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सेब पर की गई वैक्स कोटिंग को हटाने के लिए अपनाएं ये नुस्खे

सेब पर की गई वैक्स कोटिंग को हटाने के लिए अपनाएं ये नुस्खे

कई दुकानदार पुराने सेब को चमकता हुए दिखाने के लिए इस पर वैक्स की कोटिंग कर देते हैं ताकि खरीदार को लगे कि सेब बढिय़ा और नया है। हालांकि, ऐसे सेब का सेवन सेहत के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है क्योंकि इसके कारण शरीर कई समस्याओं की चपेट में आ सकता है। आइए आज हम आपको सेब पर की गई वैक्स कोटिंग की पहचान करने का तरीका और इससे वैक्स को हटाने के कुछ असरदार घरेलू नुस्खे बताते हैं।
सेब पर वैक्स की कोटिंग का पता लगाने का तरीका
आमतौर पर सेब पर तीन तरह की वैक्स कोटिंग की जाती है, जिनका नाम बीजवैक्स, कर्नाउबा वैक्स और शेलैक वैक्स है। वैसे सेब पर मौजूद इनमें से किसी भी वैक्स कोटिंग को पहचाना मुश्किल काम नहीं हैं। बस जब भी आप सेब खरीदे तो उसके ऊपर हल्के हाथों से नाखून या किसी अन्य चीज से खुरेंचे। इससे आपको सफेद रंग की वैक्स की कोटिंग दिखाई देने लगेगी। बेहतर होगा कि आप ऐसे सेब को न खरीदें।
नमक और गुनगुने पानी का करें इस्तेमाल
अगर आपने वैक्स कोटिंग वाले सेब खरीद लिए हैं या फिर कोई मेहमान ऐसे सेब लेकर आया है तो इस कोटिंग को हटाने के लिए आप नमक और गुनगुने पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए बड़े बर्तन में गुनगुने पानी को भरे, फिर उसमें एक बड़ी चम्मच नमक मिलाएं। इसके बाद इसमें लगभग दो मिनट के लिए सेब को डालने के बाद निकाल लें और किसी फ्रेश कपड़े से पोंछकर उसका सेवन करें।
बेकिंग सोडा आएगा काम
बेकिंग सोडा की मदद से भी आप सेब पर की गई वैक्स कोटिंग को आसानी से साफ कर सकते हैं। इसके लिए पहले एक लीटर पानी में एक से दो चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं। अब इस मिश्रण में सेब को डालकर लगभग पांच मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दे। इसके बाद सेब को बाहर निकालकर किसी साफ कपड़े से अच्छे से पोंछ दें। यकीनन इसके बाद सेब खाने योग्य हो जाएंगे।
सिरका करेगा मदद
अगर सेब पर वैक्स की कोटिंग है तो उसे हटाने के लिए आप सिरके का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक लीटर पानी में दो चम्मच सिरका मिलाकर एक घोल तैयार कर लें, फिर इस घोल में सेब को कुछ देर रखने के बाद साफ पानी से अच्छे से धोएं। अंत में सेब को साफ कपड़े से पोंछकर स्टोर करें और जब चाहें सेब का सेवन करें।
नींबू का रस भी है प्रभावी
आमतौर पर नींबू के रस का इस्तेमाल खाने से लेकर घर की साफ-सफाई के लिए किया जाता है, लेकिन अगर आप चाहें तो इसका इस्तेमाल सेब की वैक्स कोटिंग को हटाने के लिए भी कर सकते हैं। इसके लिए पहले दो लीटर पानी में एक चौथाई कप नींबू का रस मिलाएं, फिर इसमें सेब डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। इसके बाद सेब को साफ पानी से धोकर इसे साफ कपड़े से पोंछकर खाएं।

 

World Diabetes Day 2021: डायबिटीज सामान्य करने के 6 आसान घरेलू उपाय

World Diabetes Day 2021: डायबिटीज सामान्य करने के 6 आसान घरेलू उपाय

डायबिटीज यानी मधुमेह अगर वह सामान्यं है तो चिंता की बात नहीं होती है। लेकिन कम ज्यादा होने पर वह चिंता का विषय बन जाती है। मधुमेह की चपेट में आने के बाद लाइफस्टाइल में पूरी तरह से बदलाव लाना पड़ता है। जी हां, जहां आप पहले योग या किसी प्रकार की फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते थे तो डायबिटीज होने के बाद वह बहुत जरूरी हो जाता है। जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक, चीनी युक्त चीजें, अधिक फैट या कार्बोहाइड्रेट वाले फूड आयटम से आपको दूरी बनाकर एक सामान्य खानपान की शैली अपनानी पड़ती है। विश्‍वमधुमेह दिवस पर जानते हैं डायबिटीज को सामान्य करने के आसान घरेलू उपाय -

1. नीम का पानी –
जी हां, अगर शुगर लगातार बढ़ती जा रही है तो एक सप्ताह तक लगातार नीम का पानी पीने से शुगर कंट्रोल में आ जाती है। इसके बाद धीरे-धीरे एक दिन छोड़कर नीम का जूस सुबह खाली पेट दे सकते हैं। हालांकि डॉक्टर के संपर्क में लगातार बने रहें।

2. करेले का जूस –
करेले का नाम सुनकर ही नाक सिकुड़ जाती है। लेकिन शुगर को कंट्रोल करने का यह सबसे अच्छा कारगर उपाय है। कोशिश करें फ्रेश जूस ही लें। और सुबह के समय इसे लिया जाता है।

3. मैथी दाना –
डायबिटीज मरीजों को मैथीदाने का सेवन करना चाहिए। आप इसे अलग-अलग प्रकार से ले सकते हैं। रात में एक चम्मच गिलास में भिगोकर भी ले सकते हैं या सुबह में 1 चम्मच मेथी दाना पाउडर गुनगुने पानी के साथ भी ले सकते हैं। इसके सेवन से पाचन क्रिया अच्छीे होती है और कार्बोहाइड्रेट और चीनी की मात्रा को कम करता है।

4. आंवला रस –
आंवले में मौजूद क्रोमियम खनिज तत्व हमारे शरीर में इंसुलिन को सही तरह से बनाने में मदद करता है। आंवले को रस से चुटकी भर हल्दी दो टाइम लेने से मधुमेह सामान्य होता है। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए कारगर उपाय है।

5. ग्रीन टी –
वैसे तो ग्रीन टी का सेवन करना ही चाहिए। दिन में एक बार जरूर ग्रीन टी पीना चाहिए। लेकिन शुगर के मरीजों को दो टाइम ग्रीन टी पी सकते हैं। लेकिन यह भी निर्भर करता है कि ग्रीन टी आपकी बॉडी की पर उल्टी तो प्रतिक्रिया नहीं दें रही।

