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भूख नहीं लगने से हैं परेशान तो आज़माएं ये नुस्खे, कमजोरी रहेगी दूर

भूख नहीं लगने से हैं परेशान तो आज़माएं ये नुस्खे, कमजोरी रहेगी दूर

कई बार तनाव या परेशानी की वजह से हमे भूख नहीं लगती है. यह एक सामान्य सी समस्या है. लेकिन अगर आपको कई दिनों से भूख नहीं लग रही और आप कमजोरी महसूस करने लगे हैं तो भूख ना लगने की ये समस्या आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में अगर खाना देखते ही आपको नहीं खाने का मन करता है तो आप कुछ घरेलू उपायों की मदद लेकर अपनी इस समस्या को ठीक कर सकते हैं. आयुर्वेद में कई ऐसे उपाय हैं जिनकी मदद से पेट की समस्या और भूख को बढाने का इलाज बरसों से किया जा रहा है. खास बात ये है कि ये पूरी तरह नेचुरल हैं और कैमिकल फ्री हैं. ऐसे में यहां हम आपको कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय बता रहे हैं जिन्हेंफ आजमाकर आप अपनी भूख को बढा सकते हैं.


भूख बढाने के लिए घरेलू नुस्खे


1.नींबू पानी पिएं
नींबू पानी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. अगर आप को भूख नहीं लग रही है तो आप सुबह खाली पेट नींबू पानी का सेवन करें. नींबू पानी पीने से भूख बढती है और डीहाइड्रेशन भी नहीं होता है.


2.अजवायन खाएं
अगर अपच या भूख न लगने की समस्या है तो आप अजवायन का सेवन कर सकते हैं. भूख ना लगने पर दिन में एक या दो बार इसका सेवन जरूर करें.


3.त्रिफला चूर्ण
आप रात को सोने से पहले दूध गर्म करें और इसमें एक चम्मेच त्रिफला चूर्ण मिलाकर गर्मागर्म पिएं. धीरे धीरे आपकी भूख वापस आ जाएगी.


4.काली मिर्च का उपयोग
एक चम्मच गुड़ पाउडर और आधा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च को एक साथ मिलाएं और इसका सेवन करें. कुछ दिनों तक नियमित रूप से इसका सेवन करने से आपकी भूख वापस आ जाएगी.


5.ग्रीन टी का उपयोग
ग्रीन टी पीने से भूख तो लगती ही है इम्यू निटी भी स्ट्रॉ न्गक होता है. ऐसे में आप चाय की बजाय ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं.


6.अदरक का उपयोग
अगर आप दस दिनों तक रोज अदरक का रस निकालकर इसमें चुटकीभर सेंधा नमक मिलाकर खाने से एक घंटा पहले खाएं तो आपकी भूख में सुधार होगा.

कोरोना अपडेट: नए वैरिएंट के डर के बीच पिछले 24 घंटे में देश में मिले कोरोना के इतने मरीज, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: नए वैरिएंट के डर के बीच पिछले 24 घंटे में देश में मिले कोरोना के इतने मरीज, देखे आकड़े

नई दिल्ली: कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दुनिया को भले ही दहशत में डाल दिया हो, लेकिन भारत में कोरोना के दैनिक मामले लगातर कम हो रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना के दैनिक आंकड़े 10 हजार से कम आ रहे हैं। बीते 24 घंटे में संक्रमण के आठ हजार नए मामले सामने आए हैं। वहीं, 9 हजार से ज्यादा लोग स्वस्थ्य होकर घर लौट गए हैं। हालांकि, इस दौरान 236 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही एक्टिव मामलों में लगातार गिरावट जारी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के 1 लाख 03 हजार 859 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा 544 दिन बाद सबसे कम है। वहीं, 3 करोड़ 40 लाख 81 हजार 183 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 3 करोड़ 42 लाख 71 हजार 175 कुल मामले सामने आए हैं। भारत में अब तक कोरोना से 4 लाख 68 हजार 790 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दूसरी तरफ कोरोना के नए वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है। आशंका जताई जा रही है कि भारत में भी कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है।

महाराष्ट्र में वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना संक्रमित
कई राज्यों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। केरल, महराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात समेत अन्य राज्यों में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ रहा है। महाराष्ट्र में कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लेने वाले लोग भी संक्रमित होते दिख रहे हैं। ठाणे के वृद्धाश्रम में करीब 50 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं, केरल में भी कोरोना संक्रमित मरीज लगातार सामने आ रहे हैं।

ओमिक्रॉन से दहशत में दुनिया
दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से पूरी दुनिया दहशत में है। नए वैरिएंट को लेकर भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। दक्षिण अफ्रीकी देशों पर दुनियाभर के कई देशों ने यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। यूरोप से लेकर तमाम देश उपाय में जुटे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट अपना रंग बदलने और वैक्सीन को भी चकमा देने में माहिर है।

डायबिटीज रोगियों के लिए खास है ये ड्रिंक्स

डायबिटीज रोगियों के लिए खास है ये ड्रिंक्स

डायबिटीज के रोगियों को खानपान में विशेष ध्यान रखना होता है, क्योंकि इस रोग में मीठे का सेवन करना बहुत ही खतरनाक माना गया है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक का खतरा बहुत अधिक होता है। इसके साथ ही डायबिटीज से किडनी और यूरिन की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में जानिए खास ड्रिंक्स।
1. ग्रीन टी : ग्रीन टी डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी की मात्रा बहुत ही कम होती है। यह दिल के साथ टाइप 2 डायबिटीज के लिए भी बहुत लाभदायक है।

2. करेला का ज्यूस : डायबिटीज के रोगियों के लिए करेले का ज्यूस सबसे ज्यादा फायदेमंद है। यह शुगर के लेवर को मेंटेन करने में काफी मददगार होती है। यह यूरिन और ब्लड में शुगर को कंट्रोल करता है। इसी के साथ यह पेट की कई बीमारियों से भी छुटकारा दिलाता है।
3. चुकंदर : चुकंदर का जूस ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है। इसी के साथ यह शरीर में ब्लड की कमी को भी पूरा करता है।

