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सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है अंजीर की डिमांड? डॉक्टर ने बताया सेहत का असली ‘विंटर फॉर्मूला’

सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है अंजीर की डिमांड? डॉक्टर ने बताया सेहत का असली ‘विंटर फॉर्मूला’

 नई दिल्ली। Anjeer Khane Ke Fayde: सर्दियों का मौसम वैसे ही सेहत के लिए खास माना जाता है, लेकिन इस मौसम में अंजीर खाने के फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। अंजीर शरीर को गर्मी देता है, इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है, पाचन बेहतर करता है और त्वचा को ग्लोइंग बनाता है। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. के अनुसार, अंजीर को सर्दियों में ‘नेचुरल हीलर’ माना जाता है।

अंजीर क्यों है सर्दियों का सुपरफूड?

अंजीर में विटामिन A, C और K भरपूर होता है। वहीं कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे मिनरल इसे बेहद पौष्टिक बनाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह ठंड में शरीर की जरूरतों को पूरा करने वाला सबसे आसान और प्राकृतिक स्रोत है।

पाचन के लिए बेहद फायदेमंद

आयुर्वेदिक मेडिसिन में अंजीर का इस्तेमाल सदियों से कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं के इलाज में किया जाता रहा है। इसमें मौजूद फाइबर मल त्याग को नियमित करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

वजन घटाने में मददगार

डॉ. जैदी बताते हैं—
अंजीर में कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होता है। यह भूख को नियंत्रित करता है और वेट लॉस में मदद करता है। 100 ग्राम अंजीर में सिर्फ 74 कैलोरी और लगभग 3 ग्राम फाइबर होता है।”

स्किन के लिए भी फायदेमंद

अंजीर शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को ग्लोइंग बनाते हैं। इससे मुंहासों, झुर्रियों और डलनेस में कमी आती है।

अंजीर का सही तरीका और समय

  • रातभर पानी या दूध में भिगोकर सुबह खाएँ

  • रात में दूध में उबालकर भी सेवन कर सकते हैं

  • सूखे मेवे की तरह भी रोज़ 2–3 अंजीर खाए जा सकते हैं

डॉक्टर का बयान

डॉ. कहते हैं—
“सर्दियों में अंजीर शरीर को ऊर्जा, गर्मी और पोषण तीनों देता है। यह पाचन, इम्यूनिटी और स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है। सही मात्रा और सही समय में सेवन इसका असर दोगुना कर देता है।”

Silent Heart Attack: साइलेंट हार्ट अटैक क्या है? इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज, जानें कैसे पहचानें और बचें.

Silent Heart Attack: साइलेंट हार्ट अटैक क्या है? इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज, जानें कैसे पहचानें और बचें.

 तेज़ रफ्तार जिंदगी, बढ़ता तनाव और गलत लाइफस्टाइल के चलते हार्ट अटैक के मामले दुनिया भर में लगातार बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, हर साल लगभग 1.8 करोड़ लोग हार्ट संबंधी बीमारियों के कारण मौत का शिकार होते हैं, जिनमें से करीब एक-तिहाई हार्ट अटैक से होती है। हाल ही में डॉक्टरों ने एक और खतरनाक रूप की चेतावनी दी है। साइलेंट हार्ट अटैक। इसे साइलेंट इसलिए कहा जाता है क्योंकि मरीज को सामान्य हार्ट अटैक जैसे तेज दर्द या बेचैनी का अनुभव नहीं होता। यह धीरे-धीरे होता है और अक्सर तब तक पता नहीं चलता जब तक हृदय पर गंभीर नुकसान न हो जाए।


साइलेंट हार्ट अटैक के मुख्य कारण
साइलेंट हार्ट अटैक का मुख्य कारण हार्ट की नसों में कोलेस्ट्रॉल और फैट का जमाव है, जिससे रक्त प्रवाह (ब्लड फ्लो) बाधित हो जाता है। इसके अलावा, निम्नलिखित कारण इसे बढ़ावा देते हैं:
➤ हाई ब्लड प्रेशर
➤ डायबिटीज
➤ मोटापा
➤ धूम्रपान
➤ अधिक मानसिक तनाव
➤ असंतुलित और फैटी डाइट

विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में लक्षण पुरुषों की तुलना में अधिक अस्पष्ट होते हैं, जिससे समय पर डाइग्नोसिस में देरी हो सकती है। 40 वर्ष से ऊपर के लोग, डायबिटीज के मरीज और कम एक्टिव जीवन जीने वाले लोग इसका ज्यादा शिकार होते हैं।

साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण
राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत जैन के अनुसार, साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर हल्के या असामान्य होते हैं। इन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। मुख्य लक्षण हैं:
सीने में हल्का दबाव या जलन (जो अक्सर एसिडिटी या गैस समझ लिया जाता है)
➤ पीठ, गर्दन, जबड़े या कंधे में हल्का दर्द
➤ सांस फूलना
➤ अचानक थकान या नींद में परेशानी
➤ बार-बार पसीना आना

मतली या चक्कर
डायबिटीज के मरीजों में दर्द का अहसास कम होने की वजह से यह हार्ट अटैक बिना दर्द के भी हो सकता है। इसलिए अगर शरीर में बार-बार ये संकेत दिखाई दें, तो इसे हल्के में न लें। समय पर ECG और डॉक्टर की जांच से इस खतरे को पहचाना जा सकता है।

बचाव के आसान उपाय
नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल की जांच करें।
➤ रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज या वॉक करें।
➤ संतुलित और हेल्दी डाइट लें; तली-भुनी और मीठी चीजों से बचें।
➤ धूम्रपान और शराब का सेवन पूरी तरह बंद करें।
➤ पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें।

HEALTH NEWS: रोज़ाना नंगे पैर चलने से मिलते हैं चमत्कारी फायदे, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताए ज़रूरी टिप्स

HEALTH NEWS: रोज़ाना नंगे पैर चलने से मिलते हैं चमत्कारी फायदे, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताए ज़रूरी टिप्स

 नई दिल्ली।  रोज़ाना कुछ देर टहलना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नंगे पैर चलना आयुर्वेद में एक बेहतरीन हेल्थ प्रैक्टिस मानी गई है? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और एमडी (आयुर्वेद) डॉ. मनीषा मिश्रा ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम वीडियो में नंगे पैर चलने के चमत्कारी लाभ बताए हैं।

नंगे पैर चलने के फायदे

  • तीनों दोष का संतुलन: वायु, पित्त और कफ संतुलित रहते हैं।

  • पैर और शरीर की मजबूती: पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पोस्चर सुधरता है।

  • दर्द से राहत: एड़ी दर्द और पैरों की सूजन में प्राकृतिक राहत।

  • बेहतर नींद: नसों पर हल्का दबाव पड़ने से मन शांत होता है और नींद गहरी आती है।

  • इम्यूनिटी और एनर्जी: मिट्टी या घास पर चलने से शरीर की नेगेटिव एनर्जी डिस्चार्ज होती है।

कितना और कब चलें?

