BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
क्या आप भी हैं अपने बढ़े पेट से परेशान, तो अपने दिनचर्या में करें इन उपायों को शामिल, मिलेगा फायदा

क्या आप भी हैं अपने बढ़े पेट से परेशान, तो अपने दिनचर्या में करें इन उपायों को शामिल, मिलेगा फायदा

कहते हैं कि कई छोटी-छोटी चीजें मिलकर आपको हेल्दी बनती हैं। वहीं, कई बार ऐसा होता है कि हम डाइट और एक्सरसाइज पर तो ध्यान देते हैं लेकिन कई छोटी बातों को इग्नोर करते रहते हैं, जिससे न सिर्फ हमारी सेहत खराब होती है बल्कि इससे आपका बेली फैट भी काफी बढ़ जाता है। आज हम आपको बता रहे हैं, ऐसी हेल्दी आदतें, जिनसे आप हेल्दी रहने के साथ आपका वेट भी कंट्रोल रहेगा।

खाना खाने के बाद वॉक
खाना खाने खासकर डिनर करने के बाद वॉक करना बेहद जरूरी है। इससे खाना जल्दी डाइजेस्ट हो जाता है। बेली फैट बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है, रात को खाना खाते ही बिस्तर पर सो जाना।

रात को स्नैक्स खाना
स्नैक्स खाने में बहुत जल्दी ख़त्म हो जाते हैं, लेकिन पचने में बहुत देर लगती है। खासकर मैदे और डीप फ्राई चीजें। रात में स्नैक्स खाने से आपका मोटापा बढ़ता है।

पानी कम पीना
पानी पीने से हमारी बॉडी डिटॉक्स होती है लेकिन कई लोग बार-बार टॉयलेट जाने से बचने के लिए पानी कम पीते हैं। आप भी अगर ऐसा ही करते हैं, तो अपनी ये आदत बदल दें।

नॉनवेज ज्यादा खाना
यह बात सही है कि नॉनवेज में बहुत ज्यादा मात्रा में प्रोटीन होता है लेकिन फिर भी नॉनवेज ज्यादा खाने से आपका बेली फैट बढ़ता रहता है, इसलिए आपको नॉनवेज कम खाना चाहिए।

सुबह नाश्ता न करना
सुबह नाश्ता न करने से आपका बेली फैट बढ़ता है। आप सोच रहे होंगे कि कैसे? असल में जब आप सुबह नाश्ता नहीं करते, तो लंच बहुत हैवी कर लेते हैं। इस कारण शाम को कुछ खाने का मन नहीं करता और रात को तेज भूख लगने पर आप ज्यादा खा लेते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है | इनको केवल सुझाव के रूप में लें | इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें |

क्या आप भी है चाऊमीन खाने के शौकीन, तो हो जाइये सावधान, आपके शरीर हो रहा है ये नुकसान

क्या आप भी है चाऊमीन खाने के शौकीन, तो हो जाइये सावधान, आपके शरीर हो रहा है ये नुकसान

ज्यादातर लोगों को चाइनीज डिश बहुत पसंद आती है. ऐसे में चाऊमीन तो बच्चे से लेकर बड़ों तक सभी की फेवरेट होती है. इसलिए बहुत से लोग जब बाहर खाना खाने जाते हैं तो खाने में चाऊमीन या फिर हक्का नूडल्स जरूर खाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जाऊमीन खाने के फायदे कम और नुकसान ज्यादा होते हैं. हम यहां आपको बताएंगे कि चाऊमीन खाने के क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं. चलिए जानते हैं.

जानें चाऊमीन खाने के नुकसान
*  क्या आपको पता है कि चाऊमीन में स्वाद के लिए खतरनाक एसिड का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं इस तरह के फास्ट फूड बनाने में अजीनोमोटो का अधिक इस्तेमाल के अलावा अन्य खतरनाक रसायनों का प्रयोग किया जाता है. वहीं चाऊमीन खाने से आपके शरीर की स्वाद ग्रंथियों को नुकसान पहुंचता है. इतना ही नहीं, ये आपकी सेहत को भी नुकसान पहुंचाता है.
*  चाऊमीन मैदा की बनी हुई होती है. वहीं चाऊमीन के साथ मिलाकर खाई जाने वाली सॉस कई बार एक्सपायर हो चुकी होती है या फिर ये बहुत ही घटिया किस्म की होती है. वहीं इस तरह की सॉस खाने से आपको कब्ज की समस्या हो सकती है. जिसके कारण आपको लंबे समय तक कई बीमारियों से जूझना पड़ सकता है.
*  चाऊमीन मैदे की बनी होती है. इसलिए आंतों में चिपकती है और पेट में दर्द जैसी समस्या पैदा कर सकती है. वहीं अगर आप चाऊमीन खाते हैं तो इससे आपका पेट भी पूरी तरह साफ नहीं होता है. इसके अलावा मैदे के टुकड़े शरीर के अपेंडिक्स पर असर डाल सकते हैं.
*  अगर आप हफ्ते में चार से पांच बार चाऊमीन खाते हैं तो इसका सेवन आपकी पाचन क्षमता कमजोर कर सकता है. इसलिए चाऊमीन का सेवन करने से बचना चाहिए.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है | इनको केवल सुझाव के रूप में लें | इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें |

क्या आप चाहते हैं बेबी प्लान करना, तो अपने पति और अपने डाइट में रखे इन बातों का खास ध्यान, मिलेगा काफी फायदा

क्या आप चाहते हैं बेबी प्लान करना, तो अपने पति और अपने डाइट में रखे इन बातों का खास ध्यान, मिलेगा काफी फायदा

जब बच्चा प्लान करने की बात आती है तो सबसे पहले औरतों को कहा जाता है, अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें लेकिन क्या आपको यह पता है कि औरतों के साथ साथ पुरुषों को भी अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, ताकि आपका होने वाला बच्चा स्वस्थ और तंदुरुस्त हो. होने वाले पिता की डाइट स्वस्थ बच्चे के लिए कितनी महत्वपूर्ण है आइये जानते हैं.

बच्चे की सेहत जुड़ी है पिता की डाइट से
यह तो हम सभी जानते हैं कि अगर डाइट अच्छी होती है तो पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी और स्पर्म काउंट बेहतर होता है. लेकिन डाइट सही न हो तो बच्चे के विकास पर इसका असर पड़ता है. ऐसे बच्चों में बर्थ डिफेक्ट का भी खतरा रहता है.

लो स्पर्म काउंट से हो सकता है गर्भपात
गर्भपात का कारण सिर्फ महिलाओं का स्वास्थ्य ही नहीं है, लो स्पर्म काउंट या स्पर्म की क्वालिटी अच्छी नहीं होने से भी महिलाओं को बार बार गर्भपात का सामना करना पड़ सकता है.

क्या खाएं स्वस्थ बच्चे के लिए
महिलाओं की तरह पुरुषों में भी फोलिक एसिड की जरूरत होती है. अपने आहार में फोलेट से भरपूर भोजन जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, जिंक और विटामिन सी शामिल करें. ब्रोकली, पत्तेदार साग, गाजर, पपीता, ब्राउन राइस, फोर्टिफाइड अनाज और स्प्राउट्स भी फोलिक एसिड के अच्छे स्रोत हैं. जिंक के स्तर को बनाए रखें क्योंकि जिंक की अधिक मात्रा भी स्पर्म की मोबिलिटी पर असर करती है.

कॉफी और विटमिन ई
महिलाओं को सलाह दी जाती है कि कॉफी के सेवन से दूर रहना लेकिन पुरुष को अच्छी स्पर्म मोबिलिटी के लिए दिन में चार से पांच कप कॉफी पीनी चाहिए. साथ ही विटामिन ई से भरपूर चीजों का सेवन भी करना चाहिए.