4. नारियल पानी : नारियल पानी में विटामिन, मिनरल्स और एमिनो एसिड जैसे पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। इसके साथ ही इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन सी, सोडियम और मैग्नीज जैसे खनिज तत्व भी पाए जाते हैं। इसी के साथ यह डायबिटीज रोगियों के लिए एक अच्छा हेल्दी ड्रिंक है।
5. खीरा : खीरे में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, विटामिन ए, बी1, विटामिन सी और एमिनो एसिड पाया जाता है। खीरे का जूस गर्मी, संक्रमण, सूजन कम करने और अर्थराइटिस में भी फायदेमंद है। इसी के साथ यह डायबिटीज रोगियों के लिए एक अच्छा हेल्थ ड्रिंक है।
6. जामून : डायबिटीज के रोगियों के लिए जामून खाना या जामून का ज्यूस पीना और उसकी गुटली के पावडर का ज्यूस पीना भी फायदेमंद है। परंतु इसका किस तरह उपयोग करना चाहिए यह किसी जानकार से पूजकर ही करें।

7. नाशपाती : ग्लेसेमिक इंडेक्स के मुताबिक नाशपाती का ज्यूस डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए अच्छा ऑप्शन है। बेहतर होगा इसे छिलके सहित खाया जाए।

8. संतरे : इसका भी ग्लेसेमिक इंडेक्स डायबिटीज़ के हिसाब से है। इससे विटामिन सी और फायबर मिलता है।
9. चेरी : इसका ग्लेसेमिक इंडेक्स बहुत कम है और न्यूट्रिएंट्स जबरदस्त। इसे खाया जा सकता है।

डिस्कलेमर : उपरोक्त ज्यूस का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। just36News इस प्रचलित जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।

 

 

कोरोना अपडेट: ओमीक्रॉन के दशहत के बीच इन राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के मामले, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: ओमीक्रॉन के दशहत के बीच इन राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के मामले, देखे आकड़े

नई दिल्ली: भारत में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले भले ही कम आ रहे हो, लेकिन संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही कोरोना के नए वैरिएंट ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दी है। बीते 24 घंटे में कोरोना के आठ हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं, 621 लोगों की मौत हो गई। इस दौरान 9 हजार से ज्यादा लोग स्वस्थ भी हुए हैं। इसके साथ ही एक्टिव मामलों में लगातार गिरावट जारी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के 1 लाख 05 हजार 691 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा 543 दिन बाद सबसे कम आया है। वहीं, 3 करोड़ 39 लाख 98 हजार 278 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 3 करोड़ 41 लाख 75 हजार 175 कुल मामले सामने आए हैं। भारत में अब तक कोरोना से 4 लाख 68 हजार 554 लोगों की मौत हो चुकी है। टीकाकरण की बात करें तो अब तक 1 अरब 21 करोड़ 94 लाख 71 हजार 134 खुराकें दी गई हैं, जिसमें से 82 लाख 86 हजार 058 खुराकें शुक्रवार को दी गईं।

कई राज्यों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के केस
कुछ राज्यों में फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में कोरोना के मामलों में इजाफा हुआ है। संक्रमण के कारण मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के आने से दुनिया समेत भारत की भी चिंता बढ़ गई है। दक्षिण अफ्रीका में पाए गए ये वैरिएंट कई देशों में तबाही मचाए हुए हैं। इस खतरनाक वैरिएंट को लेकर कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के खिलाफ कितनी कारगर है कोवैक्सीन और कोविशील्ड, एक्सपर्ट ने बताया ये ...

कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के खिलाफ कितनी कारगर है कोवैक्सीन और कोविशील्ड, एक्सपर्ट ने बताया ये ...

दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के सामने आने के बाद दुनियाभर में ये चर्चा शुरू हो गई है कि इस वक्त उपलब्ध वैक्सीन ओमीक्रॉन के खिलाफ कितनी कारगर है। ओमीक्रॉन को लेकर डब्ल्यूएचओ पहले ही कह चुका है कि यह वायरस के अन्य वेरिएंट डेल्टा और डेल्टा प्लस के मुकाबले ज्यादा संक्रामक और खतरनाक है। आईसीएमआर के महामारी विज्ञान और संचार रोग विभाग के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने बताया कि ओमीक्रॉन के खिलाफ लड़ने में भारत में लगने वाली कोवैक्सीन और कोविशील्ड कितनी कारगर है।
साउथ अफ्रीका में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के सामने आने के बाद से दुनियाभर के कई देश सकते है। कई देशों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के नियमों में बदलाव किया है। दक्षिण अफ्रीका जाने और आनी वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित कर दिया है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वेरिएंट के खतरे को भांपते हुए हाई प्रोफाइल मीटिंग ली और अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लिए फैसले की फिर से समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
अभी कुछ भी कहना मुश्किलः आईएमआर
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महामारी विज्ञान और संचार रोग विभाग के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने कहा है कि अभी ये कहना मुश्किल है कि कोरोना वायरस के खिलाफ टीके ओमीक्रॉन के खिलाफ प्रभावी हो सकती है या नहीं। पांडा ने कहा, "एमआरएनए टीके स्पाइक प्रोटीन और रिसेप्टर इंटरैक्शन से प्रेरित बनाए गए हैं। क्योंकि इन टीकों को कोरोना वायरस के तत्कालीन वेरिएंट को देखते हुए बनाया गया है। ओमीक्रॉन कोरोना वायरस का नया वेरिएंट है, इसलिए अभी इस पर कुछ कहना मुश्किल है।"
ओमीक्रॉन पर WHO
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमीक्रॉन वेरिएंट को अधिक संक्रामक श्रेणी में रखा है। हालांकि इस वेरिएंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन फिर भी रिपोर्टों में कहा गया है कि यह कोरोना वायरस के डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा संक्रामक है।
डॉ पांडा ने कहा कि वैज्ञानिकों ने अब तक ओमीक्रॉन में संरचनात्मक परिवर्तन देखे हैं। लेकिन इसकी पुष्टि करने के लिए इस वेरिएंट पर और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है। पांडा ने कहा, "इस नए वेरिएंट में संरचनात्मक परिवर्तन देखे गए हैं जो लोगों में अधिक तेजी से फैल रहा है या नहीं, इस पर अधिक जांच की जरुरकत है। डब्ल्यूएचओ ने इस सब की जांच की है कि क्या संक्रमण हो रहा है या इस नए वेरिएंट के प्रभाव में आकर ज्यादा मौतें हो रही हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर ही डब्ल्यूएचओ ने इसे चिंताग्रस्त श्रेणी में रखा है।"
हालांकि अभी राहत वाली बात ये है कि भारत में अब तक इस नए वेरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है। फिर भी केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।