  • रोज़ाना 10 से 15 मिनट घास, मिट्टी या रेत पर चलें।

  • सुबह और शाम का समय सबसे अच्छा है।

  • कंक्रीट या सीमेंटेड जगह पर नंगे पैर चलने से बचें।

  • आयुर्वेद के अनुसार, बसंत ऋतु (फरवरी–अप्रैल) में इसका असर और भी बेहतर होता है।

आयुर्वेद कहता है कि छोटी-सी आदत भी बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम्स को दूर करने में मदद कर सकती है। ऐसे में रोज़ाना नंगे पैर चलने की आदत अपनाकर आप शरीर और मन, दोनों को रिफ्रेश कर सकते हैं।

“कहीं भी, कभी भी: वक्त के साथ मस्तिष्क तेज करने वाले तीन आसान वर्कआउट्स”

“कहीं भी, कभी भी: वक्त के साथ मस्तिष्क तेज करने वाले तीन आसान वर्कआउट्स”

 नई दिल्ली। health news: हाल ही में प्रकाशित एक समीक्षा के अनुसार, किसी भी उम्र के लोग जिन व्यायामों का नियमित अभ्यास करते हैं—चाहे वे हल्के हों या मध्यम—उनसे मस्तिष्क स्वास्थ्य में बेहद सकारात्मक बदलाव आए हैं ।

यही नहीं, ये तीन स्पेशल एक्टिविटीज़ विशेष रूप से फायदेमंद हैं:

1. योग और ताई ची

मान लीजिए ये “mind‑body” एक्सरसाइज़ हैं जो विशिष्ट तरीके से मस्तिष्क को फिट रखने में मदद करती हैं।

इन्हें 2–3 दिन प्रति सप्ताह 20–60 मिनट तक करना चाहिए ।

2. Exergames (एक्टिव वीडियो गेम्स)

यह तकनीक-मिलीजुली व्यायाम विधि मस्तिष्क को एक्टिव रखती है, विशेषकर निर्णय लेने और स्मृति से जुड़े कार्यों में।

सप्ताह में 3–5 दिन × 20–30 मिनट करना सबसे अच्छा रहता है ।

 3. मध्यम-ताकत वाले व्यायाम

ये व्यायाम—जैसे तेज़ चलना, वेट लिफ्टिंग, साइकिलिंग—स्मृति और निर्णय शक्ति को सुधारते हैं।

सप्ताह में 150 मिनट कुल मिलाएं ।

अधिक विस्तृत जानकारी

इन तीनों अभ्यासों से कॉग्निशन, मेमोरी, * निर्णय क्षमता*, और तनाव नियंत्रण में सुधार होता है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि ये विधाएँ मस्तिष्क के उन हिस्सों को सक्रिय करती हैं जो उम्र के साथ कमजोर हो जाते हैं ।

Health News: सुबह उठते ही पानी पीएं — मस्तिष्क, त्वचा, पाचन सब मिलेंगे बेहद लाभ!

Health News: सुबह उठते ही पानी पीएं — मस्तिष्क, त्वचा, पाचन सब मिलेंगे बेहद लाभ!

 नई दिल्ली।  कई प्रमुख पोषण विशेषज्ञों और शोधों ने एक छोटी लेकिन बेहद असरदार आदत की चर्चा की है: सुबह उठते ही पानी पीना। चाहे नियमित दिन हो या वर्कटाइम, ये एक-से-तीन गिलास पानी आपके पूरे दिन को बदल सकते हैं ।

क्या-क्या फायदे मिलेंगे:

रिहाइड्रेट करता है — रात भर बिना पानी से शरीर सूख जाता है, ग्लास पानी शरीर को सामान्य करता है ।

मेटाबॉलिज्म बूस्ट — पानी पीने के बाद शरीर तापमान बदलता है, जिससे कैलोरी बर्निंग तेज होती है (लगभग 30% तक!) ।

डाइजेशन और कब्ज़ में सुधार — सुबह खली पेट पानी से पाचन सक्रिय होता है, कब्ज़ दूर होती है ।

मस्तिष्क को उत्तेजना — दिमाग का 75% हिस्सा पानी है; सुबह के पानी से ध्यान, मूड और याददाश्त में सुधार होता है ।

स्किन की चमक — त्वचा में नमी बनी रहती है, झुर्रियां कम होती हैं ।

वजन और भूख नियंत्रण — पानी से पेट भरा रहता है, जिससे बांका नहीं लगता और भूख नियंत्रित होती है ।

डिटॉक्स और किडनी रिहैब — सुबह पानी से लिवर और किडनी बेहतर फल-क्रिया करती है और डिटॉक्स में मदद मिलती है ।

कैसे शुरू करें?

1. सुबह 20–30 मिनट ब्लम रखने के बाद 1–2 गिलास पानी पिएं।

2. चाहें तो पानी धीमा तापमान या हल्का गर्म पी सकते हैं।

3. बाद में संतुलित नाश्ता करें।

4. दिन में कम से कम 2–3 लीटर पानी नियमित रूप से लेना बेहतर है।

रात के समय दिखने लगते हैं Kidney Damage के ये लक्षण, समय रहते सतर्क न हुए तो बढ़ सकता है खतरा

रात के समय दिखने लगते हैं Kidney Damage के ये लक्षण, समय रहते सतर्क न हुए तो बढ़ सकता है खतरा

 Kidney Damage : किडनी हमारे शरीर का एक बेहद जरूरी अंग है, जो शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को बाहर निकालने और ब्लड को फिल्टर करने का काम करता है। लेकिन बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और लगातार बढ़ती अनहेल्दी आदतों के कारण अब लोगों में किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

रात के समय दिखने लगते हैं Kidney Damage के ये लक्षण

विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी खराब होने की स्थिति में शरीर कुछ संकेत देने लगता है, जिनमें से कुछ लक्षण खासकर रात के समय दिखाई देते हैं। इन संकेतों को समय पर पहचान कर इलाज शुरू कर दिया जाए तो किडनी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।

रात में नजर आने वाले किडनी खराब होने के लक्षण:

