदास कोर्राम, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी परमशीला कोर्राम, शहीद जगतराम कंवर, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी कुमारी बाई कंवर, शहीद सुख सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी  सेवंतीन फरस, शहीद रमाशंकर सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी बिस्तुरी सिंह पैकरा, शहीद शंकर नाग, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी सुखदई नाग, शहीद किशोर एण्ड्रिक, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी रिंकी एण्ड्रिक, शहीद सनकूराम सोढ़ी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर के पुत्र सुनील सोढी, शहीद बोसाराम करटामी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी सोनमती करटामी, धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, शिव कुमार रामटेके, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर, छन्नूराम पोयाम, आरक्षक, जिला-बीजापुर,गौतम कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर

विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2024
अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गुप्तवार्ता, पुलिस मुख्यालय रायपुर, श्री के. एल. ध्रुव उप पुलिस महानिरीक्षक, कांकेर रेंज, कांकेर

सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2024
दुखू राम आचला तत्कालीन सेनानी, 14वीं वाहिनी छसबल, धनोरा-बालोद वर्तमान में सेवा निवृत्त, नेहा पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-खैरागढ़- छुईखदान-गंडई, येशेश्वरी येरेवार, उप पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, टीकाराम कुरें, सहायक सेनानी, 22वीं वाहिनी छसबल, भीरागांव- कांकेर, महेश शुक्ला, सहायक प्लाटून कमाण्डर, 6 वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़, जेम्स लकड़ा, कंपनी कमाण्डर, 2री वाहिनी छसबल, सकरी-बिलासपुर, श्री ओमप्रकाश साहू, उप निरीक्षक (अ), विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, उदय सिंह सिदार, प्रधान आरक्षक, 15वीं वाहिनी छसबल, बीजापुर, श्री महेन्द्र कुमार पाठक, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर, मनोज कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक, जिला-बस्तर, देवीशरण सिंह, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर

सराहनीय सुधार सेवा पदक 2024
गिरधर सेन, सेवा निवृत्त प्रहरी, केन्द्रीय जेल रायपुर, लक्ष्मीराम यादव, प्रहरी, जिला जेल कोरबा
राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024
राज्यपाल पुरस्कार
शिल्पा साहू, उप पुलिस अधीक्षक, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग
मुख्यमंत्री पुरस्कार
दिलहरण सिंह ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक, जिला-धमतरी
रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार
भारती मरकाम, निरीक्षक, जिला-बिलासपुर
वीरनारायण सिंह पुरस्कार
अजाक थाना, जिला-बेमेतरा
पुलिस महानिदेशक पुरस्कार
अंजू सिंह, महिला प्रधान आरक्षक, जिला-राजनांदगांव

छत्तीसगढ़ के पर्वतारोही ने ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा

छत्तीसगढ़ के पर्वतारोही ने ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा

छत्तीसगढ़ के पर्वतारोही राहुल गुप्ता ‘माउंटेन मैन‘ पर्वतारोहण क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोज़िअस्को में आज 15 अगस्त को तिरंगा फहरा दिया है। राहुल, ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के सबसे ऊंची चोटी माउंट कोज़िअस्को (7,310 फिट) की ऊंची चोटी पर चढ़ाई किया, जो कि महाद्वीपो के पहाड़ो की ऊँचाई की रैंकिंग में सातवाँ चोटी है।

राहुल गुप्ता ने स्वतंत्रता दिवस के दिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सबसे ऊंची चोटी माउंट कोज़िअस्को में तिरंगा फहराया है। उन्होंने माउंट कोज़िअस्को की चोटी से छत्तीसगढ़ की जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। अपने वीडियो संदेश में कहा कि ‘माउंट कोज़िअस्को की टॉप पर आज छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया का भी वाचन किया।’ यह अभियान दिल्ली के मिशन पॉसिबल द्वारा आयोजित अभियान का हिस्सा है। इस अभियान में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा और उत्तरप्रदेश के कुल 11 पर्वतारोही शामिल थे। अभियान का नेतृत्व हरियाणा के नरेंद्र यादव ने किया। पर्वतारोहण की शुरुआत भारतीय समयानुसार 14 अगस्त की रात 2 बजे लास्ट कैम्प से की और सुबह साढ़े 9 बजे के करीब चोटी पर सफलता प्राप्त की। इस दौरान तापमान लगभग-4 से -5 डिग्री सेल्सियस के बीच था। 

उपमुख्यमंत्री ने बस्तरिया वेशभूषा टेकरा तुवाल (धुरवा पागा) पहनकर किया ध्वजारोहण

उपमुख्यमंत्री ने बस्तरिया वेशभूषा टेकरा तुवाल (धुरवा पागा) पहनकर किया ध्वजारोहण

जगदलपुर, 15 अगस्त, 2024-आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने लाल बाग मैदान जगदलपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तरिया वेशभूषा टेकरा तुवाल(धुरवा पागा) पहनकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। बस्तरिया वेशभूषा पहनकर ध्वजारोहण करना न केवल बस्तर की संस्कृति के प्रति उनके सम्मान और जुड़ाव को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि हमें अपनी स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को संजो कर रखना चाहिए।

बस्तरिया वेशभूषा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की अनूठी और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इस वेशभूषा का महत्व सिर्फ पहनावे तक सीमित नहीं है बल्कि यह बस्तर की परंपराओं, रीति-रिवाजों, और सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है।