 

कोरोना अपडेट: नए वैरिएंट के दशहत के बीच पिछले 24 घंटे में देश में मिले कोरोना के इतने मरीज, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: नए वैरिएंट के दशहत के बीच पिछले 24 घंटे में देश में मिले कोरोना के इतने मरीज, देखे आकड़े

नई दिल्ली: कोरोना के नए वैरिएंट से दुनिया एक बार फिर दहशत में है। ये वैरिएंट तेजी से अपना रूप बदल रहा है। वहीं, भारत भी इसको लेकर चिंतित है। हालांकि, भारत में कोरोना के दैनिक मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है। बीते 24 घंटे में कोरोना के आठ हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, जबकि 465 लोगों की जान चली गई है। वहीं, 10 हजार से ज्यादा लोगों को छुट्टी दे दी गई है। शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार देश में कोरोना के 10,549 नए मामले सामने आए और 488 लोगों की मौत हुई थी।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 8,318 नए मामले दर्ज किए हैं। वहीं, 10 हजार 967 मरीज ठीक हुए हैं। इसी के साथ अब तक देश में कोरोना से ठीक हुए मरीजों का कुल आंकड़ा 3 करोड़ 39 लाख 88 हजार 797 पर पहुंच गया है। देश में कोरोना के 1 लाख 07 हजार 019 एक्टिव केस बचे हुए हैं। कोरोना के कुल तीन करोड़ 45 लाख 63 हजार 749 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। भारत में अब तक कोरोना से 4 लाख 67 हजार 933 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में अभी तक 1 अरब 21 करोड़ से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।

शुक्रवार को 9 लाख से ज्यादा सैंपल की जांच
आईसीएमआर के अनुसार, अब तक 63 करोड़ 82 लाख 47 हजार 889 सैंपल्स की जांच की जा चुकी हैं, जिसमें 9 लाख 68 हजार 354 सैंपल्स की जांच शुक्रवार को की गई। नए मामले पाए जाने के बाद कुल एक्टिव मामलों में 3 हजार 114केस की कमी आई है।

बालों का झड़ना रोकने और बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए 5 सबसे बेस्ट आयुर्वेदिक उपचार

बालों का झड़ना रोकने और बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए 5 सबसे बेस्ट आयुर्वेदिक उपचार

आज के समय में बालो का झड़ना एक गंभीर समस्या है, बालों के झड़ने की समस्या से कई लोग परेशान रहते हैं. लगातार बाल झड़ना वास्तव में हमारे लिए बेहद परेशान करने वाला हो सकता है. बालो का झड़ना आत्मविश्वास कम होने का एक प्रमुख कारण हो सकता है. हमारी वर्तमान बिजी लाइफस्टाइल, प्रदूषण और मिलावटी बालों की देखभाल करने वाले प्रोडक्ट्स मुख्य रूप से बालों के झड़ने के लिए जिम्मेदार हैं. इससे बचने के लिए ऐसे प्रोडक्ट्स से सावधान रहना चाहिए जिनमें हानिकारक रसायन होते हैं और जो हमारे बालों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं. कुछ ऐसे आयुर्वेदिक उपाय हैं जो बालों का झड़ना रोकने और बालो को रिग्रोथ में मदद कर सकते हैं.


बालों का झड़ना रोकने और ग्रोथ बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय


1. अमला
आंवला एक प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर है और बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सबसे पसंदीदा घटक भी है. इसमें बहुत सारे आवश्यक फैटी एसिड होते हैं, जो बालों के रोम को मजबूत करते हैं, जिससे आपके बालों को मजबूती और चमक मिलती है. विटामिन सी बालों को सफेद होने से रोकने में मदद करता है. इसकी उच्च आयरन, शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट, गैलिक एसिड और कैरोटीन सामग्री स्कैल्प के चारों ओर ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करती है जो बालों के विकास को उत्तेजित करती है.


• नीबू का रस और आंवला पाउडर मिलाकर पेस्ट बना लें.
• इसे अपने स्कैल्प और बालों में मसाज करें.
• अपने सिर को ढकने के लिए शॉवर कैप का उपयोग करें ताकि पेस्ट सूख न जाए.
• इसे एक घंटे तक रखें और फिर नॉर्मल पानी से धो लें.


2. भृंगराज
भृंगराज एक टेस्टेड नेचुरल घटक है जो इन दिनों बालों की देखभाल के नियमों में जरूरी हो गया है. आप नियमित रूप से भृंगराज तेल से अपने स्कैल्प की मालिश करें क्योंकि यह बालों के तेजी से विकास को प्रोत्साहित कर सकता है. भृंगराज एक जड़ी बूटी है जो नम क्षेत्रों में सबसे अच्छी होती है.