पैरों में सूजन
यदि सोने से पहले या सुबह उठने पर पैरों में सूजन दिखाई दे तो यह संकेत हो सकता है कि किडनी ठीक से कार्य नहीं कर रही है। ऐसा तब होता है जब शरीर में पानी और सोडियम की मात्रा जमा होने लगती है।

बार-बार पेशाब आना
रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना सामान्य नहीं है। यह भी किडनी डैमेज का एक शुरुआती संकेत हो सकता है। इस स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

रात में अत्यधिक प्यास लगना
अगर रात में बार-बार प्यास लगती है और आप सामान्य से ज्यादा पानी पी रहे हैं, तो यह भी किडनी में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

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सांस फूलना
कई बार रात के समय अचानक सांस फूलने लगे तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। किडनी जब सही तरीके से टॉक्सिन्स को बाहर नहीं निकाल पाती है, तो इससे फेफड़ों पर असर पड़ सकता है और सांस फूलने जैसी दिक्कत होती है।

त्वचा पर खुजली और रैशेज
किडनी की खराबी के कारण शरीर में जमा टॉक्सिन्स त्वचा पर असर डालते हैं, जिससे खुजली, जलन और छोटे-छोटे दाने हो सकते हैं।

किडनी को कैसे रखें स्वस्थ?

 ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को नियंत्रण में रखें।
 नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और वजन को संतुलित रखें।
 पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, जिससे विषैले तत्व शरीर से बाहर निकल सकें।
 नमक का सेवन कम करें और धूम्रपान से बचें।

Health Tips : ब्लैक कॉफी के फायदे और नुकसान: जानें सेहत पर इसका असर और सही मात्रा

Health Tips : ब्लैक कॉफी के फायदे और नुकसान: जानें सेहत पर इसका असर और सही मात्रा

 Health Tips : चाय-कॉफी हमारे देश में सुबह की शुरुआत का अहम हिस्सा बन चुके हैं। खासकर कॉफी के शौकीनों में ब्लैक कॉफी का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। दूध वाली कॉफी के मुकाबले ब्लैक कॉफी को स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है और कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं।

क कॉफी के फायदे और नुकसान

ब्लैक कॉफी आपके शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखने के साथ दिमाग की कार्यक्षमता को भी बढ़ाती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं और वजन घटाने में भी मददगार होती है।

लेकिन ध्यान रहे, किसी भी चीज की अधिकता नुकसानदेह हो सकती है। ब्लैक कॉफी का अत्यधिक सेवन नींद की कमी, बेचैनी, दिल की धड़कन तेज होना जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।

Heatwave : लू लगने पर दिखते हैं ये 5 लक्षण, जानिए

Heatwave : लू लगने पर दिखते हैं ये 5 लक्षण, जानिए

 Heatwave : लू लगने पर अक्सर शरीर में कुछ लक्षण नजर आते हैं। अगर ये 5 लक्षण लक्षण नजर आए तो समझ जाएं कि आप लू की चपेट में हैं। जिसे देखने के बाद आपको डॉक्टर से मिलना ही मिलना चाहिए।

लू लगने पर दिखते हैं ये 5 लक्षण

1. अत्यधिक गर्मी और पसीना न आना:

शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है और पसीना नहीं निकलता है, जिससे त्वचा गर्म और सूखी हो जाती है. 

2. बेहोशी या उलझन:

चक्कर आना, धुंधली दृष्टि, और भ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं. 

3. सिरदर्द और चक्कर आना:

लू लगने से सिरदर्द और चक्कर आना भी हो सकता है. 

4. त्वचा गर्म और सूखना:

लू लगने पर त्वचा गर्म और सूखी हो जाती है, क्योंकि पसीना नहीं आता है. 

5. तेज़ दिल की धड़कन और चिड़चिड़ापन:
दिल की धड़कन तेज हो सकती है और व्यक्ति चिड़चिड़ा हो सकता है. 

कैसे करें बचाव

  • दोपहर में बाहर न निकलें।
  • सिर ढककर रखें। खूब पानी पिएं।
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनें।
  • तला भुना ना खाएं
DRINKS : गर्मियों में राहत की तलाश? ये पेय देंगे शरीर को ठंडक और ताजगी

DRINKS : गर्मियों में राहत की तलाश? ये पेय देंगे शरीर को ठंडक और ताजगी

 SUMMER DRINKS : तापमान में लगातार बढ़ोतरी के साथ ही भीषण गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। ऐसे में शरीर को भीतर से ठंडक देने और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए ठंडे और सेहतमंद पेय पदार्थों का सेवन बेहद जरूरी हो गया है। आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ प्राकृतिक पेय न सिर्फ शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।

1. नारियल पानी:
गर्मी में सबसे बेहतरीन प्राकृतिक पेय है नारियल पानी। यह शरीर को हाइड्रेट करता है और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को दूर करता है। इसका सेवन थकान को भी कम करता है।

2. बेल का शरबत:
बेल फल को आयुर्वेद में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इसका शरबत पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर को ठंडक देता है। लू लगने की आशंका भी इससे कम होती है।

3. आम पना:
कच्चे आम से बना आम पना गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाला पारंपरिक पेय है। यह लू से बचाता है और डाइजेशन भी सुधारता है।

4. नींबू पानी (शिकंजी):
नींबू पानी में अगर थोड़ा काला नमक और पुदीना डाल दिया जाए, तो यह और भी अधिक ठंडक देता है। यह शरीर को रिफ्रेश करता है और नमक-पानी की कमी को दूर करता है।

5. छाछ (मट्ठा):
दही से बना छाछ न केवल ठंडक देता है बल्कि पेट के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह पाचन को दुरुस्त रखता है और शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखता है।

6. तरबूज और खीरे का रस:
ये दोनों फल पानी से भरपूर होते हैं। इनका रस पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी से राहत मिलती है।

विशेषज्ञों की सलाह:
गर्मी के मौसम में कैफीन और अत्यधिक शक्कर वाले कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं। इसके बजाय प्राकृतिक पेय को प्राथमिकता दें।

निष्कर्ष:
गर्मी से राहत पाने के लिए रोजाना कम से कम 2-3 बार ठंडे प्राकृतिक पेय का सेवन करें। इससे न सिर्फ लू और डिहाइड्रेशन से बचाव होगा, बल्कि शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी मिलेगी।