इन चीज़ों से रहें दूर
शराब, धूम्रपान और नशीली दवाओं से बचें क्योंकि ये सभी स्पर्म की गुणवत्ता और मात्रा को प्रभावित करते हैं. पुरुषों में बांझपन की समस्या लगभग महिला जैसी ही होती है इसलिए नशीली चीज़ों और धूम्रपान से बचने की सलाह दी जाती है. शराब या बीयर का अत्यधिक उपयोग हॉर्मोन के स्तर को प्रभावित करता है और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करता है.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है | इनको केवल सुझाव के रूप में लें | इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें |

 

क्या आपके शरीर में भी कम है हीमोग्लोबिन की मात्रा, उसे बढ़ाने के ये है 10 सटीक तरीके

क्या आपके शरीर में भी कम है हीमोग्लोबिन की मात्रा, उसे बढ़ाने के ये है 10 सटीक तरीके

शरीर में खून की कमी होने पर बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। जिससे एनिमिया का शिकार हो जाते हैं। खून की कमी होने पर बॉडी, आंख, नाखून, हथेली एकदम सफेद हो जाती है। इतना ही नहीं खून की कमी से महिलओं को पीरियड्स में अधिक समस्या आती है। लेकिन 10 सटीक तरीके हैं हीमोग्लोबिन बढ़ाने के। जिसका लगातार सेवन करने से बिना दवा के आपका खून बढ़ सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि खून की कमी होने पर शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। वहीं ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है।

आइए जानते हैं 10 सटीक तरीकें -

1. चुकंदर - अपने आहार में रोज एक गोल स्लाीइस चुकंदर की खाना चाहिए। चुकंदर खाने से शरीर में खून बढ़ता है। इसमें मौजूद तत्वर शरीर को डिटॉक्सीोफाई कर हीमोग्लोदबिन की मात्रा को भी बढ़ाते हैं। इसका सेवन करने से खून की कमी बहुत हद तक कम हो जाती है।

2 अनार - खून की कमी होने पर रोज अनार के दाने खाना चाहिए, ज्यू स नहीं पिना चाहिए। अनार के दाने का सेवन करने की सलाह डॉक्टनर भी देते हैं। अनार खाने या जूस पीने से अपच की समस्या भी ठीक हो जाती है।

3.गुड़ का पानी - रोज गुड़ का पानी पीने से खुन तेजी से बढ़ता है। रात को कांच के गिलास में 1 चम्मेच जितना गुड़ डालें और उसमें पानी भरकर रख दें। सुबह उठकर उस पानी को दूसरे कांच के गिलास में छान लें। उसमें आप चाहे तो स्वापद के लिए नींबू और थोड़ा सा काला नमक भी मिला सकते हैं। इससे आपको पानी स्वांदिष्ट् लगेगा और पीने के बाद एकदम ताजगी महसूस करेंगे।
4.मनुक्का दाख - खून की कमी होना, पेट साफ नहीं होना, जैसी समस्या होने पर मनुक्का दाख का सेवन करना चाहिए। इससे आपका खून जल्दी बढ़ता है। इसके लिए सुबह एक कटोरी में मनुक्का दाख को पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद शाम को उसका सेवन कर लें।

5. टमाटर - इसमें मौजूद एंटीऑक्सीएडेंट की मात्रा हीमोग्लोहबिन बढ़ाने में मदद करती है। टमाटर का सलाद, जूस या सूप किसी भी तरह से इस्तेेमाल कर सकते है। साथ ही इसमें विटामिन-सी की प्रचूर मात्रा होती है, जिससे इम्यूनिटी बूस्ट् होती है।

6. नारियल पानी - खून की कमी होने पर आपके बाल भी झड़ने लगते हैं। ऐसे में नारियल पानी का सेवन करना चाहिए। इससे हीमोग्लोबिन का स्तोर ठीक रहता है और बाल झड़ना भी कम हो जाते हैं।

7. जामफल - पका हुआ जामफल खाने से शरीर में हीमोग्लोबीन की कमी नहीं होती है। पका अमरूद खाने से खून का स्तर बना रहता है। महिलाओं के लिए भी पका अमरूद खाना लाभकारी है।

8. आंवला - आंवले का सेवन करने से शरीर में विटामिन सी की पूर्ति होती है। विटामिन सी कमी होने पर हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। इसलिए अलग - अलग तरह से आंवले का सेवन करते रहना चाहिए। आप आंवले का सेवन सबसे अच्छा मुरब्बे के रूप में कर सकते हैं। इसका नियमित रूप से सेवन करने से हीमोग्लोबिन बराबर रहेगी।

9.तिल - तिल में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्वक मौजूद है। इसका सेवन करने के लिए सबसे पहले तिल को दो घंटे के लिए भीगों दें। पानी छानकर उसका पेस्ट बना लें। शहद के साथ मिलाकर उसका दिन में दो बार सेवन करें।

10. अंजीर - अंजीर खून बढ़ाने का बहुत अच्छा स्त्रोत है। 3 अंजीर को दूध में उबालकर पीने से हीमोग्लोाबिन तेजी से बढ़ता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है | इनको केवल सुझाव के रूप में लें | इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें |
 

नहीं समझ पा रहे हैं क्यों बढ़ रहा है तेजी से वजन? ये हो सकते हैं संभावित कारण

नहीं समझ पा रहे हैं क्यों बढ़ रहा है तेजी से वजन? ये हो सकते हैं संभावित कारण

वजन बढ़ने के बहुत से कारण होते हैं और हम में से ज्यादातर उन कारणों से वाकिफ होते हैं. हालांकि कई बार ऐसा भी होता है कि कोई गलती न करने के बावजूद वजन बढ़ता ही चला जाता है और समझ नहीं आता कि ऐसा क्यों हो रहा है. इसके पीछे कुछ वजहें हो सकती हैं जैसे स्ट्रेस या ठीक से न सोना आदि. जानते हैं विस्तार से.
स्ट्रेस –
यह शब्द सुनने में जितना छोटा सा है इससे होने वाले नुकसान उतने ही बड़े हैं. कोई व्यक्ति जब लंबे समय तक स्ट्रेस में रहता है तो उसके बहुत से हॉरमोन प्रभावित होने लगते हैं जो वेट गेन का कारण बनते हैं. ये स्ट्रेस काम से लेकर घर परिवार या बीमारी तक किसी भी प्रकार का हो सकता है.
Binge ईटिंग –
वेट गेन होने के पीछे एक कारण Binge Eating Disorder भी है. कई बार लोगों को लगता है कि उन्हें सारे दिन ऐसे ही भूख लगती रहती है और वे ऊट-पटांग स्नैक्स खाते रहते हैं. दरअसल इसके पीछे वजह Binge ईटिंग डिसऑर्डर हो सकता है. इस कारण दिन भर कुछ न कुछ चुगते रहने से वजन बढ़ने लगता है.
नींद पूरी न होना –
सही नींद स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से लाभकारी है. इससे वेट भी बहुत हद तक प्रभावित होता है. जो लोग रात में ठीक से नहीं सोते या देर रात तक जागते रहते हैं उन्हें भी वेट गेन की समस्या होती है. अगर नींद नहीं पूरी होगी तो बिना बात के भी वजन बढ़ेगा.
हाइड्रेटेड न रहना –
शरीर में पानी की सही मात्रा मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है. अगर आप उचित मात्रा में पानी नहीं पीते तो मान लीजिए की वेट बढ़ना तय है. इससे टॉक्सिन्स बॉडी से निकल नहीं पाते तमात तरह की बीमारियां पैदा करते हैं.
अंडरएक्टिव थायरॉएड –
अंडरएक्टिव थायरॉएड को हाइपोथायरॉडिज्म भी कहते हैं. इस कंडीशन में आपकी थायरॉएड ग्लैंड जरूरत भर के हारमोन नहीं बना पाती और वजन बढ़ता है. इस समस्या से निपटने कि लिए दवाई के साथ ही डाइट और लाइफस्टाइल में भी बदलाव करने पड़ते हैं.
 