6.जामुन के पाउडर –
जामुन के बीच का पाउडर भी बहुत लाभदायक है। जामुन के बीज को सुखाकर उसका पाउडर बना लें। सुबह नाश्ते के बाद गुनगुने पानी से 1 चम्मच खा लें। इससे ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में बेहद आराम मिलेगा।

नोट: यह एक सामान्य जानकारी है। अगर शुगर बहुत अधिक या बहुत कम है तो डॉक्टंर की सलाह से उपरोक्त उपाय करें।
 

विश्व मधुमेह दिवस कल: डाइबिटीज के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है ये दिवस- डॉ अनिमेष चौधरी, बालको मेडिकल सेंटर

विश्व मधुमेह दिवस कल: डाइबिटीज के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है ये दिवस- डॉ अनिमेष चौधरी, बालको मेडिकल सेंटर

रायपुर, हर साल 14 नवंबर को डाइबिटीज के प्रति जागरूक करने के लिए विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है. इस साल इन्सुलिन की खोज को भी 100 साल हो गए है। इन वर्षो में हमने इस क्षेत्र में काफी तरक्की की और बीमारी की जानकारी और उसके इलाज दोनों क्षेत्र में बहुत विकास किया, पर आज भी हम जनसामान्य को डाइबिटीज का सस्ता और सहज उपलब्ध इलाज नही उपलब्ध करा पाए है। साथ ही डाइबिटीज से जुड़े बहुत से मिथक आज भी लोगो को जल्द जांच कराने से और सही इलाज करवाने से रोकते है, जिससे डायबिटीज के कारण होने वाली दिल, किडनी और आंखों की परेशानिया जैसी जटिल बीमारियां बढ़ती जा रही है। इस समय भारत की जनसंख्या का बड़ा प्रतिशत इस बीमारी से जूझ रहा है। वर्तमान में हमारा जोर इसके इलाज के साथ साथ इसकी जल्दी जांच और सस्ता और सर्व सुलभ इलाज देने में है, क्योंकि यह बीमारी ऐसी है जिसमे लोगो को पूरी उम्र दवाई लेनी होती है। जल्दी जांच से बीमारी का इलाज आसान होता है और शुरुआत से ही शुगर को नियंत्रित करने से हृदय, आंखों और किडनी को होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। साथ ही हमे इस बीमारी और उसके इलाज से जुड़े बहुत से मिथकों को भी दूर करने की आवश्यकता है। स्वस्थ जीवनशैली डायबिटीज से लड़ने के लिए बहुत सहायक है और इस बीमारी के शुरुआती पहचान से लेकर आखिरी स्टेज तक स्वस्थ जीवन शैली का योगदान होता है। आइए इस विश्व स्वास्थ्य दिवस में हम इस बीमारी से जीतने का संकल्प ले
स्वस्थ रहे, मस्त रहे
डॉ अनिमेष चौधरी
 

क्या आपके बाल झड़ रहे हैं? बालो को मजबूत, घना और काला बनाने के लिए अपनाए ये तरीके............

क्या आपके बाल झड़ रहे हैं? बालो को मजबूत, घना और काला बनाने के लिए अपनाए ये तरीके............

आजकल आदमी हो या औरत हर किसी के बाल झड़ रहे है इसका कारण केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का उपयोग और न्यूट्रिशन में कमी हो सकती है कि कई लोगों की ये इच्छा पूरी नहीं हो पाती. नतीजा ये होता है कि बाल या तो तेजी से झड़ने लगते हैं या फिर सफेद होने लगते हैं. क्या आप जानते हैं कि बालों को इस हालत से बचाने और उनकी खूबसूरती बरकरार रखने का खजाना आपके घर की रसोई में ही छिपा है. कुछ ऐसी फल, सब्जियां और अन्य वस्तुएं हैं जिन्हें खाकर बालों की काली रंगत को और गाढ़ा किया जा सकता है और उनकी मजबूती को दोगुना.
झड़ते बालों से हैं परेशान, डाइट में शामिल करें ये चीजें और देखें कमाल


केला
केला आसानी से बारह महीने उपलब्ध होने वाला फल है. इसे अपनी डाइट में शामिल करें. केले में मौजूद फाइबर्स, थाइमिन और फोलिक एसिड बालों के लिए बेहद फायदेमंद है.


मटर
मटर का मौसम भी आ ही चुका है. इस मौसम में जी भर कर मटर खाइए. इसके आयरन, जिंक और विटामिन बालों की सेहत बढ़ाएंगे.


ओट्स
ओट्स खाने के तो ढेरों फायदे हैं. तन और बाल दोनों की सेहत के लिए ओट्स फायदेमंद है. इसमें मौजूद ओमेगा 6 फैटी एसिड बालों की ग्रोथ बढ़ाता है.


संतरा-नींबू
ऐसे खट्टे फल बालों को मजबूत बनाने में मददगार हैं. संतरा, नींबू, अंगूर या जामुन ऐसे फल पर्याप्त मात्रा में खाते रहें. आपके बाल लहराते रहेंगे.


दही
दही खाएं या बालों में लगाएं. दोनों ही तरीकों से बालों के लिए फायदेमंद है. बालों में रूसी होने पर दही का प्रोटीन और विटामिन बी 5 के गुण काफी असरदार साबित होते हैं.


अंडा
दही की तरह अंडे भी खाने और लगाने दोनों में ही बालों को फायदा पहुंचाते हैं. अंडे में मौजूद प्रोटीन बालों को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन देते हैं.


हरी सब्जियां
मौसमी हरी सब्जियां सभी गुणों से लबरेज होती हैं. सर्दी के मौसम में हरी सब्जियों से बिलकुल मुंह न मोड़ें. गर्मी में जो हरी सब्जियां उपलब्ध हों उनका सेवन करें. बाल हमेशा सेहतमंद होंगे.


ड्राई फ्रूट्स
बादाम और अखरोट- ये दो ऐसे ड्राई फ्रूट्स हैं जिनके सेवन से बालों की रंगत संवर सकती है. इनके नियमित सेवन से बालों को नई मजबूती मिलती है. इनमें भरपूर प्रोटीन होता है जो बालों के लिए फायदेमंद है. बादाम का तेल भी इस्तेमाल किया जा सकता है


मछली
मछली में मौजूद प्रोटीन बालों को नई जान देता है. खासतौर से सैल्मन मछली ओमेगा थ्री फैटी एसिड और मिनरल्स से भरपूर है जो बालों की चमक बरकरार रखते हैं.