Health NEWS: गर्मियों के मौसम में पपीता खाने के फायदे जो आपको हैरान कर देंगे

Health NEWS: गर्मियों के मौसम में पपीता खाने के फायदे जो आपको हैरान कर देंगे

 Health NEWS: एक फल है।… पपीता का वैज्ञानिक नाम कॅरिका पपया ( carica papaya ) है। इसकी फेमिली केरीकेसी ( Caricaceae ) है। इसका औषधीय उपयोग होता है। पपीता स्वादिष्ट तो होता ही है इसके अलावा स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। सहज पाचन योग्य है। पपीता भूख और शक्ति बढ़ाता है। यह प्लीहा, यकृत को रोगमुक्त रखता और पीलिया जैसे रोगाें से मुक्ती देता है। कच्ची अवस्था में यह हरे रंग का होता है और पकने पर पीले रंग का हो जाता है। इसके कच्चे और पके फल दोनों ही उपयोग में आते हैं। कच्चे फलों की सब्जी बनती है। इन कारणों से घर के पास लगाने के लिये यह बहुत उत्तम फल है।

इसके कच्चे फलों से दूध भी निकाला जाता है, जिससे पपेन तैयार किया जाता है। पपेन से पाचन संबंधी औषधियाँ बनाई जातीं हैं। अत: इसके पक्के फल का सेवन उदरविकार में लाभदायक होता है। पपीता सभी उष्ण समशीतोष्ण जलवायु वाले प्रदेशों में होता है। उच्च रक्तदाब पर नियंत्रण रखने के लिए पपीते के पत्ते को सब्जी में प्रयोग करते है। पपीते में ए, बी, डी विटामिन और केल्शियम, लोह, प्रोटीन आदि तत्त्व विपुल मात्रा में होते है। पपीते से वीर्य बढ़ता है। त्वचा रोग दूर होते हैैं। ज़ख्म जल्दी ठीक होते है। मूत्रमार्ग की बिमारी दूर होती है। पाचन शक्ति बढ़ती है। मूत्राशय की बिमारी दूर होती है। खॉसी के साथ रक्त आ रहा हो तो वह रुकता है। मोटापा दूर होता है। कच्चे पपीता की सब्जी खाने से स्मरणशक्ती बढती है। पपीता और ककड़ी हमारे स्वास्थ्य केंद्र लिए उपयुक्त है।

इम्युनिटी बढ़ाता है

पपीता विटामिन-सी का एक अच्छा सोर्स है, जो शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। विटामिन-सी व्हाइट ब्लड सेल्स के निर्माण को बढ़ावा देता है, जो इन्फेक्शन और बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। रोजाना पपीता खाने से आपकी इम्युनिटी मजबूत होती है और आप बीमारियों से दूर रहते हैं।

त्वचा के लिए फायदेमंद

पपीता में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। यह त्वचा की झुर्रियों को कम करने और उम्र बढ़ने के लक्षणों को धीमा करने में मददगार होता है। पपीता का नियमित रूप से खाने से त्वचा की रंगत निखरती है और मुंहासे, दाग-धब्बे जैसी समस्याएं दूर होती हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

पपीते में विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाती है। एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को संक्रमण से लड़ने और बीमारियों से जल्दी ठीक होने में मदद करती है।

आंखों के लिए लाभदायक

पपीता में विटामिन-ए और बीटा-कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आंखों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह आंखों की रोशनी को बढ़ाने और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं को रोकने में मदद करता है। रोजाना पपीता खाने से आंखों की सेहत अच्छी रहती है।

हृदय स्वास्थ्य

पपीते में मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और पोटैशियम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके और रक्तचाप को नियंत्रित करके हृदय स्वास्थ्य में योगदान करते हैं। बेहतर हृदय स्वास्थ्य हृदयाघात और स्ट्रोक जैसी हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करता है।

हड्डियों को मजबूत बनाता है

पपीता में विटामिन-के और कैल्शियम की मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। विटामिन-के कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन को बढ़ाता है, जिससे हड्डियों की डेंसिची बढ़ती है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है।

हड्डियों को मजबूत बनाता है

पपीता में विटामिन-के और कैल्शियम की मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। विटामिन-के कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन को बढ़ाता है, जिससे हड्डियों की डेंसिची बढ़ती है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है।

Gond Katira Benefits : स्किन से हड्डियों तक फायदेमंद: जानें गोंद कतीरा के बेहतरीन लाभ

Gond Katira Benefits : स्किन से हड्डियों तक फायदेमंद: जानें गोंद कतीरा के बेहतरीन लाभ

 Gond Katira Benefits : गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और तरोताजा बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में गोंद कतीरा एक बेहतरीन और प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो शरीर को अंदरूनी ठंडक प्रदान करती है और गर्मी से होने वाली समस्याओं से राहत देती है। यह न सिर्फ शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है, बल्कि स्किन ग्लो बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत बनाने में भी सहायक होता है।

गोंद कतीरा के अद्भुत फायदे

1. शरीर को ठंडक देता है

गर्मी में गोंद कतीरा का सेवन शरीर की भीतरी गर्मी को कम करता है। यह लू लगने के खतरे को कम करता है और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है।

2. पाचन तंत्र को सुधारता है

यह पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है और आंतों को ठंडक प्रदान करता है। कब्ज, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी यह कारगर साबित होता है।

3. स्किन की चमक बढ़ाता है

गोंद कतीरा शरीर में नमी बनाए रखता है, जिससे त्वचा ग्लोइंग और हेल्दी बनी रहती है। यह ड्राई स्किन और झुर्रियों को कम करने में भी सहायता करता है।

4. हड्डियों को मजबूत बनाता है

यह कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो हड्डियों की मजबूती में सहायक है। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों की बीमारियों को रोकने में भी मदद करता है।

5. उम्र बढ़ाने में मददगार

आयुर्वेद के अनुसार, गोंद कतीरा शरीर को अंदर से शुद्ध करता है, जिससे ताजगी और ऊर्जा बनी रहती है। इसके एंटी-एजिंग गुण झुर्रियों को कम करते हैं और त्वचा को जवां बनाए रखते हैं।

6. इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है

गोंद कतीरा शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है और इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है। यह वायरल इंफेक्शन और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव में भी कारगर साबित हो सकता है।

कैसे करें सेवन?