आपके शरीर की ऊचाई भी कर सकती है आपको बीमार, जाने कौन से बिमारियों का हो सकता है खतरा

आपके शरीर की ऊचाई भी कर सकती है आपको बीमार, जाने कौन से बिमारियों का हो सकता है खतरा

अब आपकी हाइट से भी आपको बीमारी का खतरा पता चल सकता है। एक नई रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है। यानि आपकी हाइट से भी बीमारी का कनेक्‍शन है। वैज्ञानिकों ने अपनी इस रिसर्च पर मुहर भी लगाई है। रिसर्च के मुताबिक, लम्बी औरतों में कैंसर होने का खतरा अधिक होता है वहीं, कम लम्बाई वाली औरतों में प्री-मैच्योर डिलीवरी की आशंका रहती है। वहीं, अगर पुरुषों की बात करें तो कम लम्बाई वालों में समय से पहले गंजेपन का रिस्क रहता है और लम्बे पुरुषों में रक्त के थक्के जमने का खतरा रहता है।

लंबी औरतों में कैंसर का खतरा
रिसर्च कहती है कि 5 फि‍ट 9 इंच तक लंबाई वाली महिलाओं में कैंसर का खतरा 33 प्रतिशत तक ज्‍यादा हो सकता है।

रिसर्च के मुताबि‍क लंबाई शरीर में ऐसे हॉर्मोन पैदा करती है जि‍ससे ट्यूमर का खतरा हो सकता है। इसके साथ ही ज्‍यादा लंबाई वाले व्‍यक्‍तियों के पैरों में खून के थक्‍के भी जम सकते हैं।

कम लंबाई वालों में ये खतरें
जबकि कम लंबाई वालों में डायबि‍टीज का खतरा ज्‍यादा रहता है। क्‍योंकि कम लंबाई वालों के लीवर में फैट, ब्‍लड प्रेशर और सूजन की आशंका रहती है। जबकि पांच फीट से कम लंबाई औरतों में प्री-मेच्‍यौर डि‍लिवरी का खतरा है। लंबी औरतों के फैले हुए अंग उसके लिए फायदा देते हैं, जबकि कम हाइट की महिलाओं में समय से पहले डिलिवरी की आशंका है।

कम लंबाई की वजह से बाल झडने का खतरा भी है यानि समय से पहले बालों का पकना और गि‍रना। यह पूरी रिसर्च माल्‍मो यूनिवर्सि‍टी, बॉन यूनिवर्सि‍टी, हेलिंस्‍क‍ि यूनिवर्सि‍टी में की गई अलग अलग रिचर्स के आधार पर है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है | इनको केवल सुझाव के रूप में लें | इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें |

क्या आपको भी है कोरोना होने के बाद बाल झड़ने की शिकायत, तो अपनाइए ये उपाय, होगा फायदा

क्या आपको भी है कोरोना होने के बाद बाल झड़ने की शिकायत, तो अपनाइए ये उपाय, होगा फायदा

कोरोना वायरस के साइड इफेक्‍ट पहले कुछ टाइम तक के लिए सामने आ रहे थे लेकिन अब यह बीमारी गंभीर हो रही है। जी हां, पोस्‍ट कोविड के अलग-अलग लक्षण सामने आ रहे हैं।

जिसमें मुख्‍य रूप से ब्‍लक फंगस है। साथ ही खुजली, दर्द, शुगर की बीमारी, हार्ट पर असर पड़ना, सरदर्द, हड्डियों का गलना, सांस लेने में दिक्‍कत होना, सीने में दर्द रहना, थकान रहना, बोलने में असमर्थ होना, ब्रेन पर असर पड़ना जैसे लक्षण नजर आते हैं। वहीं अब पोस्‍ट कोविड से रिकवर हो रहे मरीजों में हेयर लॉस यानी गंजापन हो रहा है। इस वजह से और अधिक मा‍नसिक तनाव बढ़ सकता है। तो आइए जानते हैं गंजेपन को रोकने के लिए अपनी डाइट में इन सप्‍लीमेंट्स को शामिल करें।

1. आईल पुलिंग करें - बालों को झड़ने से रोकने के लिए आइल पुलिंग भी बेहतर तरीका है। इन दिनों ऑइल पुलिंग सबसे अधिक ट्रेंडिंग में है। यह एक आयुर्वेदिक प्रयोग है। रोज सुबह अपने मुंह में एक चम्‍मच तेल रखें और फिर मुंह में उसे घुमाएं। करीब 5 मिनट तक घुमाते रहें। इसके बाद कुल्‍ला कर दें। करीब 1 महीने तक रोज करें। इससे आपके बाल स्‍वस्‍थ्‍य रहेंगे।

2. योग करें - कोविड-19 से उभरने के लिए मरीज साइकेटि्रस्‍ट की मदद लेने लगे हैं। बढ़ते तनाव की वजह से बाल तेजी से झड़ने लगे हैं। इसके लिए प्राणायाम और एक्‍सरसाइज जरूर करना चाहिए। प्राणायाम और अनुलोम-विलोम ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज से खून का प्रवाह पूरी बॉडी में अच्‍छे से होता है। साथ आपके बालों की जड़ों में रक्‍त का प्रवाह भी अच्छे से होता है।

3. नींद की कमी - कोविड मरीजों को ठीक होने के लिए भरपूर आराम करना चाहिए। नींद की कमी पोस्‍ट कोविड मरीजों के लक्षण के रूप में भी नजर आई है। लेकिन अच्‍छी नींद के लिए कई तरीके हैं जिन्‍हें आजमा सकते हैं। रात को सोने से पहले पैरों को धोकर सोएं, नींद नहीं आने पर किताबें पढ़ें, रात को हल्‍दी का दूध पीकर सोएं या अपने पास असेंशियल ऑइल जरूर रखें। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और नींद भी अच्‍छे से आएगी।

4. बाल धोने का तरीका - अगर आपके बाल तेजी से झड़ रहे है तो आप उन्‍हें आहिस्‍ता से धोएं। साथ ही रात को अपनी नाभि पर तेल लगाकर सोएं। सिर धोने से पहले सिर में किताबें का तेल लगाएं। उससे अच्‍छे से बालों में मालिश करें। सिर करीब 45 मिनट तक उसे लगा रहने दें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है | इनको केवल सुझाव के रूप में लें | इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें |

 

क्या आपको भी आदत है खाना खाने के बाद इन कामों को करने की, तो हो जाइये सावधान, हो सकते हैं ये नुकसान

क्या आपको भी आदत है खाना खाने के बाद इन कामों को करने की, तो हो जाइये सावधान, हो सकते हैं ये नुकसान

वजन बढ़ाने से लेकर कई बीमारियां ना केवल गलत खान-पान के कारण होती है | बल्कि खाना खाने के बाद की गई छोटी-छोटी आदतों के कारण भी हो सकती है | इसलिए खाना खाने के बाद कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है | ऐसें में आज यहां हम आपको बताएंगे कि आपको खाना खाने के बाद कौन सी गलतियां हैं जो नहीं करनी चाहिए | आइएं जानते हैं |

खाना खाने के बाद न करें ये गलतियां :-

फल खाना :
भोजन के बाद कभी भी फल नहीं खाना चाहिए | क्योंकि भोजन के बाद फल खाने से भोजन का अवशोषण सीमित हो जाता है इससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं |

स्मोकिंग :
बहुत से लोगों को खाना खाने के बाद स्मोकिंग करने की आदत होती है लेकिन क्या आपको पता है कि भोजन के ठीक बाद स्मोकिंग करना आपके शरीर का वजन बढ़ सकता है | क्योंकि सिगरेट में कार्सिनोजेन्स होते हैं जो आपके आंत्र सिंड्रोम को खराब कर सकते हैं |

सोने से बचें :
जब आप खाना खाने के तुरंत बाद सोते हैं तो पेट में खाना पचने में दिक्कत हो सकती हैं जिससे डाइजेशन बिगड़ सकता है |

शॉवर ना लें :
खाना खाने के तुरंत बाद नहाने से बचना चाहिए | जब आप भोजन के बाद नहाते हैं तो रक्त शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए त्वचा में जाता है | जिससे पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं |

व्यायाम करने से बचें :
क्या आपको पता है क खाना खाने के तुरंत बाद व्यायाम करने से आपकी पाचन प्रकिया बिगड़ सकती है, इससे आपको उल्टी और पेट में दर्द का अनुभव कर सकते हैं |

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है | इनको केवल सुझाव के रूप में लें | इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें |

थायराइड को कंट्रोल करने के लिए खाएं ये फल, हमेशा रहेंगे हेल्दी

थायराइड को कंट्रोल करने के लिए खाएं ये फल, हमेशा रहेंगे हेल्दी

खराब लाइफस्टाइल, बेवक्त खानापीना और नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं करना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. इन सभी चीजों का असर मेटाबॉलिज्म पड़ता है. थायराइड एक ऐसी बीमारी है. थायराइड बटरफ्लाई की तरह दिखने वाला ग्लैंड है जो हमारे गले की नीचे होते हैं. ये शरीर के कई हिस्सों को कंट्रोल करने में मदद करता है. इस ग्लैंड में किसी तरह की परेशानी से थकान, बाल टूटना, कोल्ड, वजन बढऩा और अन्य लक्षण नजर आने लगते हैं. थायरइड दो तरह का होते हैं. हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म. दोनों स्थितियां अलग- अलग बीमारी के कारण होती हैं जो थायराइड ग्लैंड को प्रभावित करने का काम करती हैं.
डाइट थायराइड के लक्षणों को मैनेंज करने में मदद करता है. एक पौष्टिक और संतुलित आहार के साथ दवाएं लेने से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है. इसमें आयोडिन, कैल्शियम और विटामिन डी वाली चीजों के सेवन से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है. हम आपको ऐसे 4 फ्रूट्स के बारे में बता रहे हैं जिसका सेवन कर थायराइड के लक्षण को कम कर सकते हैं.
सेब
सेब सबसे हेल्दी फूड होता है और दुनिया भर में पसंद किया जाने वाला फल है. रोजाना एक सेब खाना से वजन को कंट्रोल किया जा सकता है. ब्लड शुगर को मेंटेन करने में मदद करता है और थायराइड ग्लैंड को मैनेज करने में मदद करता है. अध्ययनों से पता चलता है कि सेब आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है. इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है. ये मोटापा, डायबिटीज, और हृदय रोग के खतरे को कम करता है.
बैरिज
बैरिज यानी जामुन में एंटी ऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है जो थायराइड के लिए फायदेमंद होता है. जामुन में विटामिन और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होत है जो फ्री रेडिकल्स को दूर करने में मदद करता है. थायराइड में डायबिटीज और वजन बढऩा आमबात है. स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.
संतरा
संतरा में विटामिन सी और एंटी ऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है जो फ्री रेडिकल्स को दूर रखने में मदद करता है. विटामिन सी इम्युनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है. इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है.
अनानास
अनानास में विटामिन सी और मैंगनीज की भरपूर मात्रा होती है. ये दोनों पोषक तत्व शरीर को फ्री रेडिकल्स से सुरक्षित रखने में मदद करता है. इसमें विटामिन बी की भरपूर मात्रा होती है जो थकान को दूर करने में मदद करता है. अनानास कैंसर, ट्यूमर और कब्ज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद होता है.
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
 

अगर आप शारीरिक रूप से कमजोर हैं तो दूध में मिलाकर पीये यह 1 चीज

अगर आप शारीरिक रूप से कमजोर हैं तो दूध में मिलाकर पीये यह 1 चीज

इस खबर में हम आपके लिए लेकर आए हैं लौंग वाले दूध के फायदे.  वैसे तो दूध और लौंग का अलग-अलग सेवन करने से शरीर को फायदे होते ही हैं, लेकिन यदि आप इन दोनों का एक साथ सेवन करते हैं तो आप कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं.
लौंग में पाए जाने वाले तत्व
रिपोर्ट के अनुसार, लौंग में विटामिन के साथ अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं. इनमें जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इसके अलावा लौंग में प्रोटीन, आयरन, कार्बोहाइड्रेट्स, कैल्शियम और सोडियम एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
लौंग के फायदे
लौंग का सेवन करने से भूख बढ़ती है.
लौंग पेट के कीड़ों को खत्म करती है.
लौंग चेतना शक्ति को नॉर्मल रखती है.
लौंक का सेवन करने से शरीर की दुर्गंध दूर हो जाती है
लौंग का सेवन करने से मूत्र मार्ग ठीक रहता.
सूत्रों ने बताया कि दूध में प्रोटीन, कैल्शियम और राइबोफ्लेविन (विटामिन बी -2) पाया जाता है. साथ ही विटामिन ए, डी, के और ई सहित फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयोडीन व कई खनिज और वसा तथा ऊर्जा भी होती है. ये सभी हमारे शरीर के लिए कई तरह की बामारियों से बचाती हैं.
दूध के फायदे
एक गिलास दूध में पुरुषों की रोज की जरूरत का 37 प्रतिशत कैल्शियम पाया जाता है.
इसका सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं
दूध में मौजूद फैट और प्रोटीन्स मेल हार्मोन्स को एक्टिव करते हैं. फर्टिलिटी बढ़ती है.
दूध में मौजूद कैल्शियम स्ट्रोक से बचाता है.
दूध में मौजूद कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखते हैं
दूध में सेसिन और व्हे प्रोटीन होते हैं, जो मसल्स को मजबूत बनाते हैं.
लौंग और दूध का एक साथ सेवन करने से फायदे
लौंग-दूध के सेवन से शरीर के कई रोग जड़ से खत्म हो जाते हैं.
एसिडिटी, कब्ज, गैस की समस्या खत्म हो जाती है.
मुंह से आने वाली बदबू से राहत पाने के लिए भी लौंग को चबाकर उपयोग कर सकते हैं.
दूध में दूध में मौजूद फैट और प्रोटीन्स मेल हार्मोन्स को एक्टिव करते हैं. इसलिए लौंग के साथ दूध का सेवन करने से पुरुष अपने आपको तरो-ताजा महसूस करते हैं.
दूध में लौंग मिक्स करके पीने से यौन शक्ति बढ़ती है.
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
 

क्या आप भी हैं प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े वजन से परेशान, तो अपनाये ये टीप्स, होंगे फायदे

क्या आप भी हैं प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े वजन से परेशान, तो अपनाये ये टीप्स, होंगे फायदे

बच्चे के जन्म के बाद लगभग हर महिला जल्दी से जल्दी वजन कम करना चाहती है. वापस शेप में आने की जितनी ललक होती है, उसे पाना उतना ही मुश्किल लगता है. कुछ छोटी और जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप पोस्ट प्रेग्नेंसी वेट को तुलनात्मक रूप से आसानी से कम कर सकती हैं.

ब्रेस्ट फीडिंग से मिलेगी मदद –
इस मामले में एक्सपर्ट्स एकमत नहीं होते. कोई कहता है इससे वेट लॉस में मदद मिलती है तो कोई कहता है इन दो बातों का आपस में कोई लेना-देना नहीं. इस बहस में पड़ने से बेहतर है यह समझना कि बच्चे को दूध पिलाने से आपकी कैलोरीज तो बर्न होती ही हैं साथ ही यह आपके बच्चे के लिए भी बहुत मददगार सिद्ध होता है.

खूब पानी पिएं –
बात चाहे पोस्ट प्रेग्नेंसी वेट की हो या आम दिनों की वजन कम करने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है. इससे ऊट-पटांग खाने की इच्छा भी नहीं होती और मेटाबॉलिज्म भी अच्छा रहता है. इसे समझने का सही तरीका है कि इतना पानी पिएं कि आपकी यूरीन क्लियर हो.

डाइट न करें, हेल्दी खाएं –
बच्चे के जन्म के बाद जब मां बहुत से इमोशनल और हॉरमोनल चेंजेस से गुजर रही होती है, ऐसे में डाइट करना अच्छा विकल्प नहीं है. इससे आपको स्ट्रेस होगा और गलत खाने से गिल्ट. बेहतर है भूख को दबाएं नहीं लेकिन हेल्दी खाएं जैसे, मखाने, फल, मूंगफली, मेवा आदि.

एक्सरसाइज का कोई सानी नहीं –
पोस्ट प्रेग्नेंसी वेट हो या नहीं बिना फिजिकल एक्टिविटी के अपने शरीर से एक्सट्रा वेट हटाना आसान नहीं. हालांकि बच्चे के जन्म के बाद आपको हल्की एक्सरसाइज ही चुननी है. धीमे-धीमे वॉक कर लें, आसान स्ट्रेच कर लें या योगा भी कर सकती हैं. किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परमीशन जरूर ले लें.