सूरजमुखी के बीज
सूरजमुखी के बीज में विटामिन ई भरपूर मात्रा में होता है. जिसकी वजह से बालों की चमक और उनका रंग दोनों बना रहता है.


अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. JUST36NEWS इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

डाइट में शामिल करें ये स्वास्थ्यवर्धक पानी, आसान है इन्हें बनाना

डाइट में शामिल करें ये स्वास्थ्यवर्धक पानी, आसान है इन्हें बनाना

स्वस्थ रहने और अपनी खूबसूरती को निखारने के लिए लोग न जाने क्या कुछ नहीं करते, फिर भी उन्हें मनचाह परिणाम नहीं मिल पाता है। आइए आज हम आपको कुछ ऐसे स्वास्थ्यवर्धक पानी की रेसिपीज बताते हैं, जिनके सेवन से न सिर्फ आप खुद को स्वस्थ रख सकते हैं बल्कि इनसे आपको अपनी खूबसूरती निखारने में भी काफी मदद मिल सकती है। चलिए फिर एक नजर इन स्वास्थ्यवर्धक पानी की रेसिपीज पर डालते हैं।
नींबू पानी
नींबू पानी में विटामिन- सी, फास्फोरस, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट आदि जैसे कई पोषक तत्व शामिल होते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट करने के साथ-साथ उसमें ऑक्सीजन की आपूर्ति करते है और इससे आप पूरा दिन ऊर्जावान व तरोताजा महसूस कर सकते हैं। इसके साथ ही नींबू पानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का काम करता है। इसके लिए बस आप एक गिलास गुनगुने पानी में एक या आधा नींबू निचोड़ें, फिर इसमें स्वादानुसार शहद मिलाकर उसका सेवन करें।
खीरे का पानी
खीरा एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण से समृद्ध होता है, जो शारीरिक समस्याओं के साथ-साथ कई तरह की त्वचा संबंधित समस्याओं से राहत दिलाने में काफी मदद कर सकता है। खीरे का पानी बनाने के लिए सबसे पहले एक मध्यम आकार के खीरे को काटकर एक लीटर पानी में डाल दें, फिर इस पानी को दो से तीन घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। इसके बाद इस पानी को पूरे दिन समय-समय पर पीते रहें।
हल्दी का पानी
हल्दी का पानी एंटी-बैक्टीरियल और हीलिंग गुण से समृद्ध होता है, जो शरीर से जहरीले तत्वों को बाहर निकालने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। हल्दी का पानी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में दो कप पानी, एक छोटी चम्मच हल्दी पाउडर और एक चुटकी काली मिर्च का पाउडर मिलाएं। अब इस पानी को धीमी आंच पर एक उबाल दिलाएं। इसके बाद गैस बंद करके पानी को छानकर पी जाएं।
अदरक का पानी
अदरक के पानी में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण के साथ-साथ इम्यूनोन्यूट्रीशन गुण भी मौजूद होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो सकते हैं। अदरक का पानी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में दो कप पानी और एक इंच ताजा कटा हुआ अदरक डालकर एक उबाल दिलाएं। इसके बाद पानी को छानकर इसका सेवन करें। आप चाहें तो इस पानी में थोड़ा नींबू का रस और स्वादानुसार शहद भी मिला सकते हैं।

 

भारत बायोटेक का कहना, टीके की दूसरी खुराक के इतने महीने बाद दी जानी चाहिए तीसरी खुराक

भारत बायोटेक का कहना, टीके की दूसरी खुराक के इतने महीने बाद दी जानी चाहिए तीसरी खुराक

'भारत बायोटेक' के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीके की दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए, यही सबसे उचित समय है। साथ ही, उन्होंने नाक से दिए जाने वाले टीके (नेज़ल वैक्सीन) के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि उनकी कंपनी 'जीका' रोधी टीका बनाने वाली दुनिया की पहली कंपनी है।
एल्ला ने 'टाइम्स नाउ समिट 2021' में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'कोवैक्सीन' टीका लगवाना उनका भारतीय विज्ञान में भरोसा दिखाता है। उन्होंने कहा, '' दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए। तीसरी खुराक के लिए यही सबसे उचित समय है।''
'भारत बायोटेक' नाक से दिए जाने वाली टीके को 'बूस्टर' खुराक के तौर पर लाने का भी विचार कर रहा है। 'नेज़ल वैक्सीन' के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि पूरा विश्व ऐसे टीके चाहता है। ''संक्रमण रोकने का यही एकमात्र तरीका है। हर कोई 'इम्यूनोलॉजी' (प्रतिरक्षा विज्ञान) का पता लगाने की कोशिश कर रहा है और सौभाग्य से, भारत बायोटेक ने इसका पता लगा लिया है।''
एल्ला ने कहा, '' हम नाक से देने वाला टीका ला रहे हैं... हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या कोवैक्सिन की दूसरी खुराक को नाक से दिया जा सकता है, यह रणनीतिक रूप से, वैज्ञानिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि दूसरी खुराक को यदि आप नाक से देते हैं तो आप संक्रमण को फैलने से रोकते हैं।''
'जीका' रोधी टीके के बारे में एल्ला ने कहा कि 'भारत बायोटेक' ने 'जीका वायरस' रोधी टीका बना लिया है। प्रथम चरण पूरा हो गया है। सरकार को और अधिक परीक्षण (ट्रायल) करने होंगे क्योंकि मामले अधिक हैं। उन्होंने कहा '' हम 2014 में जीका रोधी टीका बनाने वाली विश्व की पहली कम्पनी थे। सबसे पहले हमने ही जीका रोधी टीके के वैश्विक पेटेंट के लिए आवेदन दिया था।''
 

स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है चाय का अधिक सेवन, हो सकती हैं ये समस्याएं

स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है चाय का अधिक सेवन, हो सकती हैं ये समस्याएं