बस्तरिया वेशभूषा में पहने जाने वाले वस्त्र और आभूषण स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए जाते हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का हिस्सा हैं। इस वेशभूसा में बस्तर की लोक कलाओं और हस्तशिल्प की झलक मिलती है जो क्षेत्र के सांस्कृतिक धरोहर की समृद्धि को दर्शाता है।बस्तरिया वेशभूषा पहनने से एक व्यक्ति को बस्तर की संस्कृति से जुड़ाव महसूस होता है। यह पहनावा बस्तर के लोगों की सामूहिक पहचान को मजबूत करता है और उनके जीवन में पारंपरिक मूल्यों का स्थान बताता है। पागा जो इस वेशभूषा का प्रमुख हिस्सा है सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। बस्तरिया वेशभूषा को अपनाने और प्रदर्शित करने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलता है। यह अन्य क्षेत्रों के लोगों को बस्तर की संस्कृति से परिचित कराता है और सांस्कृतिक विविधता की समझ को गहरा करता है। बस्तरिया वेशभूषा का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें प्रयुक्त होने वाली सामग्री अधिकांशतः प्राकृतिक और स्थानीय रूप से उपलब्ध होती है, जो पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और स्थायित्व के सिद्धांतों का समर्थन करती है। 

श्रीमती कौशल्या साय ने सीएम कैम्प कार्यालय बगीया में किया ध्वजारोहण

श्रीमती कौशल्या साय ने सीएम कैम्प कार्यालय बगीया में किया ध्वजारोहण

रायपुर, 15 अगस्त 2024/ जशपुर जिले के सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने ध्वजारोहण किया और देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले जवानांे को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर कार्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी एवं सुरक्षा में तैनात जवान मौजूद रहे।

श्रीमती साय ने बी एल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंदरचुँवा में भी ध्वजारोहण कर देश की सुरक्षा करते हुए बलिदानी जवान आरक्षक अलसन एक्का, नोवेल खलखो, राजकुमार केरकेट्टा, मनसीद कुजूर और नेल्सन एक्का को श्रद्धांजलि अर्पित किया। श्रीमती साय ने कुनकुरी विकासखण्ड के खेल मैदान में आयोजित ब्लॉक स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुई एवं ध्वजारोहण कर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया। 

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 46 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस पदकों से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 46 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस पदकों से किया सम्मानित

रायपुर 15 अगस्त 2024/ पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 46 पुलिस अधिकारियों और जवानों का उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदकों से सम्मानित किया। श्री साय ने पुलिस वीरता पदक से 26, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 02, सराहनीय सेवा सुधार पदक से 2 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 5 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया।

राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2024

श्री हेमंत पटेल, निरीक्षक, जिला-बलौदाबाजार, श्री मालिक राम, निरीक्षक, जिला-कांकेर, श्री सुक्कु राम नाग, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर, श्री संतोष चंदन, प्रधान आरक्षक, जिला-नारायणपुर,श्री साकेत कुमार बंजारे, निरीक्षक, जिला-बीजापुर, श्री भुवन सिंह बोरा, कंपनी कमाण्डर, 21 वीं वाहिनी छसबल, बालोद, श्री संजय पात्न, उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा श्री धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, श्री वीरेन्द्र कंवर, उप निरीक्षक, जिला-सुकमा, श्री पतिराम पोड़ियाम, उप निरीक्षक, जिला-कांकेर, श्री दिलीप कुमार वासनिक, प्लाटून कमाण्डर, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग, शहीद रमेश सुनीता बुझे की धर्मपत्नी श्रीमती जुरी, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नि श्रीमती सुनीता जुर्री, शहीद रमेश कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी श्रीमती उषा कोरसा, शहीद सुभाष नायक, आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी श्रीमती दुशीला नायक, शहीद रामदास कोर्राम, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती परमशीला कोर्राम, शहीद जगतराम कंवर, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती कुमारी बाई कंवर, शहीद सुख सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती सेवंतीन फरस, शहीद रमाशंकर सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती बिस्तुरी सिंह पैकरा, शहीद शंकर नाग, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती सुखदई नाग, शहीद किशोर एण्ड्रिक, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी श्रीमती रिंकी एण्ड्रिक, शहीद सनकूराम सोढ़ी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर के पुत्र श्री सुनील सोढी, शहीद बोसाराम करटामी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी श्रीमती सोनमती करटामी, श्री धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, श्री शिव कुमार रामटेके, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर, श्री छन्नूराम पोयाम, आरक्षक, जिला-बीजापुर, श्री गौतम कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर

विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2024
श्री अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गुप्तवार्ता, पुलिस मुख्यालय रायपुर, श्री के. एल. ध्रुव उप पुलिस महानिरीक्षक, कांकेर रेंज, कांकेर

सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2024
श्री दुखू राम आचला तत्कालीन सेनानी, 14वीं वाहिनी छसबल, धनोरा-बालोद वर्तमान में सेवा निवृत्त, श्रीमती नेहा पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-खैरागढ़- छुईखदान-गंडई, श्रीमती येशेश्वरी येरेवार, उप पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, श्री टीकाराम कुरें, सहायक सेनानी, 22वीं वाहिनी छसबल, भीरागांव- कांकेर, श्री महेश शुक्ला, सहायक प्लाटून कमाण्डर, 6 वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़, श्री जेम्स लकड़ा, कंपनी कमाण्डर, 2री वाहिनी छसबल, सकरी-बिलासपुर, श्री ओमप्रकाश साहू, उप निरीक्षक (अ), विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, श्री उदय सिंह सिदार, प्रधान आरक्षक, 15वीं वाहिनी छसबल, बीजापुर, श्री महेन्द्र कुमार पाठक, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर, श्री मनोज कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक, जिला-बस्तर, श्री देवीशरण सिंह, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर

सराहनीय सुधार सेवा पदक 2024
श्री गिरधर सेन, सेवा निवृत्त प्रहरी, केन्द्रीय जेल रायपुर, श्री लक्ष्मीराम यादव, प्रहरी, जिला जेल कोरबा

राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024

राज्यपाल पुरस्कार
श्रीमती शिल्पा साहू, उप पुलिस अधीक्षक, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग
मुख्यमंत्री पुरस्कार
श्री दिलहरण सिंह ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक, जिला-धमतरी
रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार
श्रीमती भारती मरकाम, निरीक्षक, जिला-बिलासपुर
वीरनारायण सिंह पुरस्कार
अजाक थाना, जिला-बेमेतरा
पुलिस महानिदेशक पुरस्कार
श्रीमती अंजू सिंह, महिला प्रधान आरक्षक, जिला-राजनांदगांव 

पुरखों के कठिन संघर्ष और बलिदान से मिली आजादी, विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय

पुरखों के कठिन संघर्ष और बलिदान से मिली आजादी, विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय

अन्नदाताओं के खाते में धान खरीदी और बकाया बोनस मिलाकर 49 हजार करोड़ रूपए की राशि अंतरित

महतारी वंदन योजना से प्रदेश में महिलाएं हो रहीं सशक्त

तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में वृद्धि से संग्राहकों को हो रहा लाभ
स्कूलों की अधोसंरचना बेहतर बनाने पीएमश्री योजना के तहत 211 स्कूलों को बनाया जा रहा मॉडल

छत्तीसगढ़ के 77 लाख परिवारों को 5 लाख रूपए तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का मिल रहा लाभ