 बच्चों के Vaccination पर आई बड़ी खबर, जानें पहले किन्हें, कैसे और कब लगेगा टीका?

बच्चों के Vaccination पर आई बड़ी खबर, जानें पहले किन्हें, कैसे और कब लगेगा टीका?

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच सरकार जल्द से जल्द बच्चों का टीकाकरण करना चाहती है. केंद्र सरकार की कोशिश है कि अक्‍टूबर-नवंबर से 12-17 साल के बच्‍चों को वैक्सीन देने का काम शुरू हो जाए. माना जा रहा है कि मोटापा, दिल सहित अन्य बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को सबसे पहले वैक्‍सीन लगाई जाएगी. पहले राउंड में ऐसे करीब 20-30 लाख बच्‍चों को कवर करने का अनुमान है.

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने अपनी रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है कि सरकार ने जायडस कैडिला की डीएनए वैक्‍सीन ZyCov-D को ध्‍यान में रखकर अक्‍टूबर-नवंबर से 12-17 साल के बच्‍चों के वैक्सीनेशन की योजना बनाई है. बता दें कि ZyCoV-D ही इकलौती ऐसी वैक्‍सीन है जिसे देश में बच्‍चों पर आपातकालीन इस्‍तेमाल की मंजूरी मिली है.

वरिष्‍ठ ने बताया कि सरकार जायडस के सप्‍लाई शुरू करने का इंतजार कर रही है. सप्लाई शुरू होते ही बच्‍चों का टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा. सबसे पहले उन बच्चों को टीका लगाया जाएगा, जिन्हें कोई न कोई बीमारी है. बाकियों को अगले साल की पहली तिमाही से वैक्‍सीन लगनी शुरू होगी.
 
रिपोर्ट में बताया गया है कि पहली खेप में जायडस करीब 40 लाख डोज सप्‍लाई करेगी. उसके बाद हर महीने एक करोड़ डोज सप्‍लाई होंगी. सरकार को उम्‍मीद है कि कंपनी दिसंबर तक करीब 4-5 करोड़ डोज मुहैया करा देगी. यहां गौर करने वाली बात ये है कि ZyCoV-D तीन डोज वाली वैक्‍सीन है. सरकार अगले साल मार्च तक बाकी बच्‍चों तक वैक्‍सीनेशन कवरेज को बढ़ाएगी.
 
बता दें कि भारत बायोटेक की Covaxin को भी बच्‍चों पर टेस्‍ट किया जा रहा है. उसके क्लीनिकल ट्रायल जल्द पूरे होने वाले हैं. यदि Covaxin को बच्‍चों पर आपातकालीन इस्‍तेमाल की मंजूरी मिल जाती है, तो उसे दो साल से ज्‍यादा उम्र वाले सभी बच्‍चों को लगाया जा सकता है. बायोलॉजिकल ई और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के टीकों को भी हाल ही में बच्‍चों पर ट्रायल की मंजूरी दी गई है.
 
रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 18 साल से कम उम्र के करीब 44 करोड़ बच्‍चे हैं. इनमें से 12-17 की उम्र वाले लगभग 12 करोड़ हैं, जिन्‍हें सबसे पहले वैक्‍सीन मिलेगी. हालांकि सीमित सप्‍लाई को देखते हुए सरकार ने इस आयुवर्ग में भी प्रायोरिटी ग्रुप्‍स बनाने का फैसला किया है. यही रणनीति बड़ों के वैक्‍सीनेशन अभियान में भी अपनाई गई थी. गौरतलब है कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर जल्द आने की आशंका जताई जा रही है. सरकार की योजना है कि इससे पहले ही बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हो जाए.
 तीसरी लहर से पहले नई चुनौती बने निपाह, डेंगू और मलेरिया

तीसरी लहर से पहले नई चुनौती बने निपाह, डेंगू और मलेरिया

नई दिल्ली। देश भर में कोरोना अपना कहर बरपा रहा है। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी भी जारी हो चुकी है। लेकिन इसी बीच सेहत विभाग के सामने नई समस्या खड़ी हो चुकी है। केरल में निपाह वायरस, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में डेंगू, दिल्ली में वायरल और बिहार में मलेरिया के प्रसार के कारण मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई राज्यों के अस्पतालों में 95 फीसदी बिस्तर भरे हुए हैं। इनमें 60 से 70 फीसदी तक मरीज बुखार या वायरल से संक्रमित हैं।
 
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खासतौर पर बच्चों में इन्फ्लूएंजा संक्रमण देखने को मिल रहा है। स्क्रब टाइफस व लेप्टोस्पिरोसिस जैसे जीवाणु संक्रमण (बैक्टीरियल इंफेक्शन) भी कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों में जानलेवा साबित हो सकते हैं। बुखार के कारण हालात बिगडऩे की चेतावनी पहले ही दे दी गई थी। 

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खासतौर पर बच्चों में इन्फ्लूएंजा संक्रमण देखने को मिल रहा है। स्क्रब टाइफस व लेप्टोस्पिरोसिस जैसे जीवाणु संक्रमण (बैक्टीरियल इंफेक्शन) भी कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों में जानलेवा साबित हो सकते हैं। बुखार के कारण हालात बिगडऩे की चेतावनी पहले ही दे दी गई थी। 

वहीं, एनआईवी की वैज्ञानिक डॉ. प्रज्ञा यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में फैले रहस्यमयी बुखार के मरीजों की जीनोम सीच्ेंसिंग में हमें डेंगू वायरस का डी-2 स्ट्रेन मिला है, जो काफी जानलेवा है। महाराष्ट्र और यूपी के अलावा दिल्ली से भी कुछ सैंपल मंगाए गए हैं, क्योंकि वहां वायरल बुखार के बाद लोगों को लंबे समय तक खांसी व कफ बने रहने की शिकायत मिल रही है।
 
इसके अलावा डेंगू के चलते महाराष्ट्र के अस्पतालों के ब्लडबैंकों में रक्त की कमी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि मुंबई के टाटा अस्पताल को सोशल मीडिया पर रक्तदान के लिए लोगों से अपील करनी पड़ रही है। अस्पताल के अनुसार, रक्त की मांग कई महीने से पहले अधिक थी, लेकिन अब यह संकट और गहरा चुका है, क्योंकि कोरोना टीकाकरण भी इसका कारण है।
क्या आप जानते है, दोबारा गर्म करके चाय क्यों नहीं पीना चाहिए?

क्या आप जानते है, दोबारा गर्म करके चाय क्यों नहीं पीना चाहिए?

हम में से ज्यादार लोग चाय के साथ अपने दिन की शुरुआत करते हैं. इसका लाजवाब स्वाद हम में से ज्यादातर लोगों को पसंद होता है. चाय एक इंसान को दूसरे से जोडऩे का काम करता है. चाय में कई तरह के प्राकृतत्व होते हैं जिसे पीने का बाद हम तरोताजा महसूस करते हैं. ये हमारी एनर्जी को बढ़ाने का कम करते हैं. अक्सर ऑफिस में काम की थकान को दूर करने के लिए चाय पीते हैं. हालांकिस कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा चाय पीने की आदत होती है.
ऐसे में कई बार हम लोग चाय बनाने में आलस करते हैं जिसकी वजह से एक बार में अधिका मात्रा मे चाय बनाकर रख लेते हैं और उसे समय- समय पर गर्म करके पीते रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बार- बार चाय को गर्म करके पीना सेहत को काफी नुकसान पहुंचता है.