गोंद कतीरा को रातभर पानी में भिगोकर सुबह दूध या शरबत में मिलाकर पी सकते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से गर्मियों में शरीर को ठंडक और सेहत को फायदा मिलता है।

 Face Pack : ग्लोइंग स्किन पाने के लिए चेहरें पर लगाएं पपीता, दही और शहद का फेस मास्क

Face Pack : ग्लोइंग स्किन पाने के लिए चेहरें पर लगाएं पपीता, दही और शहद का फेस मास्क

 Papaya and Honey Face Pack: हेल्दी और ग्लोइंग पाने के लिए आप पपीते और दही से बना फेस मास्क भी लगा सकते हैं। यह फेस मास्क त्वचा में प्राकृतिक निखार बढ़ाने में मदद करता है। आइए जानते है फेस मास्क कैसे बनाना है।

सामग्री

  • पपीते का पल्प – 2 चम्मच
  • दही- 2 चम्मच
  • शहद- आधा चम्मच

बनाने की विधि

पपीते के पल्प के साथ गाढ़ा दही मिलाएं। अब इसमें आधा चम्मच शहद मिलाकर चेहरे और गर्दन पर लगाएं और सूखने दें। इस फेस मास्क को आप सप्ताह में 2 से 3 बार लगा सकते हैं।

Papaya and Honey Face Pack पपीते और दही फेस मास्क के फायदे-

पपीते में मौजूद एंजाइम्स, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट ओवरऑल स्किन हेल्थ के लिए जरूरी होती हैं। ये स्किन को एक्सफोलिएट और मॉइस्चराइज करने में मदद करते हैं। इससे स्किन एजिंग का खतरा कम होता है और स्किन में ग्लो आता है। दही त्वचा को हाइड्रेट और मॉइस्चराइज करने में मदद करता है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड स्किन को एक्सफोलिएट करता है और स्किन इंफ्लेमेशन कम करता है। इसे इस्तेमाल करने से स्किन इलास्टिसिटी इंप्रूव होती है और स्किन में रिंकल्स और फाइन लाइंस जल्दी नहीं आते हैं। शहद में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण मौजूद होते हैं, जो ओवरऑल स्किन हेल्थ के लिए जरूरी हैं। त्वचा पर शहद लगाने से स्किन हाइड्रेट रहती है, स्किन हील होती है और एक्ने-पिंपल्स का असर भी कम होता है।

गन्ने का रस या नारियल पानी? जानिए गर्मियों में सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद

गन्ने का रस या नारियल पानी? जानिए गर्मियों में सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद

 गर्मियों में सभी के लिए हाइड्रेशन बहुत महत्वपूर्ण होता है, और इसके लिए गन्ने का रस और नारियल पानी दोनों ही शानदार विकल्प हैं। हालांकि, दोनों के अपने-अपने फायदे हैं, तो चलिए, हम दोनों की तुलना करते हैं और जानते हैं कि कौन-सा आपके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

गन्ने का रस

फायदे

  1. प्राकृतिक ऊर्जा का स्रोत – गन्ने का रस शरीर को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक शर्करा होती है जो तुरंत ऊर्जा देती है।
  2. पाचन में मदद – यह पाचन में सुधार करता है और कब्ज की समस्या को दूर करता है।
  3. त्वचा के लिए अच्छा – इसमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C होते हैं, जो त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बनाए रखते हैं।
  4. हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक – गन्ने का रस आयरन से भरपूर होता है, जो खून की कमी को दूर करने में मदद करता है।

नुकसान

  • गन्ने का रस मीठा होता है और इसमें शर्करा की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही पीना चाहिए, खासकर अगर आप वजन घटाने या शुगर कंट्रोल पर ध्यान दे रहे हैं।

नारियल पानी

फायदे

  1. इलेक्ट्रोलाइट्स का अच्छा स्रोत – इसमें प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स (पोटैशियम, सोडियम, मैग्नीशियम) होते हैं, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और तरल पदार्थों की कमी को जल्दी पूरा करते हैं।
  2. हल्का और पाचन में मददगार – यह हल्का और आसानी से पचने वाला होता है, जिससे पेट पर बोझ नहीं पड़ता।
  3. वजन कम करने में मदद – नारियल पानी में कैलोरी कम होती है, जो वजन कम करने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
  4. त्वचा को पोषण – यह त्वचा को हाइड्रेट करता है और मुंहासों को कम करने में मदद करता है।

नोट: कुछ लोग नारियल पानी का स्वाद पसंद नहीं करते हैं, और इसकी उपलब्धता भी कुछ क्षेत्रों में सीमित हो सकती है।

कौन सा पेय है ज्यादा फायदेमंद ?

हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स – अगर आप गर्मी में हाइड्रेटेड रहना चाहते हैं, तो नारियल पानी सबसे अच्छा विकल्प है, क्योंकि यह शरीर में तरल पदार्थों और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को जल्दी पूरा करता है।

ऊर्जा और पाचन – यदि आप ज्यादा ऊर्जा चाहते हैं और पाचन संबंधी समस्याओं से बचना चाहते हैं, तो गन्ने का रस बेहतरीन विकल्प है।

वजन घटाना – अगर आप वजन घटाना चाहते हैं या कैलोरी कम करना चाहते हैं, तो नारियल पानी बेहतर है क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है और यह हल्का होता है।

गौरतलब है कि दोनों ड्रिंक्स गर्मी में हाइड्रेशन के लिए अच्छे हैं, लेकिन नारियल पानी हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स की बहाली में ज्यादा प्रभावी होता है। वहीं, गन्ने का रस ऊर्जा देने में ज्यादा मदद करता है। आप अपनी आवश्यकताओं के हिसाब से इनका चुनाव कर सकते हैं।

kidney को रखना चाहते हैं स्वस्थ? इन 5 गलतियों से बचें वरना हो सकता है नुकसान

kidney को रखना चाहते हैं स्वस्थ? इन 5 गलतियों से बचें वरना हो सकता है नुकसान

 नई दिल्ली। शरीर का ख्याल रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर हम अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देंगे, तो कई बीमारियां हमें घेर सकती हैं। kidney हमारे शरीर का एक अहम अंग है, जो रक्त को साफ करने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। लेकिन गलत आदतों की वजह से किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है और गंभीर बीमारियां जन्म ले सकती हैं।

kidney को रखना चाहते हैं स्वस्थ?