• भृंगराज के कुछ पत्ते लें, उन्हें कुछ दिनों के लिए धूप में सुखा लें.
• नारियल के तेल के एक जार में पत्तियों को रख दें.
• कंटेनर को दो और दिनों के लिए धूप में छोड़ दें.
• तेल का रंग हल्का हरा होने तक प्रतीक्षा करें.
• इससे स्कैल्प पर मसाज करें और आदर्श रूप से इसे रात भर के लिए छोड़ दें.


3. शिकाकाई
इसे शानदार बालों को साफ करने वाले गुणों के लिए जाना जाता है. इसे अक्सर शैम्पू का एक प्राकृतिक विकल्प माना जाता है. शिकाकाई एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन ए, सी, के और डी से भरपूर होती है, जो बालों को पोषण दे सकती है.


• फली को कुछ दिनों तक धूप में सुखाकर फिर मिक्सर में पीसकर शिकाकाई का चूर्ण घर पर बना लें.
• इस पाउडर के लगभग 2 बड़े चम्मच लें और इसे नारियल के तेल के जार में डालें.
• कंटेनर को लगभग 15 दिनों के लिए ठंडी, अंधेरी जगह पर स्टोर करें.
• उपयोग करने से पहले हिलाएं. हफ्ते में कम से कम दो बार इससे अपने सिर की मालिश करें.


4. रीठा
रीठा या साबुन एक अन्य घटक है जिसका उपयोग सदियों से बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है. रीठा एक सैपोनिन है जो आपके बालों को स्वस्थ रखने के लिए जिम्मेदार है.


• साबुन और शिकाकाई के कई टुकड़े लें.
• इन्हें 500 लीटर पानी में उबाल लें.
• मिश्रण को रात भर ठंडा होने के लिए छोड़ दें.
• मिश्रण को छान लें और शैम्पू की तरह इस्तेमाल करें.


5. नारियल
नारियल में मध्यम मात्रा में फैटी एसिड जैसे लॉरिक और कैप्रिक एसिड समृद्ध एंटीमाइक्रोबायल और एंटीफंगल गुण प्रदान करते हैं, जो मुख्य रूप से बालों के विकास के खिलाफ बाधा के रूप में कार्य करने वाले मुक्त कणों को रोकने के लिए जरूरी होते हैं. नारियल के अलावा नारियल का दूध भी बालों की ग्रोथ के लिए अच्छा होता है.


• नारियल को कद्दूकस कर लें और कद्दूकस किए हुए टुकड़ों को एक पैन में लगभग पांच मिनट तक उबालें.
• तनाव दें और ठंडा करें.
• इसमें एक बड़ा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च और मेथी मिलाएं.
• स्कैल्प और बालों पर लगाएं.
• 30 मिनट बाद शैंपू से धो लें.

 

मिला कोरोना का नया वेरिएंट, तबाही मचाने वाले डेल्टा वेरिएंट से भी हो सकता है ज्यादा खतरनाक

मिला कोरोना का नया वेरिएंट, तबाही मचाने वाले डेल्टा वेरिएंट से भी हो सकता है ज्यादा खतरनाक

दक्षिण अफ्रीका में वैज्ञानिकों ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने कोविड-19 के कई म्यूटेशन वाले नए वेरिएंट का पता लगाया है। यहां कोरोना केसों में तेजी के बीच यह घोषणा की गई है। वायरोलॉजिस्ट ट्यूलियो डी ओलिवेरा ने जल्दबाजी में बुलाए गए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "दुर्भाग्य से हमने एक नए वेरिएंट का पता लगाया है जो दक्षिण अफ्रीका में चिंता का कारण है।"
इससे पहले आज ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अधिकारियों ने दक्षिण अफ्रीका और पड़ोसी बोत्सवाना में फैल रहे नए वेरिएंट B.1.1529 पर बैठक में चर्चा की। यूसीएल जेनेटिक्स इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर फ्रेंकोइस बलौक्स के साइंस मीडिया सेंटर में प्रकाशित बयान के मुताबिक, यह वेरिएंट संभवत: क्रोनिक इन्फेक्शन वाले किसी एचआईवी/एड्स के मरीज में पैदा हुआ।
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका में अब तक नए वेरिएंट के 22 केस मिल चुके हैं। अभी डेटा सीमित है और वैज्ञानिक संक्रमण फैलाने की इसकी क्षमता परखने में जुटे हैं। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दक्षिण अफ्रीका में मिला नया वेरिएंट डेल्टा से भी बुरा हो सकता है, जो भारत में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार था।

 

कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में कोरोना के इतने नए मामले सामने आये, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में कोरोना के इतने नए मामले सामने आये, देखे आकड़े

नई दिल्ली: देश में कोरोना ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है और इस दौरान मृतकों की संख्या में भी वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गुरुवार के आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 9,119 नए मामले सामने आए हैं। वहीं इस दौरान 396 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 10,264 लोग स्वस्थ भी हुए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब कुल 1,09,940 सक्रिय मरीज बचे हैं जो कि 539 दिनों बाद सबसे कम है।


बता दें कि बुधवार को देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 9,283 नए केस सामने आए थे और 437 लोगों की मौत हुई थी जबकि 10,949 लोगों ने महामारी को मात दी थी।

कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 132 करोड़ के पार
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को बुधवार शाम तक कोरोना वैक्सीन की 132 करोड़ (1,32,33,15,050) से अधिक डोज लगाई जा चुकी है। अभी भी केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों के पास 22.72 करोड़ से अधिक (22,72,19,901) कोविड वैक्सीन की डोज बची है।

राज्य के नए स्वास्थ्य मंत्री बने परसादी लाल मीणा ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान में सभी को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेना जरूरी है। वहीं अगर ऐसा न नहीं किया गया तो अब राज्य सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। बता दें कि यह सख्ती इसलिए भी देखने को मिल रही है कि क्योंकि राजस्थान में अचानक से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं।

कई देशों में कोरोना के मामलों में वृद्धि का हवाला देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब सहित 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर साप्ताहिक जांच दर में कमी आने तथा कुछ जिलों में संक्रमण दर में आ रही वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से सावधानी बरतने के लिए कहा है।