आइए जानते हैं चाय को बार- बार गर्म करके क्यों नहीं पीना चाहिए.
स्वाद और स्मेल खराब होता है
बार- बार चाय को गर्म करने से उसका स्वाद और खूशबू उड़ जाती है. ये दोनों चीजें चाय की खासियल होती है. इसके अलावा बार- बार चाय गर्म करने से इसके पौषक तत्व भी कम हो जाते है.
बैक्टीरियल ग्रोथ बढ़ जाता है
ज्यादा देर बाद बनी हुए चाय को दोबारा पीना सेहत के लिए हानिकारक होता है. क्योंकि चाय में माइक्रोबियल बनने लगते हैं. ये माइल्ड बैक्टीरिया सेहत के लिए हानिकारक होते हैं. ज्यादातर घरों में दूध वाली चाय बनती हैं जिसमें दूध की मात्रा अधिक होती है. इस वजह से माइक्रोबियल खतरा बढ़ जाता है. वहीं, हर्बल चाय को बार- बार गर्म करने से उसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं.
सेहत के लिए हानिकारक
चाय को बार- बार गर्म करके पीना सेहत के लिए खतरनाक होता है. क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं. अगर आप अपनी इस आदत को नहीं बदलते हैं तो लंबे समय बाद पेट खराब होने पेट दर्द. इंफ्लामेशन आदि बीमारियां हो सकती हैं. ये आदत आपके सेहत के लिए नुकसानदायक होता है.
चाय से जुड़ी ये बातें जान लें
1. चाय बनने के 15 मिनट बाद उसे गर्म करते हैं तो उससे आपको कोई नुकसान नहीं होता है.
2. लंबे समय बाद चाय को गर्म करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है.
3. हमेशा उतनी ही चाय बनानी चाहिए जितना आप उस समय में खत्म कर लें ताकि बाद के लिए चाय बचनी ही नहीं चाहिए.

 

बढ़ते ब्लड शुगर से परेशान हैं तो डाइट में शामिल करें ये प्राकृतिक खाद्य पदार्थ

बढ़ते ब्लड शुगर से परेशान हैं तो डाइट में शामिल करें ये प्राकृतिक खाद्य पदार्थ

आजकल अनियमित खान-पान की आदतों की वजह से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है. मधुमेह (Diabets) भी एक ऐसी बीमारी है जो आपकी बिगड़ी लाइफस्टाइल की वजह से हो सकती है. डायबिटीज को खतरनाक माना जाता है क्योंकि ये धीरे-धीरे आपके शरीर के दूसरे अंगो को प्रभावित करने लगती है. डायबिटीज को साइलेंट किलर (Silent Killer) भी कहा जाता है. इससे हार्ट (Heart), लिवर (Liver) आंखें (Eye) और किडनी (kidney) सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं. आजकल कम उम्र में ही लोगों को डायबिटीज का खतरा बढ़ने लगा है. कई बच्चों में डायबिटीज (Diabetes in Kids) की बीमारी होने लगी है.
क्या है डायबिटीज (What is Diabetes)


डायबिटीज होने पर पैंक्रियाज में इंसुलिन कम पहुंचता है, जिससे खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है. इंसुलिन हमारे शरीर में पाचन ग्रंथि से बनता है, जिसका काम भोजन को एनर्जी में बदलने का होता है. इंसुलिन से ही शरीर में शुगर की मात्रा कंट्रोल रहती है. डायबिटीज होने पर शरीर को भोजन से एनर्जी बनाने में परेशानी होती है. ऐसी स्थिति में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाता है, जिससे हमारे दूसरे अंग भी प्रभावित होने लगते हैं. डायबिटीज दो तरह की होती है टाइप-1 और टाइप-2. वंशानुगत कारणों की वजह से होने वाले डायबिटीज को टाइप-1 और अनियमित जीवनशैली की वजह से होने वाली डायबिटीज को टाइप-2 डायबिटीज कहते हैं.
डायबिटीज में आहार (Foo In Diabetes)


आपकी डाइट का डायबिटीज पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे में आपको अपनी डाइट (Diabetes Diet) का बहुत ध्यान रखने की जरूरत होती है. डायबिटीज में फल और सब्जियां का चुनाव भी सोच समझकर करने की जरूरत है. इसके अलावा कौन सा अनाज डायबिटीज में खाना चाहिए ये भी महत्तवपूर्ण है.
डायबिटीज में खाने वाले अनाज (Grains In Diabetes)


1- जौ का आटा- डायबिटीज के मरीजों को फाइबर से भरपूर अनाज का सेवन करना चाहिए. आपको डाइट में जौ की रोटी शामिल करनी चाहिए. जौ में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है और स्टार्च बहुत कम होता है. इसे पचाना काफी आसान होता है. जौ खाने से शुगर कंट्रोल रहता है.


2- बाजरा का आटा- बाजरा का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है. बाजरा में मैग्नीशियम काफी मात्रा में होता है, जिससे इंसुलिन और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है. बाजरा में हेल्दी फाइबर होता है, जो टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है.


3- रामदाना- ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए रामदाना काफी अच्छा होता है. इसमें ग्लूटेन नहीं होता और फाइबर भरपूर होता है. रामदाना में आयरन, पोटैशियम, अमीनो एसिड और कई दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं. आप डाइट में इसे शामिल कर सकते हैं.


4- राजगीरा- ये एक साबुत अनाज है जिसका सेवन डाबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करता है. राजगीर सेहत के लिए काफी फायदेमंद है. इससे शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है. इसमें अमीनो-एसिड, आयरन, पोटैशियम होता है ये ग्लूटन-फ्री है.


5- मल्टीग्रेन आटा- अगर आप किसी एक तरह के अनाज को नहीं खाना चाहते हैं तो आप मल्टी ग्रेन आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें जौ, बाजरा, मक्का, चना, गेहूं और राजगीर जैसे अनाज को शामिल कर सकते हैं. ये आटा आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में बहुत मदद करेगा.
डायबिटीज में खाने वाले फल (Fruits In Diabetes)


1- सेब (Apple)- एप्पल स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है. रोज एक सेब खाने से शरीर बीमारियों से दूर रहता है. डायबिटीज के मरीज के लिए भी सेब बहुत अच्छा फल है. सेब में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार का फाइबर काफी होता है. जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है. सेब खाने से पेट अच्छा रहता है और वजन भी कंट्रोल रहता है.


2- संतरा (Orange)- फलों में संतरा को सुपरफूड माना गया है. डायबिटीज के मरीज के लिए भी संतरा बहुत गुणकारी है. इसमें भरपूर फाइबर, विटामिन सी, फोलेट और पोटेशियम पाया जाता है. जिससे डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद मिलती है.


3- आड़ू (Peach)- आड़ू फुल ऑफ फाइबर फूड है. आड़ू खाने से ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है. करीब 100 ग्राम आड़ू में 1.6 ग्राम फाइबर होता है. गर्मी और बारिश के मौसम में आड़ू आपको काफी मिल जाएगा. आड़ू पहाड़ों पर पाया जाने वाला फल है. शुगर के मरीज को आड़ू जरूर खाना चाहिए.


4- अमरूद (Guava)- अमरूद काफी सस्ता लेकिन सेहत के लिए फायदेमंद फल है. अमरुद में लो ग्लाइकैमिक इंडेक्स यानी जीआई होता है, जिससे शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है. अमरूद में विटामिन सी, विटामिन ए, फॉलेट, पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. डायबिटीज और हार्ट के मरीज के लिए अमरूद बहुत अच्छा फल साबित होता है.


5- कीवी (Kiwi)- कीवी खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है. खासबात ये है कि ये सभी सीजन में आसानी से मिल जाता है. कीवी में विटामिन ए और सी भरपूर होता है. एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों से भरपूर कीवी खाने से ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल रहता है. इससे शरीर में ग्लूकोज की मात्रा कम करने में मदद मिलती है.
डायबिटीज में खाने वाली सब्जियां (Vegetables In Diabetes)


1- भिंडी (Ladyfinger)- डायबिटीज के मरीज के लिए भिंडी सब्जी का अच्छा ऑप्शन है. भिंडी में स्टार्च नहीं होता और घुलनशील फाइबर पाया जाता है. भिंडी आसानी से पच जाती है. इससे ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है. भिंडी में मौजूद पोषक तत्व इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर को बीमारियों से बचाते हैं.