अगर आप अपनी किडनी को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो कुछ आदतों से बचना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं 5 ऐसी आम गलतियों के बारे में, जो किडनी को धीरे-धीरे खराब कर सकती हैं।

1. ज्यादा नमक खाना

अगर आप बहुत ज्यादा नमक खाते हैं, तो संभल जाइए! अधिक नमक का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और किडनी पर दबाव डालता है, जिससे किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।

कैसे बचें?
 दिनभर में 5 ग्राम (1 चम्मच) से ज्यादा नमक न खाएं।
 प्रोसेस्ड फूड और पैकेज्ड स्नैक्स से दूरी बनाएं।

2. कम पानी पीना

कम पानी पीना किडनी की सेहत के लिए सबसे खतरनाक आदतों में से एक है। पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, लेकिन अगर आप कम पानी पीते हैं, तो किडनी पर दबाव बढ़ता है और वह सही से काम नहीं कर पाती।

कैसे बचें?
 रोजाना 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं।
 ज्यादा नमक, मसालेदार खाना खाने के बाद पानी की मात्रा बढ़ाएं।

3. अधिक कैफीन का सेवन

अगर आप बहुत ज्यादा चाय, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक्स पीते हैं, तो यह किडनी के लिए खतरनाक हो सकता है। कैफीन ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, जिससे किडनी पर बुरा असर पड़ता है।

कैसे बचें?
 दिन में 2 कप से ज्यादा चाय या कॉफी न पिएं।
 कैफीनयुक्त ड्रिंक्स की बजाय हर्बल टी या नींबू पानी का सेवन करें।

4. सिगरेट पीना

सिगरेट पीने से केवल फेफड़े ही नहीं, बल्कि किडनी भी प्रभावित होती है। सिगरेट में मौजूद हानिकारक तत्व किडनी की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे किडनी धीरे-धीरे कमजोर हो जाती है।

कैसे बचें?
 धूम्रपान पूरी तरह बंद करें।
 हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं और सिगरेट की लत छोड़ने के लिए एक्सपर्ट से सलाह लें।

5. अधिक शराब का सेवन

शराब किडनी के लिए धीमा जहर साबित हो सकती है। यह किडनी की फिल्टर करने की क्षमता को कमजोर कर देती है, जिससे शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं और धीरे-धीरे किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।

कैसे बचें?
 शराब का सेवन पूरी तरह बंद करें या सीमित मात्रा में लें।
 हेल्दी ड्रिंक्स जैसे नारियल पानी और जूस को अपनी डाइट में शामिल करें।

Health Tips: अमृत से कम नहीं है कच्ची हल्दी, दूध में उबालकर रोजाना पीने से जोड़ों का दर्द होगा जड़ से खत्म!

Health Tips: अमृत से कम नहीं है कच्ची हल्दी, दूध में उबालकर रोजाना पीने से जोड़ों का दर्द होगा जड़ से खत्म!

 Health Tips: किचन में हल्दी एक ऐसी चीज है जो काफी गुणकारी होती है। चाहे आप हल्दी को आप मसाले के तौर पर इस्तेमाल करें, पान में घोलकर पीएं या शहद में डालकर खाएं। हल्दी के कई फायदे हैं। यह आपकी सेहत के लिए काफी रामबाण है। कच्ची हल्दी का उपयोग आयुर्वेद में कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। रात को दूध में उबालकर कच्ची हल्दी पीने से आपके शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं।

जोड़ों के दर्द में राहत

कच्ची हल्दी में कुरकुमिन नामक यौगिक होता है जो जोड़ों के दर्द में राहत दिलाने में मदद करता है। अगर आप जोड़ों के दर्द से परेशान हैं और कई जगह दिखाने के बावजूद आपको आराम नहीं मिल पा रहा है तो आप कच्ची हल्दी का सेवन करना शुरू कर दें। कच्ची हल्दी आपको जोड़ों के दर्द से काफी निजात दिलाती है। रोजाना रात को आप कच्ची हल्दी को दूध में डालकर उबाल लें। फिर इसको थोड़ा ठंडा होने पर पीएं।

पाचन तंत्र को बनाती है मजबूत

कच्ची हल्दी में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। अगर आप रेगुलर मोड पर कच्ची हल्दी का सेवन करते हैं तो यह आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में काफी गुणकारी है।वहीं कच्ची हल्दी में विटामिन सी और ई होते हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

स्किन एलर्जी से बचाती है कच्ची हल्दी

कच्ची हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो त्वचा की समस्याओं में राहत दिलाने में मदद करते हैं। दूध के अलावा भी आप कच्ची हल्दी को पानी में उबाल लें। फिर इस पानी को आप गर्म पानी की बोतल में मिला लें। पूरे दिन अब आप इस पानी को पीते रहें। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपकी स्किन के लिए काफी लाभकारी होते हैं। इसके साथ ही यह पेट की समस्याओं को भी दूर करती है।

वहीं कच्ची हल्दी में कुरकुमिन नामक यौगिक होता है जो कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है। कच्ची हल्दी का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है, खासकर यदि आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं या किसी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं।a

Benefits Of Vajrasana : बेहतर स्वास्थ्य के लिए दिन में बस 5 मिनट कर लीजिए यह आसन, तनाव से लेकर मांसपेशियों का दर्द होगा दूर

Benefits Of Vajrasana : बेहतर स्वास्थ्य के लिए दिन में बस 5 मिनट कर लीजिए यह आसन, तनाव से लेकर मांसपेशियों का दर्द होगा दूर

 Benefits Of Vajrasana : आज के भागदौड़ भरे दिनचर्या में बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग सबसे इफेक्टिव एक्सरसाइज में से एक है.योग में भी कई प्रकार की मुद्राएं होती हैं, आज हम जिस योगासन के बारे में आपको बताने वाले हैं, अगर इस आसन को आप केवल 5 मिनट भी कर लेंगे, तो इससे आपके शरीर को कई फायदे मिलेंगे. इतना ही नहीं मानसिक शांति से लेकर आपका कंसंट्रेशन बढ़ेगा और मांसपेशियों को भी मजबूती मिलेगी. हम बात कर रहे हैं वज्रासन की, वज्रासन में केवल 5 मिनट बैठने से ही आपके शरीर को कई बेहतरीन फायदे मिलेंगे.

कैसे किया जाता है वज्रासन

वज्रासन एक आसान और इफेक्टिव योग मुद्रा है, इसमें घुटनों के बल बैठा जाता है. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक समतल जगह पर योगा मैट बिछाएं. अपने घुटनों को मोड़ें, दोनों पैरों को पीछे की ओर ले जाएं और पंजों को एक साथ जोड़ लें. अपनी एड़ियों पर बैठ जाएं और दोनों हथेलियां को घुटने पर रखें, रीढ़ की हड्डी और गर्दन को सीधा रखें, आंखें बंद कर लें, धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें. इस मुद्रा में 5 से 7 मिनट तक बैठें, धीरे-धीरे आप इस टाइम को बढ़ा भी सकते हैं.

वज्रासन करने के 9 फायदे

पाचन तंत्र को बेहतर बनाएं

जी हां, वज्रासन करने से पेट के अंगों पर दबाव पड़ता है, जिससे आपकी पाचन क्रिया बेहतर होती है. यह योगासन कब्ज, अपच, गैस जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है.