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी ने फिर पैदा की चिंता, मिले इतने मरीज, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी ने फिर पैदा की चिंता, मिले इतने मरीज, देखे आकड़े

नई दिल्ली: देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 9283 नए केस सामने आए हैं। सक्रिय मामलों की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट आई है। देश में फिलहाल सक्रिय मामलों की संख्या 1,11,481 है, जो पिछले 537 दिन में सबसे कम है। वहीं, बीते 24 घंटे में महामारी से 437 लोगों की मौत हो गई है जबकि 10,949 लोगों ने महामारी को मात दी है।

मिजोरम में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 465 लोग ठीक हुए। इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। यहां कुल सक्रिय मामलों की संख्या 4,247 हैं। मिजोरम में अब तक 482 लोगों की मौत हो चुकी है। कुल मामले 132320 हैं, इनमें से 127591 लोग ठीक हो चुके हैं।

महाराष्ट्र के ठाणे में कोरोना के 68 नए मामले सामने आए। इसके बाद यहां संक्रमितों की कुल संख्या 5,68,615 हो गई। जिले में दो और मरीजों की मौत होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11,576 हो गई है। ये मंगलवार के आंकड़ें हैं। ठाणे में कोरान से मृत्यु दर 2.03 फीसदी है। वहीं, पालघर जिले में संक्रमण के कुल 1,38,488 मामले सामन आए हैं और मृतक संख्या 3,294 है।

कोरोना अपडेट: इन राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के नए मामले, पिछले 24 घंटे में मिले इतने मरीज, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: इन राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के नए मामले, पिछले 24 घंटे में मिले इतने मरीज, देखे आकड़े

नई दिल्ली: भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 8488 नए केस सामने आए हैं। वहीं सक्रिय मामलों की संख्या में भी रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। देश में फिलहाल सक्रिय मामलों की संख्या 1,18,443 है, जो कुल मामलों का 0.34 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। वहीं, बीते 24 घंटे में महामारी से 249 लोगों की मौत हो गई जबकि 12,510 लोग ठीक हुए। 11,919 नए मामलों में से केरल से ही 5080 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, केरल में पिछले 24 घंटे में 40 लोगों की मौत हो गई जबकि 7908 लोग ठीक हुए। वहीं, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक, 21 नवंबर 2021 तक देश में 63,25,24,259 सैंपल की जांच की गई। इनमें से 7,83,567 सैंपल की जांच कल की गई थी।

ठाणे में 98 नए मामले
महाराष्ट्र के ठाणे में रविवार को 98 नए मामले सामने आए। इसके बाद यहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,68,454 हो गई। वहीं, संक्रमण से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया और मृतक संख्या 11,572 ही है। जिले में कोरोना से मृत्यु दर 2.03 प्रतिशत है। उधर, पालघर जिले में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़कर 1,38,453 हो गई और मरने वालों की संख्या 3,292 है।

मिजोरम में 212 नए मामले
मिजोरम में पिछले 24 घंटे में के 212 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में कुल सक्रिय मामले 4,746 है और अब तक कुल 479 लोगों की मृत्यु हुई है। बता दें कि यहां यहां कुल मामलों की संख्या 131897 है। इनमें से अब तक 126672 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 479 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है केले का अधिक सेवन, हो सकती हैं ये समस्याएं

स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है केले का अधिक सेवन, हो सकती हैं ये समस्याएं

केले का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें आयरन, पौटेशियम, कैल्शियम, प्रोटीन, फास्फोरस और कार्बोहाइड्रेट जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसी वजह से लोग इसका सेवन करना पसंद करते हैं, लेकिन अगर केले का अधिक सेवन किया जाए तो यह आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए आज आपको बताते हैं कि केले का अधिक सेवन करने से किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।


बढ़ सकता है वजन
केले का अधिक सेवन बढ़ते वजन का कारण बन सकता है और इसकी मुख्य वजह इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी है। इस समस्या को सामान्य न समझें क्योंकि यह शरीर को कई अन्य बीमारियों का घर बना सकती है। इसलिए रोजाना सीमित मात्रा में ही केले का सेवन करें। वैसे कभी-कभी कुछ शारीरिक समस्याओं के कारण भी लोगों का वजन बढऩे लगता है, इसलिए बढ़ते वजन की समस्या की असल वजह जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।


कब्ज होना
केले का अधिक सेवन पाचन तंत्र के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है क्योंकि पाचन तंत्र केले की अधिक मात्रा को सही ढंग से पचाने में असमर्थ रहता है। इसके कारण व्यक्ति को कब्ज की समस्या होने की अधिक संभावना रहती है। इसके अलावा इसकी वजह से गैस, पेट दर्द और पेट में जलन जैसी कई तरह की समस्याओं से भी जूझना पड़ सकता है। इसलिए भूल से भी केले का अधिक सेवन न करें।


मधुमेह होने का रहता है खतरा
केले का अधिक सेवन शरीर में रक्त शर्करा का स्तर बढ़ा सकता है और इससे व्यक्ति के इंसुलिन में भी बदलाव होने लगता है। यह बदलाव मधुमेह का खतरा उत्पन्न कर सकता है। बता दें कि मधुमेह एक गंभीर समस्या है, जो व्यक्ति को मौत के मुंह में भी धकेल सकती है। इसलिए जिन लोगों को पहले से ही मधुमेह है तो वे कम ही केलों का सेवन करें। वहीं स्वस्थ व्यक्ति भी सीमित मात्रा में केले खाएं।


बढ़ सकती है माइग्रेन की समस्या
कई अध्ययनों में इस बात का जिक्र मिलता है कि केले के अधिक सेवन से माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है क्योंकि इसमें टायरामाइन नामक एक खास तत्व मौजूद होता है। यह तत्व माइग्रेन की समस्या को बढ़ा सकता है, इसलिए अगर किसी को पहले से ही माइग्रेन की समस्या है तो वह इसका सेवन करने से बचें। वहीं जिन लोगों को यह समस्या नहीं है, उन्हें केले के अधिक सेवन से तेज सिरदर्द का सामना करना पड़ सकता है।

कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में मिले इतने कोरोना के मामले, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में मिले इतने कोरोना के मामले, देखे आकड़े

नई दिल्ली: देश में अब लोगों को कोरोना से राहत मिलने लगी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार के आंकड़े के अनुसार सक्रिय मरीजों की संख्या 531 दिनों बाद सबसे कम आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 10,302 नए मामले सामने आए हैं। वहीं इस दौरान 267 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 11,787 लोग स्वस्थ भी हुए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब कुल 1,24,868 सक्रिय मरीज बचे हैं।

सर्दियों में कर रहे हैं सुबह की सैर तो रखें इन 7 बातों का ख्याल

सर्दियों में कर रहे हैं सुबह की सैर तो रखें इन 7 बातों का ख्याल

वैसे तो सुबह की सैर हर मौसम में सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन सर्दी के दिनों में यह कुछ खास फायदे देती है। यह न केवल अपके शरीर को गर्माहट देती है बल्कि मौसम की स्वास्थ समस्याओं से भी बचाए रखने में मददगार साबित होती है।
हल्की-हल्की ठंड में सुबह की सैर हड्डियों के घनत्व को बढ़ाती है। टहलने से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक क्षमता भी बढ़ जाती है एवं तनाव दूर होता है। लगती हुई ठंड में कम से कम प्रतिदिन 3 किलोमीटर एवं सप्ताह में 5 दिन अवश्य सैर करें।

क्या ध्यान रखें -
1-जूते आरामदायक हों ताकि चलते समय तकलीफ न हो।
2- सैर हेतु शांत वातावरण और चारों तरफ प्राकृतिक सौंदर्य वाला (बाग-बगीचा) या खुला स्थान चुनें।
3- टहलते समय हल्की गहरी सांस लेने की आदत डालें और मन में शुद्ध विचार लाएं।
4- शरीर का तापमान सामान्य रखने हेतु शरीर को अतिरिक्त पानी चाहिए, अतः सैर पर जाने से पहले और पश्चात एक गिलास पानी अवश्य पिएं।
5- टहलते समय किसी प्रकार का मानसिक तनाव न रखें। टहलते समय अपने हाथों को नीचे की ओर रखें और बराबर हिलाते रहें, इससे स्फूर्ति मिलती है।
6- हृदय रोग, रक्तचाप या कोई अन्य गंभीर समस्या वाले रोगी टहलना प्रारंभ करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
7- सैर करते समय प्रारंभ और अंत में हमेशा गति धीमी रखें। यही नहीं प्रातः भ्रमण के पश्चात हमें संतुलित आहार की ओर भी ध्यान देना होगा।

 

150 गर्भवती महिलाये कोरोना पॉज़िटिव डॉक्टर के संपर्क मे आये, लोगो मे मची हड़कंप....

150 गर्भवती महिलाये कोरोना पॉज़िटिव डॉक्टर के संपर्क मे आये, लोगो मे मची हड़कंप....

भोपाल, मध्यप्रदेश : घटना जेपी अस्पताल में सोनोग्राफी करने वाले एक डॉक्टर को कोरोना संक्रमित पाए जाने की पुष्टिष के बाद कई गर्भवती महिलाओं के संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है।


अब हफ्ते भर तक बंद रहेगा जेपी अस्पताल का सोनोग्राफी रूम।
इसकी वजह यह कि संक्रमण की चपेट में आए डाक्टर ने बीते शनिवार तक हर दिन करीब 150 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की।
जिले में आधी से ज्यादा गर्भवती को टीका नहीं लगा है। जिन्हें लगा है उनमें भी आधी को सिर्फ पहली डोज लगी है। गर्भवती महिलाओं की

प्रतिरोधक क्षमता वैसे भी कमजोर रहती है।
ऐसे में उनके संक्रमित होने और हालत बिगड़ने का खतरा है। अब जेपी अस्पताल की तरफ से गर्भवती महिलाओं को फोन कर कोरोना की जांच कराने की सलाह दी जा रही है।
 

कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में मिले इतने कोरोना मरीज, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में मिले इतने कोरोना मरीज, देखे आकड़े

नई दिल्ली: भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 11,919 नए केस सामने आए हैं। सक्रिय मामलों की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट आई है। देश में फिलहाल सक्रिय मामलों की संख्या 1,28,762 है, जो कुल मामलों का 0.37 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। वहीं, बीते 24 घंटे में महामारी से 470 लोगों की मौत हो गई जबकि 11,242 लोग ठीक हुए। 11,919 नए मामलों में से केरल से ही 6849 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, केरल में पिछले 24 घंटे में 61 लोगों की मौत हो गई जबकि 6046 लोग ठीक हुए।

महाराष्ट्र के ठाणे में कोरोना के 139 नए मामले सामने आए। इसके बाद यहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,68,042 हो गई। वहीं संक्रमण से दो मरीजों की मौत होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11,564 हो गई। ये आंकड़े बुधवार के हैं। जिले में कोरोना से मृत्यु दर 2.03 प्रतिशत है। उधर, पालघर जिले में कोरोना से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,38,366 हो गई और मरने वालों की संख्या 3,289 है।

मिजोरम में कोरोना के 570 नए मामले सामने आए। यहां कुल 1,30,415 हैं। इनमें से सक्रिय मामलों की संख्या 5,616 है। यहां 1,24,332 लोग महामारी से ठीक हो चुके हैं जबकि 467 लोगों की अब तक कोरोना से मौत हो चुकी है।