सुबह-सुबह चाय की चुस्की लेना ज्यादातर लोगों को पसंद होता है क्योंकि यह आलस को दूर भगाने में काफी मदद करती है। हालांकि, कहते हैं कि किसी भी चीज की अति नुकसान का कारण बनती है। यह नियम आपकी चाय पीने की आदत पर भी लागू होता है। अगर आप इसका अधिक सेवन करते हैं तो इससे आपको कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए ऐसी ही कुछ समस्याओं के बारे में जानते हैं।
नींद की समस्या
यह समस्या आपको चाय का अधिक सेवन करने के अलावा गलत समय पर चाय पीने से उत्पन्न हो सकती है। उदाहरण के लिए, शाम के बाद चाय पीना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर, अगर आप रात का खाना खाने के बाद चाय का सेवन करते हैं तो यह वास्तव में आपके नींद के पैटर्न को प्रभावित करके लंबे समय तक जागने पर मजबूर कर सकता है।
लिवर की बीमारियां
चाय का अधिक सेवन लिवर के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है और इसे कमजोर कर सकता है। दरअसल, चाय कैफीन युक्त होती है, जो शरीर में पहुंचकर शरीर की तंत्रिकाओं और कोशिकाओं में सूजन पैदा करता है, जिसकी वजह से लिवर कमजोर होने लगता है। इसके अलावा इसका अधिक सेवन करने से फैटी लिवर की बीमारी भी हो सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि आप रोजाना सीमित मात्रा में ही चाय का सेवन करें।
सिरदर्द और चिड़चिड़ापन
सिरदर्द, एंग्जायटी, तेज धड़कन, शारीरिक अकडऩ या चिड़चिड़ापन आदि लक्षण कुछ दिनों तक लगातार सामने आएं तो समझ जाइए कि आप चाय का अधिक सेवन करने लगे हैं। ये सभी चाय में मौजूद कैफीन की अधिक मात्रा के कारण होते हैं। अगर आपको लगातार इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो बेहतर होगा कि इस स्थिति में आपको अपने चाय के सेवन की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
पेट संबंधी समस्या
अगर आपको अधिक चाय पीने की आदत हैं तो इसकी वजह से आपको अकसर सीने में जलन के साथ-साथ पेट संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप चाय के सेवन को सीमित करने के साथ-साथ इसका सही समय पर सेवन भी करें, ताकि किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या से आप बच सकें क्योंकि यहां बात आपके स्वास्थ्य से संबंधित है।
 

कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में कोरोना के इतने नए मामले सामने आये, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में कोरोना के इतने नए मामले सामने आये, देखे आकड़े

नई दिल्ली: देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 11466 नए केस सामने आए हैं। सक्रिय मामलों की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट आई है। देश में फिलहाल सक्रिय मामलों की संख्या 1,39,683 है, जो पिछले 264 दिन में सबसे कम है। वहीं, बीते 24 घंटे में महामारी से 460 लोगों की मौत हो गई है। 11466 नए मामलों में से केरल से ही 6409 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, केरल में पिछले 24 घंटे में 47 लोगों की मौत हो गई।

महाराष्ट्र के ठाणे में कोरोना के 115 नए मामले सामने आए। इसके बाद जिलों में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,67,002 हो गई। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये नए मामले मंगलवार को सामने आए। उन्होंने बताया कि दो और लोगों की संक्रमण से मौत हो गई है। इसके बाद जिले में मृतकों संख्या बढ़कर 11,547 हो गई है। उन्होंने बताया कि जिले में कोविड-19 से मृत्यु दर 2.03 प्रतिशत है। इस बीच, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पालघर जिले में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़कर 1,38,250 हो गई और मृतकों की संख्या 3,289 है।

देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्तूबर को 70 लाख, 29 अक्तूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।

कोरोना अपडेट: सावधानी बरतने की जरुरत, देश में बढ़ रहे कोरोना के नए मामले, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: सावधानी बरतने की जरुरत, देश में बढ़ रहे कोरोना के नए मामले, देखे आकड़े

नई दिल्ली: देश में कोरोना से बीते दिन 526 मरीजों ने गंवाई जान, मिले 10 हजार 853 नए केस


देश में कोरोना वायरस के नए मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 11,451 नए मामले आए, 13,204 रिकवरी हुईं और 266 लोगों की कोरोना से मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले अभी 1 लाख 42 हजार 826 हैं जो कि 262 दिनों में सबसे कम हैं। दैनिक पॉजिटिविटी रेट पिछले 35 दिनों से 2% से कम है।


भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बताया कि देश में कल कोरोना वायरस के लिए 8,70,058 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 61,60,71,949 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। नए कोरोनावायरस संक्रमणों में दैनिक वृद्धि 31 दिनों के लिए 20,000 से नीचे रही है और लगातार 134 दिनों से 50,000 से कम दैनिक नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सक्रिय मामलों में कुल संक्रमणों का 0.42 प्रतिशत शामिल है, जो मार्च 2020 के बाद सबसे कम है, रिकवरी दर 98.24 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है।


कोविड-19 के कुल आंकड़े :
कुल मामले: 3,43,66,987
सक्रिय मामले: 1,42,826
कुल रिकवरी: 3,37,63,104
कुल मौतें: 4,61,057
कुल वैक्सीनेशन: 1,08,47,23,042

अब बच्चों को लगेगा टीका, केंद्र ने Zydus Cadila की नीडल फ्री वैक्सीन खरीद के दिए आदेश

अब बच्चों को लगेगा टीका, केंद्र ने Zydus Cadila की नीडल फ्री वैक्सीन खरीद के दिए आदेश

नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने जायडस कैडिला (Zydus Cadila) की नीडल फ्री वैक्सीन (Needle Free Vaccine) की एक करोड़ डोज़ की खरीद करने का आदेश दिया है. जायडस कैडिला हर महीने एक करोड़ वैक्सीन उपलब्ध कराएगा. जायडस कैडिला वैक्सीन की तीन डोज़ लगेंगी. ये डोज़ 28 दिन के अंदर दी जाएगी. जायडस कैडिला (ZyCoV-D) वैक्सीन को 20 अगस्त को आपातकाल इस्तेमाल के लिए अनुमति मिल चुकी है. जाइडस कैडिला का टीका जाइकोव-डी पहला ऐसा टीका है जिसे भारत के औषधि नियामक ने 12 साल या उससे अधिक उम्र के किशोरों को लगाने की मंजूरी दी है.
बता दें कि पहले ही सरकार के साथ समझौते के बाद जाइडस कैडिला अपने कोविड-19 टीके की कीमत घटाकर 265 रुपये प्रति खुराक करने पर सहमत हो गई थी. अब अंतिम समझौता भी हो गया है. सुई मुक्त जाइकोव-डी (ZyCoV-D) टीके की प्रत्येक खुराक देने के लिए 93 रुपये की लागत वाले एक डिस्पोजेबल दर्द रहित जेट एप्लीकेटर की आवश्यकता होगी, जिससे इसकी कीमत 358 रुपये प्रति खुराक होगी.
कंपनी और सरकार के बीच लगातार बातचीत के बाद टीके के प्रत्येक खुराक की कीमत 358 रुपये निर्धारित की गयी है, जिसमें 93 रुपये का एक डिस्पोजेबल जेट एप्लीकेटर भी शामिल है. तीन खुराकों को 28 दिनों के अंतराल पर दिया जाना है. देश में विकसित यह दुनिया का पहला ऐसा टीका है जो डीएनए-आधारित एवं सुई-मुक्त है. जाइकोव-डी को 20 अगस्त को दवा नियामक से आपातकालीन इस्तेमाल के लिये मंजूरी मिली थी.
 