डायबिटीज को कंट्रोल करें

रोजाना अगर आप 5 से 10 मिनट तक वज्रासन करते हैं, तो इससे आपके शरीर का ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है. खासकर टाइप टू डायबिटीज के मरीजों के लिए यह बहुत ही इफेक्टिव योगासन है.

वेट लॉस में मदद करें

वज्रासन करने से पेट की चर्बी को कम करने में भी मदद मिलती है, इससे पाचन तंत्र तो ठीक होता ही है, साथ ही आप तेजी से कैलोरी भी बर्न कर सकते हैं. खाना खाने के बाद आपको 5 मिनट वज्रासन में जरूर बैठना चाहिए.

हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाएं

रोजाना 5 से 10 मिनट तक वज्रासन में बैठने में शरीर का ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है, जिससे हार्ट हेल्थ बेहतर होती है और दिल की मांसपेशियों को मजबूत रखने में भी मदद मिलती है.

तनाव को कम करें

जी हां, वज्रासन आपके ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे दिमाग को शांत करने में भी मदद मिलती है. ये स्ट्रेस-एंजाइटी को कम करके आपके मन को शांत कर सकता है.

घुटनों और पैरों के दर्द में फायदेमंद

अगर आप रोजाना 5 से 10 मिनट तक वज्रासन करते हैं, तो इससे आपके घुटनों और पैरों के दर्द में फायदा मिलता है. आर्थराइटिस की समस्या वाले लोगों को भी इससे बेहतरीन फायदे होते हैं.

पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम करें

जब आप कुछ समय के लिए वज्रासन में बैठते हैं, तो इससे आपका बॉडी पोस्चर ठीक होता है और यह आपके पीठ के निचले हिस्से में दर्द को कम करने में मदद कर सकता है.

UTI में हेल्प करें वज्रासन

यूरिनरी सिस्टम को हेल्दी बनाए रखने में वज्रासन मदद करता है, इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या यूरिन से संबंधित समस्या नहीं होती है.

मांसपेशियों को मजबूत बनाएं

जब आप घुटने के बल बैठते हैं, तो इससे आपके पैरों के साथ ही पीठ की मांसपेशियां भी मजबूत होती है. साथ ही हाथ, गर्दन और दिमाग की मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है.

Health Tips : बेहतर सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है यह हरा पत्ता, फायदे जानकर आप भी शुरू कर देंगे सेवन

Health Tips : बेहतर सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है यह हरा पत्ता, फायदे जानकर आप भी शुरू कर देंगे सेवन

 Sehajan patti ke fayde : आम तौर पर घर के आसपास आपको सहजन के पेड़ आसानी से मिल जायेंगे. सहजन के पत्ते स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।सहजन का पौधा आपकी सेहत को कई तरीके से फायदे पहुंचा सकता है. इसका फूल, फल और पत्ते सभी कुछ बहुत उपयोगी होता है. इसमें विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और ज़िंक जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आपकी ओवरऑल हेल्थ का ख्याल रखते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं सहजन के पत्ते आपकी हेल्थ को किन-किन तरीके से फायदा पहुंचाते हैं. आइए जानते हैं विस्तार से…

सहजन की पत्तियों के फायदे

त्वचा के लिए है लाभकारी

सहजन की पत्तियों में संतरे की तुलना सात गुना ज्यादा विटामिन सी होता है. साथ ही इसमें कैल्शियम की भी मात्रा भरपूर होती है.इसके अलावा यह आयरन का भी अच्छा सोर्स होता है. इसका सेवन आपकी त्वचा, मांसपेशियों और हड्डियों के लिए रामबाण हो सकता है.

ब्लड शुगर करे कंट्रोल

ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करने में सहजन की पत्तियां बहुत काम आती हैं. इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पेट के लिए अच्छा होता है.

खून की कमी करे दूर

खून की भी कमी को दूर करने में सहजन की पत्तियों बहुत मददगार होता है. एनीमिया की बीमारी को दूर करने में भी सहजन की पत्तियों बहुत फायदेमंद है. इस पत्ती में प्रोटीन, एमिनो एसिड, फाइबर, विटामिन बी, सी और ई पाया जाता है.

लिवर रखे हेल्दी

लिवर को भी हेल्दी बनाए रखने में सहजन की पत्ती बहुत लाभकारी है. मोरिंगा में पॉलीफेनॉल नाम का एक कंपाउंड होता है जो लिवर को प्रोटेक्ट करने और डैमेज रिकवर करने में मदद करता है.

सूखी आंख की परेशानी करे दूर

सहजन में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो सूखी आंख या ड्राई आई और मोतियाबिंद जैसी बीमारी को ठीक करने में मदद करते हैं. इनमें आंखों की सफाई और नमी प्रदान करने वाले गुण होते हैं, जो त्वचा को हानिकारक तत्वों से बचाने का काम करते हैं.

Oral Health Care Tips:रेड वाइन, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक.. क्या है दांतों के लिए ज्यादा नुकसानदायक?

Oral Health Care Tips:रेड वाइन, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक.. क्या है दांतों के लिए ज्यादा नुकसानदायक?

 कोल्ड ड्रिंक और रेड वाइन ये कुछ ऐसी ड्रिंक्स हैं, जिन्हें लोग सबसे ज्यादा पीना पसंद करते हैं। सुबह की चाय-कॉफी से लेकर बाहर दोस्तों से मिलते समय कोल्ड ड्रिंक या वाइन पीना लोगों की डाइट का अहम हिस्सा बन चुका है।

सबसे ज्यादा स्टेनिंग रेड वाइन से होती है। रेड वाइन दांत के इनेमल, यानी ऊपरी कवरिंग से लेकर जड़ों तक स्टेन लगाता है। ऐसा इसमें मौजूद क्रोमोजेहै। कॉफी में क्रोमोजेन्स होते हैं और काली कोल्ड ड्रिंक काफी पिग्मेंटेड होती है। इसके कारण दांतों पर स्टेनिंग होने लगती है। हालांकि, कॉफी के कारण दांत के सिर्फ ऊपरी सतह पर ही डिसकलरेशन होता है, लेकिन यह भी धीरे-धीरे लंबे समय तक रह सकता है।इतना ही नहीं, इन ड्रिंक्स के कारण सिर्फ स्टेनिंग ही नहीं, दांतों को और भी कई नुकसान हो सकते हैं। इन ड्रिंक्स की एसिडिटी और शुगर के कारण दांतों से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं।

बचाव?