2- गाजर (Carrot)- गाजर में भरपूर मात्रा में विटामिन ए और ढ़ेर सारे मिनरल्स पाए जाते हैं. डायबिटीज के मरीज को खाने में गाजर जरूर शामिल करनी चाहिए. ऐसे लोगों को सब्जी की बजाय सलाद के तौर पर कच्ची गाजर खानी चाहिए. गाजर में फाइबर काफी मात्रा में पाया जाता है. इससे बॉडी में धीरे-धीरे शुगर रिलीज होता है.


3- हरी सब्जियां (Green Vegetables)- डायबिटीज होने पर आपको खाने में हरी सब्जियां जरूर शामिल करनी चाहिए. आपको खाने में पालक, लौकी, तोरई, पत्तेदार सब्जियां और ब्रोकली शामिल करनी चाहिए. ये सब्जियां फाइबर से भरपूर होती हैं. ये सब्जियां डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं. इनमें विटामिन ए और सी काफी होता है. वहीं कैलोरीज की मात्रा बहुत कम होती है. ब्रोकली डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है. वजन घटाने में भी ब्रोकली मदद करती है.


4- पत्ता गोभी (Cabbage)- पत्ता गोभी भी डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है. पत्ता गोभी में स्टार्च की मात्रा बहुत कम होती है. पत्ता गोभी एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स से भरपूर है. इसमें फाइबर भी भरपूर होता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए पत्ता गोभी बहुत पायदेमंद है. आप सलाद या सब्जी के तौर पर पत्ता गोभी का इस्तेमाल कर सकते हैं.


5- खीरा (Cucumber)- खीरा खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है. गर्मियों में खीरा खाना सेहत के लिए अच्छा होता है. खीरा में पानी अच्छी मात्रा में होता है. खीरे में स्टार्च बिल्कुल नहीं होता है. वजन घटाने के लिए भी खीरा बहुत कारगर है. पेट को स्वस्थ रखने में भी खीरा मदद करता है.


Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.


 

नहाते समय पानी में मिलाएं ये 5 चीजें, दिन भर की थकान होगी छू मंतर

नहाते समय पानी में मिलाएं ये 5 चीजें, दिन भर की थकान होगी छू मंतर

लेपटॉप या कम्यूटर स्क्रीन पर लगातार काम करने के बाद रात तक बुरी तरह से क जाते हैं। कई बार अगले दिन काम पर आपकी थकान का असर भी पड़ता है। इसके लिए एक सबसे आसान तरीका है जिससे आपकी थकान भी दूर हो जाएगी और सुबह उठने पर आप तरोताजा महसूस करेंगे। इसके लिए आप ऑफिस से आने के बाद जब भी नहाते हैं तो 5 में से कोई सी भी एक चीज अपनाएं। इससे आपकी दिनभर की थकान छू मंतर हो जाएगी। तो आइए जानते हैं -
1. नींबू -
नींबू में मौजूद एंटीऑक्सीजडेंट गुण आपकी बॉडी को एक्टिव रखने में मदद करते हैं। पानी में दो बूंद नींबू की डालकर स्नान करने से दिनभर की थकान दूर हो जाती है। वहीं इसकी खुशबू से ताजगी महसूस होती है। जिससे आप एक दम फ्रेश महसूस करते हैं। शरीर पर मौजूद दिनभर की गंदगी को मिटाने में भी मदद मिलती है। और चेहरे या बॉडी पर जमा दाग-धब्बे भी हल्के पड़ जाते हैं।
2. ऑलिव ऑयल –
यह सबसे अधिक उपयोगी तेल है। स्नाान करने के दौरान बाल्टी् में एक ढक्कंन ऑलिव ऑयल डाल लें। यह एंटी-एजिंग का काम भी करती है। इसमें विटामिन ई और के की भरपूर मात्रा होती है। पानी में डालकर इसे लगाने से कोलेजन का काम भी हो जाता है।
3. नमक –
दिनभर की थकान दूर करने का सबसे अचूक उपाय है नमक। गुनगुने पानी में 1 चम्मच नमक डालकर नहाने से दिनभर की थकान और गंदगी दोनों दूर हो जाती है। जिससे थकान के बाद भी भरपूर नींद आती है।

4. दूध –
वैसे तो दूध से स्नाकन करना एक भारतीय परंपरा रही है। रात को आपके यहां दूध आता है तो आधी कटोरी दूध गुनगुने पानी में डालकर स्नाान करें। इससे आपकी स्किन बहुत अधिक सॉफ्ट हो जाएगी। बल्कि रात में आपको किसी प्रकार का मॉइश्चराइजर भी लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

5. लैवेंडर ऑयल –
इस तेल का इस्तेमाल स्पा के दौरान सबसे अधिक किया जाता है। लैवेंडर की सिर्फ दो बूंदों को पानी में डालने के बाद उस गुनगुने पानी से स्नान करें। आपकी सभी थकान दूर हो जाएगी। इस ऑयल से स्ना्न करने से मांसपेशियों का दर्द भी कम होता है।

 

क्या आपको भी है Thyroid की समस्या? तो भूलकर भी न खाएं ये चीजें

क्या आपको भी है Thyroid की समस्या? तो भूलकर भी न खाएं ये चीजें

इन दिनों थाइरॉइड की बीमारी आम बनती जा रही है. वहीं कुछ लोगों को इस बीमारी के लक्षण समझने में समय लग जाता है और यही वजह है कि ये बीमारी बढ़ जाती है. बता दें कि अगर आप इस बीमारी में आप लापरवाही करते हैं तो ये आपके लिए खतरनाक हो सकती है. थायरॉयड के मरीजों को ये भी पता होना चाहिए कि उनके शरीर के लिए किन चिजों का सेवन हानिकारक हो सकता है. ऐसे में हम आपको यहां बताएंगे कि थायरॉयड के मरीज को किन चीजों को खाने से बचना चाहिए. साथ ही थायरॉयड के क्या लक्षण हैं-
थायरॉयड (Thyroid) के प्रकार
थायरॉयड दो प्रकार के होते है एक हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइडिज्म. दोनों ही प्रकार के थायरॉयड के अलग-अलग लक्षण होते है.
थाइरॉइट (Thyroid) हाइपरथायराइडिज्म के लक्षण-
कम नींद आना
वजम कम होना
घबराना
प्यास ज्यादा लगना, सांस फूलना
थाइरॉइट (Thyroid) हाइपोथायराइडिज्म के लक्षण-
वजन बढ़ना
मानसिक तनाव
बालों का झड़ना
थकान
स्किन का रूखा होना


थाइरॉइट (Thyroid) में इन चीजों से करें परहेज

सोयाबीन
अगर आपको थायरॉइड है तो सोयाबीन खाने से बचना चाहिए. थायरॉयड में किसी भी प्रकार से सोयाबीन का सेवन नहीं करना चाहिए.
कैफीन या ऐल्कोहल
थाइरॉयड के मरीजों के लिए कैफीन और एल्कोहल को छोड़ना जरूरी है ऐसा करने के बाद ही आप थाइरॉयड को कम कर सकते हैं. अगर आप थाइरॉयड के मरीज हैं और फिर भी ऐल्कोहल और कैफीन का सेवन करते हैं तो दवाओं के असर पर इसका प्रभाव पड़ सकता है. और आपका थाइरॉयड भी बढ़ सकता है.
चीनी
थाइरॉयड के मरीजों के लिए चीनी का सेवन भी अच्छा नहीं है. थाइरॉयड चीनी के सेवन से आपका वजन बढ़ सकता है. साथ ही थाइरॉयड के लेवल पर भी इसका असर पड़ सकता है.


Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

 

Alert ! कोविड-19 वैक्सीनेशन के बाद ये लक्षण दिखने पर हो सकते हैं संक्रमित

Alert ! कोविड-19 वैक्सीनेशन के बाद ये लक्षण दिखने पर हो सकते हैं संक्रमित

कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप अभी भी किसी साये की तरह मन में बैठा हुआ है। लेकिन कुछ ही लोगों के मन में अब डर नजर आ रहा है।
लोग सड़कों पर बिना खौफ के नजर आ रहे। जहां अभी लोगों से दूरी बनाना है, मास्क। लगाना है लेकिन जनता ने वैक्सीबनेशन के बाद कोविड नियमों से दूरी बना ली। शायद वो मंजर जनता भूल गई जब मरीज मौत और जिदंगी के बीच खतरनाक संघर्ष कर रहे थे। जनता के मन में गलतफहमी पैदा हो रही है। वैक्सी नेशन के बाद उन्हें कुछ नहीं होगा। तो कुछ लोगों के मन में सवाल है कि वैक्सीबन लगवाने के बाद भी कोरोना होना है तो फिर वैक्सी‍न क्योंह लगाएं? सबसे पहले जानते हैं वैक्सीननेशन के बाद कुछ लक्षण नजर आते हैं तो सतर्क हो जाएं। क्योंीकि वह कोरोना वायरस के भी हो सकते हैं।

वैक्सींनेशन के बाद ये संकेत दिखने पर हो जाएं सतर्क

- नाक बहना
-सुगंध नहीं आना
-गले में खराश होना
-सिरदर्द
-जुकाम होना

टीका लगवाने से पहले ये लक्षण नजर आ रहे हैं तो सतर्क हो जाएं -

- सिरदर्द
- ठंड लगकर बुखार आना
- गले दुखना
- नाक बहना
- खांसी होना
- हाथ पैर दुखना

ऐसे कर सकते हैं खुद का बचाव

जी हां, दूसरी लहर पूरी तरह से खत्मस नहीं हुई। कई राज्योंं, शहरों में आज भी हजारों की तादाद में केस मिल रहे हैं। वहीं विशेषज्ञों द्वारा लगातार तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है। यह भी कहना है कि अगर लोग इस तरह से बेपरवाह घुमेंगे तो तीसरी लहर को किसी भी हालत में टाला नहीं जा सकता है। तीसरी लहर के जल्दीे आने संभावना और अधिक बढ़ जाएगी।

- वैक्सीबन लगवाने के बाद भी मास्क लगाना जरूरी है। क्योंंकि वायरस अभी भी हमारे बीच है।
- कोविड नियमों का पालन करें। दो गज की दूरी, हैंड सैनिटाइजर, और मास्कभ जरूर लगाएं।
- घर में ही रहें। जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाएं। कोविड लगातार म्यू टेट हो रहा है।
- दुकान या सार्वजनिक जगहों पर दूरी बनाकर रखें।

वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड हो जाता है तो क्या फायदा

दरअसल, वैक्सीबनेशन के बाद भी कई लोग कोरोना की चपेट में आए है लेकिन उन्हें हॉस्पिटल जाने की जरूरत नहीं पड़ी। वह घर पर ही ट्रीटमेंट लेकर ठीक हो गए। वैक्सीोनेशन के बाद वायरस की गंभीरता कम हो जाती है।

 

इन आदतों से आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ता है बुरा असर, जल्द सुधारें

इन आदतों से आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ता है बुरा असर, जल्द सुधारें

आंखें हमारे शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से एक है और इन्हें स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए इनकी देखभाल करना बहुत जरूरी है। हालांकि कई बार आंखों का पूरा ख्याल रखने के बावजूद भी लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है और इसका मुख्य कारण उनकी कुछ आदतें हो सकती हैं। चलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ही आदतों के बारे में बताते हैं, जिनका आंखों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
सनग्लासेस न पहनना
अगर किसी भी काम के लिए धूप में आंखों पर बिना सनग्लासेस लगाए घर से बाहर निकलते हैं तो आपकी यह आदत आंखों को नुकसान पहुंचाने का कारण बन सकती है। कई लोगों को लगता है कि सनग्लासेस सिर्फ लोग फैशन के लिए पहनते हैं, लेकिन असल में यह आंखों को सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप धूप में निकलने से पहले आंखों पर यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस जरूर लगाएं।
ध्रूमपान करना
अगर आप यह सोचते हैं कि ध्रूमपान करने से आप कूल लगते हैं तो आपका ऐसा सोचना गलत है क्योंकि ध्रूमपान के कारण न केवल आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है, बल्कि इससे आपकी आंखों को भी नुकसान पहुंचता है। दरअसल, ध्रूमपान के दौरान इसका धुआं आंखों में भी जाता है, जिसके कारण आंखों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अगर आप ध्रूमपान करते हैं तो जल्द से जल्द इसे छोडऩे की कोशिश करें।
नींद पूरी न कर पाना
व्यस्त दिनचर्या के कारण कई लोग चाहकर भी अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते है और उनकी इसी आदत से आंखों को नुकसान पहुंचता है। नींद पूरी न कर पाने की वजह से ज्यादातर लोगों की आंखें लाल हो जाती हैं। वहीं, इसके कारण आंखों में दर्द और जलन की समस्या भी हो सकती है। दरअसल, अगर आप पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं तो इसके कारण आंखों को आराम नहीं मिलता, जो आंखों की समस्याओं का कारण बनता है।
डाइट का सही न होना
अगर आपकी डाइट सही नहीं है तो इसके कारण भी आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। उदाहरण के लिए संतुलित डाइट न लेना और अनहेल्दी चीजों के सेवन से आंखें कमजोर हो सकती हैं या फिर इनमें कोई बीमारी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी डाइट में स्वास्थ्यवर्धक खाद्य और पेय पदार्थों को शामिल करें। स्वास्थ्यवर्धक खाद्य और पेय पदार्थों के रूप में विटामिन-ई, विटामिन-सी, फाइबर, हेल्दी फैट्स और प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन जरूर करें।

 

 शोधकर्ताओं को मिली चौंकाने वाली जानकारी, सांप का जहर करेगा कोरोना का इलाज!

शोधकर्ताओं को मिली चौंकाने वाली जानकारी, सांप का जहर करेगा कोरोना का इलाज!

साओ पोलो. कोरोना वायरस का इलाज जल्द ही सांप के जहर से हो सकता है. ब्राजील के शोधकर्ताओं ने पाया है कि जहर में मौजूद एक मॉलेक्यूल ने बंदर के सेल में कोरोना वायरस को बढ़ने से काफी हद तक रोक लिया. हालांकि, अभी तक इंसानों में कोविड के खिलाफ इस जहर के असर को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है. शोधकर्ताओं ने बगैर समय की जानकारी दिए उम्मीद जताई है कि इंसानी सेल्स पर भी इस पदार्थ की जांच की जा सकती है.

साइंटिफिक जर्नल मॉलेक्यूल्स में प्रकाशित एक स्टडी में पता चला था कि jararacussu pit viper ने बंदर के सेल्स में वायरस के बढ़ने की क्षमता को 75 फीसदी तक रोक दिया था. साओ पोलो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और स्टडी के लेखक राफेल गीडो ने कहा, ‘हम यह दिखाने में सक्षम हुए कि सांप के जहर का यह हिस्सा वायरस के खास प्रोटीन को रोक सकता है.’

यह मॉलेक्यूल पेप्टाइड या अमीनो एसिड की चेन है, जो कोरोना वायरस की PLPro एंजाइम से जुड़ जाता है. अन्य सेल्स को नुकसान पहुंचाए बगैर यह वायरस के बढ़ने में काफी अहम भूमिका निभाता है. साथ ही एक्सपर्ट्स ने इसके चलते सांपों का शिकार करने और उन्हें पकड़ने को गैर-जरूरी बताया है. jararacussu ब्राजील के सबसे लंबे सांपों में से एक है. इसकी लंबाई करीब 6 फीट तक होती है.

एक इंटरव्यू के दौरान गीडो ने कहा था कि अपनी एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए पहले ही पहचाने जाने वाले पेप्टाइड को लैब में तैयार किया जा सकता है. इसके चलते सांपों को पकड़ना या पालना जरूरी नहीं है. हर्पेटोलोजिस्ट गिसीप पुओर्तो ने कहा, ‘हम ब्राजील में उन लोगों को लेकर सावधान है, जो jararacussu के शिकार पर यह सोचकर निकल जाएंगे कि वे दुनिया को बचाने जा रहे हैं… यह ऐसा नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘यह खुद जहर नहीं है, जो कोरोना वायरस का इलाज करेगा.