तुरंत खाना खाकर सोने से सेहत को हो सकते हैं ये नुकसान, जानें

तुरंत खाना खाकर सोने से सेहत को हो सकते हैं ये नुकसान, जानें

यदि आप खाना बहुत देर से खाते हैं और उसके बाद आपको नींद आनें में भी परेशानी होती है तो ये अनिद्रा के लक्षण हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल होते हैं कि खाना खाने के बाद कितनी देर में सोना चाहिए? वहीं बिजी दिन के बाद रात के डिनर में आपको यह जानना बहुत जरूरी है कि भोजन के बाद बिस्तर पर जाने के लिए कितने देर तक इंतजार करना चाहिए. आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम यहां आपकी ये परेशानी दूर करेंगे. चलिए जानते हैं कैसे.
जानें कितना हो खाने और सोने के बीच में अंतर-
खाना और बिस्तर पर जाने के बीच का अंतर 3 घंटे का होना चाहिए. इससे पेट से भोजन छोटी आंत में चला जाता हैं और पाचन को बेहतर बनाता है. इससे रात में छाती में जलन और अनिद्रा जैसी समस्या नहीं होती है. वहीं खाने के बाद सोने में देरी करने से सीने में जलन जैसे लक्षण कम हो जाते हैं.
भोजन नींद को कब खराब करता है-
सोने से ठीक पहले खाना खाने से बेशक आपकी नींद खराब हो सकती है. ऐसा होने की संभावना तब होती है जब आप बहुत अधिक खाना खा लेते हैं या फिर ऐसा कुछ खाते हैं जिससे सीने में जलन होती है. खाना सोने से दो या तीन घंटे पहले खाना चाहिए.
सोने से पहले न पिएं ये चीजें-
सोने से पहले कभी भी कैफीन वाली चीजें जैसे चाय, सोडा, एनर्जी वाली ड्रिक्स और चॉकलेट खाने से बचना चाहिए. क्योंकि कैफीन एडिनोसिन को ब्लॉक करता है. यह एक ऐसा रसायन है जो नींद का एहसास करता है. वहीं अगर आप कैफीन युक्त चीजों का सेवन करते हैं तो आपको अनिद्रा की शिकायत हो सकती है.
 

नाखून चबाने की आदत से राहत पाने के लिए अपनाएं ये तरीके

नाखून चबाने की आदत से राहत पाने के लिए अपनाएं ये तरीके

कई लोग बोरियत को दूर करने या फिर चिंता में होने के कारण नाखून चबाने लगते हैं, लेकिन उनकी यह आदत स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। दरअसल, नाखूनों की गंदगी मुंह के माध्यम से पेट तक चली जाती है और कई तरह के संक्रमणों को जन्म देती है। इसलिए इस आदत को सुधारना काफी जरूरी है। आइए आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताते हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी नाखून चबाने की आदत से छुटकारा पा सकते हैं।
नाखून चबाने की वजह को पहचानें
अगर आप अपनी नाखून चबाने की आदत से राहत पाने की कोशिश में हैं तो सबसे पहले इस बात का पता लगाएं कि आप अपनी किस स्थिति के कारण नाखून चबाने लगते हैं। उदाहरण के लिए, क्या आप बोरियत या चिंता आदि को कम करने की वजह से आप नाखून चबाते हैं। जब आप ऐसे कारणों का सही पता लगा लेंगे तब आपके लिए अपनी नाखून चबाने की आदत से छुटकारा पाना आसान हो जाएगा।
नाखूनों को छोटा रखें
अगर आप अपनी नाखून चबाने की आदत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो अपने नाखूनों को छोटा रखें। जब आपके नाखून छोटे होंगे तब आपके पास चबाने के लिए कुछ भी नहीं होगा और आप अपने नाखूनों को चबाने के लिए खुद को मजबूर महसूस नहीं करेंगे। इसके लिए आपको बस नेल्स ट्रिमिंग वाले काम को अपने रूटीन में सबसे ऊपर रखना होगा क्योंकि नाखून बहुत जल्दी बढऩे लगते हैं।
मैनीक्योर कराएं
नाखून चबाने वाली आदत से राहत पाने के लिए आप मैनीक्योर का भी सहारा ले सकते हैं। समय-समय पर मैनीक्योर कराना नाखूनों को खूबसूरत बनाने के साथ-साथ इन्हें दांतों से चबाने से रोकने का अच्छा तरीका भी है। हालांकि अगर मैनीक्योर आपको नाखून चबाने से रोकने के लिए काफी नहीं है तो नाखूनों को ऊपर से ढकना भी एक अच्छा विकल्प है। इसके लिए अपने नाखूनों को किसी नेल एसेसरीज या टेप और बैंडेड से ढकें।
नाखूनों में खराब स्वाद वाली नेल पेंट लगाएं
अगर आप नहीं चाहते हैं कि नाखून चबाने की आदत से आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो तो इस आदत से राहत पाने की कोशिश करें। इस काम में खराब स्वाद वाली नेल पेंट आपकी मदद कर सकती है। ऐसी नेल पेंट को अपने नाखूनों पर लगा लें। ऐसा करने से जब आप नाखून चबाएंगे, तब इनका खराब स्वाद आपको नाखून चबाने से रोकने में मदद करेगा। आप नाखूनों में नीम के तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में मिले इतने कोरोना मरीज, यह राज्य बना कोरोना का हॉटस्पॉट

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में मिले इतने कोरोना मरीज, यह राज्य बना कोरोना का हॉटस्पॉट

नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमण में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है। दैनिक कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से नीचे गिर रही है। बीते 24 घंटो में कोविड-19 मामलों में सोमवार के मुकाबले और गिरावट आई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के तहत 24 घंटे के अंदर देश में 8,865 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई। जबकि, सोमवार को यह 10,229 कोरोना के मामले सामने आए थे।

इसके अलावा बीते 24 घंटों में देश में 197 मौतें कोरोना की वजह से हुईं तो 11,971 लोग ठीक होकर अपने घर चले गए।