राज्य के 68 लाख परिवारों को मिल रहा है निःशुल्क राशन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ प्रभावी भूमिका अदा कर रहा है। हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए नई-नई योजनाएं तैयार कर रही है। उन्होंने राज्य की जनता को 78वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों के कठिन संघर्ष और बलिदान से हमें आजादी मिली है। आजादी के लिए हमारे पुरखों ने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरूद्ध लंबा संघर्ष किया। उनके बलिदान और संघर्षों के फलस्वरूप मिली आजादी को हमें अक्षुण बनाए रखना है। लोकतांत्रिक ताकतों को मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूरे देश के स्वाधीनता सेनानियों के साथ ही छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भारत माता की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जो अनथक मेहनत की, उसके सुखद परिणाम स्वरूप आज हम स्वतंत्र वातावरण में साँस ले रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में शहीद गेंद सिंह, शहीद धुरवा राव, शहीद यादव राव, शहीद वेंकट राव, वीर गुंडाधुर, शहीद डेबरी धुर, शहीद आयतु माहरा, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे हमारे अनेक ऐतिहासिक नायकों ने अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेकने के लिए अदम्य साहस का परिचय देते हुए जनमानस में स्वाधीनता की अलख जगायी। आज जिस स्वतंत्रता का उपभोग कर रहे हैं, वह हमारे पुरखों के बलिदान का प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर का संविधान आज लोकतंत्र को आगे बढ़ने की राह दिखा रहा है। यह हमारे लिए एक प्रकाश स्तंभ है। बरसों पहले बाबा गुरु घासीदास जी ने समता मूलक समाज का आदर्श हम सबके सामने रखा था, जो बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान में फलीभूत हुआ। उनके संविधान में कबीर की वाणी का सार भी है, जो भारत के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ समानता प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में भरोसे का संकट सबसे बड़ा संकट होता है। यह तंत्र निश्चित ही जनता का अपने प्रतिनिधियों पर भरोसा कायम रखने से ही चलता है। छत्तीसगढ़ सरकार की बागडोर संभालने के बाद हमारी सबसे बड़ी चुनौती इसी भरोसे को बहाल करने की थी। हमें यह कहते हुए संतोेष हो रहा है कि हमारी सरकार ने आपसे किये अधिकांश वायदों को पूरा कर विश्वास को फिर से स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं का सपना ऐसे ही मजबूत लोकतंत्र का था, जहां जनता और उसकी चुनी हुई सरकार भरोसे की ऐसी ही मजबूत डोर में बंधी रहे। वास्तव में यह लोकतंत्र का मजबूत रक्षासूत्र है, जिसे कभी भी किसी भी लोकसेवक को कमजोर नहीं करना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि हमारे राज्य निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण प्रदेश के व्यापक आर्थिक विकास एवं प्रदेश की सुंदर संस्कृति के संरक्षण के लिए किया। हमारा दायित्व है कि ‘हमने ही बनाया है, हम ही संवारेंगे’ के संकल्प के साथ प्रदेश के नवनिर्माण में पूरी लगन से जुट कर अटल जी का सपना साकार करें। विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देकर हम पूर्वजों की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का यश हासिल कर सकते हैं, यही हमारा कर्तव्य भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के दिन हम उन पूर्वजों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने आपातकाल के कठिन दौर में संविधान की मशाल को बुझने नहीं दिया। देश भर में हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने इमरजेंसी का विरोध किया और इसके प्रतिरोध में जेल की सजा और अन्य यातनाएँ भुगतीं। अगले वर्ष 25 जून को इमरजेंसी के पचास बरस पूरे हो जाएंगे। इस वर्ष ‘‘आपातकाल स्मृति दिवस‘‘ के अवसर पर 25 जून के दिन हमें अपने प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद मिला है। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अपने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापित करने हेतु पिछले पांच वर्षों से रुकी उनकी सम्मान निधि हमारी सरकार द्वारा पुनः प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के दिन हम अपने उन जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जो हमारे प्रदेश में लोकतंत्र विरोधी, नक्सलवादी आतंक से पूरे साहस और जज्बे के साथ मुकाबला कर रहे हैं। बीते आठ महीनों में हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 146 नक्सलियों को मार गिराया है। इस दौरान हमने 32 नये सुरक्षा कैंप खोले हैं और आने वाले दिनों में 29 नये कैंप शुरू करने जा रहे हैं। आज कई वर्षों बाद क्षेत्र की जनता सुरक्षित महसूस कर रही है, जिसका कारण हमारे वीर जवानों की मेहनत व पराक्रम है।
अब बस्तर तीव्र विकास के लिए है तैयार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवादी घटनाओं से निपटने के लिए अनुसंधान और अभियोजन की कार्रवाई और भी प्रभावी रूप से हो सके, इसके लिए हमने राज्य अन्वेषण एजेंसी (एसआईए) का गठन किया है। बस्तर की जनता नक्सलियों से त्रस्त हो चुकी है और विकास के मार्ग पर सरपट दौड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अन्दरूनी क्षेत्रों में नये कैंपों का विस्तार कर लोगों को आतंक से मुक्ति देने के साथ ही इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का काम भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इसके लिए हमने ‘’नियद नेल्लानार’’ योजना शुरू की है। इस शब्द का अर्थ होता है -’’आपका अच्छा गांव’’। विशेष पिछड़ी जनजातियों के हितग्राहियों के लिए आरंभ की गई ‘’पीएम जनमन योजना’’ की तरह इस योजना से कैंपों के निकट पांच कि.मी. की परिधि के गांवों में 17 विभागों की 53 हितग्राही मूलक योजनाओं एवं 28 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ लोगों को दिया जा रहा है। इन गांवों में पहली बार लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। वे शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सरकार की लोकहितकारी योजनाओं का लाभ अब उठा रहे हैं। उनके जीवन में सुशासन का नया सवेरा आया है।
प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें अपने जवानों के साथ अपने किसानों पर भी गर्व है। उनके श्रम से छत्तीसगढ़ महतारी का धान का कटोरा भरा-पूरा रहता है। प्रधानमंत्री मोदी जी की गारंटी के अनुरूप हमने अन्नदाताओं की सुख-समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखा है। पूर्व प्रधानमंत्री और हमारे प्रेरणा पुंज अटल जी के जन्मदिन ‘‘सुशासन दिवस’’ के अवसर पर हमने राज्य के 13 लाख किसानों के बैंक खाते में 3716 करोड़ रुपये का बकाया धान बोनस अंतरित किया। हमने अपने वायदों को पूरा करते हुए किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की। प्रदेश में ‘‘रिकॉर्ड’’ 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई।
खेती-किसानी में लौटी रौनक