पटाखे से त्वचा जल जाए, तो बिल्कुल न करें 6 काम

पटाखे से त्वचा जल जाए, तो बिल्कुल न करें 6 काम

त्वचा का कोई भाग अगर जल गया है, तो आप उसके लिए किए जाने वाले कुछ घरेलू उपाय जरूर जानते होंगे। लेकिन क्या आप यह जानते हैं, कि जल जाने पर ऐसी कौन सी सावधानियां रखी जाए, जिससे आपके और परेशानी नहीं उठानी पड़े, और घाव बढ़ न जाए। आइए जानें, कि जलने पर कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए –
1 त्वचा के जल जाने पर कई लोग जलन से बचने के लिए बर्फ का सहारा लेते हैं। यह बात सही है कि बर्फ की सिकाई से जलन खत्म हो जाएगी, लेकिन बर्फ उस स्थान पर खून को जमा सकती है, जिससे आपका रक्त संचार प्रभावित हो सकता है। इसलिए बर्फ का प्रयोग करने से बचें।

2 बर्फ की सिकाई करने पर फफोले पड़ने की संभावना कम नहीं होती बल्कि इससे आपकी परेशानी बाद में बढ़ सकती है। इसलिए सावधानी जरूर बरतें।
3 कभी भी जले हुए स्थान पर रूई का प्रयोग भूल कर भी न करें। यह त्वचा पर चिपक सकती है, जिससे आपको अधिक जलन होगी। इसके अलावा बैक्टीरिया पनपने की संभावना भी होगी।

4 जले हुए स्थान पर मक्खन या मलहम को तुरंत लगाने से बचें और फफोले पड़ने पर उन्हें फोड़ने की गलती बिल्कुल न करें। इससे संक्रमण फैल सकता है और तकलीफ बढ़ सकती है।
5 अत्यधि‍क जल जाने पर घर पर उपचार आजमाने के बजाए तुरंत पीड़ि‍त को अस्पताल लेकर जाएं। जले हुए स्थान पर अगर कोई कपड़ा चिपका हुआ हो तो उसे उतारें नहीं, इससे त्वचा के निकलने के का खतरा होता है।

6 अत्यधि‍क जले हुए मरीज को एक साथ पानी मत दीजिए, बल्कि ओआरएस का घोल पिलाइए। क्योंकि जलने के बाद आदमी की आंत काम करना बंद कर देती है और पानी सांस नली में फंस सकता है जो कि जानलेवा हो सकता है।

 

कोरोना अपडेट: देश के इन राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के नए मामले, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: देश के इन राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के नए मामले, देखे आकड़े

नई दिल्ली: भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में उतार चढ़ाव जारी है। किसी दिन मामले बढ़ जा रहे हैं तो किसी दिन केस कम हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आंकड़े के मुताबिक, एक दिन में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी आई है। पिछले 24 घंटे में 14313 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, मौतों की संख्या में करीब तीन सौ तक की कमी आई है। इस दौरान 549 लोगों की जानें गई हैं। इसके अलावा 13 हजार 543 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, एक्टिव केस की संख्या भी धीरे-धीरे कम हो रही है। देश में सक्रिय संक्रमित मरीजों की संख्या अब 1 लाख 61 हजार 655 तक रह गई है।

कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 3,42,46,157 हो गई है। इसके अलावा ठीक होने वालों का आंकड़ा 3,36,41,175 पर पहुंच गया है। वहीं, देश में कुल मृतकों की संख्या की बात करें तो यह 4,57,740 हो गई है ।

अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर 30 नवंबर तक प्रतिबंध
कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलो में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, झारखंड, मिजोरम, असम समेत कुछ राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते भारत आने और जाने वाली अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर 30 नवंबर तक प्रतिबंध को बढ़ा दिया गया है। इससे पहले नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी 31 अक्तूबर 2021 तक बढ़ा दी थी। वहीं, देश में टीकाकरण का आंकड़ा 105 करोड़ के पार पहुंच गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

पैरों की ऐंठन को दूर करने में मदद कर सकते हैं ये घरेलू नुस्खे

पैरों की ऐंठन को दूर करने में मदद कर सकते हैं ये घरेलू नुस्खे

अगर किसी कारणवश पैरों की मांसपेशियों में अचानक से जकडऩ होने लगे तो इस समस्या को पैरों की ऐंठन कहा जाता है। आमतौर पर बहुत से लोग इस समस्या को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार इस लापरवाही के चलते कुछ जोखिम उठाने पड़ सकते हैं। आइए आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताते हैं, जिन्हें अपनाकर आप पैरों की ऐंठन से छुटकारा पा सकते हैं।
कोल्ड कंप्रेस से करें सिकाई
कोल्ड कंप्रेस की मदद से पैरों में होने वाली ऐंठन से काफी राहत मिल सकती है। राहत के लिए कोल्ड पैड से प्रभावित हिस्से की सिकाई करें। अगर आपके पास कोल्ड पैड नहीं है तो एक तौलिये का थोड़ा सा हिस्सा ठंडे पानी में डुबो लें, फिर इसे निचोड़कर चार-पांच मिनट तक इसे प्रभावित जगह पर लगाकर रखें। ऐसा दिन में दो-तीन बार करने से आपको काफी आराम मिलेगा।
बेकिंग सोडा का करें सेवन
बेकिंग सोडा का सेवन काफी हद तक पैरों की ऐंठन को दूर करने में मदद कर सकता है। राहत के लिए सबसे पहले एक गिलास सामान्य पानी में एक चौथाई छोटी चम्मच बेकिंग सोडा अच्छे से मिलाएं और मिलाने के बाद तुरंत इस पानी का सेवन करें। वैसे पैरों में ऐंठन होने पर इसे पीना लाभकारी हो सकता है, लेकिन अगर आप इसका सेवन नहीं कर सकते हैं तो अपने किसी भी खाने में एक चुटकी बेकिंग सोडा मिलाकर खाएं।
सेब के सिरके का करें इस्तेमाल
सेब का सिरका एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध माना जाता है, जिसकी वजह से यह पैरों की ऐंठन से राहत दिलाने में सहायक है। इसके लिए आप एक छोटी बाल्टी में हल्के गर्म पानी के साथ सेब के सिरके की कुछ बूंदें अच्छे से मिलाएं, फिर इस मिश्रण में एक तौलिये को डूबोकर निचोड़ दें। इसके बाद उस तौलिये को ऐंठन से प्रभावित पैर पर अच्छे से लपेटकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। यकीनन इससे आपको काफी आराम मिलेगा।
योग और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज भी है प्रभावी
अगर पैरों में ऐंठन की समस्या होने लगे तो घरेलू उपाय के तौर पर योग और स्ट्रेचिंग करना अच्छा विकल्प हो सकता है। जब भी आपको पैरों में ऐंठन महसूस हो तो कम से कम 15 मिनट तक वीरासन, गोमुखासन और वृक्षासन आदि योगासनों का अभ्यास करें। वहीं, योगाभ्यास से पहले और बाद में स्ट्रेचिंग करना न भूलें क्योंकि इसके अभ्यास से मांसपेशियों में लचीलापन आता है, जिससे पैरों को आराम मिलता है।