इसलिए इनसे बचने के लिए स्ट्रॉ का इस्तेमाल किया जाए। इससे ये ड्रिंक्स आपके दांतों के कॉन्टेक्ट में कम आएंगे। साथ ही, इन ड्रिंक्स को पीने के बाद पानी से कुल्ला करना जरूरी है, ताकि इनके पार्टिकल्स दांतों और मसूड़े पर न लगे रहें।

डॉ. यादव बताती हैं कि इन ड्रिंक्स में मौजूद शुगर और एसिड दांतों को सड़ा देते हैं। इसके कारण इनेमल इरोजन यानी दांत के ऊपरी परत को नुकसान और कैविटी हो सकती है।इसमें कैविटी की समस्या सबसे ज्यादा कोल्ड ड्रिंक से हो सकती है। वहीं, कॉफी के कारण मुंह सूखने और सलाइवा कम बनने लगता है। इस वजह से मुंह का पीएच लेवल कम हो सकता है, जो दांतों के लिए नुकसानदेह है।

Health Tips :भीगी किशमिश का सेवन इन 5 लोगों के लिए फायदेमंद है, सुबह खाली पेट खाएं फिर देखें कमाल

Health Tips :भीगी किशमिश का सेवन इन 5 लोगों के लिए फायदेमंद है, सुबह खाली पेट खाएं फिर देखें कमाल

 Soaked Raisins Benefits in Hindi: ड्राई फ्रूट्स का सेवन सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद माना जाता है. कई लोग ड्राई फ्रूट्स को सूखा खाना पसंद करते हैं. तो वहीं कई लोग इनको भिगोकर खाना पसंद करते हैं. किशमिश, बादाम, अखरोट और अंजीर जैसे ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसलिए लोग कुछ ड्राई फ्रूट्स का सेवन लोग इसको भिगोकर करते हैं. आज हम एक ऐसे ही मेवे की बात करने वाले हैं जो शरीर को सेहतमंद बनाने में मददगार माना जाता है. हम बात कर रहे हैं किशमिश की जिसे पोषण का खजाना कहा जाए तो गलत नहीं होगा. अगर आप भी मजे से किशमिश खाते हैं तो और इसके लाभों के बारे में नहीं जानते हैं तो आज हम आपको बताएंगे इसको खाने से होने वाले फायदे. खासतौर से भीगी किशमिश का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. बता दें कि रोजाना सुबह खाली पेट भीगी किशमिश खाने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं. भीगी किशमिश (Raisins Health Benefits) में आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्निशियम और फाइबर जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह की परेशानियों से बचाने में मदद कर सकते हैं.

1. हड्डियों के लिए फायदेमंद

किशमिश को कैल्शियम का अच्छा सोर्स भी माना जाता है. हम सभी जानते हैं कि कैल्शियम हड्डियों के लिए बेहद जरूरी होता है. ऐसे में अगर आप रोजाना भीगी किशमिश का सेवन करते हैं तो ये हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है.

2. आयरन से भरपूर

किशमिश में आयरन भी पाया जाता है जो शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है. अगर आप रोजाना सुबह खाली पेट भीगी किशमिश का सेवन करते हैं तो आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है.

3. बेहतर पाचन में मददगार 

किशमिश को फाइबर का अच्छा सोर्स भी माना जाता है, फाइबर पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है. भीगी हुई किशमिश का सेवन पेट से जुड़ी बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है.

4. वजन बढ़ाने में मददगार

हर रोज सुबह खाली पेट भीगी किशमिश का सेवन वजन को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है. अगर आप वजन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं तो ऐसे में किशमिश का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.

5. एनर्जी बूस्टर

किशमिश में मौजूद आर्जिनिन नाम का प्रोटीन शरीर में एनर्जी को बढ़ाने में मदद करता है.

खून में दिखने वाले इस संकेत से हार्ट अटैक का खतरा, कैसे करें बचाव?

खून में दिखने वाले इस संकेत से हार्ट अटैक का खतरा, कैसे करें बचाव?

 Heart Attack Cause: आजकल लाइफस्टाइल डिजीज के मामले ज्यादा बढ़ने लगे हैं, इसमें हार्ट अटैक के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। इसके मामलों के बढ़ने का एक कारण खून भी है। जी हां, अगर हमारे शरीर में खून गाढ़ा होने लगता है, तो इससे भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ने लगता है। मेडिकल टर्म में खून गाढ़ा होने की स्थिति को हाइपरकोएग्युलेबिलिटी कहते हैं। इसमें शरीर के अंदर खून गाढ़ा होने से रक्त थक्के जमने लगते हैं। इससे कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें लिवर डैमेज और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है। आइए जानते हैं इस पर डॉक्टर की राय।

क्या सच में खून गाढ़ा होने से हार्ट अटैक आता है?

इस बारे में हमें डॉक्टर सलीम जैदी बता रहे हैं, जो एक यूनानी डॉक्टर हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर वीडियो शेयर कर बताया है कि खून गाढ़ा होने से उसके थक्के बनने लगते हैं। खून के थक्कों से दिल की नसों तक ब्लड सप्लाई प्रभावित होती है, दिल तक खून सही से नहीं पहुंचेगा, तो इससे हार्ट अटैक आ सकता है। डॉक्टर ने इस पर कुछ स्पेशल टिप्स बताई हैं, जिनकी मदद से खून के गाढ़े होने की स्थिति से आप बच सकेंगे।

क्यों गाढ़ा होता है खून?

बॉडी में खून के गाढ़े होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

  1. हाई कोलेस्ट्रॉल- जब खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है तो यह ब्लड वेसल्स पर जम सकता है।
  2. हाई BP- हाई ब्लड प्रेशर से भी रक्त के थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है।
  3. धूम्रपान करने से भी खून गाढ़ा हो जाता है।

    इस होम रेमेडी से खून को करें पतला

    डॉक्टर जैदी ने इस नुस्खे में सिर्फ 2 चीजों का इस्तेमाल किया है, जिसमें लहसुन और शहद शामिल हैं। इसे खाने के लिए आपको रोजाना लहसुन की 2 कलियों को शहद के साथ मिलाकर दरदरा कूटना है। इसके बाद इसे खाली पेट खाना है और ऊपर से 1 गिलास गुनगुना पानी पीना है। लहसुन में एलिसिन नामक तत्व होता है जो प्राकृतिक रूप से खून को पतला करता है और ब्लॉकेज होने से आपको बचाता है। शहद एक नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड है, जो खून के प्रवाह में सुधार करता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है।

    खून गाढ़ा होने से अन्य नुकसान

    इससे हार्ट अटैक के अलावा, हार्ट स्ट्रोक के मामले बढ़ते हैं। ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। इससे किडनी फेल होने की संभावनाएं बढ़ती हैं। खून गाढ़ा होने से सांस लेने में तकलीफ होती है।