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य की 32 हजार करोड़ रुपए की राशि के साथ ही कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रदेश के 24 लाख 75 हजार किसानों को अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इस प्रकार हमारे अन्नदाताओं के खाते में सरकार ने धान खरीदी और बकाया बोनस मिलाकर लगभग 49 हजार करोड़ रुपए अंतरित किए। भूमिहीन किसानों को हमने दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत 10 हजार रुपए वार्षिक सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में कृषि हितैषी नीतियों की वजह से खेती-किसानी में रौनक लौट आई है और किसानों के चेहरों पर मुस्कान नजर आ रही है। आज हमारे गांव आर्थिक रूप से संपन्न नजर आते हैं। एक लोककल्याणकारी सरकार के लिए इससे बढ़कर संतोष की बात और कुछ नहीं हो सकती।
प्रदेश के विकास में मातृशक्ति की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को गढ़ने और सँवारने में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। हम उनके योगदान का वंदन करते हैं। हमारे छत्तीसगढ़ में तीज-त्योहार की परंपरा है। तीजा के मौके पर भाई अपनी बहनों को भेंट देते हैं। प्रदेश की माताओं-बहनों को ‘’महतारी वंदन योजना’’ के रूप में यही भेंट हम प्रदान कर रहे हैं। 10 मार्च, 2024 के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्चुअल समारोह में 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की पहली किश्त के रूप में एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की। अब तक इस योजना की छह किश्त जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी माताएं-बहनें इससे आर्थिक रूप से सक्षम व आत्मनिर्भर हुई हैं। वे इस राशि का उपयोग अपनी इच्छा अनुसार बच्चों की पढ़ाई एवं घर के बजट को व्यवस्थित करने में कर रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है। जब हम बेटियों को मजबूत करते हैं तो पूरा परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से ही मजबूत समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है। महिलाओं केे आर्थिक सामाजिक सशक्तीकरण से निश्चित ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला मजबूत हो रही है।
समाज के सबसे आखिरी व्यक्ति का उत्थान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने हमारे समक्ष अंत्योदय के लिए कार्य करने का आदर्श रखा है। समाज के सबसे आखिरी व्यक्ति के उत्थान और विकास को सुनिश्चित करने के इसी लक्ष्य के अनुरूप हम अनथक कार्य कर रहे हैं। अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी 68 लाख परिवारों को अगले पांच सालों तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का निर्णय हमारी सरकार द्वारा लिया गया है। आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें सबसे पहले सबको आवास सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी है। मैं पिछले तीन दशकों से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के निकट संपर्क में रहा हूँ, उनके करीब रहकर मैंने देखा है घास-फूस के आवास में रहने वालों का दर्द क्या होता है।
18 लाख लोगों का आवास का सपना होगा पूरा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री पीएम आवास योजना लेकर आए तो प्रदेश के लाखों परिवारों को उम्मीदें जगी लेकिन पिछले 5 सालों में प्रदेश के 18 लाख जरूरतमंद परिवारों के आवास का सपना पूरा नहीं हो सका। हमने संकल्प लिया कि हम इन 18 लाख परिवारों की पीड़ा दूर करेंगे। शपथ लेने के अगले दिन ही हमारी सरकार ने इनके आवास के सपने को पूरा करने की राह खोल दी। इसके साथ ही सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण में चिन्हांकित 47 हजार 90 आवासहीन परिवारों को आवास स्वीकृत करने का निर्णय भी हमने ‘‘मुख्यमंत्री आवास योजना’’ के तहत लिया है।
39 लाख परिवारों के यहां नल से जल
सबको आवास के साथ ही सबको शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने जलजीवन मिशन भी आरंभ किया है। प्रदेश में इसके क्रियान्वयन की दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं। इसके लिए हमने 4500 करोड़ रुपए का बजट रखा है। प्रदेश में भू जल की समस्या वाले गांवों में जलजीवन मिशन के अंतर्गत मल्टी विलेज स्कीम के माध्यम से पेयजल आपूर्ति का काम शुरू हो गया है। फिलहाल राज्य के 18 जिलों में 70 मल्टी विलेज योजनाओं का काम आरंभ हो गया है। हमने छत्तीसगढ़ में 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा था। मुझे खुशी है कि इसमें से 39 लाख 31 हजार परिवारों में हम नल कनेक्शन उपलब्ध करा चुके हैं।
आयुष्मान भारत से 77 लाख परिवारों को चिकित्सा सुविधा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे ग्रंथों में ‘‘सर्वे संतु निरामया’’ की कामना की गई है। किसी तरह की बीमारी हो जाने पर सबसे ज्यादा चिंता आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए प्रदेश में ‘’आयुष्मान भारत’’-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’’ के साथ ही ‘‘शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना’’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। इन दोनों योजनाओं से छत्तीसगढ़ के 77 लाख 20 हजार परिवारों को 5 लाख रूपए तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
अब वन अधिकार पत्र होंगे हस्तांतरित
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वन अधिकार पत्र धारकों की मृत्यु हो जाने के पश्चात् उनके वारिसों को वन अधिकार पत्र हस्तांतरित करने की प्रक्रिया का उल्लेख वन अधिकार नियमों में नहीं था। इस वजह से नामांतरण, सीमांकन, खाता विभाजन जैसे राजस्व संबंधी कार्य संभव नहीं थे। हमने अपने जनजाति और वनवासी भाइयों की पीड़ा को समझा। हमारी सरकार द्वारा उनके वारिसों को वन अधिकार पत्र हस्तांतरित करने का प्रावधान किया गया है। अब वन अधिकार पत्र धारण करने वाले हमारे जनजाति और वनवासी भाइयों के लिए सीमांकन, नामांतरण, खाता विभाजन जैसे कार्य सहज हो गये हैं। इन वन अधिकार पत्रों को डिजिटलाइज भी किया गया है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी पारिश्रमिक दर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में वनधन केंद्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने वनोपज संग्राहकों की आर्थिक तरक्की की नई राह खोली है। हमारी सरकार ने राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक दर को 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रुपए कर दिया है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण समय-सीमा में भी वृद्धि की गई, जिससे हमारे भाई-बहन अधिक समय तक तेंदूपत्ता संग्रहण कर बढ़ी हुई आय अर्जित कर पा रहे हैं। इस साल 13 लाख 5 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को 855 करोड़ 80 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। इनकी संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 1 लाख 72 हजार अधिक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा हमारे भविष्य हैं। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले, उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त वातावरण हो, इसके लिए हम प्राथमिकता से कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार यह मानती है कि भर्ती प्रक्रियाओं में की गई अनियमिततायें होनहार युवकों को रोजगार के अवसरों से वंचित तो करती ही हैं, साथ ही इससे सिविल सेवा की गुणवत्ता पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। हमारी सरकार द्वारा राज्य सिविल सेवा परीक्षा 2021 में हुई अनियमितता की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया गया। हम युवाओं के लिए समान अवसर और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित हैं।