 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में इतने हजार नए मामले, 805 मौत

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में इतने हजार नए मामले, 805 मौत

नई दिल्ली: त्योहारों के बीच देश के कुछ राज्यों में फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु समेत झारखंड और ओडिशा में कोरोना के मामलों में इजाफा हुआ है। संक्रमण के कारण मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को कोरोना के दैनिक मामलों में कमी आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के दो हजार केस कम होकर 14,348 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, इस दौरान 805 लोगों की मौत हुई है। 13,198 मरीज स्वस्थ होकर अस्पतालों से घर लौट चुके हैं।

भारत में अब कोरोना के 1,61,334 सक्रिय मरीज बचे हैं। कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 3,42,46,157 हो गई है। इसके अलावा ठीक होने वालों का आंकड़ा 3,36,27,632 पर पहुंच गया है। वहीं, देश में कुल मृतकों की संख्या की बात करें तो यह 4,57,191 हो गई है । इसके अलावा अभी तक कुल टीकाकरण 1,04,82,00,966 हो चुका है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़े के मुताबिक, बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 16,156 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, 733 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 27 अक्तूबर को 585 लोगों ने दम तोड़ा था। कोरोना से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ने से चिंता बढ़ती जा रही है।

अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज?
झारखंड में कोरोना एक बार फिर डराने लगा है। राजधानी रांची में पिछले दो दिनों में कोविड संक्रमण के मामलों में हैरान करने वाली बढ़ोतरी हुई है। हटिया रेलवे स्टेशन पर रैपिड एंटीजन टेस्ट में एक साथ 55 यात्री कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके पहले 22 अक्तूबर को रांची में कोरोना के 36 मामले सामने आये थे। पूरे झारखंड में कोविड संक्रमितों की संख्या बढ़कर 280 हो गई है। यह पिछले एक महीने में कोविड संक्रमितों की सबसे ज्यादा संख्या है।

कोरोना अपडेट: सावधानी बरतनी जरुरी, देश में बढ़ रहे कोरोना के मामले, 24 घंटे में 16 हजार से ज्यादा नए मामले

कोरोना अपडेट: सावधानी बरतनी जरुरी, देश में बढ़ रहे कोरोना के मामले, 24 घंटे में 16 हजार से ज्यादा नए मामले

नई दिल्ली: देश में एक बार फिर से कोरोना ने लोगों को डराना शुरू कर दिया है। संक्रमण के कारण मृतकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 16,156 नए मामले सामने आए हैं। वहीं इस दौरान 733 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा भारत में अब कोरोना के 1,60,989 सक्रिय मरीज बचे हैं जो कि 143 दिनों में सबसे कम है। वहीं देश में कुल मृतकों की संख्या की बात करें तो यह 4,56,386 हो गई है और कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 3,42,31,809 हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 13,451 नए मामले सामने आए थे और इस दौरान 585 लोगों की मौत हुई थी। जबकि मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 14,306 नए मामले सामने आए थे। वहीं इस दौरान 443 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि इस दौरान 18,762 लोग स्वस्थ भी हुए थे। कोरोना संक्रमण से मरने वालों की बढ़ती संख्या से तीसरी लहर की आशंका बढ़ गई है। त्योहारों के समय कोरोना संक्रमण फिर से पैर पसारने लगा है।

AY.4.2 कोरोना वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता
भारत में AY.4.2 नामक कोरोना के नए वेरिएंट सामने आने के बाद से सरकार के साथ-साथ लोगों की चिंता भी एक बार फिर से बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस वेरिएंट पर बात करते हुए कहा कि सरकार की नजर इस मामले पर बनी हुई है और हर स्तर से इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) और नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की टीमों पर विभिन्न प्रकारों का अध्ययन और विश्लेषण का जिम्मा है।

बीते 24 घंटे में 12,90,900 सैंपल टेस्ट
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(ICMR) के अनुसार भारत में बुधवार को कोरोना वायरस के लिए 13,05,962 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 60,44,98,405 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं।