दूसरी लहर के बाद से यह पहला मौका है जब देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या इतनी घटी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक करीब नौ महीने (287 दिन) बाद देश में इतने कम कोरोना संक्रमित 24 घंटे में सामने आए हैं। इसके अलावा अब कुल सक्रिय मरीजों की संख्या भी घटकर 1,30,793 पहुंच गई है, जो पिछले 525 दिन में सबसे कम है।

आंकड़ों के तहत देश में दैनिक संक्रमण दर गिरकर 0.80 प्रतिशत पहुंच गई है, जो पिछले 43 दिनों से दो प्रतिशत से नीचे बनी हुई है। इसके अलावा साप्ताहिक संक्रमण दर 0.97 प्रतिशत है, जो 53 दिनों से दो प्रतिशत से नीचे है।

केरल में सबसे खराब स्थिति
केरल में कोविड-19 संक्रमण की सबसे खराब स्थिति है। पिछले 24 घंटों में 8,865 संक्रमित सामने आए हैं, जिसमें सिर्फ केरल में ही 4547 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। यहां 57 लोगों की मौत भी पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण की वजह से हो गई।

छत्तीसगढ़ के प्रथम अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन असोमाकॉन 2021 का बालको मेडिकल सेंटर द्वारा हुआ आयोजन

छत्तीसगढ़ के प्रथम अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन असोमाकॉन 2021 का बालको मेडिकल सेंटर द्वारा हुआ आयोजन

रायपुर, प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप 11 नवंबर 2021 को हुई और यह कार्यक्रम 14 नवंबर 2021 तक चला, इस साल के असोमाकॉन की थीम "ब्रेस्ट केयर: इनक्लूडिंग द डायवर्सिटीज" है। एशियन सोसाइटी ऑफ मास्टोलॉजी, असोमाकॉन 2021 के 5वें अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों वैज्ञानिक निकायों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। अमेरिका के सैन एंटोनियो के डॉ. इस्माइल जाटोई, द रॉयल मार्सडेन हॉस्पिटल, यूके से डॉ. फियोना मैकनील, यूके की डॉ. लिंडा वायल्ड, बर्मिंघम यूनिवर्सिटी, यूके की डॉ. विद्या राघवन, डॉ. रोमन पेसोत्स्की, काहिरा यूनिवर्सिटी जैसे प्रख्यात वक्ता हैं। मिस्र, नेपल्स विश्वविद्यालय, इटली से डॉ निकोला रोक्को और कई अन्य इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं । सम्मेलन पूर्व दिवस पर बालको मेडिकल सेंटर में रेडियोलॉजी वर्कशॉप और पं जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर में कैडेवरिक वर्कशॉप का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम के पहले दिन कैंसर उत्तरजीवियों के लिए एक विशेष प्रेरक सभा "कॉन्ग्लोमरेशन ऑफ कॉन्करर्स" का आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक उत्तरजीवियों और उनकी देखभाल करने वालों ने भाग लिया।
इस अंतराष्ट्रीय चिकित्सा सम्मलेन को संबोधित करते हुए वेदांता रिसोर्सेज और बालको मेडिकल सेंटर के चेयरमैन, श्री अनिल अग्रवाल ने कहा, "पिछले 3 वर्षों के संचालन में, बालको मेडिकल सेंटर ने मध्य भारत में कैंसर के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। आम आदमी के लाभ के लिए, हम राज्य में लगातार नवीनतम उपचार के तरीके ला रहे हैं, जो पहले केवल मेट्रो शहरों के कुछ केंद्रों तक ही सीमित थे। बालको मेडिकल सेंटर अब कैंसर शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में कदम रखते हुए अपने प्रयासों को तेज करने के लिए तैयार है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम अपने स्वास्थ्य देखभाल समर्थन का विस्तार करने और इस एक केंद्र से आगे विस्तार करने, नवीनतम तकनीक और डिजिटलीकरण का लाभ उठाने के लिए कैंसर मुक्त समाज के अपने सपने को साकार करने के लिए उत्सुक हैं। ”
बालको मेडिकल सेंटर के चिकित्सा निदेशक और एसोमैकन के मुख्य संरक्षक डॉ. (प्रो.) अनुराग श्रीवास्तव ने रायपुर में स्तन रोगों पर पहली बार अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन आयोजित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रख्यात डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों के इस अद्भुत सम्मेलन में जिस तरह का ज्ञान साझा और आदान-प्रदान किया गया, वह सभी चिकित्सकों के लिए रोगियों के इलाज और देखभाल के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्तन देखभाल करने वाले डॉक्टरों और समुदाय के बीच स्तन रोगों के बारे में जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है।
सत्र के बारे में बात करते हुए, असोमा के अध्यक्ष प्रो. चिंतामणि ने कहा, "एशियन सोसाइटी ऑफ़ मास्टोलॉजी या असोमा, स्तन विकारों, मुख्य रूप से स्तन कैंसर से संबंधित" एशियाई समस्याओं के एशियाई समाधान” खोजने के बारे में है। भारत और एशिया में बढ़ते स्तन कैंसर की घटनाओं के साथ हमें इस उभरती हुई महामारी से निपटने के लिए एक साथ आने की जरूरत है और यह केवल इस तरह की बैठकों के साथ ही हो सकता है। हम वास्तव में दुनिया भर से 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तन विशेषज्ञों के शामिल होने के लिए आभारी हैं। हम अनुसंधान, परीक्षण, अकादमिक आदान-प्रदान और उत्तर खोजने के लिए बहु-विषयक टीमों के गठन में एकजुट होने की हमारी भविष्य की योजनाओं को उजागर करने के लिए एक आम सहमति बयान लाने जा रहे हैं। रायपुर से बेहतर स्थल और बालको मेडिकल सेंटर से बेहतर आयोजन करने वाली टीम के बारे में नहीं सोचा जा सकता था।”इस सम्मेलन में 1500 से अधिक डाक्टरो व नर्सों ने ज्ञान अर्जन किया।