आरक्षित वर्ग के युवाओं को यूपीएससी की निःशुल्क कोचिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में हमारे युवाओं की सफलता दर बढ़े, इसके लिए आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग द्वारा नई दिल्ली में संचालित यूथ हॉस्टल में यू.पी.एस.सी. की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों के लिए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर हमने 185 कर दी हैं। अब सिविल सेवाओं की तैयारी के लिए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के चयनित युवा पूर्णतः निःशुल्क कोचिंग प्राप्त कर सकेंगे एवं दिल्ली में कहीं भी निवास करने पर उनको निर्धारित स्टाइपेंड भी प्राप्त होगा, जिससे उन्हें किराये के लिए भी प्रतिपूर्ति प्राप्त होती रहेगी। हमने शासकीय सेवाओं हेतु आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने की अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की है। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ है। राजधानी के नालंदा परिसर की तरह ही 13 और नगरीय निकायों में सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी भी तैयार की जाएगी।
खेल सुविधाओं को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए खेल की सर्वाेत्तम अधोसंरचना तैयार करने की दिशा में हमारी सरकार द्वारा गहन प्रयास किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने ‘‘छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना‘‘ आरंभ करने का निर्णय लिया है। रायगढ़ जिले में इंडोर स्टेडियम काम्प्लेक्स, हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान एवं सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक 31 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनाया जाएगा, वहीं बलौदाबाजार जिले में 14 करोड़ रुपए की लागत से इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। जशपुर जिले के कुनकुरी में 33 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। निश्चित रूप से हमारी सरकार युवाओं को उन्नति के लिए हर अवसर प्रदान करेगी, यह हमारा संकल्प है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप मातृभाषा में शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के बेहतर अवसर अच्छी शिक्षा से उत्पन्न होते हैं। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की नींव को ठोस करने का काम हमने शुरू कर दिया है। इसके लिए प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया गया है। छत्तीसगढ़ अपनी बोली-भाषा की विविधता से समृद्ध है। हमारे यहां कहावत प्रचलित है कि ‘‘कोस-कोस मा पानी बदलय, चार कोस मा बानी।‘‘ प्रारंभिक आयु में बच्चे सबसे ज्यादा अपनी मातृभाषा में सीखते हैं, इसके चलते ही हमने नई शिक्षा नीति के तहत 18 स्थानीय भाषाओं में प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई कराने का निर्णय लिया है। इससे बच्चों का अपनी भाषा से अनुराग भी बढ़ेगा तथा हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों से भी जुड़ी रहेगी।
सर्वसुविधायुक्त पीएमश्री स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों की अधोसंरचना को बेहतर करने एवं यहां शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रथम चरण में प्रदेश के 211 स्कूलों में पीएमश्री योजना आरंभ की गई है। इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। तीसरे चरण में हमें 52 स्कूलों की स्वीकृति मिली है। हम ग्रीन स्कूल तैयार कर रहे हैं। स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे विषय भी पढ़ाये जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थी नये समय के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। प्रदेश के स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन भी शुरू किया गया है। इसमें जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों पर स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने समाज की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इससे बच्चों का पोषण विकास तो होता ही है, सामुदायिक भावना का भी विकास होता है। पैरेंट्स-टीचर मीटिंग के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में हम काम कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमने उच्च शिक्षा में भी अपनाया है। इसके चलते हमारे पाठ्यक्रम रचनात्मक होने के साथ ही रोजगारमूलक भी होंगे ताकि नये समय की जरूरतों के अनुरूप मानव संसाधन उपलब्ध कराये जा सकें और युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सके। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए हमने ‘‘छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन‘‘ का गठन किया है। हम आईआईटी की तर्ज पर प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इसके लिए पहले चरण में रायपुर, रायगढ़, बस्तर, कबीरधाम और जशपुर में इनकी स्थापना की जाएगी।
मेडिकल शिक्षा का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को मजबूत करने मेडिकल शिक्षा का लगातार विस्तार जरूरी है। हमने संभाग स्तर पर एम्स की तर्ज पर छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स) आरंभ करने का निर्णय लिया है। रायपुर में मेकाहारा तथा बिलासपुर में सिम्स के भवन विस्तार तथा अन्य सुविधाओं पर काम प्रारंभ कर दिया है।
छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का होगा गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करते हुए अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार देने हेतु हम प्रदेश की नई उद्योग नीति तैयार कर रहे हैं। इसके लिए हम देश की जानी-मानी विशेषज्ञ संस्थाओं तथा उद्योग संगठनों की सलाह लेकर कार्य कर रहे हैं। औद्योगिक अवसरों को आगे बढ़ाने देश-दुनिया में जो नवाचार प्रारंभ किये गये हैं, उन्हें राज्य की परिस्थिति के अनुरूप लागू करने छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद के गठन का निर्णय भी हमने लिया है। राज्य में निवेश का बेहतर माहौल हो, इसके लिए हमने सिंगल विंडो सिस्टम को नवीनीकृत किया है। इससे उद्यमियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा अन्य क्लियरेंस के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में जिस तरह से छत्तीसगढ़ में नेशनल हाइवे, एयरपोर्ट और रेलवे कनेक्टिविटी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, उससे छत्तीसगढ़ अब निवेश के लिए सबसे आदर्श जगह बन गया है। यहां प्रचुर खनिज संसाधन, कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति और कुशल मानव संसाधन के बूते उद्योगों के फलने-फूलने की प्रचुर संभावनाएं हैं।