हर घर दस्तक अगले महीने से केंद्र सरकार की नई मुहिम होगी शुरू

हर घर दस्तक अगले महीने से केंद्र सरकार की नई मुहिम होगी शुरू

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को कहा कि सरकार कोरोना संक्रमण बीमारी के खिलाफ अगले महीने से नई मुहिम की शुरुआत करने जा रही है। 'हर घर दस्तक' मुहिम के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को टीका लगाएंगे। इस दौरान दूसरे डोज से वंचित लोगों के साथ ही अब तक एक भी डोज नहीं लगवाने वालों को भी टीका दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्य तौर पर फोकस देश के उन 48 जिलों पर किया जाएगा, जहां 18 साल या इससे अधिक उम्र के 50 फीसदी से कम आबादी को कोरोना का टीका लगा है। मांडविया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक के बाद यह घोषणा की। हाल ही में देश में 100 करोड़ कोविड टीके लगाने की सफलता हासिल की गई है। हालांकि देश के कुछ हस्सिों में टीकाकरण की गति धीमी है। इसका कारण लोगों में जागरुकता में कमी, टीके को लेकर हिचकिचाहट और भौगोलिक बाधाएं शामिल हैं।
11 करोड़ लोगों ने समय बीतने के बावजूद नहीं ली दूसरी खुराक
कोविड-19 टीके की पहली खुराक ले चुके 11 करोड़ से अधिक लोगों ने दो खुराकों के बीच निर्धारित अंतराल समाप्त होने के बाद भी दूसरी खुराक नहीं लगवाई है। आंकड़े बताते हैं कि 6 सप्ताह से अधिक समय से 3.92 करोड़ से अधिक लाभार्थियों ने दूसरी खुराक नहीं ली है। इसी तरह करीब 1.57 करोड़ लोगों ने चार से छह सप्ताह देरी से और 1.5 करोड़ से अधिक ने दो से चार सप्ताह देरी से कोविशील्ड या कोवैक्सिन की अपनी दूसरी खुराक नहीं ली है।
बच्चों के टीके पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान बच्चों के कोविड टीके पर भी चर्चा की गई। कोविड टीका नर्मिाता भारतीय कंपनी भारत बायोटेक बच्चों के लिए कोवैक्सिन टीका विकसित कर चुकी हैं। इसके आपात इस्तेमाल की सिफारिश विषय विशेषज्ञ समिति सिफारिश कर चुकी है। अब इसे भारतीय औषधि महानियंत्रक की मंजूरी की प्रतीक्षा है। बच्चों के लिए दूसरे टीका जायडस को वश्वि स्वास्थ्य संगठन ने आपात स्थिति में प्रयोग करने 'कोविड टीका सूची' में शामिल किया है। मांडविया ने कहा है कि दोनों टीको को मंजूरी देने की प्रक्रिया चल रही है और यह विशेषज्ञ समिति के अधिकार में हैं। सरकार इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

 

रूसी से छुटकारा पाने के लिए करें घर के बने हेयर मिस्ट का इस्तेमाल

रूसी से छुटकारा पाने के लिए करें घर के बने हेयर मिस्ट का इस्तेमाल

रूखे और बेजान बालों को मैनेज करना न सिर्फ मुश्किल होता है बल्कि ये आपके बालों की जड़ों को भी कमजोर करता है. ड्राई स्कैल्प बालों को फ्रिजी बना सकता है. इससे बालों के टूटने की समस्या भी हो सकती है. गर्म हेयर स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल रूखेपन की समस्या को और बढ़ा देता है.
केमिकल युक्त शैंपू और बालों की देखभाल करने वाले प्रोडक्ट भी आपके सिर की नमी को सोख लेते हैं. ऐसे में आप घर के बने होममेड हेयर मिस्ट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ये आपके बालों को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं.
रूसी से छुटकारा पाने के लिए हेयर मिस्ट
एलोवेरा हेयर मिस्ट
एलोवेरा त्वचा और बालों के लाभ के लिए प्रसिद्ध है. अगर आपके बाल हमेशा रूखे और बेजान रहते हैं आप एलोवेरा हेयर मिस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको एलोवेरा जेल, ग्लिसरीन, विटामिन ई ऑयल कैप्सूल और तिल के तेल की जरूरत होगी. सबसे पहले एक खाली स्प्रे बोतल में आधा कप पानी लें. इसमें 1 टेबलस्पून एलोवेरा जेल और 1 टीस्पून ग्लिसरीन मिलाएं. अब कैप्सूल से विटामिन ई का तेल निकाल लें. बाद में इसमें एक टीस्पून तिल का तेल डालें.
ढक्कन बंद करें और बोतल को अच्छी तरह हिलाएं, जब तक कि सब कुछ मिल न जाए. इसे अपने स्कैल्प और बालों की लंबाई पर स्प्रे करें. इस मिस्ट को आप आसानी से लगभग एक हफ्ते तक अपने फ्रिज में रख सकते हैं. अगर आप इसे सुगंधित बनाना चाहते हैं तो इसमें गुलाब या नींबू के एसेंशियल तेल मिला सकते हैं.
गुलाब जल मिस्ट
रूखे और बेजान बालों के इलाज के लिए गुलाब जल एक पुराना उपाय है. टी ट्री ऑयल अपने एंटीसेप्टिक गुणों के कारण खुजली वाले स्कैल्प के लिए एक लोकप्रिय उपचार है. इन सामग्रियों का संयोजन आपके बालों को चमकदार बनाते हुए आपके स्कैल्प को साफ रखता है. इसके लिए आपको गुलाब जल, टी ट्री ऑयल, बादाम का तेल और विटामिन ई कैप्सूल की जरूरत होगी. एक स्प्रे बोतल में एक कप पानी लें. अब इसमें गुलाब जल डालकर अच्छी तरह मिला लें. टी ट्री ऑयल की 2 बूंदें और एक बड़ा चम्मच बादाम का तेल मिलाएं. इसमें विटामिन ई कैप्सूल को निचोड़ लें. स्प्रे बोतल का ढक्कन बंद करें और अच्छी तरह हिलाएं. आपका होममेड हेयर स्प्रे इस्तेमाल के लिए तैयार है.
हनी मिस्ट
मॉइस्चराइजिंग गुणों के लिए हनी मिस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये आपके बालों की नमी बनाए रखने में मदद करता है. ये आपके बालों को प्राकृतिक चमक प्रदान कर सकता है. इसके लिए आप शहद, लैवेंडर एसेंशियल तेल, विटामिन ई कैप्सूल और नारियल के तेल की जरूरत होगी. एक खाली स्प्रे बोतल में आधा कप पानी लें. इसमें 1 टेबलस्पून शहद और 1 टेबलस्पून नारियल का तेल मिलाएं. विटामिन ई कैप्सूल को काटकर बोतल में से तेल निकाल लें. लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की 1-2 बूंदें डालें और ढक्कन बंद कर दें. अब बोतल को अच्छी तरह हिलाएं. इसे तब तक हिलाएं जब तक कि सभी सामग्री अच्छी तरह से मिल न जाए. आप जब चाहें इसे सीधे अपने बालों पर स्प्रे कर सकते हैं.
 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में इतने नए मरीज, 443 मौत

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में इतने नए मरीज, 443 मौत

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 14 हजार 306 नए मामले आए, 18 हजार 762 रिकवरी हुईं और 443 लोगों की कोरोना से मौत हुई। इन मामलों में सबसे अधिक प्रभावित राज्य केरल से 8 हजार 538 केस और 71 मौतें शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सक्रिय मामलों में कुल संक्रमणों का 0.49 प्रतिशत शामिल है, जो मार्च 2020 के बाद सबसे कम है, जबकि कोरोना रिकवरी दर 98.18 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है। 24 घंटे की अवधि में कोविड-19 मामलों की कुल सक्रिय संख्या में 4 हजार 899 मामलों की कमी दर्ज की गई है।

मंत्रालय के अनुसार, दैनिक सकारात्मकता दर 1.43 प्रतिशत दर्ज की गई और साप्ताहिक सकारात्मकता दर भी 1.24 प्रतिशत दर्ज की गई। बीमारी से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 35 लाख 67 हजार 367 हो गई, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गई।

देश में कोरोना के कुल आंकड़े-
कुल मामले: 3,41,89,774
सक्रिय मामले: 1,67,695
कुल रिकवरी: 3,35,67,367
कुल मौतें: 4,54,712
कुल वैक्सीनेशन: 1,02,27,12,895।

स्पूतनिक-V के इस्तेमाल पर रोक लगाएगा देश, कहा-वैक्सीन से एचआईवी का खतरा...