तीव्र आर्थिक विकास के लिए रणनीति तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक विविधता को देखते हुए हमने सभी क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिए रणनीति तैयार की है। बस्तर और सरगुजा में हम वनोपज प्रसंस्करण केंद्रों, इको टूरिज्म, नैचुरोपैथी आदि पर जोर दे रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब तथा इनोवेशन हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। राजधानी के समुचित विकास के लिए और यहां उद्यम के अवसरों को बढ़ावा देने हम नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) की तरह ही स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने जा रहे हैं। कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रियल कारिडोर बनाने का निर्णय हमने लिया है। इसके अस्तित्व में आने पर इन क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार और भी तेज हो जाएगा। उद्यमी युवाओं को ‘‘छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना‘‘ के माध्यम से 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ हम ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करेंगे।
‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिखाई गयी सुशासन की राह पर चलकर छत्तीसगढ़ को संवार रही है। सुशासन के मूल्यों को क्रियान्वित करने हमने ‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन किया है। यह विभाग शासन-प्रशासन के हर स्तर पर पारदर्शिता, नवाचार और सुशासन का कार्यान्वयन सुनिश्चित कर रहा है। योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की प्रभावी मानिटरिंग के लिए हमने ‘‘अटल मॉनिटरिंग ऐप‘‘ भी तैयार किया है। प्रशासन के हर स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए हम विभागों में 266 करोड़ रुपए की लागत से आईटी टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हें अपनाने से मानवीय त्रुटि एवं कूटरचना की आशंका समाप्त हो जाएगी। यह पारदर्शिता की ओर सरकार द्वारा उठाया गया सबसे बड़ा कदम है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की हमारी नीति को कार्यान्वित करने में इससे बड़ी मदद मिल रही है।
ई-ट्रांजिट पास और जेम पोर्टल
मुख्यमंत्री ने कहा कि गवर्नेंस के हर हिस्से में हम पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहे हैं। खनिजों के परिवहन में हमने मैनुअल पद्धति को समाप्त कर दिया है और ई-ट्रांजिट पास जारी करने की व्यवस्था पुनः शुरू की है। इसी तरह सरकारी खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हमने जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी का निर्णय लिया। आबकारी नीति में पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्टाचार को समाप्त करने, पुरानी व्यवस्था के स्थान पर सीधे कंपनियों से खरीदी का निर्णय लिया है।
तहसीलदारों के अधिकारों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी प्रकरणों के त्वरित और समय-सीमा में निराकरण के लिए हमने तहसीलदारों के अधिकारों का विस्तार किया है। नाम, जाति, पता की त्रुटि, सिंचिंत-असिंचित रकबा, कैफियत त्रुटि, एक फसली-बहु फसली त्रुटि को सुधारने का अधिकार तहसीलदार को दिया गया है, जिससे राजस्व संबंधी परेशानी झेल रहे लोगों की दिक्कत दूर हो रही है।
‘‘अमृतकाल विजन@2047’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र की तर्ज पर राज्य नीति आयोग का गठन किया गया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आजादी के सौ बरस पूरे होने पर वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इसके लिए एक रोड मैप तैयार किया है। हमारी सरकार भी इससे कदमताल करते हुए ‘‘विकसित छत्तीसगढ‘‘़ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिए राज्य नीति आयोग द्वारा ‘‘अमृतकाल विजन@2047’’ तैयार किया जा रहा है। हमारी दिशा स्पष्ट है, नियत साफ है और हौसला पर्वत जैसा है। निश्चित ही आप सभी की भागीदारी के साथ ‘‘अमृतकाल विजन@2047’’ पर काम कर हम विकसित छत्तीसगढ़, विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पूरा करेंगे।
संस्कृति संवर्धन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़िया लोगों की पहचान देश-दुनिया में सहज-सरल लोगों के रूप में है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। हम मेहनतकश लोग हैं। ईमानदारी से काम करते हैं। यह हमारे सांस्कृतिक मूल्य हैं। इन्हें सहेज कर रखना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। अपनी बोली-भाषा, तीज त्यौहार, खान-पान को सहेजते हुए आने वाली पीढ़ी को इनसे परिचित कराते हुए हमें निरंतर आगे बढ़ना है।
’‘एक पेड़ माँ के नाम’‘ अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए हम सबका कर्तव्य है कि पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपनी भागीदारी दें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ’‘एक पेड़ माँ के नाम’‘ अभियान आरंभ किया है। मैंने अपने गृह ग्राम बगिया में इस अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाया है। रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में मैंने दहीमन का पौधा लगाया है। आप भी एक पौधा जरूर लगाएं, यह आग्रह है।
श्रीराम के वनवास काल का साक्षी रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी पुण्य भूमि का परम सौभाग्य है कि श्रीराम हमारे भांजे हैं और उनकी कर्मभूमि भी छत्तीसगढ़ है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सीतामढ़ी हरचौका से लेकर सुकमा के इंजरम तक कण-कण श्रीराम के वनवास काल का साक्षी है। हमारी धरती, माता शबरी की पुण्य भूमि है। पवित्र शिवरीनारायण धाम में उन्होंने अपनी अगाध श्रद्धा से जूठे बेर प्रभु को खिलाए थे। वनवास के दौरान बिताए गए चौदह वर्षों में से दस वर्ष प्रभु श्री राम ने हमारे छत्तीसगढ़ में ही बिताए हैं। रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से प्रभु श्रीराम के अद्भुत स्नेह तथा प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों के प्रति गहन अनुराग और समर्पण से भरे पड़े हैं। हम जब भी इन प्रसंगों को सुनते हैं, भाव विभोर हो जाते हैं। हम धन्य हैं कि हमारा जन्म इस पुण्य भूमि में हुआ है। यह सौभाग्य हमें श्रीराम के आदर्शों पर चल कर निरंतर काम करने की प्रेरणा देता है।
‘‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना‘‘
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच सौ वर्षों के अहिंसक संघर्ष की पूर्णाहुति अयोध्या धाम में श्रीरामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के रूप में हुई। अपने भांचा राम के दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ का हर नागरिक उत्सुक है। ‘‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना‘‘ के माध्यम से हम हजारों रामभक्तों को उनके आराध्य के दर्शन के लिए पूर्णतः निःशुल्क भेजने का माध्यम बने हैं। यह पुण्य अवसर हमें श्रीरामलला ने दिया है। उन्होंने तुलसीदास जी के रामचरितमानस के दोहे का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘‘दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज्य नहीं काहुहि ब्यापा।’’ भगवान श्रीराम ने एक आदर्श राज्य की स्थापना की। आप सभी के सहयोग से हम अपने पूरे सामर्थ्य के साथ काम करते हुए छत्तीसगढ़ को सुखी, समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में काम करेंगे। 