स्पूतनिक-V के इस्तेमाल पर रोक लगाएगा देश, कहा-वैक्सीन से एचआईवी का खतरा...

विंधोएक/नई दिल्ली, नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-वी (Sputnik V) के इस्तेमाल पर रोक लगाएगा। दरअसल, ऐसा माना जा रहा है कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन लेने वाले पुरुषों में एचआईवी होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि रूसी वैक्सीन के इस्तेमाल को बंद करने का उनका फैसला इस चिंता के सामने आने के बाद लिया गया है कि स्पूतनिक वी लेने वाले पुरुषों में संभवतः एचाईवी होने की आशंका ज्यादा होती है।
वहीं, नामीबिया के इस फैसले पर स्पूतनिक-वी वैक्सीन को विकसित करने वाले जमेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने नाराजगी जाहिर की है। इंस्टीट्यूट ने कहा है कि नामीबिया का फैसला किसी साइंटिफिक एविडेंस या रिसर्च पर आधारित नहीं है। बीते कुछ दिन पहले देश दक्षिण अफ्रीका ने भी स्पूतनिक वैक्सीन को लेकर चिंता जाहिर की थी। दक्षिण अफ्रीकी नियामक SAHPRA ने फैसला लिया है कि वह अपने देश में स्पूतनिक-वी के आपात इस्तेमाल को मंजूरी नहीं देगा।
इसके पीछे दवा नियामक ने कहा है कि कुछ शोधों से यह पता चला है कि स्पूतनिक-वी में एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर है, जिसके इस्तेमाल से पुरुषों में एचाईवी होने की आशंका बढ़ जाती है। मालूम हो कि भारत में भी स्पूतनिक-वी वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई थी। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई आशंका सामने नहीं आई है।
 

बालको मेडिकल सेंटर करेगा रायपुर में असोमाकॉन 2021 की मेजबानी, इस तारीख से होने जा रहा है अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ

बालको मेडिकल सेंटर करेगा रायपुर में असोमाकॉन 2021 की मेजबानी, इस तारीख से होने जा रहा है अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ

रायपुर | एशियन सोसाइटी ऑफ मास्टोलॉजी, असोमाकॉन 2021 का 5 वां अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन, बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन 12 से 14 नवंबर, 2021 तक होटल बेबीलोन कैपिटल, रायपुर में होगा। छत्तीसगढ़ में यह स्तन देखभाल पर होने वाला पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है और इस प्रतिष्ठित शैक्षिक उत्सव में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय वैज्ञानिक निकायों की सक्रिय भागीदारी होगी।

इस सम्मेलन में यूरोपियन सोसाइटी ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स -इंडिया चैप्टर, सेंट्रल-ईस्टर्न यूरोपियन ब्रेस्ट कैंसर कन्सॉर्शियम, ब्रेस्ट ग्लोबल, गुरुकुल ऑफ सर्जिकल डिसिप्लिन, और एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (छत्तीसगढ़ चैप्टर) भाग लेंगें।  इस वर्ष के असोमाकॉन का विषय है "ब्रेस्ट केयर: इनक्लूडिंग द डायवर्सिटीज"।
असोमा एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसमें 30 से अधिक देशों के सदस्य शामिल हैं जो स्तन रोगों की देखभाल में पारंगत हैं। असोमाकॉन को दुनिया भर में स्तन रोगों के लिए सबसे श्रेष्ठ बैठकों में से एक माना जाता है। अपने अत्यधिक प्रासंगिक और आकर्षक शैक्षणिक सत्रों की लोकप्रियता के साथ, असोमाकॉन ने पिछले सत्रों में दुनिया भर में स्तन देखभाल प्रदान करने वाले 2000 से अधिक पेशेवरों की उपस्थिति देखी है।
वर्षों से, असोमा ने अभ्यास-केंद्रित शिक्षा और बहु-विषयक सहयोग को बढ़ावा देकर स्तन रोगों के मरीज़ों के लिए चिकित्सा-परिणामों में सुधार करने का प्रयास किया है। असोमा ने स्तन विशेषज्ञों के साथ-साथ सभी कैंसर विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों, पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, नर्सिंग चिकित्सकों, और दुनिया भर के सर्जरी और मेडिकल छात्रों को सफलतापूर्वक एक साथ लाया है।
इस मिशन को जारी रखते हुए, असोमाकॉन 2021 में सूचनात्मक सत्र, वैज्ञानिक पेपर और पोस्टर प्रस्तुतियाँ, प्रतिष्ठित व्याख्यान, कार्यशालाएँ, नैदानिक ​​​​मामले परिदृश्य, महत्वपूर्ण विवादों पर विचार-विमर्श और दुनिया भर में इस क्षेत्र के उभरते रुझानों पर चर्चा होगी। इस आयोजन के लिए पंजीकरण आधिकारिक वेबसाइट www.2021.asoma.in के माध्यम से किया जा सकता है।
बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) के बारे में:
बालको मेडिकल सेंटर, वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की पहली प्रमुख पहल, जो कि नया रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्थापित की गई है, में 170 बेड, अत्याधुनिक तृतीयक देखभाल ऑन्कोलॉजी सुविधा है, जिसमें 50 से अधिक शल्य चिकित्सा, विकिरण, हेमटोलॉजिकल और उपशामक देखभाल विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। यह पूरे मध्य भारत में सबसे बड़ी और सबसे उन्नत ऑन्कोलॉजी सुविधा है। BMC का उद्देश्य भारत की आबादी तक उचित और सस्ती कीमत पर आसान पहुंच के भीतर अल्ट्रा-मॉडर्न, मल्टी-मॉडेलिटी डायग्नोस्टिक और चिकित्सीय सुविधाएं लाना है।