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में ध्वजारोहण किया

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में ध्वजारोहण किया

 रायपुर/15 अगस्त 2024। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में ध्वजारोहण किया तथा इस अवसर पर कांग्रेसजनों के नाम अपना संबोधन भी दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अपने संबोधन में कहा कि
आजादी की 78वीं वर्षगांठ पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनायें देता हूं।

आजादी का यह पर्व हमें याद दिलाता है अनगिनत स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के बलिदानों, देशप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर, जेल यातना सह कर स्वतंत्र भारत का लक्ष्य हासिल किया। हम उन सभी ज्ञात, अज्ञात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुण्य स्मरण करते है। पूरा देश उनके प्रति कृतज्ञ है।

साथियों, हमारे द्वारा स्वाधीनता के लक्ष्य को प्राप्त करना तो महत्वपूर्ण था ही, लेकिन उससे भी अधिक उल्लेखनीय है, हमारे स्वाधीनता संग्राम का अनोखा तरीका। महात्मा गांधी तथा अनेक असाधारण एवं दूरदर्शी विभूतियों के नेतृत्व में, हमारा राष्ट्रीय आंदोलन अद्वितीय आदर्शों से प्रेरित था। गांधीजी तथा अन्य महानायकों ने भारत की आत्मा को फिर से जगाया और हमारी महान सभ्यता के मूल्यों का जन-जन में संचार किया। भारत के ज्वलंत उदाहरण का अनुसरण करते हुए, हमारे स्वाधीनता संग्राम की आधारशिला- ‘सत्य और अहिंसा’ को पूरी दुनिया के अनेक राजनीतिक संघर्षों में सफलतापूर्वक अपनाया गया है।

आजादी के बाद संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतांत्रिक पंथ निरपेक्ष गणराज्य की स्थापना के साथ ही हमारा संविधान देश के आम आदमी के अधिकारों का रक्षक है। साथियों बड़े दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि आज हमारे संवैधानिक मूल्यों पर हमला हो रहा है। संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित तरीके से हमला हो रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस पार्टी की भूमिका देश के लोकतंत्र और भारत के संविधानिक मूल्यों को बचाने के लिये और बढ़ जाती है। हमें गर्व है कि अपनी इस जिम्मेदारी को हमारा नेतृत्व भली-भांति समझता है। हमारी पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, हमारे अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस भारत के लोगों की आवाज लगातार उठा रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी संविधान को बदलने की बातें सामने आई, लेकिन देश की जागरूक जनता ने संविधान विरोधी तत्वों की मंशा पर पानी फेर दिया।

देश के वर्तमान हालात में जब क्षेत्र, धर्म सांप्रदायिकता के नाम पर सत्ता में बैठे हुये लोग राजनीति कर रहे है। जब देश चलाने वाला दल, सत्ताधीश और हुक्मरान आम आदमी की जरूरतों शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार को परिदृश्य के पीछे धकेल कर धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हो तब उस समय कांग्रेस जैसी जन-सरोकारी वाली पार्टी का यह नैतिक और राजनैतिक कर्तव्य हो जाता है कि वह देश को बचाने, देश की एकता और अखंडता को बचाने के लिये देश की जनता की मजबूत आवाज बने, आज कांग्रेस के नेता राहुल गांधी संसद के अंदर तथा संसद के बाहर उसी आम आदमी की आवाज को उठा रहे है।

साथियों पिछले चुनावों में हमें आशातीत सफलता नहीं मिली लेकिन जनता ने हमें एक मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार पर निगरानी रखने का महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपा है। केंद्र मे और राज्य मे भी हम अपनी इस जबाबदारी को बखूबी समझते है।छत्तीसगढ़ में 5 सालों तक हमारी सरकार थी, हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़िया अस्मिता से लेकर छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिये काम किया। कांग्रेस के 5 सालों के शासनकाल में छत्तीसगढ़ मॉडल ने पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई। किसान, महिला, मजदूर, अनुसूचित जाति/जनजाति तथा वंचित वर्ग कांग्रेस सरकार की योजनाओं के केंद्र बिंदु थे। हमारी सरकार ने ग्रामीण छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने के न सिर्फ ठोस योजना बनाया उनका प्रभावी क्रियान्वयन करवाया, यह सुनिश्चित किया गया किसानो को, तेंदुपत्ता संग्राहकों को वनोपज संग्राहकों को खेतिहर मजदूरों को उनकी मेहनत की पूरी क़ीमत मिले। हमने स्वामी आत्मानंद स्कूलों के माध्यम से गरीबों के बच्चों को मुफ्त अंग्रेजी शिक्षा देना सुनिश्चित करवाया। हाट बाजार क्लिनिक, खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना से हमने हर नागरिक तक इलाज पहुंचाया। कांग्रेस की सरकार को जनता अब याद कर रही है।

साथियों भले ही हम सरकार में नहीं है, जनता के हकों की लड़ाई के लिये हम हमेशा तत्पर है। 8 माह में ही जनता को यह अहसास होने लगा कि कांग्रेस की सरकार, वर्तमान सरकार से बेहतर थी। 8 माह में कानून व्यवस्था बर्बाद हो गयी है। राज्य में कलेक्टर, एसपी कार्यालय जलाये जा रहे है, हत्या, लूट, डकैती से आम आदमी भयभीत है, मातायें-बहनें सुरक्षित नहीं है। बस्तर में फिर वही भय, आतंक और फर्जी मुठभेड़ का दौर शुरू हो गया है। आज प्रदेश में बस्तर से सरगुजा तक डायरिया, मलेरिया जैसे गंभीर बीमारियों से कई लोग मर गये हैं, जिसमे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा जनजाति के लोग भी है | 5 सालों में कांग्रेस ने शांति और सुशासन की जो स्थापना किया था 8 माह में वह नष्ट हो गया। प्रदेश में लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ - मीडिया के पत्रकार साथियों को फर्जी मामले में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है |

साथियों विपक्ष के रूप में हम जिम्मेदारी को समझते है, जनता के हितों के लिये आंदोलन हमारा रास्ता है और आने वाले 4 सालों तक इस आताताई निकम्मी सरकार को उखाड़ फेकने तक हम संघर्ष करते रहेंगे। बेहतर छत्तीसगढ़ के लिए यह आवश्यक है की वर्तमान भाजपा सरकार को सत्ता से हटाया जाय।आजादी के इस पावन पर्व पर हर कांग्रेसजन का यही संकल्प है।